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Posted by Ranjit Singh
Punjab
18-04-2018 07:13 AM

Punjab
04-18-2018 04:49 AM
ਰੇਤਲੇ ਵਾਹਨ ਦੇ ਵਿਚ ਸ਼੍ਰੀਰਾਮ ਦੀਆ ਕਿਸਮਾਂ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹਨਾਂ ਦੀਆ ਕਈ ਹਾਈਬ੍ਰਿਡ ਕਿਸਮਾਂ ਆਉਂਦੀਆਂ ਹੱਨ I
Posted by sran
Punjab
18-04-2018 03:01 AM

Haryana
04-18-2018 01:01 PM
Sabjia de vich koi v nadeen nashak spray krn di sifarish nahi kiti jandi hai. kyuki ihh fasal nu nuksaan phuncha dindi hai. iss de vich stomp nam di spray nu bijaayi ton pehla ja beejan ton 2 din de ander ander spray kr skde ho.
Posted by Pandurang shinde
Maharashtra
18-04-2018 01:12 AM

Maharashtra
04-18-2018 01:02 PM
iss de price di jankari tuhanu market de vicho hi mil skdi hai.
Posted by Phinder Sidhu
Punjab
17-04-2018 11:58 PM

Punjab
04-18-2018 04:50 AM
kirpa kr k photo/video dubara upload kro. tuhade dwaara bheji gyi photo network problem de kaarn upload nahi hoyi hai. jdo tuc apna swaal post krde ho tan swaal post hon ton baad upper ihh likhya auna jruri hunda hai ki tuhada swaal post ho gya hai ate app de upper jaldi nazar awega.
Posted by Sahdev Rana
Haryana
17-04-2018 11:24 PM

Punjab
04-18-2018 06:09 PM
app apne khet mai hari khaad ka pryog kr skte ho . isse jameen ki halat mai bahut sudhar hota hai or jameen mai nitrogen ki kmi poori hoti hai . 2.app apne khet mai jeev amrit or waste decomposer kii vrto kr skte ho is se jameen ki upjau shkti bhde gi or apki fasl kii yield v bhde gi.
Posted by Harpreet Singh
Punjab
17-04-2018 04:49 PM

Punjab
04-18-2018 12:43 PM
Fullan di kheti de lyi iss number te contact kro....Gurpreet Singh Shergill 9872624253
Posted by tinku
Punjab
17-04-2018 10:09 PM

Punjab
04-28-2018 07:21 AM
kirpa kr ke iss di photo bhejo tan jo tuhanu iss di jankari ditti ja ske.
Posted by amarjit singh
Punjab
17-04-2018 09:17 PM

Punjab
04-18-2018 08:38 AM
kisde bache hun eh v daso ji
Posted by Yadwinder Sivia
Punjab
17-04-2018 08:21 PM

Punjab
04-30-2018 11:35 AM
Posted by Bhartpal Singh
Haryana
17-04-2018 07:16 PM

Punjab
04-17-2018 08:28 PM
Boron nu tuc ik element ja ikk tatt keh skde ho jis di kanak de vich ghaat aa jandi hai. iss di kanak de upper spray kiti jandi hai. Isdi ghaat da jayda tr baliyan nikln sme pta lgda hai. iss di dosage 200gm prati acre hundi hai . 
Posted by Bhartpal Singh
Haryana
17-04-2018 07:14 PM

Punjab
04-18-2018 06:45 AM
iss di uppero cutting kr deo jina bootya de vich early flowering aa rhi hai. iss ton ilaava growth de lyi npk 191919@1 kg nu 150 ltr pani de nal mila ke prati acre te spray krdeo.
Posted by dilbagh singh
Punjab
17-04-2018 06:56 PM
Punjab
04-28-2018 08:58 AM
इसमें antracol की स्प्रे दोबारा रिपीट करें या फिर M-45@400GM की स्प्रे प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें
Posted by sandeep sharma
Punjab
17-04-2018 06:09 PM

Maharashtra
04-24-2018 01:07 PM
Posted by Ravinder Singh
Punjab
17-04-2018 06:02 PM

Haryana
04-28-2018 09:01 AM
ihna di bijaayi krn da sma alag alag hunda hai. aam taur te ihna di bijaayi june july ate feb-march de mahine de vich kiti jandi hai.
Posted by shivraj singh
Punjab
17-04-2018 05:59 PM

Punjab
04-17-2018 06:06 PM
ਪਪੀਤੇ ਦੀ ਇਕ ਨਵੀ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਵਾਸਤੇ ਇਥੋਂ ਦੇ ਮੌਸਮ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ P.A.U ਦੁਆਰਾ ਤਿਆਰ ਕਿਤੀ ਗਈ ਹੈ, ਇਸਨੂੰ ”ਰੇਡ ਲੇਡੀ 786” ਨਾਮ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ ਸਿਰਫ 9 ਮਹੀਨੇ ਵਿਚ ਹੀ ਫ਼ਲ ਦੇਣ ਲੱਗ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੇ ਇਸਨੂੰ ਫ਼ਲ ਵੀ ਬਹੁਤ ਲੱਗਦੇ ਹਨ ਇਸਦਾ ਝਾੜ ਪ੍ਰਤੀ ਬੂਟਾ 50 ਕਿਲੋ ਹੈ ਤੁਸੀ ਇਸ ਕਿਸਮ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਇਲਾਕੇ ਦੇ kvk ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਕੇ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by
--
17-04-2018 05:56 PM

