Punjab
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Eh solo power products jhone vich kis lyi use hunda hai te kdo paya jave kis nal ?
(en)
sukhi ji kirpa karke isdi photo bhejo ja isde salt da nam daso ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Dhan kaise ropa ?
(hn)
Punjab
सिंचित और कम बारानी क्षेत्रों में रोपाई ढंग प्रयोग किया जाता है रोपाई के लिए 25-30 दिनों के पौधों का प्रयोग करें जल जमाव वाले क्षेत्रों में 30-35 दिनों के पौधे रोपाई के लिए प्रयोग करें ऊंचे क्षेत्रों में, शुष्क और गीली मिट्टी में रोपाई ढंग का प्रयोग करें उपजाऊ मिट्टी में 20 सैं.मी. x 15 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें जबकि हल्की मिट्टी में रोपाई के लिए 15 सैं.मी. x 10 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें जल जमाव वाले क्षेत्रों में 20 x 20 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें पौधे की गहराई 2-3 सैं.मी. होनी चाहिए फासला बनाकर लगाने से पौधे ज्यादा पैदावार देते हैं यू पी के सिंचित और निम्न बारानी क्षेत्रों में मध्य जून से शुरूआती जुलाई तक का समय उपयुक्त होता है
Sir dwai shop kholna hai khandwa me to us per kitni subsidy milegi or uske liye kya krna padega Plz btayie ?
(hn)
Punjab
Pesticide की दुकान खोलने के लिए B.SC AGRICULTURE की डिग्री की होनी चाहिए और डिग्री के बाद इसकी दवाई बेचने का लाइसेंस बनता है इसका लाइसेंस बनाने के लिए आपको फाइल कचेहरी से मिल जाती है और इस फाइल को तैयार कर chief of agriculture के हस्ताक्षर करवाकर जमा करवानी पड़ती है और वह बाद में स्थान देखते है और जांच करते है और 1 महीने में आपका लाइसेंस बन जाता है यह जो chief of agriculture होता है वह के.वी.के. में होता है, ज़िले में इस अफसर की ड्यूटी होती है
Madhya Pradesh
ok sir g mera Bsc Ag comlit or licence bhi banava lemge per subsidy ke pare me kuch batayiye
Madhya Pradesh
sir batayiye ne ki pestiside ki show ke liye lon kese le sakte h or subsidy ke liye kya krna padega
Sir main narma ch vattan de nal urea reh pai c hun meeh pa gea ta mera buta suk rha a please es da ilaj dso ?
(pb)
Punjab
baljinder ji kirpa karke daso ke tuc urea di kini matra khet vich payi c ta jo tuhanu is abr epoori janakri diti ja sake.dhanwad
Kele ki kheti ?
(hn)
Punjab
इसे मिट्टी की विभिन्न किस्मों हल्की से उच्च पोषक तत्वों वाली मिट्टी में उगाया जा सकता है जैसे कि गहरी गाद चिकनी, दोमट और उच्च दोमट मिट्टी केले की खेती के लिए उपयुक्त होती है केले की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6 से 7.5 होनी चाहिए केला उगाने के लिए, अच्छे निकास वाली, पर्याप्त उपजाऊ और नमी की क्षमता वाली मिट्टी का चयन करें उच्च नाइट्रोजन युक्त मिट्टी,पर्याप्त फासफोरस और उच्च स्तर की पोटाश वाली मिट्टी में केले की खेती अच्छी होती है जल जमाव, कम हवादार और कम पौष्टिक तत्वों वाली मिट्टी में इसकी खेती ना करें रेतली, नमक वाली, कैल्शियम युक्त और अत्याधिक चिकनी मिट्टी में भी इसकी खेती ना करें Grand Naine: यह किस्म 2008 में जारी की गई है और यह एशिया में उगाने के लिए उपयुक्त किस्म है यह औसतन 25-30 किलो गुच्छे निकालते हैं गर्मियों में, कम से कम 3 से 4 बार जोताई करें आखिरी जोताई के समय, 10 टन अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें ज़मीन को समतल करने के लिए ब्लेड हैरो या लेज़र लेवलर का प्रयोग करें वे क्षेत्र जहां निमाटोड की समस्या होती है वहां पर रोपाई से पहले निमाटीसाइड और धूमन, गड्ढों में डालें बिजाई के लिए मध्य फरवरी से मार्च का पहला सप्ताह उपयुक्त होता है केले की जड़ों को 45x 45x45 सैं.मी. या 60x60x60 सैं.मी. आकार के गड्ढों में रोपित करें गड्ढों को धूप में खुला छोड़ें, इससे हानिकारक कीट मर जायेंगे गड्ढों को 10 किलो रूड़ी की खाद या गला हुआ गोबर, नीम केक 250 ग्राम और कार्बोफ्युरॉन 20 ग्राम से भरें जड़ों को गड्ढें के मध्य में रोपित करे और मिट्टी के आसपास अच्छी तरह से दबायें गहरी रोपाई ना करें बिजाई के लिए, रोपाई ढंग का प्रयोग किया जाता है
Sir narme bejan toh pehla 2 gatte super 25 kg potash payi c hun 25 kg dap payi a. koi side effects ta ni ?
(en)
Punjab
Armaan g jekar tuc single super phosphate pa rhe ho tn DAP paoun di lod nhi hundi g..eh dono hi phosphorous di deficiency di poorti krdiyan han..tuc koi v ikk fertilizer use kr skde ho g..
6444 bayer gold paddy ਦਾ ਝਾੜ ਕਿੰਨਾ ਆ ਦੱਸਿਉ ?
(pb)
Maharashtra
6444 ਝੋਨੇ ਦੀ ਕਿਸਮ ਦਾ ਝਾੜ ਲਗਭਗ 23-25 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ 135-140 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
Sir jhona Lage nu 15 din ho gaye Hun is the 12 -32 pa sakde aa ki hor koi sman paiye ?
(pb)
Punjab
manpreet ji eh phosphorus tat di kami nu poora kardi hai jeka rtuc pichli fasl de vich DAP payi hai ta tuhanu is vich 12 32-16 paun di lod nahi hai.dhanwad
Hybrid lemon breed ?
(hn)
Punjab
Mudit ji you can sow varities like Lucknow seedless,Pant Lemon,Lisbon lemon Thank you
ਦੁੱਧ ਦਾ snf ਕਿਵੇਂ ਵਧਾਇਆ ਜਾਵੇ ?
(pb)
Punjab
ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਫੀਡ ਦੇ ਨਾਲ 1kg ਸਰੋੰ ਦੀ ਖੱਲ, 1kg ਵੜੇਵਿਆ ਦੀ ਖੱਲ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਉ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਮਿਠਾਸੋਡਾ ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਵਾਰ ਦਿਉ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Fatplus ਪਾਊਡਰ 50gm ਜਾਂ Fatmax ਪਾਊਡਰ 50gm ਅਤੇ Anabolite liquid 100ml ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ.
Gulab ki khati kase kre ?
