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desi murgi Palan kaise kare ?
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ऐसे बताना मुश्किल है के कोनसी मुर्गी से जेयादा मुनाफा होगा क्युकी यह बोहत सारी बातो पर निर्भर करता है जैसे के आप कितने खरचे से शुरू कर रहो और उसकी केयर कैसे करते है लेकिन शुरू करने से पहले कुछ बेसिक बातों का ध्यान ज़रूर रखें जैसे आप ट्रेनिंग लेकर जरूर शुरू करें जिससे आपको फीड वगैरह का पता चलेगा और क्योंकि पोल्ट्री में बायोसिक्योरिटी रखनी बहुत जरूरी है यदि एक बार बीमारी फार्म पर आ गई तो बहुत कम समय में पूरे फार्म तक पहुंचती है इसलिए सभी बातें ध्यान में रखकर ही यह काम शुरू करें और यह भी सलाह है कि इस काम को बड़े स्तर पर एकदम से ना शुरू करें एक बार थोड़ी मुर्गियों से शुरू करें बाकी आपको बता दें कि व्यापारिक स्तर पर 5 एकड़ में आप 50000 मुर्गियां रख सकते हैं और इससे आपको कुल 5—7 लाख रूपये तक का खर्चा आ जाएगा यदि नस्ल की बात की जाए तो लेयर में अंडों के लिए BV 300 नस्ल सबसे बढ़िया रहेगी यह नस्ल 18 सप्ताह की उम्र में अंडे देना शुरू कर देती है और 19 सप्ताह से 80वें सप्ताह तक लगभग 370 अंडे देती है प्रति मुर्गी के लिए 1.5—2.0 फुट जगह की जरूरत पड़ती है पहले दिन से लेकर अंडे देने तक एक मुर्गी पर लगभग 250—300 रूपए खर्चा आ जाता है और ब्रॉयलर नस्लों में से वैनकोब 400 नस्ल बड़े स्तर पर सबसे बढ़िया मानी जाती है यह 35 दिनों तक लगभग 3 किलो फीड खाकर तकरीबन 1900—2000 ग्राम की हो जाती है और बाकी ज्यादा गर्मी और ठंड को काफी हद तक सहन करने की क्षमता रखती है बाकी आपके रख रखाव और बीमारियों पर टीकाकरण का खर्चा अलग है यह कुछ प्राथमिक जानकारी थी अंतत आप पहले किसी सफल पोल्ट्री फार्मर से जरूर मिलें आपको अन्य बातों एवं बारीकियों का पता लगेगा लोन लेने के लिए आपके पहले अपने नज़दीकी kvk से ट्रेनिंग लेनी होगी उस ट्रेनिंग के सर्टिफिकेट पर आप लोन के लिए अप्लाई कर सकते
khatti lassi nal kanak te tele de roktham kiti ja skdi hai es bare sari jankari deo g ?
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Buta singh g khatti lassi fasal nu healthy karn lyi ja antibiotic purpose lyi use hundi hai.ess nal tele di roktham nhi hovegi. tele di roktham lyi tuc 3-4kg neem nu boil krke and thanda krke 120 liter pani vich mila ke spray kr skde ho.
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ok g dhanwad
ਸਰ ਕਣਕ ਨਿਸਰ ਰਹੀ ਹੈ ਇਹ ਫੋਟੋ ਦੇਖ ਕੇ ਦਸਿਓ ਕਿ ਕਣਕ ਨੂੰ ਕਿਸ ਚੀਜ ਦੀ ਘਾਟ ਹੈ। ਪੱਤੇ ਬਿਲਕੁਲ ਬੇਜਾਨ ਜਿਹੇ ਹੋ ਗਏ ਤੇ ਗੋਲ ਜਿਹੇ ਵਟ ਖਾ ਰਹੇ ਨੇ ?
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ਕਣਕ ਦੇ ਪੱਤੇ ਤੱਤ ਦੀ ਘਾਟ ਆਉਣ ਕਰਕੇ ਗੋਲ ਵਟ ਖਾ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਇਸ ਦੀ ਪੂਰਤੀ ਕਰਨ ਲਈ NPK 00.52.34 @500 ਗਰਾਮ ਅਤੇ ਬੋਰਨ @100 ਗਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਿਸ ਨਾਲ ਦਾਣੇ ਮੋਟੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਫਸਲ ਨੂੰ ਤਾਕਤ ਵੀ ਮਿਲਦੀ ਹੈ
krishi se smbndhit business ke bare me btaye ?
