
Posted by joginder singh
Punjab
09-03-2019 01:09 PM
ਤੁਸੀਂ ਇਸਨੂੰ Lactomood ਹੋਮਿਓਪੈਥੀ ਦਵਾਈ ਦੀਆਂ 10-10 ਬੂੰਦਾਂ ਦਿਨ ਚ 3 ਵਾਰ ਦੇਣੀਆਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਜਾਂ ਤੁਸੀਂ ਉਸਨੂੰ M fast ਹੋਮਿਓਪੈਥਿਕ ਦਵਾਈ ਦੁੱਧ ਚੋਣ ਤੋਂ ਅੱਧਾ ਘੰਟਾ ਪਹਿਲਾਂ ਉਸਦੇ ਨੱਕ ਤੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਇਸ ਨਾਲ ਉਹ ਦੁੱਧ ਆਰਾਮ ਨਾਲ ਉਤਾਰ ਦੇਵੇਗੀ ਇਹ ਤੁਸੀਂ ਹੋਮਿਓਪੈਥੀ ਸਟੋਰ ਤੋਂ ਪਤਾ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦਾ ਰਿਜ਼ਲਟ ਵਧੀਆ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀਂ Stress-ess liquid 50 ml ਰੋਜ਼ਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨ.... (Read More)
ਤੁਸੀਂ ਇਸਨੂੰ Lactomood ਹੋਮਿਓਪੈਥੀ ਦਵਾਈ ਦੀਆਂ 10-10 ਬੂੰਦਾਂ ਦਿਨ ਚ 3 ਵਾਰ ਦੇਣੀਆਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਜਾਂ ਤੁਸੀਂ ਉਸਨੂੰ M fast ਹੋਮਿਓਪੈਥਿਕ ਦਵਾਈ ਦੁੱਧ ਚੋਣ ਤੋਂ ਅੱਧਾ ਘੰਟਾ ਪਹਿਲਾਂ ਉਸਦੇ ਨੱਕ ਤੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਇਸ ਨਾਲ ਉਹ ਦੁੱਧ ਆਰਾਮ ਨਾਲ ਉਤਾਰ ਦੇਵੇਗੀ ਇਹ ਤੁਸੀਂ ਹੋਮਿਓਪੈਥੀ ਸਟੋਰ ਤੋਂ ਪਤਾ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦਾ ਰਿਜ਼ਲਟ ਵਧੀਆ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀਂ Stress-ess liquid 50 ml ਰੋਜ਼ਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ.

Posted by Shubh Kang
Punjab
09-03-2019 01:07 PM
बारबरी नस्ल लेने के लिए LAXMAN GOATS FARM से 9928251628 पर संपर्क करें, इनसे आपको पूरी जानकारी मिल जाएगी

Posted by santosh
Maharashtra
09-03-2019 12:39 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक स.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है

