Punjab
Search
मैं बकरी फार्म करना चाहता हूं तो मुझे कौन सी नस्ल की बकरियां लानी चाहिए ?
(hn)
जी आप बीटल बकरियां रख सकते हैं यह बहुत ही लाभदायक व्यापार है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं इनकी खुराक अवस्था भी कम होती है इन्हें आप वृक्षों के पत्ते, हरा चारा, हरे घास के साथ पाल सकते हैं आप बीटल और देसी नसल की बकरियां खरीद सकते हैं यह नसल पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, में आम मिल जाती है और एक तंदरूस्त बकरी 12 -15000 के करीब मिल जायेगी एक तंदरूस्त बकरी एक ब्यांत में 160-190 किलो तक दूध दे देती है इनका एक दिन का दूध 2-4 किलो तक का होता है यह साल में 2-5 बच्चे दे देती है भारतीय मंडी में बकरी के दूध और मीट की बहुत ही मांग है जिस कारण हम इसका आसानी से मंडीकरण भी कर सकते हैं और इसके मीट से खुद प्रोडक्ट तैयार करके या त्योहार के दिनों में खुद मंडीकरण करके अधिक मुनाफा ले सकते हैं
Rajasthan
इन सब में मेरे को कितना खर्चा आएगा.
please tell me about cow feed, I just started a dairy and I am really confused about the feed, could anyone please let me know a good feed formula I have desi cows ?
(en)
Rajasthan
Cattle health and milk production depends on their proper dose. Along with this, the right amount of calcium should be given. Today, a home-remedy is being shared with you that how a balanced feed can also be prepared at home. To make balanced feed of 100 Kg there are some essential ingredients such as 25 kg of grains (Sorghum, Pearl millet (winter), wheat, barley (summer) one of these), Pulses Choker 20 kg (Moong Bean Choker, Beans Choker ( winter), Red Lentils Choker, Pigeon pea lentils (one of them) , 25 kg (paddy straw), fiber covering 15 kg (wheat, choker, Chickpeas coverings, pea coverings one of them), Neem Cake 15 kg (mustard, binola or soya (one of them), 250 gm sweet soda, 1 kg of salt, jaggery 1 kg, 1 kg turmeric (in winter), mix everything well. This feed is very beneficial for the cattles.
thank you so much Sir. Sir can you give me training in dairy management ? .. mere guru ban jaeiye please
बकरी पालन करना चाहता हूं ट्रेनिंग कहां मिलेगी ?
(hn)
Punjab
बकरी पालन की ट्रेनिंग आपको अपने नज़दीकी कृषि विज्ञानं केंद्र से ही लेनी पड़ेगी आप वह पर जाकर ट्रेनिंग के लिए अपना फॉर्म भरे और जब ट्रेनिंग होगी तो आपको कॉल करके बुला लिया जाता है आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञानं केंद्र का पता नोट कर सकते है जी कृषि विज्ञानं केंद्र, भोजपुर Village & PO - Dawan, PS & Block - Jagdishpur, जिला- भोजपुर - 802155 (बिहार) इंडिया फ़ोन: 9334199589
sir lal aalu ch kehdi kehdi variety hai is var asi pukraj variety layi c acre da 250 gatta nikleya te sanu dsso lal aalu ch kehdi variety hundi hai te usda austan jhad kinna hunda hai ?
(en)
Punjab
navdeep puri ji laal allu vich tuc LR variety di bijai kar sakde ho.
Punjab
LR hunda veere ( lady rosetta) 70 din di kachi putayi te 65 to 70 qnt. te 90 toh 100 dina di putayi te 100 quentel te 100+ v nikl janda je vdia dekhbhaal kri howe new beej laya howe.
sir kanak de patte is tra ho rhe ne ki davai karie ?
(pb)
Punjab
gurtej ji kanak de patteya nu hath laun te jekar haldi vala powder hathan nu lagda hai ta eh peeli kungi da hamla hai isde layi tuc mancozeb@2gm prati litre ja tilt@2ml prati litre pani de hisab nal spray karo. dhanwad
moti ki kheti ka training centre kaha hai uska number chahiye training ke liye ?
(en)
Punjab
Motio ki kheti bare puri jankari or is ki training ke lia aap Vinod Kumar 9050555757 se samparak kare.
hf ਗਾ ਦੀ ਫੈਟ 2. 8 ਤੋ ਨਹੀ ਵੱਧ ਦੀ ?
