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Posted by Subash Sihag
Rajasthan
19-04-2018 12:59 PM

Maharashtra
04-19-2018 01:21 PM
Guara 80:- इस किस्म की खेती पूरे राज्य में की जा सकती है यह पत्तों के ऊपर धब्बे पड़ने और डंठल टूटने की बीमारी से रहित होती है इसके बीज गोल चपटे आकार के और सलेटी रंग के होते हैं यह देरी से पकने वाली किस्म है इसकी प्रति एकड़ पैदावार 8 क्विंटल तक हो जाती है HG 365:- यह जल्दी तैयार होने वाली किस्म है यह 105 दिनों में पककर तैयार.... (Read More)
Guara 80:- इस किस्म की खेती पूरे राज्य में की जा सकती है यह पत्तों के ऊपर धब्बे पड़ने और डंठल टूटने की बीमारी से रहित होती है इसके बीज गोल चपटे आकार के और सलेटी रंग के होते हैं यह देरी से पकने वाली किस्म है इसकी प्रति एकड़ पैदावार 8 क्विंटल तक हो जाती है HG 365:- यह जल्दी तैयार होने वाली किस्म है यह 105 दिनों में पककर तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 5.5 क्विंटल प्रति एकड़ तक हो जाती है Ageta Guara 112:- इसके पौधे की ऊंचाई 1 से 1.5 मीटर तक होती है इसकी औसतन पैदावार 8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है दूसरे राज्यों की किस्में HG 563:- यह जल्दी पकने वाली और भारत में हर उपजाऊ क्षेत्रों में लगाई जाती है इसकी पैदावार 7-8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है RGC 936:- यह जल्दी पकने वाली किस्म है और भारत में हर उपजाऊ क्षेत्रों में लगाई जाती है इसका औसतन पैदावार 8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है FS-277:- यह किस्म CCSHAU, हिसार द्वारा तैयार की गई है यह सारे ज्वार उगाने वाले क्षेत्रों में लगाई जाती है बिजाई का समय बिजाई मध्य जुलाई से मध्य अगस्त में पूरी कर लें बीज की मात्रा बिजाई के लिए 8-10 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें
Posted by jatinder singh
Punjab
19-04-2018 12:36 PM

Punjab
04-19-2018 08:17 AM
हां जी बिल्कुल पंजाब में एलोवेरा की खेती होती है और बहुत सारे किसान एलोवेरा की खेती कर भी रहे हैं
Posted by Sukhpreet Singh
Punjab
19-04-2018 12:24 PM
Punjab
04-19-2018 08:14 AM
यह मुर्रा नसल है
Posted by ਬਲਜੀਤ ਸਿੰਘ ਗਰੇਵਾਲ
Punjab
19-04-2018 12:23 PM

Punjab
04-28-2018 10:28 AM
आपके सवाल का जवाब दे दिया गया है कृपया अपना सवाल चैक करें
Posted by lali Bachhal
Haryana
19-04-2018 12:07 PM

Maharashtra
04-20-2018 06:30 AM
किस्में- Eucalyptus camaldulensis, FRI 4 and FRI 6, Eucalyptus globules, Eucalyptus citriodora. बिजाई का समय - इसकी बिजाई का उचित समय जून से अक्तूबर होता है
Posted by ਗਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
19-04-2018 12:02 PM

Punjab
04-20-2018 08:24 AM
इसका बीज आप पी ए यू लुधियाना या अपने नज़दीकी के वी के से ले सकते हैं
Posted by ਅਮਰਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
19-04-2018 12:02 PM

Posted by ਅਮਰਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
19-04-2018 12:00 PM

