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ਸਰ hf ਬਰੀਡ ਦੇ ai ਕਰਾਈ ਨੂੰ 2 month ਹੋਗੇ ਉਸਨੂੰ ਹੁਣ ਚੈੱਕ ਕਰਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਕਿ ਨਹੀਂ ਵੈਸੇ ਲਾਉਣ ਤਾਂ ਲੱਗ ਪਈ ਪਹਿਲੇ ਸੂਏ ਆ 2 ਵਾਰ ai ਕਰਵਾਈ ਸੀ ਪਹਿਲਾਂ ਰਹੀ ਨਹੀਂ ਸੀ ਅਤੇ ਇੱਕ ਵੱਛੀ ਪਹਿਲੇ ਸੂਏ ਸੁਣ ਵਾਲੀ ਆ 5 10 ਦਿਨ ਤੱਕ ਉਸਨੂੰ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਦੇ ਸਕਦੇ ਆ ਕੋਈ ਹੋਰ ਪ੍ਰੋਡਕਟ ਵੀ ਦਸਇਓ ਜੀ ਜਿਸ ਨਾਲ ਵਧੀਆ ਦੁੱਧ ਹੋਵੇ ਉਸਦਾ ?
(pb)
ਦਲਵੀਰ ਸਿੰਘ ਜੀ ਤੁਸੀ ਗੱਭਣ ਗਾਂ ਨੂੰ 2.5-3 ਮਹੀਨਿਆਂ ਬਾਦ ਚੈੱਕ ਕਰਵਾਓ ਕਿਉਕਿ ਉਸ ਟਾਈਮ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਗੱਭਣ ਵਾਰੇ ਸਹੀ ਪਤਾ ਲਗਦਾ ਹੈ , ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਸੂਣ ਵਾਲੀ ਵੱਛੀ ਨੂੰ ਸੂਣ ਤੋਂ ਬਾਦ 1.5 ਕਿਲੋ ਦਲੀਆ , 200 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ ਚੰਗੀ ਤ੍ਰਾਹ ਰਿਨ ਕੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਮਿਲਾ ਕੇ ਗਾਂ ਨੂੰ ਦਿਓ , ਇਸ ਨਾਲ ਸੂਣ ਤੋਂ ਬਾਦ ਜਲਦੀ ਦੁੱਧ ਵੱਧ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਜਲਦੀ ਹਜ਼ਮ ਵੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Anabolite liquid 100-100ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਜੀ , ਇਸ ਨਾਲ ਕਮਜ਼ੋਰੀ ਵੀ ਦੂਰ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ..
hybrid bhindi da beej ?
(pb)
Maharashtra
bhindi diyan hybrid kisman han jive CO 2, 3, COBhH 1. tuc ehna di bijai kar sakde ho. dhanwad
मशरूम की खेती ?
(hn)
Punjab
मशरुम की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन मशरुम , डीगरी, शटाकी मशरुम , पराली मशरुम , और मिलकी मशरुम. इनमे से कुछ मशरुम सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर मशरुम को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन मशरुम का समय सितंबर से मार्च तक होता है, इससे हम 2 फसले ले सकते है, शटाकी मशरुम का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं, इससे हम 1 फसल ही ले सकते है, पराली मशरुम का समय अप्रैल से अगस्त तक है, इससे हम 4 फसले ले सकते है, मिलकी मशरुम का समय अप्रैल से सितंबर तक है, आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली मशरुम लगा सकते है, पराली मशरुम के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है, पराली के पूले: धान की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे के साथ बांध कर तैयार किये जाते है. पूले के सिरे काट कर बराबर कर लिए जाते हैं. पूलो की क्यिारी लगाना : पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए भिगो दें, गिले पूलो को ढलान पर रख कर अधिक पानी को निकलने दे, कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये, इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये, जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले. इसके ऊपर की सतह उलट होती है. इस प्रकार 5-5 पूलो की 4 सेट में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार की जाती है. सबसे ऊपर 2 पूलो को खोलकर रख दिए जाते हैं. मशरुम का फुटाव करना : बिजाई से 7-9 दिनो के बाद का फुटाव होने लगता है. पानी और हवा का संचार : बिजाई के 2 दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका किया जाता है. मशरुम के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है. मशरुम की तुड़ाई : मशरुम का फुटाव के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है. मिलकी मशरुम : मिलकी मशरुम के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे (12×16), सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि चाहिए. तूडी की तैयारी : सूखी तुड़ी को पक्के फर्श पर खिलार कर 16-20 घंटे पा नी से गिला करे, गीली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे. इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें, तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर खिलार कर ठंडा करे. यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है. बिजाई : ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें. एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज डाला जाता है. लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे. केसिंग : बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 के सेट बना दें, केसिंग में रूडी और रेतली मिट्टी (4:1) होती है. 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित की जाती है. मशरुम का फुटाव: केसिंग मिट्टी डालने के लगभग 2 हफतो में मशरुम के छोटे-छोटे कण निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है. मशरुम की तुड़ाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है
Sir,ਸਾਡੇ(ਕਿਸਾਨ)ਮਿਤੱਰ ਕੀਟ ਅਤੇ ਦੁਸ਼ਮਨ ਕੀਟ ਦੇ ਬਾਰੇ ਚਿਤਰਾਂ ਸਮੇਤ ਦੱਸੋ ਜੀ ?
