
Posted by Gurwinder singh
Punjab
11-04-2018 06:12 AM
पशु खाली है बाकी इस तरीके से जब पशु को क्रॉस करवाये या टीका भरवाये 40 दिन हो जायें तो उसके बाद पशु के पेशाब को खुले बर्तन में डाल लें उसमें 1 चम्मच सरसों का तेल डाल दें इसके बाद ध्यान से चैक करें कि यदि सरसों का तेल उसमें एक टिक्की की तरह जम जाये तो पशु ठहर गया है पर यदि तेल की बूंदें बिखर जायें तो समझ लें कि पशु ख.... (Read More)
पशु खाली है बाकी इस तरीके से जब पशु को क्रॉस करवाये या टीका भरवाये 40 दिन हो जायें तो उसके बाद पशु के पेशाब को खुले बर्तन में डाल लें उसमें 1 चम्मच सरसों का तेल डाल दें इसके बाद ध्यान से चैक करें कि यदि सरसों का तेल उसमें एक टिक्की की तरह जम जाये तो पशु ठहर गया है पर यदि तेल की बूंदें बिखर जायें तो समझ लें कि पशु खाली है
Posted by Tarlok singh
Punjab
11-04-2018 06:09 AM
सबसे पहले भैंस को परजीवी रहित करें और साथ ही उसे बड़ेवें रात को भिगो दें और सुबह 100 ग्राम गुड़ मिलाकर पशु को खिला दें सही खुराक और साथ ही बढ़िया कंपनी का मिनरल मिक्सचर 50 ग्राम हर रोज दें इसके साथ साथ heatovet नाम की होमियोपैथिक दवाई लगातार पशु को दें

Posted by feroz KHAN
Punjab
11-04-2018 12:01 AM
आप उसे फीड देनी बंद करें और उसे हरे चारे पर लगाएं यदि फिर भी वह दूध देने से नहीं हटती तो आप उसे Anablight liqued देना शुरू करें इसके साथ vitamor-h रोजाना 10 मि.ली. दें और किसी बढ़िया कंपनी का कैलशियम भी देना शुरू करें फिर उसका दूध ले सकते हैं

Posted by Amarjit singh
Punjab
10-04-2018 10:23 PM
सठी मुंगी की काशत के लिए 3 किस्मे एम एस एल 832 और एस एम एल 668, टी एस बी 37 की सिफारिश की गई है एस एम एल 832 किस्म लगभग 61 दिन में पक्क जाती है इस किस्म की औसत उपज 4.6 क्विंटल प्रति एकड है एस एम एल 668 लगभग 60 दिन में तैयार हो जाती है इसकी उपज 4.5 क्विंटल प्रति एकड है पंजाब यूनिर्वसिटी की तरफ से नयी मुंगी की किस्में टी एम बी 37 पेश की गई.... (Read More)
सठी मुंगी की काशत के लिए 3 किस्मे एम एस एल 832 और एस एम एल 668, टी एस बी 37 की सिफारिश की गई है एस एम एल 832 किस्म लगभग 61 दिन में पक्क जाती है इस किस्म की औसत उपज 4.6 क्विंटल प्रति एकड है एस एम एल 668 लगभग 60 दिन में तैयार हो जाती है इसकी उपज 4.5 क्विंटल प्रति एकड है पंजाब यूनिर्वसिटी की तरफ से नयी मुंगी की किस्में टी एम बी 37 पेश की गई है जो केवल 60 दिनो में तैयार हो जाती है गेहूं की कटाई के बाद खेत को जुताई से बिना मुंगी की काशत को जीरो ड्रिल से कर सकते है एस एम एल 832 के लिए 12 किलो और एस एम एल 668 के लिए 15 किलो बीज प्रति एकड के हिसाब से प्रयोग करना चाहियें बीज को बिजाई से पहले कैपटान या थिरम 3 ग्राम प्रति किलो बीज के हिसाब से सोध करनी चाहियें यदि गेहूं की कटाई कंबाईन से की हो तो मुंगी की काशत हैप्पी सीडर से भी की जा सकती है
Posted by Deep gill
Punjab
10-04-2018 09:40 PM
पंजाब के वैटनरी हॉस्पताल में उपलब्ध सीमन की लिस्ट आप देख सकते है यह सरकारी रेट है पर यदि डॉक्टर घर आकर इंजेक्शन भरता है तो 200-300 रूप्ये लेता है

Posted by Amarjit
Punjab
10-04-2018 09:35 PM
इसमें सारे मिनरल और विटामिन होते है जो पशु के लिए जरूरी होते हैं आप यह 100 ग्राम रोजाना डालना शुरू कर दे यह गाभिन और आम पशु को भी रोजाना दे सकते हैं इसके फायदे ही है नुकसान नहीं है