(hn)
Punjab
गुलाब फूलों में सबसे मह्त्वपूर्ण फूल है गुलाब की खेती के लिए जैविक तत्वों से भरपूर और अच्छे जल निकास वाली रेतली दोमट मिट्टी अनुकूल होती है बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 6 से 7.5 होना चाहिए यह जल जमाव को सहनयोग्य नहीं है, इसलिए उचित जल निकास का प्रबंध होना चाहिए और अनावश्यक पानी को निकाल देना चाहिए प्रसिद्ध किस्में :- इसमें तीन मुख्य समूह हैं,1) प्रजातियां 2) पुराने बाग़ 3) आधुनिक या नए गुलाब Species roses: इसे जंगली गुलाब के नाम से भी जाना जाता है इस तरह के फूलों की पांच पंखुड़ियां और रंग चमकीला होता है ये सर्दियों में ज्यादा समय तक रहती हैं जैसे कि: Rosa rugose: इनका मूल स्थान जापान है यह किस्म प्रकृति रूप में कठोर होती हैं इसके फूल बेहद सुगंधित होते हैं, पत्ते झुर्रीदार चमड़े की तरह होते हैं ये घनी और मोटी झाड़ियों में उगते हैं रासायनिक स्प्रे का उपयोग ना करें, क्योंकि इस पर स्प्रे करने से सारे पत्ते झड़ जाते हैं Banksiae: इसे लेडी बैंक केनाम से भी जाना जाता है और इसका मूल स्थान चीन है फूल छोटे, सुगंधित और जामुनी रंग के होते हैं फूल छोटे गुच्छों में लगते है मिट्टी को नरम करने के लिए जोताई और गोड़ाई करें बिजाई से 4-6 सप्ताह पहले खेती के लिए बैड तैयार करें बैड बनाने कि लिए 2 टन रूड़ी की खाद और 2 किलो सुपर फासफेट डालें बैडों को एक समान बनाने के लिए उनको समतल करें और बैडों के ऊपर बोयें होये गुलाब गड्डों में बोयें हुए गुलाबों से ज्यादा मुनाफे वाले होते है उत्तरी भारत में बिजाई का सही समय मध्य अक्तूबर है रोपाई के बाद पौधे को छांव में रखें और अगर बहुत ज्यादा धुप हो, तो पौधे पर पानी का छिड़काव करें दोपहर के अंत वाले समय बोया गया गुलाब बढ़िया उगता है बैड पर 30 सैं.मी. व्यास और 30 सैं.मी. गहरे गड्ढे खोद कर 75 सैं.मी. के फासले पर पौधों की बिजाई करें दो पौधों के बीच में फासला गुलाब की किस्म पर निर्भर करता है बीजों को 2-3 सैं.मी. गहराई में बोयें इसकी बिजाई सीधी या पनीरी लगा कर की जाती है गुलाब की फसल का का प्रजनन काटी गई जड़ों और बडिंग द्वारा किया जाता है उत्तरी भारत में दिसंबर-फरवरी महीने का समय टी-बडिंग के लिए उचित होता है पौधे की कांट-छांट दूसरे और उसके बाद के वर्षों में की जाती है उत्तरी भारत में गुलाब की झाड़ियों की कांट-छांट अक्तूबर के दूसरे या तीसरे हफ्ते में की जाती है जो शाखाएं झाड़ियों को घना बनाएं, उन्हें निकाल दें लटके हुए गुलाबों को छंटाई की जरूरत नहीं होती छंटाई के बाद, अच्छे से गले हुए 7-8 किलो गाय के गोबर को प्रति पौधे को डालें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें ग्रीन हाउस में, गुलाबों को पंक्तियों में बोया जाता है और पौधों का घनत्व 7-14 पौधे प्रति वर्ग मीटर होनी चाहिए बैड की तैयारी के समय 2 टन रूड़ी की खाद और 2 किलो सुपर फास्फेट को मिट्टी में डालें तीन महीने के फासले पर 10 किलो रूड़ी की खाद और 8 किलो नाइट्रोजन, 8 किलो फासफोरस और 16 किलो पोटाश प्रति पौधे में डालें छंटाई के बाद ही सारी खादों को डालें ज्यादा पैदावार लेने के लिए छंटाई से एक महीने बाद, जी ए 3@ 200 पी पी एम(2 ग्राम प्रति लीटर) की स्प्रे करें पौधे की तनाव सहन शक्ति को बढ़ाने के लिए घुलनशील जड़ उत्तेजक(रैली गोल्ड/रिजोम) 100 ग्राम+ टिपोल 60 मि.ली. को 100 लीटर पानी में डालकर प्रति एकड़ में शाम के समय सिंचाई करें मोनोकोट नदीनों की रोकथाम के लिए ग्लाइफोसेट 300 ग्राम और डिकोट नदीनों को रोकने के लिए ऑक्सीफ्लूरॉन 200 ग्राम को अंकुरन से पहले प्रति एकड़ में स्प्रे करें पौधों को खेत में लगाएं ताकि बढ़िया ढंग से विकास कर सके सिंचाई मिट्टी की किस्म और जलवायु के अनुसार करें आधुनिक सिंचाई तकनीक जैसे ड्रिप सिंचाई गुलाब की खेती के लिए लाभदायक होती है फव्वारा सिंचाई से परहेज करें क्योंकि इससे पत्तों को लगने वाली बीमारियां बढ़ती हैं गुलाब की फसल से दूसरे वर्ष से बढ़िया किफायती पैदावार लिया जा सकता है गुलाब की तुड़ाई फूलों का रंग पूरी तरह से विकसित पर और पहली एक और दो पंखुड़ियां खुलनी(पर पूरी तरह नहीं) पर तेज़ छुरी की सहायता से की जाती है निर्धारित लंबाई होने पर हाथ वाली छुरी के साथ काटा जाता है विदेशी बाज़ार के मांग के अनुसार बड़े फूलों के लिए तने की लंबाई 60-90 सैं.मी. और छोटे फूलों के लिए 40-50 सैं.मी. होती है फ़ॉलोन को सुबह जल्दी या दोपहर के अंत वाले समय में तोडना चाहिए इसकी मार्केटिंग आप नजदीकी फूल मार्किट में कर सकते है धन्यवाद
Rajasthan
Thanks
ਤੁਸੀਂ ਸਰ facebook ਤੇ ਪੋਸਟ ਪਾਈ ਸੀ ਕਿਸਾਨ ਭਵਨ ਬਾਰੇ ਓਥੇ ਕਿਸਾਨ ਕਿ ਸਬੂਤ ਲੈ ਕੇ ਜਾਣ ਕਿ ਅਸੀਂ ਕਿਸਾਨ ਹਾਂ ?
(pb)
Punjab
Sandeep singh brar ji tuhade kol AADHAR Card hona jruri hai. Thank you.
मोती की खेती के लिए क्या क्या चाहिए ?
(hn)
Rajasthan
Rajesh saini जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
13 महीने के भैंस के बच्चे को लखवा हो गया है कोई उपाय हो तो बताओ ?
(hn)
उसे आप Sharkoferol liquid 25-25ml सुबह शाम दें और Trinosole-hp 3ml, Nurokind 10ml, Metphos 10ml, Tinacal 20ml injection यह सभी इंजेक्शन तीन दिन लगवायें इससे जल्दी फर्क पड़ जाएगा आप तीन दिनों के बाद दोबारा सवाल पूछ सकते हैं
Sir kinnow da baag 7/8 saal de han, Kafi bute pile ho rehe han, Sir ki kare ta Jo baag thik ho sake ?
(pb)
Punjab
Davinder ji tuc isnu 8-10 killo vermicompost prati boota pao. isto ilava isde uper tuc zinc sulphate@3 gram nu prati litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad
I want to buy a desi cow ?
(en)
Rajasthan
Anil Rana ji you can contact to us on 96490 38200 .
Kinnow ki kheti ke liye kon si mitti or kitni gehrai tak honi chahi a ?
(en)
Maharashtra
इसकी खेती कई प्रकार की मिट्टी, जैसे कि रेतली-दोमट से चिकनी-दोमट या गहरी चिकनी-दोमट या तेज़ाबी मिट्टी में की जाती है, जिनका जल निकास अच्छा हो यह फसल नमकीन और क्षारीय मिट्टी में विकास नहीं करती है यह जल-जमाव वाली मिट्टी को भी सहनयोग्य है फसल के उचित विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7.5 होना चाहिए
ਸਨੇਕ ਪਲਾਂਟ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇ ਜੀ ?
(en)
Maharashtra
ਸਨੇਕ ਪਲਾਂਟ ਇਕ ਸਜਾਵਟੀ ਬੂਟਾ ਹੈ ਜੋ ਨਾਇਟਰੋਜਨ ਆਕਸਾਇਡ ਅਤੇ ਪ੍ਰਦੂਸ਼ਿਤ ਹਵਾ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਅੰਦਰ ਖਿੱਚ ਲੈਂਦਾ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਇਸ ਨੂੰ ਘਰ ਵਿਚ ਲਗਾਉਣਾ ਫਾਇਦੇਮੰਦ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਪੌਦਾ ਰਾਤ ਨੂੰ ਆਕਸੀਜਨ ਦਿੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਘਰ ਨੂੰ ਫਰੈਸ਼ ਬਣਾਏ ਰੱਖਦਾ ਹੈ
Meri US-51 kapas hai usme konsi khad dale ?
(hn)
Punjab
US-51 cotton mein DAP 25 kg,urea 110 kg,potash 25 kg,zinc 21%16 kg or magnessium sulphate 10 kg per acre dal skte ho g..
Nawi sui majj kine time baad heat vich aa jandi h g and usnu kdo krwauna chahida hai ?
(pb)
Punjab
Malkeet ji pashu nu suun ton 2 mahina badd heat vich auun te nawe duudh krwauna chahida hai, baki kujj pashu suun ton 2-3 mahina badd v heat ch aa jnde hai, kujj pashu suun ton 7-8 mahina tak v heat vich nahi aunnde , ehh pashu di khurak, usdi nasal te nirbhar krda hai, baki pashu nu rojana mineral mixture ate deworming krna v jruri hai.
I have yield cotton and have yellow leafs in crop so what can i do ?
(hn)
Punjab
Krishan ji please tell us which amount of fertilizers you have provided to the crop so that we can give you information accordingly. Thank you
मेरे खेत में फफूंद है उसकी रोकथाम केसे करें ?
(hn)
Maharashtra
प्रथ्विराज जी आप फफूंद की रोकथाम के लिए carbendazim @3 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Moti ki kheti kaise kare ?
(hn)
Rajasthan
Dwarika Prasad जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
kakri de vich chitte machrr aa, ohde lyi best spray kehdi aa te kine ml/litre da solution bnauna aa ?
(en)
Maharashtra
hardeep ji machar di roktham de layi tuc imidacloprid@1.5ml nu prati litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad
12 ton15 de jhone wich 2 urea naal futare layi ki payea jave ?
(pb)
Punjab
harwinder ji tuc urea de nal biovita@4 killo prati acre de hisab nal rla ke khet vich pa sakde ho.dhanwad
15 din ho gaye jhone lagge nu uss wich 2 urea de naal ki payea jave tan jo wadiya growth kare ate jhad vi wadiya hove ?
(pb)
Punjab
Jhone vich nutrient proper dose vich pao jiss nal growth v vdia hundi hai and tuc mychorhiza v pa skde ho g..
Bajra ki kheti kese kare ?
(hn)
Punjab
बाजरा को मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जा सकता है यह जल जमाव और तेजाबी मिट्टी में खड़ी नहीं रह सकती अच्छे निकास वाली काली कपास मिट्टी और रेतली देामट मिट्टी में उगान पर अच्छे परिणाम देती है KBH 108 (MH 1737): यह किस्म 80-86 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है MPMH 17: यह किस्म 79 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह बारानी हालातों के लिए उपयुक्त किस्म है MH 1747: यह किस्म 84 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह किस्म खरीफ के मौसम में बिजाई के लिए उपयुक्त है Avika Bajra chari: यह दोहरे मंतव की किस्म है इसे हरे चारे के साथ साथ दाने लेने के उद्देश्य से उपयोग किया जाता है इसकी हरे चारे की औसतन उपज 15 टन और दानों की उपज 4 क्विंटल प्रति एकड़ होती है 86M86: यह हाइब्रिड किस्म पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त है और 80-85 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें भारी और नदीनों से ग्रसित मिट्टी की दो बार जोताई करें आखिरी जोताई के समय 6 टन गाय का गला हुआ गोबर मिट्टी में मिलायें बाजरे की बिजाई के लिए जुलाई के पहले पखवाड़े का समय अनुकूल होता है कतार से कतार में 40-45 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 10-15 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीजों को 2.5-3 सैं.मी. गहराई में बोयें बिजाई के लिए गड्डा खोदकर या बीज ड्रिल विधि का प्रयोग किया जाता है
?
(pb)
Punjab
Gurvail ji kirpa krke apna swal vistar nal pusho ji tuci ki jankari lena chahunde ho, tuhade walo beji gayi audio upload nhi hoi hai kirpa krke dubara upload kro tan jo tuhanu sahi jankari diti jaa skee.
ਪੱਤੇ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਇਕੱਠੇ ਕਿਉਂ ਹੋ ਰਹੇ ਹਨ ?
(en)
Punjab
ਹਰਦੀਪ ਜੀ ਇਸਦੇ ਉਪਰ ਮੱਛਰ ਦਾ ਹਮਲਾ ਚੈੱਕ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਮੌਜੂਦ ਹੈ ਤਾ ਤੁਸੀ imidacloprid @1.5 ml ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Those crops sowing and harvesting moths this grows by farmer ?
(en)
Maharashtra
Divya ji please ask your question in detail so that we can provide you proper information. Thank you
कपास की खेती ?
