Punjab
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ਫੈਨਵਲ ਕਿਸ ਲਈ ਵਰਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ?
(pb)
ਇਹ ਇਕ ਕੀਟਨਾਸ਼ਕ ਹੈ ਜਿਸਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕੀਟਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
Punjab
ਸੁੰਡੀ ਲਈ
tricontazole kis lyi hai
(pb)
Punjab
shrimaan g tricontanol growth regulator da kmm krda hai g.esdi dose @300 ml per acre da spray kr skde ho g..
ਜ਼ਮੀਨ ਵਿੱਚੋਂ ਰੋੜ ਖਤਮ ਕਰਨ ਦਾ ਕੋਈ ਸੌਖਾ ਤਰੀਕਾ ਦੱਸੋ ਜੀ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਬੂਟਿਆਂ ਨੂੰ ਕੋਈ ਨੁਕਸਾਨ ਨਾ ਹੋਵੇ ?
(pb)
Punjab
ਹਰਿਮੰਦਰ ਜੀ ਇਸਦੇ ਲਈ ਜਿਪਸਮ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦੀ ਮਾਤਰਾ 10 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ 2.5 ਕਨਾਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵਰਤੋਂ
thank you 22 ji
virender singh ji ਮੇਰੇ ਘਰ ਪਾਰਕ ਬਨਾਯਾ ਹੋਇਆ ਹੈ ਉਸ ਵਿਚ ਬੋਤਲ ਪਾਮ ਲਗਾਏ ਹੋਏ ਹਨ ਉਹ ਚੰਗੀ ਗ੍ਰੋਥ ਨਹੀ ਕਰ ਰਹੇ 35 ਵਿੱਚੋ 10 ਪਾਮ ਮੱਚ ਗਏ ਹੱਨ ਕੋਈ ਸਲਾਹ ਦਿਓ ਸਰ ਜੀ ...
धान की फसल को अधिक पैदावार के लिए क्या करें बोवाई किया गया है ?
(hn)
Punjab
जगेशर जी आप इसमें पूरी मात्रा में खादें डाले और जब धान 5 % तक निसर जाये तो आप इसके ऊपर 130045 @10 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
pls tell can we mix together deligate 11.7 SC(spinetoram) and osheen 20 SG (dinotefuran) for spray on cotton field ? kindly reply ?
(en)
Punjab
Yes, deligate 11.7 SC(spinetoram) and osheen 20 SG (dinotefuran) are both insecticides, and can be sprayed together.
mujhe turmeric crop ko drenching dwaara fertilizer dena hai, uske liye 80% nitrogen ki zarurat hai, to 191919 water soluble fertilizer kitna dalna pdega taki 80% nitrogen mile ?
(hn)
Punjab
One kg One week
ਜਮੀਨ ਵਿੱਚੋ ਰੋੜ ਖਤਮ ਕਰਨ ਦਾ ਕੋੲੀ ਤਰੀਕਾ ਦੱਸੋ ਜੀ ਜਿਸ ਨਾ ਲ ਬੂਟਿਅਾ ਨੂੰ ਨੁਕਸਾਨ ਨਾ ਹੋਵੇ ਜੀ
(pb)
Punjab
Harmander ਜੀ, ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀਂ 1 ਕੁਇੰਟਲ ਜ਼ਿਪਸਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਰੋੜਾਂ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਖਤਮ ਹੋ ਜਾਵੇਗੀ
muse haldi ko dreching water soluble fertilizer ki karni hai haldi ko 80℅ nitrogen dena hai to 191919 water soluble kitna lg lena padega ?
(hn)
Punjab
VR ji haldi ke khet mein aap NPK 191919 ek kilo ko 150 litre pani ke hisab se istemal kiya jata hai.dhanywad
सर स्टीविया की खेती किस प्रकार की जाती है कहा पर बिकती है 1 एकड़ में कितनी उपज हो सकती है कितना बेनिफ्ट हो जाता है ?
(hn)
Punjab
स्टीविया से हमें शूगर मिलती है हमें इसके पत्तों से ज़ीरो कैलोरी स्वीटनेस मिलती है जो कि यह शूगर से ज्यादा मीठे होते हैं भारत में इसकी 2 किस्में लगायी जाती हैं mds 14औरmds 13 इसके लिए तापमान 30 डिगरी सेल्सियस से 32 डिगरी सेल्सियस चाहिए पंजाब में धान की काश्त ज्यादा होने के कारण ज़मीन निचले पानी का स्तर नीचे जाना बड़ी चिंता का विषय है पंजाब की जलवायु मुताबिक रेतली और कंडियाली क्षेत्र क धरती इस फसल के लिए अधिक लाभदायक है इस फसल को पानी बहुत कम लगता है और एक बार पौधे लगाने के बाद 5 साल फसल की कटाई ही करनी होती है पहली फसल की कटाई तीन महीनों के बाद होने के कारण किसानों को आमदन जल्दी शुरू हो जाती है एक एकड़ ज़मीन में 30 से 40 हज़ार पौधे लगते हैं महत्तवपूर्ण तथ्य यह है कि इस फसल पर कीटनाशक या नदीननाशक दवाईयों का प्रयोग नहीं होता यूरिया या डी ए पी खाद के स्थान पर सिर्फ रूड़ी की खाद का ही प्रयोग होता है इस तरह से कुदरती खेती का हिस्सा भी कहा जा सकता है स्टीविया के पौधे में मीठास होने के काराण पशु भी मुंह नहीं लगाते यह फसल कम से कम एक कनाल रकबे में भी लगायी जा सकती है पर यदि 5 एकड़ में लगायी जाये तो भारत सरकार कुल लागत का 40 फीसदी सब्सिडी भी देती है फसल को प्रफुल्लित करने के लिए सरकार लगा रही ज़ोर इसलिए कंडियाली क्षेत्र के किसानों को स्टीविया लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है पंजाब के कमिश्नर खेतीबाड़ी डॉ.बलविंदर सिंह सिद्धू का कहना है कि स्टीविया की फसल धान और गेहूं का बदल बन सकती है, दूसरा इस फसल से गेहूं और धान के मुकाबले कमाई भी ज़्यादा होती है, स्टीविया की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Aushadhiya kheti vikas sansthan 6268536795 से संपर्क कर सकते है धन्यवाद
ਬਾਈ ਜੀ ਪਸੂਆਂ ਦੇ ਚਿਚੜਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਕਿਵੇਂ ਕਰੀਏ ?
(pb)
Punjab
ਪਸ਼ੂਆਂ ਤੇ ਡਾਲਡਾ ਘਿਓ ਦੀ ਮਾਲਿਸ਼ ਕਰੋ ਜੀ ਤੇ ਪਸ਼ੂਆ ਦਾ ਆਲਾ ਦੁਆਲਾ ਸਾਫ ਰੱਖੋ ਤੇ ਆਸ-ਪਾਸ ਚੂਨਾ ਕਲੀ ਪਾਉ, ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਤਾਰਾਮੀਰਾ ਦਾ ਤੇਲ ਰੋਜਾਨਾ 20 ਦਿਨ ਦਿਉ ਅਤੇ ਤੁਸੀ taktic 2ml/1liter ਸਪਰੇ ਵੀ ਵਰਤੋਂ, ਇਹ ਤੁਸੀ ਸਪਰੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਆਸ ਪਾਸ ਵੀ ਕਰੋ..
sir dhaan ki fassl me brown spot ka ilaj batao mene pichle post me photo bhi dala tha ?
