Punjab
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sir backyard murgi paalan karna hai ?
(hn)
Monsjir G Aap backyard Murgi Palan mey Vanraja, Kadknaath, RIR, breeds ko paal skte ho. Feed k liye aap AJOLA b use kr skte ho.
7903647427
सर गाय के पेशाब में खून किस कमी की वजह से आता है ?
(hn)
jhinga utpadan kese kiya jata hai soil kesi honi chahiye eske bij kha se prapt kiye ja sakte hai inme kon kon si bimariya hoti hai aur unka ilaj kya hai ?
(hn)
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कुछ इलाकों में पूरा पानी खारा (5 नंबर)है जहाँ पर कोई फसल नहीं उगाई जा सकती, पर उस ज़मीन से मुनाफा लेने के लिए आपके पास एक हल है वह है कि झींगा मछली पालन का काम, यह एक मछली पालन की तरह है, पर यह मछली पालन से आगे है, सबसे पहले झींगा पालन का काम शुरू करने के लिए एक एकड़ पर 8 लाख रूपये का खर्चा आ जाता है इस काम के लिए बिजली की सप्लाई हर समय चाहिए क्योंकि इस काम के लिए तालाब ऑक्सीजन के लिए और पानी के बहाव को बदलने के लिए एरिएटर लगाने पड़ते हैं जो कि रात को पूरा समय चलने चाहिए एक एरिएटर कम से कम 33-34 हज़ार का आता है एक एकड़ में 4 एरिएटर लगते है एरिएटर रात के समय चलते रहने चाहिए इसमें 60% खर्च फीड का आता है क्योंकि यह फीड 70 से 75 रूपये प्रति किलो मिलती है इसमें फीड और दवाइयों का खर्च आता है, बाकि इस काम में रोज़ाना फीडिंग होती है झींगा पालन में पानी के पैरामीटर का संतुलन रखना बहुत ज़रूरी है जैसे कि सैलनिटी, पोटाशियम, मैग्नीशियम और पी.एच आदि यदि पानी के पैरामीटर बिगड़ते है तो उन्हें दवाई डालकर सेट्ट करना ज़रूरी है सब्सिडी और मार्केटिंग इस समय 2.5 एकड़ और 4 लाख रूपये की सब्सिडी चल रही है पंजाब के पांच सेम प्रभावित इलाके हैं मुक्तसर, बठिंडा, फाजिल्का, मानसा और फरीदकोट इन पांच ज़िलों के अंदर ही सब्सिडी है क्योंकि इन ज़िलों में पानी खारा है और सरकार के नियम के अनुसार यह ज़िले ही सब्सिडी ले सकते है एक एकड़ में 1 लाख 50 हज़ार पूंग छोड़ा जाता है यह आंध्रा प्रदेश से चंडीगढ़ या दिल्ली हवाई जहाज के ज़रिये आता है, इनकी ब्रीडिंग समुन्द्र के किनारे पर होती है यह चार महीनों में तैयार हो जाता है इसकी सबसे छोटी स्थानक मार्किट दिल्ली है इसके खरीददार आंध्रा, महाराष्ट और गुजरात से माल खरीदने के लिए आते है इसका रेट पीस के ज़रिये तह किया जाता है यदि एक किलो में 100 पीस है तो इसका रेट 200 रूपये है, पर ज़्यादातर लोक एक किलो में 40 पीस बेचते है, क्योंकि इनका रेट 400 रूपये है एक किलो में जितने कम पीस होंगें उसका उतना ही ज़्यादा रेट होगा, इसका रेट अब बढ़ता जा रहा है
ਮੇਰੀ ਗਾ ਸੂਈ ਨੂੰ ਇੱਕ ਮਹਿਨਾ ਹੋ ਗਏ ਉਹ 2 3 ਦੁੱਧ ਘਟ ਗਈ ਇਹ ਦਾ ਕੋੲਈ ਹੱਲ ਦੱਸੋ ਜੀ ਕੀ ਦੁੱਧ ਪੂਰਾ ਹੋ ਜਵੇ ?
(pb)
Punjab
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਵਧਿਆ ਮਾਤਰਾ ਵਿਚ ਦਿਓ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਗਰਮੀ ਤੋਂ ਬਚਾ ਕੇ ਰੱਖੋ, ਉਸਦੀ ਹਰ 3 ਮਹੀਨੇ ਬਾਦ ਡਿਵਰਮਿੰਗ ਜਰੂਰ ਕਰਵਾਓ, ਇਹਨਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Calcimust gold liquid 50ml, anabolite liquid 50-50ml ਰੋਜਾਨਾ, Gog ਪਾਊਡਰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ .
paddy ki information ?
(hn)
Punjab
धान भारत की एक महत्तवपूर्ण फसल है जो कि जोताई योग्य क्षेत्र के लगभग एक चौथाई हिस्से में उगाई जाती है और भारत की लगभग आधी आबादी इसे मुख्य भोजन के रूप में प्रयोग करती है यह उत्तर प्रदेश की मुख्य फसल है और उत्तर प्रदेश के लगभग 5.4 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती की जाती है Basmati, Kalajeera, Vishnu Parag आदि धान की कुछ उच्च गुणवत्ता वाली किस्में हैं जिनकी खेती उत्तर प्रदेश में की जाती है मिट्टी इस फसल को मिट्टी की अलग अलग किस्मों, जिनमें पानी सोखने की क्षमता कम होती है और जिनकी पी एच 5.0 से 9.5 के बीच में होती है, में भी उगाया जा सकता है धान की पैदावार के लिए रेतली से लेकर गारी मिट्टी तक, और गारी से चिकनी मिट्टी जिसमें पानी को सोखने की क्षमता कम होती है इस फसल के लिए अच्छी मानी जाती है प्रसिद्ध किस्में और पैदावार Jaya: यह छोटे कद की और अधिक उपज देने वाली किस्म गर्दन तोड़ के प्रतिरोधक है यह किस्म 142 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने बड़े और लंबे होते हैं इसकी औसतन पैदावार 26 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Chakia 59: यह किस्म कम जल जमाव वाले हालातों में उगाने के लिए उपयुक्त है Govind: यह किस्म पंतनगर द्वारा विकसित की गई है यह किस्म 105 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है Indrasan: यह तराई क्षेत्रों की प्रसिद्ध किस्म है Mahsud: यह किस्म निचले क्षेत्रों में बारानी स्थितियों में उगाने के लिए उपयुक्त है Majhera 3: यह लंबी किस्म सूखे को सहनेयोग्य है और ऊंचे क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है Nagina 22: यह ऊंचे क्षेत्रों में बारानी हालातों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसके दाने छोटे और मोटे होते हैं Narendra-1 and Narendra-2: यह किस्म 105 और 115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है Pant Dhan 6: यह किस्म निम्न और मध्यम ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में रोपाई के लिए उपयुक्त है Saket 4: यह अगेते समय की किस्म है और 115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह यू पी की सबसे प्रसिद्ध किस्म है T9: यह देरी से बोयी जाने वाली सुगंधित किस्म है इसके दाने बेलनाकार होते हैं VL Dhan 16: यह निम्न और मध्यम क्षेत्रों में रोपाई के लिए उपयुक्त किस्म है VL 206: यह लंबी किस्म निम्न और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है Usar 1: यह किस्म कानपुर में विकसित की गई यह क्षारीय और लवणीय मिट्टी में खेती करने के लिए उपयुक्त है बासमती किस्में Taraori Basmati: यह सिंचित क्षेत्रों में अगेती बिजाई के लिए उपयुक्त है यह किस्म 145-155 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Haryana Basmati no 1: यह अर्द्ध छोटे कद की किस्म है और सिंचित क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है यह किस्म 140 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa Basmati 1121, Pusa Basmati 1, CSR 30, Shabnam दूसरे राज्यों की किस्में Hybrid 6201: यह सिंचित क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त किस्म है यह भुरड़ रोग के प्रतिरोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 25 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Vivek Dhan 62: यह सिंचित और पहाड़ी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त किस्म है इसके दाने छोटे और मोटे होते हैं यह भुरड़ रोग के प्रतिरोधक किस्म है यह गर्दन तोड़ और कम तापमान वाले क्षेत्रों को भी सहन कर सकती है इसकी औसतन पैदावार 19 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Karnataka Rice Hybrid 2: यह सिंचित और समय से बिजाई वाले क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह पत्तों के झुलस रोग और अन्य