Punjab
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सर गाय के दुध के साथ थन से खुन आ रहा हैं डाक्टर से ईलाज करवाया दो तीन दिन ठीक रहा और वापस हो गया ईलाज बताएं ?
(hn)
उसे Injection Zackshot 20ml, InjectionVitamin K 1ml x 15, Injection Megludyne 20ml, Injection Intacef-tejo 3.375gm 3 दिन लगाएं जी, साथ ही powder Mamidum 50gm रोज़ाना 5 दिन तक दें, Bolus Mammi UP 2 रोज़ाना 5 दिन तक दें .
Rajasthan
सर हिन्दी में बताओ
Rajasthan
सर हिन्दी में बताए
sir tulsi ki kheti kaise ki jati hai or kab ki jati hai ?
(hn)
Punjab
यह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए Drudriha Tulsi: यह मुख्य रूप से बंगाल, नेपाल, चटगांव और महाराष्ट्र क्षेत्रों में पाई जाती है यह गले को सूखेपन से राहत देता है यह हाथों, पैरों और गठिया की सूजन से आराम देता है Ram/Kali Tulsi (Ocimum canum): यह चीन, ब्राज़ील, पूर्व नेपाल और साथ ही बंगाल, बिहार, चटगांव और भारत के दक्षिणी क्षेत्रों में पाई जाती है इसका तना जामुनी और पत्ते हरे रंग के और बहुत ज्यादा सुगंधित होते है इसमें उचित मात्रा में औषधीय गुण जैसे ऐज़ाडिरैकटिन, ऐंटीफंगल , ऐंटीबैक्टीरियल, और पाचन तंत्र को ठीक रखती है यह गर्म क्षेत्रों में बढ़िया उगता है Babi Tulsi: यह पंजाब से त्रिवेंद्रम, बंगाल और बिहार में भी पाई जाती है इसका पौधा 1-2 फीट लम्बा होता है पत्ते 1-2 इंच लम्बे, अंडाकार और नुकीले होते है इसके पत्तों का स्वाद लौंग की तरह और सब्जियों में स्वाद के लिए प्रयोग किया जाता है तुलसी की खेती के लिए, अच्छी तरह से शुष्क मिट्टी की मांग की जाती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक हैरो के साथ खेत की जोताई करें, फिर रूड़ी की खाद मिट्टी में मिलाएं तुलसी की रोपाई सीड बैड पर करें फरवरी के तीसरे महीने में नर्सरी बैड तैयार करें पौधे के विकास के अनुसार, 4.5 x 1.0 x 0.2 मीटर के सीड बैड तैयार करें बीजों को 60x60 सैं.मी. के फैसले पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के 6-7 हफ्ते बाद, फसल की रोपाई खेत में करें तुलसी की खेती के लिए 120 ग्राम बीजों का प्रयोग प्रति एकड़ में करें फसल को मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारीयों से रोकथाम के लिए, बिजाई से पहले मैनकोजेब 5 ग्राम प्रति किलोग्राम से बीजों का उपचार करें फसल की बढ़िया पैदावार के लिए बिजाई से पहले 15 टन रूड़ी की खाद मिट्टी में डालें तुलसी के बीजों को तैयार बैडों के साथ उचित अंतराल पर बोयें मानसून आने के 8 हफ्ते पहले बीजों को बैड पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के बाद, रूड़ी की खाद और मिट्टी की पतली परत बीजों पर बना दें इसकी सिंचाई फुवारा विधि द्वारा की जाती है रोपाई के 15-20 दिनों के बाद, नए पौधों को तंदरुस्त बनाने के लिए 2% यूरिया का घोल डालें 6 हफ्ते पुराने और 4-5 पत्तों के अंकुरण होने पर अप्रैल के महीने में नए पौधे तैयार होते है तैयार बैडों को रोपाई 24 घंटे पहले पानी लगाएं ताकि पौधों को आसानी से उखाड़ा जा सकें और रोपाई के समय जड़ें मुलायम और सूजी हुई हो खेत की तैयारी के समय, रूड़ी की खाद को मिट्टी में मिलाएं खाद के तौर पर नाइट्रोजन 48 किलो(यूरिया 104 किलो), फासफोरस 24 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 150 किलो) और पोटाश 24 किलो(मिउरेट 40 किलो) प्रति एकड़ में डालें नए पौधे लगाने के समय नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफेट पेंटोऑक्साइड की पूरी मात्रा शुरुआती समय में डालें Mn 50 पी पी एम कंसंट्रेशन और Co@100 पी पी एम कंसंट्रेशन सूक्ष्म-तत्व डालें बाकी की बची हुई नाइट्रोजन को 2 हिस्सों में पहली और दूसरी कटाई के बाद डालें खेत को नदीनों से मुक्त करने के लिए कसी की मदद से गोड़ाई करें नदीनों की रोकथाम कम न होने पर यह फसल को नुकसान पहुंचाते है रोपण के एक महीने बाद पहली गोड़ाई और पहली गोड़ाई के चार हफ्ते बाद दूसरी गोड़ाई करें रोपण के दो महीने बाद कसी से अनुकूल गोड़ाई करें गर्मियों में, एक महीने में 3 सिंचाइयां करें और बरसात के मौसम में, सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती एक साल में 12-15 सिंचाइयां करनी चाहिए पहली सिंचाई रोपण के बाद करें और दूसरी सिंचाई नए पौधों के स्थिर होने पर करें 2 सिंचाइयां करनी आवश्यक है और बाकी की सिंचाई मौसम के आधार पर करें इसके मंडीकरण के लिए आप विवेश शर्मा 9826556880 Grow Further से संपर्क कर सकते हैं
Madhya Pradesh
thanku
gwar di fasal lye ki karna chahida ?
