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Katti latt nahi thale laundi koi hall dass deo ji ?

(en)
  • 1
Posted by
Gurmeet singh (7696681064)
Gurmeet singh
Punjab
Barnala
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Posted Date (18 Apr 2019 08:00 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Apr 2019 02:50 PM) Translated Date (-)

Tuci iss nu nazdiki doctor to check krwao, kyuki isdi janch krke isda sahi ilagg howega.

Peppermint me is nadeen ke leye kon si sprey kar sakte hai ?

(en)
  • 1
Posted by
Jadish Deol (9815248952)
Jadish Deol
Punjab
Ludhiana
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Posted Date (18 Apr 2019 07:55 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (19 Apr 2019 10:52 PM) Translated Date (-)

Gudai kro

hello sir hamari jhoti 4 saal ki hai jo kheva nhi lhe rahi

(pb)
Posted by
chamkaur sangha (7814562318)
chamkaur sangha
Punjab
Kapurthala
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Posted Date (18 Apr 2019 07:04 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Apr 2019 02:52 PM) Translated Date (-)

Chamkaur ji tuci jhoti nu Flukarid-DS bolus rojana 1 goli deo ate Agrimin super powder 100gm rojana ate Minotas bolus rojana 1 goli deo ate 21 din tak dinde rho, iss nal heat vich aa jawegi fir tuci uss nu nawe dudh krwa skde ho.

ਗਾਂ ਦੇ ਅਗਲੇ ਇੱਕ ਥਣ ਵਿੱਚੋ ਦੁੱਧ ਬਹੁਤ ਘੱਟ ਆਉਦਾ ਕੋਈ ਇਲਾਜ ਦੱਸੋ ?

(pb)
Posted by
Amandeep Singh (9464917105)
Amandeep Singh
Punjab
Mansa
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Posted Date (18 Apr 2019 06:59 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Apr 2019 07:40 AM) Translated Date (-)

Os nu powder milk out 900gm 2 chamach swere 2 chamach shame nu deo nall hi liquid Vitamor H 10ml swere 10ml shame nu deo ji es nall farak pe jawega ji

Sir rabbit farm kaise kare ?

(hn)
Posted by
Prem Singh (8619814812)
Prem Singh
Rajasthan
Sikar
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Posted Date (18 Apr 2019 06:48 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Apr 2019 02:54 PM) Translated Date (-)

खरगोश पालन की शुरूआत आप 1 यूनिट से शुरू कर सकते हैं एक यूनिट में 3 मेल और 10 फीमेल खरगोश होते हैं एक यूनिट आपको लगभग 30000 रूपये तक मिल जायेगा इसलिए आपको 30ग35 का शैड बनाना पड़ेगा बाकी यदि इनकी खुराक की बात करें तो इन्हें एक समय फीड और एक समय पठ्ठे खिलाने होते हैं बीमारियां कुछ खास नहीं लगती इन्हें लगभग 3 महीनों में बेचने के लिए तैयार हो जाते हैं खरगोश मीट के लिए और इनसे वैक्सीन तैयार की जाती हैं इसकी शुरूआत के लिए कंपनियां कॉन्ट्रैक्ट करती हैं और हर वर्ष 10 प्रतिशत रेट बढ़ाती हैं पंजाब में खरगोश पालन का व्यवसाय अभी बहुत कम है पर धीरे धीरे बढ़ रहा है आप पैराडाइज़ कंपनी से संपर्क कर सकते हैं जिनका संपर्क नंबर है 9466419455 आप खुद जाकर इनका फार्म देखकर आयें .वहां से आपको पूरी जानकारी मिल जाएगी

सब्जियों के पौधे टमाटर, बैंगन और शिमला मिर्च कितनी दूरी पर लगाने चाहिए ?

(hn)
Posted by
Sanjeev Thakur (9816312908)
Sanjeev Thakur
Himachal Pradesh
Chamba
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Posted Date (18 Apr 2019 06:45 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (26 Apr 2019 11:39 AM) Translated Date (-)

टमाटर के छोटे कद की किस्मों के लिए 60 x 45 सैं.मी. और अधिक फैलने वाली किस्मों के लिए 90 x 30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बैंगन की कतारों के बीच में 60-70 सैं.मी. और पौधों के बीच में 60 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें शिमला मिर्च की बिजाई के लिए कतारों के बीच 60 सैं.मी. और पौधों के बीच 45 सैं.मी. का फासला रखें

Himachal Pradesh

26 Apr 2019

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सनाय और ढैंचा का बीज कंहा और कैसे मिलेगा । इसके बारे में विस्तार से बताए ?

(hn)
Posted by
अखिलेश (9870957963)
अखिलेश
Uttar Pradesh
Ballia
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Posted Date (18 Apr 2019 12:41 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (19 Apr 2019 06:08 PM) Translated Date (-)

Apne Khetibari office ADO sey contact kro

Answered Date (19 Apr 2019 06:37 PM) Translated Date (-)

ठीक है धन्यवाद

Star wert ki kheti ?

(hn)
Posted by
neeraj raina (7051429885)
neeraj raina
Jammu & Kashmir
Jammu
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Posted Date (18 Apr 2019 12:32 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (27 Apr 2019 04:10 PM) Translated Date (-)

neeraj ji kripya aap apna swal vistar se pooche ki aap konsi fasl ki jankari lena chahte hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Genda phool ki kheti ?

(hn)
Posted by
neeraj raina (7051429885)
neeraj raina
Jammu & Kashmir
Jammu
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Posted Date (18 Apr 2019 12:27 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (25 Apr 2019 01:57 PM) Translated Date (-)

आप गेंदे की खेती करना चाहते है से मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है मिट्टी अच्छे निकास वाली होनी चाहिए क्योंकि यह फसल जल जमाव वाली मिट्टी में स्थिर नहीं रह सकती मिट्टी की pH 6.5 से 7.5 होनी चाहिए तेजाबी और खारी मिट्टी इसकी खेती के लिए अनुकूल नहीं है फ्रैंच गेंदे की किस्म हल्की मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है जबकि अफ्रीकी गेंदे की किस्म उच्च जैविक खाद वाली मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है प्रसिद्ध किस्में :- African Marigold: इस किस्म की फसल 90 सैं.मी. तक लम्बी होती है इसके फूल बड़े आकार के और लैमन, पीले, सुनहरे, संतरी और गहरे पीले रंग के होते हैं यह लम्बे समय की किस्म है इसकी अन्य किस्में जैसे Giant Double African Orange, Crown of Gold, Giant Double African Yellow, Chrysanthemum Charm, Golden Age, Cracker Jack आदि हैं French Marigold: यह छोटे कद की जल्दी पकने वाली किस्में हैं इसके फूल छोटे आकार के और पीले, संतरी, सुनहरे पीले, लाल जंग और महोगनी रंग के होते हैं इसकी अन्य किस्में जैसे Rusty Red, Butter Scotch, Red Borcade, Star of India, Lemon drop आदि हैं Pusa Basanti Gainda: यह लम्बे समय की किस्म है इसका पौधा 58.80 सैं.मी. लम्बा और गहरे हरे रंग के पत्ते होते हैं इसके फूल सल्फर पीले, दोहरे और कारनेशन किस्म के होते हैं Pusa Narangi Gainda: फूल निकलने के लिए 125-136 दिनों की आवश्यकता होती है इसका पौधा लम्बा और कद में 73.30 सैं.मी. का होता है और पत्ते गहरे हरे रंग के होते हैं इसके फूल संतरी रंग के और कारनेशन किस्म के होते हैं फूल घने और दोहरी परत वाले होते हैं इसके ताजे फूलों की पैदावार 140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने के लिए आखिरी जोताई के समय 250 क्विंटल रूड़ी की खाद और अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर मिट्टी में मिलायें गेंदे की बिजाई एक वर्ष में कभी भी की जा सकती है बारिश के मौसम में इसकी बिजाई मध्य जून से मध्य जुलाई में करें सर्दियों में इसकी बिजाई मध्य सितंबर से मध्य अक्तूबर में पूरी कर लें नर्सरी बैड 3x1 मीटर आकार के तैयार करें गाय का गला हुआ गोबर मिलायें बैडों में नमी बनाए रखने के लिए पानी दें सूखे फूलों का चूरा करें और उनका कतार या बैड पर छिड़काव करें जब पौधों का कद 10-15 सैं.मी. हो जाये, तब वे रोपाई के लिए तैयार होते हैं फैंच किस्म को 35x35 सैं.मी. और अफ्रीकी किस्म को 45x45 सैं.मी. के फासले पर रोपाई करें नर्सरी बैड पर बीजों का छिड़काव करें बिजाई के लिए पनीरी ढंग का प्रयोग किया जाता है एक एकड़ खेत के लिए 600 से 800 ग्राम बीजों की आवश्यकता होती है जब फसल 30-45 दिन की हो जाए, तब पौधे के सिरे से उसे काट दें इससे पौधे को झाड़ीदार और घना होने में मदद मिलती है, इससे फूलों की गुणवत्ता और अच्छा आकार भी प्राप्त होता है बिजाई से पहले बीजों को एजोसपीरियम 200 ग्राम को 50 मि.ली. धान के चूरे में मिलाकर उपचार करें शुरूआती खुराक के तौर पर अच्छी वृद्धि के लिए नाइट्रोजन 32 किलो (यूरिया 70 किलो), फासफोरस 16 किलो (एस एस पी 100 किलो), पोटाश 32 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 53 किलो) प्रति एकड़ में डालें मिट्टी की किस्म के अनुसार खाद की खुराक बदल दें सही खुराक देने के लिए मिट्टी की जांच करवायें और उसके आधार पर खुराक दें नदीनों की संख्या के आधार पर गोडाई करें खेत में रोपाई के बाद तुरंत सिंचाई करें कली बनने से लेकर कटाई तक की अवस्था सिंचाई के लिए बहुत महत्तवपूर्ण होती है अप्रैल से जून के महीने में 4-5 दिनों के अंतराल पर लगातार सिंचाई करना आवश्यक होता है किस्म के आधार पर गेंदा 2 से 2.5 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं फ्रैंच गेंदे की किस्म 1.5 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाती है जबकि अफ्रीकी गेंदे की किस्म दो महीने में तैयार हो जाती है जब गेंदे का पूरा आकार विकसित हो जाये तब उसे तोड़ लें कटाई सुबह के समय और शाम के समय करें फूलों की तुड़ाई से पहले खेत को सिंचित करना चाहिए इससे फूलों की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहती है इसे आप अपनी नजदीकी फूल मंडी में बेच कर इसे अपनी आय का साधन बना सकते है

which month can be grown strawberry ?

(en)
Posted by
arvind (9781775444)
arvind
Punjab
Muktsar
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Posted Date (18 Apr 2019 12:02 AM) Assigned Date (-)
Answered Date (19 Apr 2019 10:55 PM) Translated Date (-)

Kya mai aap ko answer Punjabi mey likh k send kr skta hoo

Answered Date (02 May 2019 02:24 PM) Translated Date (-)

Strawberry runners are planted in october-november.

ਸਰ ਕੱਲ ਬਾਰਬਰੀ ਨਸਲ ਦੀ ਬੱਕਰੀ ਸੂਈ ਹੈ, ਦੋ ਫੀਮੈਲ ਬੱਚੇ ਦਿੱਤੇ ਹਨ ਜੀ । ਇੱਕ ਤਾਂ ਬਿਲਕੁਲ ਸਹੀ ਹੈ ਪਰ ਦੂਸਰਾ ਬੱਚਾ ਸਹੀ ਢੰਗ ਨਾਲ ਖੜਾ ਵੀ ਨਹੀਂ ਹੋ ਪਾ ਰਿਹਾ ਅਤੇ ਤੁਰਦਾ ਵੀ ਨਹੀਂ । ਕਮਜੋਰ ਜਾ ਹੈ ਬੱਚਾ । ਦੁੱਧ ਵੀ ਚੁੰਗਦਾ ਥੋੜਾ ਥੋੜਾ, ਕੀ ਕਾਰਨ ਹੈ ਅਤੇ ਕਿਵੇਂ ਠੀਕ ਹੋਵੇਗਾ। ਬਚ ਜਾਏਗਾ ਜਾਂ ਨਹੀ। ਕੋਈ ਇਲਾਜ ਦੱਸੋ ?

