Punjab
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ganne ki growth ke liye kiya kare ?
(hn)
Vinod ji pehle aap btaye ke aapne ganne ki growth ke liye kya kya khet men daala hai taki aapko uske hisab se iske bare men poori jankari di ja sake.dhanwyad
resham ka prayog karna chahiye ?
(hn)
Punjab
Govind ji kripya aap apna swal vistar se pooche ke aap kya jankari lena chahte hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
kapas ?
(hn)
Punjab
Govind ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanwyad
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ, ਪਸ਼ੂਆਂ ਲਈ ਅਚਾਰ ਕਿਥੋਂ ਮਿਲੇਗਾ ਸਰ ਜਗਾ ਮਲੇਰਕੋਟਲਾ ਸੰਪਰਕ no. ਭੇਜੋ ?
(pb)
Punjab
Gurdeep Singh ji Silage khreedan lai tusi Sandeep Gupta 9872016116 nal samparak kar sakde ho.
paneeri aa jhone di, ohnu jldi vdhn lyi ki pea jawe, eh vdh ni rahi ?
(pb)
Jekar paneeri di beejayi nu 15-17 din ho gye han tn ess vich urea @3 kg per kanal de hisab nal pao jiss nal growth hovegi.
mujhe sabhi prakar ki jaivik banane ka tarika batayen ?
(en)
Punjab
Shailendra ji jaivik khaad bnane ke kayi tareeke hai aur kayi trah ki khaad hai kripya aap btaye ke aap konsi khaad banane ke tareeke ke bare men jankari lena chahte hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
new Holland 3630 ?
(pb)
Punjab
Ravinder ji kirpa karke apna swal vistar nal pucho tajo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
kille nu kina beej ?
(pb)
Punjab
Mandeep ji kirpa karke daso ke kehdi fasl di bijai karna chahunde ho ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
1509 di ki market rahu jrur dsseo ?
(pb)
Hardeep singh g Basmati 1509 da hle koi rate fix tn nhi hoya bt esde rate da anumaan vdia lgaya ja rha hai.
1509 da ki rate rahu ?
(pb)
Punjab
Hardep ji isda rate sarkar valo hi teh kita janda hai.is bare hale kuch v keha nahi ja sakda.dhanwad
ਸਰ ਨਰਮੇ ਵਿੱਚ 12.32.16 ਦਾ ਕੀ ਨਤੀਜਾ ?
(pb)
Punjab
Satpal ji 12:32:16 phosphorus tat di tra kam karda hai.isdi matra 40-50 killo prati acre de hisab nal varti jandi hai. dhanwad
केसर की खेती कैसे की जाती है ?
(hn)
Punjab
असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही सो सकता है, यह कुम्स है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं है तो तो आप अमृतपाल सिंह बराड़ प्रोफेसर, पीएयू लुधियाना इस वीडियो संबंधी विचार पड़ सकते हैं, यह फसल केसर की नहीं है, यह फसल कसुंबडे की है, इसे अंग्रेजी में Safflower कहते है, और विज्ञानं में इसे Carthamus tinctorius कहते है
hlo sir goat farming training kab start ho rai a ?
(pb)
Punjab
ਤੁਸੀ ਬੱਕਰੀਆ ਫਾਰਮ ਬਣਾਉਣਾ ਹੈ ਤਾਂ ਬਹੁਤ ਵਧੀਆ ਸੋਚ ਹੈ ਜੀ ਤੁਸੀ ਬੀਟਲ ਨਸਲ ਰੱਖੋ ਇਹ ਦੁੱਧ ਤੇ ਮੀਟ ਦੋਨਾਂ ਲਈ ਫਾਇਦੇਮੰਦ ਹੈ ਬਾਕੀ ਜਿਵੇ ਤੁਸੀ ਇਸ ਕਿੱਤੇ ਵਿੱਚ ਆਜੋਗੇ ਉਸ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਤੁਹਾਡੇ ਲਿਂਕ ਬਣਣੇ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਣਗੇ ਬਾਕੀ ਮਾਰਕੀਟਿੰਗ ਇਸ ਗੱਲ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਹੈ ਕਿ ਤੁਹਾਡੇ ਲੋਕਾ ਨਾਲ ਲਿੰਕ ਕਿਵੇ ਦੇ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਦੁੱਧ ਗਾਂ ਦੇ ਰੇਟ ਦੇ ਬਰਾਬਰ ਵਿਕ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤੇ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਫਾਰਮ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਬੱਚੇ ਵਗੈਰਾ ਵੀ ਸੇਲ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਕੁੱਲ ਮਿਲਾ ਕੇ ਜੇਕਰ ਮੋਟਾ ਜਿਹਾ ਹਿਸਾਬ ਲਗਾਉਣਾ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਇੱਕ ਬੱਕਰੀ ਤੋਂ ਸਾਲ ਵਿੱਚ ਲੱਗਭੱਗ 20000 ਤੱਕ ਕਮਾਈ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਇਹ ਵੀ ਸਲਾਹ ਹੈ ਤੁਸੀ ਇੱਕ ਵਾਰ ਆਪਣੇ ਨੇੜੇ ਤੋਂ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਜਰੂਰ ਲਵੋ ਤੇ ਸਫਲ ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਕਾਂ ਦੇ ਫਾਰਮ ਜਰੂਰ ਦੇਖੋ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਪ੍ਰੋਗੈਸਿਵ ਬੱਕਰੀ ਫਾਰਮਰ ਐਸੋਸੀਏਸ਼ਨ ਦੀ ਮੀਟਿੰਗ ਜੋ ਕਿ ਮਹੀਂਨੇ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਸ਼ੁੱਕਰਵਾਰ ਨੂੰ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੈਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੇ ਕਿਸਾਨ ਹੋਸਟਲ ਵਿੱਚ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਉੱਥੇ ਜਾ ਕੇ ਸਫਲ ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਕਾ ਨੂੰ ਮਿਲੋ ਇਸ ਮੀਟਿੰਗ ਵਿੱਚ ਜਾਣ ਲਈ ਤੁਸੀ ਪ੍ਰੋਗੈਸਿਵ ਬੱਕਰੀ ਫਾਰਮਰ ਐਸੋਸੀਏਸ਼ਨ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਜਗਰਾਜ਼ ਸਿੰਘ ਨਾਲ 9023441504 ਤੇ ਗੱਲ ਕਰ ਲਵੋ ਉਹਨਾਂ ਨਾਲ ਪੂਰੇ ਪੰਜਾਬ ਤੋਂ ਬੱਕਰੀ ਫਾਰਮਰ ਜੁੜੈ ਹਨ
Thanks sir
दो मट मिट्टी में कौन सा धान लगाया जाए ज्यादा पैदावार के लिए कृपया सुझाव दें ?