Posted by harbhagwan singh
Punjab
09-03-2019 12:18 PM
ਤੁਸੀ Terramycin-LA 30ml ਲੈ ਕੇ 15-15ml ਗਰਦਨ ਦੇ ਦੋਨਾਂ ਪਾਸੇ ਲਗਵਾਓ , ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ masticare ਜਾ Flashout ਪਾਊਡਰ ਦਿਓ ਇਸਦਾ ਰੋਜਾਨਾ 1 ਪੋਚ ਦੇਣ ਹੈ ਅਤੇ ਮੀਠਾ ਸੋਡਾ 30 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ.
Posted by durgesh patel
Madhya Pradesh
09-03-2019 12:03 PM
दुर्गेश जी यह मिट्टी की कई किस्मों जैसे अच्छे जल निकास वाली लाल दोमट से चिकनी मिट्टी, काली मिट्टी से लैटेराइट मिट्टी में उगाई जाती है यह चट्टानी मिट्टी और हल्की मिट्टी में भी उगाई जा सकती है मिट्टी की गहराई 20-30 सैं.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए यह रेतली दोमट से दरमियानी काली मिट्टी जो अच्छे जल निकास वाली हो, म.... (Read More)
दुर्गेश जी यह मिट्टी की कई किस्मों जैसे अच्छे जल निकास वाली लाल दोमट से चिकनी मिट्टी, काली मिट्टी से लैटेराइट मिट्टी में उगाई जाती है यह चट्टानी मिट्टी और हल्की मिट्टी में भी उगाई जा सकती है मिट्टी की गहराई 20-30 सैं.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए यह रेतली दोमट से दरमियानी काली मिट्टी जो अच्छे जल निकास वाली हो, में अच्छे परिणाम देती है पौधे की वृद्धि के लिए मिट्टी pH 6-8 होना चाहिए प्रसिद्ध किस्में:- Satavari (Asparagus racemosus),Satavari (Asparagus sarmentosa Linn.)शतावरी की खेती के लिए, अच्छे जल निकास वाली रेतली दोमट मिट्टी की आवश्यकता होती है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए, ज़मीन की अच्छे से जोताई करें, और 15 सैं.मी. की गहराई में गड्ढा खोदें रोपाई तैयार बैडों पर की जाती है पौधों की रोपाई जून-जुलाई के महीने में की जाती है इसके विकास के अनुसार 4.5x 1.2 मीटर फासले का प्रयोग करें और 20 सैं.मी. गहराई में गड्ढा खोदें जब पौधा 45 सैं.मी. का हो जाए, तब खेत में रोपाई की जाती है अधिक पैदावार के लिए, 400-600 ग्राम बीजों का प्रति एकड़ में प्रयोग करें फसल को मिट्टी से होने वाले कीटों और बीमारियों से बचाने के लिए, बिजाई से पहले बीजों को गाय के मूत्र में 24 घंटे के लिए डाल कर उपचार करें उपचार के बाद बीज नर्सरी बैड में बोये जाते हैं अधिक पैदावार के लिए, 400-600 ग्राम बीजों का प्रति एकड़ में प्रयोग करें फसल को मिट्टी से होने वाले कीटों और बीमारियों से बचाने के लिए, बिजाई से पहले बीजों को गाय के मूत्र में 24 घंटे के लिए डाल कर उपचार करें उपचार के बाद बीज नर्सरी बैड में बोये जाते हैं बिजाई से पहले मिट्टी का रासायनिक उपचार किया जाता है अप्रैल के महीने में बीज बोये जाते हैं शतावरी के बीजों को 30-40 सैं.मी. की चौड़ाई वाले और आवश्यक लंबाई वाले बैडों पर बोया जाता है बिजाई के बाद बैडों को नमी के लिए पतले कपड़े से ढक दिया जाता है 8-10 दिनों में पौधों का अंकुरण शुरू हो जाता है 45 सैं.मी. ऊंचाई के होने पर पौधे रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं पौधों की रोपाई 60 x 60 सैं.मी. की मेड़ों पर की जाती है खेत की तैयारी के समय, 80 क्विंटल प्रति एकड़ गली हुई रूड़ी की खाद को मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें नाइट्रोजन 24 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 32 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 52 किलो), और पोटाश 40 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 66 किलो) प्रति एकड़ में डालें मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारियों से पौधे को बचाने के लिए जैविक कीट नाशी जैसे धतूरा, चित्रकमूल और गाय के मूत्र का प्रयोग करें फसल के विकास के समय लगातार गोडाई की आवश्यकता होती है खेत को नदीन मुक्त बनाने के लिए 6-8 हाथ से गोडाई की आवश्यकता होती है पौधों को खेत में रोपण करने के बाद पहली सिंचाई तुरंत कर देनी चाहिए इस फसल को ज्यादा सिंचाई की जरूरत नहीं होती इसलिए शुरूआत में 4-6 दिनों के फासले पर सिंचाई कर दें और फिर कुछ समय के बाद सप्ताह के फासले पर सिंचाई करें पुटाई से पहले सिंचाई जरूर करनी चाहिए ताकि गड्ढों मे से जड़ों को आसानी से निकाला जा सके रोपाई के बाद 20-30 महीनों में पौधे की जड़ें परिपक्व हो जाती हैं मिट्टी और जलवायु के आधार पर जड़ें 12-14 महीनों में पक जाती हैं मार्च-मई के महीने में जब बीज पक जाये, तब पुटाई की जाती है पुटाई कसी की सहायता से की जाती है प्रक्रिया और दवाइयां बनाने के लिए अच्छे से पके बीजों की आवश्यकता होती है

