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123501kapilसर मेरे गेँहु म आधी बाली आ चुकी है इसमे Npk ya potash ka sprey kar sakta h koi nuksan to ni hai ?Tag---- 13/03/20 06:56 PM-----
123502Jaskaran Singhsir Makki Di late bijai vaaste Vdia kism daso ?Tag---- 13/03/20 06:51 PM-----
123503Gurpreet Chahalveer g cow di dilvery ch ik month rah gya ohda lava bdohn lye ta vadia dudh lye ki dita Java. feed nala Madicine ?Tag---- 13/03/20 06:36 PM-----
123504Rinku ਇਹ ਬਕਰਾ ਰੋਲਾ ਬਹੁਤ ਪਾਉਣ ਲੱਗ ਪਿਆ ਹੈ। ਪਿਛਲੇ ੲਿਕ ਹਫ਼ਤੇ ਤੋਂ। ਇਸ ਦਾ ਕੋਈ ਇਲਾਜ ਦਸੋਂ ਜੀ ?TagVideo-- 13/03/20 06:34 PM-----
123505Bijender Singhसतत विकास के लिए कृषि में नवाचार ?Tag--
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123506amit pandeynamaskaar sir, gaay ka ph balance theek rakhne ke liye kya de ?Tag---- 13/03/20 06:12 PM-----
123507ranjeet singhSir poultry farm per kitne percent subsidy chal rahi hai ?Tag---- 13/03/20 06:08 PM-----
123508jagseer singhsantra de baag nu keho jeha enviorment chahida hunda ki eh punjab ch hoo sakdaa abohar area ?Tag---- 13/03/20 06:05 PM-----
123509jagveer singhsir ji mujhe goat farming k loan ke liye project report chahiye jo bank mang rha hai mujhe bataiye kease bnegiTag---- 13/03/20 06:04 PM19/02/21 01:46 PM---
123510Gurdhian SinghTagAudio-- 13/03/20 06:02 PM18/02/21 10:54 AM---
123511Gurdhian Singhsir mai papita lgauna hai jankari deo ?Tag---- 13/03/20 06:01 PM-----
123512IRFAN KHANpyaj ka kad pila pad raha hai aur naya futan nahin chal raha hai kripya karke Koi upchar bataiye ?Tag--
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123513Harsh Deep Singhsir btau te fungus lyi tilt di spray krti ji oh km kru poora ?Tag---- 13/03/20 05:58 PM-----
123514parminderdevmediaTagAudio-- 13/03/20 05:49 PM18/02/21 10:54 AM---
123515?????ਸਰ ਜੀ, ਗਾਂ 3 ਮਹੀਨੇ ਦੀ ਗੱਬਣ ਏ ਉਹ ਦੁੱਧ ਬਹੁਤ ਘੱਟ ਗਈ ਹੈ, ਕੋਈ ਇਲਾਜ ਦੱਸੋ ?Tag---- 13/03/20 05:42 PM-----
123516suresh kumarGoat farming ke liye kya karna padega ?Tag---- 13/03/20 05:40 PM-----
123517suresh kumarSir main dairy farming karna chahta hoon kaise karu ?Tag---- 13/03/20 05:33 PM-----
123518Prabhjeet Singh Pabhi BawadevmediaTagAudio-- 13/03/20 05:24 PM18/02/21 10:55 AM---
123519Tarunbeer SinghPls daso PAU Ludhiana Kisan mela kado aa ?Tag---- 13/03/20 05:22 PM-----
123520SandeepKrishna bajra sx72 ki paidabar kaisi hai ?Tag---- 13/03/20 05:20 PM-----
123521suresh kumarSir mushroom ki kheti karna chahte hai kaise kare ?Tag---- 13/03/20 05:15 PM-----
123522Prince Rajputkheera ki kheti kese karte hai ?Tag---- 13/03/20 05:15 PM-----
