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mirch ki kheti kaise karen ?

(hn)
Posted by
ayub toppo (8120590633)
ayub toppo
Chattisgarh
Surguja
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Posted Date (07 Aug 2019 06:01 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (07 Aug 2019 06:07 PM) Translated Date (-)

मिर्च रेतली से भारी चिकनी हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है अच्छे विकास के लिए हल्की उपजाऊ और पानी के अच्छे निकास वाली ज़मीन जिसमे नमी सोखने की क्षमता हो, इसके लिए अनुकूल होती है हल्की ज़मीनें भारी ज़मीनों के मुकाबले अच्छी क्वालिटी की पैदावार देती हैं मिर्च के अच्छे विकास के लिए ज़मीन की pH 6-7 अनुकूल है आप इसकी किस्मे जैसे Arka Meghana,Arka Sweta,Kashi Early, Kashi Surkh की बिजाई कर सकते है खेत को तैयार करने के लिए 2-3 बार जोताई करें और प्रत्येक जोताई के बाद डलियों को तोड़ें बिजाई से 15-20 दिन पहले रूड़ी की खाद 150-200 क्विंटल प्रति एकड़ डालकर मिट्टी में अच्छी तरह मिला दें टमाटर और मिर्च की खेती एक ही या नज़दीक वाले खेत में ना करें, क्योंकि दोनों की बीमारियां एक जैसी होती हैं और इस कारण एंथ्राक्नोस और बैक्टीरिया वाली बीमारीयों के बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है मिर्च की खेती पूरे वर्ष की जाती है खरीफ की फसल के लिए मई-जून और गर्मियों की फसल के लिए फरवरी - मार्च का समय मिर्च की रोपाई के लिए उपयुक्त होता है खरीफ के मौसम में 60-75 सैं.मी. x 45 सैं.मी. और सिंचित क्षेत्रों में 60 x 60 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें नर्सरी में बीजों को 3-5 सैं.मी. की गहराई में बोयें और फिर मिट्टी से ढक दें इसकी मुख्य खेत में रोपाई की जाती है 1 मीटर चौड़े और आवश्यकतानुसार लंबे बैड बनाएं कीटाणु रहित कोकोपिट 300 किलो, 5 किलो नीम केक को मिलाए और 1-1किलो एज़ोसपीरिलियम और फासफोबैक्टीरिया भी डालें उपचार किए हुए बीज ट्रे में एक बीज प्रति सैल बोयें बीज को कोकोपिट से ढक दें और ट्रे एक- दूसरे के साथ रखें बीज अंकुरन तक इन्हें पॉलीथीन से ढक दें नर्सरी में बीज बीजने के बाद बैडों को 400 मैश नाइलोन जाल या पतले सफेद कपड़े से ढक दें यह नए पौधों को कीड़े-मकौड़े और बीमारियों के हमले से बचाता है 6 दिनों के बाद, ट्रे में लगे नए पौधों को एक एक करके जाल की छांव के नीचे बैडों में लगाएं बीज अंकुरन तक पानी देने वाले बर्तन की मदद से पानी दें बिजाई के 18 दिन बाद 19:19:19 की 0.5 % (5 ग्राम प्रति लीटर ) की स्प्रे करें किस्मों के लिए 200 ग्राम बीज और हाइब्रिड के लिए 80-100 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बारानी क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 50 किलो (110 किलो यूरिया), फासफोरस 16 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 100 किलो) और पोटाश 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 35 किलो) प्रति एकड़ डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा पनीरी खेत में लगाने के समय डालें रोपाई के बाद बाकी बची नाइट्रोजन दो बराबर हिस्सों में 30वें और 50वें दिन डालें सिंचित क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 84 किलो (182 किलो यूरिया), फासफोरस 24 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 150 किलो) और पोटाश 24 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 40 किलो) प्रति एकड़ डालें रोपाई से पहले 24 किलो नाइट्रोजन (यूरिया 52 किलो), फासफोरस की पूरी मात्रा और पोटाश की आधी मात्रा प्रति एकड़ में डालें बाकी बची नाइट्रोजन को पांच भागों में बांटें और पोटाश को तीन बराबर भागों में बांटें नाइट्रोजन 12 किलो (यूरिया 26 किलो) को बिजाई के बाद 45वें, 60वें, 75वें, 95वें और 115वें दिन डालें और पोटाश 4 किलो को बिजाई के बाद 45वें, 60वें, और 75वें दिन डालें 45 दिनों तक गोडाई करें, कही की मदद से मिट्टी चढ़ाएं और खेत को नदीन मुक्त रखें यदि नदीनों की रोकथाम ना की जाये तो यह 70-90 % पैदावार कम कर देते हैं रोपाई से पहले मुख्य खेत में पैंडीमैथालीन 1 लीटर प्रति एकड़ में डालें यदि नदीनों की संख्या ज्यादा हो तो उनके अंकुरण के बाद सेन्कोर 800 मि.ली की स्प्रे प्रति एकड़ में करें नदीनों की रोकथाम के साथ मिट्टी में नमी को बनाए रखने के लिए मलचिंग एक प्रभावी तरीका है मिट्टी में नमी के आधार पर सर्दियों में 6-7 दिनों के अंतराल पर और गर्मियों में 4-5 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें फूल निकलने की अवस्था सिंचाई के लिए गंभीर होती है इस अवस्था पर पानी की कमी से फल गिरते हैं जिससे फलों के उत्पादन में कमी होती है विभिन्न खोजों में यह पाया गया है, कि प्रत्येक पखवाड़े में आधा इंच सिंचाई से जड़ों में नमी ज्यादा होती है जिससे वे अधिक उपज देती हैं मिर्चों की तुड़ाई हरा रंग आने पर करें या फिर पकने के लिए पौधे पर ही रहने दें मिर्चों का पकने के बाद वाला रंग किस्म पर निर्भर करता है अधिक तुड़ाइयां लेने के लिए यूरिया 10 ग्राम प्रति लीटर और घुलनशील K @ 10 ग्राम प्रति लीटर पानी (1 प्रतिशत प्रत्येक का घोल) की स्प्रे 15 दिनों के फासले पर कटाई के समय करें पैकिंग के लिए मिर्चें पक्की और लाल रंग की होने पर तोड़ें सुखाने के लिए प्रयोग की जाने वाली मिर्चों की पूरी तरह पकने के बाद ही तुड़ाई करें

07 Aug 2019

very nice to

वृध्दि ?

(hn)
  • 1
Posted by
Pradeep Yadav (8858855629)
Pradeep Yadav
Uttar Pradesh
Ghazipur
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Posted Date (07 Aug 2019 05:54 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (03 Dec 2019 01:40 PM) Translated Date (-)

प्रदीप जी इसकी वृद्धि के लिए आप hoshi @400 ml को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

ਪਦਾਨ ਨਹੀਂ ਪਾਉਂਦੇ ਸਪਰੇਅ ਕਿਹੜੀ ਕਰੀਏ ਦੱਸਿਆ ਜਾਵੇ ਪਲੀਜ ?

(pb)
Posted by
Rajwinder singh (9914890084)
Rajwinder singh
Punjab
Sangrur
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Posted Date (07 Aug 2019 05:46 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (07 Aug 2019 05:49 PM) Translated Date (-)

jhone de vich patta lapet di roktham de lyi tata tukumi@100gm ja coragen@60ml ja fame@20ml ja lambda@200ml nu 150 ltr pani de nal mila ke spray kr skde ho.

Answered Date (07 Aug 2019 05:48 PM) Translated Date (-)

ਪਦਾਨ

सर यह दवा किस काम आती है ?

(hn)
Posted by
paras ram janwa (9982852622)
paras ram janwa
Rajasthan
Udaipur
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Posted Date (07 Aug 2019 05:44 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (07 Aug 2019 05:51 PM) Translated Date (-)

पारस राम जी कृपया आप इसकी फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Answered Date (07 Aug 2019 05:51 PM) Translated Date (-)

कृप्या आप अपने सवाल ​के साथ दवा की फोटो भेंजे ताकि आपको दवा के बारे में सही जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Answered Date (08 Aug 2019 10:08 AM) Translated Date (-)

धान में किस जिंक का प्रयोग करें

sir g pusa 44 nu kehra rog e te ki payea ji ?

(pb)
  • 3
Posted by
ਬਾਬਾ ਸੋਹਨ ਦਾਸ ਵੱਟਸ ਐਪ +919524823000 (9524823000)
ਬਾਬਾ ਸੋਹਨ ਦਾਸ ਵੱਟਸ ਐਪ +919524823000
Punjab
Sangrur
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Posted Date (07 Aug 2019 05:42 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (08 Aug 2019 05:41 AM) Translated Date (-)

Kirpa kr ke photo dubara bhejo tuhade duwaara bheji gyi photo upload nahi hoyi hai..

सर स्ट्रॉबेरी की खेती करनी है और अच्छी किस्म के प्लान्ट हमे कहा से प्राप्त होगे जो अधिक उत्पादन दे सके ?

(hn)
Posted by
Ankit Pawar (9977884717)
Ankit Pawar
Madhya Pradesh
--
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Posted Date (07 Aug 2019 05:39 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (08 Aug 2019 05:57 PM) Translated Date (-)

