Punjab
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सबसे ज्यादा अंडे देने वाली देसी मुर्गी की नस्ल कौन सी है ?
(hn)
अंडों के लिए BV 300 नस्ल सबसे बढ़िया रहेगी यह नस्ल 18 सप्ताह की उम्र में अंडे देना शुरू कर देती है और 19 सप्ताह से 80वें सप्ताह तक लगभग 370 अंडे देती है प्रति मुर्गी के लिए 1.5—2.0 फुट जगह की जरूरत पड़ती है पहले दिन से लेकर अंडे देने तक एक मुर्गी पर लगभग 250—300 रूपए खर्चा आ जाता है.
सर मेरे पास 2 एकड़ ज़मीन है मैं मोती की खेती के बारे में जानकारी लेना चाहता हूं ?
(hn)
Punjab
मोनू जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 से संपर्क करें
ਕਣਕ ਪਿੱਛਲੇ ਸਾਲ ਇਸ ਤਰਾਂ ਹੋ ਗਈ ਸੀ 12 -13 ਕਿਲੇ ਤੇ 14 ਕਿਲੇ ਵਧੀਆ ਸੀ ਕੋਈ ਬਿਮਾਰੀ ਨਹੀਂ ਸੀ ਸਾਰੀ 2967 ਸੀ ਸਾਰੇ ਖੇਤ ਵਿਚ ਇਕੋ ਜਿਹਾ ਪਾਣੀ ਇਕੋ ਜਹੀ ਯੂਰੀਆ ਇਕੋ ਸਪਰੇ ਕੀਤੀ ਸੀ ਕੋਈ ਪਤਾ ਨਹੀਂ ਲੱਗਿਆ ) ਸਪਰੇ (tilt)( actara )(tukumi ) ਹੱਥ ਵਾਲਿਆਂ ਡਰੰਮੀਆ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕੀਤੀ ਸੀ ਇਕ ਕਿਲੇ ਦੀਆਂ 6 ਡਰੰਮੀਆ ਪਾਈਆਂ ਸੀ ਫਿਰ ਵੀ ਇਹੋ ਜਹੀ ਹੋ ਗਈ ਸੀ ਇਹ ਕਿ ਬਿਮਾਰੀ ਸੀ ਕੋਈ ਇਲਾਜ ਦੱਸੋ
(pb)
Punjab
Eh smut disease krke hundi hai jo fungus disease hai.esdi roktham lyi Tilt @200 ml per acre nu ikkale da spray kro jiss nal jyda benefit milda kyuke fungicide nu insecticide vich mila ke spray krn nal asar ghat janda hai and result v poora nhi milda g...
मोती की खेती के बारे में कुछ भी जानकारी नही है इस एप में ?
(hn)
Punjab
मोती फार्म आप घर पर छोटे लेवल पर पानी की टंकी से भी स्टार्ट कर सकते हो और तालाब में भी कर सकते हो हरयाणा के विनोद कुमार काफी लम्बे समय से मोती की खेती कर रहे है इनके अनुसार अभी देश में इस खेती की ट्रेनिंग देने वाला सिर्फ एक ही प्रशिक्षण संस्थान है और वो भी भुवनेश्वर में है उड़ीसा के सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फ्रेश वॉटर एक्वाकल्चर, भुवनेश्वर (ओडीसा) में मोती की खेती का प्रशिक्षण दिया जाता है मोती की खेती के लिए सबसे अनुकूल मौसम शरद ऋतु यानी अक्टूबर से दिसंबर तक का समय माना जाता है इसके लिए पानी के टैंक या तालाब की जरूरत पड़ती है कम से कम 10 गुणा 10 फीट की जगह होनी ही चाहिए बड़े तालाब में भी मोतियों की खेती की जा सकती है शुरू में खेती करने के लिए मोती की जरूरत पड़ती है, जो कि 5 रुपये से लेकर 15 रुपये में आसानी से मिल जाती है अक्सर मछुआरों के पास से ये खरीदी जाती है उत्तर प्रदेश के मेरठ, अलीगढ़ या फिर दक्षिण भारत में ये आसानी से मिल जाती है मछुआरों से लाए गए सीपों को 10 से 12 महीने तक पानी के टैंक में रखा जाता है जब सीप का कलर सिल्वर हो जाता है, तो समझा जाता है कि मोती तैयार हो गया है मोती कल्टीवेशन के लिए 0.4 हेक्टेयर जैसे छोटे तालाब में अधिकतम 25,000 सीप से मोती उत्पादन किया जा सकता है खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है या फिर इन्हे खरीदा भी जा सकता है इसके बाद हर सीप में छोटी-सी सर्जरी के बाद इसके भीतर चार से छह मिमी व्यास वाले साधारण या डिजाइनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, फूल या मनचाही आकृति डाल दी जाती है इसके बाद सीप को बंद किया जाता है इन सीपों को नायलॉन बैग में 10 दिनों तक एंटी-बायोटिक और प्राकृतिक चारे पर रखा जाता है इसे रोज देखने की जरूरत पड़ती है और देखा जाता है कि जो सीप मर गई होती हैं उन्हें बाहर निकाल लिया जाता है मोतियों की कीमत एक साल के भीतर 300 से लेकर 1500 रुपये तक हो जाती है हालांकि दाम भी क्वॉलिटी पर निर्भर होता है देश में इसकी मार्केट सूरत, दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और कलकत्ता जैसे शहरों में है जहां आभूषणों का काम ज्यादा होता है वहां इसकी मांग भी ज्यादा होती है अगर एक बार माल जाने लगे तो खरीदार खुद संपर्क में रहते हैं इतना ही नहीं देश के अलावा विदेशों में भी मोती की खासी मांग है, लेकिन उसके लिए आपके पास पैदावार अधिक होनी चाहिए तभी एक्सपोर्ट का काम कर सकते हैं इसकी जयादा जानकारी के लिए आप विनोद जी से 90505 55757 पर संपर्क करे
Punjab
नमस्कार सर अपनी खेती एप्प के बारे में अपना फीडबैक देने के लिए आपका धन्यवाद , हम कोशिस करेंगे के जल्दी मोती की खेती के बारे में भी एप्प में जानकारी अपलोड कर दी जाये , अगर आपने मोती की खेती करनी है तो आपको बता दे के इसके लिए आपको सबसे पहले ट्रेनिंग लेनी पड़ेगी और ट्रेनिंग देने वाला सिर्फ एक ही प्रशिक्षण संस्थान है और वो भी भुवनेश्वर में है उड़ीसा के सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फ्रेश वॉटर एक्वाकल्चर, भुवनेश्वर (ओडीसा) में मोती की खेती का प्रशिक्षण दिया जाता है मोती की खेती के लिए सबसे अनुकूल मौसम शरद ऋतु यानी अक्टूबर से दिसंबर तक का समय माना जाता है इसके लिए पानी के टैंक या तालाब की जरूरत पड़ती है कम से कम 10 गुणा 10 फीट की जगह होनी ही चाहिए बड़े तालाब में भी मोतियों की खेती की जा सकती है शुरू में खेती करने के लिए मोती की जरूरत