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कृषि के साथ, आप कई सहायक गतिविधियों को अपना सकते हैं,जैसे कि डेयरी, पशु पालन, मुर्गी पालन, मधु मक्खी पालन, क्षेत्र में एक छोटा बांध बनाकर मच्छी पालन, सब्जियों को अग्रिम में उगना यह कहना बहुत मुश्किल है कि कौन सा कित्ता ज़्यादा लाभ देगा चूंकि यह आपके प्रयासों पर निर्भर करता है, आप किस स्तर पर हैं, आप सबसे पहले अपने बजट, अनुभव और स्थान के आधार पर सहायक कंपनी चुनते हैं जिसके बारे में आपको कुछ ज्ञान हो, और उस काम को सफल करने वाले सफल किसानों के पास जाकर मिलेंऔर फिर एक दृढ़ मन्न को बनाकर छोटे से स्तर पर शुरू करें और यदि कोई समस्या आ रही है, तो सवाल फिर से करें आपको हमारी तरफ से पूरी मदद मिलेगी
sir v5 de tike kis kam lai hai g ?
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Rakesh ji eh vitamin A, D3 te vitamin E da Iodized Injection hai ji eh pashu da reproduction system sahi karda ate pashu di immunity v vadonda hai ji.
ਕਣਕ ਤੇਲੇ ਅਤੇ ਪੀਲੇਪਣ ਤੋ ਕਿਹੜੀ ਦਵਾਈ ਦੀ ਵਰਤੋ ਕਰੀਏ ?
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ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਤੇਲੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਐਕਟਾਰਾ @80 ਗਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਕਣਕ ਫੰਗਸ ਕਰਕੇ ਪੀਲੀ ਨਹੀਂ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਵਿੱਚ NPK 13.O.45 @1 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਿਸ ਨਾਲ ਪੀਲਾਪਨ ਨਹੀਂ ਆਵੇਗਾ
moti ki kheti kaise kare ?
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हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
sir genhu me ye kya problem hai neeche se baali jhad rhi h aur ye bottal ki dawa theek rhegi photo me ?
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Azim khan g gehu mein tele ka attack hai ess mein bottel wali spray kr skte ho. Ess spray mein Imidacloprid 17.8 SL naam ka salt hota hai and eski dose @50-60 ml per acre ka spray kr skte ho.
sir mai cows de shed de mal mutr te paani da khadda alag te gobar ka khadda alag bnaya hoya h mal mutr wale khadde ch m 1 mhina pehln waste decomposer di ik dabbi paa diti c te 10 kg sheera(gud da waste). ki eh waste decomposer da ghol bneya hou ?
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ankit ji eh decomposer tyar ho geya hoyega kyuki isnu tyar karn de layi 15 din hi kaafi hunde han. tuc isdi varto khet vich kar sakde ho.
मोतियों की खेती के लिए ट्रेनिग कहां पर मिलती है और उसकी फीस कितनी है, मोतियों की सीप कहां से मिलती है इस खेती के लिए सरकार के द्वारा कोई सहायता मिलती है ?
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हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Ludhiana kisan mela kis din ji ?
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Punjab
Harpreet Ji PAU Ludhiana kisan mela 15-16 March 2019 nu hai ji.
sir mere kol tamato de plants si pr ohna di jad ch white colour da kidda pe gya, plant murjha gye, so menu ki krna chahida h, organic tarika v dsso ?
(en)
ਦਵਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਸਿਉਂਕ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਹੇਠਾਂ ਦਿੱਤਾ ਤਰੀਕਾ ਆਪਣਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਸਿਓਂਕ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਜੈਵਿਕ ਤਰੀਕਾ 1. 3-5 ਕਿਲੋ ਕਰੰਜ ਦੇ ਪੱਤੇ 2. 3 ਕਿਲੋ ਨਿੰਮ ਦੇ ਪੱਤੇ 3. 1 ਕਿਲੋ ਅਰੰਡੀ ਦਾ ਤੇਲ 4. 10 ਲੀਟਰ ਗਾਂ ਮੂਤਰ 5. 2 ਕਿਲੋ ਚਿੱਟੇ ਧਤੂਰਾ ਦੇ ਪੱਤੇ 6. 50 ਗ੍ਰਾਮ ਸਰਫ ਬਣਾਉਣ ਦਾ ਤਰੀਕਾ 10 ਲੀਟਰ ਗਾਂ ਦੇ ਮੂਤਰ ਵਿੱਚ ਕਰੰਜ ਦੇ ਪੱਤੇ, ਨਿੰਮ ਦੇ ਪੱਤੇ ਅਤੇ ਧਤੂਰਾ ਦੇ ਪੱਤਿਆਂ ਨੂੰ ੳੇੁਬਾਲੋ ਗਾਂ ਮੂਤਰ 5 ਲੀਟਰ ਰਹਿਣ ਤੱਕ ਉਬਾਲੋ ਉਬਾਲਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਉਸ ਨੂੰ ਠੰਢਾ ਕਰਨ ਲਈ ਰੱਖੋ ਫਿਰ ਉਸ ਨੂੰ ਛਾਣ ਲਓ ਅਤੇ ਕੈਸਟਰ ਤੇਲ @1 ਲੀਟਰ ਅਤੇ Surf@50gm ਮਿਲਾਓ ਇਸ ਘੋਲ ਨੂੰ 6 ਮਹੀਨੇ ਤੱਕ ਵਰਤਿਆਂ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਵਰਤਣ ਦੀ ਵਿਧੀ 150ml ਘੋਲ ਨੂੰ 16 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾਓ ਅਤੇ ਇਸ ਦੀਆਂ ਸ਼ਾਖਾਵਾਂ ਅਤੇ ਜੜ੍ਹਾਂ ਤੇ ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰੋ
Punjab agriculture university mela ?