(pb)
Punjab
ਫੈਟ ਘਟਣ ਦੇ ਕਈ ਕਾਰਨ ਹੁੰਦੇ ਹੈ , ਜਿਵੇਂ ਸਹੀ ਖੁਰਾਕ ਨਾ ਮਿਲਣਾ , ਟਾਈਮ ਤੇ ਡੇਵਰਮਿੰਗ ਨਾ ਹੋਣਾ , ਰਹਿਣ ਸਹਿਣ ਵਿਚ ਦਿਕੱਤ ਹੋਣਾ , ਇਹਨਾਂ ਕਾਰਨਾਂ ਕਰਕੇ ਵੀ ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਅਤੇ ਫੈਟ ਘਟ ਜਾਂਦੀ ਹੈ , ਬਾਕੀ ਇਸਦਾ ਸੰਬੰਧ ਪਸ਼ੂ ਦੀ ਨਸਲ ਤੇ ਵੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਕਿਉਕਿ ਜੇਕਰ ਨਸਲ ਵਧਿਆ ਹੈ ਤਾਂ ਫੈਟ ਅਤੇ ਦੁੱਧ ਵੀ ਵਧਿਆ ਹੋਵੇਗਾ ਜੇਕਰ ਨਸਲ ਵਧਿਆ ਨਹੀਂ ਹੈ ਤਾਂ ਉਸਦਾ ਉਨ੍ਹਾਂ ਹੀ ਦੁੱਧ ਅਤੇ ਫੈਟ ਹੋਵੇਗੀ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਉਸ ਨਸਲ ਦਾ ਹੈ , ਫੈਟ ਵਧਾਾਉਣ ਲਈ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਦੇਸੀ ਕਪਾਹ ਦੇ ਵੜੇਵੇ ਚਾਰੋ ਜੀ ਅਤੇ ਬੀਟੀ ਕਾਟਨ ਦੀ ਵਰਤੋ ਬਿਲਕੁੱਲ ਨਾ ਕਰੋ ਅਤੇ ਦੁੱਧ ਵਧਾਉਣ ਤੁਸੀ ਦਾਣੇ ਨੂੰ ਗਿੱਲਾ ਕਰਕੇ ਉਸ ਵਿੱਚ 10 ਗ੍ਰਾਮ ਲਾਈਵਈਸਟ ਮਿਲਾ ਕੇ ਦੁੱਧ ਚੋਣ ਤੋਂ 10 ਮਿੰਟ ਪਹਿਲਾ ਘੋਲ ਕੇ ਪਾਓ ਇਹ ਲਾਈਵਈਸਟ ਤੁਹਾਨੂੰ ਪੰਸਾਰੀ ਦੀ ਦੁਕਾਨ ਤੋਂ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗਾ ਇਹ ਜਿਆਦਾ ਟਾਈਮ ਨਹੀ ਪਿਆ ਰਹਿਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਇਸ ਨਾਲ ਦੁੱਧ ਵੱਧ ਜਾਵੇਗਾ ਜਾਂ ਤੁਸੀ ਕੱਦੂ ਜਾਂ ਲੋਕੀ ਖਵਾਓ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਇਹ ਵੀ ਦੁੱਧ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਠੀਕ ਹੈ ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ Fatplus ਜਾਂ Fatmax 50 ਗ੍ਰਾਮ ਪਾਊਡਰ ਵੀ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ , ਇਸ ਨਾਲ ਫੈਟ ਵਿੱਚ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ, ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ Milkout ਪਾਊਡਰ 2-2 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ
Rajasthan
एच एफ की फ़ैट 3- 3.5 होती है इसकी फ़ैट इतनी ही रहती है
sir amb de do bute han par ohna nu koi bur nahi aya plz is bare daso ki karan ?
(pb)
Punjab
satvinder ji kirpa karke daso ke amb de boote di umar kini hai ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.
सर मोती की खेती करना चाहता हूं इसके लिए जानकारी चाहिए ?
(hn)
Punjab
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
सर अभी मेरे पास बहुत ही कम पानी है लगभग रोज का दो टैंकर ऐसी स्थिति मे कोन सी फसल लगाए ?
(hn)
Punjab
रामेश्वर जी आप ग्वार की बिजाई कर सकते है इसे कम पानी की जरुरत होती है धन्यवाद
sir sade Madhumakhi bakse de vich oh rani makhi ik ghr de vich do ja teen ande dindi hai koi nuksan taa nahi eh q dindi hai is bare jankari deo ?
(pb)
Fenbendazole की गोली हम कितनी मात्रा में और कितने समय देना होता है मेरी 5 साल की भैंस को देना है। जल्द उत्तर दीजिये ?
(hn)
Punjab
आप 5 साल की भैंस को पूरी गोली दे सकते है यह गोली 3 महीने में एक बार देनी होती है इसके साथ पेट के कीड़े खत्म हो जाते है यह आप शाम के समय दें जब पशु चारा दाना खा चुका होता है तब आप इस गोली को दे सकते है
मोती के खेती करने के सम्बन्ध में जानकारी दें ?
(hn)
Punjab
विनय रंजन तिवारी जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
hf cross breed cow aa ji phle suye sunn wali 10-15 din reh gye sunn vich te usne udder size bhut ghat hai me vitum h de injection v laye aa liquid form ch lendi nyi cc te metabolite pudi v ghat khandi aa kde kde kha lendi a vitum-h injection diya 3 vails lwa ditia 5ml 5ml kr kr ke koi hall dso ji jis nal oh vdia dudh dewe me bhut sewa kr reha usdi 3 month toh te hun letti dliya v den lgga gudd paake ?
(pb)
Tusi us nu Liquid Anabolit 1 liter 100ml rojana deo Tablet Lactomax 200 10 swere 10 golia shame nu deo ji.
सर मुझे मोती की खेती के बारे में जानकारी चाहिए ?
(hn)
Punjab
मुकेश जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
sir gende de ful je hun laye jaan te full lg skde hai ja ohna di rutt chali gyi ?
(en)
Punjab
ਗੇਂਦੇ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਇੱਕ ਸਾਲ ਵਿੱਚ ਕਿਸੇ ਵੀ ਸਮੇਂ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਮੀਂਹ ਦੇ ਮੋਸਮ ਵਿੱਚ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅੱਧ ਜੂਨ ਤੋਂ ਅੱਧ ਜੁਲਾਈ ਵਿੱਚ ਕਰੋਂ ਸਰਦੀਆਂ ਵਿੱਚ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅੱਧ ਸੰਤਬਰ ਤੋਂ ਅੱਧ ਅਕਤੂਬਰ ਵਿੱਚ ਪੂਰੀ ਕਰ ਲਓ
sir 12 32 16 kdo pauni chahidi hai narme te ?
(en)
Punjab
armaanji 12:32:16 DAP ate SSP wala hi kam krdi hai. iss di maatra narme de vich 50kg prati acre hai. iss di v DAP de vangoo bijaayi kr skde ho.
sir narma beejan toh pehla kini potash payiye ik kille vich ?
(en)
Punjab
Narme di beejayi wala khet tyar krn wele @25 killo potash prati acre da chitta de skde ho.
कृप्या मुझे बिजाई के बारे में बतायें ?
(hn)
Punjab
dhirendra Pal ji please ask your question in detail that about which crop plantation you want to know so that we can provide you proper information. Thank you
aloe vera ki kheti kaise kre ?
