Maharashtra
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mujhe sirf kharpatvar ke bare me jankari btao ya koi app btao ?
(hn)
ritik ji kripya btaye ke aap konse karpatvar ke bare men jankari lena chahte hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
सर मुझे केसर की खेती करनी है, उसके सही बीज व बोआई का प्रयुक्त समय बताए ?
(hn)
Punjab
असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही हो सकता है, यह कुसुम है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं है तो तो आप अमृतपाल सिंह बराड़ प्रोफेसर, पीएयू लुधियाना इस वीडियो संबंधी विचार पड़ सकते हैं, यह फसल केसर की नहीं है, यह फसल कसुंबडे की है, इसे अंग्रेजी में Safflower कहते है, और विज्ञानं में इसे Carthamus tinctorius कहते है
Rajasthan
इसके बिज कहा पर मिलेगे व क्या भाव मिलेगे
ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਣ ?
(pb)
Rajasthan
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਣ ਦੇ ਕੰਮ ਵਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਪਸ਼ੂਆਂ ਲਈ ਸ਼ੈੱਡ ਲਈ ਫਰਵਰੀ ਤੋਂ ਮਾਰਚ ਤੱਕ ਸਹੀ ਸਮਾਂ ਹੈ ਸੈੱਡ ਹਮੇਸ਼ਾ ਪੂਰਬ-ਪੱਛਮ ਵੱਲ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਖੇਤ ਜਾਂ ਆਲੇ ਦੁਆਲੇ ਨਾਲੋ 2 ਫੁੱਟ ਉੱਚਾ ਬਣਾਓ ਕਿਉਕਿ ਨੀਵੀ ਥਾਂ ਤੇ ਪਾਣੀ ਖੜ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਗੰਦਗੀ ਪੈਦਾ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੇ ਬਾਕੀ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦਾ ਮਲ-ਮੂਤਰ ਦਾ ਨਿਕਾਸ ਵੀ ਅਸਾਨੀ ਨਾਲ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤੁਸੀ ਇਹ ਸ਼ੈੱਡ 70x26 ਦਾ ਬਣਾ ਲਓ ਸ਼ੈਡ ਦੇ ਦੋਨਾ ਸਾਈਡ ਤੇ 10-10 ਪਸ਼ੂ ਬੰਨ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਸ਼ੈਡ ਦੋਨਾ ਖੁਰਲੀਆਂ ਤੋਂ ਅੱਧਾ ਫੁੱਟ ਨੀਵਾ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਵਿਚਕਾਰ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਨਾਲੀ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਸ ਨਾਲ ਮਲਮੂਤਰ ਦਾ ਨਿਕਾਸ ਵਧੀਆ ਹੋਵੇ ਤੁਸੀ ਇੱਕੋ ਵਾਰ ਇਕੱਠੀਆਂ ਗਾਵਾਂ ਨਾ ਖਰੀਦੋ,ਗਾਵਾਂ ਨੂੰ 2 -2 ਮਹੀਨਿਆ ਤੇ ਵਕਫੇ ਤੇ ਖਰੀਦੋ ਜਾਂ ਫਿਰ 3 ਪਹਿਲਾਂ ਖਰੀਦ ਲਓ ਤੇ 3 ਮਹੀਨੇ ਬਾਅਦ ਫਿਰ ਖਰੀਦ ਲਵੋ ਇਸ ਨਾਲ ਦੁੱਧ ਦੀ ਕਮੀ ਨਹੀਂ ਆਵੇਗੀ ਪਸ਼ੂ ਦੀ ਨਸਲ ਸਭ ਤੋਂ ਜਿਆਦਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਪਸ਼ੂ ਖਰੀਦਣ ਵੇਲੇ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰੋ ਕਿ ਤਿੰਨ ਡੰਗ ਦੀ ਚੁਆਈ ਕਰਕੇ ਹੀ ਪਸ਼ੂ ਖਰੀਦੋ ਮੱਝਾਂ ਦਾ ਇੱਕ ਦਿਨ ਦਾ ਦੁੱਧ 12 ਲੀਟਰ ਅਤੇ ਗਾਵਾਂ ਦਾ ਦੁੱਧ 16-17 ਲੀਟਰ ਤੋਂ ਘੱਟ ਨਾ ਹੋਵੇ ਲਵੇਰੀਆਂ ਨੂੰ ਖਰੀਦਣ ਦਾ ਸਹੀ ਸਮਾਂ ਰੱਖੜੀਆਂ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਵਿਸਾਖੀ ਤੱਕ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਕਿਉਕਿ ਇਸ ਸਮੇਂ ਮੌਸਮ ਸੁਖਾਵਾਂ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਵੀ ਖੁੱਲਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ.ਡੇਅਰੀ ਫਾਰਮਿੰਗ ਲਈ ਲੋਨ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਕੰਮਾਂ ਲਈ ਮਿਲਦਾ ਹੈ ਜਿਵੇਂ ਸ਼ੈੱਡ ਲਈ ,ਪਸ਼ੂਆਂ ਲਈ, ਡੇਅਰੀ ਮਸ਼ੀਨਰੀ ਲਈ ਲੋਨ ਲੈਣ ਦੇ ਲਈ ਤੁਹਾਡੇ ਕੋਲ ਡੇਅਰੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਾ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਲੋਨ ਲੈਣ ਸਬੰਧੀ ਅਰਜੀ ਨੇੜੇ ਦੇ ਡਿਪਟੀ ਡਾਇਰੈਕਟਰ ਡੇਅਰੀ ਨੂੰ ਮਿਲ ਕੇ ਦੇਵੋ ਇਸ ਦੇ ਲੋਨ ਤੇ 25% ਸਬਸਿਡੀ ਜਨਰਲ ਕੈਟਾਗਰੀ ਲਈ ਹੈ ਤੇ 33% ਅਨੂਸੂਚਿਤ ਜਾਤੀਆ ਲਈ ਹੈ ਬਾਕੀ ਵਿਆਜ ਜੋ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਬੈੱਕ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਉਸ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਹੀ ਲੱਗਦਾ ਹੈ ਸਭ ਤੋਂ ਵਧੀਆ ਤਰੀਕਾ ਇਹੀ ਹੈ ਕਿ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਨੇੜੈ ਦੇ ਡੇਅਰੀ ਡਿਵੈਲਪੈਟ ਆਫਿਸਰ ਨੂੰ ਮਿਲੋ ਉਹ ਤੁਹਾਨੂੰ ਫਾਈਲ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇਣਗੇ ਹਰ ਜ਼ਿਲੇ ਵਿੱਚ ਡਿਪਟੀ ਡਾਇਰੈਕਟਰ ਡੇਅਰੀ (PDDB) ਦਾ ਦਫਤਰ ਬਣਿਆ ਹੋਇਆ ਹੈ.
