Posted by Gurminder singh
Punjab
27-04-2018 07:34 PM
जी आप इसे ना लगाये क्योकि इस समय लगाना ठीक नहीं है यदि पशु जाले मार रहा है या कोई ऐसी समस्या है तो pregstay पाउडर दें सकते है

Posted by Shivam
Uttar Pradesh
27-04-2018 07:12 PM
लैमन घास के लिए अनुकूल तापमान 10—33 डिग्री होता है यह रेतली मिट्टी से चिकनी मिट्टी में भी हो जाती है एक एकड़ के लिए 1 किलो बीज की जरूरत पड़ती है इसकी उपज 10 टन प्रति एकड़ होती है
Posted by ਰਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
27-04-2018 07:07 PM
इसके लिए आप श्रीराम की किस्मो को लगा सकते है या फिर UPL की किस्मे भी लगा सकते है इसके इलावा आप PHBF 1, PCB 164, PFBC 16, PHB 2884 यह बाजरे की किस्मे है आप इनमें से कोई भी लगा सकते है
Posted by Princepal Singh Brar
Punjab
27-04-2018 06:57 PM
DAP डालने के साथ ज़मीन में फासफोरस की कमी नहीं आती यदि गेहूं में डी ए पी डाली है तो धान में डी ए पी डालने की जरूरत नहीं है
Posted by Rakesh kumar
Punjab
27-04-2018 06:45 PM
आप गाय को सरसो का तेल पानी देने से 30 मिनट के बाद दें सकते है इसे 100 ग्राम रोजाना दे सकते है और उसके बाद जब गाय अच्छी तरह जुगाली करे मतलब 1.30-2 घंटो के बाद दौबारा पानी दें सकते है

Posted by Subash Sihag
Rajasthan
27-04-2018 06:36 PM
Guara 80:- इस किस्म की खेती पूरे राज्य में की जा सकती है यह पत्तों के ऊपर धब्बे पड़ने और डंठल टूटने की बीमारी से रहित होती है इसके बीज गोल चपटे आकार के और सलेटी रंग के होते हैं यह देरी से पकने वाली किस्म है इसकी प्रति एकड़ पैदावार 8 क्विंटल तक हो जाती है
HG 365:- यह जल्दी तैयार होने वाली किस्म है यह 105 दिनों में पककर तैयार.... (Read More)
Guara 80:- इस किस्म की खेती पूरे राज्य में की जा सकती है यह पत्तों के ऊपर धब्बे पड़ने और डंठल टूटने की बीमारी से रहित होती है इसके बीज गोल चपटे आकार के और सलेटी रंग के होते हैं यह देरी से पकने वाली किस्म है इसकी प्रति एकड़ पैदावार 8 क्विंटल तक हो जाती है
HG 365:- यह जल्दी तैयार होने वाली किस्म है यह 105 दिनों में पककर तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 5.5 क्विंटल प्रति एकड़ तक हो जाती है
Ageta Guara 112:- इसके पौधे की ऊंचाई 1 से 1.5 मीटर तक होती है इसकी औसतन पैदावार 8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
दूसरे राज्यों की किस्में
HG 563:- यह जल्दी पकने वाली और भारत में हर उपजाऊ क्षेत्रों में लगाई जाती है इसकी पैदावार 7-8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
RGC 936:- यह जल्दी पकने वाली किस्म है और भारत में हर उपजाऊ क्षेत्रों में लगाई जाती है इसका औसतन पैदावार 8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
FS-277:- यह किस्म CCSHAU, हिसार द्वारा तैयार की गई है यह सारे ज्वार उगाने वाले क्षेत्रों में लगाई जाती है

Posted by chamkaur singh
Punjab
27-04-2018 06:25 PM
2 lakh 12 धान की परमल किस्म है यह पकने के लिए 135—140 दिन लेती है इसकी उपज 30—35 क्विंटल प्रति एकड़ होती है

Posted by chamkaur singh
Punjab
27-04-2018 06:19 PM
PR 122: यह किस्म 147 दिनों में पक जाती है इसकी उपज 31.5 क्विंटल प्रति एकड़ है इसकी पनीरी 20 मई से तैयार कर सकते हैं