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Vikram jit singh ji PAU Ludhiana kisan mela 15-16 March 2019 nu hai ji.
ਮੱਕੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਸਮਾਂ ਹਰੇ ਚਾਰੇ ਲਈ ਹੁਣ ਸਮਾਂ ?
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Punjab
ਚਾਰੇ ਲਈ ਮੱਕੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਸਮਾਂ ਮਾਰਚ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਹਫਤੇ ਤੋਂ ਸਤੰਬਰ ਦੇ ਅਧ ਤਕ ਹੈ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦੀ ਕਿਸਮ ਜੇ-1006 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
mai sir training leni aa pig farm lyi kado kr sakde aa ?
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Punjab
ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਦੀ ਅਗਲੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦੀ ਮਿਤੀ ਅਜੇ ਜਾਰੀ ਨਹੀ ਕੀਤੀ ਗਈ ਤੁਸੀ ਆਪਣਾ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਵਾਲਾ ਫਾਰਮ ਗੁਰੁ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੈਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਲੁਧਿਆਣਾ ਵਿੱਚ ਜਾ ਕੇ ਭਰ ਆਉ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਜਦੋਂ ਹੁਣ ਅਗਲੀ ਟ੍ਰੈਨਿੰਗ ਹੋਵੇਗੀ ਤੁਹਾਨੂੰ ਕਾਲ ਕਰਕੇ ਦੱਸ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇਗਾ ਜਾਂ ਫਿਰ ਤੁਸੀ ਸਰਕਾਰੀ ਸੂਰ ਫਾਰਮ ਨਾਭਾ, ਗੁਰਦਾਰਪੁਰ ਤੇ ਖਰੜ ਵਿੱਚੋ ਵੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਇਹ ਸਰਕਾਰੀ ਸੂਰ ਫਾਰਮ ਹਨ ਜਿੱਥੇ 5 ਦਿਨ ਦੀ ਮੁਫਤ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ਬਾਕੀ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਹ ਫਾਰਮ ਭੇਜ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਹੈ ਤੁਸੀ ਇਸ ਫਾਰਮ ਨੂੰ ਭਰ ਕੇ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੇ ਪਤੇ ਤੇ ਕੋਰੀਅਰ ਭੇਜ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਾਂ ਫਿਰ ਆਪ ਜਾ ਕੇ ਫੜਾ ਸਕਦੇ ਹੋ
kank uper hara tala ha us uper kade spray kar sakda ha ta kank nisar gaye ha os uper ghaat waste kade spray kar sakda ha ?
(en)
Punjab
Gurwinder g knak de nisare de time tuc NPK 00.52.34 @500 gm and Boron @100 gm per acre da spray kr skde ho jiss nal yield vdia aunda hai and dane v mote hunde han. Knak de vich black and green tele di roktham lyi Actara(thiamethoxam) @80 gm per acre da spray kr skde ho. Eh dono spray tuhanu alag alag hi krne painge.
ajola ka Beej Uttar Pradesh mein kahan Milenge ?
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Punjab
Santosh Kumar ji Azola seed lene ke lia aap Bhavesh kumar Sharma 9079272012, Sandeep 7014864529, Ram 8684979752 se samparak kare.
ਸਰ ਜੀ ਬਰਸੀਮ ਨੂੰ ਕੀ ਰੋਗ ਆ ਜੀ ਹੱਲ ਕਰੀਏ ?
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Punjab
ਅੰਗਰੇਜ ਜੀ ਇਹ ਫੰਗਸ ਦੇ ਕਾਰਨ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ ਇਸਦਾ ਯੂਪੀਰ ਤੁਸੀ saaf @400 -500 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
wheat ke aandr iske danne white white ho rahe hai or white white iski uper se bhi Nikal rhi hai is bimari Ko English Mai kye Bolte hai or Hindi Mai ?