ਤੁਸੀ ਆਪਣਾ ਸਵਾਲ ਪੁਰੀ ਤਰਾ ਲਿਖੋ
अगस्त सितंबर में लगने वाली सब्जियां ?
(hn)
Punjab
सिकंदर जी आप अगस्त में सब्जियां जैसे गाजर, शलगम, फूलगोभी, बीन, टमाटर, काली सरसों के बीज, पालक, धनिया, ब्रसल्स स्प्राउट, चौलाई की बिजाई कर सकते है धन्यवाद
sir ji 10 maga li maki da char li kana khat di lor hovgi hor ki gal di lor v ji
(pb)
सर हमारे 30 बिगा में मुगफली की फसल है उसमें से 3.4 बिगा में मुगफली पीली व जङों में घाटे नहीं बन रही है ?
(hn)
Punjab
Sarwan g moongfali mein NPK 19.19.19 @1 kg per acre ka spray kr skte ho g..
is time kon - kon se krishi yantaron pe subsidy mil rahi h ?
(hn)
ਜਵਾਬ ਦਿਉ ਜੀ ?
(pb)
Punjab
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ PR 126 ਕਿਸਮ ਵਿੱਚ ਝੰਡਾ ਰੋਗ ਨਹੀਂ ਆਉਂਦਾ ਹੈ ਜੀ।ਇਹ ਬਿਮਾਰੀ ਬਾਸਮਤੀ ਵਿੱਚ ਆਉਂਦੀ ਹੈ ਜੀ।ਤੁਸੀਂ ਇਸ ਵਿੱਚ ਇਹ ਫਫੂੰਦਨਾਸ਼ਕ ਦਾ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ ਜਿਸ ਨਾਲ ਜੜ ਸਾਫ ਹੋ ਜਾਵੇਗੀ।
Punjab
ok sir tqs
Punjab
Sir Vam-Hd useful rhu k❓❓❓
sir ji sade ghre anaar da buta lgyaa hoya hai, anaar is trah ho janda, isda ilaaj dso ji te eh keo ho janda hai ?
(pb)
Rajasthan
is fasal men kuch nahi hoga, agli bar jab fool aye tab fungicide spray karna
ਸਰ ਪਦਾਨ ਦੀ ਸਪਰੇਹ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਜਾ ਪੱਤਾ ਲਪੇਟ ਵਾਸਤੇ ਿਕਹੜੀ ਦਵਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ ?
(en)
Punjab
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਗੋਭ ਦੀ ਸੁੰਡੀ ਅਤੇ ਪੱਤਾ ਲਪੇਟ ਸੁੰਡੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਫੇਮ @30 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਜਾਂ ਕੋਰਾਜਨ @60 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਜਾਂ ਅਦਾਮਾ ਦਾ ਬਾਰਾਜਾਈਡ @400 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ 120 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ।
sir mujhe ek desi murgi Palni hai murgi ke chuze kha milenge, help me ?
(hn)
Punjab
Bhagwan singh ji desi Chuje lene ke liye aap Man Singh 9649050050 Shree Karni group se samparak kar sakte hai. Thank you.
ulala te proclaim dwai narme upar kri c subah 5-6 bje .....par 12 bje meeeh a gya...dwai asar KR gyi hou k nhiresult kinne din rhu ?
(pb)
Punjab
Gopi g jekar thodi bhut barish hoyi hai tn tuhanu esss spray da asar tn mil javega bt result ghat din da ho skda hai g..
सर टमाटर मे अधिक फल और फ्लावर लाने के लिए, किस फर्टिलाइजर का उपयोग करना चाहिए ?
(hn)
अंकित जी आप इसके ऊपर NPK 191919 @1 किलो को 150 लीटर पानी में मिला कर स्प्रे करें धन्यवाद
Tomato ki kheti ke bare mein bataiye ?
(hn)
Maharashtra
इस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मिट्टी में भी उगने योग्य फसल है ज्यादा तेजाबी मिट्टी में खेती ना करें अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी लाभदायक है, जबकि अच्छी पैदावार के लिए चिकनी, दोमट और बारीक रेत वाली मिट्टी बहुत अच्छी है प्रसिद्ध किस्में :- Pusa Rubi,Pusa Early Dwarf,Punjab Chhuhara,Pusa 120,Roma Selection 120 टमाटर के बीजों को पहले नर्सरी में बोया जाता है और फिर हन्हें मुख्य खेत में रोपित किया जाता है मुख्य खेत की तैयार के लिए अच्छी जोताई और समतल मिट्टी की जरूरत होती है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए 4-5 बार जोताई करें फिर मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें आखिरी जोताई के समय गाय का गला हुआ गोबर 60 किलो को मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें रोपाई के लिए 80-90 सैं.मी. चौड़े बैड तैयार करें बिजाई से एक महीना पहले मिट्टी को धूप में खुला छोड़ दें आवश्यक लंबाई और 80-90 सैं.मी. की चौड़ाई वाले बैडों पर टमाटर के बीजों को बोयें बिजाई के बाद बैडों को प्लास्टिक शीट से ढक दें और फूलों को पानी देने वाले डब्बे से रोज़ सुबह बैडों की सिंचाई करें रोगाणुओं के हमले से फसल को बचाने के लिए नर्सरी वाले बैडों को अच्छे नाइलोन के जाल से ढक दें पनीरी लगाने के 10-15 दिन बाद 19:19:19 के साथ सूक्ष्म तत्वों की 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें पौधों को तंदरूस्त और मजबूत बनाने के लिए बिजाई के 20 दिन बाद लीहोसिन 1 मि.ली. प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें प्रभावित पौधों को खेत में से उखाड़ दें ताकि पौधों का फासला सही रखा जा सके और निरोग पौधों को रोगाणुओं से भी बचाया जा सके रोगाणुओं से बचाव के लिए मिट्टी में नमी बनाये रखें यदि सूखा दिखे तो पौधों को रोपाई से पहले मैटालैक्सिल 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी में 2-3 बार भिगोयें बिजाई से 25-30 दिन बाद पनीरी वाले पौधे तैयार हो जाते हैं और इनके 3-4 पत्ते निकल आते हैं यदि पौधों की आयु 30 दिन से ज्यादा हो तो इसके उपचार के बाद इसे खेत में लगायें पनीरी उखाड़ने के 24 घंटे पहले बैडों को पानी लगायें ताकि पौधे आसानी से उखाड़े जा सकें बसंत के मौसम के लिए नर्सरी नवंबर-दिसंबर में तैयार करें जबकि सर्दियों में KE मौसम में सितंबर-अक्तूबर महीने में नर्सरी में बीजों को बोयें किस्म और विकास के ढंग मुताबिक 60x30 सैं.मी. या 75x60 सैं.मी. या 75x75 सैं.मी. का फासला रखें में छोटे कद वाली किस्म के लिए 75x30 सैं.मी. का फासला रखें और वर्षा वाले मौसम के लिए 120-150x30 सैं.मी. का फासला रखें नर्सरी में बीजों को 0-5 सैं.