बीमारियों को सहनेयोग्य किस्म है इसकी औसतन पैदावार 35 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Kanak: यह दरमियाने क्षेत्रों में बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है इसके दाने लंबे और मोटे होते हैं यह बैक्टीरियल झुलस रोग के प्रतिरोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 18 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Ratnagiri 1 and 2: सिंचित क्षेत्रों के लिए जबकि निचले क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है ये अर्द्ध छोटे कद की किस्म हैं इनकी औसतन पैदावार 19 क्विंटल और 21 क्विंटल प्रति एकड़ होती है ज़मीन की तैयारी शुष्क खेतों को अच्छा बनाने, नदीन रहित और सेहतमंद वृद्धि के लिए ग्लाफोसेट डालनी चाहिए गेहूं की कटाई के बाद ज़मीन पर हरी खाद के तौर पर मई के पहले सप्ताह ढैंचा (बीज दर 20 किलोग्राम प्रति एकड़), या सन (बीज दर 20 किलोग्राम प्रति एकड़) या लोबीया (बीज दर 12 किलोग्राम प्रति एकड़) की बिजाई करनी चाहिए जब फसल 6 से 8 सप्ताह की हो जाए तो इसे खेत में कद्दू करने से एक दिन खेत में ही जोत देना चाहिए इस तरह प्रति एकड़ 25 किलो नाइट्रोजन खाद की बचत होती है भूमि को समतल करने के लिए लेज़र लेवलर का प्रयोग किया जाता है इसके बाद खेत में पानी खड़ा कर दें ताकि भूमि के अंदर ऊंचे नीचे स्थानों की पहचान हो सके इस तरह पानी के रसाव के कारण पानी की होने वाले बर्बादी को कम किया जा सके बिजाई बिजाई का समय यू पी के सिंचित और निम्न बारानी क्षेत्रों में मध्य जून से शुरूआती जुलाई तक का समय उपयुक्त होता है बीज की गहराई पौधे की गहराई 2-3 सैं.मी. होनी चाहिए फासला बनाकर लगाने से पौधे ज्यादा पैदावार देते हैं फासला उपजाऊ मिट्टी में 20 सैं.मी. x 15 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें जबकि हल्की मिट्टी में रोपाई के लिए 15 सैं.मी. x 10 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें जल जमाव वाले क्षेत्रों में 20 x 20 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बिजाई का ढंग सिंचित और कम बारानी क्षेत्रों में रोपाई ढंग प्रयोग किया जाता है रोपाई के लिए 25-30 दिनों के पौधों का प्रयोग करें जल जमाव वाले क्षेत्रों में 30-35 दिनों के पौधे रोपाई के लिए प्रयोग करें ऊंचे क्षेत्रों में, शुष्क और गीली मिट्टी में रोपाई ढंग का प्रयोग करें बीज बीज की मात्रा एक एकड़ खेत में 6-8 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बीज का उपचार बिजाई से पहले 10 लीटर पानी में 20 ग्राम कार्बेनडाज़िम $ 1 ग्राम स्ट्रैप्टोसाईक्लिन घोल लें और इस घोल में बीजो को 8-10 घंटे तक भिगोयें उसके बाद बीजों को छांव में सुखाएं और फिर बिजाई के लिए प्रयोग करें पनीरी की देख-रेख और रोपण वैट बैड नर्सरी : यह तकनीक उन क्षेत्रों में अपनाई जाती है जहां पर पानी ज्यादा मात्रा में पाया जाता है नर्सरी का 1/10 हिस्सा दूसरे खेत में लगाया जाता है इसकी बिजाई छींटे द्वारा की जाती है यहां पर खेत की जोताई और खेत को समतल किया जाता है बैडों पर कईं दिन तक नमी बनाए रखनी चाहिए पानी से खेत को ज्यादा ना भरें जब नर्सरी 2 सैं.मी. से वृद्धि कर जाए तब पानी को खेत में लगाते रहना चाहिए बिजाई के 15 दिन बाद 26 किलो यूरिया डालना चाहिए जब नर्सरी 25-30 सैं.मी. तक लंबी हो जाए तब उसे 15-21 दिन बाद दूसरे खेत में लगा देना चाहिए और खेत को लगातार पानी लगाते रहना चाहिए सूखे बैड वाली नर्सरी : यह तकनीक शुष्क क्षेत्रों में अपनाई जाती है जो बैड बनाया जाता है वो बिजाई वाले खेत का 1/10 हिस्से में बीज बोया जाता है बैड का आकार सीमित होना चाहिए और उसकी ऊंचाई 6-10 से.मी होनी चाहिए धान का आधा जला हुआ छिलका बैड पर बिखेर देना चाहिए इससे जड़ें मजबूत होती हैं सही समय पर सिंचाई करते रहना चाहिए और नमी बनाए रखना चाहिए ताकि नए पौधे नष्ट ना हों तत्वों की पूर्ति के लिए खाद डालना जरूरी है मॉडीफाईड मैट नर्सरी : यह नर्सरी लगाने का एक ऐसा तरीका है जिसमें कम जगह और कम बीजों की जरूरत होती है यह नर्सरी किसी भी जगह पर बनाई जा सकती हैं जहां पर समतल जगह हो और पानी की सुविधा हो इसकी पनीरी लगाने के लिए 1% खेत की जरूरत होती है 4 से.मी की सतह पर नए पौधे लगाए जाते हैं इसे बनाने के लिए 1 मीटर चौड़े और 20-30 मीटर लंबे जमीन के टुकड़े की जरूरत होती है इसके ऊपर बिछाने के लिए पॉलीथीन और केले के पत्तों की जरूरत होती है इसके इलावा एक लकड़ी का बकसा जो कि 4 से.मी गहरा होता हैं मिट्टी के मिश्रण से भरा होता है बीजों को इसके अंदर रख देना चाहिए और फिर बीजों को सूखी मिट्टी के साथ ढक देना चाहिए इसके बाद पानी का छिड़काव कर देना चाहिए लकड़ी के बक्से को नमी देते रहना चाहिए बिजाई से 11-14 दिनों के बाद पौध तैयार हो जाती है जब पौध तैयार हो जाती है तब मैट से पौध को दूसरे खेत में रोपण कर दिया जाता है फासला: पौधों का फासला 20x20 सैं.मी. या 25x25 सैं.मी. होना चाहिए खेत में पौध रोपण पनीरी लगाने का ढंग 1. कद्दू करके लगाई जाने वाली पनीरी : आमतौर पर पंक्ति में लगाए जाने वाले पौधे 20x15 सैं.मी. दूरी पर लगाए जाते हैं और देरी से लगाई जाने वाली पनीरी 15x15 सैं.मी. पर लगाई जाती है नए पौधों की गहराई 2-3 सैं.मी. होनी चाहिए 2. बैड बनाकर लगाई जाने वाली पनीरी : यह बैड भारी ज़मीनों के लिए बनाए जाते हैं पनीरी लगाने से पहले खालियों में पानी लगाना चाहिए और फिर पनीरी को खेत में लगाना चाहिए पौधे से पौधे का फासला 9 सैं.मी. होना चाहिए 3. मशीनी ढंग से लगाई जाने वाली पनीरी : मैट पनीरी के लिए मशीनों का प्रयोग किया जाता है यह मशीन 30x12 सैं.मी. के फासले पर पनीरी लगानी चाहिए खरपतवार नियंत्रण रोपाई के 2 से 3 दिन बाद नदीनों के अंकुरण से पहले बूटाक्लोर 50 ई सी 1200 मि.ली. या थायोबेनकार्ब 50 ई सी 1200 मि.ली. या पैंडीमैथालीन 30 ई सी या प्रैटीलाक्लोर 50 ई सी 600 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें इनमें से किसी एक नदीननाशक को 60 किलो रेत में मिलाकर 4-5 सैं.मी. गहरे खड़े पानी में बुरकाव करें चौड़े पत्ते वाले नदीनों की रोकथाम के लिए मेटसलफुरॉन 20 डब्लयु पी 30 ग्राम को 150 लीटर पानी में मिलाकर नदीनों के अंकुरण के बाद रोपाई के 20-25 दिन बाद डालें स्प्रे से पहले खेत में खड़े पानी का निकास कर दें और स्प्रे के एक दिन बाद सिंचाई करें नदीनों के अंकुरण से पहले बूटाक्लोर 1 लीटर को बिजाई के 6 से 7 दिनों के बाद प्रति एकड़ में स्प्रे करें सिंचाई पनीरी लगाने के बाद खेत में दो सप्ताह तक अच्छी तरह पानी खड़ा रहने देना चाहिए जब सारा पानी सूख जाए तो उसके दो दिन बाद फिर से पानी को लगाना चाहिए खड़े पानी की गहराई 10 सै.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए खेत में से बूटी और नदीनों को निकालने से पहले खेत में से सारा पानी निकाल देना चाहिए ओर इस प्रक्रिया के पूरे होने के बाद खेत की फिर से सिंचाई करनी चाहिए पकने से 15 दिन पहले सिंचाई करनी बंद करनी चाहिए ताकि फसल को आसानी से काटा जा सके ऊंची भूमि पर सिंचाई पूरी तरह से बारिश पर निर्भर करती है बारिश की तीव्रता और नियमितता के आधार पर और पानी की उपलब्धता के आधार पर गंभीर अवस्थाओं में सिंचाई करें
sir mere questions da jwab nhi milya ?