(pb)
Maharashtra
ਇਸ ਨੂੰ ਹਰ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿਚ ਉਗਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ I ਵਧੇਰੇ ਪੈਦਾਵਾਰ ਲੈਣ ਲਈ ਇਸ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਰੇਤਲੀ, ਚੀਕਣੀ ਅਤੇ ਸਹੀ ਨਿਕਾਸ ਵਾਲੀ ਜ਼ਮੀਨ ਵਿਚ ਕਰਨੀ ਲਾਹੇਵੰਦ ਹੁੰਦੀ ਹੈ I Guara 80: ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੀ ਖੇਤੀ ਪੂਰੇ ਰਾਜ ਵਿਚ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੱਤਿਆਂ ਉਤੇ ਧੱਬੇ ਪੈਣ ਅਤੇ ਡੰਡਲ ਟੁੱਟਣ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਤੋਂ ਰਹਿਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ I ਇਸ ਦੇ ਬੀਜ ਗੋਲ ਚਪਟੇ ਆਕਾਰ ਅਤੇ ਸਲੇਟੀ ਰੰਗ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ I ਇਹ ਦੇਰ ਨਾਲ ਪੱਕਣ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ I ਇਸ ਦੀ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪੈਦਾਵਾਰ 8 ਕੁਇੰਟਲ ਤੱਕ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ I HG 365: ਇਹ ਛੇਤੀ ਤਿਆਰ ਹੋਣ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ I ਇਹ 105 ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ I ਇਸ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 5.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੱਕ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ I Ageta Guara 112: ਇਸ ਦੇ ਪੌਦਿਆਂ ਦੀ ਉਚਾਈ 1 ਤੋਂ 1.5 ਮੀਟਰ ਤੱਕ ਹੁੰਦੀ ਹੈ I ਇਸ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 8 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ I ਗੁਆਰੇ ਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਲਈ ਸਮਤਲ ਅਤੇ ਪੱਧਰੀ ਜ਼ਮੀਨ ਦੀ ਲੋੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ I ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਜ਼ਮੀਨ ਵਿਚ 2 ਤੋਂ 3 ਵਾਰ ਹੱਲ ਵਾਹੁਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਸੁਹਾਗਾ ਫੇਰਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਤਵੀਆਂ ਨਾਲ ਵਾਹੁਣ ਉਪਰੰਤ ਸੁਹਾਗੇ ਨਾਲ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਪੱਧਰਾ ਕਰ ਲੈਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ I ਇਸ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅੱਧ ਜੁਲਾਈ ਤੋਂ ਅੱਧ ਅਗੱਸਤ ਤੱਕ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਕਤਾਰਾਂ ਦਾ ਆਪਸ ਵਿੱਚ ਫਾਸਲਾ 30 ਸੈ:ਮੀ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਬੀਜ ਦੀ ਡੂੰਘਾਈ 2-3 ਸੈ:ਮੀ: ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਬਿਜਾਈ ਲਈ 8-10 ਕਿਲੋ ਬੀਜ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਰਤਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ,ਫਾਸਫੋਰਸ 9:19 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ (ਯੂਰੀਆਂ 20 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਅਤੇ ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰਫਾਸਫੇਟ 120 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ) ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਪਾਉ
mushroom ?
(hn)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप Mr. jai 8882876224 जी से संपर्क कर सकते है
mushroom ?
(hn)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप Mr. jai 8882876224 जी से संपर्क कर सकते है
sir ji panniri vich chelated zinc paani lande time nake vich Chadd sakde han ate kini doze pauni 1 kanal di please dso ji ?
(en)
Punjab
gurdhayn ji paniri vich cheltaed zinc di matra 25 gram nu prati litre pani de hisab nal spray karo. eh tat hai isda mnukh nu koi nuksaan nahi hunda.dhanwad
Punjab
cheleted zinc di 50gm per tanki de hisab naal spray kro best rho
Haryana
sir ji kine din di panniri te spray kara ji
Punjab
10 din ki hone ke baad
sir mai veterinary medicine ki kon se book lu jis me sahi knowledge mil jaye ?
(hn)
Punjab
हाँजी पशुओ की बीमारियों की बहुत सारी किताबें आपको https://www amazon in वेबसाइट पर मिल जाएगी जी लेकिन कोई भी मेडिसन बुक में से देखकर पशु को देना हानिकारक भी हो सकता है क्युकी एक बीमारी के बहुत सारे कारण हो सकते है जिनको पशु को देख कर ही पता लगाया जा सकता है जी बाकि आप बुक खरीद कर दवाई देख कर नज़दीकी डॉक्टर की सलाह भी जरूर ले जी
Uttar Pradesh
ok
हमको पुराना ट्रेक्टर मिलेगा ?
(hn)
Punjab
धीरज जी इसके लिए आप हमारी दूसरी एप्प Apni kheti buy and sell डाउनलोड करे उसपे आपको पुराने ट्रेक्टर की ऐड मिल जाएगी जी
what is reason for this cause ?
(pb)
Punjab
Pradeep ji please check the insect attack on it. if there is any infestation on it then spray imidacloprid@1.5ml per litre.Thank you
ਨਰਮੇ ਦੀ ਫਸਲ ਚ ਪਹਿਲੇ ਪਾਣੀ ਤੇ zinc chelated ਪਾਉਣ ਦਾ ਕੋਈ ਫਾਇਦਾ ਹੈ ਜਾ ਨਹੀਂ ਵੈਸੇ ਨਰਮੇ ਨੂੰ ਤਾਂ ਕੋਈ ਪ੍ਰੋਬਲਮ ਨਹੀਂ ਹੈ ?
(pb)
Punjab
Gurpreet ji narme vich jekar koi dikkat nahi aa rahi hai ta tuhanu isdi spray karn di lod nahi hai.dhanwad
Punjab
ye tuhade khet ch zinc di ghaat hai fr hi uss kro te kro v 33%
धान का सबसे अच्छा बीज कौनसा है ?
(hn)
Punjab
Jaya: यह छोटे कद की और अधिक उपज देने वाली किस्म गर्दन तोड़ के प्रतिरोधक है यह किस्म 142 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने बड़े और लंबे होते हैं इसकी औसतन पैदावार 26 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Chakia 59: यह किस्म कम जल जमाव वाले हालातों में उगाने के लिए उपयुक्त है Govind: यह किस्म पंतनगर द्वारा विकसित की गई है यह किस्म 105 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है Indrasan: यह तराई क्षेत्रों की प्रसिद्ध किस्म है Mahsud: यह किस्म निचले क्षेत्रों में बारानी स्थितियों में उगाने के लिए उपयुक्त है Majhera 3: यह लंबी किस्म सूखे को सहनेयोग्य है और ऊंचे क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है Nagina 22: यह ऊंचे क्षेत्रों में बारानी हालातों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसके दाने छोटे और मोटे होते हैं Narendra-1 and Narendra-2: यह किस्म 105 और 115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है Pant Dhan 6: यह किस्म निम्न और मध्यम ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में रोपाई के लिए उपयुक्त है Saket 4: यह अगेते समय की किस्म है और 115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह यू पी की सबसे प्रसिद्ध किस्म है T9: यह देरी से बोयी जाने वाली सुगंधित किस्म है इसके दाने बेलनाकार होते हैं VL Dhan 16: यह निम्न और मध्यम क्षेत्रों में रोपाई के लिए उपयुक्त किस्म है VL 206: यह लंबी किस्म निम्न और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है Usar 1: यह किस्म कानपुर में विकसित की गई यह क्षारीय और लवणीय मिट्टी में खेती करने के लिए उपयुक्त है
Paniri ch nematode Howe ta kehri dawai use kr sakde aa ?
(pb)
Maharashtra
Paneeri vich roots vich nematode check krke Furadon @1 kg per knal pao..