मी. गहराई में बोयें और मिट्टी से ढक दें पनीरी को उखाड़कर खेत में लगा दें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 100-160 ग्राम बीज नए पौधे तैयार करने के लिए प्रयोग किए जाते हैं हाइब्रिड किस्मों के लिए 80-100 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन 40-60 किलो (90-130 किलो यूरिया), फासफोरस 25 किलो (155 किलो एस एस पी) और पोटाश 25 किलो (42 किलो एम ओ पी) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें नए पौधों की रोपाई के 2-3 सप्ताह पहले फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर रोपाई 30 और 50 दिनों के बाद डालें लगातार गोडाई करें और जड़ों को मिट्टी लगाएं 45 दिनों तक खेत को नदीन रहित रखें यदि नदीन नियंत्रण से बाहर हो जायें तो यह 70-90 प्रतिशत पैदावार कम कर देंगे रोपाई से पहले मुख्य खेत में पैंडीमैथालीन 0.4 किलो को प्रति एकड़ में लगाएं यदि नदीनों की संख्या ज्यादा हो तो नदीनों के अंकुरण के बाद सैंकर 0.2 किलो की प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों को रोकने के साथ साथ मिट्टी के तापमान को कम करने के लिए मलचिंग भी प्रभावी तरीका है रोपाई के बाद दो से तीन दिन हल्की सिंचाई करें मिट्टी में नमी के आधार पर सर्दियों में 12 से 15 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें और गर्मियों में 6-7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें फूल निकलने की अवस्था सिंचाई के लिए गंभीर होती हैं इस अवस्था में पानी की कमी से फूलों का गिरना बढ़ता है और फलों और उत्पादकता पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है बहुत सारी जांचों के मुताबिक यह पता चला है कि हर पखवाड़े में आधा इंच सिंचाई करने से जड़ें ज्यादा फैलती हैं और इससे पैदावार भी अधिक हो जाती है अत्याधिक सिंचाई ना करें पनीरी लगाने के 70 दिन बाद पौधे फल देना शुरू कर देते हैं कटाई का समय इस बात पर निर्भर करता है कि फलों को दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाना है या ताजे फलों को मंडी में ही बेचना है आदि पके हरे टमाटर जिनका 1/4 भाग गुलाबी रंग का हो, लंबी दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाने के लिए प्रयोग किए जाते हैं ज्यादातर सारे फल गुलाबी या लाल रंग में बदल जाते हैं, पर सख्त गुद्दे वाले टमाटरों को नज़दीक की मंडी में बेचा जा सकता है अन्य उत्पाद बनाने और बीज तैयार करने के लिए पूरी तरह पके और नर्म गुद्दे वाले टमाटरों का प्रयोग किया जाता है कटाई के बाद आकार के आधार पर टमाटरों को छांट लिया जाता है इसके बाद टमाटरों को बांस की टोकरियों या लकड़ी के बक्सों में पैक कर लिया जाता है लंबी दूरी पर लिजाने के लिए टमाटरों को पहले ठंडा रखें ताकि इनके खराब होने की संभावना कम हो जाये पूरी तरह पके टमाटरों से जूस, सीरप और कैचअप आदि उत्पाद भी तैयार किए जाते हैं
ਸਰ ਜੀ ਮੇਰੇ ਸਵਾਲ ਦਾ ਜਵਾਬ ਨਹੀਂ ਆਇਆ, ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਜਲਦੀ ਜਵਾਬ ਦਿਓ ?
(pb)
Punjab
Iqbal ji tuhade sare swala de jwab dite gye hai tuci app vich apne swala de jwab dekh skde ho.
ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੰਬਰ 9779977641 ਤੇ ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ ਜੀ
sir jhone vich tidde ton and sundi ton bachan layi kehdi spray kriye ?
(pb)
Punjab
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਗੋਭ ਦੀ ਸੁੰਡੀ ਅਤੇ ਪੱਤਾ ਲਪੇਟ ਸੁੰਡੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਫੇਮ @30 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਜਾਂ ਕੋਰਾਜਨ @60 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਜਾਂ ਅਦਾਮਾ ਦਾ ਬਾਰਾਜਾਈਡ @400 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ 120 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ।
धान मे सरसो की खली डाली जा सकती है ?
(hn)
Punjab
धान में सरसों की खल बहुत ही लाभकारी है यह एक ऐसा जैविक तरीका है जिसके साथ आप धान की पैदावार में वृद्धि कर सकते हैं धान के पौधे की फोट करवाने के लिए इसके परिणाम बहुत ही बढ़िया हैं इसमें 6 मुख्य तत्व हैं जिसमें मुख्य तौर पर नाइट्रोजन, पोटाश और फासफोरस के साथ साथ सल्फर जिंक और बोरोन भी पाये जाते हैं सरसों की खल धान में प्रयोग करने के लिए दो तरीके हैं पहला तरीका है कि इसे ड्रम में भिगो लें और 5—6 दिन लगातार इसे हिलाते रहें और इस घोल को पानी देने वाले दिन खेत में डाल दें दूसरा तरीका यह है कि इसे बारीक कूटकर इसका छींटा ज़मीन में दे सकते हैं इसे प्रयोग करने का सही समय जब धान 15—20 दिनों का हो क्योंकि इस समय जड़ों का सबसे अधिक विकास होता है इसकी मात्रा एक एकड़ में सिर्फ 16 किलो का प्रयोग कर सकते हैं रेते वाले और बारानी ज़मीन में हम 20 किलो प्रयोग कर सकते हैं
ईश्वर वास्कले ?
(hn)
Punjab
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके
सर जी शिमला मिर्च में यह रोग आ रहा है कृपया इसका इलाज बताएं ?
(hn)
Maharashtra
कृष्ण जी यह मचार के हमले के कारण हो रहा है इसकी रोकथाम के लिए आप imidacloprid @1.5 ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
ਪਸ਼ੂਅਾਂ ਲੲੀ ਹਾਰਾ ਚਾਰੇ ਵਾਲੀ ਮੱਕੀ ਕਿਹੜੀ ਕਿਸਮ ਦੀ ਵਧੀਅਾਂ ਤੇ ਹੁਣ ਲੱਗ ਜਾਣ ਵਾਲੀ ਕਿਹੜੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ?
(pb)
Punjab
ਜੱਸਾ ਜੀ ਤੁਸੀ ਚਾਰੇ ਵਾਲੀ ਮੱਕੀ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿਵੇ J1006 ਜਾ African tall ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
ਸਰ ਝੋਨੇ ਨੂੰ ਹਲਦੀ ਰੋਗ ਤੋ ਬਚਾਉਣ ਲਈ ਕਿਸ ਉੱਲੀ ਨਾਸਕ ਦਾ ਸਪਰੇ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ ਇਸ ਬਾਰੇ ਵਿਸਥਾਰ ਪੂਰਵਕ ਜਾਣਕਰੀ ਦਿਉ ?