(hn)
Punjab
asad ji aap iske liye folicur@300ml ko prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad
sir meri mahj nu sui nu 5 din ho gye dhud ni ladii pyi ?
(pb)
Punjab
uss nu tuci Anabolite liquid 100ml rojana, Milkout powder 2-2 chamch swere sham ate Lactin bolus 1-1 goli swere sham deo, iss nal frak paa jawega.
?
(pb)
Punjab
gurmeet i kirpa krke apna swal vistar nal pusho ji tan jo tuhanu sahi jankari diti jaa skee.
sir meri majh nu saal ho gya suyi nu, ajje tak aas nhi hoi, koi ilaz dsyo ?
(pb)
Punjab
tuci uss nu pett de kiria lai fendikind bolus deo, isde nal Agrimin super powder 100gm rojana, Ovumin advance bolus rojana 1goli deo ate 21 din tak dinde rho, iss nal heat vich aa jawegi.
ਬਾਈ ਜੀ ਪਸੂਆਂ ਦੇ ਚਿਚੜਾਂ ਦਾ ਇਲਾਜ ਕਿਵੇਂ ਕਰੀਏ ?
(pb)
Safaee rakho Butox 2 ml 1 litre paani ch ghol ke wallan de ulte rukh lagao Pashu rajya howe Piasa na hove 2 ghante pashu dwaee chatte na Chhiklee pa deo 10-10 din de vakfe baad 3vaar dwaee lagao Farsh vi dho dyo Dhyan rakho dwaee khuraaki vastan feed te na pawe
sir saro da sab toh vdiya beej kehra dsyo plz jis nal mainu saro di fasl da vdiya jharr mil ske te eh mainu kitho mil skda ? main Patiala distt toh aa ?
(pb)
Punjab
Saron de lyi tuc TL 15 , TL 17, RH 0749, RH 0406, RH 9801, RH 9304 , 45s42, 45s35, 45s46, T 59 vargia kisma lgga skde ho..ihna di bijaayi tuc 25 september ton lai k october month de vich kr skde ho.Tuc kisan mele to ja nede de dealer to seed purchase kr skde ho.
mirch me virus hai kya lgaye ?
(hn)
Punjab
Arvind ji kripya aap iski photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
125 ਝੋਨਾ ਕਿੰਨਾ ਸਮਾਂ ਲੈਂਦਾ ਪੱਕਣ ਦਾ ?
(pb)
Punjab
ਚਰਨਜੀਤ ਜੀ PR 125 ਕਿਸਮ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਵਲੋਂ ਤਿਆਰ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ
ਸਤ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਜੀ ਸਰ ਜੀ ਮੇਰੇ ਝੋਨੇ(126) ਲਗਾਏ ਨੂੰ ਸਿਰਫ 29 ਦਿਨ ਹੋਏ ਹਨ ਪਰ ਉਹ ਹੁਣੇ ਤੋਂ ਨਿਸਰਨਾ ਸੁਰੂ ਹੋ ਗਿਆ। ਉਸ ਚ ਇੱਕ ਪੱਤਾ ਜਿਆਦਾ ਲੰਬਾ ਨਿਕਲਦਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਤੇ ਕੋਈ ਕੋਈ ਬੂਟਾ ਿਨਸਰਨਾ ਸੁਰੂ ਹੋ ਗਿਆ। ਇਸ ਦੇ ਇਲਾਜ਼ ਲਈ ਕਿ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ ਸਰ ਜੀ ?
(pb)
Punjab
ਗੁਰਜਿੰਦਰ ਜੀ ਇਹ ਝੰਡਾ ਰੋਗ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ UPL saaf @500 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
तुलसी की खेती कैसै करे और किस महीने से करे ?
(hn)
Maharashtra
यह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए Drudriha Tulsi: यह मुख्य रूप से बंगाल, नेपाल, चटगांव और महाराष्ट्र क्षेत्रों में पाई जाती है यह गले को सूखेपन से राहत देता है यह हाथों, पैरों और गठिया की सूजन से आराम देता है Ram/Kali Tulsi (Ocimum canum): यह चीन, ब्राज़ील, पूर्व नेपाल और साथ ही बंगाल, बिहार, चटगांव और भारत के दक्षिणी क्षेत्रों में पाई जाती है इसका तना जामुनी और पत्ते हरे रंग के और बहुत ज्यादा सुगंधित होते है इसमें उचित मात्रा में औषधीय गुण जैसे ऐज़ाडिरैकटिन, ऐंटीफंगल , ऐंटीबैक्टीरियल, और पाचन तंत्र को ठीक रखती है यह गर्म क्षेत्रों में बढ़िया उगता है Babi Tulsi: यह पंजाब से त्रिवेंद्रम, बंगाल और बिहार में भी पाई जाती है इसका पौधा 1-2 फीट लम्बा होता है पत्ते 1-2 इंच लम्बे, अंडाकार और नुकीले होते है इसके पत्तों का स्वाद लौंग की तरह और सब्जियों में स्वाद के लिए प्रयोग किया जाता है तुलसी की खेती के लिए, अच्छी तरह से शुष्क मिट्टी की मांग की जाती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक हैरो के साथ खेत की जोताई करें, फिर रूड़ी की खाद मिट्टी में मिलाएं तुलसी की रोपाई सीड बैड पर करें फरवरी के तीसरे महीने में नर्सरी बैड तैयार करें पौधे के विकास के अनुसार, 4.5 x 1.0 x 0.2 मीटर के सीड बैड तैयार करें बीजों को 60x60 सैं.मी. के फैसले पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के 6-7 हफ्ते बाद, फसल की रोपाई खेत में करें तुलसी की खेती के लिए 120 ग्राम बीजों का प्रयोग प्रति एकड़ में करें फसल को मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारीयों से रोकथाम के लिए, बिजाई से पहले मैनकोजेब 5 ग्राम प्रति किलोग्राम से बीजों का उपचार करें फसल की बढ़िया पैदावार के लिए बिजाई से पहले 15 टन रूड़ी की खाद मिट्टी में डालें तुलसी के बीजों को तैयार बैडों के साथ उचित अंतराल पर बोयें मानसून आने के 8 हफ्ते पहले बीजों को बैड पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के बाद, रूड़ी की खाद और मिट्टी की पतली परत बीजों पर बना दें इसकी सिंचाई फुवारा विधि द्वारा की जाती है रोपाई के 15-20 दिनों के बाद, नए पौधों को तंदरुस्त बनाने के लिए 2% यूरिया का घोल डालें 6 हफ्ते पुराने और 4-5 पत्तों के अंकुरण होने पर अप्रैल के महीने में नए पौधे तैयार होते है तैयार बैडों को रोपाई 24 घंटे पहले पानी लगाएं ताकि पौधों को आसानी से उखाड़ा जा सकें और रोपाई के समय जड़ें मुलायम और सूजी हुई हो खेत की तैयारी के समय, रूड़ी की खाद को मिट्टी में मिलाएं खाद के तौर पर नाइट्रोजन 48 किलो(यूरिया 104 किलो), फासफोरस 24 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 150 किलो) और पोटाश 24 किलो(मिउरेट 40 किलो) प्रति एकड़ में डालें नए पौधे लगाने के समय नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफेट पेंटोऑक्साइड की पूरी मात्रा शुरुआती समय में डालें Mn 50 पी पी एम कंसंट्रेशन और Co@100 पी पी एम कंसंट्रेशन सूक्ष्म-तत्व डालें बाकी की बची हुई नाइट्रोजन को 2 हिस्सों में पहली और दूसरी कटाई के बाद डालें खेत को नदीनों से मुक्त करने के लिए कसी की मदद से गोड़ाई करें नदीनों की रोकथाम कम न होने पर यह फसल को नुकसान पहुंचाते है रोपण के एक महीने बाद पहली गोड़ाई और पहली गोड़ाई के चार हफ्ते बाद दूसरी गोड़ाई करें रोपण के दो महीने बाद कसी से अनुकूल गोड़ाई करें गर्मियों में, एक महीने में 3 सिंचाइयां करें और बरसात के मौसम में, सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती एक साल में 12-15 सिंचाइयां करनी चाहिए पहली सिंचाई रोपण के बाद करें और दूसरी सिंचाई नए पौधों के स्थिर होने पर करें 2 सिंचाइयां करनी आवश्यक है और बाकी की सिंचाई मौसम के आधार पर करें इसके मंडीकरण के लिए आप Aushadhiya kheti vikas sansthan 6268536795 से संपर्क कर सकते हैं
Uttar Pradesh
thank you madam
coragen of use to sakata hai dhan mei ?