Punjab
04-19-2018 01:36 PM
धान - गेहूं - गेहूं की कटाई के बाद पानी लगाकर जंतर या सन 20 किलो प्रति एकड़ और लोबिया 12 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से अप्रैल की आखिर में बो दें जंतर/सन/लोबिया को 6-7 सप्ताह के बाद धान लगाने से एक या दो दिन पहले जून के दूसरे सप्ताह खेत में जोत दें इस तरह 25 किलो नाइट्रोजन प्रति एकड़ की बचत होगी और ज़मीन की उपजाऊ शक्ति भी कायम .... (Read More)
धान - गेहूं - गेहूं की कटाई के बाद पानी लगाकर जंतर या सन 20 किलो प्रति एकड़ और लोबिया 12 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से अप्रैल की आखिर में बो दें जंतर/सन/लोबिया को 6-7 सप्ताह के बाद धान लगाने से एक या दो दिन पहले जून के दूसरे सप्ताह खेत में जोत दें इस तरह 25 किलो नाइट्रोजन प्रति एकड़ की बचत होगी और ज़मीन की उपजाऊ शक्ति भी कायम रहेगी धान की अधिक पैदावार लेने के लिए रेतली और रेतली दोमट ज़मीनों में हरी खाद का प्रयोग करें और नाइट्रोजन की सिफारिश की पूरी 50 किलो मात्रा प्रति एकड़ में डालें जहां गर्मी ऋतु की मूंगी बोयी हो वहां फलियां तोड़ने के बाद मूंगी का हरा टांगर धान लगाने से एक या दो दिन पहले दबाने से धान की उपज बढ़ जाती है और धान को नाइट्रोजन का तीसरा हिस्सा कम डालना पड़ता है
Posted by Rashpal singh
Punjab
19-04-2018 11:51 AM

Punjab
04-19-2018 02:32 PM
यदि आप मिट्टी के सभी टैस्ट करवाने हैं तो मिट्टी का सैंपल पी ए यू लुधियाना दें वहां सारे टैस्ट कर दिए जायेंगे मिट्टी का सैंपल बढ़िया ढंग से लें इसका सैंपल अलग अलग जगह से लें
Posted by
--
19-04-2018 11:22 AM

Haryana
04-20-2018 08:22 AM
इसमें पूसा हाइड्रोजेल का प्रयोग करें यह एक एकड़ में एक किलो पड़ता है इससे पानी की बचत की जा सकती है इसके अलावा धान की जो भी किस्म लगाएंगे उसे पानी की तो जरूरत होगी ही डाकर ज़मीन में आप हल्की ज़मीन वाली और घटिया पानी वाल किस्में लगा सकते हैं क्योंकि इनकी उपज कम रहेगी
Posted by Amar jeet
Rajasthan
19-04-2018 11:15 AM

Punjab
04-19-2018 11:57 AM
Posted by Manpreet Singh Sandhu
Punjab
19-04-2018 11:03 AM

Rajasthan
04-20-2018 06:29 AM
इसकी किस्में जो आम चल रही हैं वहीं होती हैं जैसे कि PR 118 , 126 , 122 , 124 आदि पर जो आप बीज लेते हैं वह पहले ऑरगैनिक ही होना चाहिए मतलब उसे ऑरगैनिक तरीके से उगाया हुआ होना चाहिए इसके बीज का उपचार जीव अमृत से करें और फिर इसके अलावा यदि कोई बीमारी आती है या कीड़े मकौड़े हमला करते हैं तो उसके लिए देसी स्प्रे जैसे कि नीम की स्.... (Read More)
इसकी किस्में जो आम चल रही हैं वहीं होती हैं जैसे कि PR 118 , 126 , 122 , 124 आदि पर जो आप बीज लेते हैं वह पहले ऑरगैनिक ही होना चाहिए मतलब उसे ऑरगैनिक तरीके से उगाया हुआ होना चाहिए इसके बीज का उपचार जीव अमृत से करें और फिर इसके अलावा यदि कोई बीमारी आती है या कीड़े मकौड़े हमला करते हैं तो उसके लिए देसी स्प्रे जैसे कि नीम की स्प्रे या फिर जियान की स्प्रे कर सकते हैं
Posted by Manpreet Singh Sandhu
Punjab
19-04-2018 10:57 AM

Punjab
04-19-2018 01:02 PM
ਇਹ ਝੋਨੇ ਕਿਸਮ ਪੱਕਣ ਲਈ 140-145 ਦਿਨ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦਾ ਝਾੜ 31 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ Iਇਸਦੀ
Posted by ਨੀਟੂ ਗਰੇਵਾਲ
Punjab
19-04-2018 10:25 AM

Punjab
04-19-2018 01:39 PM
एक एकड़ की पनीरी तैयार करने के लिए 8 किलोग्राम बीज काफी होता है और यह 3 मरले स्थान में डालकर एक एकड़ की पनीरी तैयार कर सकते हैं
Posted by jap sidhu
Punjab
19-04-2018 10:13 AM

Punjab
04-19-2018 09:05 AM
जी अब brulicis , मुंह खुर और टी बी का टीकाकरण करवा सकते हैं
Posted by jaspreet singh
Punjab
19-04-2018 10:05 AM

