Punjab
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ਮਧੂ ਮੱਖੀ ਪਾਲਣ ਲਈ ਮੂੰਹ ਦੀ ਜਾਰੀ ਅਤੇ ਦਸਤਾਨੇ ਜਾਂ ਕੋਈ ਹੋਰ ਸਾਮਾਨ ਦੀ ਬਠਿੰਡੇ ਕੋਈ ਦੁਕਾਨ ਦਾ ਨੰਬਰ ਦਿਉ ਜੀ ਧੰਨਵਾਦ ?
(en)
ਤੁਸੀ 9216900637 ਨੰਬਰ ਤੇ ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ ਜੀ
ssa veer g, mai goat farming start karni aa but mainu pure beetal goats dea kids chaide ne g tusi help kar sakde hi g eh kitho milen ge kyoki mainu pure beetal di pehchan ni g
(pb)
Veer g Tusi goat farming krn toh pehla apne near KVK jaa GADVASU Ludhiana toh training lao Taa k tuhanu goat farming naal related Benefits & problems da pta lg skey Like Breed, Feed, Shed , Diseases, Injections, care etc di knowledge hove
Tungwali to bro 17 date nu evry month
Thank you bai g
address veer g kitho milan ge g
ok bai g
पौधे से फल पकने से पहले ही गिर जाते है ?
(hn)
Tayyib g iss ki roktham ke liye planofix@4ml prati 15ltr pani ke hisaab se week mein 2 baar spray krein, fal girna bad ho jayega.
Gujarat
Thank you sir
Gujarat
Sir aapka contact no number
ਸਰ ਜੀ ਗੱਭਣ ਬਕਰੀ ਦਾ ਕਿਵੇਂ ਪਤਾ ਲਗਦਾ ?
(pb)
Punjab
ਗੱਬਣ ਬੱਕਰੀ ਦੀ ਨਿਸ਼ਾਨੀ ਇਹੀ ਹੈ ਕਿ ਗੱਬਣ ਹੋਣ ਤੇ ਬਾਅਦ ਉਹ ਦੁੱਧ ਘਟਾ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਮੰਨ ਲਵੋ ਜੇਕਰ ਚਾਰ ਕਿਲੋ ਦੁੱਧ ਹੈ ਤਾਂ ਹੋਲੀ ਹੌਲੀ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਤੇ ਆ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਉਹ ਗੱਬਣ ਹੈ ਬੱਸ ਇਹੀ ਨਿਸ਼ਾਨੀ ਹੈ ਜੀ, ਜੇਕਰ ਉਸਨੇ ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ ਬੱਚਾ ਦੇਣਾ ਹੈ ਤਾਂ ਉਸਦਾ ਲੇਵਾ ਵੱਧਣ ਲਗੇਗਾ ਅਤੇ ਪੇਟ ਬਾਹਰ ਆਵੇਗਾ ਜਿਸ ਨਾਲ ਅੰਦਾਜ਼ਾ ਲਗਾ ਕੇ ਗੱਭਣ ਹੋਣ ਦਾ ਪਤਾ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ
Moti wali kheti ke bare me jankari chahiye ?
(hn)
Punjab
Kuldeep Singh ji Moti ki kheti ke bare me puri jankari or is ki training ke lia aap Achal Singh 9711858258 se samparak kare.
Madhya Pradesh
अगर आप छोटे से इन्वेस्टमेंट से लाखों कमाना चाहते हैं तो आपके लिए मोती की खेती एक बेहतर विकल्प हो सकती है मोती की मांग इन दिनों घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में काफी अधिक है, इसलिए इसके अच्छे दाम भी मिल रहे हैं आप महज 2 लाख रुपए के इंन्वेस्ट से इससे करीब डेढ़ साल में इंटीग्रेटेड फार्मिंग करके 10-12 लाख रुपए यानी हर महीने 1लाख रुपए से अधिक की कमाई कर सकते हैं आइए आपको बताते हैं कि कैसे करें मोती की खेती से कमाई... कम लागत ज्यादा मुनाफा Pearl Farming बाजार में 1 मिमी से 20 मिमी सीप के मोती का दाम करीब 300 रूपये से लेकर 1500 रूपये होता है आजकल डिजायनर मोतियों को खासा पसन्द किया जा रहा है जिनकी बाजार में अच्छी कीमत मिलती है भारतीय बाजार की अपेक्षा विदेशी बाजार में मोतिओ का निर्यात कर काफी अच्छा पैसा कमाया जा सकता है तथा सीप से मोती निकाल लेने के बाद सीप को भी बाजार में बेंचा जा सकता है सीप द्वारा कई सजावटी सामान तैयार किये जाते है जैसे कि सिलिंग झूमर, आर्कषक झालर, गुलदस्ते आदि सीपों से नदीं और तालाबों के जल का शुद्धिकरण भी होता रहता है जिससे जल प्रदूषण की समस्या से काफी हद तक निपटा जा सकता है सूखा-अकाल की मार झेल रहे किसानों एवं बेरोजगार छात्र-छात्राओं को मीठे पानी में मोती संवर्धन के क्षेत्र में आगे आना चाहिए क्योंकि मोतीयों की मांग देश विदेश में बनी रहने के कारण इसके खेती का भविष्य उज्जवल प्रतीत होता है भारत के अनेक राज्यों के नवयुवकों ने मोती उत्पादन को एक पेशे के रूप में अपनाया है उत्तर प्रदेश ,मध्य प्रदेश,झारखण्ड एवं छत्तीसगढ़ राज्य में भी मोती उत्पादन की बेहतर संभावना है मोती संवर्द्धन से सम्बधित अधिक जानकारी के लिए Smt बमाेरिया 9584120929 (Bamoriya मोती फार्म एवं ट्रेनिंग सेंटर) से संपर्क किया जा सकता है यह संस्थान ग्रामीण नवयुवकों, किसानों एवं छात्र-छात्राओँ को मोती उत्पादन पर तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करता है किसान हैल्प भी किसानों एवं छात्र-छात्राओँ को मोती उत्पादन पर तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करता है मोती एक प्राकृतिक रत्न है जो सीप के अंदर पैदा होता है इसकी खेती भी की जाती है मोती की खेती मे ज्यादा खर्चा भी नहीं होता किसान ही नहीं बल्कि नौकरी पेसे वाले वे लोग भी कर सकते हैं जिनके पास मात्र सप्ताह के 2 दिन का समय ही उपलब्ध रहता है इस ग्रुप का उद्देश्य मोती की खेती को हर इच्छुक व्यक्ति तक पहुंचाना है
Madhya Pradesh
मोतियों की खेती के प्रति लोगों के बढ़ते हुए उत्साह को देखते हुए हमने मोती की खेती की ट्रेनिंग क्लासेस शुरू की हैं यह ट्रेनिंग 1 दिन की होती है ,इस 1दिनों में सीप में डिज़ाइनर मोती और गोल मोती बनाने की विधि के बारे में पूरी जानकारी विस्तार से दी जाती है सीपों का पालन पोषण सीपों की सर्जरी आदि के बारे में विस्तार से बताया जाता है कृपया इच्छुक व्यक्ति प्रशिक्षण के लिए कम से कम 5 दिन पहले बताएं प्रशिक्षण में निम्नलिखित विषयों को विस्तार से समझाया जाता है, 1. सीपों के प्रकार 2. सीप के विभिन्न अंग 3. प्रयोग में लाए जाने वाले सभी प्रकार के इंस्ट्रुमेंट्स 4. मोतियों का बीज अर्थार्त बीड़ बनाने की विधि तथा उसके लिए प्रयोग में लाए जाने वाले पदार्थ की जानकारी 5. Designer bead तथा गोल बीड़ तैयार करना 6 डिजाइनर मोती तैयार करने की विधि 7. तालाब बनाने की विधि के बारे में 8. सीपों के लिए भोजन तैयार करने की विधि 9. Operation से पहले सीपों के रखरखाव के बारे में 10. ऑपरेशन करके गोल मोती तैयार करने की विधि 11. ऑपरेशन के पश्चात सीपों के रखरखाव के बारे में
Madhya Pradesh
मोती पालन की संपूर्ण जानकरी हेतु कृपया whatapp kre 9770085381 9584120929 . मोती पालन के फायदे - मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में जल स्तर को बढ़ाकर सरकार की मदद (4) बचे हुए सामान से हस्तकला उद्योग को बढ़ावा देना (5) यदि महिला वर्ग इस व्यवसाय में आते है तो ज्यादा फायदे है क्योकि मोती के आभूषण के साथ साथ मदर ऑफ़ पर्ल (Shell jewellery) का भी फायदा ले सकते है (6) आसपास के लोगो को रोजगार अधिक जानकारी संपर्क करे ..अमित बमोरिया 9407461361 9770085381 बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र मध्य प्रदेश https://m.bhaskar.com/news/MP-HOSH-quitting-govt-job-engineer-is-earning-money-from-pearl-cultivation-news-hindi-5533297-PHO.html
ye boota kis cheez ka hai ?
(hn)
Punjab
Sidharath ji kripya aap iski najdiki photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
what are hydroponic farming nutrients,and where we can buy it ?
(en)
Maharashtra
amandeep to get all the information about hydroponics and it s nutrient you can contact Somveer singh9878733551
मेरी गाय को 4 दिन पहले बच्चा हुआ है पहला दूध भी ठीक से निकला लेकिन 2 दिन बाद से आगे वाले 1 थन से दूध कम आ रहा है और दूसरे वाले से धार फट के आ रहा है क्या करे ?
(hn)
Punjab
उसे आप FMC पाउडर 50 ग्राम रोजाना देना शुरू करें इसके साथ आप Milkout पाउडर 2—2 चम्म्च सुबह शाम दें और Lactomax गोलियां रोजाना 10 दें और 20 दिनों तक देते रहें इससे फर्क पड़ने लग जाएगा
रेशम की खेती शुरू करने के लिए क्या कारना होता ही मैं उत्तर प्रदेश से हूँ हमारे इधर होगा रेशम ?
(hn)
Maharashtra
नितेश जी रेशम की खेती ज्यादा साउथ में की जाती है इसके लिए रेशम के कीट पाले जाते है इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए आप नीचे दिया गया लिंक देख सकते है https://www.youtube.com/watch?v=PbNU_LqUEi8
Gulab di kheti vare jankari deo g nd mandikarn bare v dso g plz Bathinda area ?
(pb)
Maharashtra
lovepreet ji kirpa karke daso ke tuc Desi gulab ja English gulab di kheti bare jankari laina chaunde ho ta Jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake..
Punjab
jo apne mousam De ankool aa nd jo vadia profit wala hove nd mandikaren hove g
ਇਸ ਵਾਰ ਝੋਨਾ ਕਦੋ ਲਗੇਗਾ ?
(pb)
Satpal g iss baar dhaan lgane ki date 20 june hi hai...
Punjab
ਝੋਨੇ ਦੀ ਲਵਾਈ 20 ਜੂਨ ਤੋਂ ਹੀ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਵੇਗੀ ਸ਼ੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਏ ਤੇ ਸਿਰਫ ਅਫ਼ਵਾਹ ਫੈਲਾਈ ਜਾ ਰਹੀ ਕਿ ਝੋਨੇ ਦੀ ਲਵਾਈ ਦੀ ਤਰੀਕ ਅੱਗੇ ਹੋਵੇਗੀ ਜਿਸਦਾ ਖੰਡਨ ਖੇਤੀ-ਬਾੜੀ ਦੇ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ
Punjab
ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੇ ਖੰਡਨ ਦੀ ਖ਼ਬਰ
There is no awareness about apple crop and this fruit is missing in your fruit will you enlist it in your fruit list zo that we get some lateast techniques for high yield ?
(en)
Maharashtra
shabiribnyusuf ji thanks for your feedback.. our researchers are doing research of different states soon we will upload the fruit content of your state also.thank you
Jammu & Kashmir
Thank you i am waiting so that our state crops come in the list as soon as possible..
