Punjab
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1 buffalo ka dry time kitna hota hai?
(hn)
Yusuf Patel ji, normally yeh 2-4 month ka hota hai lekin yeh pashu ki breed pe bhi depend karta hai.
Sir g yah kya kaam karegi iska result kitne din tak rahega Or organic hai kya iska prayog sai bhoomi par koi hanikarak prbhav to ni padega ?
(hn)
Punjab
Avdesh ji kripya iske label ki photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake ke aap iska istemal kaise kar sakte hai aur iska koi nuksaan hai ya nahi.dhanywad
क्या गिर नस्ल की गाय के थन काले होते हैं ?
(hn)
जी हां थन काले भी हो सकते है इसमें कोई समस्या वाली बात नहीं है
Sir ਜੀ ਸਾਡੀ ਮੱਝ ਦੇ ਸਰੀਰ ਨੂੰ ਪਾਈ ਹੋਈ ਖੁਰਾਕ ਲਗਦੀ ਨੀ ਹੈੱਗੀ ਇਸਦਾ ਹੱਲ ਦਸਿਓ g ?
(pb)
Punjab
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Zenvet bolus ਦਿਓ, ਬਾਕੀ ਉਸਦੀ ਖੁਰਾਕ ਦਾ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Enerboost ਪਾਊਡਰ 50-50gm ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਅਤੇ 3d red liquid 50-50ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਹੋਵੇਗੀ
Buffalo ਇਕ ਦੋ ਦਿਨ ਚੋ ਸੁਣ ਵਾਲੀ ਆ ਪਰ ਲੱਤਾਂ ਚੋ ਸੋਜ ਆ ਗਈ ਕੋਈ ਦਵਾਈ ਦੱਸੋ ਜੀ ?
(pb)
ਰਾਜਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਜੀ, ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ powder Buffzon 200gm ਲਿਆ ਕੇ ਉਸ ਨੂੰ 50gm ਰੋਜ਼ਾਨਾ ਦਿਓ ਤੇ ਨਾਲ Bolus Sarrakind 2 ਗੋਲੀਆ ਦਿਓ ਜੀ
ਧੰਨਵਾਦ ਜੀ
Sir ji pendy spray ko jbar ki bijai se pehle dal sakte hai kya ?
(en)
Punjab
Sukhi g jwar mein Pendimethalin ki spray krne ki sifarish nhi ki jati.jwar mein aap beejayi ke 2 din mein Atrazine @500 gm per acre ka spray kr skte ho g..
काजू और बादाम के पौधों के बारे मे जानकारी दीजिये ?
(hn)
Punjab
इसे मिट्टी की कई किस्मों जैसे लाल रेतली मिट्टी से तटीय रेतली और लेटराइट मिट्टी में उगाया जाता है यह अच्छे निकास वाली गहरी रेतली दोमट और हल्की तेजाबी मिट्टी में अच्छे परिणाम देती है भारी चिकनी और अत्याधिक खारी और क्षारीय मिट्टी में काजू की खेती ना करें मिट्टी की पी एच 8.0 से अधिक नहीं होनी चाहिए Selection 1: इसकी औसतन उपज 10 किलो प्रति वृक्ष है इसके फल का औसतन भार लगभग 7.6 ग्राम और गिरियों का औसतन भार लगभग 2.2 ग्राम होता है Selection 2: इसकी औसतन उपज 9 किलो प्रति वृक्ष है इसके फल का औसतन भार लगभग 9.2 ग्राम और गिरियों का औसतन भार लगभग 2.5 ग्राम होता है Ullal 1: इसकी औसतन उपज 16 किलो प्रति वृक्ष एकड़ है इसके फल का औसतन भार लगभग 6.7 ग्राम और गिरियों का औसतन भार लगभग 2.1 ग्राम होता है Ullal 2: इसकी औसतन उपज 9 किलो प्रति वृक्ष है इसके फल का औसतन भार लगभग 6.0 ग्राम और गिरियों का औसतन भार लगभग 1.8 ग्राम होता है Ullal 3: इसकी औसतन उपज 14.7 किलो प्रति वृक्ष है इसके फल का औसतन भार लगभग 7.0 ग्राम और गिरियों का औसतन भार लगभग 2.0 ग्राम होता है काजू की खेती के लिए अच्छी तरह से तैयार और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है खेत की तैयारी मॉनसून का मौसम शुरू होने से पहले करें बिजाई मई महीने में की जाती है अनउपजाऊ मिट्टी में 7.5मीटर x 7.5 मीटर और गहरी उपजाऊ मिट्टी में 10 मीटर x 10 मीटर फासले का प्रयोग करें बादाम:- इसे मिट्टी की लगभग सभी किस्मों में उगाया जाता है लेकिन गहरी और अच्छे निकास वाली दोमट मिट्टी बादाम की खेती के लिए अच्छी होती है जल जमाव और उच्च पानी वाली मिट्टी में इसकी खेती ना करें बादाम की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 7.0-8.5 उपयुक्त रहती है बादाम की खेती के लिए अच्छी तरह से तैयार ज़मीन की आवश्यकता होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की 2-3 बार जोताई करें उसके बाद सुहागे से समतल करें आखिरी जोताई के समय ज़मीन को जैविक पदार्थ से भरें इसकी रोपाई जनवरी से फरवरी महीने में की जानी चाहिए पौधों में 6 मीटर x 6 मीटर या 4 मीटर x 4 मीटर या 3.5 मीटर x 3.5 मीटर फासले का प्रयोग करें गड्ढों में वृक्षों की रोपाई के लिए 3 फुट x 3 फुट x 3 फुट आकार के गड्ढे खोदें ग्राफ्टिंग या बडिंग विधि का प्रयोग किया जाता है
Dalchini ka ped kaise lagaye ?
(hn)
Maharashtra
दालचीनी गरीब रेतीले दोमट मिट्टी के लिए पोषक तत्व अमीर बलुई मिट्टी से लेकर मिट्टी की एक विस्तृत श्रृंखला के लिए अनुकूल है कोंकण तेज, Yercaud 1, Navashree और Nithyashree दालचीनी का व्यावसायिक रूप से खेती की प्रजातियों में से कुछ हैं Navashree एक उच्च उत्थान क्षमता के साथ बेहतर चयन (6-7 गोली मारता है / वर्ष), उच्च उपज (पहले 4 साल में औसत उपज 56 किग्रा / हेक्टेयर), और उच्च छाल वसूली (40.6%) है यह एक बहुत अच्छा cinnamaldehyde सामग्री 73%, छाल Oleoresin 8%, और पत्ती तेल 2.8% के साथ भी छाल तेल 2.7% के साथ उत्कृष्ट गुणवत्ता कैरेक्टर हैं Navashree भारत में सभी दालचीनी से बढ़ते क्षेत्रों के लिए सिफारिश की है कलमों और हवा परतों के माध्यम से बीज प्रसार और वनस्पति प्रचार आम तौर पर दालचीनी में अभ्यास कर रहे हैं दालचीनी के अंकुर के लिए आदर्श समय दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत में कर रहे हैं 50cm × 50cm × 50cm आकार के गड्ढे 3M × 3M की दूरी पर खोद रहे हैं और बोने से पहले खाद और ऊपर मिट्टी से भर रहे हैं आम तौर पर एक एक वर्ष के अंकुर लगाए हैं 4 -5 के अंकुर गड्ढे प्रति लगाए हैं और वे स्थापित हो जब तक पर्याप्त छाया अंकुरों के लिए प्रदान की जाती है
ਵੀਰ ਪਿਟਬੁੱਲ female dog ਆ ਉਹਦੇ ਪੋਟੀ ਵਾਲੀ ਜਗ੍ਹਾ to ਖੂਨ ਬਹੁਤ ਆ ਰਿਹਾ 2 ਦਿਨ ਹੋ ਗਏ ਜੀ ਤੇ ਕੁਤੀ pregnet ਵੀ ਆ 10 ਦਿਨ rehge soon ch koi ilaj dso pls ?
(pb)
ਉਸ ਨੂੰ ਹਿਮਾਲਿਆ ਕੰਪਨੀ ਦੀਆਂ Tablets Pilex 20 ਗੋਲੀਆਂ ਲਉ ਤੇ ਇਕ ਗੋਲੀ ਸਵੇਰੇ ਇਕ ਗੋਲੀ ਸ਼ਾਮ ਨੂੰ ਦਿਉ ਨਾਲ ਹੀ Tablet cipro 500mg 10 ਗੋਲੀਆਂ Tablet cromostate 10 ਗੋਲੀਆਂ ਲਉ ਤੇ ਇਕ ਇਕ ਗੋਲੀ ਸਵੇਰੇ ਇਕ ਇਕ ਗੋਲੀ ਸ਼ਾਮ ਨੂੰ ਦਿਉ ਜੀ
धान की खेती कैसे करे ?
