Punjab
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sir dalaal ghol kaise tyar kre, Kya isko 90 days ke Narme pr spray kar sakte hai ? iska Narme pe Kya faayeda hoga ?
(hn)
डॉ. दलाल घोल तैयार करने का फॉर्मूला: • 2.5 किलो यूरिया, 2.5 किलो डी.ए.पी. और आधा किलो जिंक (21 प्रतिशत वाली) लें • डी.ए.पी. को छिड़काव से एक दिन पहले प्लास्टिक या मिट्टी के बर्तन में भिगोकर रख दें और दिन में 2—3 बार इसे डंडे से हिलाते रहें इस प्रक्रिया से डी.ए.पी. खाद में मौजूद पोषक तत्व अच्छी तरह मिल जायेंगे • इसके बाद छिड़काव के समय यूरिया और जिंक को अलग अलग प्लास्टिक या मिट्टी के बर्तनों में पानी में घोल लें इसके बाद 100 लीटर पानी में इन्हें घोलकर फसल पर छिड़कें या फिर एक पैमाना तैयार कर लें और हर टैंकी में उस पैमाने के अनुसार घोली हुई खाद डालते रहें और बाकी पानी मिला लें • इस बात का खास ध्यान रखें कि यह घोल तैयार करने के लिए किसी धातु के बर्तन का प्रयोग ना किया जाये और इस घोल का प्रयोग सिर्फ 100 लीटर पानी में ही किया जाये, ना कम ना ज्यादा • फसल पर घोल की प्रक्रिया साधारण रखें पौधे पर एक ही जगह ज्यादा घोल का छिड़काव ना करें इससे पौधे के पत्तों को नुकसान पहुंच सकता है इस स्प्रे से पौधों को भरपूर पोषक तत्व मिल जायेंगे
sir 25 din ho gye basmati lagi nu, koi koi boote vich fungus hai. 2 boria urea dia pa ditia han. 5 killo zinc, 10 killo loha pa dita hai. sir hun kush paon di lod hai ke hun nhi vadd de boote ?
(pb)
Punjab
gurveer ji tuc lagbhag sariyan khaadan pa ditiyan han hun isde vich kuch vi paun di lod nahi hai is to ilava jekar is vich kise tat di kami de lashan dikhai dite ta tuc isde vich varto kar sakde ho.dhanwad
what is the botnical name of banana ?
(en)
Maharashtra
The scientific names of most cultivated bananas are Musa acuminata, Musa balbisiana, and Musa × paradisiaca for the hybrid Musa acuminata × M. balbisiana, depending on their genomic constitution.
Ede li ki payea 37 dina da hogea jhona ?
(en)
Punjab
sarbjeet ji kripa karke daso ke isde vich kehdi kehdi khaad payi hai ate isde vich tuc gobh di sundi da hamla check karo.jekar maujood hai ta fame@20ml ya coragen@60ml nu prati acre de hisab nal spray karo.dhanwad
Punjab
2,4,D Ik pump ch 50 to 60 ml pa k spray kr sakde bro Khet ch paani suka k
Koi iska upaye btaye kya krna chahiye kon si dawa dalni hai isme ?
(hn)
Punjab
खेत को नदीन मुक्त करने के लिए, दो बार गोडाई की आवश्यकता होती है, पहली गोडाई बिजाई के 20 दिन बाद और दूसरी गोडाई बिजाई के 40 दिन बाद करें रासायनिक तरीके से नदीनों को रोकने के लिए, बिजाई के बाद, दो दिनो में, पैंडीमैथालीन 800 मि.ली. को 100-200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें
Mujhe keri devendra chicks bhopal me chahiye kese milenge ?
(hn)
Punjab
Majaz Ahmed ji Mp me desi chicks lene ke liye aap Sumit Kumar 8006000291,7906547529 Sumit Kumar Poultry Farm and Bhumika ANIMAL Breeder farm 9229881876 se samparak kar sakte hai. Thank you.
Meri cow ke chichadi lagi hai koi organic upaye bataye ?
(hn)
Punjab
पशुओं की डालडा घी से मालिश करें, और पशुओं के आस पास सफाई रखें और आस पास चुना कली डालें, पशुओं को 100 ग्राम तारा मीरा का तेल रोज़ाना 20 दिन दें और पशुओं पर taktic 2ml को 1 लीटर पानी में डाल कर पशुओं पर छिड़काव करें.
8320437059
Moti utpadan kaise kare ?
(hn)
Rajasthan
गौरव जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
PR14 jhona 1 month Da hai ji Jadh Kali ho ke bute suk rhe aa rokan li kush slah deo ji ?
(pb)
Punjab
baljinde rji eh fungus de karn ho reha hai isde layi tuc saaf@500 gram nu mitti vich rla ke prati acre de hisab nal chitta deo.dhanwad
Punjab
dhanwad ji
kloro dvai pa dyo ji
Sir mirch da buta hai bute nu mirch nahi lag rahi ful lag ke jad jande han ki karan hai ?
(en)
Punjab
amarjit ji eh fungus de karn hunde han isdi roktham de layi tuc M-45@4 gram nu prati liter pani de hisab nal spray karo.dhanwad
Punjab
Amarjeet singh ji es uper tusi Kavach syngenta di 4 gram liter pani de hisab nal spray kro
Mooli kado lgai jandi hai ?
(pb)
Punjab
Punjab Pasand: ਇਹ ਕਿਸਮ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਮਾਰਚ ਦੇ ਪੰਦਰਵਾੜੇ ਪੱਖਵਾੜੇ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮ ਦੇ ਸਮੇਂ ਕਰੋ ਜਦਕਿ ਇਹ ਕਿਸਮ ਅਪ੍ਰੈਲ-ਅਗਸਤ ਵਿੱਚ ਬੀਜਣ ਲਈ ਅਨੁਕੂਲ ਹੈ
Jhona 24 days da ho gya hun kal nu 3rd uria dena hai us vich kujh mila ke paun di jarurat hai ja nahi it means fungicide etc ?
(pb)
Punjab
kulveer ji jekar fungus de hamle de lashan dikhai dinde han ta tuc isdi varto kar sakde ho nai ta tuhanu isdi varto karn di lod nahi hai.dhanwad
meri majh nu soon ch 45 din reh gye, usnu kehri khurak deyie jis nal chadha vadda hove te dudh di paidawar v vdhe ? soon toh baad kini feed payie ta ki vadh ghat krna poori jankari deyo ji ?
(pb)
Punjab
uss nu tuci Vitum-h liquid 10-10ml swere sham dena suru kro ate Cargill di Transition mix feed deni suru kro, feed tuci 1.5-2kg ek time di de skde ho, baki tuci suun ton 20 din pehla metabolite powder di rojana 1 pudi deo, ehna nal lewa ate dudh vdia howega.
Dso ji ehda solution ?
(pb)
Punjab
ਜੇਕਰ ਪਨੀਰੀ ਉੱਪਰ ਤੋਂ ਪੀਲੀ ਪੈ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ ਲੋਹੇ ਦੀ ਕਮੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ferrous sulphate 1% @1 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਦੀ chelated ferrous sulphate ਸਪਰੇਅ ਕਰਨੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਅਜੇ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆਂ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਤਾਂ 3 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਕਨਾਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ ਕਈ ਵਾਰ ਪਨੀਰੀ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਕਮੀ ਦੇ ਕਾਰਨ ਵੀ ਪੀਲੀ ਹੋਣੀ ਸੂਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
ਮੈਂ 121 ਝੋਨਾ ਲਾਇਆ ਉਸਦੇ ਹਰ ਬੂਟੇ ਦੇ 1 ਜਾਂ 2 ਪੱਤੇ ਪੀਲੇ ਪੈ ਗਏ ਨੇ ਕੀ ਕਾਰਨ ਹੋ ਸਕਦਾ ?
(pb)
Punjab
ਜੇਕਰ ਪਨੀਰੀ ਉੱਪਰ ਤੋਂ ਪੀਲੀ ਪੈ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ ਲੋਹੇ ਦੀ ਕਮੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ferrous sulphate 1% @1 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਦੀ chelated ferrous sulphate ਸਪਰੇਅ ਕਰਨੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਅਜੇ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆਂ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਤਾਂ 3 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਕਨਾਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ ਕਈ ਵਾਰ ਪਨੀਰੀ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਕਮੀ ਦੇ ਕਾਰਨ ਵੀ ਪੀਲੀ ਹੋਣੀ ਸੂਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
8 दिन हुए हैं धान की रोपाई की हुए देखिए क्या रोग है और उपाय क्या है ?
(hn)
Punjab
Surender g kirpa roots ki photo bhejo or jo khaad daali hai uske bare mein batao..
Sir urad ki fasal me ye Konsa rog hai urad pile pad rhe hai ?