(hn)
Maharashtra
आप धान की किस्मे जैसे Jaya: यह छोटे कद की और अधिक उपज देने वाली किस्म गर्दन तोड़ के प्रतिरोधक है यह किस्म 142 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने बड़े और लंबे होते हैं इसकी औसतन पैदावार 26 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Chakia 59: यह किस्म कम जल जमाव वाले हालातों में उगाने के लिए उपयुक्त है Govind: यह किस्म पंतनगर द्वारा विकसित की गई है यह किस्म 105 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है Indrasan: यह तराई क्षेत्रों की प्रसिद्ध किस्म है Mahsud: यह किस्म निचले क्षेत्रों में बारानी स्थितियों में उगाने के लिए उपयुक्त है Majhera 3: यह लंबी किस्म सूखे को सहनेयोग्य है और ऊंचे क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है Nagina 22: यह ऊंचे क्षेत्रों में बारानी हालातों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसके दाने छोटे और मोटे होते हैं Narendra-1 and Narendra-2: यह किस्म 105 और 115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है Pant Dhan 6: यह किस्म निम्न और मध्यम ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में रोपाई के लिए उपयुक्त है Saket 4: यह अगेते समय की किस्म है और 115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह यू पी की सबसे प्रसिद्ध किस्म है T9: यह देरी से बोयी जाने वाली सुगंधित किस्म है इसके दाने बेलनाकार होते हैं VL Dhan 16: यह निम्न और मध्यम क्षेत्रों में रोपाई के लिए उपयुक्त किस्म है VL 206: यह लंबी किस्म निम्न और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है Usar 1: यह किस्म कानपुर में विकसित की गई यह क्षारीय और लवणीय मिट्टी में खेती करने के लिए उपयुक्त है
केसर ?
(hn)
Punjab
असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही सो सकता है, यह कुम्स है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं है तो तो आप अमृतपाल सिंह बराड़ प्रोफेसर, पीएयू लुधियाना इस वीडियो संबंधी विचार पड़ सकते हैं, यह फसल केसर की नहीं है, यह फसल कसुंबडे की है, इसे अंग्रेजी में Safflower कहते है, और विज्ञानं में इसे Carthamus tinctorius कहते है
kesar ki kheti kaise kre ?
(hn)
Punjab
Paras g Kesar ki Kheti Kewal Kashmir me hoti hai.
Punjab
असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही सो सकता है, यह कुम्स है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं है तो तो आप अमृतपाल सिंह बराड़ प्रोफेसर, पीएयू लुधियाना इस वीडियो संबंधी विचार पड़ सकते हैं, यह फसल केसर की नहीं है, यह फसल कसुंबडे की है, इसे अंग्रेजी में Safflower कहते है, और विज्ञानं में इसे Carthamus tinctorius कहते है
ਸਰ, ਇਸ ਦਾ ਕੀ ਕੰਮ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਿਵੇਂ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ?
(pb)
Maharashtra
ਇਸਦਾ ਰਿਜਲਟ ਵਧਿਆ ਹੈ ਜੀ. 5ml APSA-80 ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਰਲਾ ਕੇ ਅਤੇ ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਕੀਟਨਾਸ਼ਕ/ ਫ਼ੰਗਸਨਾਸ਼ੀ ਨੂੰ ਇਸ ਵਿੱਚ ਰਲਾ ਕੇ ਸਪ੍ਰੇ ਕਰੋ.
Punjab
Eh sticker hunda kise v dwai ch mix kr skde o.
kesar ki kheti ke bare me ?
(hn)
Punjab
असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही सो सकता है, यह कुम्स है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं है तो तो आप अमृतपाल सिंह बराड़ प्रोफेसर, पीएयू लुधियाना इस वीडियो संबंधी विचार पड़ सकते हैं, यह फसल केसर की नहीं है, यह फसल कसुंबडे की है, इसे अंग्रेजी में Safflower कहते है, और विज्ञानं में इसे Carthamus tinctorius कहते है
sir jhone di paneeri nu khatti lassi di sprey kr skde aa te kinni matra ch kr skde aa ?
(en)
Maharashtra
Pawan ji tuc jhone di paniri nu khatti lassi di spray kar sakde ho jado paniri 15 din to vadhi to jaye isdi matra 3ml prtai liter pani de hsiab nal spray karo. dhanwad
ਇਕ ਏਕੜ ਚ ਕਣਕ ਦਾ ਕਿੰਨਾ ਬੀਜ ਪਓਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ?
(pb)
Maharashtra
ਬੀਜ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 45 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਮਾਤਰਾ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਬੀਜ ਸਾਫ ਅਤੇ ਵਧੀਆ ਹੋਣੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ
Punjab
40 ton 50kg
Punjab
thxx
मुझे खेत में बेर लगाने है सही सुझाव दे ?
(hn)
Punjab
इसे ज्यादा और कम गहरी वाली मिट्टी के इलावा रेतली और चिकनी मिट्टी में भी उगाया जा सकता है इसकी खेती बंजर और बारानी इलाकों में की जा सकती है इसकी खेती लवण वाली, खारी और दलदली मिट्टी में भी की जा सकती है इसकी अच्छी पैदावार के लिए पानी को सोखने में सक्षम रेतली मिट्टी, जिस में पानी के निकास का अनुकूल प्रबंध हो , ठीक रहती है अगेती बोने वाली किस्में Gola: उच्च उपज और जल्दी पकने वाली यह किस्म सूखे क्षेत्रों के लिए अनुकूल है इसके फल गोल, हरे पीले रंग के होते हैं इसके फल जनवरी के पहले सप्ताह में पक जाते हैं दरमियानी पकने वाली किस्में Seb: इसके फल का औसतन भार 14 ग्राम होता है इसकी औसतन पैदावार 80 किलो प्रति वृक्ष होती है इसमें 20.7 प्रतिशत घुलनशील ठोस, 85 ग्राम प्रति 100 ग्राम विटामिन सी और 44 प्रतिशत तेजाब की मात्रा होती है इसके फल जनवरी के पहले सप्ताह में पक जाते हैं Mundia: इसके फल घंटी के आकार के फल होते हैं जो कि पकने पर पीले रंग के हो जाते हैं इनमें घुलनशील ठोस की मात्रा 18.5 प्रतिशत, विटामिन सी 90.7 मि.