Rajasthan
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मोती की खेती कैसे करते है ?
(hn)
पुनाजी विश्वनाथ भोईर जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सब से जरुरी है इस की ट्रेनिंग, क्योकि इस में बहुत सी ऐसी बरीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सिखने को मिलती है अगर आप इस की ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Sir ji mircha di todai 4 var kar lai he hun urea khad kini pani chahiye, kehedi sprey krni chahidi a ?
(pb)
Punjab
ਵਧੀਆ ਕੁਆਲਿਟੀ ਵਾਲੇ ਵਧੇਰੇ ਫਲਾਂ ਦੇ ਗੁੱਛੇ ਲੈਣ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 20, 40, 60 ਅਤੇ 80 ਦਿਨ ਤੇ ਟ੍ਰਾਈਕੋਂਟਾਨੋਲ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਵਿਕਾਸ ਦਰ ਵਧਾਉਣ ਲਈ 1.25 ਪੀ.ਪੀ.ਐੱਮ. (1.25 ਮਿ.ਲੀ. ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ) ਕਰੋ
ਬਾਈ ਜੀ ਅਜੋਲਾ ਦਾ ਬੀਜ ਕਿੱਥੋ ਮਿਲੇਗਾ ਅਤੇ ਇਸ ਦਾ ਕੀ ਰੇਟ ਹੈ ?
(pb)
Punjab
ਤੁਸੀ ਅਜ਼ੋਲਾ ਦਾ ਬੀਜ ਲੈਣ ਲਈ Sandeep :- 7014864529 ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Fish farming ki training Kaha hoti hai ?
(hn)
Punjab
shiv ji fish farming ki traning aap apne zile ke FFDA office se le sakte hai ya fir iski traning ke liye aap apne nazdiki Krishi Vigyan Kendra se le sakte ho . kvk ka pata aap note kar sakte hai Krishi Vigyan Kendra Parwaha, Dibiyapur, Distt.- Auraiya - (U.P.) INDIA Tel. No.: 9760940402
ਮੇਰੇ ਚੂਚਿਆਂ ਨੂੰ ਨੀਂਦ ਬਹੁਤ ਆ ਰਹੀ ਹੈ। ਖੰਭ ਵੀ ਬਹੁਤ ਉੱਤਰ ਰਹੇ ਹਨ ਕੋਂ ਕੋਂ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ, ਸਰ ਮੇਰੇ ਕੋਲ 150 ਚੂਚਾ ਹੈ ਤੇ ਕੱਲ ਦੇ ਸਾਰੇ ਬਿਮਾਰ ਹੋ ਗਏ, ਇਹਨਾ ਦੇ ਖੰਭ ਵੀ ਉਤਰ ਰਹੇ ਨੇ, ਫੀਡ ਵੀ ਨਹੀਂ ਖਾ ਰਹੇ, ਜਿੱਤੇ ਬੈਠਦੇ ਆ ਉੱਥੇ ਹੀ ਸੌ ਜਾਂਦੇ ਆ, ਮੂੰਹ ਉੱਪਰ ਵੱਲ ਨੂੰ ਕਰਕੇ ਸਾਹ ਲੈਂਦੇ ਨੇ, ਚੁੰਝ ਖੋਲ ਕੇ ਆਵਾਜ ਕਰਦੇ ਰਹਿੰਦੇ ਆ। ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਕੋਈ ਵਧੀਆ ਜਿਹੀ ਦਵਾਈ ਦੱਸੋ ਤਾਂ ਕਿ ਸਹੀ ਇਲਾਜ ਹੋ ਸਕੇ ?
(pb)
Punjab
tuci ohna nu Levofloxacin liquid, chupp dwai ate Teramycin powder dena suru kro, ehna nu denn da trika uppar likhia hunda hai tuci uss hisab nal deo, iss nal farak paa jawega
हरी बिन के बारे मे जानकारी ?
(hn)
Punjab
महिंदर जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछे के आप किसके बारे में जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके
Haryana
shubh ya syam ko 1 bar pani ka spray jrur kra
Kisan bhawan ?
(pb)
Punjab
Amandeep singh ji kirpa karke apna swal detail nal pucho ji. fir hi sahi jankari ditti ja sakdi hai ji.
अब पानी कब तक आयेगा ?
(hn)
Maharashtra
श्याम जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछे के आप कोनसे पानी के बारे में जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Uttar Pradesh
तक आएगा
ਹਰੀ ਮੂੰਗੀ ਦਾ ਕੀ ਭਾਅ ਹੈ ?
(pb)
Punjab
Jashan Dhaliwal ji 2019-20 da moongi da smarthan rate (MSP) 7050 hai. Thank you.
मूंगफली की अच्छी पैदावार के बारे में जानकारी ?
(hn)
Maharashtra
ज़मीन की तैयारी पिछली फसल की कटाई के बाद, मिट्टी को भुरभुरा करने के लिए खेत की जोताई करे और फिर समतल करें आवश्यकता पड़ने पर बारानी हलातों के लिए तीसरी जोताई जून महीने या जुलाई के शुरू में करें जोताई के लिए तवियों या हल का प्रयोग करें जब खेत सदाबाहार नदीनों से प्रभावित हो, तो उस समय जोताई की जरूरत होती है सिंचित हलातों में सिंचाई के स्त्रोतों के अनुसार खेत को क्यारियों में बांट लें और आवश्यकता-अनुसार आकार के बैड बनाएं बिजाई से एक महीना पहले 5-7 टन मुर्गियों की खाद या 10 टन रूडी की खाद डालें यह मिट्टी की बंतर और पौधे के विकास में सुधार करती है बिजाई का समय बारानी हलातों में मूंगफली की बिजाई मानसून शुरू होने पर जून के अंत वाले हफ्ते या जुलाई के पहले हफ्ते में करें जितनी जल्दी हो सके बिजाई कर दें, क्योंकि बिजाई में देरी होने से पैदावार में कमी आ जाती है जबकि सिंचित हलातों में खरीफ की मूंगफली की बिजाई अप्रैल के अंत से मई के अंत तक करें फासला फसल की किस्म के आधार पर फासला करें जैसे कि सामान्य फैलने वाली किस्म(M 522) के लिए कतारों के बीच का फासला 30 सैं.मी. और पौधों के बीच का फासला 22.5 सैं.मी. रखें गुच्छेदार किस्में(SG 99, SG84) फासला 30x15 सैं.मी. रखें बीज की गहराई बिजाई से लगभग 15 दिन पहले पूरी तरह विकसित और सेहतमंद फलियों में से गिरियां हाथों से निकाले सीड ड्रिल के साथ 8-10 सैं.मी. की गहराई पर बीज बोयें और 38-40 किलो प्रति एकड़ के लिए प्रयोग करें बिजाई का ढंग बिजाई सीड ड्रिल के साथ की जाती है ICRISAT विधि: चीन की तरह ज्यादा पैदावार लेने के लिए पॉलीथिन मलचिंग को उन्नत खेती के ढंग द्वारा अपनाया जाता है पॉलीथिन मलचिंग के साथ मूंगफली की खेती करने से मूंगफली की फसल आम विधि से 10 दिन पहले पक जाती है पॉलीथिन मलचिंग सूरज की रोशनी को जमा करके मिट्टी के तापमान को बढ़ाती है मिट्टी का बढ़ीया तापमान फसल को जल्दी पकने में सहायता करता है गर्म मौसम के दौरान यह मिट्टी को सूरज की सीधी और ज्यादा गर्म किरणों से बचाते है इस विधि में मूंगफली की खेती के लिए चौड़े बैडों और मेंड़ों का प्रयोग किया जाता है मूंगफली की फलियों के बढ़ीया विकास के लिए चौड़े बैड और खलियान अनुकूल है, बैडों के आकार में थोड़े से बदलाव करके पॉलीथिन फिल्म लगा दें बैड 60 सैं.मी. के फासले पर बनाएं और साथ ही मेंड़ों के लिए 15 सैं.मी. का फासला छोड़ दें 4.5x6.0 मीटर के प्लाट में पांच बैड बनाएं जा सकते है बैड बनाने और खाद डालने के बाद मिट्टी पर काले रंग की पॉलीथिन शीट(90 सैं.मी.चौड़ी) बिछा दें सात माइक्रोन 20 किलो प्रति एकड़ पॉलीथिन शीट होनी चाहिए शीट बिछाने से पहले आवश्यकता अनुसार 30x10 सैं.मी. के फासले पर सुराख बनाएं इस विधि के लिए बीज की आम मात्रा का ही प्रयोग करें
All state kyu nahi aa rahe ?
