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सीप की खेती करने का विवरण ?
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हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
ਅਵਾਕਾਡੋ ਫਲ ਦੇ ਪੋਦੇ ਕਿਥੋਂ ਲਈਏ ?
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Punjab
ਐਵਕਾਡੋ ਦੀ ਖੇਤੀ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਵਲੋਂ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਧੰਨਵਾਦ.
ਸਰ ਇਹ ਦਵਾਈ ਗੱਬਣ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਦਿੱਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ?
(en)
Punjab
ਹਾਜੀ ਇਹ ਗੱਬਣ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਵੀ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ
Sir mere Chane me इल्ली lg rahi h to esme kon si medicin de ?
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Punjab
Chane mein fungus ka attack hai toh ess ke liye aap M-45 @500 gm per acre ka spray kro jiss se shi ho jayega.
Uttar Pradesh
Thanks sir ji
dear sir kanak upar tele or fungus li actara +tilt@ propiconzole dona nu mila k spray kar sakde ha ji ehna nu milan te koi side effect ta nhi hunda ji dasna plz ?
(en)
Punjab
ਨਹੀਂ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇ ਨਾ ਕਰੋ ਹਮੇਸ਼ਾ ਉਲੀਨਾਸ਼ਕ ਅਤੇ ਕੀਟਨਾਸ਼ਕ ਦੀ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਹੀ ਸਪਰੇ ਕਰੋ
Punjab
ਕੀਟਨਾਸਕ ਤੇ ਉਲੀਨਾਸ਼ਕ ਨੂੰ ਹਮੇਸਾ ਵੱਖੋ ਵੱਖ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ
sir aa cow dekhyo kis nasl di te kina k dudh de skdi ?
(en)
Eh HF breed hai ji eh vadia khurak ate vdia dekhbhal de nal 25-30 liter takk milk de sakdi hai ji
Madhya Pradesh
ye HF hai or 12 se 15 liter dudh de sakti hai.
ਸੰਦਾਂ ਤੇ ਸਬਸਿਡੀ ਆਨਲਾਈਨ ਕਿਸ ਵੈੱਬਸਾਈਟ ਤੇ ਭਰੇ ਜਾਂਦੇ ਹੈ ਜੀ ?
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Satwant Singh ji Bathinda vich kheti sanda te subsidy bare puri jankari lai tusi 9417081179 te samparak kar sakde ho ji ehna valo tuhanu pure visthar vich jankari diti javegi.
sir ji bhindi ki Kheti kaise ki jati hai ?
(en)
Punjab
Bhindi ki bijai k liye ek acre k liye 15 -18kg 15 February ,8-10kg march or 4-6kg june july mai beej ki jrurt padhti hai. Iski bijai k liye beej ko pehle 24 ghnte k liye pani mai bhiyon kr rkhe. iski bijai February-march mai vatt pe or june july mai plane jmeen pe kii jati hai. Iski bijai sme line mai 45cm or plants mai 15cm ki doori rkhi jati hai.
Punjab
website Pau. edu te visit kro sara kuj milju
Sir ghodey de pair sujj rahe a bajra chhole ate soyabean da mixture rinn k pa reha ki kita jawe g ?
(en)
Jatin kumar ji tuci ghode nu kali mirch 10gm rojana deo isde nal tuci Sarrakind plus bolus 1-1 swere sham deni suru kro, iss nal farak paa jawega.
sir pyaj vich ki paiye jis nal pura mota pyaj ho jawe ?
(en)
Manpreet ji pyaj de uper tuc 13:00:45@2 killo nu 150 litre pani vich mila ke prati acre de hisab nal spray karo isde nal pyaj mote hone shuru ho jande han. dhanwad
sir g, ahh medicine mai jhothi de bharvai c 3 times, hun ohh 4 march nu boli c, te morning boli c me sham nu AI karvti c te hun ajj oo white fluid niklda c bhar, hun ahh daso b ohh reh jave gi ya fer hun ki kra. te ahh medicine theek a ?
(en)
Punjab
tuci uss nu Concimax bolus 1-1 goli swere sham deni suru kro, iss nal anndar ton infection khtam hunda hai ate pashu de gaban rehnn vich help mildi hai, ehh tuci 14 din tak deo, jekar ohh gaban hoii tan rehh jawegi jekar naa hoii tan dubara puuri heet vich aa jawegi.
