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Posted by Lalit Choudhary
Haryana
08-03-2019 02:06 PM
Punjab
03-12-2019 06:46 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सी.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज़्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Posted by harmandeep singh
Punjab
08-03-2019 02:01 PM
Punjab
03-09-2019 05:00 PM
ਇਹ ਘਣ ਮੀਟਰ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਲੱਗਦਾ ਹੈ ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ 2 ਘਣ ਮੀਟਰ, 4 ਤੇ 6 ਘਣ ਮੀਟਰ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ 4 ਘਣ ਮੀਟਰ ਵਾਲਾ ਹੀ ਆਮ ਲੱਗਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਲਈ 15 X 13 ਫੁੱਟ ਜਗਾਂ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਪਵੇਗੀ
Posted by Jaskaranbir Sandhu
Punjab
08-03-2019 01:55 PM
Maharashtra
03-08-2019 03:24 PM
जसकरनबीर जी इसे मिट्टी की विभिन्न श्रेणियों में अच्छे से उगाया जा सकता है पर यह अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी जिसमें जैविक तत्व अच्छी मात्रा में हो, में उगाया जाये तो अच्छे परिणाम देती है मिट्टी की पी एच 5.5-7 होनी चाहिए रंग के आधार पर इसकी तीन किस्में हैं: 1) लाल छिल्के वाले फल के साथ सफेद गुद्दा 2) लाल छिल्के .... (Read More)
जसकरनबीर जी इसे मिट्टी की विभिन्न श्रेणियों में अच्छे से उगाया जा सकता है पर यह अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी जिसमें जैविक तत्व अच्छी मात्रा में हो, में उगाया जाये तो अच्छे परिणाम देती है मिट्टी की पी एच 5.5-7 होनी चाहिए रंग के आधार पर इसकी तीन किस्में हैं: 1) लाल छिल्के वाले फल के साथ सफेद गुद्दा 2) लाल छिल्के वाले फल के साथ लाल गुद्दा 3) पीले छिल्के वाले फल के साथ सफेद गुद्दा ड्रैगन फल की खेती के लिए मिट्टी भुरभुरी और अच्छी तरह से जोती गई हो खेत की तैयारी के समय अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर या अच्छी मात्रा में जैविक पदार्थ डालें एक बार खेती के बाद, यह उसी खेत में 15-20 वर्षों तक रहती है इसलिए अच्छे से खेत तैयार करें यह बेल की तरह उगती है इसलिए इसे सहारे के लिए गोल आकार के फ्रेम की जरूरत होती है खंभो का प्रयोग करें क्योंकि वो मजबूत और ज्यादा देर तक चलते हैं मैटल के फ्रेम प्रयोग ना करें क्योंकि वे गर्म होकर पौधे को भी नुकसान पहुंचाते हैं बिजाई का समय इसकी खेती पूरे वर्ष में की जा सकती है फासला रोपाई बड़े फासले की बजाय छोटे फासले पर करें छोटे फासले पर की गई बिजाई उच्च उपज देती है कतार से कतार में 3 मीटर और पौधे से पौधे में 2 मीटर का फासला रखें सहारे के लिए 2 मीटर लंबे खंभो का प्रयोग करें बीज की गहराई बेल की कटिंग को एक इंच की गहराई में बोयें बिजाई का ढंग बीजों को सीधे बो कर या बेल की कटिंग की रोपाई खेत में की जाती है बीज की मात्रा एक एकड़ खेत में 1700 ड्रैगन पौधे उगाये जा सकते