Punjab
Search
मोती उत्पादन कैसे होता है ?
(hn)
विपिन कुमार शुक्ला जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
पर्ल फार्मिंग के लिए कितना खर्चा आता है कितनी बड़ी जगह चाहिए होती है और ट्रेनिंग कहा होती है और ट्रेनिंग फीस कितनी है ?
(hn)
Punjab
प्रदीप कुमार जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Moti ki kheti ke bare me jankari chahiye ?
(en)
Punjab
Motia ki kheti bare puri jankari or is ki training ke lia aap Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 se samparak kare.
मोती की खेती कैसे करें ?
(hn)
Punjab
सुभाष जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 से संपर्क करें
जर्सी गाय पालने के लिए वीडियो चाहिए ?
(hn)
Rajasthan
इसके लिए वातावरण साधारण ही चाहिए होता है वैसे यह नस्ल एचएफ नस्ल से गर्मी कम मानती है बाकि इसे रहने के लिए जगह साफ और खुराक का पूरा ध्यान रखना जरूरी है जिससे इससे अच्छा दूध लिया जा सके और हम कोशिश करेंगे कि इसकी वीडियों बनाकर आपको भेंजे जिसमें आपको पूरी जानकारी मिल जाएगी
जर्सी गाय पालने के लिए कैसा वातावरण चाहिए ?
(hn)
Rajasthan
इसके लिए वातावरण साधारण ही चाहिए होता है वैसे यह नस्ल एचएफ नस्ल से गर्मी कम मानती है बाकि इसे रहने के लिए जगह साफ और खुराक का पूरा ध्यान रखना जरूरी है जिससे इससे अच्छा दूध लिया जा सके और हम कोशिश करेंगे कि इसकी वीडियों बनाकर आपको भेंजे जिसमें आपको पूरी जानकारी मिल जाएगी
anyone doing shrimp farming I want help that how can I start shrimp farming ?
(en)
Punjab
Prashant to get all the information about shrimp farming you can contact to Moh. Anis 9451411371,6394520950.
मोती की खेती ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 से संपर्क करें
sir bakri farm bare jankari deo ?
(pb)
Punjab
ਹਾਜੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਬੱਕਰੀਆ ਫਾਰਮ ਬਣਾਉਣਾ ਹੈ ਤਾਂ ਬਹੁਤ ਵਧੀਆ ਸੋਚ ਹੈ ਜੀ ਤੁਸੀ ਬੀਟਲ ਨਸਲ ਰੱਖੋ ਇਹ ਦੁੱਧ ਤੇ ਮੀਟ ਦੋਨਾਂ ਲਈ ਫਾਇਦੇਮੰਦ ਹੈ ਬਾਕੀ ਜਿਵੇ ਤੁਸੀ ਇਸ ਕਿੱਤੇ ਵਿੱਚ ਆਜੋਗੇ ਉਸ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਤੁਹਾਡੇ ਲਿਂਕ ਬਣਣੇ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਣਗੇ ਬਾਕੀ ਮਾਰਕੀਟਿੰਗ ਇਸ ਗੱਲ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਹੈ ਕਿ ਤੁਹਾਡੇ ਲੋਕਾ ਨਾਲ ਲਿੰਕ ਕਿਵੇ ਦੇ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਦੁੱਧ ਗਾਂ ਦੇ ਰੇਟ ਦੇ ਬਰਾਬਰ ਵਿਕ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤੇ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਫਾਰਮ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਬੱਚੇ ਵਗੈਰਾ ਵੀ ਸੇਲ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਕੁੱਲ ਮਿਲਾ ਕੇ ਜੇਕਰ ਮੋਟਾ ਜਿਹਾ ਹਿਸਾਬ ਲਗਾਉਣਾ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਇੱਕ ਬੱਕਰੀ ਤੋਂ ਸਾਲ ਵਿੱਚ ਲੱਗਭੱਗ 20000 ਤੱਕ ਕਮਾਈ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਇਹ ਵੀ ਸਲਾਹ ਹੈ ਤੁਸੀ ਇੱਕ ਵਾਰ ਆਪਣੇ ਨੇੜੇ ਤੋਂ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਜਰੂਰ ਲਵੋ ਤੇ ਸਫਲ ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਕਾਂ ਦੇ ਫਾਰਮ ਜਰੂਰ ਦੇਖੋ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਪ੍ਰੋਗੈਸਿਵ ਬੱਕਰੀ ਫਾਰਮਰ ਐਸੋਸੀਏਸ਼ਨ ਦੀ ਮੀਟਿੰਗ ਜੋ ਕਿ ਮਹੀਂਨੇ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਸ਼ੁੱਕਰਵਾਰ ਨੂੰ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੈਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੇ ਕਿਸਾਨ ਹੋਸਟਲ ਵਿੱਚ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਉੱਥੇ ਜਾ ਕੇ ਸਫਲ ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਕਾ ਨੂੰ ਮਿਲੋ ਇਸ ਮੀਟਿੰਗ ਵਿੱਚ ਜਾਣ ਲਈ ਤੁਸੀ ਪ੍ਰੋਗੈਸਿਵ ਬੱਕਰੀ ਫਾਰਮਰ ਐਸੋਸੀਏਸ਼ਨ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਜਗਰਾਜ਼ ਸਿੰਘ ਨਾਲ 9023441504 ਤੇ ਗੱਲ ਕਰ ਲਵੋ ਜੀ.