(pb)
  • 1
Posted by
ਜੱਸ (8146830038)
ਜੱਸ
Punjab
Fazilka
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Posted Date (17 Apr 2019 11:59 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (18 Apr 2019 06:23 PM) Translated Date (-)

ਤੁਸੀ ਵੀਰ ਜੀ ਇਹ ਆਡੀਓ ਸੁਣ ਲਓ

  • Moti ki kheti kaise kare ?

    (hn)
    Posted by
    Rajendra Patil (9673223277)
    Rajendra Patil
    Maharashtra
    Aurangabad
    Write Answer
    Posted Date (17 Apr 2019 11:49 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (18 Apr 2019 09:17 PM) Translated Date (-)

    अगर आप छोटे से इन्‍वेस्‍टमेंट से लाखों कमाना चाहते हैं तो आपके लिए मोती की खेती एक बेहतर विकल्‍प हो सकती है मोती की मांग इन दिनों घरेलू और अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में काफी अधिक है, इसलिए इसके अच्‍छे दाम भी मिल रहे हैं आप महज 2 लाख रुपए के इंन्‍वेस्‍ट से इससे करीब डेढ़ साल में इंटीग्रेटेड फार्मिंग करके 10-12 लाख रुपए यानी हर महीने 1लाख रुपए से अधिक की कमाई कर सकते हैं आइए आपको बताते हैं कि कैसे करें मोती की खेती से कमाई... कम लागत ज्यादा मुनाफा Pearl Farming बाजार में 1 मिमी से 20 मिमी सीप के मोती का दाम करीब 300 रूपये से लेकर 1500 रूपये होता है आजकल डिजायनर मोतियों को खासा पसन्द किया जा रहा है जिनकी बाजार में अच्छी कीमत मिलती है भारतीय बाजार की अपेक्षा विदेशी बाजार में मोतिओ का निर्यात कर काफी अच्छा पैसा कमाया जा सकता है तथा सीप से मोती निकाल लेने के बाद सीप को भी बाजार में बेंचा जा सकता है सीप द्वारा कई सजावटी सामान तैयार किये जाते है जैसे कि सिलिंग झूमर, आर्कषक झालर, गुलदस्ते आदि सीपों से नदीं और तालाबों के जल का शुद्धिकरण भी होता रहता है जिससे जल प्रदूषण की समस्या से काफी हद तक निपटा जा सकता है सूखा-अकाल की मार झेल रहे किसानों एवं बेरोजगार छात्र-छात्राओं को मीठे पानी में मोती संवर्धन के क्षेत्र में आगे आना चाहिए क्योंकि मोतीयों की मांग देश विदेश में बनी रहने के कारण इसके खेती का भविष्य उज्जवल प्रतीत होता है भारत के अनेक राज्यों के नवयुवकों ने मोती उत्पादन को एक पेशे के रूप में अपनाया है उत्तर प्रदेश ,मध्य प्रदेश,झारखण्ड एवं छत्तीसगढ़ राज्य में भी मोती उत्पादन की बेहतर संभावना है मोती संवर्द्धन से सम्बधित अधिक जानकारी के लिए Smt बमाेरिया 9584120929 (Bamoriya मोती फार्म एवं ट्रेनिंग सेंटर) से संपर्क किया जा सकता है यह संस्थान ग्रामीण नवयुवकों, किसानों एवं छात्र-छात्राओँ को मोती उत्पादन पर तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करता है मोती पालन एवं सहयोगी व्यवसाय से किसान भाई या व्यापारी भाई अपनी आय 10-12 गुना बड़ा सकते है . मोती पालन , मछली पालन और 20-25 व्यवसाय इसके साथ किये जा सकते है जो एक दुसरे के पूरक होते है मोती पालन से आय तो होती है साथ ही जल संरक्षण एवं वायु प्रदुषण भी काम किया जा सकता है मोती एक प्राकृतिक रत्न है जो सीप के अंदर पैदा होता है इसकी खेती भी की जाती है मोती की खेती मे ज्यादा खर्चा भी नहीं होता किसान ही नहीं बल्कि नौकरी पेसे वाले वे लोग भी कर सकते हैं जिनके पास मात्र सप्ताह के 2 दिन का समय ही उपलब्ध रहता है इस ग्रुप का उद्देश्य मोती की खेती को हर इच्छुक व्यक्ति तक पहुंचाना है मोतियों की खेती के प्रति लोगों के बढ़ते हुए उत्साह को देखते हुए हमने मोती की खेती की ट्रेनिंग क्लासेस शुरू की हैं यह ट्रेनिंग 1 दिन की होती है ,इस 1दिनों में सीप में डिज़ाइनर मोती और गोल मोती बनाने की विधि के बारे में पूरी जानकारी विस्तार से दी जाती है सीपों का पालन पोषण सीपों की सर्जरी आदि के बारे में विस्तार से बताया जाता है कृपया इच्छुक व्यक्ति प्रशिक्षण के लिए कम से कम 5 दिन पहले बताएं प्रशिक्षण में निम्नलिखित विषयों को विस्तार से समझाया जाता है, 1. सीपों के प्रकार 2. सीप के विभिन्न अंग 3. प्रयोग में लाए जाने वाले सभी प्रकार के इंस्ट्रुमेंट्स 4. मोतियों का बीज अर्थार्त बीड़ बनाने की विधि तथा उसके लिए प्रयोग में लाए जाने वाले पदार्थ की जानकारी 5. Designer bead तथा गोल बीड़ तैयार करना 6 डिजाइनर मोती तैयार करने की विधि 7. तालाब बनाने की विधि के बारे में 8. सीपों के लिए भोजन तैयार करने की विधि 9. Operation से पहले सीपों के रखरखाव के बारे में 10. ऑपरेशन करके गोल मोती तैयार करने की विधि 11. ऑपरेशन के पश्चात सीपों के रखरखाव के बारे में

    Answered Date (18 Apr 2019 06:23 AM) Translated Date (-)

    you tube Pr jakar dekh lo ek Gurugram ka engineer all ready kr raha hai.

    Pearl farming kaise ki jaati hai ?

    (hn)
    Posted by
    Tabrej Shah (7387073279)
    Tabrej Shah
    Uttar Pradesh
    Basti
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    Posted Date (17 Apr 2019 11:09 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (18 Apr 2019 09:17 PM) Translated Date (-)

    अगर आप छोटे से इन्‍वेस्‍टमेंट से लाखों कमाना चाहते हैं तो आपके लिए मोती की खेती एक बेहतर विकल्‍प हो सकती है मोती की मांग इन दिनों घरेलू और अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में काफी अधिक है, इसलिए इसके अच्‍छे दाम भी मिल रहे हैं आप महज 2 लाख रुपए के इंन्‍वेस्‍ट से इससे करीब डेढ़ साल में इंटीग्रेटेड फार्मिंग करके 10-12 लाख रुपए यानी हर महीने 1लाख रुपए से अधिक की कमाई कर सकते हैं आइए आपको बताते हैं कि कैसे करें मोती की खेती से कमाई... कम लागत ज्यादा मुनाफा Pearl Farming बाजार में 1 मिमी से 20 मिमी सीप के मोती का दाम करीब 300 रूपये से लेकर 1500 रूपये होता है आजकल डिजायनर मोतियों को खासा पसन्द किया जा रहा है जिनकी बाजार में अच्छी कीमत मिलती है भारतीय बाजार की अपेक्षा विदेशी बाजार में मोतिओ का निर्यात कर काफी अच्छा पैसा कमाया जा सकता है तथा सीप से मोती निकाल लेने के बाद सीप को भी बाजार में बेंचा जा सकता है सीप द्वारा कई सजावटी सामान तैयार किये जाते है जैसे कि सिलिंग झूमर, आर्कषक झालर, गुलदस्ते आदि सीपों से नदीं और तालाबों के जल का शुद्धिकरण भी होता रहता है जिससे जल प्रदूषण की समस्या से काफी हद तक निपटा जा सकता है सूखा-अकाल की मार झेल रहे किसानों एवं बेरोजगार छात्र-छात्राओं को मीठे पानी में मोती संवर्धन के क्षेत्र में आगे आना चाहिए क्योंकि मोतीयों की मांग देश विदेश में बनी रहने के कारण इसके खेती का भविष्य उज्जवल प्रतीत होता है भारत के अनेक राज्यों के नवयुवकों ने मोती उत्पादन को एक पेशे के रूप में अपनाया है उत्तर प्रदेश ,मध्य प्रदेश,झारखण्ड एवं छत्तीसगढ़ राज्य में भी मोती उत्पादन की बेहतर संभावना है मोती संवर्द्धन से सम्बधित अधिक जानकारी के लिए Smt बमाेरिया 9584120929 (Bamoriya मोती फार्म एवं ट्रेनिंग सेंटर) से संपर्क किया जा सकता है यह संस्थान ग्रामीण नवयुवकों, किसानों एवं छात्र-छात्राओँ को मोती उत्पादन पर तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करता है मोती पालन एवं सहयोगी व्यवसाय से किसान भाई या व्यापारी भाई अपनी आय 10-12 गुना बड़ा सकते है . मोती पालन , मछली पालन और 20-25 व्यवसाय इसके साथ किये जा सकते है जो एक दुसरे के पूरक होते है मोती पालन से आय तो होती है साथ ही जल संरक्षण एवं वायु प्रदुषण भी काम किया जा सकता है मोती एक प्राकृतिक रत्न है जो सीप के अंदर पैदा होता है इसकी खेती भी की जाती है मोती की खेती मे ज्यादा खर्चा भी नहीं होता किसान ही नहीं बल्कि नौकरी पेसे वाले वे लोग भी कर सकते हैं जिनके पास मात्र सप्ताह के 2 दिन का समय ही उपलब्ध रहता है इस ग्रुप का उद्देश्य मोती की खेती को हर इच्छुक व्यक्ति तक पहुंचाना है मोतियों की खेती के प्रति लोगों के बढ़ते हुए उत्साह को देखते हुए हमने मोती की खेती की ट्रेनिंग क्लासेस शुरू की हैं यह ट्रेनिंग 1 दिन की होती है ,इस 1दिनों में सीप में डिज़ाइनर मोती और गोल मोती बनाने की विधि के बारे में पूरी जानकारी विस्तार से दी जाती है सीपों का पालन पोषण सीपों की सर्जरी आदि के बारे में विस्तार से बताया जाता है कृपया इच्छुक व्यक्ति प्रशिक्षण के लिए कम से कम 5 दिन पहले बताएं प्रशिक्षण में निम्नलिखित विषयों को विस्तार से समझाया जाता है, 1. सीपों के प्रकार 2. सीप के विभिन्न अंग 3. प्रयोग में लाए जाने वाले सभी प्रकार के इंस्ट्रुमेंट्स 4. मोतियों का बीज अर्थार्त बीड़ बनाने की विधि तथा उसके लिए प्रयोग में लाए जाने वाले पदार्थ की जानकारी 5. Designer bead तथा गोल बीड़ तैयार करना 6 डिजाइनर मोती तैयार करने की विधि 7. तालाब बनाने की विधि के बारे में 8. सीपों के लिए भोजन तैयार करने की विधि 9. Operation से पहले सीपों के रखरखाव के बारे में 10. ऑपरेशन करके गोल मोती तैयार करने की विधि 11. ऑपरेशन के पश्चात सीपों के रखरखाव के बारे में

    बँदर बहुत नुकसान करते है, बँदरोँ को भगाने के लिए लँगूर कहाँ से खरीदेँ ?

    (hn)
    Posted by
    विशवेशवर सिंह (9816489267)
    विशवेशवर सिंह
    Himachal Pradesh
    Mandi
    Write Answer
    Posted Date (17 Apr 2019 10:39 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (18 Apr 2019 07:49 PM) Translated Date (-)

    विशवेशवर सिंह जी लंगूर खरीदना और बेचना कानूनी अपराध है और बंदरों से नुक्सान को बचाने के लिए आप Prem raj Saini 9719432296 से संपर्क कर सकते है इन्होंने एक जैविक खाद तैयार की हुई है

    Hydroponic farming ?

