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मोती की खेती कैसे करे ?

(hn)
Posted by
Rakesh Thawari (8551976156)
Rakesh Thawari
Maharashtra
Chandrapur
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Posted Date (17 Mar 2019 10:36 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (20 Mar 2019 06:15 PM) Translated Date (-)

हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 पर कॉल कर सकते है.

Gehu me haldi rog ho gya h konsi spry kre ?

(en)
Posted by
Amar jeet (9079992948)
Amar jeet
Rajasthan
Sri Ganganagar
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Posted Date (17 Mar 2019 10:35 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (17 Mar 2019 08:22 PM) Translated Date (-)

Gehu mein haldi rog ki liye aap Tilt @200 ml per acre ko 120 liter pani mein mila ke spray kr skte ho g..

Uttar Pradesh

Answered Date (17 Mar 2019 12:42 PM) Translated Date (-)

mortein

टमाटर की खेती ?

(hn)
Posted by
Santosh kumar (8887590856)
Santosh kumar
Uttar Pradesh
Fatehpur
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Posted Date (17 Mar 2019 10:27 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (20 Mar 2019 03:28 PM) Translated Date (-)

इस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मिट्टी में भी उगने योग्य फसल है ज्यादा तेजाबी मिट्टी में खेती ना करें अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी लाभदायक है, जबकि अच्छी पैदावार के लिए चिकनी, दोमट और बारीक रेत वाली मिट्टी बहुत अच्छी है प्रसिद्ध किस्में:- Kashi Amrut,Kashi Anupam की बिजाई कर सकते है टमाटर के बीजों को पहले नर्सरी में बोया जाता है और फिर हन्हें मुख्य खेत में रोपित किया जाता है मुख्य खेत की तैयार के लिए अच्छी जोताई और समतल मिट्टी की जरूरत होती है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए 4-5 बार जोताई करें फिर मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें आखिरी जोताई के समय गाय का गला हुआ गोबर 60 किलो को मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें रोपाई के लिए 80-90 सैं.मी. चौड़े बैड तैयार करें बिजाई से एक महीना पहले मिट्टी को धूप में खुला छोड़ दें आवश्यक लंबाई और 80-90 सैं.मी. की चौड़ाई वाले बैडों पर टमाटर के बीजों को बोयें बिजाई के बाद बैडों को प्लास्टिक शीट से ढक दें और फूलों को पानी देने वाले डब्बे से रोज़ सुबह बैडों की सिंचाई करें रोगाणुओं के हमले से फसल को बचाने के लिए नर्सरी वाले बैडों को अच्छे नाइलोन के जाल से ढक दें पनीरी लगाने के 10-15 दिन बाद 19:19:19 के साथ सूक्ष्म तत्वों की 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें पौधों को तंदरूस्त और मजबूत बनाने के लिए बिजाई के 20 दिन बाद लीहोसिन 1 मि.ली. प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें प्रभावित पौधों को खेत में से उखाड़ दें ताकि पौधों का फासला सही रखा जा सके और निरोग पौधों को रोगाणुओं से भी बचाया जा सके रोगाणुओं से बचाव के लिए मिट्टी में नमी बनाये रखें यदि सूखा दिखे तो पौधों को रोपाई से पहले मैटालैक्सिल 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी में 2-3 बार भिगोयें बिजाई से 25-30 दिन बाद पनीरी वाले पौधे तैयार हो जाते हैं और इनके 3-4 पत्ते निकल आते हैं यदि पौधों की आयु 30 दिन से ज्यादा हो तो इसके उपचार के बाद इसे खेत में लगायें पनीरी उखाड़ने के 24 घंटे पहले बैडों को पानी लगायें ताकि पौधे आसानी से उखाड़े जा सकें फसल को फसल को बैक्टीरियल सूखे से बचाने के लिए रोपाई से पहले नए पौधों को स्ट्रैपटोसाइकलिन घोल 100 पी पी एम में मिलाकर 5 मिनट के लिए भिगोयें बिजाई से एक महीना पहले मिट्टी को धूप में खुला छोड़ दें आवश्यक लंबाई और 80-90 सैं.मी. की चौड़ाई वाले बैडों पर टमाटर के बीजों को बोयें बिजाई के बाद बैडों को प्लास्टिक शीट से ढक दें और फूलों को पानी देने वाले डब्बे से रोज़ सुबह बैडों की सिंचाई करें रोगाणुओं के हमले से फसल को बचाने के लिए नर्सरी वाले बैडों को अच्छे नाइलोन के जाल से ढक दें पनीरी लगाने के 10-15 दिन बाद 19:19:19 के साथ सूक्ष्म तत्वों की 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें पौधों को तंदरूस्त और मजबूत बनाने के लिए बिजाई के 20 दिन बाद लीहोसिन 1 मि.ली. प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें प्रभावित पौधों को खेत में से उखाड़ दें ताकि पौधों का फासला सही रखा जा सके और निरोग पौधों को रोगाणुओं से भी बचाया जा सके रोगाणुओं से बचाव के लिए मिट्टी में नमी बनाये रखें यदि सूखा दिखे तो पौधों को रोपाई से पहले मैटालैक्सिल 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी में 2-3 बार भिगोयें बिजाई से 25-30 दिन बाद पनीरी वाले पौधे तैयार हो जाते हैं और इनके 3-4 पत्ते निकल आते हैं यदि पौधों की आयु 30 दिन से ज्यादा हो तो इसके उपचार के बाद इसे खेत में लगायें पनीरी उखाड़ने के 24 घंटे पहले बैडों को पानी लगायें ताकि पौधे आसानी से उखाड़े जा सकें फसल को फसल को बैक्टीरियल सूखे से बचाने के लिए रोपाई से पहले नए पौधों को स्ट्रैपटोसाइकलिन घोल 100 पी पी एम में मिलाकर 5 मिनट के लिए भिगोयें किस्म और विकास के ढंग मुताबिक 60x30 सैं.मी. या 75x60 सैं.मी. या 75x75 सैं.मी. का फासला रखें में छोटे कद वाली किस्म के लिए 75x30 सैं.मी. का फासला रखें और वर्षा वाले मौसम के लिए 120-150x30 सैं.मी. का फासला रखें पनीरी को उखाड़कर खेत में लगा दें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 100-160 ग्राम बीज नए पौधे तैयार करने के लिए प्रयोग किए जाते हैं हाइब्रिड किस्मों के लिए 80-100 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन 40-60 किलो (90-130 किलो यूरिया), फासफोरस 25 किलो (155 किलो एस एस पी) और पोटाश 25 किलो (42 किलो एम ओ पी) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें नए पौधों की रोपाई के 2-3 सप्ताह पहले फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर रोपाई 30 और 50 दिनों के बाद डालें लगातार गोडाई करें और जड़ों को मिट्टी लगाएं 45 दिनों तक खेत को नदीन रहित रखें यदि नदीन नियंत्रण से बाहर हो जायें तो यह 70-90 प्रतिशत पैदावार कम कर देंगे रोपाई से पहले मुख्य खेत में पैंडीमैथालीन 0.4 किलो को प्रति एकड़ में लगाएं यदि नदीनों की संख्या ज्यादा हो तो नदीनों के अंकुरण के बाद सैंकर 0.2 किलो की प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों को रोकने के साथ साथ मिट्टी के तापमान को कम करने के लिए मलचिंग भी प्रभावी तरीका है रोपाई के बाद दो से तीन दिन हल्की सिंचाई करें मिट्टी में नमी के आधार पर सर्दियों में 12 से 15 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें और गर्मियों में 6-7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें फूल निकलने की अवस्था सिंचाई के लिए गंभीर होती हैं इस अवस्था में पानी की कमी से फूलों का गिरना बढ़ता है और फलों और उत्पादकता पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है बहुत सारी जांचों के मुताबिक यह पता चला है कि हर पखवाड़े में आधा इंच सिंचाई करने से जड़ें ज्यादा फैलती हैं और इससे पैदावार भी अधिक हो जाती है अत्याधिक सिंचाई ना करें पनीरी लगाने के 70 दिन बाद पौधे फल देना शुरू कर देते हैं कटाई का समय इस बात पर निर्भर करता है कि फलों को दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाना है या ताजे फलों को मंडी में ही बेचना है आदि पके हरे टमाटर जिनका 1/4 भाग गुलाबी रंग का हो, लंबी दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाने के लिए प्रयोग किए जाते हैं ज्यादातर सारे फल गुलाबी या लाल रंग में बदल जाते हैं, पर सख्त गुद्दे वाले टमाटरों को नज़दीक की मंडी में बेचा जा सकता है अन्य उत्पाद बनाने और बीज तैयार करने के लिए पूरी तरह पके और नर्म गुद्दे वाले टमाटरों का प्रयोग किया जाता है

