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नमस्कार मै शुभम उज्जैन म.प्र से, मैं अपना डेयरी फार्म डालना चाहता हूं, मुझे इसके लिए लोन कहाँ से मिल सकता है ?

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Posted by
shubham rawtiya (9713913098)
shubham rawtiya
Madhya Pradesh
Ujjain
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Posted Date (14 Mar 2019 10:07 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (22 Mar 2019 07:12 PM) Translated Date (-)

आप एक बार में इक्ट्ठे पशु ना खरीदें पशुओं को 2—2 महीने के अंतराल पर खरीदें या फिर 3 पहले खरीद लें और 3 महीने बाद​ फिर खरीद लें इससे दूध की कमी नहीं आएगी पशु की नसल सबसे ज्यादा जरूरी है पशु खरीदने के समय कोशिश करें कि तीन समय का दूध निकालकर ही पशु को खरीदें भैंसों को खरीदने का सही समय रखड़ी से लेकर वैशाखी तक का होता है क्योंकि इस समय मौसम अच्छा होने के कारण हरा चारा भी खुला होता है पशुओं के लिए शैड परिवहन वाली सड़क पर ना बनाए और शैड सड़क से कम से कम 100 गज हटवा जरूर हो शैड को धूप और हवा का ध्यान रखकर बनाएं शैड हमेशा खेत या आस पास से 2 फुट ऊंचा बनाए क्योंकि निचले स्थान पर पानी खड़ा हो जाता है जिस कारण गंदगी पैदा हो जाती है और बाकी पशुओं का मल मूत्र का निकास भी आसानी से हो जाता है पशुओं के लिए बनाई जाने वाली खुरली ढाई तीन फुट चौड़ी होनी चाहिए खुरली पर खड़े होने के लिए एक पशु को तकरीबन तीन चार फुट जगह चाहिए मतलब 10 पशुओं के लिए 40 फुट लंबी खुरली बनेगी डेयरी फार्म से संबंधित सामान रखने के लिए स्टोर बनाए पशुओं का दाना स्टोर करने के लिए कमरा सैलाब से रहित होना बहुत जरूरी है शैड का फर्श पक्का, तिलकने रहित और जल्दी साफ होने वाला हो शैड में जितना हो सके पशुओं को खुला छोड़ें और पानी और दाना पूरा दें पशु को खुला छोड़ने से पशुओं में अफारे की समस्या कम आती है बाकी अपनी क्षमता और जरूरत मुताबिक ही समान खरीदें और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए प्रत्येक पशु का बीमा जरूर करवायें ट्रेनिंग में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को कम से कम 8वीं पास होना जरूरी है उम्र की सीमा 18—45 वर्ष होनी चाहिए और कम से कम 5 दुधारू पशु होना जरूरी है ट्रेनिंग के बारे में और जानने के लिए आप अपने जिले के PDDB के दफ्तर में जाकर डेयरी डिवलेपमेंट अफसर को मिलें डेयरी ट्रेनिंग का स्र्टीफिकेट हासिल करके आप आगे डेयरी लोन एप्लाई कर सकते हैं ट्रेनिंग आप अपने जिले के केबीके से प्राप्त कर सकते है वहां से आपको पूरी जानकारी मिल जाएगी

npk ate micronutrient organically kiven tyar kite ja sakde hn ?

(en)
Posted by
Manpreet Singh (9855473012)
Manpreet Singh
Punjab
Ludhiana
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Posted Date (14 Mar 2019 10:00 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 05:07 PM) Translated Date (-)

manpreet ji kirpa karke daso ke tuc kehde NPK nu ghr vich tyar karna hai par eh organically nahi hundi kyuki isde vich urea, DAP ate potash di varto kiti jandi hai. micronutrients nu tyar kita ja sakda hai jisde vich waste decomposer de vich 4 tra diyan daalan da poder bna ke ate us vich 4-5 lohe de kill ik tambe di tar rakhi jandi hai . is ghol nu 12 dina layi dhak ke rakhya janda hai ate 12 din bad eh ghol varto layi tyar hunda hai.dhanwad

achar paun lai kehri makki vdhia hai kinnia chhaliya lagn gia 1 tande nu te pakan da sma dso plz te bejai da sma ?

(en)
Posted by
Amandeep singh Dhaliwal 97804 10102 (9592300548)
Amandeep singh Dhaliwal 97804 10102
Punjab
Ludhiana
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Posted Date (14 Mar 2019 09:57 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 05:17 PM) Translated Date (-)

amandeep ji tuc achar de layi J1006 ja african tall kisam di bijai kar sakde ho. eh 60-70 din bad ktayi de layi tyar ho jandi hai. isda daaneya da jhaad 6-7 quintal prati acre de hisab nal hunda hai ate chaare da jhaad 165 quintal prati acre hunda hai.

veer g hariyana university da Mela kado lagda hai khetibadi wala daso plz te kithe lagda ?

(en)
Posted by
gurpinder singh (9888300550)
gurpinder singh
Punjab
Fazilka
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Posted Date (14 Mar 2019 09:57 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 04:06 PM) Translated Date (-)

gurpinder singh ji hissar university da mela 12-13 march nu ho geya hai ji. eh hissar hi lagda hunda hai ji . baki kal nu pau ludhiana da mela hai tusi othe pohanch sakde ho.

मोती की खेती के बारे में जानकारी ?

(en)
Posted by
yogendra (7974349747)
yogendra
Madhya Pradesh
Sehore
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Posted Date (14 Mar 2019 09:56 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 01:32 PM) Translated Date (-)

हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है

Madhya Pradesh

Answered Date (14 Mar 2019 12:10 PM) Translated Date (-)

moti ki kheti ke baare me jaankaari chahiye

Sir, Hd 3086. jo happy seedar nal beeji aa usdi balli chhoti hai , jehri vaah ke tayar karke ( vah) k beeji usdi balli vaddi aw. esda ki fark aw g ?