ग्राम प्रति 100 ग्राम और तेजाब की मात्रा 29 प्रतिशत होती है इसकी औसतन पैदावार 125 किलो प्रति वृक्ष होती है यह आमतौर पर कलमों और टहनियों के द्वारा लगाया जाता है कत्था बेर आमतौर पर जड़ों के लिए प्रयोग किया जाता है बेर के बीजों को 17-18 प्रतिशत नमक के घोल में 24 घंटों के लिए भिगो कर रखें फिर अप्रैल के महीने नर्सरी में बिजाई करें पंक्ति से पंक्ति का फासला 15 सैं.मी. और पौधे से पौधे का फासला 30 सैं.मी होना चाहिए 3 से 4 सप्ताह बाद बीज अंकुरन होना शुरू हो जाता है और पौधा अगस्त महीने में कलम लगाने के लिए तैयार हो जाता है टी के आकार में काटकर जून-सितंबर महीने में इसे लगाना चाहिए इसका खेत में रोपण फरवरी-मार्च या अगस्त-सितंबर महीने में किया जाता है खेत में रोपण करने से पहले पौधों के पत्ते काट लें पौधे लगाने के लिए 7.5x7.5 मीटर का फासला रखें पौधे लगाने से पहले 60x60x60 सैं.मी. के गड्ढे खोदें और 15 दिनों के लिए धूप में खुले छोड़ दें इसके बाद इन गड्ढों को मिट्टी और गोबर से भर दें इसके बाद पौधों को इन गड्ढों में लगा दें हर साल पूरी तरह पौधे की कटाई और छंटाई जरूरी होती है यह नर्सरी के समय शुरू होती है ध्यान रखें कि नर्सरी में एक तने वाला पौधा हो खेत में रोपण के समय पौधे का ऊपर वाला सिरा साफ हो और 30-45 सैं.मी. लंबी 4-5 मजबूत टहनियां हों पौधे की टहनियों की कटाई करें ताकि टहनियां धरती पर ना फैल सकें पौधे की सूखी, टूटी हुई और बीमारी वाली टहनियों को काट दें मई के दूसरे पखवाड़े में पौधे की छंटाई करें जब पौधा ना बढ़ रहा हो एक वर्ष की फसल के लिए 10 किलोग्राम गाय का गला हुआ गोबर यूरिया 220 ग्राम के साथ प्रति वृक्ष में डालें दो वर्ष की फसल के लिए 20 किलोग्राम गाय का गला हुआ गोबर यूरिया 440 ग्राम के साथ प्रति वृक्ष में डालें तीन वर्ष की फसल के लिए 20 किलोग्राम गाय का गला हुआ गोबर यूरिया 1100 ग्राम के साथ प्रति वृक्ष में डालें चार वर्ष की फसल के लिए 25 किलोग्राम गाय का गला हुआ गोबर यूरिया 1200 ग्राम के साथ प्रति वृक्ष में डालें पांच वर्ष की फसल के लिए 30 किलोग्राम गाय का गला हुआ गोबर यूरिया 1200 ग्राम के साथ प्रति वृक्ष में डालें मई के महीने में गाय के गोबर की पूरी मात्रा डाल दें यूरिया को दो भागों में बांटे पहला भाग जुलाई-अगस्त के महीने में और दूसरा भाग फलों के निकलने के समय में डालें अगस्त महीने के पहले पखवाड़े की शुरूआत में 1.2 किलोग्राम डयूरॉन नदीननाशक प्रति एकड़ के हिसाब से छिड़काव करना चाहिए उपरोक्त नदीन नाशक का प्रयोग नदीनों के पैदा होने से पहले करना चाहिए नदीनों के पैदा हो जाने की सूरत में जब यह 15 से 20 सैं.मी. तक लंबे हो जायें तो इनकी रोकथाम के लिए 1.2 लीटर गलाईफोसेट या 1.2 लीटर पैराकुएट का प्रति 200 लीटर पानी में घोल तैयार करके प्रति एकड़ के हिसाब से छिड़काव करना चाहिए आमतौर पर लगाएं पौधों को जल्दी सिंचाई की जरूरत नहीं होती पौधा शुरूआती समय में होता है तो इसे ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती फल बनने के समय पानी की जरूरत होती है इस पड़ाव के समय तीन से चार सप्ताह के फासले पर मौसम के हिसाब से पानी देते रहें मार्च के दूसरे पखवाड़े में सिंचाई बंद कर दें
sir ji maine puchha tha ki nepier super grass ka beej mahendra garh ( Hr) me kahan milega. aap ne koi javab nahi diya ?
(hn)
Punjab
Rajnesh ji Mahenderghar (HR) me aap napier super Grass lga sakte hai is ke bare me puri jankari or seed lene ke liye aap R K Singh 9888413150 se samparak kar sakte hai. Thank you.
seed paddy ?
(hn)
Punjab
Shashi ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori janakri di ja sake.dhanywad
Hybrid illahabadi amrood di pic mein bheji he dusra phal he amrood kale hoke dig rhe hn koi hll deo ?
(en)
Punjab
Harjit ji eh fungus de karn ho rahe han isdi roktham de layi tuc Copper oxychloride@3gm nu prati liter pani de hisab nal spray karo.dhanwad
..?
(en)
Punjab
Harjit ji kirpa karke audio dubara bhejo tuhade valo bheji audio vich kuch sunayi nahi de reha hai tajo tuhanu is bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Mere Ghar illahabadi hybrid amrood lga hai ?
(en)
Punjab
Harjit ji kirpa karke apna swal vistar nal pucho ta jo tuhanu osde hisab nal jankari diti ja sake.dhanwad
ਮਿਰਚ nu ਫਲ ਘੱਟ ਹੈ. ਕੋਈ ਹੱਲ ਦਸੋ ਜੀ ?
(pb)
Punjab
ਕੁਲਵਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ ਉਪਰ NPK 191919 ਇਕ ਕਿੱਲੋ ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
सर हमारे खेत में दो किलो में नुनी हो गई है। क्या समाधान करे ?
(hn)
Punjab
बलजीत जी कृपया आप इसकी फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Haryana
sir उन किला में कुछ कोनी होंदा । धान भी नहीं होए। हमने जिप्सम का भी उपयोग किया था पर कुछ कोनी होया।
organic farming kran wale farmar da Mob no. send kro ?
(pb)
Punjab
Amarjeet ji kripa karke daso tuc kehdi fasal di organic kheti karni hai ta jo tuhanu osde hisab nal jankari diti ja sake.dhanwad
Basmati 1718 & pashu chara
Sir hari khaad te sundi pe gai hai ki ilaaj kita jave ji ?
(en)
Punjab
Es vich soondi di roktham lyi Fame @30 ml per acre da spray kr skde ho g..
beej Amrit kis tra tiyar kita janda hai ?