(pb)
Punjab
Baljeet Singh ji iss da hamla ikk dum ho janda hai. iss di roktham de lyi tuc tilt@200ml ja bumper@200ml ja oswal di gillete@200ml nu 150ltr pani de nal mila ke prati acre de hisaab nal spray kro. Thankyou.
ਮਿਰਚਾਂ ਦੇ ਬੂਟੇ ਸੁੱਕ ਰਹੇ ਹਨ, ਕਿ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ?
(pb)
Punjab
ਹਰਗੋਪਾਲ ਜੀ ਇਸਦੀਆਂ ਜੜਾਂ ਵਿਚ ਸਿਉਂਕ ਚੈੱਕ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਮੌਜੂਦ ਹੈ ਤਾ ਤੁਸੀ chlorpyriphos @4 ml ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
ਅਮਰੂਦਾਂ ਨੂੰ ਸੁੰਡੀਆ ਪਈਆ ਆ, ਕਿਹੜੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੀਏ ਟਰੇਪ ਵੀ ਲਗਾਏ ਸੀ ਵੀਰ ਜੀ ਪਰ ਕੋਈ - ਕੋਈ ਅਮਰੂਦ ਖਰਾਬ ਹੋਣ ਲਗ ਪਿਆ ਜੀ ?
(en)
Punjab
ਗਗਨਦੀਪ ਜੀ ਇਹ ਫ਼ਲ ਦੀ ਮੱਖੀ ਦੇ ਕਾਰਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਅਮਰੂਦ ਦੇ ਬੂਟੇ ਨੂੰ ਲੱਗਣ ਵਾਲਾ ਖਤਰਨਾਕ ਕੀੜਾ ਹੈ ਮਾਦਾ ਮੱਖੀ ਨਵੇਂ ਲੱਗਣ ਵਾਲੇ ਫਲਾਂ ਦੇ ਅੰਦਰਲੇ ਪਾਸੇ ਅੰਡੇ ਦੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਬਾਅਦ ਵਿਚ ਇਹ ਕੀੜੇ ਇਸ ਦਾ ਗੁੱਦਾ ਖਾਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੰਦੇ ਹਨ ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਫ਼ਲ ਗਲ ਕੇ ਡਿੱਗ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਫ਼ਲ ਉਤੇ ਮੱਖੀ ਦਾ ਹਮਲਾ ਪਹਿਲਾਂ ਵੀ ਹੁੰਦਾ ਰਿਹਾ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਬਰਸਾਤੀ ਮੌਸਮ ਵਿਚ ਬੂਟਿਆਂ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਨਹੀਂ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਫ਼ਸਲ ਦੀ ਤੁੜਾਈ ਸਹੀ ਸਮੇਂ ਕਰ ਲੈਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਤੁੜਾਈ ਵਿਚ ਦੇਰੀ ਨਹੀਂ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਤੋਂ ਪੀੜਤ ਟਾਹਣੀਆਂ ਅਤੇ ਫ਼ਲਾਂ ਨੂੰ ਤੋੜ ਕੇ ਖੇਤ ਵਿਚੋਂ ਬਾਹਰ ਸੁੱਟ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਫ਼ਲਾਂ ਦੇ ਪੱਕਣ ਵੇਲੇ 80 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਫੈਨਵਾਲਰੇਟ ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਘੋਲ ਕੇ ਹਫ਼ਤੇ ਦੇ ਵਕਫ਼ੇ ਬਾਅਦ ਬੂਟਿਆਂ ਉਤੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਫੈਨਵਾਲਰੇਟ ਦੇ ਛਿੜਕਾਅ ਤੋਂ ਤੀਸਰੇ ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਫ਼ਲਾਂ ਦੀ ਤੁੜਾਈ ਕਰ ਲੈਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ
sir g 1509 jhona lena hai, halle koi late ta nhi je ha ta fir vich ki paya jawe ta jo jhad sahi nikle ?
(en)
Punjab
rakesh ji university august vich basmati di bijai sifarish nahi kardi hai jekar hun tuc basmati di bijai karde ho ta isde jhaad uper asar payega.dhanwad
तुर्रा रोग ?
(hn)
Punjab
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके
ਚਾਰੇ ਲਈ ਵਧੀਆ ਮੱਕੀ ਦਾ ਬੀਜ ਕਿਹੜਾ ਹੈ ਜੀ ਜਿਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅਗਸਤ ਮਹੀਨੇ ਵਿਚ ਕਰ ਸਕੀਏ ?
(pb)
Punjab
ਗਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਜੀ ਤੁਸੀ ਚਾਰੇ ਵਾਲੀ ਮੱਕੀ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿਵੇ J1006 ਜਾ African tall ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Lakshmi 207 bijo bhut vadiya makki a chare layi koi bimari ni aundi hari bhari rehndi a
क्या किसान पंजीकरण बंद हो गया है या नहीं ?
(hn)
Punjab
किसान पंजीकरण बंद नहीं हुआ है जी आप अब भी नज़दीकी सहकारी सोसाइटी से पंजीकरण करवा सकते हो जी
अनार के पेड़ में फल लगने पर अनार का दाना करड़ा है और रंग भी लाल नही हो रहा है दानो का क्या किया जाए ?
(hn)
Punjab
फूल लगने से फल पकने तक सात महीने लगते है आपके फल कितने दिनों के हो गए है
Makki mein zhilli padi hai ?
(hn)
Maharashtra
दीपक जी कृपया सवाल विस्तार से पूछे के आप झिल्ली किसे कह रहे है ताकि आपको उसके हिसाब से जानकारी दी जा सके धन्यवाद
ਸਰ ਮੇਰੀ Hf ਗਾ 7ਵੇ ਸੂਏ ਹੈ ਅਤੇ ਉਹ 2 ਮਹਿਨੇ ਹੋਗਏ ਉਹ 15 -20 ਦਿਨ ਬਾਦ ਦੁਬਾਰਾ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਦੀ ਹੈ
(pb)
Rajasthan
jekar ohh 2 mahine badd dubara heat vich aa jndi hai tan tuci uss nu gaban krwa skde ho, jekar gaban nhi krwani hai tan heat khali shdd skde ho..
munfali me goja lat ?
(hn)
Punjab
Hetram ji kripya iski photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
ਇਸ ਬਾਰੇ ਦੱਸੋ ?
(pb)
Maharashtra
Amrit ji eh mychorriza hai eh fasl di growth de layi varti jandi hai.
Punjab
Thank you mam
Sir, ਇਨ੍ਹਾਂ ਦੋਨਾਂ ਦੀ ਇਕੱਠੀ ਸਪਰੇਅ ਹੋ ਸਕਦੀ ਹੈ ?