(en)
Posted by
ਲਵਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ (9653690090)
ਲਵਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
Barnala
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Posted Date (14 Mar 2019 09:52 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 05:13 PM) Translated Date (-)

lovepreet ji happy seeder nal beeji kanak nu khaadan di matra jyada chaidi hundi hai ate isde nal beeji kanak nu pani v jyada lag jande han isde nal fasl stress de karn baliyan chotiyan ho jandiyan han.hor koi fark nahi hai. dhanwad

Answered Date (16 Mar 2019 08:24 AM) Translated Date (-)

ਮੈਡਮ ਜੀ ਝਾੜ ਚ ਫਰਕ ਨੀ ਪੈਦਾ ?

ਵੀਰ ਜੀ ਜੀਰੇ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਦੋਂ ਤੇ ਕਿਵੇਂ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ?

(en)
Posted by
ਦੂਲਾ ਸਿੰਘ (9878498185)
ਦੂਲਾ ਸਿੰਘ
Punjab
Fazilka
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Posted Date (14 Mar 2019 09:44 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 05:03 PM) Translated Date (-)

ਜੀਰੇ ਦੀ ਖੇਤੀ ਜ਼ਿਆਦਾਤਰ ਰਾਜਸਥਾਨ ਵਿਚ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਵਲੋਂ ਇਸਦੀ ਖੇਤੀ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਨਹੀਂ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ

Meri bhains phli bar byayi h november me uska baccha Mar gya tha tabhi. wo doodh 2 liter deti h bas khana pura khati h mujhe aesa lagta h vo moti charbi ki bhains h, abhi thofe din phle matting Hui h DOODH badhane k upaye btaye plz ?

(en)
Posted by
Ravi kumar (9368767597)
Ravi kumar
Uttar Pradesh
Aligarh
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Posted Date (14 Mar 2019 09:34 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 04:00 PM) Translated Date (-)

Ravi kumar ji app bhains ki khurak da puura dyan rkhe , iske sath app usko achi company ki calcium deni suru kren app Calcimust gold 100ml rojana den iske sath app Gog powder 50 gm rojana den, isse duudh mai farak padd jayega , bakii app her 3 mahine ke badd usse pet ke kirro ke liye goli jruur den..

pearl framing me kitna kharcha aata hai ?

(en)
Posted by
Devendra Singh Rawat (9602717518)
Devendra Singh Rawat
Rajasthan
Ajmer
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Posted Date (14 Mar 2019 09:32 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 01:33 PM) Translated Date (-)

हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है

Uttar Pradesh

Answered Date (14 Mar 2019 09:39 AM) Translated Date (-)

kareeb 2.5 lakh

how to grow ginger in this season in punjab how to find suitable seeds ?

(en)
Posted by
jaswant singh (7973464359)
jaswant singh
Punjab
Kapurthala
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Posted Date (14 Mar 2019 09:22 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 05:11 PM) Translated Date (-)

jaswant ji the cultivation of ginger is mostly practiced in Uttar Pradesh.Its cultivation is not recommended by PAU in Punjab.

rs2013 कपास का बीज कहां मिलेगा ?

(en)
  • 1
Posted by
राकेश भाई चौधरी (9725653363)
राकेश भाई चौधरी
Rajasthan
Pali
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Posted Date (14 Mar 2019 09:16 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (15 Mar 2019 05:10 AM) Translated Date (-)

Rakesh g yeh rajasthan ki variety hai..yeh beej aapko rajasthan ke kisi bhi dealer se ja fir rajathan ki khetibadi university se mil jayega...

धन्यवाद सर जी

sir es dwai da kank te ki asr va, esdi doze ki va ?

(en)
  • 2
Posted by
Pardeep singh maan (9780371746)
Pardeep singh maan
Punjab
Moga
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Posted Date (14 Mar 2019 09:16 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 05:09 PM) Translated Date (-)

Orius ik fungicide hai jisde vich Tebuconazole nam da salt maujood hunda hai eh kanak nu fungus valiyan bimariyan jive peeli kungi di roktham de layi spray kiti jandi hai. isdi matra 200ml nu 150 litre pani vich mila ke spray kiti jandi hai. dhanwad

Answered Date (14 Mar 2019 01:26 PM) Translated Date (-)

Pardeep ji yeh fungicide hai Jo gehu mein yellow rust or black smut ke liye use hota hai 200 - 300 ml per acre

Answered Date (14 Mar 2019 05:59 PM) Translated Date (-)

esde nal jhar da koi fark penda.

Answered Date (14 Mar 2019 08:21 PM) Translated Date (-)

es nal jhar da v koi frak pvega.

ਸਰ ਜੀ ਮੈ ਗੁਆਰੀ ਬੀਜੀ ਸੀ ਹਲਕਾ ਜਾ ਮੀਹ ਪੈ ਗਿਆ ਹੁਣ ਉਹ ਕਰੰਡ ਤਾ ਨੀ ਹੁੰਦਾ ਜੀ ?

(en)
Posted by
ਅਮਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ (9417353402)
ਅਮਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ
Punjab
Sangrur
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Posted Date (14 Mar 2019 09:09 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 05:01 PM) Translated Date (-)

ਅਮਰਜੀਤ ਜੀ ਇਹ ਦੱਸੋ ਕਿ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਕਿੰਨੇ ਸਮੇ ਬਾਅਦ ਮੀਹ ਪਿਆ ਹੈ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ

Answered Date (14 Mar 2019 05:48 PM) Translated Date (-)

ਸਰ ਜੀ ਦੂਜੇ ਦਿਨ ਹੀ ਮੀਹ ਪੈ ਗਿਆ ਸੀ, ਪਾਣੀ ਨਹੀ ਲਾਇਆ ਸੀ ਵੱਟਾ ਨੂੰ ਸੁੱਕੀਆ ਸੀ ਜੀ ਪਾਣੀ ਲਗਵਾਉਣਾ ਸੀ ਪਰ ਹਲਕਾ ਜਿਹਾ ਮੀਹ ਪੈ ਗਿਆ

ਗੁਣਕਾਰੀ ਬੂਟੇ ਘਰ ਲਗਾਉਣ ਲਈ ਕਿਹੜੇ ਕਿਹੜੇ ਹਨ ਜੀ ?