Posted by chamkaur singh
Punjab
09-03-2019 12:02 PM
चमकौर सिंह जी चूज़े लेने के लिए Central Poultry Development Organization (Northern Region) Ministry of Agriculture & Farmers Welfare, भारत सरकार, Industrial Area, Phase-I, Chandigarh – 160 002, टेलीफोन नंबर: 0172-2655391 से संपर्क करें या फिर आप हरदीप सिंह 9781589637 से संपर्क कर सकते हैं

Posted by Rakesh Saini
Punjab
09-03-2019 11:55 AM
Eh vitamin A, D3 te vitamin E da Iodized Injection hai ji eh pashu da reproduction system sahi karda ate pashu di immunity v vadonda hai ji.

Posted by deep
Haryana
09-03-2019 11:40 AM
वर्षा को agromet observatories में स्थापित rain gauge से मापा जाता है इसे मिलीमीटर (मिमी) में ग्लास सिलेंडर से मापा जाता है
Posted by Gurveer sidhu
Punjab
09-03-2019 11:36 AM
Gurveer ji isde uper tuc imidacloprid@1.5ml prati liter pani de hisab nal spray karo is to 2-3 din bad tuc copper oxychloride@3gm prati litre pani de hisab nal spray karo. dhanwad
Posted by Daljit Singh
Punjab
09-03-2019 11:20 AM
Daljit Singh ji Mushroom seed lai tusi ICAR-Directorate of Mushroom Research Institute in Solan National Highway 22 Chambaghat Solan, Himachal Pradesh 173213 01792 230 767
01792 230 451, 094180 50389 India nal samparak kar sakde ho.