(pb)
Punjab
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਇਹਨਾਂ ਦਵਾਈਆਂ ਦਾ ਵਧੀਆ ਅਤੇ ਲੰਮਾ ਰਿਜਲਟ ਲੈਣ ਲਈ ਅਲਗ ਅਲਗ ਹੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਜੀ
Punjab
Ok sir Dhanwad
भिन्डी के फूल खिल नही पा रहे हैं पीले होकर गिर जाते हैं, कौन सी दवाई का छिडकाव करे ?
(hn)
Punjab
kalayan g bhindi mein NPK 13.O.45 @1 kg per acre ko 100 liter pani mein mila ke spray kro g.
Madhya Pradesh
ok
1121 di growth vaste dseo g jihde naal boota mota hoje ?
(pb)
Punjab
Basmati 1121 di growth lyi tricontanol @7 kg per acre da chitta deo g ja frr liquid tricontanol @300 ml per acre da spray kr skde ho g.
Punjab
sir g growth ta hai pr boota ni marea poora hun hai koi ilaj
shora jameen cho kiva khatam kariaa ?
(pb)
Punjab
Pavan g tuc mitti test krva ke gypsum @100 kg per acre pao..
धान में दीमक लगा है ?
(hn)
Maharashtra
शिव जी दीमक की रोकथाम के लिए आप chlorpyriphos @1 लीटर को 60 किलो रेत में मिला कर छींटा दे धन्यवाद
jhone nu goh bahut katt rahi aa ki krie koi sujah deo ?
(pb)
Punjab
Dilpreet g jhone vich gobh wali soondi krke hai.ess lyi Fame @30 ml ja Coragen @60 ml per acre da spray kr skde ho g..
Ah dawai bare daso g ?
(pb)
Punjab
Arvinder ji iss dwai vich mineral ate vitamin hunde hai jiss nal pashu de sarir di kami purri hundi hai ate pashu jaldi heat vich aa jnda hai..
sir darek de patte jhad rhe ne, isda hal jaldi dso g ?
(pb)
Punjab
daljeet ji aap ise vermicompost@4 kilo ko prati paudhe ke hisab se daale.dhanywad
?
(en)
Punjab
यादव जी कृप्या आप अपना सवाल दोबारा पूछें आपके द्धारा भेंजी ओडियों अपलोड नहीं हुई है कृप्या दोबारा अपलोड करें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
ਤੋਰੀਆ ਦੀ ਫਸਲ ਵਿੰਚ ਤੋਰੀ ਤੇ ਸਨੇਰੀ ਮੱਖੀ ਹਮਲਾ ਰੋਕਨ ਲੲਈ ਕਿਹੜੀ ਦਵਾਈ ਕਰੲਏ ਜੀ ?
(en)
Punjab
gurdeep ji isde uper tuc fenvalerate @2 ml nu prati litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad
cmss ਮਸ਼ੀਨ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇ, ਇਸ ਦੀ ਸਬਸਿਡੀ ਅਤੇ ਕਿਹੜੀ ਕੰਪਨੀ ਦੀ ਵਧੀਆ ਹੈ ਦੱਸੋ ?
(pb)
सर जी ड्रैगन फ्रूट की खेती के बारे में जानकारी दें। इसकी खेती राजस्थान के नागौर जिले में हो सकती है क्या ?
(hn)
Punjab
ड्रैगन फल के 1 एकड़ में 1600 पौधे लगते हैं और इसे मार्च —अगस्त तक कर सकते हैं गर्मियों में इसकी बिजाई होती है इसे कम पानी की जरूरत पड़ती है और ज़मीन पानी रोकने वाली ना हो ज्यादा खाद भी जरूरत नहीं पड़ती. 2 महीने के अंतराल में पानी लगते हैं जी, मार्केटिंग लोकल ही हो जाती है जी कोई समस्या वाली बात नहीं. बाकी और जानकारी के लिए आप सतनाम सिंह से बात कर सकते हैं इन्होंने ड्रैगन फल लगाया है 9779846777
g bilkul mast hokar kheti kare
vffjk
Sir ji mere soybean 1 mahine ke ho gaye hain, lekin growth nahi kar rahe hai, kuch upaye bataiye ?
(hn)
Maharashtra
deepak ji aap iske uper NPK 191919 ek kilo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
सर जी मुझे कंटोला के बदले में करेले के बीज भेज दिए है फ्लिपकार्ट वालों ने, तो मुझे कंटोला के बीज नही मिले, तो मै क्या करू ?
(hn)
Punjab
रत्नकांत सुंगुरवाड जी आप बीज ऑनलाइन न मंगवाए जी नज़दीकी फार्मर से पता करो और जो आपने ऑनलाइन मंगवाए है उसमे देखे के return की ऑप्शन भी होगी आप बीज वापिस रेतुर्न भी कर सकते हो जी
sir meri cow ik than Cho dudh bht ghat aun lageya kal ta ada liter aaya see ajj paiya hi rah geya vaise pehala ase than Cho 1-5 auda see pasam da bht ghat a kal da koi dasi Elaj daso Ai karwaye nu v 40 din hoye ose te koi fark na pawe ki dawai deva dasi peahala ave pasamda than pic kar reha ha
(pb)
Punjab
tuci iss nu Lactin bolus 1-1 goli swere sham, Milkout powder 2-2 chamch swere sham ate Fmc powder 50gm rojana dena suru kro, iss nal frak paa jawega..
इनमें क्या प्रॉब्लम है, जो इन पत्तों में इलिया लग रही है ?
(hn)
Maharashtra
जगदीश जी इल्ली की रोकथाम के लिए quinalphos @4 ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
सरजी केंचुवा खाद के लिए क्या अपने खेत से केंचवे खोंज के डालेंगे तो चलेगा क्या सर ?
(hn)
Good work
deemak ki dwai ?
(hn)
Punjab
Deemak ki roktham ke liye chloro@1ltr prati acre je hisaab se spray krein...yeh kgade pani mein aap kr skte ho..
aapna pessav uuus k upar karo demk kheeak ho jygi sir g
बाजरे की बुवाई कब से कब तक होती है ?
(hn)
Maharashtra
बाजरे की बिजाई के लिए जुलाई के पहले पखवाड़े का समय अनुकूल होता है
majh heat ch nhi aa rhi bht time ho gya koi medicine ja ki ilaj kita ja skda hai ?
(pb)
Punjab
tuci majh nu pett de kiria lai Flukarid -Ds bolus deo, isde nal tuci Minfa gold powder 100gm rojana ate Ovumin advance bolus rojana 1 goli deo ate 21 din tak dinde rho, iss nal heat vich aa jawegi..
सर जी भैंस ने पाडी को जन्म दिया है लेकिन कुछ हिस्सा भैंस के शरीर का निकलता है, सर उपाय बताओ उसको रोकने का ?