(en)
Punjab
sonu Gupta ji kirpeya aap thoda detail me btaye ke kaha par state show nai ho rahe ji. hum aapki puri help karege ji. agar aapko app ko chalane me koe or dikkat bhi aa rahi hai to aap hmare helpline number 9779977641 par bhi call kar sakte hai ji.
pr126 6 june nu lai c, 13 June bhut virli hai, koi hal dso ji ?
(pb)
Punjab
kulwinder ji kirpa karke daso ke tuc beej nu kehde tareeke nal beejya hai isnu beejayi to pehlan bheo ke beejya hai ja nahi.dhanwad
Meri gay 3 sal ki ho gai hai, pr vo heat pr nahi aa rahi hai ?
(hn)
Punjab
Deepak ji usko app pett ke kiro ke liye Fendikind plus bolus den, iske sath app Bovimin-b powder 50gm rojana aur Ovumin advance bolus rojana 1 goli den aur 21 din tak dete rehen, isse heat mai aa jayegi.
Meri cow ko thnela rog huya hai doctor bhi char se panch badal diya hai ?
(hn)
Punjab
vipin ji thnela rog ke bohat sare karan ho sakte hai . aise kuch nai btaya ja sakta aap thano ki photo send kare or yeh btaye ke aapne pehle konsi medican use kari hai. case history or leve ki condition dekhkar hi kuch aage guide kiya ja sakta hai ji.
Sir bakri kine suve dindi a ?
(pb)
Punjab
sukhjinder singh ji bakri 13- 14 suve dindi hai ji.
thanks sir g
मुझे टमाटर की खेती करनी है इस समय टमाटर की कौन से किस्म का बीज लगाएं जिससे ज्यादा फल मिल सके ?
(hn)
Maharashtra
सतीश जी आप किस्मे जैसे Hisar Arun (Selection 7): यह अगेती किस्म है और रोपाई के बाद 70 दिनों में पहली तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है इसके फलों की संख्या ज्यादा होती है और फल मध्यम से बड़े आकार के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 100 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Kashi Amrut (D.V.R.T 1): यह मध्यम फैलने वाली किस्म है इसके फल मध्यम, गोल होते हैं इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Kashi Anupam: यह मध्यम ऊंचाई वाली अगेती बिजाई वाली किस्म है इसके फल बड़े और गोल होते हैं इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Kashi Vishesh (H -86): इसके फल मध्यम से बड़े आकार के होते हैं और यह किस्म पत्ता मरोड़ रोग की प्रतिरोधक है इसकी औसतन पैदावार 80-100 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pant Bahar: इस किस्म के फल गोल और मध्यम आकार के होते हैं Arka Vikas: यह किस्म IIHR, बैंगलोर द्वारा जारी की गई है यह 120 दिनों में तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 140-160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है D T 10: इस किस्म का पौधा लंबा और फल मध्यम आकार के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 120-140 क्विंटल प्रति एकड होती है Arka Saurabh: यह मध्यम ऊंचाई वाली किस्म है इसके फल बड़े आकार के होते हैं इस किस्म के फलों में दरारें नहीं पड़ती इसकी औसतन पैदावार 120-140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa Hybrid 2: यह किस्म ICAR, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है इसके फल चपटे, गोल और मोटे छिल्के वाले होते हैं इसकी औसतन पैदावार 220 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Avinash 2: यह मध्यम ऊंचाई वाली किस्म है इसके फल गोल और गहरे लाल रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 240 क्विंटल प्रति एकड़ होती है S.T.H 537: यह हाइब्रिड किस्म है इसकी औसतन पैदावार 320 क्विंटल प्रति एकड़ होती है ARTH-3: यह किस्म रोपाई के बाद 80-85 दिनों में तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 350-380 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Gotya: यह किस्म रोपाई के बाद 70-75 दिनों में तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 240 क्विंटल प्रति एकड़ होती है N.S 815: यह किस्म रोपाई के बाद 75-80 दिनों में तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 240 क्विंटल प्रति एकड़ होती है BSS 99: यह लंबी किस्म है इसकी औसतन पैदावार 280 क्विंटल प्रति एकड़ होती है BSS 40: इसके फल मध्यम आकार के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 280 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Toystoll: इस किस्म के फल मध्यम और नाशपाति के आकार के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 280 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Kya urea ka pryog kar sakte hain phool ane se pehle ?
(hn)
Punjab
Azeel ji kripya bteya ke aap konsi fasl men fool aane se pehle urea ke paryog ke bare mne jankari lena chahte hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Sir pusa 1718 da ki rate chalega ?
(pb)
Punjab
gurpreet ji basmati de rate da faisla sarkar valo hi kita janda hai is bare hale kuch vi keha nahi ja sakda.dhanwad
गेहूं का खेती कैसे करें ?