123523ਜਤਿੰਦਰ ਸਿੰਘgai da gumi hoi a ehda koi ilaj haga ta daso ?Tag--
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123524chinuEhe de sakde a ji 5 mahine de ghode de bache nu ?Tag--
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123525gillਵੇਰਕਾ ਅਮ੍ਰਿਤਸਰ ਮਿਲਕ ਪਲਾਂਟ ਚ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਦਫਤਰ ਦਾ ਮੋਬਾਇਲ ਨੰਬਰ ਕੀ ਹੈ ?Tag---- 13/03/20 05:09 PM-----
123526priyank tiwariLehsun bhav ?Tag---- 13/03/20 05:08 PM-----
123527Pawandeep dhillon Which tree nd fruit it is. I am badly confused TagVideo Audio
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123528Billa kalerfish de training lane a sir kitho ta Kdo milu ?Tag---- 13/03/20 04:45 PM-----
123529sumit singlaसर मैंने मुर्रा नसल का 1/2 साल का बच्चा लेना है ?Tag---- 13/03/20 04:41 PM-----
123530gurmeet SinghDairy farm subsidy ?Tag---- 13/03/20 04:28 PM-----
123531Sanjai KashyapGir gau Kaha se khride ?Tag---- 13/03/20 04:24 PM-----
123532Neeraj kumarIs0lbar wheat ki fasal gir gyi h. or is bar barish bhi bhut hui h.karan kya hua h ?Tag---- 13/03/20 04:14 PM-----
123533bhawar lal gurjarसर मैं राजस्थान भीलवाड़ा जिला में रहता हूँ मेरी ये भैंस दूध बहुत कम देती है दिन का 3 से 4 लीटर देती है इनका दूध बढ़ाने के लिए कोई उपाए बताएं और मुझे डेयरी फार्म भी खोलना है आप कुछ जानकारी बताईये, अभी मेरे पास 3 ब्याई हुई भैंस है और 4 बछडे हैं ?Tag---- 13/03/20 04:09 PM-----
123534narinder singhਸਤਿ ਸ੍ਰੀਅਕਾਲ ਜੀ , ਮੈਂ ਬੱਕਰੀ ਫਾਰਮ start ਕਰਨਾ ਚਹਾਂਉਦਾ । ਕਿਹੜੀ ਨਸ਼ਲ ਠੀਕ ਰਹੇਗੀ ਤੇ ਕੀ ਖਾਣ ਲਈ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ । traing ਕੀਤੀ ਹੋਈ ਆ ਜੀ । plz ਆਪਣੇ ਸੁਝਾਅ ਜਰੂਰ ਦਿਉ ਜੀ ?Tag---- 13/03/20 04:07 PM-----
123535karmjeet singhwhen start goat farm training in Ludhiana Punjab ?Tag---- 13/03/20 04:05 PM-----
123536jaswinder singhdevmediaTagAudio-- 13/03/20 03:55 PM18/02/21 10:55 AM---
123537yogesh Kumarsir Kya bat h mne kyi bar ak sval puchh liya h aap ne btaya nhi h plz jrur btaye mere pas Desi k chicks h vo ak dusre ki pichhe se pankh khich kr khate h jakhmi ho jate h 7 to mar bi diye sar plz koyi upay btaye ?Tag---- 13/03/20 03:42 PM-----
123538durgesh kumarLobia ki kheti kase kare ?Tag---- 13/03/20 03:38 PM-----
123539jaswinder singhਘਟੀਆ ਕੱਦੂ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇ ਜੀ ?Tag---- 13/03/20 03:29 PM-----
123540jaswinder singhਸਰ ਜੀ ਬਟੇਰ ਦੀ ਬ੍ਰੀਡ ਕਿੱਥੇ ਉਪਲੱਬਧ ਹੈ ?Tag---- 13/03/20 03:23 PM-----
123541Mahesh Rawatkerमहोदय जी सादर नमस्कार मैं महेश रावतकर आपसे बकरी पालन से संबंधीत जानकारी चाहता हूँ कृपया मुझे उचित जानकारी देने की कृपा करें ?Tag---- 13/03/20 03:19 PM-----