मोती की खेती ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 से संपर्क करें
Chattisgarh
महाराष्ट्र
ਮੱਕੀ ਦੀ ਫਸਲ ?
(pb)
Punjab
ਨਵਨੀਤ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਆਪਣਾ ਸਵਾਲ ਵਿਸਤਾਰ ਨਾਲ ਪੁਛੋ ਕੇ ਤੁਸੀ ਮੱਕੀ ਦੀ ਫ਼ਸਲ ਬਾਰੇ ਕੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
सर मुझे मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी चाहिए ?
(hn)
Punjab
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Meri cow 12 January 2019 ko jani ab vo heat pr kbtk ayegi ?
(en)
Punjab
आप अपनी गाय को किसी अच्छी का मिर्नल मिक्सर्च देना शुरू करें और हर तीन महीने के बाद पेट के कीड़ों के लिए गोली देते रहें इससे वो जल्दी हीट में आ जाएगी और आप उसकी खुराक का भी पूरा ध्यान रखें
एक हेक्टेयर मे कितने बीघा होते है ?
(hn)
Punjab
सुरजीत जी एक हेक्टेयर में लगभग 6.1772 बीघे होते है
Madhya Pradesh
4 बीघा
cow ko aloe vera khilane se Kya hota hai, kitne days me khilana sahi rhta h ?
(en)
Rajasthan
एलोवेरा देने से त्वचा की कोमलता बनी रहती है इससे पशुओं में बांझपन की समस्या भी दूर होती है यह मिर्नल से भरपूर होता है जो पशुओं के शरीर की कमी को पूरा करता है यह थनों की समस्या से भी बचाव रखता है यह पशुओं के लिए प्राकृतिक औषधियों के रूप में प्रयोग होता है इसे आप आधा किलो तक पशु को दे सकते है और हफ्ते के बाद फिर दोबारा दे सकते है
देसी मुर्गी अंडा फार्म के लिए कोन सी फीड सही रहेगी, नांदेड़ महाराष्ट्र में कंपनी बतायें ?
(hn)
Punjab
देसी मुर्गी अंडा फार्म के लिए गोदरेज , पोस्टिक या फिर शीतल फीड खरीद सकते हो या फिर आप मुर्गियों कि फीड के लिए फीड तैयार करने के लिए 25kg मक्की, 20kg गेहू, 5-6 kg सोयाबीन खल और थोड़ा मिनरल मिश्रण मिलाकर सुबह और शाम को फीड मुर्गियों को डालें, इन्हे पूरी रजवी फीड दें
मोती की खेती करने के लिए क्या क्या चीेज़ें आवश्यक हैं ?
(hn)
Punjab
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 पर कॉल कर सकते है
पिट बुल और लैबराडोर डॉग के बच्चों का क्या रेट है और यह कहां से मिलेंगे ?
(hn)
Punjab
देवेंद्र सिंह रावत जी डॉग का रेट उन की ब्लड लाइन पर निर्भर करता है पिट बुल 8000-50000 और लैबराडोर डॉग 5000-12000 तक मिल जाता है खरीदने के लिए आप Pets Paradise The Complete Pet Shop Nasirabad Road, Ajmer - 305001, Opposite St Pauls School Bank Of Baroda ATM 8290052011, 8290970076 से सम्पर्क करे
Rajasthan
Bhilwara me ho to bataiye sir ji
pig farming di training kitho milti aa g ?
