Posted by Mandeep Singh
Punjab
09-03-2019 06:12 AM
Manpreet ji tuci Feed jiwe Uttam feed, Godrej feed, Anmol feed koi v feed de skde ho..
Posted by satish chandra
Uttar Pradesh
09-03-2019 12:45 AM
Moong ke liye aap SML-668 OR SML-832 ki beejayi kr skte ho..

Posted by ajay vasanta burhan
Maharashtra
08-03-2019 10:53 PM
ajay ji dono kam krne mai fyada hai, yeh app per nirbhar krta hai app kiss kam ko krna chahte hai aur app kitne rupees se suru krna chathe hai, inna dono kam krne mai fyada hota hai.

Posted by Dinesh goswami
Uttar Pradesh
08-03-2019 10:20 PM
अगर आपने मोती की खेती करनी है तो इसमें जयादा जगह नहीं चाहिए इसको आप पानी वाले ड्रम में भी स्टार्ट कर सकते और 35000 -40000 में यह काम शुरू भी हो जायेगा लेकिन आप इसकी ट्रेनिंग जरूर लेकर शुरू करे और जयादा जानकारी के लिए आप 9050555757 नंबर पर विनोद जी से संपर्क करे

Posted by ankit
Punjab
08-03-2019 10:09 PM
ankit ji aap green manure ke liye Cowpea, dhaincha, mesta, sanki bijai kar sakte hai inki ktayi nahi ki jai inhe direct khet me jot diya jata hai. iske beej aap local market se le sakte hai dhanywad.

Posted by jatin Kumar
Punjab
08-03-2019 09:59 PM
jatin Kumar ji eh jigar de kideya layi hai ji te esda result v bohat vadiya hai.

Posted by Ravi Shankar Kumar
Bihar
08-03-2019 09:52 PM
रवि जी बढ़िया वर्मी कंपोस्ट निम्नलिखित तरीके अनुसार बनायी जा सकती है इसलिए ऐसा स्थान लें जहां धूप ना आये और हवादार हो इस स्थान पर ईंटों या पत्थर के टुकड़े और मिट्टी की 2—3 इंच मोटी परत बिछायें मिट्टी पर थोड़ा सा पानी छिड़ककर गीला करें मिट्टी में 25 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए इसके ऊपर गंडोए (40 गंडोए प्.... (Read More)
रवि जी बढ़िया वर्मी कंपोस्ट निम्नलिखित तरीके अनुसार बनायी जा सकती है इसलिए ऐसा स्थान लें जहां धूप ना आये और हवादार हो इस स्थान पर ईंटों या पत्थर के टुकड़े और मिट्टी की 2—3 इंच मोटी परत बिछायें मिट्टी पर थोड़ा सा पानी छिड़ककर गीला करें मिट्टी में 25 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए इसके ऊपर गंडोए (40 गंडोए प्रति वर्ग फीट जगह) में मिलायें इसके बाद वेस्ट जैसे कि बची कुची सब्जियां, फल, कच्चा गोबर, गोबर की सलरी की 8—10 इंच मोटी परत डालें दूसरी परत के बाद इसके ऊपर सूखे पत्ते या पराली से ढक दें हर परत के बाद पानी छिड़कें ताकि नमी बनी रहे वर्मीकंपोस्ट के बैड को 3—4 इंच मोटी गोबर की परत से ढक दें और इसके ऊपर बोरा या तिरपाल रखें ताकि नमी बनी रहे रसोई, फसलों या डेयरी के बचे कुचे की परत को रैक से पलटते रहें और आवश्यकतानुसार थोड़ा थोड़ा करके और वेस्ट भी डाल सकते हैं इसके ऊपर कच्चा गोबर भी डाल सकते हैं पर ध्यान रखें कि यह परत पहले जितनी ही मोटी रहें वर्मी कंपोस्ट की खाद मौसम के हिसाब से 45—60 दिनों में तैयार हो जाती है सबसे ऊपर वाली परत को हटाकर गंडोए छलनी से अलग कर लें और निचली छोड़ दें इसके ऊपर दोबारा रसोई या एग्रो वेस्ट की 6 इंच मोटी परत बिछाकर दोबारा खाद तैयार की जा सकती हैं 45 दिनों के बाद पानी छिड़कना बंद करने से भी गंडोए निचली परत में चले जाते हैं और छलनी से अलग करने में समय कम लगता है तैयार वर्मी कंपोस्ट काले भूरे रंग की गंध रहित और चाय पत्ती जैसी होती है इसे छांव में हवा में सुखकर आवश्यकतानुसार थैले या बोरियों में डालकर रखा जा सकता है एक टन वर्मी कंपोस्ट में 1.0—1.5 किलोग्राम नाइट्रोजन, 5—10 किलोग्राम पोटाश और 3.5—5.0 किलो फासफोरस होता है इसके अलावा इसमें कई तरह के एन्ज़ाइम और सूक्ष्म तत्व कॉपर, आयरन, जिंक, सल्फर, कैलशियम और मैगनीशियम आदि होते हैं