Punjab
04-20-2018 09:25 AM
ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਵਿੱਚ ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਤੁਸੀ ਜਦੋਂ ਚਾਹੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਫਾਰਮ ਭਰ ਕੇ ਆ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਤੇ ਜਦੋਂ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਹੋਈ ਤੁਹਾਨੂੰ ਕਾਲ ਕਰਕੇ ਬੁਲਾ ਲਿਆ ਜਾਵੇਗਾ ਜੀ
Posted by Dimple kumar
Punjab
17-04-2018 05:44 PM

Punjab
04-17-2018 07:02 PM
ihh soondi di roktham da kam krdi hai..iss di maatra 80ml prati acre hundi hai...ih jyadatar makki ate jhone de lyi varti jandi hai.
Posted by Arundeep Singh
Punjab
17-04-2018 05:40 PM

Punjab
04-17-2018 03:51 PM
आप इसे बढ़िया डॉक्टर से चैक करवाएं और जो डॉक्टर ने इलाज बताया है उसे भी देते रहें इसके साथ आप Prolaptone homeopathic दवाई को देना शुरू करें इस दवाई की 10-10 बूंदें रोटी पर रखकर दिन में तीन बार दें इस दवाई को आप चारा डालने से 1 घंटा पहले दें बाकी उसके बैठने वाली जगह को पीछे से ऊंचा कर दें
Posted by Navdeep Singh
Haryana
17-04-2018 05:37 PM

Punjab
04-17-2018 10:09 PM
किन्नू की फसल के लि 1-3 साल के पौधे को 10-30 किलो गोबर की खाद, 240-720 ग्राम यूरिया प्रति पौधा डालें 4-7 साल के पौधे को 40-80 किलो गोबर क खाद, 960-1680 ग्राम यूरिया और 1375-2400 ग्राम सिंगल सुपर फासफेट प्रति वृक्ष डालें 8 साल और उससे ज्यादा वर्ष के पौधों को 100 किलो गोबर खाद, 1920 ग्राम यूरिया और 2750 ग्राम सिंगल सुपर फास्फेट प्रति वृक्ष डालें गो.... (Read More)
किन्नू की फसल के लि 1-3 साल के पौधे को 10-30 किलो गोबर की खाद, 240-720 ग्राम यूरिया प्रति पौधा डालें 4-7 साल के पौधे को 40-80 किलो गोबर क खाद, 960-1680 ग्राम यूरिया और 1375-2400 ग्राम सिंगल सुपर फासफेट प्रति वृक्ष डालें 8 साल और उससे ज्यादा वर्ष के पौधों को 100 किलो गोबर खाद, 1920 ग्राम यूरिया और 2750 ग्राम सिंगल सुपर फास्फेट प्रति वृक्ष डालें गोबर खाद की पूरी मात्रा दिसंबर महीने में डालें और यूरिया को दो भागों में डालें पहली फरवरी महीने में और दूसरी अप्रैल मई महीने में डालें यूरिया की पहली मात्रा के साथ सिंगल सुपर फासफेट की पूरी मात्रा डालें आगे फल झड़ने लगे तो इसकी रोकथाम के लिए 2.4-डी 10 ग्राम को 500 लीटर पानी में घोल बनाकर इसका छिड़काव करें पहला छिड़काव मार्च महीने के अंत में और अप्रैल के अंत में करें अगस्त और सितंबर महीने में दोबारा इसका छिड़काव करें अगर किन्नू के खेत के आस पास नरमे की फसल हो तो 2,4 डी का छिड़काव मत करें इसके लिए जी ए 3 का छिड़काव करें फसल के शरू से ही बार बार फसल को पानी लगाएं 3-4 साल की फसल को एक हफ्ते के फासले के साथ पानी लगाएं इससे ज्यादा उम्र के पौधों को 2-3 सप्ताह के फासले के साथ पानी लगाएं इस फसल को खुला पानी मत लगाएं क्योंकि ऐसा करने से इस फसल को जड़ गलन और कई और बीमारियां लग सकती हैं अच्छी पैदावार लेने के लिए फसल को थोड़े थोड़े समय के फासले से हल्का पानी दें पौधा उबरने से पहले और फल पक जाने के बाद फसल को पानी लगाने का ध्यान रखें क्योंकि यह समय सिंचाई के लिए नाज़ुक होता है फसल की मुख्य बीमारियां - शाखाओं का सूखना - तने, शिखर और शाखाओं को सूखना और फसल का गलना इस बीमारी के मुख्य लक्षण हैं इसकी प्रभावशाली रोकथाम के लिए समय समय पर सूखी शाखाओं को हटा दें और काटे हुए भागों पर बॉर्डीऑक्स पेस्ट लगाएं मार्च, जुलाई और सितंबर महीने में कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 3 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें कोढ़ - इसके लक्षण पत्तों, शाखाओं और फलों पर देखे जा सकते हैं आरंभ में पत्तों पर पीले धब्बे दिखाई देते हैं फिर ये बड़े और भूरे हो जाते हैं और फिर बाद में खुरदरे और दोनों तरफ बन जाते हैं कम प्रभावित भागों में प्रभावित शाखाओं, फलों और पत्तों को निकालकर नष्ट कर दें फिर प्रभावित भागों पर बॉर्डो पेस्ट डालें इसकी रोकथाम के लिए कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 18 ग्राम को स्ट्रेप्टोसाइक्लिन 6 ग्राम को 10 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें 30 दिनों के बाद दोबारा स्प्रे करें
Posted by baljit singh
Punjab
17-04-2018 04:47 PM