(hn)
Punjab
Amit ji coragen ek keetnashak hai iska istemal keeton ki roktham ke liye kiya jata hai yeh gobh ki sundi ya jad ki sundi ki roktham karti hai iski matra 60 ml ko 150 litre pani men mila kar istemal ki jati hai.dhanywad
शतावरी के बारे मे कुछ बताये ?
(hn)
Maharashtra
यह मिट्टी की कई किस्मों जैसे अच्छे जल निकास वाली लाल दोमट से चिकनी मिट्टी, काली मिट्टी से लैटेराइट मिट्टी में उगाई जाती है यह चट्टानी मिट्टी और हल्की मिट्टी में भी उगाई जा सकती है मिट्टी की गहराई 20-30 सैं.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए यह रेतली दोमट से दरमियानी काली मिट्टी जो अच्छे जल निकास वाली हो, में अच्छे परिणाम देती है पौधे की वृद्धि के लिए मिट्टी pH 6-8 होना चाहिए Satavari (Asparagus racemosus): यह किस्म अफ्रीका, चीन, श्री लंका, भारत और हिमालय में पायी जाती है पौधे की ऊंचाई 1-3 मीटर होती है फूल 3 सैं.मी. लंबे होते और इसके फूल का बाहरी भाग 3 मि.मी. लंबा होता है Satavari (Asparagus sarmentosa Linn.) : यह किस्म सूदरलैंड, बुरशैल और दक्षिण अफ्रीका में पायी जाती है इस पौधे की ऊंचाई 2-4 मीटर लंबी होती है और फूल का बाहरी भाग 1 इंच लंबा होता है शतावरी की खेती के लिए, अच्छे जल निकास वाली रेतली दोमट मिट्टी की आवश्यकता होती है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए, ज़मीन की अच्छे से जोताई करें, और 15 सैं.मी. की गहराई में गड्ढा खोदें रोपाई तैयार बैडों पर की जाती है पौधों की रोपाई जून-जुलाई के महीने में की जाती है इसके विकास के अनुसार 4.5x 1.2 मीटर फासले का प्रयोग करें और 20 सैं.मी. गहराई में गड्ढा खोदें जब पौधा 45 सैं.मी. का हो जाए, तब खेत में रोपाई की जाती है अधिक पैदावार के लिए, 400-600 ग्राम बीजों का प्रति एकड़ में प्रयोग करें बिजाई से पहले मिट्टी का रासायनिक उपचार किया जाता है अप्रैल के महीने में बीज बोये जाते हैं शतावरी के बीजों को 30-40 सैं.मी. की चौड़ाई वाले और आवश्यक लंबाई वाले बैडों पर बोया जाता है बिजाई के बाद बैडों को नमी के लिए पतले कपड़े से ढक दिया जाता है 8-10 दिनों में पौधों का अंकुरण शुरू हो जाता है 45 सैं.मी. ऊंचाई के होने पर पौधे रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं पौधों की रोपाई 60 x 60 सैं.मी. की मेड़ों पर की जाती है खेत की तैयारी के समय, 80 क्विंटल प्रति एकड़ गली हुई रूड़ी की खाद को मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें नाइट्रोजन 24 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 32 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 52 किलो), और पोटाश 40 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 66 किलो) प्रति एकड़ में डालें मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारियों से पौधे को बचाने के लिए जैविक कीट नाशी जैसे धतूरा, चित्रकमूल और गाय के मूत्र का प्रयोग करें फसल के विकास के समय लगातार गोडाई की आवश्यकता होती है खेत को नदीन मुक्त बनाने के लिए 6-8 हाथ से गोडाई की आवश्यकता होती है पौधों को खेत में रोपण करने के बाद पहली सिंचाई तुरंत कर देनी चाहिए इस फसल को ज्यादा सिंचाई की जरूरत नहीं होती इसलिए शुरूआत में 4-6 दिनों के फासले पर सिंचाई कर दें और फिर कुछ समय के बाद सप्ताह के फासले पर सिंचाई करें पुटाई से पहले सिंचाई जरूर करनी चाहिए ताकि गड्ढों मे से जड़ों को आसानी से निकाला जा सके रोपाई के बाद 20-30 महीनों में पौधे की जड़ें परिपक्व हो जाती हैं मिट्टी और जलवायु के आधार पर जड़ें 12-14 महीनों में पक जाती हैं मार्च-मई के महीने में जब बीज पक जाये, तब पुटाई की जाती है पुटाई कसी की सहायता से की जाती है प्रक्रिया और दवाइयां बनाने के लिए अच्छे से पके बीजों की आवश्यकता होती है
Uttar Pradesh
thank you ji
ग्वार की खेती में काला रोग लग रहा है ?
(hn)
Punjab
महेंद्र जी इस कीट की रोकथाम कि लिए आप इसके ऊपर imidacloprid @60 ml को 150 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
ਬਾਈ ਝੋਨੇ ਤੇ ਗੋਭ ਦੀ ਸੁੰਡੀ ਲਈ ਕਿਹੜੀ ਸਪਰੇ ਕਰੀਏ ?
