Punjab
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लौकी की खेती कैसे करें ?
(hn)
इसे मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जाता है रेतली दोमट से दोमट मिट्टी में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है प्रसिद्ध किस्में:- Pusa Summer Prolific Round, Pusa Manjri लौकी की खेती के लिए, ज़मीन को अच्छी तरह से तैयार करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक जोताई के बाद सुहागा फेरें इसकी बिजाई के लिए फरवरी से मार्च, जून से जुलाई और नवंबर से दिसंबर का समय उपयुक्त होता है कतारों में 2.0-2.5 - और पौधों में 45-60 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज को 1-2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें एक एकड़ में बिजाई के लिए 2 किलो बीज पर्याप्त होते हैं मिट्टी से पैदा होने वाली फंगस से बचाने के लिए बाविस्टिन 0.2 प्रतिशत 3 ग्राम से प्रति किलो बीज का उपचार करें अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद 20-25 टन प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन 28 किलो (यूरिया 60 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन 14 किलो (यूरिया 30 किलो) की पहली मात्रा को बिजाई के समय प्रति एकड़ में डालें और नाइट्रोजन 14 किलो (यूरिया 30 किलो) को पहली तुड़ाई के समय प्रति एकड़ में डालें इस फसल को तुरंत सिंचाई की आवश्यकता होती है बिजाई के तुरंत बाद सिंचाई करें गर्मियों में फसल को 6—7 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है और बारिश के मौसम में आवश्यकतानुसार पानी लगाएं इस फसल को कुल 9 सिंचाइयों की जरूरत होती है नदीनों की रोकथाम के लिए, पौधे की वृद्धि के शुरूआती समय में 2-3 गोडाई करें गोडाई खाद डालने के समय करें बरसात के मौसम में नदीनों की रोकथाम के लिए मिट्टी चढ़ाना भी प्रभावी तरीका है किस्म और मौसम के आधार पर, फसल 60-70 दिनों में तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है मार्किट की आवश्यकतानुसार, मध्यम और नर्म फलों की तुड़ाई करें बीज उत्पादन के लिए ज्यादातर पके फलों को स्टोर किया जाता है तीखे चाकू की मदद से फलों को बेलों से काटें मांग ज्यादा होने पर फल की तुड़ाई प्रत्येक 3-4 दिन में करनी चाहिए लौकी की अन्य किस्मों से 800 मीटर का फासला रखें खेत में से बीमार पौधों को निकाल दें बीज उत्पादन के लिए, फल की तुड़ाई पूरी तरह पकने पर करें सही बीज लेने के लिए खेत की तीन बार जांच आवश्यक है तुड़ाई के बाद, फलों के सूखाएं और फिर बीज निकाल लें
श्रीमान जी, कृपया मुझे पॉली हाउस के बारे मे जानकारी देने की कृपया करें ?
(hn)
Maharashtra
पॉलीहाउस या ग्रीनहाउस एक हाउस या संरचना है जो कांच या पॉलीइथाइलीन जैसी पारदर्शी सामग्री से बना होता है जहाँ पौधे नियंत्रित जलवायु परिस्थितियों में उगाए और विकसित किए जाते हैं संरचना का आकार आवश्यकता के अनुसार छोटे आकार से बड़े आकार का हो सकता है इसके साथ साथ एक ग्रीनहाउस एक कांच का घर होता है जिसके अंदरूनी हिस्से धूप के संपर्क में आने के बाद गर्म हो जाते हैं इसलिए जब बाहर ठंडा होता है, तो अंदर का तापमान पौधों के लिए अनुकूल और गर्म रहता है पर्यावरण नियंत्रण प्रणाली के आधार पर, पॉलीहाउस दो प्रकार के होते हैं: प्राकृतिक रूप से हवादार पॉलीहाउस - इस तरह के पॉलीहाउस या ग्रीनहाउस में फसलों को खराब मौसम की स्थिति और प्राकृतिक कीटों और बीमारियों से बचाने के लिए पर्याप्त वेंटिलेशन और फॉग्ज सिस्टम को छोड़कर कोई भी पर्यावरण नियंत्रण प्रणाली नहीं है पर्यावरण नियंत्रित पॉलीहाउस - इनका निर्माण मुख्य रूप से फसलों की बढ़ती अवधि का विस्तार करने या प्रकाश, तापमान, आर्द्रता आदि को नियंत्रित करके फसलों की उपज बढ़ाने के लिए किया जाता है, धन्यवाद
Uttar Pradesh
पॉली हाउस को किस प्रकार और किस संस्था के द्वारा लगाया जाए इसका प्रशिक्षण कहाँ से लिया जाए, तथा इसे लगाने में कितना खर्चा आता है
सर मोती की खेती के बारे में जानकारी चाहिए ?