(en)
ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੈਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ,ਲੁਧਿਆਣਾ ਵਿਖੇ ਕਰਵਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੁਸੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਜਦੋਂ ਚਾਹੇ ਆਪਣਾ ਫਾਰਮ ਭਰ ਕੇ ਆਓ ੳੇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਜਦੋਂ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਹੋਈ ਤੁਹਾਨੂੰ ਕਾਲ ਕਰਕੇ ਬੁਲਾ ਲਿਆ ਜਾਵੇਗਾ ਕਿਉਕੀ ਕੋਈ ਪੱਕੀ ਤਰੀਕ ਨਹੀ ਹੁੰਦੀ ਜਾਂ ਤੁਸੀ ਨਜਦੀਕੀ KVK ਵਿਚ ਜਾ ਕੇ ਫਾਰਮ ਭਰ ਕੇ ਆਓ ਜਦੋ ਵੀ ਸੂਰਾ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿਗ ਹੋਵੇਗੀ ਉਹ ਤੁਹਾਨੂੰ ਫੋਨ ਕਰਕੇ ਦੱਸ ਦੇਣਗੇ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਤੁਸੀ ਸਰਕਾਰੀ ਸੂਰ ਫਾਰਮ ਨਾਭਾ, ਖਰੜ, ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਤੋਂ ਵੀ ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਇਹ 5 ਦਿਨਾਂ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੁਸੀ ਜੇਕਰ ਇਸ ਕਿੱਤੇ ਦੇ ਸਬੰਧਿਤ ਸਫਲ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਮਿਲਣਾ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੈਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਵਿਖੇ ਸੂਰ ਪਾਲਕਾ ਦੀ ਹੋਣ ਵਾਲੀ ਮੀਟਿੰਗ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਿਲ ਹੋ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸ ਮੀਟਿੰਗ ਵਿੱਚ ਜਾਣ ਲਈ ਤੁਸੀ 9915632577 ਸੁਖਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹ ਸਫਲ ਸੂਰ ਪਾਲਕ ਹਨ ਜੀ ਬਾਕੀ ਮਾਨਸਾ ਦੇ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਂਦਰ ਦਾ ਪਤਾ ਵੀ ਤੁਸੀ ਨੋਟ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ Krishi Vigyan Kendra, Kheri , Sangrur Address: National Highway 71, Punjab 148001, Phone: 0161 240 1960.
Punjab
ਨਾਬੇ ਹਰ ਦਿਨ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ?
ਖੀਰਾ ਲਉਣ ਦਾ ਸ਼ਮਾ ?
(pb)
Punjab
ਖੀਰੇ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਸਮਾਂ ਫਰਵਰੀ-ਮਾਰਚ ਹੈ।
Hydroponic ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦੇਵੋ ਕੇ ਉਸ ਵਿਚ ਕਿਹੜੀ ਫਾਸਲ ਹੋ ਸਕਦੀ ਹੈ ਤੇ ਕਿਵੇਂ ਉਸ ਨੂ nutrients ਕਿਵੇਂ ਤੇ ਕਿੰਨੀ ਮਾਤਰਾ ਵਿਚ ਦੇਣੇ ਨੇ ਕਿਹੜੀ ਫਾਸਲਾ ਨੂ ਕਿਹੜਾ nutrients ਤੇ ਪਾਣੀ ਕਿਹੜਾ ਤੇ ਉਸਦਾ ph ਲੈਵਲ tds ਲੈਵਲ ਕਿੰਨਾ ਹੋਵੇ ?
(pb)
Punjab
ਹਾਈਡਰੋਪੋਨਿਕ ਇਕ ਅਜੇਹੀ ਤਕਨੀਕ ਹੈ ਜਿਸਦੇ ਵਿਚ ਬਿਨਾ ਮਿੱਟੀ ਦੇ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਅਤੇ ਚਾਰਾ ਉਗਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਜਿਸਦੇ ਵਿਚ ਫ਼ਸਲ ਨੂੰ ਤਰਲ ਰੂਪ ਦੇ ਵਿਚ ਤੱਤ ਦਿਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਇਸਦੇ ਬਾਰੇ ਵਿਚ ਹੋਰ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਸੋਮਵੀਰ ਜੀ 9878733551 ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
dudh vdhaun da upa ?
(pb)
Punjab
ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਉਸਦੀ ਨਸਲ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਨਸਲ ਵਧਿਆ ਹੈ ਤਾਂ ਦੁੱਧ ਵੀ ਵੱਧ ਹੋਵੇਗੀ , ਬਾਕੀ ਖੁਰਾਕ , ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਰਹਿਣ ਸਹਿਣ , ਟਾਈਮ ਟਾਈਮ ਤੇ ਡੇਵਰਮਿੰਗ ਕਰਵਾਉਣਾ , ਇਹਨਾਂ ਸਭ ਗੱਲਾਂ ਦਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ , ਤੁਸੀ Anabolite liqued 100ml ਰੋਜ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ , ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ ਅਤੇ 3 ਕਿਲੋ ਦਲੀਆ ਚੰਗੀ ਤ੍ਰਾਹ ਰਿਨ ਕੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਮਿਕਸ ਕਰੋ , ਇਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਅੱਧਾ ਅੱਧਾ ਕਰਕੇ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਤੁਸੀ 5-7 ਦਿਨ ਦਿਓ , ਇਸ ਨਾਲ ਦੁੱਧ ਵੱਧ ਜਾਵੇਗਾ , ਅਤੇ ਤੁਸੀ Milkout ਪਾਊਡਰ ਦੇ 2-2 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ , ਇਸਦਾ ਵੀ ਦੁੱਧ ਵਧਾਉਣ ਵਿਚ ਵਧਿਆ ਰਿਜਲਟ ਹੈ..
मैं मोती की खेती करना चाहता हूं क्या आप बता सकते हैं की मैं शुरूआत कैसे करूं ?
(hn)
Punjab
गुलशन कुमार जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Manish Vasudev 9417652857 से संपर्क करें
सीप की खेती ?
(hn)
Punjab
सीप की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
मोती की खेती के बारे में मुख्य जानकारी दें ?