(pb)
Punjab
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਗੋਭ ਦੀ ਸੁੰਡੀ ਸੁੰਡੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਫੇਮ @30 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਜਾਂ ਕੋਰਾਜਨ @60 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਜਾਂ ਅਦਾਮਾ ਦਾ ਬਾਰਾਜਾਈਡ @400 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ 120 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ।
sr eh kis rog di roktham karda a te is di doze 1 acre ch kini hai ?
(pb)
Punjab
Origin ik keetnashak ate fungusnashi da combination hai isde vich Flubendiamide 3.5% + Hexaconazole5% WDG nam da salt hunda hai isdi matra 400 gram nu prati acre de hisab nal varti jandi hai. eh sheath blight ate sundi di roktham de layi varti jandi hai.dhanwad
सर मैं शतावरी की खेती करना चाहता हूँ ?
(hn)
Maharashtra
यह मिट्टी की कई किस्मों जैसे अच्छे जल निकास वाली लाल दोमट से चिकनी मिट्टी, काली मिट्टी से लैटेराइट मिट्टी में उगाई जाती है यह चट्टानी मिट्टी और हल्की मिट्टी में भी उगाई जा सकती है मिट्टी की गहराई 20-30 सैं.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए यह रेतली दोमट से दरमियानी काली मिट्टी जो अच्छे जल निकास वाली हो, में अच्छे परिणाम देती है पौधे की वृद्धि के लिए मिट्टी pH 6-8 होना चाहिए Satavari (Asparagus racemosus): यह किस्म अफ्रीका, चीन, श्री लंका, भारत और हिमालय में पायी जाती है पौधे की ऊंचाई 1-3 मीटर होती है फूल 3 सैं.मी. लंबे होते और इसके फूल का बाहरी भाग 3 मि.मी. लंबा होता है Satavari (Asparagus sarmentosa Linn.) : यह किस्म सूदरलैंड, बुरशैल और दक्षिण अफ्रीका में पायी जाती है इस पौधे की ऊंचाई 2-4 मीटर लंबी होती है और फूल का बाहरी भाग 1 इंच लंबा होता है शतावरी की खेती के लिए, अच्छे जल निकास वाली रेतली दोमट मिट्टी की आवश्यकता होती है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए, ज़मीन की अच्छे से जोताई करें, और 15 सैं.मी. की गहराई में गड्ढा खोदें रोपाई तैयार बैडों पर की जाती है पौधों की रोपाई जून-जुलाई के महीने में की जाती है इसके विकास के अनुसार 4.5x 1.2 मीटर फासले का प्रयोग करें और 20 सैं.मी. गहराई में गड्ढा खोदें अधिक पैदावार के लिए, 400-600 ग्राम बीजों का प्रति एकड़ में प्रयोग करें फसल को मिट्टी से होने वाले कीटों और बीमारियों से बचाने के लिए, बिजाई से पहले बीजों को गाय के मूत्र में 24 घंटे के लिए डाल कर उपचार करें उपचार के बाद बीज नर्सरी बैड में बोये जाते हैं बिजाई से पहले मिट्टी का रासायनिक उपचार किया जाता है अप्रैल के महीने में बीज बोये जाते हैं शतावरी के बीजों को 30-40 सैं.मी. की चौड़ाई वाले और आवश्यक लंबाई वाले बैडों पर बोया जाता है बिजाई के बाद बैडों को नमी के लिए पतले कपड़े से ढक दिया जाता है 8-10 दिनों में पौधों का अंकुरण शुरू हो जाता है 45 सैं.मी. ऊंचाई के होने पर पौधे रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं पौधों की रोपाई 60 x 60 सैं.मी. की मेड़ों पर की जाती है खेत की तैयारी के समय, 80 क्विंटल प्रति एकड़ गली हुई रूड़ी की खाद को मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें नाइट्रोजन 24 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 32 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 52 किलो), और पोटाश 40 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 66 किलो) प्रति एकड़ में डालें मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारियों से पौधे को बचाने के लिए जैविक कीट नाशी जैसे धतूरा, चित्रकमूल और गाय के मूत्र का प्रयोग करें फसल के विकास के समय लगातार गोडाई की आवश्यकता होती है खेत को नदीन मुक्त बनाने के लिए 6-8 हाथ से गोडाई की आवश्यकता होती है पौधों को खेत में रोपण करने के बाद पहली सिंचाई तुरंत कर देनी चाहिए इस फसल को ज्यादा सिंचाई की जरूरत नहीं होती इसलिए शुरूआत में 4-6 दिनों के फासले पर सिंचाई कर दें और फिर कुछ समय के बाद सप्ताह के फासले पर सिंचाई करें पुटाई से पहले सिंचाई जरूर करनी चाहिए ताकि गड्ढों मे से जड़ों को आसानी से निकाला जा सके
ਸਰ ਨਰਮੇ ਤੇ ਲੀਡਰ ਸਪਰੇ ਦਾ ਅਸਰ ਹੋਇਆ ਇਸ ਦੀ ਕੋਈ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਕੁੱਝ ਹੋ ਸਕਦਾ ਅਸੀਂ ਫੋਟੋ ਪਾਈ ਹੋਈ ਹੈ ਵੇਖ ਕੇ ਦੱਸੋ ਜੀ ?
(en)
Punjab
ਹਰਦੀਪ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕੇ ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ ਵਿਚ ਕਿੰਨੀ ਮਾਤਰਾ leader ਦੀ ਸਪਰੇ ਕੀਤੀ ਹੈ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
dairy farm training center kithe hai ?
(pb)
Batala road , near telephone exchange amritsar
narma ful ni chuk reha, ki kuch paya jave ?
