Punjab
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मुझे मोती की खेती करना है, कैसे करूं कृपया बताएं ?
(hn)
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें
ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਰ ਕੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਕਿਥੋਂ ਮਿਲੇਗਾ ?
(pb)
Punjab
ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਧਾਤਾਂ ਦੇ ਚੂਰੇ ਨੂੰ ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਚਰ ਬੋਲਦੇ ਹੈ , ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਸਰੀਰ ਦੀ ਕਮੀ ਪੂਰੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਸਰੀਰ ਦਾ ਵਧਿਆ ਵਿਕਾਸ ਹੁੰਦਾ ਹੈ , ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਜਲਦੀ ਨਵੇਂ ਦੁੱਧ ਵੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਤੁਸੀ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਮੈਡੀਕਲ ਸਟੋਰ ਤੋਂ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਤੁਸੀ Repromin , crs, agrimin super, totavet strong ਕੋਈ ਵੀ ਖਰੀਦ ਸਕਦੇ ਹੋ
मोती की खेती कैसे करें ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें
मोती की खेती कैसे करें ?
(hn)
Haryana
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
sir ji karele de niche ale patte aive ho rhe a kal ridomil te actara mix kr k kri a ?
(en)
dimple kumar ji eh patte mach rahe han tuc fungicide ate keetnashak di ikathi spray kar diti hai ehna di kad ev ikathe spray nahi kiti jandi.hun jehde patte mach gaye han ohna te isda asar hai age to kade v insecticide ate fungicide nu rla ke na beejo. dhanwad
ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਲਈ ਲੋਣ ਅਤੇ ਢੰਗ ?
(pb)
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਦਾ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਹੈ ਤਾ ਸਭ ਤੋਂ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਇਹ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਤੁਹਾਨੂੰ FFDA(fish farmer development aggency) ਜੋ ਕਿ ਲੱਗਭੱਗ ਹਰ ਜ਼ਿਲੇ ਵਿੱਚ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜਾਂ ਉੱਥੇ ਜਾ ਕੇ ਐਪਲੀਕੇਸ਼ਨ ਫਾਰਮ ਭਰੋ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਤੁਹਾਨੂੰ 5 ਦਿਨ ਦੀ ਮੁਫਤ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਦਸਵੀ ਪਾਸ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਤੇ ਇਹ ਡਿਪਾਰਮੈ੍ਟ ਜਿੱਥੇ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਅਫਸਰ ਬੈਠਦਾ ਹੈ ਜਿਵੇ ਕਚਿਹਰੀਆਂ , ਡੀ ਸੀ ਆਫਿਸ ਕਹਿੰ ਦਿੰਦੇ ਹਾਂ ਉਸ ਵਿੱਚ ਬਣਿਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਲਈ ਸੇਮ ਵਾਲੇ ਇਲਾਕੇ ਵਿੱਚ 90% ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਬਾਕੀ ਇਲਾਕਿਆ ਵਿੱਚ 40 % ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ FFDA ( fish farming development agency ) ਦਫਤਰ ਵਿੱਚ ਜਾਓ ਜੋ ਕਿ ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਡੀਸੀ ਦਫਤਰ ਜਾਂ ਕਚਿਹਰੀਆਂ ਵਿੱਚ ਬਣਿਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਤੁਸੀ ਉੱਥੇ ਆਪਣੇ ਜਮੀਂਨ ਦੀ ਫਰਦ , 10th ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਤੇ ਜਿੱਥੇ ਤਲਾਬ ਬਣਾਉਣਾ ਹੈ ਉੱਥੋ ਦੀਆਂ 2 ਫੋਟੋ ਲੈ ਕੇ ਜਾਓ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ FFDA ਦੇ ਅਫਸਰ ਤੁਹਾਨੂੂੰ ਫਾਈਲ ਤਿਆਰ ਕਰਵਾਉਣਗੇ ਤੇ ਤੁਹਾਡੀ ਜਮੀਨ ਦੇਖ ਕੇ ਤਲਾਬ ਬਣਾਉਣ ਦਾ ਤਰੀਕਾ ਦੱਸਣਗੇ ਤੇ ਫਿਰ ਤੁਹਾਨੂੰ 40% ਸਬਸਿਡੀ ਲਈ ਫਾਈ਼ਲ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਬਾਰੇ ਸਮਝਾ ਦੇਣਗੇ.
में खजूर के पौध लेना चाहता हूँ, कहा से लूँ ?
(hn)
Punjab
बजरंग जी आप इसे अपनी नजदीकी नर्सरी से ले सकते है अगर आपको वह पौधा ना मिले तो आप दुबारा सवाल डाल कर हमे बता सकते है हम आपको नर्सरी का नंबर उपलब्ध करवा देंगे धन्यवाद
मोती की खेती कैसे करें, पूरी जानकारी दें ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें
आपका फ़ोन स्विच ऑफ़ आ रहा है, शुगर की दवाई लेनी थी ?
(en)
Punjab
राजू जी शुगर की दवाई के लिए आप सुरिंदर नागरा 9814305864 से संपर्क करें
ਹਲਦੀ ਲਾਉਣ ਦਾ ਸਹੀ ਸਮਾਂ ?