(en)
Posted by
kuldeep singh (9501610020)
kuldeep singh
Punjab
Ludhiana
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Posted Date (14 Mar 2019 08:54 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 05:00 PM) Translated Date (-)

ਕੁਲਦੀਪ ਜੀ ਤੁਸੀ ਘਰ ਵਿਚ ਗੁਣਕਾਰੀ ਪੌਧੇ ਜਿਵੇ ਸਟੀਵੀਆ, ਮੋਰਿੰਗਾ, ਤੁਲਸੀ ਲਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਸ ਬਾਰੇ ਹੋਰ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਇਹ ਵੀਡੀਓ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ https://www.youtube.com/watch?v=0YTEM1cxCc4

eh kis di ghat a ?

(en)
  • 1
Posted by
ASP (9872075290)
ASP
Punjab
Gurdaspur
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Posted Date (14 Mar 2019 08:43 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (15 Mar 2019 05:13 AM) Translated Date (-)

ASP g iss de upper npk 00:52:34@800 de nal boron@100gm mila ke prati acre de hisaab nal spray kro. daana v mota ho jawega ate growth set ho jawegi...

15 Mar 2019

sukriya sit

15 Mar 2019

sir

Answered Date (14 Mar 2019 10:02 AM) Translated Date (-)

boron di

Answered Date (14 Mar 2019 01:32 PM) Translated Date (-)

a Apne 24-D k spray kra hoga ghas marne k liye uski bjha se AAP boron k spray kre.

Answered Date (14 Mar 2019 01:42 PM) Translated Date (-)

ok thank you g

moti utpadan ke bare me btaye ?

(en)
Posted by
vikas rana (8427043093)
vikas rana
Uttar Pradesh
Bulandshahr
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Posted Date (14 Mar 2019 08:42 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 01:33 PM) Translated Date (-)

हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है

moti palan ?

(en)
Posted by
vikas rana (8427043093)
vikas rana
Uttar Pradesh
Bulandshahr
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Posted Date (14 Mar 2019 08:41 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 01:31 PM) Translated Date (-)

हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है

Uttar Pradesh

Answered Date (14 Mar 2019 03:50 PM) Translated Date (-)

ok sir g

sir mushoom ki kheti karna chahta hu jiske liye kuchh sujhaav chahiye beej kaha milega iski jankari chahiye ?

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bhojram (9981621071)
bhojram
Chattisgarh
Raigarh
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Posted Date (14 Mar 2019 08:40 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 04:56 PM) Translated Date (-)

खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप Mr. jai 8882876224 जी से संपर्क कर सकते है

sir gaa/mjh nu silage kinna dena chahida hai din da ?

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jaswinder singh (9023355595)
jaswinder singh
Punjab
Moga
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Posted Date (14 Mar 2019 08:35 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 04:14 PM) Translated Date (-)

pashu nu silage 5-6 kilo tak rojj de skde ho, hara chara 30-35 kilo rojj deo , bakki bachia nu 1/2 kilo tak rojj de skde ho, ehh bache nu 6 month honn ton badd dena suru kro.

sir hf gaa jdo di sui hai udo de mote mote nale krdi hai svere sham pthhe kha te pani pee ke, do var teeka bhraya c nahi rahi bad ch dwai bhra ke duje din teeka bhraya 10 teeke lgatar bhraye sir oh fer use trh nale de rahi hai is bare puri jankari deo ?

(en)
Posted by
jaswinder singh (9023355595)
jaswinder singh
Punjab
Moga
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Posted Date (14 Mar 2019 08:32 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (15 Mar 2019 04:04 PM) Translated Date (-)

ਤੁਸੀ Bovimin-b ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ Agrimin-i ਗੋਲੀਆਂ ਦਿਓ ਇਸਦੀ ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਅੰਦਰ ਤੋਂ ਇਨਫੈਕਸ਼ਨ ਖਤਮ ਹੋ ਜਾਵੇਗਾ, ਫਿਰ ਅਗਲੀ ਵਾਰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਂ ਕੇ ਤੁਸੀ ਇਹ ਪਾਊਡਰ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ.

mushroom ki kheti ki jankari de ?

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shyamlal Yadav (9926732559)
shyamlal Yadav
Madhya Pradesh
Khargone
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Posted Date (14 Mar 2019 08:17 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 04:52 PM) Translated Date (-)

खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है

कम पैसों और सीमित जगह में करने योग्य खेती क्या होगी ?

(en)
Posted by
Sudheer Nagle (9625043118)
Sudheer Nagle
Madhya Pradesh
Hoshangabad
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Posted Date (14 Mar 2019 08:13 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 04:51 PM) Translated Date (-)

सुधीर जी आप मशरुम की खेती कर सकते है इसमें समय ज्यादा और देखभाल ज्यादा करनी पड़ती है आप इसकी खेती करके फायदा ले सकते है धन्यवाद

sir majh 3.5 month di gabin par dudh ni laundi 30-40 mint laga dindi a Na hi laat Mardi a lactomood nal v koi fark ni peya koi hal daso jis nal jaldi dudh la lave ?

