Posted by manjeet singh
Punjab
28-01-2019 07:11 PM
us nu tuci Metabolite powder di rojana 1 puudi deni suru kro , isde nal tuci Vitum-H liqued 10ml rojana dena suru kro atte tuci Cargil di Transition mix feed deo , iss nal jyada fyada hunda hai , ehna nal duudh ate lewa vdia ho jawega.
Posted by Radheyraman
Uttar Pradesh
28-01-2019 07:07 PM
राधेरमन गलन की रोकथाम के लिए आप copper oxychloride@400gm या M-45@400gm को 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद

Posted by devendra bihone
Madhya Pradesh
28-01-2019 07:06 PM
Gehu mein pani rukne ki problem hai to sulphur pa skte ho eski dose @3 kg per acre hai.Dr. dalal ghol ka aap spray kr skte esko tyar krne liye Urea@2.5kg , DAP@2.5 kg zinc @0.5kg ghol tyaar kr ke iss ki spray kro. DAP ko ikk raat pehle bhio ke rakho or urea zinc ko alag alag ghol ke baad mein enko 100-150 ltr pani mein mix kr ke prati acre spray kro. yeh ghol growth ks kam krta hai.eski spray 35-40 din ki knak upper kr skte ho

Posted by sarbjit Singh
Punjab
28-01-2019 06:37 PM
ਜੇਕਰ ਮੁਰਗੀਆਂ ਦੀ ਉਮਰ 6 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦੀ ਹੋ ਚੁੱਕੀ ਹੈ ਤਾਂ ਹੀ ਅੰਡੇ ਦੇਣਗੀਆਂ ਪਰ ਜੇਕਰ ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਉਮਰ 6 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦੀ ਹੋ ਚੁੱਕੀ ਹੈ ਪਰ ਉਹ ਫਿਰ ਵੀ ਅੰਡੇ ਨਹੀ ਦੇ ਰਹੀ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਨੇੜੇ ਦੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਵਾਲੇ ਮੈਡੀਕਲ ਸਟੋਰ ਤੋਂ EGG FORMULA ਨਾਮ ਦਾ ਪਾਊਡਰ ਲਿਆ ਕੇ ਫੀਡ ਦੇ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਦਿਓ ਇਸ ਨਾਲ ਮੁਰਗੀ ਅੰਡੇ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦੇਣਗੀਆਂ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Ostovet ਕੈਲਸ਼ੀਅਮ ਦਿਓ , ਇਸ ਨੂੰ 15ml ਪ੍ਰਤ.... (Read More)
ਜੇਕਰ ਮੁਰਗੀਆਂ ਦੀ ਉਮਰ 6 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦੀ ਹੋ ਚੁੱਕੀ ਹੈ ਤਾਂ ਹੀ ਅੰਡੇ ਦੇਣਗੀਆਂ ਪਰ ਜੇਕਰ ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਉਮਰ 6 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦੀ ਹੋ ਚੁੱਕੀ ਹੈ ਪਰ ਉਹ ਫਿਰ ਵੀ ਅੰਡੇ ਨਹੀ ਦੇ ਰਹੀ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਨੇੜੇ ਦੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਵਾਲੇ ਮੈਡੀਕਲ ਸਟੋਰ ਤੋਂ EGG FORMULA ਨਾਮ ਦਾ ਪਾਊਡਰ ਲਿਆ ਕੇ ਫੀਡ ਦੇ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਦਿਓ ਇਸ ਨਾਲ ਮੁਰਗੀ ਅੰਡੇ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦੇਣਗੀਆਂ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Ostovet ਕੈਲਸ਼ੀਅਮ ਦਿਓ , ਇਸ ਨੂੰ 15ml ਪ੍ਰਤੀ 100 ਮੁਰਗੀਆਂ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਦਿਓ , ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਲਾਈਟ ਸਵੇਰ ਨੂੰ ਜਲਦੀ ਜਗਾਉ ਅਤੇ ਰਾਤ ਨੂੰ ਲਾਟ ਬੰਦ ਕਰੋ ,ਕਿਉਕਿ ਲਾਈਟ ਨਾ ਜਗਾਣ ਕਰਕੇ ਵੀ ਇਹ ਸਮੱਸਿਆ ਆ ਜਾਂਦੀ ਹੈ..
Posted by प्रवीण चौहान
Madhya Pradesh
28-01-2019 06:29 PM
डेयरी ट्रेनिंग के लिए आप के वी के कस्तूरबाग्राम, इंदौर, पता: Kasturba Gram, Indore, मध्य प्रदेश 452020, फ़ोन: 2874552 से सम्पर्क करें
Posted by Mangat
Punjab
28-01-2019 06:09 PM
पशु को टीका भरवाने के बाद आप Concimax bolus देनी शुरू करें, यह intas कंपनी का प्रोडक्ट है इसकी रोज़ाना एक गोली दें और 14 दिन तक देते रहें इससे पशु के गाभिन रहने में मदद मिलती है
Posted by ashok thakker(बिज उत्पादक समिति सदस्य)
Madhya Pradesh
28-01-2019 05:34 PM
ashok thakker जी अमरुद फटने का कारण ज्यादा सिंचाई होता है इसके लिए आप पौधे को सही मात्रा और सही समय पर पानी दे इसके इलावा आप पौधे पर copper oxychloride@3gm को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Navdeep singh
Punjab
28-01-2019 05:29 PM
Hyola PAC 401 किस्म की पैदावार 6.7 क्विंटल प्रति एकड़ है

Posted by sukhjinder singh
Punjab
28-01-2019 05:12 PM
सुखजिंदर सिंह जी master gold एक फसल booster है जो फसल की ग्रोथ करवाता है, यह फसल की लम्बाई में वृद्धि करती है और जड़ की भी ग्रोथ करती है, इससे उपज में वृद्धि होती है, इसकी मात्रा 100gm को 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद

Posted by kanhaiya lal
Uttar Pradesh
28-01-2019 05:11 PM
kanhaiya lal जी कृपया आप लहसुन की फोटो भेजे ताकी आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके आपके द्वारा भेजी गयी फोटो लहसुन की नहीं है धन्यवाद

Posted by shergill
Punjab
28-01-2019 05:00 PM
भिंडी की बिजाई का समय फरवरी से मार्च है करेला की बिजाई का समय फरवरी से मार्च है और कदू का भी बिजाई का समय फरवरी से मार्च होता है आप इनकी बिजाई कर सकते है
Posted by ਅੰਮ੍ਰਿਤਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
28-01-2019 04:38 PM
डेयरी के लिए NABARD लोन देता है, बैंक कोई भी हो लोन अप्लाई कर सकते है, इसके लिए आपको पशु पालन विभाग से मिलना होगा बाकि आप यह ऑडियो सुनें
Posted by Iqbal Singh
Punjab
28-01-2019 04:32 PM
भिंडी की बिजाई:- फरवरी से मार्च है भिंडी की किस्में:- Punjab suhavani; Punjab 8; Punjab 7 और Punjab Padmani है
Posted by ਅੰਮ੍ਰਿਤਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
28-01-2019 04:24 PM
पशु पालन व्यवसायों के साथ जुड़ा काम आप डेयरी फार्म बना सकते है यह ज़्यादा कामयाब है और अगर दूध से खुद प्रोडक्ट बनाकर बेचेंगे तो फायदा है बड़े स्तर पर डेयरी फार्म शुरू करने के लिए सबसे पहले किसी सफल डेयरी फार्मर की डेयरी पर कुछ दिन तक रहकर इस काम की बारीकियों को जानें क्योंकि कुछ बातों का ज्ञान सिर्फ खुद काम को द.... (Read More)
पशु पालन व्यवसायों के साथ जुड़ा काम आप डेयरी फार्म बना सकते है यह ज़्यादा कामयाब है और अगर दूध से खुद प्रोडक्ट बनाकर बेचेंगे तो फायदा है बड़े स्तर पर डेयरी फार्म शुरू करने के लिए सबसे पहले किसी सफल डेयरी फार्मर की डेयरी पर कुछ दिन तक रहकर इस काम की बारीकियों को जानें क्योंकि कुछ बातों का ज्ञान सिर्फ खुद काम को देखकर ही पता चलता है बाकी कुछ और बातें आपसे शेयर कर रहे हैं आप एक बार में इक्ट्ठी गाय ना खरीदें गायों को 2-2 महीनों के फासले पर खरीदें या फिर 3 पहले खरीदें ओर 3 महीने बाद फिर खरीद लें इससे दूध की कमी नहीं आयेगी पशु की नसल सबसे ज्यादा जरूरी है पशु खरीदने के समय कोशिश करें कि दिन में तीन बार दूध निकालकर ही पशु खरीदें भैंसो का एक दिन का दूध 12 लीटर और गायों को दूध 16-17 लीटर से कम ना हो गाभिनों को खरीदने का सही समय रखड़ियों से लेकर वैशाखी तक का होता है क्योंकि इस समय मौसम अच्छा होने के कारण हरा चारा भी खुला होता है गाभिनों के लिए शैड आवाजाई वाली सड़क पर ना बनायें और शैड सड़क से कम से कम 100 गज दूर हो शैड को धूप और हवा का ध्यान रखकर ही बनायें शैड हमेशा खेत या आस पास से 2 फुट ऊंचा बनायें क्योंकि निचले स्थान पर पानी खड़ा हो जाता है जिस कारण गंदगी पैदा हो जाती है और बाकी पशुओं का मल मूत्र का निकास भी आसानी से हो जाता है पशुओं के लिए बनायी जाने वाली खुरली ढाई तीन फुट चौड़ी होनी चाहिए खुरली पर खड़ने के लिए एक पशु को तकरीबन चार फुट जगह चाहिए मतलब 10 पशुओं के लिए 40 फुट लंबी खुरली बनेगी डेयरी फार्म से संबंधित सामान रखने के लिए स्टोर बनायें पशुओं का वितरण/दाना स्टोर करने के लिए कमरा सैलाब से रहित होना चाहिए शैड का फर्श पक्क, फिसलन रहित और जल्दी साफ होने वाला हो शैड में जितना हो सके पशुओं को खुला छोंड़े और पानी और दाना पूरा डालें पशु को खुला छोड़ने से पशुओं में अफारे की समस्या कम आती है बाकी अपनी आवश्यकता और क्षमता के मुताबिक ही सामान खरीदें और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए प्रत्येक गाभिन का बीमा जरूर करवायें
Posted by tikka singh
Punjab
28-01-2019 04:24 PM
पशुओं के चारे के लिए मक्की की जे-1006 किस्म की बिजाई कर सकते है इसकी बिजाई का समय मार्च के पहले सप्ताह से सितम्बर के मध्य तक है
Posted by ਹਰਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Haryana
28-01-2019 04:20 PM
Harjinder ji Ambala vich tusi Mashroom di training lai Krishi Vigyan Kendra, AmbalaAddress: Village Mithapur, Ambala Enginnering College Road, Ambala, Post Office Saha, Haryana 133104, Phone: 0171 282 2522 ja fir tusi Mr. jai 8882876224 nal samparak kar sakde ho.

Posted by ਅਮਨ ਝੱਜ
Punjab
28-01-2019 04:04 PM
Ess vich Gibberellic acid and micronutrients Ferrous and zinc and magnesium han jo fasal di growth nu increase krda hai.

