Punjab
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सर मोती की खेती कैसे करें ?
(hn)
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें
ਸਰ ਪੂਸਾ ਬਾਸਮਤੀ 1718 ਲਾਈਏ ਜਾ 1728 ਲਾਈਏ ਕਿਸਦਾ ਝਾੜ ਜਿਆਦਾ ਹੈ ?
(pb)
Haryana
ਬਾਸਮਤੀ 1718, 136-138 ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੇ ਝਾੜ 18-20 qtl/acre ਦਿੰਦੀ ਹੈ 1728 ਕਿਸਮ IARI ਵਲੋਂ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀ ਗਈ ਕਿਸਮ ਹੈ. ਇਹ ਵੀ ਬਾਸਮਤੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 135-145 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਵਿਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੇ ਝਾੜ 17 .5 qtl/acre ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਤੁਸੀ ਦੋਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕਿਸੇ ਦੀ ਵੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
seep kahan milti hai ?
(en)
Madhya Pradesh
मोती पालन के फायदे - मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में जल स्तर को बढ़ाकर सरकार की मदद (4) बचे हुए सामान से हस्तकला उद्योग को बढ़ावा देना (5) यदि महिला वर्ग इस व्यवसाय में आते है तो ज्यादा फायदे है क्योकि मोती के आभूषण के साथ साथ मदर ऑफ़ पर्ल (Shell jewellery) का भी फायदा ले सकते है (6) आसपास के लोगो को रोजगार अधिक जानकारी संपर्क करे ..अमित बमोरिया 9407461361 9770085381 बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र मध्य प्रदेश https://m.bhaskar.com/news/MP-HOSH-quitting-govt-job-engineer-is-earning-money-from-pearl-cultivation-news-hindi-5533297-PHO.html
मोती की खेती करना चाहते हैं और हम कैसे कर सकते हैं यह सीप कहां मिलेगी ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
मोती की खेती के बारे में बतायें ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें
मुझे कड़कनाथ मुर्गी के बारे में बतायें कहां से मंगवाया जा सकता है मुझे इसका पोल्ट्री फार्म करना है ?
(hn)
Punjab
कड़कनाथ के चूजे लेने के लिए आप Anuj Kumar Mehta 9534422915 से सम्पर्क करे
I am interest moti kheti, plz guide me how to start ?
(en)
Haryana
All Information and Training please contact with Regional Research Centre, Rahara Fish Farm, P.O. Rahara, Kolkata-700117, West Bengal, Ph.& Fax: +91-33-25683023, E-mail: raharacifa@gmail.com
Uttar Pradesh
I m interest ... but I don't know what m I do.
मोतियों की खेती के बारे में जानकारी लेनी है ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से सम्पर्क करे
sir knk nu pani lane aa ta dig rhi a 1 month peya hje pakn vh. pani lai a ja na ?
(pb)
Punjab
nisran to bad knak nu pani halka lgao and din de time jdo hawa speed nal chldi hai tn odo pani na lgao. Jhad vich tele nu control krn lyi v spray perfect time te kro ta jo fasal da nuksaan na hove. ess lyi tuc Actara @80gm per acre da spray kr skde ho.
परल फारमिग के बारे बताये ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Manish Vasudev 9417652857 से सम्पर्क करे
sir tilt kehdi company di aa rhi a hun ?
(pb)
Punjab
Syngenta tilt di vrto tuc kr skde ho. isda result bahut vadia hai.
मोती की खेती के बारे में बतायें ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Manish Vasudev 9417652857 से सम्पर्क करे
मैडम फोटो डाल दी है ?
(hn)
Maharashtra
राजन जी यह कीट के हमले के कारण ऐसे हो रहे है इसके लिए आप quinalphos@4ml को प्रति लीटर पानी में मिला कर स्प्रे करें, धन्यवाद
vachi de milk ch blood aunda ha ji ma uss de 3 tike amoxirum forte 4500mg lga te and nal hi zakshot de 3 tike lga te par hle tak oho thik ni hoi koi hor ilag dso uss da ja fr doctor nu hi bula lwa ji ?
(pb)
uss nu Zackshoot injection 20ml, CRB injection 20ml, injection Vitmain-k 15ml lgwao, isde nal powder TMK 50gm rojana deo.
how to start ornamental fish farm ?
(en)
Punjab
Firstly contact to Fishery Dept. to get training. Then you can start this business.
acepate 95/sc गेहूँ तेले के लिए कर सकते है क्या, इसकी कितनी मात्रा डाले ,इसमे टिल्ट इस्तेमाल कर सकते है ?
(hn)
Punjab
Pawan g gehu mein tela marne ke liye acephate use nhi kr skte. Gehu mein tele ki roktham ke liye Actara @80 gm per acre ka spray kr skte ho. Tilt fungicide ka spray @200 ml per acre ka spray kr skte ho.Enka spray aap alag alag hi kro.
pearl business ?
(en)
Punjab
All Information and Training please contact with Regional Research Centre, Anand ATIC, Anand Agricultural University, Anand , Gujarat Ph. & Fax: +91-2692-263699, -388001 Email: cifagujarat@gmail.com and Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381.
how to start pearl production ?
