Experts Q&A Search

Posted by ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
21-12-2018 10:06 AM

Punjab
12-21-2018 02:24 PM
बैंगन की फसल सख्त होने के कारण इसे अलग अलग तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है। यह एक लंबे समय की फसल है, इसलिए अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ रेतली दोमट मिट्टी उचित होती है और अच्छी पैदावार देती है। अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी और अधिक पैदावार के लिए चिकनी और नमी या गारे वाली मिट्टी उचित होती है। फसल की वृद्धि के ल.... (Read More)
बैंगन की फसल सख्त होने के कारण इसे अलग अलग तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है। यह एक लंबे समय की फसल है, इसलिए अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ रेतली दोमट मिट्टी उचित होती है और अच्छी पैदावार देती है। अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी और अधिक पैदावार के लिए चिकनी और नमी या गारे वाली मिट्टी उचित होती है। फसल की वृद्धि के लिए 5.5-6.6 पी एच होनी चाहिए। प्रसिद्ध किस्में:- Punjab Bahar,Punjab No 8,Jamuni GOI (S 16),Punjab Barsati,Punjab Neelam,Punjab Sadabahar,PH 4,Pusa Purple Long बैंगन के बीज 3 मीटर लंबे, 1 मीटर चौड़े और 15 सैं.मी. ऊंचे बैडों पर बोये जाते हैं। पहले बैडों में बढ़िया रूड़ी की खाद डालें। फिर बिजाई से दो दिन पहले कप्तान का घोल डालें ताकि जो नर्सरी बैडों में पौधों को नष्ट होने से बचाया जा सके। फिर 5 सैं.मी. के फासले पर बिजाई करके बैडों को गली हुई खाद या सूखे पत्तों से ढक दिया जाता है हल्की सिंचाई करें पौधों के अंकुरन तक बैडों को काले रंग की पॉलीथीन शीट या पराली से ढक दें। तंदरूस्त पौधे जिनके 3-4 पत्ते निकलें हों और कद 12-15 सैं.मी. हो, खेत में पनीरी लगाने के लिए तैयार होते हैं खेत में पनीरी शाम के समय ही लगाएं और पनीरी लगाने के बाद हल्की सिंचाई करें। रोपण करने से पहले खेत की अच्छे तरीके से 4-5 बार जोताई करें और समतल करें। फिर खेत में आवश्यकतानुसार आकार के बैड बनाएं पहली फसल के लिए अक्तूबर में पनीरी बोयें ताकि जो नवंबर तक पनीरी खेत में लगाने के लिए तैयार हो जाये दूसरी फसल के लिए नवंबर में पनीरी बोयें ताकि जो फरवरी के पहले पखवाड़े तक पनीरी खेत में लगाने के लिए तैयार हो जाए। तीसरी फसल के लिए फरवरी मार्च में पनीरी बोयें ताकि जो अप्रैल के आखिर से पहले ही पनीरी खेत में लगाने के लिए तैयार हो जाये। चौथी फसल के लिए जुलाई में पनीरी बोयें ताकि जो अगस्त तक पनीरी खेत में लगाने के लिए तैयार हो जाये। फासला फसल की किस्म और मिट्टी की उपजाऊ शक्ति पर निर्भर करता है। पंक्तियों में 60 सैं.मी. और पौधों में 35-40 सैं.मी. का फासला रखें नर्सरी में बीजों को 1 सैं.मी. गहराई में बोयें और मिट्टी से ढक दें खेत में पनीरी लगाकर इसकी बिजाई की जाती है। एक एकड़ खेत की पनीरी तैयार करने के लिए 300-400 ग्राम बीजों का प्रयोग करें। बिजाई के लिए तंदरूस्त और बढ़िया बीज का ही प्रयोग करें। बिजाई से पहले बीजों को थीरम 3 ग्राम या कार्बेनडाज़िम 3 ग्राम प्रति किलो बीज से उपचार करें रासायनिक उपचार के बाद बीजों का ट्राइकोडरमा विराइड 4 ग्राम प्रति किलो बीज से उपचार करें और फिर छांव में सुखाने के बाद तुरंत बिजाई करें। आखिरी बार खेत को जोतने के समय रूड़ी की खाद 10 टन प्रति एकड़ मिट्टी में मिलाएं नाइट्रोजन 25 किलो (55 किलो यूरिया), फासफोरस 25 किलो (155 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 12 किलो (20 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश्यिम) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें। फासफोरस, पोटाश और नाइट्रोजन की पूरी मात्रा पनीरी खेत में लगाने के समय डालें। दो तुड़ाइयों के बाद 25 किलो नाइट्रोजन प्रति एकड़ डालें पानी में घुलनशील खादें : फसल के शुरूआती विकास के समय हयूमिक तेजाब 1 लीटर प्रति एकड़ या मिट्टी में मिलाकर 5 किलो प्रति एकड़ डालें यह फसल की पैदावार और वृद्धि में बहुत मदद करता है। पनीरी लगाने के 10-15 दिन बाद खेत में 19:19:19 के साथ 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर सूक्ष्म तत्वों की स्प्रे करें। शुरूआती विकास के समय कईं बार तापमान के कारण पौधे सूक्ष्म तत्व नहीं ले पाते, जिस के कारण पौधा पीला पड़ जाता है और कमज़ोर दिखता है। ऐसी स्थिति में 19:19:19 या 12:61:0 की 5-7 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे करें। आवश्यकतानुसार 10-15 दिन के बाद दोबारा स्प्रे करें पनीरी खेत में लगाने के 40-45 दिनों के बाद 20 प्रतिशत बोरोन 1 ग्राम में सूक्ष्म तत्व 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर पानी से स्प्रे करें। फसल में तत्वों की पूर्ति और पैदावार 10-15 प्रतिशत बढ़ाने के लिए 13:00:45 की 10 ग्राम प्रति लीटर पानी की दो स्प्रे करें। पहली स्प्रे 50 दिनों के बाद और दूसरी स्प्रे पहली स्प्रे के 10 दिन बाद करें। जब फूल या फल निकलने का समय हो तो 0:52:34 या 13:0:45 की 5-7 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें। अधिक तापमान होने के कारण फूल गिरने शुरू हो जाते हैं, इसकी रोकथाम के लिए पलैनोफिक्स (एन ए ए) 5 मि.ली. प्रति 10 लीटर पानी की स्प्रे फूल निकलने के समय करें। 20-25 दिन बाद यह स्प्रे दोबारा करें। नदीनों को रोकने, अच्छे विकास और उचित हवा के लिए दो - चार गोडाई करें। काले रंग की पॉलिथीन शीट से पौधों को ढक दें जिससे नदीनों का विकास कम हो जाता है और ज़मीन का तापमान भी बना रहता है। नदीनों को रोकने के लिए पौधे लगाने से पहले मिट्टी में फलूकलोरालिन 800-1000 मि.ली. प्रति एकड़ या ऑक्साडायाज़ोन 400 ग्राम प्रति एकड़ डालें। अच्छे परिणाम के लिए पौधे लगाने से पहले एलाकलोर 2 लीटर प्रति एकड़ की मिट्टी के तल पर स्प्रे करें। गर्मियों में हर 3-4 दिन बाद पानी लगाएं और सर्दियों में 12-15 दिन बाद पानी लगाएं। अधिक पैदावार लेने के लिए सही समय पर पानी लगाना बहुत जरूरी है। फसल को कोहरे वाले दिनों में बचाने के लिए मिट्टी में नमी बनाये रखें और लगातार पानी लगाएं फसल में पानी खड़ा होने से रोकें, क्योंकि बैंगन की फसल खड़े पानी को सहने योग्य नहीं है।
Posted by gurpreet singh
Punjab
21-12-2018 10:01 AM