(pb)
Punjab
ਮਲਕੀਤ ਜੀ ਮਿੱਤਰ ਕੀੜਿਆਂ ਦੀ ਫੋਟੋ ਤੁਸੀ ਹੇਠਾਂ ਦਿਤੀ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਹਾਨੀਕਾਰਕ ਕੀੜਿਆਂ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਨਾਲ ਦਿਤੇ ਲਿੰਕ ਤੇ ਕ੍ਲਿਕ ਕਰਕੇ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ https://www.insectidentification.org/harmful-insects.asp
sir vachhi aa apne kol 2-3 sal di aa te oh bandi nahi a koe hall daso yarr ?
(pb)
Punjab
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Agrimin super ਪਾਊਡਰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ , ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Ovumin Advance ਗੋਲੀਆਂ ਦਿਓ ਇਸਦੀ ਰੋਜਾਨਾ 1 ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਂਦੇ ਰਹੋ , ਇਸ ਨਾਲ ਹੀਟ ਵਿੱਚ ਆ ਜਾਵੇਗੀ .ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਕੋਈ ਹੋਰ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਦੁਬਾਰਾ ਸਵਾਲ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ
Punjab
thnx sir
मोती की खेती कैसे करें ?
(hn)
Haryana
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
sir har sal eda hi ho jandi aa kank koi hal dso ?
(en)
knak di fasal vich nisran to baad jdo daane bnan lgg jnde han tn ess vich flag leaf and leaves nu green rakn lyi fungicide da spray jroor kro g.ess vich tuc Tilt @200 ml per acre da spray kr skde ho..
मोती की खेती कैसे करें ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी और ट्रेनिंग लेने के आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
मोती की खेती कैसे करें ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
sir Ji meri buffalo sui nu 4 month ho ge oh heat vich ni aa rahi milk vi ek time dindi plz koi hall daso heat vich vi aa jave milk vi 2 time Den lag jave ?
(pb)
gurmindear singh ji iss nu tuci minotas deya goliya deo , eh intas company da product hai , is deya 21 goliya deo, isdi rojana 1 goli dinde reho, ate isde nal tusi ehdi flukrid bouls nal deworming v karo . fir eh heat vich aa javegi.
Ok sir Ji thx
pudina ?
(pb)
Punjab
Jaspal ji kirpa krke apna swal vistar nal dso ji tuci pudine varee ki jankari lena chahunde ho tan jo tuhanu sahi jankari diti jaa ske.
मोती की खेती करने के लिए मार्गदर्शन करें ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी और ट्रेनिंग लेने के आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें
हमें मशरूम की खेती करने के लिए क्या करना होगा ?
(hn)
Maharashtra
सदानंद जी मशरूम को खुंब भी कहा जाता है खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप Mr. jai 8882876224 जी से संपर्क कर सकते है
मोतियों की खेती के बारे में बतायें ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी और ट्रेनिंग लेने के आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
शहद की खेती कैसे करे ?