मेंथा में बालदार सुंडी(मकड़ा सुंडी) है किस का स्प्रे करे जिससे मेंथा की सुंडी मर जाये ?
(hn)
Agar soondi patte kha rhi hai to esme Ekalux @800 ml per acre ka spray kr skte ho g..
ਕੀ ਕਿਸਾਨ ਖਾਦਾਂ, ਸਪਰੇ ਤੇ ਬੀਜ online ਮੰਗਵਾ ਸਕਦੇ ਆ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ?
(pb)
Han ji aap spray or khaadein online mangwa skte ho lekin yeh apko mehnga padh skta hai...
sir metabolite powder cow nu kis tra dita jave ji ?
(pb)
Punjab
Palwinder singh tuci iss powder di rojana ek pudi deo, iss nu tuci danne vich milla ke ya chare vich milla ke pashu nu de skde ho, jiwe tuhada pashu khanda hai uss trike nal deo ji.
मुझे मोती की खेती के बारे में जानकारी चाहिए, यह कैसे होती और पानी कितना चाहिए, इसके बीज कहाँ से मिलते है ?
(en)
Madhya Pradesh
अगर आप छोटे से इन्वेस्टमेंट से लाखों कमाना चाहते हैं तो आपके लिए मोती की खेती एक बेहतर विकल्प हो सकती है मोती की मांग इन दिनों घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में काफी अधिक है, इसलिए इसके अच्छे दाम भी मिल रहे हैं आप महज 2 लाख रुपए के इंन्वेस्ट से इससे करीब डेढ़ साल में इंटीग्रेटेड फार्मिंग करके 10-12 लाख रुपए यानी हर महीने 1लाख रुपए से अधिक की कमाई कर सकते हैं आइए आपको बताते हैं कि कैसे करें मोती की खेती से कमाई... कम लागत ज्यादा मुनाफा Pearl Farming बाजार में 1 मिमी से 20 मिमी सीप के मोती का दाम करीब 300 रूपये से लेकर 1500 रूपये होता है आजकल डिजायनर मोतियों को खासा पसन्द किया जा रहा है जिनकी बाजार में अच्छी कीमत मिलती है भारतीय बाजार की अपेक्षा विदेशी बाजार में मोतिओ का निर्यात कर काफी अच्छा पैसा कमाया जा सकता है तथा सीप से मोती निकाल लेने के बाद सीप को भी बाजार में बेंचा जा सकता है सीप द्वारा कई सजावटी सामान तैयार किये जाते है जैसे कि सिलिंग झूमर, आर्कषक झालर, गुलदस्ते आदि सीपों से नदीं और तालाबों के जल का शुद्धिकरण भी होता रहता है जिससे जल प्रदूषण की समस्या से काफी हद तक निपटा जा सकता है सूखा-अकाल की मार झेल रहे किसानों एवं बेरोजगार छात्र-छात्राओं को मीठे पानी में मोती संवर्धन के क्षेत्र में आगे आना चाहिए क्योंकि मोतीयों की मांग देश विदेश में बनी रहने के कारण इसके खेती का भविष्य उज्जवल प्रतीत होता है भारत के अनेक राज्यों के नवयुवकों ने मोती उत्पादन को एक पेशे के रूप में अपनाया है उत्तर प्रदेश ,मध्य प्रदेश,झारखण्ड एवं छत्तीसगढ़ राज्य में भी मोती उत्पादन की बेहतर संभावना है मोती संवर्द्धन से सम्बधित अधिक जानकारी के लिए Smt बमाेरिया 9584120929 (Bamoriya मोती फार्म एवं ट्रेनिंग सेंटर) से संपर्क किया जा सकता है यह संस्थान ग्रामीण नवयुवकों, किसानों एवं छात्र-छात्राओँ को मोती उत्पादन पर तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करता है किसान हैल्प भी किसानों एवं छात्र-छात्राओँ को मोती उत्पादन पर तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करता है मोती एक प्राकृतिक रत्न है जो सीप के अंदर पैदा होता है इसकी खेती भी की जाती है मोती की खेती मे ज्यादा खर्चा भी नहीं होता किसान ही नहीं बल्कि नौकरी पेसे वाले वे लोग भी कर सकते हैं जिनके पास मात्र सप्ताह के 2 दिन का समय ही उपलब्ध रहता है इस ग्रुप का उद्देश्य मोती की खेती को हर इच्छुक व्यक्ति तक पहुंचाना है
Madhya Pradesh
मोती पालन की संपूर्ण जानकरी हेतु कृपया whatapp kre 9770085381 9584120929 . मोती पालन के फायदे - मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में जल स्तर को बढ़ाकर सरकार की मदद (4) बचे हुए सामान से हस्तकला उद्योग को बढ़ावा देना (5) यदि महिला वर्ग इस व्यवसाय में आते है तो ज्यादा फायदे है क्योकि मोती के आभूषण के साथ साथ मदर ऑफ़ पर्ल (Shell jewellery) का भी फायदा ले सकते है (6) आसपास के लोगो को रोजगार अधिक जानकारी संपर्क करे ..अमित बमोरिया 9407461361 9770085381 बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र मध्य प्रदेश https://m.bhaskar.com/news/MP-HOSH-quitting-govt-job-engineer-is-earning-money-from-pearl-cultivation-news-hindi-5533297-PHO.html
how we raise pearls farming ?
(en)
Madhya Pradesh
Moti ki Kheti ke bare me puri jankari or is ki training ke lia aap Achal singh 9711858258 (GLITTERATI PEARL FARMS) se samparak kare.
Madhya Pradesh
plz wtapp 9770085381
Pearls ki kheti karne ka tarika aur seeds kaha se milenge ?
(hn)
Madhya Pradesh
Moti ki Kheti ke bare me puri jankari or is ki training ke lia aap Achal singh 9711858258 (GLITTERATI PEARL FARMS) se samparak kare.
Madhya Pradesh
seed ghar pr bana skte hai 9770085381
Sir jeere ke bhav ka aage kya anuman hai ?
(hn)
Maharashtra
Devendra ji jeere ke aage aane vale rate ke bare me abhi kuch nahi kaha ja sakta kyuki fasl ka rate govt. dwara hi team Kita jata hai.
ਸਰ ਜੀ ਪਸ਼ੂਆ ਨੂੰ ਜੂੰਆਂ ਬਹੁਤ ਹਨ, ਕੋਈ ਇਲਾਜ ਦੱਸੋ ?
(pb)
Punjab
ਗੁਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ ਲਈ Extick ਦਵਾਈ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਹ Vet Mankind ਕੰਪਨੀ ਦੀ ਦਵਾਈ ਹੈ ਇਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ 2 ਮਿਲੀ ਨੂੰ ਇਕ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ, ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਆਸ ਪਾਸ ਸਾਫ ਸਫਾਈ ਦਾ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ ਜੀ
ਦਰਮਿਆਨੀ ਜਮੀਨ ਵਿੱਚ ਦੀ ਕਿਹੜੀ ਕਿਸਮ ਲਗਾਈ ਜਾਵੇ
(pb)
Kulwinder g kirpa krke apna swaal visthaar se pucho or batao aap kis fasal ki variety ke baare mein jaankari chahte ho g..
ਝੋਨੇ ਦੀ ਕਿਸਮ
Sir g ki Basmati 1121 best aa ja 1718 ?
(pb)
Lovepreet g 1121 kisam jyaada bdhya hai. iss ka jhaad achi jameen mein 15-16 qtl prati acre aa skta hai.
गुरू जी मुझे एक दम पयोर देशी गाय माता जी चाहिए जी मे राजस्थान हनुमानगढ से हूँ जी कृपया मुझे बताइए जी कहा से मिल सकती है जी मुझे देशी गाय चाहिए जी ?
(hn)
Rajasthan
रोबिन सिंह जी साहीवाल गाय लेने के लिए आप मेरे से नवरूप सिंह 9649038200 संपर्क करें
Mungi da rate punjab ?
(pb)
Punjab
saab ji kirpa karke daso ke tuc moongi de beej de rate di jankari laina chahunde ho ja eh kehde rate vikdi hai oh jankari laina chahunde ho ta jo tuhanu os de hisab nal jankari diti ja sake.dhanwad
Punjab
Sarkari rate hai moongi ka 6975₹ per quintal.
ਟਮਾਟਰਾਂ ਨੂੰ ਕੀੜੇ ਤੋਂ ਔਰਗੈਨਿਕ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਕਿਵੇਂ ਬਚਾਇਆ ਜਾਏ ?
(pb)
ਟਮਾਟਰ ਵਿਚ ਕੀੜੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਹਰੀ ਮਿਰਚ 5 ਕਿਲੋ, ਲਸਣ 5 ਕਿਲੋ, ਅੱਕ ਤੇ ਪੱਤੇ 5 ਕਿਲੋ, ਸੁਖਚੈਨ ਦੇ ਪੱਤੇ 5 ਕਿਲੋ, ਧਤੂਰਾ 5 ਕਿਲੋ, ਅਰਿੰਡ 5 ਕਿਲੋ ਨੂੰ 10 ਲੀਟਰ ਨੂੰ ਗਾਂ ਦੇ ਮੂਤਰ ਵਿੱਚ 4 ਦਿਨ ਲਈ ਭਿਓਂ ਕੇ ਰੱਖੋ 4 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਬਾਅਦ ਇਨ੍ਹਾਂ ਪੱਤਿਆਂ ਨੂੰ ਗਾਂ ਮੂਤਰ ਵਿੱਚ ਮਸਲੋ ਅਤੇ 1 ਦਿਨ ਲਈ ਫਿਰ ਇਸ ਨੂੰ ਛਾਂ ਵਿੱਚ ਰੱਖੋ ਇਸ ਨੂੰ ਢੱਕ ਕੇ ਅਤੇ ਛਾਂ ਵਿੱਚ ਰੱਖਣਾ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਗੋਲ ਨੂੰ ਕਿਸੇ ਕੱਪੜੇ ਨਾਲ ਪੁਣ ਲਓ ਅਤੇ ਫਿਰ 100 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਇਸ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ
ਸਰ ਜੀ ਗਾਂ ਦੇ ਚੱਡੇ ਤੇ ਸੋਜ ਆ ਤਾਜੀ ਸੂਈ, ਇਲਾਜ ਦੱਸੋ ?
(en)
Punjab
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਇੰਜੈਕਸ਼ਨ Amoxirum Fort 4.5gm, ਇੰਜੈਕਸ਼ਨ Megludyne 20ml, ਇੰਜੈਕਸ਼ਨ Isoflud 5ml ਲਗਾਓ ਤੇ ਨਾਲ Bolus Sarrakind plus ਦੀਆ 2 ਗੋਲੀਆ ਰੋਜ਼ਾਨਾ ਦਿਓ
ਮੱਝ ਦੀ ਪੂਛ ਤੇ ਲੱਗੀ ਬਾਹਮਣੀ ਦਾ ਕੀ ਇਲਾਜ ਹੈ ਜੀ, ਦੇਸੀ ਵੀ ਤੇ ਅੰਗ੍ਰੇਜ਼ੀ ਵੀ ?
(en)
ਉਸ ਨੂੰ ਸਰੋੰ ਦਾ ਤੇਲ ਕਲਕਾ ਕੇ ਉਸ ਵਿਚ ਪੂਸ਼ ਡਬੋ ਦਿਉ ਜਿਥੋਂ ਤਕ ਬਾਹਮਣੀ ਲੱਗੀ ਹੈ
I want to pearl farming. i dont know about that how to pearl farming and how to get the seeds ?