(en)
Maharashtra
एलोवेरा का प्रयोग आयुर्वेदिक दवाईयों में बड़े स्तर पर होता है आजकल कई नेशनल और इंटर नेशनल कंपनियां इसका प्रयोग चिकित्सा के साथ साथ सुंदरता उत्पाद जैसे क्रीम, शैंपू, दंत पेस्ट और कई सारे उत्पाद में इसका प्रयोग होता है मिट्टी - एलोवेरा के पौधों को किसी भी प्रकार की उपजाऊ/अनउपजाऊ मिट्टी में उगाया जा सकता है बस आपको इस बात का ध्यान रखना है कि पौधा ज्यादा पानी वाली और ज्यादा ठंड पड़ने वाली जगह पर नहीं लगाना है कम पानी और रेतली भूमि में लगाने के लिए यह सबसे अच्छी फसल है खेत की तैयारी - खेत की तैयारी के लिए सबसे पहले खेत की 2 बार अच्छी तरह जोताई करके उसमें प्रति हेक्टेयर 10 से 20 टन में पुरानी रूड़ी की खाद डालें साथ ही 120 किलोग्राम यूरिया + 150 किलोग्राम फास्फोरस + 30 किलोग्राम पोटाश इन्हें खेत में समान रूप से बिखेर दें फिर एक बार हल्की जोताई और कराहे से भूमि को समतल कर लें फिर खेत में 50x50 सैं.मी. की दूरी पर मेंड़ें बना लें पौधे की रोपाई और देख रेख - पौधे की रोपाई किसी भी समय की जा सकती है पर अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए जून- जुलाई या फरवरी- मार्च में कर सकते हैं एलोवेरा की रोपाई मेंड़ों पर होती है यह पौधे किसी पुरानी एलोवेरा फार्म या नर्सरी से प्राप्त किए जा सकते हैं यही पौधे बाद में पनीरी के रूप में प्रयोग किए जाते हैं इस विधि को रूट सक्कर कहा जाता है अच्छी उपज के लिए किस्में - सिम सितल, L 1 , 2 , 5 और 49 लगाएं जिसमें जैल की मात्रा ज्यादा पायी जाती है इसके अलावा नेशनल बोटनीकल और प्लांट जैनेटिक रिसोर्स, आई. सी. ए. आर द्वारा रिलीज़ की गई किस्में IC111271, IC111269, IC111280 आदि हैं मेंड़ों पर 50 x 50 सैं.मी. की दूरी पर पौधों को लगाएं पौधे से पौधे की दूरी 50 सैं.मी. रखने पर प्रति एकड़ में 15000 पौधों की रोपाई की जरूरत पड़ेगी सिंचाई - सिंचाई साल भर में इसे सिर्फ 4 से 5 बार सिंचाई की जरूरत होती है सिंचाई के लिए ड्रिप प्रणाली अच्छी रहती है इससे इसकी उपज में वृद्धि होती है गर्मी क दिनों में 25 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करनी चाहिए कीट और बीमारियां - वैसे इस फसल पर कोई विशेष कीट और रोगों का प्रभाव नहीं होता है पर कहीं कहीं तने के सड़ने और पत्तियों पर दाग वाली बीमारियों का असर देखा गया है जो एक फंगस रोग होता है उसके उपचार के लिए मैनकोजेब 3 ग्राम प्रति लीटर के हिसाब से छिड़काव करना चाहिए कटाई - यह फसल एक साल बाद काटने के लायक हो जाती है कटाई के दौरान पौधों की सबसे पहले निचली ठोस 3 या 4 पत्तों की कटाई करें उसके बाद लगभग 1 महीने के बाद उससे ऊपर वाली पत्तियों की कटाई करनी चाहिए कभी भी ऊपर वाली नई नाज़ुक पत्तियों की कटाई ना करें कटी हुई पत्तियों में फिर नई पत्तियां बननी शुरू हो जाती हैं प्रति हेक्टेयर में 50 से 60 टन ताजी पत्तियां प्रति वर्ष मिल जाती हैं दूसरे वर्ष में 15 से 20 फीसदी वृद्धि होती है एलोवेरा की खेती में आप इसे एक बार लगाकर 3 से 5 वर्ष तक उपज ले सकते हैं आमतौर पर यह अनउपजाऊ भूमि पर होता है लेकिन दोमट मिट्टी इसके लिए सबसे अच्छी होती है इसकी बिजाई फरवरी में होती है वैसे आप इसे कभी भी लगा सकते हैं इसका बीज आप किसी किसान से जो एलोवेरा की खेती करता है उनसे ले सकते हैं इसके मंडीकरण के लिए आप बहुत सारी कॉन्ट्रेक्ट कंपनियां हैं जैसे पतंजलि आदि अगर अपना खुद का प्रोसेसिंग प्लांट लगाना चाहते हैं तो वो तभी फायदेमंद है अगर आपने ज्यादा ज़मीन पर लगाया है या फिर और किसान भी प्रोसेसिंग के लिए आप के पास आए आप इसे बेचने के लिए इस नंबर पर कॉन्ट्रेक्ट कर सकते हैं 7905264770 बाजार में इसकी पत्तियों की अनुमानित कीमत 3 से 6 रूपये किलो होती है एक तंदरूस्त पौधे से एक साल में लगभग 3-4 किलो पत्तियां ली जा सकती हैं इस तरह एक वर्ष में एक एकड़ में से 1.5 से 3 लाख की फसल हो जाती है एलोवेरा का प्रयोग तंदरूस्त पत्तियों की कटाई के बाद साफ पानी से धोकर पत्तियों के निचली ओर ब्लेड या चाकू से कट लगाकर थोड़े समय के लिए छोड़ देते हैं जिसमें पीले रंग का गाढ़ा चिपचिपा रस (जेल) निकलता है उसे एक टैंक में इकट्ठा करके इस रस को सुखा लिया जाता है इस सूखे हुए रस को अलग अलग ढंग से तैयार करने के बाद अलग अलग नामों से जाना जाता है जैसे कि सकोतरा केप जब फसल पूरी तरह तैयार हो जाये और उसकी कटाई कर ली जाये तो उसे आप सब्जी मंडी में सीधे तौर पर बेच सकते हैं यदि आप खुद मंडी में बेचते हैं तो आपको अंदाजन 5 से 10 रूपये प्रति किलो तक मुल्य मिल सकता है पर यदि आप किसी कंपनी से कॉन्ट्रैक्ट करते हो तो इसका रेट उस कंपनी की जरूरत और शर्तों के मुताबिक उस कंपनी के द्वारा तय होता है यह मुल्य आपकी उनके साथ डीलिंग पर निर्भर करता है
kanak vich patteya te yellow powder ja ho reha eh ji. hun esda ilaj daso kehdi spray krni pave gi ya sar jau ga. kanak ne 15 din hor lene aa ?