(hn)
Punjab
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप ICAR-Central Institute of Freshwater Aquaculture Kausalyaganga, Bhubaneswar-751002, ODISHA, INDIA Phone: 91-674-2465421,2465446 FAX: 91-674-2465407 पर कॉल कर सकते है
ये गाय का गर्भ का सही समय क्या है,और यह किस कुल या प्रजाती की गाय है कृपया मुझे बताएं ?
(hn)
Rajasthan
यह एचएफ नस्ल की गाय है और गाय का गाभिन रहने का समय 9 महीने 9 दिन का होता है और गाय को पहली बार गाभिन तब करवायें जब उसका भार 270—300 किलो का हो जाता है
Madhya Pradesh
thanks sir
मैं हमरे यहाँ मौसम्बी की खेती करना चाहता हूँ, क्या यहाँ हो सकती है ?
(hn)
Punjab
इसकी खेती कई प्रकार की मिट्टी, जैसे कि रेतली-दोमट से चिकनी-दोमट या गहरी चिकनी-दोमट या तेज़ाबी मिट्टी में की जाती है, जिनका जल निकास अच्छा हो यह फसल नमकीन और क्षारीय मिट्टी में विकास नहीं करती है यह जल-जमाव वाली मिट्टी को भी सहनयोग्य है फसल के उचित विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7.5 होना चाहिए
West Bengal
Iha ka mitti Kali mitti hai,Pani full hai.is mitti me dhaan ka kheti jyada hote hai
ਆਲੂ ਦਾ ਨਵਾ ਬੀਜ ਕਿਸ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਤਿਆਰ ਕੀਤਾ ਜਾਦਾ ਜੀ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਸੋ ਜੀ video ਹੇ ਤਾ ਓਸ ਦਾ link ਭੇਜ ਦੇਓ ?
(en)
Punjab
ਗਰੇਵਾਲ ਜੀ ਇਸ ਬਾਰੇ ਵਿਸਥਾਰ ਵਿਚ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ ਤੁਸੀਂ Inder Singh 9463062898 ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ.
?
(en)
Punjab
aap cow ko Calcimust gold liquid 100ml rojana aur Pregstay gold powder 50 gm rojana dena suru kren, iske sath aap Enerboost powder 50gm rojana dein, isse farak paddne lgg jayega.
मुझे भी मोती की खेती करनी है ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप से Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 संपर्क करें
buffalo 8 month to bacha ger dindi ha koi ilaz daso.
mandia de rate daily upload kiya karo ?
(pb)
Punjab
Mandi rate ta daily update hunde hun ji jo v nave rate kender sarkar valo subah 11 waje to bad update hunde han oh apne aap app te show hunde hun . Jekar update nahi hoye ta tuhanu purane rate rate te distt dikhayi nahi denge ji.
contract farming punjab vich kithe hundi hai ji ?
(en)
Punjab
Om Kumar ji kirpa karke eh daso ke tusi kis chij di Contract Farming bare janna chode ho ta jo tuhanu puri jankari diti ja sake.
Punjab
moringa di jis nu suhajana b kehde ne
sir ji cow six months Gavan hogi ji fir v Tara dyi jandi hai ji please dso ji ?
(en)
Punjab
app cow ko Calcimust gold liquid 100ml rojana aur Pregstay gold powder 50 gm rojana dena suru kren, iske sath app Enerboost powder 50gm rojana dein, isse farak paddne lgg jayega.
मोती की खेती के लिए कौन कौन सी चीजो का घ्यान रखना होगा ?
(hn)
Punjab
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 पर कॉल कर सकते है
tilt d spray krni chidi a ja nahi is da kanak nu ki faida a ?
(en)
Punjab
tilt fungus di roktham lyi vrti jndi hai. eh kanak vich zyadatr kungi di roktham lyi vrti jndi hai. isdi matra 200ml prti acre hai.
मोती की खेती कैसे करते है, पूरी जानकारी चाहिए ?
(hn)
Punjab
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 पर कॉल कर सकते है
मोती की खेती कैसे होती है ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से सम्पर्क करे
मोती की खेती कैसे करें ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
ਸਰੋਂ ਨੂੰ ਕੀ ਬਿਮਾਰੀ ਹੈ ਜੇ ਫੰਗਸ ਹੈ ਤਾਂ ਟਿਲਟ ਨਾਲ ਕੰਟਰੌਲ ਕਿਉਂ ਨਹੀ ਹੋਈ ?