ਸਾਡੇ ਕੋਲ ਕੱਟਾ ਹੈ ਜੀ ਇੱਕ ਸਾਲ ਦਾ ਉਸਨੂੰ ਖੁਰਾਕ ਕਿਹੋ ਜਿਹੀ ਦਈਏ ਕਿ ਰਾਜੀ ਹੋ ਜਾਵੇ ?
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Punjab
ਈਸ਼ਵਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਕੱਟੇ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Albendazole ਸਾਲਟ ਦੀ ਗੋਲੀ ਦਿਓ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ ਕਿਸੀ ਵੀ ਵਧਿਆ ਕੰਪਨੀ ਦੀ ਫੀਡ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ Enerboost ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਹੋ ਜਾਵੇਗੀ.
murgi ulta hoke mre to kya bimari h ?
(en)
Punjab
Neeraj singh ji aap aise kare jo murgi mari hai uko ulta karke faad ke uske andar ki video ya photo send kare. use dekh kar hikuch btaya ja sakta hai ji.
moti ki kheti ?
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Punjab
Motia di kheti bare puri jankari ate is di training len lai tusi Vinod Kumar 9050555757 nal samparak kar sakde ho.
sir hmari gaye ko athu aa gya hai uska kya ilaj kre wo patthe nahi kha rahi uske lungs me pani chla gya hai ?
(en)
Punjab
satnam ji tuci cow nu DCR injection 5gm lgwao ate 5 din tak lgwande rho, isde nal tuci Safade de pattia di dhuuni deni suru kro ate uss nu Livoferrol liqued 50ml rojana deo, iss nal farak paan lgg jawega.
pearl buisness ?
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हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
जींद हरियाणा में किसी के पास वेस्ट डिकम्पोजर की उपलब्धता है क्या ?
(en)
Punjab
गुरदीप जी आप वेस्ट डीकंपोजर को National Centre of Organic Farming Department of Agriculture and Cooperation से मंगवा सकते है जिनका पता है :- National Centre of Organic Farming, Sector 19, Hapur Road, Kamla Nehru Nagar, GHAZIABAD - 201 002 (UP). 0120-2764906, 2764212 इसके इलावा आप इसे ऑनलाइन भी मंगवा सकते है https://www.amazon.in/WASTE-DECOMPOSER-ORIGINAL-PACKING-Bottle/dp/B07MK7M7GJ?
ਸਰ ਇਹ ਦਵਾਈ ਦਾ ਰਿਜਲਟ ਕਿੰਨੇ ਟਾਈਮ ਦਾ ਹੈ ਇਹ ਦਵਾਈ ਹਰੇ ਤੇਲੇ ਤੇ ਕਾਲੇ ਤੇਲੇ ਤੇ ਕੰਟਰੋਲ ਕਰਦੀ ਹੈ ਇਹ ਦਵਾਈ ਕਿੰਨੇ ਟਾਈਮ ਵਿੱਚ ਕਣਕ ਉੱਤੇ ਪੂਰਾ ਅਸਰ ਕਰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਇਸ ਦਵਾਈ ਦੀ ਡੋਜ ਕਿੰਨੀ ਪਾਉਣੀ ਹੈ ?
(en)
ਐਕਟਾਰਾ ਸਿੰਜੇਂਟਾ ਕੰਪਨੀ ਦਾ ਪ੍ਰੋਡਕਟ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਥਾਇਆਮਿਥੋਕਸਮ ਨਾਮ ਦਾ ਕੈਮੀਕਲ ਹੈ ਜੋ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਹਰੇ ਅਤੇ ਕਾਲੇ ਤੇਲੇ ਨੂੰ ਮਾਰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਕਣਕ ਵਿੱਚ @80 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
sir ji ye bhindi ka seed kaisa ha ?
(en)
sumant g advanta company ke seeds achhe hote hai...yeh hybrid bhindi hai aap iss ki buyaayi kr skte ho..
mushroom ki kheti kaise kre ?
(en)
Punjab
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है
मोती की खेती कैसे करे ?
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Punjab
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
mushroom ki kheti ka procedure?
(en)
Punjab
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है
Apne khet me April ke mahine me Dhan lagana chahta hu kya yeh Sahi Mahina hoga dhan lagane ke liye ?
(en)
Punjab
Dhan lgane ka sahi time June mein transplanting kr skte ho. April mein sifarish nahi ki jati hai...