    (en)
    Posted by
    Prajakta (9673738645)
    Prajakta
    Maharashtra
    Pune
    Write Answer
    Posted Date (17 Apr 2019 10:34 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (23 Apr 2019 03:36 PM) Translated Date (-)

    Hydroponics is a subset of hydroculture, which is a method of growing plants without soil by using mineral nutrient solutions in a water solvent.The nutrients used in hydroponic systems can come from an array of different sources.to get more information about hydroponics you can contact to Somveer singh 9878733551.Thank you

    Pearl FARMING ?

    (en)
    Posted by
    Prajakta (9673738645)
    Prajakta
    Maharashtra
    Pune
    Write Answer
    Posted Date (17 Apr 2019 10:33 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (18 Apr 2019 09:18 PM) Translated Date (-)

    अगर आप छोटे से इन्‍वेस्‍टमेंट से लाखों कमाना चाहते हैं तो आपके लिए मोती की खेती एक बेहतर विकल्‍प हो सकती है मोती की मांग इन दिनों घरेलू और अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में काफी अधिक है, इसलिए इसके अच्‍छे दाम भी मिल रहे हैं आप महज 2 लाख रुपए के इंन्‍वेस्‍ट से इससे करीब डेढ़ साल में इंटीग्रेटेड फार्मिंग करके 10-12 लाख रुपए यानी हर महीने 1लाख रुपए से अधिक की कमाई कर सकते हैं आइए आपको बताते हैं कि कैसे करें मोती की खेती से कमाई... कम लागत ज्यादा मुनाफा Pearl Farming बाजार में 1 मिमी से 20 मिमी सीप के मोती का दाम करीब 300 रूपये से लेकर 1500 रूपये होता है आजकल डिजायनर मोतियों को खासा पसन्द किया जा रहा है जिनकी बाजार में अच्छी कीमत मिलती है भारतीय बाजार की अपेक्षा विदेशी बाजार में मोतिओ का निर्यात कर काफी अच्छा पैसा कमाया जा सकता है तथा सीप से मोती निकाल लेने के बाद सीप को भी बाजार में बेंचा जा सकता है सीप द्वारा कई सजावटी सामान तैयार किये जाते है जैसे कि सिलिंग झूमर, आर्कषक झालर, गुलदस्ते आदि सीपों से नदीं और तालाबों के जल का शुद्धिकरण भी होता रहता है जिससे जल प्रदूषण की समस्या से काफी हद तक निपटा जा सकता है सूखा-अकाल की मार झेल रहे किसानों एवं बेरोजगार छात्र-छात्राओं को मीठे पानी में मोती संवर्धन के क्षेत्र में आगे आना चाहिए क्योंकि मोतीयों की मांग देश विदेश में बनी रहने के कारण इसके खेती का भविष्य उज्जवल प्रतीत होता है भारत के अनेक राज्यों के नवयुवकों ने मोती उत्पादन को एक पेशे के रूप में अपनाया है उत्तर प्रदेश ,मध्य प्रदेश,झारखण्ड एवं छत्तीसगढ़ राज्य में भी मोती उत्पादन की बेहतर संभावना है मोती संवर्द्धन से सम्बधित अधिक जानकारी के लिए Smt बमाेरिया 9584120929 (Bamoriya मोती फार्म एवं ट्रेनिंग सेंटर) से संपर्क किया जा सकता है यह संस्थान ग्रामीण नवयुवकों, किसानों एवं छात्र-छात्राओँ को मोती उत्पादन पर तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करता है मोती पालन एवं सहयोगी व्यवसाय से किसान भाई या व्यापारी भाई अपनी आय 10-12 गुना बड़ा सकते है . मोती पालन , मछली पालन और 20-25 व्यवसाय इसके साथ किये जा सकते है जो एक दुसरे के पूरक होते है मोती पालन से आय तो होती है साथ ही जल संरक्षण एवं वायु प्रदुषण भी काम किया जा सकता है मोती एक प्राकृतिक रत्न है जो सीप के अंदर पैदा होता है इसकी खेती भी की जाती है मोती की खेती मे ज्यादा खर्चा भी नहीं होता किसान ही नहीं बल्कि नौकरी पेसे वाले वे लोग भी कर सकते हैं जिनके पास मात्र सप्ताह के 2 दिन का समय ही उपलब्ध रहता है इस ग्रुप का उद्देश्य मोती की खेती को हर इच्छुक व्यक्ति तक पहुंचाना है मोतियों की खेती के प्रति लोगों के बढ़ते हुए उत्साह को देखते हुए हमने मोती की खेती की ट्रेनिंग क्लासेस शुरू की हैं यह ट्रेनिंग 1 दिन की होती है ,इस 1दिनों में सीप में डिज़ाइनर मोती और गोल मोती बनाने की विधि के बारे में पूरी जानकारी विस्तार से दी जाती है सीपों का पालन पोषण सीपों की सर्जरी आदि के बारे में विस्तार से बताया जाता है कृपया इच्छुक व्यक्ति प्रशिक्षण के लिए कम से कम 5 दिन पहले बताएं प्रशिक्षण में निम्नलिखित विषयों को विस्तार से समझाया जाता है, 1. सीपों के प्रकार 2. सीप के विभिन्न अंग 3. प्रयोग में लाए जाने वाले सभी प्रकार के इंस्ट्रुमेंट्स 4. मोतियों का बीज अर्थार्त बीड़ बनाने की विधि तथा उसके लिए प्रयोग में लाए जाने वाले पदार्थ की जानकारी 5. Designer bead तथा गोल बीड़ तैयार करना 6 डिजाइनर मोती तैयार करने की विधि 7. तालाब बनाने की विधि के बारे में 8. सीपों के लिए भोजन तैयार करने की विधि 9. Operation से पहले सीपों के रखरखाव के बारे में 10. ऑपरेशन करके गोल मोती तैयार करने की विधि 11. ऑपरेशन के पश्चात सीपों के रखरखाव के बारे में

    Sir rice mein kitna irrigation hota hai ?

    (hn)
    Posted by
    Royal hussain (6202054266)
    Royal hussain
    Punjab
    Ludhiana
    Write Answer
    Posted Date (17 Apr 2019 10:27 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (30 Apr 2019 12:53 PM) Translated Date (-)

    पनीरी लगाने के बाद खेत में दो सप्ताह तक अच्छी तरह पानी खड़ा रहने देना चाहिए जब सारा पानी सूख जाए तो उसके दो दिन बाद फिर से पानी लगाना चाहिए खड़े पानी की गहराई 10 सै.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए खेत में से बूटी और नदीनों को निकालने से पहले खेत में से सारा पानी निकाल देना चाहिए ओर इस प्रक्रिया के पूरे होने के बाद खेत की फिर से सिंचाई करनी चाहिए पकने से 15 दिन पहले सिंचाई करनी बंद करनी चाहिए ताकि फसल को आसानी से काटा जा सके

    Genda phool ki kheti bare btaye ?

    (hn)
    Posted by
    neeraj raina (7051429885)
    neeraj raina
    Jammu & Kashmir
    Jammu
    Write Answer
    Posted Date (17 Apr 2019 10:26 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (25 Apr 2019 01:57 PM) Translated Date (-)

    आप गेंदे की खेती करना चाहते है से मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है मिट्टी अच्छे निकास वाली होनी चाहिए क्योंकि यह फसल जल जमाव वाली मिट्टी में स्थिर नहीं रह सकती मिट्टी की pH 6.5 से 7.5 होनी चाहिए तेजाबी और खारी मिट्टी इसकी खेती के लिए अनुकूल नहीं है फ्रैंच गेंदे की किस्म हल्की मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है जबकि अफ्रीकी गेंदे की किस्म उच्च जैविक खाद वाली मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है प्रसिद्ध किस्में :- African Marigold: इस किस्म की फसल 90 सैं.मी. तक लम्बी होती है इसके फूल बड़े आकार के और लैमन, पीले, सुनहरे, संतरी और गहरे पीले रंग के होते हैं यह लम्बे समय की किस्म है इसकी अन्य किस्में जैसे Giant Double African Orange, Crown of Gold, Giant Double African Yellow, Chrysanthemum Charm, Golden Age, Cracker Jack आदि हैं French Marigold: यह छोटे कद की जल्दी पकने वाली किस्में हैं इसके फूल छोटे आकार के और पीले, संतरी, सुनहरे पीले, लाल जंग और महोगनी रंग के होते हैं इसकी अन्य किस्में जैसे Rusty Red, Butter Scotch, Red Borcade, Star of India, Lemon drop आदि हैं Pusa Basanti Gainda: यह लम्बे समय की किस्म है इसका पौधा 58.80 सैं.मी. लम्बा और गहरे हरे रंग के पत्ते होते हैं इसके फूल सल्फर पीले, दोहरे और कारनेशन किस्म के होते हैं Pusa Narangi Gainda: फूल निकलने के लिए 125-136 दिनों की आवश्यकता होती है इसका पौधा लम्बा और कद में 73.30 सैं.मी. का होता है और पत्ते गहरे हरे रंग के होते हैं इसके फूल संतरी रंग के और कारनेशन किस्म के होते हैं फूल घने और दोहरी परत वाले होते हैं इसके ताजे फूलों की पैदावार 140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने के लिए आखिरी जोताई के समय 250 क्विंटल रूड़ी की खाद और अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर मिट्टी में मिलायें गेंदे की बिजाई एक वर्ष में कभी भी की जा सकती है बारिश के मौसम में इसकी बिजाई मध्य जून से मध्य जुलाई में करें सर्दियों में इसकी बिजाई मध्य सितंबर से मध्य अक्तूबर में पूरी कर लें नर्सरी बैड 3x1 मीटर आकार के तैयार करें गाय का गला हुआ गोबर मिलायें बैडों में नमी बनाए रखने के लिए पानी दें सूखे फूलों का चूरा करें और उनका कतार या बैड पर छिड़काव करें जब पौधों का कद 10-15 सैं.मी. हो जाये, तब वे रोपाई के लिए तैयार होते हैं फैंच किस्म को 35x35 सैं.मी. और अफ्रीकी किस्म को 45x45 सैं.मी. के फासले पर रोपाई करें नर्सरी बैड पर बीजों का छिड़काव करें बिजाई के लिए पनीरी ढंग का प्रयोग किया जाता है एक एकड़ खेत के लिए 600 से 800 ग्राम बीजों की आवश्यकता होती है जब फसल 30-45 दिन की हो जाए, तब पौधे के सिरे से उसे काट दें इससे पौधे को झाड़ीदार और घना होने में मदद मिलती है, इससे फूलों की गुणवत्ता और अच्छा आकार भी प्राप्त होता है बिजाई से पहले बीजों को एजोसपीरियम 200 ग्राम को 50 मि.ली. धान के चूरे में मिलाकर उपचार करें शुरूआती खुराक के तौर पर अच्छी वृद्धि के लिए नाइट्रोजन 32 किलो (यूरिया 70 किलो), फासफोरस 16 किलो (एस एस पी 100 किलो), पोटाश 32 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 53 किलो) प्रति एकड़ में डालें मिट्टी की किस्म के अनुसार खाद की खुराक बदल दें सही खुराक देने के लिए मिट्टी की जांच करवायें और उसके आधार पर खुराक दें नदीनों की संख्या के आधार पर गोडाई करें खेत में रोपाई के बाद तुरंत सिंचाई करें कली बनने से लेकर कटाई तक की अवस्था सिंचाई के लिए बहुत महत्तवपूर्ण होती है अप्रैल से जून के महीने में 4-5 दिनों के अंतराल पर लगातार सिंचाई करना आवश्यक होता है किस्म के आधार पर गेंदा 2 से 2.5 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं फ्रैंच गेंदे की किस्म 1.5 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाती है जबकि अफ्रीकी गेंदे की किस्म दो महीने में तैयार हो जाती है जब गेंदे का पूरा आकार विकसित हो जाये तब उसे तोड़ लें कटाई सुबह के समय और शाम के समय करें फूलों की तुड़ाई से पहले खेत को सिंचित करना चाहिए इससे फूलों की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहती है इसे आप अपनी नजदीकी फूल मंडी में बेच कर इसे अपनी आय का साधन बना सकते है

    Sir ki asi barish jo ajj hoi hai us di gil vich narma beej sakde hai ja phir rauni karni pavo baris kafi c pls answer jaldi deo je

    (pb)
    Posted by
    Raman deep singh (9988617190)
    Raman deep singh
    Punjab
    Fazilka
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    Posted Date (17 Apr 2019 09:49 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (23 Apr 2019 01:22 PM) Translated Date (-)

    jekar nami jyada hai ta tuhanu rauni karn di lod nahi hai.dhanwad

    Best ROI short time medicinal crops + market to sell @ kounsa best medicinal plants hai To cultivate in chickmagalur karnataka ?