(hn)
Punjab
यदि आपकी भैंस को भार पड़ता है तो आप भार पड़ने के इलाज के लिए यह तरीका प्रयोग कर सकते हैं, आप 1 किलो सत्यानाशी बीज लें, आधा किलो कमरकस, आधा किलो जोखार लें, यह सब पंसारी से मिल जायेगा, यह सब कुछ आप मिला लें और इसका पाउडर बना सकते हैं और रोज़ाना रात को यह मिश्रण आधा किलो लें और आधा किलो शकर लें और इन्हे भिगोकर रख दें और अगले दिन पशु को दें, इस तरह आप 4 दिन लगातार दें और उसेे Calcimust gel liquid 300ml लगातार 3 दिन तक दें इससे फर्क पड़ जाएगा
Rajasthan
सर काऊ का कुछ हिस्सा बाहर निकलता है तो क्या ईलाज करते हैं जी
ਸਰ ਪਾਵਰਕਾੱਮ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਓ, ਇਹ ਪਹਿਲਾਂ 4700 ਰੁਪਏ ਪਾਵਰ ਸੀ ਹੁਣ ਇਹ 2700 ਪੇਪਰ ਵਿੱਚ ਵੀ ਆ ਗਿਆ, ਮਹਿਕਮਾ ਵਾਲਾ ਕੋਈ ਮੰਨ ਨਹੀਂ ਰਿਹਾ ਉਹ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ ਕਿ ਸਾਨੂੰ ਕੋਈ ਹੁਕਮ ਨਹੀਂ ਆਇਆ, ਜੇਕਰ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਜਾਣਕਾਰੀ ਹੈ ਤਾਂ ਜਰੂਰ ਦੱਸੋ ?
(pb)
amreek singh ji 2700 nahi veer ji . eh 5700+200 =5900 hai ji. oh special day c jado 4700+200 =4900 hoe c . vese eh 5900/ hai ji. Oh filhal Proposed scheme aa regulatory commission kol payi aa , fer koi decision ton baad kuch hou ga ji.Filhaal nhi.
आंवले की फसल में खाद, फल लेना ?
(hn)
Maharashtra
खेत की तैयारी के समय मिट्टी में 10 किलो रूड़ी की खाद अच्छी तरह मिलाएं खेत में नाइट्रोजन 100 ग्राम, फासफोरस 50 ग्राम और पोटाश्यिम 100 ग्राम प्रति पौधा डालें यह खाद एक वर्ष के पौधे को डालें और 10 साल तक खाद की मात्रा बढ़ते रहें फासफोरस की पूरी और पोटाशियम और नाइट्रोजन आधी मात्रा को जनवरी-फरवरी में शुरूआती खुराक के तौर पर डालें बाकी की मात्रा अगस्त के महीने में डालें बोरोन और ज़िंक सल्फेट 100-150 ग्राम, सोडियम की ज्यादा मात्रा वाली मिटटी में पौधे की आयु और सेहत के अनुसार डालें
गन्ने की खेती करने की पूरी विधि बताइये ?
(hn)
Punjab
अच्छे जल निकास वाली गहरी, दोमट मिट्टी जिसमें भूमिगत-जल का स्तर ज़मीन से 1.5-2 मी. के नीचे हो और अच्छी जल धारण क्षमता वाली ज़मीन गन्ने की खेती के लिए लाभदायक है यह फसल काफी अम्लीय और खारेपन को सहन कर सकती है इसलिए इसे मिट्टी जिसका pH 5 से 8.5 हो, में उगाई जा सकती है यदि मिट्टी का pH 5 से कम हो तो इसमें चूना (कली) डालें और यदि मिट्टी का pH 9.5 से ज्यादा हो तो इसमें जिप्सम डालें आप इसकी किस्मे जैसे Co 8014 (Mahalakshami) ,Vasant 1,Co 86032 ,Co 92005 की बिजाई कर सकते है पतझड़ के मौसम में 15 अक्तूबर से २० नवंबर तक बिजाई की जाती है, बसंत के मौसम में बिजाई 15 फरवरी तक और गर्मियों के मौसम में 15 जुलाई से 15 सितंबर तक बिजाई की जाती है बिजाई के लिए सुधरे ढंग जैसे कि (गहरी खालियां, मेंड़ बनाकर,पंक्तियों में जोड़े बनाकर और गड्ढा खोदकर बिजाई ) प्रयोग किये जाते हैं 1) खालियां और मेंड़ बनाकर सूखी बिजाई: ट्रैक्टर द्वारा मेंड़ बनाने वाली मशीन की मदद से मेंड़ और खालियां बनाएं और इन मेड़ और खालियों में बिजाई करें मेड़ और खालियों में 90 सैं.मी. का फासला होना चाहिए गन्ने की गुलियों को मिट्टी में दबाएं और उसके बाद हल्की सिंचाई करें 2) पंक्तियों के जोड़े बनाकर बिजाई: खालियां बनाने वाले यंत्र के प्रयोग से खेत में 150 सैं.मी. के फासले पर खालियां बनाएं और उनमें 30:30-90-30:30 सैं.मी. के फासले पर गन्ने की रोपाई करें इस तरीके से मेड़ वाली बिजाई से अधिक पैदावार मिलती है 3) गड्ढा खोदकर बिजाई: गड्ढे खोदने वाली मशीन से 60 सैं.मी. व्यास के 30 सैं.मी. गहरे गड्ढे खोदें जिनमें 60 सैं.मी. का फासला हो इससे गन्ना 2-3 बार उगाया जा सकता है और मेड़ वाली बिजाई से 25-50 % अधिक पैदावार आती है B) एक आंख वाले गन्नों की बिजाई: रोपाई के लिए सेहतमंद गुलियां चुनें और 75-90 सैं.मी. के अंतर पर खालियों में बिजाई करें गुलियां एक आंख वाली होनी चाहिए यदि गन्ने के ऊपरी भाग में छोटी डलियां चुनी गई हों तो बिजाई 6 -9 सैं.