Posted by yogeshwar singh
Punjab
10-04-2018 09:28 PM
मांह की काशत के लिए दो किस्मा मांह-1008 और मांह-218 की सिफारिश की गयी है मांह-1008 किस्म को फलिया भरपूर लगती है और बराबर पक्क जाती है यह लगभग 72 दिनो में तैयार हो जाती है इस किस्म को पीली चित्रकबी और पत्तो के झूरड-मूरड विशाणु रोग कम लगता है इसकी औसत पैदावार 4.5 क्विंटल प्रति एकड है मांह-218 किस्म लगभग 75 दिनो मे तैयार हो जाती .... (Read More)
मांह की काशत के लिए दो किस्मा मांह-1008 और मांह-218 की सिफारिश की गयी है मांह-1008 किस्म को फलिया भरपूर लगती है और बराबर पक्क जाती है यह लगभग 72 दिनो में तैयार हो जाती है इस किस्म को पीली चित्रकबी और पत्तो के झूरड-मूरड विशाणु रोग कम लगता है इसकी औसत पैदावार 4.5 क्विंटल प्रति एकड है मांह-218 किस्म लगभग 75 दिनो मे तैयार हो जाती है और औसत पैदावार चार क्विंटल प्रति एकड है

Posted by baljeet
Punjab
10-04-2018 09:12 PM
ज्वार में गोभ की सुंडी के लिए fame@20ml या cypermethrin@80ml या coragen@50ml प्रति एकड़ के हिसाब से 100 लीटर पानी में मिक्स करके स्प्रे करें जब भी कोराजन दवाई लेते हैं तो यह आॅरिजनल लेनी चाहिए दवाई लेते समय दवाई चैक कर लेनी चाहिए इसकी डुप्लीकेट दवाई भी आ रही है

Posted by Manpreet Singh
Punjab
10-04-2018 09:06 PM
मोरिगा पशुओ के लिए बहुत फायदेमंद है क्योकि इसमें प्रोटीन होता है जिससे पशुओ का दूध भी बढ़ता है पंजाब में भी पैदावार अच्छी देता है पर इसकी उपज दूसरे चारे के मुकाबले बहुत कम होती है सिर्फ पशुओ के लिए बड़े लेवल और मोरिगा लगाने की जरूरत नही देसी मोरिगा जो कई खुशक श्रेत्रो में अपने आप ही उग जाता है उसके पत्ते ही पशु.... (Read More)
मोरिगा पशुओ के लिए बहुत फायदेमंद है क्योकि इसमें प्रोटीन होता है जिससे पशुओ का दूध भी बढ़ता है पंजाब में भी पैदावार अच्छी देता है पर इसकी उपज दूसरे चारे के मुकाबले बहुत कम होती है सिर्फ पशुओ के लिए बड़े लेवल और मोरिगा लगाने की जरूरत नही देसी मोरिगा जो कई खुशक श्रेत्रो में अपने आप ही उग जाता है उसके पत्ते ही पशु को 250-300 ग्राम रोजाना खिलाये इसके पौधे आपको किसी बड़ी नर्सरी में मिल जायेगे या फिर मलेरकोटला भी अच्छी नर्सरी है वहां मिल जायेगे पंजाब में यूनिर्वसिटी की तरफ से इसे उगाने के बाद और जानकारी इकठ्ठी की जा रही है

Posted by Avneetpal
Punjab
10-04-2018 09:02 PM
इसमें सुंडी और तेला चेपा पड़ रहा है यह इक्ट्ठा सॉल्ट भारत वालों की दवाइयों में आता है DEED नाम की दवाई आती है DEED में Fipronil 40% + Imidaclorpid 40% WG सॉल्ट होता है और इसे 400 ग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से 150 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें यदि आपको इक्ट्ठे सॉल्ट वाली दवाई मिलती है तो imidacloprid@40ml के साथ fipronil@300ml या emamectin benzoate@80gm या fame@20ml या coragen@60ml को 15.... (Read More)
इसमें सुंडी और तेला चेपा पड़ रहा है यह इक्ट्ठा सॉल्ट भारत वालों की दवाइयों में आता है DEED नाम की दवाई आती है DEED में Fipronil 40% + Imidaclorpid 40% WG सॉल्ट होता है और इसे 400 ग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से 150 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें यदि आपको इक्ट्ठे सॉल्ट वाली दवाई मिलती है तो imidacloprid@40ml के साथ fipronil@300ml या emamectin benzoate@80gm या fame@20ml या coragen@60ml को 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ पर स्प्रे करें