(pb)
Rajasthan
ਜੀਵ ਅੰਮ੍ਰਿਤ ਬਣਾਉਣ ਦਾ ਅਸਾਨ ਤਰੀਕਾ ਜੀਵ ਅੰਮ੍ਰਿਤ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਜਰੂਰੀ ਚੀਜ਼ਾਂ: 1. ਪਲਾਸਟਿਕ ਦਾ ਇੱਕ ਵੱਡਾ 200 ਲੀਟਰ ਦਾ ਡਰੰਮ (ਡਰੰਮ ਲੋਹੇ ਦਾ ਨਹੀਂ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ) 2. 10 ਕਿਲੋ ਗੋਹਾ (ਗਾਂ ਜਾਂ ਮੱਝ ਦਾ ਪੁਰਾਣਾ ਗੋਬਰ) 3. 10 ਲੀਟਰ ਪਿਸ਼ਾਬ ( ਗਾਂ, ਬਲਦ ਜਾਂ ਮੱਝ ਦਾ) 4. 1 ਕਿਲੋ ਗੁੜ (ਪੁਰਾਣਾ ਜਾਂ ਖਰਾਬ ਅਤੇ ਬਰੀਕ ਕੀਤਾ ਹੋਇਆ ਜੋ ਕਿ ਅਸਾਨੀ ਨਾਲ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੁਲਣਸ਼ੀਲ ਹੋਵੇ) 5. 1 ਕਿਲੋ ਪੀਸੀ ਹੋਈ ਦਾਲ (ਬੇਸਣ, ਮਾਂਹ, ਮਸਰ) 6. 1 ਕਿਲੋ ਪੁਰਾਣੀ ਮਿੱਟੀ ਜੋ ਕਿ ਪਿੱਪਲ ਜਾ ਬੋਹੜ ਦੇ ਹੇਠੋ ਇਕੱਠੀ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੋਵੇ ਜੀਵ ਅੰਮ੍ਰਿਤ ਬਣਾਉਣ ਦੀ ਵਿਧੀ: ਇਹਨਾਂ ਸਭ ਚੀਜ਼ਾਂ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਆਪਸ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾਓ ਅਤੇ ਡਰੰਮ ਵਿੱਚ ਪਾ ਦਿਓ ਇਸ ਡਰੰਮ ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਨਾਲ ਭਰ ਦਿਓ ਇਸ ਡਰੰਮ ਦਾ 1/4 ਹਿੱਸਾ ਖਾਲੀ ਛੱਡ ਦਿਓ ਇਹ 1/4 ਹਿੱਸਾ ਖਾਲੀ ਛੱਡਣ ਨਾਲ ਉਬਾਲਾ ਮਾਰਨ ਦਾ ਖਤਰਾ ਘੱਟ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਸ ਘੋਲ ਨੂੰ ਛਾਂਵੇ ਰੱਖੋ ਅਤੇ ਦਿਨ ਵਿੱਚ ਦੋ ਵਾਰ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਡੰਡੇ ਨਾਲ ਹਿਲਾਓ ਤਾਂ ਕਿ ਡਰੰਮ ਵਿੱਚਲੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਘੁਲ ਜਾਵੇ ਇਸ ਨੂੰ ਗਰਮੀਆਂ ਵਿੱਚ 48 ਘੰਟਿਆਂ ਲਈ ਅਤੇ ਸਰਦੀਆਂ ਵਿੱਚ 72 ਘੰਟਿਆਂ ਲਈ ਛਾਂਵੇਂ ਰੱਖੋ ਇਸ ਡਰੰਮ ਨੂੰ ਬੋਰੀ ਨਾਲ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਢੱਕ ਕੇ ਰੱਖੋ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਇੱਕ ਏਕੜ ਦਾ ਜੀਵ ਅੰਮ੍ਰਿਤ 2-4 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਜੀਵ ਅੰਮ੍ਰਿਤ ਵਰਤਣ ਦੀ ਵਿਧੀ: ਜੇਕਰ ਤੁਸੀਂ ਖੇਤ ਦੀ ਸਿੰਚਾਈ ਆਮ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਕਰ ਰਹੇ ਹੋ ਤਾਂ ਇਸ ਘੋਲ ਨੂੰ ਟੂਟੀ ਰਾਹੀਂ ਜਾਂ ਕਿਸੇ ਬਰਤਨ ਨਾਲ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾਉਂਦੇ ਰਹੋ ਤਾਂ ਜੋ ਜੀਵ ਅੰਮ੍ਰਿਤ ਆਸਾਨੀ ਨਾਲ ਸਾਰੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਫੈਲ ਸਕੇ ਇਹ ਸਭ ਤੋਂ ਸਸਤੇ ਅਤੇ ਫਾਇਦੇਮੰਦ ਸੂਖਮ ਤੱਤ ਹਨ ਜੋ ਕਿ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ, ਕੈਲਸ਼ੀਅਮ ਵਰਗੇ ਤੱਤਾਂ ਦੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਪੂਰਤੀ ਕਰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਨੂੰ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 10-15 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਵਰਤ ਲੈਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਫਸਲ ਬੀਜਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਬੀਜ ਦਾ ਉਪਚਾਰ ਕਰਨਾ ਜਰੂਰੂ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਕਿਉਕਿ ਇਸ ਨਾਲ ਬੀਜ ਨੂੰ ਮਿੱਟੀ ਤੋਂ ਲੱਗਣ ਵਾਲੀਆਂ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਅਤੇ ਫੰਗਸ ਤੋਂ ਬਚਿਆਂ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਬੀਜ ਦੀ ਪੁੰਗਰਣ ਸ਼ਕਤੀ ਵੀ ਵੱਧ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਦੇਸੀ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਬੀਜ ਦੀ ਸੋਧ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਬੀਜ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਣੀ ਪਾਣੀ ਪਾਓ ਅਤੇ ਉਸ ਦੇ ਵਿੱਚ ਬੀਜ ਦੀ ਸੋਧ ਕਰਨ ਦੇ ਲਈ ਪਾਣੀ ਦੇ ਵਿੱਚ ਨਮਕ ਪਾਓੁਦੇ ਰਹੋ ਇਸ ਪਾਣੀ ਦੇ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਆਲੂ ਸੁੱਟ ਦਿਓ ਅਤੇ ਨਮਕ ਪਾਉਦੇ ਰਹੋ ਉਸ ਸਮੇਂ ਤੱਕ ਨਮਕ ਪਾਉਦੇ ਰਹੋ ਜਦੋਂ ਤੱਕ ਪਾਣੀ ਦੇ ਉੱਪਰਲੀ ਪਰਤ ਤੇ ਆਲੂ ਤਰਨ ਨਾ ਲੱਗ ਜਾਵੇ ਉਦੋ ਤੱਕ ਪਾਣੀ ਦੇ ਵਿੱਚ ਨਮਕ ਮਿਲਾਉਦੇ ਰਹੋ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇਸ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਬੀਜ ਭਿਓ ਦਿਓ ਤੇ ਬਾਅਦ ਵਿੱਚ ਛਾਵੇ ਰੱਖ ਲਵੋ ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਜੀਵ ਅੰਮ੍ਰਿਤ ਦਾ ਬੀਜ ਦੇ ੳੇੁੱਪਰ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਕੇ ਹੱਥਾਂ ਨਾਲ ਨਰਮ ਨਰਮ ਮਲ ਦਿਓ ਅਤੇ ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਖੇਤ ਦੇ ਵਿੱਚ ਬਿਜਾਈ ਕਰੋ ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਸਮੇਂ ਬੀਜ ਦੇ ਵਿੱਚ ਹਲਕੀ ਨਮੀ ਜਰੂਰ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ Iਇਸ ਨਾਲ ਬੀਜ ਜਲਦੀ ਪੁੰਗਰਦਾ ਹੈ
ਕਣਕ ਦੀ ਫਸਲ ਕਦੋਂ ਲਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ?
(pb)
Maharashtra
ਕਣਕ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਸਹੀ ਸਮੇਂ ਤੇ ਕਰਨੀ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਪਿਛੇਤੀ ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਫਸਲ ਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਤੇ ਬੁਰਾ ਅਸਰ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਕਣਕ ਦੀ ਬਿਜਾਈ 25 ਅਕ੍ਤੂਬਰ ਤੋਂ ਨਵੰਬਰ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
Punjab
kanak di fasal beeji jandi aa Oct last ton dec tak te osnu cuttya janda aprial te may ch
sir g jhone nu zinc ate potash kini pauni chahidi aa jekar iffco da sagrika paya jave ta fir zinc , potash kina pauna chahida aa ?
(pb)
Punjab
Iffco da sagrika growth promoter hai jis vich gibberellic acid hunda hai esdi tuc spray kr skde ho g. Jhone vich potash @20 kg per acre pao g and zinc(33%) 16 kg per acre transplanting de time pa skde ho g.
suri kharish bht krdi aa jkm bna ledi aa 1 mhine bad suni aa koi hal dso ?
(pb)
sir makki de patte ho ke mch rahi hai 2 pani lga te is bimari da koi hal dsso ?