Rajasthan
04-17-2018 11:52 AM
संतुलित खुराक 100 किलो बनाने के लिए आवश्यक सामग्री चाहिए जैसे 25 किलो अनाज (ज्वार, बाजरी (सर्दियां), गेहूं, जौं (गर्मियां)इनमें से कोई एक), दाल चूरी 20 किलो (मूंग चूरी, मांह चूरी, मोठ चूरी (केवल सर्दियों के लिए), मसूर चूरी, अरहर (इनमें से एक), डी ओ सी 25 किलो (धान का चूरा), फाइबर छिल्का 15 किलो (गेहूं, चौकर, चना छिल्का, मटर छिल्क.... (Read More)
संतुलित खुराक 100 किलो बनाने के लिए आवश्यक सामग्री चाहिए जैसे 25 किलो अनाज (ज्वार, बाजरी (सर्दियां), गेहूं, जौं (गर्मियां)इनमें से कोई एक), दाल चूरी 20 किलो (मूंग चूरी, मांह चूरी, मोठ चूरी (केवल सर्दियों के लिए), मसूर चूरी, अरहर (इनमें से एक), डी ओ सी 25 किलो (धान का चूरा), फाइबर छिल्का 15 किलो (गेहूं, चौकर, चना छिल्का, मटर छिल्का, इनमें से एक), खल 15 किला (सरसों, बिनौला या सोया (इनमें से कोई एक), मीठा सोडा 250 ग्राम, 1 किलो नमक, गुड़ 1 किला, 1 किलो हल्दी (सर्दिaयां में) इन्हें मिला लें यह फीड पशु के लिए बहुत लाभदायक होती है
Posted by ਸੁਖਦੀਪ ਸਿੰਘ ਧਾਲੀਵਾਲ
Punjab
17-04-2018 04:30 PM

Posted by Lovepreet Singh
Punjab
17-04-2018 04:15 PM

Rajasthan
04-17-2018 11:57 AM
खुराक का रेट खुराक में पाये जाने वाले सामान पर निर्भर करता है जो कि अलग अलग इलाके के हिसाब से कम अधिक होता है पर पशु को आवश्यक तत्वों के लिए 100 किलो खुराक बनाने के लिए आवश्यक सामग्री इर तरह है25 किलो अनाज (ज्वार, बाजरी (सर्दियां), गेहूं, जौं (गर्मियां)इनमें से कोई एक), दाल चूरी 20 किलो (मूंग चूरी, मांह चूरी, मोठ चूरी (क.... (Read More)
खुराक का रेट खुराक में पाये जाने वाले सामान पर निर्भर करता है जो कि अलग अलग इलाके के हिसाब से कम अधिक होता है पर पशु को आवश्यक तत्वों के लिए 100 किलो खुराक बनाने के लिए आवश्यक सामग्री इर तरह है25 किलो अनाज (ज्वार, बाजरी (सर्दियां), गेहूं, जौं (गर्मियां)इनमें से कोई एक), दाल चूरी 20 किलो (मूंग चूरी, मांह चूरी, मोठ चूरी (केवल सर्दियों के लिए), मसूर चूरी, अरहर (इनमें से एक), डी ओ सी 25 किलो (धान का चूरा), फाइबर छिल्का 15 किलो (गेहूं, चौकर, चना छिल्का, मटर छिल्का, इनमें से एक), खल 15 किला (सरसों, बिनौला या सोया (इनमें से कोई एक), मीठा सोडा 250 ग्राम, 1 किलो नमक, गुड़ 1 किला, 1 किलो हल्दी (सर्दिaयां में) इन्हें मिला लें यह फीड पशु के लिए बहुत लाभदायक होती है
Posted by Lovepreet Singh
Punjab
17-04-2018 04:13 PM

Punjab
04-17-2018 07:53 PM
उसे कैल्शियम देना शुरू करे अभी ठहरे के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता आप 3 महीने के बाद डॉक्टर से जांच करवायें
Posted by dilip jain
Rajasthan
17-04-2018 03:54 PM

Punjab
04-28-2018 07:33 AM
इसके लिए आपको किसी भी प्राइवेट कंपनी के साथ संपर्क करना पड़ेगा राजस्थान में अलग सब्सिडी होती है इसकी जानकारी के लिए आपको उनसे ही मिलेगी
Posted by veerpal kaur
Punjab
17-04-2018 03:45 PM

