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स्ट्रॉबेरी किस मौसम मे उगायी जाती है ?

(hn)
Posted by
preetam (7073487065)
preetam
Rajasthan
Bikaner
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Posted Date (17 Mar 2019 05:22 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (20 Mar 2019 11:12 AM) Translated Date (-)

स्ट्रॉबेरी सर्दियों में उगाई जाती है जी

I want to know about pearl farming ?

(en)
Posted by
s.k (9771076709)
s.k
Jharkhand
East Singhbhum
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Posted Date (17 Mar 2019 05:22 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Mar 2019 12:41 PM) Translated Date (-)

Pearl farming is one of the best aquaculture businesses in India. In commercial pearl farming project, the first year investment will be more as you need fixed asset set up. You can assume 3/4 to a 1-acre, the cost of the pearl project would be around 4 lakhs rupees approximately. When it comes to profits in commercial pearl farming project, you can expect 50 to 60% under ideal aquaculture management practices. However, if you put more dedication and hard work into the project even 100% profit possible. There are mainly three types of pearls. • Natural pearls: in this type, the shape of the pearl depends on the original shape of the foreign body. • Artificial pearls: These are artificially made and coated with a synthetic material. • Cultured pearls (freshwater): These are cultured pearls in freshwater such as ponds, rivers etc..you can get the desired shape in this type. • You must have a good source of Oysters to culture in the pond. • You must have some skills of grafting techniques in pearl culture as this is essential for commercial pearl farming project. You can visit nearby pearl farms to learn these tips of freshwater pearl culture. first of all you have to attend 3 days practical training. According to your location you can get training from vinod kumar. he is successful pearl farmer. He is also providing training to new farmers. his contact number is 9050555757.Thank You.

मोती की खेती कैसे करें ?

(hn)
Posted by
Pawanjit (7766869009)
Pawanjit
Bihar
Madhubani
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Posted Date (17 Mar 2019 05:14 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Mar 2019 08:32 PM) Translated Date (09 Nov 2020 03:48 PM)

Moti ki kheti bare puri jankari or is ki training ke lia aap Vinod Kumar 9050555757 se samparak kare.

इस महीने में मेथी बोयी जा सकती है जल्दी जवाब दें ?

(hn)
Posted by
shanky (9996263735)
shanky
Haryana
Ambala
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Posted Date (17 Mar 2019 05:09 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (20 Mar 2019 03:01 PM) Translated Date (-)

वानस्पतिक उद्देश्य के लिए अक्तूबर के आखिरी सप्ताह से लेकर नवंबर का पहला सप्ताह बिजाई के लिए अनुकूल होता है जब कि बीज उद्देश्य के लिए नवंबर का महीना बिजाई के लिए उत्तम समय होता है बीजों को पूरी धूप में बोयें

मोती के उत्पादन की पूरी जानकारी दें ?

(hn)
Posted by
vibhor bhardwaj (9068767624)
vibhor bhardwaj
Uttar Pradesh
Bijnor
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Posted Date (17 Mar 2019 05:04 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Mar 2019 08:33 PM) Translated Date (09 Nov 2020 03:48 PM)

हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है

about dairy farm ?

(en)
Posted by
Nabin Kumar bag (8144324398)
Nabin Kumar bag
Odisha
Balangir
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Posted Date (17 Mar 2019 05:03 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (19 Mar 2019 03:40 PM) Translated Date (-)

डेयरी फार्म के लिए आप एक बार में इक्ट्ठे पशु ना खरीदें पशुओं को 2—2 महीने के अंतराल पर खरीदें या फिर 3 पहले खरीद लें और 3 महीने बाद​ फिर खरीद लें इससे दूध की कमी नहीं आएगी पशु की नसल सबसे ज्यादा जरूरी है पशु खरीदने के समय कोशिश करें कि तीन समय का दूध निकालकर ही पशु को खरीदें भैंसों को खरीदने का सही समय रखड़ी से लेकर वैशाखी तक का होता है क्योंकि इस समय मौसम अच्छा होने के कारण हरा चारा भी खुला होता है पशुओं के लिए शैड परिवहन वाली सड़क पर ना बनाए और शैड सड़क से कम से कम 100 गज हटवा जरूर हो शैड को धूप और हवा का ध्यान रखकर बनाएं शैड हमेशा खेत या आस पास से 2 फुट ऊंचा बनाए क्योंकि निचले स्थान पर पानी खड़ा हो जाता है जिस कारण गंदगी पैदा हो जाती है और बाकी पशुओं का मल मूत्र का निकास भी आसानी से हो जाता है पशुओं के लिए बनाई जाने वाली खुरली ढाई तीन फुट चौड़ी होनी चाहिए खुरली पर खड़े होने के लिए एक पशु को तकरीबन तीन चार फुट जगह चाहिए मतलब 10 पशुओं के लिए 40 फुट लंबी खुरली बनेगी डेयरी फार्म से संबंधित सामान रखने के लिए स्टोर बनाए पशुओं का दाना स्टोर करने के लिए कमरा सैलाब से रहित होना बहुत जरूरी है शैड का फर्श पक्का, तिलकने रहित और जल्दी साफ होने वाला हो शैड में जितना हो सके पशुओं को खुला छोड़ें और पानी और दाना पूरा दें पशु को खुला छोड़ने से पशुओं में अफारे की समस्या कम आती है बाकी अपनी क्षमता और जरूरत मुताबिक ही समान खरीदें और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए प्रत्येक पशु का बीमा जरूर करवायें.

मोती उत्पादन की पुरी जनकारी ?

(hn)
Posted by
shashwat shukla (9079030775)
shashwat shukla
Rajasthan
Pratapgarh
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Posted Date (17 Mar 2019 05:02 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Mar 2019 08:35 PM) Translated Date (09 Nov 2020 03:48 PM)

हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है

18 Mar 2019

dhanyawad apke support ke liye

मोती की खेती कैसे करनी होती है ?

(hn)
Posted by
ANIL CHAUDHARY (8273117998)
ANIL CHAUDHARY
Uttar Pradesh
Mathura
Write Answer
Posted Date (17 Mar 2019 05:01 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Mar 2019 08:36 PM) Translated Date (09 Nov 2020 03:48 PM)

Moti ki kheti bare puri jankari or is ki training ke lia aap Vinod Kumar 9050555757 se samparak kare.

मोती के उत्पादन के लिये क्या करना पड़ता है ?

(hn)
Posted by
RAKESH KUMAR (7991101978)
RAKESH KUMAR
Bihar
--
Write Answer
Posted Date (17 Mar 2019 04:56 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Mar 2019 09:12 PM) Translated Date (09 Nov 2020 03:48 PM)

मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप से Vinod Kumar 9050555757 सम्पर्क करे

Answered Date (18 Mar 2019 10:16 PM) Translated Date (09 Nov 2020 03:48 PM)

धन्यवाद

potato marketing rate ?

(en)
Posted by
harpreet (8437150156)
harpreet
Punjab
Sangrur
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Posted Date (17 Mar 2019 04:53 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (20 Mar 2019 03:12 PM) Translated Date (-)

harpreet ji potato market rate id 400-450 rupees per quintal.

Pearl Farming ?

(en)
Posted by
Shashank Tiwari (7500369513)
Shashank Tiwari
Uttar Pradesh
Auraiya
Write Answer
Posted Date (17 Mar 2019 04:52 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Mar 2019 12:32 PM) Translated Date (-)

Pearl farming is one of the best aquaculture businesses in India. In commercial pearl farming project, the first year investment will be more as you need fixed asset set up. You can assume 3/4 to a 1-acre, the cost of the pearl project would be around 4 lakhs rupees approximately. When it comes to profits in commercial pearl farming project, you can expect 50 to 60% under ideal aquaculture management practices. However, if you put more dedication and hard work into the project even 100% profit possible. There are mainly three types of pearls. • Natural pearls: in this type, the shape of the pearl depends on the original shape of the foreign body. • Artificial pearls: These are artificially made and coated with a synthetic material. • Cultured pearls (freshwater): These are cultured pearls in freshwater such as ponds, rivers etc..you can get the desired shape in this type. • You must have a good source of Oysters to culture in the pond. • You must have some skills of grafting techniques in pearl culture as this is essential for commercial pearl farming project. You can visit nearby pearl farms to learn these tips of freshwater pearl culture. first of all you have to attend 3 days practical training. According to your location you can get training from vinod kumar. he is successful pearl farmer. He is also providing training to new farmers. his contact number is 9050555757.Thank You.