(en)
Punjab
ਮਲਕੀਤ ਜੀ ਵੱਧ ਝਾੜ ਲੈਣ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਅਪ੍ਰੈਲ ਦੇ ਅੰਤ ਵਿੱਚ ਕਰੋ, ਇਸ ਨੂੰ ਪਨੀਰੀ ਦੇ ਨਾਲ ਵੀ ਉਗਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਜੂਨ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਪੰਦੜਵਾੜੇ ਤੱਕ ਪਨੀਰੀ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਾ ਦਿਓ ਪਨੀਰੀ ਲਈ 35-45 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਪੌਦਿਆਂ ਨੂੰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਓ
मोती की खेती के बारे में जानकारी चाहिए ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
क्या हमारे यहाँ केसर की खेती हो सकती है ?
(hn)
Punjab
जो वास्तविक केसर होता है इसके लिए तापमान सामान्य से भी कम चाहिए इसलिए यह UP में नहीं हो सकता अगर आप इसकी पुष्टि करना चाहते हैं तो majeed wari जी से 9419009209 पर कॉल करके जानकारी लें ये जम्मू कश्मीर में पिछले काफी समय से केसर की खेती कर रहे हैं
Jharkhand
Haan beshak
मोती की खेती के बारे में जानकारी चाहिए ?
(hn)
Haryana
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Sir maine shatavari ki kheti krni hai or uske liye podhe kahan se mileinge ?
(en)
Punjab
यह मिट्टी की कई किस्मों जैसे अच्छे जल निकास वाली लाल दोमट से चिकनी मिट्टी, काली मिट्टी से लैटेराइट मिट्टी में उगाई जाती है यह चट्टानी मिट्टी और हल्की मिट्टी में भी उगाई जा सकती है मिट्टी की गहराई 20-30 सैं.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए यह रेतली दोमट से दरमियानी काली मिट्टी जो अच्छे जल निकास वाली हो, में अच्छे परिणाम देती है पौधे की वृद्धि के लिए मिट्टी pH 6-8 होना चाहिए प्रसिद्ध किस्में:- Satavari (Asparagus racemosus),Satavari (Asparagus sarmentosa Linn.)शतावरी की खेती के लिए, अच्छे जल निकास वाली रेतली दोमट मिट्टी की आवश्यकता होती है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए, ज़मीन की अच्छे से जोताई करें, और 15 सैं.मी. की गहराई में गड्ढा खोदें रोपाई तैयार बैडों पर की जाती है पौधों की रोपाई जून-जुलाई के महीने में की जाती है इसके विकास के अनुसार 4.5x 1.2 मीटर फासले का प्रयोग करें और 20 सैं.मी. गहराई में गड्ढा खोदें जब पौधा 45 सैं.मी. का हो जाए, तब खेत में रोपाई की जाती है अधिक पैदावार के लिए, 400-600 ग्राम बीजों का प्रति एकड़ में प्रयोग करें फसल को मिट्टी से होने वाले कीटों और बीमारियों से बचाने के लिए, बिजाई से पहले बीजों को गाय के मूत्र में 24 घंटे के लिए डाल कर उपचार करें उपचार के बाद बीज नर्सरी बैड में बोये जाते हैं अधिक पैदावार के लिए, 400-600 ग्राम बीजों का प्रति एकड़ में प्रयोग करें फसल को मिट्टी से होने वाले कीटों और बीमारियों से बचाने के लिए, बिजाई से पहले बीजों को गाय के मूत्र में 24 घंटे के लिए डाल कर उपचार करें उपचार के बाद बीज नर्सरी बैड में बोये जाते हैं बिजाई से पहले मिट्टी का रासायनिक उपचार किया जाता है अप्रैल के महीने में बीज बोये जाते हैं शतावरी के बीजों को 30-40 सैं.मी. की चौड़ाई वाले और आवश्यक लंबाई वाले बैडों पर बोया जाता है बिजाई के बाद बैडों को नमी के लिए पतले कपड़े से ढक दिया जाता है 8-10 दिनों में पौधों का अंकुरण शुरू हो जाता है 45 सैं.मी. ऊंचाई के होने पर पौधे रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं पौधों की रोपाई 60 x 60 सैं.मी. की मेड़ों पर की जाती है खेत की तैयारी के समय, 80 क्विंटल प्रति एकड़ गली हुई रूड़ी की खाद को मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें नाइट्रोजन 24 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 32 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 52 किलो), और पोटाश 40 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 66 किलो) प्रति एकड़ में डालें मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारियों से पौधे को बचाने के लिए जैविक कीट नाशी जैसे धतूरा, चित्रकमूल और गाय के मूत्र का प्रयोग करें फसल के विकास के समय लगातार गोडाई की आवश्यकता होती है खेत को नदीन मुक्त बनाने के लिए 6-8 हाथ से गोडाई की आवश्यकता होती है पौधों को खेत में रोपण करने के बाद पहली सिंचाई तुरंत कर देनी चाहिए इस फसल को ज्यादा सिंचाई की जरूरत नहीं होती इसलिए शुरूआत में 4-6 दिनों के फासले पर सिंचाई कर दें और फिर कुछ समय के बाद सप्ताह के फासले पर सिंचाई करें पुटाई से पहले सिंचाई जरूर करनी चाहिए ताकि गड्ढों मे से जड़ों को आसानी से निकाला जा सके रोपाई के बाद 20-30 महीनों में पौधे की जड़ें परिपक्व हो जाती हैं मिट्टी और जलवायु के आधार पर जड़ें 12-14 महीनों में पक जाती हैं मार्च-मई के महीने में जब बीज पक जाये, तब पुटाई की जाती है पुटाई कसी की सहायता से की जाती है प्रक्रिया और दवाइयां बनाने के लिए अच्छे से पके बीजों की आवश्यकता होती है आप इसके पौधे नजदीकी नर्सरी से ले सकते है अगर आपको पौधे वह न मिले तो आप दुबारा सवाल दाल कर हमें बता सकते है धन्यवाद
ji 1 gir cow leni a ji kitho milo pure punjab di kis side kilo ki rate tak mil sakdi a ji taju sui hoi ?