हैं 10-15 किलो जैविक खाद प्रति पौधे में डालें प्रत्येक वर्ष जैविक खाद की मात्रा 2 किलो बढ़ा दें जैविक खाद के साथ ही अच्छी वृद्धि और उपज के लिए इसे अकार्बनिक पदार्थों की आवश्यकता होती है वानस्पति अवस्था में यूरिया 70 ग्राम, एस एस पी 90 ग्राम और म्यूरेट ऑफ पोटाश 40 ग्राम प्रति पौधे में डालें फूल निकलने से पहले, फलों के विकसित होने के समय और फलों की कटाई के बाद यूरिया 50 ग्राम, एस एस पी 50 ग्राम और म्यूरेट ऑफ पोटाश 100 ग्राम प्रति पौधे में डालें प्रत्येक वर्ष इस मात्रा को 220 ग्राम से बढ़ा दें और 1.5 किलो प्रति पौधे में डालें क्योंकि यह कैकटस के परिवार से संबंधित है इसलिए इसे कम पानी की आवश्यकता होती है यह पानी की कमी वाले क्षेत्रों में आसानी से रह सकती है सिंचाई के लिए ड्रिप सिंचाई का प्रयोग किया जाता है पानी को ज्यादा ना लगाएं क्योंकि इससे नदीनों की संख्या बढ़ जाती है क्षेत्र से क्षेत्र में जल की आवश्यकता भिन्न होती है यह मिट्टी, जलवायु, और पौधे के स्वास्थ्य पर आधारित होती है प्रति दिन प्रति पौधे को 1-2 लीटर पानी की आवश्यकता होती है ड्रैगन फल मई-जून के महीने में फूल निकालना शुरू करते हैं और फल अगस्त-दिसंबर के महीने में लगते हैं कटाई का सही समय तब होता है जब फल अपना रंग बदल कर हल्के हरे से लाल रंग का हो जाये रंग बदलने के 3-4 दिन बाद कटाई करें निर्यात के लिए रंग बदलने के एक दिन बाद कटाई करें कटाई हाथों से या दरांती से और तीखे चाकू से भी की जा सकती है इसकी औसतन उपज 5-6 टन प्रति एकड़ ली जा सकती है
Posted by mangal dass
Punjab
08-03-2019 01:34 PM
Maharashtra
03-08-2019 03:25 PM
मंगल दास जी कृपया अपना सवाल विस्तार से पूछें ताकि आपको इसके बारे में सही जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by swinder singh
Punjab
08-03-2019 01:23 PM
Haryana
03-09-2019 10:46 AM
Swinder ji tuc chare de layi makki da beej J1006 ja african tall kisam di bijai kar sakde ho.isde layi 30 killo beej prati acre de hisab nal paya janda hai. dhanwad
Posted by Gurtej singh
Punjab
08-03-2019 01:17 PM
Punjab
03-08-2019 08:44 PM
Es di dusri side to photos pao ji
Posted by bikram jit dhillon
Punjab
08-03-2019 01:08 PM
Punjab
03-08-2019 03:12 PM
Bikram ji kirpa krke apna swal vistar nal dso ji ki tuci poultry farm varre ki jankari lenna chahunde ho tan jo tuhanu sahi jankari diti jaa skee.
Posted by ਸਵਰਨ ਸਿੰਘ
Punjab
08-03-2019 01:01 PM
Punjab
03-09-2019 06:19 PM
ਕਣਕ ਦਾ ਸਰਕਾਰੀ ਰੇਟ @1840 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਕੁਇੰਟਲ ਤੈਅ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ ਜੀ
Posted by Gurminder singh
Punjab
08-03-2019 12:54 PM
Punjab
03-10-2019 12:21 PM
iss dwai di varto infection rokan lai kiti jndi hai, ehh dwai thann dia bimaria vich v kam krdi hai ate safai lai v isdi varto hundi hai.