(en)
Posted by
Tejinder Singh (9417186129)
Tejinder Singh
Punjab
Sangrur
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Posted Date (14 Mar 2019 07:59 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 04:39 PM) Translated Date (-)

tuci Cow nu Milkout powder 2-2 chamch swere sham, Anabolite liquid 100ml rojana ate Lactin bolus 1-1 goli swere sham deo, iss nal farak pann lgg jawega.

ਵੀਰ ਜੀ ਇਹ ਕੇਹੜੀ ਨਸਲ ਅਤੇ ਕਿੰਨੀ ਪਿਉਰ ਹੈ ਜੀ ਇਸ ਦੇ ਬਰਾਬਰ ਦੇ ਮੇਮਣੇ ਫਾਰਮ ਤੋ ਕਿੰਨੇ ਦੇ ਮਿਲਨਗੇ ਰੇਟ ਦਸੋ ?

(en)
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Posted by
Palwinder Singh (9914173259)
Palwinder Singh
Punjab
Gurdaspur
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Posted Date (14 Mar 2019 07:54 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (15 Mar 2019 06:57 PM) Translated Date (-)

ਪਲਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਜੀ ਇਹ ਦੇਸੀ ਨਸਲ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ ਮੀਟ ਵਾਲੀ ਨਸਲ ਹੈ ਬਾਕੀ ਇਸਦੇ ਮੇਮਣੇ ਦਾ ਰੇਟ ਉਸਦੇ ਸਰੀਰ ਦੀ ਗਰੋਥ , ਉਸਦੇ ਭਾਰ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਹੋਵੇਗਾ.

सर मुझे कूचामन का बकरा चाहिये 2 दांत वाला उसका रेट भी बताना और कहां पर मिलेगा जी मैं हरियाणा से हूं ?

(en)
Posted by
शेरसिहं (9812065133)
शेरसिहं
Haryana
Bhiwani
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Posted Date (14 Mar 2019 07:52 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (17 May 2019 05:00 PM) Translated Date (-)

Sher Singh ji Haryana me asha bakra lene ke lia aap Sandeep 9317517763, 9991606387 (SR Commercial Goat Farm) se samparak kare.

गाय के शरीर के अंगों के नाम ?

(en)
Posted by
pankaj rathor (7221057735)
pankaj rathor
Rajasthan
Baran
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Posted Date (14 Mar 2019 06:55 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 04:11 PM) Translated Date (-)

गाय के शरीर के अंगो के नाम जानने के लिए आप फोटो देख सकते है जिसमें गर्दन,गला, घुटना, लेवा, थन, खुर, पिछला घुटना, जांघ, पूंछ, रीढ़ की हड्डी,आदि के बारे में जानकारी दी गई है

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KANAK TE TELE AND SUNDI DE LAI QUINALPHOS +ACTARA SPRAYS KAR SKDE HA JI ?

(en)
Posted by
GURLAL SINGH GILL (9464075962)
GURLAL SINGH GILL
Punjab
Bathinda
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Posted Date (14 Mar 2019 06:26 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 06:59 AM) Translated Date (-)

Knak vich tele di roktham lyi Actara(thiamethoxam 25WG) @40 gm prati acre de hisab nal spray kr skde ho. Soondi di roktham lyi tuc Quinalphos @800 ml per acre da spray kr skde ho..

ਸਰ ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਹੁਣ ਬਰੀਕ ਮੱਖੀ ਬਹੁਤ ਤੰਗ ਕਰਦੀ ਹੈ ਇਹਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਕਿਵੇਂ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ ?

(en)
Posted by
ਜਤਿੰਦਰ ਸਿੰਘ (9914570494)
ਜਤਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
Patiala
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Posted Date (14 Mar 2019 06:12 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 04:41 PM) Translated Date (-)

ਮੱਖੀਆਂ ਦੇ ਇਲਾਜ ਲਈ ਤੁਸੀ 1ml Butox ਨੂੰ 1 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਚਮੜੀ ਤੇ ਲਾਓ ਜੀ, ਇਸ ਨਾਲ ਮੱਖੀਆਂ ਤੋਂ ਆਰਾਮ ਮਿਲੇਗਾ..

आप अपने इस ऐप में जो भी फसल की जानकारी देते हैं उसमें कृप्या उस फसल के उस व्यक्ति के नजदीकी बाजार की जानकारी भी दें ?

(en)
Posted by
रोहित (7726041399)
रोहित
Rajasthan
Churu
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Posted Date (14 Mar 2019 06:05 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (22 Mar 2019 03:30 PM) Translated Date (-)

रोहित जी आपका फीडबैक देने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद हमारी पूरी कोशिश रहती है के जो भी फसल की जानकारी दी जाये उसकी मार्केटिंग के बारे में भी पूरी जानकारी दी जाये और आगे भी इस बात का ध्यान रखेंगे

Moti palan ?

(en)
Posted by
vijay kumar (6207913812)
vijay kumar
Bihar
Rohtas
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Posted Date (14 Mar 2019 03:03 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 06:59 AM) Translated Date (-)

हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है

Answered Date (14 Mar 2019 12:22 PM) Translated Date (-)

kitne investment se start kar sakte hai

moti ki kheti kaise ki jati hai ?

(en)
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Mohd. Khalid (7678648176)
Mohd. Khalid
Uttar Pradesh
Bijnor
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Posted Date (14 Mar 2019 02:44 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 06:59 AM) Translated Date (-)

हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है

sheep farm ke baare mein jankari ?