(pb)
Punjab
ਹਾਂਜੀ ਤੁਹਾਡੇ ਦੁਆਰਾ ਪੁੱਛੇ ਸਾਰੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ ਜੀ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਅੱਗੇ ਤੋਂ 24 ਘੰਟਿਆਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਤੁਹਾਡੇ ਸਵਾਲ ਦਾ ਜਵਾਬ ਤੁਹਾਨੂੰ ਨਹੀ ਮਿਲਦਾ ਤਾ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਪਾਲਾਈਨ ਨੰਬਰ 97799-77641 ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ
ghiya ki bel niche se sukh gyi hai upr thik hai iska hal btaye ?
(en)
Maharashtra
Prem ji kripya aap iski jad men dheemak check kare. agar maujood hai to chlorpyriphos@4ml ko killo mitti men mila kar daalen.dhanywad
ਅੰਡਾ ਦੇਣ ਵਾਲੀ ਮੁਰਗੀ ਨੂੰ ਡੇਲੀ ਕਿੰਨੀ ਫੀਡ ਦੀ ਲੋੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ?
(pb)
Punjab
ਤੁਸੀ ਮੁਰਗੀਆਂ ਨੂੰ 110-130gm ਰੋਜਾਨਾ ਰੋਜਾਨਾ ਦਾਣਾ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ..
dhanwad dr Saab g
ਜੀ ਮੈ ਘਰ ਬਗੀਚੀ ਵਿਚ ਕੱਦੂਆਂ ਦੀਆਂ ਵਲਾਂ ਖਾਲੀਆਂ ਬਣਾ ਕੇ ਲਾਉਣ ਦੀ ਸੋਚਦਾ ਹਾਂ ਜੀ। ਉਸ ਖਾਲੀਆਂ ਵਿਚ ਕਰਿਬਕੋ ਦੀ ਕੰਪੋਸਟ ਖਾਦ ਮਿਲਾਈ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਕਿਉਂਕਿ ਮੇਰੇ ਕੋਲ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਦਾ ਕੋਈ ਸਾਧਨ ਨਹੀਂ ਜੀ ਜਰੂਰ ਦੱਸਣਾ ਜੀ ?
(pb)
Punjab
ਖਾਲਸਾ ਜੀ ਤੁਸੀਂ ਆਪਣੇ ਨੇੜਲੇ ਕੇ.ਵੀ.ਕੇ ਚੋਂ ਵਰਮੀ ਕੰਪੋਸਟ ਖਰੀਦ ਕੇ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ
ਕੇ ਵੀ ਕੇ ਮਤਲਬ ? ਕੀ ਕਰਿਭਕੋ ਦੀ ਸਿਟੀ ਕੰਪੋਸਟ ਖਾਦ ਠੀਕ ਨਹੀ ਜੀ ?
Punjab
ਖਾਲਸਾ ਜੀ ਇਹ ਕਦੇ ਵਰਤੀ ਨਹੀਂ ਜੀ ਵੈਸੇ ਕੀ ਰੇਟ ਮਿਲੀ
ਵੀਰ ਨਿਸ਼ਾਨ ਸਿੰਘ ਜੀ ਇਹ ਜਰੂਰ ਦਸੋ ਕਿ ਕੋਆਪਰੇਟਿਵ ਸੋਸਾਇਟੀ ਵੱਲੋਂ ਕਰਿਭਕੋ ਦੀ ਸਿਟੀ ਕੰਪੋਸਟ ਖਾਦ ਲੈ ਕੇ ਆਇਆ ਹਾਂ ਕੀ ਇਹ ਠੀਕ ਨਹੀ ਸਬਜੀ ਲਈ? ਤੇ ਕੇ ਵੀ ਕੇ ਦੀ ਵਰਮੀ ਕੰਪੋਸਟ ਹੀ ਠੀਕ ਰਹੇਗੀ ਜੀ ???
183 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਪੰਜਾਹ ਕਿਲੋ
ਸਿਲਵਰਓਕ ਦੇ ਦਰਖਤਾਂ ਵਿਚੋਂ ਦੋ ਤਿੰਨ ਥਾਵਾਂ ਤੋਂ ਗੂੰਦ ਜਿਹੀ ਨਿਕਲਦੀ ਐ ਕੀ ਉਸ ਨਾਲ ਦਰਖਤ ਦਾ ਕੋਈ ਨੁਕਸਾਨ ਹੈ ਜਾਂ ਨਹੀ ਜੇ ਨੁਕਸਾਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਉਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਕੋਈ ਉਪਾਅ ਜਰੂਰ ਦਸੋ ਜੀ ਧੰਨਵਾਦੀ ਹੋਵਾਂਗਾ ?
(pb)
Punjab
ਲਖਵੀਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦੇ ਲਈ Balwinder Singh Lakhewali 98142-39041 ਜੀ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
jwar de keedi rok layi konsi dwai ?
(pb)
Punjab
Corazen 60 ml
mere ganne me sundi ka rog laga h Kya karu me ?
(hn)
Punjab
Shubham ji aap sundi ki roktham ke liye fame@20ml ya coragen@60ml ko prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad
ਸਤਿ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਜੀ sir A.I worker ਦੀਆਂ ਪੋਸਟਾਂ ਨਿਕਲੀਆਂ ਜੇਕਰ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਵੀ ਪਤਾ ਹੋਵੇ ਜਰੂਰ ਦੱਸਿਓ ?
(pb)
Punjab
ਇਸ ਬਾਰੇ ਜਦੋ ਵੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਅਸੀ ਸ਼ੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਆ ਦੀ ਮੱਦਦ ਨਾਲ ਜਾਣਕਾਰੀ ਸ਼ੇਅਰ ਕਰ ਦੇਵਾਗੇ ਜੀ
cow ki fat 2.0 sa uper ne bad rha ha ko upay batao ?
(hn)
Punjab
फ़ैट बढ़ाने के लिए उनको फीड के साथ एक किलो सरसों की खल , 1 किलो बडेवो की खल दें 50 ग्राम मिठा सोडा रोजाना एक बार दें इसके साथ आप Fatplus पाउडर 50 ग्राम या Fatmax पाउडर 50 ग्राम देना शुरू करें और आप coolmax पाउडर 50 ग्राम रोजाना दें ..
sir ji eh kis lyi use hunda hai te is de ki faide hun ?
(pb)
Punjab
Narinder ji kirpa karke isdi saaf photo bhejo ja isde salt da nam daso ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
ਸਾਡੀ ਝੋਨੇ ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਸੁੱਕਣ ਲੱਗ ਗੀ 20 ਦਿਨ ਦੀ ਬੀਜੀ ਹੋਈ ਹੈ 201 ਕਿਸਮ ਏ ਕੋਈ ਹੱਲ ਹੈ ਤਾਂ ਜਰੂਰ ਦੱਸੋ 2 ਵਾਰ ਮੈਗਨੀਜ ਵੀ ਪਾਈ ਏ ਕੋਈ ਫਰਕ ਨੀ ਪਿਆ ਨਾ ਕੋਈ ਸੀਉਂਕ ਏ ?
(pb)
Punjab
goldy ji isdiyan jdan check karo kayi var nematode de nal vi paniri sukan lag jandi hai.dhanwad
gaa de 3 var Tika bharvata rhedi ni ?
(pb)
ਤੁਸੀ ਗਾਂ ਨੂੰ Metricef-iu 2 ਦਿਨ ਦਵਾਈ ਭਰਵਾਂ ਦਿਓ, ਇਹ ਦਵਾਈ ਭਰਵਾਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਗਾਂ ਨੂੰ Agrimin super powder ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿਓ ਇਸਨੂੰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ ਲਗਭਗ 2 ਕਿਲੋ ਤਕ ਦੇ ਦਿਓ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Concimax ਗੋਲੀਆਂ ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 14 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ ਫਿਰ ਅਗਲੀ ਵਾਰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਂ ਕੇ ਇਹ ਗੋਲੀਆਂ 14 ਦਿਨ ਹੋਰ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ, ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਉਹ ਗੱਭਣ ਰਹਿ ਜਾਵੇਗੀ.