(hn)
Punjab
HANUMAN SINGH ji kripya btaein ke aapne isme kon kon si khaad daali hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Rajasthan
Sir urad ki fasal me Koi bhi khad Nhi dali hai
Sir ki sulphur fungicide da v kmm krda hai ?
(pb)
Punjab
Sulphur 80% contact fungicide da kmm krdi hai.esdi dose @3 kg per acre pa skde ho g..
bilkul sir sulphur Fungicide da kam v krdi a ji
Esda result kiven aw te ki kmm aundi aw ?
(pb)
Punjab
hanji isda vdia result hai tuci isdi varto kr skde ho, iss nal pashuu da dudh vdia hunda hai, ehh calcium di kami puri krdi hai ate pashu di growth vdia hundi hai.
Eh pilli usha do var urea payea sirf , esde patte vekho nishan je pai rahe aww ?
(pb)
Punjab
kashmir ji kirpa karke daso ke isnu zinc payi hai ja nahi jekar nahi payi ta tuc urea de nal rla ke khet vich pao.dhanwad
Sir eh ki horeha jhone nu ki asi padhan pa skde a hun ?
(en)
Punjab
ਜੇਕਰ ਪੱਤੇ ਉੱਪਰ ਤੋਂ ਪੀਲੇ ਪੈ ਰਹੇ ਹਨ ਤਾਂ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ ਲੋਹੇ ਦੀ ਕਮੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ferrous sulphate 1% @1 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਦੀ chelated ferrous sulphate ਸਪਰੇਅ ਕਰਨੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ
My son is suffering from dermatitis , skin problem His hands are itchy , beard and scalp are effected . Pls suggest if any natural way to cure it ?
(en)
Punjab
Mrs Rachna Devi, Apni Kheti app is basically meant to deal with problems in agriculture and allied activities. For skin treatment of your son you must consult your nearby dermatologist. We will provide you a contact number, you can consult with them regarding your problem. 9814305864 - Surinder Singh Nagra. Thank you
Sir eh ki ho reha jhone nu ki asi padhan pa skde a hun ?
(en)
Punjab
amrinder ji kirpa karke daso ke isnu kehdi dikkat aa rahi hai kyuki photo vich kuch saaf dikhai nahi de reha.dhanwad
Sir pig farm di training ho chuki hai. loan kida milega ?
(pb)
ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਲਈ ਲੋਨ ਕੁੱਲ 8 ਲੱਖ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਉਸ ਵਿੱਚ 2 ਲੱਖ ਦੀ ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੀ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਤੁਸੀ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਣ ਵਿਭਾਗ ਵਿੱਚ ਜਾ ਕੇ ਉੱਥੋ ਫਾਈਲ ਤਿਆਰ ਕਰਵਾਓ ਜੀ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਕਿਸੇ CA (charted account) ਤੋਂ ਇਸ ਦੀ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟ ਰਿਪੋਰਟ ਤਿਆਰ ਕਰਵਾ ਕੇ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਣ ਵਿਭਾਗ ਨੂੰ ਦਿਓ ਤੇ ਨਾਲ ਜਿੱਥੇ ਤੁਹਾਡਾ ਖਾਤਾ ਹੈ ਜਾਂ ਕੋਅਪਰੇਟਿਵ ਬੈਕ ਵਿੱਚ ਗੱਲ ਕਰੋ ਜੀ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਬੈਕ ਮੈਨੇਜ਼ਰ ਦੱਸੇਗਾ ਕਿ ਉਹਨਾਂ ਦੀਆ ਲੋਨ ਦੇਣ ਲਈ ਹੋਰ ਕੀ ਸ਼ਰਤਾ ਹਨ ਜੀ
Hybrid tamatar acche ya desi kon se tamatar lagaye ?
(hn)
Punjab
राजेंद्र जी आप किस्मे जैसे Hisar Arun (Selection 7): यह जल्दी पकने वाली और रोपाई के बाद 70 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके फलों की संख्या ज्यादा और फल आकार में बड़े होते हैं इसकी औसतन पैदावार 100 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Hisar Lalit (NT 8): यह किस्म जड़ गलन के प्रतिरोधी है इसकी औसतन पैदावार 100-120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Hissar Lalima (Selection 18): यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसके फल बड़े लाल रंग के होते हैं रोपाई के बाद यह फसल 60-70 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Punjab Chhuhara: यह किस्म बीज रहित, नाशपाती के आकार की, लाल और मोटे छिल्के वाली होती है इसकी क्वालिटी कटाई के बाद 7 दिन तक मंडी में बेचनेयोग्य होती है इसलिए इसे लंबी दूरी वाली स्थानों पर लिजाकर नए उत्पाद तैयार करने के लिए प्रयोग किया जा सकता है HS 110: इसके फल आकार में बड़े होते हैं इसकी औसतन पैदावार 80-100 क्विंटल प्रति एकड़ होती है HS 101: यह उत्तरी भारत में सर्दियों के समय लगाई जाने वाली किस्म है इसके पौधे छोटे होते हैं इस किस्म के टमाटर गोल और दरमियाने आकार के और रसीले होते हैं यह गुच्छों के रूप में लगते हैं यह पत्ता मरोड़ बीमारी की रोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 100-110 क्विंटल प्रति एकड़ होती है HS 102: यह किस्म जल्दी पक जाती है इस किस्म के टमाटर छोटे और दरमियाने आकार के गोल और रसीले होते हैं इसकी औसतन पैदावार 100-110 क्विंटल प्रति एकड़ होती है H 24: इसके फल मध्यम बड़े आकार के होते हैं यह पत्ता मरोड़ बीमारी के प्रतिरोधक होती है इसकी औसतन पैदावार 80-90 क्विंटल प्रति एकड़ होती है H 86: इसके फल मध्यम बड़े आकार के होते हैं यह पत्ता मरोड़ बीमारी के प्रतिरोधक होती है इसकी औसतन पैदावार 80-100 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Hisar Gaurav: इस हाइब्रिड किस्म की औसतन पैदावार 120-130 क्विंटल प्रति एकड़ होती है HTH-2-2: इस हाइब्रिड किस्म की औसतन पैदावार 120-146 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Hello sir I have one question I want growing kinno in my farm what’s good time to growing new plants and how many in one killa and how much cost
(en)
Punjab
The best season for planting is from middle of June (with onset of monsoon) to end of September. To minimize effect of strong wind during initial growth stage, plant Mango, Guava, Jamun, Aonla, Shisham or Mulberry on field boundaries.Minimum plant density of 111 plants/acre should be maintained.
Thanks
ਮੁਛਲ 1401 ਕਿੰਨੇ ਦਿਨ ਦੀ ਵਰਾਇਟੀ ਹੈ। ਇਹ ਨਿਸਰਦੀ ਕਿੰਨੇ ਸਮੇਂ ਬਾਦ ਹੈ ?
(pb)
Punjab
ਪੂਸਾ 1401 ਨੂੰ ਪੂਸਾ ਬਾਸਮਤੀ -6 ਨਾਮ ਨਾਲ ਵੀ ਜਾਣਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਪੂਸਾ 1401 ਦਰਮਿਆਨੀ ਕੱਦ ਦੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਹ ਪੱਕਣ ਲਈ ਲਗਭਗ 150 -155 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ ਲਗਭਗ 17-18q/acre ਹੈ
Yah bacha 50 din ka hai ise kon sa rog hai kripya bataye ?
(hn)
Mukesh ji kripya aap yeh btayen ki isse smasya kya aa rehi hai, aap vistar se apna swal pushen tan jo apko sahi jankari di ja ske.
सर मैं राजस्थान के अजमेर जिले से हूँ जो कि मुझे ड्रेगन फ्रूट का फार्म बनाना है यहाँ के जलवायु में हो जाएगा या नहीं जी जरा आप पूरी जानकारी दें सर ?
