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मोती की खेती कैसे होती है क्या लागत आती है इसे शुरू करने में, क्या इससे एक घर की जीविका चल सकती है ?
(hn)
अखिलेश कुमार जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए विनोद कुमार जी से 9050555757 पर संपर्क करें
ਹਲਦੀ ਦੀ ਖੇਤੀ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਉ ?
(en)
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ਹਲਦੀ ਦੀ ਕਾਸਤ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਹਲਦੀ ਦੀ ਕਾਸ਼ਤ ਲਈ ਇਨ੍ਹਾਂ ਕਿਸਮਾਂ ਦੀ ਸਿਫ਼ਾਰਸ਼ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਪੰਜਾਬ ਨੰਬਰ 1, ਪੰਜਾਬ ਨੰਬਰ 2, ਰਾਜਾਂ ਪੁਰੀ,ਅਤੇ ਰਜਿੰਦਰਾ ਸੋਨੀ ਪੰਜਾਬ ਹਲਦੀ 1: ਹਲਦੀ ਦੀ ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਬੂਟੇ ਦਰਮਿਆਨੀ ਉਚਾਈ ਦੇ ਅਤੇ ਸਿੱਧੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਬੂਟਿਆਂ ਦੇ ਪੱਤੇ ਹਰੇ, ਦਰਮਿਆਨੇ ਚੌੜੇ ਅਤੇ ਥੋੜ੍ਹੇ ਲੰਬੇ ਆਕਾਰ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਦੀਆਂ ਗੰਢੀਆਂ ਦੇ ਉੱਪਰਲੇ ਛਿਲਕੇ ਦਾ ਰੰਗ ਭੂਰਾ ਜਦੋਂਕਿ ਅੰਦਰਲੇ ਗੁੱਦੇ ਦਾ ਰੰਗ ਗੂੜ੍ਹਾ ਪੀਲਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੱਕਣ ਲਈ ਲੱਗਪਗ 215 ਦਿਨ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤ ਝਾੜ 108 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਪੰਜਾਬ ਹਲਦੀ 2: ਹਲਦੀ ਦੀ ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਬੂਟੇ ਲੰਬੇ ਅਤੇ ਸਿੱਧੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਬੂਟਿਆਂ ਦੇ ਪੱਤੇ ਹਲਕੇ ਹਰੇ ਅਤੇ ਜ਼ਿਆਦਾ ਚੌੜੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਦੀਆਂ ਗੰਢੀਆਂ ਮੋਟੀਆਂ ਅਤੇ ਲੰਬੀਆਂ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ ਗੰਢੀਆਂ ਦੇ ਉੱਪਰਲੇ ਛਿਲਕੇ ਦਾ ਰੰਗ ਭੂਰਾ ਅਤੇ ਅੰਦਰਲੇ ਗੁੱਦੇ ਦਾ ਰੰਗ ਪੀਲਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੱਕਣ ਲਈ ਲੱਗਪਗ 240 ਦਿਨ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤ ਝਾੜ 122 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਬੀਜ ਦੀ ਮਾਤਰਾ: ਹਲਦੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਗੰਢੀਆਂ ਰਾਹੀ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਕ ਏਕੜ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਵਾਸਤੇ 5 ਕੁਇੰਟਲ ਤਾਜ਼ੀਆਂ ਗੰਢੀਆਂ ਦੀ ਜ਼ਰੂਰਤ ਪੈਂਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਘਰੇਲੂ ਪੱਧਰ ‘ਤੇ ਛੋਟੇ ਪੈਮਾਨੇ ‘ਤੇ ਹਲਦੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰਨੀ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਇਕ ਮਰਲਾ (25 ਵਰਗ ਮੀਟਰ) ਰਕਬੇ ਲਈ 4-5 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਗੰਢੀਆਂ ਕਾਫ਼ੀ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਢੰਗ : ਹਲਦੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਤਾਜ਼ੀਆਂ ਅਤੇ ਨਿਰੋਗ ਗੰਢੀਆਂ ਦੀ ਚੋਣ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਹਲਦੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਲਾਇਨ ਤੋਂ ਲਾਇਨ ਦਾ ਫਾਸਲਾ 24ਤੋਂ 26 ਇੰਚ ਬੂਟੇ ਤੋਂ ਬੂਟੇ ਦਾ ਫਾਸਲਾ 5 ਤੋ 6 ਇੰਚ ਫਾਸਲੇ ਤੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬਜਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਖੇਤ ਵਿਚ 25-36 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਝੋਨੇ ਦੀ ਪਰਾਲੀ ਪਾ ਦੇਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਪਰਾਲੀ ਪਾਉਣ ਨਾਲ ਗੰਢੀਆਂ ਜਲਦੀ ਹਰੀਆਂ ਹੋ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ ਗੰਢੀਆਂ ਦੇ ਹਰੇ ਹੋਣ ਤੱਕ ਖੇਤ ਨੂੰ ਗਿੱਲੀ ਵੱਤਰ ਵਿਚ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ
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ਹਲਦੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਵੱਟਾਂ ਤੇ ਜਾ ਬੈੱਡਾ ਤੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਸਮਾਂ ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੋਂ ਮਈ ਤੱਕ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ
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ਵੱਟਾਂ ਦੇ ਜਾ ਬੈੱਡਾ ਤੇ
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ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੋਂ ਮਈ ਤੱਕ
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ਹਲਦੀ ਦੀ ਕਾਸਤ ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਸਮਾਂ ਹਲਦੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅਪ੍ਰੈਲ ਮਈ ਤੱਕ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਕਿਸਮਾਂ ਪੰਜਾਬ ਨੰਬਰ 1 , ਪੰਜਾਬ ਨੰਬਰ 2, ਰਜਿੰਦਰਾ ਸੋਨੀ ਰਾਜਾਂ ਪੁਰੀ ਬੀਜ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 5 ਤੋ 7 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਢੰਗ ਲਾਇਨ ਤੋਂ ਲਾਇਨ ਦਾ ਫਾਸਲਾ 26 ਇੰਚ ਅਤੇ ਬੂਟੇ ਤੋਂ ਬੂਟੇ ਦਾ ਫਾਸਲਾ 5 ਇੰਚ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਬੀਜ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪੈਦਾਵਾਰ 120 ਕੁਇੰਟਲ ਬੈੱਡਾ ਤੇ ਬਿਜਾਈ 52 ਇੰਚ ਬੈੱਡਾ ਤੇ 3 ਲਾਇਨਾ ਬੀਜ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 750 ਕਿੱਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪੈਦਾਵਾਰ 160 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ
ਹਲਦੀ ਦਾ ਬੀਜ ਲੈਣ ਲਈ ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ 9914320143
मैं केसर की खेती करना चाहता हूं कृप्या मदद करें ?
