Punjab
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Sir ji 1718 jhone da colour yellow ho gya hai te zinc sulphate pa diti hai ki is nall shi ho javega ?
(pb)
Harman g zinc di deficiency poori hon nal colour apne aap hi shi ho javega..
mere ganne me fungus ka hamla hai, kaun si dwayi bdhiya rhegi ?
(hn)
Punjab
Kirpa bimari ke lakshan btayein ja fir us ki photo bheje tan jo apko iss ki jankari di ja ske.
ये किस पौधे का फूल है ?
(hn)
Maharashtra
परमेश्वर जी यह कदम का बूटा है धन्यवाद
Sir mujhe poultry farm start karna hai mujhe iske liye training leni zaruri hai ?
(hn)
Punjab
Taship Khan g, Poultry farming k liye aapko Training laina chahiye ta ki aap ko Feed management, diseases, ilaaj, medicine, proper management ki knowledge hogi
सर जिंक कितनी बार डालें यूरिया के साथ में किस-किस समय पर डालें ?
(hn)
Punjab
Paddy mein zinc 33% @10 kg per acre ja 21% @16 kg per acre pa skte ho g.esko transplanting ke 6-7 din baad urea mein mila ke daal skte ho g.esko baar baar dalne ki jaroort nhi hai g..
uttrakhand dehradun main kahi per goat farming training center hai kya ?
(en)
Punjab
goat farming ki traning aapke zile ke Krishi Vigyan Kendra me karvayi jati hai. agli traning ki date abhi jari nai hue ji. aap is address par jakar traning ke liye apna name likhwaye ji. Krishi Vigyan Kendra , G.B. Pant University of Agriculture and Technology, Dhakrani, Distt.- Dehradun - (U.P.) INDIA Tel. No.: 01360-224378
Sir Makka ki crop me weeds and grass ke liye Laudis dwa daali ja sakti hai ?
(en)
Maharashtra
Ramji Laudis dwa ke salt ka nam btaye ya iske label ki photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
सर जी जामफल के पेड़ की लंबाई कैसे बड़ेगी ?
(hn)
Maharashtra
ब्रह्मजीत जी आप इसे vermicompost @4 kilo को प्रति पौधे के हिसाब से डाले धन्यवाद
Madhya Pradesh
कोन सी दवाई का उपयोग किया जाएगा
ਮੌਸਮ ?
(pb)
Punjab
ਬਲਕਾਰ ਜੀ ਮੌਸਮ ਵਿਭਾਗ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਅੱਜ ਮੀਹ ਪੈਣ ਦੀ ਸੰਭਾਵਨਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
1121ਵਿਚ ਝੰਡਾ ਰੋਗ ਦਵਾਈ ਦੀ ਲੋੜ ਹੈ ਜਾ ਨਹੀਂ ?
(pb)
Maharashtra
Jhande rog di roktham de lyi UPL di saaf@400gm nu urea de nal mila ke shitta de deo. jo hun tuc urea paoge iss de nal iss da shitta de deo. iss ton ilaava tuc oswal di combo 75@400gm prati acre de hisaab nal urea de nal shitta de skde ho. ihh kuch hadd tak control ho jawega. jekar tuc ihna kise hor company di v dwaayi lainde ho tan ihh dhyan rakho ki uss dwaayi de vich carbendazim 12% ate mancozeb 63% wala salt howe. ihh jhande rog di roktham krda Hai.
tuc ditto (thiofet methyal 70%) pao 500gm ik Acer ch gud result ao
upl de saaf te 12%carbandizim te 63%mencozeb ik hi a koi do ni
12-63 da result ghat ao es nu tuc nursery te use kar sakde o
sir mujhe madhu makhhi palan karna hai please jankari den ?
(hn)
अगर आप नए सिरे से मक्खी पालन का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं तो अगस्त से जनवरी तक शुरू किया जा सकता है इसमें 100 मक्खी के बक्सों से आप औसतन 25000-30000 तक का मुनाफा ले सकते हैं शुरूआत में यदि आप 100 बक्सों से काम शुरू करते हैं तो औसतन 4-5 लाख तक खर्चा आता है आप अपने बजट के हिसाब से बक्सों की गिणती कम ज्यादा कर सकते हैं बाकी यदि इसकी ट्रेनिंग लेकर शुरू करें तो बढ़िया रहेगा ट्रेनिंग में आपको पूरी जानकरी मिलेगी किस तरह से इसका रख रखाव करना होता है जी और उसके बाद जब आपने यह काम शुरू करना है तो आप बक्से नज़दीकी किसी भी मधुमखी पालन का काम करने वाले किसान से खरीद सकते हो जीl
bakra ya bakri palne k liye minimum kitne age honi chahiye ?
(en)
Punjab
Riyaz ji yeh app per nirbhar krta hai ki app bakri palan mai bacho se suru krte ha ya gabhin bakrio se ya baddi bakrio se, vase suru mai aap 10 bakrio aur 2 bakro ke sath suru kren, baki app iski trainig jrur lenn , training ke liye 18-45 sall tak umar chahiye.
ek bakri kitne sal tak baccha de sakti hai ?
(en)
yeh bakri ki nasal aur uski khurak per nirbhar krta hai jaise beetal nasal ki sall mai 3-4 bache de deti hai ..
ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਪੱਠੇ ਫੁਟ ਰਾਹੇ ਆ ਕਿਹੜੀ ਦਵਾਈ ਪਾਏ ਪਹਿਲਾ ਪਾਈ ਸੀ ਰਿਫਟ ਪਾਲਸ ?
(en)
Punjab
Paddy vich nadeen marn lyi Nominee gold @100 ml per nu 150 liter pani vich mila ke spray kr skde ho g..
cr 212 nu ki hoya hai ?
(pb)
Happy g eh nutrient deficiency hai.ess lyi tuc chelated zinc @100 gm per acre and chelated ferrous sulphate @100 gm per acre de hisab nal 100 liter pani vich mila ke spray kr skde ho g..
madam ji ehnu ki bimari aa Mango tree aa ji ?
(en)
Maharashtra
chamkaur ji isnu tat di kami hai isde layi tuc boote nu 3-4 killo vermicompost pao isde nal patte thik ho jange.dhanwad
ਵੀਰ 1121 ਫੁਟਾਰ ਲਈ ਕਿਹੜੀ ਦਵਾਈ ਵਧੀਆ ?
