Posted by Manna kamboh
Punjab
13-04-2018 05:00 PM
आप Minotas दवाई की गोलियां भी दें ये 7 गोलियों की पैकिंग होती है यह 1 गोली रोजाना दें इन दोनों को 21 दिन तक देते रहें और इसके साथ ovamin पाउडर 50 ग्राम रोज दें बाकी कोई बढित्रया कंपनी का मिनरल मिक्सचर दें और सही फीड दें
Posted by Avtar singh
Punjab
13-04-2018 04:26 PM
इस बीमारी के दौरान उस टहनी पर जहां फल लगा होता है वह टहनी भी सूख जाती है और फल का टहनी से जुड़ा हुआ भाग भी सूखना शुरू कर देता है और फल गिर पड़ता है इसकी रोकथाम के लिए 500ml ziram को 150 ltr पानी में मिलाकर पौधों पर स्प्रे करें या NAA या PLANOFIX@4ml को प्रति 15 लीटर पानी के हिसाब से मिक्स करके पौधों पर स्प्रे करें
Posted by Manna kamboh
Punjab
13-04-2018 04:17 PM
यदि दोनों फसलों में यही समस्या है तो यह बीज की समस्या नहीं है यह मिटटी में ही समस्या है जब भी बीज लगाते हैं तो अंकुरण के बाद जब बीमारी पड़ती है तो उसकी जड़ों में गांठे जरूर देखें या फिर सफेद सुंडी जैसा कीड़ा देंखें यह जड़ों को खराब कर देते हैं और पौधे पीले पड़कर सूख जाते हैं इसकी रोकथाम के लिए 5-7 किलोग्राम furadon प्रति .... (Read More)
यदि दोनों फसलों में यही समस्या है तो यह बीज की समस्या नहीं है यह मिटटी में ही समस्या है जब भी बीज लगाते हैं तो अंकुरण के बाद जब बीमारी पड़ती है तो उसकी जड़ों में गांठे जरूर देखें या फिर सफेद सुंडी जैसा कीड़ा देंखें यह जड़ों को खराब कर देते हैं और पौधे पीले पड़कर सूख जाते हैं इसकी रोकथाम के लिए 5-7 किलोग्राम furadon प्रति एकड़ के हिसाब से छींटा दें

Posted by Gurbir Singh Gill
Punjab
13-04-2018 04:05 PM
PGG 101: यह किस्म 1991 में विकसित की गई थी इस किस्म के बीज गहरे मोटे होते हैं इस फसल की कटाई मुख्य रूप से मई - नवंबर के महीने में फूल आने से पहले की जाती है इस किस्म के हरे चारे की औसतन पैदावार 675 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसकी 5-7 बार कटाई की जाती है
PGG 518: यह 1998 में विकसित की गई थी इस किस्म के पत्ते लंबे और आकार में चौड़े होत.... (Read More)
PGG 101: यह किस्म 1991 में विकसित की गई थी इस किस्म के बीज गहरे मोटे होते हैं इस फसल की कटाई मुख्य रूप से मई - नवंबर के महीने में फूल आने से पहले की जाती है इस किस्म के हरे चारे की औसतन पैदावार 675 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसकी 5-7 बार कटाई की जाती है
PGG 518: यह 1998 में विकसित की गई थी इस किस्म के पत्ते लंबे और आकार में चौड़े होते हैं पौधे के अच्छी तरह से विकसित होने पर इसकी कटाई की जाती है इस किस्म के हरे चारे की औसतन पैदावार 750 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसकी 5-7 बार कटाई की जा सकती है
PGG 19: यह किस्म पंजाब में खेती करने के लिए अनुकूल है इसकी औसतन पैदावार 450-500 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
दूसरे राज्यों की किस्में
CO 2: इस किस्म के पत्ते की ऊंचाई 150-200 सैं.मी. और पत्ते की लंबाई 65-75 सैं.मी. होती है इस किस्म की वार्षिक पैदावार 1100 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसकी 7 बार कटाई की जा सकती है
CO (GG) 3: इस किस्म के पत्ते की ऊंचाई 210-240 सैं.मी. और पत्ते की लंबाई 97-110 सैं.मी. होती है इस किस्म के हरे चारे की वार्षिक पैदावार 1400-1450 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसकी 7 बार कटाई की जा सकती है
Hamil: यह किस्म उत्तर, दक्षिण और केंद्रिय भारत में उगाने के लिए अनुकूल है इसकी औसतन पैदावार 208 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
PGG 1: यह किस्म उत्तर पश्चिम, केंद्रिय भारत और पहाड़ी इलाकों में उगाने के लिए अनुकूल है इसकी औसतन पैदावार 210 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Posted by jagjit singh baath
Punjab
13-04-2018 03:20 PM
30 killo dud wali jersy cow lagpag 70-8000 tak mil jndi hai .