(hn)
Chandigarh
हेमन्त कुमार सेन जी इसे मिट्टी की विभिन्न श्रेणियों में अच्छे से उगाया जा सकता है पर यह अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी जिसमें जैविक तत्व अच्छी मात्रा में हो, में उगाया जाये तो अच्छे परिणाम देती है मिट्टी की पी एच 5.5-7 होनी चाहिए रंग के आधार पर इसकी तीन किस्में हैं: 1) लाल छिल्के वाले फल के साथ सफेद गुद्दा 2) लाल छिल्के वाले फल के साथ लाल गुद्दा 3) पीले छिल्के वाले फल के साथ सफेद गुद्दा ड्रैगन फल की खेती के लिए मिट्टी भुरभुरी और अच्छी तरह से जोती गई हो खेत की तैयारी के समय अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर या अच्छी मात्रा में जैविक पदार्थ डालें एक बार खेती के बाद, यह उसी खेत में 15-20 वर्षों तक रहती है इसलिए अच्छे से खेत तैयार करें यह बेल की तरह उगती है इसलिए इसे सहारे के लिए गोल आकार के फ्रेम की जरूरत होती है खंभो का प्रयोग करें क्योंकि वो मजबूत और ज्यादा देर तक चलते हैं मैटल के फ्रेम प्रयोग ना करें क्योंकि वे गर्म होकर पौधे को भी नुकसान पहुंचाते हैं इसकी खेती पूरे वर्ष में की जा सकती है रोपाई बड़े फासले की बजाय छोटे फासले पर करें छोटे फासले पर की गई बिजाई उच्च उपज देती है कतार से कतार में 3 मीटर और पौधे से पौधे में 2 मीटर का फासला रखें सहारे के लिए 2 मीटर लंबे खंभो का प्रयोग करें बेल की कटिंग को एक इंच की गहराई में बोयें बीजों को सीधे बो कर या बेल की कटिंग की रोपाई खेत में की जाती है एक एकड़ खेत में 1700 ड्रैगन पौधे उगाये जा सकते हैं इसका बीजों के द्वारा या कटिंग के द्वारा प्रजनन किया जा सकता है बीजों के द्वारा प्रजनन व्यापारिक खेती के लिए उपयुक्त नहीं होता क्योंकि यह ज्यादा समय लेता है और इसमें मुख्य पौधे के गुण भी नहीं होंगे कटिंग द्वारा प्रजनन अच्छी गुणवत्ता वाले मुख्य पौधे से पौधे के भाग को चुनें पौधे के इस भाग को पॉलीथीन के लिफाफों में जिसमें सूखा गाय का गोबर, मिट्टी और रेत 1:1:2 में हो, लगाएं इन लिफाफों को छांव में रखें जब ये भाग 20 सैं.मी. लंबे हो जायें तो इन्हें मुख्य खेत में रोपण कर दें इन भागों को 60x60x60 सैं.मी. आकार के खड्डों में रोपण करें इसमें मिट्टी, कार्बनिक पदार्थ और 100 ग्राम सुपर फास्फेट डालें 10-15 किलो जैविक खाद प्रति पौधे में डालें प्रत्येक वर्ष जैविक खाद की मात्रा 2 किलो बढ़ा दें जैविक खाद के साथ ही अच्छी वृद्धि और उपज के लिए इसे अकार्बनिक पदार्थों की आवश्यकता होती है वानस्पति अवस्था में यूरिया 70 ग्राम, एस एस पी 90 ग्राम और म्यूरेट ऑफ पोटाश 40 ग्राम प्रति पौधे में डालें फूल निकलने से पहले, फलों के विकसित होने के समय और फलों की कटाई के बाद यूरिया 50 ग्राम, एस एस पी 50 ग्राम और म्यूरेट ऑफ पोटाश 100 ग्राम प्रति पौधे में डालें प्रत्येक वर्ष इस मात्रा को 220 ग्राम से बढ़ा दें और 1.5 किलो प्रति पौधे में डालें बेल की अच्छी वृद्धि और विकास के लिए वर्टीकल में लकड़ी के खंभों के रूप में सहारा दें अपरिपक्व पौधे को इस खंभे से बांध दें अच्छी तरह से छतरी के आकार की बनतर के लिए छंटाई करना आवश्यक होता है प्रत्येक कटाई के बाद छंटाई करें क्योंकि यह कैकटस के परिवार से संबंधित है इसलिए इसे कम पानी की आवश्यकता होती है यह पानी की कमी वाले क्षेत्रों में आसानी से रह सकती है सिंचाई के लिए ड्रिप सिंचाई का प्रयोग किया जाता है पानी को ज्यादा ना लगाएं क्योंकि इससे नदीनों की संख्या बढ़ जाती है क्षेत्र से क्षेत्र में जल की आवश्यकता भिन्न होती है यह मिट्टी, जलवायु, और पौधे के स्वास्थ्य पर आधारित होती है प्रति दिन प्रति पौधे को 1-2 लीटर पानी की आवश्यकता होती है ड्रैगन फल मई-जून के महीने में फूल निकालना शुरू करते हैं और फल अगस्त-दिसंबर के महीने में लगते हैं कटाई का सही समय तब होता है जब फल अपना रंग बदल कर हल्के हरे से लाल रंग का हो जाये रंग बदलने के 3-4 दिन बाद कटाई करें निर्यात के लिए रंग बदलने के एक दिन बाद कटाई करें कटाई हाथों से या दरांती से और तीखे चाकू से भी की जा सकती है इसकी औसतन उपज 5-6 टन प्रति एकड़ ली जा सकती है,अधिक जानकारी के लिए आप नीचे दिए नंबर पर बात कर सकते हैं विजय कुमार 7065414241.धन्यवाद
Rajasthan
थैंक्यू जी मेम
Rajasthan
ड्रेगन के पौधे कहाँ से प्राप्त करें
Mam sarso ki khl dalne ke fayede bta do or kaise dalni hai ye bta do pls.
Hame Taiwan seed chahiye Kahan Milega ?
(hn)
Punjab
Praveen Ji Taiwan papaya seed lene ke liye aap Lukxman ji se 7706000333 sse samparak kar sakte hai. Thank you.
ये मेरा नीबू का पेड़ जो चार वर्ष का है इस में ये कोन सा रोग लगा है
(hn)
Punjab
नीलेश जी कृपया आप इसकी नजदीकी फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Sehjna ki kheti ki jankari chahiye ?
(hn)
Punjab
Dharam dangi जी सभी प्रकार की मिट्टियों में सहजन की खेती की जा सकती है यहाँ तक कि बेकार, बंजर और कम उर्वरा भूमि में भी इसकी खेती की जा सकती है, परन्तु व्यवसायिक खेती के लिए साल में दो बार फलनेवाला सहजन के प्रभेदों के लिए 6-7.5 पी.एच. मान वाली बलुई दोमट मिट्टी बेहतर पाया गया है सहजन के पौध की रोपनी में गड्ढा बनाकर किया जाता है खेत को अच्छी तरह खरपतवार से साफ़-सफाई का 2.5 x 2.5 मीटर की दूरी पर 45 x 45 x 45 सेंमी. आकार का गड्ढा बनाते हैं गड्ढे के उपरी मिट्टी के साथ 10 किलोग्राम सड़ा हुआ गोबर का खाद मिलाकर गड्ढे को भर देते हैं इससे खेत पौध के रोपनी हेतु तैयार हो जाता है सहजन में बीज और शाखा के टुकड़ों दोनों से ही प्रबर्द्धन होता है अच्छी फलन और साल में दो बार फलन के लिए बीज से प्रबर्द्धन करना अच्छा है एक हेक्टेयर में खेती करने के लिए 500 ग्राम बीज पर्याप्त है बीज को सीधे तैयार गड्ढों में या फिर पॉलीथीन बैग में तैयार कर गड्ढों में लगाया जा सकता है पॉलीथीन बैग में पौध एक महीना में लगाने योग्य तैयार हो जाता है एक महीने के तैयार पौध को पहले से तैयार किए गये गड्ढों में माह जुलाई-सितम्बर तक रोपनी कर दें पौध जब लगभग 75 सेंमी. का हो जाये तो पौध के ऊपरी भाग की खोटनी कर दें, इससे बगल से शाखाओं को निकलने में आसानी होगी रोपनी के तीन महीने के बाद 100 ग्राम यूरिया + 100 ग्राम सुपर फास्फेट + 50 ग्राम पोटाश प्रति गड्ढा की दर से डालें तथा इसके तीन महीने बाद 100 ग्राम यूरिया प्रति गड्ढा का पुन: व्यवहार करें सहजन पर किए गए शोध से यह पाया गया कि मात्र 15 किलोग्राम गोबर की खाद प्रति गड्ढा तथा एजोसपिरिलम और पी.एस.बी. (5 किलोग्राम/हेक्टेयर) के प्रयोग से जैविक सहजन की खेती, उपज में बिना किसी ह्रास के किया जा सकता है अच्छे उत्पादन के लिए सिंचाई करना लाभदायक है गड्ढों में बीज से अगर प्रबर्द्धन किया गया है तो बीज के अंकुरण और अच्छी तरह से स्थापन तक नमी का बना रहना आवश्यक है फूल लगने के समय खेत ज्यादा सूखा या ज्यादा गीला रहने पर दोनों ही अवस्था में फूल के झड़ने की समस्या होती है, इस के बारे में और ज्यादा जानकारी के लिए आप J.B Lal 8290200303 से सम्पर्क कर सकते है धन्यवाद
Madhya Pradesh
Sir ji pehale se lage he lekin uske full Chad rahe hai
How many salt in mustard cake ?
(en)
Punjab
Ravi kamboj ji it is rich source of Nitrogen, Phosphorous and Potassium and a wide range of micronutrients including Calcium, Magnesium, Sulphur, Zinc, Copper, Iron, Manganese. etc
सहजन की खेती की पुरी जानकारी चाहिये ?