(en)
Madhya Pradesh
अगर आप छोटे से इन्वेस्टमेंट से लाखों कमाना चाहते हैं तो आपके लिए मोती की खेती एक बेहतर विकल्प हो सकती है मोती की मांग इन दिनों घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में काफी अधिक है, इसलिए इसके अच्छे दाम भी मिल रहे हैं आप महज 2 लाख रुपए के इंन्वेस्ट से इससे करीब डेढ़ साल में इंटीग्रेटेड फार्मिंग करके 10-12 लाख रुपए यानी हर महीने 1लाख रुपए से अधिक की कमाई कर सकते हैं आइए आपको बताते हैं कि कैसे करें मोती की खेती से कमाई... कम लागत ज्यादा मुनाफा Pearl Farming बाजार में 1 मिमी से 20 मिमी सीप के मोती का दाम करीब 300 रूपये से लेकर 1500 रूपये होता है आजकल डिजायनर मोतियों को खासा पसन्द किया जा रहा है जिनकी बाजार में अच्छी कीमत मिलती है भारतीय बाजार की अपेक्षा विदेशी बाजार में मोतिओ का निर्यात कर काफी अच्छा पैसा कमाया जा सकता है तथा सीप से मोती निकाल लेने के बाद सीप को भी बाजार में बेंचा जा सकता है सीप द्वारा कई सजावटी सामान तैयार किये जाते है जैसे कि सिलिंग झूमर, आर्कषक झालर, गुलदस्ते आदि सीपों से नदीं और तालाबों के जल का शुद्धिकरण भी होता रहता है जिससे जल प्रदूषण की समस्या से काफी हद तक निपटा जा सकता है सूखा-अकाल की मार झेल रहे किसानों एवं बेरोजगार छात्र-छात्राओं को मीठे पानी में मोती संवर्धन के क्षेत्र में आगे आना चाहिए क्योंकि मोतीयों की मांग देश विदेश में बनी रहने के कारण इसके खेती का भविष्य उज्जवल प्रतीत होता है भारत के अनेक राज्यों के नवयुवकों ने मोती उत्पादन को एक पेशे के रूप में अपनाया है उत्तर प्रदेश ,मध्य प्रदेश,झारखण्ड एवं छत्तीसगढ़ राज्य में भी मोती उत्पादन की बेहतर संभावना है मोती संवर्द्धन से सम्बधित अधिक जानकारी के लिए Smt बमाेरिया 9584120929 (Bamoriya मोती फार्म एवं ट्रेनिंग सेंटर) से संपर्क किया जा सकता है यह संस्थान ग्रामीण नवयुवकों, किसानों एवं छात्र-छात्राओँ को मोती उत्पादन पर तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करता है किसान हैल्प भी किसानों एवं छात्र-छात्राओँ को मोती उत्पादन पर तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करता है मोती एक प्राकृतिक रत्न है जो सीप के अंदर पैदा होता है इसकी खेती भी की जाती है मोती की खेती मे ज्यादा खर्चा भी नहीं होता किसान ही नहीं बल्कि नौकरी पेसे वाले वे लोग भी कर सकते हैं जिनके पास मात्र सप्ताह के 2 दिन का समय ही उपलब्ध रहता है इस ग्रुप का उद्देश्य मोती की खेती को हर इच्छुक व्यक्ति तक पहुंचाना है
Madhya Pradesh
मोतियों की खेती के प्रति लोगों के बढ़ते हुए उत्साह को देखते हुए हमने मोती की खेती की ट्रेनिंग क्लासेस शुरू की हैं यह ट्रेनिंग 1 दिन की होती है ,इस 1दिनों में सीप में डिज़ाइनर मोती और गोल मोती बनाने की विधि के बारे में पूरी जानकारी विस्तार से दी जाती है सीपों का पालन पोषण सीपों की सर्जरी आदि के बारे में विस्तार से बताया जाता है कृपया इच्छुक व्यक्ति प्रशिक्षण के लिए कम से कम 5 दिन पहले बताएं प्रशिक्षण में निम्नलिखित विषयों को विस्तार से समझाया जाता है, 1. सीपों के प्रकार 2. सीप के विभिन्न अंग 3. प्रयोग में लाए जाने वाले सभी प्रकार के इंस्ट्रुमेंट्स 4. मोतियों का बीज अर्थार्त बीड़ बनाने की विधि तथा उसके लिए प्रयोग में लाए जाने वाले पदार्थ की जानकारी 5. Designer bead तथा गोल बीड़ तैयार करना 6 डिजाइनर मोती तैयार करने की विधि 7. तालाब बनाने की विधि के बारे में 8. सीपों के लिए भोजन तैयार करने की विधि 9. Operation से पहले सीपों के रखरखाव के बारे में 10. ऑपरेशन करके गोल मोती तैयार करने की विधि 11. ऑपरेशन के पश्चात सीपों के रखरखाव के बारे में
Madhya Pradesh
मोती पालन की संपूर्ण जानकरी हेतु कृपया whatapp kre 9770085381 9584120929 . मोती पालन के फायदे - मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में जल स्तर को बढ़ाकर सरकार की मदद (4) बचे हुए सामान से हस्तकला उद्योग को बढ़ावा देना (5) यदि महिला वर्ग इस व्यवसाय में आते है तो ज्यादा फायदे है क्योकि मोती के आभूषण के साथ साथ मदर ऑफ़ पर्ल (Shell jewellery) का भी फायदा ले सकते है (6) आसपास के लोगो को रोजगार अधिक जानकारी संपर्क करे ..अमित बमोरिया 9407461361 9770085381 बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र मध्य प्रदेश https://m.bhaskar.com/news/MP-HOSH-quitting-govt-job-engineer-is-earning-money-from-pearl-cultivation-news-hindi-5533297-PHO.html
105 jhone vare dso g change pani wali ja made pani poori jankari deo g ?
(pb)
Haryana
ਇਸ ਕਿਸਮ ਦਾ ਨਾਮ BR 105 ਹੈ ਇਹ ਪ੍ਰਾਈਵੇਟ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸ ਕਿਸਮ ਦਾ ਝਾੜ 30-35 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ ਕਿਸਮ 145-150 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ 2 ਨੰਬਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਵੀ ਉਗਾਈ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ
vegetables te insecticide spray krn te kadon harvest kareye ?
(en)
Vegetables vich insecticide da spray krn to 3-4 din harvesting kro g..
Punjab
Spray krne k baad 3-5 din tak turaai naa krey
Goat boldi ni os nu ki medicine diye ?
(pb)
Punjab
3 month ho gaye soyi nu
ਆਪਣੇ ਕੋਲ ਤਾਜੀ ਸੂਈ ਗਾ ਉਹ ਫੀਡ ਬਹੁਤ ਘੱਟ ਖਾਦੀ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਕਿਹੜੀ ਦਵਾਈ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇ ਤਾ ਜੋ ਫੀਡ ਪੂਰੀ ਖਾਵੇ ?
(pb)
Punjab
ਕੁਲਵੰਤ ਜੀ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Enerdyna liquid 100-100ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Hepaways liquid 50ml ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈਣ ਲਗ ਜਾਵੇਗਾ ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ ਇਕ ਵਾਰ ਸਾਰੀ ਫੀਡ ਨਾ ਦਿਓ ਉਸ ਨੂੰ ਥੋੜੀ ਥੋੜੀ ਕਰਕੇ ਫੀਡ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ.
Punjab
thanks
Moti ki kheti kaise kare ?
(hn)
Punjab
Moti ki kheti ke bare me puri jankari or is ki training ke lia aap Achal Singh 9711858258 and Bijender Chouhan 9719994499 se samparak kare.
Madhya Pradesh
plz wtapp for pearl farming detail 9770085381
Seep ki kheti kaise kare ?
(hn)
Madhya Pradesh
मोती पालन के फायदे ( मोती पालन एवं सहयोगी व्यवसाय की संपूर्ण जानकारी के लिए कृपया Whatapp करे 9770085381 एवं 9584120929 ) मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में जल स्तर को बढ़ाकर सरकार की मदद (4) बचे हुए सामान से हस्तकला उद्योग को बढ़ावा देना (5) यदि महिला वर्ग इस व्यवसाय में आते है तो ज्यादा फायदे है क्योकि मोती के आभूषण के साथ साथ मदर ऑफ़ पर्ल (Shell jewellery) का भी फायदा ले सकते है (6) आसपास के लोगो को रोजगार अधिक जानकारी संपर्क करे ..अमित बमोरिया 9407461361 9770085381 बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र मध्य प्रदेश https://m.bhaskar.com/news/MP-HOSH-quitting-govt-job-engineer-is-earning-money-from-pearl-cultivation-news-hindi-5533297-PHO.html
Organic kheti kaise karte hai ?
(hn)
Organic kheti mein nitrogen base fertilizer ka use nhi hota. eske liye aap green manure crops ko khet mein mulch krke nitrogen add kr skte ho. Insecticides ka spray krne ke beejaye yellow trap ka use kro ..
Punjab
ਜੈਵਿਕ ਖੇਤੀ ਲਈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਖੇਤ ਦੀ ਹਰੇਕ ਫਸਲ ਦੀ ਰਹਿੰਦ ਖੂੰਹਦ ਵਿੱਚ ਵਾਹੋ ਦੇਸੀ ਰੂੜੀ ਵਰਤੋ ਵੇਸਟ ਡੀ ਕੰਪੋਜਰ , ਵੇਸਟ ਡੀ ਕੰਪੋਜਰ ਚ ਲਘੂ ਤੱਤ ਬਣਾ ਕੇ ਵਰਤੋ, ਨਦੀਨ ਨਾਸ਼ਕਾਂ ਦੀ ਜਗਾਹ ਗੁਡਾਈ ਕਰੋ, ਰਸਾਇਣਿਕ ਕੀਟਨਾਸ਼ਕਾਂ ਦੀ ਜਗਾਹ ਦੇਸੀ ਕੀਟਨਾਸ਼ਕ ਤਿਆਰ ਕਰ ਕੇ ਵਰਤੋ ਜਿਵੇਂ ਨਿੰਮ ਅਸਤਰ, ਅਗਨੀ ਅਸਤਰ, ਨਿੰਮ ਦੇ ਤੇਲ, ਰਸਾਇਣਿਕ ਉੱਲੀ ਨਾਸ਼ਕ ਦੀ ਥਾਂ ਤੇ ਦੇਸੀ ਉੱਲੀਨਾਸ਼ਕ ਤਿਆਰ ਕਰ ਕੇ ਵਰਤੋ ਜਿਵੇਂ ਲੱਸੀ , ਕੱਚਾ ਦੁੱਧ , ਫਟਕੜੀ ਆਦਿ
Punjab
Tarachand sahu g, Organic Kheti ke liye aap apne khet mein her ik fasal ki praali, naar jo bhi ktai krne k baad bch jaata hai udo khet mein vaah do. Nitrogen ke liye Green manure ki fasal beejo jaise moong, jantr. Pshu ke Gobar ki khaad use kro. Herbicide ke liye gudaai kro. Chemical Pesticides ki jgah Organic pesticide like neem oil, neem astr, Agni astr, brahm astr bna k use kro. Chemical Fungicide ki jgah Organic fungicide like saash. Kcha doodh, trichoderma, pseudomonas use kro.
I have stock of Black Rice, Marketing Place of India help me, my contact number 9434110685 ?
(en)
Punjab
susanta ji there is no company which deals with black rice the farmers do self marketing by the means of social media. if you want more information you can contact to Puneet thind 99913 20236. thank you
37×33 ਜਮੀਨ ਦੀ ਮਿਣਤੀ ਕਨਾਲਾ ਵਿੱਚ ਕਿਵੇਂ ਕਰੀਏ।
(pb)
Punjab
ਜੇਕਰ ਕਰਮਾ ਵਿੱਚ ਹੈ ਤਾਂ 7 ਕਨਾਲ ਤੇ 19 ਮਰਲੇ ਜਗਾਂ ਬਣਦੀ ਹੈ ਜੀ
30000th layer poultry farming ke liye kitna jamin chahiye ?