(hn)
यदि आप नए सिरे से मक्खी पालन का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं तो अगस्त से जनवरी तक शुरू किया जा सकता है मक्खी फार्म के पास जी टी रोड, रेलवे लाइन और टेलीफोन या बिजली की तारें या जाल न हो, फूलों से मक्खियों को फूलों का रस और पोलन मिलता है जो मक्खियों की खुराक होते है, ज़्यादा शहद इकठ्ठा करने के लिए फूलों वाली मक्खियां सरसों, तोरिया, गोभी सरसों, सफेदा, बरसीम, सूरजमुखी, लीची, अरहर, टाहली, कपास/नरमा आदि है, जिन इलाकों में यह फूल समय पर मिलते है उन इलाकों में इस काम को कामयाबी से अपनाया जा सकता है, इसमें 100 मक्खी के बक्सों से आप औसतन 25000-30000 तक का मुनाफा ले सकते हैं शुरूआत में यदि आप 100 बक्सों से काम शुरू करते हैं तो औसतन 4-5 लाख तक खर्चा आता है आप अपने बजट के हिसाब से बक्सों की गिणती कम ज्यादा कर सकते हैं बाकी यदि इसकी ट्रेनिंग लेकर शुरू करें तो बढ़िया रहेगा बाकी यदि इसकी ट्रेनिंग लेकर शुरू करें तो बढ़िया रहेगा ट्रेनिंग आपको आपके नज़दीकी KVK केंद्र से मिलेगी जी
ਮੋਤੀ ਫਾਰਮਿੰਗ ਤੇ ਕਿੰਨਾ ਖਰਚਾ ਆਉਂਦਾ ਛੋਟੇ ਲੈਵਲ ਤੇ ?
(en)
Punjab
Varinder singh ਜੀ ਮੋਤੀ ਫਾਰਮਿੰਗ ਦੀ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ ਤੁਸੀਂ Manish Vasudev 9417652857 ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
सर भैंस के तीन थन में दूध आ रहा है लेकिन एक में पाना छोड़ने के बाद में आता है सर ये समस्या एक महीना पहले भी आयी थी जब ये परेशानी आती है तब भैंस दूध एक टाइम देना शुरू कर देती है क्या यह थनेला रोग तो नहीं है इसके बारे मे दवाई बताएं ?
(hn)
आप इसके थन में Mammicare tube चढ़वायें इसके साथ आप M-seft इंजेक्शन लगवाना शुरू करें इसे आप उसके ठीक होने के हिसाब से रिपीट करें
ਕੀ ਇਸ ਦੀ ਸਪ੍ਰੇ ਵੀ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ?
(pb)
Punjab
ਫ਼ਸਲ ਰਕਸ਼ਕ ਇਕ ਉੱਲੀਨਾਸ਼ਕ ਹੈ ਜੋ ਫ਼ਸਲ ਨੂੰ ਉੱਲੀ ਰੋਗ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਵਰਤਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਕ ਏਕੜ ਵਿਚ ਇਸਦੀ ਮਾਤਰਾ ਇਕ ਲੀਟਰ ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ\ ਧੰਨਵਾਦ
moti farming ke liye seep kaha se milega ?
(en)
Punjab
Gunjan Kishore g moti farming ke liye seep sambandhi jankari ke liye aap Vinod Kumar 9050555757 se samparak kar sakte ho
मोती की खेती कैसे करे ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से सम्पर्क करे
Sir rottweiler kutti heat wich ayi si us nu blood auna kl sver da band hoya us nu cross kdo tak krva skde aa kutti nu cross kron da theek sma ki hai ?
(pb)
Gurnishan Singh Dhillon ji Shame nu cross karwao ji.
पशु के लिए बायपास दाना क्या होता है इससे क्या फायदा होता है और ये पशु को कितनी मात्रा में देना चाहिए ?
(hn)
sir eh sarson ke uper white white si ho rhi hai iska koi ilaj batao ji ?
(pb)
Punjab
White rust fungus ki disease hai eski roktham ke liye M-45 @500 gm per acre ka spray kr skte ho g.
जल्दी होने वाली खेती ?
(hn)
Punjab
प्रितेश जी हर खेती का अपना अपना अलग समय होता है पकने का आप बताये के आप किस फसल की खेती करना चाहते है तो आपको उसमे कम समय वाली किसम की जानकारी दे देंगे धन्यवाद
Moti di kheti de lyi kitho training leni hai te ki kharcha awega seep kitho laini hai te ki kharcha awega ?
