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L R ਆਲੂ ਵੇਚਣੇ ਨੇ ਜੀ ਆਪ ਆ, ਕਿਸੇ ਵੀਰ ਨੇ ਖਰੀਦਨੇ ਆ ?
(en)
ਹਰਜੀਤ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸ ਤਰਾਂ ਦੀ ad ਆਪਣੀ ਖੇਤੀ Buy /Sell ਵਿਚ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੋ ਵੀ ਕਿਸਾਨ ਇਸਨੂੰ ਖਰੀਦਣ ਵਿਚ ਦਿਲਚਸਪੀ ਰੱਖਦਾ ਹੋਏਗਾ ਉਹ ਸਿਧ ਤੁਹਾਡੇ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਲੈਣਗੇ ਧੰਨਵਾਦ
ਤੇਲੇ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਦੋਂ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ ?
(pb)
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ਰਮਨਦੀਪ ਜੀ ਜਦੋਂ ਪ੍ਰਤੀ ਬੂਟੇ ਤੇ 5 ਤੋਂ ਜਿਆਦਾ ਤੇਲੇ ਹੋਣ ਤਾਂ ਇਸ ਵਿੱਚ ਐਕਟਾਰਾ @80 ਗਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
मोतियों की खेती ?
(hn)
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Motia ki kheti bare puri jankari or is ki training ke lia aap Vinod Kumar 9050555757 se samparak kare.
Respected sir, Barseen nu gala bhut pai reha osda ki hal kita jave ji , And makki di kehri kisam jaydi vdiya hai chaare vaste ?
(en)
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harpartap ji barseem nu gaale to bchaun de layi saaf@500gm nu 150 litre pani vich mila ke spray karo. is to ilava chare de layi tuc J1006 ate African tall kisam di bijai kar sakde ho. dhanwad
शिम्पल्या का उद्योग ?
(hn)
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Motia ki kheti bare puri jankari or is ki training ke lia aap Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 se samparak kare.
अरंडी का बाज़ार में क्या रेट है ?
(hn)
Maharashtra
अरंडी का भाव 5500 से 5900 तक चल रहा है
मोती की खेती के बारे में विस्तार में बतायें ?
(hn)
Punjab
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
ਮੁਰਗੀਆਂ ਤੇ ਲੋਨ ਲੈਣਾ ?
(en)
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ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਤੁਹਾਡੇ ਲਈ ਇਹ ਜਾਨਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਕਿ ਮੁਰਗੀ ਪਾਲਣ ਦਾ ਧੰਦਾ ਦੋ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਕਿ ਤੁਸੀ ਆਂਡਿਆਂ ਦਾ ਧੰਦਾ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਜਾਂ ਮੀਟ ਦਾ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਆਂਡਿਆਂ ਦਾ ਧੰਦਾ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਲੇਇਰ ਮੁਰਗੀਆਂ ਪਾਲਣੀਆਂ ਪੈਣਗੀਆਂ ਅਤੇ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਮੀਟ ਦਾ ਧੰਦਾ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਬਰਾਇਲਰ ਮੁਰਗੀਆਂ ਪਾਲਣੀਆਂ ਪੈਣਗੀਆਂ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਬਰਾਇਲਰ ਮੁਰਗੀ ਫਾਰਮਿੰਗ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਘੱਟ ਤੋਂ ਘੱਟ 10 ਹਜਾਰ ਮੁਰਗੀਆਂ ਦਾ ਧੰਦਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ 4 ਤੋਂ 5 ਲੱਖ ਦਾ ਇੰਤਜਾਮ ਕਰਨਾ ਪਵੇਗਾ , ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਆਡਿਆਂ ਲਈ 500 ਮੁਰਗੀਆਂ ਨਾਲ ਲੇਇਰ ਫਾਰਮਿੰਗ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਇੱਕ ਮੁਰਗੀ ਦੇ ਇੱਕ ਬੱਚੇ ਤੇ ਤੇ ਜਨਮ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਅੰਡੇ ਦੇਣ ਤੱਕ 250-300 ਤੱਕ ਖਰਚਾ ਆ ਜਾਵੇਗਾ ਤੇ ਇਸ ਲਈ 1250 