पड़ती है, जो कि 5 रुपये से लेकर 15 रुपये में आसानी से मिल जाती है अक्सर मछुआरों के पास से ये खरीदी जाती है उत्तर प्रदेश के मेरठ, अलीगढ़ या फिर दक्षिण भारत में ये आसानी से मिल जाती है मछुआरों से लाए गए सीपों को 10 से 12 महीने तक पानी के टैंक में रखा जाता है जब सीप का कलर सिल्वर हो जाता है, तो समझा जाता है कि मोती तैयार हो गया है मोती कल्टीवेशन के लिए 0.4 हेक्टेयर जैसे छोटे तालाब में अधिकतम 25,000 सीप से मोती उत्पादन किया जा सकता है खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है या फिर इन्हे खरीदा भी जा सकता है इसके बाद हर सीप में छोटी-सी सर्जरी के बाद इसके भीतर चार से छह मिमी व्यास वाले साधारण या डिजाइनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, फूल या मनचाही आकृति डाल दी जाती है इसके बाद सीप को बंद किया जाता है इन सीपों को नायलॉन बैग में 10 दिनों तक एंटी-बायोटिक और प्राकृतिक चारे पर रखा जाता है इसे रोज देखने की जरूरत पड़ती है और देखा जाता है कि जो सीप मर गई होती हैं उन्हें बाहर निकाल लिया जाता है मोतियों की कीमत एक साल के भीतर 300 से लेकर 1500 रुपये तक हो जाती है हालांकि दाम भी क्वॉलिटी पर निर्भर होता है देश में इसकी मार्केट सूरत, दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और कलकत्ता जैसे शहरों में है जहां आभूषणों का काम ज्यादा होता है वहां इसकी मांग भी ज्यादा होती है अगर एक बार माल जाने लगे तो खरीदार खुद संपर्क में रहते हैं इतना ही नहीं देश के अलावा विदेशों में भी मोती की खासी मांग है, लेकिन उसके लिए आपके पास पैदावार अधिक होनी चाहिए तभी एक्सपोर्ट का काम कर सकते हैं इसकी जयादा जानकारी के लिए आप विनोद जी से 90505 55757 पर संपर्क करे
Punjab
नमस्कार सर अपनी खेती एप्प के बारे में अपना फीडबैक देने के लिए आपका धन्यवाद , हम कोशिस करेंगे के जल्दी मोती की खेती के बारे में भी एप्प में जानकारी अपलोड कर दी जाये , अगर आपने मोती की खेती करनी है तो आपको बता दे के इसके लिए आपको सबसे पहले ट्रेनिंग लेनी पड़ेगी और ट्रेनिंग देने वाला सिर्फ एक ही प्रशिक्षण संस्थान है और वो भी भुवनेश्वर में है उड़ीसा के सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फ्रेश वॉटर एक्वाकल्चर, भुवनेश्वर (ओडीसा) में मोती की खेती का प्रशिक्षण दिया जाता है मोती की खेती के लिए सबसे अनुकूल मौसम शरद ऋतु यानी अक्टूबर से दिसंबर तक का समय माना जाता है इसके लिए पानी के टैंक या तालाब की जरूरत पड़ती है कम से कम 10 गुणा 10 फीट की जगह होनी ही चाहिए बड़े तालाब में भी मोतियों की खेती की जा सकती है शुरू में खेती करने के लिए मोती की जरूरत पड़ती है, जो कि 5 रुपये से लेकर 15 रुपये में आसानी से मिल जाती है अक्सर मछुआरों के पास से ये खरीदी जाती है उत्तर प्रदेश के मेरठ, अलीगढ़ या फिर दक्षिण भारत में ये आसानी से मिल जाती है मछुआरों से लाए गए सीपों को 10 से 12 महीने तक पानी के टैंक में रखा जाता है जब सीप का कलर सिल्वर हो जाता है, तो समझा जाता है कि मोती तैयार हो गया है मोती कल्टीवेशन के लिए 0.4 हेक्टेयर जैसे छोटे तालाब में अधिकतम 25,000 सीप से मोती उत्पादन किया जा सकता है खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है या फिर इन्हे खरीदा भी जा सकता है इसके बाद हर सीप में छोटी-सी सर्जरी के बाद इसके भीतर चार से छह मिमी व्यास वाले साधारण या डिजाइनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, फूल या मनचाही आकृति डाल दी जाती है इसके बाद सीप को बंद किया जाता है इन सीपों को नायलॉन बैग में 10 दिनों तक एंटी-बायोटिक और प्राकृतिक चारे पर रखा जाता है इसे रोज देखने की जरूरत पड़ती है और देखा जाता है कि जो सीप मर गई होती हैं उन्हें बाहर निकाल लिया जाता है मोतियों की कीमत एक साल के भीतर 300 से लेकर 1500 रुपये तक हो जाती है हालांकि दाम भी क्वॉलिटी पर निर्भर होता है देश में इसकी मार्केट सूरत, दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और कलकत्ता जैसे शहरों में है जहां आभूषणों का काम ज्यादा होता है वहां इसकी मांग भी ज्यादा होती है अगर एक बार माल जाने लगे तो खरीदार खुद संपर्क में रहते हैं इतना ही नहीं देश के अलावा विदेशों में भी मोती की खासी मांग है, लेकिन उसके लिए आपके पास पैदावार अधिक होनी चाहिए तभी एक्सपोर्ट का काम कर सकते हैं इसकी जयादा जानकारी के लिए आप विनोद जी से 90505 55757 पर संपर्क करे
Maharashtra
धन्यवाद.....महाराष्ट्र मे कोई ईस व्यवसाय को करता है क्या? ,और सरकार कोई स्कीम चला रही है क्या?,
कॉपर आक्सीक्लोराड 2 ग्राम प्रति लीटर स्प्रे का क्या परिणाम है ?
(hn)
Copper oxychloride fungus ko control krta hai. eska aap ko 2gm per liter water mein acha result milega.
मछली का चारा कहां मिलेगा ?
(hn)
Punjab
मछली की फीड के लिए आप Moh. Anis 9451411371, 6394520950 से संपर्क कर सकते है
ਸਰ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੇ ਚਿਚੜੀਆ ਬਹੁਤ ਲੱਗਦੀਆ ਹਨ ਕੋਈ ਪੱਕਾ ਹਲ ਦੱਸੋ ਜੀ ?