(hn)
Punjab
धान भारत की एक महत्तवपूर्ण फसल है जो कि जोताई योग्य क्षेत्र के लगभग एक चौथाई हिस्से में उगाई जाती है और भारत की लगभग आधी आबादी इसे मुख्य भोजन के रूप में प्रयोग करती है यह उत्तर प्रदेश की मुख्य फसल है और उत्तर प्रदेश के लगभग 5.4 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती की जाती है Basmati, Kalajeera, Vishnu Parag आदि धान की कुछ उच्च गुणवत्ता वाली किस्में हैं जिनकी खेती उत्तर प्रदेश में की जाती है मिट्टी इस फसल को मिट्टी की अलग अलग किस्मों, जिनमें पानी सोखने की क्षमता कम होती है और जिनकी पी एच 5.0 से 9.5 के बीच में होती है, में भी उगाया जा सकता है धान की पैदावार के लिए रेतली से लेकर गारी मिट्टी तक, और गारी से चिकनी मिट्टी जिसमें पानी को सोखने की क्षमता कम होती है इस फसल के लिए अच्छी मानी जाती है प्रसिद्ध किस्में और पैदावार Jaya: यह छोटे कद की और अधिक उपज देने वाली किस्म गर्दन तोड़ के प्रतिरोधक है यह किस्म 142 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने बड़े और लंबे होते हैं इसकी औसतन पैदावार 26 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Chakia 59: यह किस्म कम जल जमाव वाले हालातों में उगाने के लिए उपयुक्त है Govind: यह किस्म पंतनगर द्वारा विकसित की गई है यह किस्म 105 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है Indrasan: यह तराई क्षेत्रों की प्रसिद्ध किस्म है Mahsud: यह किस्म निचले क्षेत्रों में बारानी स्थितियों में उगाने के लिए उपयुक्त है Majhera 3: यह लंबी किस्म सूखे को सहनेयोग्य है और ऊंचे क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है Nagina 22: यह ऊंचे क्षेत्रों में बारानी हालातों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसके दाने छोटे और मोटे होते हैं Narendra-1 and Narendra-2: यह किस्म 105 और 115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है Pant Dhan 6: यह किस्म निम्न और मध्यम ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में रोपाई के लिए उपयुक्त है Saket 4: यह अगेते समय की किस्म है और 115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह यू पी की सबसे प्रसिद्ध किस्म है T9: यह देरी से बोयी जाने वाली सुगंधित किस्म है इसके दाने बेलनाकार होते हैं VL Dhan 16: यह निम्न और मध्यम क्षेत्रों में रोपाई के लिए उपयुक्त किस्म है VL 206: यह लंबी किस्म निम्न और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है Usar 1: यह किस्म कानपुर में विकसित की गई यह क्षारीय और लवणीय मिट्टी में खेती करने के लिए उपयुक्त है बासमती किस्में Taraori Basmati: यह सिंचित क्षेत्रों में अगेती बिजाई के लिए उपयुक्त है यह किस्म 145-155 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Haryana Basmati no 1: यह अर्द्ध छोटे कद की किस्म है और सिंचित क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है यह किस्म 140 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa Basmati 1121, Pusa Basmati 1, CSR 30, Shabnam दूसरे राज्यों की किस्में Hybrid 6201: यह सिंचित क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त किस्म है यह भुरड़ रोग के प्रतिरोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 25 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Vivek Dhan 62: यह सिंचित और पहाड़ी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त किस्म है इसके दाने छोटे और मोटे होते हैं यह भुरड़ रोग के प्रतिरोधक किस्म है यह गर्दन तोड़ और कम तापमान वाले क्षेत्रों को भी सहन कर सकती है इसकी औसतन पैदावार 19 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Karnataka Rice Hybrid 2: यह सिंचित और समय से बिजाई वाले क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह पत्तों के झुलस रोग और अन्य बीमारियों को सहनेयोग्य किस्म है इसकी औसतन पैदावार 35 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Kanak: यह दरमियाने क्षेत्रों में बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है इसके दाने लंबे और मोटे होते हैं यह बैक्टीरियल झुलस रोग के प्रतिरोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 18 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Ratnagiri 1 and 2: सिंचित क्षेत्रों के लिए जबकि निचले क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है ये अर्द्ध छोटे कद की किस्म हैं इनकी औसतन पैदावार 19 क्विंटल और 21 क्विंटल प्रति एकड़ होती है ज़मीन की तैयारी शुष्क खेतों को अच्छा बनाने, नदीन रहित और सेहतमंद वृद्धि के लिए ग्लाफोसेट डालनी चाहिए गेहूं की कटाई के बाद ज़मीन पर हरी खाद के तौर पर मई के पहले सप्ताह ढैंचा (बीज दर 20 किलोग्राम प्रति एकड़), या सन (बीज दर 20 किलोग्राम प्रति एकड़) या लोबीया (बीज दर 12 किलोग्राम प्रति एकड़) की बिजाई करनी चाहिए जब फसल 6 से 8 सप्ताह की हो जाए तो इसे खेत में कद्दू करने से एक दिन खेत में ही जोत देना चाहिए इस तरह प्रति एकड़ 25 किलो नाइट्रोजन खाद की बचत होती है भूमि को समतल करने के लिए लेज़र लेवलर का प्रयोग किया जाता है इसके बाद खेत में पानी खड़ा कर दें ताकि भूमि के अंदर ऊंचे नीचे स्थानों की पहचान हो सके इस तरह पानी के रसाव के कारण पानी की होने वाले बर्बादी को कम किया जा सके बिजाई बिजाई का समय यू पी के सिंचित और निम्न बारानी क्षेत्रों में मध्य जून से शुरूआती जुलाई तक का समय उपयुक्त होता है बीज की गहराई पौधे की गहराई 2-3 सैं.मी. होनी चाहिए फासला बनाकर लगाने से पौधे ज्यादा पैदावार देते हैं फासला उपजाऊ मिट्टी में 20 सैं.मी. x 15 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें जबकि हल्की मिट्टी में रोपाई के लिए 15 सैं.मी. x 10 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें जल जमाव वाले क्षेत्रों में 20 x 20 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बिजाई का ढंग सिंचित और कम बारानी क्षेत्रों में रोपाई ढंग प्रयोग किया जाता है रोपाई के लिए 25-30 दिनों के पौधों का प्रयोग करें जल जमाव वाले क्षेत्रों में 30-35 दिनों के पौधे रोपाई के लिए प्रयोग करें ऊंचे क्षेत्रों में, शुष्क और गीली मिट्टी में रोपाई ढंग का प्रयोग करें बीज बीज की मात्रा एक एकड़ खेत में 6-8 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बीज का उपचार बिजाई से पहले 10 लीटर पानी में 20 ग्राम कार्बेनडाज़िम $ 1 ग्राम स्ट्रैप्टोसाईक्लिन घोल लें और इस घोल में बीजो को 8-10 घंटे तक भिगोयें उसके बाद बीजों को छांव में सुखाएं और फिर बिजाई के लिए प्रयोग करें पनीरी की देख-रेख और रोपण वैट बैड नर्सरी : यह तकनीक उन क्षेत्रों में अपनाई जाती है जहां पर पानी ज्यादा मात्रा में पाया जाता है नर्सरी का 1/10 हिस्सा दूसरे खेत में लगाया जाता है इसकी बिजाई छींटे द्वारा की जाती है यहां पर खेत की जोताई और खेत को समतल किया जाता है बैडों पर कईं दिन तक नमी बनाए रखनी चाहिए पानी से खेत को ज्यादा ना भरें जब नर्सरी 2 सैं.मी. से वृद्धि कर जाए तब पानी को खेत में लगाते रहना चाहिए बिजाई के 15 दिन बाद 26 किलो यूरिया डालना चाहिए जब नर्सरी 25-30 सैं.मी. तक लंबी हो जाए तब उसे 15-21 दिन बाद दूसरे खेत में लगा देना चाहिए और खेत को लगातार पानी लगाते रहना चाहिए सूखे बैड वाली नर्सरी : यह तकनीक शुष्क क्षेत्रों में अपनाई जाती है जो बैड बनाया जाता है वो बिजाई वाले खेत का 1/10 हिस्से में बीज बोया जाता है बैड का आकार सीमित होना चाहिए और उसकी ऊंचाई 6-10 से.मी होनी चाहिए धान का आधा जला हुआ छिलका बैड पर बिखेर देना चाहिए इससे जड़ें मजबूत होती हैं सही समय पर सिंचाई करते रहना चाहिए और नमी बनाए रखना चाहिए ताकि नए पौधे नष्ट ना हों तत्वों की पूर्ति के लिए खाद डालना जरूरी है मॉडीफाईड मैट नर्सरी : यह नर्सरी लगाने का एक ऐसा तरीका है जिसमें कम जगह और कम बीजों की जरूरत होती है यह नर्सरी किसी भी जगह पर बनाई जा सकती हैं जहां पर समतल जगह हो और पानी की सुविधा हो इसकी पनीरी लगाने के लिए 1% खेत की जरूरत होती है 4 से.