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Posted by gurbhej singh
Punjab
11-04-2022 09:58 AM
Punjab
04-12-2022 09:02 AM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Gouge powder 50gm ਰੋਜਾਨਾਂ, Leptaden tablet 10 ਗੋਲੀਆਂ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ Vitamor H injection 5ml ਲਗਾਓ ਅਤੇ ਇਕ ਇਕ ਦਿਨ ਦੇ ਫਰਕ ਨਾਲ 4 ਟੀਕੇ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਉਸਦੀ ਖੁਰਾਕ ਦਾ ਵੀ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ
Posted by Jaskaran Singh
Punjab
11-04-2022 08:58 AM
Punjab
04-12-2022 09:00 AM
ਜਸਕਰਨ ਜੀ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Glactogog powder 50gm ਰੋਜਾਨਾਂ, lactomax tablet 10 ਗੋਲੀਆਂ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ. ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ ਵਧੀਆ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਅਤੇ ਫੀਡ ਦਿਓ ਇਹ ਤੁਸੀ 20 ਦਿਨ ਤੱਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ ਅਤੇ ਮੌਸਮ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਹੀ ਦੇਖਭਾਲ ਕਰੋ
Posted by प्रतापसिंह
Rajasthan
11-04-2022 08:50 AM
Rajasthan
04-11-2022 07:24 PM
प्रताप जी, कृप्या आप हमे यह बताये की आपकी फसल में कोन सा रोग आता है या रोग दिखाई देने पर फसल की फोटो हमे जरूर भेजे , उस हिसाब से ही आपको इस बारे में सही जानकारी दी जा सकेगी। धन्यवाद।
Posted by ajmer
Punjab
11-04-2022 08:11 AM
Punjab
04-11-2022 07:22 PM
ਅਜਮੇਰ ਜੀ, ਤੁਹਾਡੀ ਫ਼ਸਲ ਨੂੰ ਕੋਈ ਸਮੱਸਆ ਨਹੀਂ ਹੈ , ਇਸ ਵਿਚ ਬੀਜ ਬਣਨ ਦੀ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਚੁੱਕੀ ਹੈ। ਧੰਨਵਾਦ।
Posted by AKC
Uttar Pradesh
11-04-2022 06:52 AM
Punjab
04-12-2022 05:32 PM
AKC आप Chandra Seeds Store पर पेठे के सीड लेने के लिए संम्पर्क कर सकते हैं। पता : 622, Sadar Bazaar, Lucknow, Uttar Pradesh. Phone: 095544 48333.
Posted by Tulsi Kumar Mehta
Uttarakhand
10-04-2022 10:44 PM
Maharashtra
04-11-2022 08:27 PM
भूमि की तैयारी फसल के अच्छे अंकुरण और वृद्धि के लिए भूमि की पूरी तैयारी की आवश्यकता होती है। रबी की फसल निकालने के बाद तुरंत खेत की सिंचाई करें, फिर एमबी हल से भूमि की जुताई करें और उसके बाद पाटा लगाएं। एक गहरी जुताई के बाद 2-3 जुताई आवश्यक है। बुआई का समय देसी किस्मों की बुआई अप्रैल के पहले और दूसरे सप्ताह में .... (Read More)
भूमि की तैयारी फसल के अच्छे अंकुरण और वृद्धि के लिए भूमि की पूरी तैयारी की आवश्यकता होती है। रबी की फसल निकालने के बाद तुरंत खेत की सिंचाई करें, फिर एमबी हल से भूमि की जुताई करें और उसके बाद पाटा लगाएं। एक गहरी जुताई के बाद 2-3 जुताई आवश्यक है। बुआई का समय देसी किस्मों की बुआई अप्रैल के पहले और दूसरे सप्ताह में पूरी कर लें। और 15 अप्रैल से मई का पहला सप्ताह अमेरिकी किस्मों की बुआई के लिए इष्टतम समय है। पंक्ति से पंक्ति की दूरी 30 सेमी और पौधे से पौधे की दूरी 67.5 सेमी रखें। बीज दर बीज दर किस्म, बढ़ते क्षेत्र, सिंचाई आदि के अनुसार भिन्न होती है। देसी किस्मों के लिए बीज दर 6 किलोग्राम प्रति एकड़ प्रयोग करें। और अमेरिकी किस्मों के लिए, बीज दर 1.1 किलोग्राम से 1.5 किलोग्राम/एकड़ का उपयोग करें। रस चूसने वाले कीटों के हमले (15-20 दिन तक) से बचाने के लिए बीज को 5-7 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज की दर से इमिडाक्लोप्रिड या थियामेथोक्सम से उपचारित करें। कपास की बुआई के बाद लेकिन उगने से पहले खरपतवारों को नियंत्रित करने के लिए पेन्डीमेथालिन 25-33 मि.ली. प्रति 10 लीटर का स्प्रे करें। पानी डा। बुआई के 6 से 8 सप्ताह बाद जब फसल की ऊंचाई 40-45 सेमी हो तो पैराक्वाट (ग्रामोक्सोन)24%WSC500 मि.ली. प्रति एकड़ या ग्लाइफोसेट 1 लीटर प्रति एकड़ 100 लीटर पानी में डालें। देसी और अमेरिकी कपास किस्मों के लिए, नाइट्रोजन 24 किलोग्राम/ डालें। यूरिया @48 किग्रा, फॉस्फोरस 12 किग्रा एसएसपी के रूप में 75 किग्रा/एकड़। मिट्टी परीक्षण के परिणाम के आधार पर पोटाश का प्रयोग करें। मिट्टी परीक्षण के परिणाम के आधार पर पोटाश का प्रयोग करें। फॉस्फोरस और पोटाश की पूरी मात्रा (यदि आवश्यक हो) और नाइट्रोजन की आधी मात्रा आखिरी जुताई के समय डालें। नाइट्रोजन की शेष आधी मात्रा पहले फूल आने पर डालें। जिंक की कमी वाली मिट्टी में, बीज बोने से पहले जिंक सल्फेट 10 किलोग्राम/एकड़ की दर से मिट्टी में अच्छी तरह मिलाएं, वर्षा की तीव्रता के आधार पर कपास को चार से छह सिंचाई की आवश्यकता होती है। फसल में पहली सिंचाई बुआई के चार से छह सप्ताह बाद करें। तथा शेष सिंचाई दो या तीन सप्ताह के अंतराल पर करें। छोटे पौधों में कभी भी पानी जमा न होने दें। फूल आने और फल लगने के दौरान फसल को पानी की कमी न होने दें, ताकि फूलों और गुच्छों को गिरने से बचाया जा सके। फसल की अंतिम सिंचाई तब करें जब 33% बीजकोष खुल जाएं और उसके बाद सिंचाई के लिए अधिक पानी की आवश्यकता नहीं होती है। कटाई:-गोलकों की तुड़ाई तब करनी चाहिए जब बीजकोष पूरी तरह से परिपक्व हो जाएं।
Posted by Ballbir singh
Punjab
10-04-2022 10:05 PM
Punjab
04-11-2022 07:22 PM
balbir ji sundi di roktham lai tusi quinalphos @ 500ml/acre de hisab nal spray kar sakde ho. dhanwaad.
Posted by Sonu brar
Punjab
10-04-2022 09:56 PM
Rajasthan
04-11-2022 09:16 AM
Sonu ji tuci uss nu ek dum ekatha pani naa pilao, uss nu pani thoda thoda krke din vich 4 varr pilao jiss nal ehh dikat nhi awegi. ehh ekatha pani peen krke hi hunda hai
Posted by Divyank Darshi
Uttarakhand
10-04-2022 09:52 PM
Maharashtra
04-11-2022 07:25 PM
दिव्यांक आप अगेत-76, him 123, him128, प्रभात और मंसूर उगा सकते हैं। धन्यवाद
Posted by raj
Punjab
10-04-2022 09:52 PM
Punjab
04-11-2022 07:30 PM
ਰਾਜ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਇਹ ਦੱਸੋ ਵੀ ਤੁਸੀਂ ਇਸ ਉਪਰ ਕਿਹੜੀ ਸਪਰੇ ਤੇ ਕੀਨੀ ਮਾਤਰਾ ਵਿਚ ਕੀਤੀ ਹੈ ਉਸ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਹੀ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ |
Posted by kuldeep kumar
Punjab
10-04-2022 09:42 PM
Punjab
04-11-2022 07:32 PM
kuldeep ji sarkar walon tan msp 5050 rupay/quintal da rate hai. par private khreed esdi 6000-6500 rupay/quintal takkk ho rahi hai baki esda rate tuhadi upaj di quality upar vi nirbhar karda hai. dhanwaad.