(pb)
Punjab
ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੇ ਥੱਲੇ ਚੂਨੇ ਦੀ ਕਲੀ ਦਾ ਹਲਕਾ ਹਲਕਾ ਛਿੜਕਾ ਕਰੋ , ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ msd ਕੰਪਨੀ Ticktac ਦੀ ਦਵਾਈ 2 ਮਿਲੀ ਨੂੰ ਇਕ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਘੋਲ ਕੇ ਪਸ਼ੂ ਤੇ ਮਾਲਿਸ਼ ਕਰੋ , ਜਾਂ ਤੁਸੀ Virabc ਕੰਪਨੀ ਦੀ Virtaz ਦਵਾਈ 2 ਮਿਲੀ ਨੂੰ 1 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਆਸ ਪਾਸ ਵੀ ਕਰੋ , ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਕਮਰੇ ਵਿਚ ਵਿਚ ਸਪਰੇ ਕਰੋ , ਕਿਉਕਿ ਚਿੱਚੜ ਕੰਧਾਂ ਜਾਂ ਫ਼ਰਸ਼ ਦੀਆ ਤਰੇੜਾਂ ਵਿਚ ਹੁੰਦੇ ਹੈ ਅਤੇ ਦੁਬਾਰਾ ਦੁਬਾਰਾ ਆਉਂਦੇ ਰਹਿੰਦੇ ਹੈ, ਦਵਾਈ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਜ਼ਿਆਦਾ ਨਹੀਂ ਪਾਉਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਨਹੀਂ ਤਾਂ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਦਵਾਈ ਲੜਨ ਲੱਗ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਸੀ ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਰੋਜਾਨਾ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਤਾਰਾ ਮੀਰਾ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਇਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਵੈਸੇ ਹੀ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਚਟਾ ਸਕਦੇ ਹੋ.
peas price ?
(en)
Punjab
kulwinder ji according to mandi rate the price of pea is approximately 1000-1100 rupees per quintal. thank you
baingan aive gal reha ?
(en)
Dimple ji eh fungus de karn ho reha hai isde layi tuc M-45@4gm ja saaf@3gm prati litre pani de hisab nal spray karo. dhanwad
sir ji baingan ch full bhut bn reha pr fal ni ban reha jhd reha full patte v peele ho rhe a ?
(en)
Dimple ji eh fungus de karn ho reha hai isde layi tuc M-45@4gm ja saaf@3gm prati litre pani de hisab nal spray karo, dhanwad
ਮਾਰਚ ਅਪਰੈਲ ਵਿਚ ਲੱਗਣ ਵਾਲੀਆਂ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ?
(pb)
Maharashtra
ਅਮਨਦੀਪ ਜੀ ਤੁਸੀ ਮਾਰਚ ਮਹੀਨੇ ਵਿਚ ਤੁਸੀ ਭਿੰਡੀ, ਕੱਦੂ, ਤੋਰੀ, ਖੀਰੇ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Maharashtra
वाटाणा
ਤੇਲੇ ਲਈ ਜੈਵਿਕ ਸੁਪਰੇ ਕਿਸ ਤਰਾਂ ਤਿਆਰ ਕਰਨੀ ਹੈ ਤੇ ਇਸਦਾ ਪ੍ਰਤੀ ਕਿਲਾ ਕਿੰਨਾ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰਨਾ ਹੁੰਦਾ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਜੀ ?
(en)
ih ikk ajehi spray hai jo ki desi trike nal ghar de vich hi tyaar kri jaa skdi hai. Ihh neem oil spray fasal de hanikark keedya jiwe ki aphid jassid ja hor keet ptangya de eggs nu nashat krn vich sahayak hundi hai. Iss ton ilaava ihh hare machar ja tele chepe nu fasal de upper bethn nai dindi. Iss da taste de vich kaudi hundi hai jis nal keede makode paatya de upperla rass choos nai paunde ate fasal machar ate tele chepe ton bach jandi hai. Ih neem oil spray market de vicho v asaani naal mil jandi hai jo ki 1000ppm de vich aundi hai. Market de vich jo NEEM oil spray aundi hai uss di dosage 50ml/15ltr water prati acre hundi hai. Jekar iss nu ghare bnaaya jawe tan ihh fasla de lyi wadh faidemand ate wdia result dinda hai.
सर अच्छी सस्ती मिल्किंग मशीन कहां से मिलेगी ?
(hn)
Punjab
आप इनमें से किसी भी कंपनी की ले सकते है जैसे Vansum Pvt.Ltd. 9811104804, Solutions packing machine 9569010005 , Milkwell Milking machine 9416003826. इनसे आपको रेट के बारे में भी पता लग जाएगा
मैं नेपाली शतावरी की खेती करना चाहता हूं क्या आप बता सकते हैं कि किसानों से कैसे संपर्क हो पाएगा जो इसकी खेती कर रहे है ?
(hn)
Punjab
अभिनव पटेल जी आप नेपाली शतावरी की खेती की पूरी जानकारी के लिए यह वीडियो के लिंक पर क्लीक कर सकते है इसी में आपको संपर्क नंबर मिल जायेगे https://www.youtube.com/watch?v=4BnmASpZKVA धन्यवाद
Sir ji punjab vich change dudh waliya Majjha vajib rate te kitho mil sakdiya han dairy farm lyi ?
(en)
Punjab
ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੀ ਮੰਡੀ ਬਹੁਤ ਜਗਹ ਲਗਦੀਆਂ ਹੈ ਜਿਵੇ ਹਰ ਮਹੀਨੇ ਦੀ 1 ਤਾਰੀਖ ਨੂੰ ਰਾਮਪੁਰਾ ਮੰਡੀ, 11 ਤਾਰੀਖ ਨੂੰ ਧਨੋਲਾ ਮੰਡੀ ,8 ਅਤੇ 15 ਤਾਰੀਖ ਨੂੰ ਖੰਨਾ , 5 ਅਤੇ 20 ਤਾਰੀਖ ਨੂੰ ਕੁਰਾਲੀ, 25 ਤਾਰੀਖ ਨੂੰ ਮੋਰਿੰਡਾ , ਇਹ ਮੰਡੀਆਂ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਲਗਦੀਆਂ ਹਨ ਤੁਸੀ ਇਨ੍ਹਾਂ ਮੰਡੀਆਂ ਤੇ ਜਾ ਕੇ ਵਧਿਆ ਨਸਲ ਦੇ ਪਸ਼ੂ ਖਰੀਦ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਾਂ ਕਿਸੇ ਵਧਿਆ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਕ ਨੂੰ ਮਿਲ ਕੇ ਉਸ ਤੋਂ ਮੁਰਾਹ ਨਸਲ ਦੀ ਮੱਝ ਖਰੀਦ ਸਕਦੇ ਹੋ
hre chitte tele da ilaj kanak, nimboo te hor fla ch ?
(pb)
Punjab
davinder ji tele di roktham de layi tuc imidaclorprid@1.5ml nu prati litre pani vich mila ke spray karo. dhanwad
sir gud vaste kehde ganne da beej vdhia rahnda hai sbh to vdhia jisda jhad v vdhia howe te gud kdhn vaste v vdhia howe ?
(en)
Haryana
Major ji tuc ganne diyan kisman jive CoPb 92,Co118, Coj64 kisam di bijai kar sakde ho ehna da jhaad bahut vadia niklda hai. ihna da jhaad 300-335 quintal prati acre de hisab nal jhaad niklda hai. dhanwad
which crop is suitable for farming in month of march ?