(en)
Posted by
vijaykumar sanjivan shinde (8308511096)
vijaykumar sanjivan shinde
Maharashtra
Osmanabad
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Posted Date (14 Mar 2019 01:51 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (22 Mar 2019 04:27 PM) Translated Date (-)

भारत में कई प्रकार के sheep breeds पाए जाते है, जो व्यवसायिक तौर पर भारत में Sheep farming के लिए उचित है निचे दिए गए sheep breeds India में पाए जाते हैं : Bannur Bellary Cheviot Deccani Hassan Merino Ramboullet South डाउन Sheep farming में लागत बहुत ही कम है, अगर आपके पास कम पैसे है तो आप कम भेड़ो से अर्थात 2 female और 1 male के साथ भी इसकी farming की सुरुआत कर सकते है भारत में एक भेड़ की अच्छी नस्ल का मूल्य Rs 4,000 से 5,000 होता है अगर आप Sheep Farming करने की सोच रखे है या करने जा रहे है, तो सबसे पहले farm का location तय करे और farm ऐसा जगह पर बनाए जहा हमेशा स्वच्छ पानी उपलब्ध हो और farm का चारागाह साफ और हरा भरा हो इन सभी बातो के साथ ये भी ध्यान दे की भेड के साल में एक बार खाल उतारी जाती है, इस खाल को बाजार तक ले जाने के लिए transport की सुविधा होनी चाहिए खाल के अलावा भेड से रोजाना दूध और meat का भी उत्पादन होता है, जिसे बाजार में बेचा जा सकता है

ਰੇਤਲੀ ਮਿੱਟੀ ਲਈ ਗੰਨੇ ਦੀ ਸਭ ਤੋਂ ਵਧੀਆ ਕਿਸਮ ਕਿਹੜੀ ਹੈ ?

(en)
Posted by
Harwinder singh (9465029829)
Harwinder singh
Punjab
S.A.S. Nagar
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Posted Date (14 Mar 2019 12:25 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 04:48 PM) Translated Date (-)

ਹਰਵਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਗੰਨੇ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿਵੇ CoPb92 Co118 CoJ85 CoJ64 ਕਿਸਮ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

14 Mar 2019

ਧੰਨਵਾਦ ਜੀ ਅਸੀ 238 ਪਿਛਲੇ 3 ਕ ਸਾਲਾਂ ਤੋਂ ਉੱਗਾ ਰਹੇ ਹਾਂ 238 ਕਿਸਮ ਕਿਵੇਂ ਅ ਜੀ

how to farming kirajari ?

(en)
Posted by
sanjay Kumar Singh (6201819366)
sanjay Kumar Singh
Bihar
Vaishali
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Posted Date (14 Mar 2019 12:12 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Mar 2019 01:39 PM) Translated Date (-)

Sanjay kumar ji production of kirajari is practiced indoor to know more about it you can check this video :- https://www.youtube.com/watch?v=PCrNp2db4RI

poultary farming ke bare me jankari chahiye ?

(en)
Posted by
Abdul (7204437023)
Abdul
Karnataka
Bidar
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Posted Date (13 Mar 2019 11:38 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 02:03 PM) Translated Date (-)

हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है

Moti ki sale kaha kaha hoti hai or kya rate milta hai ?

(en)
Posted by
Umesh kumar (8789416600)
Umesh kumar
Jharkhand
East Singhbhum
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Posted Date (13 Mar 2019 11:10 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 01:51 PM) Translated Date (-)

हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है

sir october k ganne me genhu katne k baad dap daalne se kya fayda hoga april mahine me dalna h ya koi aur brand bataye jisse ganna mota upaj achhi ho ?

(en)
Posted by
azim khan (9555668297)
azim khan
Uttar Pradesh
Rampur
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Posted Date (13 Mar 2019 10:55 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 04:12 PM) Translated Date (-)

Azim khan ji aap btayie ke aapne pehle ganne ko kitni DAP daali hai aur ganne ko NPK 19:19:19@1 killo ko 150 litre pani men mila kar prati acre ke hisab se spray karen. is se ganne ko sare tatv mil jate hai aur ganne ki paidavar achi hoti hai.dhanywad

Uttar Pradesh

Answered Date (14 Mar 2019 04:37 PM) Translated Date (-)

60kg एकड़ डीएपी डाली थी

Ibl 80 kaha milegi ?

(en)
Posted by
dayamAy kr singh (7050371110)
dayamAy kr singh
Jharkhand
Ranchi
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Posted Date (13 Mar 2019 10:46 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 04:33 PM) Translated Date (-)

Dayamay kr Singh ji Chicks lene ke lia aap Anuj Kumar Mehta 9534422915 ja fir ICAR - Directorate of Poultry Research, Rajendranagar, Hyderabad 500 030, Telangana, India, Ph : +91-40-24015651, 24017000 (Monday to Saturday, except 2nd Saturdays of each month & National Holidays) se samparak kare.

where is the variety of flowers found?

(en)
Posted by
Siya (8360575900)
Siya
Punjab
Amritsar
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Posted Date (13 Mar 2019 10:45 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (13 Mar 2019 10:49 PM) Translated Date (-)

uttar Pradesh hills.

ਸਰ ਮੈਂ ਵਣ ਵਿਭਾਗ ਨਾਲ ਜਾਂ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਵਿਭਾਗ ਨਾਲ ਰੀਲੇਟਡ ਜੌਬ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦਾ ਹਾਂ ਇਸ ਬਾਰੇ ਕੋਈ ਚਾਨਣਾ ਪਾਓ ?

(en)
Posted by
ਗੁਰਮਿੰਦਰ (8872397088)
ਗੁਰਮਿੰਦਰ
Punjab
Tarn Taran
Write Answer
Posted Date (13 Mar 2019 10:20 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 03:39 PM) Translated Date (-)

ਗੁਰਮਿੰਦਰ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕੇ ਤੁਹਾਡੀ ਯੋਗਤਾ ਕੀ ਹੈ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ, ਧੰਨਵਾਦ

Answered Date (14 Mar 2019 04:38 PM) Translated Date (-)

10, +2 +diploma in Veterinary pharmacy from vedeya peeth deemd university (Rajasthaan)

मक्खन घास कहां मिलेगी ?

