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Posted by Ranvir
Punjab
11-12-2018 10:09 PM

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12-12-2018 09:26 PM
Posted by Ravi Jain
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11-12-2018 09:35 PM

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12-12-2018 07:24 PM
Posted by Amarjeet Singh GiLL
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11-12-2018 09:23 PM

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12-12-2018 07:28 PM
Posted by Gajju
Madhya Pradesh
11-12-2018 09:20 PM

Maharashtra
12-12-2018 10:44 AM
Posted by Inderjeet singh
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11-12-2018 09:18 PM

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12-11-2018 09:37 PM
Posted by Ravi Jain
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11-12-2018 09:12 PM

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12-12-2018 07:30 PM
Posted by Abhishek
Uttar Pradesh
11-12-2018 09:07 PM

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12-11-2018 09:09 PM
Posted by Inderjeet singh
Punjab
11-12-2018 09:03 PM

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12-11-2018 09:08 PM
Posted by GURSEWAK
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11-12-2018 08:59 PM

Maharashtra
12-12-2018 10:46 AM
Posted by Sukhvir Singh
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11-12-2018 08:58 PM

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12-11-2018 09:06 PM
Posted by sushil Nautiyal
Uttarakhand
11-12-2018 08:55 PM

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01-09-2019 02:22 PM
Posted by ਨਰਿੰਦਰ ਕੌਰ
Haryana
11-12-2018 08:46 PM

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12-12-2018 10:47 AM
Posted by khushwinder brar
Punjab
11-12-2018 08:46 PM

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12-12-2018 07:32 PM
Posted by kulwant brar
Punjab
11-12-2018 08:32 PM

Haryana
12-12-2018 10:49 AM
Posted by shreyansh
Madhya Pradesh
11-12-2018 08:26 PM

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12-13-2018 08:52 PM
Posted by ਗਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
11-12-2018 08:24 PM

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12-12-2018 10:54 AM
Posted by Gamdoor singh Brar
Punjab
11-12-2018 08:23 PM

Rajasthan
12-12-2018 07:34 PM
Posted by abdulgaffar
Maharashtra
11-12-2018 08:20 PM

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12-12-2018 05:13 PM
Posted by Jaswant Singh
Punjab
11-12-2018 08:09 PM

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12-12-2018 07:36 PM
Posted by nits
Uttarakhand
11-12-2018 08:08 PM

Maharashtra
12-12-2018 10:57 AM
इसे मिट्टी की कई किस्मों जैसे चिकनी से रेतली, जलोढ़ मिट्टी और अच्छे जल निकास वाली दोमट मिट्टी में उगाया जाता है यदि इसे रेतली दोमट मिट्टी जो जैविक तत्वों से भरपूर हो, में उगाया जाये तो अच्छे परिणाम देती है इसे हल्की मिट्टी में भी उगाया जा सकता है घटिया जल निकास वाली और अधिक जल जमाव वाली मिट्टी में इसकी खेती क.... (Read More)
इसे मिट्टी की कई किस्मों जैसे चिकनी से रेतली, जलोढ़ मिट्टी और अच्छे जल निकास वाली दोमट मिट्टी में उगाया जाता है यदि इसे रेतली दोमट मिट्टी जो जैविक तत्वों से भरपूर हो, में उगाया जाये तो अच्छे परिणाम देती है इसे हल्की मिट्टी में भी उगाया जा सकता है घटिया जल निकास वाली और अधिक जल जमाव वाली मिट्टी में इसकी खेती करने से परहेज़ करें इस फसल की वृद्धि के लिए पी एच 5.0 - 8.5 होनी चाहिए OD-19 (Sugandhi), Pragathi, Nima, Cauvery, Krishna, NLG 84, OD 410 उपयुक्त किस्में उगाई जाती हैं मार्च-अप्रैल के महीने में नर्सरी बैड तैयार करें फासला नए पौधों की वृद्धि के अनुसार 60.X 60 सैं.मी. रखें और ढाल बनाने के लिए फासला 90X60 सैं.मी. रखें 2-3 सैं.मी. की गहराई में बोयें खेत में रोपाई के लिए दो महीने पुराने पौधों का प्रयोग किए जाते हैं बीज 1.6-2 किलोग्राम प्रति एकड़ में प्रयोग करें फसल को कांगियारी से बचाने के लिए बिजाई से पहले बीजों को सीरेसन 0.2 % या एमीसान 1 ग्राम से प्रति किलो बीजों का उपचार करें रासायनिक उपचार के बाद बिजाई के लिए बीजों का प्रयोग करें लैमन घास के बीजों को आवश्यक लंबाई और 1 -1.5 मीटर की चौड़ाई वाले तैयार बैडों पर बोयें बीजने के बाद बैडों को कट घास सामग्री से ढक दें फिर इसे मिट्टी की पतली परत के साथ ढक दें नए पौधे रोपाई के लिए 2 महीने में तैयार हो जाते हैं, जब पौधा 12-15 सैं.मी. ऊंचाई पर पहुंच जाता है रोपाई से पहले खेत अच्छी तरह से तैयार होना चाहिए रोपाई 15x19 सैं.मी. के फासले पर की जानी चाहिए नए पौधों को मिट्टी में ज्यादा गहरा ना बोयें इससे बारिश के दिनों में जड़ गलन का खतरा बढ़ जाता है उत्तर पूर्वी क्षेत्रों में नाइट्रोजन 24 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 20 किलो (एस एस पी 125 किलो), पोटाश्यिम 14 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 23 किलो) प्रति एकड़ में डालें अन्य हालातों में नाइट्रोजन 40 किलो प्रति एकड़ में डालें यह एरोमैटिक प्लांट रिसर्च स्टेशन, ओडाकली (केरला) द्वारा जारी की गई है खेत को नदीनों से मुक्त करने के लिए हाथों से गोडाई करें मिट्टी के तापमान को कम करने और नदीनों की रोकथाम के लिए मलचिंग भी एक अच्छा तरीका है जैविक मलच 1200 किलोग्राम प्रति एकड़ में डालें एक वर्ष में 2-3 निराई आवश्य करें जैविक रोकथाम के लिए अल्ट्रा वाइल्ट रेडीएशन या फ्लेम विडिंग का भी प्रयोग किया जा सकता है गर्मियों के मौसम में फरवरी से जून के महीने तक 5-7 अंतराल पर सिंचाइयां करें जब वर्षा नियमित रूप से नहीं होती तो पहले महीने में 3 दिनों के अंतराल पर सिंचाई दें और फिर 7-10 दिनों के अंतराल पर दें गर्मियों के मौसम के दौरान 4-6 सिंचाइयां देनी आवश्यक होती हैं रोपाई के 4-6 महीने बाद पौधा उपज देना शुरू कर देता है कटाई 60-70 दिनों के अंतराल पर करें कटाई के लिए दराती का प्रयोग करें कटाई मई के शुरू में और जनवरी के आखिर में करें कटाई के लिए दराती की सहायता से ज़मीन की सतह से 10-15 सैं.मी. घास की कटाई करें
Posted by Ishrat Choudhary
Uttar Pradesh
11-12-2018 08:00 PM