(hn)
Maharashtra
देसी कपास के लिए रेतली दोमट से चिकनी मिट्टी की आवश्यकता होती है और अमेरिकन कपास की किस्मों के लिए दोमट मिट्टी की आवश्यकता होती है इसे हर तरह की मिट्टी, जिसकी पी एच दर 6-8 होती है, में उगाया जा सकता है इस फसल की खेती के लिए गहरी, नर्म, अच्छे निकास वाली और उपजाऊ मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है कपास की बिजाई के लिए रेतली, खारी या जल जमाव वाली मिट्टी ठीक नहीं होती मिट्टी की गहराई 20-25 सैं.मी. से कम नहीं होनी चाहिए अमेरिकन कपास की किस्में RS 2013: यह किस्म कपास के पत्ता मरोड़ रोग की प्रतिरोधक है और अमेरिकन सुंडी और तेले की कुछ हद तक प्रतिरोधक है इसका औसतन कद 125-130 सैं.मी. होता है यह पीले रंग के फूलों का उत्पादन करती है और इसके मध्यम आकार के टिंडे होते हैं यह किस्म 165-170 दिनों में परिपक्व हो जाती है इसके कपास की बीजों की औसतन पैदावार 22-24 क्विंटल प्रति एकड़ होती है और पिंजाई के बाद 35 प्रतिशत रूई प्राप्त होती है RS 810: यह किस्म कपास के पत्ता मरोड़ रोग की प्रतिरोधक है इसका औसतन कद 130-140 सैं.मी. होता है यह पीले रंग के फूलों का उत्पादन करती है और इसके मध्यम आकार के टिंडे होते हैं इसके कपास की बीजों की औसतन पैदावार 22-24 क्विंटल प्रति एकड़ होती है और पिंजाई के बाद 35 प्रतिशत रूई प्राप्त होती है RST 9: इस किस्म के हल्के हरे रंग के पत्ते और हल्के पीले रंग के फूल होते हैं इसका औसतन कद 130-140 सैं.मी. होता है यह किस्म 160-200 दिनों में परिपक्व हो जाती है इसके टिंडे का औसतन भार 3.5 ग्राम होता है इसकी पिंजाई के बाद रूई की उच्च प्रतिशतता प्राप्त होती है इस किस्म की पहली सिंचाई 50 दिनों के बाद की जा सकती है RS 875: इसका औसतन कद 100-110 सैं.मी. होता है इसके मध्यम आकार के टिंडे होते हैं जिनका औसतन भार 3.5 ग्राम प्रति टिंडा होता है इस किस्म की तेल की मात्रा बाकी सिफारिश की गई किस्मों से अधिक होती है यह किस्म 150-160 दिनों में परिपक्व हो जाती है Ganganagar Ageti: इसका औसतन कद 120-150 सैं.मी. होता है इसके गहरे हरे रंग के पत्ते और हल्के पीले रंग के फूल होते हैं इसके मध्यम आकार के टिंडे होते हैं जिनका औसतन भार 2.5 ग्राम प्रति टिंडा होता है यह किस्म 170-180 दिनों में परिपक्व हो जाती है Bikaneri Narma: इसका औसतन कद 160-200 सैं.मी. होता है इसके मध्यम आकार के टिंडे होते हैं जिनका औसतन भार 2.0 ग्राम प्रति टिंडा होता है यह किस्म 160-200 दिनों में परिपक्व हो जाती है Bioseed Bunty BG II: यह उच्च उपज वाली अमेरिकन बी टी कपास की किस्म है पौधे का कद 150-170 सैं.मी. होता है इसकी औसतन पैदावार 8.8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है RCH 650BG II: यह उच्च उपज वाली अमेरिकन बी टी कपास की किस्म है यह टिंडे की सुंडी और तंबाकू सुंडी के प्रतिरोधी किस्म है पौधे का कद 150-160 सैं.मी. होता है इसकी औसतन पैदावार 8.8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है MRCH - 6304 BG I: यह उच्च उपज वाली अमेरिकन बी टी कपास की किस्म है यह टिंडे की सुंडी और तंबाकू सुंडी के प्रतिरोधी किस्म है यह किस्म 165-170 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Bioseed 6588 BG-II: इसके पौधे का कद 150-175 सैं.मी. होता है यह टिंडे की सुंडी और तंबाकू सुंडी के प्रतिरोधी किस्म है इसकी औसतन पैदावार 10-11.2 क्विंटल प्रति एकड़ होती है जब टिंडे पूरी तरह खिल जायें तो रूई की चुगाई करें सूखे टिंडों की चुगाई करें, रूई सूखे हुए पत्तों के बिना ही चुगें खराब टिंडों को अलग से चुगें और बीज के तौर पर प्रयोग करने के लिए रखें पहली और आखिरी चुगाई आमतौर पर कम क्वालिटी की होती है, इसलिए इसे अच्छा लाभ लेने के लिए बाकी की फसल के साथ ना मिलाएं चुगे हुए टिंडे साफ और सूखे हुए होने चाहिए चुगाई ओस सूखने के बाद करें चुगाई हर 7-8 दिनों के बाद लगातार करें, ताकि रूई के धरती पर गिरने से पहुंचाने वाली नुकसान से बचाया जा सके अमेरिकन कपास को 15-20 दिनों और देसी कपास को 8-10 दिनों के फासले पर चुगें चुगे हुए टिंडों को मंडी ले जाने से पहले अच्छी तरह साफ करें फसल की अच्छी पैदावार और अच्छे अंकुरण के लिए ज़मीन को अच्छी तरह तैयार करना जरूरी होता है रबी की फसल को काटने के बाद तुरंत खेत को पानी लगाना चाहिए इसके बाद खेत की हल से अच्छी तरह जोताई करें और फिर सुहागा फेर दें ज़मीन को तीन वर्षों में एक बार गहराई तक जोतें, इससे सदाबहार नदीनों की रोकथाम में मदद मिलती है और इससे मिट्टी में पैदा होने वाले कीड़ों और बीमारियों को भी रोका जा सकता है बिजाई के लिए अप्रैल से मध्य मई का समय उपयुक्त होता है अमेरिकन कपास के लिए कतार से कतार का फासला 60 सैं.मी. और पौधे से पौधे का फासला 45 सैं.मी. रखें देसी कपास की किस्म के लिए कतार से कतार का फासला 45 सैं.मी. और पौधे से पौधे का फासल 30 सैं.मी. रखें बीजों के अंकुरन ना होने और नए पौधों के नष्ट होने के कारण कुछ फासले पड़ जाते हैं इन्हें भरने के लिए 2-3 पानी में भिगोये हुए बीजों या अंकुरन के बाद एक सेहतमंद नए पौधे को बोयें बिजाई के दो सप्ताह बाद कमज़ोर, बीमार, प्रभावित नए पौधों को निकालकर सेहतमंद नए पौधे की रोपाई करें बीजों को बोने के लिए 4-5 सैं.मी. की गहराई होनी चाहिए देसी कपास की बिजाई के लिए सीड ड्रिल का प्रयोग करें जब कि हाइब्रिड और बी टी कपास के लिए डिबलिंग ढंग का प्रयोग करें आयताकार रोपाई के मुकाबले वर्गाकार रोपाई ज्यादा लाभदायक होती है बीजों के अंकुरन ना होने और नए पौधों के नष्ट होने के कारण कुछ फासले पड़ जाते हैं इन्हें भरने के लिए 2-3 पानी में भिगोये हुए बीजों या अंकुरन के बाद एक सेहतमंद नए पौधे को बोयें बिजाई के दो सप्ताह बाद कमज़ोर, बीमार, प्रभावित नए पौधों को निकालकर सेहतमंद नए पौधे की रोपाई करें हाइब्रिड और बी टी कपास के लिए 1 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें, जब कि देसी किस्मों के लिए 3-5 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें पौधों में ज्यादा फासला होने के कारण फसल पर नदीनों का गंभीर हमला होता है अच्छी पैदावार के लिए फसल की बिजाई के बाद 50-60 दिनों तक फसल का नदीन रहित होना जरूरी है, नहीं तो फसल की पैदावार में 60-80 प्रतिशत कमी आ सकती है नदीनों की असरदार रोकथाम के लिए हाथों से, मशीनी और रासायनिक ढंगों के सुमेल का उपयोग होना जरूरी है बिजाई के 5-6 सप्ताह बाद या पहली सिंचाई करने से पहले हाथों से गोडाई करें बाकी गोडाई प्रत्येक सिंचाई के बाद करनी चाहिए कपास के खेतों के आस पास गाजर बूटी पैदा ना होने दें, क्योंकि इससे मिली बग के हमले का खतरा ज्यादा रहता है बिजाई के बाद नदीनों के पैदा होने से पहले ही पैंडीमैथालीन 25-33 मि.