Punjab
fouradan use kro
ਝੋਨੇ ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਪੀਲੀ ਪੈ ਰਹੀ ਹੈ ਹਲ ਦਸੋ ਜੀ ?
(pb)
Punjab
Jekar paniri uper to peeli pai rahi hai ta isde vich lohe di kami hai. isdi roktham de layi ferrous sulphate 1% @1 killo nu prati aikad de hisab nal spray karen.jekar chelated ferrous sulphate di spray karni hai ta isdi matra 200 gram prati aikad hundi hai. jekar hale tak urea nahi payi ta 3 killo prati knal de hisab nal pao.kayi var paniri nitrogen di kami de karn vi paniri peeli honi shuru ho jandi hai.
sir cow ni heat te aa rahi ?
(pb)
Punjab
tuci uss nu Flukaird-ds bolus pett de kiria lai deo, isde nal Ovumin Gold powder 50gm rojana ate Minotas bolus rojana 1goli deo ate 21 din tak dinde rho, iss nal heat vich aa jawegi.
cow da doodh vadhun bara daso koi ilaj daso ?
(pb)
Punjab
dudh vdhane ke liye pashu ki khurak ka pura dian rakhen, Pashu ko rojana 35-40kg hara chara den aur her 3 mahine ke bad deworming kren, baki aap usko anabolite liquid 100ml rojana, gog powder 50gm rojana dena suru kren, isse dudh mai farak padd jayega.
मोती की खेती करने के लिए सीप कहाँ से अच्छी और सस्ती मिलेगी ?
(hn)
Madhya Pradesh
मोती पालन के फायदे - मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में जल स्तर को बढ़ाकर सरकार की मदद (4) बचे हुए सामान से हस्तकला उद्योग को बढ़ावा देना (5) यदि महिला वर्ग इस व्यवसाय में आते है तो ज्यादा फायदे है क्योकि मोती के आभूषण के साथ साथ मदर ऑफ़ पर्ल (Shell jewellery) का भी फायदा ले सकते है (6) आसपास के लोगो को रोजगार अधिक जानकारी संपर्क करे ..अमित बमोरिया 9407461361 9770085381 बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र मध्य प्रदेश https://m.bhaskar.com/news/MP-HOSH-quitting-govt-job-engineer-is-earning-money-from-pearl-cultivation-news-hindi-5533297-PHO.html
Bihar
सर एक एकड़ जमीन❓क्या मैं 1 कट्टा या 10 धुर जमीन पे काम नही कर सकता❓ अगर अगर सकता तो महीने में कितना कमा लूँगा❓
Madhya Pradesh
kripya whatapp kre 9770085381
Madhya Pradesh
Good news for all farmers, Businessman बमोरिया फार्म द्वारा किसान भाइयो और सभी के लिए भारत के प्रसिद्ध/ विख्यात और्वेदाचार्य एवं सफल किसान द्वारा खेती या व्यवसाय करके लाखो रूपये कैसे कमाए हेतु प्रशिक्षिण कार्यक्रम ( Integrated farming ) 22 june 2019 आयोजित किया जा रहा है एक दिवशीय प्रशिक्षिण कार्यक्रम के मुख्या विषय निम्नलिखित है . 1-मोती पालन या सीप पालन ( घर ,छत ,आँगन या बड़े तालाब में ) 2-मछली पालन 3- बतख पालन 4- कड़कनाथ मुर्गा पालन 5-जापानी बटेर पालन 6-मोती भस्म 7-सीप भस्म 8-शंक भस्म # खाना चाय नास्ता सम्मलित होगा # सम्बंधित किताबे # सैंपल मटेरियल #सर्टिफिकेट #शुभकामना पत्र # जीवन भर सहयोग ( life time support ) अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे , अमित बमोरिया 9770085381 9584120929 सीट आरक्षित करने हेतु whatapp करे 9770085381 #बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र एवं एग्रो फार्म (अमित बमोरिया ) # @@@ केंद्रीय राज्य कृषि मंत्री श्री रूपाला जी द्वारा सम्मानित मध्य प्रदेश सरकार द्वारा holistic farmer का अवार्ड @@@ भारत के प्रमुख अखवार दैनिक भास्कर एवं पत्रिका द्वारा प्रथम पेज द्वारा सत्यापित.. @@@@ प्रमुख ટીવી news चैनल सहारा समय एवं बंसल news पर सफल साक्षात्कार.. प्रमुख कार्य मोती सम्बर्धन (मोती पालन ) मछली पालन बतख पालन जापानी बटेर पालन कड़कनाथ मुर्गा सुगर फ्री स्टेविआ की खेती विशेष उद्यानिकी बमोरिया फार्म सतपुरा टाइगर रिज़र्व मड़ई से 5 किलोमीटर पहले कामतीरंगपुर सोहागपुर SGP जिला होशंगाबाद HBD MP
kagzi lemon Ka Bag lagana hai plant Kahan Se Laye ?
(hn)
Punjab
Durgesh shukla ji kagji Nimbu ka bag lgane ke liye aap Ravi Choudhary 8003892293, 9530002191 se samparak kar sakte hai. Thnk you.
उत्तर प्रदेश में धान की नरसरी कब डाले बाराबंकी ?
(hn)
Punjab
यू पी के सिंचित और निम्न बारानी क्षेत्रों में मध्य जून से शुरूआती जुलाई तक का समय उपयुक्त होता है
गोभी की खेती के बारे में जानकारी दें ?