    (en)
    Posted by
    Dinesh Bohra (9448426144)
    Dinesh Bohra
    Karnataka
    Chikmagalur
    Write Answer
    Posted Date (17 Apr 2019 09:41 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (23 Apr 2019 01:51 PM) Translated Date (-)

    Dinesh ji you can contact to Vivesh Sharma 9826556880 . Grow Further. they deal with Safed Musli, Ashwagandha, Garlic, Ginger, Stevia, AloeVera, Jatropha Plant.thank you

    Answered Date (23 Apr 2019 03:31 PM) Translated Date (-)

    Ok thank you

    From where can I buy GLORIOSA SUPERBA SEEDS ?

    (en)
    • 1
    Posted by
    Dinesh Bohra (9448426144)
    Dinesh Bohra
    Karnataka
    Chikmagalur
    Write Answer
    Posted Date (17 Apr 2019 09:40 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (25 Apr 2019 01:58 PM) Translated Date (-)

    you can buy it online. to buy this click on the link https://www.indiamart.com/proddetail/gloriosa-superba-seeds-14826182112.html

    Medicinal crop buyers ki list Kaha milegi ?

    (en)
    Posted by
    Dinesh Bohra (9448426144)
    Dinesh Bohra
    Karnataka
    Chikmagalur
    Write Answer
    Posted Date (17 Apr 2019 09:39 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (23 Apr 2019 01:20 PM) Translated Date (-)

    Dinesh ji kripya aap btaye ke aap konse medicinal plant ki jankari dena chahte hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

    Answered Date (03 May 2019 10:32 PM) Translated Date (-)

    Curcuma caesia / kali haldi

    If I grow black turmeric on commercial basis @ 8 acre land !! Can I may get market to sell ?

    (en)
    • 3
    Posted by
    Dinesh Bohra (9448426144)
    Dinesh Bohra
    Karnataka
    Chikmagalur
    Write Answer
    Posted Date (17 Apr 2019 09:34 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (23 Apr 2019 01:38 PM) Translated Date (-)

    Dinesh ji you can check this video for black turmeric :- https://www.youtube.com/watch?v=eTihyWOq6LM here you can get the information about black turmeric.

    kanak to baad je flowers laune hon ta kehde la sakde hai ?

    (pb)
    Posted by
    Karanveer Singh (7814084896)
    Karanveer Singh
    Punjab
    Faridkot
    Write Answer
    Posted Date (17 Apr 2019 09:31 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (19 Apr 2019 02:36 PM) Translated Date (-)

    Karanveer Singh ji kanak to baad tusi marigold flower lga sakde ho ji.

    Answered Date (19 Apr 2019 06:09 PM) Translated Date (-)

    ਗੇਂਦੇ ਦੀ ਕਾਸ਼ਤ ਕਰ ਸਕਦੇ ਓ

    Barish karan fasala vich kina nuksan ho sakda hai ?

    (en)
    Posted by
    Jobandeep singh (8847389842)
    Jobandeep singh
    Punjab
    Muktsar
    Write Answer
    Posted Date (17 Apr 2019 09:28 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (18 Apr 2019 10:08 AM) Translated Date (-)

    Jekar barish bahut jyada hoyi hai and knak digg gyi hai ja frr gademarri hoyi jai tn fasal da nuksan ho skda hai g. jekar thodi bahut barish hai tn koi nuksan nhi.

    18 Apr 2019

    shi veer

    Answered Date (19 Apr 2019 06:11 PM) Translated Date (-)

    ਜੇਕਰ ਕਣਕ ਦੀ ਫਸਲ ਹਰੀ ਡਿੱਗੀ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਨੁਕਸਾਨ ਹੋ ਸਕਦਾ ਜੇਕਰ ਦਾਣਾ ਝੱਲਿਆ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਕੋਈ ਖ਼ਾਸ ਫਰਕ ਨਹੀਂ ਪਵੇਗਾ

    Bonsai kese lgaye ?

    (hn)
    Posted by
    sagir (7018279896)
    sagir
    Himachal Pradesh
    Bilaspur
    Write Answer
    Posted Date (17 Apr 2019 09:23 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (23 Apr 2019 01:43 PM) Translated Date (-)

    Sagir ji bonsai kaise banta hai iske liye aap yeh video ka link dekh sakte hai.https://www.youtube.com/watch v=IpCgO1frHbM

    ਇਸ ਸਮੇਂ ਗਮਲਿਆਂ ਵਿਚ ਕਿਹੜੇ ਫੁੱਲਾਂ ਦੇ ਬੂਟੇ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਜੀ ?

    (pb)
    Posted by
    kulvinder (9780800015)
    kulvinder
    Punjab
    Ludhiana
    Write Answer
    Posted Date (17 Apr 2019 09:15 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (19 Apr 2019 11:07 PM) Translated Date (-)

    ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਵਧੇਰੇ ਗਰਮੀ ਪੈਣ ਕਾਰਨ ਘਰ ਬਗੀਚੀ ਦੀ ਸਜਾਵਟ ਚੋਣਵੇਂ ਮੌਸਮੀ ਫੁੱਲਾਂ ਨਾਲ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ। ਮੌਸਮੀ ਫੁੱਲ ਜਿਵੇਂ ਕਿ ਜ਼ੀਨੀਆ, ਕੋਚੀਆ, ਗੌਮਫਰੀਨਾ, ਦੁਪਹਿਰਖਿੜੀ, ਸੂਰਜਮੁਖੀ, ਗਲਾਰਡੀਆ, ਕੁੱਕੜ-ਕਲਗੀ ਆਦਿ ਫੁੱਲਾਂ ਨਾਲ ਘਰ ਬਗੀਚੀ ਨੂੰ ਅੱਤ ਦੀ ਗਰਮੀ ਵਿਚ ਵੀ ਸਜਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ। ਗਰਮੀ ਰੁੱਤ ਦੇ ਮੌਸਮੀ ਫੁੱਲ ਲਗਾਉਣ ਲਈ ਫੁੱਲਾਂ ਦੇ ਰੰਗ, ਕੱਦ, ਲਗਾਉਣ ਦੀ ਜਗ੍ਹਾ (ਗਮਲਾ ਜਾਂ ਕਿਆਰੀ) ਦੀ ਸਹੀ ਚੋਣ ਕਰਕੇ ਅਸੀਂ ਗਰਮੀ ਰੁੱਤ ਵਿਚ ਆਪਣੇ ਘਰ ਨੂੰ ਹਰਿਆ-ਭਰਿਆ ਅਤੇ ਤਾਜ਼ਗੀ ਭਰਿਆ ਰੱਖ ਸਕਦੇ ਹਾਂ। ਇਨ੍ਹਾਂ ਫੁੱਲਾਂ ਦੀ ਸਾਂਭ-ਸੰਭਾਲ ਕਰਨ ਲਈ ਕੁਝ ਨੁਕਤਿਆਂ ਦਾ ਧਿਆਨ ਵਿਚ ਰੱਖਣਾ ਬਹੁਤ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ। * ਮੌਸਮੀ ਫੁੱਲਾਂ ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਦਾ ਢੰਗ : ਮੌਸਮੀ ਫੁੱਲਾਂ ਦੇ ਬੀਜ ਤੋਂ ਪਨੀਰੀ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਹੀ ਗਮਲਿਆਂ ਜਾਂ ਕਿਆਰੀਆਂ ਵਿਚ ਲਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ। ਫੁੱਲਾਂ ਦੇ ਬੀਜ ਨੂੰ ਨਰਸਰੀ ਦੀਆਂ ਕਿਆਰੀਆਂ (ਬੈੱਡ) ਉੱਪਰ ਕੇਰ ਕੇ ਪਨੀਰੀ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ। ਨਰਸਰੀ ਬੈੱਡ, ਰੇਤਲੀ ਮਿੱਟੀ ਅਤੇ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਦੇ ਮਿਸ਼ਰਣ ਨਾਲ ਧਰਤੀ ਤੋਂ 15-20 ਸੈਂ. ਮੀ. ਉੱਚਾ ਰੱਖ ਕੇ ਬਣਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਬੈੱਡ ਦੀ ਸਤਿਹ ਜਿੰਨੀ ਨਰਮ ਅਤੇ ਇਕਸਾਰ ਹੋਵੇਗੀ, ਬੀਜ ਓਨਾ ਹੀ ਵਧੇਰੇ ਜੰਮਦਾ ਹੈ। ਸਮੇਂ-ਸਮੇਂ 'ਤੇ ਫੁਹਾਰੇ ਨਾਲ ਹਲਕਾ ਪਾਣੀ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਜੋ ਬੀਜ ਦੇ ਫੁਟਾਰੇ ਅਤੇ ਵਾਧੇ ਵਿਚ ਨਮੀ ਦੀ ਘਾਟ ਨਾ ਰਹੇ। ਤਕਰੀਬਨ 25-30 ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ 4-5 ਸੈਂ. ਮੀ. ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਗਮਲਿਆਂ ਅਤੇ ਕਿਆਰੀਆਂ ਵਿਚ ਲਗਾਉਣ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ। * ਕਿਆਰੀਆਂ/ਗਮਲਿਆਂ ਦੀ ਤਿਆਰੀ : ਬੀਜ ਬੀਜਣ ਉਪਰੰਤ ਕਿਆਰੀਆਂ ਅਤੇ ਗਮਲਿਆਂ ਵਿਚ ਵਰਤੀ ਜਾਣ ਵਾਲੀ ਮਿੱਟੀ ਨੂੰ ਡੂੰਘਾ ਗੁੱਡ ਕੇ ਲਗਭਗ ਦੋ ਹਫਤੇ ਚੰਗੀ ਧੁੱਪ ਲਗਵਾਉਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਜੋ ਮਿੱਟੀ ਵਿਚ ਉੱਲੀ, ਹਾਨੀਕਾਰਕ ਕੀਟ ਆਦਿ ਦਾ ਖਾਤਮਾ ਹੋ ਸਕੇ। ਪ੍ਰਤੀ ਵਰਗ ਮੀਟਰ ਵਿਚ 5 ਕਿਲੋ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ, 45 ਗ੍ਰਾਮ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ, 30 ਗ੍ਰਾਮ ਪੋਟਾਸ਼ (ਐਮ. ਓ. ਪੀ.) ਜ਼ਮੀਨ ਦੀ ਉੱਪਰਲੀ (10-15 ਸੈ. ਮੀ.) ਸਤਹਿ ਵਿਚ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਰਲਾਓ। ਪਨੀਰੀ ਲਗਾਉਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਹਲਕਾ ਪਾਣੀ ਲਗਾਉਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ। ਮੌਸਮੀ ਫੁੱਲਾਂ ਦੀ ਪਨੀਰੀ 8-10 ਇੰਚ ਦੇ ਗਮਲਿਆਂ ਵਿਚ ਵਧੇਰੇ ਵਧਦੀ-ਫੁਲਦੀ ਹੈ। ਗਮਲਿਆਂ ਵਿਚ ਦੋ ਹਿੱਸੇ ਮਿੱਟੀ ਅਤੇ ਇਕ ਹਿੱਸਾ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਦਾ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਰਲਾਇਆ ਹੋਇਆ ਮਿਸ਼ਰਣ ਗਮਲਿਆਂ ਵਿਚ ਭਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ। ਬੂਟਿਆਂ ਦੀ ਸਾਂਭ-ਸੰਭਾਲ : ਕਿਆਰੀਆਂ ਵਿਚ ਬੂਟਿਆਂ ਦਾ ਫਾਸਲਾ ਘੱਟੋ-ਘੱਟ ਇਕ ਫੁੱਟ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ। 8-10 ਇੰਚ ਦੇ ਗਮਲਿਆਂ ਵਿਚ ਭਰਵਾਂ ਫੁੱਲ ਲੈਣ ਲਈ ਜ਼ੀਨੀਆ ਦੇ ਤਿੰਨ-ਚਾਰ ਬੂਟੇ ਲਗਾਏ ਜਾ ਸਕਦੇ ਹਨ। ਫੁੱਲ ਆਉਣ 'ਤੇ ਗਮਲਿਆਂ ਦੁਆਲੇ ਚਾਰ-ਪੰਜ ਸੋਟੀਆਂ ਲਗਾ ਕੇ ਬੂਟਿਆਂ ਨੂੰ ਸਹਾਰਾ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ। ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ ਹੀ ਪਾਣੀ ਪਾਉਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਜੋ ਮਿੱਟੀ ਵਿਚ ਪਾਣੀ ਅਤੇ ਹਵਾ ਦਾ ਸਹੀ ਅਨੁਪਾਤ ਬਣਿਆ ਰਹੇ। ਗਰਮੀ ਰੁੱਤ ਦੌਰਾਨ ਗਮਲਿਆਂ ਵਿਚ ਲੱਗੇ ਮੌਸਮੀ ਫੁੱਲਾਂ ਨੂੰ ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ ਹੀ ਤਕਰੀਬਨ ਹਰ ਤੀਸਰੇ ਦਿਨ ਅਤੇ ਕਿਆਰੀਆਂ ਵਿਚ ਲੱਗੇ ਬੂਟਿਆਂ ਨੂੰ ਖੁੱਲ੍ਹਾ ਪਾਣੀ ਲਗਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਹਰ ਚੌਥੇ ਦਿਨ ਹੀ ਪਾਣੀ ਲਗਾਉਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ। ਜ਼ਮੀਨ ਵੱਤਰ ਆਉਣ ਉਪਰੰਤ ਸਮੇਂ-ਸਮੇਂ 'ਤੇ ਗੋਡੀ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ। ਮੌਸਮੀ ਫੁੱਲ ਜਿਵੇਂ ਜ਼ੀਨੀਆ ਅਤੇ ਗੌਮਫਰੀਨਾ ਦੀ ਪਿੰਚੀਂਗ (ਉੱਪਰੀ ਵਾਅਦਾ ਤੋੜਨਾ) ਕਰਨ ਨਾਲ ਬੂਟਾ ਵਧੇਰੇ ਫੈਲਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਭਰਵਾਂ ਫੁੱਲ ਦਿੰਦਾ ਹੈ। ਫੁੱਲ ਆਉਣ ਉਪਰੰਤ ਗਮਲਿਆਂ ਨੂੰ ਘਰ ਦੇ ਵਿਹੜੇ ਜਾਂ ਘੱਟ ਧੁੱਪ ਵਾਲੀ ਥਾਂ 'ਤੇ ਵੀ ਸਜਾਵਟ ਲਈ ਰੱਖੇ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ। ਇਨ੍ਹਾਂ ਮੌਸਮੀ ਫੁੱਲਾਂ ਦਾ ਸਮੇਂ-ਸਮੇਂ 'ਤੇ ਨਿਰੀਖਣ ਕਰਦੇ ਰਹਿਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਜੋ ਇਨ੍ਹਾਂ ਉੱਪਰ ਕੀਟ-ਪਤੰਗੇ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਤੋਂ ਬਚਾਅ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕੇ। ਗਰਮੀ ਰੁੱਤ ਵਿਚ ਇਹ ਮੌਸਮੀ ਫੁੱਲ ਘਰ ਦੀ ਬਗੀਚੀ ਦੀ ਸਜਾਵਟ ਵਿਚ ਵਧੇਰੇ ਯੋਗਦਾਨ ਪਾਉਂਦੇ ਹਨ। ਜਗ੍ਹਾ ਦੀ ਸਹੀ ਵਿਉਂਤਬੰਦੀ ਅਤੇ ਸਹੀ ਫੁੱਲਾਂ ਦੀ ਚੋਣ ਕਰਕੇ ਅਸੀਂ ਚੰਗੇ ਢੰਗ ਨਾਲ ਭੂਮੀ ਦੀ ਸਜਾਵਟ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਾਂ।