(hn)
Haryana
Iman Hossain Faraji ji iske liye aapko 1 acre jagah ki jarurat padegi ji.
मोतियों की खेती के बारे में जानकारी चाहिए ?
(hn)
Madhya Pradesh
मोती पालन के फायदे ( मोती पालन एवं सहयोगी व्यवसाय की संपूर्ण जानकारी के लिए कृपया Whatapp करे 9770085381 एवं 9584120929 ) मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में जल स्तर को बढ़ाकर सरकार की मदद (4) बचे हुए सामान से हस्तकला उद्योग को बढ़ावा देना (5) यदि महिला वर्ग इस व्यवसाय में आते है तो ज्यादा फायदे है क्योकि मोती के आभूषण के साथ साथ मदर ऑफ़ पर्ल (Shell jewellery) का भी फायदा ले सकते है (6) आसपास के लोगो को रोजगार अधिक जानकारी संपर्क करे ..अमित बमोरिया 9407461361 9770085381 बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र मध्य प्रदेश https://m.bhaskar.com/news/MP-HOSH-quitting-govt-job-engineer-is-earning-money-from-pearl-cultivation-news-hindi-5533297-PHO.html
Sat shri Akal, dosto mere kol hf nasal di ik cow hai, osda dudh (milk) d fat bahut ghat hai ki kaaran ho sakda hai ?
(pb)
Punjab
ਫੈਟ ਘਟਣ ਦੇ ਕਈ ਕਾਰਨ ਹੁੰਦੇ ਹੈ, ਜਿਵੇਂ ਸਹੀ ਖੁਰਾਕ ਨਾ ਮਿਲਣਾ, ਟਾਈਮ ਤੇ ਡੇਵਰਮਿੰਗ ਨਾ ਹੋਣਾ, ਰਹਿਣ ਸਹਿਣ ਵਿਚ ਦਿਕੱਤ ਹੋਣਾ, ਇਹਨਾਂ ਕਾਰਨਾਂ ਕਰਕੇ ਵੀ ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਅਤੇ ਫੈਟ ਘਟ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਇਸਦਾ ਸੰਬੰਧ ਪਸ਼ੂ ਦੀ ਨਸਲ ਤੇ ਵੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਕਿਉਕਿ ਜੇਕਰ ਨਸਲ ਵਧਿਆ ਹੈ ਤਾਂ ਫੈਟ ਅਤੇ ਦੁੱਧ ਵੀ ਵਧਿਆ ਹੋਵੇਗਾ ਜੇਕਰ ਨਸਲ ਵਧਿਆ ਨਹੀਂ ਹੈ ਤਾਂ ਉਸਦਾ ਉਨ੍ਹਾਂ ਹੀ ਦੁੱਧ ਅਤੇ ਫੈਟ ਹੋਵੇਗੀ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਉਸ ਨਸਲ ਦਾ ਹੈ ਫੈਟ ਵਧਾਾਉਣ ਲਈ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਦੇਸੀ ਕਪਾਹ ਦੇ ਵੜੇਵੇ ਚਾਰੋ ਜੀ ਅਤੇ ਬੀਟੀ ਕਾਟਨ ਦੀ ਵਰਤੋ ਬਿਲਕੁੱਲ ਨਾ ਕਰੋ ਅਤੇ ਦੁੱਧ ਵਧਾਉਣ ਤੁਸੀ ਦਾਣੇ ਨੂੰ ਗਿੱਲਾ ਕਰਕੇ ਉਸ ਵਿੱਚ 10 ਗ੍ਰਾਮ ਲਾਈਵਈਸਟ ਮਿਲਾ ਕੇ ਦੁੱਧ ਚੋਣ ਤੋਂ 10 ਮਿੰਟ ਪਹਿਲਾ ਘੋਲ ਕੇ ਪਾਓ ਇਹ ਲਾਈਵਈਸਟ ਤੁਹਾਨੂੰ ਪੰਸਾਰੀ ਦੀ ਦੁਕਾਨ ਤੋਂ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗਾ ਇਹ ਜਿਆਦਾ ਟਾਈਮ ਨਹੀ ਪਿਆ ਰਹਿਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਇਸ ਨਾਲ ਦੁੱਧ ਵੱਧ ਜਾਵੇਗਾ ਜਾਂ ਤੁਸੀ ਕੱਦੂ ਜਾਂ ਲੋਕੀ ਖਵਾਓ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਇਹ ਵੀ ਦੁੱਧ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਠੀਕ ਹੈ ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ Fatplus ਜਾਂ Fatmax 50 ਗ੍ਰਾਮ ਪਾਊਡਰ ਵੀ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸ ਨਾਲ ਫੈਟ ਵਿੱਚ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ, ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ Milkout ਪਾਊਡਰ 2-2 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਦੁੱਧ ਵੱਧ ਜਾਵੇਗਾ
अधिक उत्पादन देने वाली नींबू की प्रजाति बताये ?
(hn)
Punjab
परवीन कुमार जी आप नींबू की किसम जैसे Kagzi,Dhaulakuan Seedless की बिजाई कर सकते है इसमें 20-25 प्रतिशत मात्रा रस की होती है
ਰਿੰਡ ਦੀ ਖੇਤੀ ਬਾਰੇ ਦੱਸਿਆ ਜਾਵੇ ਜੀ ਕੀ ਇਹ ਪੰਜਾਬ ਮਲੋਟ ਵਿਖੇ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਆ ਜੀ ਮਾਰਕਿਟ ਕਿਥੇ ਹੋਵੇਗੀ ?
(pb)
Punjab
ਆਰੰਡੀ ਮੁੱਖ ਤੌਰ ਤੇ ਇਸ ਦੇ ਬੀਜਾਂ ਲਈ ਉਗਾਇਆ ਜਾਣ ਵਾਲਾ ਪੌਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਬੀਜਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਕੱਢੇ ਹੋਏ ਤੇਲ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਖਾਣ ਲਈ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ, ਪਰ ਇਹ ਉਦਯੋਗਿਕ ਪੱਧਰ ਤੇ ਵਿਆਪਕ ਤੌਰ ਤੇ ਵਰਤਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਸਾਬਣ ਬਣਾਉਣ, ਸਿਆਹੀ ਦੀ ਛਪਾਈ ਅਤੇ ਲੂਬਰੀਕੈਂਟ ਦੇ ਤੌਰ ਤੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਵਪਾਰਕ ਖੇਤੀ ਲਈ ਘੱਟ ਉਪਜਾਊ ਜ਼ਮੀਨ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਅਰੰਡੀ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਪਰ ਡੂੰਘੀ, ਚੰਗੇ ਨਿਕਾਸ ਵਾਲੀ, ਉਪਜਾਊ, ਹਲਕੀ ਤੇਜਾਬੀ ਰੇਤਲੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਉਗਾਉਣ ਤੇ ਵਧੀਆ ਪਰਿਣਾਮ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਮਿੱਟੀ ਦੀ pH 5 ਤੋਂ 8.5 ਦੇ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਗਰਮੀ ਵਿੱਚ ਖੇਤ ਦੀ ਤਿੰਨ ਤੋਂ ਚਾਰ ਵਾਰ ਵਾਹੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਨਦੀਨ ਖਤਮ ਕਰਨ ਅਤੇ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਨਮੀ ਰੱਖਣ ਵਿੱਚ ਸਹਾਇਤਾ ਮਿਲੇਗੀ ਡਲਿਆਂ ਨੂੰ ਤੋੜਨ ਲਈ ਵਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਤਵੀਆਂ ਨਾਲ ਵਾਹੋ, ਫਿਰ ਮਿੱਟੀ ਦਾ ਪੱਧਰੀ ਕਰੋ ਤਾਂ ਜੋ ਪਾਣੀ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਖੜਾ ਨਾ ਹੋਵੇ ਅਰੰਡੀ ਨੂੰ ਸਾਲ ਭਰ ਉਗਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ, ਜਿੱਥੇ ਸਿੰਚਾਈ ਦੀ ਸੁਵਿਧਾ ਉਪਲੱਬਧ ਹੋਵੇ ਅਰੰਡੀ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਜੁਲਾਈ ਦੇ ਦੂਸਰੇ ਹਫਤੇ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਅਗਸਤ ਦਾ ਪਹਿਲਾ ਹਫਤਾ ਉਪਯੁਕਤ ਹੈ ਫਾਸਲਾ ਕਿਸਮ ਅਤੇ ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਸਮੇਂ ਤੇ ਆਧਾਰਿਤ ਹੈ, ਸਿੰਚਿਤ ਹਾਲਾਤਾਂ ਵਿੱਚ 90 ਸੈ.ਮੀ. x 60 ਸੈ.ਮੀ. ਜਾਂ 120 ਸੈ.ਮੀ.x 60 ਸੈ.ਮੀ.ਫਾਸਲੇ ਦੀ ਵਰਤੋ ਕਰੋ ਬਾਰਾਨੀ ਹਾਲਾਤਾਂ ਵਿੱਚ 60 ਸੈ.ਮੀ. x 45 ਸੈ.ਮੀ ਫਾਸਲੇ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ ਇਸ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਟੋਆ ਪੁੱਟ ਕੀ ਹੀ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਕਿਸਮ ਦੇ ਆਧਾਰ ਤੇ ਫਸਲ ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਕਟਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਦੀ ਹੈ ਜਦੋਂ ਇੱਕ ਜਾਂ ਦੋ ਫਲ ਦੁੱਕਦੇ ਦਿਖਾਈ ਦੇਣ ਤਾਂ ਅਰੰਡੀ ਦੇ ਗੁੱਛਿਆਂ ਵਿੱਚ ਕਟਾਈ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਰੰਡੀ ਦੀ ਪੂਰੀ ਫਸਲ ਨੂੰ 17-20 ਸਿੰਚਾਈਆਂ ਦੀ ਜ਼ਰੂਰਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਪਹਿਲੀ ਸਿੰਚਾਈ ਬਾਰਿਸ਼ ਦੇ ਬਾਅਦ 60-75 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਕਰੋ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 20ਵੇਂ ਅਤੇ 50ਵੇਂ ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਹੱਥ ਨਾਲ ਗੁਡਾਈ ਕਰੋ ਇਸਦਾ ਮੰਡੀਕਰਨ ਹਿਸਾਰ ਅਤੇ ਸਿਰਸਾ ਵਿਚ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
ਕਿ ਕਣਕ ਸੌ ਰੁਪਏ ਕਿੱਲੋ ਹੋਵੇਗੀ ?
(pb)
Sukhjinder g iho g koi v update nahi ayi hai...Jekar koi v iss trah de rate di update aundi hai tan tuhanu ihh update jrur de ditti jawegi.
ਮੂੰਗੀ ਵਿੱਚ ਪੱਠੇ ਹੱਰੇ ਹੋ ਗਏ ਕਿਹੜੀ ਦਵਾਈ ਵਧੀਆ ਕੰਮ ਕਰੂ ਦੱਸੋ ਜੀ ?
(pb)
Gurpal singh g kirpa kr ke ihh dso ki tuc nadeena di gal kr rhe ho ja fir vaise koi chaara hra ho gya hai...kirpa kr ke vistaar nal dso.
Punjab
ਚੋੜੇ ਪੱਤਿਅਾ ਨਦੀਨ ਅਤੇ ਲੰਮੇ ਪੱਤਿਅਾ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨ ਹੋ ਗੲੇ ਜੀ
Pathankot vich vdia faldar podhe kithon ate kehri nursery ton milenge ?
(pb)
Punjab
tuc lugath,cheeku, kinnu, angoor, litchi ,amrood, apple ber di bijai kar sakde ho.
anjeer ki kheti k liye achi kisam k sath sath Anya jankari batayen ?