(en)
Punjab
ਪਰਮਜੀਤ ਜੀ ਇਹ ਫੰਗਸ ਹੀ ਹੈ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕਿ ਤੁਸੀ ਟਿਲਟ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਕੀਨੀ ਇਸਦੇ ਉਪਰ ਸਪਰੇ ਕੀਤੀ ਸੀ ਕਿਉਕਿ ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਫੰਗਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
Punjab
eh white rust aa g je thode plant te aa ta infected debris remove krdo je jyada plants te aa nativo 120 gm or 200 ml tilt in 200 litre of water spray krdo g
sir sade kol sahiwal cow aa. usde gaali krdeya mooh vicho eh cheez digdi jive koi chamda hunda, 7-8 dinon bad mooh vichon eh cheez nikldi aa, eh ki cheez aa te isda ilaj dasso ?
(pb)
Punjab
Nishan ji tuci cow nu nazdiki doctor ton check krwao ji kyuki usde mouth di janch krke usda sahi ilagg ho skda hai.
13 month di HF hifer first time heat vich aai c pr miss krwti nxt heat proper awe and conceive kr Lwe is li hun tu ki deta jwe ?
(en)
uss nu tuci Agrimin super powder 50gm rojana deo, iss nal proper heat vich awegi ate usde mineral di kami v puri howegi , bakki tuci uss da bhar jrur check krwao kyuki pashu nu pehli varr tika uddo bhrwana chahida hai jddo usda bhar 270-300 kg tak ho jawe.
मुझे मोती की खेती करनी है, उसके लिए ट्रेनिंग कहाँ से मिलती है और पूरा विस्तार से बताएं ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें
which is insulin plant and from where do i get it ?
(en)
Punjab
sukhpreet ji to get insulin plants you can contact to surinder Nagra 9814305864. Thank you
Please can you tell me good variety of Maize that give high output and good result for animal fooder ?
(en)
Punjab
Gurdip ji if you want grow maize for fodder than you can grow variety like J1006 or african tall. if you want to grow for grains than you can grow PMH1,PMH2,DKC 9108.
Punjab
J 1006 variety aa Punjab Agricultural University di fodder da output v vadh aa te nutritional quality v bhut vdia aa.
kitho milna ehda seed and kine time ch tyar honi aa.
Punjab
j1006 bhut vdia variety a fodder maize lyi eh d seed pau de gate no. 1 ton mil lo eh mostly 60-70 din ch tyar ho jndi aa
मैं अपने खेत पर अब गेंदा के फूलों की खेती करना चाहता हूं, कृपया इससे संबंधित उपयोगी जानकारी दे, मैं मेरी आय को इसके माध्यम से कैसे बाद सकता हूं, इसकी शुरुआत में एक बीघा में लागत कितनी आती है और मैं इससे कितनी कमाई कर सकता हूं ?
(hn)
Punjab
विकास शर्मा जी आप गेंदे की खेती करना चाहते है से मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है मिट्टी अच्छे निकास वाली होनी चाहिए क्योंकि यह फसल जल जमाव वाली मिट्टी में स्थिर नहीं रह सकती मिट्टी की pH 6.5 से 7.5 होनी चाहिए तेजाबी और खारी मिट्टी इसकी खेती के लिए अनुकूल नहीं है फ्रैंच गेंदे की किस्म हल्की मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है जबकि अफ्रीकी गेंदे की किस्म उच्च जैविक खाद वाली मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है प्रसिद्ध किस्में :- African Marigold: इस किस्म की फसल 90 सैं.मी. तक लम्बी होती है इसके फूल बड़े आकार के और लैमन, पीले, सुनहरे, संतरी और गहरे पीले रंग के होते हैं यह लम्बे समय की किस्म है इसकी अन्य किस्में जैसे Giant Double African Orange, Crown of Gold, Giant Double African Yellow, Chrysanthemum Charm, Golden Age, Cracker Jack आदि हैं French Marigold: यह छोटे कद की जल्दी पकने वाली किस्में हैं इसके फूल छोटे आकार के और पीले, संतरी, सुनहरे पीले, लाल जंग और महोगनी रंग के होते हैं इसकी अन्य किस्में जैसे Rusty Red, Butter Scotch, Red Borcade, Star of India, Lemon drop आदि हैं Pusa Basanti Gainda: यह लम्बे समय की किस्म है इसका पौधा 58.80 सैं.