Apna number send krdo ji hor jankari leni aa
ਦੋ ਢਾਈ ਸਾਲ ਦੀਆਂ ਵੱਛੀਆਂ ਨੇ ਓਹ v ਹੀਟ ਵਿਚ ਨੀ ਆ ਰਹੀਆ ਨਾਲੇ ਕਮਜ਼ੋਰ ਨੇ
ohhna vashia nu Agrimin super powder 50gm rojana ate Ovumin advance bolus rojana 1 goli deo ate 21 din tak deo, iss nal heat vich aa jngia.
mere saval ka jawab kyon ni mil rha h ?
(hn)
Punjab
Rajesh khanna ji aap ke duara pushe gae sabhi swalo ke juab dia ja chuke hai, aap app me My profile me ja kar mere swalo par click kare aap ko aap ke sabhi swal or un ke juab nazar ah jae ge, agar fir bhi kisi bhi parkar ki koi dikat ati hai to aap hmare Helpline No. 9779977641 pe samparak kar sakte hai. Thankyou.
ਸ੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ ਮੇਰੇ ਖੇਤ ਵਿਚ ਇਕ ਕਾਫੀ ਸਾਲ ਪੁਰਾਣਾ ਕੇਲੇ ਦਾ ਝੁੰਡ ਹੈ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਕੋਈ ਹੱਲ ਦੱਸੋ ਤਾਂ ਜੋ ਇਸ ਨੂੰ ਜੜ੍ਹਾਂ ਤੋਂ ਖਤਮ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕੇ। ਧੰਨਵਾਦੀ ਹੋਵਾਂਗੇ ?
(en)
Punjab
ਗੁਰਦੀਪ ਜੀ ਇਸਦੇ ਉਪਰ ਤੁਸੀ pendimethalin @1 ਲੀਟਰ ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
सर जब नरमे में पहली सिंचाई करते हैं नरमा मुरझा के सुख जाता है इसका क्या कारण है और कोनसी खाद डाले और कोनसी दवाई इस्तेमाल करे ?
(hn)
Punjab
Pawan g jekar cotton plants diyan roots black han tn eh fungus problem hai.essi roktham lyi pani lga ke Saaf @500 gm per acre ja Trichoderma viride da chitta de skde ho g..
bhindi ke podhe Peele ho rahe he ?
(hn)
Maharashtra
Kalyan ji aap iske uper NPK 19:19:19!7 gram ko prati litre pani ke hisab se spray karen. dhanywad
Punjab
ਖੱਟੀ ਲੱਸੀ ਦਾ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰੋ
Madhya Pradesh
OK thanks bhai
1401 jhone di paneeri vich jhanda rog aa geya h ji ?
(hn)
Punjab
Paneeri vich Saaf @200 gm per knal da chitta deo g...
मेरा किन्नू का पेड़ 6 साल का हो गया उस पर किन्नू कम आते हैं आते हैं तो गिर जाते हैं 7-8 फल लगे थे केवल ?
(hn)
Punjab
बिवेश जी यह फंगस के कारण होता है इसकी रोकथाम के लिए आप planofix @4ml को प्रति 15 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
mirchi abhi laga sakte h kya ?
(hn)
Maharashtra
मिर्च रेतली से भारी चिकनी हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है अच्छे विकास के लिए हल्की उपजाऊ और पानी के अच्छे निकास वाली ज़मीन जिसमे नमी सोखने की क्षमता हो, इसके लिए अनुकूल होती है हल्की ज़मीनें भारी ज़मीनों के मुकाबले अच्छी क्वालिटी की पैदावार देती हैं मिर्च के अच्छे विकास के लिए ज़मीन की pH 6-7 अनुकूल है आप इसकी किस्मे जैसे Arka Meghana,Arka Sweta,Kashi Early, Kashi Surkh की बिजाई कर सकते है खेत को तैयार करने के लिए 2-3 बार जोताई करें और प्रत्येक जोताई के बाद डलियों को तोड़ें बिजाई से 15-20 दिन पहले रूड़ी की खाद 150-200 क्विंटल प्रति एकड़ डालकर मिट्टी में अच्छी तरह मिला दें टमाटर और मिर्च की खेती एक ही या नज़दीक वाले खेत में ना करें, क्योंकि दोनों की बीमारियां एक जैसी होती हैं और इस कारण एंथ्राक्नोस और बैक्टीरिया वाली बीमारीयों के बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है मिर्च की खेती पूरे वर्ष की जाती है खरीफ की फसल के लिए मई-जून और गर्मियों की फसल के लिए फरवरी - मार्च का समय मिर्च की रोपाई के लिए उपयुक्त होता है खरीफ के मौसम में 60-75 सैं.मी. x 45 सैं.मी. और सिंचित क्षेत्रों में 60 x 60 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें नर्सरी में बीजों को 3-5 सैं.मी. की गहराई में बोयें और फिर मिट्टी से ढक दें इसकी मुख्य खेत में रोपाई की जाती है 1 मीटर चौड़े और आवश्यकतानुसार लंबे बैड बनाएं कीटाणु रहित कोकोपिट 300 किलो, 5 किलो नीम केक को मिलाए और 1-1किलो एज़ोसपीरिलियम और फासफोबैक्टीरिया भी डालें उपचार किए हुए बीज ट्रे में एक बीज प्रति सैल बोयें बीज को कोकोपिट से ढक दें और ट्रे एक- दूसरे के साथ रखें बीज अंकुरन तक इन्हें पॉलीथीन से ढक दें नर्सरी में बीज बीजने के बाद बैडों को 400 मैश नाइलोन जाल या पतले सफेद कपड़े से ढक दें यह नए पौधों को कीड़े-मकौड़े और बीमारियों के हमले से बचाता है 6 दिनों के बाद, ट्रे में लगे नए पौधों को एक एक करके जाल की छांव के नीचे बैडों में लगाएं बीज अंकुरन तक पानी देने वाले बर्तन की मदद से पानी दें बिजाई के 18 दिन बाद 19:19:19 की 0.5 % (5 ग्राम प्रति लीटर ) की स्प्रे करें किस्मों के लिए 200 ग्राम बीज और हाइब्रिड के लिए 80-100 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बारानी क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 50 किलो (110 किलो यूरिया), फासफोरस 16 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 100 किलो) और पोटाश 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 35 किलो) प्रति एकड़ डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा पनीरी खेत में लगाने के समय डालें रोपाई के बाद बाकी बची नाइट्रोजन दो बराबर हिस्सों में 30वें और 50वें दिन डालें सिंचित क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 84 किलो (182 किलो यूरिया), फासफोरस 24 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 150 किलो) और पोटाश 24 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 40 किलो) प्रति एकड़ डालें रोपाई से पहले 24 किलो नाइट्रोजन (यूरिया 52 किलो), फासफोरस की पूरी मात्रा और पोटाश की आधी मात्रा प्रति एकड़ में डालें बाकी बची नाइट्रोजन को पांच भागों में बांटें और पोटाश को तीन बराबर भागों में बांटें नाइट्रोजन 12 किलो (यूरिया 26 किलो) को बिजाई के बाद 45वें, 60वें, 75वें, 95वें और 115वें दिन डालें और पोटाश 4 किलो को बिजाई के बाद 45वें, 60वें, और 75वें दिन डालें 45 दिनों तक गोडाई करें, कही की मदद से मिट्टी चढ़ाएं और खेत को नदीन मुक्त रखें यदि नदीनों की रोकथाम ना की जाये तो यह 70-90 % पैदावार कम कर देते हैं रोपाई से पहले मुख्य खेत में पैंडीमैथालीन 1 लीटर प्रति एकड़ में डालें यदि नदीनों की संख्या ज्यादा हो तो उनके अंकुरण के बाद सेन्कोर 800 मि.ली की स्प्रे प्रति एकड़ में करें नदीनों की रोकथाम के साथ मिट्टी में नमी को बनाए रखने के लिए मलचिंग एक प्रभावी तरीका है मिट्टी में नमी के आधार पर सर्दियों में 6-7 दिनों के अंतराल पर और गर्मियों में 4-5 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें फूल निकलने की अवस्था सिंचाई के लिए गंभीर होती है इस अवस्था पर पानी की कमी से फल गिरते हैं जिससे फलों के उत्पादन में कमी होती है विभिन्न खोजों में यह पाया गया है, कि प्रत्येक पखवाड़े में आधा इंच सिंचाई से जड़ों में नमी ज्यादा होती है जिससे वे अधिक उपज देती हैं मिर्चों की तुड़ाई हरा रंग आने पर करें या फिर पकने के लिए पौधे पर ही रहने दें मिर्चों का पकने के बाद वाला रंग किस्म पर निर्भर करता है अधिक तुड़ाइयां लेने के लिए यूरिया 10 ग्राम प्रति लीटर और घुलनशील K @ 10 ग्राम प्रति लीटर पानी (1 प्रतिशत प्रत्येक का घोल) की स्प्रे 15 दिनों के फासले पर कटाई के समय करें पैकिंग के लिए मिर्चें पक्की और लाल रंग की होने पर तोड़ें सुखाने के लिए प्रयोग की जाने वाली मिर्चों की पूरी तरह पकने के बाद ही तुड़ाई करें
jawar ki kheti k liyea sabse best beej konsa hai ?