(pb)
Maharashtra
ਜੇਕਰ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 80-100 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਫਸਲ ਨੂੰ ਫੁੱਲ ਨਾ ਨਿਕਲਣ ਜਾਂ ਫੁੱਲ ਘੱਟ ਹੋਣ ਤਾਂ ਫੁੱਲਾਂ ਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਜ਼ਿਆਦਾ ਸੂਖਮ-ਤੱਤ ਖਾਦ 750 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪ੍ਰਤੀ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਬੀ.ਟੀ. ਕਿਸਮਾਂ ਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 85, 95 ਅਤੇ 105 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ 13:0:45 ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ 10 ਗ੍ਰਾਮ ਜਾਂ ਪੋਟਾਸ਼ 5 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਸ਼ਾਮ ਦੇ ਸਮੇਂ ਕਰੋ ਵਧੇਰੇ ਪੈਦਾਵਾਰ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਨ ਲਈ ਪੋਟਾਸ਼ੀਅਮ 10 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਅਤੇ ਡੀ.ਏ.ਪੀ. 20 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ (ਪਹਿਲੇ ਫੁੱਲ ਖਿਲਣ ਤੋਂ ਹਰੇਕ 15 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਫਾਸਲੇ ਤੇ 2-3 ਸਪਰੇਆਂ) ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਕਈ ਵਾਰੀ ਵਰਗਾਕਾਰ ਲਾਰਵਾ ਡਿੱਗਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਨਾਲ ਫੁੱਲ ਝੜਨੇ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ, ਇਸਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਪਲੈਨੋਫਿਕਸ (ਐਨ.ਏ.ਏ.) 4 ਮਿ.ਲੀ. ਅਤੇ ਜ਼ਿਆਦਾ ਸੂਖਮ-ਤੱਤ 120 ਗ੍ਰਾਮ, ਮੈਗਨੀਸ਼ੀਅਮ ਸਲਫੇਟ 150 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ 15 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਖਰਾਬ ਮੌਸਮ ਦੇ ਕਾਰਨ ਟੀਂਡੇ ਝੜਦੇ ਦਿਖਾਈ ਦੇਣ ਤਾਂ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 100 ਗ੍ਰਾਮ 00:52:34 + 30 ਮਿ.ਲੀ. ਹਿਊਮਿਕ ਐਸਿਡ (>12%) + 6 ਮਿ.ਲੀ. ਸਟਿੱਕਰ ਨੂੰ 15 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ 10 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਫਾਸਲੇ ਤੇ ਤਿੰਨ ਸਪਰੇਆਂ ਕਰੋ ਅੱਜ-ਕੱਲ ਪੱਤਿਆਂ ਵਿੱਚ ਲਾਲੀ ਬਹੁਤ ਜ਼ਿਆਦਾ ਦਿਖ ਰਹੀ ਹੈ, ਇਸ ਦਾ ਮੁੱਖ ਕਾਰਨ ਪੌਸ਼ਟਿਕ ਤੱਤਾਂ ਦੀ ਘਾਟ ਹੈ ਇਸ ਨੂੰ ਖਾਦਾਂ ਦੇ ਸਹੀ ਉਪਯੋਗ ਨਾਲ ਠੀਕ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਕਰਨ ਲਈ 1 ਕਿਲੋ ਮੈਗਨੀਸ਼ੀਅਮ ਸਲਫੇਟ ਦੀ ਪੱਤਿਆਂ ਤੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਅਤੇ ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਯੂਰੀਆ 2 ਕਿਲੋ ਨੂੰ 100 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ
sir me papita ki kheti krna chahta hu, aap humko samjha sakte hai k papita ki kheti kaise krte hai ?
(hn)
Maharashtra
इसे मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में :-Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयोग्य किस्म है यह उच्च घनत्व में रोपाई के लिए लाभदायक है Pusa Giant: इस किस्म के पौधे तेज हवा को सहनेयोग्य है यह बड़े फलों का उत्पादन करती है यह पैकिंग के लिए उपयुक्त किस्म है CO 3: इसके फल बड़े आकार के और अंडाकार होते हैं इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है CO 1: यह छोटे कद की किस्म है जिसके फल मध्यम आकार के होते हैं फल गोलाकार, नर्म हरा-पीला छिल्का और संतरी पीले रंग का गुद्दा होता है फल रसदार होता है और इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है Coorg Honey Dew: इसे सीधे तौर पर खाने के लिए और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है इसके फल आयताकार और गुद्दा मोटा संतरी रंग का होता है Pusa Majesty: इसके फल मध्यम आकार के, गोल होते हैं इन्हें रखने की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है यह किस्म 146 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह किस्म जड़ गलन निमाटोड के प्रतिरोधक किस्म है Pusa Delicious: यह मध्यम लंबी किस्म है इसके फल मध्यम आकार के होते हैं, गुद्दा गहरे संतरी रंग का होता है इस किस्म को कतारों में लगाने के लिए प्रयोग किया जाता है पपीते की खेती के लिए नदीन रहित भूमि का प्रयोग करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर मिट्टी में अच्छी तरह मिलाकर डालें सिफारिश किए गए फासलों पर 1 मीटर x 1 मीटर x 1 मीटर आकार के गड्ढे खोदें गड्ढों को मिट्टी और रूड़ी की खाद या गाय के गले हुए गोबर से भरें प्रयोग की गई किस्म के आधार पर प्रत्येक गड्ढे पर 2-4 नए पौधों की रोपाई करें रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें हवा से बचाव के लिए खूंटा लगाएं बीजों को 150 गेज़ की मोटाई वाले, 25 x 10 सैं.मी. के पॉलीथीन बैग में बोयें पानी के उचित निकास के लिए पॉलीथीन बैग के निचले हिस्से में 1 मि.मी. अर्द्धव्यास का छेद करें उसके बाद पॉलीथीन बैग में समान अनुपात में रूड़ी की खाद, मिट्टी और रेत डालें बिजाई से पहले बीजों का उपचार करें रोपाई के लिए 6-7 सप्ताह के पौधों का प्रयोग करें यूरिया 150 ग्राम, फासफोरस 80 ग्राम, पोटाश 100 ग्राम प्रति वृक्ष में प्रति वर्ष डालें खादों को 4 भागों में बांटकर रोपाई के बाद पहले, तीसरे, पांचवे और सातवें महीने में डालें बसंत के मौसम में फरवरी मार्च के महीने में बिजाई करें जबकि मॉनसून के मौसम में बिजाई के लिए जून जुलाई का महीना उपयुक्त होता है और पतझड़ के मौसम में बिजाई अक्तूबर से नवंबर महीने में की जाती है आमतौर पर 1.8 मीटर x 1.8 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है उच्च घनता की रोपाई के लिए 1.5 मीटर x 1.5 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है नर्सरी में बीज को 1 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बीजो की खेत में सीधे बिजाई या मुख्य खेत में नए पौधों की रोपाई की जाती है 100-120 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें मिट्टी की किस्म, जलवायु के हालातों आदि के आधार पर सिंचाई करें सर्दियों में 15 दिनों के अंतराल पर और गर्मियों में 7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें तने को पानी के संपर्क में ना आने दें और खेत में पानी भी खड़ा ना होने दें पौधे की प्रौढ़ अवस्था के दौरान नदीनों की रोकथाम जरूरी होती है नदीनों की तीव्रता के आधार पर, नियमित और हल्की गोडाई करें फ्लूक्लोरालिन या बूटाक्लोर 800 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें नदीनों की रोकथाम के लिए मलचिंग भी एक प्रभावी तरीका है पौधों की रोपाई के कुछ दिनों बाद प्लास्टिक शीट या धान की पराली या गन्ने के बचे कुचे को मलच के रूप में डालें मुख्यत: फल के पूरा आकार लेने और हरे से हल्का पीला रंग होने पर तुड़ाई की जाती है पहली तुड़ाई रोपाई के 14-15 महीनों के बाद की जा सकती है 4-5 तुड़ाइयां प्रति मौसम की जा सकती हैं धन्यवाद
ਗਾਜਰ ਦਾ pc 34 ਬੀਜ ਕਿੱਥੋ ਮਿਲੇਗਾ ?
(pb)
ਸਰ ਝੋਨਾ 50 ਦਿਨਾ ਦਾ ਹੋ ਗਿਆ ਹੈ, ਪਰ ਪੂਰੀ ਗਰੋਥ ਨਹੀ ਕਰ ਰਿਹਾ, ਉਸ ਵਿਚ 135 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ 5 ਕਿਲੋ ਜਿੰਕ ਅਤੇ biovita ਪਾਇਆ ਸੀ ?