(hn)
Punjab
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 पर कॉल कर सकते है
मुझे मोती की खेती करनी है उसका तरीका बतायें कैसे शुरू करनी है ?
(hn)
Punjab
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 पर कॉल कर सकते है
सर हमें बकरी पालन के लिए लोन लेना है क्या करें ?
(hn)
Punjab
इसके लिए सबसे पहले आप ट्रेनिंग लेनी जरूरी है आप आपने नज़दीकी केबीके से ट्रेनिंग ज़रूर लें और सफल बकरी पालकों के फार्म ज़रूर देखें बकरी पालन के काम पर लोन पर 25 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है और लोन लेने के लिए सबसे जरूरी है ट्रेनिंग सर्टीफिकेट अपने नज़दीक के कृषि विज्ञान केंद्र से ट्रेनिंग करने के बाद ट्रेनिंग के सर्टीफिकेट पर लोन एप्लाई होता है पर लोन मिलेगा या नहीं यह बैंक मेनेजर पर निर्भर करता है क्योंकि पहली बात यह है कि बैंक देखता है कि आपके अकाउंट में कितने पैसों का लेन देन हो रहा है और आपके पास ज़मीन गारंटी के तौर पर देने के लिए है या नहीं और अन्य भी कई बातें चैक करके लोन के लिए सहमत होता है बाकी कोशिश करें कि लोन के बिना अपने स्तर पर ही काम शुरू करें क्योंकि लोन की किश्त हर महीने भरनी पड़ेगी पर बकरियों से कमाई हर महीने नहीं होने होगी बाकी यदि कोशिश करके देखनी है तो अपने ट्रेनिंग सर्टीफिकेट से आप अपने जिले के पशु पालन विभाग अफसर को मिलें और उस पर प्रवानगी लेकर फिर बैंक से बात करके देखें इससे अपने एरिया के नाबार्ड डिपार्टमैंट के सी जी एम को भी लोन के लिए मिलें
मंडी भाव ?
(hn)
Punjab
महेंद्र जी कृपया आप बताये के आप कोनसी फसल के मंडी भाव की जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके
My Poultry farm South aur north ki direction me banana chahta hu 2200 birds ka.. 100×22 ke size me, Kya aisa Karna munasib rahega ?
(en)
Punjab
हांजी अगर आपने शेड बनाना है तो पूर्व - पश्चिम की तरफ ही बनाना पड़ेगा नहीं तो गर्मी में समस्या आएगी जी
Karnataka
Kya samsya aayegi sir?
sir kanak nu tella bohat a kehdi spray kriye ?
(pb)
Punjab
Knak vich tele di roktham lyi Actara(thiamethoxam 25WG) @80gm prati acre de hisab nal spray kr skde ho.
sir asi 1105 kank nu pani 1 ton 5 march tak la dita aa hun pani laya jave ja naa kank 31 oct di biji aa 20 ton 25 din lau pakan nu ?
(en)
Punjab
Balvinder g knak di harvesting to 20-25 din pehla pani lgouna band kr dena chaida hai g.jekar khet vich moisture ghat heiga tn tuc pani lga skde ho g.Pani halka lgao and hawa wale din pani na lagao..
सर हमको कड़कनाथ मुर्गे के पालन की जानकारी चाहिए और इसका मार्केटिंग कहां और कैसे करें ?
(hn)
Punjab
कड़कनाथ जो है यह मध्य प्रदेश की झाबुआ जिले का जंगलों में पाई जाने वाली एक प्रजाति का एक मुर्गा है यह मुर्गा आजकल बहुत ज्यादा डिमांड में है क्योंकि इस मुर्गे का मांस काले कलर का होता है हड्डियां पंख और त्वचा भी काले कलर की होती है यह मुर्गा पौष्टिक गुणों से भरपूर होता है इसमें भी वन से लेकर बी12 तक विटामिंस बहुत सारे अमीनो एसिड इस मुर्गे में पाए जाते हैं इस मुर्गे में आयरन और हीमोग्लोबिन अधिक होने के कारण इस के खून का रंग गहरा लाल होता है जिससे काले कलर का प्रतीत होता है आजकल यह कई जगह अवेलेबल है लेकिन प्योर देसी कड़कनाथ की अगर बात करें तो प्योर देसी मतलब जो 5 से 6 महीने में 5 से 6 महीने में 1 किलो का होता है उसे देसी कहा जाता है और जिस की त्वचा हड्डी पंख सारा कुछ काला होता है उसे देसी कड़कनाथ कहा जाता है I इसका 1000 मुर्गा रखने के लिए 2000 sqayer फट की जरुरत पड़ेगी इसका एक चूजा ₹80 डेढ़ सौ तक ₹150 उपलब्ध हैइसकी फार्म शुरू करने के लिए आप Sumit Kumar 8006000291, 7906547529 Sumit Kumar Poultry Farm से संपर्क कर सकते है
ਸ਼੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਸਰਸੋਂ ਤੇ ਕਣਕ ਤੇ Solomon ਦਾ ਇਸਤੇਮਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਤੇਲਾ ਜੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਕਿੰਨੀ ਮਾਤਰਾ ਪਾਉਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਏ ?