(en)
Punjab
Pearl farming is one of the best aquaculture businesses in India. In commercial pearl farming project, the first year investment will be more as you need fixed asset set up. You can assume 3/4 to a 1-acre, the cost of the pearl project would be around 4 lakhs rupees approximately. When it comes to profits in commercial pearl farming project, you can expect 50 to 60% under ideal aquaculture management practices. However, if you put more dedication and hard work into the project even 100% profit possible. There are mainly three types of pearls. • Natural pearls: in this type, the shape of the pearl depends on the original shape of the foreign body. • Artificial pearls: These are artificially made and coated with a synthetic material. • Cultured pearls (freshwater): These are cultured pearls in freshwater such as ponds, rivers etc..you can get the desired shape in this type. • You must have a good source of Oysters to culture in the pond. • You must have some skills of grafting techniques in pearl culture as this is essential for commercial pearl farming project. You can visit nearby pearl farms to learn these tips of freshwater pearl culture. first of all you have to attend 3 days practical training. According to your location you can get training from Bamoriya Pearl Farm . he is successful pearl farmer. He is also providing training to new farmers. his contact number is 097700 85381.Thank You.
sir cow ko aaj 9 mah pure ho gaye he kitane din me bacha de de gi usse pahle Kya sanket degi ?
(en)
Rajasthan
गाय ब्याने के लिए 9 महीने 9 दिन का समय लेती है यदि इसमें से कुछ दिन पहले या बाद में ब्याये तो कोई डर वाली बात नहीं होती है ब्याने से 2—3 दिन पहले गाय खाना कम कर देती है, बेचैन रहती है, बार बार पिशाब करती है, बार बार उठती बैठती है जिससे हम अंदाजा लगा सकते है कि गाय कुछ दिनों तक ब्याय जाएगी
ਸਤਿ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਜੀ ਮੈਂ 2 ਕਨਾਲ ਜਮੀਨ ਤੋਂ.(ਸ਼ੁਰੁਆਤੀ ਦੌਰ ਲਈ)ਸਬਜ਼ੀ ਦੀ ਕਾਸ਼ਤ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦਾ ਹਾਂ ਸੋ ਮੈਂ ਜਾਨਣਾਂ ਚਾਹੁੰਦਾ ਹਾਂ ਕਿ ਹੁਣ ਕਿਹੜੀ ਸਬਜ਼ੀ ਦੀ ਕਾਸ਼ਤ ਕਰਾਂ ਜਿਸ ਨਾਲ ਮੈਂ ਇਸ ਖੇਤਰ ਵਿਚ ਵਧੀਆ ਮੁਨਾਫ਼ਾ ਕਰ ਸਕਾਂ. ਜਿਸ ਨਾਲ ਕਿ ਮੇਰਾ ਮਨੋਬਲ ਵਧੇ। ਧੰਨਵਾਦ ਜੀ ?
(pb)
Punjab
ਮਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਜੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਦੀ ਕਾਸ਼ਤ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾ ਤੁਸੀ ਖੁੰਬਾਂ ਦੀ ਕਾਸ਼ਤ ਕਰੋ ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਖੁੰਬਾਂ ਤੋਂ ਬਣੇ ਉਤਪਾਦ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਵੀ ਵੇਚ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਿਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਹਾਨੂੰ ਕਾਫੀ ਮੁਨਾਫ਼ਾ ਹੋਏਗਾ ਧੰਨਵਾਦ
Punjab
ਖੁੰਬਾਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਅਤੇ..... ਪ੍ਰੈਕਟੀਕਲ..... traing ਲੈਣ ਲਈ ਮੈਨੂੰ ਕਿਥੇ ਜਾਣਾ ਪਵੇਗਾ ਜੀ ...... ਅਤੇ......... ਇਹ ਕੰਮ ਨੂੰ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨ ਲਈ ਮੈਨੂੰ ਘਟ ਤੋਂ ਘਟ ਕਿੰਨੇ ਬਜਟ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਪਵੇਗਾ ਜੀ
Sir ਕਣਕ ਵਿਚ ਫੰਗੀਸਾਈਡ ਦੀ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਹੈ ਹਲ ਦਸੋ ਜੀ ?
(pb)
Punjab
fungus di roktham lyi tuc tilt ya opera di vrto kr skde ho. tilt ate opera dose @200ml per acre hai.
पपीते की खेती के बारे में पूर्ण जानकारी दें ?
(hn)
Maharashtra
पपीता को मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए पपीते की खेती के लिए नदीन रहित भूमि का प्रयोग करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर मिट्टी में अच्छी तरह मिलाकर डालें सिफारिश किए गए फासलों पर 1 मीटर x 1 मीटर x 1 मीटर आकार के गड्ढे खोदें गड्ढों को मिट्टी और रूड़ी की खाद या गाय के गले हुए गोबर से भरें प्रयोग की गई किस्म के आधार पर प्रत्येक गड्ढे पर 2-4 नए पौधों की रोपाई करें रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें हवा से बचाव के लिए खूंटा लगाएं एक एकड़ में 104 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें कम बारिश वाले क्षेत्रों में जून - जुलाई के महीने में बिजाई की जानी चाहिए और तराई और अधिक बारिश वाले क्षेत्रों में सितंबर महीने में बिजाई की जानी चाहिए और क्षेत्र जहां सिंचाई की सुविधाएं उपलब्ध हो वहां पर फरवरी - मार्च के महीने में बिजाई की जानी चाहिए आमतौर पर 1.8 मीटर x 1.8 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है उच्च घनता की रोपाई के लिए 1.5 मीटर x 1.5 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है नर्सरी में बीज को 10 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बीजो की खेत में सीधे बिजाई या मुख्य खेत में नए पौधों की रोपाई की जाती है बीजों को 150 गेज़ की मोटाई वाले, 25 x 10 सैं.मी. के पॉलीथीन बैग में बोयें पानी के उचित निकास के लिए पॉलीथीन बैग के निचले हिस्से में 1 मि.मी. अर्द्धव्यास का छेद करें उसके बाद पॉलीथीन बैग में समान अनुपात में रूड़ी की खाद, मिट्टी और रेत डालें बिजाई से पहले बीजों का उपचार करें रोपाई के लिए 6-7 सप्ताह के पौधों का प्रयोग करें पौधे की प्रौढ़ अवस्था के दौरान नदीनों की रोकथाम जरूरी होती है नदीनों की तीव्रता के आधार पर, नियमित और हल्की गोडाई करें फ्लूक्लोरालिन या बूटाक्लोर 0.8 किलो प्रति एकड़ में डालें नदीनों की रोकथाम के लिए मलचिंग भी एक प्रभावी तरीका है पौधों की रोपाई के कुछ दिनों बाद प्लास्टिक शीट या धान की पराली या गन्ने के बचे कुचे को मलच के रूप में डालें मुख्यत: फल के पूरा आकार लेने और हरे से हल्का पीला रंग होने पर तुड़ाई की जाती है पहली तुड़ाई रोपाई के 14-15 महीनों के बाद की जा सकती है 4-5 तुड़ाइयां प्रति मौसम की जा सकती हैं तुड़ाई एक एक फल को हाथों से तोड़कर की जाती है फलों को सुबह के समय तोड़ें धन्यवाद
buffalo 7 mahine di gabbn aa ki khurak deyie ?
