Posted by Pardeep singh maan
Punjab
01-05-2018 06:38 AM
pusa 44: ihh kisam sbh ton vadh jhaad wali kisam hai. par ihh kisam pakkan de lyi 155 din tak da sma lai jadi hai jiss kaarn bimaari da hamla ho janda hai. iss kisam da jhaad 90 man tak chla janda hai.
666 kisam jhone di hybrid kisam hai . eh 110-120 dina vich pakk k teyar ho jandi hai . es kisam di paneeri tusi 20 may to baad lga sakde ho . isda jhad 35-40 quintal prati acre hai. eh private kisam hai.
kisma dono hi wdia hnn par pusa 44 lamba sma laindi hai. iss kr ke iss nu bimaari vadh paindi hai. par 666 kisam ghat sma laindi hai. iss kr ke iss nu bimaari pain de chance ghat hunde hnn.
Posted by binner farms
Punjab
30-04-2018 11:07 PM
धन की सीधी बिजाई सीड ड्रिल से कर सकते हैं इसकी बिजाई 20 जून से ही की जा सकती है यदि आप बिजाई सूखे खेत में की है तो बिजाई के तुरंत बाद सिंचाई करें और दूसरी सिंचाई 4-5 दिनों के बाद करें यदि बिजाई पानी लगे खेत में की है तो पहली सिंचाई के 5-7 दिन बाद करनी चाहिए सीधी बिजाई किए धान की उपज 25 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Posted by Hardev Singh Khiala
Punjab
30-04-2018 10:53 PM
मूंगी के लिए ML 818 या PAU 911 किस्म लगा सकते हैं ये किस्में 72-75 दिनों में तैयार हो जाती है इन किस्मों की उपज 4.5 क्विंटल प्रति एकड़ है

Posted by sukhjinder Brar
Punjab
30-04-2018 10:49 PM
tuc sapray pani lagan to bad jdo halka vattar aw jave udo kro g
Posted by Hardev Singh Khiala
Punjab
30-04-2018 10:35 PM
PR 121: इस किस्म पर ज़मीन के ज्यादा गीलेपन का कोई असर नहीं होता इसके पत्ते गहरे हरे रंग के और सीधे होते हैं यह 140 दिनों में पककर तैयार हो जाती है इस किस्म पर झुलस रोग का कोई असर नहीं होता इसकी औसतन पैदावार 30.5 क्विंटल प्रति एकड़ है

Posted by Phinder Sidhu
Punjab
30-04-2018 10:27 PM
पोटाष नरमे की बिजाई से पहले डाली जाती है वैसे नरमें में इसकी जरूरत नहीं पड़ती इसका प्रयोग कमी के अनुसार ही करें जो एस एस पी होती है यह नरमें में फासफोरस की कमी को पूरा करती है इसकी मात्रा 75 किलो प्रति एकड़ होती है इसकी जगह DAP@27 डी ए पी प्रति एकड़ के हिसाब से प्रयोग कर सकते हैं इसका प्रयोग आप खेत को तैायार करते समय .... (Read More)
पोटाष नरमे की बिजाई से पहले डाली जाती है वैसे नरमें में इसकी जरूरत नहीं पड़ती इसका प्रयोग कमी के अनुसार ही करें जो एस एस पी होती है यह नरमें में फासफोरस की कमी को पूरा करती है इसकी मात्रा 75 किलो प्रति एकड़ होती है इसकी जगह DAP@27 डी ए पी प्रति एकड़ के हिसाब से प्रयोग कर सकते हैं इसका प्रयोग आप खेत को तैायार करते समय भी कर सकते हैं और जब नरमा 1-1.5 फुट का हो जाये उसके बाद सीड ड्रिल से बिजाई कर दें
Posted by Amandeep Singh
Punjab
30-04-2018 10:18 PM
पनीरी का पता करने के लिए आप इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं 9872624253

Posted by harjinder dhillon
Punjab
30-04-2018 10:12 PM
जामुन को फल 8 से 10 वर्ष बाद लगना शुरू होता है और जामुन का पौधा ग्राफ्टिंग के साथ तैयार किया हो तो इसे 6—7 वर्ष तक फल लगता शुरू हो जाता है

Posted by harjinder dhillon
Punjab
30-04-2018 10:04 PM
आप झोटी को Fibrokit homeopathic दवाई देनी शुरू करें इस दवाई को देने के बाद आप Metablight liqued देना शुरू करें बाकी आप Fibrocin homeopathic दवाई की गोलियां भी दे सकते हैं इसकी 1—1 गोली दिन में 3 बार दें इससे फर्क पड़ जायेगा