(hn)
Punjab
जो वास्तविक केसर होता है इसके लिए तापमान सामान्य से भी कम चाहिए इसलिए यह Rajasthan में नहीं हो सकता अगर आप इसकी पुष्टि करना चाहते हैं तो majeed wari जी से 9419009209 पर कॉल करके जानकारी लें ये जम्मू कश्मीर में पिछले काफी समय से केसर की खेती कर रहे हैं
pomeranian puppy का सामान्यत रेट क्या है ?
(hn)
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यह नसल पर निर्भर करता है जी वैसे 2000 से शुरू हो कर 8 -9000 तक मिलता है जी
महाराष्ट्र में मोती की खेती कहां होती है कृप्या बतायें ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 से संपर्क करें
क्या गाभिन भैंस को गुड़ सरसों का तेल और दलिया दे सकते हैं ब्याने के दिन ज्यादा है दुध कम कर रही है ?
(hn)
Punjab
जी आप गाभिन भैंस को भी गुड, सरसों का तेल और दलिया मिक्स करके दे सकते है जब तक वो दूध दे रही है तब तक दे सकते है पर यह ध्यान रखें कि इसे ज्यादा मात्रा में ना डालें 1 किलो दलिया रोजाना दे सकते है उसमें 200 ग्राम गुड़ और 100 मि.ली. सरसों का तेल भी दे सकते है इसके साथ आप कोई लीवरटोनिक भी दे सकते है जिससे वो आसानी से हज़म कर सके
sir makki yellow ho k ruk gyi growth nhi kar rhi ?
(pb)
Punjab
Maan sukh g makki vich NPK 19.19.19 @1 kg per acre da spray kr skde ho jiss nal growth start ho javegi..
sir am barnala to Sir makki growth nhi kar rhi please help ?
(pb)
Punjab
maan ji makki de uper tuc hoshi @400ml nu 150 litre pani vich mila ke spray karo. isde nal makki di growth ho jandi hai. dhanwad
Kanak ਦਾ ਅੱਧਾ ਦਾਣਾ banyae ji 13 march ਦਾ paani lagyae ji ki hun paani la diye ?
(pb)
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ਕਣਕ ਨੂੰ ਵੱਢਣ ਤੋਂ 25 ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਪਾਣੀ ਲਗਾਉਣ ਬੰਦ ਕਰ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਹੁਣ ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿਚ ਨਮੀ ਪੂਰੀ ਹੈ ਤਾਂ ਪਾਣੀ ਲਗਾਉਣ ਦੀ ਲੋੜ ਨਹੀਂ ਪਵੇਗੀ
सर मुर्गी पालन की पूरी जानकारी दें ?
(hn)
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मुर्गी पालन शुरू करने से पहले कुछ बेसिक बातों का ध्यान ज़रूर रखें जैसे आप ट्रेनिंग लेकर जरूर शुरू करें जिससे आपको फीड वगैरह का पता चलेगा और क्योंकि पोल्ट्री में बायोसिक्योरिटी रखनी बहुत जरूरी है यदि एक बार बीमारी फार्म पर आ गई तो बहुत कम समय में पूरे फार्म तक पहुंचती है इसलिए सभी बातें ध्यान में रखकर ही यह काम शुरू करें और यह भी सलाह है कि इस काम को बड़े स्तर पर एकदम से ना शुरू करें एक बार थोड़ी मुर्गियों से शुरू करें बाकी आपको बता दें कि व्यापारिक स्तर पर 5 एकड़ में आप 50000 मुर्गियां रख सकते हैं और इससे आपको कुल 5—7 लाख रूपये तक का खर्चा आ जाएगा यदि नस्ल की बात की जाए तो लेयर में अंडों के लिए BV 300 नस्ल सबसे बढ़िया रहेगी यह नस्ल 18 सप्ताह की उम्र में अंडे देना शुरू कर देती है और 19 सप्ताह से 80वें सप्ताह तक लगभग 370 अंडे देती है प्रति मुर्गी के लिए 1.5—2.0 फुट जगह की जरूरत पड़ती है पहले दिन से लेकर अंडे देने तक एक मुर्गी पर लगभग 250—300 रूपए खर्चा आ जाता है और ब्रॉयलर नस्लों में से वैनकोब 400 नस्ल बड़े स्तर पर सबसे बढ़िया मानी जाती है यह 35 दिनों तक लगभग 3 किलो फीड खाकर तकरीबन 1900—2000 ग्राम की हो जाती है और बाकी ज्यादा गर्मी और ठंड को काफी हद तक सहन करने की क्षमता रखती है बाकी आपके रख रखाव और बीमारियों पर टीकाकरण का खर्चा अलग है यह कुछ प्राथमिक जानकारी थी अंतत आप पहले किसी सफल पोल्ट्री फार्मर से जरूर मिलें आपको अन्य बातों एवं बारीकियों का पता लगेगा लोन लेने के लिए आपके पहले अपने नज़दीकी KVK से ट्रेनिंग लेनी होगी उस ट्रेनिंग के सर्टिफिकेट पर आप लोन के लिए अप्लाई कर सकते हो वहां आपको इसके बारे में पूरी जानकारी प्राप्त हो जाएगी
मुझे मुर्गी फार्म लगाना है कहां से शुरू करूं कोई जानकारी दें किसी कंपनी से संपर्क हो और कितना खर्च होगा चूज़े कहां से लेने हैं कितने दिनों में वो बड़े होते हैं कृप्या कोई जानकारी दें ?