(pb)
Punjab
uss nu tuci khurak vdia deo , hara chara 30-35 kg rojana deo ate her 3 mahine badd deworming jrur krwao , tuci uss nu Enerboost powder 100gm rojana ate Vitum-H liquid 10ml rojana dena suru kro , iss nal lewa vdia howega ate kamjori v door howegi .
मोती की खेती ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
पपीते की खेती के बारे में जानकारी समय व लागत बताएं ?
(hn)
Maharashtra
पपीता को मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए पपीते की खेती के लिए नदीन रहित भूमि का प्रयोग करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर मिट्टी में अच्छी तरह मिलाकर डालें सिफारिश किए गए फासलों पर 1 मीटर x 1 मीटर x 1 मीटर आकार के गड्ढे खोदें गड्ढों को मिट्टी और रूड़ी की खाद या गाय के गले हुए गोबर से भरें प्रयोग की गई किस्म के आधार पर प्रत्येक गड्ढे पर 2-4 नए पौधों की रोपाई करें रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें हवा से बचाव के लिए खूंटा लगाएं एक एकड़ में 104 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें कम बारिश वाले क्षेत्रों में जून - जुलाई के महीने में बिजाई की जानी चाहिए और तराई और अधिक बारिश वाले क्षेत्रों में सितंबर महीने में बिजाई की जानी चाहिए और क्षेत्र जहां सिंचाई की सुविधाएं उपलब्ध हो वहां पर फरवरी - मार्च के महीने में बिजाई की जानी चाहिए आमतौर पर 1.8 मीटर x 1.8 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है उच्च घनता की रोपाई के लिए 1.5 मीटर x 1.5 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है नर्सरी में बीज को 10 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बीजो की खेत में सीधे बिजाई या मुख्य खेत में नए पौधों की रोपाई की जाती है बीजों को 150 गेज़ की मोटाई वाले, 25 x 10 सैं.मी. के पॉलीथीन बैग में बोयें पानी के उचित निकास के लिए पॉलीथीन बैग के निचले हिस्से में 1 मि.मी. अर्द्धव्यास का छेद करें उसके बाद पॉलीथीन बैग में समान अनुपात में रूड़ी की खाद, मिट्टी और रेत डालें बिजाई से पहले बीजों का उपचार करें रोपाई के लिए 6-7 सप्ताह के पौधों का प्रयोग करें पौधे की प्रौढ़ अवस्था के दौरान नदीनों की रोकथाम जरूरी होती है नदीनों की तीव्रता के आधार पर, नियमित और हल्की गोडाई करें फ्लूक्लोरालिन या बूटाक्लोर 0.8 किलो प्रति एकड़ में डालें नदीनों की रोकथाम के लिए मलचिंग भी एक प्रभावी तरीका है पौधों की रोपाई के कुछ दिनों बाद प्लास्टिक शीट या धान की पराली या गन्ने के बचे कुचे को मलच के रूप में डालें मुख्यत: फल के पूरा आकार लेने और हरे से हल्का पीला रंग होने पर तुड़ाई की जाती है पहली तुड़ाई रोपाई के 14-15 महीनों के बाद की जा सकती है 4-5 तुड़ाइयां प्रति मौसम की जा सकती हैं तुड़ाई एक एक फल को हाथों से तोड़कर की जाती है फलों को सुबह के समय तोड़ें धन्यवाद
ਇਹ ਗਾਂ ਨੂੰ ਕਿਸ ਤਰਾਂ ਦਈਏ ?
(pb)
Punjab
ਇਹ ਤੁਸੀ ਗਾਂ ਨੂੰ 100 ਮਿਲੀ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਇਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਰੋਟੀ ਉਤੇ ਲਗਾ ਕੇ ਜਾਂ ਫਿਰ ਦਾਣੇ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਗਾਂ ਨੂੰ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ .
मोती की खेती ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें
मुझे बीटल नस्ल की बकरी चाहिए आपकी जानकारी में कोई हो तो बतायें फोन नंबर 7793851486 ?