Posted by Balreetinder Singh
Punjab
27-04-2018 06:12 PM
केसर की खेती ठंडे इलाको में की जाती है पंजाब में यह ज्यादा कामयाब नहीं है पंजाब में जगसीर सिंह जी ने केसर की खेती शूरू की है अब उनकी फसल को फूल भी आ गया है आप इस नंबर पर संपर्क 9876291263 करके उनका अनुभव पता कर सकते है
Posted by
--
27-04-2018 05:10 PM
इन नंबरो पर संपर्क करके आप इसके डीलर के बारे में पता कर सकते है 01637 230382, 01637 230982, 9814130982

Posted by Raghveer singh
Punjab
27-04-2018 04:58 PM
इसमें आप cypermethrin@80ml या tracer@60ml या indoxacarb@200ml या fenvelrate@100ml को 150 लीटर पानी के साथ मिलाकर प्रति एकड पर स्प्रे कर सकते है

Posted by vikas patidar
Rajasthan
27-04-2018 04:56 PM
12 से 15 लीटर वाली साहिवाल गाय 55000—75000 तक मिल जायेगी
Posted by
--
27-04-2018 04:56 PM
इन नंबरो पर संपर्क करके आप अपने नजदीकी डीलर से संपर्क कर सकते है 01637 230382, 01637 230982, 9814130982

Posted by vikas patidar
Rajasthan
27-04-2018 04:55 PM
यह क्रॉस ब्रीड है लेकिन किसकी क्रॉस है यह फोटो देखकर नहीं पता लगाया जा सकता

Posted by simranjeet Singh
Jammu & Kashmir
27-04-2018 04:38 PM
कूदरती फार्मिग सिर्फ कूदरत पर ही निर्भर होती है इसमें किसी भी तरह की कोई स्प्रे का प्रयोग नहीं किया जाता इसकी खेती छोटे किसानो के लिए फायदेमंद नहीं है क्योकि इसके उपज कम होने के आस बहुत होती है इसलिए छोटे किसानो के लिए फायदेमंद नहीं है

Posted by Binder Singh
Punjab
27-04-2018 04:20 PM
मध्यम उपजाऊ जमीन के लिए 30 किलो यूरिया प्रति एकड आखिर का कदू करने से पहले डालें और बाकि 60 किलो यूरिया खाद को 2 बराबर हिस्सो में पनीरी पुट कर लगाने से 3 हफ्ते और 6 हफ्तो के बाद छिडकाव से डाले

Posted by Lovepreet Bhullar
Punjab
27-04-2018 04:19 PM
आप एक बुक सफैदे के पत्तो को 1 लीटर पानी में उबाल लें जब पानी आधा रह जाये तो तो उसे गाय को पिला दें इसके साथ आप होमियोपेथिक दवाई DIARO-CIN 1 Ml सरिंज के साथ सीधे मुंह से दें इसे चारा देने से एक घंटा पहले दें और 3 दिन लगातार 4 बार दें

Posted by jasmailsingh
Punjab
27-04-2018 04:17 PM
नीम की स्प्रे बनाने का तरीका नीचे लिखे अनुसार हैं : नीम की 500 ग्राम नीबौलियां लें इन नीबौलियों को पीस कर पेस्ट बना लें इस पेस्ट को सूती कपड़े की दौहरी पर्त में रखें और 10 लीटर पानी में पूरी रात डूबो कर रखें अगले दिन कपड़े को बार बार निचौडे, ताकि नीम का सारा प्रभाव पानी में चला जायें एक एकड जमीन के लिए 3.1 किलो नीबौलि.... (Read More)
नीम की स्प्रे बनाने का तरीका नीचे लिखे अनुसार हैं : नीम की 500 ग्राम नीबौलियां लें इन नीबौलियों को पीस कर पेस्ट बना लें इस पेस्ट को सूती कपड़े की दौहरी पर्त में रखें और 10 लीटर पानी में पूरी रात डूबो कर रखें अगले दिन कपड़े को बार बार निचौडे, ताकि नीम का सारा प्रभाव पानी में चला जायें एक एकड जमीन के लिए 3.1 किलो नीबौलियो को 80-200 लीटर पानी में मिलायें और स्प्रे करे