Maharashtra
12-21-2018 02:20 PM
Posted by Birpal kaur
Punjab
21-12-2018 09:54 AM

Punjab
12-21-2018 07:30 PM
Posted by Karamveer Gujjar
Haryana
21-12-2018 09:51 AM

Punjab
12-24-2018 10:56 AM
Posted by Jashan
Punjab
21-12-2018 09:46 AM

Maharashtra
12-21-2018 02:28 PM
Posted by Niwas kumar
Bihar
21-12-2018 09:20 AM

Uttar Pradesh
12-21-2018 04:29 PM
Posted by vikram singh
Punjab
21-12-2018 09:14 AM

Rajasthan
12-21-2018 04:43 PM
Posted by Davinder singh
Punjab
21-12-2018 09:12 AM

Punjab
12-21-2018 06:05 PM
Posted by vikram singh
Punjab
21-12-2018 09:12 AM

Punjab
12-21-2018 12:16 PM
Posted by Kulwant Batth
Punjab
21-12-2018 08:52 AM

Punjab
12-21-2018 11:45 AM
Posted by vikas patidar
Rajasthan
21-12-2018 08:46 AM
Punjab
12-23-2018 11:01 AM
Posted by ANWAR MOHAMMED
Punjab
21-12-2018 08:41 AM

Punjab
12-21-2018 02:02 PM
Posted by Amandeep singh Dhaliwal 97804 10102
Punjab
21-12-2018 08:39 AM

Haryana
12-21-2018 01:59 PM
Posted by Kirat
Punjab
21-12-2018 08:34 AM

Punjab
12-21-2018 10:34 AM
Posted by Bikram jeet singh
Punjab
21-12-2018 08:29 AM