मी. लम्बा और गहरे हरे रंग के पत्ते होते हैं इसके फूल सल्फर पीले, दोहरे और कारनेशन किस्म के होते हैं Pusa Narangi Gainda: फूल निकलने के लिए 125-136 दिनों की आवश्यकता होती है इसका पौधा लम्बा और कद में 73.30 सैं.मी. का होता है और पत्ते गहरे हरे रंग के होते हैं इसके फूल संतरी रंग के और कारनेशन किस्म के होते हैं फूल घने और दोहरी परत वाले होते हैं इसके ताजे फूलों की पैदावार 140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने के लिए आखिरी जोताई के समय 250 क्विंटल रूड़ी की खाद और अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर मिट्टी में मिलायें गेंदे की बिजाई एक वर्ष में कभी भी की जा सकती है बारिश के मौसम में इसकी बिजाई मध्य जून से मध्य जुलाई में करें सर्दियों में इसकी बिजाई मध्य सितंबर से मध्य अक्तूबर में पूरी कर लें नर्सरी बैड 3x1 मीटर आकार के तैयार करें गाय का गला हुआ गोबर मिलायें बैडों में नमी बनाए रखने के लिए पानी दें सूखे फूलों का चूरा करें और उनका कतार या बैड पर छिड़काव करें जब पौधों का कद 10-15 सैं.मी. हो जाये, तब वे रोपाई के लिए तैयार होते हैं फैंच किस्म को 35x35 सैं.मी. और अफ्रीकी किस्म को 45x45 सैं.मी. के फासले पर रोपाई करें नर्सरी बैड पर बीजों का छिड़काव करें बिजाई के लिए पनीरी ढंग का प्रयोग किया जाता है एक एकड़ खेत के लिए 600 से 800 ग्राम बीजों की आवश्यकता होती है जब फसल 30-45 दिन की हो जाए, तब पौधे के सिरे से उसे काट दें इससे पौधे को झाड़ीदार और घना होने में मदद मिलती है, इससे फूलों की गुणवत्ता और अच्छा आकार भी प्राप्त होता है बिजाई से पहले बीजों को एजोसपीरियम 200 ग्राम को 50 मि.ली. धान के चूरे में मिलाकर उपचार करें शुरूआती खुराक के तौर पर अच्छी वृद्धि के लिए नाइट्रोजन 32 किलो (यूरिया 70 किलो), फासफोरस 16 किलो (एस एस पी 100 किलो), पोटाश 32 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 53 किलो) प्रति एकड़ में डालें मिट्टी की किस्म के अनुसार खाद की खुराक बदल दें सही खुराक देने के लिए मिट्टी की जांच करवायें और उसके आधार पर खुराक दें नदीनों की संख्या के आधार पर गोडाई करें खेत में रोपाई के बाद तुरंत सिंचाई करें कली बनने से लेकर कटाई तक की अवस्था सिंचाई के लिए बहुत महत्तवपूर्ण होती है अप्रैल से जून के महीने में 4-5 दिनों के अंतराल पर लगातार सिंचाई करना आवश्यक होता है किस्म के आधार पर गेंदा 2 से 2.5 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं फ्रैंच गेंदे की किस्म 1.5 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाती है जबकि अफ्रीकी गेंदे की किस्म दो महीने में तैयार हो जाती है जब गेंदे का पूरा आकार विकसित हो जाये तब उसे तोड़ लें कटाई सुबह के समय और शाम के समय करें फूलों की तुड़ाई से पहले खेत को सिंचित करना चाहिए इससे फूलों की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहती है इसे आप अपनी नजदीकी फूल ामंडी में बेच कर इसे अपनी आय का साधन बना सकते है
बैंगन के पौधे सूख रहे है कोई दवाई बताएं, पौधे की जड़ से ऊपर तना भूरा होकर उसकी शाखायें शुरू हो जाती है, उसके बाद पूरा पौधा सूखा जाता है। यह धीरे-धीरे पूरे खेत में हो रही है ?
(hn)
संजय जी इसकी जड़ों में दीमक चेक करें अगर दीमक मौजूद है तो chlorpyriphos @4ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें
ਸਬਜੀ ਲਗਾਉਣ ਵਾਲੇ ਥੈਲੇ ਕਿਥੋ ਮਿਲਣਗੇ ਜੀ ?
(pb)
Punjab
ਲਖਵਿੰਦਰ ਜੀ ਇਹ ਥੈਲੇ ਤੁਹਾਨੂੰ ਲੋਕਲ ਮਾਰਕੀਟ ਵਿਚ ਮਿਲ ਜਾਣਗੇ, ਧੰਨਵਾਦ
Punjab agro organic farming madam Mamta contact number ?
(en)
Punjab
Manpreet ji tuc Dr madhu gill 7087408708 Punjab agro organic farming Chandigarh nal sampark kar sakde ho.