(en)
Punjab
Lalta ji you can sow vegetables like okra, cucumber, bottle gourd. other than this you can sow maize in this month. thank you
Rajasthan
जवार, बाजरी
नमस्कार जी चप्पन कद्दू पौधा कैसा होता है लगाने की विधि और हाइब्रिड बीज के बारे में जानकारी दें ?
(hn)
Punjab
संजीव जी चप्पन कद्दू का पौधा आम कद्दू की तरह ही होता है मगर इसे कद्दू अलग लगते है जिसे आप नीचे दी गे फोटो में देख सकते है चप्पन कद्दू की खेती के लिए अच्छी तरह से तैयार ज़मीन की आवश्यकता होती है मिट्टी को भुरभुरा करने के लिए 2-3 जोताई करें उसके बाद हैरो से जोताई करें 2 मीटर के फासले पर 15 सैं.मी. गहरी खालियां बनायें बिजाई के लिए मध्य जनवरी से मार्च और अक्तूबर से नवंबर का महीना (संरक्षण में) उपयुक्त होता है प्रत्येक जगह में दो बीज बोयें और 45 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज को 2.5-3.5 सें.मी. की गहराई पर बोना चाहिए गड्ढा खोदकर विधि का प्रयोग किया जाता है चप्पन कद्दू की एक ही किसम है जो जो पंजाब खेतीबाड़ी यूनिवर्सिटी की तरफ से खोजी गयी है जिसका नाम है Punjab Chappan Kadoo-1
मैं खेती नहीं करता लेकिन पौधों के बारे में जानना है ?
(hn)
Punjab
गुरप्रीत जी कृप्या पूरे विस्तार से बताएं आप कौनसे पौधों के बारे में जानकारी प्राप्त करना चाहते है ताकि आपको पूरी जानकारी दी जा सके
सर मागुर मछली का वर्तमान रेट क्या है बेचने के लिए ?
(hn)
मागुर मछली का वर्तमान रेट 110 रूपये चल रहा है
sir karnal kisan mela kis tarik da ji ?
(en)
Punjab
satnam ji karnal mele di hale koi tareek nahi aayi hai jive hi koi tareek fix hundi hai ta tuhanu is bare jankari de diti jayegi. dhanwad
श्री मान मुझे अपने पशुओं के पानी की होदी में जो चूना डालते हैं वो चूना जो दीवार पर किया जाता है वो ही है या दूसरा इसके बारे में बतायें, मुझे डालना है ?
(hn)
Punjab
कली डले वाली होती है जो रंग वाली दुकानों से आम मिल जाती है जिसे गांवों में घर की दीवारों पर भी फेरते हैं कैलशियम घर तैयार किया जा सकता है पर पशु के पेट में सीधी कली का डला नहीं जाना चाहिए घर में इस तरीके से कैलिशयम तैयार किया जा सकता है यह दो तरीके हैं पहला तरीका है कि जहां पशु पानी पीता है उस टैंकी को सप्ताह में एक बार कली कर दिया करें और कुछ अलग कैलशियम देने की जरूरत नहीं है या फिर एक म्ट्टिी का कोरा घड़ा लाकर उसे ऊपर से तोड़ दें उस घड़े को पानी के साथ भर दें उसमें कली का डला डाल दें उससे बुलबुले निकलने शुरू हो जायेंगे अगले दिन तक चूने वाला पानी सूख जाएगा दोबारा फिर उसे पानी से भर दें इसे तरह लगातार पानी उसमें डालते रहें जिस दिन पानी से सूखा और उस दिन उस पानी को किसी बोरी से छान लें जब पानी को छानेंगे तो जो कली बोरी पर रह गई उसे धूप में सुखा लें धूप में सुखाने के बाद वह बिल्कुल पाउडर बन जाएगी जब भी पशु को पानी पिलाना हो उस चूने के बारीक पाउडर को 50 ग्राम के हिसाब से पानी पिलाने वाले बर्तन में डाल दिया करें इससे पशु को कैलशियम की कमी नहीं आएगी पशु के अंदर सीधी कली नहीं जानी चाहिए
Punjab
ਜੋ ਡਲੇ ਵਾਲੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ.no side efkt.ਮੈਂ ਇਸਨੂੰ 1 ਸਾਲ ਟੋਹ ਪਾਉਣਾ ਹਾਂ.
sir meri cow 30 March tak soon wali a par o ajj to thoda jeha picha jeha dikhaundi a koi hal das menu mein 4 kg feed dinda ha te 15ml vitamin H roj te nal Metabolite mix poodi dinda hai ?
(pb)
Punjab
ਤੇਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਜੀ ਤੁਸੀ Calcimust gel 300ml ਕਰਕੇ ਲਗਾਤਾਰ 3 ਦਿਨ ਦਿਓ , ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Lapnil-P ਪਾਊਡਰ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸਦੀ 1 ਪੁੜੀ 75 ਗ੍ਰਾਮ ਦੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਬੇਸਨ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਤੁਸੀ ਕੁੱਜ ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ, ਉਸਦਾ ਪਿੱਛਾ ਉਚਾ ਰੱਖੋ, ਤੂੜੀ ਘਟ ਪਾਓ.
Os nu 250gm sarso da tell vich vesen 250gm mix kar ke deo ji
मुर्गी पालन ?
(hn)
Punjab
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से बताएं कि आप मुर्गी पालन के बारे में क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको पूरी जानकारी दी जा सके
7903647427
faldar butye de fal kyu dig jande Han ?
(pb)
Punjab
tarsem ji faldar bootya de fal fungus de karn digna shuru ho jande han isde layi tuc planofix@4ml nu 15 litre pani vich mila ke spray karo. dhanwad
ਪਪੀਤੇ ਦੀ ਨਰਸਰੀ ?
(pb)
Maharashtra
ਤਰਨਜੋਤ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਆਪਣਾ ਸਵਾਲ ਵਿਸਤਾਰ ਨਾਲ ਪੁਛੋ ਕੇ ਤੁਸੀ ਪਪੀਤੇ ਦੀ ਨਰਸਰੀ ਬਾਰੇ ਕੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਉਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ, ਧੰਨਵਾਦ
मोती की खेती के लिए सीप कहा से मिलता है ?
(hn)
Punjab
कुमार पाठक जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
सर टिंडा ऐसा हो गया है क्या प्रयोग करें ?
(hn)
विकास जी इसके ऊपर मछर का हमला है जिसके कारण यह ऐसे हो रहे है इसके लिए आप imidacloprid @1.5 ml को प्रति लीटर पानी में मिला कर स्प्रे करें धन्यवाद
ਸਰ ਕਣਕ ਦੇ ਪੱਤੇ ਪੀਲੇ ਪੇ ਰਹੇ ਹਨ, ਸਪਰੇ ਕੀਤੀ ਨੂੰ ਵੀ 10ਕ ਦੀਨ ਹੋ ਗਏ,tilt ਤੇ thiomithoxim ਦੀ ਸਪਰੇ ਕੀਤੀ ਸੀ ਪੱਤੇ ਦਾ ਸਾਰਾ ਹਰਾਪਨ ਖਤਮ ਕਿਊ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ ਤੇ ਇਸਦਾ ਹਲ ਕੀ ਹੈ ?