(en)
Punjab
ਸ੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ ਸਰੋਂ ਵਿੱਚ ਤੇਲੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਐਕਟਾਰਾ @50 ਗਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ।ਇਸ ਵਿੱਚ Solomon ਦਾ ਸਪਰੇਅ ਕਰਨ ਦੀ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਜੀ।ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਤੇਲੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ Solomon ਦਾ ਸਪਰੇਅ @200 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ।
Punjab wich mosam kida da hai hale kank nu pani launa hai ?
(pb)
Punjab
karampreet ji mausam vibhag de anusar punjab vich es hafte badlwai hi rahegi tuc kanak nu pani la sakde ho.
fish farming Di training te subsidy bare dso punjab vich ?
(en)
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਦਾ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਹੈ ਤਾ ਸਭ ਤੋਂ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਇਹ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਤੁਹਾਨੂੰ FFDA(fish farmer development aggency) ਜੋ ਕਿ ਲੱਗਭੱਗ ਹਰ ਜ਼ਿਲੇ ਵਿੱਚ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜਾਂ ਉੱਥੇ ਜਾ ਕੇ ਐਪਲੀਕੇਸ਼ਨ ਫਾਰਮ ਭਰੋ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਤੁਹਾਨੂੰ 5 ਦਿਨ ਦੀ ਮੁਫਤ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਦਸਵੀ ਪਾਸ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਤੇ ਇਹ ਡਿਪਾਰਮੈ੍ਟ ਜਿੱਥੇ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਅਫਸਰ ਬੈਠਦਾ ਹੈ ਜਿਵੇ ਕਚਿਹਰੀਆਂ , ਡੀ ਸੀ ਆਫਿਸ ਕਹਿੰ ਦਿੰਦੇ ਹਾਂ ਉਸ ਵਿੱਚ ਬਣਿਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਲਈ ਸੇਮ ਵਾਲੇ ਇਲਾਕੇ ਵਿੱਚ 90% ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਬਾਕੀ ਇਲਾਕਿਆ ਵਿੱਚ 40 % ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ FFDA ( fish farming development agency ) ਦਫਤਰ ਵਿੱਚ ਜਾਓ ਜੋ ਕਿ ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਡੀਸੀ ਦਫਤਰ ਜਾਂ ਕਚਿਹਰੀਆਂ ਵਿੱਚ ਬਣਿਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਤੁਸੀ ਉੱਥੇ ਆਪਣੇ ਜਮੀਂਨ ਦੀ ਫਰਦ , 10th ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਤੇ ਜਿੱਥੇ ਤਲਾਬ ਬਣਾਉਣਾ ਹੈ ਉੱਥੋ ਦੀਆਂ 2 ਫੋਟੋ ਲੈ ਕੇ ਜਾਓ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ FFDA ਦੇ ਅਫਸਰ ਤੁਹਾਨੂੂੰ ਫਾਈਲ ਤਿਆਰ ਕਰਵਾਉਣਗੇ ਤੇ ਤੁਹਾਡੀ ਜਮੀਨ ਦੇਖ ਕੇ ਤਲਾਬ ਬਣਾਉਣ ਦਾ ਤਰੀਕਾ ਦੱਸਣਗੇ ਤੇ ਫਿਰ ਤੁਹਾਨੂੰ 40% ਸਬਸਿਡੀ ਲਈ ਫਾਈ਼ਲ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਬਾਰੇ ਸਮਝਾ ਦੇਣਗੇ
ਸਟੀਵੀਆ ਦੀ ਖੇਤੀ ਦੀ ਮੰਡੀਕਰਣ ਸਮੇਤ ਪੂਰੀ ਜਾਨਕਾਰੀ ਦਿਓ ਜੀ ?
(pb)
Punjab
Stevia ਤੋਂ ਸਾਨੂੰ ਸ਼ੁਗਰ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਸਾਨੂੰ ਇਸ ਦੇ ਪਤਿਆਂ ਤੋਂ ਜ਼ੀਰੋ ਕੈਲੋਰੀਜ਼ ਸਵੀਟਨੈੱਸ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਇਹ ਸ਼ੂਗਰ ਤੋਂ ਜਾਇਦਾ ਮਿੱਠੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਭਾਰਤ ਵਿਚ ਇਸਦੀਆਂ 2 ਕਿਸਮਾਂ ਲਗਾਈਆ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ mds 14 ਅਤੇ mds13 ਇਸਦੇ ਲਈ ਤਾਪਮਾਨ 30℃ ਤੋਂ 32℃ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ 1. ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਝੋਨੇ ਦੀ ਕਾਸ਼ਤ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਜ਼ਮੀਨ ਹੇਠਲੇ ਪਾਣੀ ਦਾ ਪੱਧਰ ਹੇਠਾਂ ਜਾਣਾ ਵੱਡੀ ਚਿੰਤਾ ਦਾ ਵਿਸ਼ਾ ਹੈ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਪੌਣ-ਪਾਣੀ ਮੁਤਾਬਕ ਰੇਤਲੀ ਤੇ ਕੰਢੀ ਖੇਤਰ ਦੀ ਧਰਤੀ ਇਸ ਫ਼ਸਲ ਲਈ ਵਧੇਰੇ ਲਾਹੇਵੰਦ ਹੈ ਇਸ ਫ਼ਸਲ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਬਹੁਤ ਘੱਟ ਲੱਗਦਾ ਹੈ ਤੇ ਇੱਕ ਵਾਰੀ ਪੌਦੇ ਲਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 5 ਸਾਲ ਫ਼ਸਲ ਦੀ ਕਟਾਈ ਹੀ ਕਰਨੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ 2. ਪਹਿਲੀ ਫ਼ਸਲ ਦੀ ਕਟਾਈ ਤਿੰਨ ਮਹੀਨਿਆਂ ਬਾਅਦ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਆਮਦਨ ਜਲਦੀ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇੱਕ ਏਕੜ ਜ਼ਮੀਨ ਵਿੱਚ 30 ਤੋਂ 40 ਹਜ਼ਾਰ ਪੌਦੇ ਲੱਗਦੇ ਹਨ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਤੱਥ ਇਹ ਹੈ ਕਿ ਇਸ ਫ਼ਸਲ ’ਤੇ ਕੀਟਨਾਸ਼ਕ ਜਾਂ ਨਦੀਨਨਾਸ਼ਕ ਦਵਾਈਆਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੀ 3. ਯੂਰੀਆ ਜਾਂ ਡੀਏਪੀ ਖਾਦ ਦੀ ਥਾਂ ਸਿਰਫ਼ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਦੀ ਹੀ ਵਰਤੋਂ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨਾਲ ਕੁਦਰਤੀ ਖੇਤੀ ਦਾ ਹਿੱਸਾ ਵੀ ਕਹੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਸਟੀਵੀਆ ਦੇ ਪੌਦੇ ਵਿੱਚ ਮਿਠਾਸ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਪਸ਼ੂ ਵੀ ਮੂੰਹ ਨਹੀਂ ਲਾਉਂਦੇ 4.ਇਹ ਫ਼ਸਲ ਘੱਟੋ ਘੱਟ ਇੱਕ ਕਨਾਲ ਰਕਬੇ ਵਿੱਚ ਵੀ ਲਗਾਈ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਪਰ ਜੇਕਰ 5 ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਲਾਈ ਜਾਵੇ, ਤਾਂ ਭਾਰਤ ਸਰਕਾਰ ਕੁੱਲ ਲਾਗਤ ਦਾ 40 ਫੀਸਦੀ ਸਬਸਿਡੀ ਵੀ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਫ਼ਸਲ ਨੂੰ ਪ੍ਰਫੁੱਲਤ ਕਰਨ ਲਈ ਸਰਕਾਰ ਲਾ ਰਹੀ ਜ਼ੋਰ:ਇਸ ਲਈ ਕੰਢੀ ਖੇਤਰ ਦੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਸਟੀਵੀਆ ਲਾਉਣ ਲਈ ਪ੍ਰੇਰਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ’ਚ ਇਸ ਫ਼ਸਲ ਨੂੰ ਪ੍ਰਫੁੱਲਤ ਕਰਨ ਲਈ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਵਧੀਕ ਮੁੱਖ ਸਕੱਤਰ (ਵਿਕਾਸ) ਸੁਰੇਸ਼ ਕੁਮਾਰ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਹੇਠ ਕਮੇਟੀ ਦਾ ਗਠਨ ਕੀਤਾ ਹੈ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਡਾ. ਬਲਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਸਿੱਧੂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਸਟੀਵੀਆ ਦੀ ਫਸਲ ਝੋਨੇ ਤੇ ਕਣਕ ਦਾ ਬਦਲ ਬਣ ਸਕਦੀ ਹੈ ਦੂਜਾ ਇਸ ਫ਼ਸਲ ਤੋਂ ਕਣਕ ਤੇ ਝੋਨੇ ਦੇ ਮੁਕਾਬਲੇ ਕਮਾਈ ਵੀ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸਦੇ ਬਾਰੇ ਹੋਰ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੰਬਰ ਤੇ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ :-Rajpal Singh Gandhi :-9814060700
मोती की खेती कैसे करें ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Regional Research Centre, Anand ATIC, Anand Agricultural University, Anand , Gujarat, Ph. & Fax: +91-2692-263699, -388001 से संपर्क करें
तोरी कब बोयी जाती है ?
(hn)
वर्ष में दो बार इसके बीजों को बोया जाता है बिजाई के लिए उपयुक्त समय मध्यम फरवरी से मार्च का महीना है और दूसरी बार बिजाई के लिए मध्य मई से जुलाई का समय उपयुक्त है
मछली पालन के लिए मेरे पास 10 बीघा जमीन है। मुझे करना ठीक होगा ?
