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Posted by Deepak kumar gothwal
Rajasthan
04-12-2018 09:18 AM

Punjab
12-04-2018 10:17 AM
Posted by ਹਰਪਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
04-12-2018 09:09 AM

Punjab
12-04-2018 03:58 PM
Posted by satnam singh
Punjab
04-12-2018 08:59 AM

Haryana
12-04-2018 03:36 PM
Posted by Ram singh Khokher
Punjab
04-12-2018 08:35 AM

Maharashtra
12-05-2018 11:35 AM
Posted by Maney Bhatti
Punjab
04-12-2018 08:15 AM

Punjab
12-04-2018 04:32 PM
Posted by Mangat
Punjab
04-12-2018 08:13 AM

Punjab
12-04-2018 02:11 PM
Posted by Charanjit Singh
Punjab
04-12-2018 08:11 AM

Punjab
11-30--0001 12:00 AM
Posted by Hans raj sokhal
Haryana
04-12-2018 08:05 AM

Maharashtra
12-04-2018 03:53 PM
ड्रैगन फल को पिताया के रूप में भी जाना जाता है, यह तेजी से उगने वाली कैकटस बेल है इसे मिट्टी की विभिन्न श्रेणियों में अच्छे से उगाया जा सकता है पर यह अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी जिसमें जैविक तत्व अच्छी मात्रा में हो, में उगाया जाये तो अच्छे परिणाम देती है मिट्टी की पी एच 5.5-7 होनी चाहिए रंग के आधार पर इसकी तीन.... (Read More)
ड्रैगन फल को पिताया के रूप में भी जाना जाता है, यह तेजी से उगने वाली कैकटस बेल है इसे मिट्टी की विभिन्न श्रेणियों में अच्छे से उगाया जा सकता है पर यह अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी जिसमें जैविक तत्व अच्छी मात्रा में हो, में उगाया जाये तो अच्छे परिणाम देती है मिट्टी की पी एच 5.5-7 होनी चाहिए रंग के आधार पर इसकी तीन किस्में हैं: 1) लाल छिल्के वाले फल के साथ सफेद गुद्दा 2) लाल छिल्के वाले फल के साथ लाल गुद्दा 3) पीले छिल्के वाले फल के साथ सफेद गुद्दा ड्रैगन फल की खेती के लिए मिट्टी भुरभुरी और अच्छी तरह से जोती गई हो खेत की तैयारी के समय अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर या अच्छी मात्रा में जैविक पदार्थ डालें एक बार खेती के बाद, यह उसी खेत में 15-20 वर्षों तक रहती है इसलिए अच्छे से खेत तैयार करें यह बेल की तरह उगती है इसलिए इसे सहारे के लिए गोल आकार के फ्रेम की जरूरत होती है खंभो का प्रयोग करें क्योंकि वो मजबूत और ज्यादा देर तक चलते हैं मैटल के फ्रेम प्रयोग ना करें क्योंकि वे गर्म होकर पौधे को भी नुकसान पहुंचाते हैं बिजाई का समय इसकी खेती पूरे वर्ष में की जा सकती है फासला रोपाई बड़े फासले की बजाय छोटे फासले पर करें छोटे फासले पर की गई बिजाई उच्च उपज देती है कतार से कतार में 3 मीटर और पौधे से पौधे में 2 मीटर का फासला रखें सहारे के लिए 2 मीटर लंबे खंभो का प्रयोग करें बेल की कटिंग को एक इंच की गहराई में बोयें एक एकड़ खेत में 1700 ड्रैगन पौधे उगाये जा सकते हैं इसका बीजों के द्वारा या कटिंग के द्वारा प्रजनन किया जा सकता है बीजों के द्वारा प्रजनन व्यापारिक खेती के लिए उपयुक्त नहीं होता क्योंकि यह ज्यादा समय लेता है और इसमें मुख्य पौधे के गुण भी नहीं होंगे। कटिंग द्वारा प्रजननअच्छी गुणवत्ता वाले मुख्य पौधे से पौधे के भाग को चुनें पौधे के इस भाग को पॉलीथीन के लिफाफों में जिसमें सूखा गाय का गोबर, मिट्टी और रेत 1:1:2 में हो, लगाएं इन लिफाफों को छांव में रखें जब ये भाग 20 सैं.मी. लंबे हो जायें तो इन्हें मुख्य खेत में रोपण कर दें इन भागों को 60x60x60 सैं.मी. आकार के खड्डों में रोपण करें इसमें मिट्टी, कार्बनिक पदार्थ और 100 ग्राम सुपर फास्फेट डालें 10-15 किलो जैविक खाद प्रति पौधे में डालें प्रत्येक वर्ष जैविक खाद की मात्रा 2 किलो बढ़ा दें जैविक खाद के साथ ही अच्छी वृद्धि और उपज के लिए इसे अकार्बनिक पदार्थों की आवश्यकता होती है वानस्पति अवस्था में यूरिया 70 ग्राम, एस एस पी 90 ग्राम और म्यूरेट ऑफ पोटाश 40 ग्राम प्रति पौधे में डालें फूल निकलने से पहले, फलों के विकसित होने के समय और फलों की कटाई के बाद यूरिया 50 ग्राम, एस एस पी 50 ग्राम और म्यूरेट ऑफ पोटाश 100 ग्राम प्रति पौधे में डालें प्रत्येक वर्ष इस मात्रा को 220 ग्राम से बढ़ा दें और 1.5 किलो प्रति पौधे में डालें बेल की अच्छी वृद्धि और विकास के लिए वर्टीकल में लकड़ी के खंभों के रूप में सहारा दें अपरिपक्व पौधे को इस खंभे से बांध दें अच्छी तरह से छतरी के आकार की बनतर के लिए छंटाई करना आवश्यक होता है प्रत्येक कटाई के बाद छंटाई करें क्योंकि यह कैकटस के परिवार से संबंधित है इसलिए इसे कम पानी की आवश्यकता होती है यह पानी की कमी वाले क्षेत्रों में आसानी से रह सकती है सिंचाई के लिए ड्रिप सिंचाई का प्रयोग किया जाता है पानी को ज्यादा ना लगाएं क्योंकि इससे नदीनों की संख्या बढ़ जाती है क्षेत्र से क्षेत्र में जल की आवश्यकता भिन्न होती है यह मिट्टी, जलवायु, और पौधे के स्वास्थ्य पर आधारित होती है प्रति दिन प्रति पौधे को 1-2 लीटर पानी की आवश्यकता होती है ड्रैगन फल मई-जून के महीने में फूल निकालना शुरू करते हैं और फल अगस्त-दिसंबर के महीने में लगते हैं कटाई का सही समय तब होता है जब फल अपना रंग बदल कर हल्के हरे से लाल रंग का हो जाये रंग बदलने के 3-4 दिन बाद कटाई करें निर्यात के लिए रंग बदलने के एक दिन बाद कटाई करें कटाई हाथों से या दरांती से और तीखे चाकू से भी की जा सकती है इसकी औसतन उपज 5-6 टन प्रति एकड़ ली जा सकती है।
Posted by Jagtar Singh
Punjab
04-12-2018 08:03 AM