(en)
ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਭਰ ਕੇ ਲਗਾਉਣ ਨਾਲ ਵੀ ਇਹ ਬਿਮਾਰੀ ਆ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀਂ ਟਿਲਟ ਦਾ ਸਪਰੇਅ ਕੀਤਾ ਹੈ ਤਾਂ ਫਿਰ ਇਹ ਬਿਮਾਰੀ ਰੁਕ ਜਾਵੇਗੀ ਅਤੇ ਹੋਰ ਸਪਰੇਅ ਕਰਨ ਦੀ ਲੋੜ ਨਹੀਂ ਪਵੇਗੀ
ਕਣਕ ਕੱਟ ਕੇ ਜੰਤਰ ਲਾਉਣਾ ਜੀ ਏਸ ਦਾ ਫਾਇਦਾ ਹੈ ਕਿਨੇ % ਫਾਇਦਾ ਕਰੂ ਰੂੜੀ ਦੀ ਰੇਹ ਨਾਲੋਂ ਵੱਧ ਕੰਮ ਕਰ ਦਾ ਜਾ ਘਟ ਜੀ ਦੇਓ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀਂ ਝੋਨੇ ਤੋਂ ਬਾਦ ਆਲੂ ਲੋਨੇ ਆ ?
(en)
Punjab
ਨੀਟੂ ਜੀ ਜੰਤਰ ਜੋ ਕੇ ਹਰੀ ਖਾਦ ਦੇ ਤੌਰ ਤੇ ਉਗਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਹ ਮਿੱਟੀ ਵਿਚ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਕਮੀ ਨੂੰ ਪੂਰਾ ਕਰਦੀ ਹੈ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਨਾਲ ਲਗਭਗ ਸਾਰੇ ਤੱਤ ਮਿੱਟੀ ਨੂੰ ਮਿਲ ਜਾਂਦੇ ਹਨ\ ਧੰਨਵਾਦ
cow Da weight jyada ho Gya a g feed kha nahi Rahi milk 10 kg a weight losse kive hou jis nal feed Khan lag jave nale milk vadh jaye ?
(en)
Punjab
tuci isdi deworming krwao , isde lai tuci Flukrid-DS bolus deo , bakki iss nu ek jgah te bnn ke naa rkho , isda torra ferra krwana suru kro , iss nu chara ek varr vich sara na pao , thoda thoda krke din vich 3-4 varr deo , bakki feed iss nu lodd ton jyada na deo tuci 3 kg dudh magar 1 kg feed deo , pashu da torra ferra jruri hai jiss nal sarir thik rehnda hai ate pashu nu bhukh v sahi lggdi hai ..
ਝੋਨੇ ਦੀ ਨਵੀਂ ਕਿਸਮ ਵਾਰੇ ਦਸੋ ਜੀ ਆਈ ਆ ਨਵੀਂ ਕੋਈ ?
(en)
ਝੋਨੇ ਦੀਆਂ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਕਿਸਮਾਂ:-PR-126:-ਇਹ ਕਿਸਮ ਘਟ ਸਮਾਂ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ 123 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 30 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ PR:-127 ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 30 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ 137 ਦਿਨਾਂ ਦੀ ਕਿਸਮ ਹੈ PR121 ਇਸ ਕਿਸਮ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 30.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ 140 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ PR 124 ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 30.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ 135 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਵਿੱਚ ਭੂਰੇ ਧੱਬੇ ਦਾ ਹਮਲਾ ਜਿਆਦਾ ਆਉਂਦਾ ਹੈ PR 122 ਇਹ ਕਿਸਮ 147 ਦਿਨ ਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਝਾੜ 31.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ PR 123 ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 29 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ 143 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ PR-114 ਇਹ ਕਿਸਮ ਨਿਰਯਾਤ ਲਈ ਢੁੱਕਵੀਂ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਝਾੜ 27.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ 145 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
खरबूजे में जड़ सड़न रोग के लिए क्या करें ?
(en)
Maharashtra
गुलाब जी कृपया आप बताये के आपने खरबूजे को अभी खेत में लगाना है या इसकी रोपाई कर दी है खेत में ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
ਝੋਟੀ 3 ਕੁਇੰਟਲ ਦੀ ਹੋਗੀ ਹੀਟ ਚ ਨੀ ਆਉਂਦੀ ਬੋਲਣ ਲਈ ਕੀ ਦਿਤਾ ਜਾਵੇ ਘਟਾਂ ਵਾਲਾ ਪਾਊਡਰ ਤਾਂ ਪਾ ਰਹੇ ਆ ?
(en)
Punjab
ਤੁਸੀ ਝੋਟੀ ਨੂੰ Agrimin super ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ , ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Ovumin Advance ਗੋਲੀਆਂ ਦਿਓ ਇਸਦੀ ਰੋਜਾਨਾ 1 ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਂਦੇ ਰਹੋ , ਇਸ ਨਾਲ ਹੀਟ ਵਿੱਚ ਆ ਜਾਵੇਗੀ .
Punjab
ਬਾਇਓ ਬਰਥ 20 ਟੈਬਲੇਟਸ ਦਿਓ ਜੀ...100 pr reslt..21 ਬੇ ਦਿਨ ਨਵੀ ਹੋਜੇਗੀ.
प्याज में लगे रोग का उपचार बतायें ?
(hn)
Punjab
धनञ्जय जी कृपया आप बताये के प्याज को कोनसा रोग लगा है और हो सके तो इसकी फोटो भी भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
medicinal mandi bhav kitho pta lag sakde ne punjab ch?
(en)
Punjab
Anuraaag ji jekar tusi Medicinal plants de mandi bhav bare jankari lena chode ho ta dasna chaha ga ke Medicinal plants di local mandi vich koi khreed nai hai jis karn is bare kuj vi supasht nai dasea ja sakda, Ehna di khreed kuj Medicinal companies valo hi kiti jandi hai ehna vicho Alovera/stevia/Shatavari vechan lai tusi Rashid Khan 9039693757 nal samparak kar sakde ho.
सर टमाटर की जैविक खेती कैसे करें कृप्या गाइड करें ?
(hn)
Punjab
राकेश जी टमाटर की जैविक खेती के लिए आप इसके ऊपरकोई भी कीटनाशक या फंगसनाशी की स्प्रे नहीं कर सकते इसमें आप खाद के तौर पर वर्मी कम्पोस्ट फसल को डाल सकते है और ग्रोथ के लिए उपले के पानी की स्प्रे कर सकते है और अगर कोई कीट का हमला आये तो नीम के तेल की सपर्या कर सकते है इसके इलावा अगर फंगस का हमला होता है तो आप इसके ऊपर खट्टी लस्सी की स्प्रे कर सकते है धन्यवाद
Himachal Pradesh
sir ji mujhe jevik kheti k bare me jaankari ya training kaha se milegi pls guide me
सर जी, काँद या सूरन की खेती (ज़िमीकंद) का बीज व समय की जानकारी ?