Posted by satnam
Punjab
10-04-2022 09:25 PM
Punjab
04-11-2022 07:36 PM
satnam ji tusi mong di sml 832 te sml 1827 kisam di bijai kar sakde ho. ehna da ausat jhad 5quintal/acre takk aa janda hai. dhanwaad.
Posted by ਜਗਨਾਮ
Punjab
10-04-2022 09:16 PM
Punjab
04-11-2022 07:40 PM
ਜਗਨਾਮ ਜੀ ਇਹ ਝੋਨੇ ਬਾਰੇ ਹਜੇ ਬੀਜਣਦੀ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਕਿਉਕਿ ਇਸ ਬਾਰੇ ਟ੍ਰਾਇਲ ਹਜੇ ਚਲ ਰਹੇ ਹਨ ਧੰਨਵਾਦ |
Posted by Dilpreet Singh sidhu
Punjab
10-04-2022 08:54 PM
Punjab
04-11-2022 09:19 AM
Gurpreet ji tuci uss nu heat vich aun te 28-36 hours vich Ai krwao ate dujji 48 hours badd krwao ate Ai krwa ke uss nu Receptal inj. 5ml (IV) lgwao.
Posted by Jagroop Kaur
Punjab
10-04-2022 08:12 PM
Punjab
04-11-2022 08:15 PM
jagroop ji esnu dekan te koi bimari tan ni lag rahi baki garmi jada kar ke eh ho sakda hai es kar ke tusi paani da te khad da khayal rakho. te bootean da lgatar nirikhan karde raho. dhanwaad.
Posted by balraj
Rajasthan
10-04-2022 08:04 PM
Punjab
04-11-2022 08:35 PM
balraj ji tusi bt cotton de beej nu paani vich bheon ke beej sakde ho es nal boote di growth vadia hundi hai.tusi bijai ton 6-8 ghte pehla beej nu bheon sakde ho. dhanwaad.
Posted by Balvir Singh Mann
Punjab
10-04-2022 07:47 PM
Punjab
04-11-2022 08:01 PM
balvir ji mukut wheat seed kungi di bimari nu rokan di samartha rakhda hai te esdi roti vi vadia bandi hai. eh takriban 110-115 din vich pakk ke teayr ho janda hai. esda jhad 22-25 quintal/acre tak aa janda hai.
Posted by Amarjeet saini
Punjab
10-04-2022 05:40 PM
Punjab
04-11-2022 09:21 AM
ਅਮਰਜੀਤ ਜੀ ਉਸ ਨੂੰ Biotrim injection 15ml ਲਗਵਾਓ ਅਤੇ Amoxirum tablet ਇਕ ਇਕ ਗੋਲੀ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਅਤੇ vivliv liquid 50ml ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ ਮੋਕ ਠੀਕ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਦ ਵੀ ਲਿਵਰਟੋਨਿਕ ਲੰਬੇ ਸਮੇ ਤੱਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ..
Posted by Shyam Sagar
Uttarakhand
10-04-2022 04:28 PM
Maharashtra
04-11-2022 08:28 PM
भूमि की तैयारी फसल के अच्छे अंकुरण और वृद्धि के लिए भूमि की पूरी तैयारी की आवश्यकता होती है। रबी की फसल निकालने के बाद तुरंत खेत की सिंचाई करें, फिर एमबी हल से भूमि की जुताई करें और उसके बाद पाटा लगाएं। एक गहरी जुताई के बाद 2-3 जुताई आवश्यक है। बुआई का समय देसी किस्मों की बुआई अप्रैल के पहले और दूसरे सप्ताह में .... (Read More)
भूमि की तैयारी फसल के अच्छे अंकुरण और वृद्धि के लिए भूमि की पूरी तैयारी की आवश्यकता होती है। रबी की फसल निकालने के बाद तुरंत खेत की सिंचाई करें, फिर एमबी हल से भूमि की जुताई करें और उसके बाद पाटा लगाएं। एक गहरी जुताई के बाद 2-3 जुताई आवश्यक है। बुआई का समय देसी किस्मों की बुआई अप्रैल के पहले और दूसरे सप्ताह में पूरी कर लें। और 15 अप्रैल से मई का पहला सप्ताह अमेरिकी किस्मों की बुआई के लिए इष्टतम समय है। पंक्ति से पंक्ति की दूरी 30 सेमी और पौधे से पौधे की दूरी 67.5 सेमी रखें। बीज दर बीज दर किस्म, बढ़ते क्षेत्र, सिंचाई आदि के अनुसार भिन्न होती है। देसी किस्मों के लिए बीज दर 6 किलोग्राम प्रति एकड़ प्रयोग करें। और अमेरिकी किस्मों के लिए, बीज दर 1.1 किलोग्राम से 1.5 किलोग्राम/एकड़ का उपयोग करें। रस चूसने वाले कीटों के हमले (15-20 दिन तक) से बचाने के लिए बीज को 5-7 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज की दर से इमिडाक्लोप्रिड या थियामेथोक्सम से उपचारित करें। कपास की बुआई के बाद लेकिन उगने से पहले खरपतवारों को नियंत्रित करने के लिए पेन्डीमेथालिन 25-33 मि.ली. प्रति 10 लीटर का स्प्रे करें। पानी डा। बुआई के 6 से 8 सप्ताह बाद जब फसल की ऊंचाई 40-45 सेमी हो तो पैराक्वाट (ग्रामोक्सोन)24%WSC500 मि.ली. प्रति एकड़ या ग्लाइफोसेट 1 लीटर प्रति एकड़ 100 लीटर पानी में डालें। देसी और अमेरिकी कपास किस्मों के लिए, नाइट्रोजन 24 किलोग्राम/ डालें। यूरिया @48 किग्रा, फॉस्फोरस 12 किग्रा एसएसपी के रूप में 75 किग्रा/एकड़। मिट्टी परीक्षण के परिणाम के आधार पर पोटाश का प्रयोग करें। मिट्टी परीक्षण के परिणाम के आधार पर पोटाश का प्रयोग करें। फॉस्फोरस और पोटाश की पूरी मात्रा (यदि आवश्यक हो) और नाइट्रोजन की आधी मात्रा आखिरी जुताई के समय डालें। नाइट्रोजन की शेष आधी मात्रा पहले फूल आने पर डालें। जिंक की कमी वाली मिट्टी में, बीज बोने से पहले जिंक सल्फेट 10 किलोग्राम/एकड़ की दर से मिट्टी में अच्छी तरह मिलाएं, वर्षा की तीव्रता के आधार पर कपास को चार से छह सिंचाई की आवश्यकता होती है। फसल में पहली सिंचाई बुआई के चार से छह सप्ताह बाद करें। तथा शेष सिंचाई दो या तीन सप्ताह के अंतराल पर करें। छोटे पौधों में कभी भी पानी जमा न होने दें। फूल आने और फल लगने के दौरान फसल को पानी की कमी न होने दें, ताकि फूलों और गुच्छों को गिरने से बचाया जा सके। फसल की अंतिम सिंचाई तब करें जब 33% बीजकोष खुल जाएं और उसके बाद सिंचाई के लिए अधिक पानी की आवश्यकता नहीं होती है। कटाई:-गोलकों की तुड़ाई तब करनी चाहिए जब बीजकोष पूरी तरह से परिपक्व हो जाएं।
Posted by Shyam Sagar
Uttarakhand
10-04-2022 04:27 PM
Maharashtra
04-11-2022 08:28 PM
भूमि की तैयारी फसल के अच्छे अंकुरण और वृद्धि के लिए भूमि की पूरी तैयारी की आवश्यकता होती है। रबी की फसल निकालने के बाद तुरंत खेत की सिंचाई करें, फिर एमबी हल से भूमि की जुताई करें और उसके बाद पाटा लगाएं। एक गहरी जुताई के बाद 2-3 जुताई आवश्यक है। बुआई का समय देसी किस्मों की बुआई अप्रैल के पहले और दूसरे सप्ताह में .... (Read More)