Posted by daljeet singh
Punjab
10-04-2018 09:00 PM
बरसीम में सुंडी की रोकथाम के लिए spinosad@60ml या coragen@60ml या quinalphos@500ml को 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ पर स्प्रे करें यह सुंडी कंटरोल हो जायेगी

Posted by Sukhwinder Singh
Punjab
10-04-2018 08:56 PM
17 से 19—20 लीटर वाली भैंस 1 लाख तक मिलेगी बाकी दूध की पैदावार, फीड पर ही निर्भर करती है महंगी फीड लाकर यदि फीड सही ना हुई तो दूध कम हो सकता है
Posted by ਨੀਟੂ ਗਰੇਵਾਲ
Punjab
10-04-2018 08:22 PM
चारे वाली फसल में फसल अंकुरण के बाद किसी भी नदीननाशक की स्प्रे की सिफारिश नहीं की जाती क्योंकि इससे मुख्य फसल को नुकसान हो सकता है इसमें नदीनों को गोडाई करके ही निकाला जा सकता है
Posted by Satvir Singh
Punjab
10-04-2018 07:58 PM
गन्ने में दीमक की रोकथाम के लिए क्लोरपाइरीफॉस 1 लीटर प्रति 200 लीटर पानी में मिलाकर जड़ों के नज़दीक स्प्रे करें

Posted by gurpinder singh dhindsa
Punjab
10-04-2018 07:49 PM
पूसा 44 सबसे अधिक उपज देने वाली किस्म है पर इसकी यह समस्या है कि यह लंबा समय ले लेती है और जिस कारण इसे बीमारी अधिक पड़ती है इसके बराबर आप KR-777 या SAVA 127, 134, 200 जैसी किस्में लगा सकते हैं वाली किस्में हाइब्रिड धान की किस्में हैं
Posted by Jaswinder
Punjab
10-04-2018 07:47 PM
यह एक फंगसनाशी होता है जो कि फसल को बीमारियों से बचाता है जैसे कि पत्तों पर धब्बे, पत्तों में पीलापन आना, जड़ों में गाला पड़ना इस तरह की बीमारियों को यह रोकती है इसमें मैनकोजेब नामक सॉल्ट आता है

Posted by swarupa Das
Assam
10-04-2018 07:46 PM
काले धान की बारे में विस्तृत जानकारी के लिए आप पुष्पिंदर सिंह जी से 9699902460 पर संपर्क कर सकते हैं
Posted by Natt Jaspal
Punjab
10-04-2018 07:35 PM
यह एक फंगसनाशी है जो कि फसल को बीमारियों से बचाता है इसमें copper oxy chloride 50% होता है जो फसल पर स्प्रे करने पर जो फसल पर धब्बे बनते हैं गाला पड़ता है पत्ते सूखते है उन्हें रोकती है इसके अलावा फल पर जो दाग पड़ जाते हैं उन्हें भी नियंत्रित करती है इसकी मात्रा 400 ग्राम प्रति एकड़ होती है

Posted by Harwinder Singh
Punjab
10-04-2018 07:25 PM
यह लस्सी खट्टी हो गई है इसे आप स्प्रे के तौर पर फसल, सब्जियों पर प्रयोग कर सकते हैं यह एक बहुत अच्छा फंगसनाशी का काम करती है इसकी मात्रा 4—5 लीटर प्रति एकड़ के हिसाब से 100 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे कर सकते हैं यह ग्रोथ भी करवायेगी
Posted by Natt Jaspal
Punjab
10-04-2018 07:09 PM
आप भैंस को milkout पाउडर देना शुरू करे इस पाउडर के 2 चमच सुबह और 2 चमच शाम को देने शुरू करे इस पाउडर के 2 डिब्बे भैस को दें इससे फर्क पड़ जायेगा
Posted by Amandeep Singh Batth
Punjab
10-04-2018 06:15 PM
यदि फल गिर रहे है तो आप planofix 4 मिली को 15 लीटर पानी के साथ मिलाकर पौधो पर स्प्रे कर सकते हैं इससे फल गिरना बंद हो जायेगे
Posted by जसमेर सिंह
Haryana
10-04-2018 05:18 PM
आप पशुओ की पानी वाली टैंकी में 1000 लीटर पानी में 2 ग्राम क्लोरीन को डाल सकते है इससे ज्यादा इसका प्रयोग ना करे