(en)
Punjab
जिमीकंद की खेती मई महीने में की जाती है इसकी बिजाई के लिए कंद का इस्तेमाल किया जाता है इसकी बिजाई के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप इस लिंक पर क्लिक कर सकते है https://www.youtube.com/watch?v=m8Dc20E8VRg
Sir 1006 makka beej sakde han hun Sangrur punjab ?
(en)
Ram g tuc J-1006 maize variety fodder lyi beej skde ho. esda seed rate @30 kg prati acre de hisab nal hai.
मोती खेती का प्रशिक्षण कहा मिलता है ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें
Maharashtra
महाराष्ट्र मे कहा है
ye 2 cow kitne % hf h ji ?
(en)
Punjab
Sohan ji ehna vicho ek cow 80-85% Hf nasal di hai ate dujji di photo upload kro jiss vich usda face , side ton , pishe to saff dekhai dewe ya tuci video v dubara bnna ke bejj skde ho..
sir kanak nu tele wali sprey krn lge aa te ki asi is vich manganese mila ke sprey kr skde aa je kr skde aa te doze kinni hougi ?
(en)
Navdeep g hun knak vich magnease di spray krn di koi lod nhi hai g. Ess vich tele wali spray hi kro. Tele di roktham lyi tuc Actara @80 gm per acre da spray kr skde ho.
सफेदे का बीज ?
(hn)
Punjab
तेज प्रताप जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछे कि आप सफेदे के बीज के बारे में क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके
where pig market in maharashtra ?
(en)
There is a plant in Pune and also a market in Mumbai, where you can sale your pigs.
ਜੋ ਪਸੂਆਂ ਦੇ ਪੈਰ ਖਰਾਬ ਹੋ ਰਹੇ ਹਨ ਉਹਨਾ ਦਾ ਕੋਈ ਇਲਾਜ ਦੱਸੋ ?
(en)
Punjab
ਜਗਤਾਰ ਸਿੰਘ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਆਪਣਾ ਆਪਣੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੇ ਪੈਰਾ ਦੀਆ ਫੋਟੋਆਂ ਭੇਜੋ ਜੀ ਜਿਸਨੂੰ ਦੇਖ ਕੇ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਵਾਰੇ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ
मोती फार्म कैसे बनाएं ?
(hn)
Punjab
मोती फार्म आप घर पर छोटे लेवल पर पानी की टंकी से भी स्टार्ट कर सकते हो और तालाब में भी कर सकते हो हरयाणा के विनोद कुमार काफी लम्बे समय से मोती की खेती कर रहे है इनके अनुसार अभी देश में इस खेती की ट्रेनिंग देने वाला सिर्फ एक ही प्रशिक्षण संस्थान है और वो भी भुवनेश्वर में है उड़ीसा के सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फ्रेश वॉटर एक्वाकल्चर, भुवनेश्वर (ओडीसा) में मोती की खेती का प्रशिक्षण दिया जाता है मोती की खेती के लिए सबसे अनुकूल मौसम शरद ऋतु यानी अक्टूबर से दिसंबर तक का समय माना जाता है इसके लिए पानी के टैंक या तालाब की जरूरत पड़ती है कम से कम 10 गुणा 10 फीट की जगह होनी ही चाहिए बड़े तालाब में भी मोतियों की खेती की जा सकती है शुरू में खेती करने के लिए मोती की जरूरत पड़ती है, जो कि 5 रुपये से लेकर 15 रुपये में आसानी से मिल जाती है अक्सर मछुआरों के पास से ये खरीदी जाती है उत्तर प्रदेश के मेरठ, अलीगढ़ या फिर दक्षिण भारत में ये आसानी से मिल जाती है मछुआरों से लाए गए सीपों को 10 से 12 महीने तक पानी के टैंक में रखा जाता है जब सीप का कलर सिल्वर हो जाता है, तो समझा जाता है कि मोती तैयार हो गया है मोती कल्टीवेशन के लिए 0.4 हेक्टेयर जैसे छोटे तालाब में अधिकतम 25,000 सीप से मोती उत्पादन किया जा सकता है खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है या फिर इन्हे खरीदा भी जा सकता है इसके बाद हर सीप में छोटी-सी सर्जरी के बाद इसके भीतर चार से छह मिमी व्यास वाले साधारण या डिजाइनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, फूल या मनचाही आकृति डाल दी जाती है इसके बाद सीप को बंद किया जाता है इन सीपों को नायलॉन बैग में 10 दिनों तक एंटी-बायोटिक और प्राकृतिक चारे पर रखा जाता है इसे रोज देखने की जरूरत पड़ती है और देखा जाता है कि जो सीप मर गई होती हैं उन्हें बाहर निकाल लिया जाता है मोतियों की कीमत एक साल के भीतर 300 से लेकर 1500 रुपये तक हो जाती है हालांकि दाम भी क्वॉलिटी पर निर्भर होता है देश में इसकी मार्केट सूरत, दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और कलकत्ता जैसे शहरों में है जहां आभूषणों का काम ज्यादा होता है वहां इसकी मांग भी ज्यादा होती है अगर एक बार माल जाने लगे तो खरीदार खुद संपर्क में रहते हैं इतना ही नहीं देश के अलावा विदेशों में भी मोती की खासी मांग है, लेकिन उसके लिए आपके पास पैदावार अधिक होनी चाहिए तभी एक्सपोर्ट का काम कर सकते हैं इसकी जयादा जानकारी के लिए आप विनोद जी से 90505 55757 पर संपर्क करे
ਸਾਡੀ ਗਾਂ ਦੇ ਥਣਾ ਉੱਤੇ ਮੌਕੇ ਆ ਬਹੁਤ ਇਲਾਜ ਕਰਵਾਉਣ ਤੇ ਵੀ ਠੀਕ ਨਹੀ ਹੋ ਰਹੇ ਕੀ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ ?
(pb)
Rajasthan
ਤੁਸੀ ਗਾਂ ਨੂੰ ਹੋਮਿਓਪੈਥਿਕ ਦਵਾਈ Udderpox ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ , ਇਸ ਦੀਆ 10-10 ਬੂੰਦਾਂ ਰੋਟੀ ਦੇ ਛੋਟੇ ਟੁਕੜੇ ਤੇ ਰੱਖ ਕੇ ਦਿਨ ਵਿਚ 3 ਵਾਰ ਦਿਓ , ਇਸ ਨੂੰ ਚਾਰਾ ਦੇਣ ਤੋਂ ਇਕ ਘੰਟਾ ਪਹਿਲਾ ਦਿਓ ਅਤੇ Septovet ਦਵਾਈ ਵੀ ਨਾਲ ਦਿਓ , ਇਸ ਨੂੰ ਦਿਨ ਵਿਚ 3 ਵਾਰ ਦਿਓ ਅਤੇ ਦੋਨਾਂ ਦਵਾਈਆਂ ਵਿਚ ਅੱਧੇ ਘੰਟੇ ਦਾ ਫਰਕ ਰੱਖੋ ...