(hn)
Punjab
अंजीर की खेती भिन्न-भिन्न जलवायु वाले स्थानों में की जाती है, परंतु भूमध्यसागरीय जलवायु इसके लिए अत्यंत उपयुक्त है फल के विकास तथा परिपक्वता के समय वायुमंडल का शुष्क रहना अत्यंत आवश्यक है पर्णपाती वृक्ष होने के कारण पाले का प्रभाव इस पर कम पड़ता है यों तो सभी प्रकार की मिट्टी में इसका वृक्ष उपजाया जा सकता है, परंतु दोमट अथवा मटियार दोमट, जिसमें उत्तम जल निकास (ड्रेनेज) हो, इसके लिए सबसे श्रेष्ठ मिट्टी है इसमें प्राय खाद नहीं दी जाती; तो भी अच्छी फसल के लिए प्रति वर्ष प्रति वृक्ष २०-३० सेर सड़े हुए गोबर की खाद या कंपोस्ट जनवरी-फरवरी में देना लाभदायक है इसे अधिक सिंचाई की भी आवश्यकता नहीं पड़ती ग्रीष्म ऋतु में फल की पूर्ण वृद्धि के लिए एक या दो सिंचाई कर देना अत्यंत लाभप्रद है अंजीर के नए पौधे मुख्यत कृत्तों (कटिंग) द्वारा प्राप्त होते हैं एक वर्ष की अवस्था की डाल का इस कार्य के लिए प्रयोग किया जाता है कृत्त जनवरी में लगाए जाते हैं और एक वर्ष बाद इस प्रकार तैयार हुए पौधों को स्थायी स्थान पर पंद्रह-पंद्रह फुट की दूरी पर रोपते हैं प्रति वर्ष सुषुप्ति काल में इसकी कटाई-छँटाई करनी चाहिए क्योंकि अच्छे फल पर्याप्त मात्रा में नई डालियों पर ही आते हैं फल अप्रैल से जून तक प्राप्त होते हैं लगाने के तीन वर्ष बाद वृक्ष फल देने लगता है और एक स्वस्थ, प्रौढ़ वृक्ष से लगभग ४०० फल मिलते हैं पत्तियों के निचले भाग में एक प्रकार का रोग लगता है जिसे मंडूर (रस्ट) कहते हैं, परंतु यह रोग विशेष हानिकारक नहीं है आप इसकी किस्मे जैसे Brown Turkey. Smyrna Fig की बिजाई कर सकते है
sir gaa nu sui nu 15 Din Ho ge 20letters dudh C pr ikdam dudh bahut ght gya ki reason aa G AND ki dita jave jo o dudh pura kr jave ?
(pb)
Punjab
lovepreet ji pashu de dudh ghatan de kai karan hunde hai jiwe sahi khurak na milna, khurak vich change honna, time te deworming na hona, rehn sehn vich koi dikat hona, baki ehna dina vich pashu garmi krke v dudh ghtt krda hai, uss nu tuci hun Anabolite liquid 100ml rojana, Gog powder rojana 1 pudi ate Calcimust gold liquid 100ml rojana dena suru kro , iss nal farak paa jawega.
Punjab
thanks g
Moti ki kheti kaise kre ?
(en)
Punjab
Shrikant Pandey ji Moti ki kheti ke bare mein puri jankari ke lia aap Vinod Kumar 9050555757 se samparak kare.
Punjab
Shrikant Pandey ji Moti ki kheti ke bare mein puri jankari ke lia aap Vinod Kumar 9050555757 se samparak kare.
Madhya Pradesh
अगर आप छोटे से इन्वेस्टमेंट से लाखों कमाना चाहते हैं तो आपके लिए मोती की खेती एक बेहतर विकल्प हो सकती है मोती की मांग इन दिनों घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में काफी अधिक है, इसलिए इसके अच्छे दाम भी मिल रहे हैं आप महज 2 लाख रुपए के इंन्वेस्ट से इससे करीब डेढ़ साल में इंटीग्रेटेड फार्मिंग करके 10-12 लाख रुपए यानी हर महीने 1लाख रुपए से अधिक की कमाई कर सकते हैं आइए आपको बताते हैं कि कैसे करें मोती की खेती से कमाई... कम लागत ज्यादा मुनाफा Pearl Farming बाजार में 1 मिमी से 20 मिमी सीप के मोती का दाम करीब 300 रूपये से लेकर 1500 रूपये होता है आजकल डिजायनर मोतियों को खासा पसन्द किया जा रहा है जिनकी बाजार में अच्छी कीमत मिलती है भारतीय बाजार की अपेक्षा विदेशी बाजार में मोतिओ का निर्यात कर काफी अच्छा पैसा कमाया जा सकता है तथा सीप से मोती निकाल लेने के बाद सीप को भी बाजार में बेंचा जा सकता है सीप द्वारा कई सजावटी सामान तैयार किये जाते है जैसे कि सिलिंग झूमर, आर्कषक झालर, गुलदस्ते आदि सीपों से नदीं और तालाबों के जल का शुद्धिकरण भी होता रहता है जिससे जल प्रदूषण की समस्या से काफी हद तक निपटा जा सकता है सूखा-अकाल की मार झेल रहे किसानों एवं बेरोजगार छात्र-छात्राओं को मीठे पानी में मोती संवर्धन के क्षेत्र में आगे आना चाहिए क्योंकि मोतीयों की मांग देश विदेश में बनी रहने के कारण इसके खेती का भविष्य उज्जवल प्रतीत होता है भारत के अनेक राज्यों के नवयुवकों ने मोती उत्पादन को एक पेशे के रूप में अपनाया है उत्तर प्रदेश ,मध्य प्रदेश,झारखण्ड एवं छत्तीसगढ़ राज्य में भी मोती उत्पादन की बेहतर संभावना है मोती संवर्द्धन से सम्बधित अधिक जानकारी के लिए Smt बमाेरिया 9584120929 (Bamoriya मोती फार्म एवं ट्रेनिंग सेंटर) से संपर्क किया जा सकता है यह संस्थान ग्रामीण नवयुवकों, किसानों एवं छात्र-छात्राओँ को मोती उत्पादन पर तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करता है किसान हैल्प भी किसानों एवं छात्र-छात्राओँ को मोती उत्पादन पर तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करता है मोती एक प्राकृतिक रत्न है जो सीप के अंदर पैदा होता है इसकी खेती भी की जाती है मोती की खेती मे ज्यादा खर्चा भी नहीं होता किसान ही नहीं बल्कि नौकरी पेसे वाले वे लोग भी कर सकते हैं जिनके पास मात्र सप्ताह के 2 दिन का समय ही उपलब्ध रहता है इस ग्रुप का उद्देश्य मोती की खेती को हर इच्छुक व्यक्ति तक पहुंचाना है
Madhya Pradesh
मोतियों की खेती के प्रति लोगों के बढ़ते हुए उत्साह को देखते हुए हमने मोती की खेती की ट्रेनिंग क्लासेस शुरू की हैं यह ट्रेनिंग 1 दिन की होती है ,इस 1दिनों में सीप में डिज़ाइनर मोती और गोल मोती बनाने की विधि के बारे में पूरी जानकारी विस्तार से दी जाती है सीपों का पालन पोषण सीपों की सर्जरी आदि के बारे में विस्तार से बताया जाता है कृपया इच्छुक व्यक्ति प्रशिक्षण के लिए कम से कम 5 दिन पहले बताएं प्रशिक्षण में निम्नलिखित विषयों को विस्तार से समझाया जाता है, 1. सीपों के प्रकार 2. सीप के विभिन्न अंग 3. प्रयोग में लाए जाने वाले सभी प्रकार के इंस्ट्रुमेंट्स 4. मोतियों का बीज अर्थार्त बीड़ बनाने की विधि तथा उसके लिए प्रयोग में लाए जाने वाले पदार्थ की जानकारी 5. Designer bead तथा गोल बीड़ तैयार करना 6 डिजाइनर मोती तैयार करने की विधि 7. तालाब बनाने की विधि के बारे में 8. सीपों के लिए भोजन तैयार करने की विधि 9. Operation से पहले सीपों के रखरखाव के बारे में 10. ऑपरेशन करके गोल मोती तैयार करने की विधि 11. ऑपरेशन के पश्चात सीपों के रखरखाव के बारे में
Madhya Pradesh
मोती पालन की संपूर्ण जानकरी हेतु कृपया whatapp kre 9770085381 9584120929 . मोती पालन के फायदे - मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में जल स्तर को बढ़ाकर सरकार की मदद (4) बचे हुए सामान से हस्तकला उद्योग को बढ़ावा देना (5) यदि महिला वर्ग इस व्यवसाय में आते है तो ज्यादा फायदे है क्योकि मोती के आभूषण के साथ साथ मदर ऑफ़ पर्ल (Shell jewellery) का भी फायदा ले सकते है (6) आसपास के लोगो को रोजगार अधिक जानकारी संपर्क करे ..अमित बमोरिया 9407461361 9770085381 बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र मध्य प्रदेश https://m.bhaskar.com/news/MP-HOSH-quitting-govt-job-engineer-is-earning-money-from-pearl-cultivation-news-hindi-5533297-PHO.html
Moti ki kheti kaise hoti hai ?
(hn)
Punjab
Travadi Aliasgar जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 से संपर्क करें
Madhya Pradesh
सर जी बहुत बहुत शुभकानाए . मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जिसमे आप अपनी एक अलग पहचान और अच्छी आय प्राप्त कर सकते है उचित मार्गदर्शन और सही रूपरेखा किसी भी व्ववसाय को उचाईयो तक ले जा सकता है मोती पालन में के लिए घर ,छत ,आँगन ,बालकनी ,तालाब. आदि में किया जा सकता है .मोती निकलने के बाद सीप की ज्वेलरी ,भस्म ,दवाये ,उनके मांस का उपयोग आदि से भी आय प्राप्त की जा सकती है .मोती पालन के साथ कुछ सहयोगी व्यवसाय हे जिनसे आय के अधिक साधन हो सकते है .अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे 9770085381.