Answered Date (18 Mar 2019 12:36 PM) Translated Date (-)

Pearl farming is one of the best aquaculture businesses in India. In commercial pearl farming project, the first year investment will be more as you need fixed asset set up. You can assume 3/4 to a 1-acre, the cost of the pearl project would be around 4 lakhs rupees approximately. When it comes to profits in commercial pearl farming project, you can expect 50 to 60% under ideal aquaculture management practices. However, if you put more dedication and hard work into the project even 100% profit possible. There are mainly three types of pearls. • Natural pearls: in this type, the shape of the pearl depends on the original shape of the foreign body. • Artificial pearls: These are artificially made and coated with a synthetic material. • Cultured pearls (freshwater): These are cultured pearls in freshwater such as ponds, rivers etc..you can get the desired shape in this type. • You must have a good source of Oysters to culture in the pond. • You must have some skills of grafting techniques in pearl culture as this is essential for commercial pearl farming project. You can visit nearby pearl farms to learn these tips of freshwater pearl culture. first of all you have to attend 3 days practical training. According to your location you can get training from vinod kumar. he is successful pearl farmer. He is also providing training to new farmers. his contact number is 9050555757.Thank You.

0 dril wali kank nu sundi kyo hai ?

(pb)
Posted by
jagpreet (9478122801)
jagpreet
Punjab
Muktsar
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Posted Date (17 Mar 2019 04:45 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (22 Mar 2019 04:44 PM) Translated Date (-)

jagpreet ji zero drill vali kanak vich sundi is layi paindi hai ke isde vich maujood prali jaldi galdi nahi hai ate isde karn usde vich sundi pai jandi hai. dhanwad

Answered Date (22 Mar 2019 05:34 PM) Translated Date (-)

ok

Answered Date (22 Mar 2019 05:35 PM) Translated Date (-)

hal aa koi bai

मोती के लिये सीप की खेती किस प्रकार करते है मार्गदर्शन चाहिए ?

(hn)
Posted by
Harish pal (9752099910)
Harish pal
Madhya Pradesh
Gwalior
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Posted Date (17 Mar 2019 04:37 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Mar 2019 08:34 PM) Translated Date (09 Nov 2020 03:49 PM)

हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 पर कॉल कर सकते है

sir bathinda kisan Mela kado hai ?

(pb)
Posted by
Hardee sran (9914607616)
Hardee sran
Punjab
Barnala
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Posted Date (17 Mar 2019 04:36 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (17 Mar 2019 07:00 PM) Translated Date (-)

Hardee Sran g Bathinda kisan mela lgg chukeya hai g jo 1 March 2019 nu lgeya c g..

वर्मी कंपोस्ट कैसे तैयार करते हैं ?

(hn)
Posted by
sharda prasad maurya (9648862970)
sharda prasad maurya
Uttar Pradesh
Bahraich
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Posted Date (17 Mar 2019 04:35 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (20 Mar 2019 03:24 PM) Translated Date (-)

बढ़िया वर्मी कंपोस्ट निम्नलिखित तरीके अनुसार बनायी जा सकती है इसलिए ऐसा स्थान लें जहां धूप ना आये और हवादार हो इस स्थान पर ईंटों या पत्थर के टुकड़े और मिट्टी की 2—3 इंच मोटी परत बिछायें मिट्टी पर थोड़ा सा पानी छिड़ककर गीला करें मिट्टी में 25 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए इसके ऊपर गंडोए (40 गंडोए प्रति वर्ग फीट जगह) में मिलायें इसके बाद वेस्ट जैसे कि बची कुची सब्जियां, फल, कच्चा गोबर, गोबर की सलरी की 8—10 इंच मोटी परत डालें दूसरी परत के बाद इसके ऊपर सूखे पत्ते या पराली से ढक दें हर परत के बाद पानी छिड़कें ताकि नमी बनी रहे वर्मीकंपोस्ट के बैड को 3—4 इंच मोटी गोबर की परत से ढक दें और इसके ऊपर बोरा या तिरपाल रखें ताकि नमी बनी रहे रसोई, फसलों या डेयरी के बचे कुचे की परत को रैक से पलटते रहें और आवश्यकतानुसार थोड़ा थोड़ा करके और वेस्ट भी डाल सकते हैं इसके ऊपर कच्चा गोबर भी डाल सकते हैं पर ध्यान रखें कि यह परत पहले जितनी ही मोटी रहें वर्मी कंपोस्ट की खाद मौसम के हिसाब से 45—60 दिनों में तैयार हो जाती है सबसे ऊपर वाली परत को हटाकर गंडोए छलनी से अलग कर लें और निचली छोड़ दें इसके ऊपर दोबारा रसोई या एग्रो वेस्ट की 6 इंच मोटी परत बिछाकर दोबारा खाद तैयार की जा सकती हैं 45 दिनों के बाद पानी छिड़कना बंद करने से भी गंडोए निचली परत में चले जाते हैं और छलनी से अलग करने में समय कम लगता है तैयार वर्मी कंपोस्ट काले भूरे रंग की गंध रहित और चाय पत्ती जैसी होती है इसे छांव में हवा में सुखकर आवश्यकतानुसार थैले या बोरियों में डालकर रखा जा सकता है एक टन वर्मी कंपोस्ट में 1.0—1.5 किलोग्राम नाइट्रोजन, 5—10 किलोग्राम पोटाश और 3.5—5.0 किलो फासफोरस होता है इसके अलावा इसमें कई तरह के एन्ज़ाइम और सूक्ष्म तत्व कॉपर, आयरन, जिंक, सल्फर, कैलशियम और मैगनीशियम आदि होते हैं

sir kanak nu aah problem aa rahi hai kirpa isdi dwai bare jankari deo ?

(pb)
  • 2
Posted by
Nissan singh (7347673365)
Nissan singh
Punjab
Gurdaspur
Write Answer
Posted Date (17 Mar 2019 04:33 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (20 Mar 2019 11:55 AM) Translated Date (-)

Nisahn ji eh machar di sikhayat hai isde uper tuc imidacloprid@60ml ja thiamethoxam@80 gm nu 150 litre pani vich mila ke prati acre de hisab nal sprya karo. dhanwad

vegetable plants takecare ?

(en)
Posted by
Ramandeep singh kang (8847230725)
Ramandeep singh kang
Punjab
Kapurthala
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Posted Date (17 Mar 2019 04:27 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (19 Mar 2019 05:18 PM) Translated Date (-)

ramandeep ji please tell us in detail about which vegetable crop you want to know so that we can provide you proper information. thank you

my fish magur eat each other and got black dot on body ?

(en)
  • 3
Posted by
nirbhay (7400017401)
nirbhay
Haryana
Jind
Write Answer
Posted Date (17 Mar 2019 04:24 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (25 Mar 2019 06:03 PM) Translated Date (-)

Sir mangur is ban by state centre and ffda so and it s not eating each other it s a fungus affection.

ਅਸੀ ਸ਼ਹਿਰ ਵਿਚ ਆਪਣੇ ਮਕਾਨ ਦੀ ਛੱਤ ਤੇ ਸਬਜੀਆ ਕਿਵੇਂ ਉਗਾ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ?

(pb)
Posted by
Gaurav Sandhu (6283082755)
Gaurav Sandhu
Punjab
Sangrur
Write Answer
Posted Date (17 Mar 2019 04:23 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (20 Mar 2019 11:30 AM) Translated Date (-)

ਗੌਰਵ ਜੀ ਤੁਸੀ ਮਕਾਨ ਦੀ ਚੈਟ ਤੇ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਉਗਾਉਣ ਦੀ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦੇ ਲਈ ਨਾਲ ਦਿਤੀ ਵੀਡੀਓ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦੇ ਵਿਚ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਾਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਗਈ ਹੈ https://www.youtube.com/watch?v=mEjZ9LLov6I

jo grmi rutt dia sbjia vich bhundi aundi hai te chek kr dindi hai te oh nuksan bahut krdi hai te control ni hundi, te apni kheti app ch is related update ayi c ohde ch ik nuskha dssea gya c kirpa kr ke mainnu us bare dsso ki oh ghol kiwe tyar krna hai ?

(en)
Posted by
Manpreet Singh (6239286155)
Manpreet Singh
Punjab
Gurdaspur
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Posted Date (17 Mar 2019 04:20 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (20 Mar 2019 11:32 AM) Translated Date (-)

manpreet ji khet vich ghade nap ke roktham bare update payi gayi c oh seonk de layi c fruit fly layi nahi. isde layi tuc apne khet vich yellow sticky trap jo ke bajar vich asani nal mil janda hai usda istemal kar sakde ho. dhanwad

2967 ਨੂੰ ਪੀਲੀ ਕੁੰਗੀ ਤੇ ਤੇਲਾ ਹੈ ਕਿਹੜੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੀਏ ?