Posted by gurmeet singh
Punjab
09-03-2019 11:14 AM
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਦਾ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਹੈ ਤਾ ਸਭ ਤੋਂ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਇਹ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਤੁਹਾਨੂੰ FFDA(fish farmer development aggency) ਜੋ ਕਿ ਲੱਗਭੱਗ ਹਰ ਜ਼ਿਲੇ ਵਿੱਚ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜਾਂ ਉੱਥੇ ਜਾ ਕੇ ਐਪਲੀਕੇਸ਼ਨ ਫਾਰਮ ਭਰੋ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਤੁਹਾਨੂੰ 5 ਦਿਨ ਦੀ ਮੁਫਤ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਦਸਵੀ ਪਾਸ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਤੇ ਇਹ ਡਿਪਾਰਮੈ੍ਟ ਜਿੱਥੇ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਅਫਸਰ ਬੈਠਦਾ ਹ.... (Read More)
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਦਾ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਹੈ ਤਾ ਸਭ ਤੋਂ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਇਹ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਤੁਹਾਨੂੰ FFDA(fish farmer development aggency) ਜੋ ਕਿ ਲੱਗਭੱਗ ਹਰ ਜ਼ਿਲੇ ਵਿੱਚ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜਾਂ ਉੱਥੇ ਜਾ ਕੇ ਐਪਲੀਕੇਸ਼ਨ ਫਾਰਮ ਭਰੋ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਤੁਹਾਨੂੰ 5 ਦਿਨ ਦੀ ਮੁਫਤ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਦਸਵੀ ਪਾਸ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਤੇ ਇਹ ਡਿਪਾਰਮੈ੍ਟ ਜਿੱਥੇ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਅਫਸਰ ਬੈਠਦਾ ਹੈ ਜਿਵੇ ਕਚਿਹਰੀਆਂ , ਡੀ ਸੀ ਆਫਿਸ ਕਹਿੰ ਦਿੰਦੇ ਹਾਂ ਉਸ ਵਿੱਚ ਬਣਿਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਲਈ ਸੇਮ ਵਾਲੇ ਇਲਾਕੇ ਵਿੱਚ 90% ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਬਾਕੀ ਇਲਾਕਿਆ ਵਿੱਚ 40 % ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ FFDA ( fish farming development agency ) ਦਫਤਰ ਵਿੱਚ ਜਾਓ ਜੋ ਕਿ ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਡੀਸੀ ਦਫਤਰ ਜਾਂ ਕਚਿਹਰੀਆਂ ਵਿੱਚ ਬਣਿਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਤੁਸੀ ਉੱਥੇ ਆਪਣੇ ਜਮੀਂਨ ਦੀ ਫਰਦ , 10th ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਤੇ ਜਿੱਥੇ ਤਲਾਬ ਬਣਾਉਣਾ ਹੈ ਉੱਥੋ ਦੀਆਂ 2 ਫੋਟੋ ਲੈ ਕੇ ਜਾਓ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ FFDA ਦੇ ਅਫਸਰ ਤੁਹਾਨੂੂੰ ਫਾਈਲ ਤਿਆਰ ਕਰਵਾਉਣਗੇ ਤੇ ਤੁਹਾਡੀ ਜਮੀਨ ਦੇਖ ਕੇ ਤਲਾਬ ਬਣਾਉਣ ਦਾ ਤਰੀਕਾ ਦੱਸਣਗੇ ਤੇ ਫਿਰ ਤੁਹਾਨੂੰ 40% ਸਬਸਿਡੀ ਲਈ ਫਾਈ਼ਲ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਬਾਰੇ ਸਮਝਾ ਦੇਣਗੇ
Posted by Narinder Dullat
Punjab
09-03-2019 11:13 AM
Narinder ji kheti sanda te mil rahi subsidy bare puri jankari lai tusi apne jile Officer nal 9779213092 samparak kar sakde ho, ehna valo tuhanu puri jankari de diti javegi.

Posted by Gurjant singh
Punjab
09-03-2019 11:01 AM
Gurjant singh ji hani eh box vich makhi lag jani hai ji.
Posted by Narinder Dullat
Punjab
09-03-2019 10:48 AM
Narinder ji kirpa karke apna swal vistar nal pucho ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake. dhanwad

Posted by Tajinder singh
Punjab
09-03-2019 10:43 AM
Tajinder ji eh fungus de karn hi hunde han isde layi tuc M-45@4 gram nu prati liter pani de hisab nal spray karo. dhanwad
Posted by ਪਿ੍ਤਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
09-03-2019 10:41 AM
ਪ੍ਰਿਤਪਾਲ ਜੀ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਖੁਰਾਕ ਵਧਿਆ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਤੁਸੀ ਗਾਂ ਨੂੰ Buffzon powder 50gm ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ Metabolite powder ਦੀ ਰੋਜਾਨਾ 1 ਪੁੜੀ ਦਿਓ ਅਤੇ Anabolite liqued 100ml ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈਣ ਲੱਗ ਜਾਵੇਗਾ.
Posted by Ar Pappu Lal Yadav
Rajasthan
09-03-2019 10:23 AM
पप्पू जी सरसो का रेट लगभग 5200 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से चल रहा है धन्यवाद

Posted by parmjit singh
Punjab
09-03-2019 10:16 AM
Parmjit ji NPK 00:52:34 di spray karo isda result jyada vadhia hunda hai. dhanwad