(pb)
Punjab
Harmail Singh g Moti di kheti ate training de lai tu c Manish Vasudev 9417652857 nal samparak akr sakde ho
ਸਰ ਇਹ ਬੂਟਾ ਕਿਹੜੇ ਫਲ ਦਾ ਹੈ ਚਾਰ ਸਾਲ ਬਾਦ ਫੁੱਲ ਜਿਹੇ ਲੱਗੇ ਹਨ ਸੰਤਰਾ,ਨਿੰਬੂ,ਕਿੰਨੂ ਜਾਂ ਗਲਗਲ ਕਿਸ ਦਾ ਹੈ ਗੁਲਾਬੀ ਡੋਡੀਆਂ ਜਿਹੀਆ ਲੱਗੀਆ ਹਨ ਇਸਤੇ ਕਿਹੜੀ ਸਪਰੇ ਕਰਾਂ ਤਾਂ ਜੋ ਫੁੱਲ ਨਾ ਝੜਨ ਤੇ ਫਲ ਲੱਗੇ ?
(en)
ਅਵਤਾਰ ਜੀ ਇਹ Grape fruit ਦੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦੇ ਉਪਰ 1gram bavistin ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕਿ ਸਪਰੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹ ਇਕ ਨਿਮਬੂ ਜਾਤੀ ਦਾ ਹੀ ਫ਼ਲ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ
4 दिन के देसी मुर्गी के बच्चे हैं वह रोज के 2—3 मर रहे हैं तो मै इसे रोकने के लिये क्या करूं ?
(hn)
Punjab
आप उन सभी बच्चों को अपने नज़दीकी डॉक्टर से जांच करवायें जिससे उनकी सही बिमारी का पता लग सके और आप उनके रहने वाली जगह को अच्छी तरह साफ करें और वहां तापमान बनाई रखें
मैं मोती की खेती करना चाहता हूं ?
(hn)
Punjab
Pritesh जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 से संपर्क करें
vermi compost worm ?
(en)
Punjab
Tikesh kumar ji please ask your question in detail so that we can provide you proper information . thank you
मोती की खेती कैसे करें ?
(hn)
Punjab
रोबिन पटेल जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Kanak vich peeli kungi aa gai hai, patea to haldi vang powder nilkda hai, esde lai Tata company di taqat use kr skde aa ?
(en)
Punjab
Tata Taqat vich HEXACONAZOLE5% + CAPTAN70% WP nam da salt maujood hunda hai isdi matra 200-400gm nu 150 litre pani vich mila ke prati acre dehisab nal spray kar sakde ho.is to ilava tilt@200ml nu 150 litre pani vich mila ke spray kro peeli kungi te isda result jyada vadia hai. dhanwad
ਭਿੰਡੀ ?
(en)
Punjab
ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਆਪਣਾ ਸਵਾਲ ਵਿਸਤਾਰ ਨਾਲ ਦਸੋ ਜੀ ਕਿ ਤੁਸੀ ਭਿੰਡੀ ਵਾਰੇ ਕਿ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ.
jalandhar vich vermi compost khad kitho milegi ?
(pb)
Punjab
Jasbir Singh ji Jalandhar vich vermi Compost len lai tusi apne jile de Krishi Vigyan Kendra (KVK), Jalandhar Uppal Jagir, Noor Mahal, Distt. Jalandhar Phone:- 01826-242288 Mobile :- +91-9888900329 nal samparak kar sakde ho.
सर थनैला रोग के लिए दूध चैक करने के लिए कौन सी किट है और कंपनी का नाम, संपर्क नंबर भेजें सर क्या घर पर चैक कर सकते हैं ?
(hn)
Punjab
थनैला रोग की जाँच आप बड़ी ऐसी से अपने घर पर भी कर सकते है या फिर आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञानं केंद्र से पता करे एक कार्ड आता है उसके ऊपर दूध की बून्द ढालकर थनेला रोग का पता चलता है या फिर आप यह वीडियो भी देखे इसमें भी बड़ा आसान तरीका बताया गया है https://www.youtube.com/watch?v=ecH0ueQp4eY&t=174s
मोती की खेती कैसे करें ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 से सम्पर्क करे.
मोती की खेती कैसे करें ?
(hn)
Punjab
इसके बारे में जानकारी के लिए आप Vinod Kumar से 9050555757 पर कॉल कर सकते है
hllo everyone, can u help me in getting admission in m.sc agriculture in PAU Ludhiana, I have aa 93% marks in b.sc agriculture ?
(en)
Punjab
veerpal ji to get admission in Msc you have to clear entrance exam then you will be qualified for admission. Thank you
Give details on Pearl farming ?