(hn)
Punjab
हांजी यदि आपने बकरी फार्म बनाना है तो बहुत बढ़िया सोच है आप बीटल नस्ल रखें यह दूध और मीट दोनों के लिए फायदेमंद है बाकि आप जैसे इस व्यवसायों में आएंगे उस हिसाब से आपके लिंक बनने शुरू हो जाएंगे और बाकि मार्केटिंग इस बात निर्भर है कि आपका लोगों के साथ लिंक कैसा है इसका दूध गाय के रेट के बराबर मिल जाता है और बाकि यदि फार्म हो तो बच्चे भी बेचे जाते है कुल मिलाकर यदि मोटा सा हिसाब लगाना है तो एक बकरी से लगभग 20000 तक कमाई हो जाती है बाकि यह भी सलाह है कि आप आपने नज़दीक से ट्रेनिंग ज़रूर लें और सफल बकरी पालकों के फार्म ज़रूर देखें बकरी पालन के काम पर लोन पर 25 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है और लोन लेने के लिए सबसे जरूरी है ट्रेनिंग सर्टीफिकेट अपने नज़दीक के कृषि विज्ञान केंद्र से ट्रेनिंग करने के बाद ट्रेनिंग के सर्टीफिकेट पर लोन एप्लाई होता है पर लोन मिलेगा या नहीं यह बैंक मेनेजर पर निर्भर करता है क्योंकि पहली बात यह है कि बैंक देखता है कि आपके अकाउंट में कितने पैसों का लेन देन हो रहा है और आपके पास ज़मीन गारंटी के तौर पर देने के लिए है या नहीं और अन्य भी कई बातें चैक करके लोन के लिए सहमत होता है बाकी कोशिश करें कि लोन के बिना अपने स्तर पर ही काम शुरू करें क्योंकि लोन की किश्त हर महीने भरनी पड़ेगी पर बकरियों से कमाई हर महीने नहीं होने होगी बाकी यदि कोशिश करके देखनी है तो अपने ट्रेनिंग सर्टीफिकेट से आप अपने जिले के पशु पालन विभाग अफसर को मिलें और उस पर प्रवानगी लेकर फिर बैंक से बात करके देखें इससे अपने एरिया के नाबार्ड डिपार्टमैंट के सी जी एम को भी लोन के लिए मिलें
मोती उत्पादन में वृद्धि ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Dr.john s waliaa dwaeaa kiwe hundia ji vadia ke nhi ?
(pb)
Rajasthan
ehna dwaia da result vdia hunda hai ehna da result ek varr vich nahi milda, ehna da holi holi assar hunda hai .
Uttar Pradesh
sir moti charvi ki bhains h vo doodh nhi de rhi don't baar m 1.5 doodh hi sirf deti h koi accha upaye ( powder y liquid
Punjab
hello sir
मोती बनते कैसे हैं ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें
Sir kisi safal goat farmer ka contact no. mil sakda ji ?
(pb)
Punjab
ਇਸ ਵਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ ਤੁਸੀ ਬੀਰਬਲ ਜੀ ਨਾਲ 7009579091 ਨੰਬਰ ਤੇ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਾਂ ਤੁਸੀ 93175 17763 ਸੰਦੀਪ ਜੀ ਦੇ ਨੰਬਰ ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
सर में महाराष्ट्र में नागपुर जिले का निवासी हूं और मुझे मशरूम की खेती की पूरी जानकारी के लिए और उसकी ट्रेनिंग के लिए उसके मार्केटिंग के लिए उसकी खेती करने के लिए जो भी जानकारी चाहिए वह मुझे कहां मिल सकती है कृपया मेरी मदद करें ?
(hn)
Maharashtra
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती आप इसके बारे में और जानकारी और इसकी मार्केटिंग के बारे में जानकारी लेने के लिए Mr. jai 8882876224 से संपर्क कर सकते हैं
ਸਰ 1 ਕਨਾਲ ਪਾਲੀ ਹਾਉਸ ਦਾ ਕਿੰਨਾ ਖਰਚਾ ਹੈ ਅਤੇ ਕਿੰਨੀ ਸਬਸਿਡੀ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਉ ਜੀ ?
(en)
Punjab
ਸਤਨਾਮ ਸਿੰਘ ਜੀ ਇਸ ਬਾਰੇ ਵਿਸਥਾਰ ਵਿਚ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ ਤੁਸੀਂ Puneet Gupta 9780200996 ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
सीप की खेती कैसे करें ?
(hn)
Punjab
सीप की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें
गन्ने की खेती के बारे में बताइये ?