(pb)
Posted by
Deep Kamboj (8528132213)
Deep Kamboj
Punjab
Amritsar
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Posted Date (17 Mar 2019 04:19 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (17 Mar 2019 07:03 PM) Translated Date (-)

ਸ੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ HD-2967 ਵਿੱਚ ਪੀਲੀ ਕੁੰਗੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਟਿਲਟ @200 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਤੇਲੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਐਕਟਾਰਾ @80 ਗਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ।

मैं मोती की खेती करना चाहता हूं इसके बारे में पूरी जानकारी दें ?

(hn)
Posted by
Ram Ojha (9398220214)
Ram Ojha
Uttar Pradesh
Agra
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Posted Date (17 Mar 2019 04:18 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Mar 2019 09:05 PM) Translated Date (09 Nov 2020 03:49 PM)

Motio ki kheti bare puri jankari or is ki training ke lia aap Vinod Kumar 9050555757 se samparak kare.

Answered Date (17 Mar 2019 05:04 PM) Translated Date (24 Jul 2021 11:33 AM)

आपको जानकरी मिले तो मुझे भी बता देना

mujhe pearl ki kheti ki training leni h to mai kaise le skta hu or kaha kaha se le skta hu, or ICRA se training lena chahu to kaise le skta hu, kis time mai apply kr skta hu or kb kb ye training provide krte h ?

(en)
Posted by
Parvej Khan (9867573694)
Parvej Khan
Bihar
Darbhanga
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Posted Date (17 Mar 2019 04:17 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (21 Mar 2019 02:14 PM) Translated Date (-)

Motio ki kheti bare puri jankari or is ki training ke lia aap ICAR-Central Institute of Freshwater Aquaculture (Indian Council of Agricultural Research) (An ISO 9001:2015 Certified Institute) Kausalyaganga, Bhubaneswar-751002, Odisha, India Tel: +91-674-2465421, 2465446, Fax: +91-674-2465407, Vinod Kumar 9050555757 se samparak kare.

Answered Date (21 Mar 2019 02:48 PM) Translated Date (-)

thank you so much ❣

मोती की खेती करना चाहता हूं सर उसके लिए ज़मीन, पानी और बीज के बारे में जानकारी दीजिए ?

(hn)
Posted by
Ram Shrestha (7999317598)
Ram Shrestha
Sikkim
East Sikkim
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Posted Date (17 Mar 2019 04:15 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Mar 2019 08:58 PM) Translated Date (09 Nov 2020 03:49 PM)

Ram ji Motio ki kheti bare puri jankari or is ki training ke lia aap ICAR-Central Institute of Freshwater Aquaculture Kausalyaganga, Bhubaneswar-751002, ODISHA, INDIA Phone: 91-674-2465421,2465446 FAX: 91-674-2465407 se samparak kare.

hello sir eh lemon de plants three years de han and ehna te ajj tak fruit nhi lagya. please give some advice. 3 vigha Ch han ?

(en)
  • 4
Posted by
Shubdeep Singh Birring (8196961466)
Shubdeep Singh Birring
Punjab
Sangrur
Write Answer
Posted Date (17 Mar 2019 04:10 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (20 Mar 2019 11:12 AM) Translated Date (-)

Shubdeep Singh ji jekar boote beej nal lage han ta isnu 7-8 saal lagde han fal aun nu jekar boote kalm de nal laye gaye han ta isnu 3-4 saal lagde han. dhanwad

Answered Date (17 Mar 2019 04:12 PM) Translated Date (-)

ehna vicho ik tree de utte flowers han and us d height bakia to small hai

मैं मछली और मुर्गी पालन के साथ सब्जी की खेती का काम करना चाहता हूं ?

(hn)
Posted by
B.C.BAUDDH (9826659225)
B.C.BAUDDH
Madhya Pradesh
Damoh
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Posted Date (17 Mar 2019 04:10 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (19 Mar 2019 03:44 PM) Translated Date (09 Nov 2020 03:50 PM)

जी आप सब्ज़ी की खेती कर सकते है कृप्या आप यह बताएं कि आप कितनी ज़मीन पर सब्ज़ी की खेती करना चाहते है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके

I want to know about pearl kheti, everything sell market also ?

(en)
Posted by
Uttam (9974184942)
Uttam
Gujarat
Junagadh
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Posted Date (17 Mar 2019 04:09 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Mar 2019 09:01 PM) Translated Date (09 Nov 2020 03:51 PM)

Motio ki kheti bare puri jankari or is ki training ke lia aap Regional Research Centre, Anand ATIC, Anand Agricultural University, Anand , Gujarat Ph. & Fax: +91-2692-263699, -388001 se samparak kare.

makki di height nhi ho reha ?

(pb)
Posted by
Maan Sukh (7889108188)
Maan Sukh
Punjab
Barnala
Write Answer
Posted Date (17 Mar 2019 04:08 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (20 Mar 2019 11:07 AM) Translated Date (-)

makki de uper tuc hoshi@400ml nu 150 litre pani vich mila ke spray karo isde nal makki di height honi shuru ho jayegi. dhanwad

Answered Date (17 Mar 2019 05:05 PM) Translated Date (-)

yuriya khad daliye

ਕਪਾਹ ਲਾਉਣ ਸਮਾਂ ਕਿਹੜਾ ਹੈ ਸਰ ਜੀ ?

(en)
Posted by
ਹਰਪਰੀਤ ਸਿੰਘ (9872759040)
ਹਰਪਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
Ferozpur
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Posted Date (17 Mar 2019 04:06 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (17 Mar 2019 04:09 PM) Translated Date (-)

ਕਪਾਹ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਸਮਾਂ 1 ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੋਂ 15 ਮਈ ਤਕ ਦਾ ਹੈ ਜੀ।।

ਜਵੀਂ ਪੱਕ ਗਈ ਜੀ ਉਸ ਨੂੰ ਅਚਾਰ ਤੋਂ ਬਿਨਾਂ ਚਾਰੇ ਲਈ ਕਿਸ ਤਰਾਂ ਸੰਭਾਲ ਕੇ ਰੱਖ ਸਖਦੇ ਆ ਜੀ, ?

(pb)
Posted by
ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ ਗੋਦਾਰਾ (9465000102)
ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ ਗੋਦਾਰਾ
Punjab
Muktsar
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Posted Date (17 Mar 2019 04:03 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (22 Mar 2019 04:52 PM) Translated Date (-)

ਰਣਜੀਤ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸਦਾ Hay ਬਣਾ ਕੇ ਇਸਦੀ ਸਾਂਭ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ

Answered Date (27 Mar 2019 08:38 PM) Translated Date (-)

ਇਸਦਾ hay ਕਿਸ ਤਰਾਂ ਬਣਾਇਆ ਜਾਵੇ ਜੀ

sir rabbit farm lgon bare detail vich jankari chahidi haii , es bare training da ki hisab hai subsidy vgerah sara kuch dso ji ?

(en)
Posted by
Naunihal sethi (9914577538)
Naunihal sethi
Punjab
Faridkot
Write Answer
Posted Date (17 Mar 2019 04:03 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (22 Mar 2019 06:13 PM) Translated Date (-)

ਖਰਗੋਸ਼ ਪਾਲਣ ਲਈ ਤੁਸੀ ਕੰਪਨੀਆਂ ਨਾਲ ਕੋਨਟਰੈਕਟ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਇਸ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਤੁਸੀ 1 ਯੂਨਿਟ ਨਾਲ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਇਕ ਯੂਨਿਟ ਵਿੱਚ 3 ਮੇਲ ਤੇ 10 ਫੀਮੇਲ ਖਰਗੋਸ਼ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇੱਕ ਯੂਨਿਟ ਤੁਹਾਨੂੰ ਲੱਗਭੱਗ 30000 ਰੁਪਏ ਤੱਕ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗਾ ਇਸ ਲਈ ਤੁਹਾਨੂੰ 30X35 ਦਾ ਸ਼ੈਡ ਬਣਾਉਣਾ ਪਵੇਗਾ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਇਹਨਾਂ ਦੀ ਖੁਰਾਕ ਦੀ ਗੱਲ ਕਰੀਏ ਤਾਂ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਇੱਕ ਟਾਈਮ ਫੀਡ ਅਤੇ ਇੱਕ ਟਾਈਮ ਪੱਠੇ ਖਵਾਉਣੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਲੱਗਭੱਗ 3 ਮਹੀਨਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੇਚਣ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਤੁਸੀ ਇਸ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਲਈ ਪੈਰਾਡਾਈਜ਼ ਕੰਪਨੀ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਜਿੰਨਾਂ ਦਾ ਸੰਪਰਕ ਨੰਬਰ 9466419455 ਤੇ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਅਤੇ ਮਾਰਕੀਟਿੰਗ ਦੀ ਸਾਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਇਹ ਕੰਪਨੀ ਹੀ ਦੇਵੇਗੀ ਜੀ ਇਸ ਤੇ ਸਬਸਿਡੀ ਕੋਈ ਨਹੀ ਹੈ ਜੀ

Answered Date (22 Mar 2019 08:27 PM) Translated Date (-)

Thankuu gg

Answered Date (15 Apr 2019 09:32 PM) Translated Date (-)

Sethi saab

ਜੌਆਂ ਉੱਤੇ ਪੀਲੀ ਕੁੰਗੀ ਪੈ ਗੲੀ ਹੈ। ਜੇਕਰ ਕੱਟ ਕੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਪਾਈਏ ਤਾਂ ਕੋਈ ਨੁਕਸਾਨ ਤਾਂ ਨਹੀਂ ?