(hn)
Punjab
इसे भारत की मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जा सकता है गेहूं की खेती के लिए चिकनी दोमट या दोमट बनतर, अच्छे ढांचे और पानी सोखने की सामान्य क्षमता वाली मिट्टी उचित होती है छिद्रित और पानी कम सोखने वाली मिट्टी गेहूं की खेती के लिए उपयुक्त नहीं होती सूखे हालातों, अच्छे जल निकास वाली भारी मिट्टी इसकी खेती के लिए अनुकूल होती है भारी मिट्टी जिसका घटिया ढांचा और घटिया जल निकास हो इसकी खेती के लिए उपयुक्त नहीं होती क्योंकि गेहूं की फसल जल जमाव के प्रति संवेदनशील होती है गेहूं की फसल को अच्छे अंकुरन के लिए अच्छी तरह से तैयार, पर ठोस बीज बैड की आवश्यकता होती है पिछली फसल की कटाई के बाद खेत की अच्छे तरीके से ट्रैक्टर की मदद से जोताई की जानी चाहिए खेत को आमतौर पर ट्रैक्टर के साथ तवियां जोड़कर जोता जाता है और उसके बाद दो या तीन बार हल या सुहागे से जोता जाता है खेत की जोताई शाम के समय की जानी चाहिए और रोपाई की गई ज़मीन को पूरी रात खुला छोड़ देना चाहिए ताकि वह ओस की बूंदों से नमी सोख सके प्रत्येक जोताई के बाद सुहागा फेरना चाहिए बारानी क्षेत्रों में फसल को दीमक के हमले से बचाव के लिए क्लोरपाइरीफॉस 20 ई सी 700 मि.ली. को 5 लीटर पानी में मिलाकर 100 किलो बीजों का उपचार करें उसके बाद बीजों को छांव में सुखाएं सामान्य बिजाई के लिए कतारों में 20-22-5 सैं.मी. के फासले की सलाह दी जाती है यदि बिजाई देरी से करनी हो तो 15-18 सैं.मी. का फासला होना चाहिए लंबी किस्मों के लिए 6-7 सैं.मी. की गहराई का प्रयोग करें जबकि अन्य किस्मों के लिए 5-6 सैं.मी. की गहराई का प्रयोग करें छोटे आकार की किस्मों के लिए 40 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें और मोटे किस्म के बीजों के लिए 50 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें यदि पिछेती बिजाई करनी हो तो 60 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बिजाई से पहले बीज साफ और छांटे हुए होने चाहिए मिट्टी की जांच के आधार पर खादें डालें मिट्टी की जांच के अनुसार ही हम मिट्टी में आवश्यक खादों की मात्रा दे सकते हैं सिंचित क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 60 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो), पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी नाइट्रोजन को पहली सिंचाई के समय डालें बारानी क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 24 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 8 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 15 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोज, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए, नाइट्रोजन 50 किलो (यूरिया 110 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 16 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 27 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की दो तिहाई मात्रा बिजाई के 35-40 दिनों के बाद डालें यह पाया गया है कि जिंक सल्फेट 10 किलो प्रति एकड़ में डालने से उपज में वृद्धि होती है जिंक की कमी को पूरा करने के लिए जिंक सल्फेट 0.5 प्रतिशत की फोलियर स्प्रे करें 15 दिनों के अंतराल पर दो से तीन स्प्रे करें सिंचाई की संख्या, पानी की उपलब्धता मिट्टी की किस्म पर पर निर्भर करती है जड़ें बनने के समय और बालियां बनने के समय नमी का होना जरूरी है छोटे कद वाली किस्मों और अच्छी पैदावार के लिए बिजाई से पहले सिंचाई करें गेहूं की फसल के लिए चार से छः सिंचाईयां बहुत होती हैं बिजाई के 20-25 दिनों के बाद पहली सिंचाई देनी चाहिए जड़ें बनने के समय पर नमी का होना पैदावार को कम होने से बचाता है ठंडे क्षेत्रों में जैसे पहाड़ी क्षेत्रों और जहां पर गेहूं की पिछेती बिजाई की जाती है वहां पर बिजाई के लगभग 25-30 दिनों के बाद पहली सिंचाई करें बिजाई के 40-45 दिनों के बाद पौधा बनने के समय दूसरी सिंचाई करें तीसरी सिंचाई 70-75 दिनों के बाद नोड्स बनने के समय करें फूल निकलने के समय चौथी सिंचाई 90-95 दिनों में करें पांचवी सिंचाई बिजाई के 110-115 दिनों के बाद करें जब दाने अपरिपक्व होते हैं कम पानी की स्थितियों में गंभीर अवस्था में सिंचाई करें जब पानी एक ही सिंचाई के लिए उपलब्ध हो तो जड़ें बनने के समय पानी लगाएं जब दो सिंचाईयों के लिए पानी उपलब्ध हो तो जड़ें बनने के समय और बालियां निकलने के समय पानी लगाएं यदि तीन सिंचाइ्रयों के लिए पानी उपलब्ध हो तो पहला पानी जड़ें बनने के समय दूसरा बलियां बनने के समय और तीसरा पानी दानों में दूध बनने के समय लगाएं जड़ें बनने की अवस्था सिंचाई के लिए बहुत महत्तवपूर्ण अवस्था होती है यह सिद्ध हुआ है कि पहली सिंचाई के हर सप्ताह के बाद देरी करने से 80-120 किलोग्राम प्रति एकड़ पैदावार में कमी आती है उच्च पैदावार वाली फसलों की किस्मों की कटाई पत्तों और तने के पीले पड़ने और सूखने के बाद की जाती है हानि से बचने के लिए फसल की कटाई इसके पके हुए पौधों के सूखने से पहले की जानी चाहिए ग्राहक की तरफ से इसे स्वीकारने और इसकी अच्छी गुण्वत्ता के लिए इसको सही समय पर काटना चाहिए जब दानों में 25-30 प्रतिशत नमी रह जाती है तो यह इसे काटने का सही समय होता है हाथ से गेहूं काटने के समय तेज धार वाली द्राती का प्रयोग करना चाहिए कटाई के लिए कंबाइने भी उपलब्ध हैं, जिनकी सहायता से गेहूं की फसल की कटाई, दाने निकालना और छंटाई एक ही बार में की जा सकती है
ਹਲਦੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰਦਾ ਕੋਈ ?
(pb)
Punjab
ਅੰਮ੍ਰਿਤਪਾਲ ਜੀ, ਬਠਿੰੰਡਾ ਏਰੀਏ ਵੱਚ ਹਲਦੀ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਨੌਜਵਾਨ ਗੁਰਸ਼ਰਨ ਸਿੰਘ ਜੀ ਦਾ ਨੰਬਰ 98146 00748 ਤੁਸੀ ਨੋਟ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
ਡਾਕਟਰ ਸਾਹਿਬ ਜੀ 2ਜੇ ਸੂਏ ਝੋਟੀ ਸੂਈ ਹੈ ਜੀ 5 ਦਿਨ ਹੋ ਗਏ ਹਨ ਜੀ ਝੋਟੀ ਬੱਚਾ ਭੁੱਲ ਗਈ ਹੈ ਕੋਈ ਹੱਲ ਦੱਸੋ ਜੀ ?
(en)
Punjab
ਤੁਸੀਂ ਇਸਨੂੰ Lactomood ਹੋਮਿਓਪੈਥੀ ਦਵਾਈ ਦੀਆਂ 10-10 ਬੂੰਦਾਂ ਦਿਨ ਚ 3 ਵਾਰ ਦੇਣੀਆਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਜਾਂ ਤੁਸੀਂ ਉਸਨੂੰ Fast-M ਹੋਮਿਓਪੈਥਿਕ ਦਵਾਈ ਦੁੱਧ ਚੋਣ ਤੋਂ ਅੱਧਾ ਘੰਟਾ ਪਹਿਲਾਂ ਉਸਦੇ ਨੱਕ ਤੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਇਸ ਨਾਲ ਉਹ ਦੁੱਧ ਆਰਾਮ ਨਾਲ ਉਤਾਰ ਦੇਵੇਗੀ ਇਹ ਤੁਸੀਂ ਹੋਮਿਓਪੈਥੀ ਸਟੋਰ ਤੋਂ ਪਤਾ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦਾ ਰਿਜ਼ਲਟ ਵਧੀਆ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀਂ Anabolite liquid 100ml, Lactin bolus 1-1 ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ, milkout powder 2-2 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਰੋਜ਼ਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ.
Kela me dariya ka hai ?
(en)
Punjab
Aman ji kirpya aap iski photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Medicine vanaspati kheti aur markrting ?
(hn)
Punjab
Milind ji kirpya aap apna swal vistar se pooche ke aap konsi fasl ke bare men jankari lena chahate hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
ਸਰ ਨਰਮੇ ਤੇ ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ ਕਿਹੜੀਆ ਸਪਰੇਆ ਕਰੀਏ ਜੀ ?
(pb)
Punjab
ਕਿਸ ਬਿਮਾਰੀ ਵਾਸਤੇ ਕਰਨੀ ਹੈ ਜੀ
Punjab
ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕੇ ਤੁਸੀ ਨਰਮੇ ਵਿਚ ਸਪਰੇ ਕਾਹਦੇ ਲਈ ਕਰਨੀ ਹੈ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Punjab
ਚਿਟੀ ਤੇ ਹਰੇ ਮੱਖੀ ਵਾਸਤੇ
ਮੈਨੂੰ ਕਿਹੜੀ ਸਬਜੀ ਬੀਜਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਜੋ ਅੱਗੇ ਵਧੀਆ ਭਾਅ ਮਿਲ ਸਕੇ ?
(pb)
Punjab
ਸੁਖਵੀਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਜਿਵੇ ਫੂਲਗੋਭੀ, ਖੀਰਾ, ਚੌਲੇ, ਕਰੇਲਾ, ਕੱਦੂ, ਤੋਰੀ, ਪੇਠਾ, ਭਿੰਡੀ, ਟਮਾਟਰ, ਪਿਆਜ ਜੁਲਾਈ: ਖੀਰਾ,ਚੌਲੇ, ਕਰੇਲਾ , ਕੱਦੂ , ਤੋਰੀ, ਪੇਠਾ , ਭਿੰਡੀ , ਟਮਾਟਰ, ਮੂਲੀ ਅਗਸਤ: ਗਾਜਰ, ਸ਼ਲਗਮ, ਫੁੱਲਗੋਭੀ, ਟਮਾਟਰ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Punjab
thanks
ਗਾਂ ਦੀ ਫੈਟ ਕਿਵੇ ਵਧਾਈਏ ਸਰ ਦੱਸੋ ?
(pb)
Punjab
ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਜੀ, ਫੈਟ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਫੀਡ ਦੇ ਨਾਲ 1kg ਸਰੋੰ ਦੀ ਖੱਲ, 1kg ਵੜੇਵਿਆ ਦੀ ਖੱਲ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਉ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਮਿਠਾਸੋਡਾ ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਵਾਰ ਦਿਉ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Fatplus ਪਾਊਡਰ 50gm ਜਾਂ Fatmax ਪਾਊਡਰ 50gm ਅਤੇ coolmax ਪਾਊਡਰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ.
Punjab
ਧੰਨਵਾਦ ਸਰ
Sir jhoone lyi kehdi best rahegi, dap ja ssp super ?
(pb)
Punjab
Pardeep g single super phosphate and DAP dono hi phosphorous di deficiency di poorti krdiyan han..Single super phosphate di dose @75 kg per acre and DAP di dose @25 kg per acre pa skde ho g.tuc ehna dono vicho koi v ikk fertilizer use kr skde ho g..
ਮੌਸਮ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਓ ਜੀ ?
(pb)
Punjab
ਅੰਗਰੇਜ ਜੀ ਮੌਸਮ ਵਿਭਾਗ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਅੱਜ ਹਨੇਰੀ ਆਉਣ ਦੀ ਸੰਭਾਵਨਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
How much 1509 basmati seed needed to plant one acre and bed size to sow seed ?
(en)
Maharashtra
rajbir ji ek aikad ke liye 8-10 killo beej ki jrurat hoti hai aur ek aikad ki paniri aap 3 marle jgah me beej sakte hai.dhanywad
Podh bahut jali- jali si ho rahi hai uske liye Kya Karen ?
(hn)
Punjab
aasim ali ji kripya aap btaye aap kiski paudh ke bare men jankari lena chhate hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
pani sham k time or Jo khad vagera v dalna hai vo v sham k time
Narme di paidavar kinni hai ?
(pb)
Punjab
sukh bhathal ji narme di paidavar usdi kisam te nirbhar kardi hai kirpa karke daso ke tuc narme di kehdi kisam de bare jankari laina chahunde ho ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
ਗਾ ਦੇ ਦੁੱਧ ਦੀ ਫੈਟ 4.5 ਆਉਦੀ ਸੀ ਹੁਣ ਘੱਟ ਕੇ 3.0 ਆਉਣ ਲੱਗ ਪੈਈ ਕੀ ਕਾਰਨ ਏ ਜੀ ਫੈਟ ਵਧਾਉਣ ਦਾ ਤਰੀਕਾ ਦੱਸੋ ਜੀ ਪਹਿਲਾ ਤੂੜੀ ਤੇ ਬੌਨਲਾ ਦੀ ਖਲ ਅਤੇ ਫੀਡ ਪੈਉਦੇ ਸੀ ਹੁਣ ਤੂੜੀ ਤੇ ਬੌਨਲਾ ਦੀ ਖਲ ਤੇ ਫੀਡ ਤੇ ਲੇਟੀ ਤੇ ਨਾਲ ਜਵਾਰ ਦਾ ਹਰਾ ਪਾਉਣ ਲੱਗ ਪੲਏ ਹਰੇ ਨਾਲ ਤਾ ਨੀ ਘੱਟ ਜਾਦੀ ਜੀ ਦੱਸੋ ਜੀ ?
(pb)
Punjab
ਫੈਟ ਘੱਟਣ ਦੇ ਕਈ ਕਾਰਨ ਹੁੰਦੇ ਹੈ, ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ ਗੋਲੀ ਜਰੂਰ ਦਿਓ, ਉਸ ਨੂੰ ਗਰਮੀ ਤੋਂ ਬਚਾ ਕੇ ਰੱਖੋ ਅਤੇ 24 ਘੰਟੇ ਉਸ ਕੋਲ ਪਾਣੀ ਰੱਖੋ ਜਿਸ ਨਾਲ ਉਹ ਆਪਣੀ ਮਰਜੀ ਨਾਲ ਪਾਣੀ ਪੀ ਸਕੇ, ਫੈਟ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਫੀਡ ਦੇ ਨਾਲ 1kg ਸਰੋੰ ਦੀ ਖੱਲ, 1kg ਵੜੇਵਿਆ ਦੀ ਖੱਲ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਉ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਮਿਠਾਸੋਡਾ ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਵਾਰ ਦਿਉ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Fatplus ਪਾਊਡਰ 50gm ਜਾਂ Fatmax ਪਾਊਡਰ 50gm ਅਤੇ coolmax ਪਾਊਡਰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ.
Fish farm ?
(pb)
Gurjant singh ji, jekar fish farm de kol dadu hun ta osda koe nuksan nai hai ji. dadu fish nu nai khande ji. koe ghabron wali gal nahi hai ji.
Sir ji jhone vich saron di khal varton kis time te kis tarike nal kar sakde ?