(pb)
Punjab
Vadia nasal di cow len lai tusi Gulam Ashraf 9915672525 nal samparak kar sakde ho
मोती खेती के बारे में मैं जानना चाहता हूं ?
(hn)
Haryana
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
sir I Moti ki kheti karna chahte hai kripaya jankari dijiye
ਕਿਹੜੀਆਂ ਸਬਜੀਆਂ ਅਜ ਕਲ ਬੀਜੀਆਂ ਜਾ ਸਕਦੀਆਂ ਹਨ ?
(pb)
ਹਰਬੰਸ ਜੀ ਤੁਸੀ ਹੁਣ ਭਿੰਡੀ ,ਬੇੰਗਣ, ਕੱਦੂ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ
ਬਾਗਬਾਨੀ ਵਿਭਾਗ ਦੇ ਕਿਸੇ ਡਾਕਟਰ ਦਾ ਨੰਬਰ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਜੀ ਜਰੂਰ, ਧੰਨਵਾਦ ਜੀ ?
(en)
Punjab
ਜਸਵੀਰ ਜੀ ਤੁਹਾਨੂੰ ਕਿਸੇ ਵੀ ਮਾਹਿਰ ਦਾ ਨੰਬਰ ਨਹੀਂ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਤੁਹਾਡਾ ਜੋ ਵੀ ਸਵਾਲ ਹੈ ਐੱਪ ਤੇ ਪੁੱਛ ਸਕਦੇ ਹੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਮਾਹਿਰਾਂ ਵਲੋਂ ਹੀ ਇਸਦਾ ਜਵਾਬ ਦਿੱਤਾ ਜਾਏਗਾ, ਧੰਨਵਾਦ
Lahoria bull nili ravi da kemye ji te es da seman kitho mil sakda ji koi sampark no. hove ?
(pb)
Punjab
Harpal Singh ji Nilli Ravi de vadia bull de semen lai tusi Jai Singh 7973302035 ate khrorr dairy farm 9463817201,9855826001 nal samparak kar sakde ho.
honey
(en)
Punjab
Kripa app apna swal vistar se btayen tan jo apko sahi jankari di jaa skee.
मोती की खेती के बारे में जानकारी चाहिए ?
(en)
Haryana
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
सीप की खेती कैसे करें ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें
गन्ने की खेती में मोथा घास बहुत है इसे खतम करने के लिए हमें क्या करना चाहिए ?
(hn)
Maharashtra
गन्ने में नदीनों के कारण 12-72 प्रतिशत पैदावार का नुकसान होता है बिजाई के 60-120 दिनों तक नदीनों की रोकथाम बहुत जरूरी है इसलिए 3-4 महीने की फसल में नदीनों की रोकथाम करें नीचे लिखे तरीकों से नदीनों को रोका जा सकता है 1. हाथों से गोडाई करके :- गन्ना एक मेढ़ पर लगने वाली फसल है इसलिए नदीनों को गोडाई करके रोका जा सकता है इसके इलावा पानी लगाने के बाद 3-4 गोडाई जरूरी है 2.काश्तकारी ढंग :- हर वर्ष गन्ने की फसल लेने से नदीनों के कारण बहुत नुकसान होता है इसकी रोकथाम के लिए चारे वाली फसलें और हरी खाद वाली फसलों के आधार वाला फसली चक्र गन्ने में नदीनों की रोकथाम करता है इसके इलावा अंतरफसली जैसे कि मूंग, मांह और घास फूस की नमी से नदीनों का नुकसान कम होता हैं मूंग और मांह जैसी अंतर फसली अपनाने से किसान अपनी कमाई बढ़ा सकता है घास फूस और धान की पराली की 10-15 सैं.मी. मोटी सतह जमीन का तापमान कम करके नदीनों को रोकती है और जमीन में नमी को संभालने में मदद करती है 3.रासायनिक तरीके :- सिमाज़ीन/एट्राज़ीन 600-800 ग्राम प्रति एकड़ या मैट्रीब्यूज़िन 800 ग्राम प्रति एकड़ या डाईयूरोन 1-1.2 किलोग्राम प्रति एकड़ का प्रयोग बिजाई से तुरंत करनी चाहिए इसके इलावा चौड़े पत्ते वाले नदीनों की रोकथाम के लिए 2, 4-डी का प्रयोग 250-300 ग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से करें
सही बोले हो मैडम जी गन्ने के खेती मे कमाई करने के लिए जितनी हो सके निदाई और पानी की आवश्याकता होती हैं
Punjab
ok
मोती उत्पादन कैसे करें और बेचने का क्या रेट है ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
sir meri ik cow aa, jado dudh kad de aa ta dudh vale paseo usdi ik latt bahut kambdi aa, isda ki karn ho skta, patthe te pani sahi khandi peendi aa pr thodi jahi kamzor aa ?
(pb)
shamsher singh ji Os nu calcium di kami hove gi es lai osnu Liquid Calcimust Gold 100ml rojana deo ji es nall farak pe jawe ga ji.
मैं मशरूम की खेती करना चाहता हूं कृपया इसके बारे में मुझे विस्तार से जानकारी देने का कष्ट करें ?
(hn)
Maharashtra
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप Mr. jai 8882876224 जी से संपर्क कर सकते है
Moti ki kheti kaise kariye ?
(en)
Haryana
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 पर कॉल कर सकते है
Madhya Pradesh
सर मोती बिज कहा से प्राप्त करे
sir murrah buffalo ka dudh kaise badaye ?