(pb)
Maharashtra
makhan ji yeh tatv ki kami hai agar aapne isme khaad nahi daali to aap isme DAP @27 kilo prati acre de hisab nal chitta deo.dhanwad
Punjab
DAP ki deficiency hai. DAP daalo ja Dr Dalal Ghol ki spray kro
Punjab
Thanks ji
Eh bimari ja rog da ki ilaj hai (makki ) please dsso ?
(pb)
Punjab
Makhan ji yeh tatv ki kami hai agar aapne isme khaad nahi daali to aap isme DAP @27 kilo prati acre de hisab nal chitta deo.dhanwad
Punjab
Npk di spray kro te oston baad 505 + 12+63 di spray kro thik ho jao
Punjab
Thanks ji.
. sir ji kr 212 da vich jhanda pata aa reha aa ji ?
(en)
Maharashtra
Jhone de vich jhanda rog da koi v pakka ilaaj nai hai..jdo v ihh rog aunda hai tan ohna paudya nu putt deo ate khet vicho baahr sutt deo...iss ton ilaavaa jdo v paneeri mukh khet vich lgaaunde ho tan uss nu BAVISTIN de ghol vich paneeri dia jdaa nu dubo k laao ...iss nal jhanda rog nu kuch hadd tak control kita ja skda hai....
Punjab
212 wich chanda patta nhi aunda tuhada beej mix hovega basmati naal.
ਅਸੀਂ 1 ਏਕੜ ਸਬਜ਼ੀ ਲਗਾਈ ਆ, ਸਬਜ਼ੀ ਉਪਰ ਹਰੀ ਸੁੰਡੀ ਦਾ ਹਮਲਾ ਹੋਇਆ ਆ। ਅਸੀਂ ਕਿਸ ਕੀਟ ਨਾਸ਼ਕ ਦੀ ਸਪਰੇ ਕਰੀਏ ?
(pb)
Punjab
ਅੰਮ੍ਰਿਤ ਜੀ ਤੁਸੀ ਸੁੰਡੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ quinalphos @4 ml ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Punjab
Indoxa kro ja fr adama plethora ja bayer fame
बेल के पौधे ?
(hn)
Punjab
विक्की जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
ਸਤਿ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਜੀ ਝੋਨੇ ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਨੂੰ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਕੋਈ ਸਪਰੇ ਜਾਂ ਖਾਦ ਦਸੋ ?
(pb)
Punjab
ਸ੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ ਝੋਨੇ ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਵਿੱਚ ਯੂਰੀਆ @3 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਕਨਾਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ ਜੀ ਜਿਸ ਨਾਲ ਆਪਣੇ ਆਪ ਹੀ ਪਨੀਰੀ ਗਰੋਥ ਕਰੇਗੀ
Dhaan ki kheti kaise Karen ?
(hn)
Haryana
इस फसल को मिट्टी की अलग अलग किस्मों, जिनमें पानी सोखने की क्षमता कम होती है और जिनकी पी एच 5.0 से 9.5 के बीच में होती है, में भी उगाया जा सकता है धान की पैदावार के लिए रेतली से लेकर गारी मिट्टी तक, और गारी से चिकनी मिट्टी जिसमें पानी को सोखने की क्षमता कम होती है इस फसल के लिए अच्छी मानी जाती है Jaya: यह छोटे कद की और अधिक उपज देने वाली किस्म गर्दन तोड़ के प्रतिरोधक है यह किस्म 142 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने बड़े और लंबे होते हैं इसकी औसतन पैदावार 26 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Chakia 59: यह किस्म कम जल जमाव वाले हालातों में उगाने के लिए उपयुक्त है Govind: यह किस्म पंतनगर द्वारा विकसित की गई है यह किस्म 105 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है Indrasan: यह तराई क्षेत्रों की प्रसिद्ध किस्म है Mahsud: यह किस्म निचले क्षेत्रों में बारानी स्थितियों में उगाने के लिए उपयुक्त है Majhera 3: यह लंबी किस्म सूखे को सहनेयोग्य है और ऊंचे क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है Nagina 22: यह ऊंचे क्षेत्रों में बारानी हालातों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसके दाने छोटे और मोटे होते हैंNarendra-1 and Narendra-2: यह किस्म 105 और 115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है Pant Dhan 6: यह किस्म निम्न और मध्यम ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में रोपाई के लिए उपयुक्त है Saket 4: यह अगेते समय की किस्म है और 115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह यू पी की सबसे प्रसिद्ध किस्म है T9: यह देरी से बोयी जाने वाली सुगंधित किस्म है इसके दाने बेलनाकार होते हैं VL Dhan 16: यह निम्न और मध्यम क्षेत्रों में रोपाई के लिए उपयुक्त किस्म है शुष्क खेतों को अच्छा बनाने, नदीन रहित और सेहतमंद वृद्धि के लिए ग्लाफोसेट डालनी चाहिए गेहूं की कटाई के बाद ज़मीन पर हरी खाद के तौर पर मई के पहले सप्ताह ढैंचा (बीज दर 20 किलोग्राम प्रति एकड़), या सन (बीज दर 20 किलोग्राम प्रति एकड़) या लोबीया (बीज दर 12 किलोग्राम प्रति एकड़) की बिजाई करनी चाहिए जब फसल 6 से 8 सप्ताह की हो जाए तो इसे खेत में कद्दू करने से एक दिन खेत में ही जोत देना चाहिए इस तरह प्रति एकड़ 25 किलो नाइट्रोजन खाद की बचत होती है भूमि को समतल करने के लिए लेज़र लेवलर का प्रयोग किया जाता है इसके बाद खेत में पानी खड़ा कर दें ताकि भूमि के अंदर ऊंचे नीचे स्थानों की पहचान हो सके इस तरह पानी के रसाव के कारण पानी की होने वाले बर्बादी को कम किया जा सके बिजाई का समय यू पी के सिंचित और निम्न बारानी क्षेत्रों में मध्य जून से शुरूआती जुलाई तक का समय उपयुक्त होता है बीज की गहराई:-पौधे की गहराई 2-3 सैं.मी. होनी चाहिए फासला बनाकर लगाने से पौधे ज्यादा पैदावार देते हैं एक एकड़ खेत में 6-8 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बिजाई से पहले 10 लीटर पानी में 20 ग्राम कार्बेनडाज़िम $ 1 ग्राम स्ट्रैप्टोसाईक्लिन घोल लें और इस घोल में बीजो को 8-10 घंटे तक भिगोयें उसके बाद बीजों को छांव में सुखाएं और फिर बिजाई के लिए प्रयोग करें फसल को जड़ गलन रोग से बचाने के लिए नीचे दिए गए फंगसनाशी का प्रयोग किया जा सकता है पहले रासायनिक फंगीनाशी का प्रयोग करें फिर बीजों का टराईकोडरमा के साथ उपचार करें वैट बैड नर्सरी : यह तकनीक उन क्षेत्रों में अपनाई जाती है जहां पर पानी ज्यादा मात्रा में पाया जाता है नर्सरी का 1/10 हिस्सा दूसरे खेत में लगाया जाता है इसकी बिजाई छींटे द्वारा की जाती है यहां पर खेत की जोताई और खेत को समतल किया जाता है बैडों पर कईं दिन तक नमी बनाए रखनी चाहिए पानी से खेत को ज्यादा ना भरें जब नर्सरी 2 सैं.