Ratna: इस किस्म की औसतन पैदावार 16-18 क्विंटल प्रति एकड़ होती है। इसके बीज लंबे और पतले होते हैं और स्वाद में अच्छे होते हैं। यह किस्म पकने के लिए 120-125 दिनों का समय लेती है। यह किस्म तना छेदक की प्रतिरोधक है। यह पिछेती बिजाई वाली किस्म है।
BK 79: यह छोटे कद की, लंबे, पतले दानों वाली, बासमती वाली किस्म है। इस किस्म की औसतन पैदावार 18-20 क्विंटल प्रति एकड़ होती है। यह किस्म पकने के लिए 120-135 दिनों का समय लेती है। यह किस्म कीटों और बीमारियों की प्रतिरोधक है।
Jaya: इस किस्म की औसतन पैदावार 22-23 क्विंटल प्रति एकड़ होती है। इसके मोटे और भारी दाने होते हैं। यह किस्म पकने के लिए लगभग 135-140 दिनों का समय लेती है। यह किस्म क्षारीय मिट्टी में बोने के अनूकूल है। नये पौधों का रोपण 15 जुलाई तक किया जाना जरूरी है।
Kasturi (IET 8580): इसके लंबे और चमकदार दाने होते हैं जो कि चमकदार और सुगंधित होते हैं। यह मध्यम आकार वाली किस्म 135-140 दिनों में पक जाती है। इसकी औसतन पैदावार 16-18 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
Basmati 370: यह सुगंधित धान होती है। जिसके दाने लंबाई में 6-7 मि.मी. और चौड़ाई में 1.7 मि.मी. होते हैं। यह किस्म 140-145 दिनों में पक जाती है और इसकी औसतन पैदावार 10-12 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
Khushboo: यह जल्दी पकने वाली किस्म है जो कि 118-125 दिनों में पक जाती है। यह मध्यम लंबाई वाली किस्म है। इसकी औसतन पैदावार 16-18 क्विंटल प्रति एकड़ होती है। इसके दाने 7-7.5 मि.मी. लंबे होते हैं जो कि सफेद रंग के और सुगंधित होते हैं। यह किस्म कीटों और बीमारियों की प्रतिरोधक है।
Taraori Basmati: यह लंबे कद वाली किस्म पकने के लिए 118-125 दिनों का समय लेती है। इसकी औसतन पैदावार 11-12 क्विंटल प्रति एकड़ होती है। इसके दाने 7-7.4 मि.मी. लंबे, सफेद रंग के और सुगंधित होते हैं। चावल उबालने के बाद सामान्य आकार की तुलना में लंबा होता है। फटा हुआ और चिपका नहीं होता। इसके विकास के लिए नाइट्रोजन की 25 क्विंटल प्रति एकड़ की आवश्यकता होती है।
MahiSugandha: यह बासमती किस्म है। इसकी औसतन पैदावार 14-16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है। यह किस्म 130-135 दिनों में पक जाती है।
PHB 71: यह छोटे कद की संकर किस्म है। इसके पौधे का औसतन कद 100-110 सैं.मी. होता है। यह किस्म 130-135 दिनों में पक जाती है और इसकी औसतन पैदावार 22-24 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
Improved Pusa Basmati 1 (P 1460): यह बासमती की छोटे कद की किस्म है। पकने के लिए 130-135 दिनों का समय लेती है और इसकी औसतन पैदावार 16-18 क्विंटल प्रति एकड़ होती है। यह भुरड़, तना छेदक और कीटों की कुछ हद तक प्रतिरोधक किस्म है।
Pusa Sugandha 4 (P 1121): यह बासमती धान की मध्यम आकार की किस्म है। यह किस्म 130-135 दिनों में पक जाती है। यह किस्म भुरड़, तना छेदक और बैक्टीरिया के हमले की कुछ हद तक प्रतिरोधक है।
Pusa Sugandha 5 (P 2511): इस किस्म का पौधा 110-115 सैं.मी. मध्यम आकार का होता है। इसकी औसतन पैदावार 18-20 क्विंटल प्रति एकड़ होती है। यह किस्म लंबी, सुगंधित और दाने अच्छे स्वाद वाले होते हैं। यह किस्म 130-135 दिनों में पक जाती है। यह किस्म कीटों और बीमारियों की प्रतिरोधक है।
Pratap Sugandha 1 (RSK 1091-10-1-1): यह मध्यम आकार (150-120 सैं.मी.) की किस्म है जो कि पकने के लिए 135-140 दिनों का समय लेती है। इसकी औसतन पैदावार 18-20 क्विंटल प्रति एकड़ होती है। इसके दाने लंबे और पतले होते हैं। यह भुरड़, तना छेदक और कीटों की कुछ हद तक प्रतिरोधक किस्म है।
Pusa Basmati 1509: यह मध्यम आकार (100-150 सैं.मी.) की किस्म है जो कि पकने के लिए 120-125 दिनों का समय लेती है। इसकी औसतन पैदावार 18-20 क्विंटल प्रति एकड़ होती है। इसके दाने लंबे और पतले होते हैं। यह भुरड़, तना छेदक और कीटों की कुछ हद तक प्रतिरोधक किस्म है।
PR 106: इसके पौधे का कद 100 सैं.मी. होता है। यह किस्म 140-145 दिनों में पक जाती है।