(en)
Punjab
Pearl farming is one of the best aquaculture businesses in India. In commercial pearl farming project, the first year investment will be more as you need fixed asset set up. You can assume 3/4 to a 1-acre, the cost of the pearl project would be around 4 lakhs rupees approximately. When it comes to profits in commercial pearl farming project, you can expect 50 to 60% under ideal aquaculture management practices. However, if you put more dedication and hard work into the project even 100% profit possible. There are mainly three types of pearls. • Natural pearls: in this type, the shape of the pearl depends on the original shape of the foreign body. • Artificial pearls: These are artificially made and coated with a synthetic material. • Cultured pearls (freshwater): These are cultured pearls in freshwater such as ponds, rivers etc..you can get the desired shape in this type. • You must have a good source of Oysters to culture in the pond. • You must have some skills of grafting techniques in pearl culture as this is essential for commercial pearl farming project. You can visit nearby pearl farms to learn these tips of freshwater pearl culture. first of all you have to attend 3 days practical training. According to your location you can get training from Regional Research Centre, Anand ATIC, Anand Agricultural University, Anand , Gujarat Ph. & Fax: +91-2692-263699, -388001.
मोती उत्पादन के लिए क्या करना चाहिए ?
(hn)
Punjab
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Aaj de time kheti nal kehra sahayak dhanda theek aa g ?
(pb)
Punjab
jaskarn ji tuc kheti de nal sahayak dhang bahut sare ne jehde shuru kar sakde ho jive murgi palan, bakri palan, soor palan, bhed palan, mashi palan kar sakde ho.tuc ehna vicho jehda vi dhanda shuru karna chahunde ho usdi training jarur lao. dhanwad
Punjab
according to u sir g khra best rhu
मोती की खेती करने के लिए ट्रेनिंग एवं जानकारी ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से सम्पर्क करे
ਸਰ ਜੀ ,ਅੰਬ ਦੇ ਬੂਟੇ ਦਾ ਕੋਰ ਝੜ ਜਾਂਦੇ ਹੈ,ਰਾਖ ਵਾਂਗ ਬਣ ਜਾਂਦਾ ਹੈ , ਕੋਈ ਦਵਾਈ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇ ?
(en)
Punjab
ਰਣਯੋਧ ਜੀ ਤੁਸੀ ਅੰਬ ਦੇ ਬੂਰ ਦੇ ਉਪਰ Copper oxychloride @3Gram ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਜਿਹੜੀ ਬੂਰ ਨੂੰ ਫੰਗਸ ਲੱਗਦੀ ਹੈ ਉਹ ਠੀਕ ਹੋ ਜਾਏਗੀ ਧੰਨਵਾਦ
ਆਪਣੀ ਖੇਤੀ ਪਰਿਵਾਰ ਨੂੰ ਗੁਰੂਫਤਹਿ ਜੀ , ਸਰ ਜੀ ਹਰੇ ਚਾਰੇ ਵਾਸਤੇ ਚਰੀ ਦਾ ਕਿਹੜਾ ਬੀਜ ਸਫਾਰਸ ਕਰੋਗੇ ਮੈ ਮੋਗਾ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਨਿਹਾਲ ਸਿੰਘ ਵਾਲਾ ਮਧੇਕੇ ਤੋ ਹਾਂ ?
(pb)
Haryana
ਮੇਜਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਚਰੀ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿਵੇ SL-44, Punjab Sudex Chari-4, Punjab Sudex chari1 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
ਮੇਜਰ ਸਿੰਘ ਜੀ ਸਤਿ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਜੀ , ਪੀਏਯੂ ਵੱਲੋਂ ਚਰੀ ਦੀਆ ਦੋ ਕਿਸਮਾਂ ਹਨ PSC-4 ਅਤੇ SL -44 ਇਹ ਦੋਨੋ ਕਿਸਮਾਂ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਕੀਤੀਆ ਕਿਸਮਾ ਹਨ ਜੀ
about pearl farming ?
(en)
Punjab
Pearl farming is one of the best aquaculture businesses in India. In commercial pearl farming project, the first year investment will be more as you need fixed asset set up. You can assume 3/4 to a 1-acre, the cost of the pearl project would be around 4 lakhs rupees approximately. When it comes to profits in commercial pearl farming project, you can expect 50 to 60% under ideal aquaculture management practices. However, if you put more dedication and hard work into the project even 100% profit possible. There are mainly three types of pearls. • Natural pearls: in this type, the shape of the pearl depends on the original shape of the foreign body. • Artificial pearls: These are artificially made and coated with a synthetic material. • Cultured pearls (freshwater): These are cultured pearls in freshwater such as ponds, rivers etc..you can get the desired shape in this type. • You must have a good source of Oysters to culture in the pond. • You must have some skills of grafting techniques in pearl culture as this is essential for commercial pearl farming project. You can visit nearby pearl farms to learn these tips of freshwater pearl culture. first of all you have to attend 3 days practical training. According to your location you can get training from vinod kumar. he is successful pearl farmer. He is also providing training to new farmers. his contact number is 9050555757.Thank You.