Punjab
12-21-2018 07:27 PM
Posted by sukhjinder singh
Punjab
21-12-2018 08:28 AM

Haryana
12-21-2018 01:57 PM
Posted by kabal singh
Punjab
21-12-2018 08:23 AM

Haryana
12-21-2018 01:56 PM
Posted by Manjeet Singh
Uttar Pradesh
21-12-2018 08:12 AM

Punjab
12-21-2018 01:53 PM
Posted by Gurmeet Randhawa
Punjab
21-12-2018 08:12 AM

Haryana
12-21-2018 01:52 PM
Posted by sukhdeep Bal
Haryana
21-12-2018 08:10 AM

Punjab
12-21-2018 01:48 PM
Posted by jaspreet singh
Punjab
21-12-2018 08:06 AM

Punjab
12-21-2018 01:51 PM
Posted by ਰਸ਼ਪਿੰਦਰ ਭੁੱਲਰ
Punjab
21-12-2018 07:59 AM

Punjab
12-21-2018 07:26 PM
Posted by Gurpreet Saini
Rajasthan
21-12-2018 07:48 AM

Punjab
12-21-2018 12:26 PM
Posted by malkit singh
Punjab
21-12-2018 06:58 AM

Punjab
12-21-2018 10:43 AM
Posted by kuldeep Dhaliwal
Haryana
21-12-2018 06:40 AM

Punjab
12-24-2018 02:56 AM
Posted by Amit mishra (Dairy & Fisheries)
Uttar Pradesh
20-12-2018 10:53 PM

Punjab
12-21-2018 02:57 PM
Posted by Amit mishra (Dairy & Fisheries)
Uttar Pradesh
20-12-2018 10:52 PM

Punjab
12-21-2018 07:24 PM
Posted by chetan
Rajasthan
20-12-2018 10:31 PM

Maharashtra
12-21-2018 10:35 AM
Posted by Gurtaj bhullar
Punjab
20-12-2018 10:17 PM

Haryana
12-21-2018 11:56 AM
Posted by manjit singh
Punjab
20-12-2018 09:16 PM

Punjab
12-20-2018 10:04 PM
Posted by Karn Brar
Punjab
20-12-2018 08:55 PM

Punjab
12-21-2018 07:22 PM
Posted by ਹਰਮਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਢਿੱਲੋਂ
Punjab
20-12-2018 08:43 PM

Rajasthan
12-20-2018 10:05 PM
Posted by Jatinder Singh Dhaliwal
Punjab
20-12-2018 08:28 PM

Punjab
12-21-2018 07:19 PM
Posted by ਹਰਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Haryana
20-12-2018 08:25 PM

Punjab
12-21-2018 11:36 AM
Posted by Amar jeet
Rajasthan
20-12-2018 08:25 PM

Punjab
12-21-2018 11:58 AM
Posted by harmandeep singh
Punjab
20-12-2018 08:17 PM

Rajasthan
12-20-2018 08:22 PM
Posted by deep
Punjab
20-12-2018 08:10 PM
Punjab
12-24-2018 07:01 AM
Posted by Jashan
Punjab
20-12-2018 07:57 PM

Punjab
12-21-2018 07:18 PM
Posted by JAGDEEP singh
Punjab
20-12-2018 07:03 PM

Punjab
12-21-2018 12:03 PM
Posted by Shubdeep Singh Birring
Punjab
20-12-2018 06:30 PM

Rajasthan
12-21-2018 07:16 PM
Posted by Jashan
Punjab
20-12-2018 06:23 PM

Punjab
12-20-2018 06:30 PM
Posted by Parwinder singh
Punjab
20-12-2018 05:52 PM

Punjab
12-20-2018 06:32 PM
Posted by Puran Singh
Punjab
20-12-2018 05:42 PM

Maharashtra
12-21-2018 12:12 PM
Posted by Ravi Kumar
Punjab
20-12-2018 05:26 PM

Punjab
12-20-2018 06:32 PM
Posted by jitender malik
Haryana
20-12-2018 05:22 PM

Maharashtra
12-21-2018 12:07 PM
Posted by Aman
Punjab
20-12-2018 05:03 PM

Haryana
12-20-2018 05:06 PM
Posted by Rakesh kumar
Punjab
20-12-2018 05:00 PM

Punjab
12-21-2018 07:15 PM
Posted by Rakesh kumar
Punjab
20-12-2018 04:58 PM

Punjab
12-20-2018 06:35 PM
Posted by Umesh kumar
Bihar
20-12-2018 04:35 PM

Punjab
12-20-2018 04:48 PM
Posted by ਨਿਰਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
20-12-2018 04:24 PM

Punjab
12-20-2018 05:05 PM