(hn)
Punjab
जेकी राम देवदास जी सभी प्रकार की मिट्टियों में सहजन की खेती की जा सकती है यहाँ तक कि बेकार, बंजर और कम उर्वरा भूमि में भी इसकी खेती की जा सकती है, परन्तु व्यवसायिक खेती के लिए साल में दो बार फलनेवाला सहजन के प्रभेदों के लिए 6-7.5 पी.एच. मान वाली बलुई दोमट मिट्टी बेहतर पाया गया है सहजन के पौध की रोपनी में गड्ढा बनाकर किया जाता है खेत को अच्छी तरह खरपतवार से साफ़-सफाई का 2.5 x 2.5 मीटर की दूरी पर 45 x 45 x 45 सेंमी. आकार का गड्ढा बनाते हैं गड्ढे के उपरी मिट्टी के साथ 10 किलोग्राम सड़ा हुआ गोबर का खाद मिलाकर गड्ढे को भर देते हैं इससे खेत पौध के रोपनी हेतु तैयार हो जाता है सहजन में बीज और शाखा के टुकड़ों दोनों से ही प्रबर्द्धन होता है अच्छी फलन और साल में दो बार फलन के लिए बीज से प्रबर्द्धन करना अच्छा है एक हेक्टेयर में खेती करने के लिए 500 ग्राम बीज पर्याप्त है बीज को सीधे तैयार गड्ढों में या फिर पॉलीथीन बैग में तैयार कर गड्ढों में लगाया जा सकता है पॉलीथीन बैग में पौध एक महीना में लगाने योग्य तैयार हो जाता है एक महीने के तैयार पौध को पहले से तैयार किए गये गड्ढों में माह जुलाई-सितम्बर तक रोपनी कर दें पौध जब लगभग 75 सेंमी. का हो जाये तो पौध के ऊपरी भाग की खोटनी कर दें, इससे बगल से शाखाओं को निकलने में आसानी होगी रोपनी के तीन महीने के बाद 100 ग्राम यूरिया + 100 ग्राम सुपर फास्फेट + 50 ग्राम पोटाश प्रति गड्ढा की दर से डालें तथा इसके तीन महीने बाद 100 ग्राम यूरिया प्रति गड्ढा का पुन: व्यवहार करें सहजन पर किए गए शोध से यह पाया गया कि मात्र 15 किलोग्राम गोबर की खाद प्रति गड्ढा तथा एजोसपिरिलम और पी.एस.बी. (5 किलोग्राम/हेक्टेयर) के प्रयोग से जैविक सहजन की खेती, उपज में बिना किसी ह्रास के किया जा सकता है अच्छे उत्पादन के लिए सिंचाई करना लाभदायक है गड्ढों में बीज से अगर प्रबर्द्धन किया गया है तो बीज के अंकुरण और अच्छी तरह से स्थापन तक नमी का बना रहना आवश्यक है फूल लगने के समय खेत ज्यादा सूखा या ज्यादा गीला रहने पर दोनों ही अवस्था में फूल के झड़ने की समस्या होती है, इस के बारे में और ज्यादा जानकारी के लिए आप J.B Lal 8290200303 से सम्पर्क कर सकते है धन्यवाद
Mai ek goat farm kholna chahta hu iski shuruvat kaise Kare ?
(hn)
Punjab
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं इसकी ट्रेनिेंग के लिए आप अपने कुषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करे या फिर जो बकरी पालन का व्यवसाय कर रहा कोई किसान उसका फार्म स्वंय जाकर देखकर आयें तो और भी बारीकियों का पता चल जायेगा, आप ब्लैक बंगाल, बीटल, सिरोही, जमुनापरी, बरबरी नस्ल रख सकते हैं.
narme vich meeh da bahut jyada Paani khada hai koi hall dso ja koi govt. helpline number dso ?
(pb)
Punjab
phinder ji tuc kosish karo ke faltu pani bahr kadya ja sake ate pani kadn to bad tuc isde vich sulphur@3 killo prati acre de hisab nal pao.dhanwad
Anda dene vali murgi kese pale ?
(hn)
Punjab
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी दि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो कम से कम 10 हजार मुर्गियों का धंधा शुरू करना चाहते हैं तो आपको 4 से 5 लाख का इतज़ाम करना पड़ेगा, यदि आप 10 हजार मुर्गियों के साथ लेयर फार्मिंग करना चाहते हैं तो आपको 10 से 12 लाख का इंतज़ाम करना पड़ेगा,इसकी ट्रेनिंग लेकर इस काम को शुरू करें ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क कर सकते है बाकि आप किसी सफल पोल्ट्री फार्म के फार्म पर खुद जाकर इस काम को देंखे जिससे आपको इस काम के बारे में ओर भी से जानकारी प्राप्त होगी, इस तरह आप अपने बजट के हिसाब से मुर्गी पालन कर सकते है
Meri bhes dudh kam deti hai Karan ?
(hn)
Punjab
Aap apni bhains ko Anabolite liquid 100ml rojana, Milkout powder 2-2 chamach subah sham dena suru kren, iske sath usko rojana 35-40kg hara chara dena suru kren aur har 3 mahine ke badd deworming jrurr krwayen.
ਮੈਨੂੰ ਇਸੋਂਲੀਨ ਤੇ ਮੁਸ਼ਕ ਕਪੂਰ ਦਾ ਬੂਟਾ ਚਾਹੀਦਾ ਏ ਜੋ ਮੈਨੂੰ ਕਿਸੇ ਵੀ ਨਰਸਰੀ ਤੋਂ ਨਹੀਂ ਮਿਲ ਰਿਹਾ ਜੇ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਪਤਾ ਹੈ ਤਾਂ ਜਰੂਰ ਦੱਸੇ ਓ ?
(pb)
Punjab
ਕਮਲਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਜੀ ਇਸੋਂਲੀਨ ਤੇ ਮੁਸ਼ਕ ਕਪੂਰ ਦੇ ਬੂਟੇ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ surinder Nagra 9814305864 Rehsam Ayurvedic Nursery ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Punjab
ਧੰਨਵਾਦ ਜੀ
Punjab
ਤੁਹਾਡਾ ਬਹੁਤ ਬਹੁਤ ਧੰਨਵਾਦ ਜੀ
Anar utpadhan ki takneek ?
(en)
Punjab
इसे मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छी उपज और अच्छी वृद्धि के लिए गहरी दोमट और जलोढ़ मिट्टी की आवश्यकता होती है यह दोमट और हल्की क्षारीय मिट्टी को भी सहनेयोग्य है इसे हल्की मिट्टी में भी उगाया जा सकता है अनार की खेती के लिए मध्यम और काली मिट्टी भी उपयुक्त रहती है अगेती किस्मों के लिए 45x30 सैं.मी., दरमियानी किस्मों और पिछेती किस्मों के लिए 45-60x45 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें अगेती मौसम की फसल के लिए 45x30 सैं.मी. जबकि देरी से पकने वाली फसल के लिए 60 x 45 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज को 1-2 सैं.मी. गहरा बोयें बिजाई के लिए, रोपण विधि का प्रयोग किया जाता है बीज को नर्सरी में बोयें और सिंचाई करें पौध लगाने के समय जरूरत के अनुसार पानी और खाद डालें 25-30 दिनों में पौध खेत में लगाने के लिए तैयार हो जाती है पौध रोपण के लिए तीन से चार सप्ताह के पुराने पौधे लगाएं अगेती मौसम की किस्मों के लिए 500 ग्राम बीज और पिछेती मौसम की किस्मों के लिए 250 ग्राम बीज प्रति एकड़ के लिए आवश्यक है बिजाई से पहले, बीज को गर्म पानी में (50°सै. पर 30 मिनट) या 0.01 ग्राम सटरैपटोसाइकलिन प्रति लीटर दो घंटों के लिए रखें इसके बाद बीज को छांव में सुखाएं और क्यारियों में बीज दें रबी के मौसम में फल गलन का रोग ज्यादातर होता है इसके उपचार के लिए मरकरी क्लोराईड से बीज का उपचार करें बीज को 1 ग्राम मरकरी क्लोराईड प्रति लीटर से 30 मिनट के लिए उपचार करें और सुखा लें रेतली ज़मीनों में फसल ज्यादातर तने पर से गल जाती है इससे बचाने के लिए 3 ग्राम कारबनडैज़िम 50% डब्लयू पी प्रति किलो से बीज का उपचार करें खेत में गली हुई रूड़ी की खाद 8-10 टन प्रति एकड़ में डालें और साथ ही नाइट्रोजन 60 किलो (130 किलो यूरिया), फासफोरस 25 किलो (155 किलो सिंगल सुपर फासफेट), पोटाश 25 किलो (40 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) गाय का गोबर, एस एस पी और म्यूरेट ऑफ पोटाश की पूरी मात्रा और युरिया की एक तिहाई मात्रा खेत की तैयारी के समय डालें बाकी बची यूरिया को दो समान भागों में बांटकर रोपाई के बाद 30वें और 45वें दिन डालें फूल के अच्छी तरह बनने और अच्छी वृद्धि के लिए, पानी में घुलनशील खाद NPK(19:19:19) 10 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर पौधे के शुरूआती विकास के दौरान स्प्रे करें रोपाई के 40 दिन बाद 12:61:00 4-5 ग्राम + सूक्ष्म तत्व 2.5 से 3 ग्राम + बोरोन 1 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें फूल की गुणवत्ता को सुधारने के लिए पानी में घुलनशील खाद NPK 13:00:45 20 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर फूल के विकसित होने के समय डालें मिट्टी की जांच करें और यदि मैगनीशियम की कमी दिखे तो इसे पूरा करने के लिए मैगनीशियम सल्फेट 5 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर रोपाई के 30-35 दिन बाद और कैल्शियम की कमी को पूरा करने के लिए कैल्शियम नाइट्रेट 5 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर रोपाई के 30-35 दिन बाद डालें कई बार खोखले और बेरंगे तने दिखाई देते हैं, जिससे फूल भी भूरे रंग का हो जाता है और पत्ते भी मुड़ जाते हैं यह सब बोरोन की कमी के कारण होता है इसके लिए बोरेक्स 250-400 ग्राम को प्रति एकड़ में डालें बिजाई के लिए, रोपण विधि का प्रयोग किया जाता है उपयुक्त आकार के बैड तैयार करें प्रत्येक बैड में डी ए पी 40 ग्राम, यूरिया 25 ग्राम और म्यूरेट ऑफ पोटाश 30 ग्राम डालें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें उसके बाद बीज को नर्सरी में बोयें और सिंचाई करें, आवश्यकता के अनुसार खाद डालें बिजाई के बाद नए पौधे 25-30 दिनों के बाद रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं रोपाई के लिए तीन से चार सप्ताह के पौधों का प्रयोग करें शाम के समय रोपाई करें
सर जी z78 है वो धान में कौन-कौन सी बीमारी को कंट्रोल करता है ?