(hn)
Punjab
यह फसल रेतली दोमट से चिकनी किसी भी तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती हैं पिछेती बिजाई की किस्मों के लिए चिकनी दोमट मिट्टी को पहल दी जाती है और जल्दी पकने वाली किस्मों के लिए रेतली दोमट मिटटी की सिफारिश की जाती है मिट्टी का pH 6-7 होना चाहिए मिट्टी का pH कम होने पर उसमें चूना डालें अगेती किस्में Early Kunwari: यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसके फल क्रीम रंग के और आकार में छोटे होते हैं यह किस्म 60-70 दिनों में तैयार हो जाती है और इसकी औसतन पैदावार 25-37.5 क्विंटल प्रति एकड़ है Pusa Deepali: यह किस्म IARI द्वारा विकसित की गई है यह जल्दी पकने वाली किस्म है और उत्तरी भारत में बिजाई के लिए उपयुक्त है इसकी खेती के लिए गर्म जलवायु (20-25°सै.) अनुकूल होती है इसकी औसतन पैदावार 42-62.5 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Summer King: यह हाइब्रिड किस्म है यह रोपाई के 60 से 65 दिनों क बाद तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है इसके बीज को जून के महीने में बोया जाता है इसकी औसतन पैदावार 50 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Paavas: यह हाइब्रिड किस्म है यह रोपाई के 60 से 65 दिनों क बाद तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है इसके बीज को जून के महीने में बोया जाता है और रोपाई जुलाई के महीने में की जाती है इसकी औसतन पैदावार 50 क्विंटल प्रति एकड़ होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की अच्छे से जोताई करें आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर डालें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें अगेती किस्मों के लिए, जून के दूसरे सप्ताह से जुलाई के पहले सप्ताह तक का समय उपयुक्त होता है मुख्य मौसम की किस्मों के लिए, अगस्त के महीने में बिजाई पूरी कर लें, जबकि पिछेती किस्मों की बिजाई अक्तूबर महीने में करें अगेती किस्मों के लिए 45x30 सैं.मी., दरमियानी किस्मों और पिछेती किस्मों के लिए 45-60x45 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज को 1-2 सैं.मी. गहरा बोयें बिजाई के लिए, रोपण विधि का प्रयोग किया जाता है बीज को नर्सरी में बोयें और सिंचाई करें पौध लगाने के समय जरूरत के अनुसार पानी और खाद डालें 25-30 दिनों में पौध खेत में लगाने के लिए तैयार हो जाती है पौध रोपण के लिए तीन से चार सप्ताह के पुराने पौधे लगाएं अगेती मौसम की किस्मों के लिए 500 ग्राम बीज और पिछेती मौसम की किस्मों के लिए 250 ग्राम बीज प्रति एकड़ के लिए आवश्यक है खेत में गली हुई रूड़ी की खाद 8-10 टन प्रति एकड़ में डालें और साथ ही नाइट्रोजन 60 किलो (130 किलो यूरिया), फासफोरस 25 किलो (155 किलो सिंगल सुपर फासफेट), पोटाश 25 किलो (40 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) गाय का गोबर, एस एस पी और म्यूरेट ऑफ पोटाश की पूरी मात्रा और युरिया की एक तिहाई मात्रा खेत की तैयारी के समय डालें बाकी बची यूरिया को दो समान भागों में बांटकर रोपाई के बाद 30वें और 45वें दिन डालें फूल के अच्छी तरह बनने और अच्छी वृद्धि के लिए, पानी में घुलनशील खाद NPK(19:19:19) 10 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर पौधे के शुरूआती विकास के दौरान स्प्रे करें रोपाई के 40 दिन बाद 12:61:00 4-5 ग्राम + सूक्ष्म तत्व 2.5 से 3 ग्राम + बोरोन 1 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें फूल की गुणवत्ता को सुधारने के लिए पानी में घुलनशील खाद NPK 13:00:45 20 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर फूल के विकसित होने के समय डालें मिट्टी की जांच करें और यदि मैगनीशियम की कमी दिखे तो इसे पूरा करने के लिए मैगनीशियम सल्फेट 5 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर रोपाई के 30-35 दिन बाद और कैल्शियम की कमी को पूरा करने के लिए कैल्शियम नाइट्रेट 5 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर रोपाई के 30-35 दिन बाद डालें कई बार खोखले और बेरंगे तने दिखाई देते हैं, जिससे फूल भी भूरे रंग का हो जाता है और पत्ते भी मुड़ जाते हैं यह सब बोरोन की कमी के कारण होता है इसके लिए बोरेक्स 250-400 ग्राम को प्रति एकड़ में डालें नदीनों को रोकने के लिए फसल को खेत में लगाने के बाद फलुक्लोरालिन (बसालिन) 1-2 लीटर प्रति 800 मि.ली.को 200 लीटर पानी का छिड़काव करें और 30-40 दिनों के बाद रोपाई करें फसल को खेत में लगाने से 1 दिन पहले पैंडीमैथलीन 1 लीटर प्रति एकड़ में छिड़काव करें फसल को खेत में रोपण करने के बाद पहली सिंचाई करें मिट्टी और वातावरण के अनुसार गर्मियों में 7-8 दिनों के बाद और सर्दियों में 10-15 दिनों के बाद सिंचाई करें पूरा फूल विकसित होने पर सुबह के समय फुलों की कटाई की जा सकती है और कटाई के बाद फूलों को ठंडी जगह पर रखना चाहिए
sir paneeri bhut Pilli paigi aa te rok v gi aa chelated zinc te ferrous di spray v kiti aa padan v pi aa Hun ki kita jawe kiwe thik hou ?
(pb)
Punjab
Kirpa krke tuc ehna de result dekho and paneeri de roots vich nematode jroor check kro g.
ਨਰਮੇ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਹੁਣ ਹੋ ਸਕਦੀ ਹੈ ਜਾਂ ਨਹੀਂ ਨਰਮੇ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਦੋਂ ਤਕ ਹੋ ਸਕਦੀ ਹੈ ?
(pb)
Punjab
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਨਰਮੇ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਬਹੁਤ ਲੇਟ ਹੋ ਗਈ ਹੈ ਹੁਣ ਨਰਮੇ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਦੀ ਸ਼ਿਫਾਰਿਸ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
sir buffalo gaban aa 2 month di hai ohh kuj ni khandi pehla ohda temp. ghat rehnda c kade wadd jnda ?
(pb)
Os nu najdeeke Veterinary polyclinic ch dikhao ji osda Blood test karwao ji ta jo sahi karan da pata lagg sake..
ਪਹਿਲੇ ਸੂਏ ਝੋਟੀ ਆਪਣੇ 7 ਦਿਨ ਹੋ ਗੲੇ ਸੂਈ ਨੂੰ ਦੁੱਧ ਨੀ ਵਧ ਰਹੀ ਕੋਈ ਹੱਲ ਦੱਸੋ ?
(pb)
Punjab
ਤੁਸੀ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ ਅਤੇ 2 ਕਿਲੋ ਦਲੀਆ ਚੰਗੀ ਤ੍ਰਾਹ ਰਿਨ ਕੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਮਿਕਸ ਕਰੋ, ਇਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਅੱਧਾ ਅੱਧਾ ਕਰਕੇ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਤੁਸੀ 5-7 ਦਿਨ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਦੁੱਧ ਵੱਧ ਜਾਵੇਗਾ, ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ Anabolite liquid 100ml ਰੋਜ, Lactomax bolus 10 ਗੋਲੀਆਂ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ, ਇਸਦਾ ਵੀ ਦੁੱਧ ਵਧਾਉਣ ਵਿਚ ਵਧਿਆ ਰਿਜਲਟ ਹੈ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਖੁਰਾਕ ਦਾ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ.
tanx sar
कमल के फूलों की रोपाई कैसे करें ?
(hn)
Punjab
भिमानी जी आप कमल की खेती के लिए यह वीडियो देख सकते है इसके लिए आप इस लिंक पर क्लीक करें :- https://www.youtube.com/watch?v=bJH-nKry7uU
Es katte nu ki paia jave kadd kath te takda krn lyi ?
