
Posted by ganesh chaudhari
Maharashtra
28-07-2017 02:10 PM
Posted by ਸ੍ .ਗੁਰਪੀ੍ਤ ਚਹਿਲ
Punjab
28-07-2017 02:06 PM
Posted by Ankur
Dadra And Nagar Haveli
28-07-2017 12:41 PM
इसकी रोकथाम के लिए डाल्डा घी की मालिश करें। इससे बछड़े को चिंचड़ों से छुटकारा मिल सकता है। इसके अलावा पशु के आस पास तंबाकू चूना (कली) की लाइन लगा दें।
Posted by Ankur
Dadra And Nagar Haveli
28-07-2017 12:40 PM
जलवायु: अनार अर्द्ध शुष्क जलवायु में अच्छी तरह उगाया जा सकता है। फलों के विकास एवं पकने के समय गर्म एवं शुष्क जलवायु की आवश्यकता होती है। लम्बे समय तक उच्च तापमान रहने से फलों में मिठास बढ़ती है। आर्द्र जलवायु से फलों की गुणवत्ता प्रभावित होती है।एवं फफूॅंद जनक रोगों का प्रकोप बढ़ जाता है। इसकी खेती समुद्.... (Read More)
जलवायु: अनार अर्द्ध शुष्क जलवायु में अच्छी तरह उगाया जा सकता है। फलों के विकास एवं पकने के समय गर्म एवं शुष्क जलवायु की आवश्यकता होती है। लम्बे समय तक उच्च तापमान रहने से फलों में मिठास बढ़ती है। आर्द्र जलवायु से फलों की गुणवत्ता प्रभावित होती है।एवं फफूॅंद जनक रोगों का प्रकोप बढ़ जाता है। इसकी खेती समुद्रतल से 500 मीटर सें अधिक ऊॅंचें स्थानों पर की जा सकती है। मृदा: अनार विभिन्न प्रकार की मृदाओं में उगाया जा सकता है। परन्तु अच्छे जल विकास वाली रेतीेली दोमट मिट्टी सर्वोतम होती है। फलों की गुणवत्ता एवं रंग भारी मृदाओं की अपेक्षा हल्की मृदाओं में अच्छा होता है। अनार मृदा लवणीयता 9.00 ई.सी./मि.ली. एवं क्षारीयता 6.78 ई.एस.पी. तक सहन कर सकता है। किस्में: गणेश, ज्योति, भगवा, अरक्ता प्रवर्धन: कलम द्वारा- एक वर्ष पुरानी शाखाओं से 20-30 से.मी.लम्बी कलमें काटकर पौध शाला में लगा दी जाती हैं। इन्डोल ब्यूटारिक अम्ल (आई.बी.ए.) 3000 पी.पी.एम. से कलमों को उपचारित करने से जड़ें शीघ्र एवं अधिक संख्या में निकलती हैं। गूटी द्वारा-अनार का व्यावसायिक प्रर्वधन गूटीद्वारा किया जाता है। इस विधि में जुलाई-अगस्त में एक वर्ष पुरानी पेन्सिल समान मोटाई वाली स्वस्थ, ओजस्वी, परिपक्व, 45-60 से.मी. लम्बाई की शाखा का चयन करें । चुनी गई शाखा से कलिका के नीचे 3 से.मी. चौड़ी गोलाई में छाल पूर्णरूप से अलग कर दें। छाल निकाली गई शाखा के ऊपरी भाग में आई. बी.ए.10,000 पी.पी.एम. का लेप लगाकर नमी युक्त स्फेगनम मास चारों और लगाकर पॉलीथीन शीट से ढ़ॅंककर सुतली से बाँध दें। जब पालीथीन से जड़े दिखाई देने लगें उस समय शाखा को स्केटियर से काटकर क्यारी या गमलो में लगा दें। खाद एवं उर्वरक: पत्ते गिरने के एक सप्ताह बाद या 80-85 प्रतिशत पत्तियों के गिरने के बाद पौधों की आयु खाद एवं उर्वरक को पौधों की आयु के अनुसार कार्बनिक खाद एवं नाइट्रोजन, फॅास्फोरस और पोटाश का प्रयोग करें। पकी हुई गोबर की खाद नाइट्रोजन, फॉस्फोरस तथा पोटाश की दर को मृदा परीक्षण तथा पत्ती विश्लेषण के आधार पर उपयोग करें। खाद एवं उर्वरकों का उपयोग केनोपी के नीचे चारों ओर 8-10 सेमी.