(hn)
Punjab
दीपक कुमार जी यह फंगीसाइड है यह sheath blight की रोकथाम के लिए इस्तेमाल किया जाता है, इसकी मात्रा 500 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Haryana
कब करे
Haryana
पर acre कितनी मात्रा डाले
ki sarson di khal 30 din de jhone nu paa skde haan ?
(en)
Punjab
bhinderpal ji tuc isda istemal kar sakde ho.dhanwad
मोती की खेती की ट्रेनिंग कहाँ से लें ?
(hn)
Madhya Pradesh
Good news for all farmers, Businessman बमोरिया फार्म द्वारा किसान भाइयो और सभी के लिए भारत के प्रसिद्ध/ विख्यात और्वेदाचार्य एवं सफल किसान द्वारा खेती या व्यवसाय करके लाखो रूपये कैसे कमाए हेतु प्रशिक्षिण कार्यक्रम ( Integrated farming ) 3-4 अगस्त 2019 आयोजित किया जा रहा है दो दिवशीय प्रशिक्षिण कार्यक्रम के मुख्या विषय निम्नलिखित है . 1-मोती पालन या सीप पालन ( घर ,छत ,आँगन या बड़े तालाब में ) 2-मछली पालन 3- बतख पालन 4- कड़कनाथ मुर्गा पालन 5-जापानी बटेर पालन 6-मोती भस्म 7-सीप भस्म 8-शंक भस्म प्रशिक्षिण शुल्क 6000/person # खाना चाय नास्ता सम्मलित होगा # सम्बंधित किताबे # सैंपल मटेरियल #सर्टिफिकेट #शुभकामना पत्र # जीवन भर सहयोग ( life time support ) एक हाफ राउंड मोती स्टेविआ का पौधा अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे , अमित बमोरिया 9770085381 9584120929 (सीट आरक्षित करने के लिए 1000/- एडवांस जमा कराये ) Amit kumar Ac no. 50100079403714 Ifsc HDFC0003695 #बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र एवं एग्रो फार्म (अमित बमोरिया ) # @@@ केंद्रीय राज्य कृषि मंत्री श्री रूपाला जी द्वारा सम्मानित मध्य प्रदेश सरकार द्वारा holistic farmer का अवार्ड @@@ भारत के प्रमुख अखवार दैनिक भास्कर एवं पत्रिका द्वारा प्रथम पेज द्वारा सत्यापित.. @@@@ प्रमुख ટીવી news चैनल सहारा समय एवं बंसल news पर सफल साक्षात्कार.. प्रमुख कार्य मोती सम्बर्धन (मोती पालन ) मछली पालन बतख पालन जापानी बटेर पालन कड़कनाथ मुर्गा सुगर फ्री स्टेविआ की खेती विशेष उद्यानिकी बमोरिया फार्म सतपुरा टाइगर रिज़र्व मड़ई से 5 किलोमीटर पहले कामतीरंगपुर सोहागपुर स्टेशन कोड SGP जिला होशंगाबाद HBD
sir 80 din reh gye jhoti soon vich, hune hi thana ch pasma lagg reha pehla bhaar painda c hun thik aa, bache nu koi khattra ta nhi than laal laal lag rehe ne ?
(pb)
Punjab
ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ ਇੰਜੈਕਸ਼ਨ Amoxirum Fort 4.5gm, ਇੰਜੈਕਸ਼ਨ Megludyne 20ml, ਇੰਜੈਕਸ਼ਨ Isoflud 5ml, ਇੰਜੈਕਸ਼ਨ Avil 10ml ਨੂੰ 3 ਦਿਨ ਲਗਵਾਓ ਜੀ
अच्छे नस्ल की बकरी खरीदना चाहता हूं, कौन से शहर में अच्छा और सस्ता मिलेगा कृपया बताएं ?
(hn)
Punjab
चन्द्रेश थवाईत जी यदि आपने बकरी फार्म बनाना है तो बहुत बढ़िया सोच है आप बीटल नस्ल रखें यह दूध और मीट दोनों के लिए फायदेमंद है बाकि आप जैसे इस व्यवसायों में आएंगे उस हिसाब से आपके लिंक बनने शुरू हो जाएंगे और बाकि मार्केटिंग इस बात निर्भर है कि आपका लोगों के साथ लिंक कैसा है इसका दूध गाय के रेट के बराबर मिल जाता है और बाकि यदि फार्म हो तो बच्चे भी बेचे जाते है कुल मिलाकर यदि मोटा सा हिसाब लगाना है तो एक बकरी से लगभग 20000 तक कमाई हो जाती है बाकि यह भी सलाह है कि आप आपने नज़दीक kvk से ट्रेनिंग ज़रूर लें और सफल बकरी पालकों के फार्म ज़रूर देखें.वहां से आपको इस काम के बारे में जानकारी और इसे करने के तरीकों के बारे में भी पता लगेगा, बकरी पालन में लोन लेने के लिए सबसे जरूरी है ट्रेनिंग सर्टीफिकेट अपने नज़दीक के कृषि विज्ञान केंद्र से ट्रेनिंग करने के बाद ट्रेनिंग के सर्टीफिकेट पर लोन एप्लाई होता है पर लोन मिलेगा या नहीं यह बैंक मेनेजर पर निर्भर करता है क्योंकि पहली बात यह है कि बैंक देखता है कि आपके अकाउंट में कितने पैसों का लेन देन हो रहा है और आपके पास ज़मीन गारंटी के तौर पर देने के लिए है या नहीं और अन्य भी कई बातें चैक करके लोन के लिए सहमत होता है बाकी कोशिश करें कि लोन के बिना अपने स्तर पर ही काम शुरू करें क्योंकि लोन की किश्त हर महीने भरनी पड़ेगी पर बकरियों से कमाई हर महीने नहीं होने होगी बाकी यदि कोशिश करके देखनी है तो अपने ट्रेनिंग सर्टीफिकेट से आप अपने जिले के पशु पालन विभाग अफसर को मिलें और उस पर प्रवानगी लेकर फिर बैंक से बात करके देखें इससे अपने एरिया के नाबार्ड डिपार्टमैंट के सी जी एम को भी लोन के लिए मिलें इसकी अधिक जानकारी के लिए आप Imtiyaz Khurshid 9826878656 Mashallah goat farm नंबर पर कॉल कर सकते हैं
बकरी पालन करना चाहता हूं,कौन से नस्ल की बकरी से शुरू करूँ और कितना रखूं ?