(en)
Punjab
Tarun ji iski najdeek se aur clear photo bheje ta ki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
raghupat Singh muradabad desi beej chahiye please contact send ?
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Punjab
Arif ji aap yeh btae ki aap kis fasal ka desi seed lena chahte hai ta jo aap ko puri jankari di ja sake.
ਹੈਲੋ ਸਰ ਜੀ ਮੈਂ ਔਸ਼ਧੀਅ ਖੇਤੀ ਕਾਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦਾ ਹਾਂ ਇਸਨੂੰ Kive shuru Kara Koi sujaw deo Te is da mandikarn Kive Ho sakda ?
(en)
Punjab
Gurpreet ji medicinal plant vich kayi tra de paudheya di kheti kiti jandi hai tuc kehde paudhe di kheti karna chahunde ho eh daso ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake. dhanwad
Rajasthan
Aashvganda Baki sir Tusi Daso Kedi best rahu Areaa de hisab nal
Bija mata rahibai akole taluka maharashtra please send contact number ?
(en)
Punjab
Arif ji aapka jo bhi swal hai aap use app par puch sakte hai aapko yahi par experts ke dwara jwab diya jayega.dhanywad
iska kya kam hai ?
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Punjab
sudhanshu verma ji kripya aap iski clear photo bheje ta ki aapko iske bare men poori jankari di ja sake. dhanywad
rakesh shukla jabalpur contact number please send
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Punjab
Arif ji apni kheti team me kheti sambhandit jankari di jati hai.aapka agar kheti sambhandhi koi bhi swal hai to aap yaha pooch sakte hai hamare experts aapko iska jwab denge. Dr. Rakesh Shukla ek surgeon hai.hum aapko unka number uplabdh nah kra sakte aisi service aane vali time men hum aapko de sakte hai. dhanywad
...?
(en)
Punjab
Navdeep puri ji kirpa krke apna swal vistar nal pusho ji tuhade walo bejji gyi audio upload nahi hoi hai kirpa krke dubara upload kro ji tan jo tuahnu sahi jankari diti ja ske.
D A P 18-46-0 ਤੇ Govt 520 rupie di subsidy ਦਿੰਦੀ ਐ ਫੇਰ ਜੱਟ ਦੇ ਖਾਤੇ ਚ ਕਿਉਂ ਨਹੀਂ ਆਉਂਦੇ ਦੱਸੋ ?
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Punjab
Balwinder Singh ji DAP te jo RS.520 /- subsidy mil rahi hai oh katt ke hi is da rate 1450/- hai jis karan A/c vich koi pessa nai aunda is di pushti lai tusi ja rate bare kise vi tarah di jankari lai tusi 18001031967 te samparak kar sakde ho. Thankyou.
kive g samj ne lgeee
CIFA BBSR me training kab hota hai moti ki kheti k liye?
(en)
Punjab
Deepak ji CIFA kisano ki mang ke hisab se Training chalti hi rehti hai is ke bare me visther me jankari ke lia aap ICAR-Central Institute of Freshwater Aquaculture (Indian Council of Agricultural Research) (An ISO 9001:2015 Certified Institute) Kausalyaganga, Bhubaneswar-751002, Odisha, India,Tel: +91-674-2465421, 2465446, Fax: +91-674-2465407 se samparak kare.
Jharkhand
धन्यवाद सर
मशरूम सूख रहे हैं इसे कैसे बचाएँ ?
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पानी की कमी के कारण भी हो सकता है जी आप कमरे में नीचे पानी का छिड़काव करे और दूसरी बात कमरे को बंद करके रखे, क्योंकि हवा जयादा लग रही होगी जी
सरसों के इन कीटों के जैविक और रासायनिक इलाज़ क्या है हमें बताए ?
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Punjab
गुरदीप जी आप इनके ऊपर imidacloprid @1.5 ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें जैविक तरीके से इसकी रोकथाम करने के लिए आप नीम की स्प्रे कर सकते है इसके लिए आप 500 ग्राम नीम के बीजों की पेस्ट बना ले और इसे किसी कपडे में बांध कर 10 लीटर पानी में एक रात के लिए भिगो कर रखे अगल दिन इस पानी को 100 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
इसमें कौन सी स्प्रे की जाए ?
(en)
सुधांशु जी इसके ऊपर आप एक तो M-45@400 ग्राम को 150 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें दूसरा आप इसकी जड़ें चैक करें क्या उसमे गांठे बनी हुई है ता की आपको उसके हिसाब से पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
in this year what is price of gehu ?