Posted by gs sandhu
Punjab
27-04-2018 04:05 PM
चारे के लिए चरी की अलग अलग किस्मे है जैसे पंजाब सुडैक्स चरी-4, लगा सकते है इसकी उपज अच्छी कटाई में 445 क्विंटल हरा चारा प्रति एकड है यह बहुत कटाई देने वाली दोगली किस्म है इसके पौधे लंबे और पत्ते चौडो होते है यह लाल धब्बे और शाख की मक्खी के हमले को सहार सकती है पंजाब सुडैक्स चरी-1, इसके हरे चारे की औसत उपज 480 क्विंटल .... (Read More)
चारे के लिए चरी की अलग अलग किस्मे है जैसे पंजाब सुडैक्स चरी-4, लगा सकते है इसकी उपज अच्छी कटाई में 445 क्विंटल हरा चारा प्रति एकड है यह बहुत कटाई देने वाली दोगली किस्म है इसके पौधे लंबे और पत्ते चौडो होते है यह लाल धब्बे और शाख की मक्खी के हमले को सहार सकती है पंजाब सुडैक्स चरी-1, इसके हरे चारे की औसत उपज 480 क्विंटल प्रति एकड हैं इसके पौधे लंबे, पत्ते चौडे और टांडे रसीले और मिठे होते है इसके इलावा आप एसएल 44 लगा सकते है इसके हरे चारे की औसत उपज 240 क्विंटल प्रति एकड है यह मिठी रसीली और पतले तणे वाली होती है इसमें पचने योग्य सूखे मादे की मात्रा ज्यादा होती है यह पत्तियो पर लाल धब्बे रोग का सामना करने के योग्य है

Posted by kulwant singh
Punjab
27-04-2018 04:05 PM
उसे आप laxo- vet होमियोपैथिक दवाई दें यह 10—10 बूंदे दिन में 3 बार रोटी पर रखकर दें और इसके साथ आप 200 ग्राम सरसों का तेल और 60—70 ग्राम हल्दी मिलाकर दें
Posted by Jaswinder
Punjab
27-04-2018 04:04 PM
मशरुम की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन मशरुम , डीगरी, शटाकी मशरुम , पराली मशरुम , और मिलकी मशरुम. इनमे से कुछ मशरुम सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर मशरुम को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन मशरुम का समय सितंबर से मार्च तक होता है, इससे हम 2 फसले ले सकते है, शटाकी मशरु.... (Read More)
मशरुम की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन मशरुम , डीगरी, शटाकी मशरुम , पराली मशरुम , और मिलकी मशरुम. इनमे से कुछ मशरुम सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर मशरुम को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन मशरुम का समय सितंबर से मार्च तक होता है, इससे हम 2 फसले ले सकते है, शटाकी मशरुम का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं, इससे हम 1 फसल ही ले सकते है, पराली मशरुम का समय अप्रैल से अगस्त तक है, इससे हम 4 फसले ले सकते है, मिलकी मशरुम का समय अप्रैल से सितंबर तक है, आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली मशरुम लगा सकते है, पराली मशरुम के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है, पराली के पूले: धान की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे के साथ बांध कर तैयार किये जाते है. पूले के सिरे काट कर बराबर कर लिए जाते हैं. पूलो की क्यिारी लगाना : पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए भिगो दें, गिले पूलो को ढलान पर रख कर अधिक पानी को निकलने दे, कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये, इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये, जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले. इसके ऊपर की सतह उलट होती है. इस प्रकार 5-5 पूलो की 4 सेट में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार की जाती है. सबसे ऊपर 2 पूलो को खोलकर रख दिए जाते हैं. मशरुम का फुटाव करना : बिजाई से 7-9 दिनो के बाद का फुटाव होने लगता है. पानी और हवा का संचार : बिजाई के 2 दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका किया जाता है. मशरुम के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है. मशरुम की तूडाई : मशरुम का फुटाव के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है. मिलकी मशरुम : मिलकी मशरुम के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे (12×16), सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि चाहिए. तूडी की तैयारी : सूखी तुड़ी को पक्के फर्श पर खिलार कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे, गीली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे. इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें, तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर खिलार कर ठंडा करे. यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है. बिजाई : ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें. एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज डाला जाता है. लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे. केसिंग : बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 के सेट बना दें, केसिंग में रूडी और रेतली मिट्टी (4:1) होती है. 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित की जाती है. मशरुम का फुटाव: केसिंग मिट्टी डालने के लगभग 2 हफतो में मशरुम के छोटे-छोटे कण निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है. मशरुम की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है , बाकि बढ़िया तरीके के साथ खेत करने के लिए आप अपने ज़िले के KVK से ट्रेनिंग ले सकते हैं और वहां आपको बीज भी उपलब्ध करवा देंगे.