(hn)
Punjab
यदि आप मछली पालन का काम शुरू करना चाहते हैं तो ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी यह मुफ्त है कोई पैसा नहीं लगता इसका आपको र्स्टीफिकेट दिया जाता है ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है यह डिपार्टमेंट जहाँ खेतीबाड़ी अफसर बैठता है जैसे जैसे कचिहरी, डी सी दफ्तर बोल देते है उसमें बना होता है, मछली पालन के लिए सेम वाले इलाके में 90% सब्सिडी होती है और बाकि इलाकों में 40% सब्सिडी होती है आप अपने ज़िले के FFDA ( fish farming development agency ) दफ्तर में जाएं जो कि आमतौर पर डी सी दफ्तर या कचिहरी में बना होता है, आप वहां ज़मीन की फर्द, स10th र्टिफिकेट और जहाँ तालाब बनाना है वहां की 2 फोटो लेकर जाएं उसके बाद FFDA के अफ़सर आपको फाइल तैयार करवाएंगे और आपकी ज़मीन देखकर तालाब बनाने का तरीका बताएंगे और फिर आपको 40% सब्सिडी के लिए फाइल तैयार कर लोन अप्लाई के बारे में समझा देंगे
मोती की खेती कैसे करें ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Regional Research Centre, Anand ATIC, Anand Agricultural University, Anand , Gujarat, Ph. & Fax: +91-2692-263699, -388001 से संपर्क करें
मैं मोती की खेती करना चाहता हूँ मुझे इस की जानकारी चाहिए ?
(hn)
Punjab
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 पर कॉल कर सकते है
मोती की खेती कैसे करें ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
मोती की खेती ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Uttar Pradesh
haa moti ki kheti hoti h
how to Pearl farming ?
(en)
Punjab
Pearl farming is one of the best aquaculture businesses in India. In commercial pearl farming project, the first year investment will be more as you need fixed asset set up. You can assume 3/4 to a 1-acre, the cost of the pearl project would be around 4 lakhs rupees approximately. When it comes to profits in commercial pearl farming project, you can expect 50 to 60% under ideal aquaculture management practices. However, if you put more dedication and hard work into the project even 100% profit possible. There are mainly three types of pearls. • Natural pearls: in this type, the shape of the pearl depends on the original shape of the foreign body. • Artificial pearls: These are artificially made and coated with a synthetic material. • Cultured pearls (freshwater): These are cultured pearls in freshwater such as ponds, rivers etc..you can get the desired shape in this type. • You must have a good source of Oysters to culture in the pond. • You must have some skills of grafting techniques in pearl culture as this is essential for commercial pearl farming project. You can visit nearby pearl farms to learn these tips of freshwater pearl culture. first of all you have to attend 3 days practical training. According to your location you can get training from vinod kumar. he is successful pearl farmer. He is also providing training to new farmers. his contact number is 9050555757.Thank You.
kanak pani laun nal dig payi aa ji koi nuksan ta nhi hou ?
(pb)
Punjab
amanjot ji kanak dign nal ik ta daaneya vich fungus lag jandi hai dooja daaneya da sahi akar nahi banda. dhanwad
मेरे गार्डन में चूहे सारे सीड खाए जा रहे हैं भगाने का तरीका बतायें ?
(hn)
Maharashtra
सचिन जी आप चूहों की रोकथाम के लिए नीचे दिए गए तरीके अपना सकते है:- पिंजरो का प्रयोग करना - चूहो को पडने के अलग अलग पिजंरो का प्रयोग किया जाता है इन पिजंरो का प्रयोग करने से पहले पिजंरे को अच्छी तरह धोकर प्रयोग करे ताकि किसी भी प्रकार की गंध ना आये साफ पिंजरो को खेत में चूहो के आने जाने वाले रास्ते और नुक्सान करने वाली जगह पर रखे बडी संखिया में चूहो को पकडने के लिए पिंजरे में 10-15 ग्राम अनाज को तेल लगाकर दो से तीन दिनो तक मुंह खोलकर रखे चुहो को मगर लगाने के बाद पिंजरे के अंदर कागज के टूकडो पर 10-15 ग्राम दाने और नालीदार दाखले पर चुटकी भर दाने रखकर मुंह को बंद कर दे ऐसा करके तीन दिन तक चूहे और पकडे हुए चूहो को पानी में डूबो कर मारे पिंजरो का दौबारा प्रयोग करने के लिए कम से कम 20 दिनो का फासला रखें कीडेमार जहरो के प्रयोग से रोकथाम - चूहो की कीडेमार और जहर के प्रयोग से रोकथाम करने के लिए जहरीला चोगा प्रयोग करने में ध्यान और सही तरीका प्रयोग करने की जरूरत है चुहो को इस जहरीले चोगे को खाना प्रयोग किये दानो का मियारपन , स्वाद, और तेल की गंध पर निर्भर करता है जहरीला चोगा बनाना जिंक फॉसफाइड का प्रयोग - एक किलो बाजरा गेहूं ज्वार का दलिया या इनका मिश्रण लेकर इसमे 20 ग्राम तेल हो सके तो मुंगफली का तेल और 25 ग्राम जिंकफॉसफाइड डाल कर अच्छी तरह मिलाये इस प्रकार तैया किये जहरीले चोगे को कागज की पुडीया बनाकर खेत में गेज वाली जगह पर रखे बरोमोडाइओलोन का प्रयोग - 20 ग्राम बरोमोडाइओलोन 0 005 फीसदी पाऊडर, 20 ग्राम बूरा खंड, और 20 ग्राम तेल को एक किलो किसी भी अनाज के दलिये में मिलाये और पूरे खेत में 40 जगह पर रख दें रैकुमिन का प्रयोग- 50 ग्राम रैकुमिन 0 0375 फीसदी पाऊडर , 20 ग्राम मुंगफली या सूरजमुखी का तेल और 20 ग्राम बूरा खंड को किसी भी अनाज के दलीये में मिलाये यह भी चूहो को मारने में बहुत फायदेमंद है
Telangana
wire fancing karvao us pa dava laga kara
मोती की खेती ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
seep ki kheti kaise hoti hai ?