123542gurmandeep singhdevmediaTagAudio-- 13/03/20 03:19 PM18/02/21 10:56 AM---
123543Bijender SinghLotus or Kamal: कमल में हैं अनेक बेहरतरीन गुण- कमल का परिचय (Introduction of Lotus)आपने कमल का फूल (kamal phool) जरूर देखा होगा, और आपको यह भी पता होगा कि कमल का फूल कीचड़ में होता है, लेकिन आप यह नहीं जानते होंगे कि कमल के फूल का उपयोग एक औषधि के रूप में भी किया जाता है। आमतौर पर कमल के फूल का प्रयोग पूजा-पाठ या घरों को सजाने आदि काम में ही किया जाता है, लेकिन सच यह है कि कमल के फूल का प्रयोग कर कई बीमारियों को ठीक (uses of lotus flower in hindi) कर सकते हैं। जी हां, आप कमल के प्रयोग से रक्तपित्त, अत्यधिक प्यास लगने की समस्या, जलन, पेशाब संबंधित बीमारी, कफज दोष, बवासीर आदि में लाभ पा सकते हैं। आयुर्वेदिक ग्रंथों में कमल के फूल से संबंधित अनेक विशेषताएं बताई गई हैं। शायद आपको इनके बारे में जानकारी नहीं होगी। आइए जानते हैं कि जिस कमल के फूल (lotus flower) को आप केवल पूजा-पाठ या सजावट के काम में लाते हैं, उससे रोगों को कैसे ठीक कर सकते हैं। कमल क्या है (What is Lotus ) कमल एक फूल (kamal phool) है जो पानी में उत्पन्न होने वाली वनस्पति है। इसकी तीन प्रजातियाँ होती हैं, जो ये हैंः- कमल इसके पत्ते चौड़े होते हैं जो थाली की तरह पानी में तैरते हुए दिखाई देते हैं। इसके फूल अत्यन्त सुन्दर व बड़े होते हैं। रंग-भेद के अनुसार कमल कई प्रकार होते हैं। कुमुद (Nymphaea alba Linn) कुमुदनी का स्वरूप साधारणतया कमल के जैसा ही होता है; लेकिन इसके पत्ते कमल के पत्ते से छोटे, चमकीले, चिकने, जल की सतह पर तैरने वाले होते हैं। इसके फूल सफेद तथा 5-12 सेमी व्यास के होते हैं। उत्पल (नीलकमल) इसके पत्ते पानी की सतह पर तैरने वाले तथा इसके फूल (kamal phool) नीले रंग के होते हैं। अनेक भाषाओं में कमल के नाम (Lotus Called in Different Languages) कमल का वानस्पतिक नाम Nelumbo nucifera Gaertn. (निलम्बो न्यूसीफेरा), Syn-Nelumbium speciosum Willd, Nelumbium nelumbo Druce है और यह Nymphaeaceae (निंफिएसी) कुल का है। कमल को देश या विदेश में अन्य इन नामों से भी जाना जाता हैः- Lotus in –Hindi – कमल English – लोटस (lotus), इण्डियन लोटस (Indian lotus), चाईनीज वाटर लिली (Chinese water lily), पिंक वाटर लिली (Pink water lily), Sacred lotus (सेक्रेड लोटस) Sanskrit – पद्मम्, नलिनम्, अरविन्दम्, सरसिज, कुशेशयम्, तामरसम्, पुष्करम्, अम्भोरुहम्, पुण्डरीकम्, कोकनदम्, कमलम्, राजीवम् Urdu – नीलोफर (Nilophar) Oriya – पदम (Padam) Kannada – बिलिया तावरे (Biliya tawre) Gujarati – सूरीयाकमल (Suriyakamal) Telugu – कलावा (Kalava), तम्मिपुव्वु (Tammipuvvu), कलुंग (Kalung), एरट्टामरा (Ertamara) Tamil – तामरई (Tamrai), अम्बल (Ambal) Bengali – पद्म (Padam), कोमोल (Komol); नेपाली-कमल (Kamal) Marathi – कमल (Kamal), पम्पोश (Pamposh); मलयालम-तमर (Tamara) Arabic – निलोफर (Nilofar), उस्सुलनील्लोफर (Ussulnillofar) Persian – बेखनीलोफर  (Bekhanilofar), नीलोफर (Nilofar) कुमुद के नाम Hindi – कुमुद, कमोदनी, कोई, कुई Sanskrit – श्वेतकुवलय, कुमुद, कैरव English – यूरोपीयन वाटर लिली (European water lily), वाटर लिली (Water Lily), व्हाईट वाटरलिली (White waterlily) Urdu – गुले नीलोफर (Gule nilofar) Kashmir – ब्रीमपोश (Brimposh);गुजराती-पोयणु (Poyanu) Bengali – शालुक (Shaluk), सुन्दी (Sundi) Nepali – सेतो कमल (Seto kamal) Marathi – कमोद (Kamod), पाण्ढेरन-कमल (Pandheran-kamal) Persian – नीलोफर (Nilofar) Arabic – अनर्बुल्म (Anarbulam), नीलोफर (Nilofar) उत्पल (नीलकमल) के नाम Hindi – कफई, कँवल, कोक्का, नीलकमल English – ब्लू लोटस (Blue lotus), इण्डियन ब्लू वाटर लिली (Indian blue water Lily) Sanskrit – उत्पल,असितोत्पल, कुवलय, नीलकमल, नीलपत्ते, नीलोत्पल, नीलपंकज, उत्पलक Oriya – धाबालकेन (Dhabalken), राँगकेन (Wrongcane), सुबदीकेन (Subdicane); कन्नड़-बीलेनेडीले (Bilenedile) Bengali – नील-साप्ला (Neel-sapla) Marathi – कृष्णकमल (Krishankamal) Gujarati – पोयणु (Poyanu), कनवल (Kanval), नीलोफल (Nilophal) Telugu – कटेलकलुवा (Katelkaluwa), नीटिथामरा (Nitithamara), अल्लिकदा (Allikada), नीटिकुलावा (Nitikulawa) Tamil – वेल्लमपल (Vellampal), नीलोत्पलम (Nilotpalam) Malayalam – सितम्बेल (Sitambel) कमल के औषधीय गुण (Lotus Benefits and Uses in Hindi) कमल के औषधीय प्रयोग, प्रयोग की मात्रा एवं विधियां ये हैंः- सफेद बालों की समस्या में कमल के प्रयोग से लाभ (Benefits of Lotus in Grey Hair Problem in Hindi) उत्पल तथा दूध को मिला लें। इसे मिट्टी के बर्तन में 1 महीने तक जमीन में दबाकर रखें। इसे निकालकर बालों में लगाने से बाल स्वस्थ होते हैं तथा बालों का पकना कम होने लगता है। रूसी हटाने के लिए करें कमल का उपयोग (Lotus Benefits in Removing Dandruff in Hindi) नीलकमल के केशर को तिल तथा आँवले के साथ पीस लें। इसमें मुलेठी मिलाकर सिर में लेप करने से रूसी खत्म होती है। आधासीसी (अर्धावभेदक या अर्धकपारी) में कमल के उपयोग से फायदा (Uses of Lotus in Fighting with Migraine in Hindi) अनन्तमूल, कूठ, मुलेठी, वच, पिप्पली और नीलकमल लें। इन 6 द्रव्यों को कांजी में पीसकर, थोड़ा एरण्ड तेल मिला लें। इसका लेप करने से आधासीसी या अधकपारी तथा सूर्य उगने के बाद होने वाले सिर के दर्द में लाभ मिलता है। उल्टी रोकने के लिए करें कमल का प्रयोग (Lotus Benefits to Stop Vomiting in Hindi) कमल के भुने हुए छिलका रहित बीजों को 1-2 ग्राम की मात्रा में लें। इसमें मधु मिलाकर सेवन करने से उल्टी बंद (kamal gatta benefits) हो जाती है। सिर दर्द में कमल का उपयोग लाभदायक (Lotus Uses in Relief from Headache in Hindi) शतावरी, नीलकमल, दूब, काली