ਇਕਨੋਮਿਕਸ ?
(pb)
Punjab
ਪਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਆਪਣਾ ਸਵਾਲ ਵਿਸਤਾਰ ਨਾਲ ਦਸੋ ਜੀ ਤੁਸੀ ਕਿਸ ਵਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ.
अनार को फल नही लग रहा है, फूल लगते है गिर जाते है ?
(hn)
Maharashtra
महेंद्र जी यह तत्व और फंगस के कारण गिरना शुरू हो जाते है इसके लिए आप पौधे को3-5 किल्लो वर्मी कम्पोस्ट डालें और पौधे के ऊपर copper oxyChloride @3 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
ਜਵਾਰ ਬੀਜੀ ਨੂੰ 2 ਦਿਨ ਹੋਏ ਸੀਂ ਗੁਆਂਢੀ ਤੋਂ ਪਾਣੀ ਟੁੱਟ ਕੇ ਪੈ ਗਿਆ ਉਗ ਆਉ ਜਾ ਨਹੀਂ??ਬੀਜੀ ਨੂੰ 6 ਦਿਨ ਹੋ ਗਏ ?
(en)
Punjab
ਰਸ਼ਪਿੰਦਰ ਜੀ ਇਹ ਉਗ ਜਾਏਗੀ ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ 2-4 ਦਿਨ ਤਕ wait ਕਰੋ
bakri bacha sitdi hai, usda ilaj btaein ?
(pb)
ਡਿਪਲੋਮਾ ਐਗਰੀਕਲਚਰ ਕੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ?
(pb)
Punjab
ਪਰਵਿੰਦਰ ਜੀ ਡਿਪਲੋਮਾ ਇਕ ਡਿਗਰੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੋ 10ਵੀ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਦੋ ਸਾਲ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ.
Rasi 4558 da ki result aa te kinne Time ch teyar hunda te 1 acre da kina beej penda ?
(en)
Maharashtra
Rasi 4558 eh 90-105 din laindi hai pakkan layi te isda jhaad 40 quintal prati acre hunda hai isda beej 8-10 killo prati acre de hisab nal vartya janda hai. dhanwad
Punjab
thanks
अमरूद के बगीचे में ठंड मैं बाहर आती है उस की गुटी (airlaring) कौन से महीने मे बांधनी चाहिए, clon कैसे बनायें ?
(hn)
Punjab
अमित जी अमरुद के पौधे पे airlayering जून -सितम्बर महीने में की जाती है, धन्यवाद
khas khas ki kheti kab lagti hai ?
(pb)
Punjab
Sarpanch Bicky ji khas khas ki kheti punjab mein Punjab Agricultural University ki tarf se sifarish nahi ki jati, dhanywad.
ਕੱਦੂ ਦੀਆਂ ਵੇਲਾਂ ਨੂੰ ਹਰਾ ਤੇਲਾ ਪੈ ਗਿਆ ਕੋਈ organic ਹੱਲ ਦੱਸੋ ਜੀ ?
(en)
Punjab
ਇਸ ਦੇ ਉੱਪਰ ਨਿਮ ਦੀ ਸਪਰੇ 1.5 -2 ਲੀਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਨੂੰ 100 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਨਾਲ ਮਿਕ੍ਸ ਕਰ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ Iਇਸ ਨਾਲ ਕੋਈ ਵੀ ਕੀੜਾ ਮਕੌੜਾ ਤੁਹਾਡੀ ਫ਼ਸਲ ਤੇ ਨਹੀਂ ਬੈਠੇਗਾ ਅਤੇ ਫ਼ਸਲ ਦਾ ਨੁਕਸਾਨ ਨਹੀਂ ਕਰੇਗਾ I
भाकृअनुसं पूसा नई दिल्ली द्वारा विकसित संकर किस्में विश्वविद्धालय के इलावा कहाँ मिलेगी। कृपया मार्गदर्शन करने का कृपा करें ?
(hn)
Punjab
अशोक जी आप इन बीजों के बारे में अपने नजदीकी कृषि विज्ञानं केंद्र से जानकारी ले सकते है वहाँ आपको इसके बीज मिल जायेगे
ਸਰ ਨਿਸਰੀ ਕਣਕ ਉੱਪਰ ਰਿਕਰਾਟੇ ਦੀ ਸਪਰੇ ਕਿਉ ਨਹੀ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ?