Posted by Lovedeep singh
Punjab
13-04-2018 03:09 PM
आप यह पूसा हाइड्रोजेल पूसा दिल्ली और प्राइवेट कंपनियों से खरीद सकते हैं लेकिन प्राइवेट कंपनियां की रेट पूसा दिल्ली से ज्यादा होते हैं
Posted by Rakesh kumar
Punjab
13-04-2018 03:00 PM
पशु सुस्त हो जाता है और पठ्ठे खाना बंद कर देता है बीमारी के शुरू में पशु लड़खड़ा कर चलता है और शरीर जकड़ा लगता है पशु गर्दन मरोड़कर बैठ जाता है या एक और लंबा पड़ जाता है
Posted by Avtar singh
Punjab
13-04-2018 02:49 PM
इसमें क्या समस्या आ रही है कृप्या विस्तार से बतायें ताकि आपको इसके बारे में जानकारी दी जा सके

Posted by Buta singh
Punjab
13-04-2018 02:41 PM
गेहूं की सांभ संभाल करनी बहुत ज़रूरी होत है जो गेहूं आप खाने के लिए स्टोर करनी है उसे 4-5 दिन तक अच्छी तरह धूप में सुखाए इन दिनों में गेहूं को उल्ट पुल्ट जरूर करें जब गेहूं को स्टोर करना है तो उसमें माचिश की डब्बियां, नीम के पत्ते जरूर डालें इससे सुसरी नहीं बनती दीवार के नज़दीक नीम जरूर डालें क्योंकि सुसरी या खपर.... (Read More)
गेहूं की सांभ संभाल करनी बहुत ज़रूरी होत है जो गेहूं आप खाने के लिए स्टोर करनी है उसे 4-5 दिन तक अच्छी तरह धूप में सुखाए इन दिनों में गेहूं को उल्ट पुल्ट जरूर करें जब गेहूं को स्टोर करना है तो उसमें माचिश की डब्बियां, नीम के पत्ते जरूर डालें इससे सुसरी नहीं बनती दीवार के नज़दीक नीम जरूर डालें क्योंकि सुसरी या खपरा वहीं से बनना शुरू होता है सितंबर अक्तूबर में आकर गेहूं की गोलियां कपड़े में बांधकर जरूर रखें

Posted by Harnek singh
Punjab
13-04-2018 02:40 PM
लड्डू गेंदा उत्तर में नहीं उगाया जा सकता इस किस्म के लिए दक्षिण एरिया का तापमान अनुकूल है इसकी किस्म कलकत्ता से मिल सकती है