गहरी खाई बनाकर देना चाहिए। नाइट्रोजन एवं पोटाश युक्त उर्वरकों को तीन हिस्सों में बांट कर पहली खुराक सिंचाई के समय या बहार प्रबंधन के बाद और दूसरी खुराक पहली खुराक के 3-4 सप्ताह बाद दें, फॉस्फोरस की पूरी खाद को पहली सिंचाई के समय दें। नत्रजन की आपूर्ति के लिए काली मिट्टी में यूरिया एवं लाल मिट्टी में कैल्शियम अमोनियम नाइट्रेट का प्रयोग करें, फॉस्फोरस की आपूर्ति के लिए सिंगल सुपर फास्फेट एवं पोटाश की आपूर्ति के लिए म्यूरेट ऑफ पोटाश का प्रयोग करें। जिंक,आयरन,मैगनीज तथा बोरान की 25 ग्राम की मात्रा प्रति पौधे में पकी गोबर की खाद के साथ मिलाकर डालें, सूक्ष्म पोषक तत्व की मात्रा का निर्धारण मृदा तथा पत्ती परीक्षण द्वारा करें। जब पौधों पर पुष्प आना शुरू हो जाएं तो उसमें नत्रजनःफॉस्फोरसःपोटाश:12:61:00 को 8 किलो/हेक्टेयर की दर से एक दिन के अंराल पर एक महीने तक दें। जब पौधों में फल लगने शुरू हो जाएं तो नत्रजनःफॉस्फोरसःपोटाश:19:19:19 को ड्रिप की सहायता से 8 कि.ग्रा./हैक्टेयर की दर से एक दिन के अंतराल पर एक महीने तक दें। जब पौधों पर शत प्रतिशत फल आ जाएं तो नत्रजनःफॉस्फोरसःपोटाश:00:52:34 या मोनोपोटेशियम फास्फेट 2.5 किलो/हेक्टेयर की मात्रा को एक दिन के अन्तराल पर एक महीने तक दें। फल की तुड़ाई के एक महीने पहले कैल्शियम नाइट्रेट की 12.5 किलो ग्राम/हेक्टेयर की मात्रा ड्रिप की सहायता से 15 दिनों के अंतराल पर दो बार दें।
Posted by Ankur
Dadra And Nagar Haveli
28-07-2017 12:39 PM
SNF के लिए ग्वार चरी और SNF के लिए सरसों की खल दें।
Posted by Ankur
Dadra And Nagar Haveli
28-07-2017 12:39 PM
दूध निकालने के बाद थनों को अच्छी तरह साफ पानी से धोकर सूखे कपड़े से साफ करें। यदि आप सोजिश नज़र आती है तो जितनी जल्दी हो सके डॉक्अर की सलाह लें, क्योंकि यह बहुत तेजी से बढ़ती है। इसके इलाज के लिए mesti plus नाम की होमियोपैथिक दवाई दिन में तीन बार सरिंज से सीधे मुंह द्वारा दें। दवाई देने के बाद दवाई वाली बोतल को अच्छी.... (Read More)
दूध निकालने के बाद थनों को अच्छी तरह साफ पानी से धोकर सूखे कपड़े से साफ करें। यदि आप सोजिश नज़र आती है तो जितनी जल्दी हो सके डॉक्अर की सलाह लें, क्योंकि यह बहुत तेजी से बढ़ती है। इसके इलाज के लिए mesti plus नाम की होमियोपैथिक दवाई दिन में तीन बार सरिंज से सीधे मुंह द्वारा दें। दवाई देने के बाद दवाई वाली बोतल को अच्छी तरह बंद कर दें, क्योंकि यह उड़ जाती है।
Posted by Ankur
Dadra And Nagar Haveli
28-07-2017 12:38 PM
आपके दिए जाने वाले चारे में कोई खराबी हो सकती है जिससे बछड़ी के पेट में इंन्फैक्शन हो गया है। इसलिए आप अपने नज़दीक के डॉक्टर से चैक करवा कर दवाई दें।
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28-07-2017 12:35 PM
दूध वाली गायों के लिए घर में फीड तैयार करने का फार्मूला। संतुलित खुराक 100 किलो बनाने के लिए आवश्यक सामग्री चाहिए। जैसे 25 किलो अनाज (ज्वार, बाजरा (सर्दियों), गेहूं, जौं (गर्मियों) इनमें से कोई एक), दाल चूरी 20 किलो (मूंग चूरी, मांह चूरी, मोठ चूरी (केविल सर्दियों के लिए ), मसूर चूरी, अरहर (इनमें से एक), DOC 25 किलो (धान का चूरा), .... (Read More)
