RS 6: यह किस्म 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। यह बारानी इलाकों के साथ साथ सिंचित इलाकों में भी उगाने के लिए अनुकूल है। यह किस्म बीयर बनाने में भी उपयोगी है। इसकी औसतन पैदावार 14-16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
RBD 1: यह किस्म राजस्थान के सिंचित क्षेत्रों में उगाने के लिए अनुकूल है। इसकी औसतन पैदावार 12-14 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
Kedar: यह उच्च उपज वाली छोटे कद की किस्म IARI, नई दिल्ली द्वारा जारी की गई है। यह किस्म पिछेती बिजाई के लिए अनुकूल है। यह कुंगी बीमारी की प्रतिरोधी किस्म है।
RD 2552, RD 2592
RD 2503, RD 2624
RD 2508, RD 2660
RD 2035, RD 2668
RD 2052, RD 2715
NP-13, NP 103, RS-17, RD 31, RD 57, Bilara 2
दूसरे राज्यों की किस्में
RD 2035, BCU 73 or Rekha, DWRUB 64, RD 2503, DWRB 73
PL 751, NARENDRA BARLEY 2, GETANJALI (K1149)
Jyoti: यह किस्म कानपुर द्वारा विकसित की गई है। यह 120-125 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। यह सिंचित क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है। इसकी औसतन पैदावार 8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
Karan 201, 264: यें किस्में समस्यात्मक मिट्टी में उगाने के लिए उपयुक्त है। इनकी औसतन पैदावार क्रमश 15 क्विंटल और 18 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
RD 2786: यह सिंचित क्षेत्रों में समय पर बोने के लिए उपयुक्त किस्म है। यह किस्म 111 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। इसकी औसतन पैदावार 20 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
RD 2794: यह सिंचित क्षेत्रों में समय पर बोने के लिए उपयुक्त किस्म है। इसे क्षारीय और नमक वाली मिट्टी में भी इसकी खेती की जा सकती है। यह 121 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। इसकी औसतन पैदावार 12 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।