Posted by vikas patidar
Rajasthan
13-04-2018 02:30 PM
जी आप एचएफ को भी टीका भरवा सकते है आज कल सरकारी वैटनरी हॉस्पताल में एचएफ के अच्छे रिकार्ड के सीमन आये है आप एचएफ 25-30 लीटर वाला सीमन का टीका भरवा सकते है
Posted by Jaskaran Singh
Punjab
13-04-2018 02:26 PM
इसमें सुंडी की रोकथाम के लिए क्विनलफॉस 500 मि.ली. को 150 लीटर पानी में मिलाकर पौधों पर स्प्रे करें
Posted by Pavitar Dhillon
Punjab
13-04-2018 02:22 PM
इसकी रोकथाम के लिए टाटा की TATA MIDA @40ml या actara@60gm या nagarjuna की crop mida @40ml को 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ पर स्प्रे करें
Posted by jaspreet singh
Punjab
13-04-2018 01:03 PM
आप बढिया और अच्छी ज़मीन में NUZIVEEDU कंपनी की विन्नर किस्म लगा सकते हैं या फिर राघव 855 किस्म लगा सकते हैं घटिया ज़मीन के लिए आप NUZIVEEDU seeds की BALWAN किस्म लगा सकते हैं यह किस्म 150-160 दिनों में पक जाती है इसके अलावा RASI 773, 776, 650 भी लगा सकते हैं या फिर ankur 3028, Bt 6488, 6588 आदि राशि नरमे वाली किसमें अगेती पिछेती दोनों समय वाली है ये किस्में 160-165 दि.... (Read More)
आप बढिया और अच्छी ज़मीन में NUZIVEEDU कंपनी की विन्नर किस्म लगा सकते हैं या फिर राघव 855 किस्म लगा सकते हैं घटिया ज़मीन के लिए आप NUZIVEEDU seeds की BALWAN किस्म लगा सकते हैं यह किस्म 150-160 दिनों में पक जाती है इसके अलावा RASI 773, 776, 650 भी लगा सकते हैं या फिर ankur 3028, Bt 6488, 6588 आदि राशि नरमे वाली किसमें अगेती पिछेती दोनों समय वाली है ये किस्में 160-165 दिनों में पक जाती है और इनकी उपज 25-30 मण प्रति एकड़ होती है घटिया ज़मीन के लिए 776 किस्म ही काम करेगी इसमें यूरिया 130 किलो प्रति एकड़ में डालना है और 27 किलो DAP या SSP@75kg प्रति एकड़ में डालना है यूरिया को 3 हिस्सों में बांट कर डाला जाता है यूरिया का पहला हिस्सा पहले पानी के समय और DAP की बिजाई आप पहले और दूसरे पानी में भी करें
Posted by jaspreet singh
Punjab
13-04-2018 12:55 PM
सामग्री • 20 लीटर गोमूत्र • 5 किलो नीम की पत्तियां (कूटी हुई) • आधा किलो तम्बाकू का पाउडर • आधा किलो तीखी हरी मिर्च • 500 ग्राम देसी लहसुन (कुटा हुआ) बनाने की विधि • ऊपर दी गई सामग्री को एक मिट्टी के बर्तन में डालें • आग पर रखकर चार उबाल आने दें • फिर आग से उतारकर 48 घंटे छांव में रखें • 48 घंटे में चार बार डंडे से हिलाएं अ.... (Read More)
सामग्री • 20 लीटर गोमूत्र • 5 किलो नीम की पत्तियां (कूटी हुई) • आधा किलो तम्बाकू का पाउडर • आधा किलो तीखी हरी मिर्च • 500 ग्राम देसी लहसुन (कुटा हुआ) बनाने की विधि • ऊपर दी गई सामग्री को एक मिट्टी के बर्तन में डालें • आग पर रखकर चार उबाल आने दें • फिर आग से उतारकर 48 घंटे छांव में रखें • 48 घंटे में चार बार डंडे से हिलाएं अवधि प्रयोग: अग्नि अस्त्र का प्रयोग केवल तीन महीने तक कर सकते हैं सावधानियां: सामग्री को मिट्टी के बर्तन में ही रखें छिड़काव: 5 लीटर अग्नि अस्त्र को छानकर 200 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे मशीन से प्रति एकड़ पर छिड़काव करें
Posted by ਸ੍ .ਗੁਰਪੀ੍ਤ ਚਹਿਲ
Punjab
13-04-2018 12:49 PM
मिट्टी का सैंपल लेने के लिए खेत के चारों किनारों और खेत के बीच वाले हिस्से से मिट्टी लेना बहुत ज़रूरी होता है सबसे पहले खेत के चारों किनारों के अंदर की तरफ से मिट्टी लें मिट्टी लेने के लिए 6-8 सैं.मी. गहरे गड्ढे खोदकर एक मुठ्ठी मिट्टी लें इसी तरह चारों किनारों पर से एक एक मुठ्ठी इक्ट्ठी करें इसके अलावा खेत के ब.... (Read More)
मिट्टी का सैंपल लेने के लिए खेत के चारों किनारों और खेत के बीच वाले हिस्से से मिट्टी लेना बहुत ज़रूरी होता है सबसे पहले खेत के चारों किनारों के अंदर की तरफ से मिट्टी लें मिट्टी लेने के लिए 6-8 सैं.मी. गहरे गड्ढे खोदकर एक मुठ्ठी मिट्टी लें इसी तरह चारों किनारों पर से एक एक मुठ्ठी इक्ट्ठी करें इसके अलावा खेत के बिल्कुल बीच वाली ज़मीन से भी इसी तरह मिट्टी लें इसके बाद 5 अलग अलग स्थानों से इक्ट्ठी की मिट्टी को अच्छी तरह मिला लें इस मिट्टी में स्थित कंकड़ और रोड़ियों को बाहर निकाल दें यदि मिट्टी गीली हो तो छांव में सुखाएं इस नमूने को कपड़े की थैली में डालकर किसान का नाम, पता और खेत नंबर लिखकर एक पर्ची उसके ऊपर रख दें मिट्टी की मात्रा लगभग 800-1000 ग्राम होनी चाहिए इसके बाद मिट्टी को लिफाफे में डालकर अपने नाम का लेबल साथ में लगाकर अपने जिले के कृषि विज्ञान केंद्र में बने मिट्टी जांच केंद्र भेज दें यह मिट्टी का टैस्ट 15-20 दिनों के अंदर अंदर चैक होकर आपके पास रिपोर्ट आ जायेगी इसकी फीस 40 रूप्ये होती है मानसा जिले का के वी के खोखर खुर्द में है संपर्क नंबर 01652235590 है और यूनिवर्सिट के मिट्टी टैस्ट विभाग का नंबर Dr Kuldip Singh (Senior Soil Chemist) 08146550714