Madhya Pradesh
अगर आप छोटे से इन्वेस्टमेंट से लाखों कमाना चाहते हैं तो आपके लिए मोती की खेती एक बेहतर विकल्प हो सकती है मोती की मांग इन दिनों घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में काफी अधिक है, इसलिए इसके अच्छे दाम भी मिल रहे हैं आप महज 2 लाख रुपए के इंन्वेस्ट से इससे करीब डेढ़ साल में इंटीग्रेटेड फार्मिंग करके 10-12 लाख रुपए यानी हर महीने 1लाख रुपए से अधिक की कमाई कर सकते हैं आइए आपको बताते हैं कि कैसे करें मोती की खेती से कमाई... कम लागत ज्यादा मुनाफा Pearl Farming बाजार में 1 मिमी से 20 मिमी सीप के मोती का दाम करीब 300 रूपये से लेकर 1500 रूपये होता है आजकल डिजायनर मोतियों को खासा पसन्द किया जा रहा है जिनकी बाजार में अच्छी कीमत मिलती है भारतीय बाजार की अपेक्षा विदेशी बाजार में मोतिओ का निर्यात कर काफी अच्छा पैसा कमाया जा सकता है तथा सीप से मोती निकाल लेने के बाद सीप को भी बाजार में बेंचा जा सकता है सीप द्वारा कई सजावटी सामान तैयार किये जाते है जैसे कि सिलिंग झूमर, आर्कषक झालर, गुलदस्ते आदि सीपों से नदीं और तालाबों के जल का शुद्धिकरण भी होता रहता है जिससे जल प्रदूषण की समस्या से काफी हद तक निपटा जा सकता है सूखा-अकाल की मार झेल रहे किसानों एवं बेरोजगार छात्र-छात्राओं को मीठे पानी में मोती संवर्धन के क्षेत्र में आगे आना चाहिए क्योंकि मोतीयों की मांग देश विदेश में बनी रहने के कारण इसके खेती का भविष्य उज्जवल प्रतीत होता है भारत के अनेक राज्यों के नवयुवकों ने मोती उत्पादन को एक पेशे के रूप में अपनाया है उत्तर प्रदेश ,मध्य प्रदेश,झारखण्ड एवं छत्तीसगढ़ राज्य में भी मोती उत्पादन की बेहतर संभावना है मोती संवर्द्धन से सम्बधित अधिक जानकारी के लिए Smt बमाेरिया 9584120929 (Bamoriya मोती फार्म एवं ट्रेनिंग सेंटर) से संपर्क किया जा सकता है यह संस्थान ग्रामीण नवयुवकों, किसानों एवं छात्र-छात्राओँ को मोती उत्पादन पर तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करता है किसान हैल्प भी किसानों एवं छात्र-छात्राओँ को मोती उत्पादन पर तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करता है मोती एक प्राकृतिक रत्न है जो सीप के अंदर पैदा होता है इसकी खेती भी की जाती है मोती की खेती मे ज्यादा खर्चा भी नहीं होता किसान ही नहीं बल्कि नौकरी पेसे वाले वे लोग भी कर सकते हैं जिनके पास मात्र सप्ताह के 2 दिन का समय ही उपलब्ध रहता है इस ग्रुप का उद्देश्य मोती की खेती को हर इच्छुक व्यक्ति तक पहुंचाना है
Madhya Pradesh
मोतियों की खेती के प्रति लोगों के बढ़ते हुए उत्साह को देखते हुए हमने मोती की खेती की ट्रेनिंग क्लासेस शुरू की हैं यह ट्रेनिंग 1 दिन की होती है ,इस 1दिनों में सीप में डिज़ाइनर मोती और गोल मोती बनाने की विधि के बारे में पूरी जानकारी विस्तार से दी जाती है सीपों का पालन पोषण सीपों की सर्जरी आदि के बारे में विस्तार से बताया जाता है कृपया इच्छुक व्यक्ति प्रशिक्षण के लिए कम से कम 5 दिन पहले बताएं प्रशिक्षण में निम्नलिखित विषयों को विस्तार से समझाया जाता है, 1. सीपों के प्रकार 2. सीप के विभिन्न अंग 3. प्रयोग में लाए जाने वाले सभी प्रकार के इंस्ट्रुमेंट्स 4. मोतियों का बीज अर्थार्त बीड़ बनाने की विधि तथा उसके लिए प्रयोग में लाए जाने वाले पदार्थ की जानकारी 5. Designer bead तथा गोल बीड़ तैयार करना 6 डिजाइनर मोती तैयार करने की विधि 7. तालाब बनाने की विधि के बारे में 8. सीपों के लिए भोजन तैयार करने की विधि 9. Operation से पहले सीपों के रखरखाव के बारे में 10. ऑपरेशन करके गोल मोती तैयार करने की विधि 11. ऑपरेशन के पश्चात सीपों के रखरखाव के बारे में
Moti ka kachcha mall kaha se milta hai or kitne price ka. Seep kaha se milti hai ?
(en)
Punjab
Praveen ji Moti ki kheti ke bare mein puri jankari ke lia aap Bijender Chouhan 9719994499 se samparak kare.
Punjab
Moti ki kheti ke bare me puri jankari or is ki training ke lia aap Achal Singh 9711858258 se samparak kare.
Madhya Pradesh
अगर आप छोटे से इन्वेस्टमेंट से लाखों कमाना चाहते हैं तो आपके लिए मोती की खेती एक बेहतर विकल्प हो सकती है मोती की मांग इन दिनों घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में काफी अधिक है, इसलिए इसके अच्छे दाम भी मिल रहे हैं आप महज 2 लाख रुपए के इंन्वेस्ट से इससे करीब डेढ़ साल में इंटीग्रेटेड फार्मिंग करके 10-12 लाख रुपए यानी हर महीने 1लाख रुपए से अधिक की कमाई कर सकते हैं आइए आपको बताते हैं कि कैसे करें मोती की खेती से कमाई... कम लागत ज्यादा मुनाफा Pearl Farming बाजार में 1 मिमी से 20 मिमी सीप के मोती का दाम करीब 300 रूपये से लेकर 1500 रूपये होता है आजकल डिजायनर मोतियों को खासा पसन्द किया जा रहा है जिनकी बाजार में अच्छी कीमत मिलती है भारतीय बाजार की अपेक्षा विदेशी बाजार में मोतिओ का निर्यात कर काफी अच्छा पैसा कमाया जा सकता है तथा सीप से मोती निकाल लेने के बाद सीप को भी बाजार में बेंचा जा सकता है सीप द्वारा कई सजावटी सामान तैयार किये जाते है जैसे कि सिलिंग झूमर, आर्कषक झालर, गुलदस्ते आदि सीपों से नदीं और तालाबों के जल का शुद्धिकरण भी होता रहता है जिससे जल प्रदूषण की समस्या से काफी हद तक निपटा जा सकता है सूखा-अकाल की मार झेल रहे किसानों एवं बेरोजगार छात्र-छात्राओं को मीठे पानी में मोती संवर्धन के क्षेत्र में आगे आना चाहिए क्योंकि मोतीयों की मांग देश विदेश में बनी रहने के कारण इसके खेती का भविष्य उज्जवल प्रतीत होता है भारत के अनेक राज्यों के नवयुवकों ने मोती उत्पादन को एक पेशे के रूप में अपनाया है उत्तर प्रदेश ,मध्य प्रदेश,झारखण्ड एवं छत्तीसगढ़ राज्य में भी मोती उत्पादन की बेहतर संभावना है मोती संवर्द्धन से सम्बधित अधिक जानकारी के लिए Smt बमाेरिया 9584120929 (Bamoriya मोती फार्म एवं ट्रेनिंग सेंटर) से संपर्क किया जा सकता है यह संस्थान ग्रामीण नवयुवकों, किसानों एवं छात्र-छात्राओँ को मोती उत्पादन पर तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करता है किसान हैल्प भी किसानों एवं छात्र-छात्राओँ को मोती उत्पादन पर तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करता है मोती एक प्राकृतिक रत्न है जो सीप के अंदर पैदा होता है इसकी खेती भी की जाती है मोती की खेती मे ज्यादा खर्चा भी नहीं होता किसान ही नहीं बल्कि नौकरी पेसे वाले वे लोग भी कर सकते हैं जिनके पास मात्र सप्ताह के 2 दिन का समय ही उपलब्ध रहता है इस ग्रुप का उद्देश्य मोती की खेती को हर इच्छुक व्यक्ति तक पहुंचाना है
Madhya Pradesh
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NDRI ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਡੇਅਰੀ ਖੋਜ ਸੰਸਥਾ ਚ ਵਿਭਿੰਨ ਟਰੇਨਿੰਗ ਸਿਖਲਾਈ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮਾਂ ਅਧੀਨ ਇੱਕ ਕੰਲੈਡਰ ਤਿਆਰ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੀ ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ ਟਰੇਨਿੰਗ ਤੇ ਸਮੇਂ ਸੜੀ ਚੋਣ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਸੈਂਟਰ ਚ ਸੂਚਿਤ ਕਰੋ ਜ਼ਿਆਦਾ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਅਫਸਰਾਂ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ ਇਹ ਸਾਰੀਆਂ ਟਰੇਨਿੰਗ NDRI ਕਰਨਾਲ ਚ ਹੋਸਟਲ ਸੁਵਿਧਾ ਦੇ ਨਾਲ ਉਪਲਬਧ ਹਨ ਇੱਥੇ ਕੋਈ ਵੀ ਵਿਅਕਤੀ ਆ ਕੇ ਟਰੇਨਿੰਗ ਲੈ ਸਕਦਾਹੈ Dr A.K.Singh Principal Scientist (DT Division),NDRI & Secretary, SINED (TBI) Phone +91 184-2259304 , 2251347, 2259329 Alternate mobile No. Mob. No.: + 9996344630 (D.K. Arora) Mob. No.: + 9050821997 (Deepak Kumar) ?
(en)
Punjab
Jankari lai bohat bohat Dhanvad Nishan singh ji.
गेंदा फूल की खेती कैसे करते हैं ?
(hn)
Maharashtra
आप गेंदे की खेती करना चाहते है से मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है मिट्टी अच्छे निकास वाली होनी चाहिए क्योंकि यह फसल जल जमाव वाली मिट्टी में स्थिर नहीं रह सकती मिट्टी की pH 6.5 से 7.5 होनी चाहिए तेजाबी और खारी मिट्टी इसकी खेती के लिए अनुकूल नहीं है फ्रैंच गेंदे की किस्म हल्की मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है जबकि अफ्रीकी गेंदे की किस्म उच्च जैविक खाद वाली मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है प्रसिद्ध किस्में :- African Marigold: इस किस्म की फसल 90 सैं.मी. तक लम्बी होती है इसके फूल बड़े आकार के और लैमन, पीले, सुनहरे, संतरी और गहरे पीले रंग के होते हैं यह लम्बे समय की किस्म है इसकी अन्य किस्में जैसे Giant Double African Orange, Crown of Gold, Giant Double African Yellow, Chrysanthemum Charm, Golden Age, Cracker Jack आदि हैं French Marigold: यह छोटे कद की जल्दी पकने वाली किस्में हैं इसके फूल छोटे आकार के और पीले, संतरी, सुनहरे पीले, लाल जंग और महोगनी रंग के होते हैं इसकी अन्य किस्में जैसे Rusty Red, Butter Scotch, Red Borcade, Star of India, Lemon drop आदि हैं Pusa Basanti Gainda: यह लम्बे समय की किस्म है इसका पौधा 58.80 सैं.मी. लम्बा और गहरे हरे रंग के पत्ते होते हैं इसके फूल सल्फर पीले, दोहरे और कारनेशन किस्म के होते हैं Pusa Narangi Gainda: फूल निकलने के लिए 125-136 दिनों की आवश्यकता होती है इसका पौधा लम्बा और कद में 73.30 सैं.मी. का होता है और पत्ते गहरे हरे रंग के होते हैं इसके फूल संतरी रंग के और कारनेशन किस्म के होते हैं फूल घने और दोहरी परत वाले होते हैं इसके ताजे फूलों की पैदावार 140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने के लिए आखिरी जोताई के समय 250 क्विंटल रूड़ी की खाद और अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर मिट्टी में मिलायें गेंदे की बिजाई एक वर्ष में कभी भी की जा सकती है बारिश के मौसम में इसकी बिजाई मध्य जून से मध्य जुलाई में करें सर्दियों में इसकी बिजाई मध्य सितंबर से मध्य अक्तूबर में पूरी कर लें नर्सरी बैड 3x1 मीटर आकार के तैयार करें गाय का गला हुआ गोबर मिलायें बैडों में नमी बनाए रखने के लिए पानी दें सूखे फूलों का चूरा करें और उनका कतार या बैड पर छिड़काव करें जब पौधों का कद 10-15 सैं.मी. हो जाये, तब वे रोपाई के लिए तैयार होते हैं फैंच किस्म को 35x35 सैं.मी. और अफ्रीकी किस्म को 45x45 सैं.मी. के फासले पर रोपाई करें नर्सरी बैड पर बीजों का छिड़काव करें बिजाई के लिए पनीरी ढंग का प्रयोग किया जाता है एक एकड़ खेत के लिए 600 से 800 ग्राम बीजों की आवश्यकता होती है जब फसल 30-45 दिन की हो जाए, तब पौधे के सिरे से उसे काट दें इससे पौधे को झाड़ीदार और घना होने में मदद मिलती है, इससे फूलों की गुणवत्ता और अच्छा आकार भी प्राप्त होता है बिजाई से पहले बीजों को एजोसपीरियम 200 ग्राम को 50 मि.ली. धान के चूरे में मिलाकर उपचार करें शुरूआती खुराक के तौर पर अच्छी वृद्धि के लिए नाइट्रोजन 32 किलो (यूरिया 70 किलो), फासफोरस 16 किलो (एस एस पी 100 किलो), पोटाश 32 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 53 किलो) प्रति एकड़ में डालें मिट्टी की किस्म के अनुसार खाद की खुराक बदल दें सही खुराक देने के लिए मिट्टी की जांच करवायें और उसके आधार पर खुराक दें नदीनों की संख्या के आधार पर गोडाई करें खेत में रोपाई के बाद तुरंत सिंचाई करें कली बनने से लेकर कटाई तक की अवस्था सिंचाई के लिए बहुत महत्तवपूर्ण होती है अप्रैल से जून के महीने में 4-5 दिनों के अंतराल पर लगातार सिंचाई करना आवश्यक होता है किस्म के आधार पर गेंदा 2 से 2.5 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं फ्रैंच गेंदे की किस्म 1.5 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाती है जबकि अफ्रीकी गेंदे की किस्म दो महीने में तैयार हो जाती है जब गेंदे का पूरा आकार विकसित हो जाये तब उसे तोड़ लें कटाई सुबह के समय और शाम के समय करें फूलों की तुड़ाई से पहले खेत को सिंचित करना चाहिए इससे फूलों की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहती है इसे आप अपनी नजदीकी फूल मंडी में बेच कर इसे अपनी आय का साधन बना सकते है
Sir Moti utpadan kaise kare ?