Posted by Amanpreet singh
Punjab
10-04-2018 05:18 PM
PAU की तरफ से जो इसके पकने के दिन सिफारिश किए गए हैं जो 75 दिन वाली किस्में हैं वे ये वाली किस्में हैं जैसे कि ML 2056, ML 818, PAU 911, Mohini आप अपना यहीं पर सवाल पोस्ट कर सकते है ं आपको यहीं जानकारी दी जायेगी

Posted by Dharam pal sharma
Punjab
10-04-2018 05:08 PM
इसकी बिजाई का सही समय सितंबर के आखिर हफ्ता और अक्तुबर का पहला हफ्ता हैं PG 17, Yamuna Safed (G-1), Yamuna Safed 2(G-50), Yamuna Safed 3 (G 282), Yamuna Safed 4 (G 323)
यह लसहुन की अच्छी किस्म है

Posted by Avtar Singh
Punjab
10-04-2018 05:04 PM
यह ट्रेनिंग गुरू अंगद देव वैटनरी यूनिवर्सिटी लुधियाना में के वी के संगरूर में अलग अलग समय पर करवायी जाती है आप के वी के में जाकर अपना फॉर्म भर आयें उसके बाद जब अगली ट्रेनिंग होगी आपको कॉल करके बुला लिया जाएगा या फिर आप प्रगतिशील किसान एसोसिएशन से लिंक रखें यह भी आपको बकरी पालन की ट्रेनिंग के बारे में गाइड .... (Read More)
यह ट्रेनिंग गुरू अंगद देव वैटनरी यूनिवर्सिटी लुधियाना में के वी के संगरूर में अलग अलग समय पर करवायी जाती है आप के वी के में जाकर अपना फॉर्म भर आयें उसके बाद जब अगली ट्रेनिंग होगी आपको कॉल करके बुला लिया जाएगा या फिर आप प्रगतिशील किसान एसोसिएशन से लिंक रखें यह भी आपको बकरी पालन की ट्रेनिंग के बारे में गाइड कर सकते हैं आप इस नंबर 94172 53230 पर अमरजीत सिंह जी से बात करें

Posted by vikas patidar
Rajasthan
10-04-2018 04:51 PM
जी आप पशुपालन पर लोन लेने के लिए Dr. Anil Ghorela जी से 96606 69992 पर बात करें वहीं आपको गाइड करेंगे
Posted by Sarbdeep Singh
Punjab
10-04-2018 04:47 PM
एक एकड मे सारा खर्चा 3 से 3.5 लाख तक आ जाता है और एक एकड मे 25000 पौधे लगाये जाते है जो हमें 6 रूप्ये प्रति पौधे के हिसाब से मिल जाते है इसके बारे में ज्यादा जानकारी के लिए आप NS BERRY ORCHARD 98725-95194, 7009339914 से संपर्क कर सकते है