Punjab
04-17-2018 03:50 PM
रूड़ी की खाद, हरी खाद, वर्मीकंपोस्ट, वर्मीवॉश, ऑरगैनिक डीकंपाज़र कुछ रवायती तकनीकें हैं जिनसे आप पोषक तत्व से भरपूर स्त्रोत जैसे जल अमृत आदि बना सकते हैं
Posted by vikas patidar
Rajasthan
17-04-2018 03:26 PM

Punjab
04-28-2018 07:33 AM
इसके लिए आपको किसी भी प्राइवेट कंपनी के साथ संपर्क करना पड़ेगा राजस्थान में अलग सब्सिडी होती है इसकी जानकारी के लिए आपको उनसे ही मिलेगी
Posted by vikas patidar
Rajasthan
17-04-2018 03:24 PM

Punjab
04-17-2018 12:01 PM
यह नसल राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र में पायी जाती है इसे देसण, गुजराती, सूरती, काठियावाड़ी, और सोरठी भी कहा जाता है इसका शरीर लाल रंग का होता है जिस पर सफेद धब्बे, सिर गुबंद के आकार का और लंबे कान होते हैं यह गाय प्रति ब्यांत में औसतन 2110 दूध देती है
Posted by pankaj
Haryana
17-04-2018 03:19 PM

Punjab
04-18-2018 05:20 AM
Jain Irrigation pipes के लिए आप 9416400207 पर संपर्क करके पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते है
Posted by Harmeet Singh
Punjab
17-04-2018 02:46 PM

Punjab
04-17-2018 11:57 AM
आप M-45@400GM और metalaxyl 35%@100gm को 150 लीटर पानी के साथ मिलाकर प्रति एकड पर स्प्रे कर सकते है
Posted by ਜਗਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
17-04-2018 02:36 PM

Maharashtra
04-17-2018 09:32 AM
इसमें से advanta की चरी अच्छी है और upl का nutrified बाजरा आता है वो भी बहुत अच्छा है इसकी लम्बाई भी अच्छी होती है और उपज भी अच्छी होती है चरी वाली फसलो की बिजाई मार्च से जून तक कर सकते है
Posted by vikas patidar
Rajasthan
17-04-2018 02:25 PM

Punjab
04-17-2018 09:41 AM
साहीवाल गाय लेने के लिए आप नवरूप सिंह से इस नंबर 9649038200 पर संपर्क कर सकते है
Posted by parmjot singh
Punjab
17-04-2018 02:21 PM

Maharashtra
04-17-2018 09:49 AM
साहीवाल गाय लेने के लिए आप नवरूप सिंह से इस नंबर 9649038200 पर संपर्क कर सकते है
Posted by parmjot singh
Punjab
17-04-2018 02:20 PM

Punjab
04-17-2018 09:30 AM
इस समय आप पूसा चेतकी मूली लगा सकते है
Posted by sukhjeet singh
Punjab
17-04-2018 02:10 PM

Punjab
04-28-2018 07:26 AM
नींबू की ग्रोथ के लिए npk 191919@1kg 250 लीटर पानी में मिलाकर पौधों पर स्प्रे कर सकते हैं दोनों किस्मों की मांग अलग अलग है
Posted by narinder singh
Punjab
17-04-2018 02:10 PM

Punjab
04-17-2018 03:15 PM
आप आनार के पौधे के फलो की अच्छी वृद्धि के लिए gibberellic acid की स्प्रे कर सकते है इससे फलो की अच्छी वृद्धि हो जायेगी
Posted by Kuldeep Singh
Punjab
17-04-2018 02:06 PM