स्ट्रॉबेरी की खेती पॉलीहाउस के अंदर या खुले खेत में कर सकते हैं चीकनी, बालुई और अच्छे निकास वाली ज़मीन स्ट्रॉबेरी के लिए अच्छी होती है तेजाबी में पी एच 5.0 से 6.5 होनी चाहिए मिट्टी की नाज़ुकता तीस से चालीस सैं.मी. होनी चाहिए स्ट्रॉबेरी की सही वृद्धि के लिए दिन में तापमान 20-25 डिगरी और रात के समय 7-12 डिगरी होना चाहिए इसलिए इसकी पनीरी लगाने का काम मध्य अक्तूबर से मध्य नवंबर तक कर देना चाहिए इन महीनों और इसके बाद पंजाब में लगभग यही तापमान होता है स्ट्रॉबेरी की खेती मलचिंग विधि द्वारा की जाती है सबसे पहले खेत को तैयार किया जाता है इसके बाद ही ट्रैक्टर की सहायता से मलचिंग मशीन को खेत में उतारा जाता है चार फुट क्यारी तैयार की जाती है इसमें ड्रिप लाइन फिट की जाती है इसके बाद मशीन की सहायता से क्यारियों पर प्लास्टिक शीट बिछाई जाती है मलचिंग के लिए हल्का और लचकीला पदार्थ लें ताकि स्ट्रॉबेरी के पौधे की रफ्तार पर असर ना पड़े जिसे बाद में दोनों ओर से मिट्टी में दबा दिया जाता है अब इस शीट में छेद करके उसमें स्ट्रॉबेरी की पनीरी लगायी जाती है पनीरी लगाने के समय जड़ को पूरी तरह मिट्टी में व्यवस्थित कर दें जड़ बाहर रहने से पौधे के सूखने का खतरा होता है पौधे को ज्यादा तापमान और ठंड से बचाने के लिए इसके ऊपर छांव करनी चाहिए जो आप लो टन्नल विधि से कर सके हैं मौसम का बहुत ख्याल रखना पड़ता है थोड़ी सी लापरवाही से सारी फसल खराब हो सकती है पहले साल अपने खेत में स्ट्रॉबेरी की खेती करने का कुल खर्चा ढाई से तीन लाख रूप्ये प्रति एकड़ के हिसाब से आ जाता है क्योंकि किसान को पहले साल ड्रिप सिस्टम और फव्वारों आदि पर खर्च करना पड़ता है पर अगले वर्षों में किसानों का यह खर्चा बच जाता है इसके लिए एक एकड़ में 40 बैड बनते हैं और एक बैड पर 1000 स्ट्रॉबेरी के पौधे लगते हैं इस तरह एक एकड़ में चालीस हजार पौधे लगाए जाते हैं एक पौधा 3 से 4 रूप्ये तक मिल जाता है और इसकी उपज 50 से 60 क्विंटल तक निकल आता है 25-30क्विंटल गोबर की खाद एक एकड़ में डालें यह खाद एक साल में डालनी होती है फिर 20 : 40 : 40 NPK KG / हेक्टेयर डालनी है अच्छी फसल के लिए यूरिया दो फीसदी जिंक सल्फेट, आधा प्रतिशत कैलशियम सल्फेट और बोरिक एसिड 0.2 फीसदी अच्छी फसल के लिए ठीक है सिंचाई जल्दी जल्दी पर हल्की करनी चाहिए ज्यादा पानी ठीक नहीं है पत्ते गीले ना करें तुपका सिंचाई से पानी कम लग सकता है यदि तुपका सिंचाई नहीं कर रहे तो क्यारियों में पानी खाली में ही लगाएं नदीन हाथ से हटाएं या कीड़े मकौड़े और अन्य बीमारियों की तरफ ध्यान रखना जरूरी है यदि कोई पौधा ज्यादा खराब है उसे हटा दें जब फल का रंग 70 प्रतिशत लाल हो जाये तो तोड़ लेना चाहिए यदि मार्किट दूरी पर है तो थोड़ा सख्त ही तोड़ना चाहिए तुड़ाई अलग अलग दिनों में करनी चाहिए स्ट्रॅाबेरी की पैकिंग प्लास्टिक की प्लेटों में करनी चाहिए इसे हवादार जगह पर रखना चाहिए जहां तापमान पांच डिगरी हो एक दिन के बाद स्ट्रॉबेरी की पैकिंग का तापमान ज़ीरो डिग्री होना चाहिए मार्किट में स्ट्रॉबेरी औसतन 200 रूपये प्रति तक बिकती है इस तरह पांच लाख प्रति एकड़ से इसकी आमदन शुरू होकर आगे अपनी मेहनत से किसान आमदन में भरपूर वृद्धि कर सकता है स्ट्रॉबेरी के पौधे सितंबर से अक्तूबर तक लगाए जाते हैं और 3 महीने के बाद यह फल देना शुरू कर देते हैं इसकी फसल अप्रैल तक चलती है इसकी मार्केटिंग में किसी भी तरह की मुश्किल नहीं है, यह ऐलनाबाद, सिरसा, हनुमानगढ़, गंगानगर के इलावा बठिंडा, मोगा, जलंधर. लुधियाना में इसकी मार्केटिंग कर सकते है, यदि ज़्यादा मात्रा में स्ट्रॉबेरी है तो दिल्ली इसकी मुख्य मार्किट है

ਸਰ ਆਹ ਜੋ ਬਾਗਬਾਨੀ ਕੋਰਸ ਹੋ ਰਿਹ basic on 10th qualification ਇਸ ਦਾ ਕੋਈ ਫ਼ਾਇਦਾ ਕੀ ਹੋਵੇਗਾ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਨੂੰ ?

(pb)
Posted by
ਗੁਰਮਿੰਦਰ (8872397088)
ਗੁਰਮਿੰਦਰ
Punjab
Tarn Taran
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Posted Date (07 Aug 2019 05:38 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (12 Aug 2019 01:57 PM) Translated Date (-)

ਬਾਗਬਾਨੀ ਦੇ ਇਸ ਕੋਰਸ ਵਿੱਚ ਵੱੱਖ ਵੱਖ ਬਾਗ ਲਗਾਉਣ ਦੇ ਤਰੀਕੇ , ਫਲਾਂ ਦੀ ਸਾਂਭ ਸੰਭਾਲ ਤੇ ਸਬਜੀਆਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ਇਸ ਨਾਲ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਵੀ ਮਿਲੇਗਾ ਜੀ ਜਿਸ ਦੇ ਆਧਾਰ ਤੇ ਤੁਸੀ ਬਾਗਬਾਨੀ ਸਬੰਧਿਤ ਕਿੱਤੇ ਲਈ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ ਇਹ ਸਿਰਫ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ ਹੀ ਹੈ ਜੀ

ਬਾਗਬਾਨੀ ਕੋਰਸ ਦਾ ਕੋਈ ਫਾਈਦਾ ਹੈ ਕੀ ?

(pb)
Posted by
ਗੁਰਮਿੰਦਰ (8872397088)
ਗੁਰਮਿੰਦਰ
Punjab
Tarn Taran
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Posted Date (07 Aug 2019 05:26 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (12 Aug 2019 01:57 PM) Translated Date (-)

ਬਾਗਬਾਨੀ ਦੇ ਇਸ ਕੋਰਸ ਵਿੱਚ ਵੱੱਖ ਵੱਖ ਬਾਗ ਲਗਾਉਣ ਦੇ ਤਰੀਕੇ , ਫਲਾਂ ਦੀ ਸਾਂਭ ਸੰਭਾਲ ਤੇ ਸਬਜੀਆਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ਇਸ ਨਾਲ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਵੀ ਮਿਲੇਗਾ ਜੀ ਜਿਸ ਦੇ ਆਧਾਰ ਤੇ ਤੁਸੀ ਬਾਗਬਾਨੀ ਸਬੰਧਿਤ ਕਿੱਤੇ ਲਈ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ ਇਹ ਸਿਰਫ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ ਹੀ ਹੈ ਜੀ

ਬਾਸਮਤੀ ਨੇ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨਾਲ ਬੂਟਾ ਨਹੀ ਬਣਾਇਆ, ਕੁਝ ਬੂਟੇ ਤਾ ਪਨੀਰੀ ਵਾਲੇ ਹੀ ਖੜੇ ਹਨ, ਕੋਈ ਹੱਲ ?

(pb)
Posted by
ਸਿਮਰ ਜਟਾਣਾ (9604000047)
ਸਿਮਰ ਜਟਾਣਾ
Punjab
Ferozpur
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Posted Date (07 Aug 2019 05:16 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (07 Aug 2019 05:39 PM) Translated Date (-)

ਝੋਨੇ ਦੇ ਵਧੀਆ ਫੁਟਾਰੇ ਦੇ ਲਈ ਹੁਣ ਤੁਸੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ biovita @8 ਕਿਲੋ ਜਾ ਫਿਰ tata ਦੀ ralli gold @4 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿਚ ਇਸਦਾ ਛਿੱਟਾ ਦਵੋ ਉਸ ਨਾਲ ਤੁਹਾਡਾ ਝੋਨਾ ਵਧੀਆ ਫੋਟ ਮਾਰ ਲਵੇ ਗਾ ਜੀ I

07 Aug 2019

chona kine din da hona chahida tata di rally gold pon tym

sir Desi gulab me Dilla kharpatwar kafi jyada h isme kon sa dal skte hor ped ki growth ke liye Kya dalna chahiye ?

(hn)
Posted by
K L Kamboj (9812119011)
K L Kamboj
Haryana
Karnal
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Posted Date (07 Aug 2019 04:58 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (03 Dec 2019 01:41 PM) Translated Date (-)

ਮੋਨੋਕੋਟ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਗਲਾਈਫੋਸੇਟ 400 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਅਤੇ ਡਾਈਕੋਟ ਨਦੀਨਾਂ ਲਈ ਓਕਸੀਫਲੋਰਫੈੱਨ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਪੁੰਗਰਾਅ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਕਰੋ

sir ਕਿਨੂੰ ਦੇ ਬਾਗ ਦੇ ਕੁਛ ਬੂਟੇ ਦੇ ਪੱਤੇ ਬਰੀਕ ਤੇ ਛੋਟੇ ਹੋ ਰਹੇ ਨੇ ...ਅਸੀਂ vermicompost ਪਾਈ ਹੈ .....ਕੁਛ ਜ਼ਿਆਦਾ ਫਰਕ ਨਹੀ ...ਹੋਰ ਕਿ ਕਰੀਏ ਕੇ ਇਹ problem ਠੀਕ ਹੋ ਸਕੇ ....Thanks ?

(pb)
Posted by
Davinder Kumar (9914677737)
Davinder Kumar
Punjab
Fazilka
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Posted Date (07 Aug 2019 04:58 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (08 Aug 2019 05:40 AM) Translated Date (-)

Davinder g ihh zinc di ghaat hai...iss de upper chelated zinc@200gm prati 150ltr pani de hisaab nal spray kro...

सर ये बच्ची किस नस्ल की है, इसकी हाइट व भार बढाने के लिए क्या दे ?

(hn)
  • 3
Posted by
paras ram janwa (9982852622)
paras ram janwa
Rajasthan
Udaipur
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Posted Date (07 Aug 2019 04:57 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (07 Aug 2019 08:56 PM) Translated Date (03 Aug 2021 10:39 AM)

ये बच्ची साहीवाल और गिर गाय की क्रॉस नस्ल है इसके आप Cafplan 30 ग्राम रोजाना देना शुरू करें इससे अच्छी ग्रोथ हो जाएगी .

राजस्थान भीलवाड़ा मे कैसर की खेती हो सकती है क्‍या ?

(hn)
Posted by
महावीर धाकड (8094368544)
महावीर धाकड
Rajasthan
Bhilwara
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Posted Date (07 Aug 2019 04:56 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (07 Aug 2019 05:41 PM) Translated Date (-)

असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही हो सकता है, यह कुसुम है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं है तो तो आप अमृतपाल सिंह बराड़ प्रोफेसर, पीएयू लुधियाना इस वीडियो संबंधी विचार पड़ सकते हैं, यह फसल केसर की नहीं है, यह फसल कसुंबडे की है, इसे अंग्रेजी में Safflower कहते है, और विज्ञानं में इसे Carthamus tinctorius कहते है

ਝੋਨੇ ਦੇ ਬੂਟੇ ਕਿਉਂ ਸੁਕਦੇ ਨੇ ?