Haryana
12-04-2018 03:44 PM
Posted by Shripal yadav
Haryana
04-12-2018 07:48 AM

Punjab
12-04-2018 03:43 PM
Posted by ਅਮਨ ਝੱਜ
Punjab
04-12-2018 07:36 AM

Punjab
12-04-2018 03:42 PM
Posted by gurjant singh
Punjab
04-12-2018 07:36 AM

Punjab
12-04-2018 03:40 PM
Posted by gurjant singh
Punjab
04-12-2018 07:35 AM

Maharashtra
12-04-2018 03:39 PM
Posted by gurjant singh
Punjab
04-12-2018 07:31 AM

Punjab
12-04-2018 01:25 PM
Posted by vinod kumar
Haryana
04-12-2018 07:31 AM

Punjab
12-04-2018 02:33 PM
Posted by ਜੁਗਰਾਜ ਸਿੰਘ
Punjab
04-12-2018 07:19 AM

Haryana
12-04-2018 12:30 PM
Posted by tarsem singh
Punjab
04-12-2018 07:00 AM

Punjab
12-04-2018 02:36 PM
Posted by Jagtar singh
Punjab
04-12-2018 06:57 AM

Punjab
12-04-2018 12:28 PM
Posted by Mangat
Punjab
04-12-2018 06:42 AM

Punjab
12-04-2018 03:01 PM
Posted by Gurjeet Singh
Punjab
04-12-2018 06:02 AM

Punjab
12-04-2018 02:38 PM
Posted by ganesh bhosale
Maharashtra
04-12-2018 06:00 AM