मी की सतह पर नए पौधे लगाए जाते हैं इसे बनाने के लिए 1 मीटर चौड़े और 20-30 मीटर लंबे जमीन के टुकड़े की जरूरत होती है इसके ऊपर बिछाने के लिए पॉलीथीन और केले के पत्तों की जरूरत होती है इसके इलावा एक लकड़ी का बकसा जो कि 4 से.मी गहरा होता हैं मिट्टी के मिश्रण से भरा होता है बीजों को इसके अंदर रख देना चाहिए और फिर बीजों को सूखी मिट्टी के साथ ढक देना चाहिए इसके बाद पानी का छिड़काव कर देना चाहिए लकड़ी के बक्से को नमी देते रहना चाहिए बिजाई से 11-14 दिनों के बाद पौध तैयार हो जाती है जब पौध तैयार हो जाती है तब मैट से पौध को दूसरे खेत में रोपण कर दिया जाता है फासला: पौधों का फासला 20x20 सैं.मी. या 25x25 सैं.मी. होना चाहिए खेत में पौध रोपण पनीरी लगाने का ढंग 1. कद्दू करके लगाई जाने वाली पनीरी : आमतौर पर पंक्ति में लगाए जाने वाले पौधे 20x15 सैं.मी. दूरी पर लगाए जाते हैं और देरी से लगाई जाने वाली पनीरी 15x15 सैं.मी. पर लगाई जाती है नए पौधों की गहराई 2-3 सैं.मी. होनी चाहिए 2. बैड बनाकर लगाई जाने वाली पनीरी : यह बैड भारी ज़मीनों के लिए बनाए जाते हैं पनीरी लगाने से पहले खालियों में पानी लगाना चाहिए और फिर पनीरी को खेत में लगाना चाहिए पौधे से पौधे का फासला 9 सैं.मी. होना चाहिए 3. मशीनी ढंग से लगाई जाने वाली पनीरी : मैट पनीरी के लिए मशीनों का प्रयोग किया जाता है यह मशीन 30x12 सैं.मी. के फासले पर पनीरी लगानी चाहिए खरपतवार नियंत्रण रोपाई के 2 से 3 दिन बाद नदीनों के अंकुरण से पहले बूटाक्लोर 50 ई सी 1200 मि.ली. या थायोबेनकार्ब 50 ई सी 1200 मि.ली. या पैंडीमैथालीन 30 ई सी या प्रैटीलाक्लोर 50 ई सी 600 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें इनमें से किसी एक नदीननाशक को 60 किलो रेत में मिलाकर 4-5 सैं.मी. गहरे खड़े पानी में बुरकाव करें चौड़े पत्ते वाले नदीनों की रोकथाम के लिए मेटसलफुरॉन 20 डब्लयु पी 30 ग्राम को 150 लीटर पानी में मिलाकर नदीनों के अंकुरण के बाद रोपाई के 20-25 दिन बाद डालें स्प्रे से पहले खेत में खड़े पानी का निकास कर दें और स्प्रे के एक दिन बाद सिंचाई करें नदीनों के अंकुरण से पहले बूटाक्लोर 1 लीटर को बिजाई के 6 से 7 दिनों के बाद प्रति एकड़ में स्प्रे करें सिंचाई पनीरी लगाने के बाद खेत में दो सप्ताह तक अच्छी तरह पानी खड़ा रहने देना चाहिए जब सारा पानी सूख जाए तो उसके दो दिन बाद फिर से पानी को लगाना चाहिए खड़े पानी की गहराई 10 सै.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए खेत में से बूटी और नदीनों को निकालने से पहले खेत में से सारा पानी निकाल देना चाहिए ओर इस प्रक्रिया के पूरे होने के बाद खेत की फिर से सिंचाई करनी चाहिए पकने से 15 दिन पहले सिंचाई करनी बंद करनी चाहिए ताकि फसल को आसानी से काटा जा सके ऊंची भूमि पर सिंचाई पूरी तरह से बारिश पर निर्भर करती है बारिश की तीव्रता और नियमितता के आधार पर और पानी की उपलब्धता के आधार पर गंभीर अवस्थाओं में सिंचाई करें
ਪਾਪੂਲਰ ਵਾਲੇ ਖੇਤ ਵਿਚ ਚੇਰੀ ਬਿਜੀ ਹੋਈ ਹੈ ਪਰ hight ਨੀ ਹੋ ਰਹੀ ਪਾਪੂਲਰ ਦੀ ਦੂਰੀ 15 ਫੁੱਟ ਹੇ ਕੀ ਕਰਾ ?
(pb)
Maharashtra
ਹਮੀਦ ਜੀ ਤੁਸੀ ਚਰੀ ਦੀ ਗਰੋਥ ਦੇ ਲਈ hoshi @400ml ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
बकरी पालन की ट्रेनिंग कहाँ से प्राप्त कर सकते है मैं वाराणसी से हूँ ?
(en)
Uttar Pradesh
CIRG, Mathura, and IVRI Bareilly
sir vha jane se pahle kya prakriya hai ?? kb training start hoti hai eski jankari kaha se prapat kiya ja skta hai
isoflud inj. kis kam me aata hai ?
(hn)
Uttar Pradesh
steroids hai. Jodo aur muscle k dard k liye hota hai
ਸਰ ਪਨੀਰੀ ਦਾ ਰੰਗ ਪੀਲਾ ਹੈ ੲਿਸ ਨੂੰ ਕੀ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ ?
(pb)
Punjab
ਝੋਨੇ ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਵਿੱਚ ਫੈਰਸ ਸਲਫੇਟ @10 ਗਰਾਮ ਅਤੇ ਜਿੰਕ @5 ਗਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ ਜਿਸ ਨਾਲ ਪੀਲਾਪਨ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਨਹੀਂ ਆਉਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੇ 3 ਸਪਰੇਅ ਹਫਤੇ ਹਫਤੇ ਦੇ ਫਰਕ ਨਾਲ ਕਰੋ ਜੀ
sir gava da pet khrab ho gya Foss de nal blood v aa reha koi ilag dso ?
(pb)
Uttar Pradesh
Inj Metris: 100 ml IV Inj DNS: 3 lit IV Inj RL: 2 lit IV Inj Biotrim IM: 20-25 ml IM powder: Diarrok: 20 g to times a day powder: Amprolium: 3 g daily for 5 days for coccidiosis
Belgiri ki kheti ?
(en)
Punjab
बढ़िया रेतली दोमट, धूप वाली स्थिति, गर्म नमी वाली जलवायु, इस फसल के लिए अनुकूल होती हैं इसके लिए मिट्टी का pH 5-8 होना चाहिए और 75- 90° फारनहीट वाली गर्म मिट्टी का प्रयोग करें Narendra Bael (NB) 1 or Narendra Bael (NB) 2 सबसे ज्यादा उपयोगी और बढ़िया पैदावार वाली किस्म हैं Narendra Bael (NB)-5: इसके फल का आकर दरमियाना होता हैं, जिसका औसतन भार 1 किलो होता हैं यह गोल मुलायम, कम गोंद और बहुत ही स्वादिष्ट नर्म गुद्दे वाले होते हैं Narendra Bael (NB)-6: इसके फल का आकर दरमियाना होता हैं, जिसका औसतन भार 600 ग्राम होता हैं यह गोल मुलायम, कम गोंद और नर्म गुद्दे वाले होते हैं यह हल्के खट्टे और स्वाद में बढ़िया होते हैं Narendra Bael (NB)-7: इन फलों का आकर बढ़ा, समतल गोल और रंग हरा-सफेद होता हैं Narendra Bael (NB)-9: इन फलों का आकर बढ़ा, लम्बाकार होता हैं और इनमे रेशे और बीजों की मात्रा बहुत कम होती हैं Narendra Bael (NB)-16: यह एक बेहतरीन पैदावार वाली किस्म हैं, जिसके फलों का आकर अंडाकार, गुद्दा पीले रंग का होता हैं और रेशे की मात्रा कम होती हैं Narendra Bael (NB)-17: यह एक बेहतरीन पैदावार वाली किस्म हैं, जिसके फल औसतन आकर के होते हैं और रेशे की मात्रा कम होती हैं बेल की खेती के लिए, साफ़ रेतली या दोमट मिट्टी की जरूरत होती है भुरभुरी मिटटी के लिए, 90x90x90 सै.मी. आकर के गड्ढे खोदे जाते है और बाग़ की मिट्टी और 25 किलो रूडी की खाद, 1 किलो नीम तेल केक और 1 किलो हड्डीओं के चूरे का मिश्रण गड्ढों में डालें मिट्टी को स्थिर बनाने के लिए सिंचाई करना जरूरी होता है फरवरी से मार्च या जुलाई से अगस्त का समय इसकी बिजाई के लिए उचित होता है बढ़िया विकास के लिए अंकुरण हुए पौधे 8x8 मीटर फासले पर बोयें और नए पौधों के बीच का फासला 10 x10 मीटर होना चाहियें पैच और रिंग बडिंग प्रजनन के लिए प्रयोग किये जाने वाले उचित ढंग है इस ढंग में सफलता की दर ज्यादा होती है पहले बीजों को लगभग 12-14 घंटों के लिए पानी में भिगो दिया जाता है और फिर हवा में सुखाया जाता है फिर इनको बोया जाता है बीजों को पॉलीथिन या तैयार किये बैडों पर उगाया जाता है मिट्टी में नमी बरकरार रखने के लिए सूखे पत्तों के साथ मल्चिंग करें तैयार किये गए नरसरी बैडों पर बीजों की बिजाई करें बीज 2-3 हफ्ते में अंकुरण हो जाते है और पनीरी लगाने के लिए तैयार हो जाते है पनीरी और बीज द्वारा लगाएं गये पौधों में बहुत फर्क होता है इस कमी को दूर करने के लिए, पनीरी लगाकर पौधे तैयार किये जाते है मुख्य पौधे के साथ पैच बडिंग की जाती है और इसकी जड़े काट कर भी पौधा तैयार किया जाता है यह दोनों क्रियाएं इस लिए बढ़िया मानी जाती है इसकी छंटाई भी करनी चाहिए बढ़िया आकर वाली 4-6 टहनियाँ ओर ज्यादा बढ़ती है यह पानी को सोखने वाली स्थितियों के लिए बहुत संवेदनशील होती है, इस लिए इसका ध्यान रखें जब पौधा एक साल का हो जाये तो, 10 किलो रूडी की खाद, 50 ग्राम नाइट्रोजन, 25 ग्राम फास्फोरस और 50 ग्राम पोटाशियम बीमारीयां और कीटों से बचाने के लिए डालें हर साल विकास दर के अनुसार खादों की मात्रा बढ़ाते रहें खादें डालने के बाद सिंचाई करना जरूरी है ज़मीन की तैयारी के समय 25 किलो रूडी की खाद, 1 किलो नीम तेल केक और 1 किलो हड्डियों का चूरा डालें और मिट्टी में मिला दें पनीरी लगाने के बाद 10 किलो रूडी की खाद, 500 ग्राम नाइट्रोजन, 250 फास्फोरस और 500 ग्राम पोटाशियम प्रति पौधे में डालें कटाई के बाद फलों के बनावटी स्टोरेज के लिए एथ्रेल(2-क्लोरोइथेन फोस्फोनिक एसिड ) 1,000 से 15,000 ppm डालें और 86° फारनहीट(30°सैल्सिअस) पर स्टोर करें इस फसल में ज्यादा गोड़ाई की जरूरत नहीं होती है पहली गोड़ाई शुरू में पौधों के विकास के समय करें और फिर अगली गोड़ाई पौधे की 2 साल की उम्र में करें
मैंने ढांचा बोया है करीब 15 दिन का हो गया कितने दिन में पलटा जाए और इसके लाभ बताएं ?