मोती की खेती की पूरी जानकारी बतायें ?

(hn)
Posted by
sushil kumar kushram (6260194881)
sushil kumar kushram
Madhya Pradesh
Dindori
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Posted Date (17 Mar 2019 10:19 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (23 Mar 2019 12:36 PM) Translated Date (-)

उशील कुमार कुशराम जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 से संपर्क करें

मोती की खेती ?

(hn)
Posted by
siddharth tiwari (7972784154)
siddharth tiwari
Maharashtra
Thane
Write Answer
Posted Date (17 Mar 2019 10:17 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (23 Mar 2019 12:36 PM) Translated Date (-)

सिद्धार्थ तिवारी जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 से संपर्क करें

सर मुर्गी पालन ट्रेनिंग राजस्थान में कहां होती है ?

(hn)
Posted by
Mithun (8302011391)
Mithun
Rajasthan
Baran
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Posted Date (17 Mar 2019 10:17 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (22 Mar 2019 06:23 PM) Translated Date (-)

मुर्गी पालन ट्रेनिंग आपको अपने नज़दीकी कृषि विज्ञानं केंद्र से ही मिलेगी जी आपका नज़दीकी kvk का पता आप नोट कर सकते हो आप यहाँ पर जाकर ट्रेनिंग के लिए फॉर्म भर के सबमिट करे Krishi Vigyan Kendra Station Road, Baran - 325 502, (Raj.) India Phone : 07457 - 244862

Kinnow ch micronutrients foliar krn da sahi time kehda ha te kehde kehde micronutrients kriye ?

(en)
Posted by
Naresh Kumar (9888953995)
Naresh Kumar
Punjab
Fazilka
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Posted Date (17 Mar 2019 10:07 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (22 Mar 2019 05:10 PM) Translated Date (-)

naresh kumar ji kinnow vich micronutrients ohna di kami dikhai den te hi spray kiti jandi hai. ehna sare micronutrients di kami ate ohna de layi spray tuc hetha dekh sakde ho.Zinc sulphate – 50 gms, Ferrous sulphate – 20 gms, Magnesium sulphate – 20 gms, Manganese sulphate – 20 gms, Boric acid – 10 gms, Urea – 100 gms, Lime – 60 gms, ate pani 10 litre. dhanwad

सूरजमुखी की खेती के बारे में पूरी जानकारी दें ?

(hn)
Posted by
RAHUL KUSHWAHA (8405020876)
RAHUL KUSHWAHA
Bihar
Patna
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Posted Date (17 Mar 2019 10:04 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (20 Mar 2019 03:40 PM) Translated Date (-)