(en)
Punjab
iss nu tuci pett de kiria lai Albendazole salt di goli deo, isde nal isdi khurak ate feed da pura dian rkho ate iss nu enerboost powder 100gm rojana dena suru kro, iss nal vdia growth howegi.
kon c gaye ka duudh jayda sagna hota kasa pata karen uss gaye ka btayen ?
(pb)
Punjab
yaddi app duudh acha aur jyada fatt ke liye cow lena chahte hai too app Sahiwal nasal ki cow rkh skte hai, iska duudh v acha hota hai aur dudh mai fatt v acho hoti hai, isse bimaria v kam lgti hai aur yeh garmi v kam manti hai..
ਗਰਮੀ ਕਿਨੇ ਦਿਨ ਹੋਉਗੀ ?
(pb)
Punjab
ਪਰਮਜੀਤ ਜੀ ਮੌਸਮ ਵਿਭਾਗ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਅੱਜ ਤੁਹਾਡੇ ਇਲਾਕੇ ਵਿਚ ਮੀਹ ਪੈਣ ਦੀ ਸੰਭਾਵਨਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
sir urea and potash jhona vich kado paune chahide ha ?
(pb)
Punjab
Gurmindear singh g jhone vich potash @25 kg per acre kaddu krn de time pa skde ho g.Jhone vich total @110 kg urea transplanting to 40 din de vich pa skde ho g..
sir per hectare me bordo mixture ki kitni dose kitne liter water me cereal crop me use kar sakte hai please tell me ?
(hn)
Punjab
ramesh ji bordo paste ko fruit plants men istemal kiya jata hai.ise cereal crops men istemal nahi kiya jata.dhanywad
culsterbeen me use karna h
sir mai aaj ek gay ki AI kar ne gya mai ne dekha ki gay ki servix kafi small thi us ke liy kya diya jay jo servix growth kar jay ?
(hn)
Punjab
Rahul ji iska karan uske andar infection ho sakti hai, iske liye aap Utrawin-oz dwai 3 din lagatr bachedani mai bhrwayen aur sath mai Concimax bolus rojana 1 goli den aur 14 tak dete rehen fir agli var heat mai aane per usko AI krwayen, isse gabhin ho jayegi aur infection khtm ho jayega.
sir g main apni jameen krahi hoghi aa othe kadoo Karan to phela kehdia khaada paiye ?
(pb)
Punjab
inderpal ji tuc jameen vich ik quintal gypsum di varto kar sakde ho. dhanwad
Punjab
sab ton best aa tusi mitti test karva ke chiza pao
dr.sahib ji rateli jameen vich kheriya khaada poniya chaidiya ne ?
(pb)
Punjab
inderpal ji kirpa karke daso ke kehdi fasl di bijai kiti hai ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Sir jhone ch potash dap ssp cho kehdi best ha full Jankari daso ?
(pb)
Punjab
Jhone vich @110 kg urea per acre and DAP @25 kg per acre and Potash @20 kg per acre pa skde ho g.
Sir menu cross nasal de gaa bare jankari deo ?
(pb)
Rajasthan
cross nasal di cow oh hundi hai jo 2 nasala nu cross krke tyar hundi hai, iss vich 50-50% parents de gunn aunde hai, jekar vdia nasala ton cross howe tan dudh v vdia hunda hai..
Sir eh dwai kis wasta use kiti jandi ha ?
(pb)
Maharashtra
Sandeep ji kranti ik food suppliment hai jo ke fasl di growth de layi vartya janda hai. isde layi tuc isdi matra 1 ml nu prati liter pani de hisab nal spray karo. isdi varto bijai to 30-35 din bad kiti jandi hai.
Punjab
eh growth lyi te flowering lyi hundi aa
sir ji sat sri akal, meriya gheeye diya velan nu phul bahut lgda, pr sare phull gal jande ne, isde hall lyi koi organic trika dso ji? dhanwaad
(pb)
Punjab
balwinder ji kaddu nu fungus de karn eda ho janda hai isde layi tuc khatti lassi di spray kar sakde ho isdi mtra 3 ml nu prati liter pani de hisab nal spray karo.dhanwad
sir jhona lagon to pahla khet vich kis kis khad di warto kari jawe ta prati killla kinni kari jawe ?
(en)
Punjab
Jhona lgoun de wele khet vich zinc 33% @16 kg and potash @20 kg per acre pa skde ho g.DAP @25 kg per acre pao and esnu zinc nal mix krke chitta na deo g..
ठेके पर ज़मीन लेने वाले किसान को इनकम टैक्स भरना पड़ता है या नहीं?
(hn)
ਨਿੰਬੂ ਦੇ ਬੂਟੇ ਨੂੰ ਫੁੱਲ ਤਾਂ ਲੱਗਦੇ ਹਨ ਪਰੰਤੂ ਫਲ ਨੀਂ ਬਣਦੇ ਕਾਗਜ਼ੀ ਨਿੰਬੂ ਦਾ ਬੂਟਾ ਹੈ ?
(pb)
Punjab
ਬਲਵਿੰਦਰ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕੇ ਇਸਦੀ ਉਮਰ ਕਿੰਨੀ ਹੈ ਤਾਂਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਉਸਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
ਚਲਦੀ ਤੋਰੀ ਲਈ ਕਿਹੜੀ ਖਾਦ ਪਾਈ ਜਾਵੇ ?
(pb)
Punjab
ਹਰਜੀਤ ਜੀ ਇਸਦੇ ਉਪਰ ਤੁਸੀ NPK 191919 @ 7gram ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
sir Meri goat 3month di pregnant c and os ne bache gir gye but os di jer nahi pyi koi problem ho sakdi a goat nu agar problem ho sakdi a ta koi Medicine dso ?
(pb)
Os nu Liquid Utrotone 450ml di botel lao te 20ml swere 20ml shame nu deo
sir mere kol HF cow hai usdi heat kine hours rehndi hai te usnu kine time te mate karwana chahida saan kolo ate AI karwaun da time v daso ?
(pb)
Bikramjit singh ji tuci eh audio sunno ji..
Punjab
Sir play nahi ho rahi
लाैकी के पत्ते पीले पड़ रहे हैं उपाय बताएं ?
(hn)
Punjab
यह तत्व की कमी के कारण हो रहा है इसके लिए आप NPK 191919 एक किल्लो को 150 लीटर पानी में मिला कर स्प्रे करें धन्यवाद
Punjab
aap koi v fungicide jaise antracol custodia ki spray kre
sir Dhan ki kheti ke bare main btayen kush ?