दूध वाली गायों के लिए घर में फीड तैयार करने का फार्मूला। संतुलित खुराक 100 किलो बनाने के लिए आवश्यक सामग्री चाहिए। जैसे 25 किलो अनाज (ज्वार, बाजरा (सर्दियों), गेहूं, जौं (गर्मियों) इनमें से कोई एक), दाल चूरी 20 किलो (मूंग चूरी, मांह चूरी, मोठ चूरी (केविल सर्दियों के लिए ), मसूर चूरी, अरहर (इनमें से एक), DOC 25 किलो (धान का चूरा), फाइबर छिल्का 15 किलो (गेहूं, चौकर, चना छिल्का, मटर छिल्का, इनमें से एक), खल 15 किलो (सरसों, बिनौला, या सोया (इनमें से कोई एक ), मीठा सोडा 250 ग्राम, 1 किलो नमक, गुड़ 1 किलो, 1 किलो हल्दी (सर्दियों में) इन्हें मिला लें। यह फीड पशु के लिए बहुत लाभदायक होती है।
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28-07-2017 12:34 PM
यदि आप HF गायें रखकर डेयरी फार्मिंग शुरू करना चाहते हैं तो यह बहुत अच्छा मुनाफे वाला काम है। यदि आपने अभी गायें खरीदनी हैं तो उन्हें 2-2 महीने के फासले पर खरीदें या फिर 3 अब खरीद लें और 3 महीने के बाद फिर 2 खरीद लें। इससे दूध की कमी नहीं आयेगी। दूसरा उनके लिए खुला शैड बनायें और गायों को यदि शैड में खुला ही रखें तो बह.... (Read More)
यदि आप HF गायें रखकर डेयरी फार्मिंग शुरू करना चाहते हैं तो यह बहुत अच्छा मुनाफे वाला काम है। यदि आपने अभी गायें खरीदनी हैं तो उन्हें 2-2 महीने के फासले पर खरीदें या फिर 3 अब खरीद लें और 3 महीने के बाद फिर 2 खरीद लें। इससे दूध की कमी नहीं आयेगी। दूसरा उनके लिए खुला शैड बनायें और गायों को यदि शैड में खुला ही रखें तो बहुत अच्छा होगा। गायों को सूखा दाना और पानी खुला डालें। आप दूध निकालने वाली मशीन ला सकते हैं जो कि एक समय पर दो गायों से दूध निकालेगी। यह मशीन लगभग 60000 रूपये तक मिल जाती है। इसके अलावा अपनी आवश्यकतानुसार जितना चाहे खर्चा कर सकते हैं पर इतने से भी काम चल जायेगा।
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28-07-2017 12:33 PM
आप दो दवाइयां इकट्ठी दें| एक 1 किलोग्राम repromin(Kemin) और repetovet kit(hivit) होमियोपैथी दें। यह आपको नज़दीक के मैडिकल स्टोर से मिल जायेंगी। इसे देने का सारा तरीका मैडीसन के बॉक्स के ऊपर लिखा होता है।
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28-07-2017 12:32 PM
Posted by Ankur
Dadra And Nagar Haveli
28-07-2017 12:08 PM
Posted by Balraj Singh Dhillon
Punjab
28-07-2017 10:21 AM
Posted by Balraj Singh Dhillon
Punjab
27-07-2017 06:47 PM
Posted by ਨੀਟੂ ਗਰੇਵਾਲ
Punjab
27-07-2017 05:00 PM
Posted by Balkar singh
Punjab
27-07-2017 04:59 PM

Posted by Dharminder singh
Punjab
27-07-2017 02:24 PM

Posted by Manjeet Singh Virk
Punjab
27-07-2017 11:01 AM
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