(hn)
Punjab
अगर आप अंडे के लिए मुर्गी रखना चाहते हो तो आप BV 300 मुरगी रख सकते है यह 18 हफ्ते की होने के बाद अंडे देना शुरू कर देती है और 80 हफ्ते तक 374 अंडे देती है. ये 374 अंडे पैदा करने के लिए (19 से 80 हफ्ते तक) यह मुरगी कुल 46.6 किलोग्राम दाना (फीड) खाती है और पहले दिन से ले कर 18 हफ्ते तक 5.60 किलोग्राम दाना खाती है. यह मुरगी अंडा देना शुरू करने के बाद 80 हफ्ते तक रोजाना औसतन 111 ग्राम दाना खाती है. पहले दिन से ले कर 18 हफ्ते तक डेप्लेशन यानी मोर्टेलिटी व कलिंग 3-4 फीसदी तक ही होती है और 19 हफ्ते से 80 हफ्ते तक डेप्लेशन 7 फीसदी तक होता है. वेनकोब्ब 400 ब्रायलर दुनिया में जानीमानी कमर्शियल ब्रायलर की उम्दा स्ट्रेन (नस्ल) है. यह हमारे देश के सभी हिस्सों में अच्छे नतीजे देती है. ज्यादा गरमी और ठंड या बरसात के मौसम में इस स्ट्रेन में मोर्टेलिटी बहुत कम होती है और बढ़वार अच्छी होती है. बड़े पैमाने पर ब्रायलर फार्मिंग करने वाले किसान वेनकोब्ब 400 ब्रायलर को ही पालना पसंद करते हैं. वेनकोब्ब 400 ब्रायलर स्ट्रेन 35 दिनों में तकरीबन 3 किलोग्राम फीड खा कर 2 किलोग्राम तक यानी 1900-2000 ग्राम तक वजन हासिल करने की कूवत रखती है. फार्म पर मैनेजमेंट अच्छा हो तो 35 दिनों में केवल 2.75 फीसदी की मौत दर देखी गई है. कमर्शियल लेयर (अंडे देने वाली मुरगी) को केज और डीपलिटर सिस्टम और कमर्शियल ब्रायलर को केवल डीपलिटर सिस्टम से पालते हैं. मुरगी पालने के शेड हमेशा साइंटिफिक स्टैंडर्ड के मुताबिक ही बनाने चाहिए. अगर आप ने पोल्ट्री शेड गलत दिशा और गलत तरीके से बना दिया है, तो आप का सारा पैसा बरबाद होगा ही और गलत तरीके से बनाए गए शेड में आप मुरगी से उस की कूवत के मुताबिक उत्पादन नहीं ले पाएंगे. गलत बने शेड में मुरगियों की मौतें भी ज्यादा होती हैं. मुरगियों को जंगली जानवरों, कुत्ते व बिल्ली वगैरह से बचाने के लिए शेड की चैन लिंक (जाली) अच्छी क्वालिटी की होनी चाहिए. सर्दी के मौसम में शेड को गरम रखने और गरमी के मौसम में शेड को ठंडा रखने के लिए कूलर, पंखे, फागर वगैरह का भी इंतजाम रखें. शेड को थोड़ी ऊंचाई पर बनाएं जिस से बरसात का पानी शेड के अंदर नहीं घुसे. शेड के अंदर गरमीसर्दी के असर को कम करने के लिए शेड की छत पर 6 इंच मोटा थैच (घासफूस का छप्पर) डाल देना चाहिए. पर थैच को आग से बचाने के लिए शेड की छत पर स्प्रिंकलर लगा देना चाहिए ताकि जरूरत पड़ने पर उसे चलाया जा सके. शेड की छत पर थैच डालने पर गरमी के मौसम में शेड के अंदर 7-10 डिगरी तापमान कम हो जाता है. सर्दी के मौसम में भी थैच शेड के अंदर का तापमान ज्यादा नीचे तक नहीं जाने देता है. चिकन मीट और अंडा उत्पादन के कुल खर्च का 60 से 70 फीसदी दाने पर खर्च होता है. इसलिए दाने की क्वालिटी एकदम अच्छी होनी चाहिए. पोल्ट्री फीड उम्र, स्ट्रेन, मौसम, प्रोडक्शन स्टेज, फीडिंग मैनेजमेंट वगैरह के पैमाने पर खरा उतारना चाहिए. पोल्ट्री फीड संतुलित नहीं है तो मुरगी कम अंडे पैदा करेगी और पोषक तत्त्व और विटामिन की कमी से होने वाली बीमारियां भी मुरगियों को होने लगेंगी, जैसे फैटी लिवर सिंड्रोम, पेरोसिस, डर्मेटाइटिस, रिकेट्स, कर्लटाय पेरालिसिस वगैरह. अंडे देने वाली मुरगी को लगातार अंडे देने के लिए 2500 से 2650 किलोग्राम कैलोरी वाले फीड की जरूरत होती है, उम्र और अंडे के वजन के मुताबिक ही फीड की कैलोरी तय की जाती है. 1 से 7 हफ्ते के चूजे को 2900 किलोग्राम कैलोरी का फीड, जबकि ग्रोवर को 2800 किलोग्राम कैलोरी का फीड देना चाहिए. मुरगी दाने और फीड बनाने वाले इंग्रेडिएंट (मक्का वगैरह) में नमी कभी भी 10-11 फीसदी से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. अगर मक्के में नमी ज्यादा होती है, तो फंगस लग सकता है और फंगस लगा मक्का फीड में इस्तेमाल करने से उस में अफ्लाटाक्सिन (एक प्रकार का जहर) की मात्रा बढ़ जाएगी, जो मुरगी की इम्युनिटी (बीमारी झेलने की कूवत) को कमजोर कर देगी और मुरगी जल्द ही बीमारी की चपेट में आ जाएगी. बेहतर होगा कि पोल्ट्री फीड प्राइवेट कंपनी से खरीदा जाए ताकि फीड से जुड़ी किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके,राजस्थान में देसी मुर्गे लेने के लिए आप मान सिंह 9649050050 से संपर्क कर सकते है धन्यवाद.
who is the ruler of bihar ?
(en)
Punjab
arvind ji here we provide agriculture related information . if you have any crops or animal related query please ask in detail so that we can provide you proper information. thank you
Jawab ta do koi ?
(pb)
Punjab
tuhade sare swala de jwab ditte gye hai tuci AAP vich swala de jwab dekh skde ho .
मोती की खेती ?
(hn)
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से सम्पर्क करे
अगर भैंस गर्भधारण नहीं करती है और बार बार गर्मी में आती है तो क्या करें और वह एक बार बच्चा भी दे चुकी है ?
(hn)
Punjab
पहले आप उसकी बच्चेदानी में Utrawin-OZ दवा को 60 मि.ली. करके 3 दिन भरवायें उसे पेट के कीड़ों के लिए Bolus Flukired DS 6gm दें, Powder Agrimen super 1kg 50gm रोजाना, Bolus Minotas 7x3 डिब्बी एक गोली रोजाना दें फिर हीट में आने पर उसे टीका भरवाकर Powder Prag Stay gold 600gm 2 चम्मच सुबह दें.
ਸਰ ਜੀ ਕੀਪਰ ਪਲੱਸ 630 ਗਰਾਮ 21ਦਿਨ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਹੈ ?
(pb)
Punjab
ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ Bovimin-B ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ , ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Concimax ਗੋਲੀਆਂ ਦਿਓ ਜੀ , ਇਸਦੀ 1-1 ਗੋਲੀ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਜੀ , ਇਸ ਨਾਲ ਅੰਦਰ ਤੋਂ ਇਨਫੈਕਸ਼ਨ ਖਤਮ ਹੋਵੇਗਾ ਅਤੇ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਵੀ ਸਹੀ ਗਰੋਥ ਕਰੇਗੀ , ਇਹ ਤੁਸੀ 15 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ , ਜੇਕਰ ਉਹ ਦੁਬਾਰਾ ਪੂਰੀ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਂਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਦੁਬਾਰਾ ਸਵਾਲ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ..