(hn)
Punjab
धान भारत की एक महत्तवपूर्ण फसल है जो कि जोताई योग्य क्षेत्र के लगभग एक चौथाई हिस्से में उगाई जाती है और भारत की लगभग आधी आबादी इसे मुख्य भोजन के रूप में प्रयोग करती है यह उत्तर प्रदेश की मुख्य फसल है और उत्तर प्रदेश के लगभग 5.4 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती की जाती है Basmati, Kalajeera, Vishnu Parag आदि धान की कुछ उच्च गुणवत्ता वाली किस्में हैं जिनकी खेती उत्तर प्रदेश में की जाती है मिट्टी इस फसल को मिट्टी की अलग अलग किस्मों, जिनमें पानी सोखने की क्षमता कम होती है और जिनकी पी एच 5.0 से 9.5 के बीच में होती है, में भी उगाया जा सकता है धान की पैदावार के लिए रेतली से लेकर गारी मिट्टी तक, और गारी से चिकनी मिट्टी जिसमें पानी को सोखने की क्षमता कम होती है इस फसल के लिए अच्छी मानी जाती है प्रसिद्ध किस्में और पैदावार Jaya: यह छोटे कद की और अधिक उपज देने वाली किस्म गर्दन तोड़ के प्रतिरोधक है यह किस्म 142 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने बड़े और लंबे होते हैं इसकी औसतन पैदावार 26 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Chakia 59: यह किस्म कम जल जमाव वाले हालातों में उगाने के लिए उपयुक्त है Govind: यह किस्म पंतनगर द्वारा विकसित की गई है यह किस्म 105 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है Indrasan: यह तराई क्षेत्रों की प्रसिद्ध किस्म है Mahsud: यह किस्म निचले क्षेत्रों में बारानी स्थितियों में उगाने के लिए उपयुक्त है Majhera 3: यह लंबी किस्म सूखे को सहनेयोग्य है और ऊंचे क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है Nagina 22: यह ऊंचे क्षेत्रों में बारानी हालातों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसके दाने छोटे और मोटे होते हैं Narendra-1 and Narendra-2: यह किस्म 105 और 115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है Pant Dhan 6: यह किस्म निम्न और मध्यम ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में रोपाई के लिए उपयुक्त है Saket 4: यह अगेते समय की किस्म है और 115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह यू पी की सबसे प्रसिद्ध किस्म है T9: यह देरी से बोयी जाने वाली सुगंधित किस्म है इसके दाने बेलनाकार होते हैं VL Dhan 16: यह निम्न और मध्यम क्षेत्रों में रोपाई के लिए उपयुक्त किस्म है VL 206: यह लंबी किस्म निम्न और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है Usar 1: यह किस्म कानपुर में विकसित की गई यह क्षारीय और लवणीय मिट्टी में खेती करने के लिए उपयुक्त है बासमती किस्में Taraori Basmati: यह सिंचित क्षेत्रों में अगेती बिजाई के लिए उपयुक्त है यह किस्म 145-155 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Haryana Basmati no 1: यह अर्द्ध छोटे कद की किस्म है और सिंचित क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है यह किस्म 140 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa Basmati 1121, Pusa Basmati 1, CSR 30, Shabnam दूसरे राज्यों की किस्में Hybrid 6201: यह सिंचित क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त किस्म है यह भुरड़ रोग के प्रतिरोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 25 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Vivek Dhan 62: यह सिंचित और पहाड़ी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त किस्म है इसके दाने छोटे और मोटे होते हैं यह भुरड़ रोग के प्रतिरोधक किस्म है यह गर्दन तोड़ और कम तापमान वाले क्षेत्रों को भी सहन कर सकती है इसकी औसतन पैदावार 19 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Karnataka Rice Hybrid 2: यह सिंचित और समय से बिजाई वाले क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह पत्तों के झुलस रोग और अन्य बीमारियों को सहनेयोग्य किस्म है इसकी औसतन पैदावार 35 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Kanak: यह दरमियाने क्षेत्रों में बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है इसके दाने लंबे और मोटे होते हैं यह बैक्टीरियल झुलस रोग के प्रतिरोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 18 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Ratnagiri 1 and 2: सिंचित क्षेत्रों के लिए जबकि निचले क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है ये अर्द्ध छोटे कद की किस्म हैं इनकी औसतन पैदावार 19 क्विंटल और 21 क्विंटल प्रति एकड़ होती है ज़मीन की तैयारी शुष्क खेतों को अच्छा बनाने, नदीन रहित और सेहतमंद वृद्धि के लिए ग्लाफोसेट डालनी चाहिए गेहूं की कटाई के बाद ज़मीन पर हरी खाद के तौर पर मई के पहले सप्ताह ढैंचा (बीज दर 20 किलोग्राम प्रति एकड़), या सन (बीज दर 20 किलोग्राम प्रति एकड़) या लोबीया (बीज दर 12 किलोग्राम प्रति एकड़) की बिजाई करनी चाहिए जब फसल 6 से 8 सप्ताह की हो जाए तो इसे खेत में कद्दू करने से एक दिन खेत में ही जोत देना चाहिए इस तरह प्रति एकड़ 25 किलो नाइट्रोजन खाद की बचत होती है भूमि को समतल करने के लिए लेज़र लेवलर का प्रयोग किया जाता है इसके बाद खेत में पानी खड़ा कर दें ताकि भूमि के अंदर ऊंचे नीचे स्थानों की पहचान हो सके इस तरह पानी के रसाव के कारण पानी की होने वाले बर्बादी को कम किया जा सके बिजाई बिजाई का समय यू पी के सिंचित और निम्न बारानी क्षेत्रों में मध्य जून से शुरूआती जुलाई तक का समय उपयुक्त होता है बीज की गहराई पौधे की गहराई 2-3 सैं.मी. होनी चाहिए फासला बनाकर लगाने से पौधे ज्यादा पैदावार देते हैं फासला उपजाऊ मिट्टी में 20 सैं.