Punjab
Search
मोती की खेती कैसे होती है ?
(hn)
Sudarshan singh bais जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें
ईमली ?
(en)
Maharashtra
प्रकाश जी कृपया आप बताए के आप इमली के बारे में क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके
Maharashtra
apko marathi ati hai
भुवनेश्वर में मोती उत्पादन ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का पता चाहिए ?
(hn)
Punjab
Ghanshyamdas guptaI g Pearl farming training institute in Bhubaneswar ka pata ye hai, ICAR-Central Institute of Freshwater Aquaculture (Indian Council of Agricultural Research) (An ISO 9001:2015 Certified Institute) Kausalyaganga, Bhubaneswar-751002, Odisha, India Tel: +91-674-2465421, 2465446, Fax: +91-674-2465407 E-mail: director.cifa@icar.gov.in, Website: www.cifa.nic.in
Uttar Pradesh
bhunesvar university
Tulsi di market kithe kithe hundi hai ?
(pb)
Punjab
Harmail ji tulsi di koi special market nahi hundi eh kise private company valo kharidi jandi hai.
Punjab
Kaun Kaun private company hai kaiser vechana hai
यह कौन सी नस्ल है ?
(hn)
Punjab
यह मुर्रा नसल की भैंस है
Gujarat
thanks
tele Wali Dawai boron 0 52.34 nu mix karke kanak te Spray kar sakde aa g ?
(pb)
Punjab
Parmjit Ji ,tuc tele di spray de nal NPK ate boron di spray Mila ke nahi Kar sakde ehna di alag alag spray karo.dhanwad
कड़कनाथ के चूज़े कहां मिलेंगे ?
(hn)
Punjab
इसके लिए आप SK Breeders Kadaknath Gadarwara 98275 45496 पर संपर्क कर सकते है..
नमस्कार सर मैंने शहतूत का पेड़ लगाया हुआ है उसके कच्चे ही फल ज़मीन पर गिर जाते हैं पकते नहीं है कृप्या इसका उपाय बतायें ?
(hn)
Maharashtra
Rajesh Ji yeh fungus ke Karn girna shuru ho jate hai iske liye Aap planofix@4ml ko 15 litre Pani men Mila kar spray Karen. dhanywad
मोती की खेती कैसे करें ?
(hn)
Punjab
Ashok singh जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
sir jhone di fasal nal Hor kheri fasal la sakda stevia De kheti da time ki a ?
(pb)
Maharashtra
jhone de nal tuc makki di bijai Kar sakde ho. stevia di Kheti de layi February -march mahine da sma anukul hunda hai dhanwad
Uttar Pradesh
fern feed for animal
Uttar Pradesh
singade ki bel
sir eh insecticide tele lyi use ho sakda eh ?
(pb)
Maharashtra
super star ik keet nashak ta hai par eh jyada kale tele di roktham de layi istemal Kita janda hai.tele di roktham de layi tuc thiamethoxam@80gm ja imidacloprid@40-60ml nu prati acre de hisab nal spray karo.dhanwad
Uttar Pradesh
nahi
Uttar Pradesh
yeh insectide hai. keetnashak hai ji keet Marta hai y
सर मैं ताजे पानी में मोती उत्पादन करना चाहता हूं कृप्या जानकारी दें ?
(hn)
Punjab
Hemant Nagar g fresh water pearl ki kheti ki jankari ke bare puri jankari ke liye aap Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 se sampark kar sakte hai
Uttar Pradesh
youtube pe jao or search krna moti ki kheti by Meri kheti
sir karnal university vich 1121 da beej kdo milega g hun milega g ?
(pb)
Punjab
Bhagwant Ji tuc isda beej najdiki krishi vigyan Kendra to Lai sakde ho.jekar beej other hale nahi v aaya hoyega ta ohna valo tuhanu is bare jankari de diti jayegi.
Sir lacto mood ja m fast ch kehdi best ha ?
(pb)
Punjab
virpal ji ehh dona da result vdia hai tuci dona vicho koi v vart skde ho , baki jekar tuci M fast di varto krde ho tan ehh pashu da duudh lenn ton adha ghnta pehla usde nose te spray kr deo , iss nal pashu arram nal duudh de dinda hai , ehh dono he homeopathic dwaia hai .
पर्ल फार्मिंग कैसे करे ?
(hn)
Punjab
Dnyaneshwar chavan जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें
Uttar Pradesh
kon se jankari lo
Uttar Pradesh
kiksi krishi University se
ਤੁਸੀਂ ਕੋਕੋਪੀਟ ਤੇ ਪੌਲੀਪੈਕ ਰਾਹੀਂ ਸਬਜੀਆਂ ਲਾਉਣ ਦਾ ਤਰੀਕਾ ਦਸੋ ?
(pb)
Punjab
ਹਰਬੰਸ ਜੀ ਕੋਕੋਪੀਟ ਨੂੰ ਟਰੇਅ ਵਿਚ ਵਰਤਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਜਿਸਦੇ ਨਾਲ ਪਨੀਰੀ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ Hydroponic ਤਰੀਕੇ ਦੇ ਨਾਲ ਵੀ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕੇ ਤੁਸੀ ਕਿਹੜੀ ਸਬਜੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਜੋਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾ ਸਕੇ
mujhe moti utpadan ke bare me jankari chahiye ?
(hn)
Punjab
Vandana Uttam Shelke जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें
Sir photo dakh ke is Bare daso ?