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Punjab
MSP of Wheat is Rs 1840 per quintal in 2018-19.
18 ਮਹੀਨੇ ਦੀ ਕੱਟੀ ਹੈ ਜੀ, ਇਸਨੂ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰਵਾਉਣੀ ਹੈ ਗਰੋਥ ਲਈ ਕੋਈ ਫਾਰਮੂਲਾ ਦੱਸੋ ਜੀ ?
(en)
Punjab
ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੇ ਵਧੀਆ ਵਿਕਾਸ ਲਈ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਤੁਸੀਂ ਘਰ ਵਿੱਚ ਹੀ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਵੈਸੇ ਤਾਂ ਬਾਜਾਰ ਵਿੱਚ ਵੀ ਹੀਫਰ ਦੀ ਗ੍ਰੋਥ ਦੇ ਲਈ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀਆਂ ਫੀਡ ਆਉਂਦੀਆਂ ਹਨ ਪਰ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀਂ ਘਰ ਵਿੱਚ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦਿੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਵਧੀਆ ਰਹੇਗਾ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀਂ ਹੇਠਾਂ ਦਿੱਤੇ ਗਏ ਫਾਰਮੂਲੇ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਦਿਤੀ ਗਈ ਸਮੱਗਰੀ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਸਮੱਗਰੀ: 10 ਕਿਲੋ ਸੋਇਆਬੀਨ, 8 ਕਿਲੋ ਵੜੇਵਿਆਂ ਦੀ ਖਲ ,9 ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ, 40 ਕਿਲੋ ਚੋਕਰ, 20 ਕਿਲੋ ਕਣਕ ਜਾਂ ਮੱਕੀ, 10 ਕਿਲੋ ਛੋਲੇ, 1 ਕਿਲੋ ਨਮਕ, 2 ਮਿਨਰਲ ਮਿਸ਼ਰਣ.
asi gawa Da doodh kive wda sakde ha ?
(en)
Punjab
tuci 3 kilo dalia ate 250 gm guur riin ke fir uss nu thand krke 100ml saro da tel milla ke pashu nu deo, ehh 5-5 din dinde rho, iss nal duudh v vaddh jnda hai ate tuci Anabolite liqued 100-100ml swere sham deo, iss nal duudh purra howega ate kamjori door howegi ..
mosambi ke pile ped ke liye ?
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Maharashtra
yogesh ji kripya aap iski photo bheje ta ki aapko iske bare men poori jankari di ja sake. dhanywad
sir I want to start my own goat farm but dont have enough knowledge abt it, plz can help anyone whos already associated with this profession..i am from jalandher disst. I want to take training, plz help ?
(en)
Punjab
Yes sir, if you want to start goat farming it s a really very good idea. For this purpose, you can buy beetal breed goat, because it is profitable for milk and meat both the purposes. Once you start this work, you will be able to make more contacts or links with other people because these links are always helpful in successful marketing. The milk of goat is sold in the same way as the cow-milk and goat s kid can also be sold for a good price. Approximately, from one goat you can earn 20000 rupees a year. On the other hand, I will suggest you that you should also take training from your nearest training center or Krishi Vigyan Kendra. You should also visit some goat farms near you for gaining experience. You can also take part in Progressive Goat Farmers Association s meeting which is held on the first Friday of every month at GADVASU s Kisan Hostel. Going there will be beneficial for you because you will get to meet other progressive goat farmers. For more information about this, you can contact Progressive Goat Farmers Association s president Mr. Jagraj Singh on this number- 9023441504
kya Bakri palan jeev hatya hai ya phir ek success business ?
(en)
Sujeet ji yaddi app iss kam ko ache trike se krte hai , apko iss kam ke varee mai purri jankari hai to yeh kam apke liyee ek acha munafe wala kam hai yaddi app iss kam ko ache trikee se nahi krte hai to yeh ek nuksan wala kam v bnn skta hai , bakki kisi v kam ko suru krne se pehle app apna pakkka mnn bnna kr suru kren kyuki jddi app munafe ke liye suru krte hai aur purri trah tyar hai tab he iss kam mai fyada hai , vase bhutt sare farmer iss kam mai acha munafa kmaa rehe hai .
Madhya Pradesh
thanks sir
sir m apna business shuru krna chahunda hn mainnu dsso ke m bakri palan kra ja murgi palan, mere waste kehda business sahi hai maal export krna jisda asan howe te jis ton labh mile ?
(en)
eh kis bimari lyi hai sir ?
(en)
Eh swelling, pain and Fever layi hai ji
Madhya Pradesh
dard aur bukhar.
Sir g nissar chuki kanak te urea di spray kar sakde aa ?