ਸਰ ਜੀ ਬੱਕਰੀ ਦਾ ਮੇਮਨਾ ੪੫ ਦਿਨ ਦਾ ਪਰ ਪਾਣੀ ਨੀ ਪੀਂਦਾ ਕੀ ਕਰੀਏ ਜੀ ?
(en)
मछली पालन के लिए कौन नसल चुनें ?
(en)
राहुल जी आप अलग अलग नस्लों को रख सकते है जैसे आप एक एकड़ के हिसाब से उसमें 5000 पुंग रख सकते है जैसे 3000 रोहू नस्ल, 500 कतला नस्ल, 500 मुराक नस्ल, 500 Common carp nasal , 500 Grass carp नस्ल रखें यह अलग-अलग नस्लें रख सकते हैण्ण्
banjar bhumi ko kaise upjau bnaye ?
(en)
Ajay g banjar bhoomi mein sabse pehle pani ki suvidha ka intzaam krna pdega. iss ke baad soil test krwa ke uss ke ander jo bhi nutrients ki kami hogi uss hisaab se khaad ka upyog kro aur ho skr toh apko mitti bhi daalni parh skti hai.
Uttar Pradesh
sir mujhe aapki help chahiye plss aap apna phone no. send kare ya mujhe call kare 7428222202
botany of wheat ?
(en)
Maharashtra
wheat plant can be divided into two parts namely root system and shoot system.A. Root system: Wheat plant consists of two sets of roots that is seminal or seedling roots and clonal roots. The first set of roots (seminal roots) are produced by the germinating seedling in order to absorb nutrients for the young seedlings. These are generally five in number and are also called primary root system.The second set of roots (clonal roots) arise from the basal nodes of the plants and form the compact vegetation mass 'crown' which is the principle organ of absorption as the young seedling progresses to maturity. It is the permanent root system and also known as secondary root system. B. Shoot system: It collectively applies to the plant parts visible above the ground i.e. the aerial portion of the plant. These are stem, leaves, inflorescence, Kernel etc.
ਸਰ, ਮੈਂ ਰੋਟਾਵੇਟਰ ਲੈਣਾਗਾ ਜੋ ਏਹ ਐਡ hai kive apply krna ga koi talwandi sabo da no. DS do ta jo sabsidi mil sake koi jankari v dso kiwe apply krna hai jldi dsso ?
(en)
Punjab
Gurdeep Singh ji is bare puri jankari lai tusi Apne jile Officer nal 9417081179 te samparak kar ke puri jankari le sakde ho. Thanwad
sir g mujhe pure desi chicks kadaknath banraja or anya prjati ke desi chicks kahan se milenge kya ye mujhe hp chamba me mil skte hai plzzz sir help me, mai desi murge ki poultary kholna chahta hun kya ye mujhe online bhi mil skte hain sir plzz help me ?
(en)
Punjab
Yograj ji Chicks lene ke lia aap Central Poultry Development Organization (Northern Region) Ministry of Agriculture & Farmers Welfare, Government of India, Industrial Area, Phase-I, Chandigarh – 160 002,Tel.No: 0172-2655391 ja fir aap Sumit Kumar 8006000291,7906547529 se samparak kar sakte hai.
dragon fruit ?
(en)
Maharashtra
It can grow well on various range of soil. But it gives good result when grown on sandy soils with good organic matter and having good drainage capacity. Ideal pH of soil should be 5.5 to 7.POPULAR VARIETIES :-Red-skinned fruit with white flesh. This is the most commonly-seen dragon fruit . 2) Red-skinned fruit with red flesh. 3. Yellow-skinned fruit with white flesh.For dragon fruit cultivation, land with good tilth is required therefor plough land thoroughly. At the time of land preparation apply well decomposed cowdung or organic compost in good amount. Once planted, it remains for 15-20 years on same land. So prepared land carefully. It grows like wine, so vertical support with round circular frame is needed. Circular frame is needed to maintain balance of dragon shrub. Select RCC poles for strong and long lasting support. Avoid metal framing as it will lead to sunburn to plant.It can be cultivated round the year.While planting use narrow spacing as compared to larger spacing. Narrow spacing gives higher yield. Keep row to row spacing of 3 meter and plant to plant spacing of 2 meter. Use two meter long poles for support.Plant vine cutting at a depth of one inch. Direct sowing of seeds or transplanting of vine cutting in field.1700 dragon plants can be accommodated in one acre land.It can be propagated by seeds or by cutting also. Propagation by seeds is not suitable for commercial cultivation as it takes longer time also it will not reflect mother plant characteristic. For proper growth and development of vine, provide vertical support in the form of concrete or wooden pole. Tie immature plant with this pole. Regular pruning is required to maintain perfect umbrella shape. Carry out pruning after every harvest.As it belongs to cactus family, its water requirement is less. It can survive well in water scarcity areas. For water application use drip irrigation method. Avoid flood irrigation as it leads to water loss also it increases weed problem. Water requirement is vary with region to region. It depend upon soil, climate and plant health. In general, It required, near about 1-2Ltr of water per day per plant. Dragon fruits start flowering in month of May-June and bears fruits in August-December month. Proper time for harvesting is when fruits change its color from bright green to red color. Harvest three to four days after color change. For export purpose, harvest one day after color change. Harvesting can be done manually with hand or with sickle and also done with the help of sharp knife. Average yield of 5-6ton/acre can be obtained.