Uttar Pradesh
12-12-2018 05:15 PM
Posted by Navjot singh
Punjab
11-12-2018 07:57 PM

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12-12-2018 11:01 AM
Posted by amandeep singh
Punjab
11-12-2018 07:49 PM

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12-13-2018 06:01 AM
Posted by Harbir singh
Punjab
11-12-2018 07:45 PM

Maharashtra
12-12-2018 11:45 AM
Posted by aA Rahman
Uttar Pradesh
11-12-2018 07:36 PM

Punjab
12-13-2018 05:39 PM
Posted by HARPAL SINGH
Punjab
11-12-2018 07:26 PM

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12-12-2018 05:19 PM
Posted by aA Rahman
Uttar Pradesh
11-12-2018 07:25 PM

Punjab
12-14-2018 07:19 PM
Posted by jaswant Singh Sandhu
Punjab
11-12-2018 07:19 PM

Maharashtra
12-12-2018 11:46 AM
Posted by ਬੇਅੰਤ ਸਿੰਘ
Punjab
11-12-2018 07:05 PM

Punjab
11-30--0001 12:00 AM
Posted by Talwinder singh
Punjab
11-12-2018 07:00 PM

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12-12-2018 11:48 AM
Posted by shergill
Punjab
11-12-2018 06:57 PM

Punjab
12-11-2018 07:09 PM
Posted by ਮਨਜੀਤ
Punjab
11-12-2018 06:50 PM

Punjab
12-12-2018 11:43 AM
Posted by Pardeep Singh
Punjab
11-12-2018 06:08 PM

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12-13-2018 12:09 PM
Posted by Arvinderpal Singh
Punjab
11-12-2018 06:02 PM

Punjab
12-11-2018 06:09 PM
Posted by Arvinderpal Singh
Punjab
11-12-2018 05:58 PM

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12-11-2018 06:09 PM
Posted by Sunny Jassi
Punjab
11-12-2018 05:53 PM

Punjab
12-13-2018 11:04 AM
Posted by Rahul kumar
Uttar Pradesh
11-12-2018 05:40 PM

Punjab
12-12-2018 11:11 AM
Posted by ਮਨਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਧਾਲੀਵਾਲ
Punjab
11-12-2018 05:39 PM

Punjab
12-11-2018 06:27 PM
Posted by ਮਨਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਧਾਲੀਵਾਲ
Punjab
11-12-2018 05:34 PM

Maharashtra
12-12-2018 11:08 AM
Posted by Hardeep Maan
Punjab
11-12-2018 05:22 PM

Maharashtra
12-12-2018 11:44 AM
Posted by sukhwinder singh
Punjab
11-12-2018 05:11 PM

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12-12-2018 10:42 AM
Posted by Sukhpreet
Punjab
11-12-2018 04:41 PM

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12-12-2018 10:41 AM
Posted by Kapoor Singh
Punjab
11-12-2018 04:24 PM

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12-11-2018 04:36 PM
Posted by ਬਲਵਿੰਦਰ ਿਸੰਘ
Punjab
11-12-2018 04:23 PM

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12-11-2018 04:39 PM
Posted by Gurdhyan Singh
Haryana
11-12-2018 04:22 PM

Haryana
12-11-2018 04:40 PM
Posted by Jagtar singh
Punjab
11-12-2018 03:50 PM

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12-13-2018 05:00 PM
Posted by prirpal Gill
Punjab
11-12-2018 03:48 PM

Haryana
12-12-2018 10:40 AM
Posted by ਗੱਗੀ
Punjab
11-12-2018 03:44 PM

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12-11-2018 03:58 PM
Posted by Arun Singh
Punjab
11-12-2018 03:25 PM

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12-11-2018 03:49 PM
Posted by Achhar singh jhangra
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11-12-2018 03:04 PM

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12-11-2018 04:04 PM