(pb)
Punjab
gagandeep ji isde vich tuc NPK 191919 ik kilo nu 150 litre pani vich mila ke spray karo.dhanwad
cane disease pokka boeng control ?
(hn)
Maharashtra
Ganne men Pokkah Boeng ki roktham ke liye aap isme Carbendazim@4gm/Ltr ja Copper Oxychloride@3gm/Ltr ja Mancozeb@3gm/Ltr pani ke hisab se spray karen.
sir ਮੇਰੀ ਗਾਂ ਰਾਤ ਸੂਈ ਹੈ, ਉਸ ਦੇ ਤਿੰਨ ਥਨ ਬੰਦ ਹਨ, ਇੱਕ ਵਿਚੋਂ ਹੀ ਦੁੱਧ ਆ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਕੀ ਇਲਾਜ ਕਰਨਾ ਹੈ ਦੱਸੋ ਜੀ ?
(pb)
Punjab
Sajan ji tuci usss nu nazdiki doctor ton check krwao kyuki usde thnaa di janch krke bnnd honn da sahi karan ate sahi ilagg kita jaa skda hai..
मिलीबग कपास में ज्यादा हुआ, इसके लिए क्या करें ?
(hn)
Maharashtra
इसकी रोकथाम के लिए मक्की, बाजरा और जवार की फसलें कपास की फसल के आस पास उगाएं प्रभावित पौधों को उखाड़कर पानी के स्त्रोतों या खाली स्थानों पर ना फेंके, बल्कि इन्हें जला दें कपास के खेतों के आस पास गाजर घास ना होने दें, क्योंकि इससे मिली बग के हमले का खतरा बढ़ जाता है इसे नए क्षेत्रों में फैलने से रोकने के लिए प्रभावित क्षेत्रों वाले इन्सानों या जानवरों को सेहतमंद क्षेत्रों में जाने से रोक लगाएं शुरूआती समय नीम के बीजों का अर्क 5 प्रतिशत 50 मि.ली. प्रति लीटर + कपड़े धोने वाले सर्फ 1 ग्राम प्रति लीटर प्रभावित पौधों के डब्बों पर डालें यदि इसका हमला गंभीर हो तो प्रोफैनोफोस 500 मि.ली. प्रति एकड़ को 150 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें एक चम्मच वॉशिंग पाउडर 15 लीटर की टैंकी में मिक्स करें या क्विनलफॉस 25 ई सी 5 मि.ली. प्रति लीटर पानी या क्लोरपाइरीफॉस 20 ई सी 3 मि.ली. प्रति लीटर पानी में डालकर स्प्रे करें
ਇਸ ਤਰਾਂ ਹੋ ਰਹੇ ?
(pb)
Punjab
ਗੁਰਦੀਪ ਜੀ ਇਹ ਧੱਬੇ ਫੰਗਸ ਦੇ ਕਾਰਨ ਪੈ ਰਹੇ ਹਨ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ Thiophanate methyl@300gm ਜਾ arbendazim@400gm ਜਾ M-45@400gm ਜਾ Upl di saaf@400gm ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
sir 1121 vich DAP di lod hai ya nhi ?
(pb)
Punjab
amandeep ji jekar kanak nu DAP di poori matra payi hai ta tuhanu hun DAP paun di lod nahi hai.dhanwad
Punjab
thanku sir
pashu ko heat me lane ka desi trika bta do sir ji ?
(hn)
Rajasthan
यदि पशु मिर्नल मिक्सर्च रोजाना देने से और दवाई देने से हीट मे नहीं आ रहा तो आप पशु को हीट में लाने के लिए पंसारी की दुकान से जैंफल के तीन पीस लें उसके बाद इसे गर्म करके भून लें जिससे यह नर्म हो जाये जैंफल का एक पीस भून कर फिर पीस कर बारीख कर लें उसके बाद इसे आटे के पेड़े के ऊपर गुड लगाकर खिलायें इस प्रकार लगातार 3 दिन तक खिलायें इससे पशु हीट में आ जायेगा
Rajasthan
Dhatura ke dode khilao
Rajasthan
Ya vagina me kapur ki goli rakh do
नमस्कार सर जानवरों को मक्खी और मच्छर बहुत काटते हैं, मक्खी मच्छर से बचने के उपाय व कोई रासायनिक दवाई हो तो बताएं जिससे जानवरों को नुकसान ना हो और मक्खी मच्छर दूर रहें ?
(hn)
Punjab
यदि कोई दवाई का प्रयोग करना है तो dermeez नाम की दवाई 1-2 मिली को एक लीटर पानी के साथ मिलाकर पशु के ऊपर मालिश करें यह zydus कंपनी की दवाई है या थोडी सी फरनैल 1 लीटर पानी में मिलाकर जानवरों पर उस पानी की स्प्रे करें ध्यान से फरनैल भी पानी में डालकर छिडकाव कर सकते है और मक्खी नहीं बैठती और आप मछरदानी भी लगा सकते है
Rajasthan
Sarso ke tel me kapur dal ke malish kr do relif milegi
Basmati 1121 ch kite kite jhanda rog hai. bio fungicide 2 baar Paa diti but pher bhi jhanda rog hai. please koi hall dasso kite sara kamm Kharab na ho jaye ?
(en)
Maharashtra
rajan ji jhone vich jhande rog da koi pakka ilaj nahi hai.jhande rog di roktham de lyi UPL di saaf@400gm nu urea de nal mila ke shitta de deo. jo hun tuc urea paoge iss de nal iss da shitta de deo. iss ton ilaava tuc oswal di combo 75@400gm prati acre de hisaab nal urea de nal shitta de skde ho. ihh kuch hadd tak control ho jawega. jekar tuc ihna kise hor company di v dwaayi lainde ho tan ihh dhyan rakho ki uss dwaayi de vich carbendazim 12% ate mancozeb 63% wala salt howe. ihh jhande rog di roktham krda Hai.
isme safed makhi or faake ka hamla hai, patte mud rhe hai, smadhaan btayen ?
(hn)
Maharashtra
नरमे में जूं, तेले और थ्रिप्स है, इसकी रोकथाम के लिए prophenofos@500ml याEthion@800ml या oberon@200ml या Bayer की Admire pro@12gm या Flotis@400ml की प्रति एकड़ के हिसाब से 150 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें
धनिये की खेती के बारे में जानकारी चाहिए अगस्त के आखिरी हफ्ते और सितम्बर के पहले हफ्ते मे धनिये की खेती और इसके बीज के बारे मे जानकारी दें ?