Punjab
Dragon fruit ki kheti ke liye Dragon fruit ki kalmei lgayi jati hai ye ped gujrat mei hota hai eik acre mei takriban iski 1600 kalmei lagti hai aur in kalmo ko pehle gamle mei tyar kiya jata hai aur fir april se September tak kabhi bhi field mei lga skte hai aur eik kalam lagbhagg 70 rs ki ati hai. Adhik jaankari ke liye aap niche diye number par baat kr skte hain: vijay kumar -7065414241.Thank yo
Punjab
Dragon fruit ki kheti ke liye Dragon fruit ki kalmei lgayi jati hai ye ped gujrat mei hota hai eik acre mei takriban iski 1600 kalmei lagti hai aur in kalmo ko pehle gamle mei tyar kiya jata hai aur fir april se September tak kabhi bhi field mei lga skte hai aur eik kalam lagbhagg 70 rs ki ati hai. Adhik jaankari ke liye aap niche diye number par baat kr skte hain: vijay kumar -7065414241.Thank you
sir sarso ka kya rate hai abohar me ?
(en)
Maharashtra
sarso ka rate laghbag 5200 rupaye prati quintal chal Raha hai.
maj sui nu 2 month 15 din ho gye milk vdhaun vaste kehdi khurak deni chahidi hai ?
(en)
Punjab
tuci uss nu 3 kg dalia , 250gm gurr rinn ke fir uss vich 100gm saro da tel milla ke 5-7 din dena suru kro , isde nal dudh vadh jawega , baki tuci Anabolite liqued 100-100ml swere sham ate Lactomax bolus 5-5 swere sham deo , iss nal v duudh vaddh jawega .
Punjab
tuci feed kisi v vdia company di de skde ho ya tuci ghr vich v tyar krke de skde ho, isde nal usde hare chare ate deworming da pura dyan rkho ji
subabul ke bare me janta hai koi plz jankari de ?
(en)
Punjab
Amrut Gamit ji subabul ke paudhe ko bakri ke chare ke taur men istemal kiya jata hai. ik acre men lagbhag 100 paudhe lag jate hai agar aap khet men kisi fasl ki kheti kar rahe hai to iske paudhe 25 lgaye jate hai 5-6 feet ke fasle par. iska fayda yeh hota hai ke yeh jameen men nitrogen fixation ka kam karti hai.iska beej 100 rypayie killo ke hisab se milta hai.aap iski kisme jaise Hawaiian Giant aur Co1 kisam ki bijai kar sakte hai.iski bijai june-july men ki jati hai.iske paudhe 6 mahine men pehli ktayi ke liye tyar ho jate hai.iske bare men adhik jankari lene ke liye aap 9179738049 Mr. Raju ji se sampark kar sakte hai.
Dr mango iss shape ch kyo hai ?
(en)
Punjab
gagandeep ji kirpa karke eh daso ke mango de plant nu ki dikkat aa rahi hai ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake. dhanwad
ਕੱਲ ਬੱਕਰੀ ਸੂਈ ਸੀ, (ਪਹਿਲੇ ਸੂਏ) ,ਇਸਦਾ ਥਣ ਬੰਦ ਹੋ ਗਿਆ ਹੈ, ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਕੋਈ ਇਲਾਜ ਦੱਸੋ ਜੀ ?