(en)
Punjab
Motio ki kheti bare puri jankari or is ki training ke lia aap Vinod Kumar 9050555757 se samparak kare.
खेती कैसे करें ?
(hn)
Maharashtra
तरुण जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछे के कोनसी खेती की जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
isda result dsso te doze kinni hai ?
(en)
Maharashtra
akash ji Sadheen ik fungicide hai jisde vich Tebuconazole 10% + Sulphur 65% WDG nam da salt maujood hunda hai. eh fungus di roktham de layi istemal kita janda hai isdi matra 500gram prati acre de hisab nal company valo sifarish kiti jandi hai. dhanwad
sir muje mushroom cultivation karni h to kaise hogi ?
(en)
Maharashtra
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है
please tell about seep (moti) farming in detail ?
(en)
Punjab
Mr Surenda for All Information and Training please contact with ICAR-Central Institute of Freshwater Aquaculture(Indian Council of Agricultural Research)(An ISO 9001:2015 Certified Institute) Kausalyaganga, Bhubaneswar-751002, Odisha, India Tel: +91-674-2465421, 2465446, Fax: +91-674-2465407 E-mail: director.cifa@icar.gov.in, Website: www.cifa.nic.in
मोती के बारे मे जानकारी चाहिए थी ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से सम्पर्क करे
Uttar Pradesh
hi
मोती की खेती के बारे में जानकारी दे मैं मोती की खेती करना चाहता हूँ ?
(hn)
Punjab
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Sat sri akal ji, 125 jhone bare jankari deo ji. es nu naram pani vich laga skde a ji ?
(en)
Haryana
MANINDERPREET ji jhone di PR125 kisam nahi hai. jhone dian kisman PR 111,113,114,115,118,120,121,123,126,127 kisam hai jekar tuc ehna vicho kise kisam di jankari laina chahunde ho ta jo tuhanu is abre poori jankari diti ja sake. dhanwad
sir kanak nu tele wali sprey de nal ah photo wali sprey paa skde ha is bare jankari deo ?
(en)
Punjab
Nizzu vich Gibberellic acid naam da salt hai jo knak vich growth increase krn lyi spray hunda hai.esnu tele wali spray vich mix krke spray nhi kr skde ho g.Kyuke gibberellic acid di spray krn hun koi faida nhi hai g..
मार्केट में सबसे ज्यादा डिमांड कौन से अमरूद की है और अमरूद के कलम वाले पौधे चाहिए प्लीज हमें भी बताएं आपके संपर्क में कोई है तो संपर्क करवाएं हमें अमरुद के पौधे बोने हैं जो जल्दी फल देना चालू कर दें और मार्केट में सबसे ज्यादा डिमांड है ?
(hn)
Punjab
राकेश जी अमरुद के पेड़ लेने के लिए आप Pawan Kumar 9878726420 से सम्पर्क कर सकते है इन से आप को इसकी किस्मो के बारे में जानकारी मिल जाएगी
डेयरी ?
(hn)
Punjab
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से बताएं कि आप डेयरी फार्मिंग के बारे में क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको इसके बारे में सही जानकारी दी जा सके
gents di chest ch pain ?
(pb)
Punjab
Jaspreet ji sade app vich pashua de saban vich ate fasla de saband vich mahir juude hoye hai, filhal app vich insana de bimaria wala ajje koi mahir nahi hai , isde ilagg lai tuci nazdiki doctor nal sampark kro ate jekar tuci fasla ya pashua de saband vich koi jankari leni hai tan tuci uss saband vich swal post kr skde ho
kheti da koi ghat labour wala sehayak dhende bare jankari deo ?
(en)
Punjab
kheti de nal tusi bakri palan da kamm kar sakde ho. ehnu chote level te shuru karo . jeyada labour di jarurat v nahi hai ji.