ली. प्रति 10 लीटर पानी की स्प्रे करें बिजाई के 6-8 सप्ताह बाद जब पौधों का कद 40-45 सैं.मी. हो तो पेराकुएट (ग्रामोक्सोन) 24 प्रतिशत डब्लयू एस सी 500 मि.ली. प्रति एकड़ या ग्लाइफोसेट 1 लीटर को 100 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीन नाशक 2, 4-डी से कपास की फसल काफी संवेदनशील होती है बेशक इस नदीननाश्क की स्प्रे नज़दीक के खेत में की जाए, तो भी इसके कण उड़ कर कपास की फसल को बहुत ज्यादा नुकसान पहंचा सकते हैं नदीन नाशक की स्प्रे सुबह या शाम के समय में ही करनी चाहिए खादें और सिंचाई के साधनों के सही उपयोग और अच्छी तरह से की जोताई से कीड़ों को पैदा होने से पहले ही रोका जा सकता है कीड़ों के कुदरती दुश्मनों की भी रक्षा की जा सकती है पौधे के उचित विकास और ज्यादा टिंडे वाली टहनियों की प्रफुल्लता के लिए, मुख्य टहनी के बढ़ रहे हिस्से को लगभग 5 फुट की ऊंचाई से काट दें देसी कपास की किस्मों क लिए नाइट्रोजन 20 किलो (यूरिया 44 किलो) और फासफोरस 10 किलो (एस एस पी 63 किलो) प्रति एकड़ में डालें हाइब्रिड कपास की किस्मों के लिए खादों की दोहरी मात्रा नाइट्रोजन 40 किलो और फासफोरस 20 किलो प्रति एकड़ में डालें मिट्टी की जांच के आधार पर पोटाश डालें फासफोरस की पूरी मात्रा और पोटाश यदि जरूरत हो तो और नाइट्रोजन की आधी मात्रा बिजाई से पहले आखिरी जोताई के समय डालें नाइट्रोजन की बाकी बची मात्रा फूल निकलने के समय डालें यदि मिट्टी में जिंक की कमी हो तो जिंक सल्फेट 10 किलो मिट्टी में बीज बोने से पहले डालें कपास की फसल को बारिश की तीव्रता के अनुसार चार से छः सिंचाई की जरूरत होती है पहली सिंचाई बिजाई के चार से छः सप्ताह बाद करें बाकी सिंचाइयां दो या तीन सप्ताह के फासले पर करें छोटे पौधों में पानी खड़ा ना होने दें फूल और टिंडे गिरने से बचाने के लिए, फूल निकलने और फूल लगने के समय फसल को पानी की कमी नहीं रहने देनी चाहिए जब टिंडे 33 प्रतिशत खिल जायें उस समय आखिरी सिंचाई करें और इसके बाद फसल को सिंचाई के द्वारा पानी ना दें जब भी फसल की सिंचाई के लिए खारे पानी का उपयोग किया जाये, तो सिंचाई करने से पहले पानी की जांच प्रमाणित लैबोरेटरी से करवाएं और उनकी सलाह के अनुसार ही पानी में जिप्सम या पाइराइट का उपयोग करें सूखे वाली स्थितियों में खालियां बनाकर और एक क्यारी छोड़कर सिंचाई करें सूक्ष्म सिंचाई सिस्टम अपनाएं (जहां भी संभव हो), इससे सिंचाई वाला पानी बचाने में सहायता होती है
Rajasthan
sir ab cotten Ka time nikal gya h ab aap gwar ya mung ki crop ly sekte h
Kisano ki ugane Vali fslo ka ktayi or ugayi ke mahine ?
(en)
Maharashtra
Divya ji kripya aap btaye ke aap konsi fasl ki jankari lena chahte hai ta ki aapko iske bar emen poori jankari di ja sake.dhanywad
RPS 76 EK ORGANIC PRODUCT H JO ITNA ORGANIC H KI ISKO PIYA B JAYE TB BHI KOI NUKSAAN NHI HOTA HAI, KYA AAP SBHI ISE EK BAAR USE KRENGE APNE KHETO ME, BEST RESULTS ?
(hn)
Punjab
kiran ji kripya iske label ki photo bhejen taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
ਇਹ ਕਿਸ ਕੰਮ ਆਉਂਦੀ ਆ ਇਸਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਿਵੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ?
(pb)
Punjab
SuperMax vich carbendazim 12%+Mancozeb 63% naam de chemical han jo fungus nu control karn lyi use hunde han.esda spray v krr skde ho g ja frr mitti vich mila ke chitta de skde ho g.eh khet di condition de hisab nal use kro..
ਨਾਖ ਦੀ ਕਾਂਟ-ਸਾਂਟ ਅਸੀ ਹੁਣ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਾ, ਟਹਿਣੀਆ ਬਹੁਤ ਉੱਚੀਆ ਹੋ ਗਈਆ ਹਨ ?
(en)
Punjab
ਨਾਸ਼ਪਾਤੀ ਦਾ ਫਲ ਖੁੰਘਿਆਂ ਉੱਪਰ ਲੱਗਦਾ ਹੈ ਜੋ ਲਗਾਤਾਰ ਲਗਭਗ 8 ਸਾਲ ਫਲ ਦਿੰਦੇ ਹਨ ਪੁਰਾਣੇ ਅਤੇ ਫਲ ਦਿੰਦੇ ਬੂਟਿਆਂ ਦੀਆਂ ਸੁੱਕੀਆਂ ਟਾਹਣੀਆਂ ਨੂੰ ਵੀ ਕੱਟ ਕੇ ਵਿਰਲਾ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਜੋ ਉੱਤੇ ਜ਼ਿਆਦਾ ਫਲ ਦੇਣ ਵਾਲੀਆਂ ਨਵੀਆਂ ਟਾਹਣੀਆਂ ਫੁੱਟ ਪੈਣ ਦਸੰਬਰ ਦੇ ਮਹੀਨੇ ਪੁਰਾਣੇ ਬੂਟਿਆਂ ਦੀਆਂ ਪ੍ਰਮੁੱਖ 3-4 ਟਾਹਣੀਆਂ ਨੂੰ, ਜੋ ਕਿ ਕਾਫੀ ਵਿੱਥ ਤੇ ਹੋਣ, 15 ਸੈਂਟੀਮੀਟਰ ਲੰਬਾਈ ਰੱਖ ਕੇ ਕੱਟ ਦਿਉ ਬਾਕੀ ਦੇ ਸਾਰੇ ਟਾਹਣੇ ਕੱਟ ਦਿਉ ਕੱਟੇ ਹੋਏ ਥਾਵਾਂ ਤੇ ਬੋਰਡੋ ਪੇਂਟ ਲਾ ਦਿਉ ਮਾਰਚ ਦੇ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਇਨ੍ਹਾਂ ਕੱਟੀਆਂ ਹੋਈਆਂ ਟਾਹਣੀਆਂ ਉੱਤੇ ਕਾਫ਼ੀ ਨਵੀਆਂ ਸ਼ਾਖਾਵਾਂ ਆ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ ਮਈ ਦੇ ਮਹੀਨੇ ਇਨ੍ਹਾਂ 3-4 ਟਾਹਣੀਆਂ ਉੱਤੇ 1-2 ਬਾਹਰ ਵੱਲ ਨੂੰ ਵੱਧ ਰਹੀਆਂ ਟਾਹਣੀਆਂ ਰੱਖ ਲਉ ਇਸ ਤਰ ੍ਹਾਂ ਹਰ ਬੂਟੇ ਤੇ ਕੁੱਲ 6-8 ਟਾਹਣੀਆਂ ਰਹਿ ਜਾਣਗੀਆਂ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਬੂਟੇ ਤੀਜੇ ਸਾਲ ਫਲ ਦੇਣ ਲੱਗ ਪੈਂਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਪੰਜਵੇਂ ਸਾਲ ਭਰਵਾਂ ਫਲ ਦਿੰਦੇ ਹਨ
Sir je pig farm de nede poultry farm bnaiye ta us da koi effect pau ik duje te ja nahi ?
(pb)
jaswant singh ji kirpa krke pig farm ate Poultry farm di video bnna ke behjo jiss vich ohna di duuri pta lgge ate ohh de rehn vare ptaa lgg skee, jiss nu dekh ke tuhanu sahi jankari di jaa skee.
Sir g proper heat ch le ke aune ly Pasha nu jaiphal de skde a ehe hun thik rahu garmi ch ja nahi me dietmin p mineral mixture b de Rhya a or totavet bolus b kinj rhyu g sir g totavet bolus b de skde a heat lai ?
(pb)
Punjab
tuci uss nu minerla mixture 50gm rojana dena suru kro ate TOtavet bolus v deo, iss nal heat vich aa jawegi, jekar heat vich nahi aunndi tan tuci dubara apna swal push skde ho. pehla tuci ehh treatment kr skde ho.