(en)
Punjab
Jwar ki aap SL-44 or Punjab Sudax chari ki varieties lga skte ho g..
sir me chandan ki kheti karna chata hu iske bare me puri jaankari de Or kya ye mere cchhetr me ho sakti he a to z jaankari bataye Or pode kah se kharide ?
(hn)
Rajasthan
contact me
sir July mahine Mai kon kon c fasal hum laga sakte hai..plz . reply ?
(hn)
Punjab
Narinder Kumar g Tusi July Month ch Kheera, Chauley( lobhia), Kerela, Kaddu, Petha, Tori,Bhindi,Tomato, Chlaai, Mooli, toh illawa 1121,1509,126, laa skde o
Punjab
Moongi, Mash ( Maah)
धान का रोपा कब डालना शुरू करना हैं ?
(hn)
Punjab
Rahul g paneeri jab 25 din ki ho jaye to aap transplanting kr skte ho g..
Madhya Pradesh
सर मेरा सवाल यह है कि धान का बीज कब डालना शुरू करना चाहिए रोपा बनाने के लिए
मशरूम की खेती ?
(hn)
Maharashtra
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप श्री जय 8882876224 जी से संपर्क कर सकते है
Punjab
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप श्री जय 8882876224 जी से संपर्क कर सकते है
Moti ki kheti kaise hoti hai ?
(hn)
Rajasthan
Rama ji moti ki kheti ke bare me puri jankari ke lia aap mere sath 9711858258 par samparak kare. Thankyou.
murgi palan farm kaise chalu Kare ?
(hn)
Punjab
Malek G aapko sbh sey pehle tohMurgi palan ka training laina hoga taa k aap ko Management, diseases, Vaccination, feed Management ki knowledge mil skey
Punjab
Training k Certificate per NABARD ki taraf sey aapko LOANbmil jayega
सर जी नमस्कार धान की पोध में amistar टॉप की सप्रे कर सकते ह् क्या ?
(hn)
Punjab
Deepak g paneeri mein amistar top ki spray krne ki lod nhi hoti.Agar paneeri mein fungus hai to aap Saaf @200 gm per knal ka chiita de skte ho g..
ganna me keeda lag raha Kya kare ?
(hn)
Punjab
Vishal ji kripya btaye ke konsa keet laga hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
mentha me oil ki paidawar jyada ke liye koi special product batao ?
(hn)
Punjab
खेत की तैयारी के समय रूड़ी की खाद 80-120 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें और अच्छी तरह मिलायें नाइट्रोजन 58 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 32-40 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 80-100 किलो), पोटाशियम 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 33 किलो) प्रति एकड़ में डालें
adarak ki kheti ki jankari ?
(hn)
Maharashtra
अदरक भारत की एक अहम मसाले वाली फसल है यह फसल अच्छे जल निकास वाली चिकनी, रेतली और लाल हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है खेत में पानी ना खड़ा होने दें क्योंकि खड़े पानी में यह ज्यादा देर बच नहीं पाएगी फसल की वृद्धि के लिए 6-6.5 पी एच वाली मिट्टी अच्छी मानी जाती है उस खेत में अदरक की फसल ना उगाएं जहां पिछली बार अदरक की फसल उगाई गई हो हर साल एक ही ज़मीन पर अदरक की फसल ना लगाएं प्रसिद्ध किस्में :-Himgiri, IISR Varanda, IISR Mahima,Suprabha, Suruchi, IISR Rejatha खेत को दो तीन बार जोतें और सुहागे से समतल करें अदरक की बिजाई के लिए आवश्यक लंबाई के 15 सैं.मी. ऊंचे और 1 मीटर चौड़े बैड तैयार करें दो बैडों के बीच 50 सैं.मी. का फासला रखें नदीनों कीटों और बीमारियों की जांच के लिए बैड की मिट्टी को धूप लगवायें इसके लिए बैड को पॉलीथीन शीट से 20-30 दिनों के लिए ढकें रोपाई के समय नीम केक 25 ग्राम को प्रति गड्ढे में डालें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए राइज़ोम की बिजाई मई के पहले सप्ताह में पूरी कर लें राइज़ोम को कतारों में बोयें और कतार में 40-45 सैं.मी. और दो पौधों में 30 सैं.मी. फासला रखें राइज़ोम की रोपाई के बाद खेत में 50 क्विंटल हरे पत्तों की मलचिंग प्रति एकड़ में करें दूसरी मलचिंग 20 क्विंटल हरे पत्तों के साथ 40 दिनों के बाद करें बीज की गहराई 3-4 सैं.मी. के करीब होनी चाहिए अदरक की बिजाई सीधे ढंग से और पनीरी लगाकर की जा सकती है बिजाई के लिए ताजे और बीमारी रहित गांठों का प्रयोग करें बिजाई के लिए 5-6.5 क्विंटल प्रति एकड़ बीज का प्रयोग करें बिजाई से पहले गांठों को मैनकोजेब 3 ग्राम प्रति लीटर पानी से उपचार करें गांठों को 30 मिनट के लिए घोल में भिगो दें इससे गांठों को फफूंदी से बचाया जा सकता है उपचार के बाद गांठों को 3-4 घंटें के लिए छांव में सुखाएं खेत की तैयारी के समय 60 क्विंटल रूड़ी की खाद प्रति एकड़ मिट्टी में डालें नाइट्रोजन 24 किलो (52 किलो यूरिया), फासफोरस 20 किलो (125 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 20 किलो (35 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें रूड़ी की खाद या गाय का गोबर 60 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें पोटाश और फासफोरस की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें नाइट्रोजन की दूसरी मात्रा 20 किलो (45 किलो यूरिया) बिजाई के 45 दिनों के बाद, जबकि बिजाई के 120 दिनों के बाद नाइट्रोजन की तीसरी मात्रा 16 किलो (यूरिया 35 किलो) डालें रोपाई के बाद पहली सिंचाई करें इसे बारानी फसल के तौर पर उगाया जाता है इसलिए बारिश की तीव्रता और नियमितता के आधार पर सिंचाई करें बारिश की अनुपस्थिति में, बाकी की सिंचाई 10 दिनों के अंतराल पर करें अदरक की पूरी फसल को कुल 16-18 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है बिजाई के 3 दिन बाद एट्राज़िन 4-5 ग्राम प्रति लीटर पानी की नमी वाली मिट्टी पर स्प्रे करें उन नदीनों को खत्म करने के लिए जो पहली नदीन नाशक स्प्रे के बाद पैदा होते हैं, बिजाई के 12-15 दिनों के बाद गलाइफोसेट 4-5 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें नदीन नाशक की स्प्रे करने के बाद खेत को हरी खाद से या धान की पराली से ढक दें जड़ों के विकास के लिए जड़ों में मिट्टी लगाएं बिजाई के 50-60 दिनों के बाद पहली बार जड़ों में मिट्टी लगाएं और उसके 40 दिन बाद दोबारा मिट्टी लगाएं
मेरे पास 15महीने की गाय है, उसको हिट मे लाने के लिए मुझे कया करना चाहिए ?
(hn)
Punjab
आप इसे flukarid-ds bolus पेट के कीड़ों के लिए दें, इसके साथ आप Agrimin super powder 50gm रोज़ाना दें और ovumin advance bolus रोज़ाना 1 गोली दें और 21 दिन तक देते रहें, इससे हीट में आ जाएगी
sir m29 hisar bul ki katdi first baar me kitna milk deti hai ?
(pb)
isdi katdi 14 litter + milk per day pehale suue dindi he ji.
eh ki cheez hai ih kida theek ho sakda ?
(pb)
Tuci iss nu Liquid Actinovet 15ml 10 bunda din vich 3 varr deo ate Injection Enthimelon 50ml lao te 10ml rojana lwao ji.