ਸਰ ਜੀ ਟੀਕਾਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇਸ ਨੂੰ 21ਦਿਨ ਆਪ ਜੀ ਦੇ ਕਹਿਣ ਤੇ 630ਗਰਾਮ ਪਾਊਡਰ ਵੀ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਹੈ ?
(pb)
Punjab
ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ Bovimin-B ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ , ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Concimax ਗੋਲੀਆਂ ਦਿਓ ਜੀ , ਇਸਦੀ 1-1 ਗੋਲੀ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਜੀ , ਇਸ ਨਾਲ ਅੰਦਰ ਤੋਂ ਇਨਫੈਕਸ਼ਨ ਖਤਮ ਹੋਵੇਗਾ ਅਤੇ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਵੀ ਸਹੀ ਗਰੋਥ ਕਰੇਗੀ , ਇਹ ਤੁਸੀ 15 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ , ਜੇਕਰ ਉਹ ਦੁਬਾਰਾ ਪੂਰੀ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਂਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਦੁਬਾਰਾ ਸਵਾਲ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ..
ਸਰ ਜੀ ਝੋਟੀ ਦੇ ਗਬਣ ਹੋਣ 22 ਫਰਵਰੀ ਦਾ ਟੀਕਾ ਅਤੇ ਝੋਟੇ ਤੋ ਵੀ ਲਗਾਈ ਗਈ ਹੈ 25 ਮਾਰਚ ਰਾਤ ਸਾਡੇ 9:30 ਵਜੇ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਤਾਰ ਦਿੱਤੀ ਹੈ ਉਸਨੂੰ ਕੀ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਇਹ ਗਬਣ ਰਿਹ ਜਾਵੇ ਜੀ ?
(pb)
Punjab
ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ Bovimin-B ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ , ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Concimax ਗੋਲੀਆਂ ਦਿਓ ਜੀ , ਇਸਦੀ 1-1 ਗੋਲੀ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਜੀ , ਇਸ ਨਾਲ ਅੰਦਰ ਤੋਂ ਇਨਫੈਕਸ਼ਨ ਖਤਮ ਹੋਵੇਗਾ ਅਤੇ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਵੀ ਸਹੀ ਗਰੋਥ ਕਰੇਗੀ , ਇਹ ਤੁਸੀ 15 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ , ਜੇਕਰ ਉਹ ਦੁਬਾਰਾ ਪੂਰੀ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਂਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਦੁਬਾਰਾ ਸਵਾਲ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ..
भिंडी की घरेलु बगीची के लिए ज़मीन में प्लास्टिक शीट लगाकर बीच में छोटे छेद बनाकर भिंडी लगा सकता हूं ताकि नदीन ना उगे ?
(hn)
Punjab
अरूण जी आप जमीन में सूखी घास से मल्चिंग करें इस से नदीन नहीं उगते है और मिट्टी में नमी की मात्रा सही रहती है
अरण्डी की खेती कब करें और कहाँ बेचे ?
(hn)
Maharashtra
अरंडी मुख्य रूप से इसके बीजों के लिए उगाया जाने वाला वार्षिक पौधा है व्यापारिक खेती के लिए कम उपजाऊ भूमि का प्रयोग अरंडी की खेती के लिए किया जाता है पर यह गहरी, अच्छे निकास वाली, उपजाऊ, हल्की तेजाबी रेतली दोमट मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है मिट्टी की पी एच 5 से 8.5 होनी चाहिए इसके लिए आप किस्मे जैसे GCH 7,D.C.S 9 (Jyoti),R.H.C 1,G.C.H 5,G.C.H 4 की बिजाई कर सकते है गर्मियों में खेत की तीन से चार बार गहरी जोताई करें इससे नदीनों को खत्म करने और मिट्टी में नमी रखने में मदद मिलेगी डलियों को तोड़ने के लिए जोताई के बाद तवियों से जोताई करें फिर मिट्टी के स्तर अरंडी को पूरे वर्ष उगाया जा सकता है, जहां सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो अरंडी की खेती के लिए जुलाई के दूसरे सप्ताह से लेकर अगस्त का पहला सप्ताह उपयुक्त होता है को समतल करें ताकि खेत में पानी ना खड़ा रह सके फासला किस्म और बिजाई के समय पर आधारित होता है सिंचित हालातों में 90सैं.मी.x60 सैं.मी. या 120 सैं.मी.x 60 सैं.मी.फासले का प्रयोग करें जब कि बारानी हालातों में 60 सैं.मी.x45 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीजों को ज्यादा गहराई में बोने से परहेज़ करें इन्हें 5 सैं.मी. की गहराई में बोयें इसकी बिजाई गड्ढा खोदकर की जाती है बीज की मात्रा बिजाई के ढंग पर आधारित होती है यदि बीजों को हल के पीछे डालना है तो ज्यादा बीजों की मात्रा 4.5 से 6 किलोग्राम प्रति एकड़ में आवश्यकता होती है यदि गड्ढा खोदकर बिजाई की जाए तो 2.5 से 3.3 किलोग्राम प्रति एकड़ की आवश्यकता होती है बरानी क्षेत्रों के लिए : नाइट्रोजन 16 किलो (यूरिया 35 किलो), फासफोरस 8 किलो (एस एस पी 50 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची यूरिया की आधी मात्रा को बिजाई के 30 दिनों के बाद डालें सिंचित क्षेत्रों के लिए : नाइट्रोजन 32 किलो (यूरिया 70 किलो), फासफोरस 16 किलो (एस एस पी 100 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस की पूरी मात्रा बीजों को बोने से पहले डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बिजाई के बाद 35वें और 90वें दिन डालें तेल की मात्रा बढ़ाने के लिए बीज बोने से पहले सल्फर 16 किलो प्रति एकड़ में डालें अरंडी की पूरी फसल को 17-20 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है बारिश के मौसम में सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती बारिश की तीव्रता और नियमितता के आधार पर सिंचाई दें पहली सिंचाई बिजाई के बाद 60-75 दिनों के बाद करें पौधों में फूल निकलने के समय पानी की कमी ना होने दें पकने की अवस्था में सिंचाई बंद कर दें शुरूआती अवस्था में नदीनों की रोकथाम बहुत महत्तवपूर्ण है बिजाई के 20वें और 50वें दिन बाद हाथों से दो बार गोडाई करें बिजाई के दूसरे और तीसरे दिन बाद पैंडीमैथालीन 1 लीटर को 250 लीटर पानी में मिलाकर डालें यह घास और चौड़े पत्तों वाले नदीनों को रोकने में सहायक होगा किस्म के आधार पर फसल 145-180 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है जब एक या दो फल सूखते या पीले होते दिखाई दें, तो अरंडी की गुच्छों में कटाई शुरू करें सभी गुच्छे समान समय पर नहीं पकते इसलिए दो-तीन तुड़ाइयां आवश्यक हैं तुड़ाई के बाद गुच्छों को धूप में चार से पांच दिन सुखाएं अच्छी तरह से सूखने के बाद बीजों को अलग कर लें फलों की जल्दी कटाई ना करें इससे तेल की प्रतिशतता कम हो जाती है इसकी मार्केटिंग आप इसका तेल बना कर कर सकते है धन्यवाद
mai pearl ki kheti karna chahta hu ?