इसे मिट्टी की कई किस्मों जैसे रेतली दोमट से काली मिट्टी में उगाया जा सकता है यह उपजाऊ और जल निकास वाली मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है यह फसल हल्की क्षारीय मिट्टी को भी सहनेयोग्य है अम्लीय और जल जमाव वाली मिट्टी में इसकी खेती करने से परहेज़ करें मिट्टी की पी एच लगभग 6.5-8 होनी चाहिए DRSF 108, PAC 1091, PAC-47, PAC-36, Sungene-85, Morden ,KBSH 44, APSH-11, MSFH-10, BSH-1, KBSH-1, TNAU-SUF-7, MSFH-8, MSFH-10, MLSFH-17, DRSH-1, Pro.Sun 09.सीड बैड तैयार करने के लिए दो से तीन बार जोताई करके सुहागा फेरें अच्छी उपज के लिए बिजाई अंत जनवरी तक पूरी कर लें बिजाई में देरी करने से, यदि बिजाई फरवरी के महीने में की गई हो तो रोपण विधि का प्रयोग करें, क्योंकि सीधी बिजाई करने से उपज में कमी आती है और देरी से बिजाई करने पर कीटों और बीमारियों का हमला बढ़ जाता है बीजों को 4-5 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई गड्ढा खोदकर की जाती है इसके इलावा बीजों को बिजाई वाली मशीन से बैड बनाकर या मेड़ बनाकर की जाती है बिजाई के लिए 2-3 किलोग्राम प्रति एकड़ बीज का प्रयोग करें हाइब्रिड के लिए 2-2.5 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बिजाई से पहले बीज को 24 घंटों के लिए पानी में डालें फिर छांव में सुखाएं और 2 ग्राम प्रति किलो थीरम से उपचार करें इससे बीज को मिट्टी के कीड़ों और बीमारियों से बचाया जा सकता है फसल को पीले धब्बों के रोगों से बचाने के लिए बीज को मैटालैक्सिल 6 ग्राम या इमीडाक्लोपरिड 5-6 मि.ली. प्रति किलो बीज से उपचार करें बिजाई से 2-3 सप्ताह पहले 4-5 टन रूड़ी की खाद डालें ज़मीन में 24 किलो नाइट्रोजन (50 किलो यूरिया) 12 किलो फासफोरस (75 किलो एस एस पी) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें सही मात्रा में खाद डालने के लिए मिट्टी की जांच करवाएं आधी नाइट्रोजन, पूरी फासफोरस और पोटाश बिजाई के समय और बाकी नाइट्रोजन बिजाई से 30 दिनों के बाद डालें सिंचित क्षेत्रों में बाकी नाइट्रोजन को दो भागों में बिजाई से 30 दिनों बाद डालें सूरजमुखी के पौधे को पहले 45 दिन नदीन मुक्त रखें और गंभीर अवस्थाओं में फसल पर सिंचाई करें बिजाई के 2-3 सप्ताह बाद पहली गोडाई और 6 सप्ताह बाद दूसरी गोडाई करें नदीनों को रोकने के लिए पैंडीमैथालीन 1 ली. को 150-200 ली. पानी में फसल के उगने से पहले बिजाई के 2-3 दिनों में स्प्रे करें फसल को गिरने से बचाने के लिए 60-70 सै.मी. लंबे बूटों की जड़ों को फूल निकलने से पहले मिट्टी लगाएं जब फसल 60-70 लंबी हो जाये तो फसल को तने टूटने वाली बीमारी से बचाने के लिए फूल बनने से पहले जड़ों में मिट्टी लगादें मिट्टी की किस्म और मौसम के अनुसार 9-10 सिंचाई करें पहली सिंचाई बिजाई से 3 महीने बाद करें फसल को 50 प्रतिशत फूल पड़ने पर, दानों के नर्म और सख्त समय पर सिंचाई अति जरूरी है इस समय पानी की कमी से पैदावार कम हो सकती है बहुत ज्यादा और लगातार सिंचाई करने से उखेड़ा और जड़ों का गलना जैसी बीमारियां लग सकती हैं भारी जमीनों में सिंचाई 20-25 दिन और हल्की ज़मीनों में 8-10 दिनों के फासले पर करें मधु मक्खी बीज बनने में मदद करती है यदि मधु मक्खियां कम हो तो सुबह 8-11 समय 7-10 दिनों के अंतर पर हाथों से पहचान करें इसलिए हाथों को मलमल के कपड़े से ढक लें पत्तों के सूखने और फूलों के पीले रंग के होने पर कटाई करें कटाई में देरी ना करें क्योंकि इससे पत्ते गिर जाते हैं और दीमक का खतरा बढ़ जाता है फूल तोड़ने के बाद उन्हें 2-3 दिनों के लिए सुखाएं सूखे हुए फूलों में से बीज आसानी से निकल जाते हैं गहाई मशीन के साथ की जा सकती है गहाई के बाद बीज को भंडारण से पहले सुखाएं और उनमें पानी की मात्रा 9-10 प्रतिशत होनी चाहिए

ਮੱੱਝਾ ਨੂੰ ਮੱਖ ਤੰਗ ਕਰਦੀ ਆ ਜੀ ਜਖਮ ਹੋ ਜਾਦੇ ਆ ਜੀ ਕੀਤਾ ਜਾਞੇ ?

(pb)
Posted by
ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ (7009046344)
ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
Bathinda
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Posted Date (17 Mar 2019 10:03 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Mar 2019 04:52 PM) Translated Date (-)

ਮੱਖੀਆਂ ਦੇ ਇਲਾਜ ਲਈ ਤੁਸੀ 1ml Butox ਨੂੰ 1 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਚਮੜੀ ਤੇ ਲਾਓ ਜੀ, ਇਸ ਨਾਲ ਮੱਖੀਆਂ ਤੋਂ ਆਰਾਮ ਮਿਲੇਗਾ..

polyhouse knha se jankari milegi m sabji ki kheti karana chahta hu ?

(pb)
Posted by
sandeep saharan (9988668188)
sandeep saharan
Punjab
Fazilka
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Posted Date (17 Mar 2019 10:01 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (20 Mar 2019 03:51 PM) Translated Date (-)

sandeep ji aap vistar se btaye ke aap polyhouse ke bar emne kya jankari lena chahte hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake. dhanywad

Answered Date (28 Mar 2019 01:01 PM) Translated Date (-)

sir polyhouse knha or kitne zameen me laga sakte or isaki jankari chahta hu m apne khet m lagana chahata hu is bare m mujhe koi experience nahi h ise m loan ki suvidha h ya nahi

flowers di kheti bare jankari diti jave, is da mandikrn bare changi tra samjaya jave ?

(en)
Posted by
parmvir dhillon (9914243107)
parmvir dhillon
Punjab
Gurdaspur
Write Answer
Posted Date (17 Mar 2019 10:00 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (20 Mar 2019 03:52 PM) Translated Date (-)

parmvir ji vistar nal daso ke tuc kehde kehde fullan di kheti karna chahunde ho tajo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake. dhanwad

मोती की खेती कैसे शुरू करें ?

(hn)
Posted by
Pawan (7500411838)
Pawan
Uttar Pradesh
Moradabad
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Posted Date (17 Mar 2019 09:55 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (23 Mar 2019 12:37 PM) Translated Date (-)

पवन जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें

मोती उत्पादन कैसे करें ?

(hn)
Posted by
ramavat darshan (9898191123)
ramavat darshan
Gujarat
Devbhumi Dwarka
Write Answer
Posted Date (17 Mar 2019 09:55 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (23 Mar 2019 12:38 PM) Translated Date (-)

रामावत दर्शन जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 से संपर्क करें

Moti ki kheti ke liye seep Kaha se milega ?

(en)
Posted by
Rambabu Yadav (8858631139)
Rambabu Yadav
Uttar Pradesh
Varanasi
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Posted Date (17 Mar 2019 09:54 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Mar 2019 06:41 PM) Translated Date (-)

Rambabu Yadav ji seep ke lia aap Vinod Kumar 9050555757 se samparak kar sakte hai.

Answered Date (17 Mar 2019 12:35 PM) Translated Date (-)

sip talab .naher ya river se aasni se mil jaygi

what material is putting inside the shell to make pearl ?

(en)
Posted by
birusing timung (9613219564)
birusing timung
Assam
Karbi Anglong
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Posted Date (17 Mar 2019 09:51 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (23 Mar 2019 12:41 PM) Translated Date (-)

Mr. Birusing timung you can contact to (Indian Council of Agricultural Research) Kausalyaganga, Bhubaneswar-751002, Odisha, India Tel: +91-674-2465421, 2465446,

मोती की खेती की पूरी विधि ?