(en)
Punjab
App uski khurak da puura dyan rkhe , usee rojana 40-45 kg hara chara den, uski her 3 mahine ke badd deworming krwaye, iske sath app Anabolite liquid 100ml rojana , Gog powder 50 gm rojana dena suru kren , iske sath uska duudh vaddh jayega.
mai, motiyan di kheti di poori jankari chunda hai ?
(pb)
Punjab
Motia di kheti bare puri jankari ate Training lai tusi Manish Vasudev 9417652857 nal samparak kar sakde ho.
sir pkavi makki march vich kehri bej skde aa ?
(en)
Haryana
amandeep ji pkavi makki de layi tuc kisam jive PMH 1, PMH2, DKC 9108 kisam di bijai kar sakde ho. dhanwad
श्री मान जी मैं ऐलोवीरा की खेती कर रहा हूँ पत्तियों पर काले रंग के दाग हो रहे है, कृपया मुझे जैविक उपचार बताये ?
(hn)
Punjab
हंसराज जी कृपया आप इसकी फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
ਸਤਿ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਜੀ ਮੈਨੂੰ ਪਸ਼ੂ ਤੇ ਲੋਨ ਲੈਣ ਲਈ ਜਾਣਕਾਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਸੀ ?
(pb)
Punjab
ਡੇਅਰੀ ਫਾਰਮਿੰਗ ਲਈ ਲੋਨ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਕੰਮਾਂ ਲਈ ਮਿਲਦਾ ਹੈ ਜਿਵੇਂ ਸ਼ੈੱਡ ਲਈ ,ਪਸ਼ੂਆਂ ਲਈ, ਡੇਅਰੀ ਮਸ਼ੀਨਰੀ ਲਈ ਲੋਨ ਲੈਣ ਦੇ ਲਈ ਤੁਹਾਡੇ ਕੋਲ ਡੇਅਰੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਾ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਲੋਨ ਲੈਣ ਸਬੰਧੀ ਅਰਜੀ ਨੇੜੇ ਦੇ ਡਿਪਟੀ ਡਾਇਰੈਕਟਰ ਡੇਅਰੀ ਨੂੰ ਮਿਲ ਕੇ ਦੇਵੋ ਇਸ ਦੇ ਲੋਨ ਤੇ 25% ਸਬਸਿਡੀ ਜਨਰਲ ਕੈਟਾਗਰੀ ਲਈ ਹੈ ਤੇ 33% ਅਨੂਸੂਚਿਤ ਜਾਤੀਆ ਲਈ ਹੈ ਬਾਕੀ ਵਿਆਜ ਜੋ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਬੈੱਕ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਉਸ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਹੀ ਲੱਗਦਾ ਹੈ ਸਭ ਤੋਂ ਵਧੀਆ ਤਰੀਕਾ ਇਹੀ ਹੈ ਕਿ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਨੇੜੈ ਦੇ ਡੇਅਰੀ ਡਿਵੈਲਪੈਟ ਆਫਿਸਰ ਨੂੰ ਮਿਲੋ ਉਹ ਤੁਹਾਨੂੰ ਫਾਈਲ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇਣਗੇ ਹਰ ਜ਼ਿਲੇ ਵਿੱਚ ਡਿਪਟੀ ਡਾਇਰੈਕਟਰ ਡੇਅਰੀ (PDDB) ਦਾ ਦਫਤਰ ਬਣਿਆ ਹੋਇਆ ਹੈ,ਤੁਹਾਨੂੰ ਓਹਨਾ ਤੋਂ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗੀ.
Punjab
ਸਰ ਜੀ ਅਗਰ ਕੋਈ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਨਾ ਹੋਵੇ ਫੇਰ ਲੋਨ ਕਿਵੇਂ ਲਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ
Punjab
ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਤੋਂ ਬਿਨਾਂ ਬੈਕ ਲੋਨ ਨਹੀ ਦਿੰਦਾ ਕਿਉਕੀ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਤੋਂ ਬਿਨਾਂ ਬੈਕ ਨੂੰ ਸ਼ੱਕ ਹੁੰਦਾ ਕਿ ਲੋਨ ਦਾ ਪੈਸਾ ਕਿਸੇ ਹੋਰ ਕੰਮ ਲਈ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ , ਇਸ ਲਈ ਉਹ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਮੰਗਦੀ ਹੈ।
Sir majj sui nu 5 month ho gye but heat vich nahi aa rehi. virbac the mineral mixture ve pa reha ha 1 month to. koi ilaj daso ?
(pb)
Punjab
uss nu tuci mineral mixture dinde rho , isde nal tuci uss nu pett de kriya lai Flukrid-DS bolus deo ate uss nu Ovumin Advance bolus deo , isdi 3 dabia laa aao , ate rojana 1 goli deo , 21 din tak dinde rho , iss nal heat vich aa jawegi .
Punjab
uss nu tuci mineral mixture dinde rho , isde nal tuci uss nu pett de kriya lai Flukrid-DS bolus deo ate uss nu Ovumin Advance bolus deo , isdi 3 dabia laa aao , ate rojana 1 goli deo , 21 din tak dinde rho , iss nal heat vich aa jawegi .
Punjab
uss nu tuci mineral mixture dinde rho , isde nal tuci uss nu pett de kriya lai Flukrid-DS bolus deo ate uss nu Ovumin Advance bolus deo , isdi 3 dabia laa aao , ate rojana 1 goli deo , 21 din tak dinde rho , iss nal heat vich aa jawegi .
मुझे मोती की खेती करनी है, कृपया बताएं ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
pearl farming ?