(pb)
Maharashtra
ਝੋਨੇ ਦੇ ਵਧੀਆ ਫੁਟਾਰੇ ਦੇ ਲਈ ਹੁਣ ਤੁਸੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ biovita @8 ਕਿਲੋ ਜਾ ਫਿਰ tata ਦੀ ralli gold @4 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿਚ ਇਸਦਾ ਛਿੱਟਾ ਦਵੋ ਉਸ ਨਾਲ ਤੁਹਾਡਾ ਝੋਨਾ ਵਧੀਆ ਫੋਟ ਮਾਰ ਲਵੇ ਗਾ ਜੀ I
Punjab
ਧੰਨਵਾਦ ਜੀ
main pearl moti ka bussines shuru krna chahta hu iske liye seep kha se milega training kha Leni hogi please jankari den ?
(hn)
Madhya Pradesh
Good news for all farmers, Businessman बमोरिया फार्म द्वारा किसान भाइयो और सभी के लिए भारत के प्रसिद्ध/ विख्यात और्वेदाचार्य एवं सफल किसान द्वारा खेती या व्यवसाय करके लाखो रूपये कैसे कमाए हेतु प्रशिक्षिण कार्यक्रम ( Integrated farming ) 3-4 अगस्त 2019 आयोजित किया जा रहा है दो दिवशीय प्रशिक्षिण कार्यक्रम के मुख्या विषय निम्नलिखित है . 1-मोती पालन या सीप पालन ( घर ,छत ,आँगन या बड़े तालाब में ) 2-मछली पालन 3- बतख पालन 4- कड़कनाथ मुर्गा पालन 5-जापानी बटेर पालन 6-मोती भस्म 7-सीप भस्म 8-शंक भस्म प्रशिक्षिण शुल्क 6000/person # खाना चाय नास्ता सम्मलित होगा # सम्बंधित किताबे # सैंपल मटेरियल #सर्टिफिकेट #शुभकामना पत्र # जीवन भर सहयोग ( life time support ) एक हाफ राउंड मोती स्टेविआ का पौधा अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे , अमित बमोरिया 9770085381 9584120929 (सीट आरक्षित करने के लिए 1000/- एडवांस जमा कराये ) Amit kumar Ac no. 50100079403714 Ifsc HDFC0003695 #बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र एवं एग्रो फार्म (अमित बमोरिया ) # @@@ केंद्रीय राज्य कृषि मंत्री श्री रूपाला जी द्वारा सम्मानित मध्य प्रदेश सरकार द्वारा holistic farmer का अवार्ड @@@ भारत के प्रमुख अखवार दैनिक भास्कर एवं पत्रिका द्वारा प्रथम पेज द्वारा सत्यापित.. @@@@ प्रमुख ટીવી news चैनल सहारा समय एवं बंसल news पर सफल साक्षात्कार.. प्रमुख कार्य मोती सम्बर्धन (मोती पालन ) मछली पालन बतख पालन जापानी बटेर पालन कड़कनाथ मुर्गा सुगर फ्री स्टेविआ की खेती विशेष उद्यानिकी बमोरिया फार्म सतपुरा टाइगर रिज़र्व मड़ई से 5 किलोमीटर पहले कामतीरंगपुर सोहागपुर स्टेशन कोड SGP जिला होशंगाबाद HBD
Ek gay pahlan hai us ki bhi sarvex patli thi ab bhai heat mai aa rahi hai. or blood bhe discharge kar rahi hai kya kara jaye ?
(hn)
Usko aap Flukarid-Ds bolus pett ke kiro ke liye den, iske sath appp Minfa gold powder 100gm rojana aur Vitum-H liquid 10ml rojana dena suru kren fir agli varr heat mai aane per usko pehla tika 12 hours ke badd aur dusra 24 hours badd bhren aur usko Pregstay gold powder 30gm rojana dena suru kren aur 20 din tak dete rehen, isse gabhin ho jayegi.
इस घास को मिटाने के लिए किस दवा का स्प्रे करें ?
(hn)
Maharashtra
राहुल जी कृपया बताये के आपने इसमें कोई स्प्रे पहले की है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Haryana
Roundup
Uttar Pradesh
Roundup Kya hai
Haryana
It s a weedicide, iss ghas ko khatam kare
ਇਹ ਆੜੂ ਦਾ ਬੂਟਾ ਕਮਲਾ ਜਾਂਦਾ ਇਸ ਦਾ ਕੋਈ ਹੱਲ ?
(pb)
Maharashtra
gurbhej ji isde patteya hetha machar da hamla check karo jekar maujood hai ta tuc imidacloprid@1.5ml nu prati litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad
Punjab
Thik hai ji
photo vich bheje boote nu kehdi kami hai ? kii payie ? Audio sun ke jwab deyo ji ?
(pb)
Punjab
ਜੇਕਰ ਪੱਤੇ ਸਿਰੇ ਤੋਂ ਪੱਤੇ ਸਿਰੇ ਤੋਂ ਪੀਲੇ ਪੈ ਰਹੇ ਹਨ ਤਾਂ ਇਸ ਦੇ ਵਿਚ ਲੋਹੇ ਦੀ ਘਾਟ ਆ ਰਹੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ferrous sulphate 1% ਵਾਲਾ ਕਿੱਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ferrous sulphate ਦੀ ਸਪਰੇ ਕਰ ਰਹੇ ਹੋ ਤਾ ਇਸ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ
ਵੀਰ ਜੀ ਅਸੀਂ ਅਚਾਰ ਵਾਸਤੇ ਮੱਕੀ ਸੇਲ ਕਰਨੀ ਹੈ ਜੇ ਕਿਸੇ ਵੀਰ ਨੂੰ ਲੋੜ ਹੋਵੇ 9888835036 ?
(en)
Punjab
ਪਿੰਕਾ ਬਰਾੜ ਜੀ ਸਤਿ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਜੀ, ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਖੇਤੀ ਨਾਲ ਸਬੰਧਿਤ ਕੋਈ ਵੀ ਉਤਪਾਦ ਸੇਲ ਕਰਨਾ ਹੈ ਤਾਂ ਸਾਡੀ ਦੂਸਰੀ ਮੋਬਾਈਲ ਐਪ ਆਪਣੀ ਖੇਤੀ ਵੇਚੋ ਅਤੇ ਖਰਿਦੋ ਵਿੱਚ ਮੁਫਤ ਐਡ ਪੋਸਟ ਕਰਦਿਆ ਕਰੋ ਉਸ ਐਪ ਤੇ ਲੋੜਵੰਦ ਤੁਹਾਨੂੰ ਖੁਦ ਸਿੱਧਾ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦਾ ਹੈ ਜੀ ਧੰਨਵਾਦ
kheti ka naya tarika ?