Posted by Malkeet Virk
Punjab
10-04-2018 04:32 PM
आप गाय के थन को किसी अच्छे डॉक्टर से जांच करवायें क्योकि कई बार थनो में गांठ बन जाती है जिससे दूध आना बंद हो जाता है इसके थन को देखकर ही अच्छा इलाज किया जा सकता है
Posted by shekhar
Uttar Pradesh
10-04-2018 04:29 PM
मार्च-अप्रैल के महीने में नर्सरी बैड तैयार करें लैमन घास की रोपाई के लिए उपजाऊ और सिंचित ज़मीन की आवश्यकता होती है बार बार जोताई और हैरो की मदद से जोताई करें खेत की तैयारी के दौरान दीमक के हमले से फसल को बचाने के लिए लिनडेन पाउडर 10 किलोग्राम प्रति एकड़ में मिलायें लैमन घास की रोपाई बैडों पर की जानी चाहिए फासल.... (Read More)
मार्च-अप्रैल के महीने में नर्सरी बैड तैयार करें लैमन घास की रोपाई के लिए उपजाऊ और सिंचित ज़मीन की आवश्यकता होती है बार बार जोताई और हैरो की मदद से जोताई करें खेत की तैयारी के दौरान दीमक के हमले से फसल को बचाने के लिए लिनडेन पाउडर 10 किलोग्राम प्रति एकड़ में मिलायें लैमन घास की रोपाई बैडों पर की जानी चाहिए फासला नए पौधों की वृद्धि के अनुसार 60.X 60 सैं.मी. रखें और ढाल बनाने के लिए फासला 90X60 सैं.मी. रखें 2-3 सैं.मी. की गहराई में बोयें खेत में रोपाई के लिए दो महीने पुराने पौधों का प्रयोग किए जाते हैं बीज 1.6-2 किलोग्राम प्रति एकड़ में प्रयोग करें
लैमन घास के बीजों को आवश्यक लंबाई और 1 -1.5 मीटर की चौड़ाई वाले तैयार बैडों पर बोयें बीजने के बाद बैडों को कट घास सामग्री से ढक दें
फिर इसे मिट्टी की पतली परत के साथ ढक दें नए पौधे रोपाई के लिए 2 महीने में तैयार हो जाते हैं, जब पौधा 12-15 सैं.मी. ऊंचाई पर पहुंच जाता है रोपाई से पहले खेत अच्छी तरह से तैयार होना चाहिए रोपाई 15x19 सैं.मी. के फासले पर की जानी चाहिए नए पौधों को मिट्टी में ज्यादा गहरा ना बोयें इससे बारिश के दिनों में जड़ गलन का खतरा बढ़ जाता है उत्तर पूर्वी क्षेत्रों में नाइट्रोजन 24 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 20 किलो (एस एस पी 125 किलो), पोटाश्यिम 14 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 23 किलो) प्रति एकड़ में डालें अन्य हालातों में नाइट्रोजन 40 किलो प्रति एकड़ में डालें यह एरोमैटिक प्लांट रिसर्च स्टेशन, ओडाकली (केरला) द्वारा जारी की गई है र्मियों के मौसम में फरवरी से जून के महीने तक 5-7 अंतराल पर सिंचाइयां करें जब वर्षा नियमित रूप से नहीं होती तो पहले महीने में 3 दिनों के अंतराल पर सिंचाई दें और फिर 7-10 दिनों के अंतराल पर दें गर्मियों के मौसम के दौरान 4-6 सिंचाइयां देनी आवश्यक होती हैं
Posted by Jagroop brar
Punjab
10-04-2018 04:13 PM
PR 122: यह 147 दिन में पक्क कर तैयार हो जाती है इसके लम्बे होते होते है और पतले चमकदार होते है इसकी औसत पैदावर 31.5 क्विंटल प्रति एकड होती है
Posted by jassu
Rajasthan
10-04-2018 03:01 PM
इस पर npk 130045@2kg प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें यह ग्रोथ का ही काम करेगी

Posted by varinder dhillon
Punjab
10-04-2018 02:21 PM
इस किस्म की उपज 30 क्विंटल प्रति एकड़ ही है यह पकने के लिए 120—130 दिनों का समय लेती है