(pb)
Punjab
virpal ji eh natural product han. saviour ik keetnashak hai jo tele, chepe di roktham de layi vartya janda hai. isdi matra 2-2.5ml prati litre pani de hisab nal spray kiti jandi hai. Tejus ik plant booster hai jo fasl di growth de layi istemal kita janda hai isdi matra 2-2.5ml prati litre pani de hisab nal varti jandi hai. dhanwad
pani da nikas na karke har saal 5kila fasl barbaad hundi dso g ki karie ?
(pb)
Maharashtra
Sukh Ji aapna swal vistar nal pucho ke tuc kehdi fasl di bijai karde ho ate Pani da sadhan ki hai ta Jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.ate eh v daso ke mitti kida di hai.
kanke ta rise di bijai keti jandi aa mitti chekani aa black
pani da nikas ni hega saare pind saade khat vich aunda ha .panchayt kush v nai kardi .s.d.m nu aaplication deti se per koi v karvai nai hoyi
2967 kanke baji se
Sir photo dekh ke is Bare daso ?
(pb)
Maharashtra
Virpal Ji kirpa karke isde label di photo v bhejo kyuki jehdi photo tuc bheji hai os to eh kuch v saaf nahi ho reha ke isde vich ki ki maujood hai .is layi label di photo v bhejo ta Jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
ਸਰ ਇਹ ਦੇਸੀ ਮੁਰਗੀ ਦਾ ਚੂਚਾ ਹੈ ਇਹ 40 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੀਆਂ ਲੱਤਾਂ ਵਿੰਗੀਆਂ ਹੋ ਗਈਆ ਇਹ ਚੱਲ ਨਹੀਂ ਸਕਦਾ ਸਰ ਇਹ ਠੀਕ ਹੋ ਜਾਉਗਾ ਇਸ ਨੂੰ ਕਿਹੜੀ ਦਵਾਈ ਦਵਾ, ਸਰ ਜਿਸ ਨਾਲ ਇਹ ਠੀਕ ਹੋ ਜਾਵੇ ਇਸ ਦਿਆ ਫੋਟੋਆ ਵੀ ਭੇਜ ਦਿੱਤੀਆਂ ਉਸ ਵਿੱਚ ਦੇਖ ਲਵੋ ?
(pb)
Punjab
ਇਸ ਵਿਚ merek s ਬਿਮਾਰੀ ਹੈ ਇਸਦਾ ਕੋਈ ਇਲਾਜ ਨਹੀਂ ਹੈ.
सर नमस्कार, मैंने अपने खेत में हाइब्रिड धान की रोपाई की है जो लगभग 25 दिन हो चुके हैं मैंने इसमें रोपाई के समय 50 किलो डीएपी 30 किलो यूरिया 30 किलो जिंक सल्फेट 20 किलो पोटाश म्यूरेट ऑफ पोटाश का छिड़काव किया है रोपाई के 20—22 दिन बाद 50 डीएपी 50 किलो यूरिया का छिड़काव किया है अधिक कर ले निकलने व अच्छी उपज के लिए यदि कोई उपाय हो तो कृपया सलाह दें ?
(hn)
Punjab
राजेन्द्र जी अभी आपको कुछ और डालने की अभी जरूरत नहीं है आपने पहले ही लगभग सारी खाद डाल दी है
Uttar Pradesh
sahi Kaha hai apne
ਟਿਊਬਵੈੱਲ ਤੇ ਝੋਨੇ ਦੀ ਕਿਹੜੀ ਕਿਸਮ ਲਗਾਈਏ, ਜੋ ਘੱਟ ਸਮੇਂ ਚ ਚੰਗਾ ਝਾੜ ਦੇਵੇ ?
(pb)
Maharashtra
ਸੰਦੀਪ ਜੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਘਟ ਸਮੇਂ ਵਿਚ ਤਿਆਰ ਹੋਣ ਵਾਲੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਸੀਂ Sava 127, Sava 200 ਕਿਸਮ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹ ਲਗਭਗ 85-90 ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
Punjab
ਝਾੜ ਕਿੰਨਾ ਦੇਵੇਗੀ ਜੀ
seep ki farming kaise kare ?
(hn)
Punjab
Seep ki kheti bare puri jankari or is ki training ke lia aap Vinod Kumar 9050555757 se samparak kare.
ਕੱਦੂ ਦੀ ਬੇਲ ਨੂੰ ਨਿੰਬੂ ਦੇ ਅਕਾਰ ਦੇ ਕੰਦੂ ਲੱਗ ਕੇ ਕੱਦੂ ਸੁੱਕ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ?
(pb)
Arshpreet ਜੀ ਇਹ ਫੰਗਸ ਦੇ ਕਾਰਨ ਏਦਾ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ M-45@4 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਹਫਤੇ ਬਾਦ ਇਸਦੀ ਸਪਰੇਅ ਦੁਬਾਰਾ ਕਰੋ
Punjab
ਧੰਨਵਾਦ
Punjab
ਮਿਰਚਾ ਦੇ ਪੱਤੇ ਕੱਠੇ ਕਿਉਂ ਹੁੰਦੇ ਹਨ
Punjab
ਜੀ
Punjab
M-45@4 ਅ ਕੀ ਹੈ ਜੀ
Uttar Pradesh
bel ko khad ki jroorat hai.