(hn)
Maharashtra
हरी खाद के लिए बोयी गई फसल को 40-60 दिन की होने पर मिट्टी में दबा दें यह हरी खाद के तौर पर ज्यादातर प्रयोग होने वाली फसल है यह हर मौसम में बोयी जा सकती है जब मिट्टी में आवश्यक नमी हो यह सिर्फ ज़मीन की हालत ही नहीं सुधारती बल्कि नाइट्रोजन की कमी को भी पूरा करती है
गाय के गोमूत्र और नीम से दवा बनाने की विधि के बारे में बताएं ?
(hn)
Punjab
गाय के गोमूत्र और नीम से दवा बनाने की विधि के बारे आवश्यक चीज़ें: 1. 3-5 किलो करंज वृक्ष के पत्ते 2. 3 किलो नीम के पत्ते 3. 1 लीटर अरिंड का तेल 4. 10 लीटर गाय का मूत्र 5. 2 किलो सफेद धतूरे के पत्ते 6. 50 ग्राम सर्फ तैयार करने का तरीका: 10 लीटर गाय के मूत्र में करंज, नीम और धतूरे के पत्तों को उबाल लें इस घोल को तब तक उबालें जब तक यह 5 लीटर तक ना रह जाये उबालने के बाद इसे ठंडा कर दें इस घोल को छान लें और इसमें 1 लीटर अरिंड का तेल और 50 ग्राम सर्फ घोल लें यह घोल 6 महीने तक प्रयोग किया जा सकता है प्रयोग करने का तरीका:150 मि.ली. घोल को 16 लीटर पानी में मिलायें और आवश्यकतानुसार शाखाओं और जड़ों पर स्प्रे करें
मोती की खेती कैसे की जाती है और व्यवस्था कैसे होगी बताये ?
(hn)
Madhya Pradesh
मोती पालन के फायदे - मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में जल स्तर को बढ़ाकर सरकार की मदद (4) बचे हुए सामान से हस्तकला उद्योग को बढ़ावा देना (5) यदि महिला वर्ग इस व्यवसाय में आते है तो ज्यादा फायदे है क्योकि मोती के आभूषण के साथ साथ मदर ऑफ़ पर्ल (Shell jewellery) का भी फायदा ले सकते है (6) आसपास के लोगो को रोजगार अधिक जानकारी संपर्क करे ..अमित बमोरिया 9407461361 9770085381 बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र मध्य प्रदेश https://m.bhaskar.com/news/MP-HOSH-quitting-govt-job-engineer-is-earning-money-from-pearl-cultivation-news-hindi-5533297-PHO.html
Madhya Pradesh
Good news for all farmers, Businessman बमोरिया फार्म द्वारा किसान भाइयो और सभी के लिए भारत के प्रसिद्ध/ विख्यात और्वेदाचार्य एवं सफल किसान द्वारा खेती या व्यवसाय करके लाखो रूपये कैसे कमाए हेतु प्रशिक्षिण कार्यक्रम ( Integrated farming ) 22 june 2019 आयोजित किया जा रहा है एक दिवशीय प्रशिक्षिण कार्यक्रम के मुख्या विषय निम्नलिखित है . 1-मोती पालन या सीप पालन ( घर ,छत ,आँगन या बड़े तालाब में ) 2-मछली पालन 3- बतख पालन 4- कड़कनाथ मुर्गा पालन 5-जापानी बटेर पालन 6-मोती भस्म 7-सीप भस्म 8-शंक भस्म # खाना चाय नास्ता सम्मलित होगा # सम्बंधित किताबे # सैंपल मटेरियल #सर्टिफिकेट #शुभकामना पत्र # जीवन भर सहयोग ( life time support ) अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे , अमित बमोरिया 9770085381 9584120929 सीट आरक्षित करने हेतु whatapp करे 9770085381 #बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र एवं एग्रो फार्म (अमित बमोरिया ) # @@@ केंद्रीय राज्य कृषि मंत्री श्री रूपाला जी द्वारा सम्मानित मध्य प्रदेश सरकार द्वारा holistic farmer का अवार्ड @@@ भारत के प्रमुख अखवार दैनिक भास्कर एवं पत्रिका द्वारा प्रथम पेज द्वारा सत्यापित.. @@@@ प्रमुख ટીવી news चैनल सहारा समय एवं बंसल news पर सफल साक्षात्कार.. प्रमुख कार्य मोती सम्बर्धन (मोती पालन ) मछली पालन बतख पालन जापानी बटेर पालन कड़कनाथ मुर्गा सुगर फ्री स्टेविआ की खेती विशेष उद्यानिकी बमोरिया फार्म सतपुरा टाइगर रिज़र्व मड़ई से 5 किलोमीटर पहले कामतीरंगपुर सोहागपुर SGP जिला होशंगाबाद HBD MP
barsat ke mausam mein kaun si sabji ki fasal acchi rahegi agar baris jyada hoti hai to?
(hn)
Punjab
शिवम् जी आप जून में फूलगोभी, खीरा-ककड़ी, लोबिया, करेला, लौकी, तुरई, पेठा, बीन, भिण्डी, टमाटर, प्याज, चौलाई जैसी सब्जियों की बिजाई कर सकते है
Uttar Pradesh
thanks
Lete ki khal ka prayog kaise karen dhan mein ?
(hn)
Maharashtra
surajpal ji kripya aap apna swal vistar se pooche ke aap kya jankari lena chahte hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Soyabean ke bhav kab tak bad sakte hai ?
(hn)
Punjab
ADARSH ji soybean ke bhav bad sakte hai lekin iske bare men abhi kuch nahi kaha ja sakta.dhanywad
jhoti ko pregnent hue 15 din ho Gye kase pta Karen pregnent hai ?
(hn)
Punjab
जी इसका आप 3 महीने बाद डॉक्टर से चैकअप करवा सकते है जी या फिर आप देसी तरीके अनुसार जब पशु को क्रॉस करवाये या टीका भरवाये 40 दिन हो जायें तो उसके बाद पशु के सुबह के पेशाब को खुले बर्तन में डाल लें और उसमें 1 चम्मच सरसों का तेल डाल दें इसके बाद ध्यान से चैक करें कि यदि सरसों का तेल उसमें एक टिक्की की तरह जम जाये तो पशु ठहर गया है पर यदि तेल की बूंदें बिखर जायें तो समझ लें कि पशु खाली है
Haryana
thanks
sir jhona laun ton agle din nadina wali dawi pa sakde jiri nu koi nukshan tan nhi ji ?
(pb)
Punjab
Paddy di transplanting to next day tuc nadeen wali spray pa skde ho g.esda koi side effect nhi hai g...
Want to know about artemisia crop ?
(en)
Punjab
Artemisia is adapted to a wide range of soil types from sandy loam to loamy soil which are free from water logging. However, a well drained light loam soil rich in organic matter is best for its cultivation. It can be cultivated in a wide pH range of 4.5 to 8.5.In India, it is cultivated in medium to low temperature conditions in Kashmir valley and hills of Himachal Pradesh and also in Uttar Pradesh to a limited scale. It is usually propagated by seeds. The land is ploughed 2-3 times to produce a ne tilth before the seedlings are transplanted. For better management the land is laid into beds of convenient size after applying the recommended dose of manures and fertilizers.The crop can be grown in two different seasons under Indian conditions, the rst crop during late rainy season and the second during summer. Seeds can be sown in nursery during September-October for the late rainy season crop and during November - December for the summer crop. For seed production, rainy season sown crop is advisable, whereas, November - December planted crop is reported to give maximum oil yield.