Posted by Dharam pal sharma
Punjab
10-04-2018 02:14 PM
उत्तरी राज्यों में, बसंत के समय टमाटर की पनीरी नवंबर के आखिर में बोयी जाती है और जनवरी के दूसरे पखवाड़े में खेत में लगाई जाती है पतझड़ के समय पनीरी की बिजाई जुलाई-अगस्त में की जाती है और अगस्त-सितंबर में यह खेत में लगा दी जाती है पहाड़ी इलाकों में इसकी बिजाई मार्च-अप्रैल में की जाती है और अप्रैल-मई में यह खेत में .... (Read More)
उत्तरी राज्यों में, बसंत के समय टमाटर की पनीरी नवंबर के आखिर में बोयी जाती है और जनवरी के दूसरे पखवाड़े में खेत में लगाई जाती है पतझड़ के समय पनीरी की बिजाई जुलाई-अगस्त में की जाती है और अगस्त-सितंबर में यह खेत में लगा दी जाती है पहाड़ी इलाकों में इसकी बिजाई मार्च-अप्रैल में की जाती है और अप्रैल-मई में यह खेत में लगा दी जाती है Punjab Ratta : इस किस्म की पहली तुड़ाई 125 दिनों में तैयार होती है इसकी औसतन पैदावार 225 क्विंटल प्रति एकड़ होता है यह किस्म कईं तरह के उत्पाद तैयार करने के लिए भी प्रयोग की जाती है Punjab Chhuhara : यह किस्म बीजों के बिना, नाशपाती के आकार की, लाल और मोटे छिल्के वाली होती है इसकी क्वालिटी कटाई के बाद 7 दिन तक मंडी में बेचनेयोग्य होती है इसलिए इसे लंबी दूरी वाली स्थानों पर लिजाकर नए उत्पाद तैयार करने के लिए प्रयोग किया जा सकता है इसकी औसतन पैदावार 325 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Punjab Tropic : इस किस्म के पौधे की ऊंचाई 100 सैं.मी. होती है यह कटाई के लिए 141 दिनों में तैयार हो जाती है इस किस्म के टमाटर का आकार बड़ा और गोल होता है और यह गुच्छों में लगते हैं इसकी औसतन पैदावार 90-95 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Punjab Upma : यह किस्म वर्षा वाले मौसम के लिए अनुकूल है इस किस्म का आकार अंडाकार और दरमियाना होता है इसका रंग गहरा लाल होता है इसकी औसतन पैदावार 220 कि्ंवटल प्रति एकड़ होती है Punjab NR -7 : इस किस्म के पौधे छोटे होते हैं और इसके टमाटर दरमियाने आकार के और रसीले होते हैं यह सोके और जड़ गलने की रोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 175-180 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Punjab Red Cherry : यह किस्म पंजाब खेतीबाड़ी यूनिवर्सिटी द्वारा तैयार की गई है इस किस्म को खास सलाद के लिए प्रयोग किया जाता है इसका रंग गहरा लाल होता है और भविष्य में यह पीले, संतरी और गुलाबी रंग में भी उपलब्ध होगी इसकी बिजाई अगस्त या सितंबर में की जाती है और फरवरी में यह कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह जुलाई तक पैदावार देती है इसकी अगेती पैदावार 150 क्विंटल प्रति एकड़ और कुल औसतन पैदावार 430-440 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Punjab Varkha Bahar 2 : पनीरी लगाने के बाद 100 दिनों में यह किस्म कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह पत्ता मरोड़ बीमारी रोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 215 कि्ंवटल प्रति एकड़ है Punjab Varkha Bahar 1 : पनीरी लगाने के बाद 90 दिनों में यह किस्म कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह किस्म वर्षा के मौसम के लिए अनुकूल है यह पत्ता मरोड़ बीमारी की रोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 215 क्विंटल प्रति एकड़ है HS 101 : यह उत्तरी भारत में सर्दियों के समय लगाई जाने वाली किस्म है इसके पौधे छोटे होते हैं इस किस्म के टमाटर गोल और दरमियाने आकार के और रसीले होते हैं यह गुच्छों के रूप में लगते हैं यह पत्ता मरोड़ बीमारी की रोधक किस्म है Punjab Swarna: यह किस्म 2018 में जारी हुई है इसके पत्ते गहरे हरे रंग के होते हैं इसके फल अंडाकार, संतरी रंग के और दरमियाने होते हैं इस किस्म की पहली तुड़ाई पनीरी लगाने के 120 दिनों के बाद की जाती है मार्च के अंत तक इस किस्म की औसतन पैदावार 166 क्विंटल प्रति एकड़ और कुल उपज 1087 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म सलाद के तौर पर प्रयोग करने के लिए अनुकूल है

Posted by ਬੇਅੰਤ ਸਿੰਘ
Punjab
10-04-2018 01:51 PM
आप WASTE DECOMPOSER लेने के लिए आप अमरनाथ सिंह से संपर्क कर सकते है इनका फोन नंबर है 98150 -00112 ..

Posted by सुमन कुमार
Punjab
10-04-2018 01:34 PM
कृपया विस्तार में बतायें कि किन्नू में किस तरह का रोग आ रहा है ताकि आपको इसकी जानकारी दी जा सके

Posted by inderpal
Punjab
10-04-2018 01:27 PM
ब्याने से 15 दिन पहले कैल्शियम देना बंद कर देना चाहियें नही तो दूध के बुखार की समस्या आ सकती है सिर्फ कैल्शियम देने से दूध नहीं बढ़ेगा सही फीड है तो ब्याने के बाद दूध बढ़ जायेगा