(pb)
Punjab
ਸੁਖਪਿੰਦਰ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਇਸਦੇ ਸਾਲ੍ਟ ਦਾ ਨਾਮ ਦੱਸੋ ਜਾਂ ਇਸਦੀ ਫੋਟੋ ਭੇਜੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਕਿ ਇਸਦੀ ਸਪਰੇ ਕਿਊ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ, ਧੰਨਵਾਦ
गन्ने की अच्छी फसल कैसे तैयार करें ?
(hn)
Punjab
संतोष जी गन्ने की अच्छी फसल के लिए आप फसल बीजने से पहले मिट्टी के अंदरूनी तत्वों को जांच करवानी आवश्यक है ताकि खादों की सही आवश्यकता को समझा जा सके बिजाई से पहले 8 टन प्रति एकड़ रूड़ी की खाद मिलाएं या वर्मीकंपोस्ट + रैलीगोल्ड 8-10 किलोग्राम प्रति एकड़ या जीवाणु खाद 5-10 किलोग्राम प्रति एकड़ का प्रयोग करें बिजाई के समय 66 किलो यूरिया का प्रयोग प्रति एकड़ के हिसाब से करें यूरिया की दूसरी किश्त 66 किलो प्रति एकड़ दूसरे पानी के बाद डालो और यूरिया की तीसरी किश्त 66 किलो प्रति एकड़ चौथे पानी के बाद डालें सर्दियों के मौसम में तापमान कम होने के कारण फसल तत्व ज्यादा लेती है जिस कारण पौधा पीला पड़ जाता है इसकी रोकथाम के लिए N:P:K 19:19:19 की स्प्रे 250 ग्राम 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ के लिए प्रयोग करें जिन इलाकों में पानी की कमी है वहां यूरिया+पोटाश का प्रयोग 2.5 किलोग्राम को 100 लीटर पानी में मिलाकर करें
मशरुम की खेती कैसे करें और कहाँ बेचें ?
(hn)
Maharashtra
मशरुम की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन मशरुम , डीगरी, शटाकी मशरुम , पराली मशरुम , और मिलकी मशरुम. इनमे से कुछ मशरुम सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर मशरुम को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन मशरुम का समय सितंबर से मार्च तक होता है, इससे हम 2 फसले ले सकते है, शटाकी मशरुम का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं, इससे हम 1 फसल ही ले सकते है, पराली मशरुम का समय अप्रैल से अगस्त तक है, इससे हम 4 फसले ले सकते है, मिलकी मशरुम का समय अप्रैल से सितंबर तक है, आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली मशरुम लगा सकते है, पराली मशरुम के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है, पराली के पूले: धान की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे के साथ बांध कर तैयार किये जाते है. पूले के सिरे काट कर बराबर कर लिए जाते हैं. पूलो की क्यिारी लगाना : पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए भिगो दें, गिले पूलो को ढलान पर रख कर अधिक पानी को निकलने दे, कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये, इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये, जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले. इसके ऊपर की सतह उलट होती है. इस प्रकार 5-5 पूलो की 4 सेट में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार की जाती है. सबसे ऊपर 2 पूलो को खोलकर रख दिए जाते हैं. मशरुम का फुटाव करना : बिजाई से 7-9 दिनो के बाद का फुटाव होने लगता है. पानी और हवा का संचार : बिजाई के 2 दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका किया जाता है. मशरुम के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है. मशरुम की तुड़ाई : मशरुम का फुटाव के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है. मिलकी मशरुम : मिलकी मशरुम के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे (12×16), सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि चाहिए. तूडी की तैयारी : सूखी तुड़ी को पक्के फर्श पर खिलार कर 16-20 घंटे पा नी से गिला करे, गीली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे. इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें, तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर खिलार कर ठंडा करे. यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है. बिजाई : ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें. एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज डाला जाता है. लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे. केसिंग : बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 के सेट बना दें, केसिंग में रूडी और रेतली मिट्टी (4:1) होती है. 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित की जाती है. मशरुम का फुटाव: केसिंग मिट्टी डालने के लगभग 2 हफतो में मशरुम के छोटे-छोटे कण निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है. मशरुम की तुड़ाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है
ਕਣਕ ਨੂੰ ਆਖਰੀ ਪਾਣੀ ਨਾਲ ਤੇਲੇ ਵਾਲੀ ਸਪਰੇਅ ਨਾਲ ਹੋਰ ਕਿਹੜੀ ਦਵਾਈ ਪਾਈਏ ਕਣਕ ਦਾ ਝਾੜ ਵਧੀਆ ਰਹੇ ?