ਮੇਰੇ ਕੌਲ ਦੂਜੇ ਸੂਏ ਗਾਂ ਜੀ ਓਸ ਨੂੰ ਮੌਕ ਨੀ ਹਟਦੀ ਜੇ ਟਿਕਾ ਲਗਵਾਇਆ ਤਾ ਦੁੱਧ ਸੁੱਕ ਗਿਆ ਕੌਈ ਸੁੱਝਾ ਦੇਵੌ ?
(en)
ਤੁਸੀ ਗਾਂ ਨੂੰ Bolus Halotas 1 ਗੋਲੀਆ ਸਵੇਰੇ 1 ਗੋਲੀਆ ਸ਼ਾਮ ਨੂੰ ਦਿਓ ਤੇ ਨਾਲ ਹੀ liquid Broton 500ml ਲਿਆ ਕੇ 50ml ਰੋਜ਼ਾਨਾ ਦਿਓ ਤੇ 5 ਦਿਨ ਵਿੱਚ ਠੀਕ ਹੋ ਜਾਵੇਗੀ..
when and which fertilizer is to be given in custerd apple plant and how much ?
(en)
Punjab
Apply FYM@30kg at the time of land preparation and mix well in the soil. Application of fertilizer dose is given in the form of Nitrogen@400gm, Phosphorus@250gm per plant. Nitrogen is applied in three equal splits i.e. first in the month of January, then second in July and third in November month. Phosphorus dose is applied in two equal splits i.e. first in January and then in July month.
ਝੋਨੇ ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਨੂੰ ਛੇਤੀ ਕਿਵੇਂ ਤਿਆਰ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ ?
(pb)
Punjab
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਝੋਨੇ ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਵਿੱਚ ਲੋੜੀਂਦੇ ਤਤ ਪਾਓ ਅਤੇ ਪਾਣੀ ਲਗਾਉਂਦੇ ਰਹੋ ਇਹ 25-30 ਦਿਨ ਵਿੱਚ ਆਪਣੇ ਆਪ ਹੀ ਤਿਆਰ ਹੋਵੇਗੀ
vir g 130045 npk jhone te ki km krda eh paniri te kr skdea ja jhone te kdo kitta javve ?
(pb)
Punjab
Lakhwinder ji eh potash da kam kardi hai jekar tuc jhone vich potash di spray kiti hai ta tuhanu is di sprya karn di lod nahi hai.dhanwad
Eh 1 kille ch kinni te kdo krni chaidia magazine nl milake kr skdea
मिर्च की ज्यादा पैदावार के लिए क्या किया जाए ?
(hn)
Punjab
JP जी आप इसके ऊपर NPK 19:19:19 एक किलो को 150 लीटर पानी में मिला कर स्प्रे करें धन्यवाद
moti ki kheti kese suru Kare?
(en)
Rajasthan
Mitesh Nirvan ji moti ki kheti ke bare me puri jankari ke lia aap mere sath 9711858258 par samparak kare. Thankyou.
passu ghaban rehnda ni ?
(pb)
Punjab
ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਗੱਭਣ ਨਾ ਹੋਣ ਦੇ ਕਈ ਕਾਰਨ ਹੋ ਸਕਦੇ ਹੈ, ਜਿਵੇਂ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਦਾ ਸਹੀ ਵਿਕਾਸ ਨਾ ਹੋਣਾ, ਮਿਨਰਲ ਦੀ ਕਮੀ ਹੋਣਾ, ਹਾਰਮੋਨਸ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ, ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਵਿਚ ਇਨਫੈਕਸ਼ਨ ਹੋਣਾ, ਇਹਨਾਂ ਕਰਕੇ ਪਸ਼ੂ ਵਾਰ ਵਾਰ ਰਪੀਟ ਹੋਣ ਲਗ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ Metricef-iu 2 ਦਿਨ ਦਵਾਈ ਭਰਵਾਂ ਦਿਓ, ਇਹ ਦਵਾਈ ਭਰਵਾਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ Agrimin super powder ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿਓ ਇਸਨੂੰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ ਲਗਭਗ 2 ਕਿਲੋ ਤਕ ਦੇ ਦਿਓ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Concimax ਗੋਲੀਆਂ ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 14 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ ਫਿਰ ਅਗਲੀ ਵਾਰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਂ ਕੇ ਇਹ ਗੋਲੀਆਂ 14 ਦਿਨ ਹੋਰ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ, ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਉਹ ਗੱਭਣ ਰਹਿ ਜਾਵੇਗੀ.
jhone kdo start aa ji ?
(pb)
Punjab
Harman g PUNJAB Government Dey hukma aanusaar is vaar 13 June toh jhone di laaai shuru ho rahi hai
Punjab
bhaaji rola paya siii ki 20 date hoi gyi aa.
रोपाई के लिए 6444 gold लगाना है इसकी बेहतर पैदावार के लिए कुछ सुझाव बताइए सर ?
(hn)
Maharashtra
हरलाल जी आप इसमें सही मात्रा में खादें डालें खेत की तैयारी के समय 30 किलो गली हुई रूड़ी की खाद डालें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें नाइट्रोजन 400 ग्राम, फासफोरस 250 ग्राम प्रति पौधे में डालें नाइट्रोजन को तीन भागों में पहला जनवरी के महीने में, दूसरा जुलाई के महीने में और तीसरा नवंबर महीने में डालें फासफोरस को दो भागों में पहला जनवरी में और फिर जुलाई के महीने में डालें
ਸਰ ਜੀ ਗਾ ਦੀ ਜੇਰ ਨੀ ਪਈ ਹੁਣ ਡਾਕਟਰ ਤੋਂ ਕਢਾਈ ਹੈ ਅੱਗੇ ਕੀ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ ਕਿ ਉਸ ਦੀ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਦੀ ਸਫਾਈ ਹੋ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਕਿ ਅੱਗੇ ਕੋਈ ਦਿੱਕਤ ਨਾ ਆਵੇ ਅਤੇ ਦੁੱਧ ਵੀ ਪੂਰਾ ਹੋ ਜਾਵੇ ਧੰਨਵਾਦ ਜੀ ?
(pb)
Punjab
ਉਸ ਨੂੰ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ, 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁਲਕੰਦ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸੌੰਫ, 100ਗ੍ਰਾਮ ਸੁਕੇ ਆਵਲੇ ਤੇ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਅਜਵਾਇਨ ਉਬਾਲ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ ਦਿਉ ਜੀ, ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ Anabolite liquid 100-100ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ, Milkout powder 2-2 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦੇਣੇ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਦੁੱਧ ਵੱਧ ਜਾਵੇਗਾ ..
sir jo achar apa makki da bnaunde hn us vich kuj pauna painda hai jiwe namak ja kuj hor ?
(pb)
Nhi ji koi jarrurat nhi par jekar nami bilkul ghat ta fer namak pa sakde hai.
Punjab
Jaswinder Singh G Silage ch kujh paaun di jroorat nahi. Isdi Litraai bahut jroor aa. Taa k ihde cho saari hva nikl jaave. Usto baad ihde upr Polythene di sheet vishaa k Mitti naal lip dio. Taa k meeh da paani ihde vich naa jaave.
sir sajjar gaa di te gbbn gaa di ki sewa krni chahidi hai ?
(pb)
Punjab
ਜਸਵਿੰਦਰ ਜੀ ਗੱਭਣ ਅਤੇ ਦੂਜੀ ਗਾਂ ਨੂੰ ਰੋਜਾਨਾ 35-40 ਕਿਲੋ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਦੇਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਓਹਨਾ ਦੀ ਹਰ 3 ਮਹੀਨੇ ਦੇ ਬਾਦ ਡੇਵਰਮਿੰਗ ਜਰੂਰੀ ਹੈ, ਗੱਭਣ ਗਾਂ ਲਈ Albendazole salt ਦੀ ਗੋਲੀ ਵਰਤੋਂ ਅਤੇ ਦੂਜੀ ਗਾਂ ਲਈ Flbendazole salt ਦੀ ਗੋਲੀ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਬਾਕੀ ਓਹਨਾ ਦੇ ਰਹਿਣ ਸਹਿਣ ਵਾਲੀ ਜਗਾਹ ਤੇ ਸਾਫ ਸਫਾਈ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਓਹਨਾ ਨੂੰ ਗਰਮੀ ਤੋਂ ਬਚਾ ਕੇ ਰੱਖਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਅਤੇ ਓਹਨਾ ਕੋਲ 24 ਘੰਟੇ ਪਾਣੀ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਜਿਸ ਨਾਲ ਉਹ ਆਪਣੀ ਮਰਜੀ ਨਾਲ ਪਾਣੀ ਪੀ ਸਕੇ, ਬਾਕੀ ਸੂਣ ਵਾਲੀ ਗਾਂ ਨੂੰ ਸੂਣ ਤੋਂ 2 ਮਹੀਨੇ ਪਹਿਲਾ vitum-h liquid 10ml ਰੋਜਾਨਾ ਅਤੇ ਕਾਰਗਿਲ ਦੀ Transition mix ਫੀਡ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਲੇਵਾ, ਦੁੱਧ ਅਤੇ ਪਸ਼ੂ ਦੀ ਗਰੋਥ ਵਧਿਆ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ..
sir jo gaiya lyi jo pakhe lgaunde hn oh kitho milnge vrande ch laune hn ?