Posted by Mandeep Singh bhathal
Punjab
08-03-2019 09:36 PM
ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਫਫੂੰਦਨਾਸ਼ਕ ਟਿਲਟ @200 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by harmeetsingh
Punjab
08-03-2019 09:35 PM
ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਚਰ ਤੁਸੀ ਕਿਸੀ ਵੀ ਕੰਪਨੀ ਦਾ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਜਿਵੇਂ Repromin , crs, agrimin , totavet strong ਆਦਿ ਇਹਨਾਂ ਸਾਰੀਆਂ ਦਾ ਰਿਜਲਟ ਵਧਿਆ ਹੈ ਤੁਸੀ ਕੋਈ ਵੀ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ.

Posted by ਲਵਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
08-03-2019 09:19 PM
ਲਵਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਖੇਤੀ ਸੰਦਾ ਤੇ ਚੱਲ ਰਾਹੀ ਸਬਸਿਡੀ ਬਾਰੇ ਵਿਸਥਾਰ ਵਿੱਚ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜਿਲ੍ਹੇ ਦੇ ਅਫ਼ਸਰ ਨਾਲ 9417081179 ਤੇ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by Mandeep Singh bhathal
Punjab
08-03-2019 09:15 PM
ਤੁਸੀ ਮੱਝ ਦੀ ਅੱਖ ਵਿਚ Genat-D ਦਿਨ ਵਿਚ ਤਿੰਨ ਵਾਰ ਪਾਉ ਜੀ

Posted by rohit patidar
Madhya Pradesh
08-03-2019 08:49 PM
Rohit ji app jo v btana chahte hai kripya uske vare mai vistar se btayen, tan jo apko sahi jankari mill skee..

Posted by ਬੂਟਾ िਸੰਘ
Punjab
08-03-2019 08:33 PM
ਬੂਟਾ ਸਿੰਘ ਜੀ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜਿਲ੍ਹੇ ਦੇ ਅਫਸਰ ਨਾਲ 8146100798 ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Kulwinder Singh
Punjab
08-03-2019 07:08 PM
Os nu powder Fat max 100gm rojana deo nall Powder Buffzon 200gm 50gm rojana deo ji es nall farak pe jawe ga ji