Haryana
04-19-2018 04:47 AM
मक्की की ग्रोथ के लिए hoshi@400ml या 2kg @130045 को 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ पर स्प्रे करें यदि इसमें मच्छर है तो इसकी रोकथाम के लिए 300ml @dimethoate को 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ पर स्प्रे करे यदि पत्ते ज़मीनी रंग के हो रहे हैं तो इसमें की कमी है इसके ऊपर 2.5 kg DAP को पानी में एक रात पहले घोलकर इसकी स्प्रे कर दें
Posted by Gurjant singh
Punjab
19-04-2018 10:00 AM
Punjab
04-19-2018 05:37 AM
जी यह फोटो साफ नहीं है पर यह सरल स्वभाव की मक्खी है शहद की पैदावार आम मक्खियों से अधिक है हिंदुस्तानी भी हो सकती है यदि हिंदुस्तानी हुई तो यह गर्मी सहन नहीं कर सकती आप ये बतायें कि आपने यह पाली है या अपने आप लगी है बक्से को
Posted by ਵੀਰ ਸੰਧੂ
Punjab
19-04-2018 10:00 AM

Punjab
04-19-2018 02:35 PM
इसकी मात्रा 50-70 ग्राम प्रति 200 लीटर पानी के हिसाब से प्रयोग कर सकते हैं इसकी मात्रा किस्म के हिसाब से आप बढ़ा भी सकते हैं जैसे कि 8436 किस्म को बीमारी अधिक पड़ती है बाकी किस्में के लिए औसतन 50 ग्राम चल जाती है
Posted by yadvinder singh
Punjab
19-04-2018 09:58 AM

Maharashtra
04-19-2018 05:11 AM
दोनों किस्में एक बराबर ही हैं 666 किस्म धान की हाइब्रिड किस्म है यह 110-120 दिनों में पककर तैयार हो जाती है इस किस्म की पनीरी आप 20 मई के बाद लगा सकते हैं इसकी उपज 35-40 क्विंटल प्रति एकड़ है 5050 - इस किस्म की उपज 80-90 मण तक ही है इसकी कटाई लगभग 120-130 दिनों में हो जाती है यह हाइब्रिड किस्म है
Posted by deep Singh
Punjab
19-04-2018 09:54 AM

Punjab
04-19-2018 12:08 PM
जी अमृतसर के के.वी.के. में ट्रेनिंग चलती रहती है कोई निश्चित तारीख नहीं है आप अपना ट्रेनिंग वाला फॉर्म भर कर आयें उसके बाद जब अगली ट्रेनिंग होगी आपको कॉल करके बुला लिया जायेगा आप फॉर्म जब मर्जी भर सकते हैं
Posted by yadvinder singh
Punjab
19-04-2018 09:54 AM

Punjab
04-19-2018 01:46 PM
आप हाइब्रिड किस्में जैसे 666, 6129, sava 200, sava 127, sava 134, signet 5050, 5005, 44, 45 आदि लगा सकते हैं
Posted by 6494
Punjab
19-04-2018 09:53 AM

Punjab
04-19-2018 05:15 AM
इसके ऊपर M-45@400GM को 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ पर स्प्रे करें यह बीमारी ठीक हो जायेगी
Posted by ਬੇਅੰਤ ਸਿੰਘ
Punjab
19-04-2018 09:24 AM

Punjab
04-19-2018 05:04 AM
कटड़े की तीन चार फोटो डाला करें पूंछ और आंखें की फोटो भी जरूरी होती है वैसे देखने में नीली रावी नसल लग रही है
Posted by 6494
Punjab
19-04-2018 09:20 AM

Punjab
04-19-2018 05:15 AM
इसके ऊपर कोM-45@400GM 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ पर स्प्रे करें यह बीमारी ठीक हो जायेगी
Posted by Gurmeet Singh
Punjab
19-04-2018 08:56 AM

Rajasthan
04-19-2018 12:10 PM
जी, भैंसों गायों को कद्दू खिला सकते हैं इसका कोई नुकसान नहीं है फायदा है इसे एक बार में 5 किलो खिला सकते हैं और बाकी हफ्ते या 10 दिन बाद दोबारा फिर 5 किलो तक खिला सकते हैं
Posted by ਵਿਰਕ
Punjab
19-04-2018 08:37 AM