Haryana
04-17-2018 12:05 PM
ਸਟੋਬਰੀ ਦੀ ਖੇਤੀ ਪੋਲੀਹਾਊਸ ਦੇ ਅੰਦਰ ਜਾਂ ਖੁੱਲੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਕਰ ਸਕਦੇਂ ਹੋ ਚੀਕਣੀ , ਬਾਲੂ ਅਤੇ ਚੰਗੇ ਪਾਣੀ ਦੀ ਨਿਕਾਸੀ ਵਾਲੀ ਜ਼ਮੀਨ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਲਈ ਚੰਗੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਏਸਿਡਿਕ ਵਿੱਚ PH level 5.0 to 6.5 ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਨਾਜੁਕਤਾ ਤੀਹ ਤੋਂ ਚਾਲ੍ਹੀ ਸੇਂਟੀਮੀਟਰ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਦੇ ਸਹੀ ਵਾਧੇ ਲਈ ਦਿਨ ਵੇਲੇ ਤਾਪਮਾਨ 20-25° ਡਿਗਰੀ ਅਤੇ ਰਾਤ ਵੇਲੇ 7-12° ਡਿਗਰੀ ਹੋਣਾ .... (Read More)
ਸਟੋਬਰੀ ਦੀ ਖੇਤੀ ਪੋਲੀਹਾਊਸ ਦੇ ਅੰਦਰ ਜਾਂ ਖੁੱਲੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਕਰ ਸਕਦੇਂ ਹੋ ਚੀਕਣੀ , ਬਾਲੂ ਅਤੇ ਚੰਗੇ ਪਾਣੀ ਦੀ ਨਿਕਾਸੀ ਵਾਲੀ ਜ਼ਮੀਨ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਲਈ ਚੰਗੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਏਸਿਡਿਕ ਵਿੱਚ PH level 5.0 to 6.5 ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਨਾਜੁਕਤਾ ਤੀਹ ਤੋਂ ਚਾਲ੍ਹੀ ਸੇਂਟੀਮੀਟਰ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਦੇ ਸਹੀ ਵਾਧੇ ਲਈ ਦਿਨ ਵੇਲੇ ਤਾਪਮਾਨ 20-25° ਡਿਗਰੀ ਅਤੇ ਰਾਤ ਵੇਲੇ 7-12° ਡਿਗਰੀ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਇਸਦੀ ਪਨੀਰੀ ਲਾਉਣ ਦਾ ਕੰਮ ਅੱਧ ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਨਵੰਬਰ ਤਕ ਕਰ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਇਹਨਾਂ ਮਹੀਨਿਆਂ ਤੇ ਇਸਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਲਗਭਗ ਇਹੀ ਤਾਪਮਾਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਦੀ ਖੇਤੀ ਮਲਚਿੰਗ ਵਿਧੀ ਰਾਹੀਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਖੇਤ ਨੂੰ ਤਿਆਰ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਬਾਅਦ ਟਰੈਕਟਰ ਦੀ ਸਹਾਇਤਾ ਨਾਲ ਮਲਚਿੰਗ ਮਸ਼ੀਨ ਨੂੰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਉਤਾਰਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਚਾਰ ਫੁੱਟ ਕਿਆਰੀ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਵਿੱਚ ਡਰਿੱਪ ਲਾਈਨ ਫਿੱਟ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਬਾਅਦ ਮਸ਼ੀਨ ਦੀ ਸਹਾਇਤਾ ਨਾਲ ਕਿਆਰੀਆਂ ਉੱਤੇ ਪਲਾਸਟਿਕ ਸ਼ੀਟ ਵਿਛਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਮਲਚਿੰਗ ਲਈ ਹਲਕਾ ਅਤੇ ਲਚਕੀਲਾ ਪਦਾਰਥ ਲਵੋ ਤਾਂ ਜੋ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਦੇ ਬੂਟੇ ਦੀ ਰਫ਼ਤਾਰ ਉੱਤੇ ਅਸਰ ਨਾ ਪਵੇ ਜਿਸਨੂੰ ਬਾਅਦ ਵਿਚ ਦੋਨਾਂ ਪਾਸਿਆਂ ਤੋਂ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਦਬਾ ਦਿਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਹੁਣ ਇਸ ਸ਼ੀਟ ਵਿਚ ਮੋਰੀਆਂ ਕੱਢ ਕੇ ਉਸ ਵਿਚ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਲਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਪਨੀਰੀ ਲਾਉਣ ਵੇਲੇ ਜੜ ਨੂੰ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਸੇਟ ਕਰ ਦਿਓ ਜੜ ਬਹਾਰ ਰਹਿਣ ਨਾਲ ਪੌਦੇ ਦੇ ਸੁੱਕਣ ਦਾ ਖ਼ਤਰਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਪੌਦੇ ਨੂੰ ਜਿਆਦਾ ਤਾਪਮਾਨ ਅਤੇ ਠੰਡ ਤੋਂ ਬਚਨ ਲਈ ਇਸਦੇ ਊਪਰ ਛਾਂ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜੋ ਤੁਸੀਂ ਲੋ ਟਨਲ ਵਿਧੀ ਨਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਮੌਸਮ ਦਾ ਬਹੁਤ ਖਿਆਲ ਰੱਖਣਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਥੋੜੀ ਜਿਹੀ ਲਾਪਰਵਾਹੀ ਨਾਲ ਸਾਰੀ ਫ਼ਸਲ ਖ਼ਰਾਬ ਹੋ ਸਕਦੀ ਹੈ ਪਹਿਲੇ ਸਾਲ ਆਪਣੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਸਟ੍ਰਾਬੇਰੀ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਨ ਦਾ ਕੁੱਲ ਖਰਚਾ ਢਾਈ ਤੋ ਤਿੰਨ ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਆ ਜਾਦਾ ਹੈ ਕਿਉਕਿ ਕਿਸਾਨ ਨੂੰ ਪਹਿਲੇ ਸਾਲ ਡਰਿੱਪ ਸਿਸਟਮ ਅਤੇ ਫੁਆਰਿਆਂ ਆਦਿ ਤੇ ਵੀ ਖਰਚ ਕਰਨਾ ਪੈਦਾ ਹੈ ਪਰ ਅਗਲੇ ਸਾਲਾ ਵਿੱਚ ਕਿਸਾਨ ਦਾ ਇਹ ਖਰਚ ਬਚ ਜਾਦਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚ 40 ਬੈਡ ਬਣਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਇੱਕ ਬੈਡ ਤੇ 1000 ਸਟ੍ਰਾਬੇਰੀ ਦੇ ਪੌਦੇ ਲੱਗਦੇ ਹਨ ਇਸ ਤਰਾਂ ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਚਾਲੀ ਹਜ਼ਾਰ ਪੌਦੇ ਲਾਏ ਜਾਦੇ ਹਨ, ਇੱਕ ਪੌਦਾ 3 ਤੋ 4 ਰੁਪਏ ਤੱਕ ਮਿਲ ਜਾਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦਾ ਝਾੜ 50 ਤੋ 60 ਕੁਇੰਟਲ ਤੱਕ ਨਿਕਲ ਆਉਦਾ ਹੈ 25-30 ਕੁਇੰਟਲ ਗੋਬਰ ਦੀ ਖਾਦ ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਪਾਓ ਇਹ ਖਾਦ ਇੱਕ ਸਾਲ ਵਿੱਚ ਪਾਉਣੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਫਿਰ 20 : 40 : 40 NPK KG / ਹੇਕਟਏਰ ਪਾਉਣੀ ਹੈ ਚੰਗੀ ਫਸਲ ਲਈ ਯੂਰਿਆ ਦੋ ਫ਼ੀਸਦੀ ਜ਼ਿੰਕ ਸਲਫੇਟ , ਅੱਧਾ ਪ੍ਰਤੀਸ਼ਤ ਕੈਲਸ਼ਿਅਮ ਸਲਫੇਟ ਅੱਧਾ ਫ਼ੀਸਦੀ ਅਤੇ ਬੋਰਿਕ ਏਸਿਡ 0 . 2 ਫ਼ੀਸਦੀ ਚੰਗੀ ਫਸਲ ਲਈ ਠੀਕ ਹੈ ਸਿੰਚਾਈ ਛੇਤੀ ਛੇਤੀ ਪਰ ਹਲਕੀ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਆਦਾ ਪਾਣੀ ਠੀਕ ਨਹੀਂ ਹੈ ਪੱਤੇ ਗਿੱਲੇ ਨਾ ਕਰੋ ਤੁਪਕਾ ਸਿੰਚਾਈ ਨਾਲ ਘੱਟ ਪਾਣੀ ਲੱਗ ਸਕਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਤੁਪਕਾ ਸਚਾਈ ਨਹੀਂ ਕਰ ਰਹੇ ਤਾਂ ਕਿਆਰੀਆਂ ਦੇ ਵਿਚਾਲੇ ਪਾਣੀ ਖਾਲ ਵਿੱਚ ਹੀ ਲਗਾਓ ਨਦੀਨ ਹੱਥ ਨਾਲ ਹਟਾਓ ਜਾਂ ਕੀੜੇ ਮਕੋੜੇ ਅਤੇ ਦੂਜੀਆ ਬਿਮਾਰਿਆ ਵੱਲ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਕੋਈ ਪੋਦਾ ਜਿਆਦਾ ਖਰਾਬ ਹੈ ਉਹਨੂੰ ਹਟਾ ਦਿਓ ਜਦੋਂ ਫਲ ਦਾ ਰੰਗ 70% ਲਾਲ ਹੋ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਤੋੜ ਲੈਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਮਾਰਕਿਟ ਦੂਰੀ ਉੱਤੇ ਹੈ ਤਾਂ ਥੋੜ੍ਹਾ ਸਖ਼ਤ ਹੀ ਤੋੜਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਤੁੜਵਾਈ ਵੱਖ ਵੱਖ ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਦੀ ਪੈਕਿੰਗ ਪਲਾਸਟਿਕ ਦੀਆਂ ਪਲੇਟਾਂ ਵਿੱਚ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਇਸਨ੍ਹੂੰ ਹਵਾਦਾਰ ਜਗ੍ਹਾ ਉੱਤੇ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਜਿੱਥੇ ਤਾਪਮਾਨ ਪੰਜ ਡਿਗਰੀ ਹੋ ਇੱਕ ਦਿਨ ਦੇ ਬਾਅਦ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਦੀ ਪੈਕਿੰਗ ਦਾ ਤਾਪਮਾਨ ਜ਼ੀਰੋ ਡਿਗਰੀ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਮਾਰਕੀਟ ਵਿੱਚ ਸਟ੍ਰਾਬੇਰੀ ਔਸਤ 200 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਤੱਕ ਵਿਕਦੀ ਹੈ ਇਸ ਤਰਾਂ ਪੰਜ ਲੱਖ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੋ ਇਸ ਦੀ ਆਮਦਨ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਕੇ ਅੱਗੇ ਆਪਣੀ ਮਿਹਨਤ ਨਾਲ ਕਿਸਾਨ ਆਮਦਨ ਵਿੱਚ ਭਰਪੂਰ ਵਾਧਾ ਕਰ ਸਕਦਾ ਹੈ ਸਟ੍ਰਾਬੇਰੀ ਦੇ ਪੌਦੇ ਸਤੰਬਰ ਤੋ ਅਕਤੂਬਰ ਤੱਕ ਲਾਏ ਜਾਦੇ ਹਨ ਅਤੇ 3 ਮਹੀਨੇ ਬਾਦ ਇਹ ਫਲ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਦੀ ਫਸਲ ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੱਕ ਚਲਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਮਾਰਕੀਟਿੰਗ ਵਿੱਚ ਕਿਸੇ ਤਰਾਂ ਦੀ ਪਰੇਸ਼ਾਨੀ ਨਹੀ ਹੈ ਉਹ ਏਲਨਾਬਾਦ,ਸਿਰਸਾ,ਹਨੂੰਮਾਨਗੜ,ਗੰਗਾਨਗਰ ਤੋ ਇਲਾਵਾ ਬਠਿੰਡਾ,ਮੋਗਾ ਜਲੰਧਰ,ਲੁਧਿਆਣਾ ਵਿੱਚ ਇਸ ਦੀ ਮਾਰਕੀਟਿੰਗ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਜੇਕਰ ਜ਼ਿਆਦਾ ਮਾਤਰਾ ਵਿੱਚ ਸਟ੍ਰਾਬੇਰੀ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਦਿੱਲੀ ਇਸ ਦੀ ਮੁੱਖ ਮਾਰਕੀਟ ਹੈ
Posted by Dhanveer singh Benipal
Punjab
17-04-2018 02:06 PM