(pb)
Posted by
ਸਰਦਾਰ ਜੀ (7696570009)
ਸਰਦਾਰ ਜੀ
Punjab
S.A.S. Nagar
Write Answer
Posted Date (17 Mar 2019 03:58 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (22 Mar 2019 04:54 PM) Translated Date (-)

ਸਰਦਾਰ ਜੀ ਜੌਆਂ ਦੇ ਪੌਦਿਆਂ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂਆਂ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਪਰ ਇਸਦਾ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਹਿੱਸਾ ਬਿਮਾਰੀ ਰਹਿਤ ਹੈ ਉਹ ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਪਾਓ

ਸਰ ਕੁੱਤੀ ਗੰਦ ਖਾਂਦੀ ਹੈ, 1 ਮਹੀਨੇ ਦੀ ਹੈ ?

(en)
Posted by
Kulwinder Singh (7973166114)
Kulwinder Singh
Punjab
Ferozpur
Write Answer
Posted Date (17 Mar 2019 03:52 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (19 Mar 2019 03:47 PM) Translated Date (-)

ਉਸ ਨੂੰ easypet ਨਾਮ ਦੀਆਂ ਗੋਲੀਆਂ ਅੱਧੀ ਦੇ ਕੇ ਤੇ ਅੱਧੀ ਅਗਲੇ ਦਿਨ ਦੇ ਕੇ ਫਿਰ ਇੱਕ ਹਫਤੇ ਬਾਅਦ ਦਿਓ, ਇਸ ਤਰਾਂ ਇਹ ਦਵਾਈ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ, ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ Nutrich ਨਾਮ ਦੀ ਇੱਕ ਗੋਲੀ ਹਰ ਰੋਜ਼ 10 ਦਿਨ ਦਿਓ

मोती की खेती कैसे शुरू करें ?

(hn)
Posted by
Garvit Patel (9879005432)
Garvit Patel
Gujarat
Mehsana
Write Answer
Posted Date (17 Mar 2019 03:48 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Mar 2019 09:03 PM) Translated Date (09 Nov 2020 03:51 PM)

मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Regional Research Centre, Anand ATIC, Anand Agricultural University, Anand , Gujarat Ph. & Fax: +91-2692-263699, -388001 से सम्पर्क करे

Answered Date (18 Mar 2019 01:27 AM) Translated Date (09 Nov 2020 03:51 PM)

Keise

मोती बनाने की खेती के लिए कहाँ सम्पर्क करें ?

(hn)
Posted by
बिट्टू (9410742208)
बिट्टू
Uttarakhand
Almora
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Posted Date (17 Mar 2019 03:39 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Mar 2019 09:07 PM) Translated Date (09 Nov 2020 03:51 PM)

मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप से Vinod Kumar 9050555757 सम्पर्क करे

मोती की खेती की प्रशिक्षण कहाँ से ले ?

(hn)
Posted by
राजू बैगा (7987283368)
राजू बैगा
Chattisgarh
Bilaspur
Write Answer
Posted Date (17 Mar 2019 03:33 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Mar 2019 09:13 PM) Translated Date (09 Nov 2020 03:51 PM)

मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप से Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 सम्पर्क करे

खजूर की फसल के बारे मे बताये ?

(hn)
Posted by
Hanan khan moyal (9782331707)
Hanan khan moyal
Rajasthan
Churu
Write Answer
Posted Date (17 Mar 2019 03:33 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (20 Mar 2019 12:29 PM) Translated Date (-)

इसकी खेती किसी भी प्रकार की मिट्टी में की जा सकती है, लेकिन अच्छी पैदावार और अच्छी उपज के लिए अच्छे निकास वाली, गहरी रेतली दोमट मिट्टी जिसकी पी एच 7-8 हो , उचित रहती है जिस मिट्टी की 2 मीटर नीचे तक सतह सख्त हो, उन मिट्टी में उगाने से परहेज़ करें क्षारीय और नमक वाली मिट्टी भी इसकी खेती के लिए उपयुक्त होती है लेकिन इनमें खजूर की कम पैदावार होती है प्रसिद्ध किस्में :-Halawy,Medjool,Khunezi मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की दो से तीन बार जोताई करें मिट्टी के समतल होने के बाद, गर्मियों में 1 मीटर x 1 मीटर x 1 मीटर आकार के खड्ढे खोदें इन खड्ढों को दो सप्ताह के लिए खुला रखें उसके बाद अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर और उपजाऊ मिट्टी से खड्ढों को भरें क्लोरपाइरीफॉस@20 मि.ली. प्रत्येक खड्ढे में डालें मॉनसून में खजूर की खेती के लिए जुलाई-अगस्त का समय उपयुक्त होता है जबकि बसंत के मौसम में फरवरी-मार्च के महीने में रोपाई पूरी कर लें रोपाई के लिए 6मीटर या 8 मीटर के फासले पर 1 मीटर x 1 मीटर x 1 मीटर आकार के खड्ढे खोदें रोपाई के लिए 1 मीटर x 1 मीटर x 1 मीटर आकार के खड्ढे खोदें मुख्य खेत में वानस्पतिक भाग की रोपाई की जाती है जब कतार से कतार और पौधे से पौधे में 6 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है, तब एक एकड़ में 112 नए पौधों का प्रयोग करें, जबकि 8 मीटर x 8 मीटर के फासले पर 63 नए पौधों का प्रयोग प्रति एकड़ में करें खड्ढों में जड़ के भाग की रोपाई से पहले जड़ के आधार को IBA 1000 पी पी एम और क्लोरपाइरीफॉस 5 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में दो से पांच मिनट के लिए डुबोकर रखें खजूर का प्रजणन जड़ के भाग की सहायता से किया जाता है मुख्य पौधे से जड़ के भाग या टहनी को लें रोपाई के 4 या 5 साल बाद पौधे के वनस्पतिक भाग प्राप्त होते हैं वनस्पतिक भाग का उचित भार 15-20 किलोग्राम होना चाहिए जड़ के भाग को मुख्य पौधे से अलग करने से छ: महीने या साल पहले अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर, रेत और लकड़ी का बुरादा जड़ के आस-पास डालें अलग करने के समय पुराने पत्तों को निकाल दें और एक अकेला कट लें बीज प्रजनन की तरह ही जड़ के साथ प्रजनन की कुछ सीमाएं होती हैं राजस्थान में प्रजनन उद्देश्य के लिए टिशु कल्चर तकनीकों का प्रयोग किया जाता है टिशू कल्चर से प्राप्त पौधे बहुत महंगे होते हैं लेकिन राजस्थान सरकार ड्रिप किसानों को 75 प्रतिशत सब्सिडी उपलब्ध करवाती है प्रत्येक वर्ष के अगस्त-सितंबर महीने में 40-50 किलो गाय का गला हुआ गोबर प्रति पौधे में डालें खजूर को नाइट्रोजन खाद 500-1500 ग्राम प्रति पौधा बिजाई से पहले और फूल निकलने के समय आवश्यक होती है प्रत्येक वर्ष फासफोरस 500-1000 ग्राम और पोटाश 250-500 ग्राम भी प्रति पौधे में डालें 10 वर्ष के पौधे के लिए अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर 25 किलो, नाइट्रोजन 750 ग्राम, फासफोरस 125 ग्राम और पोटाश 125 ग्राम और सल्फर 50 ग्राम प्रति पौधे में अगस्त-सितंबर के महीने में डालें खेत को साफ और नदीन मुक्त रखें नदीनों की तीव्रता के आधार पर निराई और गोडाई करें नदीनों की रोकथाम के लिए मल्च का प्रयोग करें नई बोयी फसल के लिए तीन महीने तक नियमित सिंचाई की आवश्यकता होती है गर्मियों में सात दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें जबकि सर्दियों में 15 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें फूल निकलने, फल बनने और पकने की अवस्थाओं पर सिंचाई की कमी ना होने दें मिट्टी में पर्याप्त नमी बनाए रखें कम से कम पानी प्रयोग करने के साथ साथ खरपतवार नियंत्रण के लिए मलचिंग एक प्रभावी तरीका है पौधे के आधार पर काली पॉलीथीन की शीट चढ़ाएं रोपाई के चार से पांच साल बाद खजूर का वृक्ष पहली तुड़ाई के लिए तैयार हो जाता है फल की तुड़ाई की तीन अवस्थाएं होती हैं पहली जब फल पकने की अवस्था में होते हैं दूसरी, जब फल ताजे होते हैं तीसरी जब फल नर्म और पके हुए होते हैं और सूखी अवस्था जब फल सूख जाते हैं राजस्थान में चूहड़ा या पिंड खजूर के लिए फलों की तुड़ाई फल पकने की अवस्था में की जाती है मॉनसून का मौसम शुरू होने से पहले तुड़ाई पूरी कर लें