(hn)
Punjab
Bhimkumar जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 से संपर्क करें
Madhya Pradesh
अगर आप छोटे से इन्वेस्टमेंट से लाखों कमाना चाहते हैं तो आपके लिए मोती की खेती एक बेहतर विकल्प हो सकती है मोती की मांग इन दिनों घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में काफी अधिक है, इसलिए इसके अच्छे दाम भी मिल रहे हैं आप महज 2 लाख रुपए के इंन्वेस्ट से इससे करीब डेढ़ साल में इंटीग्रेटेड फार्मिंग करके 10-12 लाख रुपए यानी हर महीने 1लाख रुपए से अधिक की कमाई कर सकते हैं आइए आपको बताते हैं कि कैसे करें मोती की खेती से कमाई... कम लागत ज्यादा मुनाफा Pearl Farming बाजार में 1 मिमी से 20 मिमी सीप के मोती का दाम करीब 300 रूपये से लेकर 1500 रूपये होता है आजकल डिजायनर मोतियों को खासा पसन्द किया जा रहा है जिनकी बाजार में अच्छी कीमत मिलती है भारतीय बाजार की अपेक्षा विदेशी बाजार में मोतिओ का निर्यात कर काफी अच्छा पैसा कमाया जा सकता है तथा सीप से मोती निकाल लेने के बाद सीप को भी बाजार में बेंचा जा सकता है सीप द्वारा कई सजावटी सामान तैयार किये जाते है जैसे कि सिलिंग झूमर, आर्कषक झालर, गुलदस्ते आदि सीपों से नदीं और तालाबों के जल का शुद्धिकरण भी होता रहता है जिससे जल प्रदूषण की समस्या से काफी हद तक निपटा जा सकता है सूखा-अकाल की मार झेल रहे किसानों एवं बेरोजगार छात्र-छात्राओं को मीठे पानी में मोती संवर्धन के क्षेत्र में आगे आना चाहिए क्योंकि मोतीयों की मांग देश विदेश में बनी रहने के कारण इसके खेती का भविष्य उज्जवल प्रतीत होता है भारत के अनेक राज्यों के नवयुवकों ने मोती उत्पादन को एक पेशे के रूप में अपनाया है उत्तर प्रदेश ,मध्य प्रदेश,झारखण्ड एवं छत्तीसगढ़ राज्य में भी मोती उत्पादन की बेहतर संभावना है मोती संवर्द्धन से सम्बधित अधिक जानकारी के लिए Smt बमाेरिया 9584120929 (Bamoriya मोती फार्म एवं ट्रेनिंग सेंटर) से संपर्क किया जा सकता है यह संस्थान ग्रामीण नवयुवकों, किसानों एवं छात्र-छात्राओँ को मोती उत्पादन पर तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करता है किसान हैल्प भी किसानों एवं छात्र-छात्राओँ को मोती उत्पादन पर तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करता है मोती एक प्राकृतिक रत्न है जो सीप के अंदर पैदा होता है इसकी खेती भी की जाती है मोती की खेती मे ज्यादा खर्चा भी नहीं होता किसान ही नहीं बल्कि नौकरी पेसे वाले वे लोग भी कर सकते हैं जिनके पास मात्र सप्ताह के 2 दिन का समय ही उपलब्ध रहता है इस ग्रुप का उद्देश्य मोती की खेती को हर इच्छुक व्यक्ति तक पहुंचाना है
Madhya Pradesh
मोतियों की खेती के प्रति लोगों के बढ़ते हुए उत्साह को देखते हुए हमने मोती की खेती की ट्रेनिंग क्लासेस शुरू की हैं यह ट्रेनिंग 1 दिन की होती है ,इस 1दिनों में सीप में डिज़ाइनर मोती और गोल मोती बनाने की विधि के बारे में पूरी जानकारी विस्तार से दी जाती है सीपों का पालन पोषण सीपों की सर्जरी आदि के बारे में विस्तार से बताया जाता है कृपया इच्छुक व्यक्ति प्रशिक्षण के लिए कम से कम 5 दिन पहले बताएं प्रशिक्षण में निम्नलिखित विषयों को विस्तार से समझाया जाता है, 1. सीपों के प्रकार 2. सीप के विभिन्न अंग 3. प्रयोग में लाए जाने वाले सभी प्रकार के इंस्ट्रुमेंट्स 4. मोतियों का बीज अर्थार्त बीड़ बनाने की विधि तथा उसके लिए प्रयोग में लाए जाने वाले पदार्थ की जानकारी 5. Designer bead तथा गोल बीड़ तैयार करना 6 डिजाइनर मोती तैयार करने की विधि 7. तालाब बनाने की विधि के बारे में 8. सीपों के लिए भोजन तैयार करने की विधि 9. Operation से पहले सीपों के रखरखाव के बारे में 10. ऑपरेशन करके गोल मोती तैयार करने की विधि 11. ऑपरेशन के पश्चात सीपों के रखरखाव के बारे में
Madhya Pradesh
मोतियों की खेती के प्रति लोगों के बढ़ते हुए उत्साह को देखते हुए हमने मोती की खेती की ट्रेनिंग क्लासेस शुरू की हैं यह ट्रेनिंग 1 दिन की होती है ,इस 1दिनों में सीप में डिज़ाइनर मोती और गोल मोती बनाने की विधि के बारे में पूरी जानकारी विस्तार से दी जाती है सीपों का पालन पोषण सीपों की सर्जरी आदि के बारे में विस्तार से बताया जाता है कृपया इच्छुक व्यक्ति प्रशिक्षण के लिए कम से कम 5 दिन पहले बताएं प्रशिक्षण में निम्नलिखित विषयों को विस्तार से समझाया जाता है, 1. सीपों के प्रकार 2. सीप के विभिन्न अंग 3. प्रयोग में लाए जाने वाले सभी प्रकार के इंस्ट्रुमेंट्स 4. मोतियों का बीज अर्थार्त बीड़ बनाने की विधि तथा उसके लिए प्रयोग में लाए जाने वाले पदार्थ की जानकारी 5. Designer bead तथा गोल बीड़ तैयार करना 6 डिजाइनर मोती तैयार करने की विधि 7. तालाब बनाने की विधि के बारे में 8. सीपों के लिए भोजन तैयार करने की विधि 9. Operation से पहले सीपों के रखरखाव के बारे में 10. ऑपरेशन करके गोल मोती तैयार करने की विधि 11. ऑपरेशन के पश्चात सीपों के रखरखाव के बारे में
Madhya Pradesh
मोती पालन की संपूर्ण जानकरी हेतु कृपया whatapp kre 9770085381 9584120929 . मोती पालन के फायदे - मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में जल स्तर को बढ़ाकर सरकार की मदद (4) बचे हुए सामान से हस्तकला उद्योग को बढ़ावा देना (5) यदि महिला वर्ग इस व्यवसाय में आते है तो ज्यादा फायदे है क्योकि मोती के आभूषण के साथ साथ मदर ऑफ़ पर्ल (Shell jewellery) का भी फायदा ले सकते है (6) आसपास के लोगो को रोजगार अधिक जानकारी संपर्क करे ..अमित बमोरिया 9407461361 9770085381 बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र मध्य प्रदेश https://m.bhaskar.com/news/MP-HOSH-quitting-govt-job-engineer-is-earning-money-from-pearl-cultivation-news-hindi-5533297-PHO.html
ਸਰਕਾਰੀ ਕਣਕ ਦਾ ਰੇਟ ਕੀ ਹੈ ?
(pb)
Punjab
1840
kanak da sarkari rate 1840 rs. prati qtl chal reha hai g.
ਸਰਕਾਰੀ ਕਣਕ ਦਾ ਰੇਟ ਕੀ ਹੈ ?
(pb)
Surinder singh g kanak da sarkari rate 1840rs. prati qtl niklya hai.
?
(hn)
Punjab
कृपया आप अपना सवाल विस्तार से बताएं आपके द्धारा भेंजी गई ओडियो अपलोड नहीं हुई है कृपया दोबारा अपलोड करें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Moti palan ki jankari bataye ?
(hn)
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मोतियों की खेती के प्रति लोगों के बढ़ते हुए उत्साह को देखते हुए हमने मोती की खेती की ट्रेनिंग क्लासेस शुरू की हैं यह ट्रेनिंग 1 दिन की होती है ,इस 1दिनों में सीप में डिज़ाइनर मोती और गोल मोती बनाने की विधि के बारे में पूरी जानकारी विस्तार से दी जाती है सीपों का पालन पोषण सीपों की सर्जरी आदि के बारे में विस्तार से बताया जाता है कृपया इच्छुक व्यक्ति प्रशिक्षण के लिए कम से कम 5 दिन पहले बताएं प्रशिक्षण में निम्नलिखित विषयों को विस्तार से समझाया जाता है, 1. सीपों के प्रकार 2. सीप के विभिन्न अंग 3. प्रयोग में लाए जाने वाले सभी प्रकार के इंस्ट्रुमेंट्स 4. मोतियों का बीज अर्थार्त बीड़ बनाने की विधि तथा उसके लिए प्रयोग में लाए जाने वाले पदार्थ की जानकारी 5. Designer bead तथा गोल बीड़ तैयार करना 6 डिजाइनर मोती तैयार करने की विधि 7. तालाब बनाने की विधि के बारे में 8. सीपों के लिए भोजन तैयार करने की विधि 9. Operation से पहले सीपों के रखरखाव के बारे में 10. ऑपरेशन करके गोल मोती तैयार करने की विधि 11. ऑपरेशन के पश्चात सीपों के रखरखाव के बारे में
mai dairy farm da kam start krna chonda ha graduate aa pehla experience v a ghar rkkhe ne thode animal main idder hi kam start krna chahunda, first training vgera lgoni a kithe lggu ?