Maharashtra
12-04-2018 12:17 PM
Posted by Gaurav yadav
Uttar Pradesh
04-12-2018 02:42 AM

Punjab
12-04-2018 03:02 PM
Posted by Jaswant Ranu
Punjab
04-12-2018 12:34 AM

Punjab
12-04-2018 03:30 PM
Posted by Jaswinder singh
Punjab
04-12-2018 12:08 AM

Punjab
12-04-2018 12:10 PM
Posted by razajstar⭐
Chattisgarh
03-12-2018 10:39 PM

Maharashtra
12-04-2018 09:41 AM
Posted by razajstar⭐
Chattisgarh
03-12-2018 10:38 PM

Maharashtra
12-04-2018 10:24 AM
Posted by Kulwant Randhawa
Punjab
03-12-2018 10:28 PM

Punjab
12-04-2018 03:02 PM
Posted by Gamdoor singh Brar
Punjab
03-12-2018 10:14 PM

Punjab
12-04-2018 02:39 PM
Posted by paras deep
Punjab
03-12-2018 09:40 PM

Punjab
12-04-2018 10:27 AM
Posted by karamjeet singh
Punjab
03-12-2018 09:25 PM

Punjab
12-05-2018 04:05 PM
Posted by karamjeet singh
Punjab
03-12-2018 09:19 PM

Punjab
12-04-2018 06:51 AM
Posted by Sandeep Chauhan
Punjab
03-12-2018 09:16 PM

Punjab
12-04-2018 06:51 AM
Posted by Harwinder singh
Punjab
03-12-2018 09:11 PM

Punjab
12-04-2018 10:28 AM
Posted by Prem sagar singh
Uttar Pradesh
03-12-2018 09:06 PM

Punjab
12-06-2018 01:30 PM
Posted by Jashan
Punjab
03-12-2018 09:06 PM

Punjab
12-04-2018 02:42 PM
Posted by devendra bihone
Madhya Pradesh
03-12-2018 09:04 PM

Haryana
12-04-2018 10:30 AM
Posted by jashan
Punjab
03-12-2018 08:56 PM
Punjab
12-04-2018 10:34 AM
Posted by abhilash rathod
Maharashtra
03-12-2018 08:55 PM
Punjab
12-04-2018 10:36 AM
Posted by parmjit singh
Punjab
03-12-2018 08:33 PM

Punjab
12-04-2018 06:52 AM
Posted by Manpreet Singh
Punjab
03-12-2018 08:23 PM

Punjab
11-30--0001 12:00 AM
Posted by Manpreet Singh
Punjab
03-12-2018 08:19 PM

Punjab
11-30--0001 12:00 AM
Posted by Amarjit
Punjab
03-12-2018 08:16 PM

Punjab
11-30--0001 12:00 AM
Posted by ਪ੍ਰਭਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
03-12-2018 08:14 PM

Maharashtra
12-04-2018 10:47 AM
Posted by Babbysingh
Punjab
03-12-2018 08:12 PM

Punjab
12-04-2018 02:11 PM
Posted by harjeet Dhaliwal
Punjab
03-12-2018 08:09 PM

Punjab
12-05-2018 12:23 PM
Posted by sourabh siag
Punjab
03-12-2018 08:08 PM

Maharashtra
12-04-2018 10:55 AM
Posted by Abhishek
Uttar Pradesh
03-12-2018 08:03 PM

Haryana
12-04-2018 10:58 AM
Posted by abdulgaffar
Maharashtra
03-12-2018 07:58 PM

Punjab
12-04-2018 03:17 PM
Posted by ਭੁਪਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
03-12-2018 07:51 PM

Punjab
12-04-2018 03:16 PM
Posted by Srajal Yadav
Madhya Pradesh
03-12-2018 07:43 PM

Maharashtra
12-04-2018 11:58 AM