मशरूम की खेती के बारे में बताईये ?

(hn)
Posted by
जय प्रकाश विश्वकर्मा (9307998164)
जय प्रकाश विश्वकर्मा
Uttar Pradesh
Allahabad
Write Answer
Posted Date (17 Mar 2019 03:30 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Mar 2019 09:43 PM) Translated Date (09 Nov 2020 03:52 PM)

खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन मशरुम , डीगरी, शटाकी मशरुम , पराली मशरुम , और मिलकी मशरुम इनमे से कुइ मशरुम सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर मशरुम को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन मशरुम का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी मशरुम का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली मशरुम का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली मशरुम लगा सकते है पराली मशरुम के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद मशरुम फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे मशरुम के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है मशरुम की तूडाई मशरुम के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी मशरुम मिलकी मशरुम के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है मशरुम का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में मशरुम के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है मशरुम की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप Mr. jai 8882876224 जी से संपर्क कर सकते है

Answered Date (18 Mar 2019 12:49 AM) Translated Date (-)

जय प्रकाश जी मशरूम की खेती एक आधुनिक खेती है , इस से आप अच्छा मुनाफा कमा सकते है , सबसे अच्छी बात इसे करने के लिए आपको खेत की जरूरत भी नहीं होती, इसे बंद कमरों में किया जाता है , इसको आप बहुत कम लागत से भी शुरू करके अच्छी कमाई कर सकते है , मशरूम मिट्टी में नहीं उगती बल्कि आपको इसे उगाने के लिए कम्पोस्ट तेयार करना पड़ता , कम्पोस्ट तेयार करने के बाद आपको बस मुशरूम का सीड जिसे spawn कहते है वो आपको कम्पोस्ट के साथ मिलना होता है और फिर उसे क्रेट मे या पॉलिथीन में डाल कर अंधेरे कमरे में रख देते है और उसके बाद बस उसकी देख भाल करनी होती है जैसे की तापमान और नमी 35-40 दिन तक आपकी mushroom तोडने लाएक हो जाती है , मशरूम की खेती आप साल भर कर सकते है , आप इसके लिए ट्रेनिंग भी के सकते है जिसके लिए आपको अपने नजदीकी केवीके से सम्पर्क करना होगा

temprature &humidity (मिनिम-------- maxiimum) कितना होना चाहिए

18 Mar 2019

Button Mushroom के लिए शुरू में जब spawn run होता है उस वक़्त temperature 23- 25 degree तापमान रखना होता है । उसके बाद जब आप casing मिट्टी डाल देते है उसके 7-8 दिन बाद जब मशरूम बाहर आने लगती है तो temperature कम करना पड़ता है 15 -18 degree तक और फिर इतना ही रखा जाता है आखिरी तक। Humidity आप 80 - 90% तक रख सकते है । सभी mushroom के लिए अलग अलग temperature रखना पड़ता है। Oyster mushroom के लिए 20- 30 degree तापमान रखना पड़ता है और Milky mushroom के लिए 30-40 degree रखना पड़ता है।

Answered Date (18 Mar 2019 11:25 AM) Translated Date (-)

बहुत बहुत धन्यवाद भाई

ਸਟੋਬਰੀ ਦੀ ਖੇਤੀ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਉ ?

(pb)
Posted by
ਧਰਮਵੀਰ (9478642252)
ਧਰਮਵੀਰ
Punjab
Moga
Write Answer
Posted Date (17 Mar 2019 03:27 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Mar 2019 09:30 PM) Translated Date (03 Mar 2021 12:23 PM)