तिल तथा पुनर्नवा लें। इन 5 द्रव्यों को जल में पीसकर लेप करने से सभी तरह के सिर दर्द में लाभ मिलता है। गंजेपन की समस्या में कमल से फायदा (Benefits of Lotus in Baldness Problem in Hindi) बराबर भाग में नीलकमल, बहेड़ा फल मज्जा, तिल, अश्वगंधा, अर्ध-भाग प्रियंगु के फूल (lotus flower) तथा सुपारी त्वचा को पीस लें। इसे सिर में लेप करने से गंजेपन की समस्या में लाभ होता है। आंखों की बीमारी में कमल के फूल से लाभ (Lotus Benefits in Cure Eye Disease in Hindi) कमल के फूल (kamal flower) से दूध निकाल लें। इसे काजल की तरह आँखों में लगाने से आंखों के रोग ठीक होते हैं। दांतों के रोग में कमल का इस्तेमाल लाभदायक (Uses of Lotus in Treating Dental Disease in Hindi) कमल की जड़ को चबाने से दांतों के कीड़े खत्म होते हैं। कमल से खांसी का इलाज (Lotus Uses in Fighting with Cough in Hindi) 1-2 ग्राम कमल की बीज के चूर्ण में शहद मिलाकर सेवन करें। इससे पित्त दोष के कारण होने वाली खांसी ठीक (kamal gatta benefits) हो जाती है। गुदाभ्रंश में कमल का उपयोग लाभदायक (Benefits of Lotus in Cure Prolapse Disease in Hindi) कमल के 1-2 ग्राम पत्तों के चूर्ण में चीनी मिला लें। इसे खाने से गुदभ्रंश (गुदा का बाहर आना) में लाभ (uses of lotus flower in hindi) होता है। सुबह-सुबह 2 ग्राम कमल की जड़ के पेस्ट को गाय के घी के साथ मिलाकर सेवन करें। इससे गुदभ्रंश तथा इसकी वजह से होने वाले बुखार में लाभ मिलता है। पेशाब में दर्द और जलन की समस्या को ठीक करता है कमल का उपयोग (Lotus Benefits to Treat Urinary Disease in Hindi) कमल एवं नीलकमल से बने 10-20 मिली शीतकषाय (रात भर ठंडे पानी में रखने के बाद तैयार पदार्थ) या हिम में मधु एवं चीनी मिला लें। इसे पीने से पेशाब में दर्द और जलन की समस्या ठीक होती है। तेल में पकाए हुए 2-4 ग्राम कमलकन्द को गाय के मूत्र के साथ सेवन करें। इससे पेशाब में दर्द की समस्या में लाभ (kamal ke fayde) होता है। बुखार उतारने में कमल का उपयोग लाभदायक (Uses of Lotus in Fighting with Fever in Hindi) कमल का काढ़ा बनाकर 10-20 मिली मात्रा में सेवन करने से बुखार में लाभ होता है। बराबर भाग में उत्पल, अनार फल की छाल तथा कमल केसर चूर्ण (1-2 ग्राम) लें। इसे तण्डुलोदक (चावल के धोवन) के साथ सेवन करने से बुखार के साथ होने वाली दस्त में तुरंत लाभ होता है। पेचिश में कमल के प्रयोग से लाभ (Lotus Uses to Stop Dysentery in Hindi) पित्तज दोष के कारण दस्त हो रही हो या पेचिश हो जाए तो बराबर भाग में कमल, नीलकमल, मंजिष्ठा तथा मोचरस लें। इन्हें 100 मिली बकरी के दूध में पका करें सेवन करें। 