Punjab
04-20-2018 06:57 AM
आपने लेयर के लिए हैचरी खोलनी है या ब्रॉयलर के लिए यह आपने बताया नहीं आप सबसे पहले यह फैसला करे लें ब्रॉयलर के लिए प्रति पक्षी 2 फीट जगह की जरूरत होती है 500-600 प्रति पक्षी खर्चा हो जाता है प्रोफिट का आपके काम के अनुसार है आप सबसे पहले चिक्स की हैचरी पर जाकर खुद देखकर आएं बाकी आपको खुद थोड़ा ज्ञान जरूरी है इससे बढ़ि.... (Read More)
आपने लेयर के लिए हैचरी खोलनी है या ब्रॉयलर के लिए यह आपने बताया नहीं आप सबसे पहले यह फैसला करे लें ब्रॉयलर के लिए प्रति पक्षी 2 फीट जगह की जरूरत होती है 500-600 प्रति पक्षी खर्चा हो जाता है प्रोफिट का आपके काम के अनुसार है आप सबसे पहले चिक्स की हैचरी पर जाकर खुद देखकर आएं बाकी आपको खुद थोड़ा ज्ञान जरूरी है इससे बढ़िया आमदन हो सकती है क्योंकि मीट की बहुत मांग है अपने एरिया में आप 94633-65376 पर स्वर्म सिंह जी से बात कर लें इनकी हैचरी है विस्तार में आपको ये सारा कुछ बता देंगे
Posted by inderpal
Punjab
19-04-2018 07:59 AM

Punjab
04-19-2018 07:26 AM
आप बछड़ी को metstrong नाम का लिक्विड पिलायें यह vetland pharam company का है सुबह और शाम 30 मि.ली. दें लगातार 3 दिन यह देने के बाद फिर से बछड़ी की डीवॉर्मिंग कर दें
Posted by Veer
Punjab
19-04-2018 07:31 AM

Punjab
04-19-2018 05:18 AM
PR 121: यह 140 दिनों में पक कर तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 30.5 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसकी पनीरी 15 मई से लगा सकते हैं
Posted by Baljit singh
Punjab
19-04-2018 07:26 AM

Punjab
04-19-2018 05:19 AM
इसका रेट आप एप पर ही देख सकते हैं या फिर इसका ताजा रेट मंडी में से पता करें
Posted by vikramjeet Gill
Haryana
19-04-2018 07:10 AM

Punjab
04-19-2018 06:06 AM
आप psorinum नाम की होमियोपैथिक दवाई की 10-10 बूंदे दिन में तीन टाइम पशु को लगातार महीना खिलायें
Posted by Ravinder Singh
Punjab
19-04-2018 07:00 AM

Punjab
04-19-2018 07:39 AM
जी साहिवाल भी देसी नसल में आ जाती है आप साहिवाल का मूत्र भी प्रयोग कर सकते हैं
Posted by Sandeep Arora
Punjab
19-04-2018 06:57 AM

Punjab
04-19-2018 05:20 AM
इसके ऊपर npk 191919@ 1 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से 150 लीटर पानी में मिक्स करके स्प्रे करें
Posted by Amar jeet
Rajasthan
19-04-2018 06:52 AM

Maharashtra
04-19-2018 05:21 AM
Guara 80:- इस किस्म की खेती पूरे राज्य में की जा सकती है यह पत्तों के ऊपर धब्बे पड़ने और डंठल टूटने की बीमारी से रहित होती है इसके बीज गोल चपटे आकार के और सलेटी रंग के होते हैं यह देरी से पकने वाली किस्म है इसकी प्रति एकड़ पैदावार 8 क्विंटल तक हो जाती है HG 365:- यह जल्दी तैयार होने वाली किस्म है यह 105 दिनों में पककर तैयार.... (Read More)
Guara 80:- इस किस्म की खेती पूरे राज्य में की जा सकती है यह पत्तों के ऊपर धब्बे पड़ने और डंठल टूटने की बीमारी से रहित होती है इसके बीज गोल चपटे आकार के और सलेटी रंग के होते हैं यह देरी से पकने वाली किस्म है इसकी प्रति एकड़ पैदावार 8 क्विंटल तक हो जाती है HG 365:- यह जल्दी तैयार होने वाली किस्म है यह 105 दिनों में पककर तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 5.5 क्विंटल प्रति एकड़ तक हो जाती है Ageta Guara 112:- इसके पौधे की ऊंचाई 1 से 1.5 मीटर तक होती है इसकी औसतन पैदावार 8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है दूसरे राज्यों की किस्में HG 563:- यह जल्दी पकने वाली और भारत में हर उपजाऊ क्षेत्रों में लगाई जाती है इसकी पैदावार 7-8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है RGC 936:- यह जल्दी पकने वाली किस्म है और भारत में हर उपजाऊ क्षेत्रों में लगाई जाती है इसका औसतन पैदावार 8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है FS-277:- यह किस्म CCSHAU, हिसार द्वारा तैयार की गई है यह सारे ज्वार उगाने वाले क्षेत्रों में लगाई जाती है बिजाई का समय बिजाई मध्य जुलाई से मध्य अगस्त में पूरी कर लें बीज की मात्रा बिजाई के लिए 8-10 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें
Posted by diljit singh
Punjab
19-04-2018 06:50 AM