मी. के अंतर पर करें फसल के अच्छे उगने के लिए आंखों को ऊपर की ओर रखें और हल्की सिंचाई करें पतझड़ के मौसम में 14500-16500 तीन आंख वाले बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें और बसंत के मौसम में 16500-25000 तीन आंख वाले बीज और 21600-25000 दो आंख वाले बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें गन्ने में नदीनों के कारण 12-72 % पैदावार का नुकसान होता है शुरूआती 60-120 दिनों तक नदीनों की रोकथाम बहुत जरूरी है इसलिए रोपाई के बाद 3-4 महीने बाद फसल की नदीनों की रोकथाम करें नीचे लिखे तरीकों से नदीनों को रोका जा सकता है 1) हाथों से गोडाई करके: गन्ना एक व्यापक जगह लेने वाली फसल है इसलिए नदीनों को गोडाई करके रोका जा सकता है इसके इलावा प्रत्येक सिंचाई के बाद 3-4 गोडाई जरूरी है 2) काश्तकारी ढंग: इस प्रक्रिया में खेती के तरीके, अंतरफसली और मलचिंग तरीके शामिल हैं बहुफसली के कारण नदीनों का हमला ज्यादा होता है इसकी रोकथाम के लिए चारे वाली फसलें और हरी खाद वाली फसलों के आधार वाला फसली चक्र गन्ने में नदीनों की रोकथाम करता है गन्ना एक व्यापक जगह लेने वाली भी फसल है जिससे नदीनों के हमले का खतरा भी ज्यादा होता है यदि गन्ने को कम समय वाली फसलों के साथ अंतरफसली किया जाए तो इससे नदीनों को कम किया जा सकता है और ज्यादा लाभ भी मिल सकता है गन्ने के अंकुरन के बाद गन्ने की कतारों में 10-12 सैं.मी. मोटी तह बिछा दी जाती है यह सूर्य की रोशनी को सोखता है जिससे नदीन कम होते हैं यह मिट्टी में नमी को भी बचाता है 3) रासायनिक तरीके: नदीनों की रोकथाम के लिए, सिमाज़ीन या एट्राज़ीन 600-800 ग्राम या मैट्रीब्यूज़िन 800 ग्राम या ड्यूरॉन 1-1.2 किलोग्राम प्रति एकड़ में बिजाई के तुरंत बाद प्रयोग करना चाहिए इसके इलावा चौड़े पत्ते वाले नदीनों की रोकथाम के लिए 2, 4-डी@ 300-400 ग्राम का प्रयोग प्रति एकड़ के हिसाब से करें नाइट्रोजन 62 किलो, फासफोरस 32 किलो और पोटाश 42 किलो प्रति एकड़ में डालें बिजाई से पहले नाइट्रोजन की 1/3 मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा डालें बाकी बची नाइट्रोजन की दो मात्रा को टॉप ड्रेसिंग के तौर पर डालें नाइट्रोजन की पहली मात्रा को बीज वाली आंख के अंकुरण के समय और दूसरी मात्रा को बीज अंकुरण के 45 दिन बाद डालें 3 वर्षों के बाद गन्ने की गुलियों में 40-50 क्विंटल गाय का गोबर प्रति एकड़ में डालें पतझड़ के मौसम में 90-100 दिनों में नाइट्रोजन को टॉप ड्रेसिंग के तौर पर डालें और बसंत के मौसम में 150-160 दिन बाद डालनी चाहिए सिंचाई की संख्या मिट्टी की किस्म और पानी की उपलब्धता पर निर्भर करती है गर्मी के महीने में गर्म हवाओं और सूखे में वृद्धि होने के कारण फसल को पानी की जरूरत पड़ती है पहली सिंचाई फसल के 20-25 % अंकुरित होने पर करें मानसून में गन्ने को पानी और बारिश के आधार पर लगाएं कम वर्षा में सिंचाई 10 दिनों के अंतराल पर करें इसके बाद सिंचाई के अंतराल को बढ़ाकर 20-25 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें जमीन में नमी संभालने के लिए गन्ने की पंक्तियों में मलचिंग का प्रयोग करें अप्रैल जून के महीने में पानी की कमी ना होने दें इससे पैदावार कम होगी इसके इलावा बारिश के दिनों में पानी ना खड़ा होने दें जोताई का समय, वृद्धि का समय और अधिक विकास का समय सिंचाई के लिए बहुत नाज़ुक होता है मिट्टी को मेंड़ पर चढ़ाना: कसी की मदद से खालियों में और पौधे के किनारों पर मिट्टी चढ़ाई जाती है यह मिट्टी में अच्छी तरह से तैयार की गई खाद को अच्छी तरह से मिश्रित होने में मदद करती है पौधे को सहारा देने और उसे गिरने से बचाने में भी मदद करती है ज्यादा पैदावार और चीनी प्राप्त करने के लिए गन्ने की सही समय पर कटाई जरूरी है समय से पहले या बाद में कटाई करने से पैदावार पर प्रभाव पड़ता है किसान शूगर रीफरैक्टोमीटर का प्रयोग करके कटाई का समय पता लगा सकते हैं गन्ने की कटाई द्राती की सहायता से की जाती है गन्ना धरती से ऊपर थोड़ा हिस्सा छोड़कर काटा जाता है क्योंकि गन्ने में चीनी की मात्रा ज्यादा होती है कटाई के बाद गन्ना फैक्टरी में लेकर जाना जरूरी होता है
can u suggest crops for black cotton soil, location in waghodia district, village kamlapura, vadodara ?
(en)
sir ji khet mein solar plant lagana chahte hain toh Kitna kharcha aa jayega ?
(hn)
iske liye aap 9646457187 pe call kr le aapko jankari mil jayegi
ਵਾੲੀ ਜੀ ਪੱਕਾਵੀ ਮੱਕੀ ਦਾ ਕਿਹੜਾ ਬੀਜ ਸਹੀ ਰਹੋ ਹੁਣ ਅਗਸਤ ਮਹਿਨੇ ਬੀਜਾਣਾ ?
(pb)
Punjab
Mandeep ji pkavi makki de lyi PMH1, PMH2 kisam di bijai Kar sakde ho.
ਧੰਨਵਾਦ ਲਵਪਰੀਤ ਜੀ
ੲਿਹ ਬੀਜ ਕਿਸ ਜਗਾ ਤੋ ਮਿਲੋ
हमको गन्ने की खेती करनी है, हमको बताइये कैसे की जाती है ?