Posted by pawankumar
Haryana
10-04-2018 01:23 PM
HS 6: यह किस्म अगेती बिजाई के लिए अनुकूल हैं इसके पौधे की औसत ऊंचाई 150-160 सैं.मी. होती है यह किस्म 180-185 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इस किस्म के टिंडे बड़े होते हैं इसलिए इन्हें आसानी से इनकी कटाई आसानी से हो जाती है यह गुलाबी सुंडी और तेले के हमले के प्रतिरोधक है इसकी औसतन पैदावार 9 क्विंटल प्रति एकड़ होती है .... (Read More)
HS 6: यह किस्म अगेती बिजाई के लिए अनुकूल हैं इसके पौधे की औसत ऊंचाई 150-160 सैं.मी. होती है यह किस्म 180-185 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इस किस्म के टिंडे बड़े होते हैं इसलिए इन्हें आसानी से इनकी कटाई आसानी से हो जाती है यह गुलाबी सुंडी और तेले के हमले के प्रतिरोधक है इसकी औसतन पैदावार 9 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसकी पिंजाई के बाद 36 प्रतिशत रूई प्राप्त होती है H 1098: इस किस्म के पौधे की ऊंचाई 130 सैं.मी. हाती है यह किस्म पिछेती बिजाई के लिए अनुकूल होती है यह 165 दिनों में पककर तैयार हो जाती है इसके टिंडे मध्यम आकार के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 8-9 क्विंटल प्रति एकड़ होती है और पिंजाई के बाद 35 प्रतिशत रूई प्राप्त होती है HHH 223: यह तेले की प्रतिरोधी किस्म है इस हाइब्रिड किस्म के पौधे की ऊंचाई 150-160 सैं.मी. होती है यह 15 अप्रैल से 20 मई में बिजाई के लिए अनुकूल है यह किस्म 180 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 8-9 क्विंटल प्रति एकड़ होती है और पिंजाई के बाद 35 प्रतिशत रूई प्राप्त होती है HHH 287: यह सिंचित क्षेत्रों में बोने के लिए अनुकूल है यह किस्म 160-170 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 8-9 क्विंटल प्रति एकड़ होती है और पिंजाई के बाद इससे 35 प्रतिशत प्राप्त होती है H 1117: इस किस्म के पौधे की ऊंचाई 150-160 सैं.मी. होती है और अगेती बिजाई के लिए अनुकूल है यह झुलस रोग के प्रतिरोधी है यह किस्म 175-185 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है और पिंजाई के बाद इससे 36 प्रतिशत रूई प्राप्त होती है H 1226: इस अमेरिकन किस्म के पौधे की ऊंचाई 150-160 सैं.मी. होती है यह सूखे की प्रतिरोधी किस्म है यह 160-165 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 9-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है और इससे 34 प्रतिशत रूई प्राप्त होती है HD 107: यह देसी किस्म अगेती बिजाई के लिए अनुकूल है यह 180 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 9-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है और इससे 38 प्रतिशत रूई प्राप्त होती है HD 123: यह 165 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 9 क्विंटल प्रति एकड़ होती है और इससे 39 प्रतिशत रूई प्राप्त होती है HD 324: यह 170-180 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 8-9 क्विंटल प्रति एकड़ होती है और इससे 42 प्रतिशत रूई प्राप्त होती है HHH 287: इस किस्म के पौधे की ऊंचाई 150 सैं.मी. होती है इसकी औसतन पैदावार 10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है और इससे 38 प्रतिशत रूई प्राप्त होती है

Posted by kuldeep singh
Punjab
10-04-2018 12:41 PM
इस किस्म की उपज 80—90 मण तक चली जाती है इसकी कटाई लगभग 120—130 दिनों में हो जाती है यह हाइब्रिड किस्म है

Posted by ਗਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
10-04-2018 12:14 PM
इसमें आप 777, 2 lakh12, tr 81, signet का raja 44 या raja 45 , 5050, 5005, 5051, 5455 या pioneer का 27p31 ja 25p35 या 27p63, आदि जैसी किस्में लगा सकते हैं
Posted by ਵੀਰ ਸੰਧੂ
Punjab
10-04-2018 12:08 PM
बिल्कुल आपको हिस्सा लेना चाहिए बाकी बीटल बकरी 18000—25000 तक मिल जाती है यह दोहरी नसल है मीट के लिए भी रखी जाती है और दूध के लिए भी बढ़िया काम है मेहनत भी कम है बस हम शर्म के मारे ही नहीं करते बाकी आप प्रगतिशील बकरी फार्म एसोसिएशन को मिलें बहुत बढ़िया तरीके से आपको बकरी फार्म भी दिखाएंगे और इस बारे में गाइड भी करेंग.... (Read More)
बिल्कुल आपको हिस्सा लेना चाहिए बाकी बीटल बकरी 18000—25000 तक मिल जाती है यह दोहरी नसल है मीट के लिए भी रखी जाती है और दूध के लिए भी बढ़िया काम है मेहनत भी कम है बस हम शर्म के मारे ही नहीं करते बाकी आप प्रगतिशील बकरी फार्म एसोसिएशन को मिलें बहुत बढ़िया तरीके से आपको बकरी फार्म भी दिखाएंगे और इस बारे में गाइड भी करेंगे आप नंबर पर बात करके अमरजीत सिंह जी से मिलें इनके पास लगभग 400 बकरियों का फार्म है