(en)
Punjab
Jekar knak nisar rhi hai and dane banoun lggi hai tn urea di spray krn di jgah tuc NPK 00.52.34 @500 gm per acre and Boron @100 gm per acre da spray kr skde ho jis nal yield vadia aunda hai and dane v mote hunde han.
I want purchase cow please suggest me ?
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Rajasthan
You can rear HF breed cow for more milk production. HF cows are known for good milk production but also are more prone to diseases. Cows of this breed feel heat very quickly so they are not good for very warm places. If you want to rear any indigenous breed then go for Sahiwal. Sahiwal is an Indian breed, it is famous for its good milk production and fat content in its milk is high. Sahiwal breed can bear heat than Hf and being an Indian breed it is resistant to many diseases. If you want some more experience before buying a cow, you can visit some dairy farms near you and check everything thoroughly. Also, milk the cows and see how things work there. If you want to buy a calf then you should also try to check the parental history of the calf like milk capacity and health of the cow.
ਵੀਰ ਜੀ ਸਵਾਲ ਦਾ ਜਵਾਬ ਨੀਂ ਮਿਲਿਆ ਜੀ ?
(en)
Punjab
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moti ki kheti ?
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Punjab
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Punjab
Koi profit nahi a sab bakwas a.
sir please koi daso cow de mastitis ho ge hai, soj te khoon v aa rha koi Hal karo, Jo medicine diti hai ohdi send karti ?
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Punjab
Feroz khan ji tuci Cow nu Zeckshot injection 20ml ate Fortivir injection 30ml, Intasef tazo 3.5gm , CRB injection 20ml lgwane suru kro , ehh tuci usdi bimari de hisab nal repeat krde rho , iss nal farak pann lgg jawega, baki tuci 100gm saro da tel ate 50gm haldi mix krke is nu dinde rho ..
moti ki kheti kaise kre ?
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Punjab
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
mujhe moti ki kheti krni h uske liye mujhe kya krna chahiye ?
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हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
ਸਰ ਜੀ ਆਪਣੀ ਸਾਹੀਵਾਲ ਵੱਛੀ 17 ਮਹੀਨੇ ਦੀ ਆ ਉਸ ਦਾ ਕਦ ਘਟ ਆ ਉਹ ਤਾਰਾ ਦੇ ਰਹੀ ਆ ਉਸ ਨੂੰ ਕੀ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇ ਕੇ ਉਹ ਕਦ ਕਰ ਜਾਵੇ ?
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ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ ਕਾਰਗਿੱਲ ਕੰਪਨੀ ਦੀ heifer dry ਫੀਡ ਪਾਓ ਤੇ ਨਾਲ ਹੀ ਪਾਊਡਰ calf plan 3kg ਲਿਆ ਕੇ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸਵੇਰੇ ਤੇ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸ਼ਾਮ ਨੂੰ ਦਿਓ ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ ਜੀ
बीज से पौधा बनाकर ग्राफ्टिंग करना बेहतर है या बड़े फलदार वृक्ष की कटिंग लेकर ग्राफ्टिंग करना ( rootstock) ?
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Punjab
करन जी दोनों तरीको से पौधा ही उगेगा लेकिन जो ग्राफ्टिंग पुराने पौधे से की जाती है वो ज्यादा अच्छा परिणाम देती है
सरसो में इस कीट की रोकथाम के लिए क्या तरीका है जैविक और रासायनिक दोनो बताये ?
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Punjab
Gurdeep g apki photo proper upload nhi hoyi hai plz photo dobara bhejo ta jo apko poori jankari mil ske.
layer farming ?