Posted by indian
Uttar Pradesh
08-03-2019 12:10 PM
Punjab
03-12-2019 06:47 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सी.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज़्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Posted by संदीप कुमार
Uttar Pradesh
08-03-2019 12:01 PM
Punjab
03-08-2019 03:52 PM
संदीप कुमार जी आप इसका इस्तेमाल कर सकते है यह पौधे की ग्रोथ और इसका उत्पाद बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है इसकी मात्रा 1.5 ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by sunil
Uttar Pradesh
08-03-2019 11:50 AM
Punjab
03-08-2019 03:48 PM
sunil ji yeh fungus ke karn kaale dhabbe ban ne shuru ho jate hai iske liye aap copper oxychloride 3 gm ko prati liter pani ke hisab se spray karen. dhanywad
Posted by Deep
Punjab
08-03-2019 11:41 AM
Punjab
03-08-2019 04:01 PM
ਇੱਕ ਬੀਟਲ ਬੱਕਰੀ 20-25000 ਤੱਕ ਮਿਲ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਬੱਕਰੀਆਂ ਖਰੀਦਣੀਆਂ ਹਨ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਬੀਰਬਲ ਜੀ ਨਾਲ 7009579091 ਨੰਬਰ ਤੇ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ .
Posted by Himanshu Saini
Uttar Pradesh
08-03-2019 11:40 AM
Punjab
03-08-2019 03:59 PM
हिमांशु जी इसे शेदक के नाम से जाना जाता है जो कई प्रकार के होते है इसकी रोकथाम के लिए फोरेट 10 प्रतिशत सी जी 5 किलो या कार्बरिल 4 प्रतिशत जी 1 किलो को रेत में मिलाकर 10 किलो मात्रा में पत्ते की गोभ में बिजाई के 20 दिन बाद डालें या कीटनाशक कार्बरिल 50 डब्लयु पी 1 किलो प्रति एकड़ बिजाई के 20 दिन बाद या डाईमैथोएट 30 प्रतिशत ई .... (Read More)
हिमांशु जी इसे शेदक के नाम से जाना जाता है जो कई प्रकार के होते है इसकी रोकथाम के लिए फोरेट 10 प्रतिशत सी जी 5 किलो या कार्बरिल 4 प्रतिशत जी 1 किलो को रेत में मिलाकर 10 किलो मात्रा में पत्ते की गोभ में बिजाई के 20 दिन बाद डालें या कीटनाशक कार्बरिल 50 डब्लयु पी 1 किलो प्रति एकड़ बिजाई के 20 दिन बाद या डाईमैथोएट 30 प्रतिशत ई सी 200 मि.ली. प्रति एकड़ की स्प्रे करें कलोरपाइरीफॉस 1-1.5 मि.ली. प्रति लीटर की स्प्रे पौधे उगने के 10-12 दिनों के बाद स्प्रे करने से भी कीड़ों को रोका जा सकता है धन्यवाद
Posted by Nishan singh
Punjab
08-03-2019 11:33 AM
Punjab
03-09-2019 10:34 AM
nishan singh ji chat te sabjiyan kive ugayian jandiyan han osde layi tuc eh video de link te click krke dekh sakde ho. https://www.youtube.com/watch?v=mEjZ9LLov6I
Posted by inderpal
Punjab
08-03-2019 11:32 AM
Rajasthan
03-08-2019 03:24 PM
ਤੁਸੀ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਮਹਿੰਦੀ, 50 ਗ੍ਰਾਮ ਹਲਦੀ ਅਤੇ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ 3-4 ਲਗਾਤਾਰ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ .
Posted by संदीप कुमार
Uttar Pradesh
08-03-2019 11:30 AM
Punjab
03-08-2019 03:54 PM
खेत की तैयारी के समय रूड़ी की खाद 80-120 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें और अच्छी तरह मिलायें नाइट्रोजन 58 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 32-40 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 80-100 किलो), पोटाशियम 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 33 किलो) प्रति एकड़ में डालें इसके इलावा आप NPK 19:19:19 1 किल्लो को 150 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Shivraj singh jadeja
Rajasthan
08-03-2019 11:27 AM
Punjab
03-08-2019 03:26 PM
Posted by Bhim Singh
Punjab
08-03-2019 11:08 AM
Punjab
03-08-2019 03:47 PM
Bhim singh ji 10 ton ganne to 1 tonn gur tyar hunda hai. dhanwad
Posted by ਇਕਬਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
08-03-2019 11:03 AM
Punjab
03-08-2019 03:42 PM
ਇਕਬਾਲ ਜੀ ਤੁਹਾਡੇ ਦ੍ਵਾਰਾ ਭੇਜੀ ਗਈ ਫੋਟੋ ਵਿੱਚੋ ਇਕ ਫੋਟੋ ਵਿਚ ਫੁਲ ਲਗੇ ਹਨ ਅਤੇ ਦੂਜੀ ਵਿਚ ਕੁਝ ਵੀ ਨਹੀਂ ਹੈ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਫੈਲ ਦੀ ਫੋਟੋ ਭੇਜੋ ਤਾ ਜੋ ਮਾਹਿਰਾਂ ਵਲੋਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਉਸ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by piyush
Maharashtra
08-03-2019 10:46 AM
Punjab
03-12-2019 06:48 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सी.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज़्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Posted by Talwinder singh
Punjab
08-03-2019 10:30 AM
Punjab
03-08-2019 03:36 PM
ਤਲਵਿੰਦਰ ਜੀ ਹਾਂਜੀ ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੀਲੀ ਕੁੰਗੀ ਦਾ ਟਾਕਰਾ ਕਰਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਘੱਟ ਹੈ ਤਾ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਪਰੇ ਕਾਰਨ ਦੀ ਲੋੜ ਨਹੀਂ ਹੈ ਜੇਕਰ ਕੁੰਗੀ ਬਹੁਤ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੈ ਤਾ ਤੁਸੀ ਟਿਲਟ 200ml ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Pravin
Madhya Pradesh
08-03-2019 10:16 AM
Punjab
03-12-2019 07:30 PM
प्रवीन जी बकरी पालन की ट्रेनिंग के लिए आप कृषि विज्ञानं केंद्र, Seoni, NH-7 रोड कृषि विज्ञानं केंद्र Seoni, टेलीफोन: 07692223765 से संपर्क करें
Posted by ਰਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਭੰਗੂ
Punjab
08-03-2019 10:05 AM
Punjab
03-12-2019 07:38 PM
ਰਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਭੰਗੂ ਜੀ ਸੱਠੀ ਮੂੰਗੀ ਦਾ ਬੀਜ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ Krishi Vigyan Kendra, Punjab Agricultural University, Bathinda, Ph. No. : 0164-2215619 ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by abhishek upadhyay
Madhya Pradesh
08-03-2019 09:53 AM
Punjab
03-14-2019 11:43 AM
अभिषेक जी हर फसल का अपना अलग महत्व होता है, कृपया आप बताएं कि आप कौन सी किस्म की फसल के बारे में जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by ਮਲਕੀਤ ਸਿੰਘ
Rajasthan
08-03-2019 09:42 AM
Punjab
03-08-2019 03:36 PM
ਮਲਕੀਤ ਸਿੰਘ ਜੀ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੀ ਸਹੀ ਗਰੋਥ ਅਤੇ ਵਧਿਆ ਦੁੱਧ ਲੈਣ ਲਈ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਜਰੂਰੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ 40 ਕਿਲੋ ਤਕ ਰੋਜਾਨਾ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਜਰੂਰੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਨਹੀਂ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਸੁੱਕੇ ਚਾਰੇ ਵਿਚ ਦਾਣਾ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਪਰ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰੋ ਕਿ ਤੁਸੀ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਦਿਓ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਘਰ ਵਿਚ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਫੀਡ ਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Enerboost ਪਾਊਡ.... (Read More)
ਮਲਕੀਤ ਸਿੰਘ ਜੀ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੀ ਸਹੀ ਗਰੋਥ ਅਤੇ ਵਧਿਆ ਦੁੱਧ ਲੈਣ ਲਈ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਜਰੂਰੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ 40 ਕਿਲੋ ਤਕ ਰੋਜਾਨਾ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਜਰੂਰੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਨਹੀਂ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਸੁੱਕੇ ਚਾਰੇ ਵਿਚ ਦਾਣਾ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਪਰ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰੋ ਕਿ ਤੁਸੀ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਦਿਓ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਘਰ ਵਿਚ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਫੀਡ ਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Enerboost ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ,ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਘਰ ਵਿੱਚ 100 ਕਿਲੋ ਖੁਰਾਕ ਤਿਆਰ ਕਰਨੀ ਹੈ ਤਾਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ ( ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ) , DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ) , ਫਾਈਬਰ ਛਿਲਕਾ 15 ਕਿਲੋ (ਕਣਕ, ਚੌਕਰ, ਚਨਾ ਛਿਲਕਾ, ਮਟਰ ਛਿਲਕਾ, ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ) , ਖਲ਼ 14 ਕਿਲੋ(ਸਰੋਂ, ਬਿਨੌਲਾ ਜਾਂ ਸੋਇਆ (ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ) , ਮਿੱਠਾ ਸੋਡਾ 250 ਗ੍ਰਾਮ, 1 ਕਿਲੋ ਨਮਕ, ਗੁੜ 1 ਕਿਲੋ, 1 ਕਿੱਲੋ ਹਲਦੀ , 1 ਕਿਲੋ ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਰ ਇਹ ਨੂੰ ਰਲਾ ਲਵੋ ਇਹ ਫੀਡ ਪਸ਼ੂ ਲਈ ਬਹੁਤ ਲਾਹੇਵੰਦ ਹੁੰਦੀ ਹੈ , ਫੀਡ ਤੁਸੀ 3 ਕਿਲੋ ਦੁੱਧ ਮਗਰ 1 ਕਿਲੋ ਦਿਓ, ਇਸ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਫੀਡ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹ ਸਭ ਤੋਂ ਸੰਤੁਲਿਤ ਫੀਡ ਫਾਰਮੂਲਾ ਹੈ.
Posted by satyanarayan
Rajasthan
08-03-2019 09:41 AM
Maharashtra
03-08-2019 03:09 PM
सत्यनारायण जी खादें और सिंचाई के साधनों के सही उपयोग और अच्छी तरह से की जोताई से कीड़ों को पैदा होने से पहले ही रोका जा सकता है कीड़ों के कुदरती दुश्मनों की भी रक्षा की जा सकती है पौधे के उचित विकास और ज्यादा टिंडे वाली टहनियों की प्रफुल्लता के लिए, मुख्य टहनी के बढ़ रहे हिस्से को लगभग 5 फुट की ऊंचाई से काट दें दे.... (Read More)
सत्यनारायण जी खादें और सिंचाई के साधनों के सही उपयोग और अच्छी तरह से की जोताई से कीड़ों को पैदा होने से पहले ही रोका जा सकता है कीड़ों के कुदरती दुश्मनों की भी रक्षा की जा सकती है पौधे के उचित विकास और ज्यादा टिंडे वाली टहनियों की प्रफुल्लता के लिए, मुख्य टहनी के बढ़ रहे हिस्से को लगभग 5 फुट की ऊंचाई से काट दें देसी कपास की किस्मों क लिए नाइट्रोजन 20 किलो (यूरिया 44 किलो) और फासफोरस 10 किलो (एस एस पी 63 किलो) प्रति एकड़ में डालें हाइब्रिड कपास की किस्मों के लिए खादों की दोहरी मात्रा नाइट्रोजन 40 किलो और फासफोरस 20 किलो प्रति एकड़ में डालें मिट्टी की जांच के आधार पर पोटाश डालें फासफोरस की पूरी मात्रा और पोटाश यदि जरूरत हो तो और नाइट्रोजन की आधी मात्रा बिजाई से पहले आखिरी जोताई के समय डालें नाइट्रोजन की बाकी बची मात्रा फूल निकलने के समय डालें यदि मिट्टी में जिंक की कमी हो तो जिंक सल्फेट 10 किलो मिट्टी में बीज बोने से पहले डालें
Posted by vaibhav .bachhav
Maharashtra
08-03-2019 09:37 AM
Punjab
03-08-2019 11:47 AM
नमस्कार वैभव जी, आपको बताना चाहेंगे कि आप जिस बटेर की बात कर रहे हैं वो वास्तव में मुर्गियों की नस्ल है जो पंजाब व्हाइट बटेर के नाम से जानी जाती है इस नस्ल की मुर्गियों की विशेषताएं बटेरों के साथ मेल खाती हैं इसलिए इन्हें ये नाम दिया गया है
Posted by Ravinder Singh
Punjab
08-03-2019 09:22 AM
Punjab
03-23-2019 02:56 PM
Ravinder singh ji Kheti sanda te chal rahi Subsidy bare visthar vich jankari lai tusi apne zile de Officer nal 9814919069 te samparak kar sakde ho.