1121 ਝੋਨਾ ਦਾ ਰੇਟ ਕਿੰਨਾ ਤੈਅ ਹੋਇਆ ਜੀ ?
(pb)
Punjab
ਮਨਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਝੋਨੇ ਦੇ ਰੇਟ ਦਾ ਫੈਸਲਾ ਸਰਕਾਰ ਵਲੋਂ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਸ ਬਾਰੇ ਹਾਲੇ ਕੁਛ ਵੀ ਕਿਹਾ ਨਹੀਂ ਜਾ ਸਕਦਾ ਧੰਨਵਾਦ
Sir 1121 jhona sahi hai than others ?
(en)
Punjab
Kanwar g Basmati 1121 v bhut vdia variety hai.esda rate v bhut vdia chlda hai tuc eh kisam di cultivation kr skde ho g...
Sir ek ekad Bhoomi Khali PADI hai or kurukshetra k weather anusar konsi sabji lagau aache rate paane ke liye ?
(en)
Punjab
साहिल जी आप जून में फूलगोभी, खीरा-ककड़ी, लोबिया, करेला, लौकी, तुरई, पेठा, बीन, भिण्डी, टमाटर, प्याज की बिजाई कर सकते है धन्यवाद
sir aa paudd thek aa ?
(pb)
Punjab
ਹਰਮਨ ਜੀ ਇਹ ਪੌਧ ਸਿਰੇ ਤੋਂ ਪੀਲੀ ਲੱਗ ਰਹੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਪਨੀਰੀ ਉੱਪਰ ਤੋਂ ਪੀਲੀ ਪੈ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ ਲੋਹੇ ਦੀ ਕਮੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ferrous sulphate 1% @1 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਦੀ chelated ferrous sulphate ਸਪਰੇਅ ਕਰਨੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਅਜੇ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆਂ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਤਾਂ 3 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਕਨਾਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ ਕਈ ਵਾਰ ਪਨੀਰੀ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਕਮੀ ਦੇ ਕਾਰਨ ਵੀ ਪੀਲੀ ਹੋਣੀ ਸੂਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
me rabbit farming ka bare me complete information chahta hu?
(hn)
Haryana
खरगोश पालने के लिए आप कंपनी से कॉन्ट्रेक्ट कर सकते हैं इसके शुरू में आप एक यूनिट से शुरू कर सकते है , एक यूनिट में 3 नर और 10 मादा खरगोश होते है एक यूनिट आपको लगभग 30000 रूपये तक मिल जाएगा इसके लिए आपको 30X35 का शैड बनाना पडेगा, और यदि इनकी खुराक की बात करें तो इन्हें एक टाइम फीड और एक टाइम पठ्ठे पा सकते है यह लगभग तीन महीनो में बेचने के लिए तैयार हो जाते है इसके शुरू के लिए आप हमारी पैराडाइज कंपनी से संर्पक कर सकते है 9466419455 आप इस नंबर पर संर्पक कर सकते है ट्रेनिंग और मार्केटिंग की पूरी जानकारी यह कंपनी देगी
ਪਾਪੂਲਰ ਦੇ ਦਰੱਖਤਾਂ ਨਾਲ ਹੋਰ ਕੀ ਬੀਜੀਏ ?
(pb)
Punjab
ਦਲਜੀਤ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਾਰਕ ਇਦਾਸੋ ਤੁਸੀ ਇਸਨੂੰ ਕਿੰਨੇ ਫ਼ਾਸਲੇ ਤੇ ਬੀਜਿਆ ਹੈ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
sir dhann diya vatan te kehri dawai karni chahidi hai ?
(pb)
Punjab
jagtar ji tuc vattan te gha nu marn de layi pendimethalin@1 litre nu 150 litre pani vich mial ke prati acre de hisab nal spray kar sakde ho.dhanwad
ehda koi hall dso g ?
(pb)
Punjab
gurpreet ji eh tahni nu katt ke tuc isde uper bordo paste lao is to ilava tuc isde uper copper oxychloride@3 gm nu prtai litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad
Sir chiku de dodian lagdian par phull ni kirda phal nahi lag reha koi tareka daso ?
(en)
Punjab
komal ji is boote nu 4 killo vermicpompost pao isde nal fal kirna band ho jange.dhanwad
Punjab
Sir apna phone number send karo pls
Sir sade har sal cheeku nu jado full lgde aa, jado dodiyan lagdiyan han ta full poora nahi khilda, fl bhi nahi lg rha, dodiyan suk ke gir jandiyan, koi ilaj btaein ?
(en)
Punjab
komal ji isnu tuc vermicompost@4 killo pao isto ilava tuc isde uper copper oxychloride@3gm nu prtai litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad
sir ji farmer ne katti nu dandia na kutia jis krke katti satres ho gai osda treatment 10 din ho gye chalde nu, pahile din behosh ho gai C hun turn firm lag gai but agle per tede ho gye or swiling aa rhi aa, sham nu temperature 103%to veer + ho janda tem nhi tut riha, Berinil inj v lag gya 3 din cefstan inj v lga dita g, bt tem nhi tut riha?
(en)
Gorve singh ji , Es nu Injection Tinacal 20ml Injection, Metphos 20ml, rojana 3 din lagwao nall 1kg sonf, 1kg amle da suka muraba, 1kg gulkand, 10 moti elachi te 20 shoti elachi lao Sara kuss ragged ke mix Kar lo te 5 hise kar ke ekk hisa rojana deo ji .
क्या में मेरे गाँव मे अनार की खेती कर सकता हूँ?
(hn)
Punjab
इसे मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छी उपज और अच्छी वृद्धि के लिए गहरी दोमट और जलोढ़ मिट्टी की आवश्यकता होती है यह दोमट और हल्की क्षारीय मिट्टी को भी सहनेयोग्य है इसे हल्की मिट्टी में भी उगाया जा सकता है अनार की खेती के लिए मध्यम और काली मिट्टी भी उपयुक्त रहती है Ganesh: इसके फल मध्यम आकार के होते हैं छिल्का पीले रंग के साथ गुलाबी लाल रंग का होता है इसके जूस में टी एस एस की मात्रा 13 से 16 प्रतिशत होती है इसके फलों की पैदावार 6-7 टन प्रति एकड़ में होती है Jodhpur Local: इसके फल मध्यम आकार के, छिल्का सख्त होता है इसके फल रसदार, मीठे और बीज कुछ हद तक सख्त होते हैं Kandhari: इसके फल बड़े आकार के, पीले रंग का छिल्का और लाल रंग के धब्बे होते हैं इसके रस में टी एस एस की मात्रा 13-15 प्रतिशत होती है इसकी औसतन पैदावार 4-4.8 टन प्रति एकड़ होती है Seedless (Bedana): इसके फल मध्यम से बड़े आकार के होते हैं फल मीठे, रसदार और नर्म बीज वाले होते हैं Jyothi: यह किस्म छोटे कद की और सदाबहार होती है इसके दानों के भार के आधार पर रस की औसतन मात्रा 75 प्रतिशत होती है इसके रस में टी एस एस की मात्रा 17 प्रतिशत होती है इसकी औसतन पैदावार 3.2 टन प्रति एकड़ होती है Mridula: इसके फल का छिल्का लाल रंग का होता है इस किस्म के दानों का रंग गहरा लाल होता है इसके दानों के भार के आधार पर रस की मात्रा 78 प्रतिशत होती है इसके रस में टी एस एस की मात्रा 17-18 प्रतिशत होती है Ruby: इसके फल छोटे आकार के और लाल रंग के होते हैं रस की औसतन प्रतिशतता 80 होती है और टी एस एस की मात्रा 15 प्रतिशत होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की 2-3 बार जोताई करें उसके बाद खेत को समतल करने के लिए सुहागा फेरें बसंत के मौसम में रोपाई के लिए फरवरी-मार्च का समय उपयुक्त होता है और उष्ण कटिबंधीय और उप उष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों में रोपाई के लिए जुलाई - अगस्त का समय उपयुक्त होता है मिट्टी की किस्म और जलवायु के आधार पर उपयुक्त फासला दें अनार की खेती के लिए वर्गाकार में 5मीटर x 5 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है बिजाई के लिए 60 x 60 x 60 मीटर आकार के खड्ढे खोदें पखवाड़े तक खड्ढों को धूप में खुला रखें उसके बाद 20 किलो रूड़ी की खाद और 1 किलो सुपर फास्फेट को मिट्टी में मिलाकर खड्ढों में भरें खड्ढों को भरने के बाद पानी डालें यह मिट्टी को व्यवस्थित करेगा
1 din me 1 buffalo Ko kitne kg me khurak Deni chahiye ?
(hn)
Rajasthan
Yusuf ji 1 din mai app pashuo ko rojana 35-40kg hara chara, 5-7kg turii mix krke de skte hai aur Feed dudh wale pashu ko 2kg dudh magar 1 kg feed den, iss hisab se app feed de skte hai aur biina duudh wale pashuo ko 1.5-2kg feed ek smye ki de skte hai.
Uttar Pradesh
Etawah mein . Mai ne 1year pahle dairy shuru ki 10 buffalo k sath... 40-50 litre milk produce hota hai daily.. Lekin koi profit nahi ho raha hai ... .. Kuch margdarshan kare
ਗਰਮੀ ਨਾਲ ਗਾਵਾਂ ਦੀ ਫੈਂਟ ਬਹੁਤ ਘੱਟ ਗਈ ਕੌਈ ਹੱਲ ਦੱਸੌ ?