(hn)
Maharashtra
धनिया रबी के मौसम की फसल है इसकी बिजाई के लिए 15 अक्तूबर से 15 नवंबर का समय अनुकूल होता है कतार से कतार का 30 सैं.मी. या पौधे से पौधे का 15 सैं.मी. फासला रखें बीज की गहराई 3 सैं.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए इसकी बिजाई के लिए पोरा ढंग का प्रयोग किया जाता है एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 8-10 किलो बीजों का प्रयोग करें जल्दी अंकुरन के लिए बीजों को बिजाई से पहले अच्छी तरह रगड़ लेना चाहिए ताकि इसके ऊपर की ओर से अनावश्यक छिल्कें उतर जायें बिजाई से पहले बीजों को 8 से 12 घंटे के लिए पानी में भिगोकर रख देना चाहिए फसल को जड़ गलन और पौधे सूखने की बिमारी से बचाने के लिए बीजों को 4 ग्राम टराइकोडरमा विराइड स्यूडोमोनास फलोरसैंस प्रति किलोग्राम बीज में मिला देना चाहिए CS 6: यह उच्च उपज वाली किस्म है इसकी औसतन पैदावार 4.12 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Acr 1: यह किस्म 140-145 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह तना पित्त गलन के प्रतिरोधी किस्म है इस किस्म की वृद्धि बाकी किस्मों की वृद्धि से ज्यादा होती है इसकी औसतन पैदावार 4.8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है GC 1: इसके दाने मध्यम आकार के, गोल और पीले रंग के होते हैं यह किस्म 112 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह किस्म सूखा और पत्तों के ऊपरी धब्बा रोगों को सहनेयोग्य है इसकी औसतन पैदावार 4.5 क्विंटल प्रति एकड़ होती है GC 2: यह किस्म लंबी और अर्द्ध फैलने वाली है, इसके मध्यम आकार के दाने होते हैं इसकी औसतन पैदावार 5.8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है CO 1: यह छोटे कद की किस्म है इसके बीज छोटे आकार के, भूरे रंग के दाने होते हैं यह किस्म 100-120 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 2 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
ah ki problem ji ?
(pb)
harjinder ji kirpa karke daso ke eh dikkat sare khet vich aa rahi hai ja ik do paudheya vich aa rahi hai ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
sr sare khet me 100 me 40% he
sir a ki kam karda ji ?
(pb)
Je ena wadhya ae tan phir desi gau nu khuao Walaiti palan di lorh hi nahi Bhai dudh tan Nasal te Sambhal naal hi wadhuga Vitamin naal ni Je pashu nu rajwa wadhya hara chaara pa dita jawe tan kise vitamin di lorh ni
ਭਿੰਡੀ ਦੇ ਪੱਤਿਆਂ ਤੇ ਬਹੁਤ ਜਿਆਦਾ ਮੱਛਰ ਹੈ, ਤੁਸੀਂ ਦੱਸੋ imidacloprid spray 20 litre ਵਿੱਚ ਕਿੰਨੀ ml ਪਾਈ ਜਾਵੇ। ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਜੀ ?
(pb)
Punjab
ਸੁਰਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਮਾਤਰਾ 20 ml ਨੂੰ 20 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Punjab
virender g aap ji da bahut bahut dhanvaad g
veer g isnu 10 mahine ho gaye aa par dudh nahi laya pehlan katti aa than lambe aa ?
(pb)
Haryana
rajkaran Ji.....aapki bhasa se ye ptta nahi chal paa rha ki aap kya poochna chahte hai....thoda vistaar se likhe
Punjab
khali hai
ਸਰ ਮੇਰੇ ਕੋਲ Hf 2 ਗਾਂਵਾ ਹਨ, ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਫੈਟ ਨਹੀਂ ਵਧ ਰਹੀ, ਫੈਟ 2਼0 ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ ?
(pb)
Punjab
ਫੈਟ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਫੀਡ ਦੇ ਨਾਲ 1kg ਸਰੋੰ ਦੀ ਖੱਲ, 1kg ਵੜੇਵਿਆ ਦੀ ਖੱਲ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਉ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Anabolite liquid 100ml, Fatplus ਪਾਊਡਰ 50gm ਜਾਂ Fatmax ਪਾਊਡਰ 50gm ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ
sir ji VITUM ਮੱਝ ko kaya kam karta hai ji ?
(pb)
Punjab
iss nal pashu nu vitamin milde hai jiss nal pashu da lewa ate dudh vdia hunda hai ate pashu nu energy mildi rehndi hai..
ਮਿਰਚਾਂ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਕਿਵੇਂ ਕਰੀਏ ?
(pb)
Punjab
ਪਨੀਰੀ ਤਿਆਰ ਕਰਨਾ: 1 ਮੀ. ਚੌੜੇ ਅਤੇ ਲੋੜ ਮੁਤਾਬਕ ਲੰਬੇ ਬੈੱਡ ਬਣਾਓ ਕੀਟਾਣੂ-ਰਹਿਤ ਕੋਕੋਪੀਟ 300 ਕਿਲੋ ਨੂੰ 5 ਕਿਲੋ ਨਿੰਮ ਕੇਕ ਨੂੰ ਮਿਲਾਓ ਅਤੇ 1-1 ਕਿਲੋ ਅਜ਼ੋਸਪਿਰੀਲੀਅਮ ਅਤੇ ਫਾਸਫੋਬੈਕਟੀਰੀਆ ਵੀ ਪਾਓ ਇੱਕ ਟਰੇਅ ਭਰਨ ਲਈ ਲਗਭਗ 1.2 ਕਿਲੋ ਕੋਕੋਪੀਟ ਦੀ ਲੋੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ 11,600 ਨਵੇਂ ਪੌਦੇ ਤਿਆਰ ਕਰਨ 120 ਟਰੇਆਂ ਦੀ ਲੋੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਜੋ ਕਿ ਇੱਕ ਏਕੜ ਲਈ ਵਰਤੀਆਂ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ ਸੋਧੇ ਹੋਏ ਬੀਜ ਟਰੇਅ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਬੀਜ ਪ੍ਰਤੀ ਸੈੱਲ ਬੀਜੋ ਬੀਜ ਨੂੰ ਕੋਕੋਪੀਟ ਨਾਲ ਢੱਕ ਦਿਓ ਅਤੇ ਟਰੇਅ ਇੱਕ-ਦੂਜੇ ਦੇ ਨਾਲ ਰੱਖੋ ਬੀਜ ਪੁੰਗਰਨ ਤੱਕ ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਪੋਲੀਥੀਨ ਸ਼ੀਟ ਨਾਲ ਢੱਕ ਦਿਓ ਨਰਸਰੀ ਵਿੱਚ ਬੀਜ ਬੀਜਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ, ਬੈੱਡਾਂ ਨੂੰ 400 ਮੈੱਸ਼ ਨਾਈਲੋਨ ਜਾਲ ਜਾਂ ਪਤਲੇ ਚਿੱਟੇ ਕੱਪੜੇ ਨਾਲ ਢੱਕ ਦਿਓ ਇਹ ਨਵੇਂ ਪੌਦਿਆਂ ਨੂੰ ਕੀੜੇ-ਮਕੌੜੇ ਅਤੇ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਦੇ ਹਮਲੇ ਤੋਂ ਬਚਾਉਂਦਾ ਹੈ 6 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਟਰੇਅ ਵਿਚਲੇ ਨਵੇਂ ਪੌਦਿਆਂ ਨੂੰ ਇਕੱਲੇ-ਇਕੱਲੇ ਕਰਕੇ ਜਾਲ ਦੀ ਛਾਂ ਹੇਠਾਂ ਬੈੱਡਾਂ ਵਿੱਚ ਲਗਾਓ ਬੀਜ ਪੁੰਗਰਨ ਤੱਕ ਪਾਣੀ ਦੇਣ ਵਾਲੇ ਬਰਤਨ ਦੀ ਮਦਦ ਨਾਲ ਪਾਣੀ ਦਿਓ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 18 ਦਿਨ ਬਾਅਦ 19:19:19 ਦੀ 0.5% (5 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ) ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਪਨੀਰੀ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣਾ: 30-40 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਪੌਦੇ ਪਨੀਰੀ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਪਨੀਰੀ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਲਈ 6-8 ਹਫਤੇ ਪੁਰਾਣੇ ਅਤੇ 15-20 ਸੈ.ਮੀ. ਵਾਲੇ ਕੱਦ ਦੇ ਪੌਦੇ ਹੀ ਚੁਣੋ ਨਰਸਰੀ ਲਗਾਉਣ ਦਾ ਉੱਚਿਤ ਸਮਾਂ ਅਕਤੂਬਰ ਦੇ ਅਖੀਰ ਤੋਂ ਅੱਧ-ਨਵੰਬਰ ਤੱਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਨਰਸਰੀ ਨੂੰ 50% ਛਾਂ ਵਾਲੇ ਜਾਲ ਨਾਲ ਢੱਕ ਦਿਓ ਅਤੇ ਪਾਸਿਆਂ ਤੇ ਕੀਟ-ਪਤੰਗੇ ਰੋਕਣ ਵਾਲਾ 40/50 ਮੈੱਸ਼ ਨਾਈਲੋਨ ਦਾ ਜਾਲ ਲਗਾਓ ਪਨੀਰੀ ਵਾਲੇ ਪੌਦੇ 30-40 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ (ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਫਰਵਰੀ-ਮਾਰਚ) ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ
gobh wali sundi de lyi kehde pesticides use kr skde ha ?