Posted by manoj
Uttar Pradesh
28-01-2019 04:03 PM
अगर आप अंडे के लिए मुर्गी रखना चाहते हो तो आप BV 300 मुरगी रख सकते है यह 18 हफ्ते की होने के बाद अंडे देना शुरू कर देती है और 80 हफ्ते तक 374 अंडे देती है. ये 374 अंडे पैदा करने के लिए (19 से 80 हफ्ते तक) यह मुरगी कुल 46.6 किलोग्राम दाना (फीड) खाती है और पहले दिन से ले कर 18 हफ्ते तक 5.60 किलोग्राम दाना खाती है. यह मुरगी अंडा देना शुरू करने.... (Read More)
अगर आप अंडे के लिए मुर्गी रखना चाहते हो तो आप BV 300 मुरगी रख सकते है यह 18 हफ्ते की होने के बाद अंडे देना शुरू कर देती है और 80 हफ्ते तक 374 अंडे देती है. ये 374 अंडे पैदा करने के लिए (19 से 80 हफ्ते तक) यह मुरगी कुल 46.6 किलोग्राम दाना (फीड) खाती है और पहले दिन से ले कर 18 हफ्ते तक 5.60 किलोग्राम दाना खाती है. यह मुरगी अंडा देना शुरू करने के बाद 80 हफ्ते तक रोजाना औसतन 111 ग्राम दाना खाती है. पहले दिन से ले कर 18 हफ्ते तक डेप्लेशन यानी मोर्टेलिटी व कलिंग 3-4 फीसदी तक ही होती है और 19 हफ्ते से 80 हफ्ते तक डेप्लेशन 7 फीसदी तक होता है. वेनकोब्ब 400 ब्रायलर दुनिया में जानीमानी कमर्शियल ब्रायलर की उम्दा स्ट्रेन (नस्ल) है. यह हमारे देश के सभी हिस्सों में अच्छे नतीजे देती है. ज्यादा गरमी और ठंड या बरसात के मौसम में इस स्ट्रेन में मोर्टेलिटी बहुत कम होती है और बढ़वार अच्छी होती है. बड़े पैमाने पर ब्रायलर फार्मिंग करने वाले किसान वेनकोब्ब 400 ब्रायलर को ही पालना पसंद करते हैं. वेनकोब्ब 400 ब्रायलर स्ट्रेन 35 दिनों में तकरीबन 3 किलोग्राम फीड खा कर 2 किलोग्राम तक यानी 1900-2000 ग्राम तक वजन हासिल करने की कूवत रखती है. फार्म पर मैनेजमेंट अच्छा हो तो 35 दिनों में केवल 2.75 फीसदी की मौत दर देखी गई है. कमर्शियल लेयर (अंडे देने वाली मुरगी) को केज और डीपलिटर सिस्टम और कमर्शियल ब्रायलर को केवल डीपलिटर सिस्टम से पालते हैं. मुरगी पालने के शेड हमेशा साइंटिफिक स्टैंडर्ड के मुताबिक ही बनाने चाहिए. अगर आप ने पोल्ट्री शेड गलत दिशा और गलत तरीके से बना दिया है, तो आप का सारा पैसा बरबाद होगा ही और गलत तरीके से बनाए गए शेड में आप मुरगी से उस की कूवत के मुताबिक उत्पादन नहीं ले पाएंगे. गलत बने शेड में मुरगियों की मौतें भी ज्यादा होती हैं. मुरगियों को जंगली जानवरों, कुत्ते व बिल्ली वगैरह से बचाने के लिए शेड की चैन लिंक (जाली) अच्छी क्वालिटी की होनी चाहिए. सर्दी के मौसम में शेड को गरम रखने और गरमी के मौसम में शेड को ठंडा रखने के लिए कूलर, पंखे, फागर वगैरह का भी इंतजाम रखें. शेड को थोड़ी ऊंचाई पर बनाएं जिस से बरसात का पानी शेड के अंदर नहीं घुसे. शेड के अंदर गरमीसर्दी के असर को कम करने के लिए शेड की छत पर 6 इंच मोटा थैच (घासफूस का छप्पर) डाल देना चाहिए. पर थैच को आग से बचाने के लिए शेड की छत पर स्प्रिंकलर लगा देना चाहिए ताकि जरूरत पड़ने पर उसे चलाया जा सके. शेड की छत पर थैच डालने पर गरमी के मौसम में शेड के अंदर 7-10 डिगरी तापमान कम हो जाता है. सर्दी के मौसम में भी थैच शेड के अंदर का तापमान ज्यादा नीचे तक नहीं जाने देता है. चिकन मीट और अंडा उत्पादन के कुल खर्च का 60 से 70 फीसदी दाने पर खर्च होता है. इसलिए दाने की क्वालिटी एकदम अच्छी होनी चाहिए. पोल्ट्री फीड उम्र, स्ट्रेन, मौसम, प्रोडक्शन स्टेज, फीडिंग मैनेजमेंट वगैरह के पैमाने पर खरा उतारना चाहिए. पोल्ट्री फीड संतुलित नहीं है तो मुरगी कम अंडे पैदा करेगी और पोषक तत्त्व और विटामिन की कमी से होने वाली बीमारियां भी मुरगियों को होने लगेंगी, जैसे फैटी लिवर सिंड्रोम, पेरोसिस, डर्मेटाइटिस, रिकेट्स, कर्लटाय पेरालिसिस वगैरह. अंडे देने वाली मुरगी को लगातार अंडे देने के लिए 2500 से 2650 किलोग्राम कैलोरी वाले फीड की जरूरत होती है, उम्र और अंडे के वजन के मुताबिक ही फीड की कैलोरी तय की जाती है. 1 से 7 हफ्ते के चूजे को 2900 किलोग्राम कैलोरी का फीड, जबकि ग्रोवर को 2800 किलोग्राम कैलोरी का फीड देना चाहिए. मुरगी दाने और फीड बनाने वाले इंग्रेडिएंट (मक्का वगैरह) में नमी कभी भी 10-11 फीसदी से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. अगर मक्के में नमी ज्यादा होती है, तो फंगस लग सकता है और फंगस लगा मक्का फीड में इस्तेमाल करने से उस में अफ्लाटाक्सिन (एक प्रकार का जहर) की मात्रा बढ़ जाएगी, जो मुरगी की इम्युनिटी (बीमारी झेलने की कूवत) को कमजोर कर देगी और मुरगी जल्द ही बीमारी की चपेट में आ जाएगी. बेहतर होगा कि पोल्ट्री फीड प्राइवेट कंपनी से खरीदा जाए ताकि फीड से जुड़ी किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके

Posted by amar Singh
Punjab
28-01-2019 04:00 PM
Amar Singh Dairy Training lai tusi Deputy Director, Dairy, Distt. Administrative Complex , Block No. A Room No. 3-4, 1st Floor Ferozepur Cantt. Sh. Randeep Kumar 78272-60001 01632-244304 to sakde ho ja fir tusi dairy training lai Guru Angad Dev Veterinary and Animal Sciences University Address: 20, Ludhiana Road, A Block, Aggar Nagar, Ludhiana, Punjab 141012, Phone: 0161 255 3394 nal vi samparak kar sakde ho. training form tuhanu answer nal bhej dita gea hai.

Posted by ਜਗਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
28-01-2019 03:57 PM
Jagjit singh ji is same feed machine te koi vi subsidy nai chal rahi, Thankyou.

Posted by lali Bachhal
Haryana
28-01-2019 03:40 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Buffzon powder 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ , ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Mummidium powder 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ , milkout 2-2 ਚਮਚ ਸਵੇਰ-ਸ਼ਾਮ ਅਤੇ ਮਿੱਠਾ ਸੋਡਾ 25gm ਰੋਜ਼ਾਨਾ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ ..

Posted by shpinder
Punjab
28-01-2019 03:35 PM
गोबर गैस पर सब्सिडी के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप अमरीक सिंह जी से 9814221784 सम्पर्क कर सकते है
Posted by ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
28-01-2019 03:24 PM
हरप्रीत जी डेयरी फार्म शुरू करने के लिए KVK Bathinda Phone 0164-2215619 (Working Hours Mon-Fri: 09.00 AM - 05.00PM) या Deputy Director, Dairy,Room No. 302-E, 2nd Floor, New Building, Mini Sectt. Bathinda. Sh. Jarnail Singh 93563-80778 0164-2240645 फिर से संपर्क कर सकते है

Posted by Balraj Aulakh
Punjab
28-01-2019 03:04 PM
बलराज जी फ्लैहरी के लिए आप STIM-VET ZMC टीके लगवाएं 1ml यह 50 किलो वज़न के हिसाब से लगता है मान लीजिये यदि वज़न 200kg है फिर 4ml करें, यह ऊपर की चमड़ी में लगेगा
Posted by Dimple kumar
Punjab
28-01-2019 03:02 PM
Dimple kumar ji isdi bijaai march de dooje pandrvada vich kiti jandi hai. isdi bijaai lyi 40-50 kilo beej prti acre de hisaab nal vrtya janda hai. atey isdi tudaai 40-50 dinan baad kr skde han..dhanwad

Posted by Bhim Sain Sihag
Haryana
28-01-2019 02:52 PM
Bhim Sain JI LOAN lene ke lia sab se pehle aap ke pass dairy training hona jruri hai, training ke baar aap ake najdiki bank jaha bhi aap ka a/c hai hai vaha pe aap loan ke lia aply kar sakte hai. training ke lia aap apne jile ke KVK Sirsa (Krishi Vigyan Kendra) Address: Officer Quarters, Sirsa, Haryana 125055, Phone: 0166 622 1147 se samparak kar sakte hai.
Posted by ravinderjit
Punjab
28-01-2019 02:48 PM
tuci ohna nu Flukrid-Ds bolus deo , iss nal pett de kiire khtam ho jange , isde nal tuci Vitakind-Liv liqued 100ml rojana dena suru kro ate mitha soda rojana 1 chamach dena suru kro , iss nal farak paa jawega.

Posted by Sukhpreet
Punjab
28-01-2019 02:44 PM
Aloo de vadhe de lyi gibberellic acid@250ml ja triacontanol@250ml ja Hoshi@400ml ja oswal da jalwa@300ml nu 150ltr pani de nal mila ke prati acre de hisaab nal spray kro.. aloo di growth ho jawegi.