(en)
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से सम्पर्क करे
सर बाडमेर राजस्थान में मोती की खेती करनी हैं इसकी जानकारी दे ?
(en)
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से सम्पर्क करे
ਚਿੱਚੜ ਮਾਰਨ ਲਈ ਕੋਈ best ਇਲਾਜ ?
(pb)
ਚਿੱਚੜ ਤੇ ਡਾਲਡਾ ਘਿਓ ਵਰਤੋਂ ਜੀ ਤੇ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਥੱਲੇ Liquid Butox 2ml ਇਕ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰੋ ਜੀ
मोती की खेती कैसे करते हैं ?
(hn)
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से सम्पर्क करे
मोती कैसे बनाएं, सीप कैसे पालें ?
(en)
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से सम्पर्क करे
ਪਸ਼ੂਆ ਨੂੰ ਚਿੱਚੜ ਬਹੁਤ ਲਗਦੇ ਨੇ ਕੋਈ ਹੱਲ ਦਸੋ ਸਪਰੇ ਬਹੁਤ ਵਾਰ kri ਆ ਮਰਦੇ ਨਹੀ ਕੋਈ ਨਵੀ ਸਪਰੇ ਦਸੋ ?
(pb)
ਨਵੀਂ ਸਪਰੇ Liquid Tic-Tac 2ml ਇਕ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪਸ਼ੂ ਤੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰੋ ਜਾਂ ਡਾਲਡਾ ਘਿਓ ਵਰਤੋਂ ਜੀ ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਆਲਾ ਦੁਆਲਾ ਸਾਫ ਰੱਖੋ ਤੇ ਆਸ-ਪਾਸ ਚੂਨਾ ਕਲੀ ਪਾਉ ਜੀ
ਕਣਕ ਨੁੰ ਪਾਣੀ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ?
(pb)
Jagroop singh g jekar kanak 13 april tak aa jawegi tan hun pani na deo...jekar 18-20 tak awegi fir ikk halka pani de skde ho..
मैं केसर की खेती करना चाहता हूं ?
(hn)
Punjab
जो वास्तविक केसर होता है इसके लिए तापमान सामान्य से भी कम चाहिए इसलिए यह राजस्थान में नहीं हो सकता अगर आप इसकी पुष्टि करना चाहते हैं तो majeed wari जी से 9419009209 पर कॉल करके जानकारी लें ये जम्मू कश्मीर में पिछले काफी समय से केसर की खेती कर रहे हैं
Rajasthan
धन्यवाद
Rajasthan
पर मैंने यूट्यूब पर देखा था कि राजस्थान के jhalawar में भी बताया था कि चीकनी मिट्टी में भी हो सकती है
muje barmer rajasthan me murgi palan krna h. isk liye chuje or murgi murga kaha se or kaise milege ?
(en)
Punjab
राजस्थान में देसी मुर्गे लेने के लिए आप मान सिंह 9649050050 से संपर्क कर सकते है इनसे आपको पूरी जानकारी प्राप्त हो जाएगी धन्यवाद.
गुलाब की खेती ?
(hn)
Punjab
गुलाब फूलों में सबसे मह्त्वपूर्ण फूल है गुलाब की खेती के लिए जैविक तत्वों से भरपूर और अच्छे जल निकास वाली रेतली दोमट मिट्टी अनुकूल होती है बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 6 से 7.5 होना चाहिए यह जल जमाव को सहनयोग्य नहीं है, इसलिए उचित जल निकास का प्रबंध होना चाहिए और अनावश्यक पानी को निकाल देना चाहिए प्रसिद्ध किस्में :- इसमें तीन मुख्य समूह हैं,1) प्रजातियां 2) पुराने बाग़ 3) आधुनिक या नए गुलाब Species roses: इसे जंगली गुलाब के नाम से भी जाना जाता है इस तरह के फूलों की पांच पंखुड़ियां और रंग चमकीला होता है ये सर्दियों में ज्यादा समय तक रहती हैं जैसे कि: Rosa rugose: इनका मूल स्थान जापान है यह किस्म प्रकृति रूप में कठोर होती हैं इसके फूल बेहद सुगंधित होते हैं, पत्ते झुर्रीदार चमड़े की तरह होते हैं ये घनी और मोटी झाड़ियों में उगते हैं रासायनिक स्प्रे का उपयोग ना करें, क्योंकि इस पर स्प्रे करने से सारे पत्ते झड़ जाते हैं Banksiae: इसे लेडी बैंक केनाम से भी जाना जाता है और इसका मूल स्थान चीन है फूल छोटे, सुगंधित और जामुनी रंग के होते हैं फूल छोटे गुच्छों में लगते है मिट्टी को नरम करने के लिए जोताई और गोड़ाई करें बिजाई से 4-6 सप्ताह पहले खेती के लिए बैड तैयार करें बैड बनाने कि लिए 2 टन रूड़ी की खाद और 2 किलो सुपर फासफेट डालें बैडों को एक समान बनाने के लिए उनको समतल करें और बैडों के ऊपर बोयें होये गुलाब गड्डों में बोयें हुए गुलाबों से ज्यादा मुनाफे वाले होते है उत्तरी भारत में बिजाई का सही समय मध्य अक्तूबर है रोपाई के बाद पौधे को छांव में रखें और अगर बहुत ज्यादा धुप हो, तो पौधे पर पानी का छिड़काव करें दोपहर के अंत वाले समय बोया गया गुलाब बढ़िया उगता है बैड पर 30 सैं.मी. व्यास और 30 सैं.मी. गहरे गड्ढे खोद कर 75 सैं.मी. के फासले पर पौधों की बिजाई करें दो पौधों के बीच में फासला गुलाब की किस्म पर निर्भर करता है बीजों को 2-3 सैं.मी. गहराई में बोयें इसकी बिजाई सीधी या पनीरी लगा कर की जाती है गुलाब की फसल का का प्रजनन काटी गई जड़ों और बडिंग द्वारा किया जाता है उत्तरी भारत में दिसंबर-फरवरी महीने का समय टी-बडिंग के लिए उचित होता है पौधे की कांट-छांट दूसरे और उसके बाद के वर्षों में की जाती है उत्तरी भारत में गुलाब की झाड़ियों की कांट-छांट अक्तूबर के दूसरे या तीसरे हफ्ते में की जाती है जो शाखाएं झाड़ियों को घना बनाएं, उन्हें निकाल दें लटके हुए गुलाबों को छंटाई की जरूरत नहीं होती छंटाई के बाद, अच्छे से गले हुए 7-8 किलो गाय के गोबर को प्रति पौधे को डालें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें ग्रीन हाउस में, गुलाबों को पंक्तियों में बोया जाता है और पौधों का घनत्व 7-14 पौधे प्रति वर्ग मीटर होनी चाहिए बैड की तैयारी के समय 2 टन रूड़ी की खाद और 2 किलो सुपर फास्फेट को मिट्टी में डालें तीन महीने के फासले पर 10 किलो रूड़ी की खाद और 8 किलो नाइट्रोजन, 8 किलो फासफोरस और 16 किलो पोटाश प्रति पौधे में डालें छंटाई के बाद ही सारी खादों को डालें ज्यादा पैदावार लेने के लिए छंटाई से एक महीने बाद, जी ए 3@ 200 पी पी एम(2 ग्राम प्रति लीटर) की स्प्रे करें पौधे की तनाव सहन शक्ति को बढ़ाने के लिए घुलनशील जड़ उत्तेजक(रैली गोल्ड/रिजोम) 100 ग्राम+ टिपोल 60 मि.