मी. x 15 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें जबकि हल्की मिट्टी में रोपाई के लिए 15 सैं.मी. x 10 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें जल जमाव वाले क्षेत्रों में 20 x 20 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बिजाई का ढंग सिंचित और कम बारानी क्षेत्रों में रोपाई ढंग प्रयोग किया जाता है रोपाई के लिए 25-30 दिनों के पौधों का प्रयोग करें जल जमाव वाले क्षेत्रों में 30-35 दिनों के पौधे रोपाई के लिए प्रयोग करें ऊंचे क्षेत्रों में, शुष्क और गीली मिट्टी में रोपाई ढंग का प्रयोग करें बीज बीज की मात्रा एक एकड़ खेत में 6-8 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बीज का उपचार बिजाई से पहले 10 लीटर पानी में 20 ग्राम कार्बेनडाज़िम $ 1 ग्राम स्ट्रैप्टोसाईक्लिन घोल लें और इस घोल में बीजो को 8-10 घंटे तक भिगोयें उसके बाद बीजों को छांव में सुखाएं और फिर बिजाई के लिए प्रयोग करें पनीरी की देख-रेख और रोपण वैट बैड नर्सरी : यह तकनीक उन क्षेत्रों में अपनाई जाती है जहां पर पानी ज्यादा मात्रा में पाया जाता है नर्सरी का 1/10 हिस्सा दूसरे खेत में लगाया जाता है इसकी बिजाई छींटे द्वारा की जाती है यहां पर खेत की जोताई और खेत को समतल किया जाता है बैडों पर कईं दिन तक नमी बनाए रखनी चाहिए पानी से खेत को ज्यादा ना भरें जब नर्सरी 2 सैं.मी. से वृद्धि कर जाए तब पानी को खेत में लगाते रहना चाहिए बिजाई के 15 दिन बाद 26 किलो यूरिया डालना चाहिए जब नर्सरी 25-30 सैं.मी. तक लंबी हो जाए तब उसे 15-21 दिन बाद दूसरे खेत में लगा देना चाहिए और खेत को लगातार पानी लगाते रहना चाहिए सूखे बैड वाली नर्सरी : यह तकनीक शुष्क क्षेत्रों में अपनाई जाती है जो बैड बनाया जाता है वो बिजाई वाले खेत का 1/10 हिस्से में बीज बोया जाता है बैड का आकार सीमित होना चाहिए और उसकी ऊंचाई 6-10 से.मी होनी चाहिए धान का आधा जला हुआ छिलका बैड पर बिखेर देना चाहिए इससे जड़ें मजबूत होती हैं सही समय पर सिंचाई करते रहना चाहिए और नमी बनाए रखना चाहिए ताकि नए पौधे नष्ट ना हों तत्वों की पूर्ति के लिए खाद डालना जरूरी है मॉडीफाईड मैट नर्सरी : यह नर्सरी लगाने का एक ऐसा तरीका है जिसमें कम जगह और कम बीजों की जरूरत होती है यह नर्सरी किसी भी जगह पर बनाई जा सकती हैं जहां पर समतल जगह हो और पानी की सुविधा हो इसकी पनीरी लगाने के लिए 1% खेत की जरूरत होती है 4 से.मी की सतह पर नए पौधे लगाए जाते हैं इसे बनाने के लिए 1 मीटर चौड़े और 20-30 मीटर लंबे जमीन के टुकड़े की जरूरत होती है इसके ऊपर बिछाने के लिए पॉलीथीन और केले के पत्तों की जरूरत होती है इसके इलावा एक लकड़ी का बकसा जो कि 4 से.मी गहरा होता हैं मिट्टी के मिश्रण से भरा होता है बीजों को इसके अंदर रख देना चाहिए और फिर बीजों को सूखी मिट्टी के साथ ढक देना चाहिए इसके बाद पानी का छिड़काव कर देना चाहिए लकड़ी के बक्से को नमी देते रहना चाहिए बिजाई से 11-14 दिनों के बाद पौध तैयार हो जाती है जब पौध तैयार हो जाती है तब मैट से पौध को दूसरे खेत में रोपण कर दिया जाता है फासला: पौधों का फासला 20x20 सैं.मी. या 25x25 सैं.मी. होना चाहिए खेत में पौध रोपण पनीरी लगाने का ढंग 1. कद्दू करके लगाई जाने वाली पनीरी : आमतौर पर पंक्ति में लगाए जाने वाले पौधे 20x15 सैं.मी. दूरी पर लगाए जाते हैं और देरी से लगाई जाने वाली पनीरी 15x15 सैं.मी. पर लगाई जाती है नए पौधों की गहराई 2-3 सैं.मी. होनी चाहिए 2. बैड बनाकर लगाई जाने वाली पनीरी : यह बैड भारी ज़मीनों के लिए बनाए जाते हैं पनीरी लगाने से पहले खालियों में पानी लगाना चाहिए और फिर पनीरी को खेत में लगाना चाहिए पौधे से पौधे का फासला 9 सैं.मी. होना चाहिए 3. मशीनी ढंग से लगाई जाने वाली पनीरी : मैट पनीरी के लिए मशीनों का प्रयोग किया जाता है यह मशीन 30x12 सैं.मी. के फासले पर पनीरी लगानी चाहिए खरपतवार नियंत्रण रोपाई के 2 से 3 दिन बाद नदीनों के अंकुरण से पहले बूटाक्लोर 50 ई सी 1200 मि.ली. या थायोबेनकार्ब 50 ई सी 1200 मि.ली. या पैंडीमैथालीन 30 ई सी या प्रैटीलाक्लोर 50 ई सी 600 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें इनमें से किसी एक नदीननाशक को 60 किलो रेत में मिलाकर 4-5 सैं.मी. गहरे खड़े पानी में बुरकाव करें चौड़े पत्ते वाले नदीनों की रोकथाम के लिए मेटसलफुरॉन 20 डब्लयु पी 30 ग्राम को 150 लीटर पानी में मिलाकर नदीनों के अंकुरण के बाद रोपाई के 20-25 दिन बाद डालें स्प्रे से पहले खेत में खड़े पानी का निकास कर दें और स्प्रे के एक दिन बाद सिंचाई करें नदीनों के अंकुरण से पहले बूटाक्लोर 1 लीटर को बिजाई के 6 से 7 दिनों के बाद प्रति एकड़ में स्प्रे करें सिंचाई पनीरी लगाने के बाद खेत में दो सप्ताह तक अच्छी तरह पानी खड़ा रहने देना चाहिए जब सारा पानी सूख जाए तो उसके दो दिन बाद फिर से पानी को लगाना चाहिए खड़े पानी की गहराई 10 सै.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए खेत में से बूटी और नदीनों को निकालने से पहले खेत में से सारा पानी निकाल देना चाहिए ओर इस प्रक्रिया के पूरे होने के बाद खेत की फिर से सिंचाई करनी चाहिए पकने से 15 दिन पहले सिंचाई करनी बंद करनी चाहिए ताकि फसल को आसानी से काटा जा सके ऊंची भूमि पर सिंचाई पूरी तरह से बारिश पर निर्भर करती है बारिश की तीव्रता और नियमितता के आधार पर और पानी की उपलब्धता के आधार पर गंभीर अवस्थाओं में सिंचाई करें
sir paneeri 10din ki hogi h PR121. urea dal sakte h ya nahi Agar Han to matra btaye ?
(en)
Punjab
kamal ji 15 din ki paniri ko aap 3 killo urea prati knal ke hisab se chitta de. dhanywad
गुरू जी ये जो ऑक्सीटोसिन टीका पशुओं को क्यों नहीं लगवाना चाहिए और ये टीका किसलिए होता है ?
(hn)
chelated zinc de 15 liter pump de dose kini pendi hai ?