भूमि की तैयारी फसल के अच्छे अंकुरण और वृद्धि के लिए भूमि की पूरी तैयारी की आवश्यकता होती है। रबी की फसल निकालने के बाद तुरंत खेत की सिंचाई करें, फिर एमबी हल से भूमि की जुताई करें और उसके बाद पाटा लगाएं। एक गहरी जुताई के बाद 2-3 जुताई आवश्यक है। बुआई का समय देसी किस्मों की बुआई अप्रैल के पहले और दूसरे सप्ताह में पूरी कर लें। और 15 अप्रैल से मई का पहला सप्ताह अमेरिकी किस्मों की बुआई के लिए इष्टतम समय है। पंक्ति से पंक्ति की दूरी 30 सेमी और पौधे से पौधे की दूरी 67.5 सेमी रखें। बीज दर बीज दर किस्म, बढ़ते क्षेत्र, सिंचाई आदि के अनुसार भिन्न होती है। देसी किस्मों के लिए बीज दर 6 किलोग्राम प्रति एकड़ प्रयोग करें। और अमेरिकी किस्मों के लिए, बीज दर 1.1 किलोग्राम से 1.5 किलोग्राम/एकड़ का उपयोग करें। रस चूसने वाले कीटों के हमले (15-20 दिन तक) से बचाने के लिए बीज को 5-7 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज की दर से इमिडाक्लोप्रिड या थियामेथोक्सम से उपचारित करें। कपास की बुआई के बाद लेकिन उगने से पहले खरपतवारों को नियंत्रित करने के लिए पेन्डीमेथालिन 25-33 मि.ली. प्रति 10 लीटर का स्प्रे करें। पानी डा। बुआई के 6 से 8 सप्ताह बाद जब फसल की ऊंचाई 40-45 सेमी हो तो पैराक्वाट (ग्रामोक्सोन)24%WSC500 मि.ली. प्रति एकड़ या ग्लाइफोसेट 1 लीटर प्रति एकड़ 100 लीटर पानी में डालें। देसी और अमेरिकी कपास किस्मों के लिए, नाइट्रोजन 24 किलोग्राम/ डालें। यूरिया @48 किग्रा, फॉस्फोरस 12 किग्रा एसएसपी के रूप में 75 किग्रा/एकड़। मिट्टी परीक्षण के परिणाम के आधार पर पोटाश का प्रयोग करें। मिट्टी परीक्षण के परिणाम के आधार पर पोटाश का प्रयोग करें। फॉस्फोरस और पोटाश की पूरी मात्रा (यदि आवश्यक हो) और नाइट्रोजन की आधी मात्रा आखिरी जुताई के समय डालें। नाइट्रोजन की शेष आधी मात्रा पहले फूल आने पर डालें। जिंक की कमी वाली मिट्टी में, बीज बोने से पहले जिंक सल्फेट 10 किलोग्राम/एकड़ की दर से मिट्टी में अच्छी तरह मिलाएं, वर्षा की तीव्रता के आधार पर कपास को चार से छह सिंचाई की आवश्यकता होती है। फसल में पहली सिंचाई बुआई के चार से छह सप्ताह बाद करें। तथा शेष सिंचाई दो या तीन सप्ताह के अंतराल पर करें। छोटे पौधों में कभी भी पानी जमा न होने दें। फूल आने और फल लगने के दौरान फसल को पानी की कमी न होने दें, ताकि फूलों और गुच्छों को गिरने से बचाया जा सके। फसल की अंतिम सिंचाई तब करें जब 33% बीजकोष खुल जाएं और उसके बाद सिंचाई के लिए अधिक पानी की आवश्यकता नहीं होती है। कटाई:-गोलकों की तुड़ाई तब करनी चाहिए जब बीजकोष पूरी तरह से परिपक्व हो जाएं।
Posted by Kamlesh parjapti
Jharkhand
10-04-2022 03:56 PM
Uttar Pradesh
04-11-2022 07:41 PM
kamlesh ji kiprya apni fasal ka photo bheje us hisab se hi apko sahi jankari di ja sakti hai. dhanyawad .
Posted by राज खेड़ा
Haryana
10-04-2022 03:51 PM
Punjab
04-11-2022 08:12 PM
राज जी बंसी गेहू एक पुराणी गेहू की किस्म है जो खाने के लिए बहुत अच्छी होती है और इसकी रोटी भी काफी अच्छी बनती है क्युकी इसमें ग्लूटेन बहुत काम मात्रा में होता है। इसकी औसत पैदावार 15 क्विंटल के पास प्रति एकर की आ जाती है धन्यवाद्।
Posted by राज खेड़ा
Haryana
10-04-2022 03:49 PM
Punjab
04-11-2022 08:13 PM
राज जी बंसी गेहू एक पुराणी गेहू की किस्म है जो खाने के लिए बहुत अच्छी होती है और इसकी रोटी भी काफी अच्छी बनती है क्युकी इसमें ग्लूटेन बहुत काम मात्रा में होता है। इसकी औसत पैदावार 15 क्विंटल के पास प्रति एकर की आ जाती है धन्यवाद्।
Posted by Nani Gupta
Andhra Pradesh
10-04-2022 03:42 PM
Maharashtra
04-11-2022 08:48 PM
पुदीना जिसे मेंथा के नाम से भी जाना जाता है, एक शक्तिवर्धक जड़ी-बूटी है। पुदीने का उपयोग पुदीने के तेल, टूथ पेस्ट, माउथ वॉश और कई व्यंजनों में स्वाद बढ़ाने वाले एजेंटों के रूप में किया जाता है। इसकी पत्तियों का उपयोग विभिन्न औषधियाँ बनाने में किया जाता है। पुदीना से तैयार औषधियों का उपयोग नासिका, गठिया, स्न.... (Read More)
पुदीना जिसे मेंथा के नाम से भी जाना जाता है, एक शक्तिवर्धक जड़ी-बूटी है। पुदीने का उपयोग पुदीने के तेल, टूथ पेस्ट, माउथ वॉश और कई व्यंजनों में स्वाद बढ़ाने वाले एजेंटों के रूप में किया जाता है। इसकी पत्तियों का उपयोग विभिन्न औषधियाँ बनाने में किया जाता है। पुदीना से तैयार औषधियों का उपयोग नासिका, गठिया, स्नायुशूल, वातहर और श्वसन संबंधी उपचार में किया जाता है। मिट्टी:- यह विभिन्न प्रकार की मिट्टी में उगता है यानी मध्यम से उपजाऊ गहरी मिट्टी जिसमें पानी धारण करने की अच्छी क्षमता होती है। यह खराब जलजमाव में भी जीवित रह सकता है। यह समृद्ध ह्यूमस मिट्टी के नीचे सर्वोत्तम परिणाम देता है। 6-7.5 के बीच का पीएच फसल के लिए सबसे उपयुक्त है। भूमि की तैयारी: पुदीने की रोपाई के लिए सुविधाजनक आकार की क्यारियाँ बनाई जाती हैं। भूमि की तैयारी के समय जुताई एवं पाटा चलाना चाहिए। जैविक खाद यानी एफवाईएम का प्रयोग 100-120 क्विंटल/एकड़ की दर से मिट्टी में मिलाया जाता है। FYM के बाद हरी खाद डाली जाती है। बुवाई का समय: बुआई का सर्वोत्तम समय दिसंबर-जनवरी है। अंतर:-सकर्स को एक सिरे से दूसरे सिरे की दूरी 40 सेमी और पंक्ति से पंक्ति 60 सेमी की दूरी पर लगाया जाता है। बीज दर:-प्रचार स्टोलन या शाखाओं द्वारा किया जाता है। अच्छी वृद्धि के लिए 160 किलोग्राम प्रति एकड़ भूमि की दर से स्टोलोन का प्रयोग करें। स्टोलोन पिछले रोपण से प्राप्त होते हैं और दिसंबर और जनवरी के महीने में प्राप्त होते हैं। बुआई से पहले 10-14 सेमी लंबाई के सकर्स की कटाई कर लें। पुदीने की बुआई सुविधाजनक आकार और चौड़ाई के कूड़ों पर करें। सकर्स को एक सिरे से दूसरे सिरे की दूरी 40 सेमी और पंक्ति से पंक्ति की दूरी 60 सेमी पर लगाया जाता है। बुआई के बाद, मिट्टी को नम करने के लिए सिंचाई की जाती है। भूमि की तैयारी के समय, FYM @ 80-120 क्विंटल/एकड़ डालें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलाएँ। नाइट्रोजन 58 किग्रा/एकड़ की दर से यूरिया के रूप में 130 किग्रा/एकड़, फॉस्फोरस 32-40 किग्रा सिंगल सुपर फॉस्फेट के रूप में 80-100 किग्रा/एकड़ और पोटैशियम 20 किग्रा/एकड़ की दर से एमओपी के रूप में डालें। @33 किग्रा/एकड़ खरपतवार नियंत्रण खेत को खरपतवार मुक्त रखने के लिए पहली फसल के बाद बार-बार हाथ से निराई और गुड़ाई करें। खरपतवारों को नियंत्रित करने के लिए सिंबार 400 ग्राम/एकड़ की दर से प्रयोग किया जाता है। खरपतवारों को नियंत्रित करने के लिए ऑक्सीफ्लोरफेन के साथ 200 मिली/एकड़ की दर से जैविक गीली घास का प्रयोग या 800 मिली/एकड़ की दर से पेंडीमेथालिन शाकनाशी का प्रयोग किया जाता है। यदि खरपतवार की तीव्रता अधिक है, तो उभरने के बाद डालापॉन 1.6 किग्रा/एकड़ या ग्रामोक्सोन 1 लीटर/एकड़ की दर से स्प्रे करें और ड्यूरॉन 800 ग्राम/एकड़ या टेरबासिल 800 ग्राम/एकड़ की दर से उगने से पहले स्प्रे करें। गर्मियों में मानसून से पहले जलवायु पर निर्भर करता है। एवं मिट्टी में 6-9 सिंचाईयां अवश्य करनी चाहिए। मानसून के बाद फसल को 3 सिंचाई की आवश्यकता होती है अर्थात प्रत्येक माह (सितंबर, अक्टूबर और नवंबर) में एक सिंचाई। कटाई:- पौधे 100-120 दिनों के बाद कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं। कटाई तब की जाती है जब निचली पत्तियों का पीलापन शुरू हो जाता है। धन्यवाद।
Posted by Amarjit singh Boyal
Punjab
10-04-2022 03:41 PM
Punjab
04-11-2022 09:44 AM
Amarjit ji kirpa krke tuci usdi photo upload kro ohh ki sutdi hai ate dubara vistar nal apna swal pusho ji tan jo tuhanu sahi jankari diti ja skee.