मी. से वृद्धि कर जाए तब पानी को खेत में लगाते रहना चाहिए बिजाई के 15 दिन बाद 26 किलो यूरिया डालना चाहिए जब नर्सरी 25-30 सैं.मी. तक लंबी हो जाए तब उसे 15-21 दिन बाद दूसरे खेत में लगा देना चाहिए और खेत को लगातार पानी लगाते रहना चाहिए सूखे बैड वाली नर्सरी : यह तकनीक शुष्क क्षेत्रों में अपनाई जाती है जो बैड बनाया जाता है वो बिजाई वाले खेत का 1/10 हिस्से में बीज बोया जाता है बैड का आकार सीमित होना चाहिए और उसकी ऊंचाई 6-10 से.मी होनी चाहिए धान का आधा जला हुआ छिलका बैड पर बिखेर देना चाहिए इससे जड़ें मजबूत होती हैं सही समय पर सिंचाई करते रहना चाहिए और नमी बनाए रखना चाहिए ताकि नए पौधे नष्ट ना हों तत्वों की पूर्ति के लिए खाद डालना जरूरी है मॉडीफाईड मैट नर्सरी : यह नर्सरी लगाने का एक ऐसा तरीका है जिसमें कम जगह और कम बीजों की जरूरत होती है यह नर्सरी किसी भी जगह पर बनाई जा सकती हैं जहां पर समतल जगह हो और पानी की सुविधा हो इसकी पनीरी लगाने के लिए 1% खेत की जरूरत होती है 4 से.मी की सतह पर नए पौधे लगाए जाते हैं इसे बनाने के लिए 1 मीटर चौड़े और 20-30 मीटर लंबे जमीन के टुकड़े की जरूरत होती है इसके ऊपर बिछाने के लिए पॉलीथीन और केले के पत्तों की जरूरत होती है इसके इलावा एक लकड़ी का बकसा जो कि 4 से.मी गहरा होता हैं मिट्टी के मिश्रण से भरा होता है बीजों को इसके अंदर रख देना चाहिए और फिर बीजों को सूखी मिट्टी के साथ ढक देना चाहिए इसके बाद पानी का छिड़काव कर देना चाहिए लकड़ी के बक्से को नमी देते रहना चाहिए बिजाई से 11-14 दिनों के बाद पौध तैयार हो जाती है जब पौध तैयार हो जाती है तब मैट से पौध को दूसरे खेत में रोपण कर दिया जाता है फासला: पौधों का फासला 20x20 सैं.मी. या 25x25 सैं.मी. होना चाहिए पनीरी लगाने का ढंग 1. कद्दू करके लगाई जाने वाली पनीरी : आमतौर पर पंक्ति में लगाए जाने वाले पौधे 20x15 सैं.मी. दूरी पर लगाए जाते हैं और देरी से लगाई जाने वाली पनीरी 15x15 सैं.मी. पर लगाई जाती है नए पौधों की गहराई 2-3 सैं.मी. होनी चाहिए 2. बैड बनाकर लगाई जाने वाली पनीरी : यह बैड भारी ज़मीनों के लिए बनाए जाते हैं पनीरी लगाने से पहले खालियों में पानी लगाना चाहिए और फिर पनीरी को खेत में लगाना चाहिए पौधे से पौधे का फासला 9 सैं.मी. होना चाहिए 3. मशीनी ढंग से लगाई जाने वाली पनीरी : मैट पनीरी के लिए मशीनों का प्रयोग किया जाता है यह मशीन 30x12 सैं.मी. के फासले पर पनीरी लगानी चाहिए सिंचित और कम बारानी वाले क्षेत्रों के लिए लगभग 41-50 किलो नाइट्रोजन (यूरिया 90-110 किलो), 30 किलो फासफोरस (एस एस पी 190 किलो) और 27 किलो पोटाश (म्यूरेट ऑफ पोटाश 45 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा रोपाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर, नाइट्रोजन का 1/4 हिस्सा शाखाएं निकलने के समय और 1/4 हिस्सा बालियां निकलने के समय डालें जल जमाव वाले क्षेत्रों में नाइट्रोजन 30-41 किलो (यूरिया 65-90 किलो) प्रति एकड़ में शुरूआती खुराक के तौर पर डालें कम बारानी क्षेत्रों के लिए नाइट्रोजन 23-32 किलो (यूरिया 52-70 किलो) और फासफोरस 16 किलो (एस एस पी 100 किलो) प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस की पूरी मात्रा रोपाई से पहले और बाकी बची नाइट्रोजन बालियां निकलने के समय डालें ऊंचे क्षेत्रों के लिए नाइट्रोजन 23 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो) और पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के तीन सप्ताह बाद डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटे पहले भाग को बिजाई के 6 सप्ताह बाद और दूसरे भाग को बालियां निकलने के समय डालें रोपाई के 2 से 3 दिन बाद नदीनों के अंकुरण से पहले बूटाक्लोर 50 ई सी 1200 मि.ली. या थायोबेनकार्ब 50 ई सी 1200 मि.ली. या पैंडीमैथालीन 30 ई सी या प्रैटीलाक्लोर 50 ई सी 600 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें इनमें से किसी एक नदीननाशक को 60 किलो रेत में मिलाकर 4-5 सैं.मी. गहरे खड़े पानी में बुरकाव करें चौड़े पत्ते वाले नदीनों की रोकथाम के लिए मेटसलफुरॉन 20 डब्लयु पी 30 ग्राम को 150 लीटर पानी में मिलाकर नदीनों के अंकुरण के बाद रोपाई के 20-25 दिन बाद डालें स्प्रे से पहले खेत में खड़े पानी का निकास कर दें और स्प्रे के एक दिन बाद सिंचाई करें नदीनों के अंकुरण से पहले बूटाक्लोर 1 लीटर को बिजाई के 6 से 7 दिनों के बाद प्रति एकड़ में स्प्रे करें पनीरी लगाने के बाद खेत में दो सप्ताह तक अच्छी तरह पानी खड़ा रहने देना चाहिए जब सारा पानी सूख जाए तो उसके दो दिन बाद फिर से पानी को लगाना चाहिए खड़े पानी की गहराई 10 सै.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए खेत में से बूटी और नदीनों को निकालने से पहले खेत में से सारा पानी निकाल देना चाहिए ओर इस प्रक्रिया के पूरे होने के बाद खेत की फिर से सिंचाई करनी चाहिए पकने से 15 दिन पहले सिंचाई करनी बंद करनी चाहिए ताकि फसल को आसानी से काटा जा सके ऊंची भूमि पर सिंचाई पूरी तरह से बारिश पर निर्भर करती है बारिश की तीव्रता और नियमितता के आधार पर और पानी की उपलब्धता के आधार पर गंभीर अवस्थाओं में सिंचाई करें जब दाने पूरी तरह पक जायें और फसल का रंग सुनहरी हो जाये तो खड़ी फसल की कटाई कर लेनी चाहिए ज्यादातर फसल की कटाई हाथों से द्राती से या कंबाइन से की जाती है काटी गई फसल के बंडल बनाके उनको छांटा जाता है दानों को बालियों से अलग कर लिया जाता है दानों को बालियों से अलग करने के बाद उसकी छंटाई की जाती है धान की कटाई करने के बाद पैदावार को काटने से लेकर प्रयोग तक नीचे लिखी प्रक्रिया अपनाई जाती है 1.कटाई 2. छंटाई 3. सफाई 4. सुखाना 5. गोदाम में रखना 6.पॉलिश करना और इसके बाद इसे बेचने के लिए भेजना दानों को स्टोर करने से पहले इन्हें कीटों और बीमारियों से बचाने के लिए 10 किलोग्राम दानों के लिए 500 ग्राम नीम के पाउडर को मिलाना चाहिए स्टोर किए गए दानों को कीटों के हमले से बचाने के लिए 30 मि.ली. मैलाथियोन 50 ई.सी. को 3 लीटर पानी में घोल तैयार करके इसका छिड़काव करना चाहिए इस घोल का छिड़काव 100 वर्ग मीटर के क्षेत्र में हर 15 दिनों के बाद करना चाहिए
और हलकी जमीन की लिए कौन से धान की पनीरी त्यार करनी चाहिए ?