(en)
Punjab
knak de patte upper yellow powder yellow rust krke lgda hai jo fungus disease hai. esdi roktham lyi Tilt @200 ml per acre da spray kr skde ho.
मैंथा की खेती की जानकारी दें ?
(hn)
Punjab
पुदीने को मिट्टी की कई किस्मों जैसे दरमियाने से गहरी उपजाऊ मिट्टी, जिसमें पानी को सोखने की क्षमता ज्यादा हो, में उगाया जाता है इसको जल-जमाव वाली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है उच्च नमी वाली मिट्टी में यह अच्छे परिणाम देती है इस फसल के लिए मिट्टी का pH 6-7.5 होना चाहिए प्रसिद्ध किस्में:- MAS-1,Hybrid-77,Shivalik,EC-41911,Gomti,Himalaya किस्म की बिजाई कर सकते है पुदीने की बिजाई के लिए सुविधाजनक आकार के बैड तैयार करें खेत की तैयारी के समय खेत की अच्छी तरह जोताई करें जैविक खाद जैसे रूड़ी की खाद 100-120 क्विंटल प्रति एकड़ रूड़ी की खाद डालें रूड़ी की खाद के बाद हरी खाद डालें इसकी बिजाई के लिए दिसंबर-जनवरी का समय अनुकूल होता है पौधे के भागों की बिजाई 40 सैं.मी. के फासले पर और पंक्तियों के बीच का फासला 60 सैं.मी होना चाहिए बीज को 2-3 सैं.मी. की गहराई में बोयें पौधे के जड़ वाले भाग को मुख्य खेत में बोया जाता है प्रजनन क्रिया जड़ के भाग या टहनियों द्वारा की जाती है अच्छी पैदावार के लिए 160 किलो भागों को प्रति एकड़ में प्रयोग करें जड़ें पिछले पौधों से दिसंबर और जनवरी के महीने में प्राप्त की जाती है फसल को जड़ गलने से बचाने के लिए बिजाई से पहले बीजे जाने वाले उपचार कप्तान 0.25 प्रतिशत या आगालोल 0.3% या बैनलेट 0.1% से 2-3 मिनट के लिए किया जाना चाहिए बिजाई से पहले पौधे की बारीक जड़ 10-14 सैं.मी. काटें पुदीने की जड़ को आकार और जड़ के हिसाब से बोयें पौधे की बारीक जड़ की रोपाई 40 सैं.मी. के फासले पर और कतार से कतार का फासला 60 सैं.मी होना चाहिए बिजाई के बाद मिट्टी को नमी देने के लिए सिंचाई करें रोपाई के बाद नदीनों की रोकथाम के लिए सिनबार 400 ग्राम की प्रति एकड़ में स्प्रे करें खेत की तैयारी के समय रूड़ी की खाद 80-120 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें और अच्छी तरह मिलायें नाइट्रोजन 58 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 32-40 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 80-100 किलो), पोटाशियम 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 33 किलो) प्रति एकड़ में डालें हाथों से लगातार गोडाई करें और पहली कटाई के बाद खेत को नदीन मुक्त करें नदीनों की रोकथाम के लिए सिनबार 400 ग्राम प्रति एकड़ में प्रयोग करें नदीनों को नियंत्रित करने के लिए जैविक मल्च के साथ ऑक्सीफलोरफिन 200 ग्राम या पैंडीमैथालीन बूटीनाशक 800 मि.ली को प्रति एकड़ में प्रयोग करें यदि नदीन ज्यादा हो तो डालापोन 1.6 किलोग्राम प्रति एकड़ या ग्रामाक्ज़ोन 1 लीटर और डयूरॉन 800 ग्राम या टेरबेसिल 800 ग्राम की प्रति एकड़ में स्प्रे करें गर्मियों में मॉनसून से पहले जलवायु और मिट्टी के आधार पर 6-9 सिंचाइयां जरूर की जानी चाहिए मॉनसून के बाद 3 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है पहली सिंचाई सितंबर महीने में, दूसरी अक्तूबर में और तीसरी नवंबर महीने में की जानी चाहिए सर्दियों में ज्यादा सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन यदि सर्दियों में बारिश ना पड़े तो एक सिंचाई जरूर देनी चाहिए पौधे 100-120 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं जब निचले पत्ते पीले रंग के होने शुरू हो जायें, तब कटाई करें कटाई दराती से और बूटियों को मिट्टी की सतह के 2-3 सैं.मी. ऊपर से निकालें अगली कटाई पहली कटाई के बाद 80 दिनों के अंतराल पर करें ताजी पत्तियों को उत्पाद बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है
ਕਣਕ ਉਤੇ ਤੇਲੇ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਦੋ ਕਰਨੀ ਆ ?
(pb)
Punjab
ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਜਦੋਂ 5 ਜਾਂ ਇਸ ਤੋਂ ਜਿਆਦਾ ਤੇਲੇ ਹੋਣ ਤਾਂ ਇਸ ਵਿੱਚ ਐਕਟਾਰਾ @80 ਗਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ 120 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
sir tele and sundi lai kehri sapray kariye is lai done spray mila k kar sakde a k ni ?
(pb)
Punjab
Saman ji tuc tele de layi imidacloprid@60ml ja thiamethoxam@80 gram nu prati acre de hisab nal spray karo. sundi de layi tuc quinalphos@800ml nu 150litre pani vich mila ke prati acre de hisab nal spray karo ehna dona nu alag alag spray karo.
How to control the pests and insects in the kitchen garden Please recommend the natural way to control them ?
(en)
Punjab
Mandeep ji you can spray neem oil.Extract 500gm seeds from Neem cake. Make a paste by beating the seeds. The paste is put in double layered cotton cloth and is placed in 10ltr water for overnight. Next day rinse the cloth again and again so that the entire effect will come in the water. Then filter this solution and spray directly on the crops.
Rajasthan
एलोवेरा के रस का छिड़काव किया करें
From where should i get aloe vera Juice Or how can i prepare at home Dilution 0r ratio of concentration
sir ai krwaun ton bad jhoti da nale dudh ght gya si te ltta bahut marn lg pyi aa ?