(en)
Posted by
Ajay rathod (7024792492)
Ajay rathod
Madhya Pradesh
Barwani
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Posted Date (13 Mar 2019 10:00 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 02:29 PM) Translated Date (-)

मक्खन घास का सीड लेने के लिए आप Rk singh 9888413150 से सम्पर्क कर सकते है

Madhya Pradesh

14 Mar 2019

Thank you

Apa katta rehdi te jodea hai. usde agle pair apas vich vajhde han te Blood niklada hai. ki isda koi hal ho skda hai k katta vechna pavuga ?

(en)
Posted by
Parmjeet Sandhu (9855506669)
Parmjeet Sandhu
Punjab
Ferozpur
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Posted Date (13 Mar 2019 09:33 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (15 Mar 2019 03:59 PM) Translated Date (-)

Parmjeet ji iss nu tuci Injection Monocef 1gm, cromostate 5ml, nerokind 5ml ate Vitum-H 5ml lgwane suru kro, iss nal jakham v thik honge ate kamjori v door howegi.

श्रीमान जी कपास की खेती के बारे में जानकारी चाहिए इसकी बुवाई का सही समय और अच्छी किस्म के बारे में बताएं ?

(en)
Posted by
जितेंद्र सिंह राजपूत (9829242980)
जितेंद्र सिंह राजपूत
Rajasthan
Jalore
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Posted Date (13 Mar 2019 09:29 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 07:57 AM) Translated Date (-)

Kapas ki beejayi ka time 1 April se 15 May tkk ka hota hai.eske liye aap LD-949,LDK-124,LD-1019 varieties ki beejayi kr skte ho..

i want to pearl farming ?

(en)
Posted by
anoop sharma (9755560001)
anoop sharma
Madhya Pradesh
Dewas
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Posted Date (13 Mar 2019 09:29 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 01:35 PM) Translated Date (-)

Pearl farming is one of the best aquaculture businesses in India. In commercial pearl farming project, the first year investment will be more as you need fixed asset set up. You can assume 3/4 to a 1-acre, the cost of the pearl project would be around 4 lakhs rupees approximately. When it comes to profits in commercial pearl farming project, you can expect 50 to 60% under ideal aquaculture management practices. However, if you put more dedication and hard work into the project even 100% profit possible. There are mainly three types of pearls. • Natural pearls: in this type, the shape of the pearl depends on the original shape of the foreign body. • Artificial pearls: These are artificially made and coated with a synthetic material. • Cultured pearls (freshwater): These are cultured pearls in freshwater such as ponds, rivers etc..you can get the desired shape in this type. • You must have a good source of Oysters to culture in the pond. • You must have some skills of grafting techniques in pearl culture as this is essential for commercial pearl farming project. You can visit nearby pearl farms to learn these tips of freshwater pearl culture. first of all you have to attend 3 days practical training. According to your location you can get training from vinod kumar. he is successful pearl farmer. He is also providing training to new farmers. his contact number is 9050555757.Thank You

hamari jameen ussar hai kaise hari khad lagaye ?

(en)
Posted by
s panwar (9927023069)
s panwar
Uttarakhand
Haridwar
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Posted Date (13 Mar 2019 09:28 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 04:39 PM) Translated Date (-)

S panwar ji aap sabse pehle apne khet ki mitti ki janch kraye jis se aapko yeh samj me aa jayega ke aapke khet men konse tatv ki kami hai jis se aapko is baat ka andaja ho jayega ke aapko konsi khaad daalni hai jis se aapke khet ki mitti fasl ugane ke layk ho jayegi. dhanywad

Sir meri bakri 3 month di ha , usnu Saah len vich problem ho rahi aa , ki kra ji ?

(en)
Posted by
Ashish Rana (7837845991)
Ashish Rana
Punjab
Hoshiarpur
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Posted Date (13 Mar 2019 09:23 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 04:00 PM) Translated Date (-)

Os nu Injection Intacef-tejo 562mg, Injection Betnisol 1ml, Injection Deriphyllin 1ml lwao ji

sir mujhe dairy business ke baare me puri jankari chahiye ?

(en)
Posted by
robin singh (9057514948)
robin singh
Rajasthan
Hanumangarh
Write Answer
Posted Date (13 Mar 2019 08:58 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 02:15 PM) Translated Date (-)

Robin Singh ji ager aap pehli baar dairy shuru karne ja rahe hai to sabh se pehle is ki training jrur le, Training se aap ko dairy ke bare me kafi khuj pata chal jaega. training ke lia aap Dr. Anil 9660669992 se samparak kare.

Answered Date (15 Mar 2019 10:47 AM) Translated Date (-)

सर यह ट्रेनिंग कहाँ से मिलेगी

Answered Date (17 Mar 2019 06:31 PM) Translated Date (-)

सर जी मैं मुर्गी पालन भी करना चाहता हूँ, मुझे मुर्गी पालन के बारे में जानकारी दी जाये

Answered Date (23 Mar 2019 09:34 AM) Translated Date (-)

गुरु जी मुर्गी पालन की ट्रेनिंग के लिए कोई कांटेक्ट नंबर है कृपया दें

Answered Date (27 Mar 2019 06:07 PM) Translated Date (-)

सर मुझे मशरुम की ट्रेनिंग चाहिए, मैं क्या करूँ कोई जवाब दें

ਸਰ ਮੱਝ 4.5 ਮਹੀਨੇ ਦੀ ਗੱਭਣ ਹੈ ਚਾਰ ਲੀਟਰ ਦੁੱਧ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਦੁੱਧ ਨੂੰ ਜਦੋ ਪੁਣਦੇ ਹਾਂ ਤਾਂ ਛੋਟੀਆਂ-ਛੋਟੀਆਂ ਖੂਨ ਦੀਆਂ ਗੰਢਾ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ ਸਾਰੇ ਥਣਾਂ ਵਿੱਚ ਦੁੱਧ ਇਕਸਾਰ ਹੈ ਕੋਈ ਸੋਜਾ ਵੀ ਨਹੀਂ ਹੈ ?