(hn)
Maharashtra
अच्छे जल निकास वाली गहरी, दोमट मिट्टी जिसमें भूमिगत-जल का स्तर ज़मीन से 1.5-2 मी. के नीचे हो और अच्छी जल धारण क्षमता वाली ज़मीन गन्ने की खेती के लिए लाभदायक है यह फसल काफी अम्लीय और खारेपन को सहन कर सकती है इसलिए इसे मिट्टी जिसका pH 5 से 8.5 हो, में उगाई जा सकती है यदि मिट्टी का pH 5 से कम हो तो इसमें चूना (कली) डालें और यदि मिट्टी का pH 9.5 से ज्यादा हो तो इसमें जिप्सम डालें आप इसकी किस्मे जैसे Co 8014 (Mahalakshami) ,Vasant 1,Co 86032 ,Co 92005 की बिजाई कर सकते है पतझड़ के मौसम में 15 अक्तूबर से २० नवंबर तक बिजाई की जाती है, बसंत के मौसम में बिजाई 15 फरवरी तक और गर्मियों के मौसम में 15 जुलाई से 15 सितंबर तक बिजाई की जाती है बिजाई के लिए सुधरे ढंग जैसे कि (गहरी खालियां, मेंड़ बनाकर,पंक्तियों में जोड़े बनाकर और गड्ढा खोदकर बिजाई ) प्रयोग किये जाते हैं 1) खालियां और मेंड़ बनाकर सूखी बिजाई: ट्रैक्टर द्वारा मेंड़ बनाने वाली मशीन की मदद से मेंड़ और खालियां बनाएं और इन मेड़ और खालियों में बिजाई करें मेड़ और खालियों में 90 सैं.मी. का फासला होना चाहिए गन्ने की गुलियों को मिट्टी में दबाएं और उसके बाद हल्की सिंचाई करें 2) पंक्तियों के जोड़े बनाकर बिजाई: खालियां बनाने वाले यंत्र के प्रयोग से खेत में 150 सैं.मी. के फासले पर खालियां बनाएं और उनमें 30:30-90-30:30 सैं.मी. के फासले पर गन्ने की रोपाई करें इस तरीके से मेड़ वाली बिजाई से अधिक पैदावार मिलती है 3) गड्ढा खोदकर बिजाई: गड्ढे खोदने वाली मशीन से 60 सैं.मी. व्यास के 30 सैं.मी. गहरे गड्ढे खोदें जिनमें 60 सैं.मी. का फासला हो इससे गन्ना 2-3 बार उगाया जा सकता है और मेड़ वाली बिजाई से 25-50 % अधिक पैदावार आती है B) एक आंख वाले गन्नों की बिजाई: रोपाई के लिए सेहतमंद गुलियां चुनें और 75-90 सैं.मी. के अंतर पर खालियों में बिजाई करें गुलियां एक आंख वाली होनी चाहिए यदि गन्ने के ऊपरी भाग में छोटी डलियां चुनी गई हों तो बिजाई 6 -9 सैं.मी. के अंतर पर करें फसल के अच्छे उगने के लिए आंखों को ऊपर की ओर रखें और हल्की सिंचाई करें पतझड़ के मौसम में 14500-16500 तीन आंख वाले बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें और बसंत के मौसम में 16500-25000 तीन आंख वाले बीज और 21600-25000 दो आंख वाले बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें गन्ने में नदीनों के कारण 12-72 % पैदावार का नुकसान होता है शुरूआती 60-120 दिनों तक नदीनों की रोकथाम बहुत जरूरी है इसलिए रोपाई के बाद 3-4 महीने बाद फसल की नदीनों की रोकथाम करें नीचे लिखे तरीकों से नदीनों को रोका जा सकता है 1) हाथों से गोडाई करके: गन्ना एक व्यापक जगह लेने वाली फसल है इसलिए नदीनों को गोडाई करके रोका जा सकता है इसके इलावा प्रत्येक सिंचाई के बाद 3-4 गोडाई जरूरी है 2) काश्तकारी ढंग: इस प्रक्रिया में खेती के तरीके, अंतरफसली और मलचिंग तरीके शामिल हैं बहुफसली के कारण नदीनों का हमला ज्यादा होता है इसकी रोकथाम के लिए चारे वाली फसलें और हरी खाद वाली फसलों के आधार वाला फसली चक्र गन्ने में नदीनों की रोकथाम करता है गन्ना एक व्यापक जगह लेने वाली भी फसल है जिससे नदीनों के हमले का खतरा भी ज्यादा होता है यदि गन्ने को कम समय वाली फसलों के साथ अंतरफसली किया जाए तो इससे नदीनों को कम किया जा सकता है और ज्यादा लाभ भी मिल सकता है गन्ने के अंकुरन के बाद गन्ने की कतारों में 10-12 सैं.मी. मोटी तह बिछा दी जाती है यह सूर्य की रोशनी को सोखता है जिससे नदीन कम होते हैं यह मिट्टी में नमी को भी बचाता है 3) रासायनिक तरीके: नदीनों की रोकथाम के लिए, सिमाज़ीन या एट्राज़ीन 600-800 ग्राम या मैट्रीब्यूज़िन 800 ग्राम या ड्यूरॉन 1-1.2 किलोग्राम प्रति एकड़ में बिजाई के तुरंत बाद प्रयोग करना चाहिए इसके इलावा चौड़े पत्ते वाले नदीनों की रोकथाम के लिए 2, 4-डी@ 300-400 ग्राम का प्रयोग प्रति एकड़ के हिसाब से करें नाइट्रोजन 62 किलो, फासफोरस 32 किलो और पोटाश 42 किलो प्रति एकड़ में डालें बिजाई से पहले नाइट्रोजन की 1/3 मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा डालें बाकी बची नाइट्रोजन की दो मात्रा को टॉप ड्रेसिंग के तौर पर डालें नाइट्रोजन की पहली मात्रा को बीज वाली आंख के अंकुरण के समय और दूसरी मात्रा को बीज अंकुरण के 45 दिन बाद डालें 3 वर्षों के बाद गन्ने की गुलियों में 40-50 क्विंटल गाय का गोबर प्रति एकड़ में डालें पतझड़ के मौसम में 90-100 दिनों में नाइट्रोजन को टॉप ड्रेसिंग के तौर पर डालें और बसंत के मौसम में 150-160 दिन बाद डालनी चाहिए सिंचाई की संख्या मिट्टी की किस्म और पानी की उपलब्धता पर निर्भर करती है गर्मी के महीने में गर्म हवाओं और सूखे में वृद्धि होने के कारण फसल को पानी की जरूरत पड़ती है पहली सिंचाई फसल के 20-25 % अंकुरित होने पर करें मानसून में गन्ने को पानी और बारिश के आधार पर लगाएं कम वर्षा में सिंचाई 10 दिनों के अंतराल पर करें इसके बाद सिंचाई के अंतराल को बढ़ाकर 20-25 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें जमीन में नमी संभालने के लिए गन्ने की पंक्तियों में मलचिंग का प्रयोग करें अप्रैल जून के महीने में पानी की कमी ना होने दें इससे पैदावार कम होगी इसके इलावा बारिश के दिनों में पानी ना खड़ा होने दें जोताई का समय, वृद्धि का समय और अधिक विकास का समय सिंचाई के लिए बहुत नाज़ुक होता है मिट्टी को मेंड़ पर चढ़ाना: कसी की मदद से खालियों में और पौधे के किनारों पर मिट्टी चढ़ाई जाती है यह मिट्टी में अच्छी तरह से तैयार की गई खाद को अच्छी तरह से मिश्रित होने में मदद करती है पौधे को सहारा देने और उसे गिरने से बचाने में भी मदद करती है ज्यादा पैदावार और चीनी प्राप्त करने के लिए गन्ने की सही समय पर कटाई जरूरी है समय से पहले या बाद में कटाई करने से पैदावार पर प्रभाव पड़ता है किसान शूगर रीफरैक्टोमीटर का प्रयोग करके कटाई का समय पता लगा सकते हैं गन्ने की कटाई द्राती की सहायता से की जाती है गन्ना धरती से ऊपर थोड़ा हिस्सा छोड़कर काटा जाता है क्योंकि गन्ने में चीनी की मात्रा ज्यादा होती है कटाई के बाद गन्ना फैक्टरी में लेकर जाना जरूरी होता है
मोती की खेती ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से सम्पर्क करे
महाराष्ट्र नागपुर में मशरूम की खेती के लिए बीज और उससे जुड़ी ट्रेनिंग के लिए कहां पर है ?