(pb)
Punjab
Mangat ji tuci iss nu Gestaprojen powder 30gm rojana deo, isde nal tuci Calcimust gold liquid 100ml rojana ate Lactin bolus 1-1 swere sham deo, iss nal farak paa jawega.
मुझे मोती की खेती करनी है जानकारी दें ?
(hn)
Punjab
संदीप जोशी जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
khumb di kheti kdo te kis mahine kiti jandi a ?
(pb)
Maharashtra
ਖੁੰਬਾ ਦੀਆ ਕਿਸਮਾਂ ਕਈ ਤਰਾਂ ਦੀਆ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ ਜਿਵੇਂ ਬਟਨ ਖੁੰਬ, ਢੀਂਗਰੀ, ਸ਼ਟਾਕੀ ਖੁੰਬ, ਪਰਾਲੀ ਖੁੰਬ ਅਤੇ ਮਿਲਕੀ ਖੁੰਬ ਇਹਨਾਂ ਵਿਚੋਂ +ਅਲਗ ਹੈ ਜਿਵੇ *ਬਟਨ ਖੁੰਬ ਦਾ ਸਮਾਂ ਸਤੰਬਰ ਤੋਂ ਮਾਰਚ ਤਕ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇ ਵਿੱਚ ਆਪਾ ਇਸ ਤੋਂ 2 ਫਸਲਾਂ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹਾਂ * *ਢੀਂਗਰੀ ਦਾ ਸਮਾਂ ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਮਾਰਚ ਤਕ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇ ਵਿੱਚ ਆਪਾ ਇਸ ਤੋਂ 3 ਫ਼ਸਲਾਂ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹਾਂ * * ਸ਼ਟਾਕੀ ਖੁੰਬ ਦਾ ਸਮਾਂ ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਅੱਧ ਫਰਵਰੀ ਤਕ ਹੈ ਆਪਾ ਇਸ ਤੋਂ ਇਕ ਫ਼ਸਲ ਹੀ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹਾਂ * *ਪਰਾਲੀ ਖੁੰਬ ਦਾ ਸਮਾਂ ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੋਂ ਅਗਸਤ ਤਕ ਹੈ ਆਪਾ ਇਸ ਤੋਂ 4 ਫਸਲਾਂ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹਾਂ * ਮਿਲਕੀ ਖੁੰਬ ਦਾ ਸਮਾਂ ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੋਂ ਸਤੰਬਰ ਤਕ ਹੈ ਤੁਸੀ ਹੁਣ ਅਪ੍ਰੈਲ ਵਿਚ ਪਰਾਲੀ ਜਾ ਮਿਲਕੀ ਖੁੰਬ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਪਰਾਲੀ ਖੁੰਬ ਦੇ ਲਈ ਤੁਹਾਨੂੰ ਪਰਾਲੀ,ਬੀਜ,ਬਾਂਸ, ਸੇਬਾ ਆਦਿ ਦੀ ਜ਼ਰੂਰਤ ਹੈ *ਪਰਾਲੀ ਦੇ ਪੂਲੇ*-- ਝੋਨੇ ਦੀ ਪਰਾਲੀ ਦੇ 1-1 ਕਿਲੋ ਦੇ ਪੂਲੇ ਦੋਨੋ ਸਿਰਿਆ ਤੋਂ ਸੇਬੇ ਨਾਲ ਬੰਨ ਕੇ ਤਿਆਰ ਕੀਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਪੂਲੇ ਦੇ ਸਿਰੇ ਕਟ ਕ ਇਕ ਬਰਾਬਰ ਕਰ ਲਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨ *ਪੂਲਿਆ ਦੀ ਕਿਆਰੀ ਲਗਾਉਣਾ*---ਪਰਾਲੀ ਦੇ ਪੂਲਿਆ ਨੂੰ ਸਾਫ ਪਾਣੀ ਵਿਚ 16-20 ਘੰਟੇ ਲਈ ਡਬੋ ਦਇਓ ਗਿਲੇ ਪੂਲਿਆ ਨੂੰ ਢਲਾਨ ਤੇ ਰੱਖ ਕੇ ਵਾਧੂ ਪਾਣੀ ਨਿਕਲਣ ਦਇਓ ਕਮਰੇ ਚ ਇੱਟਾਂ ਤੇ ਬਾਂਸ ਦਾ ਇਕ ਢਕਵਾ ਪਲੇਟਫਾਰਮ ਬਣਾਓ ਇਸ ਪਲੇਟਫਾਰਮ ਤੇ 5 ਪੂਲਿਆ ਦੀ ਇਕ ਤਹਿ ਲਗਾਓ ਜਿਸ ਉਪਰ ਲਗਭਗ 75 ਗ੍ਰਾਮ ਬੀਜ ਪਾਓ ਇਸ ਤੋਂ ਉਪਰ ਵਾਲੀ ਤਹਿ ਉਲਟ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਤਰਾਂ 5-5 ਪੂਲਿਆ ਦੀਆ 4 ਤਹਿਆ ਵਿਚ 300 ਗ੍ਰਾਮ ਬੀਜ ਪਾ ਕ ਇਕ ਕਿਆਰੀ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਸਭ ਤੋਂ ਉਪਰ 2 ਪੂਲੇ ਖੋਲ ਕੇ ਰੱਖ ਦਿਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ *ਖੁੰਬਾ ਦਾ ਫੁੱਟਣਾ*---ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 7-9 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਖੁੰਬਾਂ ਫੁਟਣ ਲਗ ਪੈਂਦੀਆਂ ਹਨ *ਪਾਣੀ ਤੇ ਹਵਾ ਦਾ ਸੰਚਾਰ*-- ਬਿਜਾਈ ਦੇ 2 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਹਰ ਰੋਜ ਪਾਣੀ ਦਾ ਛਿੜਕਾਅ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਖੁੰਬਾਂ ਫੁਟਣ ਉਪਰੰਤ ਹਵਾ ਦਾ ਸੰਚਾਰ 6-8 ਘੰਟੇ ਪ੍ਰਤੀ ਦਿਨ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ * ਖੁੰਬਾਂ ਦੀ ਤੁੜਾਈ*-- ਖੁੰਬਾਂ ਫੁੱਟਣ ਉਪਰੰਤ 1-2 ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਤੋੜਨ ਯੋਗ ਹੋ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ **ਮਿਲਕੀ ਖੁੰਬ** ਮਿਲਕੀ ਖੁੰਬ ਲਈ ਤੂੜੀ ,ਬੀਜ ,ਮੋਮੀ ਲਿਫਾਫੇ(12×16),ਸੇਬਾ,ਕੇਸਿੰਗ, ਮਿਟੀ ਆਦਿ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ *ਤੂੜੀ ਦੀ ਤਿਆਰੀ*--ਸੁਕੀ ਤੂੜੀ ਨੂੰ ਪੱਕੇ ਫ਼ਰਸ਼ ਤੇ ਵਿਛਾ ਕੇ 16-20 ਘੰਟੇ ਪਾਣੀ ਨਾਲ ਗਿਲਾ ਕਰੋ ਗਿਲੀ ਤੂੜੀ ਨੂੰ ਬੋਰੀ ਵਿਚ ਭਰ ਕੇ ਸੇਬੇ ਨਾਲ਼ ਬੰਨ ਦਇਓ ਇਸ ਬੋਰੀ ਨੂੰ ਉਬਲਦੇ ਪਾਣੀ ਵਿਚ 45-50 ਮਿੰਟ ਲਈ ਰੱਖੋ ਤੂੜੀ ਨੂੰ ਕੱਢ ਕੇ ਪੱਕੇ ਫ਼ਰਸ਼ ਤੇ ਵਿਛਾ ਕੇ ਠੰਡਾ ਕਰ ਲਓ ਇਹ ਤੂੜੀ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੈ *ਬਿਜਾਈ*--- ਠੰਡੀ ਤੂੜੀ ਵਿਚ ਬੀਜ ਰਲਾ ਕੇ ਮੋਮੀ ਲਿਫਾਫੇ ਵਿਚ ਭਰ ਦਇਓ 1 ਮੋਮੀ ਲਿਫਾਫੇ ਵਿਚ ਲਗਭਗ 2 ਕਿਲੋ ਗਿਲੀ ਤੂੜੀ ਅਤੇ 70-80 ਗ੍ਰਾਮ ਬੀਜ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਲਿਫਾਫੇ ਦੇ ਮੂੰਹ ਨੂੰ ਸੇਬੇ ਨਾਲ ਬੰਨ ਕੇ ਕਮਰੇ ਵਿਚ ਰੱਖ ਦਇਓ *ਕੇਸਿੰਗ*--ਬਿਜਾਈ ਦੇ 2-3 ਹਫਤਿਆਂ ਬਾਅਦ ਲਿਫਾਫੇ ਖੋਲ ਕੇ ਕੇਸਿੰਗ ਦੀ 1-1.5 ਦੀ ਤਹਿ ਲਗਾ ਦਇਓ ਕੇਸਿੰਗ ਵਿਚ ਰੂੜੀ ਤੇ ਰੇਤਲੀ ਮਿਟੀ(4:1) ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੋ ਕ 24 ਘੰਟਿਆ ਲਈ 4% ਫਾਰਮਲੇਨ ਦੇ ਘੋਲ਼ ਨਾਲ ਜੀਵਣੁ ਰਹਿਤ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ *ਖੁੰਬਾਂ ਦਾ ਫੁੱਟਣਾ*-- ਕੇਸਿੰਗ ਮਿਟੀ ਪਾਉਣ ਤੋਂ ਲਗਭਗ 2 ਹਫਤਿਆਂ ਵਿਚ ਖੁੰਬਾਂ ਦੇ ਛੋਟੇ-ਛੋਟੇ ਕਿਣਕੇ ਨਿਕਲਣੇ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਜੋ ਕ 4-5 ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਤੋੜਨ ਯੋਗ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ *ਖੁੰਬਾਂ ਦੀ ਤੁੜਾਈ*-- ਲਗਭਗ 35 -40 ਦਿਨਾਂ ਤਕ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
पपीते की खेती कैसे करें ?
(hn)
Maharashtra
पपीता को मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए पपीते की खेती के लिए नदीन रहित भूमि का प्रयोग करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर मिट्टी में अच्छी तरह मिलाकर डालें सिफारिश किए गए फासलों पर 1 मीटर x 1 मीटर x 1 मीटर आकार के गड्ढे खोदें गड्ढों को मिट्टी और रूड़ी की खाद या गाय के गले हुए गोबर से भरें प्रयोग की गई किस्म के आधार पर प्रत्येक गड्ढे पर 2-4 नए पौधों की रोपाई करें रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें हवा से बचाव के लिए खूंटा लगाएं एक एकड़ में 104 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें कम बारिश वाले क्षेत्रों में जून - जुलाई के महीने में बिजाई की जानी चाहिए और तराई और अधिक बारिश वाले क्षेत्रों में सितंबर महीने में बिजाई की जानी चाहिए और क्षेत्र जहां सिंचाई की सुविधाएं उपलब्ध हो वहां पर फरवरी - मार्च के महीने में बिजाई की जानी चाहिए आमतौर पर 1.8 मीटर x 1.8 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है उच्च घनता की रोपाई के लिए 1.5 मीटर x 1.5 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है नर्सरी में बीज को 10 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बीजो की खेत में सीधे बिजाई या मुख्य खेत में नए पौधों की रोपाई की जाती है बीजों को 150 गेज़ की मोटाई वाले, 25 x 10 सैं.मी. के पॉलीथीन बैग में बोयें पानी के उचित निकास के लिए पॉलीथीन बैग के निचले हिस्से में 1 मि.मी. अर्द्धव्यास का छेद करें उसके बाद पॉलीथीन बैग में समान अनुपात में रूड़ी की खाद, मिट्टी और रेत डालें बिजाई से पहले बीजों का उपचार करें रोपाई के लिए 6-7 सप्ताह के पौधों का प्रयोग करें पौधे की प्रौढ़ अवस्था के दौरान नदीनों की रोकथाम जरूरी होती है नदीनों की तीव्रता के आधार पर, नियमित और हल्की गोडाई करें फ्लूक्लोरालिन या बूटाक्लोर 0.8 किलो प्रति एकड़ में डालें नदीनों की रोकथाम के लिए मलचिंग भी एक प्रभावी तरीका है पौधों की रोपाई के कुछ दिनों बाद प्लास्टिक शीट या धान की पराली या गन्ने के बचे कुचे को मलच के रूप में डालें मुख्यत: फल के पूरा आकार लेने और हरे से हल्का पीला रंग होने पर तुड़ाई की जाती है पहली तुड़ाई रोपाई के 14-15 महीनों के बाद की जा सकती है 4-5 तुड़ाइयां प्रति मौसम की जा सकती हैं तुड़ाई एक एक फल को हाथों से तोड़कर की जाती है फलों को सुबह के समय तोड़ें धन्यवाद
सर मैं मोती की खेती करना चाहता हूं, कृपया मुझे किसी इंस्टीट्यूट और एडमिशन प्रक्रिया के बारे में बतायें, कितने दिनों का कोर्स है, मार्केटिंग और नवजात सीप कहां से मिलेंगे ?