ਸਟੋਬਰੀ ਦੀ ਖੇਤੀ ਪੋਲੀਹਾਊਸ ਦੇ ਅੰਦਰ ਜਾਂ ਖੁੱਲੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਕਰ ਸਕਦੇਂ ਹੋ ਚੀਕਣੀ , ਬਾਲੂ ਅਤੇ ਚੰਗੇ ਪਾਣੀ ਦੀ ਨਿਕਾਸੀ ਵਾਲੀ ਜ਼ਮੀਨ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਲਈ ਚੰਗੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਏਸਿਡਿਕ ਵਿੱਚ PH level 5.0 to 6.5 ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਨਾਜੁਕਤਾ ਤੀਹ ਤੋਂ ਚਾਲ੍ਹੀ ਸੇਂਟੀਮੀਟਰ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਦੇ ਸਹੀ ਵਾਧੇ ਲਈ ਦਿਨ ਵੇਲੇ ਤਾਪਮਾਨ 20-25° ਡਿਗਰੀ ਅਤੇ ਰਾਤ ਵੇਲੇ 7-12° ਡਿਗਰੀ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਇਸਦੀ ਪਨੀਰੀ ਲਾਉਣ ਦਾ ਕੰਮ ਅੱਧ ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਨਵੰਬਰ ਤਕ ਕਰ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਇਹਨਾਂ ਮਹੀਨਿਆਂ ਤੇ ਇਸਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਲਗਭਗ ਇਹੀ ਤਾਪਮਾਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਦੀ ਖੇਤੀ ਮਲਚਿੰਗ ਵਿਧੀ ਰਾਹੀਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਖੇਤ ਨੂੰ ਤਿਆਰ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਬਾਅਦ ਟਰੈਕਟਰ ਦੀ ਸਹਾਇਤਾ ਨਾਲ ਮਲਚਿੰਗ ਮਸ਼ੀਨ ਨੂੰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਉਤਾਰਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਚਾਰ ਫੁੱਟ ਕਿਆਰੀ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਵਿੱਚ ਡਰਿੱਪ ਲਾਈਨ ਫਿੱਟ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਬਾਅਦ ਮਸ਼ੀਨ ਦੀ ਸਹਾਇਤਾ ਨਾਲ ਕਿਆਰੀਆਂ ਉੱਤੇ ਪਲਾਸਟਿਕ ਸ਼ੀਟ ਵਿਛਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਮਲਚਿੰਗ ਲਈ ਹਲਕਾ ਅਤੇ ਲਚਕੀਲਾ ਪਦਾਰਥ ਲਵੋ ਤਾਂ ਜੋ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਦੇ ਬੂਟੇ ਦੀ ਰਫ਼ਤਾਰ ਉੱਤੇ ਅਸਰ ਨਾ ਪਵੇ ਜਿਸਨੂੰ ਬਾਅਦ ਵਿਚ ਦੋਨਾਂ ਪਾਸਿਆਂ ਤੋਂ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਦਬਾ ਦਿਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਹੁਣ ਇਸ ਸ਼ੀਟ ਵਿਚ ਮੋਰੀਆਂ ਕੱਢ ਕੇ ਉਸ ਵਿਚ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਲਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਪਨੀਰੀ ਲਾਉਣ ਵੇਲੇ ਜੜ ਨੂੰ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਸੇਟ ਕਰ ਦਿਓ ਜੜ ਬਹਾਰ ਰਹਿਣ ਨਾਲ ਪੌਦੇ ਦੇ ਸੁੱਕਣ ਦਾ ਖ਼ਤਰਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਪੌਦੇ ਨੂੰ ਜਿਆਦਾ ਤਾਪਮਾਨ ਅਤੇ ਠੰਡ ਤੋਂ ਬਚਨ ਲਈ ਇਸਦੇ ਊਪਰ ਛਾਂ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜੋ ਤੁਸੀਂ ਲੋ ਟਨਲ ਵਿਧੀ ਨਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਮੌਸਮ ਦਾ ਬਹੁਤ ਖਿਆਲ ਰੱਖਣਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਥੋੜੀ ਜਿਹੀ ਲਾਪਰਵਾਹੀ ਨਾਲ ਸਾਰੀ ਫ਼ਸਲ ਖ਼ਰਾਬ ਹੋ ਸਕਦੀ ਹੈ ਪਹਿਲੇ ਸਾਲ ਆਪਣੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਸਟ੍ਰਾਬੇਰੀ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਨ ਦਾ ਕੁੱਲ ਖਰਚਾ ਢਾਈ ਤੋ ਤਿੰਨ ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਆ ਜਾਦਾ ਹੈ ਕਿਉਕਿ ਕਿਸਾਨ ਨੂੰ ਪਹਿਲੇ ਸਾਲ ਡਰਿੱਪ ਸਿਸਟਮ ਅਤੇ ਫੁਆਰਿਆਂ ਆਦਿ ਤੇ ਵੀ ਖਰਚ ਕਰਨਾ ਪੈਦਾ ਹੈ ਪਰ ਅਗਲੇ ਸਾਲਾ ਵਿੱਚ ਕਿਸਾਨ ਦਾ ਇਹ ਖਰਚ ਬਚ ਜਾਦਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚ 40 ਬੈਡ ਬਣਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਇੱਕ ਬੈਡ ਤੇ 1000 ਸਟ੍ਰਾਬੇਰੀ ਦੇ ਪੌਦੇ ਲੱਗਦੇ ਹਨ ਇਸ ਤਰਾਂ ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਚਾਲੀ ਹਜ਼ਾਰ ਪੌਦੇ ਲਾਏ ਜਾਦੇ ਹਨ, ਇੱਕ ਪੌਦਾ 3 ਤੋ 4 ਰੁਪਏ ਤੱਕ ਮਿਲ ਜਾਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦਾ ਝਾੜ 50 ਤੋ 60 ਕੁਇੰਟਲ ਤੱਕ ਨਿਕਲ ਆਉਦਾ ਹੈ 25-30 ਕੁਇੰਟਲ ਗੋਬਰ ਦੀ ਖਾਦ ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਪਾਓ ਇਹ ਖਾਦ ਇੱਕ ਸਾਲ ਵਿੱਚ ਪਾਉਣੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਫਿਰ 20 : 40 : 40 NPK KG / ਹੇਕਟਏਰ ਪਾਉਣੀ ਹੈ ਚੰਗੀ ਫਸਲ ਲਈ ਯੂਰਿਆ ਦੋ ਫ਼ੀਸਦੀ ਜ਼ਿੰਕ ਸਲਫੇਟ , ਅੱਧਾ ਪ੍ਰਤੀਸ਼ਤ ਕੈਲਸ਼ਿਅਮ ਸਲਫੇਟ ਅੱਧਾ ਫ਼ੀਸਦੀ ਅਤੇ ਬੋਰਿਕ ਏਸਿਡ 0 . 2 ਫ਼ੀਸਦੀ ਚੰਗੀ ਫਸਲ ਲਈ ਠੀਕ ਹੈ ਸਿੰਚਾਈ ਛੇਤੀ ਛੇਤੀ ਪਰ ਹਲਕੀ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਆਦਾ ਪਾਣੀ ਠੀਕ ਨਹੀਂ ਹੈ ਪੱਤੇ ਗਿੱਲੇ ਨਾ ਕਰੋ ਤੁਪਕਾ ਸਿੰਚਾਈ ਨਾਲ ਘੱਟ ਪਾਣੀ ਲੱਗ ਸਕਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਤੁਪਕਾ ਸਚਾਈ ਨਹੀਂ ਕਰ ਰਹੇ ਤਾਂ ਕਿਆਰੀਆਂ ਦੇ ਵਿਚਾਲੇ ਪਾਣੀ ਖਾਲ ਵਿੱਚ ਹੀ ਲਗਾਓ ਨਦੀਨ ਹੱਥ ਨਾਲ ਹਟਾਓ ਜਾਂ ਕੀੜੇ ਮਕੋੜੇ ਅਤੇ ਦੂਜੀਆ ਬਿਮਾਰਿਆ ਵੱਲ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਕੋਈ ਪੋਦਾ ਜਿਆਦਾ ਖਰਾਬ ਹੈ ਉਹਨੂੰ ਹਟਾ ਦਿਓ ਜਦੋਂ ਫਲ ਦਾ ਰੰਗ 70% ਲਾਲ ਹੋ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਤੋੜ ਲੈਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਮਾਰਕਿਟ ਦੂਰੀ ਉੱਤੇ ਹੈ ਤਾਂ ਥੋੜ੍ਹਾ ਸਖ਼ਤ ਹੀ ਤੋੜਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਤੁੜਵਾਈ ਵੱਖ ਵੱਖ ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਦੀ ਪੈਕਿੰਗ ਪਲਾਸਟਿਕ ਦੀਆਂ ਪਲੇਟਾਂ ਵਿੱਚ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਇਸਨ੍ਹੂੰ ਹਵਾਦਾਰ ਜਗ੍ਹਾ ਉੱਤੇ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਜਿੱਥੇ ਤਾਪਮਾਨ ਪੰਜ ਡਿਗਰੀ ਹੋ ਇੱਕ ਦਿਨ ਦੇ ਬਾਅਦ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਦੀ ਪੈਕਿੰਗ ਦਾ ਤਾਪਮਾਨ ਜ਼ੀਰੋ ਡਿਗਰੀ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਮਾਰਕੀਟ ਵਿੱਚ ਸਟ੍ਰਾਬੇਰੀ ਔਸਤ 200 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਤੱਕ ਵਿਕਦੀ ਹੈ ਇਸ ਤਰਾਂ ਪੰਜ ਲੱਖ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੋ ਇਸ ਦੀ ਆਮਦਨ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਕੇ ਅੱਗੇ ਆਪਣੀ ਮਿਹਨਤ ਨਾਲ ਕਿਸਾਨ ਆਮਦਨ ਵਿੱਚ ਭਰਪੂਰ ਵਾਧਾ ਕਰ ਸਕਦਾ ਹੈ ਸਟ੍ਰਾਬੇਰੀ ਦੇ ਪੌਦੇ ਸਤੰਬਰ ਤੋ ਅਕਤੂਬਰ ਤੱਕ ਲਾਏ ਜਾਦੇ ਹਨ ਅਤੇ 3 ਮਹੀਨੇ ਬਾਦ ਇਹ ਫਲ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਦੀ ਫਸਲ ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੱਕ ਚਲਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਮਾਰਕੀਟਿੰਗ ਵਿੱਚ ਕਿਸੇ ਤਰਾਂ ਦੀ ਪਰੇਸ਼ਾਨੀ ਨਹੀ ਹੈ ਉਹ ਏਲਨਾਬਾਦ,ਸਿਰਸਾ,ਹਨੂੰਮਾਨਗੜ,ਗੰਗਾਨਗਰ ਤੋ ਇਲਾਵਾ ਬਠਿੰਡਾ,ਮੋਗਾ ਜਲੰਧਰ,ਲੁਧਿਆਣਾ ਵਿੱਚ ਇਸ ਦੀ ਮਾਰਕੀਟਿੰਗ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਜੇਕਰ ਜ਼ਿਆਦਾ ਮਾਤਰਾ ਵਿੱਚ ਸਟ੍ਰਾਬੇਰੀ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਦਿੱਲੀ ਇਸ ਦੀ ਮੁੱਖ ਮਾਰਕੀਟ ਹੈ

Answered Date (21 Mar 2019 06:45 AM) Translated Date (03 Mar 2021 12:23 PM)

ਧੰਨਵਾਦ ਜੀ

मोती की खेती कैसे करें ?

(hn)
Posted by
Govind Kumar Maurya (9565447970)
Govind Kumar Maurya
Uttar Pradesh
Ballia
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Posted Date (17 Mar 2019 03:27 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Mar 2019 09:15 PM) Translated Date (09 Nov 2020 03:52 PM)

मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप से Vinod Kumar 9050555757 सम्पर्क करे

मशरूम की खेती के बारे बतायें ?