Posted by pinder sidhu
Punjab
09-03-2019 10:12 AM
ਲੁਧਿਆਣਾ ਕਿਸਾਨ ਮੇਲਾ 15-16 ਮਾਰਚ ਨੂੰ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ ਜੀ ਬਾਕੀ ਹੋਰ ਮੇਲਿਆ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ ਤੁਸੀ ਇਹ ਲਿਂਕ ਤੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ
https://www.youtube.com/watch?v=4KRAepAgb1U&t=64s

Posted by santosh
Maharashtra
09-03-2019 10:11 AM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक स.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है

Posted by dilpreet singh
Punjab
09-03-2019 10:11 AM
Dilpreet ji tuci majjh nu Milkout powder 2-2 chamch swere sham, Fatmax powder 100gm rojana deo, isde nal tuci Lactin bolus 1-1 swere sham deo, iss nal duudh ate fatt vich farak paa jawega.

Posted by Balwinder singh Uppal
Punjab
09-03-2019 10:10 AM
ਬਲਵਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਮੂੰਗੀ ਦੀ ਕਿਸਮ ਜਿਵੇ SML 668 ,SML 832 ,TMB 37 ਕਿਸਮ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by प्रशांत
Bihar
09-03-2019 10:03 AM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक स.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Posted by sunil
Uttar Pradesh
09-03-2019 10:02 AM
Sunil ji gulab kala fungus ke karn hota hai iske liye aap copper oxychloride@2.5 gram ko prati litre pani ke hisab se spray karen. dhanywad
Posted by Davinder Singh
Punjab
09-03-2019 09:59 AM
Davinder ji tuc kheere di kisam jive Punjab Kheera-1,Punjab Naveen di bijai kar sakde ho. dhanwad
Posted by jaspreet singh
Punjab
09-03-2019 09:46 AM
Jaspreet ji kirpa karke vistar nal daso ke tuc matra te kahde layi spray karni hai ta jo tuhanu os de hisab nal spray das jaye ke kehdi kar sakde ho. dhanwad
Posted by Taranjit
Punjab
09-03-2019 09:33 AM
ਤਰਨਜੀਤ ਜੀ ਇਹ ਫੰਗਸ ਦੇ ਕਾਰਨ ਹੋਣ ਲੱਗ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਨੁਕਸਾਨ ਦਿਖੇ ਤਾਂ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਮੈਟਾਲੈਕਸਿਲ 8% + ਮੈਨਕੋਜ਼ੇਬ 64% 2 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਪਾ ਕੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ
Posted by Keval Singh
Haryana
09-03-2019 09:26 AM
ਇਸਦੇ ਨਾ ਤੁਰਨ ਦੇ ਕਈ ਕਾਰਨ ਹੋ ਸਕਦੇ ਹੈ ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਡਾਕਟਰ ਤੋਂ ਚੈੱਕ ਕਰਵਾਓ ਇਸ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਦਾ ਚੈੱਕ ਕਰਕੇ ਪਤਾ ਲਗੇਗਾ, ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ B-complex 20ml/100 birds ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਦਿਓ .

Posted by tarsem sandhu
Punjab
09-03-2019 09:02 AM
hnji M29 seman muurah nasal da seman hai, iss bull di mother da dudh 4662kg hai atte isda record 4233kg hai ..

Posted by chhina saab
Punjab
09-03-2019 08:59 AM
hanji Aman ji ehh HF da bacha he hai jruri nahi ki HF da bacha same apni maa vangu howe, ehh HF da he hai.