(hn)
Punjab
to get proper information about pearl farming you can contact to ICAR-Central Institute of Freshwater Aquaculture Kausalyaganga, Bhubaneswar-751002, Odisha, India Tel: +91-674-2465421, 2465446.
हमारे क्षेत्र में मिर्च की खेती होती है, उसमें बहुत ज्यादा रोग आता है इसलिए बहुत बड़ी मात्रा में कीटनाशकों का उपयोग करना पड़ता है । क्या इन परिस्तिथियों में हम जैविक तरीके से मिर्च कर सकते है यदि हाँ तो प्रोडक्शन पर क्या प्रभाव पड़ेगा ?
(hn)
Maharashtra
नितेश जी कृपया आप बतायेगे के मिर्च में कोनसी बीमारी आती है ता की आपको उसके हिसाब से जैविक हल बताया जा सके धन्यवाद
मोती की खेती कैसे करें ?
(hn)
Punjab
राजेंदर जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
sir es kank di bimari da koi nuksaan ta nhi ?
(pb)
Punjab
kabal ji eh peeli kungi diyan nishaniyan han ehna patteya nu hath laun te jekar haldi varga powder hath nu lagda hau ta eh peeli kungi hai. isde layi tuc kanak de uper tilt@200ml nu 150 litre pani vich mila ke prati acre de hisab nal spray karo.
Punjab
Thanks
मोतियों की खेती कैसे करें ?
(hn)
Punjab
प्रवीन कुमार गुप्ता जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 से संपर्क करें
सर दूसरे वर्ष के लिए गन्ना रखना है उसमें दवाई कौन कौन सी डालनी है और उसकी देख रेख कैसे करनी है ?
(hn)
Punjab
अगर आपने गन्ने को दुसरे साल कि लिए रखना है तो आप उसे पानी लगा कर 1 लीटर clorpyriphos को रेत में मिला कर छोडकाव करें धन्यवाद
मोती की खेती कैसे करें ?
(hn)
Punjab
राजीव कुमार जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
मोती उत्पादन कैसे शुरू करें ?
(hn)
Punjab
बारूम सिंह चंडेल जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
मोती की खेती शुरू करने के लिए क्या करना पड़ेगा ?
(hn)
Punjab
बारूम सिंह चंडेल जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
मोती उत्पादन कैसे करें ?
(hn)
Punjab
सत्येंदर जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
moringa ਦੇ ਪੋਦੇ ਨੂੰ ਪਸੂਆ ਦੇ ਹਰੇ ਚਾਰੇ ਦੇ ਲਈ ਵਰਤਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ । ਇਸ ਦੀ ਕਿਹੜੀ ਕਿਸਮ ਹਰੇ ਚਾਰੇ ਲਈ ਠੀਕ ਹੈ । ਇਸ ਦਾ ਬੀਜ ਕਿੱਥੋਂ ਮਿਲੇਗਾ ਬਠਿੰਡੇ ਦੇ ਨੇੜੇ ਤੇੜੇ ?
(en)
Punjab
ਮੋਰਿੰਗਾਂ ਜਾ ਸੁਹਾਜਣਾ ਦੇ ਪੌਦੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਹਰ ਰੋਜ਼ ਖਵਾ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਤੇ ਕਿਸਮ ਕੋਈ ਵੀ ਹੋਵੇ ਕੋਈ ਚੱਕਰ ਵਾਲੀ ਗੱਲ ਨਹੀ ਪੰਜਾਬ ਤੋਂ ਬਾਹਰਲੇ ਰਾਜਾਂ ਵਿੱਚ ਹਾਈਬ੍ਰਿਡ ਕਿਸਮਾਂ ਹਨ, ਪਰ ਆਪਣੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਆਮ ਇੱਕ ਹੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਕਿਸਮ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਹ ਆਮ ਹੀ ਖਾਲੀ ਜਗ੍ਹਾ ਵਿੱਚ ਉੱਗੀ ਹੋਈ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜਾਂ ਫਿਰ ਜੋ ਨਰਸਰੀਆਂ ਵਿੱਚ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਉਹ ਖਰੀਦ ਲਵੋ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀਂ ਬਠਿੰਡਾ ਤੋਂ ਇਹ ਲੈਣਾ ਹੈ ਤਾਂ ਬਠਿੰਡਾ ਵਿੱਚ ਜੋਗਾਨੰਦ ਰੋਡ ਤੇ ਥਰਮਲ ਕਲੋਨੀ ਦੇ ਸਾਹਮਣੇ ਜੰਗਲਾਤ ਵਿਭਾਗ ਦੀ ਸਰਕਾਰੀ ਨਰਸਰੀ ਹੈ ਉੱਥੋਂ ਜਿੰਨੇ ਬੂਟੇ ਚਾਹੇ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ ਜਾਂ ਫਿਰ ਕਿਸੇ ਵੀ ਪ੍ਰਾਈਵੇਟ ਨਰਸਰੀ ਤੋਂ ਵੀ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋ
Punjab
daso g kush.
सर मुझे गिर नस्ल की गाय चाहिए कृप्या मुझे बतायें कि मैं इसे कहां से खरीद सकता हूं इसका खरीद मूल्य क्या है ?
(hn)
Punjab
अब्दुल जी गिर नस्ल की गाय लेने के लिए आप Ameer Khan Pathan 9414745465 से सम्पर्क कर सकते है
सर कोई नवीनतम खेती के बारे में बतायें ?