121 nu urea kine din bad payie . urea nal hor ki paeya ?
(pb)
Maharashtra
ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਯੂਰੀਆ @110 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਝੋਨਾ ਮੁੱਖ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਤੋਂ 18 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ ਡੀਏਪੀ ਪਾਉਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸਦੇ ਵਿੱਚ 27kg ਡੀਏਪੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਡੀਏਪੀ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ 20kg ਪੋਟਾਸ਼ ਪਾਉਣੀ ਹੈ, ਜੋ ਯੂਰੀਆ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਤਿੰਨ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡ ਕੇ 18-45 ਦਿਨਾ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਸਾਰੀ ਮਾਤਰਾ ਪਾ ਦਿਓ ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਜ਼ਿੰਕ ਪਾਉਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਪਹਿਲੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ ਜ਼ਿੰਕ ਮਿਲਾ ਕੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਦਿਓ ਇਹ ਜ਼ਿੰਕ 21% ਵਾਲੀ ਜਾਂ 33% ਵਾਲੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ 21% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 25 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ 33% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 16-17 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ
ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੇ ਘਰ ਅੰਦਰ ਮੱਖੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਵਾਸਤੇ ਕੀ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਾ ਦੇਸੀ ਤੇ ਰਸਾਇਣਿਕ ਦੋਨੋ ਤਰੀਕੇ ਦਸੋ ਜੀ ?
(pb)
Rajasthan
ਮੱਖੀਆਂ ਦੇ ਇਲਾਜ ਜੇਕਰ ਦੇਸੀ ਤਰੀਕਾ ਵਰਤਣਾ ਹੈ ਤਾਂ ਥੋੜੇ ਜੇ ਨਿੰਮ ਦੇ ਪੱਤੇ ਤੇ ਗਲੋਅ ਦੇ ਪੱਤੇ ਲਿਆੳ ਅੰਦਾਜਨ ਦੋਨੋ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ ਜਾਂ ਫਿਰ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਘੱਟ ਵੱਧ ਵੀ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਫਿਰ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਕੂਡੇ ਵਿੱਚ ਕੁੱਟ ਕੇ ਪੀਸ ਲੈਣਾ. ਪੀਸਦੇ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ ਥੋੜਾ ਜਿਹਾ ਪਾਣੀ ਵੀ ਪਾਉਦੇ ਰਹੋ, ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਜਦੋਂ ਪੀਸ ਲਏ ਤਾਂ ਪਾਣੀ ਨਿਚੋੜ ਲੈਣਾ ਤੇ ਪੱਤੇ ਸੁੱਟ ਦੇਣਾ ਨਿਚੋੜੇ ਹੋਏ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਥੋੜਾ ਜਿਹਾ ਅੰਦਾਜ਼ੇ ਨਾਲ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਮਿਕਸ ਕਰ ਲਵੋ ਉਸ ਮਿਕਸ ਕੀਤੇ ਮਿਸ਼ਰਣ ਨੂੰ ਕੱਪੜੇ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਸਾਰੇ ਸਰੀਰ ਤੇ ਮਲ ਦਿਓ ਜੀ.
Punjab
ਮੱਖੀਆਂ ਦੇ ਇਲਾਜ ਲਈ ਤੁਸੀ 2ml Butox ਨੂੰ 1 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਚਮੜੀ ਤੇ ਲਾਓ ਜੀ, ਇਸ ਨਾਲ ਮੱਖੀਆਂ ਤੋਂ ਆਰਾਮ ਮਿਲੇਗਾ. ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਜਖਮ ਵਾਲੀ ਜਗ੍ਹਾ ਤੇ ਪਹਿਲਾ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਲਗਾਓ ਜੀ ਫਿਰ ਇਸ ਦਵਾਈ ਨੂੰ ਲਗਾਓ ਜੀ.
ਮਾਰਕਫੈੱਡ ਖੁਰਾਕ ਵਿੱਚ ਕੀ ਕੀ ਪੈਦਾ ਹੈ ਜੀ ?
(pb)
ਮਾਰਕਫੈੱਡ ਫੀਡ ਵਿਚ ਛੋਲੇ, ਮੱਕੀ, ਕਣਕ, ਸਰੋਂ, ਵੜੇਮੇ ਦੀ ਖੱਲ, ਸੀਰਾ, ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਚਰ ਇਹ ਚੀਜਾਂ ਪਾਈਆਂ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹੈ
ਸਰ ਜੀ ਇਹ ਦਵਾਈਆਂ ਕਿਸ ਕੰਮ ਕਰਦੀ ਆ ਕਿਵੇਂ ਝੋਨੇ ਨੂੰ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੇ ਇਹ ਕਦੋ ਵਰਤੇ ਝੋਨੇ ਦੇ ਲਾਉਣ ਤੋ ਕਿੰਨੇ ਦਿਨਾਂ ਤੱਕ ਪਾਉਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ?
(pb)
Punjab
Ateroid :- ਇਸਦੇ ਵਿਚ Pyrazosulfuron Ethyl 10% WP ਨਾਮ ਦਾ ਸਾਲ੍ਟ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਝੋਨੇ ਵਿਚ ਸਵਾਕ ਵਰਗੇ ਘਾਹ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਕਰਦਾ ਹੈ ਇਸਦੀ ਮਾਤਰਾ 50 ਤੋਂ 60 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
ਗਾਂ ਦੇ ਸ਼ੋਜ ਦੁੱਧ ਸੰਘਣਾ ਆਉਂਦਾ ਹੈ ਦੁੱਧ ਘੱਟ ਆਉਂਦਾ ਹੈ, ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਟੀਕਿਆਂ ਬਾਰੇ ਦੱਸੋ ?
(pb)
ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਡਾਕਟਰ ਨੂੰ ਚੈੱਕ ਕਰਵਾਓ ਕਿਉਕਿ ਇਸ ਨੂੰ ਮੈਸਟਾਈਟਿਸ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਹੋ ਸਕਦੀ ਹੈ ਜਿਸਦਾ ਜਾਂਚ ਕਰਕੇ ਪਤਾ ਲਗ ਸਕਦਾ ਹੈ
Vermi compost kive buy kr skde ha g ?
(pb)
Punjab
Kuldeep ji Vermi Compost Lene ke lia aap karmjeet singh 9815736055 (shergill farm) nal samparak kar sakde ho.Thankyou.
pls contact me vermicompost lyi 9781256303
Sir ji highbrid sfede lai kehri khad pauni chahiye or kinne dina de bad pauni chahidi hai, podha 8-9 mahine da ho chuka aa, usdi groth jaldi hove usde lai ki krna chahida hai ?
(en)
Punjab
ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 3-5 ਮਹੀਨੇ ਬਾਅਦ ਨਵੇਂ ਪੌਦੇ ਮੁੱਖ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਨਵੇਂ ਪੌਦੇ ਟੋਇਆਂ ਵਿੱਚ ਮਾਨਸੂਨ ਦੇ ਸ਼ੁਰੂ ਵਿੱਚ ਲਗਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਬਿਜਾਈ ਸਮੇਂ ਨਿੰਮ ਦੇ ਤੱਤਾਂ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਫਾਸਫੇਟ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਅਤੇ ਵਰਮੀ-ਕੰਪੋਸਟ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਟੋਆ ਪਾਓ ਨਿੰਮ ਵਾਲੇ ਤੱਤ ਪੌਦਿਆਂ ਨੂੰ ਸਿਉਂਕ ਤੋਂ ਬਚਾਉਂਦੇ ਹਨ ਪਹਿਲੇ ਸਾਲ NPK ਦੀ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਮਾਤਰਾ ਪਾਓ ਦੂਜੇ ਸਾਲ 17:17:17@ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਪੌਦਾ ਪਾਓ ਹੱਥੀਂ ਗੋਡੀ ਵੀ ਕਰਦੇ ਰਹੋ ਅਤੇ ਨਦੀਨਾਂ ਦੇ ਹਮਲੇ ਨੂੰ ਚੈੱਕ ਕਰਦੇ ਰਹੋ
ਸਰ ਜੀ ਝੋਨੇ ਨੂੰ ਪਹਿਲੀ ਖਾਦ ਕਿੰਨੇ ਚਿਰ ਬਾਅਦ ਪਾਉਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ?