(en)
सर हमारी भैस ने पिछले ब्यांत में 12 किलो दूध दिया इस बार 8 आठ किलो है ऊपर नहीं दे रही है क्या करें ?
(en)
आप Anabolite liqued 100ml रोज़ाना देना शुरू करें, इसके साथ आप 250 ग्राम गुड़ और 3 किलो दलिया अच्छी तरह गर्म करके फिर उसमें 100 ग्राम सरसों का तेल मिक्स करें इसे आधा आधा करके सुबह शाम दे सकते हैं इस तरह आप 5—7 दिन दें इससे दूध बढ़ जाएगा, बाकि आप उसकी खुराक का पूरा ध्यान रखें और उसे हर तीन महीने के बाद पेट के कीड़ों के लिए दवा जरूर दें
Madhya Pradesh
आपकी भैंस ब्याई को कितने दिन हो गए है
अपने खेत की मिट्टी की जांच कैसे करें ?
(en)
Punjab
Bhooneshwar ji Apne khet ki mitti ki janch ke lia aap apne jile ke Krishi Vigyan Kendra, Mukhlishpur Taxi Stand (Near Pankaj Talkie), Khalilabad, Distt.- Sant Kabir Nagar - (U.P.) INDIA, PIN - 272 175 nal samparak kar sakde ho.
sir cow nu mastitis ho gyi chhidiya te khoon v aa reha c. dwai v diti pr koi frk ni peya ?
(en)
Punjab
Feroz khan ji tuci Cow nu Zeckshot injection 20ml ate Fortivir injection 30ml, Intasef tazo 3.5gm , CRB injection 20ml lgwane suru kro , ehh tuci usdi bimari de hisab nal repeat krde rho , iss nal farak pann lgg jaweg, jekar farak nahi penda tan tuci dubara swal post kr skde ho .
ਸਤ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਜੀ। ਮੇਰੀ ਉਮਰ 32 ਸਾਲ ਹੈ। ਮੈ ਕਿਸਾਨ ਪਰਿਵਾਰ ਨਾਲ ਸੰਬੰਧ ਰੱਖਦਾ ਆ ਪਰ ਕਦੇ ਖੇਤੀ ਦਾ ਕੰਮ ਜਿਆਦਾ ਨਈ ਕੀਤਾ। ਪਰ ਹੁਣ ਮੈ ਖੇਤੀ ਕਰਨੀ ਚਾਹੁੰਦਾ ਆ। ਸਾਡੇ ਕੋਲ 3 ਏਕੜ ਜਮੀਨ ਆ।।ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਮੈਨੂੰ ਦੱਸੋ ਕ ਮੈ ਡੇਅਰੀ ਦਾ ਕੰਮ ਕਿਦਾਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਾਂ। ਟਰੇਨਿੰਗ ਕਿੱਥੋਂ ਲਈ ਜਾਵੇ। ਨਾਲੇ ਕਿੰਨੇ ਕ ਪੈਸੇ ਨਾਲ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਸਕਦਾ ?
(en)
Punjab
ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦੇਣ ਲਈੇ ਡੇਅਰੀ ਦੀਆ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਪੰਜਾਬ ਡੇਅਰੀ ਡਿਵੈਲਮੈਟ ਬੋਰਡ ਵੱਲੋ ਲਗਾਈਆ ਜਾਂਦੀਆ ਹਨ ਇਸਦਾ ਮੁੱਖ ਦਫਤਰ ਮੋਹਾਲੀ ਵਿੱਚ ਹੈ ਤੇ ਬਾਕੀ ਸਾਰੇ ਮੁੱਖ ਜ਼ਿਲਿਆ ਵਿੱਚ ਇਸ ਦੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸੈਟਰ ਬਣੇ ਹੋਏ ਹਨ ਇਹ ਦੋ ਤਰਾਂ ਦੀਆ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਵਾਉਦਾ ਹੈ ਇੱਕ ਦੋ ਹਫਤਿਆ ਦੀ ਤੇ 6 ਹਫਤਿਆ ਦੀ ਜਨਰਲ ਕੈਟਾਗਰੀ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਹੁਣ ਅਪ੍ਰੈਲ ਵਿੱਚ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਵੇਗੀ ਜੀ ਬਾਕੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਂਗ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਿਲ ਹੋਣ ਲਈ ਉਮੀਦਵਾਰ ਦਾ ਘੱਟੋ ਘੱਟ 8 ਪਾਸ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਫੀਸ ਜਨਰਲ ਕੈਟਾਗਰੀ ਲਈ 1000 ਰੁਪਏ ਹੈ ਤੇ ਐਸ ਸੀ / ਬੀ ਸੀ ਦੀ 700 ਰੁਪਏ ਹੈ ਉਮਰ ਦੀ ਹੱਦ 18-45 ਸਾਲ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਤੇ ਘੱਟੋ ਘੱਟ 5 ਦੁਧਾਰੂ ਪਸ਼ੂ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਇਸ ਦੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸੈਂਟਰ ਦੀ ਲਿਸਟ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਲਿੰਕ ਤੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰਕੇ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗੀ http://pddb.in/Content.aspx guid=CiJTeaYB2lQ=