(hn)
Punjab
सईद जी आप बताये के आप पहले कोनसी खेती करते है और आपके पास जमीन कितनी है ताकी आपको पूरी जानकारी दी जा सके के आप कोनसी नयी खेती कर सकते है धन्यवाद
Punjab
सईद जी आप बताये के आप पहले कोनसी खेती करते है और आपके पास जमीन कितनी है ताकी आपको पूरी जानकारी दी जा सके के आप कोनसी नयी खेती कर सकते है धन्यवाद
मोती की खेती कैसे करूं विस्तार में बतायें ?
(hn)
Punjab
md Halim Khan जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 से संपर्क करें
mujhe moti ki kheti krni hai wo kaise kr skte hai ?
(en)
Punjab
Motio ki kheti bare puri jankari or is ki training ke lia aap Vinod Kumar 9050555757 se samparak kare.
मोती की खेती कैसे की जाती है ?
(hn)
Punjab
अलोक कुमार जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
गमले में टमाटर कैसे उगाते हैं ?
(hn)
Punjab
गमले में टमाटर की खेती करने के लिए आप बड़े साइज के गमले ले उनमे में आप मिट्टी भरे और थोड़ी गोबर की खाद रला ले इसके बाद आप टमाटर के पौध इसे रोपण कर दे और हल्का पानी छिड़के धन्यवाद
I want to do pearl farming how to do it and seep how to collect ?
(en)
Punjab
Mr.Gulzar for pearl farming you can contact to Vinod Kumar 9050555757
moti ki kheti kaise kre ?
(en)
Punjab
Motio ki kheti bare puri jankari or is ki training ke lia aap Vinod Kumar 9050555757 se samparak kare.
कुदरती संसाधनों का प्रयोग करके कीटनाशकों के बिना 5 layer forming की जानकारी दें ?
(hn)
Punjab
डेयरी लोन के लिए डेयरी की ट्रेनिंग की होनी चाहिए बाकि डेयरी लोन का पूरा तरीका समझने के लिए यह वीडियो देखें, यदि आपको सी वीडियो और ऑडियो में कोई चीज़ समझ नहीं लगी तो आप अपना सवाल दोबारा पोस्ट कर दीजिये, कोशिश करेंगे कि आपको सही रास्ते डाला जाये https://www.youtube.com/watch?v=DUxbbAh5yxU
Mujhe Moti ka business krni hai ?
(en)
Punjab
Pankaj Singh Motio ki kheti bare puri jankari ke lia aap Vinod Kumar 9050555757 se samparak kare.
Punjab
Pankaj Singh g Moti ka business or kheti ki puri jankari ke lia aap Vinod Kumar 9050555757 se samparak kare.
ਤੇਲਾ ਬਹੁਤ ਪਿਆ ਕਣਕ ਨੂੰ ਕਿਹੜੀ ਦਵਾਈ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੀਏ ?
(pb)
Punjab
Knak vich tele di roktham lyi Actara(thiamethoxam 25WG) @80gm prati acre de hisab nal spray kr skde ho.
ककड़ी में गलन रोग ?
(hn)
vikas g agar iss mein gaala shuru ho gya hai toh iss ke upper antracol@500gm ja M-45@400gm ja Z-78@400gm ko 150ltr pani mein mila ke prati acre ke hisaab se spray krein...yeh gaala ruk jayega..
मोती ?
(hn)
Punjab
संदीप जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप मनीष वासुदेव 9417652857 से संपर्क करें
मोती की खेती कैसे शुरू करें ?
(hn)
Punjab
RK जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप मनीष वासुदेव 9417652857 से संपर्क करें
उत्तर प्रदेश में कौन सी नस्ल की बकरी पाली जा सकती है ?
(hn)
Punjab
उत्तर प्रदेश में आप बीटल और सिरोही नसल की बकरी पाल सकते है , बीटल नसल को आप मीट और दूध दोनों के लिए रख सकते हो
ब्रॉयलर पोल्ट्री ग्रोथ ?
(hn)
Punjab
यदि अंडे वाली है तो आप उन्हें Chicks Crumbs फीड दे सकते हैं यह आप 50—60 दिनों तक देते रहें यदि दूसरे हैं तो आप पहले 5 दिन chicks booster f फीड दें फिर 5 से 15 दिन तक Broiler stater feed फीड दें और 15—20 दिनों तक देनी शुरू करें फिर बाद में Chicks growther फीड दे सकते हैं इस तरह आप chicks finisher फीड दे सकते हैं जिससे बढ़िया ग्रोथ हो जाएगी
क्या खेड़ा ज़िले में मोती की खेती कर सकते है ?
(hn)
Punjab
Motio ki kheti bare puri jankari or is ki training ke lia aap Regional Research Centre, Anand ATIC, Anand Agricultural University, Anand , Gujarat Ph. & Fax: +91-2692-263699, -388001 se samparak kare.
अमरुद के पौधे को कौन सी खाद डालें, जिससे अमरुद के फल बड़े और स्वादिष्ट हो ?
(hn)
Dayaan g amrood ka pauda kitne saal ka hai kirpa yeh btaayein...Amrood ke paude ko subah shaam pani dete rhe ...neeche ki jitni bhi tehnia hai unko kaat te rhe...tan ki pauda upper ko bdhe...iss ke ilaava har saptaah ke end mein 100gm urea ko 5ltr pani mein mila ke paudo ko jrur daalein...
no khaad sirf pani dalo usko.
मोती की खेती कैसे करें और उसमें मुनाफा कितना है और नुकसान क्या है ?
(hn)
Punjab
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप ICAR-Central Institute of Freshwater Aquaculture Kausalyaganga, Bhubaneswar-751002, ODISHA, INDIA Phone: 91-674-2465421,2465446 FAX: 91-674-2465407 पर कॉल कर सकते है
Emu सर पालन के लिए Emu कहाँ से लें ?
(hn)
Punjab
इसके बारे में पूरी जानकारी और ट्रेनिंग के लिए आप Dr. Anil 9660669992 से संपर्क कर सकते है और इसके चूज़े लेने के लिए आप गिल फार्म 95018—32099 से संपर्क कर सकते है