    19 Apr 2019

    thanks

    Pioneer 27p37 paddy Bare jankari deo ?

    (en)
    Posted by
    yadvinder singh (9996771901)
    yadvinder singh
    Punjab
    Patiala
    Write Answer
    Posted Date (17 Apr 2019 09:10 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (22 Apr 2019 11:22 AM) Translated Date (-)

    27P31 jhone di hybrid kisam hai jo ki private company dwaara teyar kiti gyi hai. isda jhaad 27-28 quintal prati acre hunda hai. eh 130-135 din laindi hai pakkan layi.

    Rajasthan me kisan mela kab or Kaha par lagega kripya btaye ?

    (hn)
    Posted by
    satish kumar singh (6375018402)
    satish kumar singh
    Rajasthan
    Pali
    Write Answer
    Posted Date (17 Apr 2019 09:09 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (27 Apr 2019 03:31 PM) Translated Date (-)

    Satish ji abhi koi bhi kisan mele ki koi jankari nahi aayi hai jaise hi koi jankari milti hai to aapko iske bare men poori jankari de di jayegi.dhanywad.

    डाळिब ?

    (hn)
    Posted by
    महेश जेजूरकर (7709753474)
    महेश जेजूरकर
    Maharashtra
    Ahmadnagar
    Write Answer
    Posted Date (17 Apr 2019 08:55 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (03 Jun 2019 06:07 PM) Translated Date (-)

    महेश जेजूरकर जी कृपया अपना सवाल विस्तार से पूछें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके धन्यवाद

    ਸਰ ਜੀ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੇ ਮੈਟ ਦੀ ਕੀਮਤ ਤੇ ਸਾਇਜ ਦੱਸਣਾ ?

    (en)
    Posted by
    Mandeep Singh (9464713080)
    Mandeep Singh
    Punjab
    Jalandhar
    Write Answer
    Posted Date (17 Apr 2019 08:54 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (18 Apr 2019 08:10 AM) Translated Date (-)

    8 ਫੁੱਟ ਲੰਬੇ ਤੇ 5 ਫੁੱਟ ਚੌੜੇ ਮੈਟ ਦੀ ਕੀਮਤ ਅੰਦਾਜ਼ਨ 1400/- ਤੱਕ ਹੁੰਦੀ ਹੈ

    सरसों की तूड़ी अच्छे भाव से कहाँ कहाँ बेची जा सकती हैं।सभी भाई अपने अपने शहर का भाव बताए ?

    (hn)
    Posted by
    Nagesh sharma (9977508515)
    Nagesh sharma
    Madhya Pradesh
    Morena
    Write Answer
    Posted Date (17 Apr 2019 08:51 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (04 Mar 2020 05:29 PM) Translated Date (-)

    Nagesh sharma ji turri bechne ke lia aap hamri Apni kheti Buy/sell App pe apni free Ads post kar sakte jis bhee farmer ko chahia hogi sida aap ke no. par samparak kar sakta hai, Thankyou.

    पशु को दिया जाने वाला आचार कैसे बनाया जाये ?

    (hn)
    Posted by
    Amit mishra (6393230816)
    Amit mishra
    Uttar Pradesh
    Faizabad
    Write Answer
    Posted Date (17 Apr 2019 08:48 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (18 Apr 2019 03:02 PM) Translated Date (-)

    आचार तैयार करने के गड्ढा - गड्ढे का आकार, पशुओं की गिणती, हरे चारे की मिकदार और उसे जितने समय के लिए चारना है पर निर्भर करता है आमतौर पर एक घन मीटर स्थान पर 5-6 क्विंटल कटा हुआ हरा चारा संभाला जा सकता है 10 मीटर लंबा, 3 मीटर चौड़ा और 1.5 मीटर गहरा गड्ढा 350-400 क्विंटल हरा चारा संभालने की क्षमता रखता है गड्ढे की लंबाई, चौड़ाई पशुओं की गिणती और उनकी जरूरतों के अनुसार कम ज्यादा हो सकती है परंतु गहराई हमेशा 1.5 से 2 मीटर होनी चाहिए गड्ढा पशुओं के ढारे के नज़दीक ऊंचे स्थान पर बनाना चाहिए यह पक्का और सीमेंट से पलस्तर किया होना चाहिए आचार बनाने के ढंग • काटी हुई फसल का 5 से 8 सैं.मी. के हिसाब से कुतरा कर ले और इसे गड्ढे में भर दें • गड्ढे में कुतर कर डाले गए चारे को ट्रैक्टर या बैलों की सहायता से अच्छी तरह दबा दें और इसे ज़मीन की सतह से एक मीटर ऊंचा रखें बढ़िया आचार तैयार करने के लिए ज़रूरी है कि आधे मीटर की चारे की तह को अच्छी तरह दबाया जाये • इसे ऊपर से कड़ब या तूड़ी की 10-15 सैं.मी. मोटी तह से ढक दें फिर इसके ऊपर मिट्टी डालकर लीप दें यह ध्यान रखें कि गड्ढा पूरी तरह से बंद हो • इस काम के लिए दबे हुए चारे के ऊपर प्लास्टिक की चादन बिछाकर इसके किनारे गोबर वाल मिट्टी से भी बंद किए जा सकते हैं • इसकी पूरी निगरानी रखें कि चारे के लेप के ऊपर कोई छेद या दरार ना आये यदि ऐसा हो जाये तो इसे जल्दी बंद कर दें आचार 45 दिनों तक तैयार हो जायेगा • प्रयोग करते समय आचार के गड्ढे को एक ओर से खोलें हर रोज़ के प्रयोग अनुसार चारा निकालकर बाकी रहता चारा अच्छी तरह बंद कर दें इस तरह चारा ज्यादा देर तक ठीक रहेगा पशुओं को आचार खिलाना - हो सकता है पशु पहले कुछ दिन आचार पसंद ना करें इसलिए पहले 5-6 दिन 5-10 किलो आचार हरे चारे में मिलाकर उन्हें डालें बाद में हर पशु को 20-30 किलो आचार रोजाना दूसरे चारों के साथ मिला दिया जा सकता है

    Mene lal wali lahsun ki kheti ki ab lahsun nikal diya kripya iska market Kya rate hai or holsale markit kaha par hai ?

    (hn)
    Posted by
    satish kumar singh (6375018402)
    satish kumar singh
    Rajasthan
    Pali
    Write Answer
    Posted Date (17 Apr 2019 08:45 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (18 Jul 2019 09:34 AM) Translated Date (-)

    Satish kumar ji namsakar , jab bhi aap koi kheti karte ho to uske market ke bare me pehle pata karna chahiye ji. Lal wali lahsun bhi aapko direct marketing karni padegi. aap social media ki hele se customer search kar sakte ho local mandi me sale kar sakte ho ji.

    Best hybrid paddy variety ?

    (en)
    Posted by
    yadvinder singh (9996771901)
    yadvinder singh
    Punjab
    Patiala
    Write Answer
    Posted Date (17 Apr 2019 08:40 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (25 Apr 2019 03:37 PM) Translated Date (-)

    yadwinder ji hybrid varieties like 27P31,Sava 127, 200,134,6129,hybrid 432 . you can sow any of them.

    केसर की खेती की पूरी जानकारी दे।क्या मुरैना जिले में भी हो सकती हैं ?

    (hn)
    Posted by
    Nagesh sharma (9977508515)
    Nagesh sharma
    Madhya Pradesh
    Morena
    Write Answer
    Posted Date (17 Apr 2019 08:37 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (19 Apr 2019 11:09 PM) Translated Date (-)

    Kesar ki kheti sirf Kashmir k thndey area mey hoti hai Kesar ki Kheti MP mey Nahi ho skti Kujh log saffola k seed ko kesar ka seed btaa kr kisaan k saath fraud kr rahe hai Kirpya bch k rehna aise fraud logo sey

    I went to started spirulina farming but I dont spirulina marketing place please help me ?