(hn)
Posted by
Rakesh (8059464964)
Rakesh
Haryana
Panipat
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Posted Date (17 Mar 2019 09:47 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (23 Mar 2019 12:42 PM) Translated Date (-)

राकेश जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें

how to increase milk fat ?

(pb)
Posted by
manpreet singh (8054188169)
manpreet singh
Punjab
Patiala
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Posted Date (17 Mar 2019 09:42 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Mar 2019 04:53 PM) Translated Date (-)

Feeding the animals with cotton seeds helps in increasing fat content in their. Quantity should be 250 grams, do not exceed the quantity than 250 grams because it can cause skin fattening. Dry cotton seeds would be best for feeding. Milk fat is low when green fodder is given only twice a day; Feeding a few times with a little green fodder will also increase milk fat. Along with this, start giving virbac company s fatplus powder 20-25 grams everyday.

Answered Date (17 Mar 2019 12:36 PM) Translated Date (-)

chare me halka namk do

Pearl farming ?

(en)
Posted by
Babulal vekariya (9909704782)
Babulal vekariya
Gujarat
Rajkot
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Posted Date (17 Mar 2019 09:41 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Mar 2019 12:09 PM) Translated Date (-)

Pearl farming is one of the best aquaculture businesses in India. In commercial pearl farming project, the first year investment will be more as you need fixed asset set up. You can assume 3/4 to a 1-acre, the cost of the pearl project would be around 4 lakhs rupees approximately. When it comes to profits in commercial pearl farming project, you can expect 50 to 60% under ideal aquaculture management practices. However, if you put more dedication and hard work into the project even 100% profit possible. There are mainly three types of pearls. • Natural pearls: in this type, the shape of the pearl depends on the original shape of the foreign body. • Artificial pearls: These are artificially made and coated with a synthetic material. • Cultured pearls (freshwater): These are cultured pearls in freshwater such as ponds, rivers etc..you can get the desired shape in this type. • You must have a good source of Oysters to culture in the pond. • You must have some skills of grafting techniques in pearl culture as this is essential for commercial pearl farming project. You can visit nearby pearl farms to learn these tips of freshwater pearl culture. first of all you have to attend 3 days practical training. According to your location you can get training from vinod kumar. he is successful pearl farmer. He is also providing training to new farmers. his contact number is 9050555757.Thank You.

Kank nu pani di lod hai k ni, dusra pani 1/1/2019 la ta se ?

(en)
Posted by
Harpreet Singh (9814743341)
Harpreet Singh
Punjab
Patiala
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Posted Date (17 Mar 2019 09:38 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (17 Mar 2019 08:24 PM) Translated Date (-)

Harpreet g knak vich pani khet vich moisture de hisab nal lgao jekar khet vich moisture proper nhi heiga and knak di harvesting 25 din to late hovegi tn ess vich pani lgouna pavega g..

kanak nu tele pai geya veer g dwai dasso pls ?

(pb)
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Gurbhej singh (9530612074)
Gurbhej singh
Punjab
Amritsar
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Posted Date (17 Mar 2019 09:37 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (17 Mar 2019 08:25 PM) Translated Date (-)

Knak vich tele di roktham lyi Actara(thiamethoxam 25WG) @80 gm prati acre de hisab nal spray kr skde ho.

Answered Date (17 Mar 2019 12:38 PM) Translated Date (-)

Tele ke liye taimoxin ka istemal kare

मोती की खेती कैसे करें ?

(hn)
Posted by
shashank (8090186332)
shashank
Uttar Pradesh
Lucknow
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Posted Date (17 Mar 2019 09:34 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (23 Mar 2019 12:43 PM) Translated Date (-)

शशांक जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें

मशरूम कैसे उगाएं ?

(hn)
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shashank (8090186332)
shashank
Uttar Pradesh
Lucknow
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Posted Date (17 Mar 2019 09:33 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (20 Mar 2019 03:53 PM) Translated Date (-)

खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप Mr. jai 8882876224 जी से संपर्क कर सकते है

Answered Date (18 Mar 2019 12:53 AM) Translated Date (-)

shashank जी मशरूम उगाने के लिए आप ट्रेनिंग ले सकते है इसके लिए आप अपने नजदीकी केवीके से संपर्क कर सकते है वहां आपको निशुल्क ट्रेनिंग प्रदान कि जाएगी

अरहर की दाल की खेती कैसे करें ?

(hn)
Posted by
shashank (8090186332)
shashank
Uttar Pradesh
Lucknow
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Posted Date (17 Mar 2019 09:32 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (20 Mar 2019 03:56 PM) Translated Date (-)

यह हर प्रकार की जमीनों में बोयी जा सकती है पर उपजाऊ और बढ़िया जल निकास वाली दोमट जमीन सब से बढ़िया है खारी और पानी खड़ा रहने वाली ज़मीनें इसकी काश्त के लिए बढ़िया नही हैं यह फसल 6.5-7.5पी एच तक अच्छी उगती है प्रसिद्ध किस्में:- AL-15,AL 201,AL 882,PPH 4 गहरी जोताई के बाद 2-3 बार तवीयों से जोताई करें और खेत को सुहागे के साथ समतल करें यह फसल खड़े पानी को सह नहीं सकती, इसीलिए खेत में पानी खड़े रहने से रोकें मई के दूसरे पखवाड़े में की गई बिजाई अधिक पैदावार देती है यदि यही फसल देरी से लगाई जाये तो पैदावार कम देती है बिजाई के लिए 50 से.मी. कतारों में और 25 से.मी. पौधों में फासला रखें बीज सीड ड्रिल से बीजे जाते हैं और इनकी गहराई 7-10 होती है बीज छींटे से भी बीजा जा सकता है पर बिजाई वाली मशीन से की गई बिजाई ज्यादा पैदावार देती है अधिक पैदावार के लिए 6 किलो प्रति एकड़ बीजों का प्रयोग करें बिजाई से 3 सप्ताह बाद पहली और 6 सप्ताह बाद दूसरी गोडाई करें नदीनों के लिए पैंडीमैथालीन 2 ली. प्रति एकड. 150-200 ली. पानी में बिजाई से 2 दिन बाद डालें बिजाई से 3-4 सप्ताह बाद पहली सिंचाई करें और बाकी की सिंचाई वर्षा के अनुसार करें फूल निकलने और फलीयां बनने के समय सिंचाई बहुत ज़रूरी है ज्यादा पानी देने से भी पौधे की वृद्धि ज्यादा होती है और झुलस रोग भी ज्यादा आता है आधे सितंबर के बाद सिंचाई ना करें सब्जियों के लिए उगाई गई फसल पत्तों और फलीयों के हरे होने पर काटी जाती है और दानों वाली फसल को 75-80% फलीयों के सूखने पर काटा जाता है कटाई में देरी होने पर बीज खराब हो जाते हैं कटाई हाथों और मशीनों द्वारा की जा सकती है कटाई के बाद पौधों को सूखने के लिए सीधे रखें गोहाई कर के दाने अलग किए जाते हैं और आम तौर पर डंडे से कूट कर गोहाई की जाती है

मोती की खेती ?