(en)
Punjab
Pearl farming is one of the best aquaculture businesses in India. In commercial pearl farming project, the first year investment will be more as you need fixed asset set up. You can assume 3/4 to a 1-acre, the cost of the pearl project would be around 4 lakhs rupees approximately. When it comes to profits in commercial pearl farming project, you can expect 50 to 60% under ideal aquaculture management practices. However, if you put more dedication and hard work into the project even 100% profit possible. There are mainly three types of pearls. • Natural pearls: in this type, the shape of the pearl depends on the original shape of the foreign body. • Artificial pearls: These are artificially made and coated with a synthetic material. • Cultured pearls (freshwater): These are cultured pearls in freshwater such as ponds, rivers etc..you can get the desired shape in this type. • You must have a good source of Oysters to culture in the pond. • You must have some skills of grafting techniques in pearl culture as this is essential for commercial pearl farming project. You can visit nearby pearl farms to learn these tips of freshwater pearl culture. first of all you have to attend 3 days practical training. According to your location you can get training from vinod kumar. he is successful pearl farmer. He is also providing training to new farmers. his contact number is 9050555757.Thank You.
Haryana
All Information and Training please contact with Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381.
asi g pig farm paya aa sanu palan ke liye female ya baby pigs chahinda ?
(en)
Punjab
lovepreet singh ji tusi 9915632577 te sukhwinder ji nal gal karo eh tohanu vadiya guide karange ji.
hybrid ka paudha h growth nhi kr raha hai kuch dawa btaiye sir aap log ?
(en)
Maharashtra
mandeep kumar ji aap ise 3-4 killo vermi compost daalen. is se paudhe ki growth hona shuru ho jayegi. dhanywad
Uttar Pradesh
thank u g
देसी मुर्गी के बच्चे मध्य प्रदेश में कहाँ से प्राप्त करें ?
(hn)
Punjab
मध्य प्रदेश में देसी चूजे लेने के लिए आप Dr Shashikant Patle 9098572227 से सम्पर्क करे
एलोवेरा के लिए मिट्टी कैसी हो ?
(hn)
Maharashtra
मिट्टी - एलोवेरा के पौधों को किसी भी प्रकार की उपजाऊ/अनउपजाऊ मिट्टी में उगाया जा सकता है बस आपको इस बात का ध्यान रखना है कि पौधा ज्यादा पानी वाली और ज्यादा ठंड पड़ने वाली जगह पर नहीं लगाना है कम पानी और रेतली भूमि में लगाने के लिए यह सबसे अच्छी फसल है
पहले दिन देसी चूज़े को क्या खिलाएं ?
(hn)
Punjab
सबसे पहले तो आप चूज़ों के रहने वाली जगह में तापमान बनाकर रखें और वहां ज्यादा देर तक लाईट जगाकर रखें इसके साथ आप उनको 4—5 घंटे के बाद फीड देनी शुरू करें और जब वह फार्म पर आए तो पहले आप 1 लीटर पानी में 1 किलो मिलाकर उसे दिन में 4 बार दें आप 250 ग्राम गुड़ को चारा भागो में बांट कर पानी मिलाकर पिला सकते है पानी आप चूज़ों के हिसाब से लें जितना वो दिन में आसानी से पी जाए फिर जब वो फीड आसानी से हज़म करने लग जाए तो उनके खाने के हिसाब से मात्रा को बढ़ाना शुरू करें फिर आप Chicks Crumbs फीड दे सकते है यह आप 50—60 दिन तक देते रहें इससे उनकी अच्छी ग्रोथ हो जाएगी
kehre mahinea vich kehdia fasla lonia chahidiya han jive jhona te kanak ?
(pb)
Haryana
manjinder ji jhone di bijai may mahine vich shuru ho jandi hai ate kanak di bijai october de akhir vich shuru ho jandi hai. jekar kise hor fasl bare jankari laina chahunde ho ta kirpa karke daso ta jo tuhanu ohna bare v jankari diti ja sake. dhanwad
ਇਸ ਵਾਰ ਝੋਨਾ ਕਿਹੜਾ ਲਈ ਲਾਈਏ ਜੀ ?
(en)
Punjab
ਝੋਨੇ ਦੀਆਂ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਕਿਸਮਾਂ:-PR-126:-ਇਹ ਕਿਸਮ ਘਟ ਸਮਾਂ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ 123 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 30 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ । PR:-127 ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 30 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ 137 ਦਿਨਾਂ ਦੀ ਕਿਸਮ ਹੈ।PR121 ਇਸ ਕਿਸਮ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 30.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ 140 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ।PR 124 ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 30.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ 135 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ।ਇਸ ਵਿੱਚ ਭੂਰੇ ਧੱਬੇ ਦਾ ਹਮਲਾ ਜਿਆਦਾ ਆਉਂਦਾ ਹੈ।PR 122 ਇਹ ਕਿਸਮ 147 ਦਿਨ ਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਝਾੜ 31.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ।PR 123 ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 29 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ 143 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ।PR-114 ਇਹ ਕਿਸਮ ਨਿਰਯਾਤ ਲਈ ਢੁੱਕਵੀਂ ਹੈ।ਇਸ ਦਾ ਝਾੜ 27.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ 145 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ।
ਮੋਤੀ ਦੀ ਖੇਤੀ ਬਾਰੇ ਦੱਸੋ ?