100 मिली बकरी के दूध में आधा भाग जल, 1-2 ग्राम सुंधबाला, 2-4 ग्राम नीलकमल, 1 ग्राम सोंठ का चूर्ण और 5-10 मिली पृश्निपर्णी रस मिला लें। इससे दस्त पर रोक (uses of lotus flower in hindi) लगती है। सफेद कमल केसर के पेस्ट में खाँड़, चीनी तथा मधु मिला लें। इसको चावल के धोवन के साथ सेवन करने से पेचिश ठीक होता है। खूनी बवासीर में कमल का सेवन लाभदायक (Benefits of Lotus to Cure Piles in Hindi) चीनी तथा कमल के केसर को मिलाकर मक्खन के साथ सेवन करने से खूनी बवासीर में लाभ होता है। 1-2 ग्राम कमल केशर में मिश्री मिलाकर खाने से योनि से रक्त निकलने की परेशानी और खूनी बवासीर में लाभ होता है। गर्भपात रोकने में सहायता करता है कमल (Lotus Benefits to Stop Miscarriage in Hindi) बराबर भाग में चीनी, कमल नाल तथा तिल के 2-4 ग्राम चूर्ण में मधु मिलाकर सेवन करने से गर्भपात की संभावना कम हो जाती है। गर्भधारण करने में मदद करता है कमल (Lotus Helps in Getting Pregnancy in Hindi) कमल तथा कुमुद के 1-2 ग्राम पत्ते के पेस्ट में मधु एवं चीनी मिलाकर सेवन करने से गर्भपात नहीं होता है। कमल एवं नील कमल की जड़ से बने 1-2 ग्राम पेस्ट में 1 ग्राम मुलेठी चूर्ण, 2 ग्राम चीनी तथा 1 ग्राम तिल मिला लें। इसका सेवन करने से गर्भपात नहीं होता है। नीलकमल कन्द के 1-2 ग्राम चूर्ण में चीनी तथा मधु मिलाकर सेवन करने से गर्भपात के कारण होने वाला दर्द ठीक होता है। दूसरे महीने होने वाले गर्भपात को रोकने के लिए कमल नाल को नागकेसर के साथ मिलाकर दूध के साथ दिन में दो बार सेवन करना चाहिए। योनि की बदबू आने की समस्या में कमल से लाभ (How to Get  Rid from Vaginal Odour Problem in Hindi) कमल-नाल, कमलगट्टा तथा उशीर को तेल में पकाएं। इसे योनि पर लेप करने  से योनि से आने वाली बदबू और योनि के ढीलेपन की समस्या में लाभ होता है। कमल के इस्तेमाल से दाद का इलाज (Lotus Treats Ringworm in Hindi) कमल की जड़ को पानी में पीसकर लेप करने से दाद, खुजली, कुष्ठ रोग और अन्य त्वचा रोगों में फायदा (kamal ke fayde) होता है। त्वचा रोग में फायमेंद कमल का उपयोग (Lotus Cure Skin Disease in Hindi) कमल के पौधे के पत्ते तथा बरगद के पत्तों को जलाकर उनकी भस्म बना लें। इसे तेल में पका लें। इसे लगाने से त्वचा रोगों में लाभ होता है। नाक-कान से खून बहने (रक्तपित्त) की समस्या में कमल से फायदा (Lotus Stops Bleeding in Hindi) 65 मिग्रा कमल पंचांग भस्म को पानी में घोल लें। इसे छानकर जो क्षारोदक मिलता है उसमें मधु मिलाकर पीने से रक्तपित्त (नाक-कान से खून बहने की  समस्या) में लाभ होता है। कमलनाल के 1-2 ग्राम चूर्ण में बराबर भाग में लाल चंदन चूर्ण तथा चीनी मिला लें। इसे चावल के धोवन के साथ सेवन करने से या कमलनाल से बने शीतकषाय (10-20 मिली),  रस (5-10 मिली), पेस्ट (1-2 ग्राम) अथवा काढ़ा (20-30 मिली) का सेवन करने से रक्तपित्त (नाक-कान से खून बहने की समस्या) में लाभ होता है। कमलकेशर के 1-2 ग्राम चूर्ण में मिश्री मिला लें। इसका सेवन करने से खून की उल्टी, थकान, सांसों के रोग, मुंह के सूखने की परेशानी, चक्कर आने की समस्या और अधिक प्यास लगने की समस्या ठीक होती है। कमल फूल (lotus flower) का रस या काढ़ा