    (en)
    Posted by
    somya (9609990297)
    somya
    West Bengal
    Purba Medinipur
    Write Answer
    Posted Date (17 Apr 2019 08:36 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (27 Apr 2019 03:38 PM) Translated Date (-)

    Somya ji you can contact to maharashtra pearl farming and training centre 9273597597 and you can also contact to 9413538145 Raj kumar . they will give you information and about marketing. Thank you

    Sir moongi 20 din di hogi koi spray karni pavegi puri jankari deo ?

    (en)
    Posted by
    yadvinder singh (9996771901)
    yadvinder singh
    Punjab
    Patiala
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    Posted Date (17 Apr 2019 08:28 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (18 Apr 2019 10:06 AM) Translated Date (-)

    Yadwinder singh g jekar koi soondi ja disease da attack haiga tn ess vich spray kro. Khet da continue sarvekhan krde rho g. jekar koi disease nazar aoundi hai tn oss de hisab nal spray kr skde ho g..

    ਕਿਸੇ ਕਿਸਾਨ ਭਰਾ ਕੋਲ ਬਾਸਮਤੀ 1718 ਦਾ ਬੀਜ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਜਵਾਬ ਜਰੂਰ ਦਿਓ ਜੀ ?

    (en)
    Posted by
    kuldeep kumar (9592763078)
    kuldeep kumar
    Punjab
    Ferozpur
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    Posted Date (17 Apr 2019 08:25 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (19 Apr 2019 05:53 PM) Translated Date (-)

    ਕੁਲਦੀਪ ਜੀ ਤੁਸੀ ਟਿਵਾਣਾ ਸੀਡ ਸਟੋਰ ਨਾਲ 9646672204 ਨੰਬਰ ਤੇ ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ ਇਹਨਾਂ ਤੋਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਮਿਲ ਸਕਦਾ ਹੈ ਜੀ

    sir ji pehle suve cow sui a 3 dun hogye than boht patla te chota a dudh Chon vich aukha ki Kita jave

    (pb)
    Posted by
    chhina saab (9815467444)
    chhina saab
    Punjab
    Gurdaspur
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    Posted Date (17 Apr 2019 08:17 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (18 Apr 2019 03:03 PM) Translated Date (-)

    ਉਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ Vitum-H 10ml-10ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Anabolite liqued 100ml ਦਿਓ , ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਚੁਆਈ ਦੇ ਟਾਈਮ ਥਨਾ ਨੂੰ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਲਗਾ ਕੇ ਚੁਆਈ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈਣ ਲਗ ਜਾਵੇਗਾ.

    ਕਿੰਨੂ ਦੇ ਪੌਦੇ ਇਕ ਸਾਲ ਦੇ ਹੋਣ ਵਾਲੇ ਨੇ ਕੀ ਵਿੱਚ ਗੋਭੀ ਲਾ ਸਕਦੇ ਹਾਂ 15*15 ਕਿੰਨੂ ਦੇ ਪੌਦੇ ਦੀ ਦੂਰੀ ?

    (pb)
    Posted by
    ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ (8725034675)
    ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ
    Punjab
    Hoshiarpur
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    Posted Date (17 Apr 2019 08:11 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (19 Apr 2019 12:02 PM) Translated Date (-)

    ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਜੀ ਹਾਜੀ ਤੁਸੀ ਬਿਲਕੁੱਲ ਗੋਭੀ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹੋ

    Answered Date (19 Apr 2019 11:10 PM) Translated Date (-)

    ਬਿਲਕੁਲ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਕਿੰਨੂ ਦੇ ਬਾਗ ਚ ਤੁਸੀ ਗੋਭੀ , ਪਾਲਕ ,ਧਨੀਆ ਦੀ ਕਾਸ਼ਤ ਵੀ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

    Dr Saab ji MERI pehlan Vashi suui a 3 din hogye. pr than bohut chota a dhaar Chon vich aukha a ki dvai dayiye ta Jo lamba hoje than te mota hoje ?

    (pb)
    Posted by
    chhina saab (9815467444)
    chhina saab
    Punjab
    Gurdaspur
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    Posted Date (17 Apr 2019 08:10 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (18 Apr 2019 03:05 PM) Translated Date (-)

    ਉਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ Vitum-H 10ml-10ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Anabolite liqued 100ml ਦਿਓ , ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਚੁਆਈ ਦੇ ਟਾਈਮ ਥਨਾ ਨੂੰ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਲਗਾ ਕੇ ਚੁਆਈ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈਣ ਲਗ ਜਾਵੇਗਾ.

    ਕਿਸੇ ਕਿਸਾਨ ਭਰਾ ਕੋਲ ਬਾਸਮਤੀ 1718 ਦਾ ਬੀਜ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਜਰੂਰ ਜਵਾਬ ਦਿਓ ?

    (en)
    Posted by
    kuldeep kumar (9592763078)
    kuldeep kumar
    Punjab
    Ferozpur
    Write Answer
    Posted Date (17 Apr 2019 08:10 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (22 Apr 2019 06:57 PM) Translated Date (-)

    ਕੁਲਦੀਪ ਜੀ ਤੁਸੀ 1718 ਕਿਸਮ ਦਾ ਬੀਜ ਲੈਣ ਲਈ Punjab Seed Company, Gidderbaha. +91 1637 230382, +91 1637 230982, +91 9814130982 ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ

    sir पोली बैग भरने के लिये पर्लाएट क्या होता है ये क्या चीज है और इसका फायदा ?

    (hn)
    Posted by
    Sanjeev Thakur (9816312908)
    Sanjeev Thakur
    Himachal Pradesh
    Chamba
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    Posted Date (17 Apr 2019 08:02 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (23 Apr 2019 02:16 PM) Translated Date (-)

    संजीव जी यह आपको लोकल मार्किट में मिल जायेगा इसकी पानी सोखने की क्षमता ज्यादा होती है धन्यवाद

    कानपुर उत्तर प्रदेश मे खरगोश पालन के लिए लोन कहाँ से मिलता है ?

    (hn)
    Posted by
    pawan (7007315173)
    pawan
    Uttar Pradesh
    Kanpur Nagar
    Write Answer
    Posted Date (17 Apr 2019 07:59 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (25 Apr 2019 10:52 AM) Translated Date (-)

    खरगोश पालन के लिए आप नाबार्ड बैंक से संपर्क करे वह आपको पूरा गाइड करेगे और अगर इसको अपने लेवल पर शुरू किया जाये तो ठीक रहेगा जी आप हमें भी 9466419455 नंबर पर संपर्क कर सकते है हम भी इसकी कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग करवाते है जी

    Dhan ki Kheti kaise Kare ?

    (hn)
    Posted by
    arun (8418075486)
    arun
    Uttar Pradesh
    Gorakhpur
    Write Answer
    Posted Date (17 Apr 2019 07:55 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (22 Apr 2019 11:27 AM) Translated Date (-)

    Arun ji kripya aap btaye ke aapne dhan ki sidhi bijai ke bare men jankari lena chahte hai ya nursery lga kar taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

    sir ji 20 cows lyi shedd kini lambayi chaudhayi wala chahida !! te khurli ik passe wale da ate centre wali double khurli da Jada faida kehdi da

    (pb)
    Posted by
    Navdeep (8437556780)
    Navdeep
    Punjab
    Shahid Bhagat Singh Nagar
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    Posted Date (17 Apr 2019 07:40 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (19 Apr 2019 04:10 PM) Translated Date (-)

    navdeep singh ji tusi eh audio suno ji.

  • Answered Date (18 Apr 2019 03:48 PM) Translated Date (-)

    300 sqfeet line to line

    my land who is the name ?

    (en)
    Posted by
    Dhanunjaya (9948109709)
    Dhanunjaya
    Telangana
    Gadwal
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    Posted Date (17 Apr 2019 07:39 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (18 Apr 2019 03:10 PM) Translated Date (-)

    please ask your question in detail so that we can provide you proper information. thank you

    About mentha ?

    (hn)
    Posted by
    Aman Kumar (6306978900)
    Aman Kumar
    Uttar Pradesh
    Barabanki
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    Posted Date (17 Apr 2019 07:30 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (22 Apr 2019 11:32 AM) Translated Date (-)

    पुदीना मैंथा के नाम से जानी जाने वाली एक क्रियाशील जड़ी बूटी है पुदीने को मिट्टी की कई किस्मों जैसे दरमियाने से गहरी उपजाऊ मिट्टी, जिसमें पानी को सोखने की क्षमता ज्यादा हो, में उगाया जाता है इसको जल-जमाव वाली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है उच्च नमी वाली मिट्टी में यह अच्छे परिणाम देती है इस फसल के लिए मिट्टी का pH 6-7.5 होना चाहिए प्रसिद्ध किस्में:- MAS-1: यह छोटे कद की किस्म है जिसकी ऊंचाई 30-45 सैं.मी. होती है यह बीमारीयों की रोधक और जल्दी पकने वाली किस्म है इसमें मैन्थोल की मात्रा 70-80% होती है इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 50-60 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है Hybrid-77: इसकी ऊंचाई 50-60 सैं.मी. होती है यह किस्म पत्तों के धब्बा रोग और कुंगी के रोधक होती है, और यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसमें मैन्थोल की मात्रा 80-85% होती है इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 50-60 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है यह रेतली दोमट मिट्टी में बढ़िया पैदावार देती है औरऐसी शुष्क मौसम में की आवश्यकता होती है Shivalik: यह चीन की खेती से चुनी गई किस्म है यह किस्म उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों और उत्तरांचल में अच्छी वृद्धि करती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 65-70% होती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 72 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है यह किस्म फंगस रोगों से जल्दी प्रभावित होती है EC-41911: यह किस्म रूसी जर्मप्लाज्म से ली गई है यह किस्म पानी की रोधक और आकार में सीधी होती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 70%पायी जाती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 72 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है इस किस्म से तैयार तेल का प्रयोग विभिन्न व्यंजनों में स्वाद के लिए किया जाता है Gomti: यह किस्म रंग में हल्के लाल रंग की होती है इसकी पैदावार बाकी किस्मों की पैदावार से कम होती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 78-80% होती है Himalaya: इसके पत्तों का आकार बाकी किस्मों से बड़ा होता है यह किस्म कुंगी, झुलस, सफेद धब्बे और पत्तों पर धब्बे रोग की रोधक है इसमें मैन्थोल की मात्रा 78-80% होती है इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 80-100 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है Kosi: यह किस्म 90 दिनों में पक जाती है यह किस्म कुंगी, झुलस, सफेद धब्बे और पत्तों के धब्बे रोग की प्रतिरोधक है इसमें मैन्थोल की मात्रा 75-80 प्रतिशत होती है और तेल की पैदावार 80-100 किलोग्राम प्रति एकड़ होती है Saksham: यह किस्म सी वी हिमालय की तरफ से टिशू कल्चर द्वारा तैयार की गई है इसमें मैन्थोल की मात्रा 80% होती है और तेल की पैदावार 90-100 किलोग्राम प्राप्त होती है पुदीने की बिजाई के लिए सुविधाजनक आकार के बैड तैयार करें खेत की तैयारी के समय खेत की अच्छी तरह जोताई करें जैविक खाद जैसे रूड़ी की खाद 100-120 क्विंटल प्रति एकड़ रूड़ी की खाद डालें रूड़ी की खाद के बाद हरी खाद डालें इसकी बिजाई के लिए दिसंबर-जनवरी का समय अनुकूल होता है पौधे के भागों की बिजाई 40 सैं.मी. के फासले पर और पंक्तियों के बीच का फासला 60 सैं.मी होना चाहिए बीज को 2-3 सैं.मी. की गहराई में बोयें पौधे के जड़ वाले भाग को मुख्य खेत में बोया जाता है खेत की तैयारी के समय रूड़ी की खाद 80-120 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें और अच्छी तरह मिलायें नाइट्रोजन 58 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 32-40 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 80-100 किलो), पोटाशियम 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 33 किलो) प्रति एकड़ में डालें गर्मियों में मॉनसून से पहले जलवायु और मिट्टी के आधार पर 6-9 सिंचाइयां जरूर की जानी चाहिए मॉनसून के बाद 3 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है पहली सिंचाई सितंबर महीने में, दूसरी अक्तूबर में और तीसरी नवंबर महीने में की जानी चाहिए सर्दियों में ज्यादा सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन यदि सर्दियों में बारिश ना पड़े तो एक सिंचाई जरूर देनी चाहिए पौधे 100-120 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं जब निचले पत्ते पीले रंग के होने शुरू हो जायें, तब कटाई करें कटाई दराती से और बूटियों को मिट्टी की सतह के 2-3 सैं.मी. ऊपर से निकालें अगली कटाई पहली कटाई के बाद 80 दिनों के अंतराल पर करें ताजी पत्तियों को उत्पाद बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है, धन्यवाद

    ki makki te Dr. Dalal ghol di spray kr skde hai esde benefit v dso ?