(pb)
Punjab
ਫੈਟ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਫੀਡ ਦੇ ਨਾਲ 1kg ਸਰੋੰ ਦੀ ਖੱਲ, 1kg ਵੜੇਵਿਆ ਦੀ ਖੱਲ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਉ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਮਿਠਾਸੋਡਾ ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਵਾਰ ਦਿਉ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Fatplus ਪਾਊਡਰ 50gm ਜਾਂ Fatmax ਪਾਊਡਰ 50gm ਅਤੇ coolmax ਪਾਊਡਰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ.
Punjab
thanks sir
Punjab
ਗਰਮੀ ਵਿੱਚ ਖਲ ਠੀਕ ਰਹੇਗੀ ???
Punjab
hnji tuci khall di varto kr skde ho.
ਕਲੀ ਤੋ ਪਸ਼ੂਆਂ ਲਈ ਕੈਲਸੀਅਮ ਕਿਵੇ ਬਣਦੀ ਹੈ ?
(pb)
Rajasthan
ਹਾਜੀ ਚੂਨੇ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਦੀ ਕੈਲਸ਼ੀਅਮ ਦੀ ਕਮੀ ਪੂਰੀ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਪਰ ਇਸ ਦੇ ਲਈ ਸਿੱਧਾ ਹੀ ਚੂਨਾ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਨਹੀ ਖਵਾਉਣਾ ਬਲਕਿ ਚੂਨੇ ਵਾਲਾ ਪਾਣੀ ਪਿਆਉਣਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਜਿਵੇਂ ਕਿ ਤੁਸੀ ਆਪਣੀ ਪਾਣੀ ਵਾਲੀ ਟੈਕੀ ਵਿੱਚ ਹਰ ਹਫਤੇ ਚੂਨੇ(ਕਲੀ) ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸ ਟੈਕੀ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਪੀਣ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਅੰਦਰ ਕੈਲਸ਼ੀਅਮ ਜਾਂਦਾ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ ਜਾਂ ਫਿਰ ਕੈਲਸ਼ੀਅਮ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਲਈ ਤੁਸੀ ਇਹ ਤਰੀਕਾ ਵੀ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਕ ਮਿੱਟੀ ਦਾ ਕੋਰਾ ਘੜਾ ਲਿਆ ਕੇ ਉਸ ਨੂੰ ਉੱਪਰ ਤੋਂ ਥੋੜਾ ਤੋੜ ਦਿਓ ਉਸ ਘੜੇ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਨਾਲ ਭਰ ਦਿਓ ਉਸ ਵਿੱਚ ਕਲੀ ਦਾ ਡਲਾ ਪਾ ਦਿਓ ਉਸ ਨਾਲ ਬੁਲਬਲੇ ਨਿੱਕਲਣੇ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਣਗੇ ਅਗਲੇ ਦਿਨ ਤੱਕ ਚੂਨੇ ਵਾਲਾ ਪਾਣੀ ਸੁੱਕ ਜਾਵੇਗਾ ਦੁਬਾਰਾ ਫਿਰ ਉਸ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਨਾਲ ਭਰ ਦਿਓ ਇਸੇ ਤਰਾਂ ਲਗਾਤਾਰ ਪਾਣੀ ਉਸ ਵਿੱਚ ਪਾਉਦੇ ਰਹੋ ਜਿਸ ਦਿਨ ਪਾਣੀ ਨਾਲ ਸੁੱਕਿਆ ਤੇ ਉਸ ਦਿਨ ਉਸ ਪਾਣੀ ਨੂੰ ਕਿਸੇ ਬੋਰੀ ਨਾਲ ਪੁਣ ਲਵੋ ਜਦੋਂ ਪਾਣੀ ਨੂੰ ਪੁਣਿਆ ਤਾਂ ਜਿਹੜੀ ਕਲੀ ਬੋਰੀ ਤੇ ਰਹਿ ਗਈ ਉਸ ਨੂੰ ਧੁੱਪ ਵਿੱਚ ਸੁਕਾ ਲਵੋ ਧੁੱਪ ਵਿੱਚ ਸਕਾਉੇਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਉਹ ਬਿੱਲਕੁੱਲ ਪਾਊਡਰ ਬਣ ਜਾਵੇਗੀ ਜਦੋਂ ਵੀ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਪਿਆਉਣਾ ਹੋਵੇ, ਉਸ ਚੂਨੇ ਦੇ ਬਰੀਕ ਪਾਉਡਰ ਨੂੰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਣੀ ਪਿਆਉਣ ਵਾਲੇ ਭਾਂਡੇ ਵਿੱਚ ਪਾ ਦਿਆ ਕਰੋ ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਕੈਲਸ਼ੀਅਮ ਦੀ ਘਾਟ ਨਹੀ ਆਵੇਗੀ ਨੋਟ- ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਅੰਦਰ ਸਿੱਧੀ ਕਲੀ ਨਹੀ ਜਾਣੀ ਚਾਹੀਦੀ..
ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਜਿੰਕ ਲੋਹਾ ਘਾਟ ਤੇ ਪੋਟਾਸ਼ ਪਾਉਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਤੇ ਕਦੋ ਤੇ ਕਿੰਨੀ ਮਾਤਰਾ ਪ੍ਤਿ ਏਕੜ ?
(pb)
Punjab
Paddy vich zinc 21% @16 kg per acre zinc 33% @10 kg per acre pa skde ho g.Iron di poorti lyi @5 kg iron per acre pao ja frr ferrous sulphate @1 kg per acre da spray kr skde ho g..Potash @25 kg per acre di dose pao g..
मुर्गी पालन में 1000 बच्चों पर कितना प्रॉफिट हो सकता है उत्तर प्रदेश में ?
(hn)
Haryana
लेयर फार्मिंग के लिए आपको 50 फ़ीट लम्बी जगह और 20 फ़ीट चौड़ाई वाली जगह की ज़रूरत होगी यह पूरी जगह 1000 वर्ग फ़ीट बन जाती है, इसमें आप 1000 बच्चे रख सकते है यदि आप लेयर का बच्चा अपने फार्म लेकर तैयार कर सकते है कि एक बच्चे और अंडे देने तक कुल खर्चा रूपये आ जाता है और यदि आप पूरी तरह तैयार बच्चा लेते है जो आपके फार्म पर सिर्फ अंडे दे तो वह एक बच्चा 205—210 रूपये तक आ जाता है फिर आप उस हिसाब से बच्चे खरीद सकते है, इसके लिए आप लेयर वाली venkeys कंपनी से सम्पर्क कर सकते है बाकि यदि आप deep litter में बच्चे रखते है तो इससे भी बढ़िया फ़ायदा होता है पर इस में संभाल करनी पड़ती है
Sir ji ਮੱਝ ਨੂੰ ਸੁਣ ਵਿਚ 4 ਕੂ ਦਿਨ ਰਹਿ ਗਏ ਹਨ ਮੱਝ ਦਾ ਅਗਲਾ ਥਣ ਬਹੋਤ ਵੱਡਾ ਹੋ ਗਿਆ ਹੈ ਕਾਫੀ ਸੋਜ਼ ਆ ਗਈ ਹੈ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦਸੋ ਸਰ ਜੀ ਕਿਹੜੀ medicine use kiti jave ?
(pb)
ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ ਇੰਜੈਕਸ਼ਨ Amxirum Fort 4.5gm, ਇੰਜੈਕਸ਼ਨ Megludyne 20ml, ਇੰਜੈਕਸ਼ਨ Isoflud 5ml, ਇੰਜੈਕਸ਼ਨ Avil 10ml ਨੂੰ 3 ਦਿਨ ਲਗਵਾਓ ਜੀ
Uttar Pradesh
inj: Ceftiofur : 3 g IM, inj Melonex: 10 ml IM inj : Avil: 15 ml IM for 3 days. wash the teat with boiled need water two times.
Sir, mujhe vermi compost ka business karna hai ?