Posted by Prakash Neupane
Uttarakhand
10-04-2022 02:32 PM
Maharashtra
04-11-2022 08:28 PM
भूमि की तैयारी फसल के अच्छे अंकुरण और वृद्धि के लिए भूमि की पूरी तैयारी की आवश्यकता होती है। रबी की फसल निकालने के बाद तुरंत खेत की सिंचाई करें, फिर एमबी हल से भूमि की जुताई करें और उसके बाद पाटा लगाएं। एक गहरी जुताई के बाद 2-3 जुताई आवश्यक है। बुआई का समय देसी किस्मों की बुआई अप्रैल के पहले और दूसरे सप्ताह में .... (Read More)
भूमि की तैयारी फसल के अच्छे अंकुरण और वृद्धि के लिए भूमि की पूरी तैयारी की आवश्यकता होती है। रबी की फसल निकालने के बाद तुरंत खेत की सिंचाई करें, फिर एमबी हल से भूमि की जुताई करें और उसके बाद पाटा लगाएं। एक गहरी जुताई के बाद 2-3 जुताई आवश्यक है। बुआई का समय देसी किस्मों की बुआई अप्रैल के पहले और दूसरे सप्ताह में पूरी कर लें। और 15 अप्रैल से मई का पहला सप्ताह अमेरिकी किस्मों की बुआई के लिए इष्टतम समय है। पंक्ति से पंक्ति की दूरी 30 सेमी और पौधे से पौधे की दूरी 67.5 सेमी रखें। बीज दर बीज दर किस्म, बढ़ते क्षेत्र, सिंचाई आदि के अनुसार भिन्न होती है। देसी किस्मों के लिए बीज दर 6 किलोग्राम प्रति एकड़ प्रयोग करें। और अमेरिकी किस्मों के लिए, बीज दर 1.1 किलोग्राम से 1.5 किलोग्राम/एकड़ का उपयोग करें। रस चूसने वाले कीटों के हमले (15-20 दिन तक) से बचाने के लिए बीज को 5-7 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज की दर से इमिडाक्लोप्रिड या थियामेथोक्सम से उपचारित करें। कपास की बुआई के बाद लेकिन उगने से पहले खरपतवारों को नियंत्रित करने के लिए पेन्डीमेथालिन 25-33 मि.ली. प्रति 10 लीटर का स्प्रे करें। पानी डा। बुआई के 6 से 8 सप्ताह बाद जब फसल की ऊंचाई 40-45 सेमी हो तो पैराक्वाट (ग्रामोक्सोन)24%WSC500 मि.ली. प्रति एकड़ या ग्लाइफोसेट 1 लीटर प्रति एकड़ 100 लीटर पानी में डालें। देसी और अमेरिकी कपास किस्मों के लिए, नाइट्रोजन 24 किलोग्राम/ डालें। यूरिया @48 किग्रा, फॉस्फोरस 12 किग्रा एसएसपी के रूप में 75 किग्रा/एकड़। मिट्टी परीक्षण के परिणाम के आधार पर पोटाश का प्रयोग करें। मिट्टी परीक्षण के परिणाम के आधार पर पोटाश का प्रयोग करें। फॉस्फोरस और पोटाश की पूरी मात्रा (यदि आवश्यक हो) और नाइट्रोजन की आधी मात्रा आखिरी जुताई के समय डालें। नाइट्रोजन की शेष आधी मात्रा पहले फूल आने पर डालें। जिंक की कमी वाली मिट्टी में, बीज बोने से पहले जिंक सल्फेट 10 किलोग्राम/एकड़ की दर से मिट्टी में अच्छी तरह मिलाएं, वर्षा की तीव्रता के आधार पर कपास को चार से छह सिंचाई की आवश्यकता होती है। फसल में पहली सिंचाई बुआई के चार से छह सप्ताह बाद करें। तथा शेष सिंचाई दो या तीन सप्ताह के अंतराल पर करें। छोटे पौधों में कभी भी पानी जमा न होने दें। फूल आने और फल लगने के दौरान फसल को पानी की कमी न होने दें, ताकि फूलों और गुच्छों को गिरने से बचाया जा सके। फसल की अंतिम सिंचाई तब करें जब 33% बीजकोष खुल जाएं और उसके बाद सिंचाई के लिए अधिक पानी की आवश्यकता नहीं होती है। कटाई:-गोलकों की तुड़ाई तब करनी चाहिए जब बीजकोष पूरी तरह से परिपक्व हो जाएं।
Posted by Lalbahadur Verma
Uttar Pradesh
10-04-2022 02:03 PM
Punjab
04-11-2022 09:03 PM
lal ji, mahogany ka podha jal bharav vali bhoomi ko shodkar any kisi bhi parkar ki upjau mitti mein lagaya ja sakt ahai, iske podhe ko pathrili mitti mein nahi lagaya ja sakta, ap iski nursery lga sakte hain par iske liye boht samay lag jata hai, ap iski nursery khareed sakte hain ap kareeb 3 saal purani nursery kareede isse apka samy bach jata hai, isko lagan ke liye upyukt taapmaan sardiyon mein 15*C or garmiyon mein 35*C hona chahaiye. iske podhe lagane ka sahi smay june or july ka mahina hota hai, kyu ki is samay doraan ,monsson hota hai, iske podhe ko gaddon ko khod kar lagaya jata hai. 10-15 saal ke baad ek podha takriban 15000-20000 tak ka ho jata hai .dhanywad
Posted by shivshanker
Bihar
10-04-2022 01:10 PM
Maharashtra
04-11-2022 08:33 PM
shiv ji itne chote podhe par koi bhi spray karne ki sifarish nahi ki jati. spray karne ke liye kam se kam podha 20-25 din ka hona chahiye. dhanyawad.