Posted by ਰਣਯੋਧ ਸਿੰਘ
Punjab
08-03-2019 09:05 AM
Punjab
03-08-2019 03:10 PM
ਰਣਯੋਧ ਸਿੰਘ ਜੀ ਇਹ ਫੰਗਸ ਦੇ ਕਾਰਨ ਡਿਗਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੰਦੇ ਹਨ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ planofix 4ml ਨੂੰ 15 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Rohtash
Haryana
08-03-2019 09:03 AM
Punjab
03-08-2019 03:13 PM
रोहताश जी वेस्ट डीकंपोज़र एक बढ़िया प्रोडक्ट है यह 20 रूपये की शीशी आती है यह एक आरगैनिक प्रोडक्ट है जिसमें एक बैक्टीरिया है जो कि मिट्टी की उपजाऊ शक्ति को बढ़ाता है और फालतू चीज़ों जैसे पत्तों वगैरह को गलाने में मदद करता है इसे तैयार करने के लिए 150—200 लीटर पानी में 2 किलो गुड़ अैर एक शीशी वेस्ट डीकंपोज़र की डा.... (Read More)
रोहताश जी वेस्ट डीकंपोज़र एक बढ़िया प्रोडक्ट है यह 20 रूपये की शीशी आती है यह एक आरगैनिक प्रोडक्ट है जिसमें एक बैक्टीरिया है जो कि मिट्टी की उपजाऊ शक्ति को बढ़ाता है और फालतू चीज़ों जैसे पत्तों वगैरह को गलाने में मदद करता है इसे तैयार करने के लिए 150—200 लीटर पानी में 2 किलो गुड़ अैर एक शीशी वेस्ट डीकंपोज़र की डालें यह फंगसनाशी का काम करता है जल्दी जल्दी बीमारियों को नज़दीक नहीं आने देता यह लगभ्भग 7 दिनों में तैयार हो जाती है यह एक एकड़ की मात्रा होती है इसका प्रयोग करने का तरीका यह है कि इसे तैयार करने के बाद इसे पानी में टूटी लगाकर छोड़ सकते हैं जब आप फसल को पानी देते हैं या फिर इसे छानकर इसकी स्प्रे कर सकते हैं यह हर एक फसल में प्रयोग किया जा सकता है वेस्ट डीकंपोज़र की शीशी आप नैशनल सैंटर आॅफ आॅरगैनिक फार्मिग जो कि गाज़ियाबाद में है उनसे इस नंबर पर 01202764212 संपर्क करके मंगवा सकते हैं या फिर आप खेती विरासत Mission से प्राप्त कर सकते हैं उनका नंबर यह है 9915195062, Waste Decomposer लेने के लिए आप इस नंबर पर भी संपर्क कर सकते हैं 97800-71579
Posted by inderpal
Punjab
08-03-2019 08:51 AM
Punjab
03-08-2019 11:17 AM
Os nu Tablet Ofloxacin orindazol dea golia deo ji
Posted by Baljinder Brar
Punjab
08-03-2019 08:49 AM
Punjab
03-08-2019 09:40 AM
ਝੋਨੇ ਦੀ PR-126 ਕਿਸਮ ਘਟ ਸਮੇਂ ਵਾਲੀ ਹੈ ਇਹ 123 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 30 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ
Posted by harpreet singh
Punjab
08-03-2019 08:41 AM
Punjab
03-08-2019 03:38 PM
harpreet singh ji kirpa krke apna swal pusho ji tan jo tuhanu puri jankari diti ja ske.