आम के वृक्ष के फूल झड़ रहे हैं बूर काले हो रहे हैं कोई उपाय बतायें ?
(hn)
Punjab
कमल जी ये तत्व की कमी कि कारण गिरना शुरू कर देते है इसके इलावा ये फंगस के कारण भी गिरना शुरू कर देती है\ इसके लिए आप पौधे को 6-7 किल्लो वर्मी कम्पोस्ट डालें इसके इलावा आप copper oxychloride @3gram को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
क्या हम गर्मियों के मौसम में टमाटर की खेती कर सकते हैं ?
(hn)
सूरज जी बसंत के मौसम के लिए नर्सरी नवंबर-दिसंबर में तैयार करें जबकि सर्दियों के मौसम में सितंबर-अक्तूबर महीने में नर्सरी में बीजों को बोयें
From where i can purchase fertilised poultry egg for hatching ?
(en)
Punjab
Nabakumar ji fertilised poultry egg lene ke lia aap Sunil Singh 9905384910, 9102737967 Sunil Singh Hatchery India Private Limited se samparak kar sakte hai, Thankyou.
eh ki ho gya hai kanak nu ?
(en)
knak de dane kale fungus krke hunde han.ess vich Tilt @200 ml nu 120 liter pani vich mila ke prati acre de hisab nal spray kr skde ho..
सर, मार्च आखिर में बोई जाने वाली तरबूज की कोनसी बढ़िया वेरायटी है,व कितने दिन में फल तेयार होते हैं ?
(hn)
Punjab
रविंद्र जी आप तरबूज की किसम जैसे Arka Jyoti,Arka Manik,Durgapur Kesar,Durgapur Lal ,Durgapur Meetha,Improved Shipper,Pusa Bedane की बिजाई कर सकते है यह किस्मे 125 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है
मैं मोती की खेती करना चाहता हूँ और ईसकी जानकरी चाहता हूँ ?
(hn)
Punjab
प्रकाश सिंह जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
ਸਰ ਰੋਟਵੇਲਰ ਕੁੱਤਾ ਹੈ ਉਸਨੂੰ ਚਿੱਚੜ ਤੇ ਪਿਸੂ ਹਨ ਕੀ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ ਮਰਦੇ ਨਹੀਂ ਹਨ ?
(en)
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਇੰਜੈਕਸ਼ਨ Hitek 1ml ਚਮੜੀ ਵਿੱਚ ਲਗਵਾਓ ਤੇ ਨਾਲ ਜੀ ਸ਼ੈਪੂ cleaner pet ਲਾ ਕੇ 5 ਮਿੰਟ ਬਾਅਦ ਉਸ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਨਾਲ ਸਾਫ ਕਰ ਦਿਓ ਇਸ ਤਰਾਂ ਨਾਲ ਠੀਕ ਹੋ ਜਾਵੇਗਾ
how I do Pearl farming and where we get it ?
(en)
Punjab
Mr.Rajashekhar Madiwal for Pearl farming you can contact to Regional Research Centre, Bengaluru Peninsular Aquaculture Division, Hessarghatta Lake, Bengaluru-560089, Karnataka Ph. +91-80-28479891,
Karnataka
sir ye Jo contact Nomber diyaa huwa hai na ye to connect hi nahi ho raha hai to kripiya karke koi aur Nomber wagera hai to update kijiyega .
Karnataka
thanks sir
Karnataka
any other address in Karnataka of about this sir
एलोवेरा की खेती कैसे लाभदायक है ?