(en)
Maharashtra
Rohit ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Punjab
my moter pump water number 3.can we planting paddy.
Sir mai bheins ki AI karne gya to bhains ki sarvex ek ungli ke brabar patli thi ek bar bhese se karbai thi to bhi nahi rahi ek bar AI karbai to bhi nahi rahi hai. ab bo thoda de rahi hai kya karu abh ?
(hn)
Usko aap Flukarid-Ds bolus pett ke kiro ke liye den, iske sath appp Minfa gold powder 100gm rojana aur Vitum-H liquid 10ml rojana dena shuru kren fir agli varr heat mai aane per usko pehla tika 12 hours ke badd aur dusra 24 hours badd bhren aur usko Pregstay gold powder 30gm rojana dena suru kren aur 20 din tak dete rehen, isse gabhin ho jayegi.
saroo di khal urea vich milaa k khet vich chita de skde aa ?
(pb)
Punjab
khuspal ji tuc isdi varto urea de nal rla ke na karo isdi varto alag to hi karo.dhanwad
1509 di bijayi da sahi sma dso ate is vich urea di kini matra pauni chahidi hai ?
(pb)
Punjab
mandeep ji 1509 di bijai da sma july da dooja pandervad ahai isde vich 54 killo urea nu bijai de 3 ate 6 hafteya bad pao.
प्रयागराज में बकरी पालन हेतु संभावनाओं के बारे में बताएं इसका कितना स्कोप है कौन सी नस्ल पालन हेतु उचित रहेगी ?
(hn)
Punjab
बकरी पालन का काम में तभी फायदा होता है यदि आप इस काम को ट्रेनिंग के साथ करते है तो इस काम के बारे में पता भी लगता है और इसे सही ढंग से करने के बारे में भी पता लगता है यदि आपने बकरी फार्म बनाना है तो बहुत बढ़िया सोच है आप बीटल नस्ल रखें यह दूध और मीट दोनों के लिए फायदेमंद है बाकि आप जैसे इस व्यवसायों में आएंगे उस हिसाब से आपके लिंक बनने शुरू हो जाएंगे और बाकि मार्केटिंग इस बात निर्भर है कि आपका लोगों के साथ लिंक कैसा है इसका दूध गाय के रेट के बराबर मिल जाता है और बाकि यदि फार्म हो तो बच्चे भी बेचे जाते है कुल मिलाकर यदि मोटा सा हिसाब लगाना है तो एक बकरी से लगभग 20000 तक कमाई हो जाती है बाकि यह भी सलाह है कि आप आपने नज़दीक kvk से ट्रेनिंग ज़रूर लें और सफल बकरी पालकों के फार्म ज़रूर देखें.वहां से आपको इस काम के बारे में जानकारी और इसे करने के तरीकों के बारे में भी पता लगेगा
ਪਰਮਲ ਝੋਨੇ ਨੂੰ ਗੋਭ ਦੀ ਸੁੰਡੀ ਕਿੰਨੇ ਦਿਨ ਤੱਕ ਪੈਦੀ ਹੈ ਤੇ ਸਪਰੇ ਕਿਹੜੀ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ ?
(pb)
Jagpreet g PR varieties nu gobh di soondi 40 din to baad attack kr skdi hai.ess di roktham lyi Fame @20 ml ja Coragen @60 ml per acre da spray kr skde ho g..
Ledis pregnancy kit se bakri ki pregnancy check hoti hai ?
(hn)
Punjab
बकरी की गाभिन जांच करने के लिए सरसों के तेल का प्रयोग कर सकते है आप एक खूले बर्तन में सुबह के समय वाला बकरी का पिशाब लें फिर उसमें आधा चम्मच सरसों का तेल डालें यदि वो पिशाब एक टिक्की की तरह जमने लगता है तो आपकी बकरी गाभिन है यदि वो अलग अलग बिछरता है तो वो गाभिन नहीं है इसके लिए बकरी 1.5 महीने की गाभिन होनी जरूरी है
kharpatwar nashak dawai kaun kaun si hai ?
(hn)
Mahaveer g aap kis fasal mein kharpatvaar dwaayi ka upyog krna chahte ho kirpa yeh btaayein.. har dwaayi ka upyog fasal ke hisaab se kiya jata hai.
Jab narme (bt cotton) me insecticide ya pesticide krte hain to usme NPK 13 0 45 mila skte hai kya Taaki dono ko alag alag na krna pde ek sath hi krde Or kya NPK ko micro nutrients ke sath bi kr skte hain Ye mere 2 questions hain, Thanx in advance ?
(en)
arshdeep g agar result ki baat krein ton spray alag alag krne se hii milta hai. agar fir bhi aap ikathi spray krna chahte ho jaise ki insecticide and fungicide toh dono ka alag alag ghol bna kar spray krne ke time par mix kr skte ho. lekin ghol alag alag bnana pdega, npk ko aap kisi insecticide ja fungicide se nahi mix kr skte ho.
sir 55 kilo uriya te kine chungi dsoo 2 kille ch ?
(pb)
Gurpreet g kirpa krke apna swaal visthaar nal pucho g.ta jo tuhanu poori jankari ditti ja ske g
sir sade pashu sunn to vadd kaye month heat vich nhi aunde har sall bhar paa ke he sunde aa gaye 2 sal vad sundi aa ?
(pb)
tuci ohna nu Minfa gold powder 100gm rojana dena suru kro ate Calcimust gold liquid 50ml rojana dena suru kro, ehh tuci 2-3 month tak dinde rho, iss nal heat vich aa jawegi baki usdi bhar pain di smasia v ght jawegi.
126 ziri vich two 4 d payi c 300 ml kile ik din baad ch hun jhona tur ni reha g chlon layi ki pona chaida ?
(pb)
jhone de vich urea de nal biovita@8kg ja tata rallis@4kg prati acre de isaab nal mila ke shitta deo.
sir ji soyaben ki fasal mai pedwar kam ho rahi hai ?