Posted by amandeep singh
Punjab
10-04-2022 12:11 PM
Punjab
04-11-2022 08:53 PM
ਮਿੱਟੀ:-ਚੰਗੇ ਜਲ ਨਿਕਾਸ ਵਾਲੀ ਰੇਤਲੀ ਦੋਮਟ ਮਿੱਟੀ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਜੈਵਿਕ ਤੱਤ ਉੱਚ ਮਾਤਰਾ ਵਿੱਚ ਹੋਣ, ਕਰੇਲੇ ਦੀ ਖੇਤੀ ਦੇ ਲਈ ਵਧੀਆ ਹੁੰਦੀ ਹੈ। ਕਰੇਲੇ ਦੀ ਖੇਤੀ ਦੇ ਲਈ ਮਿੱਟੀ ਦਾ pH 6.5-7.5 ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ।ਖੇਤ ਦੀ ਤਿਆਰੀ:- ਕਰੇਲੇ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਤਿਆਰ ਜ਼ਮੀਨ ਦੀ ਲੋੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ। ਮਿੱਟੀ ਦੇ ਭੁਰਭੁਰਾ ਹੋਣ ਤੱਕ 2-3 ਵਾਰ ਵਾਹੀ ਕਰੋ ਅਤੇ ਖੇਤ ਚੋਂ ਨਦੀਨ ਕੱਢ ਦਿਓ।ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਸਮ.... (Read More)
ਮਿੱਟੀ:-ਚੰਗੇ ਜਲ ਨਿਕਾਸ ਵਾਲੀ ਰੇਤਲੀ ਦੋਮਟ ਮਿੱਟੀ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਜੈਵਿਕ ਤੱਤ ਉੱਚ ਮਾਤਰਾ ਵਿੱਚ ਹੋਣ, ਕਰੇਲੇ ਦੀ ਖੇਤੀ ਦੇ ਲਈ ਵਧੀਆ ਹੁੰਦੀ ਹੈ। ਕਰੇਲੇ ਦੀ ਖੇਤੀ ਦੇ ਲਈ ਮਿੱਟੀ ਦਾ pH 6.5-7.5 ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ।ਖੇਤ ਦੀ ਤਿਆਰੀ:- ਕਰੇਲੇ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਤਿਆਰ ਜ਼ਮੀਨ ਦੀ ਲੋੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ। ਮਿੱਟੀ ਦੇ ਭੁਰਭੁਰਾ ਹੋਣ ਤੱਕ 2-3 ਵਾਰ ਵਾਹੀ ਕਰੋ ਅਤੇ ਖੇਤ ਚੋਂ ਨਦੀਨ ਕੱਢ ਦਿਓ।ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਸਮਾਂ:-ਬੀਜ ਨੂੰ ਬੀਜਣ ਲਈ ਫਰਵਰੀ ਤੋਂ ਮਾਰਚ ਜਾਂ ਜੂਨ ਤੋਂ ਜੁਲਾਈ ਦਾ ਸਮਾਂ ਅਨੁਕੂਲ ਹੁੰਦਾ ਹੈ।ਫਾਸਲਾ:-1.5 ਮੀਟਰ ਚੌੜੇ ਬੈੱਡ ਦੇ ਦੋਨੋਂ ਪਾਸੇ ਬੀਜ ਬੀਜੋ ਅਤੇ ਪੌਦਿਆਂ ਵਿੱਚਲਾ ਫਾਸਲਾ 45 ਸੈ.ਮੀ. ਰੱਖੋ।ਬੀਜ ਦੀ ਮਾਤਰਾ2.0 ਕਿਲੋ ਬੀਜ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰਯੋਗ ਕਰੋ।ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 10-15 ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਰੂੜ੍ਹੀ ਦੀ ਖਾਦ 10-15 ਟਨ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ 13 ਕਿਲੋ( ਯੂਰੀਆ 30 ਕਿਲੋ), ਫਾਸਫੋਰਸ 20 ਕਿਲੋ(ਐੱਸ ਐੱਸ ਪੀ 125 ਕਿਲੋ) ਅਤੇ ਪੋਟਾਸ਼ੀਅਮ 20 ਕਿਲੋ (ਮਿਊਰੇਟ ਆੱਫ ਪੋਟਾਸ਼ 35 ਕਿਲੋ) ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ। ਫਾਸਫੋਰਸ ਅਤੇ ਪੋਟਾਸ਼ੀਅਮ ਦੀ ਪੂਰੀ ਮਾਤਰਾ ਅਤੇ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਇੱਕ ਤਿਹਾਈ ਮਾਤਰਾ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪਾਓ ਅਤੇ ਬਾਕੀ ਬਚੀ ਹੋਈ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਨੂੰ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਇੱਕ ਮਹੀਨੇ ਬਾਅਦ ਪਾਓ।ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਹਿਲੀ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ। ਗਰਮੀਆਂ ਦੇ ਮੌਸਮ ਵਿੱਚ ਹਰ 6-7 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਅਤੇ ਮੀਂਹ ਦੇ ਮੌਸਮ ਵਿੱਚ ਲੋੜ ਪੈਣ ਤੇ ਹੀ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ। ਇਸ ਫਸਲ ਨੂੰ ਕੁੱਲ 8-9 ਸਿੰਚਾਈਆਂ ਦੀ ਲੋੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ।ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਹੱਥੀਂ ਗੋਡੀ ਕਰੋ। ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਪੌਦੇ ਦੇ ਸ਼ੁਰੂਆਤੀ ਵਾਧੇ ਸਮੇਂ 2-3 ਗੋਡੀਆਂ ਕਰਨੀਆਂ ਚਾਹੀਦੀਆਂ ਹੈ। ਖਾਦ ਪਾਉਣ ਸਮੇਂ ਗੋਡੀ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਮੁੱਖ ਤੌਰ ਤੇ ਮੀਂਹ ਦੇ ਮੌਸਮ ਵਿੱਚ ਵੱਟਾਂ ਨਾਲ ਮਿੱਟੀ ਚੜਾਓ।ਮੌਸਮ ਅਤੇ ਫਸਲ ਦੀ ਕਿਸਮ ਦੇ ਆਧਾਰ ਤੇ ਕਰੇਲੇ ਦੀ ਫਸਲ 55-60 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਕਟਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ। 2-3 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਅੰਤਰਾਲ ਵਿੱਚ ਫਲਾਂ ਦੀ ਤੁੜਾਈ ਕਰੋ।
Posted by ਜਸਕਰਨ ਸਿੰਘ
Punjab
10-04-2022 11:54 AM
Punjab
04-11-2022 07:57 PM
ਜਸਕਰਨ ਜੀ ਚਾਰੇ ਵਾਲੀ ਮੱਕੀ ਨੂੰ ਮਾਰਚ ਤੋਂ ਲੈਕੇ ਸਤੰਬਰ ਦੇ ਮਹੀਨੇ ਤੱਕ ਬੀਜ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦੀ ਤੁਸੀਂ ਜੇ 1007 , 1006 ਕਿਸਮ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦਾ ਝਾੜ ਤਕਰੀਬਨ 170 ਕੁਇੰਟਲ / ਏਕੜ ਤੱਕ ਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ |
Posted by T s sandhu
Punjab
10-04-2022 11:02 AM
Punjab
04-11-2022 08:18 PM
ਸੰਧੂ ਜੀ ਇਕੋ ਵਾਰੀਏਟੀ ਦਾ ਝਾੜ ਹੀ ਅਲਗ ਅਲਗ ਏਰੀਆ ਵਿਚ ਵੱਧ ਘਟ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ ਕਿਉਕਿ ਇਹ ਮਿੱਟੀ ਜਲਵਾਯੂ ਖਾਦ ਤੇ ਕੀੜੇ ਅਤੇ ਬਿਮਾਰੀ ਦੇ ਹਮਲੇ ਉਪਰ ਵੀ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ |
Posted by PREET# PUNI@
Punjab
10-04-2022 10:40 AM
Punjab
04-11-2022 09:27 AM
Preet ji Broiler chicks nu umar de hisab nal feed dinde rho jiss nal ohna di weight jldi vdhh jnda hai ate ohna nu jyada CRS bimari krke smasia hundi hai usde lai mousam de hisab nal sahi dekbhal di jrurat hundi hai ate ehna nu liver lyi Brotone liquid 20ml/100birds de hisab nal de skde ho jiss nal hajma sahi rehnda hai, baki feed market vich ehna lai Starter, grower, finisher aundi hai ohna di varto kr skde ho ehh kise bhi company di vart skde ho.