(hn)
Posted by
shyam (7048486035)
shyam
Madhya Pradesh
Morena
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Posted Date (17 Mar 2019 09:27 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (23 Mar 2019 12:44 PM) Translated Date (-)

श्याम जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 से संपर्क करें

Which Crop to Grow on a Barren land ?

(en)
Posted by
NITISH KUMAR (8102277429)
NITISH KUMAR
Jharkhand
Bokaro
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Posted Date (17 Mar 2019 09:27 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (20 Mar 2019 04:31 PM) Translated Date (-)

nitish kumar ji firstly do soil testing then according to soil test report you can grow crop and to increase soil fertility you can sow green manures. these will increase the soil fertility.

ਸੱਤ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਜੀ, ਜ਼ਮੀਨ ਵਿੱਚ ਲੋਹੇ ਦੀ ਘਾਟ ਨੂੰ ਪੂਰਾ ਕਰਨ ਲਈ ਕਿ ਤੇ ਕਿੰਨੀ ਮਾਤਰਾ ਚ ਪਾਈਏ ?

(en)
Posted by
Sukhwinder Singh (9815407804)
Sukhwinder Singh
Punjab
S.A.S. Nagar
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Posted Date (17 Mar 2019 09:25 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (22 Mar 2019 05:14 PM) Translated Date (-)

ਸੁਖਵਿੰਦਰ ਜੀ ਜਮੀਨ ਵਿਚ ਲੋਹੇ ਦੀ ਕਮੀ ਨੂੰ ਪੂਰਾ ਕਰਨ ਲਈ ਮਿੱਟੀ ਵਿਚ ਗਲੀ ਹੋਈ ਰੂੜੀ 15 ਟਨ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਜਮੀਨ ਵਿਚ ਲੋਹੇ ਦੀ ਕਮੀ ਪੂਰੀ ਹੋ ਜਾਏਗੀ ਧੰਨਵਾਦ

मोती की खेती कैसे करें ?

(hn)
Posted by
ankit (7533927426)
ankit
Uttar Pradesh
Baghpat
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Posted Date (17 Mar 2019 09:19 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (23 Mar 2019 12:45 PM) Translated Date (-)

अंकित जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें

मोती की खेती की सम्पूर्ण जानकारी देवें ?

(hn)
Posted by
sunil kumar jhadi (9407665149)
sunil kumar jhadi
Chattisgarh
Bijapur
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Posted Date (17 Mar 2019 09:15 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (23 Mar 2019 12:46 PM) Translated Date (-)

Sunil kumar jhadi जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 से संपर्क करें

Answered Date (23 Mar 2019 12:50 PM) Translated Date (-)

ठीक है सर

मोती की खेती कैसे करें ?

(hn)
Posted by
jitendra rana (8979458117)
jitendra rana
Uttarakhand
Uttarkashi
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Posted Date (17 Mar 2019 09:14 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (23 Mar 2019 12:47 PM) Translated Date (-)

जितेंदर राना जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें

ਮਿੱਠੀ ਤੁਲਸੀ ਦਾ ਬੀਜ ਕਿਥੋਂ ਮਿਲੇਗਾ ?

(pb)
Posted by
jagdish Singh (7589712300)
jagdish Singh
Punjab
Fazilka
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Posted Date (17 Mar 2019 09:14 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (20 Mar 2019 04:33 PM) Translated Date (-)

ਇਸਦਾ ਬੀਜ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ surinder Nagra 9814305864 ਜੀ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ\

मोटी चर्बी की भैंस दो समय में 1.5 लीटर ही दूध देती है वो नवंबर में ब्याई थी उसका बच्चा नहीं है और वो खाना पूरा नहीं लेती ?

(hn)
Posted by
Ravi kumar (9368767597)
Ravi kumar
Uttar Pradesh
Aligarh
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Posted Date (17 Mar 2019 09:08 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Mar 2019 04:58 PM) Translated Date (24 Jul 2021 11:33 AM)

रवि जी आप भैंस को Hepaways देना शुरू करें इसे आप 50 मि.ली. रोजाना दें इसके साथ आप Milkout पाउडर 2—2 चम्मच सुबह शाम और Glactogog पाउडर देना शुरू करें इसका रोजाना एक पाउच देना शुरू करें इससे दूध में फायदा होगा

कलम बांधने की पॉलीथीन कहा से मिलेगी ?

(hn)
Posted by
उमेश यादव (8932847875)
उमेश यादव
Uttar Pradesh
Lucknow
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Posted Date (17 Mar 2019 09:07 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (20 Mar 2019 04:34 PM) Translated Date (-)

उमेश जी यह आपको लोकल मार्किट से ही मिल जाएगी धन्यवाद

2 ਸਾਲ ਕਿੰਨੂ ਦੇ ਬੂਟੇ ਦੇ ਮੂੱਡਾ ਵਿਚ ਕਲੋਰੋ ਪ੍ਰਤੀ ਬੂਟੇ ਦੀ ਮਿਕਦਾਰ ਦੱਸੋ ਜੀ ?

(pb)
Posted by
ਜਗਮੀਤ ਸਿਂਘ (8284078908)
ਜਗਮੀਤ ਸਿਂਘ
Punjab
Fazilka
Write Answer
Posted Date (17 Mar 2019 09:04 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (20 Mar 2019 04:35 PM) Translated Date (-)

ਜਗਮੀਤ ਜੀ ਕਲੋਰੋ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 4ml ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ

ਮੇਰੀ 2967ਕਣਕ 10-12ਬੂਟਿਆਂ ਨੂੰ ਇਹ ਬਿਮਾਰੀ ਆ ਗਈ ਕਿ੍ਪਾ ਕਰਕੇ ਇਲਾਜ ਦੱਸਿਆ ਜਾਵੇ ਜੀ ਬੀਜ ਨੂੰ ਵੀਟਾਵਿਕਸ ਨਾਲ ਉਪਚਾਰ ਕੀਤਾ ਹੈ ?

(en)
  • 1
Posted by
ਜਸਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ (6239288764)
ਜਸਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
Bathinda
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Posted Date (17 Mar 2019 08:59 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (17 Mar 2019 08:31 PM) Translated Date (-)

ਜਸਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਜੀ ਇਹਨਾਂ ਬੂਟਿਆਂ ਵਿੱਚ ਪੀਲੀ ਕੁੰਗੀ ਲੱਗੀ ਹੈ ਜੋ ਫੰਗਸ ਕਰਕੇ ਆਉਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਟਿਲਟ @200 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ।।

वर्मी कम्पोस्ट के लिए केचुएं कहां से मिलेंगे ?