ली. को 100 लीटर पानी में डालकर प्रति एकड़ में शाम के समय सिंचाई करें मोनोकोट नदीनों की रोकथाम के लिए ग्लाइफोसेट 300 ग्राम और डिकोट नदीनों को रोकने के लिए ऑक्सीफ्लूरॉन 200 ग्राम को अंकुरन से पहले प्रति एकड़ में स्प्रे करें पौधों को खेत में लगाएं ताकि बढ़िया ढंग से विकास कर सके सिंचाई मिट्टी की किस्म और जलवायु के अनुसार करें आधुनिक सिंचाई तकनीक जैसे ड्रिप सिंचाई गुलाब की खेती के लिए लाभदायक होती है फव्वारा सिंचाई से परहेज करें क्योंकि इससे पत्तों को लगने वाली बीमारियां बढ़ती हैं गुलाब की फसल से दूसरे वर्ष से बढ़िया किफायती पैदावार लिया जा सकता है गुलाब की तुड़ाई फूलों का रंग पूरी तरह से विकसित पर और पहली एक और दो पंखुड़ियां खुलनी(पर पूरी तरह नहीं) पर तेज़ छुरी की सहायता से की जाती है निर्धारित लंबाई होने पर हाथ वाली छुरी के साथ काटा जाता है विदेशी बाज़ार के मांग के अनुसार बड़े फूलों के लिए तने की लंबाई 60-90 सैं.मी. और छोटे फूलों के लिए 40-50 सैं.मी. होती है फ़ॉलोन को सुबह जल्दी या दोपहर के अंत वाले समय में तोडना चाहिए इसकी मार्केटिंग आप नजदीकी फूल मार्किट में कर सकते है धन्यवाद
सर मेरा 4 एकड़ में लगभग 200 वृक्ष बेलगिरी का बाग है, उनमें से 8 वृक्ष मर चुके हैं मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि वृक्ष क्यों मर रहे हैं और जब वृक्ष पर फल या फूल आते हैं तो उनमें से ज्यादातर गिर जाते हैं और उत्पादन बहुत कम हो जाता है कृप्या मुझे इसके लिए उपचार बतायें ?
(hn)
Punjab
कमल जी आप इसकी जड़ों में दीमक चेक करें क्योंकि दीमक पौधे को सूखा देती है और पौधा मरना शुरू कर देता है, धन्यवाद
ਕਣਕ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਜਾ ਨਹੀਂ ?
(pb)
Jagroop singh g jekar kanak 13 april tak aa jawegi tan pani den di lod nahi hai jekar 18-20 april tak awegi tan halka pani de skde ho ...
Everytime I grow bottle guard in pot. After some time this happens and slowly plant dies. The stem of bottle guard gets damping and everytime it got break in between 4-5 cm above the roots and plant die after sometime ?
(en)
Maharashtra
bandhna ji please tell us in detail that what is soil mixture in pot and which nutrients you provide to plant so that we can give your proper information. thank you
Sir Kya hume inorganic farming nhii krni chahiye ?
(en)
Punjab
Richa ji inorganic kheti karni chahiye lekin fasl men jyada matra men istemal kiye gye chemical mitti ki upjau shakti ko kam kar deti hai.is liye inorganic kheti karni chahiye lekin chemicals ki matra sahi matra aur sahi same par karni chahiye. thank you
आयर शायर गाय के बारे में विस्तार से बताये ?
(hn)
Punjab
ayrshire में आमतौर पर लाल और सफेद निशान होते है, लाल नारंगी के रंग से एक गहरे भूरे तक हो सकता है ayrshire को सबसे ज़्यादा संभाल और बढ़िया खुराक की ज़रूरत होती है यह एक बढ़िया नस्ल मानी जाती है, दूध उत्पादन 20,000 पोंड (9, 100 किलोग्राम) या ज़्यादा सालाना तक पहुँच सकता है उनके सींग 30 सेंटीमीटर (12 इंच) की लम्बाई तक बढ़ सकता है.
Gujarat
इनका सीमन कहाँसे मिल सकता है?
ਭਿੰਡੀ ਲਾਉਣ ਦਾ ਸਮਾਂ ?
(pb)
ਗੁਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਜੀ ਉੱਤਰ ਵਿੱਚ ਇਹ ਵਰਖਾ ਅਤੇ ਬਸੰਤ ਦੇ ਮੌਸਮ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਵਰਖਾ ਵਾਲੇ ਮੌਸਮ ਵਿੱਚ, ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਜੂਨ-ਜੁਲਾਈ ਮਹੀਨੇ ਅਤੇ ਬਸੰਤ ਰੁੱਤ ਵਿੱਚ ਫਰਵਰੀ-ਮਾਰਚ ਦੇ ਮਹੀਨੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
ਜੋ ਝੋਟੀ ਦੀ ਫੋਟੋ ਅਪਲੋਡ ਕੀਤੀ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਲਈ ਰੁਸਤਮ ਗਤੌਲੀ ਦਾ ਸੀਮਨ ਠੀਕ ਰਹੇਗਾ ?
(pb)
Punjab
ਹਾਂਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸ ਝੋਟੀ ਨੂੰ ਰੁਸਤਮ ਗਤੌਲੀ ਦਾ ਸੀਮਨ ਭਰਵਾਂ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ .
Punjab
tnax g
Punjab
yes
Punjab
thanks sir ji
मोती की खेती के बारे में जानकारी दें ?
(en)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 से संपर्क करें
ganganagar vich contract poultry bare kisi company bare daso ji. mere kisi vi swal da jwab nhi de rahe tuc ?
(pb)
Punjab
punjab vich poultry contract farming di koe company nahi hai ji. punjab to bahar hor state diya companya hun jo punjab vich v contract farming karvondiya hun. jina vicho erets agro pvy. ltd hai jina da contact number 8139955959 hai tusi ehna nal call karke gal kar sakde ho. bohat sariya companiya fraud v kar rahiya hun . tusi apne level te hi sara kuj dheyan nal check kar lena ji. baki bohat sare loka da anusar contract farming nalo apne poultry farm bnaya jave ta vadiya rahega ji.