को 1-2 बूंद नाक में डालने से नकसीर (नाक से खून बहने की समस्या) में लाभ होता है। बराबर भाग में नीलकमल, गैरिक, शंखभस्म तथा चंदन के पेस्ट में मिश्री युक्त जल मिला लें। इसे नाक में डालने से नाक से खून बहने के रोग (नकसीर) में लाभ (kamal ke fayde) होता है। बराबर भाग में खस, लालकमल तथा नीलकमल को जल में भिगो लें। इसे अच्छी तरह घोल लें। इस जल में चीनी तथा मधु मिलाकर सेवन करने से रक्तपित्त (नाक से खून बहने की बीमारी) जाता है। लाल कमल (इनका केसर), उत्पल, पृश्निपर्णी तथा प्रियंगु को जल में पका लें। इसका पीने से रक्तपित्त (नाक से खून बहने की बीमारी) में लाभ होता है। शरीर की जलन में फायदेमंद कमल के गुण (Lotus is Beneficial in Body Irritating in Hindi) 1-2 ग्राम कमल केशर को पीस लें। इसमें मधु मिलाकर खाने से शरीर की जलन खत्म हो जाती है। सफेद कमल को पीसकर शरीर पर लेप करने से जलन से आराम मिलता है। सांप के जहर को उतारने में मदद पहुंचाता है कमल (Benefits of Lotus in Snake Biting Treatment in Hindi) 1-2 ग्राम कमल केशर को बराबर भाग में काली मिर्च के साथ पीस लें। इसे पिएं और सांप के काटे जाने वाले स्थान पर लगाएं। इससे सर्प के काटने से होने वाला दर्द, सूजन आदि में बहुत लाभ होता है। कमल के उपयोगी भाग (Beneficial Part of Lotus) पंचांग फूल (lotus flower) फूल का केसर जड़ बीज फल कमल के प्रयोग की मात्रा (How Much to Consume Lotus ) कंद का रस – 10-20 मिलीॉ बीज का चूर्ण 3-6 ग्राम। कमल कहां पाया या उगाया जाता है (Where is Lotus Found or Grown ) यह भारत के सभी उष्ण प्रदेशों तथा हिमालय, कश्मीर, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, उड़ीसा, महाराष्ट्र में पाया जाता है। इसके साथ ही कमल दक्षिणी भारत में तालाबों एवं पंकयुक्त स्थानों पर भी पाया जाता है।Tag--
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123544gurmandeep singhdevmediaTagVideo-- 13/03/20 03:16 PM18/02/21 10:56 AM---
123545banawariखीरे में ककड़ी की बिल्लू की बढ़वार नहीं हो रही है कोई उपाय बताएं ?Tag---- 13/03/20 03:14 PM-----
123546prem dubayamosambi ki kheti ?Tag---- 13/03/20 03:08 PM-----
123547banawariखीरे की बेल है इसमें क्या रोग है पीलापन हो रहा है भक्तों में कोई उपाय बताएं ?Tag--
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123548Harsh Deep Singhsir ਬਾੜ ਕਰੇਲਾ bare jankari deo ji ?Tag---- 13/03/20 03:04 PM-----
123549Nishan Singhਸਰ ਜੀ Planofix ਦੁਆਈ ਦੀ ਸਪਰੇ ਬੂਟਿਆਂ ਉੱਪਰ ਕਦੋਂ ਕਰਨੀ ਹੈ ਪੂਰੇ ਫੁੱਲ ਪੈਣ ਤੇ ਜਾਂ ਫਿਰ ਕਦੋਂ ਕਰਨੀ ਹੈ ਜੀ ਅਤੇ ਕਿਹੜੇ ਬੂਟਿਆਂ ਉੱਪਰ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਕਿੰਨੀ ਮਾਤਰਾ ਵਿੱਚ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ?Tag---- 13/03/20 03:04 PM-----
123550Bhupinder singhਮੱਛੀ ਫਾਰਮ ਟਰੇਨਿੰਗ ਕਦੋ ਲੱਗ ਰਹੀ ਆ ਜਿਲਾ ਸੰਗਰੂਰ ?Tag---- 13/03/20 03:03 PM-----