(pb)
Punjab
Jashan ji pashuaa de laon layi fogger system tohanu preet fogger sytem rampura to mil javega ji. eh apne aap gar lga ke jange 10 fuhareya da sytem te 6000 rupees kharcha aavega ji. jekar koe hor jankari leni hai ta 9464196810 number te bablu ji nal gal kar lavo. Thankyou.
sir makki nu 10 din ho gye us te kehdi sprey krni chahidi hai vistarpurvak jankari deo ?
(pb)
Punjab
Jaswinder ji makki nu ki dikkat aa rahi hai kirpa karke daso ta jo tuhanu osde hisab nal jankari diti ja sake.dhanwad
Punjab
Jaswinder g Makki nu problem ki aa rahi Ih dso g Jekar Makki nu kiri pai rahi ta 505 ja Coragen di spray kro
ਸਰ ਜੀ ਪੈਨਰ 28p67 ਦਾ ਕਿੰਨਾ ਝਾੜ ਆ ਜੀ ?
(pb)
Maharashtra
28p67 :-ਇਹ ਇਕ ਵਧੀਆ ਕਿਸਮ ਦਾ ਬੀਜ ਹੈ, ਇਹ ਹਾਇਬ੍ਰਿਡ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜੋ 135 137 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਤਣਾ ਮੋਟਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜਿਸ ਕਰਕੇ ਇਹ ਜ਼ਿਆਦਾ ਪਾਣੀ ਖੜ੍ਹਨ ਦੇ ਕਾਰਨ ਡਿਗਦਾ ਨਹੀਂ ਹੈ ਇਸਦਾ ਝਾੜ 28-29 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਰੇਤਲੇ ਵਾਹਨ ਦੇ ਵਿਚ ਇਹ ਲੱਗ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਇਸਦਾ ਬੀਜ 6 - 7 ਕਿੱਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਨੀਰੀ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
sir gawa nu garmi to bchaun lyi ki ki prabndh krne chahide hn fuhare lgaune chahide hn ke nahi dsso ji ?
(pb)
Punjab
ਤੁਸੀ ਗਾਂ ਨੂੰ ਗਰਮੀ ਤੋਂ ਬਚਾ ਰੱਖੋ, ਇਸਦੇ ਲਈ ਓਹਨਾ ਨੂੰ 24 ਘੰਟੇ ਪਾਣੀ ਮਿਲਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਓਹਨਾ ਦੇ ਕੋਲ ਪਾਣੀ ਰੱਖੋ ਜਿਸ ਨਾਲ ਉਹ ਆਪਣੀ ਮਰਜੀ ਨਾਲ ਪਾਣੀ ਪੀ ਸਕੇ, ਓਹਨਾ ਨੂੰ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਨਹਾਓ, ਬਾਕੀ ਓਹਨਾ ਦੇ ਰਹਿਣ ਵਾਲੀ ਜਗਾਹ ਵਿਚ ਕੂਲਰ, ਪੱਖੇ ਲਗਾਓ, ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ coolmax ਪਾਊਡਰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ ਤੁਸੀ ਇਹ ਦੇਸੀ ਤਰੀਕਾ ਵੀ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਹ ਤੁਸੀ ਮਹੀਨੇ ਵਿਚ ਇਕ ਵਾਰੇ ਜਰੂਰ ਲਗਾਤਾਰ 7-8 ਦਿਨ ਦਿਓ, ਤੁਸੀ 1 ਕੋਰਾ ਮਿੱਟੀ ਦਾ ਘੜਾ ਲਵੋ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਅੱਧਾ ਪਾਣੀ ਨਾਲ ਭਰ ਲਵੋ ਰਾਤ ਨੂੰ ਉਸ ਘੜੇ ਵਿੱਚ 1 ਪੇਸੀ ( ਡਲਾ) ਗੁੜ ਦੀ ਅਤੇ 1 ਗੁੰਨੇ ਹੋਏ ਆਟੇ ਦਾ ਪੇੜਾ ਮਿਲਾ ਦੇਵੋ ਇਸ ਮਿਸ਼ਰਣ ਨੂੰ ਰਾਤ ਨੂੰ ਰੱਖ ਦਿਊ ਤੇ ਸਵੇਰ ਵੇਲੇ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤਰਾ ਘੋਲ ਲਵੋ ਚੰਗੀ ਤਰਾਂ ਘੋਲਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇਸ ਪਾਣੀ ਨੂੰ ਸਵੇਰੇ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਪਿਆਉ ਇਸ ਤਰਾਂ ਤੁਸੀ ਲਗਾਤਾਰ 8-10 ਦਿਨ ਤੱਕ ਪਿਆ ਦਿਉ
सर नरमे में क्या प्रोब्लम हो गई ?
(hn)
Punjab
पवन जी किर्प्या बताये के इसमें आपने क्या क्या खाद डाली है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
ਸਰ ਮੈ ਡੰਗਰ ਡਾਕਟਰ ਦਾ ਕੋਰਸ ਕਰਨਾ ਜੀ ਮਾਨਸਾ ਜਿਲੇ ਚ ਕਿਥੇ ਹੋਵੇਗਾ ਜੀ ਦੱਸਏਓ ?
(pb)
Punjab
ਡੰਗਰ ਡਾਕਟਰ ਦਾ ਕੋਰਸ ਕਰਨ ਲਈ +2 ਨਾਨ ਮੈਡੀਕਲ ਵਿਸ਼ੇ ਨਾਲ ਪਾਸ ਕੀਤੀ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜੀ ਬਾਕੀ ਇਸ ਦੇ ਲਈ ਐਟਰਸ cet ਟੈਸਟ ਦੇਣਾ ਪਵੇਗਾ ਜੀ ਜੋ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੈਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੀ ਵੈਬਸਾਈਟ ਤੋਂ ਆਨਲਾਈਨ ਭਰਨਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਤੁਸੀ ਉਹ ਫਾਰਮ ਕੇ ਪੇਪਰ ਦਿਓ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਉਸ ਟੈਸਟ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮੈਰਿਟ ਲਿਸਟ ਬਣੇਗੀ ਜੇਕਰ ਮੈਰਿਟ ਵਿੱਚ ਨਾਮ ਆ ਗਿਆ ਤਾਂ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਕੋਸਲਿੰਗ ਹੋਵੇਗੀ ਤੇ ਕੌਸਲਿੰਗ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਅਡਮਿਸ਼ਨ ਮਿਲ ਸਕਦੀ ਹੈ ਜੀ ਵੈਸਸਾਈਟ ਦਾ ਲਿਂੰਕ ਤੁਸੀ ਨੋਟ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ http://www.gadvasu.in/
इस समय कौन सी सब्जी की खेती की जा सकती है ?