Posted by sohan dass
Punjab
10-04-2022 10:00 AM
Punjab
04-11-2022 09:41 PM
ਇਸਦੀ ਖੇਤੀ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ, ਵਧੀਆ ਪਾਣੀ ਦੇ ਨਿਕਾਸ ਵਾਲੀ ਉਪਜਾਊ ਦੋਮਟ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਉਗਾਉਣ \'ਤੇ ਇਹ ਚੰਗੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਦਿੰਦੀ ਹੈ। ਸੋਇਆਬੀਨ ਦੀ ਚੰਗੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਦੇ ਲਈ ਮਿੱਟੀ ਦਾ pH 6 ਤੋਂ 7.5 ਅਨੁਕੂਲ ਹੁੰਦਾ ਹੈ। ਜਲ-ਜਮਾਓ, ਖਾਰੀ ਅਤੇ ਲੂਣੀ ਮਿੱਟੀ ਸੋਇਆਬੀਨ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਅਨੁਕੂਲ ਨਹੀਂ ਹੈ। ਘੱਟ ਤਾਪਮਾਨ ਇਸ ਫਸਲ ਨੂੰ ਗੰਭੀਰ ਤੌਰ \'ਤੇ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਕਰਦਾ ਹੈ।ਖੇਤ ਦੀ ਤਿ.... (Read More)
ਇਸਦੀ ਖੇਤੀ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ, ਵਧੀਆ ਪਾਣੀ ਦੇ ਨਿਕਾਸ ਵਾਲੀ ਉਪਜਾਊ ਦੋਮਟ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਉਗਾਉਣ \'ਤੇ ਇਹ ਚੰਗੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਦਿੰਦੀ ਹੈ। ਸੋਇਆਬੀਨ ਦੀ ਚੰਗੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਦੇ ਲਈ ਮਿੱਟੀ ਦਾ pH 6 ਤੋਂ 7.5 ਅਨੁਕੂਲ ਹੁੰਦਾ ਹੈ। ਜਲ-ਜਮਾਓ, ਖਾਰੀ ਅਤੇ ਲੂਣੀ ਮਿੱਟੀ ਸੋਇਆਬੀਨ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਅਨੁਕੂਲ ਨਹੀਂ ਹੈ। ਘੱਟ ਤਾਪਮਾਨ ਇਸ ਫਸਲ ਨੂੰ ਗੰਭੀਰ ਤੌਰ \'ਤੇ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਕਰਦਾ ਹੈ।ਖੇਤ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਦੇ ਸਮੇਂ, ਦੋ-ਤਿੰਨ ਵਾਰ ਵਾਹੀ ਕਰੋ ਅਤੇ ਫਿਰ ਸੁਹਾਗਾ ਫੇਰੋ। ਸੋਇਆਬੀਨ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਜੂਨ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਪੰਦਰਵਾੜੇ ਦਾ ਸਮਾਂ ਉਚਿੱਤ ਹੁੰਦਾ ਹੈ।ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਸਮੇਂ ਕਤਾਰਾਂ ਵਿੱਚਲਾ ਫਾਸਲਾ 45 ਸੈ.ਮੀ. ਅਤੇ ਪੌਦਿਆਂ ਵਿੱਚਲਾ ਫਾਸਲਾ 4-7 ਸੈ.ਮੀ. ਦਾ ਰੱਖੋ। ਬੀਜਾਂ ਨੂੰ ਸੀਡ-ਡਰਿੱਲ ਦੀ ਮਦਦ ਨਾਲ ਬੀਜੋ।ਇਕ ਏਕੜ ਖੇਤ ਵਿੱਚ 25-30 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਬੀਜਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ।ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਸਮੇਂ ਗਲੀ ਹੋਈ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਅਤੇ ਗਾਂ ਦਾ ਗਲਿਆ ਹੋਇਆ ਗੋਬਰ 4 ਟਨ ਅਤੇ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ 12.5 ਕਿਲੋ(ਯੂਰੀਆ 28 ਕਿਲੋ) ਅਤੇ ਫਾਸਫੋਰਸ 32 ਕਿਲੋ(ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ 200 ਕਿਲੋ) ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਪਾਓ। ਵਧੀਆ ਵਿਕਾਸ ਅਤੇ ਚੰਗੇ ਝਾੜ ਲਈ, ਯੂਰੀਆ 3 ਕਿਲੋ ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਬਾਅਦ 60ਵੇਂ ਅਤੇ 75ਵੇਂ ਦਿਨ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ। ਫਸਲ ਨੂੰ ਕੁੱਲ ਤਿੰਨ ਜਾਂ ਚਾਰ ਸਿੰਚਾਈਆਂ ਦੀ ਲੋੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ। ਫਲੀ ਬਣਨ ਦੇ ਸਮੇਂ ਸਿੰਚਾਈ ਜਰੂਰੀ ਹੈ। ਇਸ ਸਮੇਂ ਪਾਣੀ ਦੀ ਕਮੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਨੂੰ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਕਰਦੀ ਹੈ। ਵਰਖਾ ਦੀ ਸਥਿਤੀ ਦੇ ਅਧਾਰ \'ਤੇ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ। ਚੰਗੀ ਵਰਖਾ ਦੀ ਸਥਿਤੀ ਵਿੱਚ ਸਿੰਚਾਈ ਦੀ ਕੋਈ ਲੋੜ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੀ। ਜਦ ਫਲੀਆਂ ਸੁੱਕ ਜਾਣ ਅਤੇ ਪੱਤਿਆਂ ਦਾ ਰੰਗ ਬਦਲ ਕੇ ਪੀਲਾ ਹੋ ਜਾਵੇ ਅਤੇ ਪੱਤੇ ਝੜ ਜਾਣ, ਤਾਂ ਫਸਲ ਕਟਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੁੰਦੀ ਹੈ। ਕਟਾਈ ਹੱਥਾਂ ਨਾਲ ਜਾਂ ਦਾਤੀ ਨਾਲ ਕਰੋ। ਕਟਾਈ ਦੇ ਬਾਅਦ, ਬੀਜਾਂ ਨੂੰ ਕੱਢਣ ਲਈ ਥਰੈਸ਼ਿੰਗ ਕਰੋ। ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Kk
Bihar
10-04-2022 09:59 AM
Punjab
04-11-2022 09:30 AM
Aap bakri palan ka kam suru krne se pehle iss kam ki training jrur len jisme apko iss kam ki puri jankari milegi aur training lene ke liye apne nazdiki krishi vigyan kendra se sampark kr skte hai waha sme sme per kisano ko alag alag kamo ki training di jatti hai aap iske liye Krishi Vigyan Kendra Sheikhpura, At. Po. - Farpar, Block : Ariyari, District - Sheikhpura - 811 105 (Bihar) India, Call us : +91 8298641285 se sampark kr skte hai.
Posted by sohan dass
Punjab
10-04-2022 09:54 AM
Punjab
04-11-2022 09:00 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਹਲਦੀ ਦੀ ਸਫਲ ਕਾਸ਼ਤ ਲਈ ਕੁਝ ਜ਼ਰੂਰੀ ਨੁਕਤੇ ਪੰਜਾਬ ਦਾ ਖੇਤੀ ਅਰਥਚਾਰਾ ਮੁੱਖ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਝੋਨੇ ਅਤੇ ਕਣਕ ਦੀ ਫ਼ਸਲ ‘ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦਾ ਹੈ ਪ੍ਰੰਤੂ ਝੋਨੇ ਅਤੇ ਕਣਕ ਦੇ ਫ਼ਸਲੀ ਚੱਕਰ ਨੂੰ ਲਗਾਤਾਰ ਅਪਣਾਉਣ ਕਰਕੇ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀਆਂ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ ਆ ਰਹੀਆਂ ਹਨ ਅਤੇ ਝੋਨੇ ਅਤੇ ਕਣਕ ਤੋਂ ਮੁਨਾਫ਼ਾ ਵੀ ਘਟ ਰਿਹਾ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਲੋੜ ਹੈ ਫ਼ਸਲੀ ਵਿਭਿੰਨਤਾ ਨੂੰ ਅਪਣਾੳਂੁਦੇ ਹੋਏ ਹੋਰ ਫ਼ਸਲਾਂ ਵੱਲ ਵੀ.... (Read More)
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਹਲਦੀ ਦੀ ਸਫਲ ਕਾਸ਼ਤ ਲਈ ਕੁਝ ਜ਼ਰੂਰੀ ਨੁਕਤੇ ਪੰਜਾਬ ਦਾ ਖੇਤੀ ਅਰਥਚਾਰਾ ਮੁੱਖ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਝੋਨੇ ਅਤੇ ਕਣਕ ਦੀ ਫ਼ਸਲ ‘ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦਾ ਹੈ ਪ੍ਰੰਤੂ ਝੋਨੇ ਅਤੇ ਕਣਕ ਦੇ ਫ਼ਸਲੀ ਚੱਕਰ ਨੂੰ ਲਗਾਤਾਰ ਅਪਣਾਉਣ ਕਰਕੇ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀਆਂ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ ਆ ਰਹੀਆਂ ਹਨ ਅਤੇ ਝੋਨੇ ਅਤੇ ਕਣਕ ਤੋਂ ਮੁਨਾਫ਼ਾ ਵੀ ਘਟ ਰਿਹਾ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਲੋੜ ਹੈ ਫ਼ਸਲੀ ਵਿਭਿੰਨਤਾ ਨੂੰ ਅਪਣਾੳਂੁਦੇ ਹੋਏ ਹੋਰ ਫ਼ਸਲਾਂ ਵੱਲ ਵੀ ਧਿਆਨ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇ ਹਲਦੀ ਫ਼ਸਲੀ ਵਿਭਿੰਨਤਾ ਵਿਚ ਚੰਗਾ ਯੋਗਦਾਨ ਪਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਹਲਦੀ ਦੀ ਖੇਤੀ ਨਾਲ ਨਾ ਕੇਵਲ ਸਾਡੀ ਆਪਣੀ ਲੋੜ ਪੂਰੀ ਹੋਵੇਗੀ ਸਗੋਂ ਸਾਡੇ ਪ੍ਰਾਂਤ ਅਤੇ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਵਪਾਰ ਵਿਚ ਵੀ ਵਾਧਾ ਹੋਵੇਗਾ ਹਲਦੀ ਦੀ ਕਾਸ਼ਤ ਇਸ ਦੀਆਂ ਗੰਢੀਆਂ ਕਰਕੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀਆਂ ਗੰਢੀਆਂ ਦਾ ਪੀਲਾ ਰੰਗ ਇਸ ਵਿਚਲੇ ਖਾਸ ਤੱਤ ਕਰਕਿਊਮਿਨ (1.8 ਤੋਂ 5.4 