Posted by jaspreet singh
Punjab
08-03-2019 08:23 AM
Punjab
03-08-2019 03:06 PM
ਜਸਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਫੋਟੋ ਦੁਬਾਰਾ ਭੇਜੋ ਤੁਹਾਡੇ ਦੁਆਰਾ ਭੇਜੀ ਗਈ ਫੋਟੋ ਅੱਪਲੋਡ ਨਹੀਂ ਹੋਈ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by kaptan Singh
Rajasthan
08-03-2019 08:21 AM
Maharashtra
03-08-2019 03:04 PM
Kaptan ji isde uper copper oxychloride@2-3 gm prati liter pani ke hisab se spray karen. yeh fungus ke karn ho jata hai. dhanywad
Posted by davinder singh
Punjab
08-03-2019 08:14 AM
Punjab
03-08-2019 09:48 AM
ਕਣਕ ਨੂੰ ਵਢਣ ਤੋਂ 20-22 ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਪਾਣੀ ਲਗਾਉਣਾ ਬੰਦ ਕਰ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਹੁਣ ਪਾਣੀ ਮੌਸਮ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਲਗਾਓ
Posted by monu
Rajasthan
08-03-2019 08:11 AM
Punjab
03-08-2019 03:40 PM
Monu ji kripya apna swal vistar se btayen ki app Poultry farm ke varre mai kya jankari lena chahte hai tan jo apko sahi jankari di jaye.
Posted by baljinder singh
Punjab
08-03-2019 07:44 AM
Punjab
03-08-2019 03:03 PM
ਬਲਜਿੰਦਰ ਜੀ ਇਹ ਫੰਗਸ ਦੇ ਕਾਰਨ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਉਪਰ ਤੁਸੀ M-45 @4 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Baljit Singh
Punjab
08-03-2019 07:30 AM
Punjab
03-08-2019 03:01 PM
ਬਲਜੀਤ ਜੀ ਮੌਸਮ ਵਿਭਾਗ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਅਜ ਹਲਕੀ ਬੱਦਲਵਾਈ ਰਹੇਗੀ ਅਤੇ ਕੱਲ੍ਹ ਮੌਸਮ ਸਾਫ ਰਹੇਗੀ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Aman
Punjab
08-03-2019 07:29 AM
Punjab
03-08-2019 03:52 PM
ਤੁਸੀਂ ਇਸਨੂੰ Lactomood ਹੋਮਿਓਪੈਥੀ ਦਵਾਈ ਦੀਆਂ 10-10 ਬੂੰਦਾਂ ਦਿਨ ਚ 3 ਵਾਰ ਦੇਣੀਆਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਜਾਂ ਤੁਸੀਂ ਉਸਨੂੰ M fast ਹੋਮਿਓਪੈਥਿਕ ਦਵਾਈ ਦੁੱਧ ਚੋਣ ਤੋਂ ਅੱਧਾ ਘੰਟਾ ਪਹਿਲਾਂ ਉਸਦੇ ਨੱਕ ਤੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਇਸ ਨਾਲ ਉਹ ਦੁੱਧ ਆਰਾਮ ਨਾਲ ਉਤਾਰ ਦੇਵੇਗੀ ਇਹ ਤੁਸੀਂ ਹੋਮਿਓਪੈਥੀ ਸਟੋਰ ਤੋਂ ਪਤਾ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦਾ ਰਿਜ਼ਲਟ ਵਧੀਆ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀਂ Stress-ess liquid 50 ml ਰੋਜ਼ਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ.... (Read More)
ਤੁਸੀਂ ਇਸਨੂੰ Lactomood ਹੋਮਿਓਪੈਥੀ ਦਵਾਈ ਦੀਆਂ 10-10 ਬੂੰਦਾਂ ਦਿਨ ਚ 3 ਵਾਰ ਦੇਣੀਆਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਜਾਂ ਤੁਸੀਂ ਉਸਨੂੰ M fast ਹੋਮਿਓਪੈਥਿਕ ਦਵਾਈ ਦੁੱਧ ਚੋਣ ਤੋਂ ਅੱਧਾ ਘੰਟਾ ਪਹਿਲਾਂ ਉਸਦੇ ਨੱਕ ਤੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਇਸ ਨਾਲ ਉਹ ਦੁੱਧ ਆਰਾਮ ਨਾਲ ਉਤਾਰ ਦੇਵੇਗੀ ਇਹ ਤੁਸੀਂ ਹੋਮਿਓਪੈਥੀ ਸਟੋਰ ਤੋਂ ਪਤਾ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦਾ ਰਿਜ਼ਲਟ ਵਧੀਆ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀਂ Stress-ess liquid 50 ml ਰੋਜ਼ਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ.