Posted by ranjit
Punjab
13-04-2018 12:47 PM
रनजीत सिंह जी, जिस भी किस्म के बारे में किसान हमने जानकारी मांगते हैं हमारी तरफ से उन्हें हर एक जानकारी दी जाती है मंडीकरण सरकार पर निर्भर करता है जिसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता आपकी फीडबैक पर ध्यान दिया जायेगा

Posted by ਗਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
13-04-2018 12:34 PM
जी आप सरसो का तेल औैर डालडा घी में से किसी एक चीज को ही दें यदि सरसो का तेल देते है तो 100ग्राम से ज्यादा ना दें और डालडा घी 200-250 ग्राम तक दें सकते है बाकि आप सही खुराक देते रहे
Posted by sandeep sharma
Punjab
13-04-2018 12:22 PM
इसमें पत्ता लपेट की बीमारी आ गई है इसकी रोकथाम के लिए tata की tata mida@40ml या nagarjuna की crop mida@40ml या coromandel की exaam @40gm को 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ पर स्प्रे करें ये पत्ते ठीक हो जायेंगे
Posted by Gurwinder Singh
Punjab
13-04-2018 12:10 PM
सुंडी की रोकथाम के लिए fame@20ml या fipronil@300ml या quinalphos@500ml को 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ पर स्प्रे करें

Posted by ਗਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
13-04-2018 11:56 AM
14,15 अप्रैल को बादलवाई रहेगी और 16 अप्रैल को बारिश आने की संभावना है

Posted by ਗੁਰਮੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
13-04-2018 11:49 AM
Papite de vich shotte kad walia fsla di kheti kr skde ho. jiwe ki guara, moongi, soyabean, maah, chane, etc.

Posted by harpreet Sidhu
Punjab
13-04-2018 11:42 AM
आप घास पर नीम के पत्तों की धूनी जलाकर धुआं कर लें और साथ ही dermeez नाम की दवाई 1-2 मि.ली. को एक लीटर पानी में घोलकर पशु पर मल दें यह zydus कंपनी की दवाई है या आप थोड़ी सी फरनैल 1 लीटर पानी में मिलाकर भैंसों पर उस पानी की स्प्रे कर दें सावधानी से फरनैल भी पानी में डालकर छिड़क सकते है इससे मक्खी नहीं बैठती और इसके साथ हो सके तो .... (Read More)
आप घास पर नीम के पत्तों की धूनी जलाकर धुआं कर लें और साथ ही dermeez नाम की दवाई 1-2 मि.ली. को एक लीटर पानी में घोलकर पशु पर मल दें यह zydus कंपनी की दवाई है या आप थोड़ी सी फरनैल 1 लीटर पानी में मिलाकर भैंसों पर उस पानी की स्प्रे कर दें सावधानी से फरनैल भी पानी में डालकर छिड़क सकते है इससे मक्खी नहीं बैठती और इसके साथ हो सके तो मच्छरदानी लगाएं