Uttar Pradesh
kisi pass ki krisi University se JanKari lo
kaddu de beej beje nu 12-13 din hoge g velan harian ni hoyian ki kita jave g ?
(en)
Ratanveer ji kirpa karke daso ke tuc kaddu de beej sidha khet vich beeje Han ja tuc isnu lifafeya vich beejya hai
Uttar Pradesh
abhi bel nhi phle podha ugega
Uttar Pradesh
phle been ko 1 din bhigoyein phir jute k bag m 1 din rakh dein phir iske baad boyein
ਗਰਮੀਆਂ ਵਿੱਚ ਕੋਈ ਵਾਡਾ ਵਾਲਾ ਵਧੀਆ ਚਾਰਾ ਦੱਸੋ ਜੀ ਜਿਸ ਨਾਲ ਦੁੱਧ ਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਵੀ ਵੱਧ ਹੋਵੇ ?
(pb)
Maharashtra
ਜਗਤਾਰ ਜੀ ਤੁਸੀਂ ਚਾਰੇ ਦੇ ਲਈ ਜਵਾਰ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅੱਧ ਮਾਰਚ ਵਿਚ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਬਾਜਰੇ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਫਰਵਰੀ ਤੋਂ ਮਈ ਮਹੀਨੇ ਤਕ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ
Thanks ji
Uttar Pradesh
bajra
Uttar Pradesh
or hypotonic chara
Thanks ji
सिपी की खेती करने के लिए किस चीज़ की आवश्यकता है और उन्हें खाने में क्या दिया जाता है ?
(hn)
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 से सम्पर्क करे
मैंने सागवन के पेड़ लगाए है रूट कल्चर पर पेड़ बढ़ नही रहे 4 महीना हो गया इसके लिए क्या करना चाहिए सुझाव दें ?
(hn)
Maharashtra
देवभूमि जी आप सागवान के पौधे को 150 ग्राम युरिया डाले इसके इलावा आप इसे 3-4 किलो वेर्मी कम्पोस्ट डालें इससे पौधे को सारे तत्व मिल जायेगे और पौधा बढ़ना शुरू कर देता है
मोती पालन के बारे में जानकारी देने की कृपा करें ?
(hn)
Punjab
SANJAY SINGH जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप मनीष वासुदेव 9417652857 से संपर्क करें
Punjab
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Regional Research Centre, Anand ATIC, Anand Agricultural University, Anand , Gujarat Ph. & Fax: +91-2692-263699, -388001 and Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से सम्पर्क करे
नमस्कार जी मैं सब्ज़ियों जैसे टमाटर बैंगन और शिमला मिर्च की फसलों में ड्रिप सिस्टम सिंचाई योजना लगाना चाहता हूं वो पाइप कहां मिलेगी पूरा सिस्टम बतायें ?
(hn)
Punjab
संजीव ठाकुर जी ड्रिप सिस्टम के बारे में पूरी जानकारी और इसे लगवाने के लिए आप Puneet singh thind 9991320236 से सम्पर्क करे
नमस्कार जी मैं खीरे की खेती करना चाहता हूं पूरी जानकारी 3g कटिंग सहित विधि बतायें खाद सहित जिससे अच्छी पैदावार हो सके ?
(hn)
इसको मिट्टी की अलग-अलग किस्मे जैसे की रेतली दोमट से भारी मिट्टी में उगाया जा सकता हैं खीरे की फसल के लिए दोमट मिट्टी में, जिसमे जैविक तत्वों की उच्च मात्रा हो और पानी का अच्छा निकास हो, उचित पैदावार देती है खीरे की खेती के लिए मिट्टी का pH 6-7 होना चाहिए प्रसिद्ध किस्में:-Cucumber-75,Cucumber-90 ,Poinsett खीरे की खेती के लिए, अच्छी तरह से तैयार और नदीन रहित खेत की जरूरत होती है मिट्टी को अच्छी तरह से भुरभुरा बनाने के लिए, बिजाई से पहले 3-4 बार खेत की जोताई करें रूड़ी की खाद, जैसे गाय के गोबर को मिट्टी में मिलाये, ताकि खेत की उपजाऊ शक्ति बढ़ जाये फिर 2.5 मीटर चौड़े और 60 सैं.मी. के फासले पर नर्सरी बैड तैयार करें 3बिजाई का समय निचले पहाड़ी क्षेत्रों में: फरवरी-मार्च, जून मध्यवर्ती पहाड़ी क्षेत्रों में: मार्च-मई ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में: अप्रैल 3g कटिंग एक बढ़िया तरीका है फल ज्यादा लेने का इसकी कटाई के दौरान पौधे की पहली शाखा के फूल को तोड़ दिया जाता है इस शाखा के फल और फूल लगभग नर ही होते है फिर दूसरी टहनी जो पहली टहनी से बनी होती है उसके भी फूल तोड़ दिए जाते है जो दूसरी और तीसरी शाखा होती है उसके फूल रख लिए जाते है इसे 3g कटिंग कहा जाता है
sir me Khare Pani te phull lane aa kehde lava ?
(pb)
Maharashtra
kuldeep Ji sabto pehlan aapne khet de Pani di janch krao jisde nal eh pta lagega ke tuhade khet de Pani di pH kini hai ate isde hisab nal hi tuhanu slah diti ja sake ke tuc kehde kehde full la sakde ho.