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Punjab
You have to keep in mind some essential information before selecting the layer hens for your poultry farming business. You have to select those breeds which are suitable for your layer poultry farming business and can produce well in your area. Read below for selecting proper breeds for your business. For commercial eggs production, you have to chose highly productive laying hens correctly. All type of hens do not produce equal number of eggs. The chosen breeds must have to have good production capability. If your chosen breed contain the desired characteristic and have a reputation for egg production, then that breed is suitable for your business. During the first weeks after birth, many chicks do not want to drink water due to transporting them from one place to another. So you have to make adequate water drinking systems in their brooder house, and you have to train them for drinking water. Mix 5% glucose with water, so that they can easily get energy. Provide them any types of high quality multivitamin ie. Growvit Power by mixing with water . Multivitamin and electrolyte ie. Electral Energy are very effective when you transport chick from a long distance. It reduces tiredness and lack of water, and help to make the chick normal. You must follow Layer Poultry Medicine Schedule for the best production and the highest profit. Vaccination and it’s Importance for Layer Poultry Farming: Vaccination program is a must for chicks for keeping them free from all types of diseases. The main advantage of poultry vaccination are listed below. There are many types of poultry vaccines are available for layer hens. Marex, Ranikheth, Gamboro, Bruchaities, Bosonto, Salmonela etc. are used for layer chickens. Before Vaccination of Layer Poultry: You have to maintain some rules before vaccination. Hold the chickens very carefully. Vaccinate the chickens without any strain. There is no need to vaccinate the ill hen. Wash the vaccination equipments with hot boiled water or Viraclean Do the vaccination program in cold weather condition. Preventive vaccine is always applicable to healthy bird. Never vaccinate an infected bird. Keeping Growing Chicks: You have to maintain the suggestion listed below for keeping growing layer chickens. You have to provide the growing chicks special care until they reach 4-5 weeks of age. After brooding serve them good quality pellet feed. It will make good results in the future. They will produce egg highly. High quality pellet will make the chickens healthy and increase their body weight. Withing the first 20 weeks of age, about 5% of hens start laying eggs. About 10% birds start laying at their 21 weeks of age. When they reach 26 to 30 weeks of age, they produce highly. Although, it may be different depending on their strain. After laying a maximum number of eggs, they usually stop laying for a few days. And after this period, their egg production might reduces slowly. Egg laying rate and size of eggs increases gradually. The hens grow till their 40 weeks of age. Weight and size of eggs increases till their 50 weeks of age. Method and Importance of Lip Cutting: Cutting the lip of laying hens is very important. Lip cutting help to reduce mutual fights. It help to prevent food waste. You have to cut your chick’s lip at their age of 8 to 10 days. Cut the lip of growing chicken at their 8 to 12 weeks of age. Cut the lip of chicks 0.2 cm from their nose. Cut 0.45 cm in case of growing chickens. Cut the both upper and lower lips. Don’t cut the both lip together. Cut one after another. Use block chick trimming machine to cut the lips. Don’t cut their lip two days after or before vaccination, after or before using some medicines like sulfur. Don’t cut the lip if the hen in a strain, and during adverse weather conditions and if the hen start laying eggs. Serve the chicken water mixed with vitamin “K” three days before cutting lips. Wash the lip cutting instrument with Viraclean. Test the edge and temperature of blade. You have to be careful, and don’t damage their eyes and tongue. Choose cold weather for cutting their lips. Lip cutting process should be observed by an experienced technician. After cutting lips, serve them water in a deep pot. Provide them some extra energy enriched feed. There are many companies available throughout the world, which are producing commercial feed and feed supplements for layer chickens. You can buy feed from your local market or make the feed at your own house. You have to be sure that the feed and feed supplements you bought are enriched with essential food value. Protein,Vitamins and Mineral are very important for laying hens which is affecting the quality of eggs ,layer poultry fertility and layer bird’s health Provide 2% of calcium for two weeks after their birth. If you notice they are not gaining expected weight, then you have to serve starter feed for eight weeks. Serve feed two or three times in a day till their 18 weeks of age. Demand of feed increase very fast when the birds start laying. Serve them layer poultry feed according to their age and weights. Chickens health depend on the supply of pure, clean and fresh drinking water. You have to provide adequate water according to the demand of your laying hens. For purifying the water, mix Aquacure. Determine a suitable place to keep the water pot inside the poultry house. Supply cold water during summer season and hot weather, and slightly hot water in cold weather or winter season. A standard procedure is followed for the Layer Farm Sequence. This procedure starts when female chicks are raised into pullets for commercial egg production. This stage is called ‘rearing’, and there are several common rearing systems. Some farms raise layer chicks on a litter floor in a shed similar to a meat chicken shed. Other pullets are either finished off or reared entirely in wire-floored cages. Mechanical collection of eggs is common in modern layer farms. It takes about 26 hours for each egg to develop and each hen lays an egg a little later each day. This is not an exact thing and most eggs are laid in the morning. Eggs should be collected regularly and transferred from the hen house to an egg room where they are graded or checked for weight and for damaged shells. A sample of eggs is often broken open to check internal quality. Eggs are packed into cartons for 12 eggs or trays of 30 eggs for sale. Prices vary with egg size, so eggs must be separated on the basis of egg weight. This is done automatically by a machine called an egg grader. Marketing of Eggs: Eggs are stored in a cool room at about 13oC and transported in an insulated truck. Unfortunately, many shops selling eggs do not store them under ideal conditions. In the home and shop situation it is best to store them at normal refrigerator temperature (4-6oC). Marketing involves a range of prices, depending on the different sizes of egg, different brands, or other differences which attract particular buyers. Free-range and fat modified eggs are among the varieties available.
Answer plz ?