(hn)
Punjab
चन्द्रेश थवाईत जी यदि आपने बकरी फार्म बनाना है तो बहुत बढ़िया सोच है आप बीटल नस्ल रखें यह दूध और मीट दोनों के लिए फायदेमंद है बाकि आप जैसे इस व्यवसायों में आएंगे उस हिसाब से आपके लिंक बनने शुरू हो जाएंगे और बाकि मार्केटिंग इस बात निर्भर है कि आपका लोगों के साथ लिंक कैसा है इसका दूध गाय के रेट के बराबर मिल जाता है और बाकि यदि फार्म हो तो बच्चे भी बेचे जाते है कुल मिलाकर यदि मोटा सा हिसाब लगाना है तो एक बकरी से लगभग 20000 तक कमाई हो जाती है बाकि यह भी सलाह है कि आप आपने नज़दीक kvk से ट्रेनिंग ज़रूर लें और सफल बकरी पालकों के फार्म ज़रूर देखें.वहां से आपको इस काम के बारे में जानकारी और इसे करने के तरीकों के बारे में भी पता लगेगा, बकरी पालन में लोन लेने के लिए सबसे जरूरी है ट्रेनिंग सर्टीफिकेट अपने नज़दीक के कृषि विज्ञान केंद्र से ट्रेनिंग करने के बाद ट्रेनिंग के सर्टीफिकेट पर लोन एप्लाई होता है पर लोन मिलेगा या नहीं यह बैंक मेनेजर पर निर्भर करता है क्योंकि पहली बात यह है कि बैंक देखता है कि आपके अकाउंट में कितने पैसों का लेन देन हो रहा है और आपके पास ज़मीन गारंटी के तौर पर देने के लिए है या नहीं और अन्य भी कई बातें चैक करके लोन के लिए सहमत होता है बाकी कोशिश करें कि लोन के बिना अपने स्तर पर ही काम शुरू करें क्योंकि लोन की किश्त हर महीने भरनी पड़ेगी पर बकरियों से कमाई हर महीने नहीं होने होगी बाकी यदि कोशिश करके देखनी है तो अपने ट्रेनिंग सर्टीफिकेट से आप अपने जिले के पशु पालन विभाग अफसर को मिलें और उस पर प्रवानगी लेकर फिर बैंक से बात करके देखें इससे अपने एरिया के नाबार्ड डिपार्टमैंट के सी जी एम को भी लोन के लिए मिलें इसकी अधिक जानकारी के लिए आप Imtiyaz Khurshid 9826878656 Mashallah goat farm नंबर पर कॉल कर सकते हैं
मेरी दो ब्यात की गाय है जो पिछले डेढ़ साल से गर्भधारण नहीं कर रही है, जबकि मैंने डॉक्टर की सलाह से दवा भी दिया था,जबकि पहले बार-बार हीट में भी आती थी, अन्तिम समय 14 february को मैंने गर्भाधान कराया था, परन्तु दो दिन पहले फिर हीट में आ गयी, इस समस्या के समाधान बताए, धन्यवाद ?
(hn)
Punjab
उसके हीट में आने पर Liquid Utrawin-OZ 30ml IU 3 दिन तक बच्चेदानी में भरें और साथ में Bovimin-B पाउडर 50 ग्राम रोजाना और Concimax गोलियां रोजाना एक गोली दें और 14 दिनों तक देते रहें फिर अगली बार हीट में आने पर उसे टीका भरवाकर यह गोलियां 14 दिन ओर देते रहें
धन्यवाद सहित आपका आभार,उपयोगी सुझाव के लिए
भैंस गरमी मानती है वह गाभिन भी है छह महीने की उसकी दवाई बताएं ?
(hn)
Rajasthan
यदि गाय गर्मी मानती है तो उसके लिए आप 1 कोरा मिट्टी का घड़ा लें और उसे आधा पानी के साथ भर लें, रात में उस घड़े में से 1 डली गुड़ लगभग 250 ग्राम की और 1 गूंधे हुए आटे का पेड़ा मिला दें, इस मिश्रण को रात को रख दें, और सुबह के समय इसे अच्छी तरह घोल लें, अच्छी तरह घोलने के बाद इस पानी को सुबह सबसे पहले गाय को पिलाये. इस तरह आप लगातार 8-10 दिन तक पीला दें, इस तरह गाय का हांफना बंद हो जाएगा
ਸਰ ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਸਰੋ ਦੀ ਖਲ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਤੇ ਇਸਨੂੰ ਪਾਉਣ ਦਾ ਕਿ ਫਾਇਦਾ ਹੈ ?
(pb)
Maharashtra
ਝੋਨੇ ਵਿਚ ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਬਹੁਤ ਹੀ ਲਾਭਕਾਰੀ ਹੈ ਇਹ ਅਜਿਹਾ ਆਰਗੈਨਿਕ ਤਰੀਕਾ ਹੈ ਜਿਸਦੇ ਨਾਲ ਅਸੀਂ ਝੋਨੇ ਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਵਿਚ ਵਾਧਾ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੈ ਝੋਨੇ ਦੇ ਬੂਟੇ ਦੀ ਫੋਟ ਕਰਾਉਣ ਦੇ ਲਈ ਇਸਦੇ ਨਤੀਜੇ ਬਹੁਤ ਹੀ ਵਧੀਆ ਹਨ ਇਸ ਵਿਚ ਛੇ ਮੁੱਖ ਤੱਤ ਹਨ ਜਿਸ ਵਿਚ ਮੁੱਖ ਤੋਰ ਤੇ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ,ਪੋਟਾਸ਼ ਤੇ ਫਾਸਫੋਰਸ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਸਲਫਰ ,ਜਿੰਕ ਤੇ ਬਰੋਨ ਵੀ ਪਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨI ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ ਨੂੰ ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਵਰਤਣ ਦੇ ਲਈ ਦੋ ਤਰੀਕੇ ਹਨ ਪਹਿਲਾ ਤਰੀਕਾ ਇਹ ਹੈ ਕੇ ਇਸਨੂੰ ਡਰੰਮ ਦੇ ਵਿਚ ਭਿਓਂ ਲੋ ਤੇ 5 -6 ਦਿਨ ਲਗਾਤਾਰ ਇਸਨੂੰ ਹਲਾਉਂਦੇ ਰਹੋ ਤੇ ਇਸ ਘੋਲ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਦੀ ਵਾਰੀ ਵਾਲੇ ਦਿਨ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਪਾ ਦਿਓ ਦੂਸਰਾ ਤਰੀਕਾ ਇਹ ਹੈ ਕੇ ਇਸਨੂੰ ਬਰੀਕ ਕੁੱਟ ਕੇ ਇਸਦਾ ਛਿੱਟਾ ਵਾਹਣ ਵਿਚ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਨੂੰ ਵਰਤਣ ਦਾ ਸਹੀ ਸਮਾਂ ਜਦੋਂ ਝੋਨਾ 15 -20 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਹੋਵੇ ਕਿਓਂਕਿ ਇਸ ਸਮੇ ਜੜ੍ਹਾਂ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਧ ਵਿਕਾਸ ਹੁੰਦਾ ਹੀ ਇਸਦੀ ਮਾਤਰਾ ਇਕ ਕਿੱਲੇ ਦੇ ਵਿੱਚ ਸਿਰਫ 16 ਕਿੱਲੋ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਰੇਤੇ ਵਾਲੇ ਜਾਂ ਬਰਾਨੀ ਵਾਹਣ ਵਿੱਚ ਅਸੀਂ 20 ਕਿੱਲੋ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹਾ I
सर जी कृपया बताएं कि मैंने प्रीत दबाई खरपतवार नियानतरण घांस फूस ना जमे जो कि धान लगाते समय कधैड मे पडती है मैने 12बीघा मतलब 2एकड् की दबाई कुल 3बीघा मतलब आधा एकड धान मे गलती से डाल दी हैं अव कोई उपाय वताये जिससे धान की फसल खराब ना हो
धान की अच्छी पैदावार के लिए, रोपाई के बाद किन-किन महत्वपूर्ण बातों को ध्यान रखे और उसमें प्रयोग की जाने वाली सही उत्प्रेरक का नाम का उचित मार्गदर्शन करें !धन्यवाद ?