Posted by Gurdeep Singh
Punjab
08-03-2019 07:10 AM
Rajasthan
03-08-2019 03:56 PM
ਤੁਸੀ ਘਰ ਵਿੱਚ 100 ਕਿਲੋ ਖੁਰਾਕ ਤਿਆਰ ਕਰਨੀ ਹੈ ਤਾਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ ( ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ) , DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ) , ਫਾਈਬਰ ਛਿਲਕਾ 15 ਕਿਲੋ (ਕਣਕ, ਚੌਕਰ, ਚਨਾ ਛਿਲਕਾ, ਮਟਰ ਛਿਲਕਾ, ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ) , ਖਲ਼ 14 ਕਿਲੋ(ਸਰੋਂ, ਬਿਨੌਲਾ ਜਾਂ ਸੋਇਆ (ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ) , ਮਿੱਠਾ ਸੋਡਾ 250 ਗ.... (Read More)
ਤੁਸੀ ਘਰ ਵਿੱਚ 100 ਕਿਲੋ ਖੁਰਾਕ ਤਿਆਰ ਕਰਨੀ ਹੈ ਤਾਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ ( ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ) , DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ) , ਫਾਈਬਰ ਛਿਲਕਾ 15 ਕਿਲੋ (ਕਣਕ, ਚੌਕਰ, ਚਨਾ ਛਿਲਕਾ, ਮਟਰ ਛਿਲਕਾ, ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ) , ਖਲ਼ 14 ਕਿਲੋ(ਸਰੋਂ, ਬਿਨੌਲਾ ਜਾਂ ਸੋਇਆ (ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ) , ਮਿੱਠਾ ਸੋਡਾ 250 ਗ੍ਰਾਮ, 1 ਕਿਲੋ ਨਮਕ, ਗੁੜ 1 ਕਿਲੋ, 1 ਕਿੱਲੋ ਹਲਦੀ , 1 ਕਿਲੋ ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਰ ਇਹ ਨੂੰ ਰਲਾ ਲਵੋ ਇਹ ਫੀਡ ਪਸ਼ੂ ਲਈ ਬਹੁਤ ਲਾਹੇਵੰਦ ਹੁੰਦੀ ਹੈ.
Posted by MANJOOR HASSAN
Bihar
08-03-2019 06:26 AM
Punjab
03-14-2019 04:21 PM
जी समय समय पर किसानों की मांग के मुताबिक ट्रेनिंग चलती रहती हैं इसके बारे में पूरी जानकारी के लिए गुरु अंगद देव वैटनरी and Animal Sciences University, पता: 20, लुधियाना रोड, A Block, अग्गर नगर, लुधियाना, पंजाब 141012, फ़ोन: 0161 255 3394 से संपर्क कर सकते हैं ट्रेनिंग फार्म आपको जवाब के साथ भेज दिया गया है