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Posted by pardeep Singh
Punjab
29-10-2017 04:19 PM
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10-29-2017 06:29 PM
Posted by lakhdeep singh
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29-10-2017 02:57 PM
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10-29-2017 05:42 PM
Posted by Manpreet Singh deol
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29-10-2017 09:10 AM
Maharashtra
10-30-2017 06:34 AM
Posted by khushpreet singh kunder
Haryana
29-10-2017 11:52 AM
Haryana
10-30-2017 11:41 AM
Posted by Parwinder singh
Punjab
29-10-2017 10:26 AM
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10-29-2017 11:25 AM
Posted by Ranjit singh
Punjab
29-10-2017 10:18 AM
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10-29-2017 11:36 AM
Posted by Gurpreet
Punjab
29-10-2017 09:18 AM
Haryana
10-30-2017 11:42 AM
Posted by
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29-10-2017 02:29 AM
Punjab
10-29-2017 08:54 AM
इस पशु को पालने का लाभ यह है कि एक तो सूकर एक ही बार में 5 से 14 बच्चे देने की क्षमता वाला एकमात्र पशु है, जिनसे मांस तो अधिक प्राप्त होता ही है और दूसरा इस पशु में अन्य पशुओं की तुलना में साधारण आहार को मांस में परिवर्तित करने की अत्यधिक क्षमता होती है, जिस कारण रोजगार की दृष्टि से यह पशु लाभदायक सिद्ध होता है.... (Read More)
इस पशु को पालने का लाभ यह है कि एक तो सूकर एक ही बार में 5 से 14 बच्चे देने की क्षमता वाला एकमात्र पशु है, जिनसे मांस तो अधिक प्राप्त होता ही है और दूसरा इस पशु में अन्य पशुओं की तुलना में साधारण आहार को मांस में परिवर्तित करने की अत्यधिक क्षमता होती है, जिस कारण रोजगार की दृष्टि से यह पशु लाभदायक सिद्ध होता है । देशी सूकर पालना आर्थिक दृष्टि से फायदेमंद नहीं होता, क्योंकि जहां देशी नस्ल के सूकर का वजन डेढ़ वर्ष की आयु में 35-40 किलोग्राम होता है, वहीं इतनी ही आयु के विदेशी नस्ल के सूकर का वजन 90 से 100 किलोग्राम होता है, जहां देशी नस्ल के नवजात बच्चे का वजन 1.4 किलोग्राम होता है, देशी सूकरों का मांस भी काफी घटिया किस्म का होता हैं, इसलिए विदेशी नस्ल के सूकर ही पालने चाहिए। मादा सूकर वर्ष में दो बार बच्चे देती हैं, सामान्यतया मादा 112 से 116 दिन गर्भावस्था में रहती हैं इस अवस्था में तो विशेष सावधानी की जरूरत नहीं पड़ती, लेकिन ब्याने से एक महीना पूर्व मादा को प्रतिदिन तीन किलोग्राम खुराक दी जाती है, सुअर की मुख्य प्रजातियाँ : देश में सुअर की काफी प्रजातियाँ हैं लेकिन मुख्यतः सफेद यॉर्कशायर, लैंडरेस, हल्का सफेद यॉर्कशायर, हैम्पशायर, ड्युरोक, इन्डीजीनियस और घुंघरू अधिक प्रचलित हैं। सूकर की आहार-प्रणाली : सूकरों का आहार जन्म के एक पखवारे बाद शुरू हो जाता है। माँ के दूध के साथ-साथ छौनों (पिगलेट) को सूखा ठोस आहार दिया जाता है, जिसे क्रिप राशन कहते हैं। दो महीने के बाद बढ़ते हुए सूकरों को ग्रोवर राशन एवं वयस्क सूकरों को फिनिशर राशन दिया जाता है। अलग-अलग किस्म के राशन को तैयार करने के लिए निम्नलिखित दाना मिश्रण का इस्तेमाल करेः
Posted by ashu sharma
Punjab
28-10-2017 08:32 PM
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10-28-2017 09:10 PM
Posted by harpreet
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28-10-2017 08:12 PM
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10-28-2017 09:49 PM
Posted by rajvinder singh
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28-10-2017 06:29 PM
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10-28-2017 07:33 PM
Posted by Satwinder Singh
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28-10-2017 02:35 PM
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10-28-2017 05:59 PM
Posted by Satwinder Singh
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28-10-2017 02:34 PM
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10-28-2017 02:42 PM
Posted by pardeep Singh
Punjab
28-10-2017 02:17 PM
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10-28-2017 05:23 PM
Posted by Baljinder singh
Haryana
28-10-2017 01:23 PM
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10-28-2017 05:29 PM
Posted by ਗੁਰਮਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
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28-10-2017 01:14 PM
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10-28-2017 05:33 PM
Posted by pardeep Singh
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28-10-2017 01:11 PM
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10-28-2017 01:53 PM
Posted by kuldeep singh
Punjab
28-10-2017 11:40 AM
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10-28-2017 05:33 PM
Posted by Ritesh
Chattisgarh
28-10-2017 10:39 AM
Maharashtra
10-30-2017 12:40 PM