ਪ੍ਰਤੀਸ਼ਤ) ਕਰਕੇ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਹਲਦੀ ਦੀਆਂ ਗੰਢੀਆਂ ਵਿਚ ਖ਼ਾਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦਾ ਤੇਲ (2.5 ਤੋਂ 7.2 ਪ੍ਰਤੀਸ਼ਤ) ਵੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜਿਸ ਨੂੰ ਟਰਮੇਰੋਲ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਹਲਦੀ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਮੁੱਖ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਰਸੋਈ ਵਿਚ ਮਸਾਲੇ ਦੇ ਤੌਰ ‘ਤੇ, ਭੋਜਨ ਪਦਾਰਥਾਂ ਨੂੰ ਸੁਗੰਧੀ ਅਤੇ ਰੰਗ ਦੇਣ ਵਾਸਤੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਸ ਦੇ ਖ਼ਾਸ ਗੁਣਾਂ ਕਰਕੇ ਇਸ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਦਵਾਈਆਂ ਅਤੇ ਹਾਰ-ਸ਼ਿੰਗਾਰ ਦੇ ਸਮਾਨ ਵਿਚ ਵੀ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ . ਇਸ ਦੇ ਸਹੀ ਵਾਧੇ ਵਿਕਾਸ ਲਈ ਇਸ ਨੂੰ ਗਰਮ ਅਤੇ ਸਿੱਲ੍ਹੇ ਵਾਤਾਵਰਨ ਦੀ ਜ਼ਰੂਰਤ ਪੈਂਦੀ ਹੈ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਇਸ ਦੀ ਕਾਸ਼ਤ ਸਾਰੇ ਸੇੇਂਜੂ ਇਲਾਕੇ ਵਿਚ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਜ਼ਿਆਦਾ ਜੈਵਿਕ ਮਾਦੇ ਵਾਲੀਆਂ ਦਰਮਿਆਨੀਆਂ ਤੋਂ ਭਾਰੀਆਂ ਜ਼ਮੀਨਾਂ ਇਸ ਦੀ ਕਾਸ਼ਤ ਲਈ ਜ਼ਿਆਦਾ ਢੁਕਵੀਆਂ ਹਨ ਹਲਦੀ ਦੀ ਫ਼ਸਲ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਛੇਤੀ ਕਣਕ ਜਾਂ ਪਿਆਜ਼ ਲਗਾਏ ਜਾ ਸਕਦੇ ਹਨ ਹੇਠ ਲਿਖੀਆਂ ਤਕਨੀਕੀ ਗੱਲਾਂ ਵੱਲ ਧਿਆਨ ਦੇ ਕੇ ਹਲਦੀ ਤੋਂ ਵਧੇਰੇ ਝਾੜ ਲਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਉੱਨਤ ਕਿਸਮਾਂ : ਫ਼ਸਲ ਦੇ ਵਧੇਰੇ ਝਾੜ ਲਈ ਕੇਵਲ ਸਿਫ਼ਾਰਸ਼ ਕੀਤੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਦੀ ਹੀ ਕਾਸ਼ਤ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਹਲਦੀ ਦੀ ਕਾਸ਼ਤ ਲਈ ਦੋ ਕਿਸਮਾਂ ਦੀ ਸਿਫ਼ਾਰਸ਼ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਜਿਨਾਂ ਦਾ ਵੇਰਵਾ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਅਨੁਸਾਰ ਹੈ : ਪੰਜਾਬ ਹਲਦੀ 1: ਹਲਦੀ ਦੀ ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਬੂਟੇ ਦਰਮਿਆਨੀ ਉਚਾਈ ਦੇ ਅਤੇ ਸਿੱਧੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਬੂਟਿਆਂ ਦੇ ਪੱਤੇ ਹਰੇ, ਦਰਮਿਆਨੇ ਚੌੜੇ ਅਤੇ ਥੋੜ੍ਹੇ ਲੰਬੇ ਆਕਾਰ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਦੀਆਂ ਗੰਢੀਆਂ ਦੇ ਉੱਪਰਲੇ ਛਿਲਕੇ ਦਾ ਰੰਗ ਭੂਰਾ ਜਦੋਂਕਿ ਅੰਦਰਲੇ ਗੁੱਦੇ ਦਾ ਰੰਗ ਗੂੜ੍ਹਾ ਪੀਲਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੱਕਣ ਲਈ ਲੱਗਪਗ 215 ਦਿਨ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤ ਝਾੜ 108 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਪੰਜਾਬ ਹਲਦੀ 2: ਹਲਦੀ ਦੀ ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਬੂਟੇ ਲੰਬੇ ਅਤੇ ਸਿੱਧੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਬੂਟਿਆਂ ਦੇ ਪੱਤੇ ਹਲਕੇ ਹਰੇ ਅਤੇ ਜ਼ਿਆਦਾ ਚੌੜੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਦੀਆਂ ਗੰਢੀਆਂ ਮੋਟੀਆਂ ਅਤੇ ਲੰਬੀਆਂ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ ਗੰਢੀਆਂ ਦੇ ਉੱਪਰਲੇ ਛਿਲਕੇ ਦਾ ਰੰਗ ਭੂਰਾ ਅਤੇ ਅੰਦਰਲੇ ਗੁੱਦੇ ਦਾ ਰੰਗ ਪੀਲਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੱਕਣ ਲਈ ਲੱਗਪਗ 240 ਦਿਨ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤ ਝਾੜ 122 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਖੇਤ ਦੀ ਤਿਆਰੀ: ਹਲਦੀ ਇਸ ਦੀਆਂ ਗੰਢੀਆਂ (ਜ਼ਮੀਨੀ ਤਣੇ) ਲਈ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਗੰਢੀਆਂ ਦੇ ਸਹੀ ਵਾਧੇ- ਵਿਕਾਸ ਲਈ ਜ਼ਮੀਨ ਦਾ ਨਰਮ ਹੋਣਾ ਬਹੁਤ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਖੇਤ ਨੂੰ ਦੋ-ਤਿੰਨ ਵਾਰ ਵਾਹ ਕੇ ਅਤੇ ਸੁਹਾਗਾ ਮਾਰ ਕੇ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਤਿਆਰ ਕਰ ਲੈਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਖੇਤ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਸਮੇਂ ਜੇਕਰ ਪਿਛਲੀ ਫ਼ਸਲ ਦੇ ਮੁੱਢ ਅਤੇ ਹੋਰ ਘਾਹ-ਫੂਸ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਖੇਤ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਸਮੇਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਕੱਢ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਬੀਜ ਦੀ ਮਾਤਰਾ: ਹਲਦੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਗੰਢੀਆਂ ਰਾਹੀ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਵਰਤੀਆਂ ਜਾਣ ਵਾਲੀਆਂ ਗੰਢੀਆਂ ਤਾਜ਼ੀਆਂ ਅਤੇ ਰੋਗ ਰਹਿਤ ਹੋਣੀਆਂ ਚਾਹੀਦੀਆਂ ਹਨ ਇਕ ਏਕੜ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਵਾਸਤੇ 6 ਤੋਂ 8 ਕੁਇੰਟਲ ਤਾਜ਼ੀਆਂ ਗੰਢੀਆਂ ਦੀ ਜ਼ਰੂਰਤ ਪੈਂਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਘਰੇਲੂ ਪੱਧਰ ‘ਤੇ ਛੋਟੇ ਪੈਮਾਨੇ ‘ਤੇ ਹਲਦੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰਨੀ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਇਕ ਮਰਲਾ (25 ਵਰਗ ਮੀਟਰ) ਰਕਬੇ ਲਈ 4-5 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਗੰਢੀਆਂ ਕਾਫ਼ੀ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਢੰਗ : ਹਲਦੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਤਾਜ਼ੀਆਂ ਅਤੇ ਨਿਰੋਗ ਗੰਢੀਆਂ ਦੀ ਚੋਣ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਹਲਦੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ 1 ਫੁੱਟ (30 ਸੈਂਟੀਮੀਟਰ) ਦੀ ਵਿੱਥ ‘ਤੇ ਲਾਈਨਾਂ ਵਿਚ ਗੰਢੀ ਤੋਂ ਗੰਢੀ ਦਾ ਫ਼ਾਸਲਾ 8 ਇੰਚ (20 ਸੈਂਟੀਮੀਟਰ) ਰੱਖ ਕੇ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਖੇਤ ਵਿਚ 25-36 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਝੋਨੇ ਦੀ ਪਰਾਲੀ ਪਾ ਦੇਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਪਰਾਲੀ ਪਾਉਣ ਨਾਲ ਗੰਢੀਆਂ ਜਲਦੀ ਹਰੀਆਂ ਹੋ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ ਗੰਢੀਆਂ ਦੇ ਹਰੇ ਹੋਣ ਤੱਕ ਖੇਤ ਨੂੰ ਗਿੱਲੀ ਵੱਤਰ ਵਿਚ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਬੀਜ ਦੀ ਕੀਮਤ 3000ਤੋਂ 3500 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਕੁਇੰਟਲ ਹੈ ਕੁੱਲ ਖਰਚਾ 35 ਤੋ 40 ਹਜਾਰਾਂ ਆਉਂਦਾ ਹੈ ਜਿਆਦਾ ਖਰਚਾ ਬੀਜ ਅਤੇ ਲੇਵਰ ਤੇ ਆਉਂਦਾ ਹੈ।ਇਸਦਾ ਬੀਜ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀਂ kvk ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ 01672-245320, 9988111757 ਧਨਵਾਦ |
Posted by Kalbir singh sran
Punjab
10-04-2022 09:52 AM
Punjab
04-11-2022 08:20 PM
kalbir ji kinnow de daisy variety de bootey lain lai tusi apne area de kvk nal sampark kar sakde ho.01633-210046 dhanwaad.