(pb)
Posted by
Daljit Singh Sanghera (9914071886)
Daljit Singh Sanghera
Punjab
Hoshiarpur
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Posted Date (07 Aug 2019 04:52 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (03 Dec 2019 01:45 PM) Translated Date (-)

ਦਲਜੀਤ ਜੀ ਇਸਦੇ ਕਈ ਕਾਰਨ ਹੋ ਸਕਦੇ ਹਨ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਇਸਦੇ ਵਿਚ ਸੁੰਡੀ ਦਾ ਹਮਲਾ ਚੈੱਕ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਮੌਜੂਦ ਹੈ ਤਾ ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ fame ਜਾ coragen ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ

sir majh taji sui a but milk bhot ghat dindi aa, koi hal daso sir ?

(pb)
Posted by
balkaran (9779676211)
balkaran
Punjab
Jalandhar
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Posted Date (07 Aug 2019 04:51 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (07 Aug 2019 05:27 PM) Translated Date (-)

ਤੁਸੀ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ, 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁਲਕੰਦ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸੌੰਫ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸੁਕੇ ਆਵਲੇ ਤੇ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਅਜਵਾਇਨ ਉਬਾਲ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ 5-7 ਦਿਨ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ Anabolite liquid 100-100ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ, Lactomax bolus 10 ਗੋਲੀਆਂ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣੀਆਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਵਧਿਆ ਮਾਤਰਾ ਵਿਚ ਦਿਓ ਅਤੇ ਇਕ ਹਫਤੇ ਬਾਦ ਉਸਦੀ ਡਿਵਰਮਿੰਗ ਕਰੋ ਜੀ ..

Answered Date (07 Aug 2019 09:09 PM) Translated Date (-)

sir oo gaban karayii a koi chaker ta nhi

07 Aug 2019

jekar gaban hai tan uss nu sirf Anabolite liquid 100ml , Lactomax bolus 10 golia rojana deo..

Answered Date (08 Aug 2019 05:48 AM) Translated Date (-)

10 golia rojana Ka ik goli rojana

sir majh milk bhot ghat dindi a, taji soi, koi hal Daso sir ?

(pb)
Posted by
balkaran (9779676211)
balkaran
Punjab
Jalandhar
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Posted Date (07 Aug 2019 04:49 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (07 Aug 2019 05:27 PM) Translated Date (-)

ਤੁਸੀ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ, 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁਲਕੰਦ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸੌੰਫ, 100ਗ੍ਰਾਮ ਸੁਕੇ ਆਵਲੇ ਤੇ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਅਜਵਾਇਨ ਉਬਾਲ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ 5-7 ਦਿਨ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ Anabolite liquid 100-100ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ, Lactomax bolus 10 ਗੋਲੀਆਂ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣੀਆਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਵਧਿਆ ਮਾਤਰਾ ਵਿਚ ਦਿਓ ਅਤੇ ਇਕ ਹਫਤੇ ਬਾਦ ਉਸਦੀ ਡਿਵਰਮਿੰਗ ਕਰੋ ਜੀ ..

भैंस के दस्त लगने पर इस गोली का उपयोग कर सकते हैं क्या ?

(hn)
  • 1
Posted by
paras ram janwa (9982852622)
paras ram janwa
Rajasthan
Udaipur
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Posted Date (07 Aug 2019 04:48 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (07 Aug 2019 04:54 PM) Translated Date (-)

जी इस गोली का प्रयोग कर सकते है इसके साथ Biotrim-DS bolus 1-1 सुबह शाम दें इससे फर्क पड़ जाएगा

sir ji ye lal patte ki bimari kya hai ?

(hn)
  • 1
Posted by
Banwari meena (8504867131)
Banwari meena
Rajasthan
Kota
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Posted Date (07 Aug 2019 04:47 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (03 Dec 2019 01:48 PM) Translated Date (-)

Banwari ji aap iske uper folicur@300ml nu prtai acre de hisab se spray karen.dhanwad

महोदय मुझे गेदे के फूल की खेती के बारे मे विस्तार से बताईये, जैसे खेत की तैयारी, बीज बोने का समय, अनुकूल मौसम,पौध रोपण की विधि, सावधानियॉ इत्यादि ?

(hn)
Posted by
प्रकाश चन्द्र (9580091577)
प्रकाश चन्द्र
Uttar Pradesh
Kanpur Nagar
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Posted Date (07 Aug 2019 04:44 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (07 Aug 2019 05:45 PM) Translated Date (-)

प्रकाश चन्द्र जी अगर गेंदे की खेती करना चाहते है इसे मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है मिट्टी अच्छे निकास वाली होनी चाहिए क्योंकि यह फसल जल जमाव वाली मिट्टी में स्थिर नहीं रह सकती मिट्टी की pH 6.5 से 7.5 होनी चाहिए तेजाबी और खारी मिट्टी इसकी खेती के लिए अनुकूल नहीं है फ्रैंच गेंदे की किस्म हल्की मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है जबकि अफ्रीकी गेंदे की किस्म उच्च जैविक खाद वाली मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है प्रसिद्ध किस्में :- African Marigold: इस किस्म की फसल 90 सैं.मी. तक लम्बी होती है इसके फूल बड़े आकार के और लैमन, पीले, सुनहरे, संतरी और गहरे पीले रंग के होते हैं यह लम्बे समय की किस्म है इसकी अन्य किस्में जैसे Giant Double African Orange, Crown of Gold, Giant Double African Yellow, Chrysanthemum Charm, Golden Age, Cracker Jack आदि हैं French Marigold: यह छोटे कद की जल्दी पकने वाली किस्में हैं इसके फूल छोटे आकार के और पीले, संतरी, सुनहरे पीले, लाल जंग और महोगनी रंग के होते हैं इसकी अन्य किस्में जैसे Rusty Red, Butter Scotch, Red Borcade, Star of India, Lemon drop आदि हैं Pusa Basanti Gainda: यह लम्बे समय की किस्म है इसका पौधा 58.80 सैं.मी. लम्बा और गहरे हरे रंग के पत्ते होते हैं इसके फूल सल्फर पीले, दोहरे और कारनेशन किस्म के होते हैं Pusa Narangi Gainda: फूल निकलने के लिए 125-136 दिनों की आवश्यकता होती है इसका पौधा लम्बा और कद में 73.30 सैं.मी. का होता है और पत्ते गहरे हरे रंग के होते हैं इसके फूल संतरी रंग के और कारनेशन किस्म के होते हैं फूल घने और दोहरी परत वाले होते हैं इसके ताजे फूलों की पैदावार 140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने के लिए आखिरी जोताई के समय 250 क्विंटल रूड़ी की खाद और अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर मिट्टी में मिलायें गेंदे की बिजाई एक वर्ष में कभी भी की जा सकती है बारिश के मौसम में इसकी बिजाई मध्य जून से मध्य जुलाई में करें सर्दियों में इसकी बिजाई मध्य सितंबर से मध्य अक्तूबर में पूरी कर लें नर्सरी बैड 3x1 मीटर आकार के तैयार करें गाय का गला हुआ गोबर मिलायें बैडों में नमी बनाए रखने के लिए पानी दें सूखे फूलों का चूरा करें और उनका कतार या बैड पर छिड़काव करें जब पौधों का कद 10-15 सैं.मी. हो जाये, तब वे रोपाई के लिए तैयार होते हैं फैंच किस्म को 35x35 सैं.मी. और अफ्रीकी किस्म को 45x45 सैं.मी. के फासले पर रोपाई करें नर्सरी बैड पर बीजों का छिड़काव करें बिजाई के लिए पनीरी ढंग का प्रयोग किया जाता है एक एकड़ खेत के लिए 600 से 800 ग्राम बीजों की आवश्यकता होती है जब फसल 30-45 दिन की हो जाए, तब पौधे के सिरे से उसे काट दें इससे पौधे को झाड़ीदार और घना होने में मदद मिलती है, इससे फूलों की गुणवत्ता और अच्छा आकार भी प्राप्त होता है बिजाई से पहले बीजों को एजोसपीरियम 200 ग्राम को 50 मि.ली. धान के चूरे में मिलाकर उपचार करें शुरूआती खुराक के तौर पर अच्छी वृद्धि के लिए नाइट्रोजन 32 किलो (यूरिया 70 किलो), फासफोरस 16 किलो (एस एस पी 100 किलो), पोटाश 32 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 53 किलो) प्रति एकड़ में डालें मिट्टी की किस्म के अनुसार खाद की खुराक बदल दें सही खुराक देने के लिए मिट्टी की जांच करवायें और उसके आधार पर खुराक दें नदीनों की संख्या के आधार पर गोडाई करें खेत में रोपाई के बाद तुरंत सिंचाई करें कली बनने से लेकर कटाई तक की अवस्था सिंचाई के लिए बहुत महत्तवपूर्ण होती है अप्रैल से जून के महीने में 4-5 दिनों के अंतराल पर लगातार सिंचाई करना आवश्यक होता है किस्म के आधार पर गेंदा 2 से 2.5 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं फ्रैंच गेंदे की किस्म 1.5 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाती है जबकि अफ्रीकी गेंदे की किस्म दो महीने में तैयार हो जाती है जब गेंदे का पूरा आकार विकसित हो जाये तब उसे तोड़ लें कटाई सुबह के समय और शाम के समय करें फूलों की तुड़ाई से पहले खेत को सिंचित करना चाहिए इससे फूलों की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहती है इसे आप अपनी नजदीकी फूल मंडी में बेच कर इसे अपनी आय का साधन बना सकते है इसका बीज आप कृषि यूनिवर्सिटी से ले सकते है या नजदीकी नर्सरी से ले सकते है जा फिर गेंदे और गुलाब के बीज लेने के लिए आप प्रेम राज सैनी 9719432296 से सम्पर्क करे धन्यवाद

ਝੋਨੇ ਉਪਰ 00.00.50-ਤੇ ਬੋਰਨ ਕਿਸ ਸਟੇਜ ਤੇ ਸਪਰੇ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ?

(pb)
Posted by
ਬਲਰਾਜ ਸਿੰਘ (9878510082)
ਬਲਰਾਜ ਸਿੰਘ
Punjab
Amritsar
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Posted Date (07 Aug 2019 04:41 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (03 Dec 2019 01:47 PM) Translated Date (-)

ਬਲਰਾਜ ਜੀ ਇਸਦੀ ਸਪਰੇ ਝੋਨੇ ਦੇ ਫੁਟਾਰੇ ਦੇ ਸਮੇ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ

es injection se pashu ko nuksan Kya hai ?