Punjab
ਜਰਮਨ ਜੀਤ ਸਿੰਘ ਜੀ ਡੇਅਰੀ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਤੁਸੀ Krishi Vigyan Kendra, Gurdaspur Phone No:01874-220743, 9876610461 ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
ਕਣਕ ਦੀਆਂ ਬੱਲੀਆਂ ਵਿੱਚ ਹਰਾ ਤੇਲਾ ਪੈਦਾ ਹੋ ਗਿਆ ਹੈ ਉਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਕਿਹੜਾ ਕੀਟਨਾਸ਼ਕ ਸਪਰੇਅ ਕਰੀਏ ਜੀ ?
(en)
ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਤੇਲੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਐਕਟਾਰਾ @80 ਗਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
लहसुन में बाकड़िया रोग का क्या उपचार हैं ?
(en)
Lehsun mein buji hoyi aag ki raakh ka burkaav krein. pani se pehle raakh ko khet mein halka halka daalein. iss se yeh thik ho jayega..
cb_301 rsc hf x sah cb 322-18 Kya record hai ji ?
(en)
Punjab
vikas ji ehh Hf ate sahiwal cross seman hai, isdi purri detail tuahnu uss ton mildi skdi hai jiss ton ehh bhrwaya gya hai.
मोती की खेती ?
(en)
Punjab
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
moti ke kheti ?
(en)
Punjab
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
kya punjab me kesar ki kheti ho sakti hai dist patiala me ?
(en)
Maharashtra
kesar ki Kheti thande ilake men ki jati hai Punjab ka tapman kesar ki Kheti ke liye anukul nahi hai..
anar ek sal se upr ho gya hai lekin vah abi tk fal nahi de rha hai to kya kre kaun si dwa ka chhidkaw kre ?
(en)
Punjab
omprakashpandey ji anar ke paudhe ko lagbhag 4-5 saal ke bad hi fal lagna shuru hota hai us se pehle ise fal nahi lagta.
iska Kya record he ji ?
(en)
Punjab
vikas ji ehh Hf ate sahiwal cross seman hai, isdi purri detail tuahnu uss ton mildi skdi hai jiss ton ehh bhrwaya gya hai .
मोती की खेती की शुरूआत कैसे करें और इस में लागत कितनी लगेगी ?
(en)
Punjab
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
kutte ki aankhe aisi ho rahi hai kal se kuch khaya nahi kya kare ?
(en)
Neeraji ji iss nu tuci nazdiki doctor ton check krwao kyuki isda sahi ptaa check krke lgg skda hai .
Sir eh knk nisar rhi hai te unaat 343 variety hai. 65 din tk urea2 bag paye c pr jyada barish krke udo isdi growth theek nhi c. Hun nisr rhi hai pr patte bilkul bejaan jehe lg rhe ne te pic vich v dekh skde ho k patte gol gol jehe vaat kha rhe han. Eh kee prblm hai. Jekr koi kmi hai taan k 0.52.34 de spray nal theek ho skdi ?
(en)
kanak de upper 10-15% nisaare sme NPK 00:52:34 @500gm ate borom@100gm nu mila ke prati acre te spray kr skde ho. iss nal daane mote ho jande hnn. ess nal knak nu bhut benefit milega..
sir majj pani sutdi matlab thle pani de dheri la dindi aa ke us wakat v heat he hundi aa te us time ton heat da time shru hunda aa ?