(hn)
Punjab
अच्छे जल निकास वाली गहरी, दोमट मिट्टी जिसमें भूमिगत-जल का स्तर ज़मीन से 1.5-2 मी. के नीचे हो और अच्छी जल धारण क्षमता वाली ज़मीन गन्ने की खेती के लिए लाभदायक है यह फसल काफी अम्लीय और खारेपन को सहन कर सकती है इसलिए इसे मिट्टी जिसका pH 5 से 8.5 हो, में उगाई जा सकती है यदि मिट्टी का pH 5 से कम हो तो इसमें चूना (कली) डालें और यदि मिट्टी का pH 9.5 से ज्यादा हो तो इसमें जिप्सम डालें आप इसकी किस्मे जैसे Co 8014 (Mahalakshami) ,Vasant 1,Co 86032 ,Co 92005 की बिजाई कर सकते है पतझड़ के मौसम में 15 अक्तूबर से २० नवंबर तक बिजाई की जाती है, बसंत के मौसम में बिजाई 15 फरवरी तक और गर्मियों के मौसम में 15 जुलाई से 15 सितंबर तक बिजाई की जाती है बिजाई के लिए सुधरे ढंग जैसे कि (गहरी खालियां, मेंड़ बनाकर,पंक्तियों में जोड़े बनाकर और गड्ढा खोदकर बिजाई ) प्रयोग किये जाते हैं 1) खालियां और मेंड़ बनाकर सूखी बिजाई: ट्रैक्टर द्वारा मेंड़ बनाने वाली मशीन की मदद से मेंड़ और खालियां बनाएं और इन मेड़ और खालियों में बिजाई करें मेड़ और खालियों में 90 सैं.मी. का फासला होना चाहिए गन्ने की गुलियों को मिट्टी में दबाएं और उसके बाद हल्की सिंचाई करें 2) पंक्तियों के जोड़े बनाकर बिजाई: खालियां बनाने वाले यंत्र के प्रयोग से खेत में 150 सैं.मी. के फासले पर खालियां बनाएं और उनमें 30:30-90-30:30 सैं.मी. के फासले पर गन्ने की रोपाई करें इस तरीके से मेड़ वाली बिजाई से अधिक पैदावार मिलती है 3) गड्ढा खोदकर बिजाई: गड्ढे खोदने वाली मशीन से 60 सैं.मी. व्यास के 30 सैं.मी. गहरे गड्ढे खोदें जिनमें 60 सैं.मी. का फासला हो इससे गन्ना 2-3 बार उगाया जा सकता है और मेड़ वाली बिजाई से 25-50 % अधिक पैदावार आती है B) एक आंख वाले गन्नों की बिजाई: रोपाई के लिए सेहतमंद गुलियां चुनें और 75-90 सैं.मी. के अंतर पर खालियों में बिजाई करें गुलियां एक आंख वाली होनी चाहिए यदि गन्ने के ऊपरी भाग में छोटी डलियां चुनी गई हों तो बिजाई 6 -9 सैं.मी. के अंतर पर करें फसल के अच्छे उगने के लिए आंखों को ऊपर की ओर रखें और हल्की सिंचाई करें पतझड़ के मौसम में 14500-16500 तीन आंख वाले बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें और बसंत के मौसम में 16500-25000 तीन आंख वाले बीज और 21600-25000 दो आंख वाले बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें गन्ने में नदीनों के कारण 12-72 % पैदावार का नुकसान होता है शुरूआती 60-120 दिनों तक नदीनों की रोकथाम बहुत जरूरी है इसलिए रोपाई के बाद 3-4 महीने बाद फसल की नदीनों की रोकथाम करें नीचे लिखे तरीकों से नदीनों को रोका जा सकता है 1) हाथों से गोडाई करके: गन्ना एक व्यापक जगह लेने वाली फसल है इसलिए नदीनों को गोडाई करके रोका जा सकता है इसके इलावा प्रत्येक सिंचाई के बाद 3-4 गोडाई जरूरी है 2) काश्तकारी ढंग: इस प्रक्रिया में खेती के तरीके, अंतरफसली और मलचिंग तरीके शामिल हैं बहुफसली के कारण नदीनों का हमला ज्यादा होता है इसकी रोकथाम के लिए चारे वाली फसलें और हरी खाद वाली फसलों के आधार वाला फसली चक्र गन्ने में नदीनों की रोकथाम करता है गन्ना एक व्यापक जगह लेने वाली भी फसल है जिससे नदीनों के हमले का खतरा भी ज्यादा होता है यदि गन्ने को कम समय वाली फसलों के साथ अंतरफसली किया जाए तो इससे नदीनों को कम किया जा सकता है और ज्यादा लाभ भी मिल सकता है गन्ने के अंकुरन के बाद गन्ने की कतारों में 10-12 सैं.मी. मोटी तह बिछा दी जाती है यह सूर्य की रोशनी को सोखता है जिससे नदीन कम होते हैं यह मिट्टी में नमी को भी बचाता है 3) रासायनिक तरीके: नदीनों की रोकथाम के लिए, सिमाज़ीन या एट्राज़ीन 600-800 ग्राम या मैट्रीब्यूज़िन 800 ग्राम या ड्यूरॉन 1-1.2 किलोग्राम प्रति एकड़ में बिजाई के तुरंत बाद प्रयोग करना चाहिए इसके इलावा चौड़े पत्ते वाले नदीनों की रोकथाम के लिए 2, 4-डी@ 300-400 ग्राम का प्रयोग प्रति एकड़ के हिसाब से करें नाइट्रोजन 62 किलो, फासफोरस 32 किलो और पोटाश 42 किलो प्रति एकड़ में डालें बिजाई से पहले नाइट्रोजन की 1/3 मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा डालें बाकी बची नाइट्रोजन की दो मात्रा को टॉप ड्रेसिंग के तौर पर डालें नाइट्रोजन की पहली मात्रा को बीज वाली आंख के अंकुरण के समय और दूसरी मात्रा को बीज अंकुरण के 45 दिन बाद डालें 3 वर्षों के बाद गन्ने की गुलियों में 40-50 क्विंटल गाय का गोबर प्रति एकड़ में डालें पतझड़ के मौसम में 90-100 दिनों में नाइट्रोजन को टॉप ड्रेसिंग के तौर पर डालें और बसंत के मौसम में 150-160 दिन बाद डालनी चाहिए सिंचाई की संख्या मिट्टी की किस्म और पानी की उपलब्धता पर निर्भर करती है गर्मी के महीने में गर्म हवाओं और सूखे में वृद्धि होने के कारण फसल को पानी की जरूरत पड़ती है पहली सिंचाई फसल के 20-25 % अंकुरित होने पर करें मानसून में गन्ने को पानी और बारिश के आधार पर लगाएं कम वर्षा में सिंचाई 10 दिनों के अंतराल पर करें इसके बाद सिंचाई के अंतराल को बढ़ाकर 20-25 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें जमीन में नमी संभालने के लिए गन्ने की पंक्तियों में मलचिंग का प्रयोग करें अप्रैल जून के महीने में पानी की कमी ना होने दें इससे पैदावार कम होगी इसके इलावा बारिश के दिनों में पानी ना खड़ा होने दें जोताई का समय, वृद्धि का समय और अधिक विकास का समय सिंचाई के लिए बहुत नाज़ुक होता है मिट्टी को मेंड़ पर चढ़ाना: कसी की मदद से खालियों में और पौधे के किनारों पर मिट्टी चढ़ाई जाती है यह मिट्टी में अच्छी तरह से तैयार की गई खाद को अच्छी तरह से मिश्रित होने में मदद करती है पौधे को सहारा देने और उसे गिरने से बचाने में भी मदद करती है ज्यादा पैदावार और चीनी प्राप्त करने के लिए गन्ने की सही समय पर कटाई जरूरी है समय से पहले या बाद में कटाई करने से पैदावार पर प्रभाव पड़ता है किसान शूगर रीफरैक्टोमीटर का प्रयोग करके कटाई का समय पता लगा सकते हैं गन्ने की कटाई द्राती की सहायता से की जाती है गन्ना धरती से ऊपर थोड़ा हिस्सा छोड़कर काटा जाता है क्योंकि गन्ने में चीनी की मात्रा ज्यादा होती है कटाई के बाद गन्ना फैक्टरी में लेकर जाना जरूरी होता है