खरबूजा लग चुका है खरबूजा चार से छ: पत्तियों का है इसमें जड़ सड़ कर सुख जाता है इसमें क्या करें ?
(en)
Punjab
गुलाब जी यह फंगस के कारण हो रहा है इसके लिए आप copper oxychloride @3gm को प्रति लीटर पानी के हिसाब से Drenching करें धन्यवाद
देसी मुर्गी के चूज़े कहां से और कितने के मिलेंगे ?
(hn)
Punjab
आप देसी मुर्गी के चूज़े खरीदने के लिए इस नंबर पर 9075749975 संपर्क कर सकते है, इनसे आपको पूरी जानकारी प्राप्त हो जाएगी.
भिंडी की बिजाई कैसे करते हैं बिजाई की विधि जा कि पौधा जल्दी उग आए ?
(hn)
Punjab
भिंडी की बिजाई का समय :- निचले क्षेत्रों में: फरवरी-मार्च, जुलाई,मध्यवर्ती क्षेत्रों में: मार्च-जून,ऊंचे क्षेत्रों में: अप्रैल-मई गर्मियों में बिजाई के लिए कतारों के बीच 45-60 सैं.मी. और पौधों के बीच 15 सैं.मी. फासला रखें बारिश के मौसम में कतारों के बीच 45 सैं.मी. रखें बीजों को 1.5-2 सैं.मी. गहराई में बोयें इसकी बिजाई गड्ढा खोदकर की जाती है गर्मियों के मौसम में 6-8 किलो और बारिश के मौसम में 4-5 किलो बीजों का प्रति एकड़ में प्रयोग करें बिजाई से पहले बीज को 24 घंटे के लिए पानी में भिगोकर रखने से बीज की अंकुरन शक्ति बढ़ जाती है ज़मीन से पैदा होने वाली फफूंदी से बचाने के लिए बीजों को कार्बेनडाज़िम से उपचार करें उपचार करने के लिए बीजों को 2 ग्राम कार्बेनडाज़िम घोल प्रति लीटर पानी में मिलाकर 6 घंटे के लिए डुबो दें और फिर छांव में सुखाएं फिर तुरंत बिजाई कर दें
मैने तरबूज बोया है जमाव हो रहा है । लाल कीट पौध खा रहा है । कोई दवा बतायें जैविक दवा तो ज्यादा अच्छा रहेगा ?
(hn)
Punjab
रविंद्र जी कृपया आप इसकी फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
अंगूर के बाग कैसे लगाए ?
(hn)
Punjab
इसे मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जाता है, लेकिन अंगूर की खेती के लिए उपजाऊ मिट्टी जिसकी पी एच 6.5-8.5 हो, और जल जमाव वाली मिट्टी उपयुक्त होती है अंगूर की खेती के लिए, अच्छी तरह से तैयार ज़मीन की आवश्यकता होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक ट्रैक्टर से 3-4 गहरी जोताई करें और हैरो से 3 जोताई करें तैयार की गई जड की कटिंग की रोपाई दिसंबर से जनवरी महीने में की जाती है निफिन विधि द्वारा 3x3 मीटर फासले का प्रयोग करें और आरबोर विधि से 5x3 मीटर फासले का प्रयोग करें Anab-e-Shahi किस्म के लिए 6x3 मीटर फासले का प्रयोग करें कटिंग को 1 मीटर की गहराई पर रोपित करें जोताई के बाद, मार्च के पहले पखवाड़े में नदीनों के अंकुरण से पहले स्टांप 800 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें और फिर ग्रामोक्सोन 24 WCS या ग्लाइसेल 41 एस सल (ग्लाईफोसेट) 1.6 लीटर को 150 लीटर पानी में मिलाकर, नदीनों के अंकुरण के बाद जब नदीन 15-20 सैं.मी. कद प्राप्त कर लें, तब स्प्रे करें
kadaknath poultry kholn da ki benefit hai kina khrcha aunda hai ?
(pb)
Punjab
ਕੜਕਨਾਥ ਮੱਧ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਦੀ ਪਿਓਰ ਨਸਲ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਚਮੜੀ ਕਾਲੀ ਚਮਕੀਲੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਕਲਗੀ ਵੀ ਕਾਲੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਇਸਦੀ ਚੁੰਝ ਤੇ ਜੀਭ ਵੀ ਕਾਲੇ ਰੰਗ ਦੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਅੰਡੇ ਦੇਸੀ ਅੰਡਿਆ ਦੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਤੇ ਖੂਨ ਲਾਲ ਨਾਲੋਂ ਥੋੜਾ ਗੂੜਾ ਲਾਲ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਅੰਡੇ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰੋਟੀਨ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਜਿਆਦਾ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਫੈਟ ਬਿਲਕੁੱਲ ਘੱਟ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਸੂਗਰ ਦੇ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਲਈ ਵੀ ਇਹ ਫਾਇਦੇਮੰਦ ਹਨ ਇਸ ਦੇ ਚਿਕਨ ਦਾ 800 ਰੁਪਏ ਕਿਲੋ ਤੱਕ ਰੇਟ ਹੈ ਤੇ ਛੋਟੇ ਬੱਚੇ ਜੇਕਰ ਮੱਧ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਤੋਂ ਮਗਵਾਉਂਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਪ੍ਰਤੀ ਬੱਚਾ 90-100 ਰੁਪਏ ਤੁਹਾਨੂੰ ਮਿਲੇਗਾ ਇਸ ਦਾ ਅੰਡਾ 45-50 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਅੰਡਾ ਸੇਲ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ 3 ਮਹੀਨੇ ਤੱਕ ਇੱਕ ਬੱਚੇ ਦੇ ਪਾਲਣ ਤੇ ਖਰਚਾ 150 ਰੁਪਏ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਤੇ ਜਦੋਂ ਚੂਚੇ ਵੱਡੇ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਤਾਂ 1500 ਰੁਪਏ ਆਮਦਨ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਨੂੰ ਫੀਡ ਨਾਰਮਲ ਬਰੈਲਰ ਵਾਲੀ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਾਂ ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਪਾਲਕ ਵੀ ਖਵਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਆਇਰਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜੋ ਇਸ ਲਈ ਫਾਇਦੇਮੰਦ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਕੜਕਨਾਥ ਮੁਰਗੀ ਸਾਲ ਵਿਚ 120-130 ਅੰਡੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ, ਕੜਕਨਾਥ ਦੇ ਅੰਡੇ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ ਨਾਲ Hardeep Singh 9781589637 ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਕੜਕਨਾਥ ਦੀ ਕੰਟਰੈਕਟ ਫਾਰਮਿੰਗ ਲਈ ਤੁਸੀ Sumit Jandar 8275592788 ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
मशरूम की खेती कैसे करें ?