(pb)
Punjab
ਦਿਲਬਾਗ ਜੀ ਕਣਕ ਨੂੰ ਤੇਲੇ ਤੋਂ ਤੁਸੀ ਥਾਇਆਮੈਥੋਕਸਮ@80 ਗ੍ਰਾਮ ਜਾਂ ਇਮੀਡਾਕਲੋਪ੍ਰਿਡ@40-60 ਮਿ.ਲੀ. ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਘੋਲ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿਚ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰੋ ਇਸਦੇ ਵਿਚ ਤੁਸੀ ਕੋਈ ਵੀ ਸਪਰੇ ਮਿਲਾ ਕੇ ਨਾ ਕਰੋ ਕਣਕ ਦੇ ਨਿਸਾਰੇ ਦੇ ਸਮੇ ਇਕ ਕਿੱਲੋ 13:00:45 ਅਤੇ ਬੋਰੋਨ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ.
Ssa ji, hun kehdi makki beeji ja sakdi hai. pakau hove jisnu cuttan ton baad jhona la sakiye ?
(pb)
Punjab
Vicky ji pkavi makki de layi tuc kisam PMH1, PMH2 kisam di bijai kar sakd eho eh pakkan de layi 85-95 din da sma laindi hai. dhanwad
OVULANTA-kit vare kuj dso g ?
(en)
Punjab
ਇਸ ਵਿਚ 2 ਨੀਲੀਆਂ ਅਤੇ 1 ਸਫੇਦ ਗੋਲੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ , ਪਹਿਲਾ ਤੁਸੀ 2 ਨੀਲੀਆਂ ਗੋਲੀਆਂ ਨੂੰ ਕੁੱਟ ਕੇ ਪਾਊਡਰ ਬਣਾ ਕੇ ਰੋਟੀ ਵਿਚ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਦਿਓ ਫਿਰ ਉਸ ਤੋਂ 10 ਮਿੰਟ ਬਾਦ ਸਫੇਦ ਗੋਲੀ ਨੂੰ ਕੁੱਟ ਕੇ ਪਾਊਡਰ ਬਣਾ ਕੇ ਦਿਓ , ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਤੁਸੀ 5 ਦਿਨ ਦਿਓ , ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ.
dso g kuj ?
(en)
Punjab
ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਫੋਟੋ ਦੁਬਾਰਾ ਭੇਜੋ ਜਦੋ ਤੁਸੀ ਕੈਮਰੇ ਨਾਲ ਫੋਟੋ ਕ੍ਲਿਕ ਕਰਦੇ ਹੋ ਫਿਰ ਜਦੋ ਐੱਪ ਵਿਚ ਅਟੈਚ ਕਰਨ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰਦੇ ਹੋ ਓਥੇ ਉਹ ਬ੍ਲੈਕ ਸ਼ੋ ਹੁੰਦੀ ਹੈ , ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਜਦੋ ਆਪਣਾ ਸਵਾਲ ਟਾਈਪ ਕਰਦੇ ਹੋ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਨੀਚੇ ਫੋਟੋ ਅੱਪਲੋਡ ਕਰੋ ਦੀ ਓਪਸ਼ਨ ਵਿਚ ਜਾ ਕੇ ਨਵੀ ਫੋਟੋ ਕਲਿਕ ਕਰੋ , ਇਸ ਤਰਾਂ ਤੁਹਾਡੀ ਫੋਟੋ ਐੱਪ ਵਿਚ ਅੱਪਲੋਡ ਹੋ ਜਾਏਗੀ ਜੇਕਰ ਫਿਰ ਵੀ ਅੱਪਲੋਡ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੀ ਫਿਰ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਲਾਇਨ ਨੰਬਰ 9779977641 ਤੇ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
sholeyan vich dekho ki smsya aa ?
(en)
navdeep ji eh fungus de karke ho reha hai isde layi tuc M-45@400gm ja coppe roxychloride@400-500gm nu 150 litre pani vich mila ke prati acre de hisab nal spray karo. dhanwad
Hello...can u tell me about jobs after b.sc agriculture in Punjab ?
(en)
Punjab
Veerpal ji after Bsc agri you can apply for these jobs Research Officer,Agriculture Officer,Agriculture Loan Officer (in Banks),Production Manager, Operations Manager,Farm Manager.
sir kanak 8 November nu beeji c water Layie ja na ?
(pb)
Punjab
Parwinder ji kanak nu pani laun di poori jankari nal diti photo to lai sakde ho.
मोती की खेती करना चाहते है ?
(hn)
Haryana
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Rajasthan
मोती की खेती खेती करनी है
Uttar Pradesh
yas I m interested but I don t know about it.