Posted by अनिल कासनियां
Haryana
28-01-2019 02:43 PM
अनिल जी गेंहू में मैंगनीज की कमी के कारण पत्तों ऐसे हो रहे है इसके लिए आप गेंहू के ऊपर एक किल्लो मैंगनीज सल्फेट को 150 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by ਗੋਰਾ ਸਿੱਧੂ
Punjab
28-01-2019 02:39 PM
सबसे पहले कुछ बातों का ध्यान रखें कि पशु का दूध निकालने के बाद तुरंत बैठने न दें, जब भी कभी मस्टाइटस कि बीमारी दिखाई दे तो मीठा सोडा तुरंत देना शुरू करें, ग्राम मीठा सोडा देने से शुरूआती अवस्था की मस्टाइटस पर कण्ट्रोल किया जा सकता है, बाकि का बढ़े स्तर पर अज़माया हुआ तरीका, आप इसका प्रयोग सबसे पहले आप एलोवेरा की .... (Read More)
सबसे पहले कुछ बातों का ध्यान रखें कि पशु का दूध निकालने के बाद तुरंत बैठने न दें, जब भी कभी मस्टाइटस कि बीमारी दिखाई दे तो मीठा सोडा तुरंत देना शुरू करें, ग्राम मीठा सोडा देने से शुरूआती अवस्था की मस्टाइटस पर कण्ट्रोल किया जा सकता है, बाकि का बढ़े स्तर पर अज़माया हुआ तरीका, आप इसका प्रयोग सबसे पहले आप एलोवेरा की एक पत्ती लगभग 250 ग्राम जड़ से काट लें सफेद लाइन के नीचे से काट लें पर ध्यान रखें कि उसकी जैल नीचे ना गिरे इसलिए तुरंत उसे काटकर उलटा कर लें उसके बाद उसे काटकर छोटे छोटे टुकड़े करके मिक्सी में डाल लें उसमें 50 ग्राम घरेलु हल्दी डाल दें और साथ ही 15 ग्राम चूना उसमें डाल लें अब इसे मिक्सी में मिक्स कर लें मिक्स होने के बाद यह ईंट के रंग जैसा लाल हो जायेगा उसके बाद इसमें थोड़ा सा 2-3 चम्मच अलग बर्तन में निकाल लें और बाकी फ्रिज में रख लें जो अलग निकाला हुआ होगा 2-3 चम्मच उसमें थोड़ा सा पानी घोल लें फिर जिस पशु के लेवे पर लगाना है उसे अच्छी तरह धोकर साफ कर लें उसके बाद लेवे के चारों ओर मालिश करें जो रात को मालिश करनी है उसमें थोड़ा सा सरसों का तेल भी मिक्स कर सकते हैं जिससे सारी रात इसका असर रहेगा हर रोज़ नया इसी तरह ही तैयार करना है 5-6 दिन लगातार इस तरह से मालिश करने से थनैला रोग ठीक हो जाये तो यदि धार सख्त हे तो भी इससे ठीक हो जायेगी बाकी यदि तंदरूस्त पशु के भी सप्ताह में दो – तीन दिन इस तरह से मालिश करते रहेंगे तो थनों की समस्या आयेगी ही नहीं
Posted by ਗੋਰਾ ਸਿੱਧੂ
Punjab
28-01-2019 02:38 PM
सबसे पहले कुछ बातों का ध्यान रखें कि पशु का दूध निकालने के बाद तुरंत बैठने न दें, जब भी कभी मस्टाइटस कि बीमारी दिखाई दे तो मीठा सोडा तुरंत देना शुरू करें, ग्राम मीठा सोडा देने से शुरूआती अवस्था की मस्टाइटस पर कण्ट्रोल किया जा सकता है, बाकि का बढ़े स्तर पर अज़माया हुआ तरीका, आप इसका प्रयोग सबसे पहले आप एलोवेरा की .... (Read More)
सबसे पहले कुछ बातों का ध्यान रखें कि पशु का दूध निकालने के बाद तुरंत बैठने न दें, जब भी कभी मस्टाइटस कि बीमारी दिखाई दे तो मीठा सोडा तुरंत देना शुरू करें, ग्राम मीठा सोडा देने से शुरूआती अवस्था की मस्टाइटस पर कण्ट्रोल किया जा सकता है, बाकि का बढ़े स्तर पर अज़माया हुआ तरीका, आप इसका प्रयोग सबसे पहले आप एलोवेरा की एक पत्ती लगभग 250 ग्राम जड़ से काट लें सफेद लाइन के नीचे से काट लें पर ध्यान रखें कि उसकी जैल नीचे ना गिरे इसलिए तुरंत उसे काटकर उलटा कर लें उसके बाद उसे काटकर छोटे छोटे टुकड़े करके मिक्सी में डाल लें उसमें 50 ग्राम घरेलु हल्दी डाल दें और साथ ही 15 ग्राम चूना उसमें डाल लें अब इसे मिक्सी में मिक्स कर लें मिक्स होने के बाद यह ईंट के रंग जैसा लाल हो जायेगा उसके बाद इसमें थोड़ा सा 2-3 चम्मच अलग बर्तन में निकाल लें और बाकी फ्रिज में रख लें जो अलग निकाला हुआ होगा 2-3 चम्मच उसमें थोड़ा सा पानी घोल लें फिर जिस पशु के लेवे पर लगाना है उसे अच्छी तरह धोकर साफ कर लें उसके बाद लेवे के चारों ओर मालिश करें जो रात को मालिश करनी है उसमें थोड़ा सा सरसों का तेल भी मिक्स कर सकते हैं जिससे सारी रात इसका असर रहेगा हर रोज़ नया इसी तरह ही तैयार करना है 5-6 दिन लगातार इस तरह से मालिश करने से थनैला रोग ठीक हो जाये तो यदि धार सख्त हे तो भी इससे ठीक हो जायेगी बाकी यदि तंदरूस्त पशु के भी सप्ताह में दो – तीन दिन इस तरह से मालिश करते रहेंगे तो थनों की समस्या आयेगी ही नहीं
Posted by lovepreet singh
Haryana
28-01-2019 02:21 PM
lovepreet singh ji tusi eh audio suno tohanu vadiya tareeke nal dasye geya hai ji.

Posted by Gurwinder Singh
Punjab
28-01-2019 02:11 PM
Gurwinder Singh ji Murgi farm kholan to pehla tusi is di taining jrur lao ta jo tusi murgi palan bare visthar vich jankari hasal kar vadh munafa le sako. training lai tusi Krishi Vigyan Kendra, Kheri , Sangrur Address: National Highway 71, Punjab 148001,Phone: 0161 240 1960 ja fir Guru Angad Dev Veterinary and Animal Sciences University Ludhiana Address: 20, Ludhiana Road, A Block, Aggar Nagar, Ludhiana, Punjab 141012 to le sakde ho. training lai farm tuhanu answer nal bhej dita gea hai. chuje len lai tusi 7889239583 (GADVASU,Ludhiana) nal samparak kar sakde ho.
Posted by Amarjit Singh
Punjab
28-01-2019 01:54 PM
Amarjit Singh ji Apni Kheti App par sirf unhi cities ke mandi rate aate hai, jo sarkar dwara nirdharit kiye jaatein hai.dhanywad