Punjab
04-17-2018 09:11 AM
कृपया अपनी फोटो और विडीयो को दौबारा अपलोड करें आपके द्वारा भेजी गई फोटो नैटवर्क के कारण अपलोड नहीं हुई है जब आप स्वाल पोस्ट करते है तो बाद में नीचे लिखा आना चाहिये कि आपका स्वाल पोस्ट हो गया है जल्दी ही एप पर नजर आयेगा
Posted by Kuldeep Singh
Punjab
17-04-2018 02:02 PM

Punjab
04-17-2018 09:16 AM
किसान हर बार हाईब्रैड धान लगाते है उनको कोई भी इसमें समस्या नहीं आती पर आने वाले समय में इसके मंडीकरण के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता क्योकि यह मंडीकरण सरकार पर निर्भर करता है
Posted by Manpreet Singh
Punjab
17-04-2018 02:02 PM

Punjab
04-28-2018 10:01 AM
लोबिया और रवांह एक ही होते हैं इसक बीज 12 किलो प्रति एकड़ पड़ता है यह मात्रा अकेले लोबिया की है यदि इसे अकेले बोते है चरी का बीज किस्म पर निर्भर करता है
Posted by ਤਜਿੰਦਰ ਸ਼ਿੰਘ ਢੀਡਸ਼ਾ
Punjab
17-04-2018 01:53 PM

Punjab
04-17-2018 09:25 AM
हरी खाद का मतलब होता है खेत में हरी फसलो की जुताई कर देनी इसमें जंतर मुंगी गुआरा सण जैसर फसलो को बोया जा सकता है इन फसलो को पकने से पहले ही खेत में जुताई कर दी जाती है इसमें नाईट्रोजन होती है जब इनकी खेत में जुताई की जाती है तो इससे खेत की उपजाऊ शक्ति बनी रहती है जिससे आगे जो भी फसल उगायी जाती है उसकी उपज अच्छी म.... (Read More)
हरी खाद का मतलब होता है खेत में हरी फसलो की जुताई कर देनी इसमें जंतर मुंगी गुआरा सण जैसर फसलो को बोया जा सकता है इन फसलो को पकने से पहले ही खेत में जुताई कर दी जाती है इसमें नाईट्रोजन होती है जब इनकी खेत में जुताई की जाती है तो इससे खेत की उपजाऊ शक्ति बनी रहती है जिससे आगे जो भी फसल उगायी जाती है उसकी उपज अच्छी मिलती है
Posted by Manpreet Singh
Punjab
17-04-2018 01:52 PM

Punjab
04-18-2018 04:26 AM
जी गर्मीयों में गिन्नी घास पशुओ के लिए फायदेमंद होता है
Posted by ਬੇਅੰਤ ਸਿੰਘ
Punjab
17-04-2018 01:45 PM

