Ajmer Fennel 2 (AF 2) : यह किस्म अजमेर द्वारा जारी की गई है। यह किस्म अगेते मौसम और रबी फसल के रूप में बिजाई के लिए उपयुक्त है। पौधे का कद लम्बा होता है। इसके बीजों में तेल की मात्रा 1.9 प्रतिशत होती है। रबी फसल के लिए इसकी औसतन पैदावार 7.5 किलोग्राम प्रति एकड़ होती है। यह किस्म रामुलारिया झुलस रोग को सहनेयोग्य है।
RF 101: यह किस्म 155-160 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। इसकी औसतन पैदावार 6.5 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
RF 125: यह किस्म अक्तूबर से नवंबर के महीने में बोयी जाती है और इसकी कटाई मार्च के महीने में की जाती है। यह किस्म 110-130 दिनों में परिपक्व हो जाती है। इसकी औसतन पैदावार 6.6 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
RF 143: यह किस्म राजस्थान एग्रीकल्चर यूनीवर्सिटी, जोबनेर द्वारा जारी की गई है। पौधा का कद मध्यम लंबा और इसे काली और दोमट मिट्टी में उगाने की सिफारिश की जाती है। यह 500 किलो बीज प्रति एकड़ देती है। बीजों में तेल की मात्रा 1.87 प्रतिशत होती है।
RF 145: यह किस्म अक्तूबर से नवंबर महीने में बोयी जाती है और इसकी कटाई मार्च के महीने में की जाती है। इसकी औसतन पैदावार 6 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
RF 178: यह किस्म अक्तूबर से नवंबर महीने में बोयी जाती है और इसकी कटाई मार्च के महीने में की जाती है। इसकी औसतन पैदावार 5.5 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
RF 205: यह किस्म अक्तूबर से नवंबर महीने में बोयी जाती है और इसकी कटाई मार्च के महीने में की जाती है। इसकी औसतन पैदावार 5.75 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
RF 281: यह किस्म 2012 में एस के एन कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर, जोबनर द्वारा जारी की गई है। यह बीजों की औसतन पैदावार 7.5-8 क्विंटल प्रति एकड़ देती है।
PG 35: यह किस्म गुजरात एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी द्वारा जारी की गई है। इसके मध्यम आकार के बालों रहित बीज होते हैं जो कि हरे रंग के होते हैं। पौधे का कद लंबा होता है। यह किस्म पत्तों पर धब्बा रोग, पत्ता झुलस रोग और शूगर बीमारी के कुछ हद तक प्रतिरोधक है। इसके बीजों में तेल की मात्रा 1.9 प्रतिशत होती है। यह किस्म 215-225 दिनों में परिपक्व हो जाती है और इसकी औसतन पैदावार 5.35 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
GF 1 (Gujarat Fennel 1): यह किस्म 255 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। यह किस्म सूखे की हालातों को सहन कर सकती है। इसकी औसतन पैदावार 6.6 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
GF 2: इसकी औसतन पैदावार 5.5 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
CO 1: यह किस्म मध्य लंबी और 220 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। इसकी खेती खारी और पानी रोकने वाली ज़मीनों में भी की जा सकती है। इसकी औसतन पैदावर 3 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
Hisar Swarup: यह किस्म हरियाणा एग्रीकल्चर यूनीवर्सिटी, हिसार द्वारा जारी की गई है। यह देरी से पकने वाली किस्म है, जो कि 175-185 दिनों में पक जाती है। इसके बीजों में तेल की मात्रा 1.6 प्रतिशत होती है। इसके बीजों की औसतन पैदावार 6.60 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
Azad saunf 1: यह किस्म जड़ गलन और झुलस रोग के प्रतिरोधी है।
Pant Madhurika
दूसरे राज्यों की किस्में
RF 35: यह किस्म लंबी और 225 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। यह किस्म पत्तों के धब्बा रोग और शूगरी रोग की प्रतिरोधक है। इसकी औसतन पैदावार 5.2 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
RF 201: इसकी औसतन पैदावार 5.5 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।