Posted by Gurwinder Singh
Punjab
28-01-2019 01:52 PM
सबसे पहले कुछ बातों का ध्यान रखें कि पशु का दूध निकालने के बाद तुरंत बैठने न दें, जब भी कभी मस्टाइटस कि बीमारी दिखाई दे तो मीठा सोडा तुरंत देना शुरू करें, ग्राम मीठा सोडा देने से शुरूआती अवस्था की मस्टाइटस पर कण्ट्रोल किया जा सकता है, बाकि का बढ़े स्तर पर अज़माया हुआ तरीका, आप इसका प्रयोग सबसे पहले आप एलोवेरा की .... (Read More)
सबसे पहले कुछ बातों का ध्यान रखें कि पशु का दूध निकालने के बाद तुरंत बैठने न दें, जब भी कभी मस्टाइटस कि बीमारी दिखाई दे तो मीठा सोडा तुरंत देना शुरू करें, ग्राम मीठा सोडा देने से शुरूआती अवस्था की मस्टाइटस पर कण्ट्रोल किया जा सकता है, बाकि का बढ़े स्तर पर अज़माया हुआ तरीका, आप इसका प्रयोग सबसे पहले आप एलोवेरा की एक पत्ती लगभग 250 ग्राम जड़ से काट लें सफेद लाइन के नीचे से काट लें पर ध्यान रखें कि उसकी जैल नीचे ना गिरे इसलिए तुरंत उसे काटकर उलटा कर लें उसके बाद उसे काटकर छोटे छोटे टुकड़े करके मिक्सी में डाल लें उसमें 50 ग्राम घरेलु हल्दी डाल दें और साथ ही 15 ग्राम चूना उसमें डाल लें अब इसे मिक्सी में मिक्स कर लें मिक्स होने के बाद यह ईंट के रंग जैसा लाल हो जायेगा उसके बाद इसमें थोड़ा सा 2-3 चम्मच अलग बर्तन में निकाल लें और बाकी फ्रिज में रख लें जो अलग निकाला हुआ होगा 2-3 चम्मच उसमें थोड़ा सा पानी घोल लें फिर जिस पशु के लेवे पर लगाना है उसे अच्छी तरह धोकर साफ कर लें उसके बाद लेवे के चारों ओर मालिश करें जो रात को मालिश करनी है उसमें थोड़ा सा सरसों का तेल भी मिक्स कर सकते हैं जिससे सारी रात इसका असर रहेगा हर रोज़ नया इसी तरह ही तैयार करना है 5-6 दिन लगातार इस तरह से मालिश करने से थनैला रोग ठीक हो जाये तो यदि धार सख्त हे तो भी इससे ठीक हो जायेगी बाकी यदि तंदरूस्त पशु के भी सप्ताह में दो – तीन दिन इस तरह से मालिश करते रहेंगे तो थनों की समस्या आयेगी ही नहीं
Posted by Ramnarayan
Madhya Pradesh
28-01-2019 01:25 PM
Ramnarayan ji app bhains ko Agrimin super powder 100gm rojana dena suru kren, iske sath app OK bolus dwai deni suru kren , rojana 1 goli denn aur 21 din tak dete rehe, isse heet mai aa jayegi aur harmons ki smasiya v thik ho jayegai

Posted by vinayshukla
Uttar Pradesh
28-01-2019 01:21 PM
vinayshukla जी इसे मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में :-Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयोग्य कि.... (Read More)
vinayshukla जी इसे मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में :-Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयोग्य किस्म है यह उच्च घनत्व में रोपाई के लिए लाभदायक है Pusa Giant: इस किस्म के पौधे तेज हवा को सहनेयोग्य है यह बड़े फलों का उत्पादन करती है यह पैकिंग के लिए उपयुक्त किस्म है CO 3: इसके फल बड़े आकार के और अंडाकार होते हैं इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है CO 1: यह छोटे कद की किस्म है जिसके फल मध्यम आकार के होते हैं फल गोलाकार, नर्म हरा-पीला छिल्का और संतरी पीले रंग का गुद्दा होता है फल रसदार होता है और इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है Coorg Honey Dew: इसे सीधे तौर पर खाने के लिए और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है इसके फल आयताकार और गुद्दा मोटा संतरी रंग का होता है Pusa Majesty: इसके फल मध्यम आकार के, गोल होते हैं इन्हें रखने की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है यह किस्म 146 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह किस्म जड़ गलन निमाटोड के प्रतिरोधक किस्म है Pusa Delicious: यह मध्यम लंबी किस्म है इसके फल मध्यम आकार के होते हैं, गुद्दा गहरे संतरी रंग का होता है इस किस्म को कतारों में लगाने के लिए प्रयोग किया जाता है पपीते की खेती के लिए नदीन रहित भूमि का प्रयोग करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर मिट्टी में अच्छी तरह मिलाकर डालें सिफारिश किए गए फासलों पर 1 मीटर x 1 मीटर x 1 मीटर आकार के गड्ढे खोदें गड्ढों को मिट्टी और रूड़ी की खाद या गाय के गले हुए गोबर से भरें प्रयोग की गई किस्म के आधार पर प्रत्येक गड्ढे पर 2-4 नए पौधों की रोपाई करें रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें हवा से बचाव के लिए खूंटा लगाएं बीजों को 150 गेज़ की मोटाई वाले, 25 x 10 सैं.मी. के पॉलीथीन बैग में बोयें पानी के उचित निकास के लिए पॉलीथीन बैग के निचले हिस्से में 1 मि.मी. अर्द्धव्यास का छेद करें उसके बाद पॉलीथीन बैग में समान अनुपात में रूड़ी की खाद, मिट्टी और रेत डालें बिजाई से पहले बीजों का उपचार करें रोपाई के लिए 6-7 सप्ताह के पौधों का प्रयोग करें यूरिया 150 ग्राम, फासफोरस 80 ग्राम, पोटाश 100 ग्राम प्रति वृक्ष में प्रति वर्ष डालें खादों को 4 भागों में बांटकर रोपाई के बाद पहले, तीसरे, पांचवे और सातवें महीने में डालें बसंत के मौसम में फरवरी मार्च के महीने में बिजाई करें जबकि मॉनसून के मौसम में बिजाई के लिए जून जुलाई का महीना उपयुक्त होता है और पतझड़ के मौसम में बिजाई अक्तूबर से नवंबर महीने में की जाती है आमतौर पर 1.8 मीटर x 1.8 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है उच्च घनता की रोपाई के लिए 1.5 मीटर x 1.5 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है नर्सरी में बीज को 1 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बीजो की खेत में सीधे बिजाई या मुख्य खेत में नए पौधों की रोपाई की जाती है 100-120 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें मिट्टी की किस्म, जलवायु के हालातों आदि के आधार पर सिंचाई करें सर्दियों में 15 दिनों के अंतराल पर और गर्मियों में 7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें तने को पानी के संपर्क में ना आने दें और खेत में पानी भी खड़ा ना होने दें पौधे की प्रौढ़ अवस्था के दौरान नदीनों की रोकथाम जरूरी होती है नदीनों की तीव्रता के आधार पर, नियमित और हल्की गोडाई करें फ्लूक्लोरालिन या बूटाक्लोर 800 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें नदीनों की रोकथाम के लिए मलचिंग भी एक प्रभावी तरीका है पौधों की रोपाई के कुछ दिनों बाद प्लास्टिक शीट या धान की पराली या गन्ने के बचे कुचे को मलच के रूप में डालें मुख्यत: फल के पूरा आकार लेने और हरे से हल्का पीला रंग होने पर तुड़ाई की जाती है पहली तुड़ाई रोपाई के 14-15 महीनों के बाद की जा सकती है 4-5 तुड़ाइयां प्रति मौसम की जा सकती हैं धन्यवाद