(hn)
Posted by
जय प्रकाश विश्वकर्मा (9307998164)
जय प्रकाश विश्वकर्मा
Uttar Pradesh
Allahabad
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Posted Date (17 Mar 2019 03:24 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Mar 2019 09:41 PM) Translated Date (09 Nov 2020 03:52 PM)

खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप Mr. jai 8882876224 जी से संपर्क कर सकते है

pyaj di fasal de ptte peele pai rhe han ?

(pb)
Posted by
guri sidhu gurbachan singh (8437131446)
guri sidhu gurbachan singh
Punjab
Sangrur
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Posted Date (17 Mar 2019 03:17 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (20 Mar 2019 12:29 PM) Translated Date (-)

eh tat di kami de karn peele paine shuru ho jande han isde layi tuc NPk 19:19:19@7 gram nu prati litre pani vich mila ke spray karo is to ilava tuc m-45@4gram nu prati litre pani vich mila ke spray karo. dhanwad

Rajasthan

Answered Date (17 Mar 2019 03:19 PM) Translated Date (-)

use tnpd

सर, हमारे यहां पर हरी मटर, गेंहू और सरसों की खेती होती है। कुछ समय से यहाँ पर पिपरमिंट (मेंथा ) की खेती होने लगी है जिसकी वजह से खेत तो ख़राब हो हो रहे है साथ में पानी भी बहुत बर्बाद होता है। मगर मैं इस सब से हटकर कुछ और फसल की खेती करना चाहता हूँ, तो कृपया मुझे तुलसी और मोती की खेती के वारे में जानकारी प्राप्त करवाएं, धन्यवाद ?

(en)
Posted by
Harmesh Patel (9795216268)
Harmesh Patel
Uttar Pradesh
Jalaun
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Posted Date (17 Mar 2019 03:15 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (20 Mar 2019 12:27 PM) Translated Date (-)

तुलसी का वानस्पातिक नाम ओसिमम सैंकशम है यह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए प्रसिद्ध किस्में:- Drudriha Tulsi,Ram/Kali Tulsi (Ocimum canum),Babi Tulsi,Tukashmiya Tulsi ज़मीन की तैयारी:- तुलसी की खेती के लिए, अच्छी तरह से शुष्क मिट्टी की मांग की जाती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक हैरो के साथ खेत की जोताई करें, फिर रूड़ी की खाद मिट्टी में मिलाएं तुलसी की रोपाई सीड बैड पर करें फरवरी के तीसरे महीने में नर्सरी बैड तैयार करें पौधे के विकास के अनुसार, 4.5 x 1.0 x 0.2 मीटर के सीड बैड तैयार करें बीजों को 60x60 सैं.मी. के फैसले पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के 6-7 हफ्ते बाद, फसल की रोपाई खेत में करें तुलसी की खेती के लिए 120 ग्राम बीजों का प्रयोग प्रति एकड़ में करें फसल को मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारीयों से रोकथाम के लिए, बिजाई से पहले मैनकोजेब 5 ग्राम प्रति किलोग्राम से बीजों का उपचार करें फसल की बढ़िया पैदावार के लिए बिजाई से पहले 15 टन रूड़ी की खाद मिट्टी में डालें तुलसी के बीजों को तैयार बैडों के साथ उचित अंतराल पर बोयें मानसून आने के 8 हफ्ते पहले बीजों को बैड पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के बाद, रूड़ी की खाद और मिट्टी की पतली परत बीजों पर बना दें इसकी सिंचाई फुवारा विधि द्वारा की जाती है रोपाई के 15-20 दिनों के बाद, नए पौधों को तंदरुस्त बनाने के लिए 2% यूरिया का घोल डालें 6 हफ्ते पुराने और 4-5 पत्तों के अंकुरण होने पर अप्रैल के महीने में नए पौधे तैयार होते है तैयार बैडों को रोपाई 24 घंटे पहले पानी लगाएं ताकि पौधों को आसानी से उखाड़ा जा सकें और रोपाई के समय जड़ें मुलायम और सूजी हुई हो खेत की तैयारी के समय, रूड़ी की खाद को मिट्टी में मिलाएं खाद के तौर पर नाइट्रोजन 48 किलो(यूरिया 104 किलो), फासफोरस 24 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 150 किलो) और पोटाश 24 किलो(मिउरेट 40 किलो) प्रति एकड़ में डालें नए पौधे लगाने के समय नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफेट पेंटोऑक्साइड की पूरी मात्रा शुरुआती समय में डालें Mn 50 पी पी एम कंसंट्रेशन और Co@100 पी पी एम कंसंट्रेशन सूक्ष्म-तत्व डालें बाकी की बची हुई नाइट्रोजन को 2 हिस्सों में पहली और दूसरी कटाई के बाद डालें खेत को नदीनों से मुक्त करने के लिए कसी की मदद से गोड़ाई करें नदीनों की रोकथाम कम न होने पर यह फसल को नुकसान पहुंचाते है रोपण के एक महीने बाद पहली गोड़ाई और पहली गोड़ाई के चार हफ्ते बाद दूसरी गोड़ाई करें रोपण के दो महीने बाद कसी से अनुकूल गोड़ाई करें गर्मियों में, एक महीने में 3 सिंचाइयां करें और बरसात के मौसम में, सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती एक साल में 12-15 सिंचाइयां करनी चाहिए पहली सिंचाई रोपण के बाद करें और दूसरी सिंचाई नए पौधों के स्थिर होने पर करें 2 सिंचाइयां करनी आवश्यक है और बाकी की सिंचाई मौसम के आधार पर करें रोपण के तीन महीने के बाद पौधा पैदावार देनी शुरू कर देता है इसकी तुड़ाई पूरी तरह से फूल निकलने के समय की जाती है पौधे को 15 सैं.मी. जमीन से ऊपर रखकर शाखाओं को काटें ताकि इनका दोबारा प्रयोग किया जा सकें भविष्य में प्रयोग करने के लिए इसके ताज़े पत्तों को धूप में सूखाया जाता है तुड़ाई के बाद, पत्तों को सूखाया जाता है फिर तेल की प्राप्ति के लिए इसका अर्क निकाला जाता है इसको परिवहन के लिए हवादार बैग में पैक किया जाता है पत्तों को सूखे स्थान पर स्टोर किया जाता है इसकी जड़ों से कई तरह के उत्पाद जैसे तुलसी अदरक, तुलसी पाउडर, तुलसी चाय और तुलसी कैप्सूल आदि तैयार किये जाते है मोती की खेती की जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है

सीप की खेती करना चाहता हूँ इसके लिए सम्पूर्ण जानकारी दीजिये जैसे (जगह, वातावरण,व्यवस्थाएं) ?

(hn)
Posted by
Sandeep kunar verma (8887802365)
Sandeep kunar verma
Uttar Pradesh
Varanasi
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Posted Date (17 Mar 2019 03:13 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Mar 2019 09:16 PM) Translated Date (09 Nov 2020 03:52 PM)

मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप से Vinod Kumar 9050555757 सम्पर्क करे

Dr Saab majh de muh vicho pani aa reha ?

(pb)
  • 2
Posted by
Gurveer sidhu (7508447003)
Gurveer sidhu
Punjab
Fatehgarh Sahib
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Posted Date (17 Mar 2019 02:59 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Mar 2019 04:08 PM) Translated Date (-)

Gurveer sidhu ji tuci turant iss nu nazdiki doctor to check krwao kyuki issdi janch krke he isda vdia ilagg ho skda hai.

मैं मोती की खेती के बारे में जानकारी कैसे ले सकता हूं ?

(hn)
Posted by
rishi divedi (9877554166)
rishi divedi
Punjab
Amritsar
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Posted Date (17 Mar 2019 02:43 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Mar 2019 09:21 PM) Translated Date (09 Nov 2020 03:52 PM)

मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप से Manish Vasudev 9417652857 सम्पर्क करे

Answered Date (19 Mar 2019 12:17 AM) Translated Date (09 Nov 2020 03:52 PM)

dhanyavad jankari dene k liye

ਕੀ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਰੋਟਾਵੇਟਰ ਤੇ ਸਬਸਿਡੀ ਹੈ ?

(en)
Posted by
Lakhwinder (9877495104)
Lakhwinder
Punjab
Mansa
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Posted Date (17 Mar 2019 02:42 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (04 Apr 2019 04:05 PM) Translated Date (-)

ਲਖਵਿੰਦਰ ਜੀ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਰੋਟਾਵੇਟਰ ਤੇ ਸਬਸਿਡੀ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ ਤੁਸੀ Kuldeep Singh 9872028219, 9815387219 ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

pearl ki kheti kaise kare ?