(hn)
Maharashtra
रेतली ज़मीन में आप signet का raja 44 या raja 45, 5050, 5005, 5051, 5455 या pioneer का 27p31 या 25p35 या 27p63 जैसी किस्मों की बिजाई कर सकते हैं
Punjab
1509 basmati
Uttar Pradesh
Hamari Up mein Donat Kali mitti hai isme kon sa Sahi rahega halki jameen k liye.
Uttar Pradesh
Or ye beej hamare yaha milte nahi hai signet Hume kaha se milega ye beej btane ki kripa kre.
धान लगाने में अभी 1महीने का समय ह जमीन को पाने से भर दिता जाये तो कोई दिक्कत अबकी बार में उसमे ढेंचा या कोई अन्य फसल नही ले पाया इसलुये इसको खली जमीन को पानी लगाऊ या नही जिससे की आने वाली धान की फसल आरोग्य हो और अच्छी हो ?
(hn)
Punjab
Paani kr lgaao us ki jgah jmeen ko vaah k khulla shor dp taa k jmeen ki solarisation ho skkey. Jis sey aap ki jmeen sey harmful fungus, insects, & ndeen ka naash ho skkey
sir Mujhe dhaan ki paneeri tyaar karni h koi esa upay btaaye jisse uska ugne vala podha nirogi or majboot ho ?
(hn)
Punjab
बीज की मात्रा और उपचार - टब या बाल्टी में आवश्यक तानुसार बीज को पानी में डालें और अच्छी तरह हिलायें अब जो हल्का बीज पानी पर आ जाये उसे बाहर निकाल दें भारी बीज नीचे बैठ जायेंगे आठ किलो भारी बीज से बोयी पनीरी एक एकड़ के लिए काफी होती है और पनीरी के बूटे नर्म और एक जैसे होते हैं चयनित बीज को 20 ग्राम बाविस्टिन और एक ग्राम स्ट्रैप्टोसाइक्लिन के 10 लीटर पानी के घोल में, बिजाई के 8-10 घंटे पहले डुबो दें ज़मीन की तैयारी, खाद का प्रयोग और बोने का ढंग - 12-15 टन गली सड़ी रूड़ी या कंपोस्ट एक एकड़ के हिसाब से मिट्टी में मिलायें अब खेत को पानी दें ताकि नदीन उग जायें उगे हुए नदीनों को मारने के लिए एक हफ्ते बाद खेत की दो बार जोताई करें उसके बाद पनीरी बोने के समय खेत को पानी से भरे और अच्छी तरह कद्दू करें कद्दू की आखिरी जोताई के समय 26 किलो यूरिया और 60 किलो सुपरफास्फेट प्रति एकड़ के हिसाब से बिखेर दें सेहतमंद पनीरी के लिए 40 किलो जिंक सल्फेट हैप्टाहाइड्रेट या 25.5 किलो जिंक सल्फेट मोनोहाइड्रेट प्रति एकड़ में डालें फिर खेत में 10 और 2 मीटर आकार के क्यारे बनाएं, जो आवश्यकतानुकसार कम अधिक किए जा सकते हैं उपचारित किए भीगे बीज को गीली बोरी के ऊपर 7-8 सैं.मी. मोटी तह में बिखेर दें और ऊपर से गीली बोरी से ढक दें ढके हुए बीज के ऊपर समय समय से पानी छिड़कर कर बीज को गीला रखें इस तरह 24 से 36 घंटे के अंदर बीज अंकुरित हो जायेगा प्रत्येक क्यारे (10 और 2 मीटर) में एक किलो उपचारित और अंकुरित बीज छींटे द्वारा बोयें ज़मीन को बार बार पानी लगाकर गीली रखें पक्षियों से बीज को बचाने के लिए अच्छी तरह गली सड़ी रूड़ी की पतली तह धान की पनीरी बोने के एक दम बाद बिखेर दें पनीरी बाने के 15 दिन बाद 26 किलो यूरिया प्रति एकड़ और डालें पनीरी 24-30 दिनों तक लगाने के लिए तैयार हो जायेगी यदि 45 दिन या इससे अधिक उम्र की पनीरी खेत में लगानी हो तो 26 किलो यूरिया प्रति एकड़ के हिसाब से बिजाई के चार हत्ते बाद और डालें इस तरह 8 किलो बीज से तैयार की 8 क्यारियों की पनीरी एक एकड़ के लिए काफी है यदि पनीरी में किसी कीट या बीमारी का हमला दिखे तो सिफारिश किए ढंग प्रयोग करें पनीरी को लगातार पानी देते रहें जब पनीरी 20-25 सैं.मी. ऊंची या 6-7 पत्तों वाली हो जाये तो समझे पनीरी लगाने के लिए तैयार है यदि पनीरी के नए पत्ते पीले पड़ जायें तो फैरस सल्फेट के तीन छिड़काव हफ्ते हफ्ते के अंतराल पर करें
Uttar Pradesh
Shaan nahi dhan
Goat farming ke bare me btaye ?
(hn)
Punjab
यदि आपने बकरी फार्म बनाना है तो बहुत बढ़िया सोच है आप बीटल नस्ल रखें यह दूध और मीट दोनों के लिए फायदेमंद है बाकि आप जैसे इस व्यवसायों में आएंगे उस हिसाब से आपके लिंक बनने शुरू हो जाएंगे और बाकि मार्केटिंग इस बात निर्भर है कि आपका लोगों के साथ लिंक कैसा है इसका दूध गाय के रेट के बराबर मिल जाता है और बाकि यदि फार्म हो तो बच्चे भी बेचे जाते है कुल मिलाकर यदि मोटा सा हिसाब लगाना है तो एक बकरी से लगभग 20000 तक कमाई हो जाती है बाकि यह भी सलाह है कि आप आपने नज़दीक kvk से ट्रेनिंग ज़रूर लें और सफल बकरी पालकों के फार्म ज़रूर देखें.वहां से आपको इस काम के बारे में जानकारी और इसे करने के तरीकों के बारे में भी पता लगेगा.
मैंने खीरे लगाएं है और खीरे टेढे लग रहे हैं और पौधों की ग्रोथ भी नही हो रही है ?