(hn)
Maharashtra
Deepak ji aap iske uper NPK 191919 ek kilo ko 150 litre pani men mila kar spray karen.dhanywad
धूमकेतु दवा किस काम आती है ?
(hn)
Punjab
कृपया आप उस दवा की फोटो भेंजे ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
1121 jhona ch bio paoun time uria di matra kini rakhi jave plz daso ?
(pb)
Basmati 1121 nu jekar bio fertilizer pa rhe ho tn urea 10 kg per acre ghat pa skde ho g..
papite ki kheti kaise kare ?
(hn)
Maharashtra
पपीता को मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए पपीते की खेती के लिए नदीन रहित भूमि का प्रयोग करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें आप इसकी किस्मे जैसे Washington Coorg Honey Pusa Delicious Pusa Dwarf की बिजाई कर सकते है आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर मिट्टी में अच्छी तरह मिलाकर डालें सिफारिश किए गए फासलों पर 1 मीटर x 1 मीटर x 1 मीटर आकार के गड्ढे खोदें गड्ढों को मिट्टी और रूड़ी की खाद या गाय के गले हुए गोबर से भरें प्रयोग की गई किस्म के आधार पर प्रत्येक गड्ढे पर 2-4 नए पौधों की रोपाई करें रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें हवा से बचाव के लिए खूंटा लगाएं एक एकड़ में 104 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें कम बारिश वाले क्षेत्रों में जून - जुलाई के महीने में बिजाई की जानी चाहिए और तराई और अधिक बारिश वाले क्षेत्रों में सितंबर महीने में बिजाई की जानी चाहिए और क्षेत्र जहां सिंचाई की सुविधाएं उपलब्ध हो वहां पर फरवरी - मार्च के महीने में बिजाई की जानी चाहिए आमतौर पर 1.8 मीटर x 1.8 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है उच्च घनता की रोपाई के लिए 1.5 मीटर x 1.5 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है नर्सरी में बीज को 10 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बीजो की खेत में सीधे बिजाई या मुख्य खेत में नए पौधों की रोपाई की जाती है बीजों को 150 गेज़ की मोटाई वाले, 25 x 10 सैं.मी. के पॉलीथीन बैग में बोयें पानी के उचित निकास के लिए पॉलीथीन बैग के निचले हिस्से में 1 मि.मी. अर्द्धव्यास का छेद करें उसके बाद पॉलीथीन बैग में समान अनुपात में रूड़ी की खाद, मिट्टी और रेत डालें बिजाई से पहले बीजों का उपचार करें रोपाई के लिए 6-7 सप्ताह के पौधों का प्रयोग करें पौधे की प्रौढ़ अवस्था के दौरान नदीनों की रोकथाम जरूरी होती है नदीनों की तीव्रता के आधार पर, नियमित और हल्की गोडाई करें फ्लूक्लोरालिन या बूटाक्लोर 0.8 किलो प्रति एकड़ में डालें नदीनों की रोकथाम के लिए मलचिंग भी एक प्रभावी तरीका है पौधों की रोपाई के कुछ दिनों बाद प्लास्टिक शीट या धान की पराली या गन्ने के बचे कुचे को मलच के रूप में डालें मुख्यत: फल के पूरा आकार लेने और हरे से हल्का पीला रंग होने पर तुड़ाई की जाती है पहली तुड़ाई रोपाई के 14-15 महीनों के बाद की जा सकती है 4-5 तुड़ाइयां प्रति मौसम की जा सकती हैं तुड़ाई एक एक फल को हाथों से तोड़कर की जाती है फलों को सुबह के समय तोड़ें धन्यवाद
name of this weed and weedicide to control this weed ?
(en)
Maharashtra
hritik ji it belongs to cyprus family and if it is grown in empty space then do a spray of paraquat dichloride.thank you
ये कौन सा रोग है हमारी 18 महीने की बछड़ी को हुआ है कोई इलाज बताइए ?
(hn)
इसे आप Liquid Actinoplex 15ml 10 बूंदे दिन में तीन बार दें और साथ ही Injection Enthimelon 50ml लें और 15 मि.ली. एक दिन छोड़कर लगवायें इससे फर्क पड़ने लग जाएगा
mirch ki kheti kaise karen ?
(hn)
Maharashtra
मिर्च रेतली से भारी चिकनी हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है अच्छे विकास के लिए हल्की उपजाऊ और पानी के अच्छे निकास वाली ज़मीन जिसमे नमी सोखने की क्षमता हो, इसके लिए अनुकूल होती है हल्की ज़मीनें भारी ज़मीनों के मुकाबले अच्छी क्वालिटी की पैदावार देती हैं मिर्च के अच्छे विकास के लिए ज़मीन की pH 6-7 अनुकूल है आप इसकी किस्मे जैसे Arka Meghana,Arka Sweta,Kashi Early, Kashi Surkh की बिजाई कर सकते है खेत को तैयार करने के लिए 2-3 बार जोताई करें और प्रत्येक जोताई के बाद डलियों को तोड़ें बिजाई से 15-20 दिन पहले रूड़ी की खाद 150-200 क्विंटल प्रति एकड़ डालकर मिट्टी में अच्छी तरह मिला दें टमाटर और मिर्च की खेती एक ही या नज़दीक वाले खेत में ना करें, क्योंकि दोनों की बीमारियां एक जैसी होती हैं और इस कारण एंथ्राक्नोस और बैक्टीरिया वाली बीमारीयों के बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है मिर्च की खेती पूरे वर्ष की जाती है खरीफ की फसल के लिए मई-जून और गर्मियों की फसल के लिए फरवरी - मार्च का समय मिर्च की रोपाई के लिए उपयुक्त होता है खरीफ के मौसम में 60-75 सैं.