(hn)
Punjab
सिंचित और कम बारानी वाले क्षेत्रों के लिए लगभग 41-50 किलो नाइट्रोजन (यूरिया 90-110 किलो), 30 किलो फासफोरस (एस एस पी 190 किलो) और 27 किलो पोटाश (म्यूरेट ऑफ पोटाश 45 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा रोपाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर, नाइट्रोजन का 1/4 हिस्सा शाखाएं निकलने के समय और 1/4 हिस्सा बालियां निकलने के समय डालें जल जमाव वाले क्षेत्रों में नाइट्रोजन 30-41 किलो (यूरिया 65-90 किलो) प्रति एकड़ में शुरूआती खुराक के तौर पर डालें कम बारानी क्षेत्रों के लिए नाइट्रोजन 23-32 किलो (यूरिया 52-70 किलो) और फासफोरस 16 किलो (एस एस पी 100 किलो) प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस की पूरी मात्रा रोपाई से पहले और बाकी बची नाइट्रोजन बालियां निकलने के समय डालें ऊंचे क्षेत्रों के लिए नाइट्रोजन 23 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो) और पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के तीन सप्ताह बाद डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटे पहले भाग को बिजाई के 6 सप्ताह बाद और दूसरे भाग को बालियां निकलने के समय डालें रोपाई के 2 से 3 दिन बाद नदीनों के अंकुरण से पहले बूटाक्लोर 50 ई सी 1200 मि.ली. या थायोबेनकार्ब 50 ई सी 1200 मि.ली. या पैंडीमैथालीन 30 ई सी या प्रैटीलाक्लोर 50 ई सी 600 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें इनमें से किसी एक नदीननाशक को 60 किलो रेत में मिलाकर 4-5 सैं.मी. गहरे खड़े पानी में बुरकाव करें चौड़े पत्ते वाले नदीनों की रोकथाम के लिए मेटसलफुरॉन 20 डब्लयु पी 30 ग्राम को 150 लीटर पानी में मिलाकर नदीनों के अंकुरण के बाद रोपाई के 20-25 दिन बाद डालें स्प्रे से पहले खेत में खड़े पानी का निकास कर दें और स्प्रे के एक दिन बाद सिंचाई करें नदीनों के अंकुरण से पहले बूटाक्लोर 1 लीटर को बिजाई के 6 से 7 दिनों के बाद प्रति एकड़ में स्प्रे करें
Strawbery kheti bare daso pls ?
(pb)
Punjab
Mohandeep singh sekhon ਜੀ ਸਟੋਬਰੀ ਦੀ ਖੇਤੀ ਪੋਲੀਹਾਊਸ ਦੇ ਅੰਦਰ ਜਾਂ ਖੁੱਲੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਕਰ ਸਕਦੇਂ ਹੋ ਚੀਕਣੀ , ਬਾਲੂ ਅਤੇ ਚੰਗੇ ਪਾਣੀ ਦੀ ਨਿਕਾਸੀ ਵਾਲੀ ਜ਼ਮੀਨ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਲਈ ਚੰਗੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਏਸਿਡਿਕ ਵਿੱਚ PH level 5.0 to 6.5 ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਨਾਜੁਕਤਾ ਤੀਹ ਤੋਂ ਚਾਲ੍ਹੀ ਸੇਂਟੀਮੀਟਰ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਦੇ ਸਹੀ ਵਾਧੇ ਲਈ ਦਿਨ ਵੇਲੇ ਤਾਪਮਾਨ 20-25° ਡਿਗਰੀ ਅਤੇ ਰਾਤ ਵੇਲੇ 7-12° ਡਿਗਰੀ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਇਸਦੀ ਪਨੀਰੀ ਲਾਉਣ ਦਾ ਕੰਮ ਅੱਧ ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਨਵੰਬਰ ਤਕ ਕਰ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਇਹਨਾਂ ਮਹੀਨਿਆਂ ਤੇ ਇਸਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਲਗਭਗ ਇਹੀ ਤਾਪਮਾਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਦੀ ਖੇਤੀ ਮਲਚਿੰਗ ਵਿਧੀ ਰਾਹੀਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਖੇਤ ਨੂੰ ਤਿਆਰ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਬਾਅਦ ਟਰੈਕਟਰ ਦੀ ਸਹਾਇਤਾ ਨਾਲ ਮਲਚਿੰਗ ਮਸ਼ੀਨ ਨੂੰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਉਤਾਰਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਚਾਰ ਫੁੱਟ ਕਿਆਰੀ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਵਿੱਚ ਡਰਿੱਪ ਲਾਈਨ ਫਿੱਟ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਬਾਅਦ ਮਸ਼ੀਨ ਦੀ ਸਹਾਇਤਾ ਨਾਲ ਕਿਆਰੀਆਂ ਉੱਤੇ ਪਲਾਸਟਿਕ ਸ਼ੀਟ ਵਿਛਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਮਲਚਿੰਗ ਲਈ ਹਲਕਾ ਅਤੇ ਲਚਕੀਲਾ ਪਦਾਰਥ ਲਵੋ ਤਾਂ ਜੋ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਦੇ ਬੂਟੇ ਦੀ ਰਫ਼ਤਾਰ ਉੱਤੇ ਅਸਰ ਨਾ ਪਵੇ ਜਿਸਨੂੰ ਬਾਅਦ ਵਿਚ ਦੋਨਾਂ ਪਾਸਿਆਂ ਤੋਂ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਦਬਾ ਦਿਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਹੁਣ ਇਸ ਸ਼ੀਟ ਵਿਚ ਮੋਰੀਆਂ ਕੱਢ ਕੇ ਉਸ ਵਿਚ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਲਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਪਨੀਰੀ ਲਾਉਣ ਵੇਲੇ ਜੜ ਨੂੰ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਸੇਟ ਕਰ ਦਿਓ ਜੜ ਬਹਾਰ ਰਹਿਣ ਨਾਲ ਪੌਦੇ ਦੇ ਸੁੱਕਣ ਦਾ ਖ਼ਤਰਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਪੌਦੇ ਨੂੰ ਜਿਆਦਾ ਤਾਪਮਾਨ ਅਤੇ ਠੰਡ ਤੋਂ ਬਚਨ ਲਈ ਇਸਦੇ ਊਪਰ ਛਾਂ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜੋ ਤੁਸੀਂ ਲੋ ਟਨਲ ਵਿਧੀ ਨਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਮੌਸਮ ਦਾ ਬਹੁਤ ਖਿਆਲ ਰੱਖਣਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਥੋੜੀ ਜਿਹੀ ਲਾਪਰਵਾਹੀ ਨਾਲ ਸਾਰੀ ਫ਼ਸਲ ਖ਼ਰਾਬ ਹੋ ਸਕਦੀ ਹੈ ਪਹਿਲੇ ਸਾਲ ਆਪਣੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਸਟ੍ਰਾਬੇਰੀ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਨ ਦਾ ਕੁੱਲ ਖਰਚਾ ਢਾਈ ਤੋ ਤਿੰਨ ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਆ ਜਾਦਾ ਹੈ ਕਿਉਕਿ ਕਿਸਾਨ ਨੂੰ ਪਹਿਲੇ ਸਾਲ ਡਰਿੱਪ ਸਿਸਟਮ ਅਤੇ ਫੁਆਰਿਆਂ ਆਦਿ ਤੇ ਵੀ ਖਰਚ ਕਰਨਾ ਪੈਦਾ ਹੈ ਪਰ ਅਗਲੇ ਸਾਲਾ ਵਿੱਚ ਕਿਸਾਨ ਦਾ ਇਹ ਖਰਚ ਬਚ ਜਾਦਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚ 40 ਬੈਡ ਬਣਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਇੱਕ ਬੈਡ ਤੇ 1000 ਸਟ੍ਰਾਬੇਰੀ ਦੇ ਪੌਦੇ ਲੱਗਦੇ ਹਨ ਇਸ ਤਰਾਂ ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਚਾਲੀ ਹਜ਼ਾਰ ਪੌਦੇ ਲਾਏ ਜਾਦੇ ਹਨ, ਇੱਕ ਪੌਦਾ 3 ਤੋ 4 ਰੁਪਏ ਤੱਕ ਮਿਲ ਜਾਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦਾ ਝਾੜ 50 ਤੋ 60 ਕੁਇੰਟਲ ਤੱਕ ਨਿਕਲ ਆਉਦਾ ਹੈ 25-30 ਕੁਇੰਟਲ ਗੋਬਰ ਦੀ ਖਾਦ ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਪਾਓ ਇਹ ਖਾਦ ਇੱਕ ਸਾਲ ਵਿੱਚ ਪਾਉਣੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਫਿਰ 20 : 40 : 40 NPK KG / ਹੇਕਟਏਰ ਪਾਉਣੀ ਹੈ ਚੰਗੀ ਫਸਲ ਲਈ ਯੂਰਿਆ ਦੋ ਫ਼ੀਸਦੀ ਜ਼ਿੰਕ ਸਲਫੇਟ , ਅੱਧਾ ਪ੍ਰਤੀਸ਼ਤ ਕੈਲਸ਼ਿਅਮ ਸਲਫੇਟ ਅੱਧਾ ਫ਼ੀਸਦੀ ਅਤੇ ਬੋਰਿਕ ਏਸਿਡ 0 . 