(pb)
ਵੱਡੇ ਪੱਧਰ ਤੇ ਡੇਅਰੀ ਫਾਰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨ ਲਈ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਕਿਸੇ ਸਫਲ ਡੇਅਰੀ ਫਾਰਮਰ ਦੀ ਡੇਅਰੀ ਤੇ ਕੁੱਝ ਦਿਨ ਤੱਕ ਰਹਿ ਕੇ ਇਸ ਕੰਮ ਦੀਆਂ ਬਰੀਕੀਆਂ ਨੂੰ ਜਾਣੋ ਕਿਓੁਂਕਿ ਕੁੱਝ ਗੱਲਾਂ ਦਾ ਗਿਆਨ ਸਿਰਫ ਖੁਦ ਕੰਮ ਨੂੰ ਦੇਖਕੇ ਹੀ ਪਤਾ ਚੱਲਦਾ ਹੈ ਬਾਕੀ ਕੁੱਝ ਹੋਰ ਗੱਲਾਂ ਤੁਹਾਡੇ ਨਾਲ ਸ਼ੇਅਰ ਕਰ ਰਹੇ ਹਾਂ ਤੁਸੀ ਇੱਕੋ ਵਾਰ ਇਕੱਠੀਆਂ ਗਾਵਾਂ ਨਾ ਖਰੀਦੋ,ਗਾਵਾਂ ਨੂੰ 2 -2 ਮਹੀਨਿਆ ਤੇ ਵਕਫੇ ਤੇ ਖਰੀਦੋ ਜਾਂ ਫਿਰ 3 ਪਹਿਲਾਂ ਖਰੀਦ ਲਓ ਤੇ 3 ਮਹੀਨੇ ਬਾਅਦ ਫਿਰ ਖਰੀਦ ਲਵੋ ਇਸ ਨਾਲ ਦੁੱਧ ਦੀ ਕਮੀ ਨਹੀਂ ਆਵੇਗੀ ਪਸ਼ੂ ਦੀ ਨਸਲ ਸਭ ਤੋਂ ਜਿਆਦਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਪਸ਼ੂ ਖਰੀਦਣ ਵੇਲੇ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰੋ ਕਿ ਤਿੰਨ ਡੰਗ ਦੀ ਚੁਆਈ ਕਰਕੇ ਹੀ ਪਸ਼ੂ ਖਰੀਦੋ ਮੱਝਾਂ ਦਾ ਇੱਕ ਦਿਨ ਦਾ ਦੁੱਧ 12 ਲੀਟਰ ਅਤੇ ਗਾਵਾਂ ਦਾ ਦੁੱਧ 16-17 ਲੀਟਰ ਤੋਂ ਘੱਟ ਨਾ ਹੋਵੇ ਲਵੇਰੀਆਂ ਨੂੰ ਖਰੀਦਣ ਦਾ ਸਹੀ ਸਮਾਂ ਰੱਖੜੀਆਂ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਵਿਸਾਖੀ ਤੱਕ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਕਿਉਕਿ ਇਸ ਸਮੇਂ ਮੌਸਮ ਸੁਖਾਵਾਂ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਵੀ ਖੁੱਲਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਲਵੇਰੀਆਂ ਲਈ ਸ਼ੈਡ ਆਵਾਜਾਈ ਵਾਲੀ ਸੜਕ ਤੇ ਨਾ ਬਣਾਓ ਅਤੇ ਸ਼ੈਂਡ ਸੜਕ ਤੋਂ ਘੱਟੋ-ਘੱਟ 100 ਗਜ ਹਟਵਾਹ ਜਰੂਰ ਹੋਵੇ ਸ਼ੈਡ ਨੂੰ ਧੁੱਪ ਅਤੇ ਹਵਾ ਦਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖ ਕੇ ਬਣਾਓ ਸ਼ੈਡ ਹਮੇਸ਼ਾ ਖੇਤ ਜਾਂ ਆਲੇ ਦੁਆਲੇ ਨਾਲੋ 2 ਫੁੱਟ ਉੱਚਾ ਬਣਾਓ ਕਿਉਕਿ ਨੀਵੀ ਥਾਂ ਤੇ ਪਾਣੀ ਖੜ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਗੰਦਗੀ ਪੈਦਾ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੇ ਬਾਕੀ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦਾ ਮਲ-ਮੂਤਰ ਦਾ ਨਿਕਾਸ ਵੀ ਅਸਾਨੀ ਨਾਲ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਪਸ਼ੂਆਂ ਲਈ ਬਣਾਈ ਜਾਣ ਵਾਲੀ ਖੁਰਲੀ ਢਾਈ-ਤਿੰਨ ਫੁੱਟ ਚੌੜੀ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਖੁਰਲੀ ਤੇ ਖੜਨ ਲਈ ਇੱਕ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਤਕਰੀਬਨ ਚਾਰ ਫੁੱਟ ਜਗਾਂ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਮਤਲਬ 10 ਪਸ਼ੂਆਂ ਲਈ 40 ਫੁੱਟ ਲੰਬੀ ਖੁਰਲੀ ਬਣੇਗੀ ਡੇਅਰੀ ਫਾਰਮ ਨਾਲ ਸਬੰਧਿਤ ਸਮਾਨ ਰੱਖਣ ਲਈ ਸਟੋਰ ਬਣਾਓ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੀ ਵੰਡ/ਦਾਣਾ ਸਟੋਰ ਕਰਨ ਲਈ ਕਮਰਾ ਸਿਲਾਬ ਤੋਂ ਰਹਿਤ ਹੋਣਾ ਬਹੁਤ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਸ਼ੈਡ ਦਾ ਫਰਸ਼ ਪੱਕਾ, ਤਿਲਕਣ ਰਹਿਤ ਤੇ ਜਲਦੀ ਸਾਫ ਹੋਣ ਵਾਲਾ ਹੋਵੇ ਸ਼ੈਡ ਵਿੱਚ ਜਿੰਨਾ ਹੋ ਸਕੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਖੁੱਲਾ ਛੱਡੋ ਤੇ ਪਾਣੀ ਤੇ ਦਾਣਾ ਪੂਰਾ ਦਿਓ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਖੁੱਲਾ ਛੱਡਣ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂਆਂ ਵਿੱਚ ਅਫਾਰੇ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆਂ ਘੱਟ ਆਉਂਦੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਆਪਣੀ ਲੋੜ ਤੇ ਸਮਰੱਥਾਂ ਮੁਤਾਬਿਕ ਹੀ ਸਮਾਨ ਖਰੀਦੋ ਅਤੇ ਆਰਥਿਕ ਨੁਕਸਾਨ ਤੋਂ ਬਚਣ ਲਈ ਹਰੇਕ ਲਵੇਰੀ ਦਾ ਬੀਮਾ ਜਰੂਰ ਕਰਵਾਓ ਡੇਅਰੀ ਦੀ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦੇਣ ਲਈੇ ਡੇਅਰੀ ਦੀਆ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਪੰਜਾਬ ਡੇਅਰੀ ਡਿਵੈਲਮੈਟ ਬੋਰਡ ਵੱਲੋ ਲਗਾਈਆ ਜਾਂਦੀਆ ਹਨ ਇਸਦਾ ਮੁੱਖ ਦਫਤਰ ਮੋਹਾਲੀ ਵਿੱਚ ਹੈ ਤੇ ਬਾਕੀ ਸਾਰੇ ਮੁੱਖ ਜ਼ਿਲਿਆ ਵਿੱਚ ਇਸ ਦੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸੈਟਰ ਬਣੇ ਹੋਏ ਹਨ ਇਹ ਦੋ ਤਰਾਂ ਦੀਆ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਵਾਉਦਾ ਹੈ ਇੱਕ ਦੋ ਹਫਤਿਆ ਦੀ ਤੇ 6 ਹਫਤਿਆ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਂਗ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਿਲ ਹੋਣ ਲਈ ਉਮੀਦਵਾਰ ਦਾ ਘੱਟੋ ਘੱਟ 8 ਪਾਸ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਫੀਸ ਜਨਰਲ ਕੈਟਾਗਰੀ ਲਈ 1000 ਰੁਪਏ ਹੈ ਤੇ ਐਸ ਸੀ / ਬੀ ਸੀ ਦੀ 700 ਰੁਪਏ ਹੈ ਉਮਰ ਦੀ ਹੱਦ 18-45 ਸਾਲ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਤੇ ਘੱਟੋ ਘੱਟ 5 ਦੁਧਾਰੂ ਪਸ਼ੂ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਇਸ ਦੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸੈਂਟਰ ਦੀ ਲਿਸਟ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਲਿੰਕ ਤੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰਕੇ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗੀ http://pddb.in/Content.aspx guid=CiJTeaYB2lQ=
Vadd amdan vali kheti ?
(pb)
Nishan g kirpa kr ke ihh dso ki tuhada vaahn kis trah da hai ate tuc kanak jhone ton hatt ke koi hor kheti krna chaunde ho ??
Punjab
Nishan BRAR Sahib ਤੁਸੀ ਇੱਕ ਦਮ ਸਾਰੇ ਰਕਬੇ ਚੋਂ ਕਣਕ ਅਤੇ ਝੋਨੇ ਦੀ ਕਾਸ਼ਤ ਬੰਦ ਨਾਂਹ ਕਰਿਓਦੂਸਰੀਆਂ ਫਸਲਾਂ ਦੀ ਕਾਸ਼ਤ ਘੱਟ ਰਕਬੇ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਿਆ ਜੇ ਇੱਕ ਤਾਂ ਤਜਰਬਾ ਹੋ ਜਾਵੇਗਾ ਦੂਸਰਾ ਤਹਾਨੂੰ ਦੂਸਰੀਆਂ ਫਸਲਾਂ ਦੂ ਸਾਂਭ ਸੰਭਾਲ਼ ਬੀਮਾਰੀਆਂ ਆਦਿ ਬਾਰੇ ਗਿਆਨ ਹੋ ਜਾਵੇਗਾ ਕਣਕ ਝੋਨੇ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਈ ਤੁਸੀਂ ਆਪਣੇ ਖੇਤਾਂ ਚ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਫ਼ਸਲੀ ਚੱਕਰ ਅਪਣਾਓ ਜਿਵੇਂ 1) ਝੋਨਾ - ਤੋਰੀਆ- ਮੱਕੀ ( ਝੋਨਾ (111,126), ਜੂਨ ਤੋਂ ਸਤੰਬਰ ਆਖੀਰ ਤੋਰੀਆ TL17, ਅਕਤੂਬਰ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਹਫ਼ਤੇ ਤੋਂ ਜਨਵਰੀ ਮੱਧ ਮੱਕੀ ਜਨਵਰੀ ਤੋਂ ਜੂਨ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਹਫ਼ਤੇ ਤੱਕ ) 2) ਝੋਨਾ- ਗੋਭੀ ਸਰੋਂ - ਮੂੰਗੀ ਝੋਨਾ 114 ( 20 ਜੂਨ ਤੋਂ ਅਕਤੂਬਰ ਮੱਧ) ਗੋਭੀ ਸਰੋਂ GS7 ਅਕਤੂਬਰ ਮੱਧ ਤੋਂ ਅਪ੍ਰੈਲ ਦਾ ਪਹਿਲਾ ਹਫ਼ਤਾਮੂੰਗੀ sml 668/832 10 ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੋਂ ਤਕਰੀਬਨ 15 ਜੂਨ ਤੱਕ 3) ਝੋਨਾ 111/126 - ਸੱਠੇ ਮਟਰ - ਕਣਕ/ ਮੱਕੀਝੋਨਾ 20 June to September last ਮਟਰ AP3 ਅਕਤੂਬਰ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਹਫ਼ਤੇ ਤੋਂ ਜਨਵਰੀ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਹਫ਼ਤੇ ਤੱਕ ਮੱਕੀ PMH 10/ Dekalb 9108 25 ਜਨਵਰੀ ਤੋ ਬੀਜੋ ਜਾਂ ਕਣਕ shri ram 252/ 2851 ਬੀਜ ਦਿਓ 4) ਝੋਨਾ 111/126 / 1509 - ਸ਼ਲਗਮ clause - ਮੱਕੀ / ਮੂੰਗੀ 5)
Punjab
sada vahn jhone ate kanak Wala he jhona 80man ho janda he ate kanak 50 man hojandi he me koi hor kehti karna chaunda haa
Which is the Best Fruit Plant Nursery in District Fathahabad(Haryana) ?
(en)
Punjab
R Singh ji fatehabad Nandini Fruits And Avenue Nursery 9152366043, Amit Nursery 9416287183 se samparak kar sakte hai.