(pb)
Punjab
Harmandeep ji cheltaed zinc di matra 11-12 gm nu 15 litre vale pump vich varto kar sakde ho.dhanwad
Punjab
40 ton 50gm pa skde o
ਸਰ ਜੀ ਸਾਡਾ ਨਿੱਬੂ ਕਿੰਨੂੰ ਮੁੱਸਮੀ ਦਾ ਪੋਦੇ ਉੱਪਰ ਤੋ ਹੇਠਾ ਨੂੰ ਸੁੱਕ ਰਹੇ ਹਨ ਜੀ ਇਹਨਾਂ ਦਾ ਹੱਲ ਦੰੱਸੋ ਜੀ ?
(pb)
Punjab
ਨਰਿੰਦਰ ਜੀ ਇਹ Die back ਨਾਮ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਸੁੱਕੇ ਹੋਏ ਹਿੱਸੇ ਨੂੰ ਕਟ ਕੇ ਉਸਦੇ ਉਪਰ ਬੋਰਡੋ ਪੇਸਟ ਲਾਓ ਜਾ copper oxychloride @3 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
sr g cow nu 4- 5 dina ton mok bhut lgi a 20 din sui nu hoge koi hal dso ?
(en)
Punjab
tuci uss nu Kol liquid dena suru kro, isde nal tuci Halotas bolus 1-1 goli swere sham ate Biotrim injection (IM) 20ml lgwao, iss nal farak paa jawega.
Desi Nasl ki cow 8 month ki gabin h suko dalda ghee or gud de skte h agr nhi de skte toh or kuch bata do jis se uska udder achha bn jae cow first bar sue gi ?
(hn)
Punjab
Gurdeep ji tuci uss nu hun Vitum-h liquid 10-10ml swere sham dena suru kro, isde nal Metabolite powder di rojana 1 pudi deo iss nal lewa vdia ho jawega, baki uss nu saro da tel 200ml ate 100gm besan mix krke v de skde ho, isda v pashu nu fyada hunda hai..
Haryana
thank u apni kheti team
super khad ki hundi aw ji mtlb daea hundi aw ja kush hor ?
(pb)
Punjab
kahsmir SSP DAP da hi kam kardi hai. eh phosphorus tat di kami nu hi poora kardi hai.dhanwad
ਮੱਝਾ ਦੀ ਮਖ ਬਹੁਤ ਜਿਆਦਾ ਹੈ ਕੋਈ ਘਰੇਲੂ ਉਪਚਾਰ ਹੈ ਤਾਂ ਦਸਣਾ ਜਰੂਰ
(pb)
Punjab
ਮੱਖੀਆਂ ਦੇ ਲਈ Butox 15ml ਲਉ ਤੇ 2ml /1 litter ਪਾਣੀ ਚ ਪਾਉ ਤੇ ਪਸ਼ੂ ਤੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰੋ, ਦੇਸੀ ਤਰੀਕਾ ਨਿਮ ਦੇ ਪਤੇ ਤੇ ਗਲੋ ਦੇ ਪਤੇ ਚੰਗੀ ਤਰਾ ਮਿਕਸੀ ਕਰਕੇ ਵਿਚ ਪਾਣੀ ਪਾਉਣਾ ਪਤੇ ਤੇ ਪਾਣੀ ਡੰਗਰਾ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਲੈ ਲਵੋ ਕਿ ਐਨਾ ਕੂ ਡੰਗਰਾ ਦੇ ਲਗ ਜਾਵੇ, ਪਾਣੀ ਕਪੜੇ ਨਾਲ ਪੁਣ ਕੇ ਵਿਚ ਸਰੋ ਦਾ ਤੇਲ ਪਾਉਣਾ ਫਿਰ ਡੰਗਰਾ ਦੇ ਲਾ ਦੇਵੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਮੱਖੀਆਂ ਤੋਂ ਆਰਾਮ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗਾ .
Punjab
nhi ji isda nuksan nhi hai tuci dasi hoi matra de nal use kro .
ki hoea ?
(pb)
Punjab
Harman ji kirpa krke apna swal vistar nal pusho ji tan jo tuhanu sahi jankari diti ja skee..
ਸਰ ਜੀ ਮੈ ਆਪਣੇ ਖੇਤ ਦੀ ਮਿੱਟੀ ਅਤੇ ਪਾਣੀਦੀ ਪਰਖਣ ਕਰਵਾਉਣੀਆਂ ਕਿਥੇ ਹੋਵੇਗੀ ਉਸ ਥਾ ਦਾ ਐਡਰਸ ਤੇ ਫੋਨ ਨੰਬਰ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇ ਜੀ ?
(pb)
Punjab
ਨਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਜੀ ਆਪਣੇ ਖੇਤ ਦੀ ਮਿੱਟੀ ਅਤੇ ਪਾਣੀ ਦੀ ਪਰਖਣ ਕਰਵਾਉਣ ਲਈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜਿਲ੍ਹੇ ਦੇ Krishi Vigyan Kendra Mansa Village Khokhar Khurd, District Mansa Punjab - India ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Hello sir, 1 pig 6 to 8 months c 100kg da hunda. Kul kini feed khanda. Feed price ki a average 1kg da ?
(pb)
harinder Singh ji jekar apni feed vadiya hove ta 5-6 month vich 100 kg da ho janda hai hai . ehda kharcha feed te depend karda hai ke tusi feed kehdi ponde ho. wese lagphag 7500-8000 tak feed da kharcha aa janda hai ji.
sir g ehe jumbo gold jawar kinni katai dindi a g ?
(pb)
Punjab
kulwinder ji eh 4-5 ktayi dinda hai.dhanwad
sir ji paneeri nu 7 din ho gye gand wali spray kiti nu. hun paneri nu ki paya jave jo oh 10- 15 din vich tyar ho jaye ?
(en)
Punjab
gurpreet ji paniri khet vich 20-15 din di hi layi jandi hai.isde vich tuc 3 killo urea prati knal de hisab nal chitta de sakde ho.dhanwad
cr212 ja fer pr121 vadia g dakar vahan vich 10 july nu jhona launa te kis di paneeri biji jave kirpa karke jankari deo g kis da vadia jharr ha g te kis nu rog ght lagda g ?
(pb)
Maharashtra
Cr212:- Eh kisam 30-35 quintal prati acre hunda hai ate 104-105 cm hunda hai. PR121 kisam 140 din da sma laindi hai. isda jhaad 30quintal hunda hai tuci ehna dona vicho kise di vi bijai kar sakde ho.dhanwad
?
(pb)
Punjab
Kulwinder ji jyadatar hybrid ate pusa 44 kisam dig jandi hai ate jyada nitrogen di khaad paun nal v digna shuru kar dindi hai.is layi tuc parmal kisman di bijai karo.dhanwad
Thanx ji
Kesar ki kheti jankari ?
(hn)
Punjab
Mahesh Kumar g KESAR ki kheti Kewal KASHMIR ke thande area me hoti hai. Kujh log SAFFOLA ka seed ko KESAR ka seed btakr bech rahe hai. Kripya aap aise logo se savdhan rahe.