Posted by Mani Chaudhary
Punjab
08-03-2019 06:55 PM
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਪੋਲਟਰੀ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈ ਕੇ ਨਾਬਾਰਡ ਤੋਂ ਲੋਨ ਲੈਂਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ 25 ਤੋਂ 35 % ਤੱਕ ਸਬਸਿਡੀ ਮਿਲ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਕਰਨ ਦੀ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਤੁਹਾਨੂੰ ਵਿੱਭਾਗ ਵੱਲੋਂ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਦਿਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਦਰ ਤੋਂ ਜਾਂ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੈਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਜਾਂ ਫਿ.... (Read More)
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਪੋਲਟਰੀ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈ ਕੇ ਨਾਬਾਰਡ ਤੋਂ ਲੋਨ ਲੈਂਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ 25 ਤੋਂ 35 % ਤੱਕ ਸਬਸਿਡੀ ਮਿਲ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਕਰਨ ਦੀ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਤੁਹਾਨੂੰ ਵਿੱਭਾਗ ਵੱਲੋਂ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਦਿਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਦਰ ਤੋਂ ਜਾਂ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੈਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਜਾਂ ਫਿਰ ਤੁਸੀ ਕਿਸੇ ਵੀ ਦਿਨ ਆਪਣੇ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਦਰ ਤੇ ਪਹੁੰਚ ਕੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈਣ ਲਈ ਫਾਰਮ ਭਰ ਆਊ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਜਦੋਂ ਵੀ ਪੋਲਟਰੀ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਆਵੇਗੀ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਦਰ ਵੱਲੋਂ ਕਾਲ ਕਰਕੇ ਦੱਸ ਦਿੱਤਾ ਜਾਦਾ ਹੈ ਕਿਉਕੀ ਇਸਦੀ ਕੋਈ ਪੱਕੀ ਮਿਤੀ ਨਹੀ ਹੈ ਜਦੋ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਫਾਰਮ ਜਿਆਦਾ ਆ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਤਾਂ ਟ੍ਰੈਨਿੰਗ ਕਰਵਾ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
Posted by Ravinder Batth
Punjab
08-03-2019 06:55 PM
Os nu Injection Hitek chamdy ch lwao te nall hi Mitha tell (Til Oil) 100ml rojana deo ji

Posted by Rohtash
Haryana
08-03-2019 06:52 PM
सर आपको किस तरह की नौकरी चाहिए, यदि आप किसी मधु मक्खी पालन वाले के साथ काम करना चाहते है तो वोह मैं पता करवा सकता हूँ

Posted by charnjit
Punjab
08-03-2019 06:47 PM
NPK 00.00.50 da spray knak vich 15-20% nisran to baad @1 kg per acre da spray kr skde ho jis nal yield vdia aounda hai..

Posted by Bhupinder Singh
Punjab
08-03-2019 06:36 PM
ਭੁਪਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Flukrid-DS bolus ਦਿਓ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Anabolite liqued 100ml-100ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਰੋਜ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ ਅਤੇ 3 ਕਿਲੋ ਦਲੀਆ ਚੰਗੀ ਤ੍ਰਾਹ ਰਿਨ ਕੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਮਿਕਸ ਕਰੋ, ਇਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਅੱਧਾ ਅੱਧਾ ਕਰਕੇ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਤੁਸੀ 5-7 ਦਿਨ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਦੁੱਧ ਵੱਧ ਜਾਵੇਗਾ.

Posted by iqbal gill
Punjab
08-03-2019 06:35 PM
Os nu Injection Baiotrum IM 20ml 3 din lao nall hi 100gm shonf, 50gm Amala te 50gm cha (Tea) deo ji
Posted by shailender singh
Uttar Pradesh
08-03-2019 06:26 PM
Shailender g aap apni local market mein hi knak sale kro or aap agar punjab ja haryana mein sale karna hai to kr skte ho...

Posted by Deepak Mandhar
Uttar Pradesh
08-03-2019 06:19 PM
Aap use Liquid Udder strong H 15ml swere 15ml shame nu deo jakhma te Coolmac tube lao te nall sarso da tell 200ml rojana deo ji
Posted by Ramnarayan
Madhya Pradesh
08-03-2019 06:03 PM
Ramnarayan ji app Flukrid-DS bolus pashuo ko de skte hai yehh app Gabhin pashuo, dudh wale sabhi pashuo ko de skte hai aur calf ko app Albomar bolus de skte hai yeh aap weight ke hisab se de skte hai.