(pb)
Punjab
ਮੋਤੀਆਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਇਕ ਲਾਭਦਾਇਕ ਕਿੱਤਾ ਹੈ ਮੋਤੀਆਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਉਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇ ਅਸਲ ਰੂਪ ਵਿਚ ਮੋਤੀ ਤਿਆਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸਦੀ ਖੇਤੀ ਤੁਸੀ ਕਿਸੇ ਤਲਾਬ ਵਿਚ ਜਾ ਫਿਰ 100 ਵਰਗ ਫੁੱਟ ਦਾ ਤਲਾਬ ਬਣਾ ਕੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਪਰ ਜੇਕਰ ਜਗਾ ਦੀ ਘਾਟ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਸੀਮਿੰਟ ਦੇ ਟੈਕ ਬਣਾ ਕੇ ਵੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤਲਾਬ ਬਣਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮਾਰਕਿਟ ਜਾਂ ਮੱਛੀ ਘਰ ਤੋਂ ਸਿਪੀ ਨੂੰ ਖਰੀਦਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਜਿਅਦਾਤਾਰ ਯੂਪੀ ਸਾਈਡ ਤੋ ਸਿੱਪੀਆਂ ਮਿਲ ਜਾਂਦੀਆ ਹਨ ਸ਼ੁ੍ਰੁਆਤ ਕਰਨ ਵਿੱਚ ਲੱਗਭੱਗ 20-40 ਹਜ਼ਾਰ ਤੱਕ ਦਾ ਖਰਚਾ ਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਕੁਆਲਿਟੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਇਕ ਸਿਪੀ ਕਰੀਬ 8 ਤੋਂ 12 ਰੁਪਏ ਦੇ ਵਿਚ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਬੰਦ ਸੀਪੀਆਈ ਵਿਚ ਖਿੱਚ ਲਾ ਕੇ ਉਹਨਾਂ ਵਿੱਚ ਮੋਤੀਆਂ ਦਾ ਬੀਜ ਪਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਫਿਰ ਇਹਨਾਂ ਸਿਪੀਆ ਨੂੰ ਬੰਦ ਕਰ ਕੇ ਜਾਲੀ ਦੇ ਸਹਾਰੇ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਸੁੱਟ ਦਿੱਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਫਿਰ ਕੁੱਜ ਮਹੀਨਿਆਂ ਬਾਅਦ ਇਸ ਵਿਚੋਂ ਮੋਤੀ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਮੋਤੀ ਬਣਨ ਵਿਚ 18 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲਗਦਾ ਹੈ ਡਿਜ਼ਾਈਨਰ ਮੋਤੀ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਲਈ ਉਹਨਾਂ ਲਈ ਖਾਸ ਤੌਰ ਤੇ ਸਾਂਚੇ ਬਣਾਏ ਹੁੰਦੇ ਹਨ, ਜਿਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਗਨਪਤੀ,ਬੁੱਧ,ਹੋਲੀ ਕਰਾਸ ਸਾਈਨ ਵਰਗੇ ਡਿਜ਼ਾਈਨਰ ਮੋਤੀ ਤਿਆਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਬਜਾਰ ਵਿਚ ਇਹ ਮੋਤੀ 300 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਨਗ ਦੇ ਰੇਟ ਤੇ ਵਿਕਦੇ ਹਨ ਮੋਤੀਆਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਤੁਸੀ ਟਰੇਨਿਗ ਵੀ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇੰਡਿਅਨ ਕਾਉਂਸਿਲ ਫ਼ਾਰ ਐਗਰੀਕਲਚਰ ਰਿਸਰਚ(ICAR) ਦੀ CIAF ਵਿਗ (ਸੇਂਟਰਲ ਇੰਸਟੀਟਿਊਟ ਆਫ ਫਰੈਸ਼ ਵਾਟਰ ਏਕਵਾਕਲਚਰ) ਮੋਤੀਆਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਫਰੀ ਟਰੇਨਿਗ ਦਿੰਦੀ ਹੈ CIAF ਤੋਂ ਟਰੇਨਿਗ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ ਇਹਨਾਂ ਨੰਬਰਾ ਤੇ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ 0674 2465421, 2465446 ਮੋਤੀਆਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲੁਈ ਸਰਕਾਰ ਵਲੋਂ ਕਰਜਾ ਵੀ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋ ਬਾਕੀ ਵਿਨੋਟ ਕੁਮਾਰ ਜਮਲਾਪੁਰ ਹਰਿਆਣੇ ਵਿਖੇ ਇਸਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਿੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ 2 ਦਿਨ ਦੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ 5000 ਰੁਪਏ ਵਿੱਚ ਕਰਵਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਜਦੌ ਤੁਸੀ ਇੱਕ ਵਾਰ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਲਿਆ ਫਿਰ ਇਸ ਨੂੰ ਵੇਚਣ ਬਾਰੇ ਬਹੁਤ ਲਿੰਕ ਬਣ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਤੁਸੀ ਇਸਨੂੰ ਦਿੱਲੀ,ਦੇਹਰਾੂਨ, ਮੁੰਬਈ ਵਿਖੇ ਵੇਚ ਸਕਦੇ ਹੋਂ
जीरे की खेती के बारे में बताएं ?