Punjab
ok g karaya se result jmeen ch Namkeen pann he oh kende ke harri khatt pavo ta thek rhy ge par fark nai pendan g .narma v mushkill nal hunda he khet ch
fungicide te insecticides systematic spray dowe rala ke kr sakhde as Kanak te ?
(pb)
Maharashtra
amandeep Ji tuc ehna dona di rla ke spray nahi Kar sakde isdi alag alag spray Karo. tahi tuhanu isda sahi result milda hai.dhanwad
sir 1 month old rir 300 are sneezing for last one week i gave lixen powder but no improvement so what should i do ?
(en)
Punjab
Enrofloxacin@1ml per litre of water X 24 hr for 5 days , respiron @20 ml per 100 birds in water OD X 7 days
sir ਜੀ ਜਰਮਨ ਕੁੱਤੀ ਹੈ ਜੋ 2 ਸਾਲ ਦੀ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀਆਂ ਦਵਾਈਆਂ ਦਿਤਿਆਂ ਹਨ ਪਰ ਗੰਦ ਨੀ ਖਾਣਾ ਹੱਟਦੀ ?
(pb)
ਨਰਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਕੁੱਤੀ ਨੂੰ Vendistar-XL bolus ਦਿਓ ਇਹ ਤੁਸੀ ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਗੋਲੀ ਅਤੇ ਤਿੰਨ ਦਿਨ ਲਗਾਤਾਰ ਦਿਓ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Broton liqued 5ml ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਜੀ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ
ब्रूडर निमोनिया की दवाई क्या दे ?
(hn)
Punjab
इसके लिए आप उनके बैठने वाली जगह को नीचे से अच्छी तरह साफ करें और उन्हेें 1 ग्राम नीलाथोथा 1 लीटर पानी में मिलाकर दिन में एक बार दें और उसे पानी में 5 मि.ली. सिरका भी डाल सकते है इससे फर्क पड़ जाएगा
ਸਰ ਮੈ ਭਿੰਡੀ ਲਾਉਣੀ ਹੈ ਲਾਉਣ ਦਾ ਤਰੀਕਾ ਕਿੰਨਾ ਬੀਜ ਪਾੳਣਾ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਉ ਜੀ ਜਮੀਨ ਕਰਲਾਠੀ ਹੈ ?
(en)
ਭਿੰਡੀ ਕਾਫੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਭਿੰਡੀ ਦੀ ਫਸਲ ਲਈ ਉਚਿੱਤ ਮਿੱਟੀ ਰੇਤਲੀ ਤੋਂ ਚੀਕਣੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਜੈਵਿਕ ਤੱਤ ਭਰਪੂਰ ਮਾਤਰਾ ਵਿੱਚ ਹੋਣ ਅਤੇ ਜਿਸਦੀ ਨਿਕਾਸ ਪ੍ਰਣਾਲੀ ਵੀ ਵਧੀਆ ਢੰਗ ਦੀ ਹੋਵੇ ਜੇਕਰ ਨਿਕਾਸ ਵਧੀਆ ਢੰਗ ਦਾ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਇਹ ਭਾਰੀਆਂ ਜ਼ਮੀਨਾਂ ਵਿੱਚ ਵੀ ਵਧੀਆ ਉੱਗਦੀ ਹੈ ਮਿੱਟੀ ਦਾ pH 6.0-6.5 ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਖਾਰੀ, ਲੂਣੀ ਜਾਂ ਮਾੜੇ ਨਿਕਾਸ ਵਾਲੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਇਸਦੀ ਖੇਤੀ ਨਾ ਕਰੋ ਪ੍ਰਸਿੱਧ ਕਿਸਮਾਂ :-Punjab no.13,Punjab Padmini,Punjab 7,Punjab 8 kisam ਖੇਤ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਕਰਨ ਲਈ ਜ਼ਮੀਨ 5-6 ਵਾਰ ਡੂੰਘੀ ਵਾਹੋ ਫਿਰ ਦੋ-ਤਿੰਨ ਵਾਰ ਸੁਹਾਗਾ ਮਾਰ ਕੇ ਜ਼ਮੀਨ ਨੂੰ ਪੱਧਰਾ ਕਰੋ ਆਖਿਰੀ ਵਾਰ ਵਾਹੀ ਕਰਦੇ ਸਮੇਂ 100 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਧੀਆ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਪਾਓ ਖਾਲ਼ੀਆਂ ਅਤੇ ਵੱਟਾਂ ਵਾਲਾ ਢੰਗ ਬਣਾਓ ਕਈ ਵਾਰ ਭਿੰਡੀਆਂ ਨੂੰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਈ ਹੋਈ ਮੁੱਖ ਫਸਲ ਦੇ ਆਸੇ ਪਾਸੇ ਵੀ ਲਾ ਦਿੱਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸਦੇ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਢੰਗ ਵੀ ਮੁੱਖ ਫਸਲ ਦੇ ਨਾਲ ਦਾ ਹੀ ਵਰਤਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਸਨੂੰ ਬਿਜਾਈ ਵਾਲੀ ਮਸ਼ੀਨ ਨਾਲ, ਹੱਥੀਂ ਟੋਆ ਪੁੱਟ ਕੇ ਜਾਂ ਹਲਾਂ ਦੇ ਪਿੱਛੇ ਬੀਜ ਪਾ ਕੇ ਵੀ ਬੀਜਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਉੱਤਰ ਵਿੱਚ ਇਹ ਵਰਖਾ ਅਤੇ ਬਸੰਤ ਦੇ ਮੌਸਮ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਵਰਖਾ ਵਾਲੇ ਮੌਸਮ ਵਿੱਚ, ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਜੂਨ-ਜੁਲਾਈ ਮਹੀਨੇ ਅਤੇ ਬਸੰਤ ਰੁੱਤ ਵਿੱਚ ਫਰਵਰੀ-ਮਾਰਚ ਦੇ ਮਹੀਨੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਕਤਾਰਾਂ ਵਿੱਚ ਫਾਸਲਾ 45 ਸੈ.