Posted by Harjinder Singh
Punjab
27-04-2018 04:04 PM
इसके लिए आप प्राईवेट किसी भी डीलर के साथ संपर्क करें वहां आपको इसके सही मूल्य के बारे में पता लग जायेगा
Posted by Princepal Singh Brar
Punjab
27-04-2018 03:53 PM
इसके लिए आप punjab sudax 1, punjab sudax 4, advanta की sugargrage किस्मो को लगा सकते है
Posted by मो आवेश कुरैशी
Chattisgarh
27-04-2018 03:50 PM
हंजी 6 महीने में मछली छी 1 किल्लो तक की हो जाती है और 2 साल में 14 किल्लो से जयादा की हो जाती है

Posted by Amrik singh
Punjab
27-04-2018 03:45 PM
जी आप मक्की के साथ जवार को मिक्स करके डाल सकते हैं पर आचार तैयार करते समय ध्यान रखना चाहिए कि उसे हवा नहीं लगनी चाहिए और पूरी तरह आचार ही देना चाहिए उसमें नमी की मात्रा भी ज्यादा नहीं होनी चाहिए

Posted by davinder pal singh
Punjab
27-04-2018 03:42 PM
cr212 : इस किस्म की पैदावार 30-35 क्विंटल प्रति एकड़ होत है इसका कद 104-105 सैं.मी. होता है इस किस्म की पनीरी आप 10-15 मई तक लगा सकते हैं इसके पकने का समय 135-145 दिन है यह डाकर ज़मीन वाली किस्म है

Posted by jagwinder brar
Punjab
27-04-2018 03:28 PM
धान का ज्यादा पानी की आवश्यकता होती है पर आपकी मोटर का पानी बहुत घटिया है इससे धान की उपज पर बहुत फर्क पड़ता है और बार बार घटिया पानी देने से ज़मीन भी खराब होती है इसमें आप 27p31, 27p63, 25p35 किस्म लगा सकते हैं

Posted by Saurabh jain
Uttar Pradesh
27-04-2018 03:26 PM
इसके लिए आप अपने पास के के वे के में संपर्क करें वो आपको इसकी जानकारी देंगे
Posted by SUMIT
Haryana
27-04-2018 03:15 PM
सही रहेगी क्योंकि इसकी उपज भी बढ़िया है यह पकने में भी कम समय लेती है

Posted by jatinder jot singh
Punjab
27-04-2018 03:14 PM
pr 126 pr 121 pr 124 के ऑरगैनिक सीड लेने के लिए आप अमरनाथ सिंह (Nirbhai Organic Farm) से 9815000112 संपर्क कर सकते हैं

Posted by jatinder jot singh
Punjab
27-04-2018 03:11 PM
pr 126 pr 121 pr 124 के ऑरगैनिक सीड लेने के लिए आप अमरनाथ सिंह (Nirbhai Organic Farm) से 9815000112 संपर्क कर सकते हैं
Posted by ਗੁਰਸੇਵਕ ਸਿੰਘ
Punjab
27-04-2018 03:02 PM
121 धान की किस्म की पनीरी 25-30 दिनों में तैयार हो जाती है