(en)
Posted by
ਹਰਜੀਤ ਸਿੰਘ (6280472388)
ਹਰਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
Sangrur
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Posted Date (13 Mar 2019 08:56 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 07:09 PM) Translated Date (-)

Os nu powder FMC 50GM rojana 5 din tak deo nall hi 100gm dalda, 250gm chini te 100gm nimbu pa ke rojana 3 din tak deo ji

Answered Date (14 Mar 2019 11:19 AM) Translated Date (-)

ਸਰ ਮੇਰੇ ਇਸ ਸਵਾਲ ਦਾ ਉੱਤਰ ਦਿਓ

Fatness reduce layi, medicine Bathinda me kis Tarah mil sakdi hai ?

(en)
Posted by
Vipin Garg (9023471594)
Vipin Garg
Punjab
Bathinda
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Posted Date (13 Mar 2019 08:42 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 07:12 PM) Translated Date (-)

Vipin Garg ji Is lai tusi surinder Nagra 9814305864 ji nal samparak kar sakde ho.

मोती की खेती कैसे की जाती है ?

(en)
Posted by
Ramchandra mali (8239862140)
Ramchandra mali
Rajasthan
Jodhpur
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Posted Date (13 Mar 2019 08:13 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (13 Mar 2019 08:50 PM) Translated Date (-)

हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है.

Himachal Pradesh

Answered Date (14 Mar 2019 06:57 AM) Translated Date (-)

ट्रेनिंग कहां पर होगी

Chattisgarh

14 Mar 2019

training kaha hoti hai aor kab hoti hai

Dhan ki Navi variety Pusa University Delhi ?

(en)
Posted by
Kewal Singh Bhullar (9592818820)
Kewal Singh Bhullar
Punjab
Tarn Taran
Write Answer
Posted Date (13 Mar 2019 08:12 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 03:35 PM) Translated Date (-)

Kewal singh ji is saal PUSA ki tarf se koi nayi variety realse nahi hui hai. agar aane vale dino men koi variety release hoti hai to aapko iske bare men jankari de di jayegi. dhanywad

sir g mycorhizal bio fertilizer nu kamad di bijai time paa sakde aa ?

(en)
Posted by
Babbal (7696779768)
Babbal
Punjab
Gurdaspur
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Posted Date (13 Mar 2019 08:05 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 02:40 PM) Translated Date (-)

Babbal ji tuc ganne di bijai de same isnu khet vich pa sakde ho isdi matra 5-8 killo nu roodi di khaad vich mila ke tuc prati acre vich chitta dita janda hai. dhanwad

ਸਰ ਕਣਕ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਦੇਣਾ ਹੈ ਮੌਸਮ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇ ?

(en)
Posted by
Harpinder Singh (9463464434)
Harpinder Singh
Punjab
Sangrur
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Posted Date (13 Mar 2019 07:51 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 02:39 PM) Translated Date (-)

Harpinder ਜੀ ਅੱਜ ਤੁਹਾਡੇ ਇਲਾਕੇ ਵਿਚ ਮੀਹ ਪੈਣ ਦੀ ਸੰਭਾਵਨਾ ਹੈ ਕੱਲ੍ਹ ਹਲਕੀ ਬੱਦਲਵਾਈ ਰਹੇਗੀ ਤਾ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਲਾਹ ਦਿਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਕੇ ਤੁਸੀ ਕਣਕ ਨੂੰ ਹਾਲੇ ਪਾਣੀ ਨਾ ਲਾਓ ਧੰਨਵਾਦ

ਲੁਧਿਆਣੇ ਮੇਲੇ ਤੋ ਚਾਰੇ ਲਈ ਮੱਕੀ ਲੈ ਕੇ ਆਉਣੀ ਹੈ। ਬਾਅਦ ਚ ਉਥੇ ਜੀਰੀ ਲਗਾਵਾਗੇ। ਕਿਹੜੀ ਕਿਸਮ ਵਧੀਆ ਰਹੂ ਜੀ ਹਰੇ ਚਾਰੇ ਲਈ। ਕੱਦ ਵੀ ਵਧੀਆ ਕਰੇ, 3591 ਅਤੇ 3033 ਚੋ ਕਿਹੜੀ ਵਧੀਆ ਜੀ। ਜੇ ਹੋਰ ਕੋਈ ਕਿਸਮ ਇਸ ਤੋ ਵੀ ਵਧੀਆ ਤਾ ਜਰੂਰ ਦੱਸੋ ?

(en)
Posted by
jaswinder singh (9872003739)
jaswinder singh
Punjab
Sangrur
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Posted Date (13 Mar 2019 07:51 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 04:29 PM) Translated Date (-)

ਜਸਵਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਹਨਾਂ ਕਿਸਮਾਂ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹ ਲਗਭਗ 70 ਦਿਨ ਵਿਚ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਮੱਕੀ ਵਿਚ ਚਾਰੇ ਦੇ ਲਈ ਕਿਸਮਾਂ ਜੋ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਵਲੋਂ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਹੈ J1006 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਤੁਸੀ African tall ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

Answered Date (14 Mar 2019 06:30 PM) Translated Date (-)

3591 &3033 ਦੋਨੇ ਕਿਸਮਾਂ ਪ੍ਰਾਈਵੇਟ ਹਨ ਜੀ ਤੇ ਵਧੀਆ ਕਿਸਮਾ ਹਨ ਇੱਕ J -1006 ਕਿਸਮ ਵੀ ਹੈ ਜੋ ਪੀਏਯੂ ਵੱਲੋ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਇਹ ਵੀ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਤੇ ਇਹ ਪੀਏਯੂ ਦੇ ਸੇਲ ਕੇਂਦਰ ਤੋ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗਾ

14 Mar 2019

thnks g

SSA ji, ਇਸ ਵਾਰ ਕਣਕ 3086 ਦੀ ਬੱਲੀ ਨਵੇਂ ਬੀਜ ਦੇ ਮੁਕਬਲਤਨ ਛੋਟੀ ਆ । ਕੀ ਹਰਿਆਣਾ ਵਰਾਇਟੀ ਦੀ ਬੱਲੀ ਛੋਟੀ ਹੁੰਦੀ ਐ । ਪਿਛਲੇ ਸਾਲ ਇਹ ਕਣਕ ਮੇਰੇ 55 ਮਣ ਹੋਈ ਸੀ ਜਾ ਕਿਸੇ ਚੀਜ ਦੀ ਘਾਟ ਆ 7 ਨਵੰਬਰ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਆ ਜੀ ?

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gurbx (9872364568)
gurbx
Punjab
Fazilka
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Posted Date (13 Mar 2019 07:42 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 04:37 PM) Translated Date (-)

ਗੁਰਬਕਸ਼ ਜੀ ਇਹ ਦਿੱਲੀ ਦੀ ਵਰਾਇਟੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਕਿਸੇ ਪ੍ਰਾਇਵੇਟ ਫਰਮ ਤੋਂ ਬੀਜ ਲਿਆ ਹੈ ਤਾ ਉਸਦੇ ਨਾਲ ਬੀਜ ਦੀ ਕੁਆਲਟੀ ਘੱਟ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤਾ ਹੀ ਬੱਲੀਆਂ ਏਦਾਂ ਹੋ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ ਧੰਨਵਾਦ

ਸਰ ਜੀ ਲੁਧਿਆਣਾ ਦਾ ਕਿਸਾਨ ਮੇਲਾ ਕਿੰਨੀ ਤਰੀਕ ਦਾ ਹੈ ਇਸ ਞਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਉ ?

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Posted by
Gurmeet Singh (9780080343)
Gurmeet Singh
Punjab
Ludhiana
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Posted Date (13 Mar 2019 07:32 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (13 Mar 2019 08:53 PM) Translated Date (-)

ਲੁਧਿਆਣਾ ਕਿਸਾਨ ਮੇਲਾ 15-16 ਮਾਰਚ ਨੂੰ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ ਜੀ ਬਾਕੀ ਹੋਰ ਮੇਲਿਆ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ ਤੁਸੀ ਇਹ ਲਿਂਕ ਤੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ https://www.youtube.com/watch?v=4KRAepAgb1U&t=64s

ਸਰ ਬਨਸਾ ਮੈਡੀਕਲ plant bare dso ?

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jashan (9872836356)
jashan
Punjab
Faridkot
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Posted Date (13 Mar 2019 05:20 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 03:37 PM) Translated Date (-)

jashan ji tuhade swal nu vistar nal janan layi sadi team valo tuhanu call kiti gayi hai par tuhade phone te incoming suvidha na hon karke contact nahi ho paya kirpa karke apna swal vistar nal dubara pucho ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad

14 Mar 2019

ph number -6280491685

sir citrus de plant vich die back te phytophthora de ki symptoms hunde ne ?

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Posted by
ravi kamboj (9501164137)
ravi kamboj
Punjab
Fazilka
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Posted Date (13 Mar 2019 05:08 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 02:46 PM) Translated Date (-)

ਰਵੀ ਜੀ ਡਾਈ ਬੈਕ ਵਿਚ ਤਣੇ, ਸਿਖਰ ਅਤੇ ਟਾਹਣੀਆਂ ਦਾ ਸੁੱਕਣਾ ਅਤੇ ਨਾਲ ਹੀ ਫਲ ਦਾ ਗਲਣਾ ਇਸ ਬਿਮਾਰੀ ਦੇ ਮੁੱਖ ਲੱਛਣ ਹਨ phytophthora ਵਿਚ ਜੜ ਅਤੇ ਤਣੇ ਦੇ ਉਪਰ ਸ਼ਹਿਦ ਵਰਗੀਆਂ ਬੂੰਦਾਂ ਬਣਨੀਆਂ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ ਧੰਨਵਾਦ

sir moti ki kheti krne ke liye margdarshan kre ?

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Imteyaz Ahmad (7004551525)
Imteyaz Ahmad
Jharkhand
Ranchi
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Posted Date (13 Mar 2019 04:57 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 02:34 PM) Translated Date (-)

हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है

how can I grow pearls and also describe about expensive fish farming ?

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sunny sharma (9877681813)
sunny sharma
Punjab
Faridkot
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Posted Date (13 Mar 2019 04:19 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (14 Mar 2019 01:36 PM) Translated Date (-)

Pearl farming is one of the best aquaculture businesses in India. In commercial pearl farming project, the first year investment will be more as you need fixed asset set up. You can assume 3/4 to a 1-acre, the cost of the pearl project would be around 4 lakhs rupees approximately. When it comes to profits in commercial pearl farming project, you can expect 50 to 60% under ideal aquaculture management practices. However, if you put more dedication and hard work into the project even 100% profit possible. There are mainly three types of pearls. • Natural pearls: in this type, the shape of the pearl depends on the original shape of the foreign body. • Artificial pearls: These are artificially made and coated with a synthetic material. • Cultured pearls (freshwater): These are cultured pearls in freshwater such as ponds, rivers etc..you can get the desired shape in this type. • You must have a good source of Oysters to culture in the pond. • You must have some skills of grafting techniques in pearl culture as this is essential for commercial pearl farming project. You can visit nearby pearl farms to learn these tips of freshwater pearl culture. first of all you have to attend 3 days practical training. According to your location you can get training from vinod kumar. he is successful pearl farmer. He is also providing training to new farmers. his contact number is 9050555757.Thank You