(hn)
Punjab
शिव रूद्र शर्मा जी मशरुम की ट्रेनिंग आप अपने नजदीकी कृषि विज्ञानं केंद्र से ले सकते है जिसका पता है Panjari, Wardha, Nagpur, Maharashtra 441108
बकरी पालन की ट्रेनिंग के बारे में कोई जानकारी विशेषकर अफ्रीकन बकरी के बारे में ?
(hn)
Punjab
बकरी पालन की ट्रेनिंग आपको अपने नज़दीकी कृषि विज्ञानं केंद्र से ही मिलेगी जी आपका नज़दीकी kvk का पता आप नोट कर सकते हो आप यहाँ पर जाकर ट्रेनिंग के लिए फॉर्म भर के सबमिट करे Krishi Vigyan Kendra K.G.N.M.T, Kasturbagram Khandwa Road, Dist. Indore - 452020, Madhya Pradesh
सीप कितने प्रकार की होती है हमारे यहां नदी में पायी जाती है ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 से संपर्क करें
मोती की खेती के लिए सर्जरी कैसे की जाती है ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें
Sir mai 5 bakri to goat farm shuru krna choda ha ki training krni jrori hai or training kitha hundi hai or kinne din di hundi hai te kinna paisa lgda plz puri jankari do ?
(en)
Punjab
ਹਾਜੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਬੱਕਰੀਆ ਫਾਰਮ ਬਣਾਉਣਾ ਹੈ ਤਾਂ ਬਹੁਤ ਵਧੀਆ ਸੋਚ ਹੈ ਜੀ ਤੁਸੀ ਬੀਟਲ ਨਸਲ ਰੱਖੋ ਇਹ ਦੁੱਧ ਤੇ ਮੀਟ ਦੋਨਾਂ ਲਈ ਫਾਇਦੇਮੰਦ ਹੈ ਬਾਕੀ ਜਿਵੇ ਤੁਸੀ ਇਸ ਕਿੱਤੇ ਵਿੱਚ ਆਜੋਗੇ ਉਸ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਤੁਹਾਡੇ ਲਿਂਕ ਬਣਣੇ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਣਗੇ ਬਾਕੀ ਮਾਰਕੀਟਿੰਗ ਇਸ ਗੱਲ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਹੈ ਕਿ ਤੁਹਾਡੇ ਲੋਕਾ ਨਾਲ ਲਿੰਕ ਕਿਵੇ ਦੇ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਦੁੱਧ ਗਾਂ ਦੇ ਰੇਟ ਦੇ ਬਰਾਬਰ ਵਿਕ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤੇ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਫਾਰਮ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਬੱਚੇ ਵਗੈਰਾ ਵੀ ਸੇਲ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਕੁੱਲ ਮਿਲਾ ਕੇ ਜੇਕਰ ਮੋਟਾ ਜਿਹਾ ਹਿਸਾਬ ਲਗਾਉਣਾ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਇੱਕ ਬੱਕਰੀ ਤੋਂ ਸਾਲ ਵਿੱਚ ਲੱਗਭੱਗ 20000 ਤੱਕ ਕਮਾਈ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਇਹ ਵੀ ਸਲਾਹ ਹੈ ਤੁਸੀ ਇੱਕ ਵਾਰ ਆਪਣੇ ਨੇੜੇ ਤੋਂ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਜਰੂਰ ਲਵੋ ਤੇ ਸਫਲ ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਕਾਂ ਦੇ ਫਾਰਮ ਜਰੂਰ ਦੇਖੋ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਪ੍ਰੋਗੈਸਿਵ ਬੱਕਰੀ ਫਾਰਮਰ ਐਸੋਸੀਏਸ਼ਨ ਦੀ ਮੀਟਿੰਗ ਜੋ ਕਿ ਮਹੀਂਨੇ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਸ਼ੁੱਕਰਵਾਰ ਨੂੰ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੈਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੇ ਕਿਸਾਨ ਹੋਸਟਲ ਵਿੱਚ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਉੱਥੇ ਜਾ ਕੇ ਸਫਲ ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਕਾ ਨੂੰ ਮਿਲੋ ਇਸ ਮੀਟਿੰਗ ਵਿੱਚ ਜਾਣ ਲਈ ਤੁਸੀ ਪ੍ਰੋਗੈਸਿਵ ਬੱਕਰੀ ਫਾਰਮਰ ਐਸੋਸੀਏਸ਼ਨ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਜਗਰਾਜ਼ ਸਿੰਘ ਨਾਲ 9023441504 ਤੇ ਗੱਲ ਕਰ ਲਵੋ ਜੀਬੱਕਰੀ ਪਾਲਣ ਦੇ ਕੰਮ ਤੇ ਲੋਨ ਤੇ 25 % ਸਬਸਿਡੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੇ ਲੋਨ ਲੈਣ ਲਈ ਸਭ ਤੋਂ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਆਪਣੇ ਨੇੜੇ ਦੇ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਂਦਰ ਤੋਂ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦੇ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਤੇ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਪਰ ਲੋਨ ਮਿਲੇਗਾ ਕੇ ਨਹੀ ਇਹ ਬੈਕ ਮੈਨੇਜ਼ਰ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦਾ ਹੈ ਕਿਉਕੀ ਪਹਿਲੀ ਗੱਲ ਇਹ ਬੈਕ ਦੇਖਦਾ ਹੈ ਕਿ ਤੁਹਾਡਾ ਅਕਾਉਟ ਵਿੱਚ ਕਿੰਨੇ ਕੁ ਪੈਸਿਆ ਦਾ ਲੈਣ ਦੇਣ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ ਤੇ ਤੁਹਾਡੇ ਕੋਲ ਆਪਣੀ ਜ਼ਮੀਨ ਗਰੰਟੀ ਵਜੋ ਦੇਣ ਲਈ ਹੈ ਕਿ ਨਹੀ ਤੇ ਹੋਰ ਵੀ ਕਈ ਗੱਲਾਂ ਚੈਕ ਕਰਕੇ ਲੋਨ ਲਈ ਸਹਿਮਤ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਬਾਕੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰੋ ਕਿ ਲੋਨ ਤੋਂ ਬਿਨਾਂ ਆਪਣੇ ਲੈਵਲ ਤੇ ਹੀ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਕਿਉਕੀ ਲੋਨ ਦੀ ਕਿਸ਼ਤ ਹਰ ਮਹੀਨੇ ਭਰਨੀ ਪਵੇਗੀ ਪਰ ਬੱਕਰੀਆ ਵਿੱਚੋ ਕਮਾਈ ਹਰ ਮਹੀਨੇ ਨਹੀ ਹੋਣੀ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰਕੇ ਦੇਖਣੀ ਹੈ ਤਾਂ ਆਪਣੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਣ ਵਿਭਾਗ ਅਫਸਰ ਨੂੰ ਮਿਲੋ ਤੇ ਉਸ ਤੋਂ ਅਪਰੂਵ ਕਰਵਾ ਕੇ ਫਿਰ ਬੈਕ ਨਾਲ ਗੱਲ ਕਰਕੇ ਦੇਖੋ ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਆਪਣੇ ਏਰੀਆ ਤੇ ਨਾਬਾਰਡ ਡਿਪਾਰਟਮੈਟ ਦੇ ਸੀਜੀਐਮ ਨੂੂੰ ਵੀ ਲੋਨ ਲਈ ਮਿਲੋ..
सर मेरे जिले जौनपुर (उ.प्र.) में मोती की खेती के बारे में जानकारी कहाॅ से मिल सकती है कृपया बताए ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 से सम्पर्क करे
मेरी भैंस मोटी चर्बी की है वो दूध नहीं देती खाना पूरा खाती है उपाय बतायें ?
(hn)
इसे आप Milkout पाउडर 2—2 चम्मच सूबह शाम देना शुरू करें इसके साथ Anaboite liquid 100—100 मि.ली. सुबह शाम दें इससे फर्क पड़ जाएगा
Uttar Pradesh
dhanybad guruji
Eh kanak diyan balliyan nu uppron ki ho reha hai 2967 kanak hai call krke hall dso ge ta vadia rhu ?
(pb)
Maharashtra
phinder sidhu ji eh meeh de nal eda ho gaye han jado meeh peya ta ehna vicho pollens dig gaye jisde nal sitte eda ho gaye han eh koi bimari nahi hai. dhanwad
ਕਣਕ ਲਈ ਸਪਰੇਅ ?
(pb)
Punjab
ਇਸ ਸਮੇ ਕਣਕ ਵਿਚ ਜ਼ਿਆਦਾਤਰ ਤੇਲੇ ਜਾ ਕੁੰਗੀ ਦਾ ਹਮਲਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਕੁੰਗੀ ਦਾ ਹਮਲਾ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਤੁਸੀ 200ml ਟਿਲਟ ਦੀ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਅਤੇ ਜੇਕਰ ਤੇਲੇ ਦਾ ਹਮਲਾ ਹੋਵੇ ਤਾਂ Actara(thiamethoxam 25WG) @80gm ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ
Punjab
tnx ji
मशरूम की खेती करना चाहता हूं उसके सही जानकारी प्रॉफिट लागत के बारे में बताएं ?
(hn)
Maharashtra
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए आप Mr. jai 8882876224 जी से संपर्क कर सकते है धन्यवाद
Chattisgarh
सर पेडिस्त्रा मसरूम खेती के बारे में बताये
Haryana
शिव रुद्र शर्मा जी, मशरूम का प्रॉफिट उसके रेट पर डिपेंड करता है, अगर आपको अच्छा रेट मिल जाए तो आप लागत से कई गुना मुनाफा कमा सकते हो
मैं मशरूम की खेती करना चाहता हूं उसके लिए सही जानकारी के लिए मेरी मदद करें ?
(hn)
Maharashtra
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है
Haryana
मशरूम की खेती करने से पहले आपको ट्रेनिंग जरूर लेनी चाहिए और उसके लिए आप अपने नजदीकी केवीके से सम्पर्क कर सकते है
केसर में चेपा कंटरोल कैसे करें ?