Os nu Liquid Udder Pox 15ml 10 bunda din vich 3 varr deo ji es nall Injection Avil 10ml Injection Enthimelon 50ml lao te 15ml ek din chadd ke lwao ji
Punjab
septovet v roti ty deni a ji
ਝੋਟੀ ਦੇ ਮੂੰਹ ਉਪਰ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਗੰਢ ਜਿਹੀ ਬਣ ਗਈ ਕੀ ਕਾਰਨ ਹੈ ਅਤੇ ਇਲਾਜ ?
(en)
Es te iodex di mallish karo ji eh vasse he ekatha hoya hai , tuci isdi malish kro iss nal thik ho jawega.
Makki da achar pona he Makki da beej dsso ?
(pb)
Punjab
harvinder ji tuc j1006 ja african tall kisam di bijai kar sakde ho.
सर मुझे मोती की खेती करनी है ?
(hn)
Punjab
मोती फार्म आप घर पर छोटे लेवल पर पानी की टंकी से भी स्टार्ट कर सकते हो और तालाब में भी कर सकते हो हरयाणा के विनोद कुमार काफी लम्बे समय से मोती की खेती कर रहे है इनके अनुसार अभी देश में इस खेती की ट्रेनिंग देने वाला सिर्फ एक ही प्रशिक्षण संस्थान है और वो भी भुवनेश्वर में है उड़ीसा के सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फ्रेश वॉटर एक्वाकल्चर, भुवनेश्वर (ओडीसा) में मोती की खेती का प्रशिक्षण दिया जाता है मोती की खेती के लिए सबसे अनुकूल मौसम शरद ऋतु यानी अक्टूबर से दिसंबर तक का समय माना जाता है इसके लिए पानी के टैंक या तालाब की जरूरत पड़ती है कम से कम 10 गुणा 10 फीट की जगह होनी ही चाहिए बड़े तालाब में भी मोतियों की खेती की जा सकती है शुरू में खेती करने के लिए मोती की जरूरत पड़ती है, जो कि 5 रुपये से लेकर 15 रुपये में आसानी से मिल जाती है अक्सर मछुआरों के पास से ये खरीदी जाती है उत्तर प्रदेश के मेरठ, अलीगढ़ या फिर दक्षिण भारत में ये आसानी से मिल जाती है मछुआरों से लाए गए सीपों को 10 से 12 महीने तक पानी के टैंक में रखा जाता है जब सीप का कलर सिल्वर हो जाता है, तो समझा जाता है कि मोती तैयार हो गया है मोती कल्टीवेशन के लिए 0.4 हेक्टेयर जैसे छोटे तालाब में अधिकतम 25,000 सीप से मोती उत्पादन किया जा सकता है खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है या फिर इन्हे खरीदा भी जा सकता है इसके बाद हर सीप में छोटी-सी सर्जरी के बाद इसके भीतर चार से छह मिमी व्यास वाले साधारण या डिजाइनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, फूल या मनचाही आकृति डाल दी जाती है इसके बाद सीप को बंद किया जाता है इन सीपों को नायलॉन बैग में 10 दिनों तक एंटी-बायोटिक और प्राकृतिक चारे पर रखा जाता है इसे रोज देखने की जरूरत पड़ती है और देखा जाता है कि जो सीप मर गई होती हैं उन्हें बाहर निकाल लिया जाता है मोतियों की कीमत एक साल के भीतर 300 से लेकर 1500 रुपये तक हो जाती है हालांकि दाम भी क्वॉलिटी पर निर्भर होता है देश में इसकी मार्केट सूरत, दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और कलकत्ता जैसे शहरों में है जहां आभूषणों का काम ज्यादा होता है वहां इसकी मांग भी ज्यादा होती है अगर एक बार माल जाने लगे तो खरीदार खुद संपर्क में रहते हैं इतना ही नहीं देश के अलावा विदेशों में भी मोती की खासी मांग है, लेकिन उसके लिए आपके पास पैदावार अधिक होनी चाहिए तभी एक्सपोर्ट का काम कर सकते हैं इसकी जयादा जानकारी के लिए आप विनोद जी से 90505 55757 पर संपर्क करे
tell me something about pearl farming ?
(en)
Punjab
Pearl farming is one of the best aquaculture businesses in India. In commercial pearl farming project, the first year investment will be more as you need fixed asset set up. You can assume 3/4 to a 1-acre, the cost of the pearl project would be around 4 lakhs rupees approximately. When it comes to profits in commercial pearl farming project, you can expect 50 to 60% under ideal aquaculture management practices. However, if you put more dedication and hard work into the project even 100% profit possible. There are mainly three types of pearls. • Natural pearls: in this type, the shape of the pearl depends on the original shape of the foreign body. • Artificial pearls: These are artificially made and coated with a synthetic material. • Cultured pearls (freshwater): These are cultured pearls in freshwater such as ponds, rivers etc..you can get the desired shape in this type. • You must have a good source of Oysters to culture in the pond. • You must have some skills of grafting techniques in pearl culture as this is essential for commercial pearl farming project. You can visit nearby pearl farms to learn these tips of freshwater pearl culture. first of all you have to attend 3 days practical training. According to your location you can get training from vinod kumar. he is successful pearl farmer. He is also providing training to new farmers. his contact number is 9050555757.Thank You.
sir m moti ka farm bnana chahta hu kaise hoga ?
(en)
Punjab
Mr. O.Guruprasad patra g iske bare mein puri jankari lene ke liye aap (Indian Council of Agricultural Research) Kausalyaganga, Bhubaneswar-751002, Odisha, India Tel: +91-674-2465421, 2465446 se samparak kar sakte hai
मोती की खेती के बारे में बतायें ?