(pb)
Punjab
lovepreet ji tuc gobh vali sundi di roktham de layi fame@20ml ja coragena@60ml nu prtai acre de hisab nal spray karo.dhanwad
पौधों का विकास नहीं हो रहा, पत्तियां झुलस रही है, सर कुछ निवारण बताये ?
(hn)
Punjab
गोलू जी आप इसमें vermicompost डाले यह तत्व की कमी के कारण हो रहा है धन्यवाद
?
(hn)
Punjab
Rajveer ji kirpa krke apna swal vistar nal pusho ji tan jo tuhanu sahi jankari diti jaa skee..
mera aam tree suk gaya hai ?
(hn)
Punjab
Arun ji kripya aap iski jad men deemak check karen agar maujood hai to aap iski jadon men chlorpyriphos@4 ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
cr 212 ਝੋਨੇ ਨੂੰ ਗੋਬ ਦੀ ਸੁੰਡੀ ਤੇ ਪੱਤਾ ਲਵੈਟ ਤੇ ਕਾਲੀ ਕੀੜੀ ਲਈ ਕਿਹੜੀ ਸਪਰੇ ਕਰਨੀ ਪੈਂਦੀ ਹੈ
(pb)
Maharashtra
Jhone de vich patta lapet di roktham de lyi tata tukumi@100gm ja coragen@60ml ja fame@20ml ja lambda@200ml nu 150 ltr pani de nal mila ke spray kr skde ho. iss ton ilaava tuc padan@5-7kg ja ferterra@4kg ja regent ultra@4kg prati acre de hisaab nal shitta de skde ho.
Sr dhan me uriya ka ghol ka chidkav kitna khetme kitnakiya jata h btaye
3 ਬੋਰੀਆ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ
dhan ke rog ka nidan ?
(hn)
Punjab
sajan ji yeh fungus ke karn ho raha hai iske liye aap folicur@300ml ko prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad
sir menu ਬੋਇਰ kism da Bakra chahida g, kitho Milu Punjab Cho g, price kinna g ?
(pb)
Rajasthan
Boer Goat South Africa di nasal hai indian vich eh kai thava te pali jandi hai par punjab de vich is di markiting jeada nai hai,Koi ke kuj jankar farmer nu hi es nasal bare pata hai. Maharashtra wich kai farms hai.2000/kg live weight te mildiya hai...Rate purity te vi depend karda hai 3 months old kid 30000Rs plus rate ch mil sakda hai ji baki tusi Ravinder Nikam from Pune se 97636-75583 nal sampark kar sakde ho ehna to mil sakdi hai ji.
Uttar Pradesh
assalam walaikum altaf bhai jaan Ham Aslam Ansari up se bakari farma kholna chahate hai aap koi ray dijiye
Uttar Pradesh
सर में बकरी पालन करना चाहता हूं
Uttar Pradesh
सर मै वाराणसी से में बकरी पालन करना चाहता हूं हमारे यहां देशी नस्ल की 5 बकरियां है लेकिन उनमें दस्त और बुखार सबसे बड़ी समस्या है हम अक्सर वीडियो में देखता हूं6,7 महीने में 30,35 किलो का हो जाता है और हमारे यहां 15,17 महीने 25,30 किलो का ही हो पाता है सर मुझे ये बताईए कि कौन सी नस्ल ठीक पढ़ेगा और क्या क्या खिलाया जाता है
Uttar Pradesh
देसी है देसी रहेगी उनका वेट ग्रोथ नहीं होता है आप ये कर सकते किसी और नस्ल का ब्रीडर लाओ
ਬੱਕਰੀ ਨੂੰ ਹੀਟ ਚ ਲਾਉਣ ਲਈ ਕਿਹੜਾ ਦਵਾਈ ਦਈਏ
Uttar Pradesh
अल्ताफ जी आप फार्म से मुझे बकरा बकरी चाइए क्या आप दे सकते हो 40/50 जानवर चाइए मेरा नाम फते मोहम्मद है मेरा मोबाइल नंबर 9555501135/6387854506
sir kya potash market se le kr ager sida potash ka spray kiya jaye to kya theek rhega or kitni matra me spray krna hoga ?
(hn)
Punjab
gaurav ji sidha potash ki spray nahi ki ja sakti agar aapko khet men potash ki spray karni hai to aap NPK 130045@1 kilo ko prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad
यह कौन सा रोग है ?
(hn)
Punjab
dara singh ji aap iske patton ke neeche machar ka hamla check karen agar maujood hai to aap imidacloprid@1.5 ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
यह भैंस कौन सी नस्ल की है ?
(hn)
Punjab
इसकी फोटो साफ़ नज़र नहीं आ रही है जी लेकिन मुर्राह नसल लग रही है जी
Madhya Pradesh
Tq sir ji
sir ji dhan 1509 ki achi pedawar lene ke liye kon si fertilizer ka use kare or kab kare ?
(hn)
Urea.
Punjab
prabhjeet ji aap dhan men khaaden poori matra men daale aur jab dhan 5% tak nisar jaye to aap iske uper 130045@10 gram ko prati liter pani ke hisab se spray karen.dhanywad