    (pb)
    Posted by
    Aman Sekhon (9878043104)
    Aman Sekhon
    Punjab
    Fatehgarh Sahib
    Write Answer
    Posted Date (17 Apr 2019 07:24 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (17 Apr 2019 08:20 PM) Translated Date (-)

    Dr. Dalal ghol di spray krn nal makki vich nutrient deficiency di poorti hovegi and 25 din di makki vich spray kr skde ho g.ihh dr. dalal ghol di spray tyaar krn da tarika hai .Urea@2.5kg , DAP@2.5 kg zinc @0.5kg da ghol tyaar kr ke iss di spray kro. DAP nu ikk raat pehla bhio ke rakho ate urea zinc nu alag alag ghol ke baad de vich ihna tina nu 100-150 ltr pani de vich mix kr ke prati acre te spray kro. ihh growth da kam krdia hnn ate jo v fasal de vich ghaat hoyi uss di poorti ho jandi hai...

    मूली के कन्द में कीट लगा है इसकी दवाई बताएं ?

    (hn)
    • 3
    Posted by
    Nagendr singh (9473880335)
    Nagendr singh
    Uttar Pradesh
    Ghazipur
    Write Answer
    Posted Date (17 Apr 2019 07:16 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (19 Apr 2019 03:54 PM) Translated Date (-)

    मूली के कन्द में कीट की रोकथाम के लिए आप chlorpyriphos@1litre को 10 किलो मिट्टी में मिलाकर प्रति एकड़ के हिसाब से छिड़काव करें इससे जड़ में लगने वाले कीटों की रोकथाम हो जाती है

    19 Apr 2019

    बोने से पहले दे कि बोने के बाद कन्द वनते समय दे

    Answered Date (19 Apr 2019 08:03 PM) Translated Date (-)

    sir aap abhi isko daal sakte hai khet men..

    Moti kheti kase kare ?

    (hn)
    Posted by
    Shekhar Khare (8530011324)
    Shekhar Khare
    Maharashtra
    Nandurbar
    Write Answer
    Posted Date (17 Apr 2019 07:15 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (18 Apr 2019 05:29 PM) Translated Date (-)

    सर जी बहुत बहुत शुभकानाए . मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जिसमे आप अपनी एक अलग पहचान और अच्छी आय प्राप्त कर सकते है उचित मार्गदर्शन और सही रूपरेखा किसी भी व्ववसाय को उचाईयो तक ले जा सकता है मोती पालन में के लिए घर ,छत ,आँगन ,बालकनी ,तालाब. आदि में किया जा सकता है .मोती निकलने के बाद सीप की ज्वेलरी ,भस्म ,दवाये ,उनके मांस का उपयोग आदि से भी आय प्राप्त की जा सकती है .मोती पालन के साथ कुछ सहयोगी व्यवसाय हे जिनसे आय के अधिक साधन हो सकते है .अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे 9770085381.

    इस खीरे की पत्ती जल रही है ?

    (hn)
    • 3
    Posted by
    Nagendr singh (9473880335)
    Nagendr singh
    Uttar Pradesh
    Ghazipur
    Write Answer
    Posted Date (17 Apr 2019 07:14 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (19 Apr 2019 03:52 PM) Translated Date (-)

    खीरे के पत्ते फंगस के कारण जल रहे है इसके लिए आप M-45@4gram या carbendazim@3gm को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें

    19 Apr 2019

    OK Madam

    सर क्या ट्यूबवेल से मूंग की बुआई हो सकती है ?

    (hn)
    Posted by
    pardeep rao (9416697919)
    pardeep rao
    Haryana
    Sirsa
    Write Answer
    Posted Date (17 Apr 2019 07:08 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (22 Apr 2019 11:34 AM) Translated Date (-)

    प्रदीप जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

    Ropar nere koi bakri farm hai ?

    (pb)
    Posted by
    ASHWANI BANTH (7888946516)
    ASHWANI BANTH
    Punjab
    Shahid Bhagat Singh Nagar
    Write Answer
    Posted Date (17 Apr 2019 06:59 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (25 Apr 2019 05:20 PM) Translated Date (-)

    Ashwani ji Tusi Metro Goat Farm 9041957774 Mohali nal samparak kar sakde ho ja fir tusi Krishi Vigyan Kendra, Address: BirlaFarm Road, Bari Haveli, Haveli Kalan, Rupnagar, Punjab 144001, nal samparak kar sakde ho.

    STRAWBERRY di fasal bare jaankari deo

    (pb)
    Posted by
    sukhwinder (6280533911)
    sukhwinder
    Punjab
    Kapurthala
    Write Answer
    Posted Date (17 Apr 2019 06:48 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (19 Apr 2019 11:14 PM) Translated Date (-)