Posted by Dulheram Dagar
Haryana
10-04-2018 12:02 PM
नरमे की बिजाई का सही समय अप्रैल से मध्य मई तक होता है आप नरमे की shriram BUNTY, 6588, 6488, Ankur 3028, RCH 134(Rasi), RCH 650(Rasi), Rasi 653, Rasi 776. NUZIVEEDU seeds ki BALWAN किस्में लगा सकते हैं इसमें 130 किलो यूरिया प्रति एकड़ के हिसाब से 3 हिस्सों में बांट कर डालें इसके अलावा 75 किलो SSP या DAP@ 27 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से डाल सकते हैं
Posted by Dimple kumar
Punjab
10-04-2018 11:34 AM
मक्की के बीच यूरिया की मात्रा पूरी करे इससे इसकी वृद्धि हो जायेगी इसमें 30 किलोग्राम यूरिया प्रति एकड के हिसाब से डालें इसकी जड़ो और गोभ में सुंडी की भी जांच करे

Posted by harppret
Punjab
10-04-2018 11:28 AM
पहली बात तो ना डालें उससे पशु को बैय हो जाती है यदि डालनी है तो किसी दुकान से साबुत अरहर बोल कर लें सकते है
Posted by Dimple kumar
Punjab
10-04-2018 11:12 AM
इसके ऊपर एनपीके 191919@1 kg को 150 लीटर पानी के साथ मिलाकर प्रति एकड पर स्प्रे करे यह स्प्रे 5 दिन के फासले पर रिपीट करे इसकी वृद्धि हो जायेगी और फूल भी गिरने ये बंद हो जायेगा

Posted by satgur singh
Punjab
10-04-2018 11:06 AM
इसमें पौटाश की कमी हो पूरा करने के लिए 2.5 किलोग्राम मियूरेट ऑफ पौटाश को 150 लीटर पानी के साथ मिलाकर प्रति एकड पर स्प्रे करे यह स्प्रे 2-3 बार करें इससे कमी पूरी हो जायेगी और पत्ते ठीक हो जायेगे इसके इलावा आप उपलो की भी स्प्रे कर सकते है जो राख की स्प्रे की जाती है वो चुल्हे की राख होती है पर वो तेले और चेपे से पौधो क.... (Read More)
इसमें पौटाश की कमी हो पूरा करने के लिए 2.5 किलोग्राम मियूरेट ऑफ पौटाश को 150 लीटर पानी के साथ मिलाकर प्रति एकड पर स्प्रे करे यह स्प्रे 2-3 बार करें इससे कमी पूरी हो जायेगी और पत्ते ठीक हो जायेगे इसके इलावा आप उपलो की भी स्प्रे कर सकते है जो राख की स्प्रे की जाती है वो चुल्हे की राख होती है पर वो तेले और चेपे से पौधो को बचाती है

Posted by vijay singh jhinjha
Punjab
10-04-2018 10:59 AM
bkri paln ek laahevnd kitta hai. shuruaat karn lai tu c 10 bkriyaan ate 2 bkriya naal shuru kar skde ho. inha di khuraak awastha ght hundi hai, is lai asi ihna nu asani nal paal skde han. yh har parkaar de vatavrn vicch v paaleya ja skda hai. bakriyan 12 se 14 mahineya vicch bcche dena shuru kar dindiyaa han. bakriyan da grv sma 150 din da hunda hai ate saal vicch 1-5 bcche dindiya han. saal vicch 2 bcche dena aam gal hundi a. bkriyan 8 ton 10 saal tk bcche dindiya han, ate apni ginti vicch teji naal vadha kar lendiya han. punjab vicch tu c barbri, black bengal, sirohi, aadi nsl paaal skde han. tu c shuruaat krn lai sbton phla progressiver bkri farmer association di meeting jo ke mahine de phle sukhrvaar nu guru angad dev veterinary university ludhyaana de kisaan hostel vicch hundi hai .... (Read More)
bkri paln ek laahevnd kitta hai. shuruaat karn lai tu c 10 bkriyaan ate 2 bkriya naal shuru kar skde ho. inha di khuraak awastha ght hundi hai, is lai asi ihna nu asani nal paal skde han. yh har parkaar de vatavrn vicch v paaleya ja skda hai. bakriyan 12 se 14 mahineya vicch bcche dena shuru kar dindiyaa han. bakriyan da grv sma 150 din da hunda hai ate saal vicch 1-5 bcche dindiya han. saal vicch 2 bcche dena aam gal hundi a. bkriyan 8 ton 10 saal tk bcche dindiya han, ate apni ginti vicch teji naal vadha kar lendiya han. punjab vicch tu c barbri, black bengal, sirohi, aadi nsl paaal skde han. tu c shuruaat krn lai sbton phla progressiver bkri farmer association di meeting jo ke mahine de phle sukhrvaar nu guru angad dev veterinary university ludhyaana de kisaan hostel vicch hundi hai ohthe jaake sfl bkri pakla nu miilo. is meeting vicch jaan lai tu c progressive bkri farmer association de pardhaan 9023441504 naal gal kro.
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