Rajasthan
सर मुझे भी मोती की खेती करनी है जानकारी चाहिए
Kanak nu Tele to kehdi spray kariye ?
(pb)
Punjab
Knak vich tele di roktham lyi Actara(thiamethoxam 25WG) @40 gm prati acre de hisab nal spray kr skde ho.
Punjab
thanks ji
Punjab
ji
6--7 फीट.लंबे कलमी आम के एक पेड़ मे प्रतिवर्ष औसतन जैविक खाद की कितनी मात्रा डाली जानी चाहिए ?
(en)
Maharashtra
ललन कुमार जी कृपया बताये के आम के पेड़ की उम्र कितनी है ता की आपको उसके हिसाब से पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
लगभग 4-5 साल
पेड़ों की उम्र लगभग 4-5 साल की होगी और उसे मैंने एक साल पूर्व लगाया था उन पेड़ों का अच्छा विकास हो तथा फलन भी जल्दी हो सके इस संबंध में आवश्यक जानकारी देने की कृपा करेंगे
es vare dso .result kida da es da.koi nuksan ta nahi ?
(en)
Punjab
Khushwinder brar ji tuahde walo beji gyi photo upload nhi hoi hai kirpa krke dubara upload kro ji tan jo tuhanu sahi jankari diti jaa ske.
KANAK TE KINI DOSE PAIYE JI ?
(pb)
Punjab
Mahabali vich thiamethoxam 30%FS naam da salt hai jo knak vich tele nu marda hai. esdi dose @80gm per acre nu 120 liter pani vich mila ke spray kr skde ho.
मोती की खेती के लिए सीप कहा मिलेंगें ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Sir kanak Takreeban 100% nisr gai aa. jehre chote shitte reh gaye ohna de daane chnge bnaun vaste kehri spray kiti jave ?
(pb)
Punjab
Nirmal ji kanak de nisare de same tuc isde uper 13:00:45@1 killo ate boron@100gm nu 150 litre pani vich mila ke prati acre de hisab nal spray karo. dhanwad
I want to start the pearl farming ?
(en)
Punjab
Mr Shinde for All Information and Training please contact with Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381.
मोती उत्पादन ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें
मैं मोती फार्मिंग करना चाहता हूं ?
(hn)
Haryana
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
bhai kitne paiso me moti ki kheti ka kaam shuru kr akte hai
Uttarakhand
btayie
sir jhona kehrda lgya jaye jo pakk da v jldi hoye or moisture di prob na hundi hoye is variety vich ?
(en)
Punjab
Sharry g jhone di PR-126 variety lga skde ho sab to short variety hai.eh variety 123 din vich pakk ke tyar ho jndi hai.esda yield @30 quiental per acre hai..
Punjab
Basmati cho pusa basmati 1509 lga skde o 120 din di fasal aa 1121 nalo rate da v thoda hi fark hai. Klle jhone cho PR 126 te PR 122 lga skde o.
ਅੱਜ ਮੌਸਮ ਦਾ ਕੀ ਹਾਲ ਹੈ ਦੱਸੋ ਜੀ ?
(en)
Punjab
ਬਲਜਿੰਦਰ ਜੀ ਅੱਜ ਦਾ ਮੌਸਮ ਸਾਫ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
sir. ahh plant growth regulator da kanak nu faida hega koi hun ehnu tilt ch mila k krr sakde aw ?
(en)
Haryana
guri sidhu ji eh kanak de vadhe de layi istemal kita janda hai isdi spray da hun koi fayda nahi hai. tilt de vich tuc koi v spray mila ke na karo. dhanwad
sira he a y eh ta
ਸਤਿ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਸਰ। ਸ਼੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਬੇਰੀਆਂ ਦੀ ਕਟਾਈ ਦਾ ਉਚਿੱਤ ਸਮਾਂ ਕਿਹੜਾ ਹੈ ਜੀ, ਅਸੀਂ ਐਂਪਲ ਬੇਰੀ ਲਾਈ ਹੋਈ ਆ ਜੀ ਪਰ ਉਸ ਤੇ ਸਾਰਾ ਫ਼ਲ ਐਪਲ ਕਿਸਮ ਦਾ ਨਹੀਂ ਆਇਆ ਜੀ ਹੁਣ ਅਗਲੇ ਸਮੇ ਲਈ ਕੀ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ ਜੀ ?
(en)
Punjab
Pargat Singh ਜੀ ਇਸ ਬਾਰੇ ਵਿਸਤਾਰ ਵਿੱਚ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ ਤੁਸੀ Pawan Kumar 9878726420 ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Punjab
ਧੰਨਵਾਦ ਜੀ।