(pb)
Punjab
ਝੋਨੇ ਵਿਚ ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਬਹੁਤ ਹੀ ਲਾਭਕਾਰੀ ਹੈ ਇਹ ਅਜਿਹਾ ਆਰਗੈਨਿਕ ਤਰੀਕਾ ਹੈ ਜਿਸਦੇ ਨਾਲ ਅਸੀਂ ਝੋਨੇ ਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਵਿਚ ਵਾਧਾ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੈ ਝੋਨੇ ਦੇ ਬੂਟੇ ਦੀ ਫੋਟ ਕਰਾਉਣ ਦੇ ਲਈ ਇਸਦੇ ਨਤੀਜੇ ਬਹੁਤ ਹੀ ਵਧੀਆ ਹਨ ਇਸ ਵਿਚ ਛੇ ਮੁੱਖ ਤੱਤ ਹਨ ਜਿਸ ਵਿਚ ਮੁੱਖ ਤੋਰ ਤੇ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ,ਪੋਟਾਸ਼ ਤੇ ਫਾਸਫੋਰਸ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਸਲਫਰ ,ਜਿੰਕ ਤੇ ਬਰੋਨ ਵੀ ਪਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨI ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ ਨੂੰ ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਵਰਤਣ ਦੇ ਲਈ ਦੋ ਤਰੀਕੇ ਹਨ ਪਹਿਲਾ ਤਰੀਕਾ ਇਹ ਹੈ ਕੇ ਇਸਨੂੰ ਡਰੰਮ ਦੇ ਵਿਚ ਭਿਓਂ ਲੋ ਤੇ 5 -6 ਦਿਨ ਲਗਾਤਾਰ ਇਸਨੂੰ ਹਲਾਉਂਦੇ ਰਹੋ ਤੇ ਇਸ ਘੋਲ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਦੀ ਵਾਰੀ ਵਾਲੇ ਦਿਨ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਪਾ ਦਿਓ ਦੂਸਰਾ ਤਰੀਕਾ ਇਹ ਹੈ ਕੇ ਇਸਨੂੰ ਬਰੀਕ ਕੁੱਟ ਕੇ ਇਸਦਾ ਛਿੱਟਾ ਵਾਹਣ ਵਿਚ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਨੂੰ ਵਰਤਣ ਦਾ ਸਹੀ ਸਮਾਂ ਜਦੋਂ ਝੋਨਾ 15 -20 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਹੋਵੇ ਕਿਓਂਕਿ ਇਸ ਸਮੇ ਜੜ੍ਹਾਂ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਧ ਵਿਕਾਸ ਹੁੰਦਾ ਹੀ ਇਸਦੀ ਮਾਤਰਾ ਇਕ ਕਿੱਲੇ ਦੇ ਵਿੱਚ ਸਿਰਫ 16 ਕਿੱਲੋ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਰੇਤੇ ਵਾਲੇ ਜਾਂ ਬਰਾਨੀ ਵਾਹਣ ਵਿੱਚ ਅਸੀਂ 20 ਕਿੱਲੋ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹਾ I
?
(pb)
Punjab
Jaskirat singh ji kirpa krke apna swal vistar nal pusho ji tuhade walo beji audio upload nhi hoi hai kirpa dubara upload kro tan jo tuhanu sahi jankari diti jaa skee.
?
(pb)
Punjab
Jaskirat singh ji kirpa krke apna swal vistar nal pusho ji tuhade walo beji audio upload nhi hoi hai kirpa dubara upload kro tan jo tuhanu sahi jankari diti jaa skee.
Round up di dose kini hundi hai ji ?
(pb)
Punjab
Lovely g round up Government walo ban kiti hoyi hai.ess lyi esdi jgah tuc Paraquait di spray kr skde ho g..
Punjab
thnku paraquite 100 gm darami di pendi ji??
Sir bhindi de buteya nu khai jandi koi sundi es ton ki kita jawe ?
(pb)
sukhwinder ji sundi di roktham de layi tuc malathion@2.5ml nu prati liter pani de hisab nal spray karo.dhanwad
Moti ki kheti ke bare mein btaein ?
(hn)
Rajasthan
नौशाद खान जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सब से जरुरी है इस की ट्रेनिंग, क्योकि इस में बहुत सी ऐसी बरीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सिखने को मिलती है अगर आप इस की ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
गन्ने को वजन और मोटा करने की टानिक कौन सी ले और येओरिजिनल है की नही कैसे पता करे ?
(hn)
Punjab
पंकज जी आप गन्ने के ऊपर NPK 191919 एक किल्लो को 150 लीटर पानी में मिला कर सपर्या करें यह अलग अलग कंपनी का मिलता है और अगर आपको दुकानदार इसका पक्का बिल काट कर देता है तो यह सही है
Uttar Pradesh
धन्यवाद
ਮੇਰੀ ਪਨੀਰੀ ਕੁਝ ਕ ਥਾਵਾਂ ਤੇ ਪੀਲੀ ਹੋ ਗਈ।ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਮੈਨੂੰ ਛੇਤੀ ਤੋਂ ਛੇਤੀ ਇਸ ਦਾ ਇਲਾਜ ਦੱਸੋ ?
(pb)
Punjab
ਜੇਕਰ ਪਨੀਰੀ ਉੱਪਰ ਤੋਂ ਪੀਲੀ ਪੈ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ ਲੋਹੇ ਦੀ ਕਮੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ferrous sulphate 1% @1 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਦੀ chelated ferrous sulphate ਸਪਰੇਅ ਕਰਨੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਅਜੇ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆਂ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਤਾਂ 3 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਕਨਾਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ ਕਈ ਵਾਰ ਪਨੀਰੀ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਕਮੀ ਦੇ ਕਾਰਨ ਵੀ ਪੀਲੀ ਹੋਣੀ ਸੂਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
ਪੱਠਿਆ ਵਿੱਚ ਮੁਰਕ ਵਾਧੂ ਹੁਦੀ ਹੈ ਮੁਰਕ ਨੂੰ ਜੜਾਂ ਤੋ ਖਤਮ ਕਰਨ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਦੱਸੋ ਜਾ ਕੋਈ ਹੋਰ ਤਰੀਕਾ ਦੱਸੋ ?
(pb)
Maharashtra
ਸੁਰਜੀਤ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਇਕ ਤੁਸੀ ਪੱਠਿਆਂ ਵਿਚ ਕਿਹੜੀ ਫ਼ਸਲ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕੀਤੀ ਹੈ ਕਿਉਕਿ ਹਰ ਫ਼ਸਲ ਵਿਚ ਨਦੀਨ ਮਾਰਨ ਦੇ ਅਲੱਗ ਢੰਗ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਧੰਨਵਾਦ
Punjab
makki ty jvar vich murk hundi aa
Punjab
mere sval da answer ha ni kise kol?
Punjab
ਮੱਕੀ ਵਿੱਚ ਵੀ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਜਵਾਰ ਵਿੱਚ ਵੀ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਨਦੀਨ
ਮੈਂ ਇੱਕ ਨਵੀਂ ਕਿਸਮ P65 ਜੋ ਕਿ ਪੱਕਣ ਵਿੱਚ ਲਗਭਗ 145 ਦਿਨ ਲੈ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਮੈਂ ਇਸ ਦਾ ਝਾੜ ਜਾਣਨਾ ਚਾਹੁੰਦਾ ਹਾਂ ?
(pb)
Punjab
ਯਾਦਵਿੰਦਰ ਜੀ ਇਹ ਕਿਸਮ PAU ਵਲੋਂ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਨਹੀਂ ਹੈ ਕਿਰਪਾ ਕਾਰਕ ਇਸਦੀ ਕੰਪਨੀ ਦਾ ਨਾਮ ਦੱਸੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Sir paneeri nu tillering ho gyi hai es da koi nuksaan ta nhi hai ?
(en)
Punjab
manbir ji kirpa karke daso ke paniri kine dina di ho gayi hai ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake kyuki jekar jyada tillering ho gayi ta isnu upro kat ke khet vich launa payega.dhanwad
Shatavari ki kheti kaise ki jati hai ?