(hn)
Punjab
संजीव जी आप इसके ऊपर कैल्शियम नाइट्रेट और 13-0-45 की स्प्रे करें, इससे खीरे टेढें होने से रुक जाएंगे
mahogani ki kheti kaise kare kitana aur kabtak labh milega ?
(hn)
Punjab
Mantu ji aap iski kheti ke bare men poori jankari ke liye ye video dekh sakte hai. Iske liye aap yeh video dekh sakte hai . https://www.youtube.com/watch?v=gbr3HTfYSVw
sir dile nu maran waste koi kargar dawa daso ?
(en)
Punjab
Balihar ji dila kehdi fasl vich hai ta jo tuhanu osde hisab nal jankari diti ja sake.dhanywad
Punjab
kis fasal de wich aa eh daso ye waise aa tan dhunka di sampra ja fr bharat di Elaan kro
gopalan ki up sarkar ki kya yojana hai ?
(hn)
Punjab
Mantu singh ji iski puri jankari aapki nazdiki KVK ya fir pashu palan department se hi pata chalegi ji.
sir 1121 di nyi kism ayi hai us bare jankari deo ?
(pb)
Punjab
1121 nu sodh ke teyar kiti navi kisam Pusa Basmati 1718 hai. jo 136-138 dina vich pakk ke tyar ho jandi hai .isda jhaad 18-20 quintal prati acre hunda hai
Punjab
Thanks veer
Jiri ki fasal me pehla spray kon sa kare ?
(hn)
Punjab
Pk ji jiri ki fasal men spray dikkat ke hisab se ki jati hai kripya aap btaye abhi koi dikkat aa rahi hai to aapko uske hisab se spray btayi jaye.dhanywad
Punjab
Abhi bhut time hai bimari ke hisab se spray kre
मुझे सिचिंत जमीन पर मूंगफली के बजाय ग्वार की उन्नत फसल लेनी है उसके लिये कौनसी किस्म अच्छी रहेगी और अधिकतम पैदावार कितनी होगी ?
(hn)
Maharashtra
आप ग्वार की किस्मे जैसे Durgajay Durgapura Safed की बिजाई कर सकते है धन्यवाद
a chuche rir nasal de han k cross breed de a k jma bekar e aa plz dse o g ?
(pb)
एक मुर्गी कितने टाइम के बाद अंडा देना चालू करती है ?
(hn)
Punjab
एक मुर्गी 6 महीने की होने के बाद अंडे देने लग जाती है यदि खुराक अच्छी हो तो 6 महीने से पहले भी देने लगती है
एक मुर्गी कितने दिनों के बाद अंडे देने चालू करती है ?
(hn)
Punjab
एक मुर्गी 6 महीने की होने के बाद अंडे देने लग जाती है यदि खुराक अच्छी हो तो 6 महीने से पहले भी देने लगती है
esme kide lag rah hai kaun si dawa dale ?
(hn)
Punjab
Saroj ji keet ki roktham ke liye aap quinalphos@400ml ko 150 liter pani men mila kar spray karen.dhanywad
ਸਰ ਸਾਡੇ ਘਰ ਵਿੱਚ ਸੰਤਰੇ ਦਾ ਬੂਟਾ ਲਾਇਆ ਹੈ ਤੈ ਜਦੋਂ ਉਸਤੇ ਫਲ ਲਗਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਫਲ ਝਡਦਾ ਬਹੁਤ ਹੈ ਇਸਦਾ ਕੋਈ ਹੱਲ ਦੱਸੋ ਜੀ ?
(pb)
Punjab
ਜੇਕਰ ਫਲ ਡਿਗ ਰਿਹਾ ਹੈ ਤਾਂ ਪੌਦਿਆਂ ਦੇ ਉੱਪਰ planofix 4 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਨੂੰ 15 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਪਾ ਕੇ ਪੌਦਿਆਂ ਦੇ ਉੱਪਰ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਇਹ ਸਪਰੇ ਫਲ ਝੜਨ ਤੋਂ ਰੋਕਦੀ ਹੈ I
ਨਾਲ ਮਿਰਚਾਂ ਦੇ ਬੂਟੇ ਆ ਜੀ ਤੇ ਮਿਰਚਾਂ ਵੀ ਸੜੀ ਜਾਂਦੀਆਂ ਨੇ ਤੇ ਕੱਠੀਆਂ ਜੀਂਆਂ ਹੋਈ ਜਾਂਦੀਆਂ ਨੇ ਉਹਨਾਂ ਲੲਈ ਕੀ ਪਾਈਏ ਜੀ।
Punjab
Tusi Omex company da calmax gold use kro
Ik hi buta hai g ta os vich kini matra vich use krna hai g te kive
konsi nasal ke murgi palna fayademand rahega ?
(hn)
Punjab
Yadi aap desi chicks rakhna chahte hai to desi chicks mai egg ke liye aap ASEEL, PUNJAB WHITE BATTER, KADAKNATH, SATLUJ in naslo ko rakh skte hai, yeh sabhi eggs ke liye achi nasle hai.
Uttar Pradesh
और वेट के लिए कोंसी सा देसी नस्ल अच्छी होती है
kya june me adrak ki kheti kr sakte hai ?
(hn)
Punjab
यह फसल अच्छे जल निकास वाली चिकनी, रेतली और लाल हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है खेत में पानी ना खड़ा होने दें क्योंकि खड़े पानी में यह ज्यादा देर बच नहीं पाएगी फसल की वृद्धि के लिए 6-6.5 पी एच वाली मिट्टी अच्छी मानी जाती है उस खेत में अदरक की फसल ना उगाएं जहां पिछली बार अदरक की फसल उगाई गई हो हर साल एक ही ज़मीन पर अदरक की फसल ना लगाएं प्रसिद्ध किस्में: IISR Varada: यह किस्म ताजा और सूखे अदरक की पैदावार के लिए अच्छी मानी जाती है यह 200 दिनों में पकती है और इसकी औसतन पैदावार 90 क्विंटल प्रति एकड़ है बिजाई मई-जून के पहले सप्ताह में की जाती है बिजाई के लिए ताजे और बीमार रहित गांठों का प्रयोग करें बिजाई के लिए 480-720 किलो प्रति एकड़ बीज का प्रयोग करें पंजाब में इसकी खेती व्यापार स्तर पर नहीं की जाती, इसकी कॉन्ट्रैक्ट खेती कुछ प्राइवेट कंपनी की तरफ से की जाती है जो बड़े स्तर पर होती है
ਝੋਨੇ ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਨੂੰ ਇਕ ਜੀਵ ਸੁਕਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਜੀ, ਜੋ ਸਰੋ ਦੇ ਬੂਟੇਆ ਤੇ ਦੇਖਣ ਨੂੰ ਮਿਲਦਾ ਹੈ ?
(pb)
Maharashtra
ਰਣਜੀਤ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਇਸਦੀ ਸਾਫ ਫੋਟੋ ਭੇਜੋ ਕਿਉਕਿ ਫੋਟੋ ਵਿਚ ਇਹ ਮਿੱਤਰ ਕੀਟ ਲੱਗ ਰਿਹਾ ਹੈ ਜਿਸਦਾ ਫ਼ਸਲ ਨੂੰ ਕੋਈ ਨੁਕਸਾਨ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ ਧੰਨਵਾਦ