(en)
Punjab
tuci iss nu Zygoplus powder 100gm rojana dena suru kro , jekar ehh nhi milda tan tuci Gestaprojen powder 50gm , Calcimust gold liqued 100ml rojana dena suru kro ate 21 din tak dinde rho , jddo usdi heat time thiik hoo jawe fir uss nu heat vich auun te tika bhrwaa ke ehh powder 50 gm rojana deo ji .
मै महाराष्ट्र का रहनेवाला हूं मुझे गौपालन की पुरी जानकारी चाहिए ?
(en)
Punjab
हेमंत जी अगर आप पहली बार डेरी पालन शुरू कर रहे है तो आप सब से पहले इस की ट्रेनिंग जरूर ले इस की ट्रेनिंग के लिए आप अपने जिले के Krishi Vigyan Kendra, Address: Borgaon, Satara, Maharashtra 415519, Phone: 094204 86585 से सम्पर्क कर सकते है
sir 1.phul, kafi time ton phulan wali stage te hi khade han. boron di spray v karti. 2. ate shimla mirch di paneeri lagaye nu 7 din ate pani lagaye nu 4 din ho gye han te boote hun v dupehr sme murjha jande han. pehlan light default hon krke pani drench krde rahe g, hun ki kita jaye ?
(en)
Punjab
daljeet ji kirpa karke daso ke tuc kehde full di jankari laina chahunde hi ate shimla mirch di paniri di photo bhejo ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake. dhanwad
sir pau de seed di price list hai ?
(en)
Punjab
Seed price list lai tusi Answer nal ditia photo dekho ji.
which farming is Better in this month ?
(en)
Maharashtra
In this month you can sow vegetables like okra bitter gourd, spinach, long gourd.. you can also sow maize in this month.
me goat farming training karna chahta hu please bataye mai kaise karu ?
(en)
Punjab
Bikash Panda ji Goat Training ke lia aap Krishi Vigyan Kendra, Sonepur se samparak kare.
Odisha
Sir know si jagape training lu
Odisha
ok sir
Odisha
Sir me training Lena chahata kese karu
Hello sir/madam, Mango tree nu boor aaun te kehri spray krni chahidi hae taa k boor kala na pye te jhare na plz rply ?
(en)
Maharashtra
pritpal Ji tuc mango de boor pain te isde uper copper oxychloride@3gm prati litre Pani de hisab nal spray Karo.
sir sadi gaa nu kahra denn nal hathu aa gya , jiss krke ohh hun patthe nahi khaa rehi ki ilagg kita jawe ji ?
(en)
Punjab
satnam ji tuci cow nu DCR injection 5gm lgwao ate 5 din tak lgwande rho, isde nal tuci Safade de pattia di dhuuni deni suru kro ate uss nu Livoferrol liqued 50ml rojana deo , iss nal farak paan lgg jawega.
Satnam ji tuci iss nu X-nil injection 1gm, Deriferilyn 10ml, avil injection 10ml lgwane suru kro, iss nal jldi farak paa jawega..
ਮੱਝ ਦੇ ਤਿੰਨ ਵਾਰ ਟੀਕਾ ਭਰਾ ਦਿੱਤਾ ਓਹ ਫਿਰ ਤੋ ਬੋਲ ਰਹੀ ਆ ਜੀ ਕੋਈ ਹੱਲ ਦੱਸੋ ?
(en)
Punjab
ਪਹਿਲਾਂ ਉਸ ਦੀ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਵਿਚ Utrawin-OZ ਦੀ ਦਵਾਈ 60ml 3 ਦਿਨ ਭਰਾਉ ਉਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Bolus Flukired DS 6gm ਦਿਉ Powder Agrimen super 1kg 50gm ਰੋਜਾਨਾ Bolus Minotas 7x3ਡੱਬੀਆ 1 ਗੋਲੀ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਉ , ਫਿਰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਂ ਕੇ ਉਸ ਨੂੰ Powder Prag Stay gold 600gm 2 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਦਿਉ.
sir 3.5 month di HF vashi hai , ohh patthe ate feed bhutt ghatt khandi hai , uss lyi ki dwai diti jawe ?
(en)
Punjab
Jaswinder ji tuci vashi nu Broton liqued 10ml rojana dena suru kro ate Sharkoferrol liqued 10ml rojana deo, ehna nal bhukh v lggegi ate kamjori v door howegi.
Madhya Pradesh
uski Deworming kro or Deworming ki goli do.