(hn)
Punjab
बढ़िया वर्मी कंपोस्ट निम्नलिखित तरीके अनुसार बनायी जा सकती है इसलिए ऐसा स्थान लें जहां धूप ना आये और हवादार हो इस स्थान पर ईंटों या पत्थर के टुकड़े और मिट्टी की 2—3 इंच मोटी परत बिछायें मिट्टी पर थोड़ा सा पानी छिड़ककर गीला करें मिट्टी में 25 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए इसके ऊपर गंडोए (40 गंडोए प्रति वर्ग फीट जगह) में मिलायें इसके बाद वेस्ट जैसे कि बची कुची सब्जियां, फल, कच्चा गोबर, गोबर की सलरी की 8—10 इंच मोटी परत डालें दूसरी परत के बाद इसके ऊपर सूखे पत्ते या पराली से ढक दें हर परत के बाद पानी छिड़कें ताकि नमी बनी रहे वर्मीकंपोस्ट के बैड को 3—4 इंच मोटी गोबर की परत से ढक दें और इसके ऊपर बोरा या तिरपाल रखें ताकि नमी बनी रहे रसोई, फसलों या डेयरी के बचे कुचे की परत को रैक से पलटते रहें और आवश्यकतानुसार थोड़ा थोड़ा करके और वेस्ट भी डाल सकते हैं इसके ऊपर कच्चा गोबर भी डाल सकते हैं पर ध्यान रखें कि यह परत पहले जितनी ही मोटी रहें वर्मी कंपोस्ट की खाद मौसम के हिसाब से 45—60 दिनों में तैयार हो जाती है सबसे ऊपर वाली परत को हटाकर गंडोए छलनी से अलग कर लें और निचली छोड़ दें इसके ऊपर दोबारा रसोई या एग्रो वेस्ट की 6 इंच मोटी परत बिछाकर दोबारा खाद तैयार की जा सकती हैं 45 दिनों के बाद पानी छिड़कना बंद करने से भी गंडोए निचली परत में चले जाते हैं और छलनी से अलग करने में समय कम लगता है तैयार वर्मी कंपोस्ट काले भूरे रंग की गंध रहित और चाय पत्ती जैसी होती है इसे छांव में हवा में सुखकर आवश्यकतानुसार थैले या बोरियों में डालकर रखा जा सकता है एक टन वर्मी कंपोस्ट में 1.0—1.5 किलोग्राम नाइट्रोजन, 5—10 किलोग्राम पोटाश और 3.5—5.0 किलो फासफोरस होता है इसके अलावा इसमें कई तरह के एन्ज़ाइम और सूक्ष्म तत्व कॉपर, आयरन, जिंक, सल्फर, कैलशियम और मैगनीशियम आदि होते हैं
ਸਰ ਅਸੀਂ ਆਪਣੇ ਝੋਨੇ ਨੂੰ 1509 ਆ ਉਸ ਨੂੰ ਜਿੰਕ ਦੀ ਸਪਰੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਉਸ ਦਾ ਕੀ ਫਾਇਦਾ ਹੋਵੇਗਾ ਅਤੇ ਉਸ ਦੀ 1ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਕਿੰਨੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰਨੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ ਕਿੰਨੇ ਚਿਰ ਦੇ ਝੋਨੇ ਨੂੰ ਕਰਨੀ ਹੈ ?
(pb)
Punjab
Lakhwinder g tuc Basmati vich jekar transplanting se time zinc nhi paounde tn frr deficiency aoun te chelated zinc @200 gm per acre nu 150 liter pani vich mila ke spray kr skde ho g..
ehe sarian photoa sadi jameen dea ne is jameen vich bo ot jada barek-barek rode(stones) ne so ehna nu khatam karan da koi tareka ?
(pb)
Punjab
akashdeep hi rodan vali jameen vich tuc gypsum@1 quintal nu prati acre de hisab nal pa sakde ho.dhanwad
Machli palan business ?
(hn)
यदि आप मछली पालन शुरू करना चाहते हैं तो इसकी पूंग छोड़ने के लिए मार्च से अक्तूबर का समय उपयुक्त होता है एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिलेगा यदि बढ़िया खुराक डाली जाए तो 8 महीनों में यह लगभग 800—900 ग्राम का हो जाता है बाकी मछली पालन के लिए नहरी पानी बढ़िया होता है और आप गांव का छप्पड़ ठेके से लेकर भी यह काम शुरू कर सकते हैं तालाब में मछली के बीज डालने से पहले इस बात की जांच कर लेनी चाहिए कि उस तालाब में काफी मात्रा में मछली की कुदरती खुराक उपलब्ध है तालाब में प्लैंकटान की अच्छी मात्रा करने के उद्देश्य से यह जरूरी है कि रूड़ी की खाद के साथ सुपर फास्फेट 300 किलोग्राम और यूरिया 180 किलोग्राम प्रति वर्ष प्रति हेक्टैयर के मान से डाली जाए तालाब में से हानिकारक मछलियों और कीड़े मकौड़ों को निकाल लेना चाहिए मंडीकरण की कोई दिक्कत नहीं है यह लोकल ही सेल हो जाती हे यदि आप मछली पालन का काम शुरू करना चाहते हैं तो ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है आप इस काम की ट्रेनिंग लेकर फिर इसे अच्छी तरीके से शुरू करें
ਮੈ ਨੂੰ ਜੰਗਲ ਲਗਾੳਣ ਦੀ ਵਿਧੀ ਦਸੋ ਜੀ ਕਿੳਕਿ ਮੈ ੫੦ਗਜ ਵਿਚ ਜੰਗਲ ਲਗਾਣਾ ਹੈ...ਮੈੇ ਘਰ ਵਿਚ ਵੀ ਅਤੇ ਖੇਤ ਵਿਚ ਲਗਾਣਾ ਹੈਟ...ਮੈਨੂੰ ਦੋਨਾ ਜਗਹ ਵਾਸਤੇ ਕਿਹੜੇ ਬੂਟੇ ਲਗਣਗੇ ਅਤਟ ਮੈਨੂੰ ਮੀਅਾਵਾਕੀ ਵਿਧੀ ਸਮਝਾੳ ਜੀ?.ਧੰਨਵਾਦ
(pb)
Punjab
ਸਰਬਜੀਤ ਸਿੰਘ ਜੀ ਸਤਿ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ , ਇਹ ਜੰਗਲ ਜਪਾਨ ਦੀ ਮੀਆਵਾਕੀ ਤਕਨੀਕ ਰਾਹੀਂ ਲਗਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਰੁੱਖ 30 ਗੁਣਾ ਵੱਧ ਹਰੇ ਅਤੇ 10 ਗੁਣਾ ਵੱਧ ਤੇਜੀ ਨਾਲ ਵਧਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਤਕਰੀਬਨ ੧੦੦ ਪ੍ਰਤੀਸਤ ਜੀਉਂਦੇ ਰਹਿੰਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਇਹਨਾਂ ਦੀ ਸਾਰ ਸੰਭਾਲ਼ ਕਰਨੀ ਵੀ ਸੌਖੀ! ਤਕਰੀਬਨ ੯੦ ਹਜ਼ਾਰ ਦਾ ਖ਼ਰਚਾ - ਇੱਕ ਜੰਗਲ ਨੂੰ ਲਗਾਉਣ ਦਾ ਖ਼ਰਚਾ ਸਾਮਗਰੀ, ਔਜ਼ਾਰ, ਜੇ ਸੀ ਬੀ ਦਾ ਭਾੜਾ ਅਤੇ ਖ਼ਾਸ ਕਿਸਮ ਦੀ ਸਾਮਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਸਿਰਫ ੩੦੦ ਗਜ਼ ਜ਼ਮੀਨ ਅਤੇ ਵਾੜ ਲੱਗੀ ਹੋਈ ਹੋਵੇ ਅਤੇ ਸਵੇਰ ਸ਼ਾਮ ਅੱਧੇ ਘੰਟੇ ਪਾਣੀ ਦੇਣ ਦੀ ਜਿੰਮੇਵਾਰੀ ਦੀ ਲੋੜ! ਇਸ ਵਿੱਚ ੨੫-੩੫ ਵੱਖ ਵੱਖ ਕਿਸਮ ਦੇ ਬੂਟੇ ਜਿਹੜੇ ਲੋਕਲ ਰੁੱਖ ਹਨ ਉਹੀ ਲਗਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਨੇੜੇ ਨੇੜੇ ਲਗਾਏ ਹੋਣ ਕਰਕੇ ਇਹ ਛੇਤੀ ਵੱਡੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਆਪਣੇ ਇਲਾਕੇ ਵਿੱਚ ਇਹ ਜੰਗਲ ਲਗਾਉਣ ਲਈ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ : 84273-19268
ਸਤਿ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਜੀ ਸਾਰੇ ਆਪਣੀ ਖੇਤੀ ਦੇ ਮੈਂਬਰ ਸਾਹਿਬਾਨ ਨੂੰ ਅਸੀਂ ਇਹ ਪੁਛਣਾ ਚਾਹੁੰਦਾ ਸੀ ਕਿ ਬੱਕਰੀਆਂ ਵਾਸਤੇ ਹਰੀ ਮੱਕੀ ਕਿਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਸਟੋਰ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਆਚਾਰ ਤੋਂ ਬਿਨਾਂ ?
(pb)
Punjab
ਬਹੁਤ ਧੰਨਵਾਦ ਵੀਰ ਜੀ
Dalchini ka paudha ya beej kahan milega ?
(hn)
Punjab
Aslam Ukaye ji Dalchini ke plant lene ke liye aap Rajindra 9822534678 (Plants Paradise Nursery) se samparak kar sakte hai. Thank you.
Sir pushuyan nu makhia bahut tang kardi aa g koi desi tarika dso g ?