(hn)
Maharashtra
यह मिट्टी की कई किस्मों जैसे अच्छे जल निकास वाली लाल दोमट से चिकनी मिट्टी, काली मिट्टी से लैटेराइट मिट्टी में उगाई जाती है यह चट्टानी मिट्टी और हल्की मिट्टी में भी उगाई जा सकती है मिट्टी की गहराई 20-30 सैं.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए यह रेतली दोमट से दरमियानी काली मिट्टी जो अच्छे जल निकास वाली हो, में अच्छे परिणाम देती है पौधे की वृद्धि के लिए मिट्टी pH 6-8 होना चाहिए प्रसिद्ध किस्में:- Satavari (Asparagus racemosus),Satavari (Asparagus sarmentosa Linn.)शतावरी की खेती के लिए, अच्छे जल निकास वाली रेतली दोमट मिट्टी की आवश्यकता होती है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए, ज़मीन की अच्छे से जोताई करें, और 15 सैं.मी. की गहराई में गड्ढा खोदें रोपाई तैयार बैडों पर की जाती है पौधों की रोपाई जून-जुलाई के महीने में की जाती है इसके विकास के अनुसार 4.5x 1.2 मीटर फासले का प्रयोग करें और 20 सैं.मी. गहराई में गड्ढा खोदें जब पौधा 45 सैं.मी. का हो जाए, तब खेत में रोपाई की जाती है अधिक पैदावार के लिए, 400-600 ग्राम बीजों का प्रति एकड़ में प्रयोग करें फसल को मिट्टी से होने वाले कीटों और बीमारियों से बचाने के लिए, बिजाई से पहले बीजों को गाय के मूत्र में 24 घंटे के लिए डाल कर उपचार करें उपचार के बाद बीज नर्सरी बैड में बोये जाते हैं अधिक पैदावार के लिए, 400-600 ग्राम बीजों का प्रति एकड़ में प्रयोग करें फसल को मिट्टी से होने वाले कीटों और बीमारियों से बचाने के लिए, बिजाई से पहले बीजों को गाय के मूत्र में 24 घंटे के लिए डाल कर उपचार करें उपचार के बाद बीज नर्सरी बैड में बोये जाते हैं बिजाई से पहले मिट्टी का रासायनिक उपचार किया जाता है अप्रैल के महीने में बीज बोये जाते हैं शतावरी के बीजों को 30-40 सैं.मी. की चौड़ाई वाले और आवश्यक लंबाई वाले बैडों पर बोया जाता है बिजाई के बाद बैडों को नमी के लिए पतले कपड़े से ढक दिया जाता है 8-10 दिनों में पौधों का अंकुरण शुरू हो जाता है 45 सैं.मी. ऊंचाई के होने पर पौधे रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं पौधों की रोपाई 60 x 60 सैं.मी. की मेड़ों पर की जाती है खेत की तैयारी के समय, 80 क्विंटल प्रति एकड़ गली हुई रूड़ी की खाद को मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें नाइट्रोजन 24 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 32 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 52 किलो), और पोटाश 40 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 66 किलो) प्रति एकड़ में डालें मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारियों से पौधे को बचाने के लिए जैविक कीट नाशी जैसे धतूरा, चित्रकमूल और गाय के मूत्र का प्रयोग करें फसल के विकास के समय लगातार गोडाई की आवश्यकता होती है खेत को नदीन मुक्त बनाने के लिए 6-8 हाथ से गोडाई की आवश्यकता होती है पौधों को खेत में रोपण करने के बाद पहली सिंचाई तुरंत कर देनी चाहिए इस फसल को ज्यादा सिंचाई की जरूरत नहीं होती इसलिए शुरूआत में 4-6 दिनों के फासले पर सिंचाई कर दें और फिर कुछ समय के बाद सप्ताह के फासले पर सिंचाई करें पुटाई से पहले सिंचाई जरूर करनी चाहिए ताकि गड्ढों मे से जड़ों को आसानी से निकाला जा सके रोपाई के बाद 20-30 महीनों में पौधे की जड़ें परिपक्व हो जाती हैं मिट्टी और जलवायु के आधार पर जड़ें 12-14 महीनों में पक जाती हैं मार्च-मई के महीने में जब बीज पक जाये, तब पुटाई की जाती है पुटाई कसी की सहायता से की जाती है प्रक्रिया और दवाइयां बनाने के लिए अच्छे से पके बीजों की आवश्यकता होती है आप इसके पौधे नजदीकी नर्सरी से ले सकते है अगर आपको पौधे वह न मिले तो आप दुबारा सवाल दाल कर हमें बता सकते है धन्यवाद
ਵੀਰ ਕਿਹੜੀ ਦਵਾਈ ਦਾ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰੀਏ ?
(pb)
Punjab
ਸਰਦਾਰ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਇਸਦੀ ਗੋਭ ਵਿਚ ਸੁੰਡੀ ਚੈੱਕ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਮੌਜੂਦ ਹੈ ਤਾ ਤੁਸੀ ਫੇਮ ਜਾ ਕੋਰਾਜਨ ਦੀ ਸਪਰੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Kisan parampra vadi ja adhunik vidhi da instemal kar rahe han ?
(pb)
Punjab
Jagjivan Singh ji punjab vich area de hisan nal har trah de kisan mil jande ne bohat sare kisan adhunik vidhi nal kheti karde han pur kuj eho jahe vi kisan han jo parampra vadi kheti vi krde han. Thankyou.
ਹੈਲੋ ਸਰ ਜੀ ਝੋਨੇ ਦੇ ਵਿਚ ਕਣ ਵਰਗੀ ਭੂਕਲ ਬਹੁਤ ਹੋ ਜਾਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਝਾੜ ਬਹੁਤ ਘੱਟ ਜਾਦਾ ਹੈ ਕੋਈ ਹੱਲ ਦੱਸਿਆ ਜਾਞੈ ?
(en)
Punjab
ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਨਦੀਨਨਾਸ਼ਕ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ●● ਨਦੀਨ ਉੱਗਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ (ਲੁਆਈ ਤੋਂ 2-3 ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਦਰ) - ਬੂਟਾਕਲੋਰ 1200 ਮਿਲੀ ਲਿਟਰ ਜਾਂ ਪਰੈਟੀਲਾਕਲੋਰ 50 ਈ ਸੀ ( ਰਿਫਿਟ) 600 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਜਾਂ ਅਨੀਲੋਫਾਸ 18 ਈ ਸੀ 800 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਜਾਂ ਅਨੀਲੋਫਾਸ 30 ਈ ਸੀ 500 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਜਾਂ ਅਨੀਲੋਫਾਸ 50 ਈ ਸੀ 300 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਜਾਂ ਸਟੌਂਪ 30 ਈ ਸੀ 1000 ਤੋਂ 1200 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ( ਹਲਕੀ ਜਾਂ ਭਾਰੀ ਜਮੀਨ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ਼) ਜਾਂ ਪਰੈਟੀਲਾਕਲੋਰ 37 ਈ ਡਬਲਯੂ ( ਰਿਫਿਟ ਪਲੱਸ) ਜਾਂ ਸਾਥੀ 10 ਡਬਲਯੂ ਪੀ ( ਪਾਈਰੈਜੋਸਲਫਿਊਰਾਨ ਇਥਾਈਲ) 60 ਗ੍ਰਾਮ ਜਾਂ ਟੌਪਸਟਾਰ 80 ਡਬਲਯੂ ਪੀ 45 ਗ੍ਰਾਮ ਵਿੱਚੋਂ ਕਿਸੇ ਇੱਕ ਨਦੀਨਨਾਸ਼ਕ ਨੂੰ 60 ਕਿਲੋ ਰੇਤੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ਼ ਖੜ੍ਹੇ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਛੱਟਾ ਦੇ ਦਿਉ ●● ਜਿੰਨਾ ਖੇਤਾਂ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਖੜਾ ਕਰਨ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਝੋਨੇ ਦੀ ਲੁਆਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 10-12 ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਦਰ ਅੰਦਰ 40 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਗਰੈਨਿਟ 240 SC (ਪਿਨਾਕਸੁਲਮ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰ ਦਿਉ ਜਿਸ ਨਾਲ ਸਵਾਂਕ, ਝੋਨੇ ਦੇ ਮੋਥੇ ਅਤੇ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਹੋਵੇਗੀ •• ਜੇਕਰ ਝੋਨੇ ਦੀ ਲੁਆਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਖੇਤ ਵਿਚ ਸਵਾਂਕ ਅਤੇ ਝੋਨੇ ਦੇ ਮੋਥੇ ਉੱਗ ਪੈਂਦੇ ਹਨ ਤਾਂ ਲੁਆਈ ਤੋਂ 20-25 ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਦਰ ਅੰਦਰ 100 ਮਿਲੀ ਲਿਟਰ ਨੌਮਨੀ ਗੋਲਡ/ ਵਾਸ਼ ਆਊਟ/ਮਾਚੋ/ ਤਾਰਕ 10 ਐਸ ਸੀ (ਬਿਸਪਾਇਰੀਬੈਕ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰ ਦਿਉ •• ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲੈਪਟੋਕਲੋਆ (ਚੀਨੀ) ਘਾਹ ਜਾਂ ਕਣਕੀ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਹੋਵੇ ਤਾਂ 400 ਮਿਲੀ ਲਿਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ 6•7 ਈਸੀ ( ਫਿਨੋਕਸਾਪਰੌਪ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਝੋਨੇ ਦੀ ਲੁਆਈ ਤੋਂ 20-2ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਨਦੀਨਨਾਸ਼ਕ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ●● ਨਦੀਨ ਉੱਗਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ (ਲੁਆਈ ਤੋਂ 2-3 ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਦਰ) - ਬੂਟਾਕਲੋਰ 1200 ਮਿਲੀ ਲਿਟਰ ਜਾਂ ਪਰੈਟੀਲਾਕਲੋਰ 50 ਈ ਸੀ ( ਰਿਫਿਟ) 600 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਜਾਂ ਅਨੀਲੋਫਾਸ 18 ਈ ਸੀ 800 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਜਾਂ ਅਨੀਲੋਫਾਸ 30 ਈ ਸੀ 500 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਜਾਂ ਅਨੀਲੋਫਾਸ 50 ਈ ਸੀ 300 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਜਾਂ ਸਟੌਂਪ 30 ਈ ਸੀ 1000 ਤੋਂ 1200 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ( ਹਲਕੀ ਜਾਂ ਭਾਰੀ ਜਮੀਨ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ਼) ਜਾਂ ਪਰੈਟੀਲਾਕਲੋਰ 37 ਈ ਡਬਲਯੂ ( ਰਿਫਿਟ ਪਲੱਸ) ਜਾਂ ਸਾਥੀ 10 ਡਬਲਯੂ ਪੀ ( ਪਾਈਰੈਜੋਸਲਫਿਊਰਾਨ ਇਥਾਈਲ) 60 ਗ੍ਰਾਮ ਜਾਂ ਟੌਪਸਟਾਰ 80 ਡਬਲਯੂ ਪੀ 45 ਗ੍ਰਾਮ ਵਿੱਚੋਂ ਕਿਸੇ ਇੱਕ ਨਦੀਨਨਾਸ਼ਕ ਨੂੰ 60 ਕਿਲੋ ਰੇਤੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ਼ ਖੜ੍ਹੇ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਛੱਟਾ ਦੇ ਦਿਉ ●● ਜਿੰਨਾ ਖੇਤਾਂ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਖੜਾ ਕਰਨ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਝੋਨੇ ਦੀ ਲੁਆਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 10-12 ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਦਰ ਅੰਦਰ 40 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਗਰੈਨਿਟ 240 SC (ਪਿਨਾਕਸੁਲਮ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰ ਦਿਉ ਜਿਸ ਨਾਲ ਸਵਾਂਕ, ਝੋਨੇ ਦੇ ਮੋਥੇ ਅਤੇ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਹੋਵੇਗੀ •• ਜੇਕਰ ਝੋਨੇ ਦੀ ਲੁਆਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਖੇਤ ਵਿਚ ਸਵਾਂਕ ਅਤੇ ਝੋਨੇ ਦੇ ਮੋਥੇ ਉੱਗ ਪੈਂਦੇ ਹਨ ਤਾਂ ਲੁਆਈ ਤੋਂ 20-25 ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਦਰ ਅੰਦਰ 100 ਮਿਲੀ ਲਿਟਰ ਨੌਮਨੀ ਗੋਲਡ/ ਵਾਸ਼ ਆਊਟ/ਮਾਚੋ/ ਤਾਰਕ 10 ਐਸ ਸੀ (ਬਿਸਪਾਇਰੀਬੈਕ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰ ਦਿਉ •• ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲੈਪਟੋਕਲੋਆ (ਚੀਨੀ) ਘਾਹ ਜਾਂ ਕਣਕੀ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਹੋਵੇ ਤਾਂ 400 ਮਿਲੀ ਲਿਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ 6•7 ਈਸੀ ( ਫਿਨੋਕਸਾਪਰੌਪ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਝੋਨੇ ਦੀ ਲੁਆਈ ਤੋਂ 20-25 ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਦਰ ਅੰਦਰ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰ ਦਿਉ ** ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨ ਘਰਿੱਲਾ, ਸਣੀ ਆਦਿ ਅਤੇ ਝੋਨੇ ਦੇ ਮੋਥੇ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਹੋਵੇ ਤਾਂ 30 ਗਰਾਮ ਐਲਗਰਿਪ 20 ਡਬਲਯੂ ਜੀ ( ਮੈਟਸਲਫੂਰਾਨ) ਜਾਂ 16 ਗਰਾਮ ਸੈਗਮੈਂਟ 50 ਡੀ ਐਫ ( ਅਜਿਮਸਲਫੂਰਾਨ) ਜਾਂ 8 ਗਰਾਮ ਐਲਮਿਕਸ 20 ਡਬਲਯੂ ਪੀ (ਮੈਟਸਲਫੂਰਾਨ+ਕਲੋਰੀਮਿਯੂਰਾਨ) ਜਾਂ 50 ਗਰਾਮ ਸਨਰਾਈਜ 15 WDG (ਇਥੋਕਸੀਸਲਫੂਰਾਨ) ਨੂੰ ਲੁਆਈ ਤੋਂ 20 ਦਿਨ ਬਾਅਦ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰ ਦਿਉ5 ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਦਰ ਅੰਦਰ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰ ਦਿਉ ** ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨ ਘਰਿੱਲਾ, ਸਣੀ ਆਦਿ ਅਤੇ ਝੋਨੇ ਦੇ ਮੋਥੇ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਹੋਵੇ ਤਾਂ 30 ਗਰਾਮ ਐਲਗਰਿਪ 20 ਡਬਲਯੂ ਜੀ ( ਮੈਟਸਲਫੂਰਾਨ) ਜਾਂ 16 ਗਰਾਮ ਸੈਗਮੈਂਟ 50 ਡੀ ਐਫ ( ਅਜਿਮਸਲਫੂਰਾਨ) ਜਾਂ 8 ਗਰਾਮ ਐਲਮਿਕਸ 20 ਡਬਲਯੂ ਪੀ (ਮੈਟਸਲਫੂਰਾਨ+ਕਲੋਰੀਮਿਯੂਰਾਨ) ਜਾਂ 50 ਗਰਾਮ ਸਨਰਾਈਜ 15 WDG (ਇਥੋਕਸੀਸਲਫੂਰਾਨ) ਨੂੰ ਲੁਆਈ ਤੋਂ 20 ਦਿਨ ਬਾਅਦ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰ ਦਿਉ
Kisan Parampara Wadi ya Adhunik vidhi kar rahe hain ?
(pb)
Punjab
Jagjivan Singh ji tohade swal di samaz nai lagi ji. kirpa karke apna question detial vich pucho ji tusi ki puchna chohnde ho ji.