Posted by सुनील कुमार
Uttar Pradesh
10-04-2022 09:04 AM
Maharashtra
04-11-2022 09:06 PM
सुनील जी जब प्याज़ की फसल इतने दिन की हो जाये तब कोई भी खरपतवार की स्प्रे करने की सिफारिश नहीं की जाती आप गुड़ाई कर के उसकी रोकथाम कर सकते हो। धन्यवाद्।
Posted by Harinder Singh
Punjab
10-04-2022 08:40 AM
Punjab
04-11-2022 09:34 AM
ਹਰਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਆਪਣੀ ਜ਼ਮੀਨ ਵਿੱਚ ਵੀ ਮੱਛੀ ਫਾਰਮ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਾਂ ਠੇਕੇ ਤੇ ਲੈ ਕੇ ਵੀ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਬਾਕੀ ਇਸ ਕੰਮ ਵਿੱਚ ਲੋਨ ਅਤੇ ਸਬਸਿਡੀ ਲਈ ਤੁਸੀ ਪਹਿਲਾ ਇਸਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਓ ਜਿਸ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਲੋਨ ਅਤੇ ਸਬਸਿਡੀ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਇਸ ਕੰਮ ਵਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਮਿਲੇਗੀ ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ ਲਈ Sh.Pawan Kumar, ADF, Sh.Kesar Singh, CEO 97792-70027, 98786-17077 ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਅਗਲੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰ.... (Read More)
ਹਰਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਆਪਣੀ ਜ਼ਮੀਨ ਵਿੱਚ ਵੀ ਮੱਛੀ ਫਾਰਮ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਾਂ ਠੇਕੇ ਤੇ ਲੈ ਕੇ ਵੀ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਬਾਕੀ ਇਸ ਕੰਮ ਵਿੱਚ ਲੋਨ ਅਤੇ ਸਬਸਿਡੀ ਲਈ ਤੁਸੀ ਪਹਿਲਾ ਇਸਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਓ ਜਿਸ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਲੋਨ ਅਤੇ ਸਬਸਿਡੀ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਇਸ ਕੰਮ ਵਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਮਿਲੇਗੀ ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ ਲਈ Sh.Pawan Kumar, ADF, Sh.Kesar Singh, CEO 97792-70027, 98786-17077 ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਅਗਲੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋ.
Posted by jasandeep singh
Haryana
10-04-2022 08:37 AM
Haryana
04-11-2022 09:10 PM
jasandeep ji 1692 basmati da jhad 17-18uintal/acre takk aa janda hai. esnu mukh tor te jhanda rog, jhulas rog te bhurad rog hi lagda hai. par eh kaafi hadd takk bimarian da takra kar sakdi hai. dhanwaad.
Posted by Kamaljit singh
Punjab
10-04-2022 08:25 AM
Punjab
04-11-2022 08:55 PM
kamaljit ji jhone di kisam hkr47 hai . jehdi takriban 105 din vich pakk ke teyar ho jandi hai te 30 quintal/acre esda austa jhad hai. dhanwaad.
Posted by PREET# PUNI@
Punjab
10-04-2022 08:10 AM
Punjab
04-11-2022 08:40 PM
preet ji apna swal visthar vich pucho ja variety da poora naam likho us hisab nal hi tuhanu sahi jankari diti ja sakdi hai. dhanwad.
Posted by Ram asare
Uttar Pradesh
10-04-2022 07:51 AM
Maharashtra
04-11-2022 08:32 PM
ram ji urad ki bijai ap 15 april takk kar sakte hai bs itna khayal rahe ki ise jada deri mat krana.dhanyawad.
Posted by Shivam Kumar Singh
Uttar Pradesh
10-04-2022 07:33 AM
Punjab
04-11-2022 09:37 AM
Aap bakri palan ka kam suru krne se pehle iss kam ki training jrur len jisme apko iss kam ki puri jankari milegi aur training lene ke liye apne nazdiki krishi vigyan kendra se sampark kr skte hai waha sme sme per kisano ko alag alag kamo ki training di jatti hai aap iske liye Krishi Vigyan Kendra, Mirzapur I.Ag.Sc., BHU, RGSC, Barkachha, Distt. Mirzapur- (U.P.) INDIA, PIN - 231 001, Tel. No.: 9450232889 se sampark kr skte hai.
Posted by RAVINDER PANNU
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10-04-2022 07:25 AM
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04-11-2022 08:22 PM
ਰਵਿੰਦਰ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਇਹ ਦੱਸੋ ਵੀ ਤੁਸੀਂ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਕਿਹੜੀ ਖਾਦ ਕੀਨੀ ਮਿਤ੍ਰਾ ਵਿਚ ਪਾਈ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ |
Posted by jaspalsingh chhina
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10-04-2022 07:08 AM
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04-11-2022 08:38 PM
ਜਸਪਾਲ ਜੀ ਇਸ ਸਮੇ ਤੁਸੀਂ ਮੂੰਗੀ ਤੇ ਮਾਂਹ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਮਾਂਹ ਦੀ ਤੁਸੀਂ ਮਾਂਹ 1008 ਤੇ 1137 ਕਿਸਮ ਬੀਜ ਸਕਦੇ ਹੋ ਤੇ ਮੂੰਗੀ ਦੀ sml1827 ਤੇ sml832 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧਨਵਾਦ |
Posted by Kang Saab
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10-04-2022 06:41 AM
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04-11-2022 09:38 AM
ਗੁਰਜਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸ ਸੀਮਨ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦਾ ਲਗਭਗ 13 ਲੀਟਰ ਤੱਕ ਰਿਕਾਰਡ ਹੈ
Posted by Kang Saab
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10-04-2022 06:37 AM
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04-11-2022 10:00 PM
ਗੁਰਜਿੰਦਰ ਜੀ advanta ਦਾ nutrifeed ਕਾਫੀ ਕਟਾਈਆਂ ਦਿੰਦਾ ਹੈ ਤੇ ਇਸਦਾ 3 ਕਿਲੋ ਬੀਜ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਉਣ ਦੀ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ |
Posted by Kang Saab
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10-04-2022 06:36 AM
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04-11-2022 09:57 PM
ਗੁਰਜਿੰਦਰ ਜੀ advanta ਦਾ ਮੈਗਾ ਸਵੀਟ ਇਕ ਕੱਟ ਵਾਲੀ ਫ਼ਸਲ ਹੀ ਹੈ ਤੇ ਇਸਦਾ 6 ਕਿਲੋ ਬੀਜ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਉਣ ਦੀ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਖਾਨ ਵਿਚ ਕਾਫੀ ਮੀਠਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਤੇ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਚੰਗੀ ਤਰਾਂ ਕਰ ਸਕਦਾ ਹੈ ਤੁਸੀਂ ਜਵਾਰ ਦੀ jumbo gold ਕਿਸਮ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਉਸਦਾ ਬੀਜ 10 ਕਿਲੋ /ਏਕੜ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਤੇ ਉਹ ਕਟਾਈਆਂ ਵੀ ਕਾਫੀ ਦੇ ਦਿੰਦਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ |
Posted by Kang Saab
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10-04-2022 06:33 AM
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04-11-2022 02:29 PM
ਹਾਂਜੀ ਗੁਰਜਿੰਦਰ ਜੀ ਇਹ ਵਧੀਆ ਐਚ ਐੱਫ ਅਤੇ ਜਰਸੀ ਨਸਲ ਦੇ ਸੀਮਨ ਹੈ ਤੁਸੀ ਇਹਨਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