(pb)
Maharashtra
ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਯੂਰੀਆ @110 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਝੋਨਾ ਮੁੱਖ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਤੋਂ 18 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ ਡੀਏਪੀ ਪਾਉਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸਦੇ ਵਿੱਚ 27kg ਡੀਏਪੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਡੀਏਪੀ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ 20kg ਪੋਟਾਸ਼ ਪਾਉਣੀ ਹੈ, ਜੋ ਯੂਰੀਆ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਤਿੰਨ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡ ਕੇ 18-45 ਦਿਨਾ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਸਾਰੀ ਮਾਤਰਾ ਪਾ ਦਿਓ ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਜ਼ਿੰਕ ਪਾਉਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਪਹਿਲੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ ਜ਼ਿੰਕ ਮਿਲਾ ਕੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਦਿਓ ਇਹ ਜ਼ਿੰਕ 21% ਵਾਲੀ ਜਾਂ 33% ਵਾਲੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ 21% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 25 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ 33% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 16-17 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ
Maharashtra
ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਯੂਰੀਆ @110 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਝੋਨਾ ਮੁੱਖ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਤੋਂ 18 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ ਡੀਏਪੀ ਪਾਉਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸਦੇ ਵਿੱਚ 27kg ਡੀਏਪੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਡੀਏਪੀ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ 20kg ਪੋਟਾਸ਼ ਪਾਉਣੀ ਹੈ, ਜੋ ਯੂਰੀਆ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਤਿੰਨ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡ ਕੇ 18-45 ਦਿਨਾ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਸਾਰੀ ਮਾਤਰਾ ਪਾ ਦਿਓ ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਜ਼ਿੰਕ ਪਾਉਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਪਹਿਲੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ ਜ਼ਿੰਕ ਮਿਲਾ ਕੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਦਿਓ ਇਹ ਜ਼ਿੰਕ 21% ਵਾਲੀ ਜਾਂ 33% ਵਾਲੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ 21% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 25 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ 33% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 16-17 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ
Punjab
6 ਜਾਂ 7 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ
ਜੂਨ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਕਿਹੜੀਆਂ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਲਗਾਈਆ ਜਾ ਸਕਦੀਆਂ ਹਨ ?
(en)
Maharashtra
ਰਾਜਪਾਲ ਜੀ ਤੁਸੀ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਜਿਵੇ ਫੂਲਗੋਭੀ, ਖੀਰਾ, ਚੌਲੇ, ਕਰੇਲਾ, ਕੱਦੂ, ਤੋਰੀ, ਪੇਠਾ, ਭਿੰਡੀ, ਟਮਾਟਰ, ਪਿਆਜ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Rajasthan
Sir answers Hindi or English me bhi Diya kero
Thnku g
Sir jhone di growth nahi ho rahi 12 June nu laya c jhone de tanne kale ho gye ne ?
(pb)
Punjab
jagdev ji kirpa karke isdi photo bhejo ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
महोदय, मैं बकरी पालन व्यवसाय करना चाहता हूं, इसके बारे मे अधिक से अधिक जानकारी मुहैया करवाये ?
(hn)
Punjab
यदि आपने बकरी फार्म बनाना है तो बहुत बढ़िया सोच है आप बीटल नस्ल रखें यह दूध और मीट दोनों के लिए फायदेमंद है बाकि आप जैसे इस व्यवसायों में आएंगे उस हिसाब से आपके लिंक बनने शुरू हो जाएंगे और बाकि मार्केटिंग इस बात निर्भर है कि आपका लोगों के साथ लिंक कैसा है इसका दूध गाय के रेट के बराबर मिल जाता है और बाकि यदि फार्म हो तो बच्चे भी बेचे जाते है कुल मिलाकर यदि मोटा सा हिसाब लगाना है तो एक बकरी से लगभग 20000 तक कमाई हो जाती है बाकि यह भी सलाह है कि आप आपने नज़दीक kvk से ट्रेनिंग ज़रूर लें और सफल बकरी पालकों के फार्म ज़रूर देखें.वहां से आपको इस काम के बारे में जानकारी और इसे करने के तरीकों के बारे में भी पता लगेगा
Punjab
बकरी पालन में लोन लेने के लिए सबसे जरूरी है ट्रेनिंग सर्टीफिकेट अपने नज़दीक के कृषि विज्ञान केंद्र से ट्रेनिंग करने के बाद ट्रेनिंग के सर्टीफिकेट पर लोन एप्लाई होता है पर लोन मिलेगा या नहीं यह बैंक मेनेजर पर निर्भर करता है क्योंकि पहली बात यह है कि बैंक देखता है कि आपके अकाउंट में कितने पैसों का लेन देन हो रहा है और आपके पास ज़मीन गारंटी के तौर पर देने के लिए है या नहीं और अन्य भी कई बातें चैक करके लोन के लिए सहमत होता है बाकी कोशिश करें कि लोन के बिना अपने स्तर पर ही काम शुरू करें क्योंकि लोन की किश्त हर महीने भरनी पड़ेगी पर बकरियों से कमाई हर महीने नहीं होने होगी बाकी यदि कोशिश करके देखनी है तो अपने ट्रेनिंग सर्टीफिकेट से आप अपने जिले के पशु पालन विभाग अफसर को मिलें और उस पर प्रवानगी लेकर फिर बैंक से बात करके देखें इससे अपने एरिया के नाबार्ड डिपार्टमैंट के सी जी एम को भी लोन के लिए मिलें
I belongs to himachl & I m interested in teak farming. kindly advice or contact me ?
(en)
Punjab
For good growth, it required well drained, deep and fertile soil. pH of soil should be 6.5 or above. Growth of plant get affected when pH is less 6.5.Konni Teak, West African teak, Godhavari Teak, South and Central American Teak, Nilambur or Malabar Teak.Plough land for two three times and bring soil to fine tilth. Also level soil to avoid water stagnation in field. For seedling transplantation dig pits of 45 cm x 45 cm x 45 cm. Mixed well decomposed cow dung along with insecticides in each pit.Seeds are sown in nursery beds. Seedlings of 12-15 months are used for stumps preparation for planting. Clonal propagation done through grafting, rooted stem cutting and micro propagation. For planting use pre sprouted stumps. Monsoon is best season for teak plantation. Approximately 1500-1800 clones required for planting in one acre area.In August and September month of every year apply N:P:K (15:15:15)@50gm per plant for first three years. During first three years establishment, intense weeding is necessary to keep weed free. Carry out weeding operations on regular basis. In first year, take three weeding operation and in second year, carry out two weeding operations. Take one weeding operation in third year of plantation.
Thanks for your suggestion. Any agency to whom contact for teak sampling?
Dear Virender ji Thanks for your advice. i hv started with 50 plants for pilot project. sampling was rooted in month of July begnining & doing good. as suggested by u, N:P:K is any kind of fertilizer or what it is? i want to start this from this september.
Sir eh solo power jhone Ch ki kam krdi hai te eh kdo payi jave ?