(hn)
Punjab
एलोवेरा का प्रयोग आयुर्वेदिक दवाईयों में बड़े स्तर पर होता है आजकल कई नेशनल और इंटर नेशनल कंपनियां इसका प्रयोग चिकित्सा के साथ साथ सुंदरता उत्पाद जैसे क्रीम, शैंपू, दंत पेस्ट और कई सारे उत्पाद में इसका प्रयोग होता है मिट्टी - एलोवेरा के पौधों को किसी भी प्रकार की उपजाऊ/अनउपजाऊ मिट्टी में उगाया जा सकता है बस आपको इस बात का ध्यान रखना है कि पौधा ज्यादा पानी वाली और ज्यादा ठंड पड़ने वाली जगह पर नहीं लगाना है कम पानी और रेतली भूमि में लगाने के लिए यह सबसे अच्छी फसल है खेत की तैयारी - खेत की तैयारी के लिए सबसे पहले खेत की 2 बार अच्छी तरह जोताई करके उसमें प्रति हेक्टेयर 10 से 20 टन में पुरानी रूड़ी की खाद डालें साथ ही 120 किलोग्राम यूरिया + 150 किलोग्राम फास्फोरस + 30 किलोग्राम पोटाश इन्हें खेत में समान रूप से बिखेर दें फिर एक बार हल्की जोताई और कराहे से भूमि को समतल कर लें फिर खेत में 50x50 सैं.मी. की दूरी पर मेंड़ें बना लें पौधे की रोपाई और देख रेख - पौधे की रोपाई किसी भी समय की जा सकती है पर अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए जून- जुलाई या फरवरी- मार्च में कर सकते हैं एलोवेरा की रोपाई मेंड़ों पर होती है यह पौधे किसी पुरानी एलोवेरा फार्म या नर्सरी से प्राप्त किए जा सकते हैं यही पौधे बाद में पनीरी के रूप में प्रयोग किए जाते हैं इस विधि को रूट सक्कर कहा जाता है अच्छी उपज के लिए किस्में - सिम सितल, L 1 , 2 , 5 और 49 लगाएं जिसमें जैल की मात्रा ज्यादा पायी जाती है इसके अलावा नेशनल बोटनीकल और प्लांट जैनेटिक रिसोर्स, आई. सी. ए. आर द्वारा रिलीज़ की गई किस्में IC111271, IC111269, IC111280 आदि हैं मेंड़ों पर 50 x 50 सैं.मी. की दूरी पर पौधों को लगाएं पौधे से पौधे की दूरी 50 सैं.मी. रखने पर प्रति एकड़ में 15000 पौधों की रोपाई की जरूरत पड़ेगी सिंचाई - सिंचाई साल भर में इसे सिर्फ 4 से 5 बार सिंचाई की जरूरत होती है सिंचाई के लिए ड्रिप प्रणाली अच्छी रहती है इससे इसकी उपज में वृद्धि होती है गर्मी क दिनों में 25 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करनी चाहिए कीट और बीमारियां - वैसे इस फसल पर कोई विशेष कीट और रोगों का प्रभाव नहीं होता है पर कहीं कहीं तने के सड़ने और पत्तियों पर दाग वाली बीमारियों का असर देखा गया है जो एक फंगस रोग होता है उसके उपचार के लिए मैनकोजेब 3 ग्राम प्रति लीटर के हिसाब से छिड़काव करना चाहिए कटाई - यह फसल एक साल बाद काटने के लायक हो जाती है कटाई के दौरान पौधों की सबसे पहले निचली ठोस 3 या 4 पत्तों की कटाई करें उसके बाद लगभग 1 महीने के बाद उससे ऊपर वाली पत्तियों की कटाई करनी चाहिए कभी भी ऊपर वाली नई नाज़ुक पत्तियों की कटाई ना करें कटी हुई पत्तियों में फिर नई पत्तियां बननी शुरू हो जाती हैं प्रति हेक्टेयर में 50 से 60 टन ताजी पत्तियां प्रति वर्ष मिल जाती हैं दूसरे वर्ष में 15 से 20 फीसदी वृद्धि होती है एलोवेरा की खेती में आप इसे एक बार लगाकर 3 से 5 वर्ष तक उपज ले सकते हैं आमतौर पर यह अनउपजाऊ भूमि पर होता है लेकिन दोमट मिट्टी इसके लिए सबसे अच्छी होती है इसकी बिजाई फरवरी में होती है वैसे आप इसे कभी भी लगा सकते हैं इसका बीज आप किसी किसान से जो एलोवेरा की खेती करता है उनसे ले सकते हैं इसके मंडीकरण के लिए आप बहुत सारी कॉन्ट्रेक्ट कंपनियां हैं जैसे पतंजलि आदि अगर अपना खुद का प्रोसेसिंग प्लांट लगाना चाहते हैं तो वो तभी फायदेमंद है अगर आपने ज्यादा ज़मीन पर लगाया है या फिर और किसान भी प्रोसेसिंग के लिए आप के पास आए आप इसे बेचने के लिए इस नंबर पर कॉन्ट्रेक्ट कर सकते हैं 7905264770 बाजार में इसकी पत्तियों की अनुमानित कीमत 3 से 6 रूपये किलो होती है एक तंदरूस्त पौधे से एक साल में लगभग 3-4 किलो पत्तियां ली जा सकती हैं इस तरह एक वर्ष में एक एकड़ में से 1.5 से 3 लाख की फसल हो जाती है एलोवेरा