(pb)
Rajasthan
ਮੱਖੀਆਂ ਦੇ ਇਲਾਜ ਜੇਕਰ ਦੇਸੀ ਤਰੀਕਾ ਵਰਤਣਾ ਹੈ ਤਾਂ ਥੋੜੇ ਜੇ ਨਿੰਮ ਦੇ ਪੱਤੇ ਤੇ ਗਲੋਅ ਦੇ ਪੱਤੇ ਲਿਆੳ ਅੰਦਾਜਨ ਦੋਨੋ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ ਜਾਂ ਫਿਰ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਘੱਟ ਵੱਧ ਵੀ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਫਿਰ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਕੂਡੇ ਵਿੱਚ ਕੁੱਟ ਕੇ ਪੀਸ ਲੈਣਾ. ਪੀਸਦੇ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ ਥੋੜਾ ਜਿਹਾ ਪਾਣੀ ਵੀ ਪਾਉਦੇ ਰਹੋ, ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਜਦੋਂ ਪੀਸ ਲਏ ਤਾਂ ਪਾਣੀ ਨਿਚੋੜ ਲੈਣਾ ਤੇ ਪੱਤੇ ਸੁੱਟ ਦੇਣਾ ਨਿਚੋੜੇ ਹੋਏ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਥੋੜਾ ਜਿਹਾ ਅੰਦਾਜ਼ੇ ਨਾਲ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਮਿਕਸ ਕਰ ਲਵੋ ਉਸ ਮਿਕਸ ਕੀਤੇ ਮਿਸ਼ਰਣ ਨੂੰ ਕੱਪੜੇ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਸਾਰੇ ਸਰੀਰ ਤੇ ਮਲ ਦਿਓ ਜੀ.
Punjab
ਮੱਖੀਆਂ ਦੇ ਇਲਾਜ ਲਈ ਤੁਸੀ 2ml Butox ਨੂੰ 1 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਚਮੜੀ ਤੇ ਲਾਓ ਜੀ, ਇਸ ਨਾਲ ਮੱਖੀਆਂ ਤੋਂ ਆਰਾਮ ਮਿਲੇਗਾ. ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਜਖਮ ਵਾਲੀ ਜਗ੍ਹਾ ਤੇ ਪਹਿਲਾ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਲਗਾਓ ਜੀ ਫਿਰ ਇਸ ਦਵਾਈ ਨੂੰ ਲਗਾਓ ਜੀ.
Uttar Pradesh
Need ka oil lagaye
गन्ने की अधिक बढ़वार के लिए क्या करे ?
(hn)
Punjab
फसल बीजने से पहले मिट्टी के अंदरूनी तत्वों को जांच करवानी आवश्यक है ताकि खादों की सही आवश्यकता को समझा जा सके बिजाई से पहले 8 टन प्रति एकड़ रूड़ी की खाद मिलाएं या वर्मीकंपोस्ट + रैलीगोल्ड 8-10 किलोग्राम प्रति एकड़ या जीवाणु खाद 5-10 किलोग्राम प्रति एकड़ का प्रयोग करें बिजाई के समय 66 किलो यूरिया का प्रयोग प्रति एकड़ के हिसाब से करें यूरिया की दूसरी किश्त 66 किलो प्रति एकड़ दूसरे पानी के बाद डालो और यूरिया की तीसरी किश्त 66 किलो प्रति एकड़ चौथे पानी के बाद डालें सर्दियों के मौसम में तापमान कम होने के कारण फसल तत्व ज्यादा लेती है जिस कारण पौधा पीला पड़ जाता है इसकी रोकथाम के लिए N:P:K 19:19:19 की स्प्रे 250 ग्राम 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ के लिए प्रयोग करें जिन इलाकों में पानी की कमी है वहां यूरिया+पोटाश का प्रयोग 2.5 किलोग्राम को 100 लीटर पानी में मिलाकर करें
सर बकरी सेल करने के लिए मार्किट कैसे खोजे ?
(hn)
Madhya Pradesh
Thanks sir
Sir kapas me pehla pani dene ke bad kya kare jisse fasal ko fayeda ho or ab kapas ka kya bhav chal raha hai ans. plz sir ?
(hn)
Punjab
खादें और सिंचाई के साधनों के सही उपयोग और अच्छी तरह से की जोताई से कीड़ों को पैदा होने से पहले ही रोका जा सकता है कीड़ों के कुदरती दुश्मनों की भी रक्षा की जा सकती है पौधे के उचित विकास और ज्यादा टिंडे वाली टहनियों की प्रफुल्लता के लिए, मुख्य टहनी के बढ़ रहे हिस्से को लगभग 5 फुट की ऊंचाई से काट दें आखिरी बार हल से जोतते समय बारानी क्षेत्रों में 2-4 टन रूड़ी और सिंचित क्षेत्रों में 4-8 टन रूड़ी का प्रति एकड़ के हिसाब से डालें यह मिट्टी की नमी को बनाए रखने में सहायक सिद्ध होगी कपास की विभिन्न-विभिन्न किस्मों के लिए खादों की मात्रा, 75 किलो यूरिया और 75 किलो सिंगल सुपर फासफेट प्रति एकड़ के हिसाब से डालें हाइब्रिड किसमों के लिए, 150 किलो यूरिया और 150 किलो सिंगल सुपर फासफेट या म्यूरेट ऑफ पोटाश 40 किलोग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से डालें देसी किस्मों के लिए यूरिया 45 किलोग्राम प्रति एकड़ में प्रयोग करें आखिरी बार हल से जोतते समय फासफोरस की पूरी मात्रा खेत में डालें पौधे के कमज़ोर हिस्से समय नाइट्रोजन की आधी मात्रा और बाकी बची नाइट्रोजन फूल निकलने के समय डालें कम उपजाऊ मिट्टी के लिए नाइट्रोजन की आधी मात्रा बिजाई के समय डालें यूरिया में नाइट्रोजन की कमी को पूरा करने के लिए 50 किलो यूरिया 8 किलो सल्फर पाउडर से मिलाकर खड़ी फसल की पंक्तियों में डालें
sir 1.5 month tak cow suuni aa, garmi bhut osnu ki payia jaye jayada milk lai ?
(pb)
Punjab
tuci uss nu Intavita-nh liquid 10-10ml swere sham, Metabolite powder di rojana 1 pudi deni suru kro ate uss kol 24 hours pani rkho jiss nal ohh apni mrji nal pani pee skee, uss nu thndi shann vich bnno ate usdi khurak da pura dian rkho ji..
Punjab
thnx ji
Buffalo nu Mok lagi aa koi medicine ?
(pb)
Punjab
ਤੁਸੀ ਮੱਝ ਨੂੰ Biotrim IM ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ ਲਗਵਾਓ ਇਹ ਤੁਸੀ 20 ਮਿਲੀ ਲਗਵਾਓ, ਇਹ ਤੁਸੀ 3 ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ ਲਗਵਾਓ ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Broton liqued 50ml ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ Halotas bolus 1-1 ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ.
Sir makki de beej te subsidy di Jankari devo ?
(pb)
ovepreet singh ji ehde form tohanu apne zile de agriculture officer de office to pata chalega ke tohade zile vich eh scheme chal rahi hai ya nai. jekar eh scheme tohade zile vich hoe a tohanu form te sari jankari otho hi milegi ji.
Sir hame kadaknadh murge ka palan karna hai ?
(hn)
Punjab
कड़कनाथ मध्य प्रदेश की नसल है इसकी त्वचा काली चमकीली होती है, कलगी भी काली होती है और इसकी चोंच और जीभ भी काले रंग की होती है अंडे देसी अंडों की तरह होते हैं और खून लाल से थोड़ा गहरा लाल होता है इसके अंडे में प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती है और फैट बिल्कुल कम होती है शूगर के मरीज़ों के लिए भी यह फायदेमंद है इसके चिकन का 800 रूपये किलो तक रेट है और छोटे बच्चे यदि मध्य प्रदेश से मंगवाते हैं तो एक 90—100 रूपये प्रति बच्चा आपको मिलेगा इसका अंडा 45—50 रूपये प्रति अंडा सेल हो जाता है 3 महीने तक एक बच्चे के पालन पर खर्चा 150 रूपये होता है और जब चूज़े बड़े हो जाते हैं तो 1500 रूपये आमदन हो जाती है, इसे फीड नॉर्मल ब्रॉयलर वाली दे सकते हैं तो इसके साथ पालक भी खिला सकते हैं जिसमें आयरन होता है जो इसके लिए फायदेमंद होता है और कड़कनाथ मुर्गी साल में 120-130 अंडे देती है कड़कनाथ के लिए आप सुमित जंदर 8275592788 से सम्पर्क कर सकते हैं
Uttar Pradesh
you can contact Dr Jaydeep, scientist, CARI, Bareilly who is in panel of expert for apni kheti
Kam Bhumi Mein Kya Boye jisse munafa Ho ?
(hn)
Punjab
vikas ji kripya aap btaye ke aapki jameen kaisi hai pani ki suvidha kya hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
ਮੇਰੀ ਪਨੀਰੀ ਇੱਕ ਮਹੀਨੇ ਦੀ ਹੈ ਉਸਨੂੰ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਲਈ ਉਸਨੂੰ ਕਿ ਪਾਵਾ 2 ਵਾਰ ਯੂਰੀਆ ਪਾਇਆ, ਇਕ ਬਾਰ ਪਾਥੀਆ ਦੇ ਪਾਣੀ ਦੀ ਸਪਰੇ ਕੀਤੀ ਹੈ ?
(pb)
Punjab
ਬਲਵਿੰਦਰ ਜੀ ਜਦ ਪਨੀਰੀ 20-25 ਸੈਂਟੀਮੀਟਰ ਉੱਚੀ ਜਾਂ 6-7 ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੀ ਹੋ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਸਮਝੋ ਪਨੀਰੀ ਲਾਉਣ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੈ ਜੇਕਰ ਪਨੀਰੀ ਏਨੀ ਨਹੀਂ ਹੈ ਤਾ ਤੁਸੀ ਹੋਸ਼ੀ @2.5 ml ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