(hn)
  • 1
Posted by
vikas patidar (9602178039)
vikas patidar
Rajasthan
Pratapgarh
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Posted Date (07 Aug 2019 04:36 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (07 Aug 2019 09:23 PM) Translated Date (03 Aug 2021 10:39 AM)

Vikas ji isko pashu ko heat mai lanne ke liye lgaya jata ha, per isko use krne se pashu da duudh kam ho jata hai.

ਇਸਦਾ ਜਵਾਬ ਨਹੀ ਮਿਲਾ ?

(pb)
  • 1
Posted by
Harvinder singh (7707840165)
Harvinder singh
Punjab
Patiala
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Posted Date (07 Aug 2019 04:36 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (07 Aug 2019 06:01 PM) Translated Date (-)

Harvinder singh g flag leaf di roktham lyi 12:63 fungicide v vdia result dinda hai bt jekar frr v problem aw rhi hai tn carbendazim 50% @500 gm per acre de hisab nal mitti vich mila ke chitta de skde ho g..

ਆ ਦਵਾਈ ਕੀ ਕੰਮ ਕਰਦੀ ਆ ਜੀ, ਕੀ ਇਸਨੂੰ ਝੋਨੇ ਤੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਆ ਜੀ ?

(pb)
  • 2
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sukhjinder Brar (8360412359)
sukhjinder Brar
Punjab
Bathinda
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Posted Date (07 Aug 2019 04:35 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (03 Dec 2019 01:54 PM) Translated Date (-)

ਸੁਖਜਿੰਦਰ ਜੀ ਇਹ ਤੇਲੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਵਰਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦੀ ਮਾਤਰਾ 60 ml ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵਰਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ

?

(hn)
Posted by
Ravi Kushwah (9760024018)
Ravi Kushwah
Uttar Pradesh
Agra
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Posted Date (07 Aug 2019 04:31 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (03 Dec 2019 01:56 PM) Translated Date (-)

रवि जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

00:52:34 vich gibbralic acid Mila sakde han.00:52:44 Di doze ki hai. narmay ch ?

(pb)
Posted by
Manpreet Singh brar (6239697366)
Manpreet Singh brar
Punjab
Fazilka
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Posted Date (07 Aug 2019 04:31 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (12 Aug 2019 05:01 PM) Translated Date (-)

manpreet ji tuc dona vicho kise ik di varto karo dona di ikathi varto karn di lod nahi hai. dona da kam same hi hai.dhanwad

धान मे घास की दवा बताए ?

(hn)
Posted by
Narendra verma (8840125536)
Narendra verma
Uttar Pradesh
Bahraich
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Posted Date (07 Aug 2019 04:27 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (03 Dec 2019 01:58 PM) Translated Date (-)

पौध को खेत में बीजने से 2-3 दिन बाद 1200 मि.ली. बूटाक्लोर 50 ई.सी. या 1200 मि.ली. थायोबैनकार्ब 50 ई.सी. या 1000 मि.ली. पैंडीमैथालीन 30 ई.सी. या 600 मि.ली. परैटीलाकलोर 50 ई.सी. प्रति एकड़ नामक बूटीनाशकों का प्रयोग करना चाहिए इनमें से किसी भी बूटी नाशक को 60 किलोग्राम मिट्टी में मिलाकर 4-5 सैं.मी. खड़े पानी में फैला दें चौड़े पत्ते वाले नदीनों की रोकथाम के लिए 30 ग्राम मैटसल्फरोन 20 डब्लयू पी को प्रति एकड़ के हिसाब से 150 लीटर पानी में मिलाकर बीजने से 20-25 दिनों के बाद छिड़काव करना चाहिए छिड़काव करने से पहले खेत में रूके हुए पानी को निकाल दें और छिड़काव करने के एक दिन बाद खेत को फिर पानी दें

बटेर पालन की जानकारी चाहिए जी किस प्रकार इसका शैड तैयार करते हैं और क्या फीड देनी चाहिए और कहा से बच्चे मिलेंगे और कौन सी नस्ल अच्छी होगी जो देशी में हो जी, नदानम-3 कौन सी नस्ल में आते हैं जी ?

(hn)
Posted by
हेमन्त कुमार सेन (9001754963)
हेमन्त कुमार सेन
Rajasthan
Ajmer
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Posted Date (07 Aug 2019 04:25 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (07 Aug 2019 05:55 PM) Translated Date (-)

बटेर पालन के लिए किसी लाइसेंस की जरुरत नहीं है जी यह मुर्गी पालन से मिलता जुलता काम ही है बटेर पालन से जुड़ी कुछ आम जानकारी आपसे शेयर कर रहे हैं 1.यह बहुत छोटा पक्षी होने के कारण इस काम को शुरू करने के लिए कम जगह की जरूरत होती है उदाहरण के तौर पर 5-6 पक्षियों के लिए 1 वर्ग फीट जगह की आवश्यकता होती है 2.खुराक की खप्त भी कम होती है, सिर्फ 20-25 ग्राम प्रति पक्षी रोज़ाना 3.बटेर के अंडे और मांस में अमीनो अम्ल, विटामिन, चर्बी और धातु आदि पदार्थ उपलब्ध रहते हैं 4.बटेर पालन में, 5 सप्ताह का पक्षी मीट के लिए तैयार हो जाता है और 6-7 सप्ताह में अंडे देना शुरू कर देता है 5.मुर्गियों की बजाय बटेरों में छूत की बीमारियां कम होती हैं बीमारियों की रोकथाम के लिए मुर्गी पालन की तरह इनमें किसी प्रकार का टीका लगाने की जरूरत नहीं है 6.बटेर हर वर्ष तीन से चार पीढ़ियों को जन्म दे सकने की क्षमता रखती है 7.इसका मीट मुर्गे से काफी अधिक स्वाद और पोष्टिक होता है हेचरी में 35 से 40 दिनों में बटेरें खाने योग्य हो जाती हैं एक अंडा पांच रूपये में बिकता है जापानी बटेर और इसे पालने की सिखलाई चंडीगढ़ के केंद्रीय मुर्गी पालन संस्था (Central Poultry Development Organization (Northern Region) की तरफ से करवायी जाती है अन्य जानकारी के लिए वैबसाइट http://cpdonrchd.gov.in पर जाकर इसकी सिखलाई और ट्रेनिंग के बारे में पता कर सकते हैं

sir bayer di folicure kis - kis blast te km krdi aw ?

(en)
Posted by
harwinder singh (8727952518)
harwinder singh
Punjab
Mansa
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Posted Date (07 Aug 2019 04:20 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (03 Dec 2019 02:00 PM) Translated Date (-)

harwinder ji bayer di folicur sheath blight ya foot root di roktham de layi varti jandi hai isdi matra 300ml nu prati acre de hisab nal varti jandi hai.dhanwad

Hi,I am planning to buy HRMN 99 apple plants. Where to get the plants My question is how do I grow as my area is in coastal Karnataka ?

(en)
Posted by
Deepak kumar (9916316425)
Deepak kumar
Karnataka
Udupi
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Posted Date (07 Aug 2019 04:18 PM) Assigned Date (-)

तोरिया लाही सितंबर के पहले सप्ताह मे बोने पर फसल कब तक तैयार हो जायगी व कौन सा बीज उत्तम पैदावार के लिए सही रहेगा ?

(hn)
Posted by
प्रकाश चन्द्र (9580091577)
प्रकाश चन्द्र
Uttar Pradesh
Kanpur Nagar
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Posted Date (07 Aug 2019 03:59 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (03 Dec 2019 02:28 PM) Translated Date (-)

सरसों की बिजाई का सही समय सितंबर से अक्तूबर है तोरिया फसल की लिए बिजाई सितंबर के पहले पखवाड़े से मध्य अक्तूबर तक कर लेनी चाहिए अफ्रीकी सरसों और तारामीरा की फसल अक्तूबर के आखिर तक बोयी जा सकती है राया फसल की बिजाई मध्य अक्तूबर से नवंबर के आखिर तक की जाती है जब तारामीरा को मुख्य फसल के बीच उगाया जाता है तो इसकी बिजाई मुख्य फसल पर निर्भर करती है आप इसकी किस्मे जैसे T-9 (1978),Bhvaani:P.T 30 की बिजाई कर सकते है धन्यवाद

sirrrr ਆ ਦੀਵਾਈ ਕਾਦੇ ਵਾਸਤੇ ਆ ਤੇ ਇਦਾ ਕਿ ਕਿ ਕੰਮ ਆ ਅਤੇ ਕਾਦੇ ਕਾਦੇ ਛਿੜਕੀ ਜਾਦੀ ਆ ਕਿੰਨੀ ਕਿੰਨੀ ਦੀਵਾਈ ਪਾਉਣੀ ਆ ?

(pb)
  • 1
Posted by
supinder jawandha (9872806447)
supinder jawandha
Punjab
Sangrur
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Posted Date (07 Aug 2019 03:56 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (07 Aug 2019 04:00 PM) Translated Date (-)

ਸੁਪਿੰਦਰ ਜੀ ਇਹ fungicide ਹੈ ਇਹ ਝੋਨੇ ਵਿਚ ਫੰਗਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਵਰਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਨੂੰ ਤੁਸੀ ਕਣਕ ਅਤੇ ਝੋਨੇ ਦੋਨੋ ਉਪਰ ਸਪਰੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਿਵੇ ਕੇ ਫ਼ਸਲ ਨੂੰ ਹਲਦੀ ਰੋਗ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਉਸਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਸਪਰੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ

ਸਰ ਛੋਟੀ ਉਮਰ ਤੋਂ ਹੀ ਕੱਟੀਆਂ(ਮੱਝਾਂ )ਨੂੰ ਕਿਹੜੀ ਖੁਰਾਕ ਦੇਈਏ ਕੇ ਉਹ ਪੂਰਾ ਸਰੀਰ ਵਿਕਸਤ ਕਰ ਸਕਣ ਮਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਪਠਲਾਵਾ ?

(en)
Posted by
Manjit Singh (9872560467)
Manjit Singh
Punjab
Shahid Bhagat Singh Nagar
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Posted Date (07 Aug 2019 03:55 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (07 Aug 2019 04:24 PM) Translated Date (-)

ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਇਕ ਮਹੀਨੇ ਤਕ ਮਾਂ ਦਾ ਰੱਜਵਾਂ ਦੁੱਧ ਪਿਲਾਓ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਆਸਾਨੀ ਨਾਲ ਹਜ਼ਮ ਕਰ ਸਕੇ, ਉਸ ਨੂੰ ਖੁਲਾ ਰੱਖੋ ਜਿਸ ਨਾਲ ਉਹ ਭੱਜ ਭੱਜ ਕੇ ਕਸਰਤ ਕਰਦੀ ਰਹੇ, ਇਕ ਮਹੀਨੇ ਦਾ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਦ ਤੁਸੀ ਕਾਰਗਿਲ ਦਾ Calf starter ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨੂੰ ਦੁੱਧ ਵਿਚ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, 3 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦਾ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਦ Calf grower ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, 8 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦੀ ਉਮਰ ਤੋਂ ਬਾਦ Heifer dry ਫੀਡ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਹ ਸਾਰਾ ਕੁਜ ਉੱਨੀ ਮਾਤਰਾ ਵਿਚ ਦਿਓ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਉਹ ਆਸਾਨੀ ਨਾਲ ਹਜ਼ਮ ਕਰ ਸਕੇ ਇਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਗਰੋਥ ਦੇ ਲਈ Growth Mantra ਪਾਊਡਰ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਜਾਂ ਤੁਸੀ puberaid ਪਾਊਡਰ ਵੀ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ 2 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦੀ ਉਮਰ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ, ਜੇਕਰ ਉਮਰ 2 ਮਹੀਨੇ ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੈ ਤਾਂ 20 ਗ੍ਰਾਮ ਪਾਊਡਰ ਦੇਣਾ ਹੈ, 4 ਮਹੀਨਿਆਂ ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੋਣ ਤੇ 25 ਗ੍ਰਾਮ ਦਿਓ, ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਉਮਰ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ 5-5 ਗ੍ਰਾਮ ਵਧਾ ਦਿਓ. ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਉਸਦੀ ਡੇਵਰਮਿੰਗ ਦਾ ਵੀ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ ਜੀ

ਬਾਰਬਰੀ ਨਸਲ ਦੀ ਬੱਕਰੀ ਕਿਥੋਂ ਮਿਲ ਸਕਦੀ ਆ ਜੀ ਅਮ੍ਰਿਤਸਰ ਜਾਂ ਆਸ - ਪਾਸ ਦੇ ਇਲਾਕਿਆਂ ਚੋਂ ?

(pb)
Posted by
harmanjit singh gill (9780372017)
harmanjit singh gill
Punjab
Amritsar
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Posted Date (07 Aug 2019 03:55 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (20 Mar 2020 04:53 PM) Translated Date (-)

Harmanjit ji tuci goat lain lai Harbhajan Singh 9815311687 9417267166 nal sampark kr skde ho.

narme nu hra tela te chitta machher tai Jun hai, Ehnu kehdi spray kiti jave, Jaldi daseo ?

(pb)
Posted by
Ajmer singh (9878994300)
Ajmer singh
Punjab
Fazilka
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Posted Date (07 Aug 2019 03:53 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (07 Aug 2019 03:58 PM) Translated Date (-)

ਨਰਮੇ ਵਿਚ ਤੇਲੇ ਅਤੇ ਜੂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ prophenofos@500ml ਜਾ Ethion@800ml ਜਾ oberon@200ml ਜਾ Bayer Admire pro@12gm ਜਾ Flotis@400ml ਦੀ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ

ਸਰ ਬਾਸਮਤੀ ਵਿਚ ਕੱਖ ਬਹੁਤ ਹੋ ਗਿਆ ਹੈ, ਉਸ ਤੇ ਕਿਹੜੀ ਸਪਰੇ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ ਜਿਸ ਨਲ ਬਾਸਮਤੀ ਨੂੰ ਕੋਈ ਨੁਕਸਾਨ ਨਾ ਹੋਵੇ ਤੇ ਕੱਖ ਮਰ ਜਾਵੇ ?

(pb)
Posted by
Gursewak singh Brar (9041198917)
Gursewak singh Brar
Punjab
Ferozpur
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Posted Date (07 Aug 2019 03:48 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (07 Aug 2019 03:56 PM) Translated Date (-)

ਜਿੰਨਾ ਖੇਤਾਂ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਖੜਾ ਕਰਨ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਝੋਨੇ ਦੀ ਲੁਆਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 10-12 ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਦਰ ਅੰਦਰ 40 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਗਰੈਨਿਟ 240 ਐਸ ਸੀ ( ਪਿਨਾਕਸੁਲਮ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰ ਦਿਉ ਜਿਸ ਨਾਲ ਸਵਾਂਕ, ਝੋਨੇ ਦੇ ਮੋਥੇ ਅਤੇ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਹੋਵੇਗੀ ਜੇਕਰ ਝੋਨੇ ਦੀ ਲੁਆਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਖੇਤ ਵਿਚ ਸਵਾਂਕ ਅਤੇ ਝੋਨੇ ਦੇ ਮੋਥੇ ਉੱਗ ਪੈਂਦੇ ਹਨ ਤਾਂ ਲੁਆਈ ਤੋਂ 20-25 ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਦਰ ਅੰਦਰ 100 ਮਿਲੀ ਲਿਟਰ ਨੌਮਨੀ ਗੋਲਡ/ ਵਾਸ਼ ਆਊਟ/ਮਾਚੋ/ ਤਾਰਕ 10 ਐਸ ਸੀ (ਬਿਸਪਾਇਰੀਬੈਕ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰ ਦਿਉ ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲੈਪਟੋਕਲੋਆ (ਚੀਨੀ) ਘਾਹ ਜਾਂ ਕਣਕੀ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਹੋਵੇ ਤਾਂ 400 ਮਿਲੀ ਲਿਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ 6•7 ਈਸੀ ( ਫਿਨੋਕਸਾਪਰੌਪ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਝੋਨੇ ਦੀ ਲੁਆਈ ਤੋਂ 20-25 ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਦਰ ਅੰਦਰ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰ ਦਿਉ ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨ ਘਰਿੱਲਾ, ਸਣੀ ਆਦਿ ਅਤੇ ਝੋਨੇ ਦੇ ਮੋਥੇ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਹੋਵੇ ਤਾਂ 30 ਗਰਾਮ ਐਲਗਰਿਪ 20 ਡਬਲਯੂ ਜੀ ( ਮੈਟਸਲਫੂਰਾਨ) ਜਾਂ 16 ਗਰਾਮ ਸੈਗਮੈਂਟ 50 ਡੀ ਐਫ ( ਅਜਿਮਸਲਫੂਰਾਨ) ਜਾਂ 8 ਗਰਾਮ ਐਲਮਿਕਸ 20 ਡਬਲਯੂ ਪੀ (ਮੈਟਸਲਫੂਰਾਨ+ਕਲੋਰੀਮਿਯੂਰਾਨ) ਜਾਂ 50 ਗਰਾਮ ਸਨਰਾਈਜ 15 ਡਬਲਯੂ ਡੀ ਜੀ(ਇਥੋਕਸੀਸਲਫੂਰਾਨ) ਨੂੰ ਲੁਆਈ ਤੋਂ 20 ਦਿਨ ਬਾਅਦ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰ ਦਿਉ

धान रोपे एक सप्ताह हुआ है कौन सी दवा कौन सी खाद कब डाली जानी चाहिए ?

(hn)
Posted by
प्रकाश चन्द्र (9580091577)
प्रकाश चन्द्र
Uttar Pradesh
Kanpur Nagar
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Posted Date (07 Aug 2019 03:48 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (08 Aug 2019 11:18 AM) Translated Date (-)

सिंचित और कम बारानी वाले क्षेत्रों के लिए लगभग 41-50 किलो नाइट्रोजन (यूरिया 90-110 किलो), 30 किलो फासफोरस (एस एस पी 190 किलो) और 27 किलो पोटाश (म्यूरेट ऑफ पोटाश 45 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा रोपाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर, नाइट्रोजन का 1/4 हिस्सा शाखाएं निकलने के समय और 1/4 हिस्सा बालियां निकलने के समय डालें जल जमाव वाले क्षेत्रों में नाइट्रोजन 30-41 किलो (यूरिया 65-90 किलो) प्रति एकड़ में शुरूआती खुराक के तौर पर डालें कम बारानी क्षेत्रों के लिए नाइट्रोजन 23-32 किलो (यूरिया 52-70 किलो) और फासफोरस 16 किलो (एस एस पी 100 किलो) प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस की पूरी मात्रा रोपाई से पहले और बाकी बची नाइट्रोजन बालियां निकलने के समय डालें ऊंचे क्षेत्रों के लिए नाइट्रोजन 23 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो) और पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के तीन सप्ताह बाद डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटे पहले भाग को बिजाई के 6 सप्ताह बाद और दूसरे भाग को बालियां निकलने के समय डालें

ਪਦਾਨ ਕਿੰਨੀ ਪਾਉਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ 5 kg ਜਾ 7 kg ?

(pb)
Posted by
malkeet singh (8288833618)
malkeet singh
Punjab
Ferozpur
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Posted Date (07 Aug 2019 03:47 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (08 Aug 2019 11:07 AM) Translated Date (-)

ਮਲਕੀਤ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਮਾਤਰਾ 5 -7 ਕਿੱਲੋ ਕਿਸੇ ਦੀ ਵੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਸੁੰਡੀ ਦਾ ਹਮਲਾ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੈ ਤਾ ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਵਰਤੋਂ 7 ਕਿੱਲੋ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਘੱਟ ਹੈ ਤਾ ਇਸਦੀ ਮਾਤਰਾ 5 ਕਿੱਲੋ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ

ਵੀਰ ਜੀ ਉਹ ਕਿਹੜੀਆਂ ਜਹਿਰਾਂ ਹਨ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਉਪਯੋਗ ਫਸਲਾਂ ਤੇ ਨਹੀ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ?

(pb)
Posted by
ਗੁਰਦਾਸ ਮਾਨ (8699279829)
ਗੁਰਦਾਸ ਮਾਨ
Punjab
Mansa
Write Answer
Posted Date (07 Aug 2019 03:37 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (07 Aug 2019 03:42 PM) Translated Date (-)

ਗੁਰਦਾਸ ਮਾਨ ਜੀ ਹਰ ਫ਼ਸਲ ਲਈ ਅਲੱਗ ਜਹਿਰ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਸਵਾਲ ਵਿਸਤਾਰ ਨਾਲ ਪੁਛੋ ਕੇ ਤੁਸੀ ਕਿਹੜੀ ਫ਼ਸਲ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ

ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟਰੇਨਿੰਗ ਕਿਥੋਂ ਮਿਲ ਸਕਦੀ ਆ ਜੀ ਅਮ੍ਰਿਤਸਰ ਵਿਚ‍ ?