(hn)
Maharashtra
vinush ji chepe di rokhtam ke liye imidacloprid@60gm ko 150 litre Pani Vich Mila ke prati acre ke hisab se spray Karen.
खरगोश पालन की पूरी जानकारी चाहिए ?
(hn)
Punjab
खरगोश पालन के लिए आप कंपनी से संपर्क कर सकते हैं इसकी शुरूआत आप 1 यूनिट से कर सकते हैं एक यूनिट में 3 नर और 10 मादा खरगोश होते हैं एक यूनिट आपको 30000 रूप्ये तक मिल जायेगा इसके लिए आपको 30X35 शैड की जरूरत होगी बाकि यदि इसकी खुराक की बात है तो इनकों टाइम फीड और एक टाइम पठ्ठे खवा सकते हैं यह लगभग 3 महीनों में बेचने के लिए तैयार हो जाते हैं इसकी शुरूआत आप के लिए पैराडाइज कंपनी से संपर्क कर सकते है आप इस नंबर पर संपर्क कर सकते है 9466419455
पानी नहर का है जी पानी लगाये 20 दिन से ऊपर हो गए ?
(hn)
Maharashtra
दीपक जी अगर पानी लगाए को 20 दिन हो गए है तो आप अभी खेत की सिंचाई कर सकते है धन्यवाद
मोती की खेती के बारे में जानकारी चाहिए ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 से सम्पर्क करे
sir goat di ek breed hai BOAR eh PUNJAB vich kithon mil sakdi hai (plz its extremely important plz reply) ?
(en)
Punjab
boer goat khareedan lai tusi 8879809944 (asif) nal sampark kar sakde ho ya tusi 97636-75583 number te pata karo ji.
moti ki kheti ?
(en)
Punjab
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
ਸ੍ਰ ਜੀ ਮੈਂ ਤੇਲੇ ਵਾਲੀ ਦਵਾਈ ਅਕਟਾਰਾ ਦੇ ਨਾਲ 13045 ਪਾਈ ਹੈ ਬਹੁਤ ਵਧੀਆ ਨਤੀਜਾ ਆਇਆ ਹੈ ਤੇ ਤੁਸੀਂ ਇਹ ਕਹਿੰਦੇ ਹੋ ਕਿ ਤੇਲੇ ਵਾਲੀ ਦਵਾਈ ਅਕਟਾਰਾ ਨਾਲ ਕੋਈ npk ਨਾ ਪਾਇਆ ਜਾਵੇ ਪਰ ਮੇਰਾ ਨਤੀਜਾ ਚੰਗਾ ਹੈ ਦੱਸੋ ਜੀ ?
(en)
Punjab
ਸ੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ ਪੰਜਾਬ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਵੱਲੋਂ ਐਕਟਾਰਾ ਵਿੱਚ 13.O.45 ਨੂੰ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰਨ ਦੀ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਕਿਉਂਕਿ ਰਿਸਰਚ ਅਨੁਸਾਰ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰਨ ਨਾਲ ਇਹਨਾਂ ਦਾ ਅਸਰ ਘੱਟ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਹ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ ਤੁਹਾਨੂੰ ਰਿਜਲਟ ਮਿਲ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਹ ਤੁਹਾਡੇ ਖੇਤ ਤੁਹਾਡਾ ਤੁਜਰਬਾ ਹੈ
गन्ने की अच्छी पैदावार के लिए क्या करें ?
(hn)
Maharashtra
रानू जी गन्ने की अच्छी पैदावार के लिए फसल बीजने से पहले मिट्टी के अंदरूनी तत्वों को जांच करवानी आवश्यक है ताकि खादों की सही आवश्यकता को समझा जा सके बिजाई से पहले 8 टन प्रति एकड़ रूड़ी की खाद मिलाएं या वर्मीकंपोस्ट + रैलीगोल्ड 8-10 किलोग्राम प्रति एकड़ या जीवाणु खाद 5-10 किलोग्राम प्रति एकड़ का प्रयोग करें बिजाई के समय 66 किलो यूरिया का प्रयोग प्रति एकड़ के हिसाब से करें यूरिया की दूसरी किश्त 66 किलो प्रति एकड़ दूसरे पानी के बाद डालो और यूरिया की तीसरी किश्त 66 किलो प्रति एकड़ चौथे पानी के बाद डालें सर्दियों के मौसम में तापमान कम होने के कारण फसल तत्व ज्यादा लेती है जिस कारण पौधा पीला पड़ जाता है इसकी रोकथाम के लिए N:P:K 19:19:19 की स्प्रे 250 ग्राम 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ के लिए प्रयोग करें जिन इलाकों में पानी की कमी है वहां यूरिया+पोटाश का प्रयोग 2.5 किलोग्राम को 100 लीटर पानी में मिलाकर करें
मोती की खेती कैसे कर सकते हैं ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 से सम्पर्क करे
मुझे केसर की खेती करनी है इस में क्या क्या आवश्कता है ?
(hn)
Maharashtra
जो वास्तविक केसर होता है इसके लिए तापमान सामान्य से भी कम चाहिए इसलिए यह Rajasthan. में नहीं हो सकता अगर आप इसकी पुष्टि करना चाहते हैं तो majeed wari जी से 9419009209 पर कॉल करके जानकारी लें ये जम्मू कश्मीर में पिछले काफी समय से केसर की खेती कर रहे हैं
सीप की खेती के बारे में और बीज कहां से मिलेंगे ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से सम्पर्क करे
मोतीयो की खेती करने पर जो मोती उत्पन्न होंगे उसे कहां बेचने की मार्केट है ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से सम्पर्क करे