मी. x 45 सैं.मी. और सिंचित क्षेत्रों में 60 x 60 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें नर्सरी में बीजों को 3-5 सैं.मी. की गहराई में बोयें और फिर मिट्टी से ढक दें इसकी मुख्य खेत में रोपाई की जाती है 1 मीटर चौड़े और आवश्यकतानुसार लंबे बैड बनाएं कीटाणु रहित कोकोपिट 300 किलो, 5 किलो नीम केक को मिलाए और 1-1किलो एज़ोसपीरिलियम और फासफोबैक्टीरिया भी डालें उपचार किए हुए बीज ट्रे में एक बीज प्रति सैल बोयें बीज को कोकोपिट से ढक दें और ट्रे एक- दूसरे के साथ रखें बीज अंकुरन तक इन्हें पॉलीथीन से ढक दें नर्सरी में बीज बीजने के बाद बैडों को 400 मैश नाइलोन जाल या पतले सफेद कपड़े से ढक दें यह नए पौधों को कीड़े-मकौड़े और बीमारियों के हमले से बचाता है 6 दिनों के बाद, ट्रे में लगे नए पौधों को एक एक करके जाल की छांव के नीचे बैडों में लगाएं बीज अंकुरन तक पानी देने वाले बर्तन की मदद से पानी दें बिजाई के 18 दिन बाद 19:19:19 की 0.5 % (5 ग्राम प्रति लीटर ) की स्प्रे करें किस्मों के लिए 200 ग्राम बीज और हाइब्रिड के लिए 80-100 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बारानी क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 50 किलो (110 किलो यूरिया), फासफोरस 16 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 100 किलो) और पोटाश 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 35 किलो) प्रति एकड़ डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा पनीरी खेत में लगाने के समय डालें रोपाई के बाद बाकी बची नाइट्रोजन दो बराबर हिस्सों में 30वें और 50वें दिन डालें सिंचित क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 84 किलो (182 किलो यूरिया), फासफोरस 24 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 150 किलो) और पोटाश 24 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 40 किलो) प्रति एकड़ डालें रोपाई से पहले 24 किलो नाइट्रोजन (यूरिया 52 किलो), फासफोरस की पूरी मात्रा और पोटाश की आधी मात्रा प्रति एकड़ में डालें बाकी बची नाइट्रोजन को पांच भागों में बांटें और पोटाश को तीन बराबर भागों में बांटें नाइट्रोजन 12 किलो (यूरिया 26 किलो) को बिजाई के बाद 45वें, 60वें, 75वें, 95वें और 115वें दिन डालें और पोटाश 4 किलो को बिजाई के बाद 45वें, 60वें, और 75वें दिन डालें 45 दिनों तक गोडाई करें, कही की मदद से मिट्टी चढ़ाएं और खेत को नदीन मुक्त रखें यदि नदीनों की रोकथाम ना की जाये तो यह 70-90 % पैदावार कम कर देते हैं रोपाई से पहले मुख्य खेत में पैंडीमैथालीन 1 लीटर प्रति एकड़ में डालें यदि नदीनों की संख्या ज्यादा हो तो उनके अंकुरण के बाद सेन्कोर 800 मि.ली की स्प्रे प्रति एकड़ में करें नदीनों की रोकथाम के साथ मिट्टी में नमी को बनाए रखने के लिए मलचिंग एक प्रभावी तरीका है मिट्टी में नमी के आधार पर सर्दियों में 6-7 दिनों के अंतराल पर और गर्मियों में 4-5 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें फूल निकलने की अवस्था सिंचाई के लिए गंभीर होती है इस अवस्था पर पानी की कमी से फल गिरते हैं जिससे फलों के उत्पादन में कमी होती है विभिन्न खोजों में यह पाया गया है, कि प्रत्येक पखवाड़े में आधा इंच सिंचाई से जड़ों में नमी ज्यादा होती है जिससे वे अधिक उपज देती हैं मिर्चों की तुड़ाई हरा रंग आने पर करें या फिर पकने के लिए पौधे पर ही रहने दें मिर्चों का पकने के बाद वाला रंग किस्म पर निर्भर करता है अधिक तुड़ाइयां लेने के लिए यूरिया 10 ग्राम प्रति लीटर और घुलनशील K @ 10 ग्राम प्रति लीटर पानी (1 प्रतिशत प्रत्येक का घोल) की स्प्रे 15 दिनों के फासले पर कटाई के समय करें पैकिंग के लिए मिर्चें पक्की और लाल रंग की होने पर तोड़ें सुखाने के लिए प्रयोग की जाने वाली मिर्चों की पूरी तरह पकने के बाद ही तुड़ाई करें
where ayurvedic plants are available ?
(en)
Punjab
anup dhuria ji aapko konse plants chahiye ji
dhan me urea dalna hai usme kya mila ke Dalen ?
(hn)
Dhan mein urea ke sath zinc mila ke dalein. iske ilava aur kuch abhi dalne ki jururat nahi hai. agar growth kam hai toh tata rallis@4kg prati acre ke hisaab se daal skte ho.
adrak ki kheti kaise karen ?