(en)
Posted by
SAMEER (9540418082)
SAMEER
Delhi
South West Delhi
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Posted Date (17 Mar 2019 02:42 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Mar 2019 09:50 PM) Translated Date (-)

Motio ki kheti ke bare me puri jankari or is ki training ke lia aap Vinod Kumar 9050555757 se samparak kare.

Answered Date (19 Mar 2019 06:12 PM) Translated Date (-)

thanks ...I do call ....

कृषि परवेक्षक से कौन कौन सी मदद व सलाह ले सकते है ?

(hn)
Posted by
jogendra Singh (8890590121)
jogendra Singh
Rajasthan
Sikar
Write Answer
Posted Date (17 Mar 2019 02:35 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (22 Mar 2019 04:57 PM) Translated Date (-)

जोगेंद्र जी आप कृषि परवेक्षक से कृषि से संबंधित कोई भी जानकारी ले सकते है धन्यवाद

एक मरले मे कितने फुट होते है ?

(hn)
Posted by
surjeet (6376845457)
surjeet
Rajasthan
Sri Ganganagar
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Posted Date (17 Mar 2019 02:31 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (22 Mar 2019 04:59 PM) Translated Date (-)

सुरजीत जी एक मरले में 272.251 sq फ़ीट होते है धन्यवाद

Answered Date (17 Mar 2019 07:30 PM) Translated Date (-)

453.75 ft .

wrong

17 Mar 2019

Tu Das de Patwari

17 Mar 2019

Tu Das de Patwari

17 Mar 2019

Tu Das de Patwari

17 Mar 2019

Tu Das de Patwari

Answered Date (18 Mar 2019 04:24 PM) Translated Date (-)

272 scare ft. hunda.

मोती की खेती के बारे में हमें ट्रेनिंग मिल सकती है क्या सर उसकी लागत बतायें कृप्या ?

(hn)
Posted by
balkrushna (9405504227)
balkrushna
Maharashtra
Chandrapur
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Posted Date (17 Mar 2019 02:25 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Mar 2019 09:25 PM) Translated Date (09 Nov 2020 03:52 PM)

मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप से Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 सम्पर्क करे

मोतियों की खेती के बारे में विस्ता में बतायें ?

(hn)
Posted by
Kamlakar kadam (9869165987)
Kamlakar kadam
Maharashtra
Mumbai
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Posted Date (17 Mar 2019 02:24 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Mar 2019 09:33 PM) Translated Date (09 Nov 2020 03:52 PM)

हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 पर कॉल कर सकते है

moti ki kheti kaise hoti h ?

(en)
Posted by
suyash vishwkarma (9617713066)
suyash vishwkarma
Madhya Pradesh
Dewas
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Posted Date (17 Mar 2019 02:23 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Mar 2019 06:34 PM) Translated Date (09 Nov 2020 03:53 PM)

Motia ki kheti bare puri jankari or is ki training ke lia aap Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 se samparak kare.

मोती की खेती कैसे होती है ?

(hn)
Posted by
sharda prasad maurya (9648862970)
sharda prasad maurya
Uttar Pradesh
Bahraich
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Posted Date (17 Mar 2019 02:19 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Mar 2019 09:30 PM) Translated Date (09 Nov 2020 03:53 PM)

हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 पर कॉल कर सकते है

मेरे पास एक साहिवाल बछड़ी है जो पहली बार बच्चा दिया है थोड़े टाइम दूध देने के बाद टांगे मारने लग पड़ती है इसका कोई हल बताएं धन्यवाद ?

(hn)
Posted by
गौरव शर्मा (9417744914)
गौरव शर्मा
Punjab
Rupnagar
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Posted Date (17 Mar 2019 02:19 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (22 Mar 2019 08:07 PM) Translated Date (-)

उसे आप Liquid Lactomood 15ml 10-10 बूंदे दिन में तीन बार दें इसके साथ Tablet Lactomax 200 10—10 गोलियां सुबह शाम दें और Milkout पाउडर 1—1 चम्मच सुबह शाम दें इससे फर्क पड़ जाएगा

धन्यवाद सर जी

Answered Date (17 Mar 2019 04:26 PM) Translated Date (-)

latta bann ke choyea kro

Answered Date (17 Mar 2019 04:43 PM) Translated Date (-)

वीर जी लगता बंद के चंदे या फिर भी छलांग मार के बाल्टी गेल इंडिया

ਕਣਕ ਤੇ ਸਪਰੇ ਦੀ ਲੋੜ ਹੈਗੀ ਜੀ ਕੋਈ ਕੋਈ ਤੇਲਾ ਹੈਗਾ ਹਰੇ ਰੰਗ ਦਾ ਲਾਸਟ ਪਾਣੀ ਲਾ ਰਹੇ ਆ 9/10 ਨਵੰਬਰ ਦੀ ਬੀਜੀ ਆ ?

(pb)
Posted by
ਅਮਿ੍ਤ ਚਾਹੜ (9988530242)
ਅਮਿ੍ਤ ਚਾਹੜ
Punjab
Barnala
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Posted Date (17 Mar 2019 02:17 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (17 Mar 2019 07:07 PM) Translated Date (-)

ਅੰਮ੍ਰਿਤ ਜੀ ਕਣਕ ਦੀ ਬਲੀ ਵਿੱਚ 5 ਜਾਂ ਇਸ ਤੋਂ ਜਿਆਦਾ ਤੇਲੇ ਹਨ ਤਾਂ ਇਸ ਵਿੱਚ ਸਪਰੇਅ ਕਰਨ ਦੀ ਲੋੜ ਹੈ।ਇਸ ਲਈ ਤੁਸੀਂ ਐਕਟਾਰਾ @80 ਗਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ।

17 Mar 2019

PAU ludhiana @20gram akh ry aa

kanak nu do paani lava fer dena pau ?

(pb)
Posted by
gurpreet singh (8360299961)
gurpreet singh
Punjab
Tarn Taran
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Posted Date (17 Mar 2019 02:16 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (20 Mar 2019 12:18 PM) Translated Date (-)

gurpreet ji kanak nu pani laun de layi poori jankari nal diti photo to lai sakde ho

  • 1
Answered Date (17 Mar 2019 05:04 PM) Translated Date (-)

HA DENA PDEGA OR APNI APNI JMIN KE OPR HOTA HAI AAP DEKH SAKTE HAI APNI FASAL KO KYA OSE PANI KI JRORT HAI KI NHI OK G

मोती का व्यवसाय ?

(hn)
Posted by
Avinash Singh (9565753590)
Avinash Singh
Uttar Pradesh
Kushinagar
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Posted Date (17 Mar 2019 02:12 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Mar 2019 09:37 PM) Translated Date (09 Nov 2020 03:54 PM)

मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 से सम्पर्क करे

Pearl farming ?

(en)
Posted by
ketan (7768832698)
ketan
Maharashtra
Gadchiroli
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Posted Date (17 Mar 2019 02:03 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Mar 2019 12:08 PM) Translated Date (-)

Pearl farming is one of the best aquaculture businesses in India. In commercial pearl farming project, the first year investment will be more as you need fixed asset set up. You can assume 3/4 to a 1-acre, the cost of the pearl project would be around 4 lakhs rupees approximately. When it comes to profits in commercial pearl farming project, you can expect 50 to 60% under ideal aquaculture management practices. However, if you put more dedication and hard work into the project even 100% profit possible. There are mainly three types of pearls. • Natural pearls: in this type, the shape of the pearl depends on the original shape of the foreign body. • Artificial pearls: These are artificially made and coated with a synthetic material. • Cultured pearls (freshwater): These are cultured pearls in freshwater such as ponds, rivers etc..you can get the desired shape in this type. • You must have a good source of Oysters to culture in the pond. • You must have some skills of grafting techniques in pearl culture as this is essential for commercial pearl farming project. You can visit nearby pearl farms to learn these tips of freshwater pearl culture. first of all you have to attend 3 days practical training. According to your location you can get training from vinod kumar. he is successful pearl farmer. He is also providing training to new farmers. his contact number is 9050555757.Thank You.

Answered Date (18 Mar 2019 06:27 PM) Translated Date (-)

All Information and Training please contact with Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381.

Moti ke kheti kaise shuru kre ?

(en)
Posted by
Subhash Mandal (9424135913)
Subhash Mandal
Chattisgarh
Kanker
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Posted Date (17 Mar 2019 02:00 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Mar 2019 09:40 PM) Translated Date (09 Nov 2020 03:54 PM)

Motio ki kheti ke bare me puri jankari or is ki training ke lia aap Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 se samparak kare.