ਮੀ. ਅਤੇ ਪੌਦਿਆਂ ਵਿੱਚ ਫਾਸਲਾ 15-20 ਸੈ.ਮੀ. ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਬੀਜ 1-2 ਸੈ.ਮੀ. ਡੂੰਘਾਈ ਵਿੱਚ ਬੀਜੋ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਟੋਆ ਪੁੱਟ ਕੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਵਰਖਾ ਰੁੱਤ (ਜੂਨ-ਜੁਲਾਈ) ਵਿੱਚ ਟਾਹਣੀਆਂ ਵਾਲੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਲਈ 4-6 ਕਿਲੋ ਬੀਜ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ, 60x30 ਸੈ.ਮੀ. ਫਾਸਲੇ ਤੇ ਬੀਜੋ ਬਿਨ੍ਹਾਂ ਟਾਹਣੀਆਂ ਵਾਲੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਲਈ 45x30 ਸੈ.ਮੀ. ਦਾ ਫਾਸਲਾ ਰੱਖੋ ਅੱਧ-ਫਰਵਰੀ ਤੱਕ 15-18 ਕਿਲੋ ਬੀਜ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਓ ਅਤੇ ਮਾਰਚ ਵਿੱਚ ਬਿਜਾਈ ਲਈ 4-6 ਕਿਲੋ ਬੀਜ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਬੀਜੋ ਨਦੀਨਾਂ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਨੂੰ ਰੋਕਣ ਲਈ ਗੋਡੀ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਵਰਖਾ ਰੁੱਤ ਵਾਲੀ ਫਸਲ ਵਿੱਚ ਕਤਾਰਾਂ ਨਾਲ ਮਿੱਟੀ ਲਗਾਓ ਪਹਿਲੀ ਗੋਡੀ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 20-25 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਅਤੇ ਦੂਜੀ ਗੋਡੀ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 40-45 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਕਰੋ ਬੀਜਾਂ ਦੇ ਪੁੰਗਰਨ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਨਦੀਨ-ਨਾਸ਼ਕ ਪਾਉਣ ਨਾਲ ਨਦੀਨਾਂ ਨੂੰ ਅਸਾਨੀ ਨਾਲ ਰੋਕਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਫਲੂਕਲੋਰਾਲਿਨ (48%) 1 ਲੀਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਜਾਂ ਪੈਂਡੀਮੈਥਾਲਿਨ 1 ਲੀਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਜਾਂ ਐਲਾਕਲੋਰ 1.6 ਲੀਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਓ ਜੇਕਰ ਜ਼ਮੀਨ ਵਿੱਚ ਲੋੜੀਂਦੀ ਨਮੀਂ ਨਾ ਹੋਵੇ ਤਾਂ, ਬੀਜਾਂ ਦੇ ਵਧੀਆ ਪੁੰਗਰਾਅ ਲਈ, ਗਰਮੀਆਂ ਵਿੱਚ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਦੂਜੀ ਸਿੰਚਾਈ ਬੀਜ ਪੁੰਗਰਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਕਰੋ ਫਿਰ ਖੇਤ ਦੀ ਸਿੰਚਾਈ ਗਰਮੀਆਂ ਵਿੱਚ 4-5 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਅਤੇ ਵਰਖਾ ਰੁੱਤ ਵਿੱਚ 10-12 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਕਰੋ
Punjab
ਧਨਵਾਦ ਜੀ
मोती की खेती कैसे होती है ?
(hn)
Punjab
Ramvilas जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप मनीष वासुदेव 9417652857 से संपर्क करें
मोती की खेती ?
(hn)
Punjab
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
मोती की खेती कैसे करते हैं ?
(hn)
Punjab
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
मोती की खेती ?
(hn)
Punjab
HansrajKumawat g Moti ki kheti bare mein puri jankari ke lia aap Manish Vasudev 9417652857 se samparak kar sakte hai
Punjab
Motio ki kheti ke bare me puri jankari or is ki training ke lia aap Vinod Kumar 9050555757, Manish Vasudev 9417652857 se samparak kare.
ਸਰ ਜੀ ਦੱਸਿਓ ?
(pb)
Punjab
Gurminder ji Van vibhag ate khetibadi vibhag ch job layi tuhanu isde related hi degree kiti honi chaidi hai jive Bsc agriculture kiti honi chaidi hai
Punjab
.
00.52.34 nal fungicide spray kr sakde aa Kanak te ?
(pb)
Punjab
Aman deep g NPK 00.52.34 fertilizer hai es vich phosphorous and potash tatt hunde han jo knak nu healthy karn lyi spray kiti hai and fungicide knak vich fugus da attack control karn lyi use hunda hai.ehna da spray always hi alag alag krna painda hai kyuke ehna da mixup krke spray krn nal ehna da asar khtm ho jndi hai..
टमाटर की खेती कैसे करे ?
(hn)
Punjab
इस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मिट्टी में भी उगने योग्य फसल है ज्यादा तेजाबी मिट्टी में खेती ना करें अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी लाभदायक है, जबकि अच्छी पैदावार के लिए चिकनी, दोमट और बारीक रेत वाली मिट्टी बहुत अच्छी है प्रसिद्ध किस्में:- Kashi Amrut,Kashi Anupam की बिजाई कर सकते है टमाटर के बीजों को पहले नर्सरी में बोया जाता है और फिर हन्हें मुख्य खेत में रोपित किया जाता है मुख्य खेत की तैयार के लिए अच्छी जोताई और समतल मिट्टी की जरूरत होती है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए 4-5 बार जोताई करें फिर मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें आखिरी जोताई के समय गाय का गला हुआ गोबर 60 किलो को मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें रोपाई के लिए 80-90 सैं.मी. चौड़े बैड तैयार करें बिजाई से एक महीना पहले मिट्टी को धूप में खुला छोड़ दें आवश्यक लंबाई और 80-90 सैं.मी. की चौड़ाई वाले बैडों पर टमाटर के बीजों को बोयें बिजाई के बाद बैडों को प्लास्टिक शीट से ढक दें और फूलों को पानी देने वाले डब्बे से रोज़ सुबह बैडों की सिंचाई करें रोगाणुओं के हमले से फसल को बचाने के लिए नर्सरी वाले बैडों को अच्छे नाइलोन के जाल से ढक दें पनीरी लगाने के 10-15 दिन बाद 19:19:19 के साथ सूक्ष्म तत्वों की 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें पौधों को तंदरूस्त और मजबूत बनाने के लिए बिजाई के 20 दिन बाद लीहोसिन 1 मि.ली. प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें प्रभावित पौधों को खेत में से उखाड़ दें ताकि पौधों का फासला सही रखा जा सके और निरोग पौधों को रोगाणुओं से भी बचाया जा सके रोगाणुओं से बचाव के लिए मिट्टी में नमी बनाये रखें यदि सूखा दिखे तो पौधों को रोपाई से पहले मैटालैक्सिल 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी में 2-3 बार भिगोयें बिजाई से 25-30 दिन बाद पनीरी वाले पौधे तैयार हो जाते हैं और इनके 3-4 पत्ते निकल आते हैं यदि पौधों की आयु 30 दिन से ज्यादा हो तो इसके उपचार के बाद इसे खेत में लगायें पनीरी उखाड़ने के 24 घंटे पहले बैडों को पानी लगायें ताकि पौधे आसानी से उखाड़े जा सकें फसल को फसल को बैक्टीरियल सूखे से बचाने के लिए रोपाई से पहले नए पौधों को स्ट्रैपटोसाइकलिन घोल 100 पी पी एम में मिलाकर 5 मिनट के लिए भिगोयें बिजाई से एक महीना पहले मिट्टी को धूप में खुला छोड़ दें आवश्यक लंबाई और 80-90 सैं.मी. की चौड़ाई वाले बैडों पर टमाटर के बीजों को बोयें बिजाई के बाद बैडों को प्लास्टिक शीट से ढक दें और फूलों को पानी देने वाले डब्बे से रोज़ सुबह बैडों की सिंचाई करें रोगाणुओं के हमले से फसल को बचाने के लिए नर्सरी वाले बैडों को अच्छे नाइलोन के जाल से ढक दें पनीरी लगाने के 10-15 दिन बाद 19:19:19 के साथ सूक्ष्म तत्वों की 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें पौधों को तंदरूस्त और मजबूत बनाने के लिए बिजाई के 20 दिन बाद लीहोसिन 1 मि.ली. प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें प्रभावित पौधों को खेत में से उखाड़ दें ताकि पौधों का फासला सही रखा जा सके और निरोग पौधों को रोगाणुओं से भी बचाया जा सके रोगाणुओं से बचाव के लिए मिट्टी में नमी बनाये रखें यदि सूखा दिखे तो पौधों को रोपाई से पहले मैटालैक्सिल 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी में 2-3 बार भिगोयें बिजाई से 25-30 दिन बाद पनीरी वाले पौधे तैयार हो जाते हैं और इनके 3-4 पत्ते निकल आते हैं यदि पौधों की आयु 30 दिन से ज्यादा हो तो इसके उपचार के बाद इसे खेत में लगायें पनीरी उखाड़ने के 24 घंटे पहले बैडों को पानी लगायें ताकि पौधे आसानी से उखाड़े जा सकें फसल को फसल को बैक्टीरियल सूखे से बचाने के लिए रोपाई से पहले नए पौधों को स्ट्रैपटोसाइकलिन घोल 100 पी पी एम में मिलाकर 5 मिनट के लिए भिगोयें किस्म और विकास के ढंग मुताबिक 60x30 सैं.मी. या 75x60 सैं.मी. या 75x75 सैं.मी. का फासला रखें में छोटे कद वाली किस्म के लिए 75x30 सैं.मी. का फासला रखें और वर्षा वाले मौसम के लिए 120-150x30 सैं.