(en)
Maharashtra
sukhi ji kirpa karke isdi poori photo bhejo ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Sir eh solo power jhone Ch ki kam krdi a te eh kdo payi jave reply thnx ?
(en)
Maharashtra
sukhi ji kirpa karke isdi poori photo bhejo ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Sir mere kol majh hai kal sui hai usnu mai khud teyar krvake feed dena chahunda ha ki dhudh vagera vadia hove ki-ki payea jave feed vich ?
(en)
Punjab
ਉਸ ਨੂੰ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ, 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁਲਕੰਦ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸੌੰਫ, 100ਗ੍ਰਾਮ ਸੁਕੇ ਆਵਲੇ ਤੇ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਅਜਵਾਇਨ ਉਬਾਲ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ 5-7 ਦਿਨ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ Anabolite liquid 100-100ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ, Milkout powder 2-2 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦੇਣੇ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਦੁੱਧ ਵੱਧ ਜਾਵੇਗਾ ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ 100 ਕਿਲੋ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ (ਸਰਦੀਆਂ) , ਕਣਕ, ਜੌਂ ( ਗਰਮੀਆ) ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ ( ਕੇਵਲ ਸਰਦੀਆਂ ਲਈ), ਮਸੁਰ ਚੂਰੀ, ਅਰਹਰ, (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ), DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ), ਫਾਈਬਰ ਛਿਲਕਾ 15 ਕਿਲੋ (ਕਣਕ, ਚੌਕਰ, ਚਨਾ ਛਿਲਕਾ, ਮਟਰ ਛਿਲਕਾ, ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ), ਖਲ਼ 14 ਕਿਲੋ(ਸਰੋਂ, ਬਿਨੌਲਾ ਜਾਂ ਸੋਇਆ (ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ), ਮਿੱਠਾ ਸੋਡਾ 250 ਗ੍ਰਾਮ, 1 ਕਿਲੋ ਨਮਕ, ਗੁੜ 1 ਕਿਲੋ, 1 ਕਿੱਲੋ ਹਲਦੀ (ਸਰਦੀਆ ਵਿੱਚ ), 1 ਕਿਲੋ ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਰ ਇਹ ਨੂੰ ਰਲਾ ਲਵੋ ਇਹ ਫੀਡ ਪਸ਼ੂ ਲਈ ਬਹੁਤ ਲਾਹੇਵੰਦ ਹੁੰਦੀ ਹੈ.
Makki Da ki rate Hai ?
(pb)
Punjab
Nirmal Singh ji Makki da 2018-19 da ghat to ghat smarthan mul (MSP) Rs. 1700 hai. Makki da vadia rate len lai tusi Jatinder Singh 8557000019 (Boparai Trading Co.) nal samparak kar sakde ho. Thankyou.
https://youtu.be/vuu7glBRp3w किसान भाई इस लिंक से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में नये दिशानिर्देश जारी हुवे है । इस प्रकार के खेती बाड़ी से सम्बंदित पोस्ट के लिए यूट्यूब चैनल agriup2date to सब्सक्राइब करें ?
(hn)
Punjab
ईश्वर जी किसानो के साथ जानकारी साँझा करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद
Haryana
ये हमारा सौभग्य है कि हम उसकी सेवा कर रहे है जो हमेशा यही कहता है कि चलो कोई बात नही परमात्मा अगली साल ज्यादा देगा, किन्तु उसके पीछे उस बात का कोई होर ही फायदा उठे रहे है उनका ये साथी कब एक होंगे अपने अधिकारों के लिए
PR 126 rice ki fasal nu kinni khurak chahidi hai ?
(pb)
Maharashtra
ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਯੂਰੀਆ @110 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਝੋਨਾ ਮੁੱਖ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਤੋਂ 18 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ ਡੀਏਪੀ ਪਾਉਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸਦੇ ਵਿੱਚ 27kg ਡੀਏਪੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਡੀਏਪੀ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ 20kg ਪੋਟਾਸ਼ ਪਾਉਣੀ ਹੈ, ਜੋ ਯੂਰੀਆ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਤਿੰਨ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡ ਕੇ 18-45 ਦਿਨਾ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਸਾਰੀ ਮਾਤਰਾ ਪਾ ਦਿਓ ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਜ਼ਿੰਕ ਪਾਉਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਪਹਿਲੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ ਜ਼ਿੰਕ ਮਿਲਾ ਕੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਦਿਓ ਇਹ ਜ਼ਿੰਕ 21% ਵਾਲੀ ਜਾਂ 33% ਵਾਲੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ 21% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 25 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ 33% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 16-17 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ
Sir g jhone vich 33 percent kina te kine Dina tak pa sakde ag plz reply ?
(pb)
Punjab
ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਜ਼ਿੰਕ ਪਾਉਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਪਹਿਲੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ ਜ਼ਿੰਕ ਮਿਲਾ ਕੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਦਿਓ ਇਹ ਜ਼ਿੰਕ 21% ਵਾਲੀ ਜਾਂ 33% ਵਾਲੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ 21% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 25 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ 33% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 16-17 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ
ਛੱਤ ਤੇ ਸਬਜੀਆਂ ਉਗਾਉਣ ਦਾ ਖਰਚ ਕਿਨ੍ਹਾਂ ਹੈ ?
(pb)
Maharashtra
ਸ਼ਰਨਜੀਤ ਜੀ ਛੱਤ ਤੇ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਉਗਾਉਣ ਦੇ ਲਈ ਜਿਹੜਾ ਫਰੇਮ ਵਰਤਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤਾ ਉਸਦਾ ਖਰਚਾ 35000 ਤਕ ਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Sir ji bakri palan Ke liye konsi nasal acchi rehegi jis se accha munafa ho ske ji ?
(hn)
Punjab
Robin ji bakri palan ke liye aap Beetal nasal rakh skte hai yeh nasal dudh aur meat dono ke liye thik hai jisse aap acha munafa kama skte hai.
Uttar Pradesh
milk/meat
Rajasthan
dono ji
Can u give me details of chandan plantation ?
(en)
Punjab
For sandalwood farming, Land should be prepared in April-May month. 5-6 ploughing are required to bring the soil to fine tilth. Sowing should be done in May-October month. But the best time for sowing is in July-August month. Use plant to plant distance of 3m. In May month, pits are dug at the distance of 4m X 4m at the dimensions of 30 X 30 X 30m. Remain pits as such for one week. After that pits are filled with cow dung, urea@100gm, SSP@300gm and Thimet@20gm. In first year urea@50gm/tree, SSP@100gm/tree and MOP@40gm/tree is added and then the dose is increased every year. In 10th year urea@500gm/tree, SSP@1000gm/tree and MOP@400gm/tree is added. Dose is added in two equal splits, one is added in March-April month and second is added in September-October month. Harvesting should be done after 20 years of planting. More yield is obtained when harvesting is done in 30-60 years.
I want details of chandan plantation.. Can u plz provide me d same ?
(en)
Punjab
For sandalwood farming, Land should be prepared in April-May month. 5-6 ploughing are required to bring the soil to fine tilth. Sowing should be done in May-October month. But the best time for sowing is in July-August month. Use plant to plant distance of 3m. In May month, pits are dug at the distance of 4m X 4m at the dimensions of 30 X 30 X 30m. Remain pits as such for one week. After that pits are filled with cow dung, urea@100gm, SSP@300gm and Thimet@20gm. In first year urea@50gm/tree, SSP@100gm/tree and MOP@40gm/tree is added and then the dose is increased every year. In 10th year urea@500gm/tree, SSP@1000gm/tree and MOP@400gm/tree is added. Dose is added in two equal splits, one is added in March-April month and second is added in September-October month. Harvesting should be done after 20 years of planting. More yield is obtained when harvesting is done in 30-60 years.