Punjab
04-18-2018 04:27 AM
Posted by Manpreet Singh
Punjab
17-04-2018 01:44 PM

Punjab
04-17-2018 11:48 AM
पशु के चारों थनों में जितना ज्यादा फासलला होगी उतना ही पशु दुधारू होगा इसलिए थनों में फासला एक जैसा और ज्यादा होना चाहिए और हमेशा दूध निकालने के बाद खरीदें हो सके तो तीन टाइम की दूध दोहें ताकि पशु के दूध की सही योग्यता का पता चल सके और पशु की धार निकालते समय चारों धाराएं बाल्टी में सीधी गिरनी चाहिए मतलब कि ध.... (Read More)
पशु के चारों थनों में जितना ज्यादा फासलला होगी उतना ही पशु दुधारू होगा इसलिए थनों में फासला एक जैसा और ज्यादा होना चाहिए और हमेशा दूध निकालने के बाद खरीदें हो सके तो तीन टाइम की दूध दोहें ताकि पशु के दूध की सही योग्यता का पता चल सके और पशु की धार निकालते समय चारों धाराएं बाल्टी में सीधी गिरनी चाहिए मतलब कि धारा फैलनी नहीं चाहिए यदि पशु की पूंछ को ऊपर को मरोड़कर देखें तो यदि आसानी से मुड़ जाये भाव कि जितनी लचकीली पशु की पूंछ होगी उतना ही पशु दुधारू होगा पशु की लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई भी ज्यादा हो क्योंकि जितनी लंबाई चौड़ाई ज्यादा होगी उतना ही खून का सर्कल ज्यादा होगा और पशु दूध ज्यादा देने वाला होगा पशु के लेवे की ओर खास ध्यान दें जैसे कि लेवा आगे की तरफ को नाभि तक और पीछे की तरफ योनि तक बढ़ा हुआ हो एक ओर से देखने पर यह चंद्रमा की तरह गोलाई में होना चाहिए गाभिन के कंधे छाती से एकसार जुड़े हुए होने चाहिए टांगे मजबूत और रीड़ की हड्डी एकसार सीधी हो क्योंकि कुब पड़े पशुओं में कैलश्ज्ञियम, फासफोरस या मैगनीशियम की कमी हो सकती है इस तरह के पशु को खरीदने से परहेज़ करें यदि पशु की चौड़ाई देखनी हो तो आगे से चौड़ाई से कम और पिछली ओर ज्यादा हो तो पशु ज्यादा दूध देने वाला होगा पशु को चलवाते समय उसके पिछले खुर अगले खुरों के निशान पर आने चाहिए पशु की गर्दन और निचले जबड़े पर पूरे ध्यान से देखने पर यदि गलहीरों के निशान दिख पड़े ंतो ऐसा पशु ना खरीदें इसके अलावा अन्य बातें जैसे कि पशु की आंखे चमकीली, पतला नर्म और नाक दरमियाना हो ये बातें आपको धोखे से बचा सकती हैं
Posted by Halinder Singh
Punjab
17-04-2018 01:42 PM

Punjab
04-17-2018 10:00 AM
Signet किस्मो की उपज 80-90 मण तक हो जाती है इसकी कटाई लगभग 120-130 दिनो मे हो जाती है यह हाईबै्रड किस्म है pioneer की किस्म की उपज कम रहती है इसकी उपज 27-30 क्विंटल के बीच रहता है इस किस्म की पनीरी 15 मई से तैयार कर सकते है और मुख्य खेत में 15 जून तक लगा सकते है
Posted by kulwinder singh
Punjab
17-04-2018 01:30 PM

Punjab
04-17-2018 07:54 PM
आप एक टीका ओर भरवायें 72 घंटो में आपने शायद टीका जल्दी भरवा दिया
Posted by ਜਗਸੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
17-04-2018 01:30 PM

Punjab
04-17-2018 10:23 AM
आप अपने जिले के केबीके से संपर्क कर सकते है
Posted by Gurjit singh
Haryana
17-04-2018 01:25 PM

Maharashtra
04-17-2018 10:22 AM
हल खेती में बहुत सहायक है 1-2 साल में खेत को हर से जोतना चाहिए इससे खब्बल घास जैसे नदीनों की जड़ें बाहर निकल जाती हैं और उन्हें आसानी से खेत में से बाहर निकाला जा सकता है इसके अलावा यह हल गहराई तक नीचे चला जाता है जिससे मिट्टी का उल्ट पुल्ट भी बढ़िया होता है इससे ज़मीन की ऊपरी परत टूट जाती है और ज़मीन में फसल बढ़िया .... (Read More)
हल खेती में बहुत सहायक है 1-2 साल में खेत को हर से जोतना चाहिए इससे खब्बल घास जैसे नदीनों की जड़ें बाहर निकल जाती हैं और उन्हें आसानी से खेत में से बाहर निकाला जा सकता है इसके अलावा यह हल गहराई तक नीचे चला जाता है जिससे मिट्टी का उल्ट पुल्ट भी बढ़िया होता है इससे ज़मीन की ऊपरी परत टूट जाती है और ज़मीन में फसल बढ़िया उगती है और जड़ें आसानी से फैलती है और फसल से बढ़िया उपज मिलती है
Posted by ਬਲਜੀਤ ਸਿੰਘ ਗਰੇਵਾਲ
Punjab
17-04-2018 01:09 PM

Haryana
04-17-2018 09:09 AM
घटिया पानी और रेतले खेत के लिए आप 2 lakh 12 या 27p31, 25p35, 27p63 इन किस्मो को लगा सकते है यह रेतले खेत में भी कामयाब है
Posted by िਬਕਰਮਜੀਤ िਸੰਘ
Punjab
17-04-2018 01:00 PM
Punjab
04-17-2018 12:03 PM
यह गुछा मुछा रोग है जिसके कारण बूर बनने के बाद फल नहीं बनता इसकी रोकथाम के लिए NAA@20ML को 100 लीटर पानी के साथ मिलाकर पौधो पर स्प्रे करें इससे पौधे पर बीमारी नहीं आयेगी इसकी स्प्रे बूर पड़ने के समय करे
Posted by gurjant singh
Punjab
17-04-2018 12:35 PM
Punjab
04-17-2018 10:24 AM
इसकी रोकथाम के लिए टाटा की TATA MIDA @40ml या actara@60gm या nagarjuna की crop mida @40ml को 150 लीटर पानी के साथ मिलाकर प्रति एकड पर स्प्रे कर सकते है