(pb)
Posted by
harmanjit singh gill (9780372017)
harmanjit singh gill
Punjab
Amritsar
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Posted Date (07 Aug 2019 03:35 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (08 Aug 2019 04:02 PM) Translated Date (-)

ਹਰਮਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਗਿੱਲ ਜੀ ਅਮ੍ਰਿਤਸਰ ਵਿਚ ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਤੁਸੀ Krishi Vigyan Kendra (KVK) , Nagkalan-Jahangir, Amritsar 98555-56672 ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

Answered Date (08 Aug 2019 12:29 PM) Translated Date (-)

ਇਸ ਨੰਬਰ ਤੇ 9317517763 ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ

सर मेरी सभी मुर्गीया बीमार हो गईं है और बहुत सी मर गई है, इस बीमारी का इलाज बताएं, नाक और मुंह मैं से पानी निकल रहा है, आंखें बंद करके एक जगह पर बैठी जा रहे हैं ?

(hn)
  • 2
Posted by
syed javed ali (9923356222)
syed javed ali
Maharashtra
Jalna
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Posted Date (07 Aug 2019 03:25 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (08 Aug 2019 06:08 PM) Translated Date (-)

इसके लिए आप Enrofloxacin liquid 1.5 मि.ली. को एक लीटर पानी में मिलाकर 24 घंटे में दें इसके साथ Femitone liquid 10 मि.ली. प्रति 100 मुर्गियों के हिसाब से और B-complex 20 मि.ली. प्रति 100 मुर्गियों के हिसाब से और साथ में Respiron liquid देना शुरू करें फिर अगले दिन Enrofloxacin 1 मि.ली. को 1 लीटर पानी साथ मिलाकर दें और बाकि दवाईयों को ऐसे ही देते रहें और फिर इसी प्रकार 5—7 दिन तक दें इससे फर्क पड़ जाएगा

08 Aug 2019

thanks sir ji

sir goat farming di training kithon leni chahidi hai ?

(pb)
Posted by
ਵਿਰਕ (8130062159)
ਵਿਰਕ
Punjab
Patiala
Write Answer
Posted Date (07 Aug 2019 03:25 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (07 Aug 2019 04:05 PM) Translated Date (-)

Virk ji Goat farming di training len lai tusi Guru Angad Dev Veterinary and Animal Sciences University, Address: 20, Ludhiana Road, A Block, Aggar Nagar, Ludhiana, Punjab 141012, Phone: 0161 255 3394 nal samparak kar sakde ho. is da training form tuhanu answer de nal bhej dita gea hai. Thankyou.

which green fodder is best for cows ?

(en)
Posted by
Krishi Jagat (8769446210)
Krishi Jagat
Haryana
Sirsa
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Posted Date (07 Aug 2019 03:24 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (07 Aug 2019 03:53 PM) Translated Date (-)

Maize , pearl millet, Sorghum are best green fodder for cows.

Uttar Pradesh

Answered Date (07 Aug 2019 06:34 PM) Translated Date (-)

doob ghas

07 Aug 2019

why?

Sundi lai padan di varto kariye ya spray ?

(pb)
Posted by
Bharpoor Singh (8872223823)
Bharpoor Singh
Punjab
Moga
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Posted Date (07 Aug 2019 03:20 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (17 Aug 2019 11:41 AM) Translated Date (-)

jhone de vich patta lapet di roktham de lyi tata tukumi@100gm ja coragen@60ml ja fame@20ml ja lambda@200ml nu 150 ltr pani de nal mila ke spray kr skde ho. iss ton ilaava tuc padan@5-7kg ja ferterra@4kg ja regent ultra@4kg prati acre de hisaab nal shitta de skde ho.

ਸਰ ਕੀ ਅਸੀਂ ਅਗਸਤ ਮਹੀਨੇ ਿਵੱਚ ਮੱਝਾਂ ਵਾਸਤੇ ਕਿਹੜਾ ਹਰਾ ਚਾਰਾਂ ਬੀਜ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਕਿ ਹੁਣ ਮੱਕੀ ਹੋ ਜਾਏ ਗੀ ਸਰ ਏਰੀਆ ਹੈ ਮੁਕਤਸਰ ਸਾਹਿਬ ?

(en)
Posted by
Gurpreet Singh Sandhu (7888423183)
Gurpreet Singh Sandhu
Punjab
Muktsar
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Posted Date (07 Aug 2019 03:20 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (08 Aug 2019 11:00 AM) Translated Date (-)

ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਤੁਸੀ ਮੱਕੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਕਿਸਮ ਜਿਵੇ J1006 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ

tamatar ki kheti kaise karni chahiye ?

(hn)
Posted by
ayub toppo (8120590633)
ayub toppo
Chattisgarh
Surguja
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Posted Date (07 Aug 2019 03:19 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (07 Aug 2019 03:24 PM) Translated Date (-)

इस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मिट्टी में भी उगने योग्य फसल है ज्यादा तेजाबी मिट्टी में खेती ना करें अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी लाभदायक है, जबकि अच्छी पैदावार के लिए चिकनी, दोमट और बारीक रेत वाली मिट्टी बहुत अच्छी है प्रसिद्ध किस्में :- Pusa Rubi,Pusa Early Dwarf,Punjab Chhuhara,Pusa 120,Roma Selection 120 टमाटर के बीजों को पहले नर्सरी में बोया जाता है और फिर हन्हें मुख्य खेत में रोपित किया जाता है मुख्य खेत की तैयार के लिए अच्छी जोताई और समतल मिट्टी की जरूरत होती है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए 4-5 बार जोताई करें फिर मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें आखिरी जोताई के समय गाय का गला हुआ गोबर 60 किलो को मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें रोपाई के लिए 80-90 सैं.मी. चौड़े बैड तैयार करें बिजाई से एक महीना पहले मिट्टी को धूप में खुला छोड़ दें आवश्यक लंबाई और 80-90 सैं.मी. की चौड़ाई वाले बैडों पर टमाटर के बीजों को बोयें बिजाई के बाद बैडों को प्लास्टिक शीट से ढक दें और फूलों को पानी देने वाले डब्बे से रोज़ सुबह बैडों की सिंचाई करें रोगाणुओं के हमले से फसल को बचाने के लिए नर्सरी वाले बैडों को अच्छे नाइलोन के जाल से ढक दें पनीरी लगाने के 10-15 दिन बाद 19:19:19 के साथ सूक्ष्म तत्वों की 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें पौधों को तंदरूस्त और मजबूत बनाने के लिए बिजाई के 20 दिन बाद लीहोसिन 1 मि.ली. प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें प्रभावित पौधों को खेत में से उखाड़ दें ताकि पौधों का फासला सही रखा जा सके और निरोग पौधों को रोगाणुओं से भी बचाया जा सके रोगाणुओं से बचाव के लिए मिट्टी में नमी बनाये रखें यदि सूखा दिखे तो पौधों को रोपाई से पहले मैटालैक्सिल 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी में 2-3 बार भिगोयें बिजाई से 25-30 दिन बाद पनीरी वाले पौधे तैयार हो जाते हैं और इनके 3-4 पत्ते निकल आते हैं यदि पौधों की आयु 30 दिन से ज्यादा हो तो इसके उपचार के बाद इसे खेत में लगायें पनीरी उखाड़ने के 24 घंटे पहले बैडों को पानी लगायें ताकि पौधे आसानी से उखाड़े जा सकें बसंत के मौसम के लिए नर्सरी नवंबर-दिसंबर में तैयार करें जबकि सर्दियों में KE मौसम में सितंबर-अक्तूबर महीने में नर्सरी में बीजों को बोयें किस्म और विकास के ढंग मुताबिक 60x30 सैं.मी. या 75x60 सैं.मी. या 75x75 सैं.मी. का फासला रखें में छोटे कद वाली किस्म के लिए 75x30 सैं.मी. का फासला रखें और वर्षा वाले मौसम के लिए 120-150x30 सैं.मी. का फासला रखें नर्सरी में बीजों को 0-5 सैं.मी. गहराई में बोयें और मिट्टी से ढक दें पनीरी को उखाड़कर खेत में लगा दें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 100-160 ग्राम बीज नए पौधे तैयार करने के लिए प्रयोग किए जाते हैं हाइब्रिड किस्मों के लिए 80-100 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन 40-60 किलो (90-130 किलो यूरिया), फासफोरस 25 किलो (155 किलो एस एस पी) और पोटाश 25 किलो (42 किलो एम ओ पी) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें नए पौधों की रोपाई के 2-3 सप्ताह पहले फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर रोपाई 30 और 50 दिनों के बाद डालें लगातार गोडाई करें और जड़ों को मिट्टी लगाएं 45 दिनों तक खेत को नदीन रहित रखें यदि नदीन नियंत्रण से बाहर हो जायें तो यह 70-90 प्रतिशत पैदावार कम कर देंगे रोपाई से पहले मुख्य खेत में पैंडीमैथालीन 0.4 किलो को प्रति एकड़ में लगाएं यदि नदीनों की संख्या ज्यादा हो तो नदीनों के अंकुरण के बाद सैंकर 0.2 किलो की प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों को रोकने के साथ साथ मिट्टी के तापमान को कम करने के लिए मलचिंग भी प्रभावी तरीका है रोपाई के बाद दो से तीन दिन हल्की सिंचाई करें मिट्टी में नमी के आधार पर सर्दियों में 12 से 15 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें और गर्मियों में 6-7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें फूल निकलने की अवस्था सिंचाई के लिए गंभीर होती हैं इस अवस्था में पानी की कमी से फूलों का गिरना बढ़ता है और फलों और उत्पादकता पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है बहुत सारी जांचों के मुताबिक यह पता चला है कि हर पखवाड़े में आधा इंच सिंचाई करने से जड़ें ज्यादा फैलती हैं और इससे पैदावार भी अधिक हो जाती है अत्याधिक सिंचाई ना करें पनीरी लगाने के 70 दिन बाद पौधे फल देना शुरू कर देते हैं कटाई का समय इस बात पर निर्भर करता है कि फलों को दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाना है या ताजे फलों को मंडी में ही बेचना है आदि पके हरे टमाटर जिनका 1/4 भाग गुलाबी रंग का हो, लंबी दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाने के लिए प्रयोग किए जाते हैं ज्यादातर सारे फल गुलाबी या लाल रंग में बदल जाते हैं, पर सख्त गुद्दे वाले टमाटरों को नज़दीक की मंडी में बेचा जा सकता है अन्य उत्पाद बनाने और बीज तैयार करने के लिए पूरी तरह पके और नर्म गुद्दे वाले टमाटरों का प्रयोग किया जाता है कटाई के बाद आकार के आधार पर टमाटरों को छांट लिया जाता है इसके बाद टमाटरों को बांस की टोकरियों या लकड़ी के बक्सों में पैक कर लिया जाता है लंबी दूरी पर लिजाने के लिए टमाटरों को पहले ठंडा रखें ताकि इनके खराब होने की संभावना कम हो जाये पूरी तरह पके टमाटरों से जूस, सीरप और कैचअप आदि उत्पाद भी तैयार किए जाते हैं

organic farming में जीवामृत का प्रयोग क्यों करते है ?