Punjab
04-19-2018 11:39 AM
जर्सी गाय खरीदने के लिए आप 7009330252 और रूपिंदर सिंह जी से बातें कर सकते हैं ं
Posted by 6494
Punjab
19-04-2018 06:03 AM

Punjab
04-19-2018 05:23 AM
अभी उसे पानी ना दें पहला पानी 35-40 दिनों में दें जब यह पानी जरूरत हो उस समय इसे पानी दें इससे ग्रोथ तेजी से होगी
Posted by Harminder Singh
Jammu & Kashmir
19-04-2018 12:11 AM

Punjab
04-20-2018 05:17 AM
हां जी, केसर की खेती ठंडे क्षेत्रों में की जाती है पंजाब में ज्यादा कामयाब नहीं रही पर पंजाब में जगसीर सिंह जी ने केसर की खेती शुरू की है जिसके अब फूल भी निकल आए हैं आप उन्हें कॉल करके उनका तज़ुर्बा जान सकते हैं 9876291263 पर कॉल करें
Posted by jangjeetsingh
Himachal Pradesh
18-04-2018 09:56 PM

Punjab
04-18-2018 09:58 PM
खेत में अरिंड का एक पौधा काफी है अरिंड लगाने से पत्ते खाने वाली सुंडियां खास करके तंबाकू की सुंडी और बालों वाली सुंडी के मादा पतंगे मुख्य फसल पर अंडे देने की बजाय अरिंड के पत्तों के उल्टी तरफ अंडे देते हैं खेत की देख रेख करते समय अरिंड के पत्तों को चैक करते रहें जिस पत्ते पर आपको किसी भी सुंडी के अंडे नज़र आय.... (Read More)
खेत में अरिंड का एक पौधा काफी है अरिंड लगाने से पत्ते खाने वाली सुंडियां खास करके तंबाकू की सुंडी और बालों वाली सुंडी के मादा पतंगे मुख्य फसल पर अंडे देने की बजाय अरिंड के पत्तों के उल्टी तरफ अंडे देते हैं खेत की देख रेख करते समय अरिंड के पत्तों को चैक करते रहें जिस पत्ते पर आपको किसी भी सुंडी के अंडे नज़र आयें उस पत्ते का उतना भाग ज़मीन में दबा दें
Posted by ਜिਤੰਦਰ िਸੰਘ ਚੀਮਾਂ
Punjab
18-04-2018 09:46 PM

Punjab
04-28-2018 07:19 AM
आप j 1006 औरAfrican tall मक्की लगा सकते हैं ये किस्में 80-90 दिन में तैयार हो जाती है इसकी औसतन उपज 165-170 क्विंटल होती है इसके अलावा राशि की 3591 या4558 मक्की भी लगा सकते हैं यह किस्म 70 दिनों में पक जाती है
Posted by Manpreet Singh
Punjab
18-04-2018 09:42 PM

Punjab
04-19-2018 12:00 PM
PR 113, PR 111, PR 114, PR 115, PR 116,PR 118 ,PR 121,PR 122, PR 123 , PR 126, PR 127, Cr 212, HKR 47 इन किस्मो को लगा सकते है इनमें से पीआर 126 किस्म जल्दी पकने वाली किस्म है और इसकी उपज 30 क्विंटल प्रति एकड है यह 123 दिनो में पक्क जाती है
Posted by Gurwinder singh
Punjab
18-04-2018 09:39 PM