Posted by hardeep
Punjab
30-04-2018 09:46 PM
कृषि विज्ञान केंद्र जो हर एक जिले में मौजूद होता है यह केंद्र किसानों को बीजों की नई किस्में मिलती है और यह किसानों को ट्रेनिंग भी करवाते हैं नए व्यवसायों के बारे में सेमीनार लगाते हैं इन केंद्रों में मिट्टी की जांच भी होती है ये हर ट्रेनिंग के 50 रूपये चार्ज करते हैं
Posted by ਨੀਟੂ ਗਰੇਵਾਲ
Punjab
30-04-2018 09:32 PM
आप भैंस को lactomood होमियोपैथिक दवाई देनी शुरू करे इस दवाई की 10-10 बूंदें रोटी पर रखकर दिन में 3 बार दें या आप moodcare दवाई भी दे सकते हैं इकी 15-15 बूंदे देनी हैं इन्हें आप चारा देने से 1 घंटा पहले दें इससे फर्क पड़ जायेगा
Posted by gurbhej
Punjab
30-04-2018 09:26 PM
कृपया करके आप इसके सॉल्ट बतायें या फिर इसकी पैकिंग की फोटो भेजें

Posted by Narinderjit Singh
Punjab
30-04-2018 09:21 PM
आप पशु को पाउडर देना शुरू करें यह 50 ग्राम हर रोज देना शुरू कर दें

Posted by bhajandeep
Haryana
30-04-2018 09:19 PM
2222 एक प्राइवेट किस्म है जिसका पूरा नाम RS2222 है इसकी उपज 25-30 क्विंटल प्रति एकड़ है यह किस्म 130-135 दिन लेती है पकने के लिए

Posted by harjinder singh
Punjab
30-04-2018 09:14 PM
बढ़िया साहिवाल गाय दिन में दूध कम से कम 5—7 लीटर होता है और सही खुराक के साथ 14—15 लीटर तक भी हो जाता है और इसकी फैट सही खुराक के हिसाब से और सही देखभाल से 4—6 में होती है

Posted by hardeep
Punjab
30-04-2018 08:52 PM
मिट्टी का सैंपल लेने के लिए खेत के चारों किनारों और खेत के बीच वाले हिस्से से मिट्टी लेना बहुत ज़रूरी होता है सबसे पहले खेत के चारों किनारों के अंदर की तरफ से मिट्टी लें मिट्टी लेने के लिए 6-8 सैं.मी. गहरे गड्ढे खोदकर एक मुठ्ठी मिट्टी लें इसी तरह चारों किनारों पर से एक एक मुठ्ठी इक्ट्ठी करें इसके अलावा खेत के ब.... (Read More)
मिट्टी का सैंपल लेने के लिए खेत के चारों किनारों और खेत के बीच वाले हिस्से से मिट्टी लेना बहुत ज़रूरी होता है सबसे पहले खेत के चारों किनारों के अंदर की तरफ से मिट्टी लें मिट्टी लेने के लिए 6-8 सैं.मी. गहरे गड्ढे खोदकर एक मुठ्ठी मिट्टी लें इसी तरह चारों किनारों पर से एक एक मुठ्ठी इक्ट्ठी करें इसके अलावा खेत के बिल्कुल बीच वाली ज़मीन से भी इसी तरह मिट्टी लें इसके बाद 5 अलग अलग स्थानों से इक्ट्ठी की मिट्टी को अच्छी तरह मिला लें इस मिट्टी में स्थित कंकड़ और रोड़ियों को बाहर निकाल दें यदि मिट्टी गीली हो तो छांव में सुखाएं इस नमूने को कपड़े की थैली में डालकर किसान का नाम, पता और खेत नंबर लिखकर एक पर्ची उसके ऊपर रख दें मिट्टी की मात्रा लगभग 800-1000 ग्राम होनी चाहिए इसके बाद मिट्टी को लिफाफे में डालकर अपने नाम का लेबल साथ में लगाकर अपने जिले के कृषि विज्ञान केंद्र में बने मिट्टी जांच केंद्र भेज दें यह मिट्टी का टैस्ट 15-20 दिनों के अंदर अंदर चैक होकर आपके पास रिपोर्ट आ जायेगी
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