2 ਫ਼ੀਸਦੀ ਚੰਗੀ ਫਸਲ ਲਈ ਠੀਕ ਹੈ ਸਿੰਚਾਈ ਛੇਤੀ ਛੇਤੀ ਪਰ ਹਲਕੀ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਆਦਾ ਪਾਣੀ ਠੀਕ ਨਹੀਂ ਹੈ ਪੱਤੇ ਗਿੱਲੇ ਨਾ ਕਰੋ ਤੁਪਕਾ ਸਿੰਚਾਈ ਨਾਲ ਘੱਟ ਪਾਣੀ ਲੱਗ ਸਕਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਤੁਪਕਾ ਸਚਾਈ ਨਹੀਂ ਕਰ ਰਹੇ ਤਾਂ ਕਿਆਰੀਆਂ ਦੇ ਵਿਚਾਲੇ ਪਾਣੀ ਖਾਲ ਵਿੱਚ ਹੀ ਲਗਾਓ ਨਦੀਨ ਹੱਥ ਨਾਲ ਹਟਾਓ ਜਾਂ ਕੀੜੇ ਮਕੋੜੇ ਅਤੇ ਦੂਜੀਆ ਬਿਮਾਰਿਆ ਵੱਲ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਕੋਈ ਪੋਦਾ ਜਿਆਦਾ ਖਰਾਬ ਹੈ ਉਹਨੂੰ ਹਟਾ ਦਿਓ ਜਦੋਂ ਫਲ ਦਾ ਰੰਗ 70% ਲਾਲ ਹੋ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਤੋੜ ਲੈਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਮਾਰਕਿਟ ਦੂਰੀ ਉੱਤੇ ਹੈ ਤਾਂ ਥੋੜ੍ਹਾ ਸਖ਼ਤ ਹੀ ਤੋੜਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਤੁੜਵਾਈ ਵੱਖ ਵੱਖ ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਦੀ ਪੈਕਿੰਗ ਪਲਾਸਟਿਕ ਦੀਆਂ ਪਲੇਟਾਂ ਵਿੱਚ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਇਸਨ੍ਹੂੰ ਹਵਾਦਾਰ ਜਗ੍ਹਾ ਉੱਤੇ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਜਿੱਥੇ ਤਾਪਮਾਨ ਪੰਜ ਡਿਗਰੀ ਹੋ ਇੱਕ ਦਿਨ ਦੇ ਬਾਅਦ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਦੀ ਪੈਕਿੰਗ ਦਾ ਤਾਪਮਾਨ ਜ਼ੀਰੋ ਡਿਗਰੀ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਮਾਰਕੀਟ ਵਿੱਚ ਸਟ੍ਰਾਬੇਰੀ ਔਸਤ 200 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਤੱਕ ਵਿਕਦੀ ਹੈ ਇਸ ਤਰਾਂ ਪੰਜ ਲੱਖ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੋ ਇਸ ਦੀ ਆਮਦਨ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਕੇ ਅੱਗੇ ਆਪਣੀ ਮਿਹਨਤ ਨਾਲ ਕਿਸਾਨ ਆਮਦਨ ਵਿੱਚ ਭਰਪੂਰ ਵਾਧਾ ਕਰ ਸਕਦਾ ਹੈ ਸਟ੍ਰਾਬੇਰੀ ਦੇ ਪੌਦੇ ਸਤੰਬਰ ਤੋ ਅਕਤੂਬਰ ਤੱਕ ਲਾਏ ਜਾਦੇ ਹਨ ਅਤੇ 3 ਮਹੀਨੇ ਬਾਦ ਇਹ ਫਲ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਦੀ ਫਸਲ ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੱਕ ਚਲਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਮਾਰਕੀਟਿੰਗ ਵਿੱਚ ਕਿਸੇ ਤਰਾਂ ਦੀ ਪਰੇਸ਼ਾਨੀ ਨਹੀ ਹੈ ਉਹ ਏਲਨਾਬਾਦ,ਸਿਰਸਾ,ਹਨੂੰਮਾਨਗੜ,ਗੰਗਾਨਗਰ ਤੋ ਇਲਾਵਾ ਬਠਿੰਡਾ,ਮੋਗਾ ਜਲੰਧਰ,ਲੁਧਿਆਣਾ ਵਿੱਚ ਇਸ ਦੀ ਮਾਰਕੀਟਿੰਗ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਜੇਕਰ ਜ਼ਿਆਦਾ ਮਾਤਰਾ ਵਿੱਚ ਸਟ੍ਰਾਬੇਰੀ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਦਿੱਲੀ ਇਸ ਦੀ ਮੁੱਖ ਮਾਰਕੀਟ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
अमरूद की किस्म बर्फखान और l49 के उत्पादन और फल के बारे में बताइए ?
(hn)
Maharashtra
भारत जी, कृपया आप बताये कि यह कौन सी कंपनी की किस्मे हैं, ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
मूंगफली की जड़ काली पड़ रही हैं और पोधे जा रहे है क्या करे ?
(hn)
Punjab
राकेश जी यह फंगस के कारण होता है इसके लिए आप कार्बेन्डाजिम@3 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
अनार के पौधे मे फूल लगने के बाद झड़ जाते है क्यू ?
(hn)
Punjab
राजेंद्र पूरी जी यह तत्व की कमी के कारण होता है और फंगस के कारण भी इसके लिए आप planofix @4ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
ਬੱਕਰੀ ਦੁੱਧ ਚੁਗਧੀ ਆ ਕੋਈ ਹੱਲ ਦੱਸੋ ਜੀ, ਕੱਪੜਾ ਵੀ ਨੀ ਬਨੌਦੀ ?
(pb)
ਪਹਿਲਾ ਹੱਲ ਤਾਂ ਹੈ ਕਿ ਤੁਸੀ ਝੋਲਾ ਬੰਨ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਇੱਕ ਵਾਰ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰਕੇ ਦੇਖਣੀ ਹੈ ਤਾਂ ਜਦੋਂ ਬੱਕਰੀ ਦੇ ਥਣਾਂ ਵਿੱਚ ਦੁੱਧ ਦਾ ਪਸਮਾ ਹੋ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਨੁੰਹ ਪਾਲਿਸ਼ ਥਣਾ ਤੇ ਲਗਾ ਦਿਓ ਜਦੋਂ ਬੱਕਰੀ ਮੂੰਹ ਵਿੱਚ ਥਣ ਪਾਵੇਗੀ ਤਾਂ ਉਸ ਦੁੱਧ ਨਹੀ ਪੀਵੇਗੀ
Give some articles about fisheries ?
(en)
http://www.apnikheti.com/blog/commercial-fish-farming-keep-things-mind/
ਪਪੀਤੇ ਦਾ ਬੂਟਾ ਆਵੇ ਹੋ ਰਿਹਾ ਕੀ ਕਾਰਨ ਆ ਜੀ ?
(pb)
Punjab
ਜਸਵਿੰਦਰ ਜੀ ਇਸਦੇ ਉਪਰ ਮੱਛਰ ਦਾ ਹਮਲਾ ਚੈੱਕ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਮੌਜੂਦ ਹੈ ਤਾ ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ ਉਪਰ imidacloprid @15 ml ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Sir pudina vicho dila marna lai dawai daso ?
(pb)
Punjab
ਖੇਤ ਨੂੰ ਨਦੀਨ-ਮੁਕਤ ਰੱਖਣ ਲਈ ਥੋੜੇ-ਥੋੜੇ ਸਮੇਂ ਬਾਅਦ ਹੱਥੀਂ ਗੋਡੀ ਕਰੋ ਅਤੇ ਪਹਿਲੀ ਕਟਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਕਹੀ ਦੀ ਮਦਦ ਨਾਲ ਗੋਡੀ ਕਰੋ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਸਿਨਬਾਰ 400 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਓ ਨਦੀਨਾਂ ਨੂੰ ਕਾਬੂ ਕਰਨ ਲਈ ਜੈਵਿਕ ਮਲਚ ਦੇ ਨਾਲ ਨਦੀਨਾਸ਼ਕ ਆਕਸੀਫਲੋਰਫੇਨ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਜਾਂ ਪੈਂਡੀਮੈਥਾਲਿਨ 800 ਮਿ.ਮੀ. ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਤੀਬਰਤਾ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਡੈਲਾਪੋਨ 1.6 ਕਿਲੋ ਜਾਂ ਗਰੈਮੋਕਸੋਨ 1 ਲੀਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਅਤੇ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਡਿਊਰੋਨ 800 ਗ੍ਰਾਮ ਜਾਂ ਟੇਰਬੇਸਿਲ 800 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ
Kabootar de soky da ilaaz ?
(pb)
Punjab
Vicky ji tuci ehh audio sunno ji .. https://www.youtube.com/watch v=4sJDPSDch2E
Sir saaf dwai kine din te pendi aa ate eh ki kardi aa Urea ch mila ke pai jandi aa 1 ekad ch kini payugi ?
(en)
Punjab
aman jhaj ji isnu tuc urea de nal rla ke na pao jekar tuhanu lag reha hai ke isde uper fungus da hamla hai ta tuc isdi matra 500 gram nu prati acre de hisab nal mitti vich rla ke chitta de sakde ho.dhanwad