(hn)
Posted by
उमेश यादव (8932847875)
उमेश यादव
Uttar Pradesh
Lucknow
Write Answer
Posted Date (17 Mar 2019 08:58 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (30 Mar 2019 02:56 PM) Translated Date (-)

केंचुएं लेने के लिए आप प्रतीक बजाज 8439807519 से संपर्क करे धन्यवाद

मोती की खेती कैसे करें ?

(hn)
Posted by
sonu nehra (7082029268)
sonu nehra
Haryana
Gurgaon
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Posted Date (17 Mar 2019 08:55 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (23 Mar 2019 12:49 PM) Translated Date (-)

सोनू नेहरा जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें

गेहूं काटने के बाद कौन कौन सी फसलें ले सकते हैं ?

(hn)
Posted by
उमेश यादव (8932847875)
उमेश यादव
Uttar Pradesh
Lucknow
Write Answer
Posted Date (17 Mar 2019 08:53 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (20 Mar 2019 04:27 PM) Translated Date (-)

उमेश जी गेंहू की कटाई के बाद आप मूंग की बिजाई कर सकते है धन्यवाद

sir makki beeji aa 5 feb nu, 9108 ohte sprey kehdi kriye?

(en)
Posted by
ਸੁੱਖਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ (7888556247)
ਸੁੱਖਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
Faridkot
Write Answer
Posted Date (17 Mar 2019 08:40 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (17 Mar 2019 08:32 PM) Translated Date (-)

Makki vich soondi di roktham lyi tuc Corazen @30 ml nu 60 liter pani vich mila ke prati acre de hisab nal spray kr skde ho..

ਡਾ ਸਹਿਬ ਜੀ ਮੇਰੇ ਕੋਲ hf ਨਸਲ ਦੀ ,18 ਮਹੀਨੇ ਦੀ ਵੱਛੀ ਹੈ ਉਹ ਹਾਲੇ ਤਕ ਹੀਟ ਵਿਚ ਨਹੀ ਆਈ ਇਸਦਾ ਕੋਈ ਦੇਸੀ ਇਲਾਜ ਦੱਸੋ ਜੀ ਧੰਨਵਾਦ ਜੀ ?

(pb)
Posted by
ਤਰਸੇਮ ਸਿੰਘ (9781558948)
ਤਰਸੇਮ ਸਿੰਘ
Punjab
Sangrur
Write Answer
Posted Date (17 Mar 2019 08:37 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Mar 2019 05:00 PM) Translated Date (-)

ਇਸ ਨੂੰ ਗੁੜ ਅਤੇ ਵੜੇਮੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਇਸ ਨਾਲ ਵੀ ਪਸ਼ੂ ਹੀਟ ਵਿੱਚ ਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ , ਉਸ ਨੂੰ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਵੜੇਮੇ ਰਾਤ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਭਿਗੋ ਕੇ ਰੱਖੋ ਅਤੇ ਸਵੇਰੇ ਨੂੰ ਉਸ ਵਿਚ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ ਮਿਲਾ ਕੇ ਗਾਂ ਨੂੰ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸ ਨੂੰ ਲਗਾਤਾਰ 10-12 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ , ਤੁਹਾਡੀ ਗਾਂ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਵੇਗੀ , ਅਤੇ ਜਿਸ ਗਾਂ ਦੀ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਪੂਰੀ ਤਿਆਰ ਨਹੀਂ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਵੀ ਤੁਸੀ ਵੜੇਮੇ ਅਤੇ ਗੁੜ ਇਸੇ ਤਰ੍ਹਾ ਦੇਣਾ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ 1 ਮਹੀਨਾ ਲਗਾਤਾਰ ਦਿਓ , ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ ,ਜੈਫਲ ਦੇਣ ਨਾਲ ਵੀ ਪਸ਼ੂ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਪੰਸਾਰੀ ਦੀ ਦੁਕਾਨ ਤੋਂ ਜੈਫਲ ਦੇ ਤਿੰਨ ਪੀਸ ਲੈ ਆਵੋ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇਸ ਨੂੰ ਗਰਮ ਕਰਕੇ ਭੁੰਨ ਲਵੋ ਜਿਸ ਨਾਲ ਇਹ ਨਰਮ ਹੋ ਜਾਵੇਗਾ ਜੈਫਲ ਦਾ ਇੱਕ ਪੀਸ ਭੁੰਨ ਕੇ ਬਰੀਕ ਕਰ ਲਓ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇਸਨੂੰ ਆਟੇ ਦੇ ਪੇੜੇ ਦੇ ਉੱਪਰ ਗੁੜ ਲਗਾ ਕੇ ਖਵਾ ਦਿਓ ਇਸ ਤਰਾਂ ਲਗਾਤਾਰ ਤਿੰਨ ਦਿਨ ਤੱਕ ਖਵਾਓ .

Sir cow sui nu aaj 5 din ho gaye bhalun bahut zyada karke dudh ni chon dindi bhalun da koi ilazz daso ?

(en)
Posted by
kulwinder singh (8699100646)
kulwinder singh
Punjab
Moga
Write Answer
Posted Date (17 Mar 2019 08:35 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Mar 2019 05:01 PM) Translated Date (-)

ਉਸ ਨੂੰ ਕਾਲੀਆ ਮਿਰਚਾਂ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਲਿਆ ਕੇ 20 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣੀਆਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਸਬਜ਼ੀ ਵਾਲਾ ਪੇਠਾ 1 ਕਿਲੋ ਰੋਜਾਨਾ ਖਿਲਾਓ, 5 ਦਿਨ ਦੇਣ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ, ਜੇਕਰ ਫਰਕ ਨਹੀਂ ਪੈਂਦਾ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਇਸਨੂੰ carpaid injection 10ml ਲਗਵਾਓ, ਇਹ carries company ਦਾ ਪ੍ਰੋਡਕਟ ਹੈ ਜਾਂ ਤੁਸੀਂ cotalife injection ਲਗਵਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ,ਇਨ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਕੋਈ ਵੀ ਇੱਕ ਲਗਵਾਓ.

मोती की खेती केसे करे और कहाँ से उपलब्ध होगी ये सुविधा, ट्रेनिग कहाँ से ले और खर्चा कितना होगा ?