    ਇਹ ਬਹੁਤ ਨਰਮ ਫਲ ਹੈ ਇਹ ਪਾਲੀਹਾਉਸ ਦੇ ਅੰਦਰ ਅਤੇ ਖੁੱਲੇ ਖੇਤ ਦੋਨਾਂ ਜਗ੍ਹਾ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਦੂਜੇ ਫਲਾਂ ਦੇ ਮੁਕਾਬਲੇ ਜਲਦੀ ਆਮਦਨੀ ਦਿੰਦਾ ਹੈ ਇਸਦੀ ਖੇਤੀ ਪੰਜਾਬ, ਹਰਿਆਣਾ ਵਿੱਚ ਵੀ ਕਰ ਸੱਕਦੇ ਹਾਂ ਮਾਹੌਲ ਅਤੇ ਮਿੱਟੀ : ਚੀਕਣੀ , ਬਾਲੂ ਅਤੇ ਚੰਗੇ ਪਾਣੀ ਦੀ ਨਿਕਾਸੀ ਵਾਲੀ ਜ਼ਮੀਨ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਲਈ ਚੰਗੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਏਸਿਡਿਕ ਵਿੱਚ PH level 5.0 to 6.5 ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਨਾਜੁਕਤਾ ਤੀਹ ਤੋਂ ਚਾਲ੍ਹੀ ਸੇਂਟੀਮੀਟਰ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਦੇ ਸਹੀ ਵਾਧੇ ਲਈ ਦਿਨ ਵੇਲੇ ਤਾਪਮਾਨ ਵੀਹ ਤੋਂ ਪੱਚੀ ਡਿਗਰੀ ਅਤੇ ਰਾਤ ਵੇਲੇ ਸੱਤ ਤੋਂ ਬਾਰਾਂ ਡਿਗਰੀ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਇਸਦੀ ਪਨੀਰੀ ਲਾਉਣ ਦਾ ਕੰਮ ਅੱਧ ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਨਵੰਬਰ ਤਕ ਕਰ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਇਹਨਾਂ ਮਹੀਨਿਆਂ ਤੇ ਇਸਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਲਗਭਗ ਇਹੀ ਤਾਪਮਾਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਲਈ ਖੇਤ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਦੀ ਖੇਤੀ ਮਲਚਿੰਗ ਵਿਧੀ ਰਾਹੀਂ ਕਿਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਖੇਤ ਨੂੰ ਤਿਆਰ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਬਾਅਦ ਟਰੈਕਟਰ ਦੀ ਸਹਾਇਤਾ ਨਾਲ ਮਲਚਿੰਗ ਮਸ਼ੀਨ ਨੂੰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਉਤਾਰਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਚਾਰ ਫੁੱਟ ਕਿਆਰੀ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਵਿੱਚ ਡਰਿੱਪ ਲਾਈਨ ਫਿੱਟ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਬਾਅਦ ਮਸ਼ੀਨ ਦੀ ਸਹਾਇਤਾ ਨਾਲ ਕਿਆਰੀਆਂ ਉੱਤੇ ਪਲਾਸਟਿਕ ਸ਼ੀਟ ਵਿਛਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਮਲਚਿੰਗ ਲਈ ਹਲਕਾ ਅਤੇ ਲਚਕੀਲਾ ਪਦਾਰਥ ਲਵੋ ਤਾਂ ਜੋ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਦੇ ਬੂਟੇ ਦੀ ਰਫ਼ਤਾਰ ਉੱਤੇ ਅਸਰ ਨਾ ਪਵੇ ਜਿਸਨੂੰ ਬਾਅਦ ਵਿਚ ਦੋਨਾਂ ਪਾਸਿਆਂ ਤੋਂ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਦਬਾ ਦਿਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਹੁਣ ਇਸ ਸ਼ੀਟ ਵਿਚ ਮੋਰੀਆਂ ਕੱਢ ਕੇ ਉਸ ਵਿਚ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਲਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਪਨੀਰੀ ਲਾਉਣ ਵੇਲੇ ਜੜ ਨੂੰ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਸੇਟ ਕਰ ਦਿਓ ਜੜ ਬਹਾਰ ਰਹਿਣ ਨਾਲ ਪੌਦੇ ਦੇ ਸੁੱਕਣ ਦਾ ਖ਼ਤਰਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਪੌਦੇ ਨੂੰ ਜਿਆਦਾ ਤਾਪਮਾਨ ਅਤੇ ਠੰਡ ਤੋਂ ਬਚਨ ਲਈ ਇਸਦੇ ਊਪਰ ਛਾਂ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜੋ ਤੁਸੀਂ ਲੋ ਟਨਲ ਵਿਧੀ ਨਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਮੌਸਮ ਦਾ ਬਹੁਤ ਖਿਆਲ ਰੱਖਣਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਥੋੜੀ ਜਿਹੀ ਲਾਪਰਵਾਹੀ ਨਾਲ ਸਾਰੀ ਫ਼ਸਲ ਖ਼ਰਾਬ ਹੋ ਸਕਦੀ ਹੈ ਪਹਿਲੇ ਸਾਲ ਆਪਣੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਸਟ੍ਰਾਬੇਰੀ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਕਿਸਾਨ ਦਾ ਕੁੱਲ ਖਰਚਾ ਢਾਈ ਤੋ ਤਿੰਨ ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਆ ਜਾਦਾ ਹੈ ਕਿਉਕਿ ਕਿਸਾਨ ਨੂੰ ਪਹਿਲੇ ਸਾਲ ਡਰਿੱਪ ਸਿਸਟਮ ਅਤੇ ਫੁਆਰਿਆਂ ਆਦਿ ਤੇ ਵੀ ਖਰਚ ਕਰਨਾ ਪੈਦਾ ਹੈ ਪਰ ਅਗਲੇ ਸਾਲਾ ਵਿੱਚ ਕਿਸਾਨ ਦਾ ਇਹ ਖਰਚ ਬਚ ਜਾਦਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚ 40 ਬੈਡ ਬਣਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਇੱਕ ਬੈਡ ਤੇ 1000 ਸਟ੍ਰਾਬੇਰੀ ਦੇ ਪੌਦੇ ਲੱਗਦੇ ਹਨ ਇਸ ਤਰਾਂ ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਚਾਲੀ ਹਜ਼ਾਰ ਪੌਦੇ ਲਾਏ ਜਾਦੇ ਹਨ, ਇੱਕ ਪੌਦਾ 3 ਤੋ 4 ਰੁਪਏ ਤੱਕ ਮਿਲ ਜਾਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦਾ ਝਾੜ 50 ਤੋ 60 ਕੁਇੰਟਲ ਤੱਕ ਨਿਕਲ ਆਉਦਾ ਹੈ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਦੀ ਖਾਦ : – 70 to 80 ਟਨ ਗੋਬਰ ਦੀ ਖਾਦ ਇੱਕ ਹੇਕਟਏਰ ਵਿੱਚ ਪਾਓ .ਇਹ ਖਾਦ ਇੱਕ ਸਾਲ ਵਿੱਚ ਪਾਉਣੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਫਿਰ 20 : 40 : 40 NPK KG / ਹੇਕਟਏਰ ਪਾਉਣ ਹੈ ਚੰਗੀ ਫਸਲ ਲਈ ਯੂਰਿਆ ਦੋ ਫ਼ੀਸਦੀ ਜ਼ਿੰਕ ਸਲਫੱਤੇ , ਅੱਧਾ ਪਰਤੀਸ਼ਤ , ਕੈਲਸ਼ਿਅਮ ਸਲਫੇਟ ਅੱਧਾ ਫ਼ੀਸਦੀ ਅਤੇ ਬੋਰਿਕ ਏਸਿਡ 0 . 2 ਫ਼ੀਸਦੀ ਚੰਗੀ ਫਸਲ ਲਈ ਆਦਰ ਯੋਗ ਹੈ ਸਿੰਚਾਈ : – ਸਿੰਚਾਈ ਛੇਤੀ ਛੇਤੀ ਪਰ ਹਲਕੀ ਕਰਨੀਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਆਦਾ ਪਾਣੀ ਠੀਕ ਨਹੀਂ ਹੈ ਪੱਤੇ ਗਿੱਲੇ ਨਾ ਕਰੋ ਤੁਪਕਾ ਸਿੰਚਾਈ ਨਾਲ ਘੱਟ ਪਾਣੀ ਲੱਗ ਸਕਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਤੁਪਕਾ ਸਚਾਈ ਨਹੀਂ ਕਰ ਰਹੇ ਤਾਂ ਕਿਆਰੀਆਂ ਦੇ ਵਿਚਾਲੇ ਪਾਣੀ ਖਾਲ ਵਿੱਚ ਹੀ ਲਗਾਓ ਨਦੀਨ – ਨਦੀਨ ਹੱਥ ਨਾਲ ਹਟਾਓ ਜਾਂ ਫਿਰ ਸਿਮਜਿਨ ਤਿੰਨ ਕਿੱਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਹੇਕਟਏਰ ਪਾਓ 300 galen ਪਾਣੀ ਦੇ ਨਾਲ ਕੀੜੇ ਮਕੋੜੇ ਅਤੇ ਦੂਜੀਆ ਬਿਮਾਰਿਆ ਵੱਲ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਕੋਈ ਪੋਦਾ ਜਿਆਦਾ ਖਰਾਬ ਹੈ ਉਹਨੂੰ ਹਟਾ ਦਿਓ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਦੀ ਤੁੜਵਾਈ : – ਜਦੋਂ ਫਲ ਦਾ ਰੰਗ 70% ਅਸਲੀ ਹੋ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਤੋੜ ਲੈਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਮਾਰਕਿਟ ਦੂਰੀ ਉੱਤੇ ਹੈ ਤਾਂ ਥੋੜ੍ਹਾ ਸਖ਼ਤ ਹੀ ਤੋੜਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਤੁੜਵਾਈ ਵੱਖ ਵੱਖ ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ strawberry ਪੈਕਿੰਗ :- ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਦੀ ਪੈਕਿੰਗ ਪਲਾਸਟਿਕ ਦੀਆਂ ਪਲੇਟਾਂ ਵਿੱਚ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਇਸਨ੍ਹੂੰ ਹਵਾਦਾਰ ਜਗ੍ਹਾ ਉੱਤੇ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਜਿੱਥੇ ਤਾਪਮਾਨ ਪੰਜ ਡਿਗਰੀ ਹੋ ਇੱਕ ਦਿਨ ਦੇ ਬਾਅਦ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਦੀ ਪੈਕਿੰਗ ਦਾ ਤਾਪਮਾਨ ਜ਼ੀਰੋ ਡਿਗਰੀ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਮਾਰਕੀਟ ਵਿੱਚ ਸਟ੍ਰਾਬੇਰੀ ਔਸਤ 200 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਤੱਕ ਵਿਕਦੀ ਹੈ ਇਸ ਤਰਾਂ ਪੰਜ ਲੱਖ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੋ ਇਸ ਦੀ ਆਮਦਨ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਕੇ ਅੱਗੇ ਆਪਣੀ ਮਿਹਨਤ ਨਾਲ ਕਿਸਾਨ ਆਮਦਨ ਵਿੱਚ ਭਰਪੂਰ ਵਾਧਾ ਕਰ ਸਕਦਾ ਹੈ ਸਟ੍ਰਾਬੇਰੀ ਦੇ ਪੌਦੇ ਸਤੰਬਰ ਤੋ ਅਕਤੂਬਰ ਤੱਕ ਲਾਏ ਜਾਦੇ ਹਨ ਅਤੇ 3 ਮਹੀਨੇ ਬਾਦ ਇਹ ਫਲ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਦੀ ਫਸਲ ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੱਕ ਚਲਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਮਾਰਕੀਟਿੰਗ ਵਿੱਚ ਕਿਸੇ ਤਰਾਂ ਦੀ ਪਰੇਸ਼ਾਨੀ ਨਹੀ ਹੈ ਉਹ ਏਲਨਾਬਾਦ,ਸਿਰਸਾ,ਹਨੂੰਮਾਨਗੜ,ਗੰਗਾਨਗਰ ਤੋ ਇਲਾਵਾ ਬਠਿੰਡਾ,ਮੋਗਾ ਜਲੰਧਰ,ਲੁਧਿਆਣਾ ਵਿੱਚ ਇਸ ਦੀ ਮਾਰਕੀਟਿੰਗ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਜੇਕਰ ਜ਼ਿਆਦਾ ਮਾਤਰਾ ਵਿੱਚ ਸਟ੍ਰਾਬੇਰੀ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਦਿੱਲੀ ਇਸ ਦੀ ਮੁੱਖ ਮਾਰਕੀਟ ਹੈ ਦੱਖਣੀ ਭਾਰਤ ਵਿੱਚ ਸਟ੍ਰਾਬੇਰੀ ਦੀਆ ਕਾਫੀ ਫੈਕਟਰੀਆਂ ਹਨ ਜੋ ਇਸ ਫਲ ਤੋ ਕਈ ਪ੍ਰੋਡੱਕਟ ਜਿਵੇ ਟੌਫੀਆਂ,ਆਈਸ ਕਰੀਮ,ਸਟ੍ਰਾਬੇਰੀ ਫਲੇਵਰ,ਜੈਮ,ਫੇਸ ਕਰੀਮਾਂ ਅਤੇ ਦਵਾਈਆ ਆਦਿ ਤਿਆਰ ਕਰਦੀਆ ਹਨ

    Moti ki kheti kaise kare ?

    (hn)
    Posted by
    PRADIP KUMAR (8838456169)
    PRADIP KUMAR
    Bihar
    Gaya
    Write Answer
    Posted Date (17 Apr 2019 06:38 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (18 Apr 2019 06:52 PM) Translated Date (-)

    Moti ki kheti ki training ke liye aap Bijender Chouhan 9719994499 se samparak kare.

    18 Apr 2019

    Thank you sir

    Sir ji main bakri palan bare janana chahunda ha ?

    (pb)
    Posted by
    ASHWANI BANTH (7888946516)
    ASHWANI BANTH
    Punjab
    Shahid Bhagat Singh Nagar
    Write Answer
    Posted Date (17 Apr 2019 06:23 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (17 Apr 2019 06:37 PM) Translated Date (-)

    ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਬੱਕਰੀਆ ਫਾਰਮ ਬਣਾਉਣਾ ਹੈ ਤਾਂ ਬਹੁਤ ਵਧੀਆ ਸੋਚ ਹੈ ਜੀ ਤੁਸੀ ਬੀਟਲ ਨਸਲ ਰੱਖੋ ਇਹ ਦੁੱਧ ਤੇ ਮੀਟ ਦੋਨਾਂ ਲਈ ਫਾਇਦੇਮੰਦ ਹੈ ਬਾਕੀ ਜਿਵੇ ਤੁਸੀ ਇਸ ਕਿੱਤੇ ਵਿੱਚ ਆਜੋਗੇ ਉਸ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਤੁਹਾਡੇ ਲਿਂਕ ਬਣਣੇ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਣਗੇ ਬਾਕੀ ਮਾਰਕੀਟਿੰਗ ਇਸ ਗੱਲ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਹੈ ਕਿ ਤੁਹਾਡੇ ਲੋਕਾ ਨਾਲ ਲਿੰਕ ਕਿਵੇ ਦੇ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਦੁੱਧ ਗਾਂ ਦੇ ਰੇਟ ਦੇ ਬਰਾਬਰ ਵਿਕ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤੇ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਫਾਰਮ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਬੱਚੇ ਵਗੈਰਾ ਵੀ ਸੇਲ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਕੁੱਲ ਮਿਲਾ ਕੇ ਜੇਕਰ ਮੋਟਾ ਜਿਹਾ ਹਿਸਾਬ ਲਗਾਉਣਾ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਇੱਕ ਬੱਕਰੀ ਤੋਂ ਸਾਲ ਵਿੱਚ ਲੱਗਭੱਗ 20000 ਤੱਕ ਕਮਾਈ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਇਹ ਵੀ ਸਲਾਹ ਹੈ ਤੁਸੀ ਇੱਕ ਵਾਰ ਆਪਣੇ ਨੇੜੇ ਤੋਂ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਜਰੂਰ ਲਵੋ ਤੇ ਸਫਲ ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਕਾਂ ਦੇ ਫਾਰਮ ਜਰੂਰ ਦੇਖੋ.

    17 Apr 2019

    sir training kitho milugi

    17 Apr 2019

    ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਨੇੜੇ ਦੇ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਂਦਰ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਫਾਰਮ ਭਰ ਕੇ ਆਉ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਜਦੋਂ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਹੋਈ ਤੁਹਾਨੂੰ ਕਾਲ ਕਰਕੇ ਦੱਸ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇਗਾKrishi Vigyan Kendra, VPO Langroya, Distt. S.B.S Nagar, Postal Code 144516 Phone No. : 01823-250652, 9815547607

    sir hf cross breed phle suye suyi hai 10 din hoge usdi infection ja koi sfaayi kron lyi koi hal dsyo ji kroni chahidi hai ki nhi hun phlen krke jor bhut lgya gaa da te is nu jldi nwe dudh kron lyi ki ki kriye te sunn toh baad kina time baad dowara heat ch aundi hai

    (pb)
    Posted by
    Gurshan Singh (7625925389)
    Gurshan Singh
    Punjab
    Fatehgarh Sahib
    Write Answer
    Posted Date (17 Apr 2019 06:09 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (18 Apr 2019 09:07 PM) Translated Date (-)

    tuci iss nu Anabolite liquid 100-100ml swere sham dena suru kro , isde nal tuci Milk Megyk powder 50gm rojana dena suru kro, iss nal sarir di kami v puri howegi ate dudh vich fyada v howega,baki pashu nu suun ton 45-50 din badd heat vich aaun te nawe dudh krwauna chahida hai, tuci iss nu vdia khurak vdia dekhbhal kro jiss nal ehh jldi he nawe dudh ho jawegi.

    where to get Cordyceps cultivation training in Punjab or nearby state ?

    (en)
    Posted by
    Raghbir (9855549333)
    Raghbir
    Punjab
    Patiala
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    Posted Date (17 Apr 2019 05:57 PM) Assigned Date (-)
    Answered Date (22 Apr 2019 11:36 AM) Translated Date (-)

    Raghbir ji you can get the training of mushroom in ICAR-Directorate of Mushroom Research Address: NH 22, Chambaghat, Solan, Himachal Pradesh 173213.Phone: 01792 230 767