Posted by ਗਰੇਵਾਲ ਜਗਦੇਵ ਸਿੰਘ
Punjab
09-03-2019 08:54 AM
ਗਰੇਵਾਲ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਆਪਣਾ ਸਵਾਲ ਵਿਸਤਾਰ ਨਾਲ ਪੁਛੋ ਕੇ ਤੁਸੀ ਕੀ-ਕੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Mandeep
Punjab
09-03-2019 08:46 AM
ਮਨਦੀਪ ਜੀ ਇਹ ਫੰਗਸ ਦੇ ਕਾਰਨ ਹੋਣ ਲੱਗ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ M -45 @4 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ
Posted by yashpal kandhol
Haryana
09-03-2019 08:43 AM
yashpal ji kripya iski najdiki photo bheje kyuki is photo men kuch bhi saaf dikhai nahi de raha kripya aap najdiki photo bheje ta ki aapko iske bare men poori jankari di ja sake. dhanywad
Posted by Dalvir Dhaliwal
Punjab
09-03-2019 08:39 AM
ਦਲਵੀਰ ਜੀ ਨਦੀਨਾ ਨੂੰ ਰੋਕਣ ਲਈ ਪੈਂਡੀਮੈਥਾਲਿਨ ਇੱਕ ਲੀਟਰ ਨੂੰ 150-200 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਫਸਲ ਦੇ ਉੱਗਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 2-3 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ

Posted by ISHVARCHAND YADAV
Uttar Pradesh
09-03-2019 08:36 AM
ईश्वरचंद जी जीरे की बिजाई के लिए 15 से 30 नवंबर सही समय होता है

Posted by शुभम
Uttar Pradesh
09-03-2019 08:30 AM
शुभम जी कृपया आप इसकी कंपनी का नाम भी बताये क्युकी ऐसे इस नाम से कई प्रोडक्ट आते है तो अगर आप कंपनी का नाम बतायेगे तो हम आपको उसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by sukhjinder singh
Punjab
09-03-2019 07:56 AM
Sukhjinder ji tuc kise v chemical de nal waste decomposer nu nahi mila sakde. isdi alag to hi spray kiti jandi hai. isdi matra ik acre vich 200 liter di varto kiti jandi hai. dhanwad
Posted by yashpal kandhol
Haryana
09-03-2019 07:46 AM
yashpal ji tele ki roktham ke liye Thiamethoxam@80gm ki prati acre ke hisab se spray karen. dhanywad

Posted by Ejaz Ahmad
Bihar
09-03-2019 07:36 AM
एजाज़ अहमद जी आप मशरुम का बीज लेने के लिए श्री जय 8882876224 जी से संपर्क कर सकते है धन्यवाद
Posted by monu
Rajasthan
09-03-2019 07:36 AM
Monu kripya app apna swal vistar se btayen ki app poultry farming ke varre mai kya jankari lena chahte hai tan jo apko iske vare mai sahi jankari di jaa skee..

Posted by inderpal
Punjab
09-03-2019 07:33 AM
Amistar top syngenta company da fungicide hai esdi spray 10-15% knak nisran te kr skde ho jis nal fungus khtm ho jndi hai...
Posted by Rajinderpal singh
Punjab
09-03-2019 07:22 AM
ਰਜਿੰਦਰਪਾਲ ਸਿੰਘ ਜੀ ਤੁਸੀ ਆਪਣੀ ਵੱਛੀ ਨੂੰ Bovimin-B 50gm ਪਾਊਡਰ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ , ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Agrimin-i ਗੋਲੀਆਂ ਦਿਓ, ਇਸਦੀ ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਅੰਦਰ ਤੋਂ ਇਨਫੈਕਸ਼ਨ ਖਤਮ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਵੀ ਮਜ਼ਬੂਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਫਿਰ ਅਗਲੀ ਵਾਰ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਂ ਕੇ ਤੁਸੀ Pregstay gold 50gm ਪਾਊਡਰ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਜੀ .
Posted by ਅਮਨਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਢਿੱਲੋਂ
Punjab
09-03-2019 06:59 AM
Amanpreet ji isnu vermi compost pao 4-5 killo isde nal sare tat is paudhe nu mil jange is to ilava isde uper copper oxychloride@3gm prati litre pani de hisab nal spray karo. dhanwad
Posted by देवेश चौहान
Uttar Pradesh
09-03-2019 06:56 AM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक स.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है

Posted by shamsher singh
Punjab
09-03-2019 06:51 AM
Shamsher singh g tuc tuhadi market vicho vdia company da seed lai ke beej skde ho. Advanta seed v bhut vdia han..
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