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Punjab
Barbari breed lain lai tusi LAXMAN GOATS FARM nal 9928251628 te contect karo, ehna ton tuhanu purri jankari miil jawegi .
एक सीप की कीमत क्या है और ये कहां मिलेगी ?
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Punjab
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Sir tilt te 0.52.34 di spray mila k kiti ja skdi hai ja nhi ?
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Punjab
Harmandeep g tuc NPK 0.52.34 vich tilt nu mila ke spray nhi kr skde ho kyuke NPK 0.52.34 fertilizer hai and Tilt ek fungicide hai and ehna da mixup krke spray nhi ho skda. ehna dono product de vdia result lain lyi alag alag spray hi kro g.
moti ki kheti ki puri jankari dijiye jise me suru kar saku ap logo ki dekh rekh me ?
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हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
moti ki kheti kaise kare ?
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हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
ganne ki buwai ke samay beej me kon si dawa ka pryog kare ?
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आज्ञाराम जी बीज 6-7 महीनों की फसल पर लगाएं जो कि कीड़ों और बीमारियों से रहित हो बिमारी और कीड़े वाले गन्ने और आंखों को ना चुनें बीज वाली फसल से बिजाई से एक दिन पहले काटें इससे फसल अच्छा जमाव देती है गुलियों को कार्बेनडाज़िम 1 ग्राम प्रति लीटर पानी में भिगो दें रसायनों के बाद गुलियों को एज़ोस्पिरिलम के साथ उपचार करें इससे गुलियों को एज़ोस्पिरिलम 800 ग्राम प्रति एकड़ पानी में बिजाई से पहले 15 मिनट के लिए रखें
ਸਰ ਅਸੀਂ ਲੱਸੀ ਵਿਚ ਨਿੰਮ ਦੇ ਪੱਤੇ ਪਾ ਕੇ ਰੱਖੇ ਸੀ ਇਸ ਨੂੰ 2-3 ਮਹੀਨੇ ਹੋ ਗਏ ਹਨ । ਇਸ ਵਿਚੋਂ ਬਹੁਤ ਮੁਸ਼ਕ ਆਉਂਦਾ ਪਿਆ ਹੈ ਕਿ ਇਸਦੀ ਸਪਰੇਅ ਸਹੀ ਰਹੂਗੀ ?
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ਜਸ਼ਨ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦੀ ਮਾਤਰਾ 2-3 ਲੀਟਰ ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
stevia ki kheti Kaha Se Kare aur Kaha training le ?
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Ratikanta ji Stevia ke bare me puri jankari or is ki training ke lia aap Rashid Khan 9039693757 ji se samparak kare.
sir ji, kanak dea balliya de vich hara tela hai, kala ni haiga, hale balliya ch dodhaa ni peyaa, ki spray de lod hai jaa nii ?
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Jekar balli vich hara tela hai esdi roktham lyi Actara @80 gm per acre da spray kr skde ho.kyuke ess nal dane nu bhut nuksaan hunda hai.
is de ki faide Han ?
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sukhjinder ji eh ik biofertilizer hai jo fasl vich tat ki kami nu poora kardi hai. isdi matra ik acre vich 5-7 killo da istemal kita janda hai.
fish farming shuru kaise kre ?
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यदि आप मछली पालन का काम शुरू करना चाहते हैं तो ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी यह मुफ्त है कोई पैसा नहीं लगता इसका आपको र्स्टीफिकेट दिया जाता है ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है यह डिपार्टमेंट जहाँ खेतीबाड़ी अफसर बैठता है जैसे जैसे कचिहरी, डी सी दफ्तर बोल देते है उसमें बना होता है, मछली पालन के लिए सेम वाले इलाके में 90% सब्सिडी होती है और बाकि इलाकों में 40% सब्सिडी होती है आप अपने ज़िले के FFDA ( fish farming development agency ) दफ्तर में जाएं जो कि आमतौर पर डी सी दफ्तर या कचिहरी में बना होता है, आप वहां ज़मीन की फर्द, स10th र्टिफिकेट और जहाँ तालाब बनाना है वहां की 2 फोटो लेकर जाएं उसके बाद FFDA के अफ़सर आपको फाइल तैयार करवाएंगे और आपकी ज़मीन देखकर तालाब बनाने का तरीका बताएंगे और फिर आपको 40% सब्सिडी के लिए फाइल तैयार कर लोन अप्लाई के बारे में समझा देंगे
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Ambuj Kumar Ji ager aap fish farm start karna chahte hai to sabh se pehle is ki training jrur le ta jo aap ko is ke bare me puri jankari mil sake, Training ke lia aap Vinod Singh Gunjiyal, Director (Fisheries) (Incharge). Tel: (0612)-2535800 se samparak kare.