का प्रयोग तंदरूस्त पत्तियों की कटाई के बाद साफ पानी से धोकर पत्तियों के निचली ओर ब्लेड या चाकू से कट लगाकर थोड़े समय के लिए छोड़ देते हैं जिसमें पीले रंग का गाढ़ा चिपचिपा रस (जेल) निकलता है उसे एक टैंक में इकट्ठा करके इस रस को सुखा लिया जाता है इस सूखे हुए रस को अलग अलग ढंग से तैयार करने के बाद अलग अलग नामों से जाना जाता है जैसे कि सकोतरा केप जब फसल पूरी तरह तैयार हो जाये और उसकी कटाई कर ली जाये तो उसे आप सब्जी मंडी में सीधे तौर पर बेच सकते हैं यदि आप खुद मंडी में बेचते हैं तो आपको अंदाजन 5 से 10 रूपये प्रति किलो तक मुल्य मिल सकता है पर यदि आप किसी कंपनी से कॉन्ट्रैक्ट करते हो तो इसका रेट उस कंपनी की जरूरत और शर्तों के मुताबिक उस कंपनी के द्वारा तय होता है यह मुल्य आपकी उनके साथ डीलिंग पर निर्भर करता है
ਗੁਆਰੀ ਬੀਜੀ ਸੀ ਜੀ ਪੰਜ ਦਿਨ ਹੋਗੇ ਹਰੀ ਨੀ ਹੋਈ ਜੀ ?
(pb)
Maharashtra
ਅਮਰਜੀਤ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕੇ ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਹਿੰਦੇ ਢੰਗ ਨਾਲ ਕੀਤੀ ਹੈ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ\ ਧੰਨਵਾਦ
मोती की खेती के लिए ट्रेनिंग कैसे मिलती है ?
(hn)
Punjab
कुमार पाठक जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Sir shimla mirch de patte kathe ho rahe g ki kita jave ?
(en)
shergill ji isde uper bareek machar da hamla hon karke eh ikathe ho rahe han isde layi tuc imidacloprid@1.5ml nu prati litre pani vich mila ke prati acre de hisab nal spray karo. dhanwad
मोती की खेती की जानकारी दें ?
(hn)
Punjab
सतीश कुमार पाठक जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
acetobacter कहां मिलेगा ?
(hn)
Punjab
सुमित जी आप acetobacter कृषि विज्ञानं केंद्र से ले सकते है जिसका पता है 430/13, Urban Estate, Near Railway Station, Kurukshetra-136118
pearl farming ?
(en)
Punjab
Pearl farming is one of the best aquaculture businesses in India. In commercial pearl farming project, the first year investment will be more as you need fixed asset set up. You can assume 3/4 to a 1-acre, the cost of the pearl project would be around 4 lakhs rupees approximately. When it comes to profits in commercial pearl farming project, you can expect 50 to 60% under ideal aquaculture management practices. However, if you put more dedication and hard work into the project even 100% profit possible. There are mainly three types of pearls. • Natural pearls: in this type, the shape of the pearl depends on the original shape of the foreign body. • Artificial pearls: These are artificially made and coated with a synthetic material. • Cultured pearls (freshwater): These are cultured pearls in freshwater such as ponds, rivers etc..you can get the desired shape in this type. • You must have a good source of Oysters to culture in the pond. • You must have some skills of grafting techniques in pearl culture as this is essential for commercial pearl farming project. You can visit nearby pearl farms to learn these tips of freshwater pearl culture. first of all you have to attend 3 days practical training. According to your location you can get training from vinod kumar. he is successful pearl farmer. He is also providing training to new farmers. his contact number is 9050555757.Thank You.
rir breed ਕਿਥੋਂ ਮਿਲੂ ਜੀ, ਹਰਦੀਪ ਕੋਲੋਂ ਤਾਂ ਮਿਲ ਨਹੀਂ ਰਹੀ ਜੀ ?
(pb)
Punjab
rir breed ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ ਪੱਪੂ ਪੋਲਟਰੀ ਫਾਰਮ 9041009671 ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ .