पैकेज वाली किस्में:
CSV 15: इस किस्म के पौधे का कद 232 सैं.मी. होता है। यह किस्म 100-112 दिनों में परिपक्व हो जाती है। इस किस्म के दानों की औसतन उपज 15 क्विंटल और चारे की 50 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
CSV 17: इस किस्म के पौधे का कद 133-140 सैं.मी. होता है। यह किस्म 97 दिनों में परिपक्व हो जाती है। इस किस्म के दानों की औसतन उपज 10 क्विंटल और चारे की 30 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
CSV 20: इस किस्म के पौधे का कद 240 सैं.मी. होता है। यह किस्म 109 दिनों में परिपक्व हो जाती है। इस किस्म के दानों की औसतन उपज 12 क्विंटल और चारे की 55 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
CSV 22: इस किस्म के पौधे का कद 180-200 सैं.मी. होता है। यह किस्म 120 दिनों में परिपक्व हो जाती है। इस किस्म के दानों की औसतन उपज 9 क्विंटल और चारे की 20 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
CSV 23: इस किस्म के पौधे का कद 215 सैं.मी. होता है। यह किस्म 110-115 दिनों में परिपक्व हो जाती है। इस किस्म के दानों की औसतन उपज 10-12 क्विंटल और चारे की 65 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
SSV 84: इस किस्म के पौधे का कद 277 सैं.मी. होता है। यह किस्म 120-125 दिनों में परिपक्व हो जाती है। इस किस्म के दानों की औसतन उपज 9-10 क्विंटल और चारे की 145-150 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
Pratap Jowar 1430: इस किस्म के पौधे का कद 180-200 सैं.मी. होता है। यह किस्म 90-95 दिनों में परिपक्व हो जाती है। इस किस्म के दानों की औसतन उपज 15-18 क्विंटल और चारे की 47-50 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
हाइब्रिड किस्में:
CSH 14: इस किस्म के पौधे का कद 170-200 सैं.मी. होता है। यह किस्म 105-120 दिनों में परिपक्व हो जाती है। इस किस्म के दानों की औसतन उपज 15-17 क्विंटल और चारे की 35-40 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
CSH 16: इस किस्म के पौधे का कद 180 सैं.मी. होता है। यह किस्म 110 दिनों में परिपक्व हो जाती है। इस किस्म के दानों की औसतन उपज 17 क्विंटल और चारे की 40 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
CSH 17: इस किस्म के पौधे का कद 203 सैं.मी. होता है। यह किस्म 103 दिनों में परिपक्व हो जाती है। इस किस्म के दानों की औसतन उपज 17 क्विंटल और चारे की 43 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
CSH 27: इस किस्म के पौधे का कद 180 सैं.मी. होता है। यह किस्म 106 दिनों में परिपक्व हो जाती है। इस किस्म के दानों की औसतन उपज 12 क्विंटल और चारे की 55 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
चारे वाली किस्में:
Rajasthan Chari 1: इस किस्म के पौधे का कद 199-220 सैं.मी. होता है। यह किस्म 85-90 दिनों में परिपक्व हो जाती है। इस किस्म के चारे की औसतन उपज 160-200क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
Rajasthan Chari 2: इस किस्म के पौधे का कद 190-220 सैं.मी. होता है। यह किस्म 70 दिनों में परिपक्व हो जाती है। इस किस्म के चारे की औसतन उपज 125-150 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
Pratap Chari 1080: इस किस्म के पौधे का कद 240-260 सैं.मी. होता है। यह किस्म 60-65 दिनों में परिपक्व हो जाती है। इस किस्म के दानों की औसतन उपज 15 क्विंटल और चारे की 145-150 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
M.P. Chari: इस किस्म की पहली कटाई बिजाई के 55-60 दिनों के बाद की जाती है। इसकी चारे की औसतन पैदावार 145-150 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
S.S.G-59-3: इस किस्म की 2-3 कटाई आसानी से की जा सकती है। पहली कटाई बिजाई के 55-60 दिनों के बाद और दसरी कटाई पहली कटाई के 35-40 दिन बाद की जाती है। इसकी औसतन पैदावार 165-220 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
दूसरे राज्यों की किस्में:
SL44: यह मीठी, रसीली, पतले तने वाली किस्म पूरे पंजाब में खरीफ ऋतु में सिंचित हालातों के लिए अनुकूल है। इसकी औसतन पैदावार 240 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
Punjab Sudax: यह ज्वार की दोगली किस्म है। इसके पौधे लंबे, पत्ते मोटे और चौड़े होते हैं। तना मीठा और रसीला होता है। सही समय पर बोयी फसल 3 बार काटी जा सकती है। यह किस्म पत्तों के लाल धब्बा रोग की रोधक हैं इसकी औसतन पैदावार 480 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
SSG 59-3
Pusa Chari
HC 136
Pusa Chari 9
Pusa Chari 23
MP Chari
HC 260, HC 171
Harasona 855 F
MFSH 3