Posted by varinder dhillon
Punjab
13-04-2018 11:33 AM
LR आलु को सफेद आलु जितनी ही स्प्रे और खाद डाली जाती है इसके ऊपर एम-45 400 ग्राम फंगीनाशी के तौर पर और 1 किलोग्राम एनपीके 191919 वृद्धि के लिए कर सकते है
Posted by Halinder Singh
Punjab
13-04-2018 11:23 AM
रेतली ज़मीन में आप signet का raja 44 या raja 45, 5050, 5005, 5051, 5455 या pioneer का 27p31 या 25p35 या 27p63, आदि जैसी किस्में लगा सकते हैं
Posted by Ramanjeet singh
Punjab
13-04-2018 10:41 AM
सबसे ज्यादा आने वाली बीमारी swine बुखार है और उसकी वैक्सीन 2-3 महीने के बच्चे को देनी चाहियें और यह पंजाब में लुधियाना के पशु पालन विभाग से मिल सकते है दूसरी मुंह खूर की बीमारी नजदीकी वैटनरी हॉस्पताल से फ्री ले सकते है बाकि ज्यादा बीमारियो नही होती सुअरो को

Posted by Jagpreet sidhu
Punjab
13-04-2018 10:22 AM
उसकी पनीरी 10 जून से तैयार की जाती है और 10 जुलाई तक मुख्य खेत में लगा सकते हैं
Posted by Kulwinder Singh
Punjab
13-04-2018 09:36 AM
यह वायरस और तेले के कारण हो रहा है इसकी रोकथाम के लिए टाटा की TATA MIDA @40ml या actara@60gm या nagarjuna की crop mida @40ml को 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ पर स्प्रे करें

Posted by sukhdeep
Punjab
13-04-2018 08:58 AM
आप 3 मि.ली. प्लैनोफिक्स को प्रति 1.5 लीटर पानी में मिलाकर पौधों पर स्प्रे कर सकते हैं यह स्प्रे फल और फूलों को झड़ने से रोकती है
Posted by Parvinder Singh
Punjab
13-04-2018 08:20 AM
यदि नमी है तो अभी पानी देने की जरूरत नहीं है पानी देने का फासला 10-12 दिनों का रखें इसे पानी खेत में नमी के आधार पर दें

Posted by kulwant singh
Punjab
13-04-2018 08:19 AM
इसकी सूखी हुई टहनियों को काटकर इसके ऊपर bordeux mixture लगायें या फिर इसके ऊपर इसकी स्प्रे करें इसके अलावा आप इसके ऊपर copper oxy chloride की भी स्प्रे कर सकते हैं
Posted by ਗੁਰਮੇਜ ਸਿੰਘ
Punjab
13-04-2018 07:49 AM
आप j 1006 और African tall मक्की लगा सकते हैं ये किस्में 80-90 दिनों में तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 165-170 क्विंटल होता है इसके अलावा राशि की 3591 या 4558 मक्की भी लगा सकते हैं यह किस्म 70 दिनों में पक जाती है

Posted by Lovedeep singh
Punjab
13-04-2018 07:18 AM
ग्वार को भी आप हरी खाद के लिए लगा सकते हैं पर यह जंतर के मुकाबले कम ग्रोथ करता है जिससे हरी खाद कम बनती है जंतर एक समान उगता है और ग्रोथ भी बढ़िया होती है जिससे खेत को हरी खाद के रूप में नाइट्रोजन बढ़िया मिलती है

Posted by Dharam pal sharma
Punjab
13-04-2018 06:56 AM
मूंग की यदि आलू के खेत में बिजाई की है तो इसे यूरिया या डी ए पी डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि आलू के अंदर पहले से ही बहुत यूरिया और डी ए पी डाल दिया जाता है यदि फिर भी आप यूरिया डालना चाहते हैं तो 11 किलो यूरिया प्रति एकड़ के हिसाब से डाल सकते हैं