(en)
Punjab
अदरक भारत की एक अहम मसाले वाली फसल है यह फसल अच्छे जल निकास वाली चिकनी, रेतली और लाल हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है खेत में पानी ना खड़ा होने दें क्योंकि खड़े पानी में यह ज्यादा देर बच नहीं पाएगी फसल की वृद्धि के लिए 6-6.5 पी एच वाली मिट्टी अच्छी मानी जाती है उस खेत में अदरक की फसल ना उगाएं जहां पिछली बार अदरक की फसल उगाई गई हो हर साल एक ही ज़मीन पर अदरक की फसल ना लगाएं प्रसिद्ध किस्में :-Himgiri, IISR Varanda, IISR Mahima,Suprabha, Suruchi, IISR Rejatha खेत को दो तीन बार जोतें और सुहागे से समतल करें अदरक की बिजाई के लिए आवश्यक लंबाई के 15 सैं.मी. ऊंचे और 1 मीटर चौड़े बैड तैयार करें दो बैडों के बीच 50 सैं.मी. का फासला रखें नदीनों कीटों और बीमारियों की जांच के लिए बैड की मिट्टी को धूप लगवायें इसके लिए बैड को पॉलीथीन शीट से 20-30 दिनों के लिए ढकें रोपाई के समय नीम केक 25 ग्राम को प्रति गड्ढे में डालें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए राइज़ोम की बिजाई मई के पहले सप्ताह में पूरी कर लें राइज़ोम को कतारों में बोयें और कतार में 40-45 सैं.मी. और दो पौधों में 30 सैं.मी. फासला रखें राइज़ोम की रोपाई के बाद खेत में 50 क्विंटल हरे पत्तों की मलचिंग प्रति एकड़ में करें दूसरी मलचिंग 20 क्विंटल हरे पत्तों के साथ 40 दिनों के बाद करें बीज की गहराई 3-4 सैं.मी. के करीब होनी चाहिए अदरक की बिजाई सीधे ढंग से और पनीरी लगाकर की जा सकती है बिजाई के लिए ताजे और बीमारी रहित गांठों का प्रयोग करें बिजाई के लिए 5-6.5 क्विंटल प्रति एकड़ बीज का प्रयोग करें बिजाई से पहले गांठों को मैनकोजेब 3 ग्राम प्रति लीटर पानी से उपचार करें गांठों को 30 मिनट के लिए घोल में भिगो दें इससे गांठों को फफूंदी से बचाया जा सकता है उपचार के बाद गांठों को 3-4 घंटें के लिए छांव में सुखाएं खेत की तैयारी के समय 60 क्विंटल रूड़ी की खाद प्रति एकड़ मिट्टी में डालें नाइट्रोजन 24 किलो (52 किलो यूरिया), फासफोरस 20 किलो (125 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 20 किलो (35 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें रूड़ी की खाद या गाय का गोबर 60 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें पोटाश और फासफोरस की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें नाइट्रोजन की दूसरी मात्रा 20 किलो (45 किलो यूरिया) बिजाई के 45 दिनों के बाद, जबकि बिजाई के 120 दिनों के बाद नाइट्रोजन की तीसरी मात्रा 16 किलो (यूरिया 35 किलो) डालें रोपाई के बाद पहली सिंचाई करें इसे बारानी फसल के तौर पर उगाया जाता है इसलिए बारिश की तीव्रता और नियमितता के आधार पर सिंचाई करें बारिश की अनुपस्थिति में, बाकी की सिंचाई 10 दिनों के अंतराल पर करें अदरक की पूरी फसल को कुल 16-18 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है बिजाई के 3 दिन बाद एट्राज़िन 4-5 ग्राम प्रति लीटर पानी की नमी वाली मिट्टी पर स्प्रे करें उन नदीनों को खत्म करने के लिए जो पहली नदीन नाशक स्प्रे के बाद पैदा होते हैं, बिजाई के 12-15 दिनों के बाद गलाइफोसेट 4-5 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें नदीन नाशक की स्प्रे करने के बाद खेत को हरी खाद से या धान की पराली से ढक दें जड़ों के विकास के लिए जड़ों में मिट्टी लगाएं बिजाई के 50-60 दिनों के बाद पहली बार जड़ों में मिट्टी लगाएं और उसके 40 दिन बाद दोबारा मिट्टी लगाएं
dhaan mai futaw ki dawai btayen ?
(en)
Punjab
Tauseef ji aap dhan ke futav ke liye tata ralli gold ya biovita ka istemal kar sakte hai.dhanywad
ਚੋਲ ਪੀਲੇ ਪੈ ਰਹੇ ਹਨ ?
(pb)
Punjab
ਜੇਕਰ ਪਨੀਰੀ ਉੱਪਰ ਤੋਂ ਪੀਲੀ ਪੈ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ ਲੋਹੇ ਦੀ ਕਮੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ferrous sulphate 1% @1 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਦੀ chelated ferrous sulphate ਸਪਰੇਅ ਕਰਨੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਅਜੇ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆਂ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਤਾਂ 3 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਕਨਾਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ ਕਈ ਵਾਰ ਪਨੀਰੀ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਕਮੀ ਦੇ ਕਾਰਨ ਵੀ ਪੀਲੀ ਹੋਣੀ ਸੂਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
सर अब बरसात के बाद पिडी(मुडां) में कया डाले जिससे ऊसकी ग्रोथ बड जाये, इससे पहले हम 2 यूरिया डाल चूके है और रिजेंट डाल दिया था, सर बताएं कि अब हमें कया डालना चाहिए जिससे कि यह बढ जाये और गन्ना मोटा निकले कृपया कोई अच्छी सी दवाई दवाएं ?
(hn)
Maharashtra
शिवम् जी आप इसके ऊपर NPK 191919 एक किलो को 150 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Tulsi ki kheti ke bare me bataiye ?
(hn)
Punjab