(hn)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप Mr. jai 8882876224 जी से संपर्क कर सकते है
मोती की खेती करने के लिए कितनी जगह चाहिए कितना खर्चा होगा इसके लिए सामग्री कहां से उपलब्ध होगी इसकी जानकारी दें ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारीऔर इस की ट्रेनिंग के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से सम्पर्क करे
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारीऔर इस की ट्रेनिंग के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से सम्पर्क करे
khumba hun ug ni rahiya color v change ho jo nikliya c sir ki problem aa ohna nu ?
(pb)
Manjit Singh g kirpa kr ke khumba di photo bhejo tan jo tuhanu dekh ke iss di janakri ditti ja ske..
Punjab
sir chek karo photo
Punjab
dekho sir
Punjab
99144 90142 num sir mera
Punjab
sir dso v koi anser devo wait kari janda
sir sugarcane nu beejan samae kehri khad kinni matra vich pai jawe ?
(pb)
Haryana
ਫ਼ਸਲ ਬੀਜਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚਲੇ ਤੱਤਾਂ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕਰਵਾਉਣੀ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ, ਤਾਂ ਕਿ ਖਾਦਾਂ ਦੀ ਸਹੀ ਲੋੜ ਨੂੰ ਸਮਝਿਆਂ ਜਾ ਸਕੇ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ 8 ਟਨ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਮਿਲਾਓ ਜਾਂ ਵਰਮੀਕੰਪੋਸਟ+ਰੈਲੀਗੋਲਡ 8-10 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਜਾਂ ਜੀਵਾਣੂ ਖਾਦ(PSB) 5-10 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਸਮੇਂ 66 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਕਰੋ ਯੂਰੀਆ ਦਾ ਦੂਜਾ ਹਿੱਸਾ 66 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੂਜੇ ਪਾਣੀ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਾਓ ਅਤੇ ਯੂਰੀਆ ਦਾ ਤੀਸਰਾ ਹਿੱਸਾ 66 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਚੌਥੇ ਪਾਣੀ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਾਓ
sir sab toh vdiaa rotavator kehdi company da ?
(pb)
Punjab
jai singh ji dashmesh amargarh de rotavator v vadiya hunde hun ji. tusi 9872028219 number te kuldeep singh ji nal gal karo baki eh tohanu guide kar denge.
Punjab
shaktiman te dasmesh.
ਮੱਕੀ ਚਾਰੇ ਲਈ ਬੀਜੀ ਉਗ ਕੇ ਤਿੰਨ ਪੱਤੀ ਹੋ ਗਈ ਏ ਕੀ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਏ ਅੱਗੇ ?
(pb)
iss nu 20-25kg urea prati acre de hisaab nal shitta de ke khet de vich pani lgaa deo...
i want to know about pearl cultivaton ?
(en)
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से सम्पर्क करे
dermiani zameen vich kehda jhona Vadia rahu ?
(pb)
jekar vaahn darmiana hai tan pr 118, 27p31 , 2 lakh 12 vargia kisma kaamjaab hnn..
majh nu makhi bahut lag di a ji koi hal howe dso g ?
(pb)
Punjab
ਮੱਖੀਆਂ ਦੇ ਲਈ Butox 15ml ਲਉ ਤੇ 2ml /1 litter ਪਾਣੀ ਚ ਪਾਉ ਤੇ ਪਸ਼ੂ ਤੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰੋ.
sir sadi cow 1 month tika lage nu oh tara kardi a har roj ki problem hai ?
(en)
Punjab
tuci iss nu Calcimust gel liquid 300ml rojana ate 3 din deo , isde nal tuci Gestaprojen powder 50gm rojana deo ate iss powder nu 20 din tak dinde rho , jekar ohh dubara heat vich aaundi ha tan tuci dubara swal paa skde ho.
Os nu Uterine infection ho gea he es lai osnu Injection xnel 1gm Injection Ergovet 10ml rojana 3 din lwao nall Liquid Utrigard IU 4gm 3 din tak bachedani ch bahro ji
ਐੱਚ ਐਫ ਗਾਂ ਨੂੰ ਸੂਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਮੋਕ ਲੱਗਨ ਦਾ ਕਾਰਣ ?
(pb)
Liver da acidic hon kran soon wale passu mook lag jandi he jo mithasoda de 2 chamach nall theek v ho jandi hai.
Sir Kanak te folicur & actara di Spray 25 feb nu kita c , Hun koi bimari Nahi hai. Hun tilt de spray Karan de jaroorat hai ke nahi ?
(en)
Punjab
Harman brar g folicur v kank vich fungus nu control krn lyi use hunda hai. Jekar khet vich hun koi v disease da attack nhi hai tn tilt da spray krn di lod nhi g.jekar peeli kungi da attack hai tan fir Tilt @200 ml per acre da spray kr skde ho.
क्या असम का जलवायु शिमला मिर्च की खेती के लिए उपयुक्त है ?
(hn)
Maharashtra
रमेश उपाध्याय जी शिमला मिर्च के लिए 18-35° सै. मिट्टी का तापमान होना आवश्यक है इसके अच्छे विकास के लिए विभिन्न प्रकार की चिकनी से दोमट मिट्टी में इसकी खेती करें यह कुछ हद तक तेज़ाबी मिट्टी में उगाई जा सकती है यह रेतली दोमट मिट्टी और पानी के अच्छे निकास में बढ़िया परिणाम देती है शिमला मिर्च की खेती के लिए मिट्टी का pH 6-7 होना चाहिए, असाम में काली मिर्च की खेती की जाती है धन्यवाद
ਸਭ ਤੋਂ ਵਧੀਆ ਮੱਛੀ ਕਿਹੜੀ ਆ ਤੇ ਇਸਦਾ ਕੀ ਰੇਟ ਆ ਇੱਕ ਕਿੱਲੋ ਦਾ ਸਾਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਉ ?
(en)
ਸਭ ਤੋਂ ਵਧੀਆ ਮੱਛੀ ਸਿੰਗੀ ਨਸਲ ਦੀ ਹੈ ਜੀ ਜੋ ਕਿ ਲਗਭਗ 600 ਰੁਪਏ ਕਿੱਲੋ ਤੱਕ ਵਿੱਕ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
kithe vech sakde a apa ohnu?
sir g kank ton vdh kehdi makki theek rhu silage lyi nd time kina lave ge ?
(pb)
Punjab
Makki diya varieties:- PMH 1,PMH 2, Prabhat and kesri di beejayi kank to baad kr skde ho.Ehna di beejayi May de last week to June tkk kr skde ho.
Punjab
sir kinay time ch silage lee teyr hou