(en)
Maharashtra
राजू जी आप सब्जियां जैसे फूलगोभी, खीरा-ककड़ी, लोबिया, करेला, लौकी, तुरई, पेठा, बीन, भिण्डी, टमाटर, प्याज, चौलाई की बिजाई कर सकते है
sir ,dairy farmer vich munafa hunda ja Nahi mi suru karna pehla kene pasuaa nal suru Kara te sir ess Kam vaste menu loun Mel sakhda hi ja Nahi te ess vich koi subsidy mildi aa ja Nahi pls sir pure jankare devo
(pb)
ਡੇਅਰੀ ਫਾਰਮ ਖੋਲਣ ਲਈ ਜਨਰਲ ਕੈਟਾਗਰੀ ਲਈ 25% ਸਬਸਿਡੀ ਹੈ ਤੇ ਅਨੂਸੂਚਿਤ ਜਾਤੀਆ ਲਈ 33 % ਹੈ ਜੀ ਬਾਕੀ ਸਬਸਿਡੀ ਤੇ ਲੋਨ ਲੈਣ ਲਈ ਡੇਅਰੀ ਦੀ ਟ੍ਰੈਨਿੰਗ ਦਾ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਹੋਣਾ ਬਹੁਤ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਕੋਰਸ 30 ਦਿਨ ਦਾ ਤੇ 15 ਦਿਨ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ 30 ਦਿਨ ਦੇ ਕੋਰਸ ਦੀ ਫੀਸ ਜਨਰਲ ਲਈ 5000 ਤੇ ਅਨੂਸੂਚਿਤ ਜਾਤੀ ਲਈ 4000 ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੀ ਤੇ ਅਗਲੀ ਡੇਅਰੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ10 ਜੂਨ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਰਹੀ ਹੈ ਜਿਸ ਲਈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਨੇੜਲੇ ਡੇਅਰੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸੈਂਟਰ ਕੋਲ ਜਾ ਕੇ ਰਜਿਸ਼ਟ੍ਰੇਸ਼ਨ ਕਰਵਾੳੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਜੋ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਮਿਲੇਗਾ ਉਸ ਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਜਿੱਥੋ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕੀਤੀ ਹੈ ਉਸ ਕੋਲੋ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟ ਰਿਪੋਰਟ ਬਣਾਓ ਫਿਰ ਜਿੱਥੇ ਤੁਹਾਡਾ ਬੈਕ ਖਾਤਾ ਹੈ ਉਸ ਬੈਕ ਨਾਲ ਗੱਲ ਕਰੋ ਉਸ ਤੋਂ ਅਗਲੀ ਕਾਰਵਾਈ ਬੈਕ ਮੈਨੇਜ਼ਰ ਦੱਸੇਗਾ ਜੀ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਇਹ ਵੀਡੀਓ ਵੀ ਦੇਖੋ https://youtu.be/L9dsW7iAdgw ਬਾਕੀ ਕੁੱਝ ਹੋਰ ਗੱਲਾਂ ਤੁਹਾਡੇ ਨਾਲ ਸ਼ੇਅਰ ਕਰ ਰਹੇ ਹਾਂ ਤੁਸੀ ਇੱਕੋ ਵਾਰ ਇਕੱਠੀਆਂ ਗਾਵਾਂ ਨਾ ਖਰੀਦੋ,ਗਾਵਾਂ ਨੂੰ 2 -2 ਮਹੀਨਿਆ ਤੇ ਵਕਫੇ ਤੇ ਖਰੀਦੋ ਜਾਂ ਫਿਰ 3 ਪਹਿਲਾਂ ਖਰੀਦ ਲਓ ਤੇ 3 ਮਹੀਨੇ ਬਾਅਦ ਫਿਰ ਖਰੀਦ ਲਵੋ ਇਸ ਨਾਲ ਦੁੱਧ ਦੀ ਕਮੀ ਨਹੀਂ ਆਵੇਗੀ ਪਸ਼ੂ ਦੀ ਨਸਲ ਸਭ ਤੋਂ ਜਿਆਦਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਪਸ਼ੂ ਖਰੀਦਣ ਵੇਲੇ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰੋ ਕਿ ਤਿੰਨ ਡੰਗ ਦੀ ਚੁਆਈ ਕਰਕੇ ਹੀ ਪਸ਼ੂ ਖਰੀਦੋ ਮੱਝਾਂ ਦਾ ਇੱਕ ਦਿਨ ਦਾ ਦੁੱਧ 12 ਲੀਟਰ ਅਤੇ ਗਾਵਾਂ ਦਾ ਦੁੱਧ 16-17 ਲੀਟਰ ਤੋਂ ਘੱਟ ਨਾ ਹੋਵੇ ਲਵੇਰੀਆਂ ਨੂੰ ਖਰੀਦਣ ਦਾ ਸਹੀ ਸਮਾਂ ਰੱਖੜੀਆਂ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਵਿਸਾਖੀ ਤੱਕ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਕਿਉਕਿ ਇਸ ਸਮੇਂ ਮੌਸਮ ਸੁਖਾਵਾਂ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਵੀ ਖੁੱਲਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਲਵੇਰੀਆਂ ਲਈ ਸ਼ੈਡ ਆਵਾਜਾਈ ਵਾਲੀ ਸੜਕ ਤੇ ਨਾ ਬਣਾਓ ਅਤੇ ਸ਼ੈਂਡ ਸੜਕ ਤੋਂ ਘੱਟੋ-ਘੱਟ 100 ਗਜ ਹਟਵਾ ਜਰੂਰ ਹੋਵੇ ਸ਼ੈਡ ਨੂੰ ਧੁੱਪ ਅਤੇ ਹਵਾ ਦਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖ ਕੇ ਬਣਾਓ ਸ਼ੈਡ ਹਮੇਸ਼ਾ ਖੇਤ ਜਾਂ ਆਲੇ ਦੁਆਲੇ ਨਾਲੋ 2 ਫੁੱਟ ਉੱਚਾ ਬਣਾਓ ਕਿਉਕਿ ਨੀਵੀ ਥਾਂ ਤੇ ਪਾਣੀ ਖੜ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਗੰਦਗੀ ਪੈਦਾ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੇ ਬਾਕੀ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦਾ ਮਲ-ਮੂਤਰ ਦਾ ਨਿਕਾਸ ਵੀ ਅਸਾਨੀ ਨਾਲ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਪਸ਼ੂਆਂ ਲਈ ਬਣਾਈ ਜਾਣ ਵਾਲੀ ਖੁਰਲੀ ਢਾਈ-ਤਿੰਨ ਫੁੱਟ ਚੌੜੀ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਖੁਰਲੀ ਤੇ ਖੜਨ ਲਈ ਇੱਕ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਤਕਰੀਬਨ ਚਾਰ ਫੁੱਟ ਜਗਾਂ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਮਤਲਬ 10 ਪਸ਼ੂਆਂ ਲਈ 40 ਫੁੱਟ ਲੰਬੀ ਖੁਰਲੀ ਬਣੇਗੀ ਡੇਅਰੀ ਫਾਰਮ ਨਾਲ ਸਬੰਧਿਤ ਸਮਾਨ ਰੱਖਣ ਲਈ ਸਟੋਰ ਬਣਾਓ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੀ ਵੰਡ/ਦਾਣਾ ਸਟੋਰ ਕਰਨ ਲਈ ਕਮਰਾ ਸਿਲਾਬ ਤੋਂ ਰਹਿਤ ਹੋਣਾ ਬਹੁਤ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਸ਼ੈਡ ਦਾ ਫਰਸ਼ ਪੱਕਾ, ਤਿਲਕਣ ਰਹਿਤ ਤੇ ਜਲਦੀ ਸਾਫ ਹੋਣ ਵਾਲਾ ਹੋਵੇ ਸ਼ੈਡ ਵਿੱਚ ਜਿੰਨਾ ਹੋ ਸਕੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਖੁੱਲਾ ਛੱਡੋ ਤੇ ਪਾਣੀ ਤੇ ਦਾਣਾ ਪੂਰਾ ਦਿਓ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਖੁੱਲਾ ਛੱਡਣ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂਆਂ ਵਿੱਚ ਅਫਾਰੇ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆਂ ਘੱਟ ਆਉਂਦੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਆਪਣੀ ਲੋੜ ਤੇ ਸਮਰੱਥਾਂ ਮੁਤਾਬਿਕ ਹੀ ਸਮਾਨ ਖਰੀਦੋ ਅਤੇ ਆਰਥਿਕ ਨੁਕਸਾਨ ਤੋਂ ਬਚਣ ਲਈ ਹਰੇਕ ਲਵੇਰੀ ਦਾ ਬੀਮਾ ਜਰੂਰ ਕਰਵਾਓ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਬਾਰੇ ਹੋਰ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ PDDB ਦੇ ਦਫਤਰ ਵਿੱਚ ਜਾ ਕੇ ਡੇਅਰੀ ਡਵਿਲਪਮੈਟ ਅਫਸਰ ਨੂੰ ਮਿਲੋ ਡੇਅਰੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਾ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਹਾਸਲ ਕਰਕੇ ਹੀ ਤੁਸੀ ਅੱਗੇ ਡੇਅਰੀ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ.
sir ,potato da ki rate aa g bathinda vich te rate vadan Di sabhavna hai ja Nahi daso sir ?
(pb)
Punjab
Amritpal ji Bathinda vich Allu da rate (Mandi Bhagta bhai ka) 500-600/qtl tak chal reha hai. Thankyou.
sir , buffalo suun vich kinna time laindi aa ji daso ?
(pb)
Rajasthan
Amritpal ji majha suun vich 10 month 10 din lendi hai, iss vicho kujj din pehla ya badd ch suu jndia hai jo koi chkar wali gal nhi hundi.