Posted by layak ram
Himachal Pradesh
08-03-2019 05:58 PM
Layak ji iski jadon men dheemak check karen agar maujood hai to iski jadon men chlorpyriphos@3ml ko prati litre pani ke hisab se jadon men daalen. dhanywad

Posted by vikas kahlon
Punjab
08-03-2019 05:55 PM
vikas ji ehna dona da result vadhia hai. tuc ehna da istemal kar sakde ho. dhanwad

Posted by simarjeet singh
Punjab
08-03-2019 05:41 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Foritivr ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ ਲਗਵਾਓ, ਇਸਦਾ 72 ਘੰਟਿਆਂ ਤਕ ਅਸਰ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਜ਼ਿਆਦਾ ਖੂਨ ਆਉਂਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ Zackshoot ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ 20 ਮਿਲੀ ਵੀ ਲਗਵਾਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ.
Posted by ਬੇਅੰਤ ਸਿੰਘ
Punjab
08-03-2019 05:24 PM
ਹਾਂ ਜੀ ਭਿੰਡੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਬੀਜ ਨੂੰ 24 ਘੰਟੇ ਲਈ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਭਿਉਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ
Posted by Sudhanshu
Bihar
08-03-2019 05:10 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सी.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Posted by sudeep kourav
Madhya Pradesh
08-03-2019 04:40 PM
सुदीप जी आप मक्की की किसम जैसे DHM 107, DHM 109, Prakash, X -3342, PRO 368, BIO 9637, K.H 5991, D.K.C 7074, H.M 10, H.Q.P.M 4, H.Q.P.M 1, K.M.H 3712, M.N.H 803 की बिजाई कर सकते है धन्यवाद
Posted by jaspreet singh
Punjab
08-03-2019 04:20 PM
Jaspreet ji tuhade walo beji gyi photo upload nahi hoi hai kirpa krke photo dubara upload kro ji tan jo tuahnu sahi jankari diti jaa skee.

Posted by vikas kahlon
Punjab
08-03-2019 04:14 PM
विकास जी Antirust में propiconazole नाम का सॉल्ट मौजूद है जो फंगीसाइड है इसकी मात्रा 200ml प्रयोग की जाती है यह और opera basf दोनों का काम एक ही है Ulala एक कीटनाशक है जिसकी मात्रा 80 ग्राम प्रयोग की जाती है jabar एक insecticide है जिसमें dichlorvos नाम का सॉल्ट मौजूद होता है इसकी मात्रा 200ml प्रति एकड़ के हिसाब से प्रयोग की जाती है, धन्यवाद
Posted by Yadwinder Sivia
Punjab
08-03-2019 04:12 PM
3086 kanak da sitta baki kanak de sitteya jina hi hunda hai ate isde daane da weight v same hi hunda hai. ehan vich koi uni ikki da fark hunda hai. dhanwad

Posted by Gurwinder Sran Zaildar
Punjab
08-03-2019 04:08 PM
hanji tuci Refind oil de skde ho, eh tuci 50gm rojana de skde ho ate total 2kg tak de skde ho..

Posted by varinder dhillon
Punjab
08-03-2019 04:00 PM
varinder ji bheema plus ek insecticide hai jis vich thiamethoxam 30FS nam da salt maujood hunda hai isdi matra 4 ml prati litre pani de hisab nal spray karo. dhanywad

Posted by om parkash
Punjab
08-03-2019 03:43 PM
Om Parkash ji Vermi Compost len lai tusi Angrej Singh Bhullar 9417613396 nal samparak kar sakde ho.