BK 190: यह किस्म 140-145 दिनों में पक जाती है। इसकी औसतन पैदावार 29-32 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
दूसरे राज्यों की किस्में
PR 111: यह एक छोटे कद की सीधी बलियों वाली किस्म है और इसके पत्ते बिल्कुल सीधे और गहरे हरे रंग के होते हैं। यह 135 दिनों में पक जाती है। दाने पतले और साफ होते हैं। यह पत्तों के पीलेपन की बीमारी से रहित है इसकी औसतन पैदावार 27 क्विंटल प्रति एकड़ है।
PR 113: यह एक छोटे कद की सीधी बलियों वाली किस्म है और इसके पत्ते बिल्कुल सीधे और गहरे हरे रंग के होते हैं। यह 142 दिनों में पक जाती है। दाने मोटे और भारी होते हैं। यह पत्तों के पीलेपन की बीमारी से रहित है इसकी औसतन पैदावार 28 क्विंटल प्रति एकड़ है।
PR 114: यह एक मध्यम, सीधी बलियों वाली किस्म है और इसके पत्ते पतले, सीधे और गहरे हरे रंग के होते हैं। यह 145 दिनों में पक जाती है। इसके दाने लंबे, सफेद और साफ होते हैं, जो कि पकाने में ज्यादा अच्छे होते हैं। इसकी औसतन पैदावार 27.5 क्विंटल प्रति एकड़ है।
PR 115: यह एक मध्यम, सीधी बलियों वाली किस्म है और इसके पत्ते पतले, सीधे और गहरे हरे रंग के होते हैं। यह 125 दिनों में पक जाती है। इसके दाने लंबे, सफेद और साफ होते हैं, जो कि पकाने में ज्यादा अच्छे होते हैं। इसकी औसतन पैदावार 25 क्विंटल प्रति एकड़ है।
PR 116: यह एक मध्यम, सीधी बलियों वाली किस्म है। यह किस्म गर्दन तोड़ की प्रतिरोधक किस्म है। इसके पत्ते हल्के हरे और सीधे होते हैं। यह 144 दिनों में पक जाती है। इसके दाने लंबे, सफेद और साफ होते हैं। इसकी औसतन पैदावार 28 क्विंटल प्रति एकड़ है।
PR 118: यह एक मध्यम, सीधी बलियों वाली और गर्दन तोड़ की प्रतिरोधक किस्म है। इसके पत्ते पतले, सीधे और गहरे हरे रंग के होते हैं। यह 144 दिनों में पक जाती है। इसके दाने लंबे, सफेद और साफ होते हैं, जो कि पकाने में ज्यादा अच्छे होते हैं। इसकी औसतन पैदावार 29 क्विंटल प्रति एकड़ है।
PR 120: यह दरमियाने कद की किस्म है। इसका दाना लंबा और चमकदार होता है। इसके दाने पकाने की गुणवत्ता अच्छी होती है। यह 132 दिनों में पककर तैयार हो जाती है। इसकी औसतन पैदावार 28.5 क्विंटल प्रति एकड़ है।
PR 121: यह छोटे कद की सीधी बालियों वाली किस्म है। इस किस्म पर ज़मीन की अंदरूनी सैलाब का कोई असर नहीं होता। इसके पत्ते गहरे हरे रंग के और सीधे होते हैं। यह 140 दिनों में पककर तैयार हो जाती है। इसके दाने लंबे पतले और चमकदार होते हैं। इस किस्म पर झुलस रोग का कोई असर नहीं होता। इसकी औसतन पैदावार 30.5 क्विंटल प्रति एकड़ है।
PR 122: यह मध्यम कद की सीधी बालियों वाली किस्म है। इसके पत्ते गहरे हरे रंग के और सीधे होते हैं। यह 147 दिनों में पककर तैयार हो जाती है। इसके दाने बहुत लंबे पतले और चमकदार होते हैं। चावलों को पकाने के बाद गुणवत्ता कमाल की होती है। इसकी औसतन पैदावार 31.5 क्विंटल प्रति एकड़ है।
PR 123: यह मध्यम कद की सीधी बालियों वाली किस्म है। इसके पत्ते गहरे हरे रंग के और सीधे होते हैं। इसके दाने बहुत लंबे पतले और चमकदार होते हैं। इस किस्म पर झुलस रोग का प्रभाव बहुत कम होता है। इसकी औसतन पैदावार 29 क्विंटल प्रति एकड़ है।
PR 126: पंजाब में सामान्य खेती के लिए यह किस्म पी ए यू द्वारा जारी की गई है। यह जल्दी पकने वाली किस्म है जो कि रोपाई के 123 दिनों के बाद परिपक्व हो जाती है। यह किस्म झुलस रोग की प्रतिरोधी किस्म है। इसकी औसतन पैदावार 30 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
HKR 47: यह दरमियाने कद की किस्म है। इसकी पैदावार बहुत अच्छी होती है। इसके दाने लंबे, पतले और सुनहरी रंग के होते हैं। इस किस्म पर फंगस का कोई प्रभाव नहीं पड़ता। यह 135 दिनों में पककर तैयार हो जाती है। इसे ज़मीन की अंदरूनी सैलाब प्रभावित करती है।
CSR 30: यह किस्म ज्यादा लंबी, सीधे आकर के दानों वाली जो कि पकाने में अच्छी और अच्छी गुणवत्ता वाली होती है। यह किस्म रोपाई के 142 दिनों के बाद परिपक्व हो जाती है। इसकी औसतन पैदावार 13.5 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।