(hn)
Maharashtra
जीरे की खेती अच्छे निकास वाली और उच्च कार्बनिक पदार्थों वाली मिट्टी जीरे की खेती के लिए उपयुक्त होती है जीरे की खेती के लिए उस ज़मीन का चयन करें जहां 3-4 वर्ष जीरे की खेती ना की गई हो आप इसकी किस्मे जैसे RZ-19, RZ-19,RZ-223 ,GC 4 की बिजाई कर सकते है जीरे की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें और मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें जीरे की बिजाई के लिए 15 से 30 नवंबर सही समय होता है कतारों में बिजाई के लिए दो पंक्तियों में 30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीजों को 10 सैं.मी. की गहराई में बोयें बिजाई के लिए बुरकाव ढंग या कतार में बिजाई ढंग का प्रयोग करें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 4-6 किलो बीज पर्याप्त होते हैं बिजाई से पहले कार्बेनडाज़िम 2 ग्राम से प्रति किलो बीजों का उपचार करें यह बीजों का फंगस संक्रमक से बचाव करेगा खादों की सही मात्रा के लिए और अतिरिक्त प्रयोग ना करने के लिए मिट्टी की जांच सबसे महत्तवपूर्ण कदम है फसल की अच्छी वृद्धि और अच्छी उपज के लिए नाइट्रोजन 15 किलो (यूरिया 32 किलो) फासफोरस 11 किलो (एस एस पी 66 किलो) और पोटाश 7 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 12 किलो) को गाय के गले हुए गोबर 2 टन के साथ प्रति एकड़ में डालें बिजाई के तुरंत बाद हल्की सिंचाई करें दूसरी सिंचाई बिजाई के 10 दिनों के बाद अंकुरण के समय करें उसके बाद तीन सिंचाइयां पर्याप्त होती हैं बाकी की सिंचाइयां बिजाई के 35वें, 60वें और 85वें दिन बाद करें एक बार फसल पक जाये तब सिंचाई ना करें बीज भरने की अवस्था में सिंचाई पत्तों के ऊपरी धब्बा रोग, चेपे और झुलस रोग के हमले को बढ़ाती है जीरे की फसल में नदीन गंभीर समस्या होते हैं नदीनों की जांच के लिए लगातार गोडाई और निराई करें पहली गोडाई बिजाई के 30-35 दिनों के बाद करें जब जीरे की फसल 5 सैं.मी. कद की हो जाये दूसरी गोडाई पहली गोडाई के 20-25 दिन बाद करें और खेत को नदीन रहित रखें रासायनिक रोकथाम के लिए बिजाई के 1-2 दिन बाद पैंडीमैथालीन 1 लीटर को 200 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें जीरे की फसल 100-115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है कटाई दरांती की सहायता से की जाती है फसल की कटाई के बाद पौधों को फर्श पर खिलार दें और धूप में सुखाने के लिए छोड़ दें धूप में अच्छे से सुखाने के बाद पौधों से दाने अलग कर लें
ਮੱਝ ਨੂੰ ਪਿਸ਼ਾਬ ਚ ਖੂਨ ਆ ਰਿਹਾ ਹੈ ਇਸਦਾ ਕੀ ਇਲਾਜ ਹੈ ਡਾਕਟਰ ਕਹਿੰਦੇ ਇਸਨੇ ਨਹੀਂ ਬਚਣਾ ?
(en)
Punjab
isde regarding tuahdi phone te expert nal gal krwa diti gyi c jekar iss ton ilawa koi hor smasiya aaundi hai tan tuci dubara swal upload kr skde ho .
pearl(Moti)Production method? please explain & guide me ?
(en)
Punjab
Mr. Vikas Gaikwad for pearl(Moti)Production method you can contact to Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381
sir ji DND688 es murgi da panjabi vich naam ki hai ?
(en)
Punjab
DND688 murgi da name Himsamridhi hai ji.
main jeera di kheti karni chahunda haan, kive rahugi ?
(pb)
Haryana
Karamjit ji jeere di kheti punjab khetibadi university valo punjab vich sifarish nahi kiti jandi eh jyadatar rajasthan vich kiti jandi hai. dhanwad
मोती की खेती के बारे में बताएं ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757, Manish Vasudev 9417652857 से संपर्क करें
sir g ਸੰਤਰੇ de ਬੁਟੇ nu kala tela bahut aw kehri spray kariye ?
(en)
Punjab
babbal ji tuc tele di roktham de layi imidacloprid@1.5ml nu prati litre pani de hisab nal spray karo. dhanwad
RK64 ?
(en)
Punjab
Deep zaildar ji kirpa karke apna swal vistar nal pucho ke tuc ki jankari laina chahunde ho. eh tabbaco di kisam hai jo punjab vich sifarish nahi hai. dhanwad
cocopeat kive bandi ha and kitho milegii
(pb)
Punjab
dhanveer ji eh local market vich hi mil jandi hai. eh nariyal de chilke de choore to bandi hai. isnu sabjiyan di paniri ugaun de layi vartya janda hai. dhanwad
?
(hn)
Punjab
Dheeraj ji kripya app apna swal vistar se btayen tan jo apko sahi jankari di ja skee.
मेरे टमाटर के पौधों के फूल सूख के गिर जाते है, इसमें कौन सी बीमारी लगी है ?
(en)
Punjab
चरण जी यह तत्व की कमी के कारण गिरना शुरू हो जाते है हुए अगर यह सूख रहे है तो फंगस के कारण होते है इसके लिए आप NPK 19:19:19@7 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें इसके इलावा आप इसके ऊपर म-45 @4 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Ajj kisan Mela ha veer g bathinda ?
(en)
Punjab
lakhwinder ji Bathinde vich mela 1 March nu c jo ke nikal geya hai. dhanwad
Maine aapke youtube channel pr motiyon ki kheti ke bare mein ek video dekhi thi, aapne jis aadmi ki video bnai hai mujhe uska number chahiye, maine training leni hai ?
(en)
Punjab
Motio ki kheti bare puri jankari or is ki training ke lia aap Vinod Kumar 9050555757 se samparak kare.