(hn)
Punjab
अभी देश में इस खेती की ट्रेनिंग देने वाला सिर्फ एक ही प्रशिक्षण संस्थान है और वो भी भुवनेश्वर में है उड़ीसा के सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फ्रेश वॉटर एक्वाकल्चर, भुवनेश्वर (ओडीसा) में मोती की खेती का प्रशिक्षण दिया जाता है मोती की खेती के लिए सबसे अनुकूल मौसम शरद ऋतु यानी अक्टूबर से दिसंबर तक का समय माना जाता है इसके लिए पानी के टैंक या तालाब की जरूरत पड़ती है कम से कम 10 गुणा 10 फीट की जगह होनी ही चाहिए बड़े तालाब में भी मोतियों की खेती की जा सकती है शुरू में खेती करने के लिए मोती की जरूरत पड़ती है, जो कि 5 रुपये से लेकर 15 रुपये में आसानी से मिल जाती है अक्सर मछुआरों के पास से ये खरीदी जाती है उत्तर प्रदेश के मेरठ, अलीगढ़ या फिर दक्षिण भारत में ये आसानी से मिल जाती है मछुआरों से लाए गए सीपों को 10 से 12 महीने तक पानी के टैंक में रखा जाता है जब सीप का कलर सिल्वर हो जाता है, तो समझा जाता है कि मोती तैयार हो गया है मोती कल्टीवेशन के लिए 0.4 हेक्टेयर जैसे छोटे तालाब में अधिकतम 25,000 सीप से मोती उत्पादन किया जा सकता है खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है या फिर इन्हे खरीदा भी जा सकता है इसके बाद हर सीप में छोटी-सी सर्जरी के बाद इसके भीतर चार से छह मिमी व्यास वाले साधारण या डिजाइनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, फूल या मनचाही आकृति डाल दी जाती है इसके बाद सीप को बंद किया जाता है इन सीपों को नायलॉन बैग में 10 दिनों तक एंटी-बायोटिक और प्राकृतिक चारे पर रखा जाता है इसे रोज देखने की जरूरत पड़ती है और देखा जाता है कि जो सीप मर गई होती हैं उन्हें बाहर निकाल लिया जाता है मोतियों की कीमत एक साल के भीतर 300 से लेकर 1500 रुपये तक हो जाती है हालांकि दाम भी क्वॉलिटी पर निर्भर होता है देश में इसकी मार्केट सूरत, दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और कलकत्ता जैसे शहरों में है जहां आभूषणों का काम ज्यादा होता है वहां इसकी मांग भी ज्यादा होती है अगर एक बार माल जाने लगे तो खरीदार खुद संपर्क में रहते हैं इतना ही नहीं देश के अलावा विदेशों में भी मोती की खासी मांग है, लेकिन उसके लिए आपके पास पैदावार अधिक होनी चाहिए तभी एक्सपोर्ट का काम कर सकते हैं इसकी जयादा जानकारी के लिए आप विनोद जी से 90505 55757 पर संपर्क करे
वीरेन्द्र जी, कितनी बार npk की स्प्रे करनी है और कितने दिन तक ?
(en)
Punjab
चरण जी आप NPK की स्प्रे 10-12 दिन के अंतराल पर स्प्रे करें और 3-4 बार इसकी स्प्रे कर सकते है, धन्यवाद
हमारे एरिये में गेहूं , धान, गन्ना सरसों की खंती होती है मैं इनसे अलग करना चाहता हूं जिसमें लागत कम आए ज़मीन चिकनी है और नहर का पानी आता है कुछ नया करना है ?
(hn)
Punjab
ज़नाब डेनिश जी आप सब्जियों की खेती कर सकते है इसके इलावा आप ड्रैगन फ्रूट और एलोवेरा की खेती कर सकते है धन्यवाद
hydroponics ਖੇਤੀ ਦੀ ਸਿਖਲਾਈ ਕਿਥੋ ਲਈ ਜਾਵੇ ?
(pb)
Punjab
hydroponics ਖੇਤੀ ਦੀ ਸਿਖਲਾਈ ਲਈ ਤੁਸੀ Somveer singh:-9878733551 ਜੀ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ
सीप की खेती कैसे करें ?
(hn)
Punjab
सीप की खेती आप घर पर छोटे लेवल पर पानी की टंकी से भी स्टार्ट कर सकते हो और तालाब में भी कर सकते हो हरयाणा के विनोद कुमार काफी लम्बे समय से मोती की खेती कर रहे है इनके अनुसार अभी देश में इस खेती की ट्रेनिंग देने वाला सिर्फ एक ही प्रशिक्षण संस्थान है और वो भी भुवनेश्वर में है उड़ीसा के सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फ्रेश वॉटर एक्वाकल्चर, भुवनेश्वर (ओडीसा) में मोती की खेती का प्रशिक्षण दिया जाता है मोती की खेती के लिए सबसे अनुकूल मौसम शरद ऋतु यानी अक्टूबर से दिसंबर तक का समय माना जाता है इसके लिए पानी के टैंक या तालाब की जरूरत पड़ती है कम से कम 10 गुणा 10 फीट की जगह होनी ही चाहिए बड़े तालाब में भी मोतियों की खेती की जा सकती है शुरू में खेती करने के लिए मोती की जरूरत पड़ती है, जो कि 5 रुपये से लेकर 15 रुपये में आसानी से मिल जाती है अक्सर मछुआरों के पास से ये खरीदी जाती है उत्तर प्रदेश के मेरठ, अलीगढ़ या फिर दक्षिण भारत में ये आसानी से मिल जाती है मछुआरों से लाए गए सीपों को 10 से 12 महीने तक पानी के टैंक में रखा जाता है जब सीप का कलर सिल्वर हो जाता है, तो समझा जाता है कि मोती तैयार हो गया है मोती कल्टीवेशन के लिए 0.4 हेक्टेयर जैसे छोटे तालाब में अधिकतम 25,000 सीप से मोती उत्पादन किया जा सकता है खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है या फिर इन्हे खरीदा भी जा सकता है इसके बाद हर सीप में छोटी-सी सर्जरी के बाद इसके भीतर चार से छह मिमी व्यास वाले साधारण या डिजाइनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, फूल या मनचाही आकृति डाल दी जाती है इसके बाद सीप को बंद किया जाता है इन सीपों को नायलॉन बैग में 10 दिनों तक एंटी-बायोटिक और प्राकृतिक चारे पर रखा जाता है इसे रोज देखने की जरूरत पड़ती है और देखा जाता है कि जो सीप मर गई होती हैं उन्हें बाहर निकाल लिया जाता है मोतियों की कीमत एक साल के भीतर 300 से लेकर 1500 रुपये तक हो जाती है हालांकि दाम भी क्वॉलिटी पर निर्भर होता है देश में इसकी मार्केट सूरत, दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और कलकत्ता जैसे शहरों में है जहां आभूषणों का काम ज्यादा होता है वहां इसकी मांग भी ज्यादा होती है अगर एक बार माल जाने लगे तो खरीदार खुद संपर्क में रहते हैं इतना ही नहीं देश के अलावा विदेशों में भी मोती की खासी मांग है, लेकिन उसके लिए आपके पास पैदावार अधिक होनी चाहिए तभी एक्सपोर्ट का काम कर सकते हैं इसकी जयादा जानकारी के लिए आप विनोद जी से 90505 55757 पर संपर्क करे
sir nimbu di kehdi kism vadia hai, kina jhad aa and kine same vich fal dena shuru kar dendi a ?
(pb)
Punjab
harjot ji nimbu di kisam jive Punjab Baramasi,Eureka,Punjab Galgal di bijai kar sakde ho. eh 2-4 saal vich fal dena shuru kar dinde han. dhanwad
pethe nu ki hoea g, ave hon da ki karn hai ?
(en)
Punjab
ratanveer ji eh keet de hamle de karn hoya hai jisde nal fungus paida ho jandi hai isde layi tuc imidacloprid@1.5ml nu prati litre pani de hisab nal spray karo. ate 2-3 dina de fasle te m-45@4gram prati litre pani de hisab nal spray karo. dhanwad
Punjab
ratanveer ji eh keet de hamle de karn hoya hai jisde nal fungus paida ho jandi hai isde layi tuc imidacloprid@1.5ml nu prati litre pani de hisab nal spray karo. ate 2-3 dina de fasle te m-45@4gram prati litre pani de hisab nal spray karo. dhanwad