ਸਕੇਅਰ ਫੁੱਟ ਦੇ ਸ਼ੈੱਡ ਜਗਾਂ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਪਵੇਗੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਪੋਲਟਰੀ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈ ਕੇ ਨਾਬਾਰਡ ਤੋਂ ਲੋਨ ਲੈਂਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ 25 ਤੋਂ 35 % ਤੱਕ ਸਬਸਿਡੀ ਮਿਲ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਕਰਨ ਦੀ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਤੁਹਾਨੂੰ ਵਿੱਭਾਗ ਵੱਲੋਂ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਦਿਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਦਰ ਤੋਂ ਜਾਂ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੈਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਜਾਂ ਫਿਰ ਤੁਸੀ ਕਿਸੇ ਵੀ ਦਿਨ ਆਪਣੇ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਦਰ ਤੇ ਪਹੁੰਚ ਕੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈਣ ਲਈ ਫਾਰਮ ਭਰ ਆਊ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਜਦੋਂ ਵੀ ਪੋਲਟਰੀ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਆਵੇਗੀ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਦਰ ਵੱਲੋਂ ਕਾਲ ਕਰਕੇ ਦੱਸ ਦਿੱਤਾ ਜਾਦਾ ਹੈ ਬਹੁਤ ਵਧੀਆ ਕੰਮ ਹੈ ਜੀ ਪੋਲਟਰੀ ਦਾ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਬ੍ਰਾਇਲਰ ਰੱਖਦੇ ਹੋਂ ਤਾਂ ਪੰਜ ਤੋਂ ਛੇ ਹਫਤਿਆਂ ਦੇ ਅੰਦਰ ਅੰਦਰ ਮੰਡੀਕਰਣ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਤਕਰੀਬਨ ਪੰਜ ਮਹੀਨਿਆਂ ਵਿੱਚ ਅੰੰਡਿਆ ਦੀ ਉਪਜ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਸਾਰਾ ਸਾਲ ਦੀ ਆਮਦਨ ਵਾਲਾ ਕੰਮ ਹੈ ਜੀ ਜਿਆਦਾ ਮਿਹਨਤ ਵੀ ਨਹੀ ਲੱਗਦੀ ਇਹ ਨਾਜੁਕ ਕਿਸਮ ਦੇ ਜਾਨਵਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਕੁੱਝ ਕੁ ਖਤਰਨਾਕ ਬਿਮਾਰੀਆ ਵੀ ਹਨ ਜਿੰਨਾਂ ਤੋੰ ਬਚਣ ਲਈ ਖਾਸ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਹੂੰਦੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਡਿਟੇਲ ਵਿੱਚ ਦੱਸੋ ਜਾਂ ਫਿਰ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਕਰਨ ਵਿੱਚ ਕੋਈ ਹੋਰ ਮੁਸ਼ਕਿਲ ਹੈ ਜਾਂ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣੀ ਹੈ ਤਾਂ ਆਪਣਾ ਸਵਾਲ ਦੁਬਾਰਾ ਪੁੱਛ ਸਕਦੇ ਹੋਂ
मेरी बछड़ी गाभिन नहीं हो रही ?
(hn)
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app bashdi ki bachedani mai lixin-iu dwai 2 din bhrwaye, iske sath app bovimin-b powder 50gm rojana aur Agrimin-i bolus rojana 1 goli deni suru kren aur 21 din tak dete rehe, fir agli varr heat mai anne per usse tika bhrwaa kr app Pregstay gold powder 50 gm rojana den, iss trah apki bashdi gabhin ho jayegi .
मोती की खेती कैसे होती है ?
(hn)
Punjab
Motia ki kheti bare puri jankari or is ki training ke lia aap Vinod Kumar 9050555757 se samparak kare.
मेरी बछड़ी गाभिन नहीं हो रही कृप्या हल बतायें ?
(hn)
Punjab
ਤੁਸੀ Bovimin-b ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ Agrimin-i ਗੋਲੀਆਂ ਦਿਓ ਇਸਦੀ ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਅੰਦਰ ਤੋਂ ਇਨਫੈਕਸ਼ਨ ਖਤਮ ਹੋ ਜਾਵੇਗਾ, ਫਿਰ ਅਗਲੀ ਵਾਰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਂ ਕੇ ਤੁਸੀ ਇਹ ਪਾਊਡਰ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ.
sir ji wheat me dana banne lag raha h is time pr pani lagana chahiy ya nahi khet bhi thoda sukha najar aata h ?
(en)
Punjab
गेहूं की फसल के लिए चार से छः सिंचाईयां बहुत होती हैं बिजाई के 20-25 दिनों के बाद पहली सिंचाई देनी चाहिए जड़ें बनने के समय पर नमी का होना पैदावार को कम होने से बचाता है ठंडे क्षेत्रों में जैसे पहाड़ी क्षेत्रों और जहां पर गेहूं की पिछेती बिजाई की जाती है वहां पर बिजाई के लगभग 25-30 दिनों के बाद पहली सिंचाई करें बिजाई के 40-45 दिनों के बाद पौधा बनने के समय दूसरी सिंचाई करें तीसरी सिंचाई 70-75 दिनों के बाद नोड्स बनने के समय करें फूल निकलने के समय चौथी सिंचाई 90-95 दिनों में करें पांचवी सिंचाई बिजाई के 110-115 दिनों के बाद करें जब दाने अपरिपक्व होते हैं कम पानी की स्थितियों में गंभीर अवस्था में सिंचाई करें जब पानी एक ही सिंचाई के लिए उपलब्ध हो तो जड़ें बनने के समय पानी लगाएं जब दो सिंचाईयों के लिए पानी उपलब्ध हो तो जड़ें बनने के समय और बालियां निकलने के समय पानी लगाएं यदि तीन सिंचाइ्रयों के लिए पानी उपलब्ध हो तो पहला पानी जड़ें बनने के समय दूसरा बलियां बनने के समय और तीसरा पानी दानों में दूध बनने के समय लगाएं जड़ें बनने की अवस्था सिंचाई के लिए बहुत महत्तवपूर्ण अवस्था होती है यह सिद्ध हुआ है कि पहली सिंचाई के हर सप्ताह के बाद देरी करने से 80-120 किलोग्राम प्रति एकड़ पैदावार में कमी आती है
sir moti di kheti kive hundi hai ?
(pb)
Punjab
Baljinder Singh ji motiya di kheti bare puri jankari lai tusi Manish Vasudev 9417652857 nal samparak kar sakde ho.
ਮਨੁੱਖੀ ਸਿਰ ਦਰਦ ਇਲਾਜ ?
(pb)
Punjab
ਨਵਦੀਪ ਜੀ ਇਸ ਬਾਰੇ ਵਿਸਥਾਰ ਵਿਚ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ ਤੁਸੀਂ surinder Nagra 9814305864 ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
मोती की खेती के बारे में बताएं ?
(hn)
Punjab
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
करेले ग्रोथ नहीं कर रहे और पीला पड़ रहे हैं इसका कोई जैविक हल बतायें ?
(hn)
Punjab
गुरप्रीत जी आप इसके ऊपर उपलों के पानी की स्प्रे करें इसके लिए आप 5 -6 उपलों को 50 लीटर पानी में मिला कर 4 -5 दिन के लिए रखे 5 दिन बाद इसे 90 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकर के हिसाब से स्प्रे करें इसके इलावा फंगस के लिए आप 15 दिन पुरानी लस्सी@3 लीटर को 150 लीटर पानी में मिला कर स्प्रे करें
veer g kanak vich pili kungi paigi aa, bayer di folicur asr krju baki hor kehdia dvaiaan jo vdia result dendian pili kungi te dose v dsdeo ?
(en)
Punjab
Jagwinder g knak vich yellow rust(peeli koongi) di roktham lyi Tilt di hi sifarish kiti jndi hai.esdi dose @200 ml per acre hai.
ਸਰ ਆਲੂ ਵਾਲੇ ਵਾਹਨ ਵਿਚ ਮੂੰਗੀ ਦੀ ਵੱਧ ਝਾੜ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਦਸੋੋ ਡਾਕਰ ਵਾਹਨ ਏ ?
(en)
Haryana
ਮੂੰਗੀ ਦੀ ਕਿਸਮ ਜਿਵੇ SML 832,SML 668,ML 818 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹਨਾਂ ਦਾ ਝਾੜ 4-4.9 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ
ਕਣਕ ਦੇ ਸਿੱਟੇ ਚ ਹਰੇ ਰੰਗ ਦੀ ਸੁੰਡ ਪੈ ਗਈ ਹੈ, ਕੋਈ ਜੈਵਿਕ ਜਾਂ ਵਿਗਿਆਨਿਕ ਹੱਲ ਦੱਸੋ ਜੀ, ਧੰਨਵਾਦ ?
(pb)
Punjab
ਸੁੰਡੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ: ਸੁੰਡੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਹਰੀ ਮਿਰਚ 5 ਕਿਲੋ, ਲਸਣ 5 ਕਿਲੋ, ਅੱਕ ਤੇ ਪੱਤੇ 5 ਕਿਲੋ, ਸੁਖਚੈਨ ਦੇ ਪੱਤੇ 5 ਕਿਲੋ, ਧਤੂਰਾ 5 ਕਿਲੋ, ਅਰਿੰਡ 5 ਕਿਲੋ ਨੂੰ 10 ਲੀਟਰ ਨੂੰ ਗਾਂ ਦੇ ਮੂਤਰ ਵਿੱਚ 4 ਦਿਨ ਲਈ ਭਿਓਂ ਕੇ ਰੱਖੋ 4 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਬਾਅਦ ਇਨ੍ਹਾਂ ਪੱਤਿਆਂ ਨੂੰ ਗਾਂ ਮੂਤਰ ਵਿੱਚ ਮਸਲੋ ਅਤੇ 1 ਦਿਨ ਲਈ ਫਿਰ ਇਸ ਨੂੰ ਛਾਂ ਵਿੱਚ ਰੱਖੋ ਇਸ ਨੂੰ ਢੱਕ ਕੇ ਅਤੇ ਛਾਂ ਵਿੱਚ ਰੱਖਣਾ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਗੋਲ ਨੂੰ ਕਿਸੇ ਕੱਪੜੇ ਨਾਲ ਪੁਣ ਲਓ ਅਤੇ ਫਿਰ 100 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਇਸ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਇਸ ਨਾਲ ਸੁੰਡੀ ਕੰਟਰੋਲ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
Dr Saab Sadi pehlan vachi suii nu 5 Dinn Hoge ajj oh jorr Mari jandi a te mella jeha sutti jandi te smell bhut Mardi pyi a ehda koi hall dasso ?
(pb)
Punjab
Malkeet virk ji tuci uss nu Metra liquid 100ml rojana deo , isde nal Calpond gel 300 ml deo ate 3 din deo ate uss nu Enerdyna liquid 100ml rojana deo, ehna nal anndar to safai v howegi ate kamjori v door howegi.
मुझे मोती की खेती करनी है कैसे शुरू करूं ?
(hn)
Punjab
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਹਰਾ ਤੇਲਾ ਤੇ ਜੜਾਂ ਵਿੱਚ ਤੇਲਾ ਹੈ ਜੀ ਲੰਬੇ ਅਸਰ ਵਾਲੀ ਕਿਹੜੀ ਸਪਰੇ ਕਰੀਏ ਜੀ ?
(en)
Punjab
ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਤੇਲੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਐਕਟਾਰਾ @80 ਗਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ 120 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ।
शूगर का इलाज कैसे करें ?
(hn)
Punjab
सुधीर चोपड़ा जी शुगर के इलाज के लिए आप surinder Nagra 9814305864 से सम्पर्क करे
sir g,Hoshiarpur vich Kisan Mela kis din hai ?
(en)
Punjab
hoshiarpur vich koi kisan mela nahi hai kisan mele Ludhiana, patiala , bathinda, amritsar, gurdaspur vich lagde han. dhanwad
सुअर पालन के लिए ज़मीन पर कितना लोन मिलेगा ?
(hn)
Punjab
इसके लिए सबसे पहले ट्रेनिंग लेनी ज़रूर है, ट्रेनिंग करने के बाद सुअर पालन पर 2 लाख की सब्सिडी होती है कुल प्रोजेक्ट 8 लाख का होता है उसमें 2 लाख सब्सिडी होती है यदि आपने अपने स्तर पर करना है तो आप 2—2.50 लाख में एक बार छोटे स्तर से शुरू कर सकते है आप अपने ज़िले के कृषि विज्ञानं केंद्र से ले सकते है, सुअर पालन के लिए आप कोशिश करें कि 10 मादा बच्चे या 1 नर से शुरू करें 10 मादा बच्चे या 1 नर सुअर के साथ शेड या फीड को मिलाकर कुल 18 लाख तक खर्चा आ जाता है आपको पहले साल 25 प्रतिशत मुनाफा होता है इसके बच्चे 7 महीने तक बेचने के लिए तैयार हो जाते हैं इसका लाभ आपको दूसरे साल से मिलना शुरू होगा, इसलिए अपना अच्छे से सोचकर करें या इसके लोन के लिए आपको नज़दीकी बैंक से ही संपर्क करना होगा इसके लिए ट्रेनिंग बहुत जरूरी होती है तभी आप लोन ले सकते है
Sir ji hun Kanak nu pani laga dayie ta kanak Da jhar ni ghat hunda plz daso ?
(pb)
Punjab
Gurmindear g knak nu pani lod according lgao.Jekar khet vich moisture nhi heiga and harvesting nu 25 din to jyada da time lgega tn esnu pani lga skde ho.jhad vich koi decreasement nhi avegi..
Ok sir Ji
मोती की खेती की जानकारी ?
(hn)
Punjab
Motio ki kheti bare puri jankari or is ki training ke lia aap Vinod Kumar 9050555757 se samparak kare.
मोती की खेती कैसे करे ?
(hn)
Punjab
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
लोन कैसे लें ?
(hn)
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Ishvar ji kripya app apna swal vistar se btayen ki app kiss kam ke liye loan lena chahte hai tan jo apko iske vare mai sahi jankari di jaa skee.
dairy farm ke bare me bataiye please ?
(en)
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डेयरी फार्म के लिए आप एक बार में इक्ट्ठे पशु ना खरीदें पशुओं को 2—2 महीने के अंतराल पर खरीदें या फिर 3 पहले खरीद लें और 3 महीने बाद फिर खरीद लें इससे दूध की कमी नहीं आएगी पशु की नसल सबसे ज्यादा जरूरी है पशु खरीदने के समय कोशिश करें कि तीन समय का दूध निकालकर ही पशु को खरीदें भैंसों को खरीदने का सही समय रखड़ी से लेकर वैशाखी तक का होता है क्योंकि इस समय मौसम अच्छा होने के कारण हरा चारा भी खुला होता है पशुओं के लिए शैड परिवहन वाली सड़क पर ना बनाए और शैड सड़क से कम से कम 100 गज हटवा जरूर हो शैड को धूप और हवा का ध्यान रखकर बनाएं शैड हमेशा खेत या आस पास से 2 फुट ऊंचा बनाए क्योंकि निचले स्थान पर पानी खड़ा हो जाता है जिस कारण गंदगी पैदा हो जाती है और बाकी पशुओं का मल मूत्र का निकास भी आसानी से हो जाता है पशुओं के लिए बनाई जाने वाली खुरली ढाई तीन फुट चौड़ी होनी चाहिए खुरली पर खड़े होने के लिए एक पशु को तकरीबन तीन चार फुट जगह चाहिए मतलब 10 पशुओं के लिए 40 फुट लंबी खुरली बनेगी डेयरी फार्म से संबंधित सामान रखने के लिए स्टोर बनाए पशुओं का दाना स्टोर करने के लिए कमरा सैलाब से रहित होना बहुत जरूरी है शैड का फर्श पक्का, तिलकने रहित और जल्दी साफ होने वाला हो शैड में जितना हो सके पशुओं को खुला छोड़ें और पानी और दाना पूरा दें पशु को खुला छोड़ने से पशुओं में अफारे की समस्या कम आती है बाकी अपनी क्षमता और जरूरत मुताबिक ही समान खरीदें और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए प्रत्येक पशु का बीमा जरूर करवायें.
मोतियों की खेती कैसे की जाती है कृप्या इसके बारे में जवाब पूरे विस्तार से दें ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 से सम्पर्क करे
मोतियों की खेती ?
(hn)
Punjab
हमारे साथ अपना सवाल शेयर करने के लिए धन्यवाद हम आपकी इसमें मदद करेंगे मोती उत्पादन भारत के सबसे अच्छे जलीय कृषि व्यवसायों में से एक है व्यापारिक मोती उत्पादन परियोजना में, पहले वर्ष में निवेश अधिक होगा क्योंकि आपको इसमें स्थाई एसेट सेट अप की आवश्यकता होती हे आप 3/4 से 1 एकड़ की जगह ले सकते हैं, मोती परियोजना की लागत लगभग 4 लाख रुपये होगी जब व्यापारिक मोती कृषि परियोजना में लाभ की बात आती है, तो आप आदर्श एक्वाकल्चर प्रबंधन प्रथाओं के तहत 50 से 60% की उम्मीद कर सकते हैं हालाँकि, यदि आप परियोजना में कड़ी मेहनत करते हैं तो भी 100% लाभ संभव है मुख्य रूप से तीन प्रकार के मोती होते हैं • प्राकृतिक मोती: इस प्रकार में, मोती का आकार विदेशी शरीर के मूल आकार पर निर्भर करता है • बनावटी मोती: ये बनावटी रूप से बनाए जाते हैं और एक सिंथेटिक सामग्री के साथ लेपित होते हैं • संवर्धित मोती (मीठे पानी): ये ताजे पानी जैसे तालाबों, नदियों आदि में सुसंस्कृत मोती हैं आप इस प्रकार से वांछित आकार प्राप्त कर सकते हैं • आपके पास तालाब में कस्तूरी का अच्छा स्रोत होना चाहिए • आपके पास मोती संस्कृति में तकनीक के ग्राफ्टिंग के कुछ कौशल होने चाहिए क्योंकि यह व्यापारिक मोती कृषि परियोजना के लिए आवश्यक है आप ताजे पानी मोती उत्पादन के इन सुझावों को जानने के लिए पास के मोती उत्पादन करने वालों के फार्म देख सकते हैं सबसे पहले आपको 3 दिनों के व्यावहारिक ट्रेनिंग में भाग लेना होगा अपने स्थान के अनुसार आप विनोद कुमार से ट्रेनिंग प्राप्त कर सकते हैं वह सफल मोती उत्पादन करने वाले किसान हैं वह नए किसानों को ट्रेनिंग भी दे रहे हैं उनका संपर्क नंबर 9050555757 है धन्यवाद
sir ਮੱਝ ਨੂੰ milkout powder, lacto mood dr John ਦੀਆਂ ਬੂੰਦਾਂ, ਤੇ calcium ਦੇ ਸਕਦੇ ਹਾਂ । ਗੱਬਣ ਮੱਝ ਨੂੰ ਵੀ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹਾਂ । ਇਸ ਦੇ ਫਾਇਦੇ ਵੀ ਦਸੋ । ਇਹ product ਮੈ ਕੱਟਾ ਮਰ ਗਿਆ ਮੱਝ ਨੂੰ ਦੇ ਚੁੱਕਿਆ ਹਾ ਕਿ ਮੈ ਦੂਜੀਆਂ ਮੱਝਾ ਨੂੰ ਵੀ ਦੇ ਸਕਦਾ ਹਾਂ ?
(pb)
Punjab
ਹਨਜੀ ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਹ ਦੂਜਿਆਂ ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਵੀ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਇਹਨਾਂ ਦਾ ਕੰਮ ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਪੂਰਾ ਕਰਨਾ ਹੈ ਅਤੇ ਉਸਦੇ ਪਸਮਾ ਵਿਚ ਵੀ ਮਦਦ ਹੁੰਦੀ ਹੈ , ਇਹਨਾਂ ਦਾ ਕੋਈ ਨੁਕਸਾਨ ਨਹੀਂ ਹੈ , ਜੇਕਰ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਘੱਟ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਇਹਨਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਗੱਭਣ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਸੂਣ ਤੋਂ 2 - 3 ਮਹੀਨੇ ਪਹਿਲਾ ਇਹਨਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਨਾ ਕਰੋ , ਕਿਉਕਿ ਉਸ ਟਾਈਮ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਤਾਕਤ ਵਾਲਿਆਂ ਚੀਜਾਂ ਦੇਣ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਵੀ ਚੋਣ ਤੋਂ ਬੰਦ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ
Sir nimboo nu murgi di manure pa sakde te kini matra wich ?
(en)
Punjab
Harpreet ji tuc isnu nimbu de boote nu pa sakde ho par isnu bahut ghat matra vich pao jive 100 gram kyuki isdi matra jyada vartan nal eh boote nu mcha dayegi. dhanwad
सर मैं फिश एक्वेरियम बनाने की ट्रेनिंग लेना चाहता हूं कृप्या दिल्ली एन सी आर के नज़दीक पता उपलब्ध करवायें ?
(hn)
Punjab
सुरेश जी इसके बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Fish Aquarium Home M no. 9152477308 से सम्पर्क करें
मोतियों की खेती कैसे की जाती है ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से सम्पर्क करे
ਅਸੀਂ 20 ਕੁ ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਦੋ ਕਨਾਲ ਵਿੱਚ ਭਿੰਡੀ ਲਗਾਈ ਸੀ ਤੇ ਦੋ ਤਿੰਨ ਵਾਰ ਤਾਂ ਬਾਰਿਸ਼ ਹੋ ਗਈ ਹੈ ਵਿੱਚ ਜਦੋਂ ਸੋਕਾ ਜਿਹਾ ਲਗਾ ਤਾਂ ਪਾਣੀ ਵੀ ਲਗਾਇਆ ਸੀ ਹੁਣ ਇਹ ਬੀਜ 40% ਵੀ ਨਹੀਂ ਨਿਕਲੇ ।ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸਣਾ ਕਰੋ ਜੀ ਕੀ ਕਿਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਜੀ ਜਾਂ ਕੋਈ ਹੋਰ ਕਿਹੜੀ ਸਬਜੀ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਜੀ ?
(en)
ਹਰਜਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਦੁਬਾਰਾ ਕਰ ਦਿਓ
ਸਤਿ ਸੀ੍ ਅਕਾਲ ਜੀ ਮੇਰੇ ਕੋਲ ਨਿੰਬੂ ਦਾ ਬੂਟਾ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਫੁੱਲ ਬਹੁਤ ਆਉਂਦਾ ਹੈ ਪਰ ਫਲ ਨਹੀ ਬਣ ਪਾਉਂਦਾ ਕੋਈ ਹੱਲ ਦਸੋ ਜੀ ?
(pb)
Punjab
ਪਿ੍ਤਪਾਲ ਸਿੰਘ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕੇ ਬੂਟੇ ਦੀ ਉਮਰ ਕਿੰਨੀ ਹੈ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Punjab
ਬੁਟੇ ਦੀ ਉਮਰ ਲਗਭਗ 5 ਸਾਲ ਹੈ ਜੀ
मोती की खेती कैसे शुरू करें ?
(hn)
Punjab
Motio ki kheti bare puri jankari or is ki training ke lia aap Vinod Kumar 9050555757 se samparak kare.
घर पर खेती शुरू करने के लिए हाइड्रोपॉनिक किट कहां मिलेगी ?
(hn)
Punjab
For Hydroponics kit and all Information Please contact with Somveer singh 9878733551.
स्टीविया की खेती के लिए सही लागत 1 एकड़ में कितनी होगी ?
(hn)
Punjab
स्टीविया की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप राशिद खान 9039693757 से संपर्क करें
hello mujhe baby corn farming ki details chahiye ?
(en)
Maharashtra
baby corn ki bijai june-july, october-november aur january- february ke mahine men ki jati hai.aap iske liye kisme jaise Prakash, vivek maize hybrid 23, COBC1, Vivek Maize hybrid 25, HM-4,Hybrid maize 5, Pusa Extra Early Hybrid maize 5 aur Golden baby. iski bijai ktaro mein ki jati hai jisme 45x25 cm ka fasla rakha jata hai. ek acre ke liye 20-25kg beej ki jarurat hoti hai.ise 3-4 sinchai ki jarurat hoti hai. aap inke sath potato, pea, onion, garlic, methi, radish, carrot, turnip ki bijai kar sakte hai. dhnaywad
ਗਾ ਸੂਈ ਨੂੰ ਪੰਜ ਸੱਤ ਦਿਨ ਹੋਏ ਨੇ ਪੱਠੇ ਘੱਟ ਖਾਂਦੀ ਆ ਕੋਈ ਦੇਸੀ ਹੱਲ ਦੱਸੋ ਜੀ ਜਾ ਕੋਈ ਲੀਵਰ ਟੋਨੀਕ ਹੀ ਦੇਣਾ ਸਹੀ ਆ ਜੀ ?
(pb)
Punjab
ਜੋਗੀ ਜੀ ਤੁਸੀ ਗਾਂ ਨੂੰ Vitakind-Liv 100ml ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ , ਇਸ ਨਾਲ ਭੁੱਖ ਲਗੇਗੀ ਅਤੇ ਲੀਵਰ ਵੀ ਵਧਿਆ ਕੰਮ ਕਰੇਗਾ ਇਸ ਨਾਲ ਕਮਜ਼ੋਰੀ ਵੀ ਦੂਰ ਹੁੰਦੀ ਹੈ , ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਕੋੜ ਦਾ ਚੂਰਨ ਜਾਂ 2 ਕੋੜ ਤੁਮੇ ਰੋਜ ਖਵਾਓ..
इस समय ऐसी कौन सा कृषि यंत्र लें जिससे अच्छी कमाई हो पाए और उसकी कीमत क्या होगी ?
(hn)
Punjab
जीतेन्द्र जी आप आपके इलाके के हिसाब यंत्र ले जिसका ज्यादा इस्तेमाल आपके इलाके में होता है ता की आप उस से बाकि लोगो के खेत में किराया कर उस से मुनाफा कमा सके
मोती का व्यवसाय ?
(hn)
Punjab
For all information Please Contact with Vinod Kumar 9050555757, Manish Vasudev 9417652857.
छत पर सब्जियां उगाने के लिए, सेटअप पर कितना खर्चा आएगा जी ?
(hn)
Punjab
छत पर सब्जियां उगाने के लिए, सेटअप पर लगभग 35 हजार रुपये का खर्चा आता है
कंहा आना पड़ेगा जी , एड्रेस सेंड करें
please send address
एड्रेस सेंड करना जी
please answer me
कड़कनाथ मुर्गा पालन की डिटेल दें ?
(hn)
Punjab
कड़कनाथ जो है यह मध्य प्रदेश की झाबुआ जिले का जंगलों में पाई जाने वाली एक प्रजाति का एक मुर्गा है यह मुर्गा आजकल बहुत ज्यादा डिमांड में है क्योंकि इस मुर्गे का मांस काले कलर का होता है हड्डियां पंख और त्वचा भी काले कलर की होती है यह मुर्गा पौष्टिक गुणों से भरपूर होता है इसमें भी वन से लेकर बी12 तक विटामिंस बहुत सारे अमीनो एसिड इस मुर्गे में पाए जाते हैं इस मुर्गे में आयरन और हीमोग्लोबिन अधिक होने के कारण इस के खून का रंग गहरा लाल होता है जिससे काले कलर का प्रतीत होता है आजकल यह कई जगह अवेलेबल है लेकिन प्योर देसी कड़कनाथ की अगर बात करें तो प्योर देसी मतलब जो 5 से 6 महीने में 5 से 6 महीने में 1 किलो का होता है उसे देसी कहा जाता है और जिस की त्वचा हड्डी पंख सारा कुछ काला होता है उसे देसी कड़कनाथ कहा जाता है I इसका 1000 मुर्गा रखने के लिए 2000 sqayer फट की जरुरत पड़ेगी इसका एक चूजा ₹80 डेढ़ सौ तक ₹150 उपलब्ध हैइसकी फार्म शुरू करने के लिए आप Sumit Kumar 8006000291, 7906547529 Sumit Kumar Poultry Farm से संपर्क कर सकते है
kadaknath ki Jo kimat dikhta hai o utney Mai Kahi nahi bikta hai or Kala meat honey k Karan koi khana nahi chahta hai acsesblity khaney ka kam hai AAP RIR CHEKEN k barey Mai sochiye
मोती की खेती की ट्रेनिंग कहाँ से प्राप्त हो सकती है, और मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी चाहता हु। कृपया मेरी मदद करे ?
(en)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप से Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 संपर्क करें
sir ik video ch chht de upr kheti krn bare dssea hai ohna ne nutrilight bare dssea jo mainnu smjh ni aya. eh ki chiz hai te kitho miluga ?
(pb)
Punjab
gurpreet ji video de vich oh liquid nutrients di gal kar rahe han oh nutrilight di gal nahi kar rahe.jo ke tuhanu market vich aam hi mil janda hai isnu hydroponics de vich v istemal kita janda hai. dhanwad
Telangana
Thank you sir
मोती की खेती कैसे करें ?
(hn)
Punjab
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 पर कॉल कर सकते है
मैं बांदा यू पी से हूं हमारे इलाके में किस चीज़ की खेती ज्यादा फायदा देगी ?
(hn)
Punjab
सलीम जी up में बहुत फसलों की खेती की जा सकती है गेंहू , बाजरा, जौं,मक्की,धान,जई की बिजाई कर सकते है
खेत मे तालाब बनाने के लिए सरकारी योजनाओं के लिए जानकारी कहाँ से मिलेगी ?
(hn)
Punjab
इस के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप से Dr Anil 9660669992 सम्पर्क करे
ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਪੀਲੀ ਕੁੰਗੀ ਹੈ, ਰੋਕਣ ਲਈ ਕਿਹੜੀ ਸਪਰੇਅ ਕੀਤੀ ਜਾਵੈ ?
(en)
Punjab
ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਪੀਲੀ ਕੁੰਗੀ ਫੰਗਸ ਕਰਕੇ ਆਉਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ ਬਹੁਤ ਹੀ ਖਤਰਨਾਕ ਬਿਮਾਰੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਟਿਲਟ @200 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ।
kanak 133 din di ho gyi aa Tele di spry nal kanak da daane da colour change ta ni hovega ?
(en)
Punjab
Paramvir g tele wali spray nal dane nu koi effect nhi hovega.Tele di roktham lyi tuc Actara @80 gm per acre da spray kr skde ho..
Punjab
dhanwad
subabul kaha becha jata he aur uski vartman kimat kya hai ?
(en)
Punjab
Amrut ji aap iske patton ko fodder ke liye bech sakte hai iski keemat bhi aapko market men hi pta chal jayegi.dhanywad
सर imv सीमन कहां से मिलेगा गाय में imv सीमन डलवानी है ?
(hn)
Punjab
Vishesh Kumar IMV semen abhi india me nai mil raha, kirpya aap je btae ke aap ko kis pashu or kis nasal ke lia chahia ta jo aap ko sahi jankari di ja sake Thankyou
मोती की खेती की ट्रेनिंग कहां से लें महाराष्ट्र में ?
(hn)
Punjab
Moti ki kheti bare puri jankari or is ki training ke lia aap Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 se samparak kare.
गन्ने की फसल बोने से पहले खेत में क्या डालें ?
(hn)
Maharashtra
फसल बीजने से पहले मिट्टी के अंदरूनी तत्वों को जांच करवानी आवश्यक है ताकि खादों की सही आवश्यकता को समझा जा सके बिजाई से पहले 8 टन प्रति एकड़ रूड़ी की खाद मिलाएं या वर्मीकंपोस्ट + रैलीगोल्ड 8-10 किलोग्राम प्रति एकड़ या जीवाणु खाद 5-10 किलोग्राम प्रति एकड़ का प्रयोग करें
ਸਰ ਜੀ ਫਰੀਦਕੋਟ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਮੇਲਾ ਕਦੋਂ ਹੈ ਜੀ ਸਾਉਣੀ ਦਾ ?
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Punjab
ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਫਰੀਦਕੋਟ ਵਿੱਚ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਮੇਲਾ 8 ਮਾਰਚ 2019 ਨੂੰ ਲਗਿਆ ਸੀ ਜੀ।
sir majha te gava related koi slah laini hove , jive ehna de rakh rakhaav and medical slaah lain lai kis nal sampark kita ja skda plzz ohna da name and contact no. jrur deo g..dhanwad ?
(en)
Punjab
Baljeet singh ji jekar tuhanu Majha ja gawa vich kisi v trah di koi v smasiya aa rehi hai tan tuci sadi APP te apna swal post krke doctors ton jankari laa skde ho , jo v tuci jankari lenni howe ohh tuci sadi AAP vich swal post kr skde ho tuhanu AAP vich he sari jankari de diti jawegi , jekar 24 hours vich tuhade swal da jwab nhi milda hai tan tuci sade helpline no. 97799-77641 te sampark kr skde ho .