मी. का फासला रखें पनीरी को उखाड़कर खेत में लगा दें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 100-160 ग्राम बीज नए पौधे तैयार करने के लिए प्रयोग किए जाते हैं हाइब्रिड किस्मों के लिए 80-100 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन 40-60 किलो (90-130 किलो यूरिया), फासफोरस 25 किलो (155 किलो एस एस पी) और पोटाश 25 किलो (42 किलो एम ओ पी) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें नए पौधों की रोपाई के 2-3 सप्ताह पहले फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर रोपाई 30 और 50 दिनों के बाद डालें लगातार गोडाई करें और जड़ों को मिट्टी लगाएं 45 दिनों तक खेत को नदीन रहित रखें यदि नदीन नियंत्रण से बाहर हो जायें तो यह 70-90 प्रतिशत पैदावार कम कर देंगे रोपाई से पहले मुख्य खेत में पैंडीमैथालीन 0.4 किलो को प्रति एकड़ में लगाएं यदि नदीनों की संख्या ज्यादा हो तो नदीनों के अंकुरण के बाद सैंकर 0.2 किलो की प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों को रोकने के साथ साथ मिट्टी के तापमान को कम करने के लिए मलचिंग भी प्रभावी तरीका है रोपाई के बाद दो से तीन दिन हल्की सिंचाई करें मिट्टी में नमी के आधार पर सर्दियों में 12 से 15 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें और गर्मियों में 6-7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें फूल निकलने की अवस्था सिंचाई के लिए गंभीर होती हैं इस अवस्था में पानी की कमी से फूलों का गिरना बढ़ता है और फलों और उत्पादकता पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है बहुत सारी जांचों के मुताबिक यह पता चला है कि हर पखवाड़े में आधा इंच सिंचाई करने से जड़ें ज्यादा फैलती हैं और इससे पैदावार भी अधिक हो जाती है अत्याधिक सिंचाई ना करें पनीरी लगाने के 70 दिन बाद पौधे फल देना शुरू कर देते हैं कटाई का समय इस बात पर निर्भर करता है कि फलों को दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाना है या ताजे फलों को मंडी में ही बेचना है आदि पके हरे टमाटर जिनका 1/4 भाग गुलाबी रंग का हो, लंबी दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाने के लिए प्रयोग किए जाते हैं ज्यादातर सारे फल गुलाबी या लाल रंग में बदल जाते हैं, पर सख्त गुद्दे वाले टमाटरों को नज़दीक की मंडी में बेचा जा सकता है अन्य उत्पाद बनाने और बीज तैयार करने के लिए पूरी तरह पके और नर्म गुद्दे वाले टमाटरों का प्रयोग किया जाता है
sir j 1006 makki da beej kille vich kinna painda hai vtta te bijai krni hai ?
(pb)
Punjab
Jaswinder g J-1006 maize variety fodder lyi use hundi hai.esda 1 acre vich 30 kg beej painda hai...
sir m milk machine leni hai kehdi company di layiye te majha te lg jandi hai te thna da size mota patla hon te problen taa nahi aundi te dhyan rkhn yog glla kehdia hn ?
(pb)
Punjab
vase tan Milking machine cow lai jyada vdia hundi hai majja lai isda jyada fyada nhi hunda hai jekar majj da dudh jyada tan isdi varto kiti jndi hai , bakkii majjha iss nu lgwaun time suru suru vich tang krdia hai fir holi holi addat pendi hai , cow nu eh assnai nal lgaii jndi hai, baki iss nal thana nu koi smasiya nahi hundi , bakki Vansun Milking company di v machine vadiya hundi hai ji. tuci ehh v khridd skde ho .
what are neutrients used for vegetables & fruits ?
(pb)
Maharashtra
Amarjit ji every fruit and vegetable need different amount of nutrient and fertilizer .please tell us about which fruit or vegetable nutrient you want to know so that we can provide you proper information.
Punjab
Madam, I want to grow figs in my courtyard. Please advise water based nutrients used for figs.
Punjab
My original question was about vegetables growing without soil on roof in polyhome. Water based nutrients required for the same.
Punjab
Regards
ਸਰ ਮੈ ਪਪੀਤਾ ਲਾਉਣਾ ਹੈ ਰੈਡ ਲੇਡੀ ਨਰਸਰੀ ਦਾ ਨੰਬਰ ਦੱਸੋ (ਬਰਨਾਲਾ) ?
(en)
Punjab
Malkit Singh ji Papite de plant len lai tusi Harvaas Nursery Harmanpreet Singh 9815119150 nal samparak kar sakde ho.
मोती की खेती के बारे में जानकारी चाहिए ?
(hn)
Punjab
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Rajasthan
10000 मोती X 250 औसत 2500000 होते है, आपन गलत गुना किया है
reshm ?
(en)
Punjab
Paresh ji kripya aap apna swal vistar se pooche ke aap kya jankari lena chahte hai ta ki aapko iske bare men poori jankari di ja sake. dhanywad
Rabbit farming in maharashtra ?
(en)
Punjab
खरगोश पालन की शुरूआत आप 1 यूनिट से शुरू कर सकते हैं एक यूनिट में 3 मेल और 10 फीमेल खरगोश होते हैं एक यूनिट आपको लगभग 30000 रूपये तक मिल जायेगा इसलिए आपको 30ग35 का शैड बनाना पड़ेगा बाकी यदि इनकी खुराक की बात करें तो इन्हें एक समय फीड और एक समय पठ्ठे खिलाने होते हैं बीमारियां कुछ खास नहीं लगती इन्हें लगभग 3 महीनों में बेचने के लिए तैयार हो जाते हैं खरगोश मीट के लिए और इनसे वैक्सीन तैयार की जाती हैं इसकी शुरूआत के लिए कंपनियां कॉन्ट्रैक्ट करती हैं और हर वर्ष 10 प्रतिशत रेट बढ़ाती हैं पंजाब में खरगोश पालन का व्यवसाय अभी बहुत कम है पर धीरे धीरे बढ़ रहा है आप पैराडाइज़ कंपनी से संपर्क कर सकते हैं जिनका संपर्क नंबर है 9466419455 आप खुद जाकर इनका फार्म देखकर आयें .वहां से आपको पूरी जानकारी मिल जाएगी
कम जमीन कम पानी की खेती ?