(hn)
Posted by
aniket (7869906223)
aniket
Madhya Pradesh
Harda
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Posted Date (07 Aug 2019 03:16 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (07 Aug 2019 03:23 PM) Translated Date (-)

यह मिट्टी में नमी बनाए रखने में भी मदद करती है इससे पौधे का विकास भी अच्छे से होता है जब किसान यह सोचता है कि मुझे रासायनिक खादों के बिना खेती करनी है तो सबसे पहले उसका ध्यान रूड़ी की खाद के ढेर की तरफ जाता है कि जो रूड़ी हमने खेत में डाली है क्या वह लाभदायक है क्या उससे हमें लाभ मिल सकता है हां बिल्कुल मिल सकता है लेकिन हमें रूड़ी का प्रयोग खेत में सीधे तौर पर नहीं करना है क्योंकि इससे कईं प्रकार की दीमक और फंगस खेत में पैदा होती है यह फायदा करने की बजाए नुकसान करती है इसलिए खाद बनाने के लिए जीव अमृत का स्प्रे करके नया ढंग अपनाया है

07 Aug 2019

job amrit kida teyaar hunda g

Madhya Pradesh

07 Aug 2019

ji mene padha tha is liye pucha

07 Aug 2019

what is jiv Amrit??

07 Aug 2019

jivamrut its culture of microorganisms the ingredients used in this are 10-12 kg desi cow dung, 5 ltr cow urine, 2 kg chemical free jaggery, 2 kg dicot Atta n handful of Bund soil to 200 Ltr water.

bawaseer ka ilaj ?

(pb)
Posted by
Bharpoor Singh (8872223823)
Bharpoor Singh
Punjab
Moga
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Posted Date (07 Aug 2019 03:04 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (20 Mar 2020 04:54 PM) Translated Date (-)

Bharpoor ji isde lai tuci apne nazdiki doctor nal sampark kro ohh isdi janch krke vdia ilagg kr skde hai

Answered Date (07 Aug 2019 03:14 PM) Translated Date (-)

Bharpoor singh ji tusi pansari di dukan to 20-30 rupee di rasond le ke aoo is nu changi tarah kutt lavo fir is dia kale chanea de dane jinia golia bna lo hun is nu Roj svere makhni nal kha lao jalad hi tusi asar dekho ge, Thanks

07 Aug 2019

mall ja female

mujhe broiler poultry farm start Karna hai, poultry training Kaha se milegi & training ka certificate bhi Chahiye, please help me ?

(hn)
Posted by
Deepak Kumar goutiya (7509550086)
Deepak Kumar goutiya
Madhya Pradesh
Umaria
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Posted Date (07 Aug 2019 03:04 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (20 Mar 2020 04:56 PM) Translated Date (03 Aug 2021 10:39 AM)

Deepak ji iske liye aap apne nazdiki krishi vigyan kendra nal sampark kr skde ho, uthe sme sme te alag alag kma di training diti jndi hai, isde lai tuci Krishi Vigyan Kendra, Address: Distt, Dabroha, Post, Kachharwar, Madhya Pradesh 484661 nal sampark kr skde ho.

यह गोली किस बिमारी कि है ?

(hn)
  • 1
Posted by
paras ram janwa (9982852622)
paras ram janwa
Rajasthan
Udaipur
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Posted Date (07 Aug 2019 03:02 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (07 Aug 2019 03:14 PM) Translated Date (-)

ये दवा पशु के पेट के कीड़ों को खत्म करने के लिए दी जाती है ये आप गाभिन पशुओं को भी दे सकते है

Answered Date (07 Aug 2019 04:16 PM) Translated Date (-)

Thanks

सर यह गोली भैस को रोजाना देने से कोई नुकसान तो नही होगा ?

(hn)
  • 2
Posted by
yuvraj janwa (9799889023)
yuvraj janwa
Rajasthan
Udaipur
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Posted Date (07 Aug 2019 03:02 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (07 Aug 2019 03:17 PM) Translated Date (-)

जी हां आप इसका प्रयोग कर सकते है इससे पशु दूध जल्दी उतार देता है और आसानी से दूध दे देता है इसका कोई नुक्सान नहीं है

Answered Date (07 Aug 2019 04:17 PM) Translated Date (-)

Thanks

सर यह गोली किस बिमारी मे काम आती है ?

(hn)
  • 2
Posted by
yuvraj janwa (9799889023)
yuvraj janwa
Rajasthan
Udaipur
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Posted Date (07 Aug 2019 02:58 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (07 Aug 2019 03:16 PM) Translated Date (-)

ये दवा पशु के पेट के कीड़ों को खत्म करने के लिए दी जाती है ये आप गाभिन पशुओं को भी दे सकते है

mai aam ki kheti karna chata hu aap bataye kon kon si kism ke podhe lagao 2 ekad jammen mai kitne pade boone cahiye ?

(hn)
Posted by
sunil cha d (7409469377)
sunil cha d
Uttarakhand
Champawat
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Posted Date (07 Aug 2019 02:54 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (07 Aug 2019 03:01 PM) Translated Date (-)

आम की खेती कईं तरह की मिट्टी में की जा सकती है इसकी खेती के लिए घनी ज़मीन, जो 4 फुट की गहराई तक सख्त ना हो, की जरूरत होती है मिट्टी की पी एच 8.5 प्रतिशत से कम होनी चाहिए Dusheri: यह बहुत ज्यादा क्षेत्रों में उगाया जाता है इसके फल जुलाई के पहले सप्ताह में तुड़ाई के लिए तैयार हो जाते हैं इस किस्म के फलों का आकार छोटे से दरमियाना, रंग पीला, चिकना और गुठली छोटी होती है यह फल ज्यादा देर तक स्टोर किए जा सकते हैं ये फल सदाबहार लगते रहते हैं इसकी औसतन पैदावार 150 क्विंटल प्रति वृक्ष होती है Langra: इस किस्म के फलों का आकार दरमियाने से बड़ा, रंग निंबू जैसा पीला और चिकना होता है यह फल रेशे रहित और स्वाद में बढ़िया होते हैं इसके फल का छिल्का दरमियाना मोटा होता है इसके फल जुलाई के दूसरे सप्ताह में तुड़ाई के लिए तैयार हो जाते हैं इसकी औसतन पैदावार 100 किलो प्रति वृक्ष होती है Chausa: यह पिछेते मौसम की किस्म है इसके फल बड़े और अंडाकार आकार के और हल्के पीले रंग के होते हैं Ambika: इसके फल मध्यम आकार के, नर्म और मजबूत छिल्का होता है इसके फल गहरे पीले रंग के होते हैं और गहरी लाल रंग की लालिमा देते हैं यह देरी से पकने वाली किस्म है और लगातार फल देती है Arunika: यह किस्म Amrapali और Vanraj किस्म से तैयार की गई है इस किस्म के फल आकर्षित हल्के लाल रंग के होते हैं पौधे अगस्त से सितंबर और फरवरी मार्च के महीने में बोये जाते हैं पौधे हमेशा शाम को ठंडे समय में बोयें फसल को तेज हवा से बचाएं कलमी किस्मों के लिए 10 मीटर x 10 मीटर फासले का प्रयोग करें और मध्यम घनता की रोपाई के लिए 5 x 5 मीटर फासले का प्रयोग करें रोपाई के लिए वर्गाकार प्रणाली का प्रयोग करें बिजाई से एक महीना पहले 1x1x1 मीटर के आकार के गड्ढे 10x10 मीटर के फासले पर खोदें गड्ढों को सूर्य की रोशनी में खुला छोड़ दें फिर इन्हें मिट्टी में 30-40 किलो रूड़ी की खाद और 1 किलो सिंगल सुपर फासफेट मिलाकर भर दें बिजाई वर्गाकार और 6 भुजाओं वाले तरीके से की जा सकती है 6 भुजाओं वाले तरीके से बिजाई करने से 15 प्रतिशत वृक्ष ज्यादा लगाए जा सकते हैं

07 Aug 2019

thanks

Answered Date (07 Aug 2019 03:00 PM) Translated Date (-)

aam ki kheti

mujhe dhan ke all (सभी) rogon ki pehachan batayein ?

(hn)
Posted by
murari Yadav (7455837520)
murari Yadav
Uttar Pradesh
Sitapur
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Posted Date (07 Aug 2019 02:52 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (07 Aug 2019 03:09 PM) Translated Date (-)

मुरारी जी आप धन के रोग और उनके लक्षण की जानकारी :- भुरड़ रोग : झुलस रोग के कारण पत्तों के ऊपर तिरछे धब्बे जो कि अंदर से सलेटी रंग और बाहर से भूरे रंग के दिखाई देते हैं इससे फसल की बालियां गल जाती हैं और उसके दाने गिरने शुरू हो जाते हैं जिन क्षेत्रों में नाइट्रोजन का बहुत ज्यादा प्रयोग किया जाता है वहां इस बीमारी का प्रभाव ज्यादा देखने को मिलता है करनाल बंट : लाग की शुरूआत पहले बालियों के कुछ दानों पर होती है और इससे ग्रसित दाने बाद में काले रंग का चूरा बन जाते हैं हालत ज्यादा खराब होने की सूरत में पूरे का पूरा सिट्टा प्रभावित होता है और सारा सिट्टा खराब होकर काला चूरा बनके पत्ते दानों पर गिरना शुरू हो जाते है भूरे रंग के धब्बे : पत्तों के भूरेपन के लक्षण की पहचान पत्तों के ऊपर अंदर से गहरे भूरे रंग और बाहरे से हल्के भूरे रंग के अंडाकार या लंबाकार धब्बों से होती है यह धब्बे दानों के ऊपर भी पड़ जाते हैं जिस मिट्टी में पौष्टिक तत्वों की कमी पाई जाती है वहां इस बीमारी का हमला ज्यादा देखने को मिलता है झूठी कांगियारी -इस रोग के कारण फफूंद की तरह हर दाने के ऊपर हरे रंग की परत जम जाती है उच्च नमी, ज्यादा वर्षा और बादलवाई हालातों में यह बीमारी के फैलने का खतरा बढ़ जाता है नाइट्रोजन के ज्यादा प्रयोग से भी इस बीमारी का खतरा बढ़ जाता है तने का झुलस रोग: पत्तों की परत के ऊपर सलेटी रंग के जामुनी रंग की धारी वाले धब्बे पड़ जाते हैं बाद में यह धब्बे बड़े हो जाते हैं इस बीमारी का हमला ज्यादा हो तो फसल में ज्यादा दाना नहीं पड़ता नाइट्रोजन का ज्यादा प्रयोग नहीं करना चाहिए खेत का साफ सुथरा रखें

dhaan mein futav kam hai, kya dalein futadhaan mein futav kam hai, kya dalein futav ke liye ?v ke liye ?