यह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए Drudriha Tulsi: यह मुख्य रूप से बंगाल, नेपाल, चटगांव और महाराष्ट्र क्षेत्रों में पाई जाती है यह गले को सूखेपन से राहत देता है यह हाथों, पैरों और गठिया की सूजन से आराम देता है Ram/Kali Tulsi (Ocimum canum): यह चीन, ब्राज़ील, पूर्व नेपाल और साथ ही बंगाल, बिहार, चटगांव और भारत के दक्षिणी क्षेत्रों में पाई जाती है इसका तना जामुनी और पत्ते हरे रंग के और बहुत ज्यादा सुगंधित होते है इसमें उचित मात्रा में औषधीय गुण जैसे ऐज़ाडिरैकटिन, ऐंटीफंगल , ऐंटीबैक्टीरियल, और पाचन तंत्र को ठीक रखती है यह गर्म क्षेत्रों में बढ़िया उगता है Babi Tulsi: यह पंजाब से त्रिवेंद्रम, बंगाल और बिहार में भी पाई जाती है इसका पौधा 1-2 फीट लम्बा होता है पत्ते 1-2 इंच लम्बे, अंडाकार और नुकीले होते है इसके पत्तों का स्वाद लौंग की तरह और सब्जियों में स्वाद के लिए प्रयोग किया जाता है तुलसी की खेती के लिए, अच्छी तरह से शुष्क मिट्टी की मांग की जाती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक हैरो के साथ खेत की जोताई करें, फिर रूड़ी की खाद मिट्टी में मिलाएं तुलसी की रोपाई सीड बैड पर करें फरवरी के तीसरे महीने में नर्सरी बैड तैयार करें पौधे के विकास के अनुसार, 4.5 x 1.0 x 0.2 मीटर के सीड बैड तैयार करें बीजों को 60x60 सैं.मी. के फैसले पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के 6-7 हफ्ते बाद, फसल की रोपाई खेत में करें तुलसी की खेती के लिए 120 ग्राम बीजों का प्रयोग प्रति एकड़ में करें फसल को मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारीयों से रोकथाम के लिए, बिजाई से पहले मैनकोजेब 5 ग्राम प्रति किलोग्राम से बीजों का उपचार करें फसल की बढ़िया पैदावार के लिए बिजाई से पहले 15 टन रूड़ी की खाद मिट्टी में डालें तुलसी के बीजों को तैयार बैडों के साथ उचित अंतराल पर बोयें मानसून आने के 8 हफ्ते पहले बीजों को बैड पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के बाद, रूड़ी की खाद और मिट्टी की पतली परत बीजों पर बना दें इसकी सिंचाई फुवारा विधि द्वारा की जाती है रोपाई के 15-20 दिनों के बाद, नए पौधों को तंदरुस्त बनाने के लिए 2% यूरिया का घोल डालें 6 हफ्ते पुराने और 4-5 पत्तों के अंकुरण होने पर अप्रैल के महीने में नए पौधे तैयार होते है तैयार बैडों को रोपाई 24 घंटे पहले पानी लगाएं ताकि पौधों को आसानी से उखाड़ा जा सकें और रोपाई के समय जड़ें मुलायम और सूजी हुई हो खेत की तैयारी के समय, रूड़ी की खाद को मिट्टी में मिलाएं खाद के तौर पर नाइट्रोजन 48 किलो(यूरिया 104 किलो), फासफोरस 24 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 150 किलो) और पोटाश 24 किलो(मिउरेट 40 किलो) प्रति एकड़ में डालें नए पौधे लगाने के समय नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफेट पेंटोऑक्साइड की पूरी मात्रा शुरुआती समय में डालें Mn 50 पी पी एम कंसंट्रेशन और Co@100 पी पी एम कंसंट्रेशन सूक्ष्म-तत्व डालें बाकी की बची हुई नाइट्रोजन को 2 हिस्सों में पहली और दूसरी कटाई के बाद डालें खेत को नदीनों से मुक्त करने के लिए कसी की मदद से गोड़ाई करें नदीनों की रोकथाम कम न होने पर यह फसल को नुकसान पहुंचाते है रोपण के एक महीने बाद पहली गोड़ाई और पहली गोड़ाई के चार हफ्ते बाद दूसरी गोड़ाई करें रोपण के दो महीने बाद कसी से अनुकूल गोड़ाई करें गर्मियों में, एक महीने में 3 सिंचाइयां करें और बरसात के मौसम में, सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती एक साल में 12-15 सिंचाइयां करनी चाहिए पहली सिंचाई रोपण के बाद करें और दूसरी सिंचाई नए पौधों के स्थिर होने पर करें 2 सिंचाइयां करनी आवश्यक है और बाकी की सिंचाई मौसम के आधार पर करें इसके मंडीकरण के लिए आप विवेश शर्मा 9826556880 Grow Further से संपर्क कर सकते हैं
ਪੂਸਾ44 ਕਿੰਨੇ ਦਿਨ ਵਿਚ ਆਉਂਦੀ ਹੈ ?
(pb)
Punjab
ਪੂਸਾ 44 157 ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Sir moti ki kheti ke liye parsikshan kaha se liya jaye vishesh jankari de ?
(hn)
Rajasthan
Md Rahil khan जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
6 mahine di katti ne bahut jyada pet chhadeya hai, kii karn ho skda hai?
(pb)
Punjab
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ piperazine liquid ਦਿਓ, ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ ਤੋਰਾ ਫੇਰ ਕਰਵਾਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਕਿਉਕਿ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਇਕ ਜਗਾਹ ਬੰਨ ਰੱਖਣ ਨਾਲ ਪੇਟ ਬਾਹਰ ਆਉਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਇਸ ਲਈ ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਤੋਰਾ ਫੇਰਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਜਿਸ ਨਾਲ ਸਰੀਰ ਸਹੀ ਆਕਾਰ ਵਿਚ ਆਉਂਦਾ ਹੈ .
6 ਮਹਿਨੇ ਦੀ ਕੱਟੀ ਨੇ ਕਾਫੀ ਜਿਆਦਾ ਪੇਟ ਛੱਡੀਆ ਹੋਈਆ ਹੈ ਕਿਉ ?
(pb)
Punjab
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ piperazine liquid ਦਿਓ, ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ ਤੋਰਾ ਫੇਰ ਕਰਵਾਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਕਿਉਕਿ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਇਕ ਜਗਾਹ ਬੰਨ ਰੱਖਣ ਨਾਲ ਪੇਟ ਬਾਹਰ ਆਉਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਇਸ ਲਈ ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਤੋਰਾ ਫੇਰਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਜਿਸ ਨਾਲ ਸਰੀਰ ਸਹੀ ਆਕਾਰ ਵਿਚ ਆਉਂਦਾ ਹੈ .
Mushal 1401 nu 3 reh nal kehri dwai pai a ke vdhia buja ho jawe ?
(pb)
Punjab
ਝੋਨੇ ਦੇ ਵਧੀਆ ਫੁਟਾਰੇ ਦੇ ਲਈ ਹੁਣ ਤੁਸੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ biovita @8 ਕਿਲੋ ਜਾ ਫਿਰ tata ਦੀ ralli gold @4 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿਚ ਇਸਦਾ ਛਿੱਟਾ ਦਵੋ ਉਸ ਨਾਲ ਤੁਹਾਡਾ ਝੋਨਾ ਵਧੀਆ ਫੋਟ ਮਾਰ ਲਵੇ ਗਾ ਜੀ I
Sir tuhanu 2 q puchhe ne ans nhi mileya ji ?
(pb)
Punjab
ਹਾਂਜੀ ਤੁਹਾਡੇ ਦੁਆਰਾ ਪੁੱਛੇ ਸਾਰੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ ਜੀ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਅੱਗੇ ਤੋਂ 24 ਘੰਟਿਆਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਤੁਹਾਡੇ ਸਵਾਲ ਦਾ ਜਵਾਬ ਤੁਹਾਨੂੰ ਨਹੀ ਮਿਲਦਾ ਤਾ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਪਾਲਾਈਨ ਨੰਬਰ 97799-77641 ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ
Dairy farm kaise lgaye ?