Punjab
04-19-2018 09:08 AM
गाय के ब्याने से 10 दिन के बाद आप गाय को डीवार्मिग की गोली दें सकते है यह आप vet-mankind कंपनी की दें सकते है
Posted by Manpreet Singh
Punjab
18-04-2018 09:26 PM

Maharashtra
04-28-2018 09:53 AM
हाइड्रोपोनिक तकनीक काफी महंगी है जिसकी कीमत लगभग 20 लाख के करीब होती है और यह पंजाब में बहुत कम प्रयोग की जाती है इस तकनीक से तैयार किया चारा कम पशुओं के लिए प्रयोग किया जाता है ज्यादा के लिए नहीं
Posted by Rajinder singh
Punjab
18-04-2018 09:13 PM

Punjab
04-18-2018 09:24 PM
एक वर्ष पुरानी 8 पाथियों को प्लास्टिक के ड्रम में 35 लीटर पानी में डुबो दें 4 दिन छांव में रख दें फिर पाथियों को 90 लीटर पानी में मिलाकर खेत में स्प्रे करें यह पानी लघु तत्वों की कमी को पूरा करता है और फसल का अच्छा विकास होता है
Posted by Manpreet Singh
Punjab
18-04-2018 09:06 PM

Punjab
04-19-2018 10:13 AM
कटड़े या बछड़े को जन्म के एक हफ्ते के बाद डीवार्मिग करवानी चाहियें उसके बाद 7-8 महीने तक हर हफ्ते डीवार्मिग करते रहना चाहियें जो भी पशु खाता है उसके साथ मिट्टी, रेत, या कोई ओर चीज़ पशु के अंदर जाती रहती है जोकि धीरे धीरे पशु को सुस्त करने में, चमड़ी खुशक करने आदि परेशानियो के कारण बनते है इसलिए पशु की डीवार्मिग भी जर.... (Read More)
कटड़े या बछड़े को जन्म के एक हफ्ते के बाद डीवार्मिग करवानी चाहियें उसके बाद 7-8 महीने तक हर हफ्ते डीवार्मिग करते रहना चाहियें जो भी पशु खाता है उसके साथ मिट्टी, रेत, या कोई ओर चीज़ पशु के अंदर जाती रहती है जोकि धीरे धीरे पशु को सुस्त करने में, चमड़ी खुशक करने आदि परेशानियो के कारण बनते है इसलिए पशु की डीवार्मिग भी जरूरी होती है
Posted by Manpreet Singh
Punjab
18-04-2018 08:48 PM

