TPU-4: राजस्थान के केंद्रीय हिस्से में खेती करने के लिए उपयुक्त किस्म है। यह किस्म 1992 में BARC/MAU द्वारा जारी की गई है। इसका पौधा सीधा, मध्यम लंबाई का और बीज मोटे जो कि हल्के काले रंग के होते हैं। इसकी औसतन पैदावार 3 क्विंटल प्रति एकड़ होती है। यह किस्म 75 दिनों में परिपक्व हो जाती है।
WBU-108 : यह किस्म 1996 में BCKV द्वारा जारी की गई है। यह खरीफ मौसम की किस्म है। इसकी औसतन पैदावार 5 क्विंटल प्रति एकड़ होती है। यह किस्म 85 दिनों में परिपक्व हो जाती है। यह किस्म पीले चितकबरे रोग की प्रतिरोधक है।
Barkha (RBU 38): यह किस्म 1999 में RAU, बांसवाड़ा द्वारा जारी गई है। इसके बीज मोटे होते हैं। यह किस्म सरकोसपोरा पत्तों के धब्बे रोग की प्रतिरोधक है। इसकी औसतन पैदावार 5 क्विंटल प्रति एकड़ होती है। यह किस्म 75 दिनों में परिपक्व हो जाती है।
IPU 94-1: यह किस्म 1999 में IIPR द्वारा जारी गई है। यह किस्म पीले चितकबरे रोग की प्रतिरोधक है। इसकी औसतन पैदावार 4.5-5 क्विंटल प्रति एकड़ होती है। यह किस्म 85 दिनों में परिपक्व हो जाती है।
Shekhar 2 (KU 300): यह किस्म 2001 में CSAUAT द्वारा जारी गई है। इसकी औसतन पैदावार 4.5-5 क्विंटल प्रति एकड़ होती है। यह किस्म 70 दिनों में परिपक्व हो जाती है।
Pant Urd 31: यह छोटे समय की किस्म है जो कि 2008 में जारी की गई है। इसकी औसतन पैदावार 6 क्विंटल प्रति एकड़ होती है। यह किस्म 75-80 दिनों में परिपक्व हो जाती है।
Pant Urd 40: यह छोटे समय की किस्म है जो कि 2008 में जारी की गई है। इसकी औसतन पैदावार 6 क्विंटल प्रति एकड़ होती है। यह किस्म 70-75 दिनों में परिपक्व हो जाती है।
Vishwas (NUL-7): यह किस्म 2012 में जारी की गई है। इसकी औसतन पैदावार 4 क्विंटल प्रति एकड़ होती है। यह किस्म 69-73 दिनों में परिपक्व हो जाती है।
दूसरे राज्यों की किस्में
AL-15: यह छोटे समय की किस्म है जो कि 135 दिनों में परिपक्व हो जाती है। फलियां गुच्छों में पैदा होती हैं। इसकी औसतन पैदावार 5.5 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
AL 201: यह जल्दी पकने वाली किस्म है। पकने के लिए 140 दिनों का समय लेती है। इसका मुख्य तना किनारों की शाखाओं से मजबूत होता है। प्रत्येक फली में 3-5 पीले भूरे रंग के और मध्यम आकार के बीज होते हैं। इसकी औसतन पैदावार 6.2 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
PAU 881: यह जल्दी पकने वाली किस्म है। पकने के लिए 132 दिनों का समय लेती है। पौधा 2 मीटर लंबा होता है। प्रत्येक फली में 3-5 पीले भूरे रंग के और मध्यम आकार के बीज होते हैं। इसकी औसतन पैदावार 5.6 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
PPH 4: यह पंजाब की पहली अरहर हाइब्रिड किस्म है। जो कि 145 दिनों में पकती हैं। पौधा 2.5 से 3 मीटर लंबा होता है। प्रत्येक फली में 5 पीले भूरे रंग के और मध्यम आकार के बीज होते हैं। इसकी औसतन पैदावार 7.2-8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
UPAS-120: यह ज्यादा जल्दी पकने वाली किस्म है। पकने के लिए 120-125 दिनों का समय लेती है। यह लंबी और अर्द्ध फैलने वाली किस्में हैं। इसके बीज छोटे और हल्के भूरे रंग के होते हैं। इसकी औसतन पैदावार 6-7 क्विंटल प्रति एकड़ होती है। यह चितकबरे रोग के संवेदनशील किस्म है।
ICPL 151 (Jagriti): यह किस्म 120-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। इसकी औसतन पैदावार 4 से 5 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
PusaAgeti: यह छोटे और मोटे बीजों वाली किस्म है। यह 150-160 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। इसकी औसतन पैदावार 5 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
Pusa 84: मध्यम लंबी अर्द्ध फैलने वाली किस्म है। यह 140-150 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है।
IPA 203 and IPH 09-5 (Hybrid)