ਮੇਰੇ ਕੋਲੇ ਡੇਢ ਕਿੱਲਾ ਪੈਲੀ ਹੈ ਤਹਿਸੀਲ ਜਗਰਾਉਂ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਲੁਧਿਆਣਾ ਹੈ ਮੈਂ ਕੋਈ ਕੰਮ ਚਲਾਉਣਾ ਚਾਹੁੰਦਾ ਹਾਂ ਮੈਨੂੰ ਦੱਸਿਆ ਜਾਵੇ ਕਿ ਮੈਂ ਕੀ ਕੰਮ ਚਲਾਵਾਂ ਮੈਂ ਪੜ੍ਹਿਆ ਵੀ ਘੱਟ ਹਾਂ ਅੱਠ ਪਾਸ ਹਾਂ ਮੈਨੂੰ ਕੋਈ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇ ਪਲੀਜ਼ ?
(pb)
Punjab
ਅਮਰਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਕੋਈ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਪਰ ਇਹ ਇਸ ਗੱਲ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦੀ ਹੈ ਕੇ ਤੁਹਾਡੀ ਰੁਚੀ ਕਿਹੜੇ ਕੰਮ ਵਿਚ ਹੈ ਅਤੇ ਤੁਹਾਡਾ ਬਜਟ ਕਿੰਨਾ ਹੈ ਤਾ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਇਹ ਸਬ ਗੱਲਾਂ ਦੱਸੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
ਮੈਂ ਗਾਈਆਂ ਹੀ ਰੱਖਣੀਆਂ ਚਾਹੁੰਦਾ ਹਾਂ ਤਾਂ ਜੋ ਮੈਂ ਆਪਣਾ ਖੇਤੀ ਦਾ ਕੰਮ ਵੀ ਕਰ ਸਕਾਂ ਮੇਰੇ ਕੋਲੇ ਪਹਿਲਾਂ ਵੀ ਦੋ ਡੰਗਰ ਹਨ ਮੈਂ ਲੋਨ ਲੈ ਕੇ ਇੱਕ ਦੋ ਹੋਰ ਡੰਗਰ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੁੰਦਾ ਹਾਂ
ਮੇਰੇ ਕੋਲ ਡੇਢ ਕਿੱਲਾ ਪੈਲੀ ਹੈ ਅਤੇ ਮੈਂ ਕੋਈ ਸਾਈਡ ਬਿਜ਼ਨਸ ਚਲਾਉਣਾ ਚਾਹੁੰਦਾ ਹਾਂ ਜਿਵੇਂ ਕਿ ਇੱਕ ਦੋ ਗਾਈਆਂ ਉਸ ਵਾਸਤੇ ਮੈਨੂੰ ਲੋਨ ਕਿੱਥੋਂ ਮਿਲੂਗਾ ਤਹਿਸੀਲ ਜਗਰਾਉਂ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਲੁਧਿਆਣਾ ਮੇਰਾ ਹੈ ?
(pb)
Punjab
ਡੇਅਰੀ ਫਾਰਮਿੰਗ ਲਈ ਲੋਨ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਕੰਮਾਂ ਲਈ ਮਿਲਦਾ ਹੈ ਜਿਵੇਂ ਸ਼ੈੱਡ ਲਈ ,ਪਸ਼ੂਆਂ ਲਈ, ਡੇਅਰੀ ਮਸ਼ੀਨਰੀ ਲਈ ਲੋਨ ਲੈਣ ਦੇ ਲਈ ਤੁਹਾਡੇ ਕੋਲ ਡੇਅਰੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਾ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਲੋਨ ਲੈਣ ਸਬੰਧੀ ਅਰਜੀ ਨੇੜੇ ਦੇ ਡਿਪਟੀ ਡਾਇਰੈਕਟਰ ਡੇਅਰੀ ਨੂੰ ਮਿਲ ਕੇ ਦੇਵੋ ਇਸ ਦੇ ਲੋਨ ਤੇ 25% ਸਬਸਿਡੀ ਜਨਰਲ ਕੈਟਾਗਰੀ ਲਈ ਹੈ ਤੇ 33% ਅਨੂਸੂਚਿਤ ਜਾਤੀਆ ਲਈ ਹੈ ਬਾਕੀ ਵਿਆਜ ਜੋ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਬੈੱਕ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਉਸ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਹੀ ਲੱਗਦਾ ਹੈ ਸਭ ਤੋਂ ਵਧੀਆ ਤਰੀਕਾ ਇਹੀ ਹੈ ਕਿ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਨੇੜੈ ਦੇ ਡੇਅਰੀ ਡਿਵੈਲਪੈਟ ਆਫਿਸਰ ਨੂੰ ਮਿਲੋ ਉਹ ਤੁਹਾਨੂੰ ਫਾਈਲ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇਣਗੇ ਹਰ ਜ਼ਿਲੇ ਵਿੱਚ ਡਿਪਟੀ ਡਾਇਰੈਕਟਰ ਡੇਅਰੀ (PDDB) ਦਾ ਦਫਤਰ ਬਣਿਆ ਹੋਇਆ ਹੈ, ਇਹਨਾਂ ਤੋਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਾਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗੀ.
सोलर पंप के लिए क्या करना पड़ेगा ?
(hn)
Punjab
सोलर पंप लगवाने के लिए आप Uttar Pradesh New and Renewable Energy Development Agency (UPNEDA)Vibhuti Khand, Gomti Nagar Lucknow-226010 Phone: 0522 272 0652 Uttar Pradesh से सम्पर्क करे
soler moter de new conection nikle a k nii sir j nikle a tan kdo bharne a, is bare jankari deo ji ?
(pb)
Punjab
Saman ji Solar motor bare puri jankari lai tusi Amrik Singh 9814221784 nal samparak kar sakde ho.