Posted by om parkash
Punjab
08-03-2019 03:37 PM
ओम प्रकाश जी वर्मी कम्पोस्ट की मात्रा एक एकड़ में कितनी डाली जाती है यह खेत में उगाई जाने वाली फसल के ऊपर निर्भर करता है कृपया आप बताएं कि कौन सी फसल की बिजाई करनी है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by Gautam Kumar Singh
Uttar Pradesh
08-03-2019 03:36 PM
बत्तख पालन आरम्भ करने से पूर्व अत्यंत आवश्यक है नस्ल का चुनाव जिस प्रकार मुर्गियों की विभीन्न जातियाँ हैं और उन्हें गुणों के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया गया है ,इसी प्रकार बत्तख को भी उनके गुण, रंग, जन्म स्थान आदि के आधार पर निम्नलिखित जातियों के अंतर्गत विभाजित किया गया है: क .अंडा देने वाली.... (Read More)
बत्तख पालन आरम्भ करने से पूर्व अत्यंत आवश्यक है नस्ल का चुनाव जिस प्रकार मुर्गियों की विभीन्न जातियाँ हैं और उन्हें गुणों के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया गया है ,इसी प्रकार बत्तख को भी उनके गुण, रंग, जन्म स्थान आदि के आधार पर निम्नलिखित जातियों के अंतर्गत विभाजित किया गया है: क .अंडा देने वाली जाति ;लेयर 1 इंडियन रनर ;उपजाति, सफेद, काला, हल्का पीला ;पान भूरा ;चोकलेटी 2 कैम्पबेल ;उपजाति खाकी सफेद और काला ख .मासं वाली जाति ;ब्रोयलर पेकिन, एलिसबरी, मस्कोवी ;6 उपजाति,आरफीगंटन ;5 उपजातिद्धए राउन इत्यादि बतखपालन शुरू करने के लिए शांत जगह बेहतर होती है अगर यह जगह किसी तालाब के पास हो तो बहुत अच्छा होता है क्योंकि बतखों को तालाब में तैरने के लिए जगह मिल जाती है,अगर बतखपालन की जगह पर तालाब नहीं है तो जरूरत के मुताबिक तालाब की खुदाई करा लेना जरूरी होता है तालाब में बतखों के साथ मछलीपालन भी किया जा सकता है अगर तालाब की खुदाई नहीं करवाना चाहते हैं तो टीनशेड के चारों तरफ 2.3 फुट गहरी व चौड़ी नाली बनवा लेनी चाहिए, जिस में तैर कर बतखें अपना विकास कर सकती हैं बतखपालन के लिए प्रति बतख डेढ़ वर्ग फुट जमीन की आवश्यकता पड़ती है इस तरह 5 हजार बतखों के फार्म को शुरू करने के लिए 3750 वर्ग फुट के 2 टीनशेडों की आवश्यकता पड़ती है इतनी ही बतखों के लिए करीब 13 हजार वर्ग फुट का तालाब होना जरूरी होता है बतख पालन के लिए सब से अच्छी प्रजाति खाकी कैंपवेल है जो खाकी रंग की होती है ये बतखें पहले साल में 300 अंडे देती हैं ,2.3 सालों में भी इन की अंडा देने की कूवत अच्छी होती है तीसरे साल के बाद इन बतखों का इस्तेमाल मांस के लिए किया जाता है इन बतखों की खासीयत यह है कि ये बहुत शोर मचाने वाली होती हैं शेड में किसी जंगली जानवर या चोर के घुसने पर शोर मचा कर ये मालिक का ध्यान अपनी तरफ खींच लेती हैं इस प्रजाति की बतखों के अंडों का वजन 65 से 70 ग्राम तक होता है जो मुरगी के अंडों के वजन से 15.20 ग्राम ज्यादा है बतखों के अंडे देने का समय तय होता है, ये सुबह 9 बजे तक अंडे दे देती हैं, जिस से इन्हें बेफिक्र हो कर दाना चुगने के लिए छोड़ा जा सकता है खाकी कैंपवेल बतख की उम्र 3.4 साल तक की होती है जो 90-120 दिनों के बाद रोजाना 1 अंडा देती है बतखों का आहार बतखों के लिए प्रोटीन वाले दाने की जरूरत पड़ती है चूजों को 22 फीसदी तक पाच्य प्रोटीन देना जरूरी होता है जब बतखें अंडे देने की हालत में पहुंच जाएं तो उन