(hn)
Rajasthan
अगर आपने डेयरी पालन करना है तो आप सबसे पहले किसी सफल डेयरी फार्मर की डेयरी पर कुछ दिन तक रहकर इस काम की बारीकियों को जानें क्योंकि कुछ बातों का ज्ञान सिर्फ खुद काम को देखकर ही पता चलता है बाकी कुछ और बातें आपसे शेयर कर रहे हैं आप एक बार में इक्ट्ठी गाय ना खरीदें गायों को 2-2 महीनों के फासले पर खरीदें या फिर 3 पहले खरीदें ओर 3 महीने बाद फिर खरीद लें इससे दूध की कमी नहीं आयेगी पशु की नसल सबसे ज्यादा जरूरी है पशु खरीदने के समय कोशिश करें कि दिन में तीन बार दूध निकालकर ही पशु खरीदें भैंसो का एक दिन का दूध 12 लीटर और गायों को दूध 16-17 लीटर से कम ना हो गाभिनों को खरीदने का सही समय रखड़ियों से लेकर वैशाखी तक का होता है क्योंकि इस समय मौसम अच्छा होने के कारण हरा चारा भी खुला होता है गाभिनों के लिए शैड आवाजाई वाली सड़क पर ना बनायें और शैड सड़क से कम से कम 100 गज दूर हो शैड को धूप और हवा का ध्यान रखकर ही बनायें शैड हमेशा खेत या आस पास से 2 फुट ऊंचा बनायें क्योंकि निचले स्थान पर पानी खड़ा हो जाता है जिस कारण गंदगी पैदा हो जाती है और बाकी पशुओं का मल मूत्र का निकास भी आसानी से हो जाता है पशुओं के लिए बनायी जाने वाली खुरली ढाई तीन फुट चौड़ी होनी चाहिए खुरली पर खड़ने के लिए एक पशु को तकरीबन चार फुट जगह चाहिए मतलब 10 पशुओं के लिए 40 फुट लंबी खुरली बनेगी डेयरी फार्म से संबंधित सामान रखने के लिए स्टोर बनायें पशुओं का वितरण/दाना स्टोर करने के लिए कमरा सैलाब से रहित होना चाहिए शैड का फर्श पक्क, फिसलन रहित और जल्दी साफ होने वाला हो शैड में जितना हो सके पशुओं को खुला छोंड़े और पानी और दाना पूरा डालें पशु को खुला छोड़ने से पशुओं में अफारे की समस्या कम आती है बाकी अपनी आवश्यकता और क्षमता के मुताबिक ही सामान खरीदें और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए प्रत्येक गाभिन का बीमा जरूर करवायें
pr 121 lagane ka time kya hai ?
(pb)
Punjab
jatinder ji PR 121 de laun da sma june mahine da hunda hai. dhanwad
Sir pede sukde ne side ton koi hal daso ji ?
(pb)
iss de vich upl di saaf@500gm ja M-45@400gm ja copper oxy chloride@400gm nu 150ltr pani de nal mila ke prati acre de hisaab nal spray kro.
Punjab
sir chak karo g
Sir happy seeder te subsidy kida apply kr skde aa ?
(pb)
Punjab
Prabhjot Singh ji happy seeder te subsidy chal rahi hai is bare puri jankari ate apply karan lai tusi Gurpreet Singh 9417481262 nal samparak kar sakde ho, Thankyou.
मूंगफली कैसे उगाए ?
(hn)
Punjab
अच्छे जल निकास और रेतली दोमट वाली ज़मीन में मूंगफली बीजी जाती है अच्छे जल निकास वाली मिट्टी, जिसकी पी एच 6.5-7 और उपजाऊ ज़मीनों में इसकी फसल बहुत अच्छी होती है भारी जमीनें मूंगफली के लिए अनुकूल नहीं हैं क्योंकि भारी ज़मीनों में फलियां कम भरती हैं एक वर्ष के बाद उसी खेत में मूंगफली बीजने से परहेज़ करें मूंगफली का अंतरफसली अनाज की फसलों के साथ करें बिजाई से पहले खेत को साफ करें और पिछली फसल के बचे कुचे को निकाल दें 15-20 सैं.मी. की गहराई तक ज़मीन की जोताई करें और मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए अच्छी तरह जोताई करें खेती करने के लिए हैरो और हल का प्रयोग करें बीज बोने के समय 4-4.8 टन और 200 किलोग्राम नीम केक प्रति एकड़ में डालें बारानी हालातों में मूंगफली की बिजाई मॉनसून के शुरू होने, जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई के पहले सप्ताह में शुरू करें बिजाई जितनी जल्दी हो सके पूरी कर लें, क्योंकि देरी से बिजाई करने पर पैदावार में कमी आती है खरीफ मौसम के लिए अर्द्ध फैलने वाली किस्मों का प्रयोग करें, कतारों में 40-45 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 10-15 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें ना फैलने वाली किस्मों के लिए कतारों में 30 सैं.मी. और पौधों में 10 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें सीड ड्रिल की सहायता से 5 सैं.मी. की गहराई में फलियों को बोयें बीजों को सीड ड्रिल की सहायता से बोया जाता है किस्म के आधार पर बिजाई के लिए एक एकड़ खेत में 38-40 किलोग्राम बीजों का प्रयोग करें अच्छी पैदावार लेने के लिए पहले 45 दिन फसल को नदीनों से बचाना बहुत जरूरी होता है दो बार फसल में गोडाई करनी चाहिए पहली बीजने के तीन सप्ताह बाद और दूसरी पहली गोडाई के तीन सप्ताह बाद फलूकोरालिन 600&800 एम एल प्रति एकड़ या पैंडीमैथालीन 1 लीटर प्रति एकड़ नदीनों के पैदा होने से पहले स्प्रे करें मिट्टी चढ़ाना : यह एक जरूरी प्रक्रिया है, जो कि बीजने के 40-45 दिनों के बाद की जाती है इसकी मदद से पौधे आसानी से मिट्टी में चले जाते हैं जिससे फलियों के विकास में वृद्धि होती है मिट्टी की जांच के आधार पर खादों की मात्रा डालें मूंगफली की पूरी फसल को नाइट्रोजन 4-8 किलो (यूरिया 9-18 किलो), फासफोरस 8-16 किलो (एस एस पी 50-100 किलो) और पोटाश 8-16 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 13-26 किलो) प्रति एकड़ में डालें सिंचित क्षेत्रों में बिजाई से एक या दो सप्ताह पहले जिप्सम 100 किलो प्रति एकड़ में डालें और फिर सिंचाई करें जिप्सम डालने से फलियां बनने में वृद्धि होती है और फलियां अच्छे से भरती है मोटे बीजों वाली किस्मों से अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए जिप्सम 160 किलो प्रति एकड़ में डालें