(hn)
Posted by
anwar salim (9784649092)
anwar salim
Rajasthan
Hanumangarh
Write Answer
Posted Date (17 Mar 2019 08:31 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (23 Mar 2019 12:51 PM) Translated Date (-)

अनवर सलीम जी मोती की खेती के बारे में और ट्रेनिंग की पूरी जानकारी के लिए आप मनीष वासुदेव 9417652857 से संपर्क करें

23 Mar 2019

जी सर धन्यवाद ॥

मुझे मोती या फिर कुछ ऐसी खेती के बारे में जानना है जो कृत्रिम होने के साथ साथ इनकम का भी श्रोत हो ?

(hn)
Posted by
deepak shukla (8602974973)
deepak shukla
Madhya Pradesh
Rewa
Write Answer
Posted Date (17 Mar 2019 08:19 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (23 Mar 2019 12:52 PM) Translated Date (-)

दीपक शुक्ला जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 से संपर्क करें

Hello sir good morning, i want to know about pearl farming how to do and how much expensive it Please give me information about it ?

(en)
Posted by
Amit Gaur (9555334717)
Amit Gaur
Uttarakhand
Pauri Garhwal
Write Answer
Posted Date (17 Mar 2019 08:06 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (23 Mar 2019 12:54 PM) Translated Date (-)

Mr. Amit Gaur to know about pearl farming you can contact to Vinod Kumar 9050555757 .

kji ?

(en)
Posted by
jagjot (9996727713)
jagjot
Punjab
--
Write Answer
Posted Date (17 Mar 2019 08:03 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Mar 2019 05:27 PM) Translated Date (-)

Jagjot ji kirpa krke apna swal vistar nal pusho ji tan jo tuhanu sahi jankari diti jaa skee.

I need to know about pearl farming ?

(en)
Posted by
Binod Nath (7002060091)
Binod Nath
Assam
Sonitpur
Write Answer
Posted Date (17 Mar 2019 07:50 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Mar 2019 11:48 AM) Translated Date (-)

Pearl farming is one of the best aquaculture businesses in India. In commercial pearl farming project, the first year investment will be more as you need fixed asset set up. You can assume 3/4 to a 1-acre, the cost of the pearl project would be around 4 lakhs rupees approximately. When it comes to profits in commercial pearl farming project, you can expect 50 to 60% under ideal aquaculture management practices. However, if you put more dedication and hard work into the project even 100% profit possible. There are mainly three types of pearls. • Natural pearls: in this type, the shape of the pearl depends on the original shape of the foreign body. • Artificial pearls: These are artificially made and coated with a synthetic material. • Cultured pearls (freshwater): These are cultured pearls in freshwater such as ponds, rivers etc..you can get the desired shape in this type. • You must have a good source of Oysters to culture in the pond. • You must have some skills of grafting techniques in pearl culture as this is essential for commercial pearl farming project. You can visit nearby pearl farms to learn these tips of freshwater pearl culture. first of all you have to attend 3 days practical training. According to your location you can get training from vinod kumar. he is successful pearl farmer. He is also providing training to new farmers. his contact number is 9050555757.Thank You.

मोती की खेती कैसे करें ?

(hn)
Posted by
piyush gamit (9638553518)
piyush gamit
Gujarat
Tapi
Write Answer
Posted Date (17 Mar 2019 07:48 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (23 Mar 2019 12:55 PM) Translated Date (-)

पियूष गमित जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 से संपर्क करें

सीप की खेती की ट्रेनिंग किधर होती है ?

(hn)
Posted by
Kamal Gandhi (9425087806)
Kamal Gandhi
Madhya Pradesh
Indore
Write Answer
Posted Date (17 Mar 2019 07:44 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (23 Mar 2019 12:56 PM) Translated Date (-)

पियूष गमित जी मोती की खेती के बारे में और ट्रेनिंग की पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 से संपर्क करें

Answered Date (17 Mar 2019 10:16 AM) Translated Date (24 Jul 2021 11:33 AM)

भुवनेश्वर या फिर चित्रकूट से भी ले सकते हैं

26 october nu 2967 biji c is time dana poora bnea hoea khet vich gill hgi aje v ki ohnu pani di jroort ha ja nai ?

(pb)
Posted by
gurinder singh (9914514083)
gurinder singh
Punjab
Rupnagar
Write Answer
Posted Date (17 Mar 2019 07:34 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (17 Mar 2019 08:34 PM) Translated Date (-)

Gurinder g hun knak vich pani khet vich moisture de hisab nal hi lgao g.knak di harvesting to 20-25 din pehla pani lgouna band kr dena chaida hai g..

सीप की खेती कैसे करें ?

(hn)
Posted by
Jitendra Kumar (9208662205)
Jitendra Kumar
Uttar Pradesh
Basti
Write Answer
Posted Date (17 Mar 2019 07:33 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (23 Mar 2019 12:57 PM) Translated Date (-)

जितेंदर कुमार जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें

लहसुन की खेती कब शुरू करनी चाहिए ?

(en)
Posted by
Amit Kumar Pandey (9589948282)
Amit Kumar Pandey
Madhya Pradesh
Katni
Write Answer
Posted Date (17 Mar 2019 07:14 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (20 Mar 2019 04:25 PM) Translated Date (-)

इसे किसी भी तरह की हल्की से भारी ज़मीनों में उगाया जा सकता है गहरी मैरा, अच्छी जल निकास वाली, पानी को बांध कर रखने वाली और अच्छी जैविक खनिजों वाली ज़मीन सब से अच्छी रहती है नर्म और रेतली ज़मीनें इसके लिए अच्छी नहीं होती क्योंकि इसमें बनी गांठे जल्दी खराब हो जाती हैं ज़मीन की तैयारी के लिए मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत को 3-4 बार जोताई करें और मिट्टी में जैविक खनिजों को बढ़ाने के लिए रूड़ी की खाद डालें खेत को समतल करके क्यारियों और खालियों में बांट दें बिजाई के लिए सही समय सितंबर के आखिरी सप्ताह से अक्तूबर का पहला सप्ताह माना जाता है पौधे से पौधे का फासला 7.5 सैं.मी. और कतारों में फासला 15 सैं.मी. रखें लहसुन की गांठों को 3-5 सैं.मी. गहरा और उसका उगने वाला हिस्सा ऊपर की तरफ रखें इसकी बिजाई के लिए केरा ढंग का प्रयोग करें बिजाई हाथों से या मशीन से की जा सकती है लहसुन की गांठों को मिट्टी से ढककर हल्की सिंचाई करें बीज की मात्रा 225-250 किलोग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बिजाई से 10 दिन पहले खेत में 2 टन रूड़ी की खाद डालें 50 किलो नाइट्रोजन (110 किलो यूरिया) और 25 किलो फासफोरस (155 किलो एस एस पी) प्रति एकड़ डालें सारी एस एस पी बिजाई से पहले और नाइट्रोजन तीन हिस्सों में बिजाई के 30, 45 और 60 दिन बाद डालें शुरू में लहसुन का पौधा धीरे धीरे बढ़ता है इसलिए नदीन नाशकों का प्रयोग गोडाई से बढ़िया रहता है नदीनों को रोकने के लिए पैंडीमैथालीन 1 लीटर प्रति 200 लीटर पानी प्रति एकड़ में डालकर बिजाई से 72 घंटो में स्प्रे करें इसके बिना नदीन नाशक ऑक्सीफ्लोरफेन 425 मि.ली. प्रति 200 लीटर पानी में डालकर स्प्रे बिजाई के 7 दिन बाद करें नदीनों की रोकथाम के लिए 2 गोडाई की जरूरत है पहली गोडाई बिजाई से 1 महीने बाद और दूसरी गोडाई बिजाई के 2 महीने बाद करें वातावरण और मिट्टी की किस्म के आधार पर सिंचाई करें बिजाई के तुरंत बाद पहली सिंचाई करें और आवश्यकता के आधार पर 10-15 दिनों के अंतराल पर आवश्यकतानुसार सिंचाई करें कटाई करने और सूखाने के बाद गांठों को आकार के अनुसार छांटे