(hn)
Pranesh g kirpa apna swaal vistaar se puche tan jo apko iss ki jankari di ja ske ...
मोती उत्पादन के बारे में जानकारी दें ?
(hn)
Punjab
Pawan Pandey जी मोती उत्पादन के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 से संपर्क करें
मैं ड्रिप इरिगेशन सिस्टम से खेती करना चाहता हूंए क्या सरकार इसमें किसानों को अनुदान देती है कहां संपर्क करूं ?
(en)
Punjab
ड्रिप इरिगेशन सिस्टम लगवाने और इस के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप के वी के SARAIKELA-KHARSAWAN अन्यथा Department Of Agricultural Engineering And Department Of Horticulture पता: Birsa Agriculture University Campus, Kanke Patratu रोड, Kanke, रांची, झारखण्ड 834006 फ़ोन: 0651 245 0832 से संपर्क करें
Muje animals chahiye Jaise ki sujat, kadaknath, pair dog and horse Kyse milega or fish bhi my contact number 7985065917 ?
(en)
Punjab
Hammad ji Chicks lene ke lia aap Sumit Kumar 8006000291,7906547529, Fish Seed ke lia aap Moh. Anis 9451411371,6394520950 se samparak kar sakte hai.
Egg farming ke liye loan kaise milega ?
(en)
Punjab
इसके लिए लोन लेने के लिए आपके पास इसकी ट्रेनिंग होनी जरूरी है मुर्गी पालन शुरू करने से पहले कुछ बेसिक बातों का ध्यान ज़रूर रखें जैसे आप ट्रेनिंग लेकर जरूर शुरू करें जिससे आपको फीड वगैरह का पता चलेगा और क्योंकि पोल्ट्री में बायोसिक्योरिटी रखनी बहुत जरूरी है यदि एक बार बीमारी फार्म पर आ गई तो बहुत कम समय में पूरे फार्म तक पहुंचती है इसलिए सभी बातें ध्यान में रखकर ही यह काम शुरू करें और यह भी सलाह है कि इस काम को बड़े स्तर पर एकदम से ना शुरू करें एक बार थोड़ी मुर्गियों से शुरू करें बाकी आपको बता दें कि व्यापारिक स्तर पर 5 एकड़ में आप 50000 मुर्गियां रख सकते हैं और इससे आपको कुल 5—7 लाख रूपये तक का खर्चा आ जाएगा यदि नस्ल की बात की जाए तो लेयर में अंडों के लिए BV 300 नस्ल सबसे बढ़िया रहेगी यह नस्ल 18 सप्ताह की उम्र में अंडे देना शुरू कर देती है और 19 सप्ताह से 80वें सप्ताह तक लगभग 370 अंडे देती है प्रति मुर्गी के लिए 1.5—2.0 फुट जगह की जरूरत पड़ती है पहले दिन से लेकर अंडे देने तक एक मुर्गी पर लगभग 250—300 रूपए खर्चा आ जाता है और ब्रॉयलर नस्लों में से वैनकोब 400 नस्ल बड़े स्तर पर सबसे बढ़िया मानी जाती है यह 35 दिनों तक लगभग 3 किलो फीड खाकर तकरीबन 1900—2000 ग्राम की हो जाती है और बाकी ज्यादा गर्मी और ठंड को काफी हद तक सहन करने की क्षमता रखती है बाकी आपके रख रखाव और बीमारियों पर टीकाकरण का खर्चा अलग है यह कुछ प्राथमिक जानकारी थी अंतत आप पहले किसी सफल पोल्ट्री फार्मर से जरूर मिलें आपको अन्य बातों एवं बारीकियों का पता लगेगा लोन लेने के लिए आपके पहले अपने नज़दीकी kvk से ट्रेनिंग लेनी होगी उस ट्रेनिंग के सर्टिफिकेट पर आप लोन के लिए अप्लाई कर सकते हो वहां आपको इसके बारे में पूरी जानकारी प्राप्त हो जाएगी
I am Narinder From Hoshiarpur. I want to take button mushroom training in LPU. If anybodys knows training Schedule instantly convey Thanks ?
(en)
Punjab
Narinder Ji there is no training of mushroom provided by LPU. For govt approved training you can contact DMR ,solan.and the training schedule is attached with this.
Punjab
Ok thanks for reply
What are viable crops for 2 acre net house Anyone giving training?
(en)
Punjab
Sohan inder ji for net house mostly vegetables and flowers are grown.for its tarining you can contact to nearest KVK Address: Post Box No.-22, Rauni, Punjab 147001.Phone: 094642 10460
thanks
मोती की खेती के बारे में बतायें ?
(hn)
Punjab
Motio ki kheti ke bare me puri jankari or is ki training ke lia aap Vinod Kumar 9050555757 se samparak kare.