Posted by jagjeet singh
Punjab
27-04-2018 03:02 PM
waste decomposer के छिड़काव से कोई भी बैक्टीरियल और फंगस वाली बीमारी नहीं लगती इसका प्रयोग जैविक खेती में किया जाता है और खेत में यूरिया या डाली डालने की जरूरत नहीं पड़ती waste decomposer लेने के लिए आप इनसे संपर्क कर सकते हैं निर्मल सिंह अरबल फार्म रामपुरा पंजाब, भारत संपर्क नंबर9815000112
Posted by Jaswinder
Punjab
27-04-2018 02:55 PM
इस नंबर पर कॉल करके अपने नज़दीक के डिस्ट्रीब्यूटर के बारे में पूछकर बीज ले सकते हैं 01842382102
Posted by Halinder Singh
Punjab
27-04-2018 02:37 PM
666 किस्म धान की हाइब्रिड किस्म है यह 110-120 दिनों में पककर तैयार हो जाती है इस किस्म की पनीरी आप 20 मई के बाद लगा सकते हैं इसकी उपज 35-40 क्विंटल प्रति एकड़ है
Posted by Davinder singh
Punjab
27-04-2018 02:19 PM
ਜੇਕਰ ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਰ ਹਰ ਰੋਜ਼ ਦੇਣ ਤੇ ਦਵਾਈਆਂ ਦੇਣ ਨਾਲ ਹੀਟ ਵਿੱਚ ਨਹੀ ਆਈ ਤਾਂ ਡਾਕਟਰ ਤੋਂਂ ਚੈਕ ਕਰਵਾ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਉਹ ਬਾਹ ਪਾਕੇ ਚੈਕ ਕਰ ਸਕਦਾ ਹੈ ਕਿ ਅੰਦਰ ਕੋਈ ਪ੍ਰੋਬਲਮ ਤਾਂ ਨਹੀ ਜਾਂ ਫਿਰ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਹੀਟ ਵਿੱਚ ਲਿਆਉਣ ਲਈ ਪੰਸਾਰੀ ਦੀ ਦੁਕਾਨ ਤੋਂ ਜੈਫਲ ਦੇ ਤਿੰਨ ਪੀਸ ਲੈ ਆਵੋ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇਸ ਨੂੰ ਗਰਮ ਕਰਕੇ ਭੁੰਨ ਲਵੋ ਜਿਸ ਨਾਲ ਇਹ ਨਰਮ ਹੋ ਜਾਵੇਗਾ ਜੈਫਲ ਦਾ ਇੱਕ ਪੀਸ ਭੁੰ.... (Read More)
ਜੇਕਰ ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਰ ਹਰ ਰੋਜ਼ ਦੇਣ ਤੇ ਦਵਾਈਆਂ ਦੇਣ ਨਾਲ ਹੀਟ ਵਿੱਚ ਨਹੀ ਆਈ ਤਾਂ ਡਾਕਟਰ ਤੋਂਂ ਚੈਕ ਕਰਵਾ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਉਹ ਬਾਹ ਪਾਕੇ ਚੈਕ ਕਰ ਸਕਦਾ ਹੈ ਕਿ ਅੰਦਰ ਕੋਈ ਪ੍ਰੋਬਲਮ ਤਾਂ ਨਹੀ ਜਾਂ ਫਿਰ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਹੀਟ ਵਿੱਚ ਲਿਆਉਣ ਲਈ ਪੰਸਾਰੀ ਦੀ ਦੁਕਾਨ ਤੋਂ ਜੈਫਲ ਦੇ ਤਿੰਨ ਪੀਸ ਲੈ ਆਵੋ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇਸ ਨੂੰ ਗਰਮ ਕਰਕੇ ਭੁੰਨ ਲਵੋ ਜਿਸ ਨਾਲ ਇਹ ਨਰਮ ਹੋ ਜਾਵੇਗਾ ਜੈਫਲ ਦਾ ਇੱਕ ਪੀਸ ਭੁੰਨ ਕੇ ਬਰੀਕ ਕਰ ਲਓ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇਸਨੂੰ ਆਟੇ ਦੇ ਪੇੜੇ ਦੇ ਉੱਪਰ ਗੁੜ ਲਗਾ ਕੇ ਖਵਾ ਦਿਓ ਇਸ ਤਰਾਂ ਲਗਾਤਾਰ ਤਿੰਨ ਦਿਨ ਤੱਕ ਖਵਾਓ ਉਸ ਨਾਲ ਵੀ ਪਸ਼ੂ ਹੀਟ ਵਿੱਚ ਆ ਜਾਵੇਗਾ