ਬਾਈ ਜੀ ਕੋਈ ਜ਼ਮੀਨ ਮਿਣਤੀ ਵਾਲੀ ਐਪ ਦੱਸੋ ਜੀ ?
(pb)
ਅਮਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਜੀ ਜਮੀਨ ਦੀ ਮਿਣਤੀ ਵਾਲੀਆ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀਆ ਐਪ ਪਲੇਅ ਸਟੋਰ ਤੇ ਹਨ ਪਰ ਕੋਈ ਵੀ ਐਪ ਸਹੀ ਮਿਣਤੀ ਨਹੀ ਦੱਸਦੀ ਜੀ , ਇਸ ਲਈ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦੇਣ ਵਾਲੀ ਕੋਈ ਐਪ ਨਹੀ ਹੈ ਜੀ
Punjab
ਉਕੇ ਜੀ
Grapes plant te fruit aa ke suk jande aaa, any solution ?
(pb)
Maharashtra
gurwinder ji isde uper copper oxychloride@3gm ko prati litre pani ke hisab se spray karen. yeh fungus ke karn hota hai.dhanywad
sukriya
सीप कहा से और कैसे खरीदे ?
(hn)
Rajasthan
PAWAN PAL जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
ਸਰ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਜਰੂਰ ਦੱਸੋ ਜੀ ?
(pb)
Punjab
ਹਾਂਜੀ ਤੁਹਾਡੇ ਦੁਆਰਾ ਪੁੱਛੇ ਸਾਰੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ ਜੀ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਅੱਗੇ ਤੋਂ 24 ਘੰਟਿਆਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਤੁਹਾਡੇ ਸਵਾਲ ਦਾ ਜਵਾਬ ਤੁਹਾਨੂੰ ਨਹੀ ਮਿਲਦਾ ਤਾ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਪਾਲਾਈਨ ਨੰਬਰ 97799-77641 ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ
Vanilla ki kheti karni hai ?
(hn)
Punjab
वैनिला की खेती विभिन्न प्रकार की मृदा जिसमें प्राकृतिक खाद का समावेश तथा जल निकासी जैसी अनुकूल परिस्थितियों में कर सकते हैं पौधे के लिए चिकनी मिट्टी तथा पानी का जमावड़ा उपयुक्त नहीं है यह आर्द्र उष्णकटिबंधीय जलवायु में जहाँ वार्षिक वर्षा 200-300 से.मी. तथा समुद्री तट से 1500 मी. उचाई उसकी खेती के लिए आदर्श माने जाते हैं गरम आर्द्र जलवायु के साथ साथ 21-320 c तापमान इसकी पैदावार के लिए अति उत्तम है वर्ष के 9 महीने वर्षा तथा पुष्पण के लिए 3 महीने शुष्क वातावरण होना चाहिए भारत में केरल, करनाटक, तमिलनाडु, उत्तर पूर्वी क्षेत था अंडमान निलोबार द्वीपसमूह इसकी खेती के लिए उपयुक्त स्थान है वैनिला की खेती किसी नए स्थान पर करते है तब उस भूमि पर लगे पेड़ो और झाड़ियो को काट कर भूमि को अच्छी तरह साफ़ कर लेते है इसकी खेती खुले क्षेत्र में भी कर सकते है परन्तु इसके पौधे को पर्याप्त छाया प्रदान करना चाहिए भूमि को दो वार जोत कर तत्पश्चात समतल करके तैयार करते है हरी पत्तियों तथा वन मृदा को खेती की मृदा में समावेश करना अति लाभदायक होता है भूमि में एक हल्का ढाल वैनिला की खेती के लिए आदर्श माना जाता है कटनी को यथा संभव सितम्बर – नवम्बर के बिच कम गहरे गढ़डो में रोपण करना चाहिए तत्पश्चात गड्ढों में मिट्टी खाद तथा सड़ी हुई घास भर देना चाहिए तने की कटिंग की दो गांठों को मृदा के उपरो सतह से जमीं के अन्दर रोपण करना चाहिए तथा 2 कटिंग प्रति सहायक रोपण कर सकते हैं रोपण के समय अत्यंत सावधानी बरतना चाहिए तथा यह सुनिश्चित कर ले की कटिंग का अधरिय निचला सिरा मृदा के उपरी सतह से ऊपर है नये रोपित पौधें को पर्याप्त छाया प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है रोपण के पश्चात तुरन्त ज्यादा पत्तियों से झपनी कारन चाहिए रोपण के 4-8 सप्ताह बाद कटिंग में अंकुर फूटने लगते है सामान्यत:वैनिला के साथ अन्त: खेती नहीं करना चिहिए परन्तु कभी कभी कटी हुई घासपात इसके लिए लाभदायक होती है मृदा की उपरी सतह का अनुरक्षण करते समय यह सावधानी बरतनी चाहिए की पौधे की जड़ों को कोई बाधा या हानि होना चाहिए पौधे की वृद्धि तथा उपज बढ़ाने के लिए ग्रीष्मकाल में झापनी के साथ साथ निरंतर सिंचाई करना चाहिए
1718 beej da andajan market rate and jhadd kina hai ?
(pb)
Punjab
akashdeep ji isde rate sarkar valo teh kita janda hai is bare hale kuch v keha nahi ja sakda. 1718 136-138 din vich pakk ke tyar ho jandi hai isda jhaad 18-20 quintal prati acre hunda hai.dhanwad
Sir do bachiya heat me nahi aa rahi hai kya dena sahi rahega maine HITKIT di hai 1 tablet par day 5 din tak ?
(hn)
Punjab
Rahul ji unko app Agrimin super powder 50gm rojana dena suru kren aur ovumin advance bolus rojana 1 goli den aur 21 din tak dete rehe, isse heat mai aa jayegi.
Jhone vich potash paun da fayeda ki aa ?
(pb)
Punjab
akashdeep ji fasl vich tat usdu growth de layi paye jande han. Potash vi ik tat hai jo fasl vich jdan ate boote di growth de layi vartya janda hai isdi matra 20 killo prtai acre de hisab nal khet di tyari de same varto kiti jandi hai.dhanwad
Gulab me full kam aa rahe hai ?
(hn)
Punjab
lokesh Sharma ji aap gulab ke uper NPK 19:19:19@1 kilo ko 150 litre pani men mila kar prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad
Mujhe moti ki kheti karni hai aap mujhe bta dijiye iske bare mein kitna kharcha aayega aur kitna bada gadda rahega matlab sab information bta dijiye ?
(hn)
Rajasthan
पवन पाल जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सब से जरुरी है इस की ट्रेनिंग, क्योकि इस में बहुत सी ऐसी बरीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सिखने को मिलती है अगर आप इस की ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Chilli cultivation ?
(en)
Punjab
Chilli is extensively cultivated under rainfed conditions in the transitional belt viz., Dharwad, Belgaum, and Shimoga districts in Karnataka mainly two chilli varieties Byadagi kaddi and Sankeswar types are extensively cultivated. Other varieties which are grown and recommended are Chincholi, Mysore, Gowribidanur, NP 46A, G-3 and Jwala. The land for chilli cultivation should be well drained and well aerated. The land should be given 2-3 ploughings and the compost should be spread 15-20 days before sowing. By giving a break of 10 days and then ploughing the soil will make the excess moisture to evaporate and improves the clod condition of the soil.Seeds are used for propagation or cultivation of chillies.Chilli seeds need to be first sown in well-prepared nursery beds which may be 60 cm-100 cm in width with suitable and preferred length. Good quality seeds which are well-formed must be used for sowing and diseased or broken seeds should not be used.