Punjab
04-19-2018 09:21 AM
ਜੇਕਰ ਵੱਡੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੀ ਡੀਵਰਮਿੰਗ ਦੀ ਗੱਲ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੀ ਰਿਸਰਚ ਮੁਤਾਬਿਕ ਸਾਲ ਵਿੱਚ ਚਾਰ ਵਾਰ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਮਤਲਬ ਕਿ ਹਰ ਤਿੰਨ ਮਹੀਨਿਆ ਬਾਅਦ ਡੀਵਰਮਿੰਗ ਕਰੋ ਡੀਵਰਮਿੰਗ ਕਰਨ ਦੇ ਤਿੰਨ ਤਰੀਕੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਜਿਵੇਂ ਗੋਲੀ ਰਾਹੀ, ਪੀਣ ਵਾਲੀ ਦਵਾਈ ਤੇ ਇੰਜੈਕਸ਼ਨ ਰਾਹੀ ਵੀ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਹਰ ਤਿੰਨ ਮਹੀਨੇ ਬਾਅਦ ਮਲੱਪਾਂ ਵਾਲੀ ਦਵਾਈ ਦਾ ਸਾਲਟ ਜਰੂਰ ਬਦਲ ਕੇ .... (Read More)
ਜੇਕਰ ਵੱਡੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੀ ਡੀਵਰਮਿੰਗ ਦੀ ਗੱਲ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੀ ਰਿਸਰਚ ਮੁਤਾਬਿਕ ਸਾਲ ਵਿੱਚ ਚਾਰ ਵਾਰ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਮਤਲਬ ਕਿ ਹਰ ਤਿੰਨ ਮਹੀਨਿਆ ਬਾਅਦ ਡੀਵਰਮਿੰਗ ਕਰੋ ਡੀਵਰਮਿੰਗ ਕਰਨ ਦੇ ਤਿੰਨ ਤਰੀਕੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਜਿਵੇਂ ਗੋਲੀ ਰਾਹੀ, ਪੀਣ ਵਾਲੀ ਦਵਾਈ ਤੇ ਇੰਜੈਕਸ਼ਨ ਰਾਹੀ ਵੀ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਹਰ ਤਿੰਨ ਮਹੀਨੇ ਬਾਅਦ ਮਲੱਪਾਂ ਵਾਲੀ ਦਵਾਈ ਦਾ ਸਾਲਟ ਜਰੂਰ ਬਦਲ ਕੇ ਡੀਵਰਮਿੰਗ ਕਰੋ ਵੱਡੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਮਲੱਪਾਂ ਵਾਲੀ ਗੋਲੀ ਦੇ ਕੇ ਹੀ ਮਲੱਪ ਰਹਿਤ ਕਰੋ ਛੋਟੇ ਕਟੜੂ ਵਛੜੂ ਨੂੰ ਜਨਮ ਤੋਂ 7 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਤੇ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 7 -8 ਮਹੀਨਿਆਂ ਤੱਕ ਹਰ ਮਹੀਨੇ ਡੀਵਰਮਿੰਗ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜੇ ਕਈ ਤਰਾਂ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਹਲਾਤਾ ਵਿੱਚ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਤਰਾਂ ਦੇ ਕੀੜੇ ਹੋ ਸਕਦੇ ਹਨ ਇਸ ਲਈ ਜਰੂਰੀ ਨਹੀ ਕਿ ਸਿੱਲ ਵਾਲੇ ਇਲਾਕਿਆ ਵਿੱਚ ਜਿਆਦਾ ਸਮੱਸਿਆ ਹੈ ਤੇ ਬਾਕੀ ਬਾਕੀ ਇਲਾਕਿਆ ਵਿੱਚ ਘੱਟ ਸੋ ਇਸ ਲਈ ਸਮੇਂ ਸਿਰ ਡੀਵਰਮਿੰਗ ਕਰਨਾ ਸਫਲ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਕ ਦੀ ਪਹਿਚਾਣ ਹੈ
Posted by Sanjay Kumar
Haryana
18-04-2018 08:47 PM

Punjab
04-19-2018 10:02 AM
M29 हरियाणे के साड का सीमन है इसका रिजल्ट बहुत अच्छा है
Posted by ਤਜਿੰਦਰ ਸ਼ਿੰਘ ਢੀਡਸ਼ਾ
Punjab
18-04-2018 08:36 PM

Punjab
04-18-2018 08:42 PM
नेशनल सेंटर ऑफ ऑरगैनिक फार्मिंग, सैक्टर 19, हापुड रोड, नहरू नगर, गाज़ियाबाद- 201 002. 0120-2764906, 2764212 Web: http://ncof.dacnet.nic.in
Posted by satgur singh
Punjab
18-04-2018 08:33 PM

Rajasthan
04-18-2018 03:30 PM
जी आप भैंस को गुलीडंडे का बीज डाल सकते हैं इसे आप 1 क्विंटल गेहूं के 20-25 किलो मिक्स करके इसकी पिसाई करवाकर पशु को दे सकते हैं
Posted by Amritpal singh
Punjab
18-04-2018 08:19 PM

Maharashtra
04-19-2018 01:26 PM
इसके रेट के बारे में जानकारी आपको प्राईवेट डीलर से मिल जायेगी
Posted by Manpreet Singh
Punjab
18-04-2018 08:18 PM

Punjab
04-18-2018 03:36 PM
हां जी इसका होमियोपैथिक में बढ़िया इलाज है इसके लिए आप पशु को heatovet और repeatovet होमियोपैथिक दवाइयां दे सकते हैं इनकी आप 10-10 बूंदें रोटी पर रखकर दिन में 3 बार दें इनसे बढ़िया फर्क पड़ जाता है बाकी इसके अलावा आप पशु की करवाने के बाद Uterogen दवाई 10-10 बूंदें भी कुछ घंटों के फर्क से दे सकते हैं
Posted by Gaganinder Singh
Punjab
18-04-2018 08:14 PM

Punjab
04-19-2018 01:14 PM
नहीं जी यह आपको प्राईवेट बंदे से ही मिलेगा इसकी आप eisenia fetida किस्म लगाकर वर्मीकंपोस्ट तैयार कर सकते है गंडोये लेने के लिए आप इस नंबर पर संपर्क कर सकते है 9417613396 Angrej singh bhullar