Posted by M. S Romana
Punjab
27-04-2018 01:01 PM
cr212 : इस किस्म की उपज 30-35 क्विंटल प्रति एकड़ होती है और इसका कद 104-105 सैं.मी. होता है इस किस्म की पनीरी आप 10-15 मई तक लगा सकते हैं इसके पकने का समय 135-145 दिन है

Posted by Raghveer singh
Punjab
27-04-2018 12:28 PM
धान में कद्दू से पहल यूरिया मिट्टी के अंदर नाइट्रोजन की कमी को पूरा करती है ताकि धान की फसल को बढ़ने में कोई दिक्कत ना आये

Posted by Lokendra Singh Sikarwar
Madhya Pradesh
27-04-2018 12:20 PM
SRB-123: यह डेकन पठार में अच्छी वृद्धि करती है इस किस्म की कटाई एक वर्ष में 3-4 बार की जा सकती है इसमें ग्लूकोसाइड की मात्रा 9-12 %होती है
SRB-512: यह किस्म उत्तरी आक्षांशों में अच्छी तरह से बढ़ती है इस किस्म की कटाई एक वर्ष में 3-4 बार की जा सकती है इसमें ग्लूकोसाइड की मात्रा 9-12% होती है
SRB-128: यह दक्षिण और उत्तरी भारतीय जलवायु म.... (Read More)
SRB-123: यह डेकन पठार में अच्छी वृद्धि करती है इस किस्म की कटाई एक वर्ष में 3-4 बार की जा सकती है इसमें ग्लूकोसाइड की मात्रा 9-12 %होती है
SRB-512: यह किस्म उत्तरी आक्षांशों में अच्छी तरह से बढ़ती है इस किस्म की कटाई एक वर्ष में 3-4 बार की जा सकती है इसमें ग्लूकोसाइड की मात्रा 9-12% होती है
SRB-128: यह दक्षिण और उत्तरी भारतीय जलवायु में अच्छी तरह से बढ़ती है इसमें ग्लूकोसाइड की मात्रा 14-15% होती है
MDS-13 and MDS-14: यह किस्म भारतीय जलवायु हालातों में अच्छे से बढ़ती है इसे उच्च तापमान और कम या सूखे बारिश के मौसम की आवश्यकता होती है
बिजाई का समय
इसकी बिजाई के लिए फरवरी से मार्च का समय उचित होता है

Posted by ਗੁਰਮੀਤ ਸਿੰਘ ਪੁੱਤਰ ਸ ਵਿਰਸਾ ਸਿੰਘ
Punjab
27-04-2018 12:10 PM
हो सकता है उसे मैसटाइटिस हो गया हो सबसे पहले डॉक्टर को दिखाएं क्योंकि देखे बिना सही नहीं पता लगता बाकी इसके साथ आप milk out और होमियोपैथिक दवाई lectomood देना शुरू करें
Posted by Pardeep singh maan
Punjab
27-04-2018 12:04 PM
धान की इस किस्मों में से कोई भी किस्म लगा सकते हैं PR 113, PR 111, PR 114, PR 115, PR 116,PR 118 ,PR 121,PR 122, PR 123 , PR 126, PR 127, Cr 212.. cr 212 और pr 127 की उपज भी बढ़िया है
Posted by Pavitar Dhillon
Punjab
27-04-2018 12:01 PM
इसकी मात्रा 600 ग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से प्रयोग कर सकते हैं यदि एक एकड़ में आप 6 टैंकी प्रयोग करते हो तो इसकी खुराक 100 ग्राम प्रति 20 लीटर पानी रख सकते हैं
Posted by Pardeep singh maan
Punjab
27-04-2018 12:00 PM
इसकी ग्रोथ के लिए npk 191919@1 kg को 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ पर स्प्रे करें
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