मुझे साहीवाल गाय पालना है अच्छी गाये कहा मिलेंगी जो एक दिन में काम से कम 15 लीटर दूध दे ?

(hn)
Posted by
Rahul (8853349979)
Rahul
Uttar Pradesh
Chitrakoot
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Posted Date (17 Mar 2019 07:06 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (01 Apr 2019 12:15 PM) Translated Date (-)

राहुल जी अच्छी नसल की साहीवाल गाय लेने के लिए आप Devendra 9813889903,9813989902(राज डेयरी फार्म) दिलबाग सिंह 9813144108 9050944108 (Desi Cow Farm )से संपर्क करें

ludhiana university mela kdo aa das sakde oh ?

(en)
Posted by
kulwinder Singh Bhathal (9779050422)
kulwinder Singh Bhathal
Punjab
Barnala
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Posted Date (17 Mar 2019 06:51 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (17 Mar 2019 08:36 AM) Translated Date (-)

pau ludhiana kisan mela lang chuka hai eh 15-16march 2019 da c

Answered Date (17 Mar 2019 08:51 AM) Translated Date (-)

oh pasu mela sii

ਵੀਰੇ ਕਣਕ ਨੂੰ ਤੇਲਾ ਪੈ ਗਿਆ ਕਿਹੜੀ ਦਵਾਈ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰੀਏ ?

(pb)
Posted by
Sukhdev Singh (9653762336)
Sukhdev Singh
Punjab
Faridkot
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Posted Date (17 Mar 2019 06:51 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (17 Mar 2019 08:34 AM) Translated Date (-)

Knak vich tele di roktham lyi Actara(thiamethoxam 25WG) @80gm prati acre de hisab nal spray kr skde ho.

Answered Date (17 Mar 2019 07:37 AM) Translated Date (-)

ਅਕਟਾਰਾ

sir motiyo ki kheti ke liye kya process h ?

(en)
Posted by
sawan shadev (8859897313)
sawan shadev
Uttar Pradesh
Panchsheel Nagar district (Hapur)
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Posted Date (17 Mar 2019 06:50 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Mar 2019 06:42 PM) Translated Date (-)

हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है

ਮੌਸਮ ਸੰਬੰਧੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਉ ਜੀ ਧੰਨਵਾਦ ?

(pb)
Posted by
Harpinder Singh (9463464434)
Harpinder Singh
Punjab
Sangrur
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Posted Date (17 Mar 2019 06:44 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (20 Mar 2019 03:58 PM) Translated Date (-)

ਹਰਪਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਹਾਡੀ ਇਲਾਕੇ ਵਿਚ ਅੱਜ ਮੀਹ ਪੈਣ ਦੀ ਸੰਭਾਵਨਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ

मोती उत्पादन कैसे होता है ?

(hn)
Posted by
Ajay Kumar (9631042058)
Ajay Kumar
Bihar
Siwan
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Posted Date (17 Mar 2019 06:41 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (23 Mar 2019 12:58 PM) Translated Date (-)

अजय कुमार जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें

क्या मशरूम की 12 महीने खेती की जा सकती है ?

(hn)
Posted by
abhijit yadav (9555985532)
abhijit yadav
Uttar Pradesh
Chandauli
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Posted Date (17 Mar 2019 06:35 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (19 Mar 2019 10:51 AM) Translated Date (24 Jul 2021 11:33 AM)

अभिजीत जी मशरुम की खेती सारा साल की जा सकती है हर किसम की बिजाई का समय अलग होता है धन्यवाद

Answered Date (18 Mar 2019 12:58 AM) Translated Date (-)

अभिजीत जी हां मशरूम की खेती साल भर की जा सकती है बस आपको तापमान और नमी कंट्रोल करनी पड़ेगी , इसके अलावा आप गर्मियों में Oyster mushroom or Milky mushroom लगा सकते है और सर्दियों में बटन मशरूम , जिसके लिए आपको तापमान कंट्रोल करने की जरूरत नहीं पड़ेगी

hows grow aquaponic farming ?

(en)
Posted by
Rakesh thakur (7814020107)
Rakesh thakur
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Posted Date (17 Mar 2019 03:43 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (19 Mar 2019 10:54 AM) Translated Date (-)

Aquaponics is a sustainable method of raising both fish and vegetables.The fish and plants that you select for your aquaponic system should have similar needs as far as temperature and pH. As a general rule, warm, fresh water fish and leafy crops, such as lettuce, greens and herbs will do the best.for more information you can check this video https://www.youtube.com/watch?v=018rIAPkTH4

बीटल बकरी का बच्चा कितने में मिलेगा ?

(hn)
Posted by
अविनाश (9420768558)
अविनाश
Maharashtra
Dhule
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Posted Date (17 Mar 2019 03:41 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (19 Mar 2019 04:44 PM) Translated Date (24 Jul 2021 11:34 AM)

अविनाश जी इसका रेट इसके भार के हिसाब से होता है वैसे लगभग 400 रूप्ये प्रति किलो के हिसाब से मिल रहा है आप उसके भार के हिसाब से खरीद सकते है इस रेट में 4 महीने तक का बच्चे खरीद सकते है

khas khas de beej mil jange ?

(pb)
Posted by
babit Hans (9877031532)
babit Hans
Punjab
Ludhiana
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Posted Date (17 Mar 2019 02:20 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (20 Mar 2019 04:24 PM) Translated Date (-)

Babit ji Punjab vich khas-khas di kheti sarkar valo sifarish nahi hai.dhanwad