(hn)
Posted by
gaurav rana (9068667890)
gaurav rana
Haryana
Karnal
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Posted Date (07 Aug 2019 02:43 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (07 Aug 2019 02:50 PM) Translated Date (-)

धान के बढ़िया फुटाव के लिए अब आप यूरिया के साथ biovita @8 किलो या फिर टाटा की ralli gold @4 किलो को प्रति एकड़ में इसका छींटा दें, इससे आपका धान बढ़िया फुटाव कर लेगा

which cultivation season, right now ?

(en)
Posted by
mubarak (7629073326)
mubarak
Tripura
West Tripura
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Posted Date (07 Aug 2019 02:39 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (07 Aug 2019 02:43 PM) Translated Date (-)

mubarak ji now the cultivation season is kharif. Major Kharif crops are rice, maize, cotton, jowar, bajra etc.

मेरे बैल के पिछले दोनों पैर फूल गए है, इसके लिए कौन सी दवा दू ?

(hn)
Posted by
pintu (7367910941)
pintu
Bihar
West Champaran
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Posted Date (07 Aug 2019 02:37 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (07 Aug 2019 08:57 PM) Translated Date (03 Aug 2021 10:39 AM)

इसे आप Sarakind bolus 1—1 गोली सुबह शाम दें इससे फर्क पड़ जाएगा

tamatar ki kheti ?

(hn)
Posted by
ayub toppo (8120590633)
ayub toppo
Chattisgarh
Surguja
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Posted Date (07 Aug 2019 02:37 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (07 Aug 2019 02:39 PM) Translated Date (-)

इस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मिट्टी में भी उगने योग्य फसल है ज्यादा तेजाबी मिट्टी में खेती ना करें अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी लाभदायक है, जबकि अच्छी पैदावार के लिए चिकनी, दोमट और बारीक रेत वाली मिट्टी बहुत अच्छी है प्रसिद्ध किस्में :- Pusa Rubi,Pusa Early Dwarf,Punjab Chhuhara,Pusa 120,Roma Selection 120 टमाटर के बीजों को पहले नर्सरी में बोया जाता है और फिर हन्हें मुख्य खेत में रोपित किया जाता है मुख्य खेत की तैयार के लिए अच्छी जोताई और समतल मिट्टी की जरूरत होती है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए 4-5 बार जोताई करें फिर मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें आखिरी जोताई के समय गाय का गला हुआ गोबर 60 किलो को मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें रोपाई के लिए 80-90 सैं.मी. चौड़े बैड तैयार करें बिजाई से एक महीना पहले मिट्टी को धूप में खुला छोड़ दें आवश्यक लंबाई और 80-90 सैं.मी. की चौड़ाई वाले बैडों पर टमाटर के बीजों को बोयें बिजाई के बाद बैडों को प्लास्टिक शीट से ढक दें और फूलों को पानी देने वाले डब्बे से रोज़ सुबह बैडों की सिंचाई करें रोगाणुओं के हमले से फसल को बचाने के लिए नर्सरी वाले बैडों को अच्छे नाइलोन के जाल से ढक दें पनीरी लगाने के 10-15 दिन बाद 19:19:19 के साथ सूक्ष्म तत्वों की 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें पौधों को तंदरूस्त और मजबूत बनाने के लिए बिजाई के 20 दिन बाद लीहोसिन 1 मि.ली. प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें प्रभावित पौधों को खेत में से उखाड़ दें ताकि पौधों का फासला सही रखा जा सके और निरोग पौधों को रोगाणुओं से भी बचाया जा सके रोगाणुओं से बचाव के लिए मिट्टी में नमी बनाये रखें यदि सूखा दिखे तो पौधों को रोपाई से पहले मैटालैक्सिल 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी में 2-3 बार भिगोयें बिजाई से 25-30 दिन बाद पनीरी वाले पौधे तैयार हो जाते हैं और इनके 3-4 पत्ते निकल आते हैं यदि पौधों की आयु 30 दिन से ज्यादा हो तो इसके उपचार के बाद इसे खेत में लगायें पनीरी उखाड़ने के 24 घंटे पहले बैडों को पानी लगायें ताकि पौधे आसानी से उखाड़े जा सकें बसंत के मौसम के लिए नर्सरी नवंबर-दिसंबर में तैयार करें जबकि सर्दियों में KE मौसम में सितंबर-अक्तूबर महीने में नर्सरी में बीजों को बोयें किस्म और विकास के ढंग मुताबिक 60x30 सैं.मी. या 75x60 सैं.मी. या 75x75 सैं.मी. का फासला रखें में छोटे कद वाली किस्म के लिए 75x30 सैं.मी. का फासला रखें और वर्षा वाले मौसम के लिए 120-150x30 सैं.मी. का फासला रखें नर्सरी में बीजों को 0-5 सैं.मी. गहराई में बोयें और मिट्टी से ढक दें पनीरी को उखाड़कर खेत में लगा दें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 100-160 ग्राम बीज नए पौधे तैयार करने के लिए प्रयोग किए जाते हैं हाइब्रिड किस्मों के लिए 80-100 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन 40-60 किलो (90-130 किलो यूरिया), फासफोरस 25 किलो (155 किलो एस एस पी) और पोटाश 25 किलो (42 किलो एम ओ पी) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें नए पौधों की रोपाई के 2-3 सप्ताह पहले फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर रोपाई 30 और 50 दिनों के बाद डालें लगातार गोडाई करें और जड़ों को मिट्टी लगाएं 45 दिनों तक खेत को नदीन रहित रखें यदि नदीन नियंत्रण से बाहर हो जायें तो यह 70-90 प्रतिशत पैदावार कम कर देंगे रोपाई से पहले मुख्य खेत में पैंडीमैथालीन 0.4 किलो को प्रति एकड़ में लगाएं यदि नदीनों की संख्या ज्यादा हो तो नदीनों के अंकुरण के बाद सैंकर 0.2 किलो की प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों को रोकने के साथ साथ मिट्टी के तापमान को कम करने के लिए मलचिंग भी प्रभावी तरीका है रोपाई के बाद दो से तीन दिन हल्की सिंचाई करें मिट्टी में नमी के आधार पर सर्दियों में 12 से 15 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें और गर्मियों में 6-7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें फूल निकलने की अवस्था सिंचाई के लिए गंभीर होती हैं इस अवस्था में पानी की कमी से फूलों का गिरना बढ़ता है और फलों और उत्पादकता पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है बहुत सारी जांचों के मुताबिक यह पता चला है कि हर पखवाड़े में आधा इंच सिंचाई करने से जड़ें ज्यादा फैलती हैं और इससे पैदावार भी अधिक हो जाती है अत्याधिक सिंचाई ना करें पनीरी लगाने के 70 दिन बाद पौधे फल देना शुरू कर देते हैं कटाई का समय इस बात पर निर्भर करता है कि फलों को दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाना है या ताजे फलों को मंडी में ही बेचना है आदि पके हरे टमाटर जिनका 1/4 भाग गुलाबी रंग का हो, लंबी दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाने के लिए प्रयोग किए जाते हैं ज्यादातर सारे फल गुलाबी या लाल रंग में बदल जाते हैं, पर सख्त गुद्दे वाले टमाटरों को नज़दीक की मंडी में बेचा जा सकता है अन्य उत्पाद बनाने और बीज तैयार करने के लिए पूरी तरह पके और नर्म गुद्दे वाले टमाटरों का प्रयोग किया जाता है कटाई के बाद आकार के आधार पर टमाटरों को छांट लिया जाता है इसके बाद टमाटरों को बांस की टोकरियों या लकड़ी के बक्सों में पैक कर लिया जाता है लंबी दूरी पर लिजाने के लिए टमाटरों को पहले ठंडा रखें ताकि इनके खराब होने की संभावना कम हो जाये पूरी तरह पके टमाटरों से जूस, सीरप और कैचअप आदि उत्पाद भी तैयार किए जाते हैं

murrah nasal da seman kitho milega ?

(pb)
Posted by
Manpreet singh (9876875488)
Manpreet singh
Punjab
Fatehgarh Sahib
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Posted Date (07 Aug 2019 02:29 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (07 Aug 2019 03:57 PM) Translated Date (-)

Muurah nasal da semen lain lai tuci Balwinder Singh 9815117022 Bliing Dairy Farm nal sampark kr skde ho..

मिट्टी की जांच अपने खेत पर कैसे करें ?

(hn)
Posted by
आर्य सुरेन्द्र पँवार (7895833759)
आर्य सुरेन्द्र पँवार
Uttar Pradesh
Baghpat
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Posted Date (07 Aug 2019 02:28 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (07 Aug 2019 04:11 PM) Translated Date (-)

आर्य सुरेन्द्र पँवार खेत पर ही मिट्टी की जांच के लिए आप मिटटी टेस्टिंग मशीन ले सकते है, मिटटी टेस्टिंग मशीन से आप 10 के करीब टेस्ट कर सकते है जैसे ph,niterogen , EC, organic carbon, nitrogen, phosphorus, potassium, Sulphur, free calcium carbonate, zinc, iron, and boron आदि I इस को खरीदने के लिए आप 9912261000 पर संपर्क कर सकते होI

sir ji Anaar per anaar toh bhut aate hain but voh lal nhi hote andar se, kya karan hai ?

(hn)
Posted by
Neeraj Rathi (9719870946)
Neeraj Rathi
Uttar Pradesh
Bulandshahr
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Posted Date (07 Aug 2019 02:21 PM) Assigned Date (-)
Answered Date (07 Aug 2019 02:38 PM) Translated Date (-)

Neeraj Rathi ji kripya aap iski kisam btaye taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake kyuki har kisam ka alag rang hota hai.dhanywad

07 Aug 2019

deshi

Answered Date (07 Aug 2019 03:20 PM) Translated Date (03 Aug 2021 10:39 AM)

Agar day temprature 30 degree ya adhik hai toh rang laal nahi hoga. Rainy season ya winter flowering ka anar hi laal hoga. February-march ki flowering ka anar laal nahi hoga.