Posted by gurjeet singh
Punjab
28-01-2019 01:18 PM
ਗੁਰਜੀਤ ਜੀ ਕਟਹਲ ਦੀ ਫਸਲ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 7 ਸਾਲ ਦੇ ਬਾਅਦ ਤੁੜਾਈ ਦੇ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਕਲਮ ਵਾਲੇ ਪੌਦੇ 4 ਸਾਲ ਵਿੱਚ ਉਪਜ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁ੍ਰੂ ਕਰਦੇ ਹਨ ਫੁੱਲ ਨਿਕਲਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 3 ਤੋਂ 8 ਮਹੀਨੇ ਦੇ ਫਲ ਤੁੜਾਈ ਦੇ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਫਲ ਦਾ ਹਰੇ ਤੋਂ ਹਲਕਾ ਪੀਲਾ ਹੋਣ ਤੇ ਤੁੜਾਈ ਦੇ ਲਈ ਉਚਿਤ ਸਮਾਂ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਕਿਸਮ ਦੇ ਆਧਾਰ ਤੇ ਇੱਕ ਫਲ ਦਾ ਭਾਰ 3-15 ਕਿਲੋ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇੱਕ ਏਕੜ ਤੋਂ 20-32 ਟਨ .... (Read More)
ਗੁਰਜੀਤ ਜੀ ਕਟਹਲ ਦੀ ਫਸਲ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 7 ਸਾਲ ਦੇ ਬਾਅਦ ਤੁੜਾਈ ਦੇ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਕਲਮ ਵਾਲੇ ਪੌਦੇ 4 ਸਾਲ ਵਿੱਚ ਉਪਜ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁ੍ਰੂ ਕਰਦੇ ਹਨ ਫੁੱਲ ਨਿਕਲਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 3 ਤੋਂ 8 ਮਹੀਨੇ ਦੇ ਫਲ ਤੁੜਾਈ ਦੇ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਫਲ ਦਾ ਹਰੇ ਤੋਂ ਹਲਕਾ ਪੀਲਾ ਹੋਣ ਤੇ ਤੁੜਾਈ ਦੇ ਲਈ ਉਚਿਤ ਸਮਾਂ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਕਿਸਮ ਦੇ ਆਧਾਰ ਤੇ ਇੱਕ ਫਲ ਦਾ ਭਾਰ 3-15 ਕਿਲੋ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇੱਕ ਏਕੜ ਤੋਂ 20-32 ਟਨ ਔਸਤਨ ਉਪਜ ਪ੍ਰਾਪਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by kanchan lal
Rajasthan
28-01-2019 01:17 PM
kanchan lal जी किस्म के आधार पर गेंदा 2 से 2.5 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं गुलदाऊदी मे मुख्य रूप से रोपाई के 5-6 महीने बाद फूल निकलना शुरू होते हैं इस से पहले इनके फूल नहीं आते फसल अपना समय लेकर ही पैदावार देती है धन्यवाद

Posted by JAGDEEP singh
Punjab
28-01-2019 01:13 PM
Jagdeep singh ji 1855 ik hybrid kisam hai isda jhaad lagbhag 30-32 quintal prati acre hunda hai.dhanwad

Posted by Aashish beniwal
Rajasthan
28-01-2019 12:39 PM
Knak da yield 23-25 quiental per acre average tkk aounda hai

Posted by Aashish beniwal
Rajasthan
28-01-2019 12:37 PM
Aashish beniwal ji earth worms ko khet men direct nahi choda jata inhe vermi compost bnane ke liye paala jata hai. fir vermicompost ko khet men daala jata hai.dhanywad

Posted by Sukhwinder Singh
Punjab
28-01-2019 12:31 PM
Sukhwinder Singh ji Barseem de futare de layi tuc hoshi@400ml ja Oswal da jalwa@300ml nu 150 litre pani vich mila ke prati acre de hisab nal spray karo. isde nal barseem di growth ho jayege.dhanwad