Posted by Pritpal Singh Gill
Punjab
13-04-2018 06:52 AM
तारामीरा डालने का सही तरीका है आप 100 किलो फीड में 4 किलो तारामीरा मिक्स कर सकते हैं यह बेस्ट समय ह ैअब समय फीड में डाल सकते हैं इससे चिचड़ भी कम लगते हैं
Posted by Manohar Bajiya
Rajasthan
13-04-2018 06:38 AM
यह गाभिन नहीं है लेकिन कुछ दिनों के बाद एक बार डॉक्टर से चैक करवा लेना

Posted by Karanvir Singh
Punjab
13-04-2018 06:03 AM
इस किस्म का नाम BR 105 है यह प्राइवेट किस्म है इस किस्म की उपज 30-35 क्विंटल प्रति एकड़ है और यह किस्म 145-150 दिनों में पक जाती है यह 2 नंबर पानी में उगायी जाती है इसका बीज 120 रूप्ये किलो है बराड़ सीड्स जो कि पी ए यु लुधियाना के गेट नंबर 1 के आगे है वहां से ले सकते हैं
Posted by ਵੀਰ ਸੰਧੂ
Punjab
13-04-2018 05:03 AM
कोई अच्छी कंपनी का लीवर टोनिक के साथ 2 होमियोपेथिक दवाई menincol लगाताार आधा आधा मिली दिन में तीन बार दें बाकि डीवार्मिग जरूर करवायें

Posted by Singh Binder
Punjab
13-04-2018 12:40 AM
सर इस ऊपर आप एक तो बिल्कुल खट्टी लस्सी को पानी में मिलाकर इस ऊपर स्प्रे करें दूसरा इसमें चूल्हे की राख में पशु मूत्र मिलाकर थोड़े दिन बोरी में रखने के बाद जड़ों में डालकर गोडाई करें पौधा बढ़िया फल देगा

Posted by Manpreet Singh
Punjab
13-04-2018 12:31 AM
दोनों नसलें ही ठीक हैं और एच एफ गाय का दूध ज्यादा होता है पर फैट कम होती है जर्सी के दूध की फैट एच एफ से ज्यादा होती है और दोनों ही गर्मी ज्यादा मानती है पर जर्सी को ज्यादातर पहाड़ी क्षेत्र में रखने के लिए ही बढ़िया माना जाता है पर पंजाब में भी रख सकते हैं यदि जर्सी को देसी नसल से क्रॉस करवा लिया जाये तो बढ़िया परि.... (Read More)
दोनों नसलें ही ठीक हैं और एच एफ गाय का दूध ज्यादा होता है पर फैट कम होती है जर्सी के दूध की फैट एच एफ से ज्यादा होती है और दोनों ही गर्मी ज्यादा मानती है पर जर्सी को ज्यादातर पहाड़ी क्षेत्र में रखने के लिए ही बढ़िया माना जाता है पर पंजाब में भी रख सकते हैं यदि जर्सी को देसी नसल से क्रॉस करवा लिया जाये तो बढ़िया परिणाम मिलेगा लगभग 25-30 किलो दूध लिया जा सकता है
Posted by ਜਗਸੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
12-04-2018 10:41 PM
इसकी पौध 15 मई के बाद ही तैयार करें इसकी पौध 25 दिनों की लगा सकते हैं और इसे 2 बोरी यूरिया के काफी होते हैं यह कम दिनों में पकने वाली किस्म है जिस कारण इसे बीमारी कम पड़ती है देरी से पकने वाली किस्मों के मुकाबले यह किस्म 20-25 दिन पहले पक जाती है

Posted by sandeep
Punjab
12-04-2018 10:23 PM
SML 832 के लिए 12 किलो और SML668 के लिए 15 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करना चाहिए बीज को बोने से पहले कप्तान या थीरम 3 ग्राम प्रति किलो बीज के हिसाब से उपचार कर लेना चाहिए यदि गेहूं की कटाई कंबाइल से की हो तो मूंगी की काश्त हैपी सीडर से भी की जा सकती है
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