का प्रोटीन घटा कर 18.20 फीसदी कर देना चाहिए बतखों के आहार पर मुरगियों के मुकाबले 1.2 फीसदी तक कम खर्च होता है , उन्हें नालोंपोखरों में ले जा कर चराया जाता है, जिस से कुदरती रूप से वे घोंघे जैसे जलीय जंतुओं को खा कर अपनी खुराक पूरी करती हैं बतखों से अच्छा उत्पादन प्राप्त करने के लिए उन्हें अलग से आहार देना जरूरी होता है वे रेशेदार आहार भी आसानी से पचा सकती हैं बतखों को 20 फीसदी अनाज वाले दाने,40 फीसदी प्रोटीन युक्त दाने ;जैसे सोयाकेक या सरसों की खली, 15 फीसदी चावल का कना 10 फीसदी मछली का चूरा 1 फीसदीए नमक व 1 फीसदी खनिजलवण के साथ 13 फीसदी चोकर दिया जाना मुनासिब होता है हर बतख के फीडर में 100.150 ग्राम दाना डाल देना चाहिए इलाज व देखभाल बतखों में रोग का असर मुरगियों के मुकाबले बहुत ही कम होता है इन में महज डक फ्लू का प्रकोप ही देखा गया है, जिस से इन को बुखार हो जाता है और ये मरने लगती हैं बचाव के लिए जब चूजे 1 महीने के हो जाएं तो डक फ्लू वैक्सीन लगवाना जरूरी होता है इस के अलावा इन के शेड की नियमित सफाई करते रहना चाहिए और 2.2 महीने के अंतराल पर शेड में कीटनाशक दवाआें का छिड़काव करते रहना चाहिए बतख के साथ मछलीपालन और लाभ जिस तालाब में बतखों को तैरने के लिए छोड़ा जाता है, उस में अगर मछली का पालन किया जाए तो एकसाथ दोगुना लाभ लिया जा सकता है दरअसल बतखों की वजह से तालाब की उर्वरा शक्ति में इजाफा हो जाता है जब बतखें तालाब के पानी में तैरती हैं ,तो उन की बीट से मछलियों को प्रोटीनयुक्त आहार की आपूर्ति सीधे तौर पर हो जाती है जिस से मछलीपालक मछलियों के आहार के खर्च में 60 फीसदी की कमी ला सकते हैं इस तरह बतखपालन से काफी लाभ कमाया जा सकता है बतख के अंडों को बेचने में किसी तरह की परेशानी नहीं होती है इन्हें दवाएं बनाने के लिए भी खरीदा जाता है बतख न केवल लाभ देती है, बल्कि यह सफाई बनाए रखने में भी योगदान देती है मात्र 5.6 बतखें ही 1 हेक्टेयर तालाब या आबादी के आसपास के मच्छरों के लारवों को खा जाती हैं इस तरह बतखें न केवल लाभदायी होती हैं, बल्कि ये मनुष्य की सेहत के लिए भी कारगर होती हैं बतखपालन का काम बेरोजगार युवाओं के लिए आय का अच्छा साधन साबित हो सकता है मुरगीपालन के मुकाबले बतखपालन कम जोखिम वाला होता है बतख के मांस और अंडों के रोग प्रतिरोधी होने के कारण मुरगी के मुकाबले बतख की मांग अधिक है बतख का मांस और अंडे प्रोटीन से भरपूर होते हैं बतखों में मुरगी के मुकाबले मृत्युदर बेहद कम है, इस का कारण बतखों का रोगरोधी होना भी है अगर बतखपालन का काम बड़े पैमाने पर किया जाए तो यह बेहद लाभदायी साबित हो सकता है
Posted by Gurbir singh Rangi
Punjab
08-03-2019 03:25 PM
ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਹਿੰਗ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਕੇ ਸਿਓਂਕ ਤੋਂ ਛੁਟਕਾਰਾ ਮਿਲ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਸਿਓਂਕ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਫਸਲ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਦਿੰਦੇ ਸਮੇਂ 20 ਗ੍ਰਾਮ ਹਿੰਗ ਅਤੇ ਥੋੜ੍ਹੀ ਜਿਹੀ ਚਿੱਟੀ ਫਟਕੜੀ ਇੱਕ ਪਤਲੇ ਕੱਪੜੇ ਵਿੱਚ ਲਪੇਟ ਕੇ ਪਾਣੀ ਦੇਣ ਵੇਲੇ ਖੇਤ ਦੇ ਨੱਕੇ ਤੇ ਰੱਖ ਦਿਓ ਸਿਓਂਕ ਤੋਂ ਛੁਟਕਾਰਾ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗਾ

Posted by alankar sharma
Rajasthan
08-03-2019 02:39 PM
अलंकार जी बढ़िया वर्मी कंपोस्ट निम्नलिखित तरीके अनुसार बनायी जा सकती है इसलिए ऐसा स्थान लें जहां धूप ना आये और हवादार हो इस स्थान पर ईंटों या पत्थर के टुकड़े और मिट्टी की 2—3 इंच मोटी परत बिछायें मिट्टी पर थोड़ा सा पानी छिड़ककर गीला करें मिट्टी में 25 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए इसके ऊपर गंडोए (40 गंडोए.... (Read More)
अलंकार जी बढ़िया वर्मी कंपोस्ट निम्नलिखित तरीके अनुसार बनायी जा सकती है इसलिए ऐसा स्थान लें जहां धूप ना आये और हवादार हो इस स्थान पर ईंटों या पत्थर के टुकड़े और मिट्टी की 2—3 इंच मोटी परत बिछायें मिट्टी पर थोड़ा सा पानी छिड़ककर गीला करें मिट्टी में 25 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए इसके ऊपर गंडोए (40 गंडोए प्रति वर्ग फीट जगह) में मिलायें इसके बाद वेस्ट जैसे कि बची कुची सब्जियां, फल, कच्चा गोबर, गोबर की सलरी की 8—10 इंच मोटी परत डालें दूसरी परत के बाद इसके ऊपर सूखे पत्ते या पराली से ढक दें हर परत के बाद पानी छिड़कें ताकि नमी बनी रहे वर्मीकंपोस्ट के बैड को 3—4 इंच मोटी गोबर की परत से ढक दें और इसके ऊपर बोरा या तिरपाल रखें ताकि नमी बनी रहे रसोई, फसलों या डेयरी के बचे कुचे की परत को रैक से पलटते रहें और आवश्यकतानुसार थोड़ा थोड़ा करके और वेस्ट भी डाल सकते हैं इसके ऊपर कच्चा गोबर भी डाल सकते हैं पर ध्यान रखें कि यह परत पहले जितनी ही मोटी रहें वर्मी कंपोस्ट की खाद मौसम के हिसाब से 45—60 दिनों में तैयार हो जाती है सबसे ऊपर वाली परत को हटाकर गंडोए छलनी से अलग कर लें और निचली छोड़ दें इसके ऊपर दोबारा रसोई या एग्रो वेस्ट की 6 इंच मोटी परत बिछाकर दोबारा खाद तैयार की जा सकती हैं 45 दिनों के बाद पानी छिड़कना बंद करने से भी गंडोए निचली परत में चले जाते हैं और छलनी से अलग करने में समय कम लगता है तैयार वर्मी कंपोस्ट काले भूरे रंग की गंध रहित और चाय पत्ती जैसी होती है इसे छांव में हवा में सुखकर आवश्यकतानुसार थैले या बोरियों में डालकर रखा जा सकता है एक टन वर्मी कंपोस्ट में 1.0—1.5 किलोग्राम नाइट्रोजन, 5—10 किलोग्राम पोटाश और 3.5—5.0 किलो फासफोरस होता है इसके अलावा इसमें कई तरह के एन्ज़ाइम और सूक्ष्म तत्व कॉपर, आयरन, जिंक, सल्फर, कैलशियम और मैगनीशियम आदि होते हैं

Posted by raj kumar nain
Punjab
08-03-2019 02:32 PM
raj kumar nain ji tuc moongi di kisam jive SML668, SML 832, TMB 37 kisam di bijai kar sakde ho. dhanwad
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