Posted by Vishal kamboj
Punjab
28-01-2019 12:23 PM
ਕਣਕ ਵਿਚ ਚੌੜੀ ਪੱਤੀ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ :
2, 4 ਡੀ ਦਵਾਈ ਦਾ ਛਿੜਕਾਅ ਉਦੋਂ ਕਰੋ ਜਦ ਕਣਕ ਨੇ ਪੂਰਾ ਬੂਝਾ ਮਾਰ ਲਿਆ ਹੋਵੇ ਇਹ ਦਵਾਈ ਸੁਕੀ 2, 4 ਡੀ (ਸੋਡੀਅਮ ਸਾਲਟ) ਅਤੇ ਤਰਲ 2, 4 ਡੀ (ਐਸਟਰ) ਦੇ ਰੂਪ ਵਿਚ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਕਿਸੇ ਇਕ ਦਾ ਪ੍ਰਯੋਗ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਜਾਂ 250 ਮਿ.ਲੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਕਰੋ ਇਸ ਨਦੀਨ ਨਾਸ਼ਕ ਦਵਾਈ ਦਾ ਛਿੜਕਾਅ ਅਗੇਤੀ ਬੀਜੀ ਕਣਕ ਉੱਪਰ 35-45 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਅੰਦਰ ਅਤੇ ਪਛੇਤੀ ਬੀਜੀ ਕਣਕ .... (Read More)
ਕਣਕ ਵਿਚ ਚੌੜੀ ਪੱਤੀ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ :
2, 4 ਡੀ ਦਵਾਈ ਦਾ ਛਿੜਕਾਅ ਉਦੋਂ ਕਰੋ ਜਦ ਕਣਕ ਨੇ ਪੂਰਾ ਬੂਝਾ ਮਾਰ ਲਿਆ ਹੋਵੇ ਇਹ ਦਵਾਈ ਸੁਕੀ 2, 4 ਡੀ (ਸੋਡੀਅਮ ਸਾਲਟ) ਅਤੇ ਤਰਲ 2, 4 ਡੀ (ਐਸਟਰ) ਦੇ ਰੂਪ ਵਿਚ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਕਿਸੇ ਇਕ ਦਾ ਪ੍ਰਯੋਗ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਜਾਂ 250 ਮਿ.ਲੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਕਰੋ ਇਸ ਨਦੀਨ ਨਾਸ਼ਕ ਦਵਾਈ ਦਾ ਛਿੜਕਾਅ ਅਗੇਤੀ ਬੀਜੀ ਕਣਕ ਉੱਪਰ 35-45 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਅੰਦਰ ਅਤੇ ਪਛੇਤੀ ਬੀਜੀ ਕਣਕ ਉੱਪਰ 45-55 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਅੰਦਰ-ਅੰਦਰ ਹੀ ਕਰੋ ਜੇ ਕਣਕ ਵਿਚ ਰਾਇਆ ਜਾਂ ਸਰ੍ਹੋਂ ਦੀਆਂ ਆਡਾਂ ਕੱਢੀਆਂ ਹੋਣ ਤਾਂ 2, 4 ਡੀ ਦਾ ਛਿੜਕਾਅ ਨਾ ਕਰੋ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਖੇਤਾਂ ਵਿਚ ਕੰਡਿਆਲੀ ਪਾਲਕ ਦੀ ਬਹੁਤਾਤ ਹੋਵੇ ਉੱਥੇ ਸਿਰਫ਼ ਐਲਗ੍ਰਿਪ ਦਵਾਈ 10 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ 100 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਘੋਲ ਕੇ ਇਕਸਾਰ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰੋ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨ ਬਟਨ ਬੂਟੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਏਮ/ ਅਫਨਿਟੀ (ਕਾਰਫੈਨਟਰ-ਾਜ਼ੋਨ-ਈਥਾਈਲ 40 ਡੀ ਐਫ) 20 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਨੂੰ 200 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਘੋਲ ਕੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰੋ ਨਦੀਨ ਨਾਸ਼ਕਾਂ ਦਾ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰਨ ਲਈ ਸਿਰਫ਼ ਕੱਟ ਵਾਲੀ ਨੋਜ਼ਲ ਹੀ ਵਰਤੋ ਅਤੇ ਛਿੜਕਾਅ ਸਵੇਰੇ ਜਾਂ ਸ਼ਾਮ ਨੂੰ ਹੀ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ ਨਦੀਨ ਨਾਸ਼ਕਾਂ ਦਾ ਛਿੜਕਾਅ ਅਦਲ-ਬਦਲ ਕੇ ਕਰੋ ਤਾਂ ਕਿ ਨਦੀਨਾਂ ਵਿਚ ਨਦੀਨ ਨਾਸ਼ਕਾਂ ਪ੍ਰਤੀ ਸਹਿਣ-ਸ਼ਕਤੀ ਨਾ ਪੈਦਾ ਹੋ ਜਾਵੇ

Posted by Kapil Mishra
Uttar Pradesh
28-01-2019 12:18 PM
Kapil Mishra ji is ke bare me puri jankari, chuje or pinjre lene ke lia aap Sumit Kumar 8006000291 7906547529 se samparak kare.
Posted by Ramnarayan
Madhya Pradesh
28-01-2019 12:02 PM
जी आप इन सभी को पिसाकर बच्चे को दे सकते है इसके साथ उसके शरीर की अच्छी ग्रोथ होगी और जल्दी भार बढ़ जाएगा बाकि आप उसकी डीवार्मिंग का पूरा ध्यान रखें यदि इन चीज़ों को आप 2 महीने के ऊपर वाले बछड़े को दें और उसे चारे में मिलाकर उसके खाने के हिसाब से दे सकते है

Posted by Gurpreet
Punjab
28-01-2019 11:10 AM
Gobar gas plant bare puri jankari lai tusi Amrik Singh 9814221784 nal samparak kar sakde ho.
Posted by bhupinder chhina
Punjab
28-01-2019 11:08 AM
ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ Agrimin super ਪਾਊਡਰ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ , ਇਸ ਨੂੰ ਰੋਜਾਨਾ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਦਿਓ , ਅਤੇ Minotas ਦਵਾਈ ਦੀਆ ਗੋਲੀਆਂ ਵੀ ਦਿਓ , ਇਸਦੀ ਰੋਜਾਨਾ 1 ਗੋਲੀ ਦੇਣੀ ਹੈ , ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਵੇਗੀ
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